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गर्भावस्था का सबसे मुश्किल महीना

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प्रेगनेंसी के नौ महीने

गर्भावस्था का समय गर्भवती महिला के लिए बहुत ही खास होने के साथ नाजुक समय भी होता है। क्योंकि इस दौरान महिला अकेली नहीं होती है बल्कि उसके गर्भ में एक नन्ही सी जान पल रही होती है। और उस नन्ही सी जान का विकास पूरी तरह से गर्भवती महिला पर निर्भर करता है। ऐसे में महिला को अपने खाने, पीने, सोने, उठने, बैठने, यहां तक की महिला क्या सोच रही है इस बात का भी ध्यान रखना पड़ता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला की बॉडी में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

जैसे की महिला को उल्टी की समस्या, सिर में दर्द, चक्कर, मॉर्निंग सिकनेस, पेट व् कमर में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, तनाव, ब्लीडिंग की समस्या, मूड स्विंग्स, स्किन से जुड़े बदलाव, सूजन, गेस्टेशनल डाइबिटीज़ आदि परेशानियां हो सकती है। साथ ही जैसे जैसे शिशु का गर्भ में विकास बढ़ता है वैसे वैसे महिला का वजन भी बढ़ता है। और प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही तक महिला का वजन ग्यारह से अठारह किलोग्राम तक बढ़ सकता है। ऐसे में वजन बढ़ने के कारण भी महिला को तरह तरह की परेशानी हो सकती है। और उसके बाद डिलीवरी के दौरान आने वाली परेशानी के साथ भी महिला को आराम नहीं मिलता है बल्कि डिलीवरी के बाद महिला की जिम्मेवारी और बढ़ जाती है।

गर्भावस्था का सबसे मुश्किल महीना कौन सा होता है

प्रेगनेंसी के सबसे मुश्किल महीने की बात की जाए तो प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में जहां शिशु का अंग बन रहे होते हैं। ऐसे में महिला यदि किसी तरह की लापरवाही करती है तो शिशु के अंगो के विकास में कमी, स्पॉटिंग, गर्भपात जैसी समस्या का सामना महिला को करना पड़ सकता है। वहीँ सातवें, आठवें और नौवें महीने में महिला वजन तेजी से बढ़ता है और शिशु का विकास तेजी से होता है। ऐसे में इस दौरान की गई लापरवाही के कारण महिला को समयपूर्व प्रसव की समस्या, शिशु के वजन में कमी, डिलीवरी के दौरान समस्या जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

और किसी एक महीने के बारे में कहना की महिला के लिए प्रेगनेंसी के यह सबसे मुश्किल महीना होता है या इस महीने में महिला को अपना ख्याल ज्यादा रखना चाहिए यह बताना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। क्योंकि प्रेगनेंसी का हर पल, हर दिन, हर महीना महिला के लिए अहम होता है। और पूरे नौ महीने तक महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। और यदि महिला खाने, पीने, शिशु के विकास, उठने, बैठने, सोने आदि सभी छोटी छोटी चीजों का ध्यान रखती है तो इससे गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है। इसीलिए केवल एक महीने ही नहीं बल्कि प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने और डिलीवरी के बाद भी महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान इन बातों का ध्यान रखें

  • डॉक्टर द्वारा अपनी सभी जांच समय से करवाएं।
  • प्रेगनेंसी के दौरान जो भी दवाइयां आपको डॉक्टर ने खाने के लिए कहा है उन्हें लेने में कभी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
  • महिला को अपने खाने पीने का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए और साथ ही आहार में पोषक तत्वों का भरपूर मात्रा में शामिल करना चाहिए।
  • पेट पर जोर पड़ने वाले, दबाव पड़ने वाले किसी भी काम को गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए।
  • आयरन, फोलेट, कैल्शियम, प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों की शरीर में कमी न हो इसके लिए अपनी डाइट में इन्हे भरपूर शामिल करना चाहिए।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस महीने में महीना को अपना सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए इससे जुड़े कुछ टिप्स, जिनका ध्यान गर्भवती महिला को अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

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