प्रेगनेंसी का सबसे मुश्किल वक्त कौन सा होता है?

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला के लिए उतार चढ़ाव से भरे होते हैं क्योंकि इस दौरान महिला शारीरिक परेशानियों का सामना करती है, मानसिक रूप से भी परेशान हो सकती है, शारीरिक बदलाव का महिला अनुभव करती है, आदि। साथ ही इस दौरान महिला को बहुत से नए अनुभव भी होते हैं जैसे की गर्भ में पल रहे शिशु की धड़कन महिला डॉप्लर की मदद से सुनती है, गर्भ में शिशु के किक मारने का अहसास महिला लेती है, आदि।

ऐसे में महिला अपनी गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित रहे और गर्भ में पल रहे शिशु का विकास अच्छे से हो इसके लिए महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा प्रेगनेंसी का समय महिला के लिए बहुत ही नाजुक होता है इस समय बरती गई थोड़ी सी लापरवाही माँ व् बच्चे दोनों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। तो आज इस आर्टिकल में हम प्रेगनेंसी का सबसे मुश्किल समय कौन सा होता है उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भावस्था का सबसे मुश्किल समय कौन सा होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान पूरे नौ महीने ही महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए लेकिन यदि सबसे मुश्किल समय की यदि बात की जाये तो महिला के लिए कौन सा समय सबसे मुश्किल समस्या होता है, आइये जानते हैं।

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही

गर्भावस्था की पहली तिमाही में शिशु के अंगो की आकृतियां बन रही होती है, महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव तेजी से हो रहे होते हैं, महिला को शारीरिक परेशानियां अधिक हो सकती है, आदि। ऐसे में महिला शारीरिक रूप से परेशान होने के साथ मानसिक रूप से भी परेशानी का अनुभव कर सकती है।

साथ ही इस दौरान बरती गई थोड़ी सी लापरवाही गर्भपात, ब्लीडिंग, शिशु के अंगों के विकास में कमी जैसी समस्या खड़ी कर सकती है। ऐसे में यदि ऐसा कहा जाए की प्रेगनेंसी की पहली तिमाही महिला के लिए सबसे मुश्किल होती है तो यह गलत नहीं होगा।

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही

गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में महिला का पेट बाहर की और ज्यादा निकला हुआ होता है, वजन बढ़ने के कारण महिला को उठने बैठने में समस्या हो सकती है, पैरों में सूजन, बार बार यूरिन पास करने जैसी समस्या भी महिला को हो सकती है। ऐसे में यदि महिला किसी भी काम को करने में तेजी करती है तो इसकी वजह से पेट पर दबाव बढ़ने व् झटका लगने का खतरा बढ़ जाता है।

जिसकी वजह से समय से पहले डिलीवरी, डिलीवरी में कॉम्प्लीकेशन्स जैसी समस्याभी हो सकती है। इसीलिए प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही भी महिला के लिए बहुत अहम होती है और यह भी महिला के लिए सबसे मुश्किल वक्त होता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में बहुत ज्यादा धैर्य रखने की जरुरत होती है ताकि इस समय को आसान बनाने में मदद मिल सके।

कॉम्प्लीकेशन्स होना

यदि किसी गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही कॉम्प्लीकेशन्स है, बहुत मुश्किल से महिला ने गर्भधारण क्या है, अधिक उम्र में गर्भधारण हुआ है तो उन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने सबसे मुश्किल समय होता है। ऐसे केस में महिला को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई काम नहीं करना चाहिए साथ ही जितना हो सके महिला को प्रेगनेंसी के दौरान आराम ही करना चाहिए।

तो यह हैं प्रेगनेंसी का सबसे मुश्किल समय कौन सा होता है उससे जुड़े टिप्स, तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी यह जानकारी होनी चाहिए। ताकि आप किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें जिससे गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को हर परेशानी से सुरक्षित रहने में मदद मिल सके।

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