प्रेगनेंसी में महिला को बुखार हो जाने पर गर्भ में पल रहे शिशु को क्या दिक्कत आती है?

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला को सभी दिक्कतों से बचे रहने में मदद मिल सके। और जब गर्भवती महिला स्वस्थ रहती है तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है साथ ही शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है। लेकिन कई बार मौसम में बदलाव के कारण, साफ़ सफाई का ध्यान न रखने के कारण, संक्रमण के कारण यदि प्रेग्नेंट महिला को बुखार हो जाता है तो ऐसे में महिला को अपने और ज्यादा ध्यान रखना होता है।

क्योंकि बुखार होने पर यदि महिला के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और महिला किसी तरह की लापरवाही करती है तो इसकी वजह से शिशु को दिक्कत होने का खतरा भी बढ़ जाता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी में महिला को बुखार हो जाने पर गर्भ में पल रहे शिशु को क्या दिक्कत आती आ सकती है उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

दवाई के कारण पड़ सकता है शिशु पर नकारात्मक प्रभाव

अधिकतर लोगो की यह आदत होती है की यदि थोड़ा बुखार आ जाये तो वह घर में रखी दवाइयों का सेवन कर लेते हैं ताकि बुखार से निजात मिल सके और हो सकता है की उन्हें आराम आ भी जाता हो। लेकिन यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको गलती से भी घर में रखी दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह दवाइयां गर्भनाल के द्वारा अपना बुरा असर शिशु पर डाल सकती है। और इसके कारण आने वाले शिशु के विकास में रूकावट आने की सम्भावना बढ़ जाती है। ऐसे में गर्भवती महिला को बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल भी किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भपात होने का खतरा

प्रेगनेंसी के दौरान यदि गर्भवती महिला को बुखार हो जाता है और उस बुखार का कारण किसी तरह का वायरस होता है। तो वह वायरस शिशु तक पहुँच सकता है जिसकी वजह से गर्भपात जैसी समस्या का सामना महिला को करना पड़ सकता है।

शिशु के वजन में कमी

गर्भवती महिला को बुखार होने के कारण महिला के खाने पीने में बदलाव आता है साथ ही ऐसा भी हो सकता है की महिला की खाने की इच्छा में भी कमी आये। ऐसे में गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। यदि प्रेग्नेंट महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है तो इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु को भी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में नहीं मिलते हैं। जिसके कारण जन्म के समय शिशु को वजन में कमी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

शिशु के विकास में कमी का खतरा

प्रेगनेंसी के समय यदि गर्भवती महिला संक्रमित हो जाती है और महिला को बुखार हो जाता है तो इसके कारण महिला की डिलीवरी समय से पहले होने का खतरा भी बढ़ जाता है। जिसके कारण शिशु को जन्म दोष, शिशु के शारीरिक व् मानसिक विकास में कमी जैसी दिक्कत का सामना भी करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ नकारात्मक प्रभाव जो प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बुखार होने पर शिशु पर पड़ सकते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए जैसे की मौसम के बदलाव होने पर अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, साफ़ सफाई का ध्यान रखना चाहिए, आदि ताकि महिला को बुखार व् संक्रमण जैसी समस्या से बचे रहने में मदद मिल सके।

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