Ultimate magazine theme for WordPress.

प्रेगनेंसी में कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए?

0

प्रेगनेंसी के दौरान सावधानी

माँ बनना हर महिला के लिए उसकी जिंदगी का सबसे अनमोल और प्यारा अहसास होता है। साथ ही माँ बनने के लिए महिला को बहुत सी जटिलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है, और उन जटिलताओं का असर गर्भ में पल रहे शिशु पर न पड़े इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपनी दुगुनी केयर करने की सलाह भी दी जाती है। गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने अपने खाने पीने, सोने, घूमने, काम करने आदि सभी छोटी छोटी चीजों का बहुत अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। और कुछ ऐसी चीजे भी होती है जो महिला प्रेगनेंसी के दौरान नहीं कर सकती है जैसे की जंक फ़ूड का सेवन, पपीता, अनानास जैसे फलों का सेवन, ज्यादा तेलीय व् मसालेदार भोजन, तनाव लेना, आदि, क्योंकि यह गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक होती है। ऐसे में गर्भावस्था के हर कदम पर गर्भवती महिला को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

गर्भवती महिला को कौन से काम नहीं करने चाहिए

प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए और कुछ ऐसे काम हैं जिनसे गर्भवती महिला को परहेज रखना चाहिए ताकि गर्भवती महिला और भ्रूण दोनों को किसी भी तरह की परेशानी का अनुभव न हो। तो लीजिये अब विस्तार से जानते हैं की गर्भवती महिला को कौन से काम नहीं करने चाहिए।

योगासन व् व्यायाम

वैसे तो योगासन करना और व्यायाम करना बॉडी को फिट रखने में मदद करता है और प्रेगनेंसी के दौरान भी आप योगासन व् व्यायाम कर सकते हैं लेकिन ऐसे किसी भी योगासन और व्यायाम को करने से बचे जिसके कारण गर्भ पर असर पड़ता है, या प्रेग्नेंट महिला को परेशानी का अनुभव होता है। क्योंकि गर्भ पर जोर पड़ने के कारण गर्भ में शिशु असहज हो सकता है साथ प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महीने की परेशानी भी बढ़ सकती है।

भारी सामान

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह के भारी सामान को उठाने से बचना चाहिए, क्योंकि भारी सामान उठाने से गर्भ पर बहुत बुरा असर पड़ता है। प्रेगनेंसी की शुरुआत में जहां इसके कारण गर्भपात व् स्पॉटिंग जैसी समस्या का जोखिम बढ़ सकता है, वहीँ प्रेगनेंसी के आखिरी समय में ऐसे काम करने से शिशु नीचे की तरफ आने लगता है जिसके कारण समय पूर्व प्रसव जैसी परेशानी भी हो सकती है। भारी सामान उठाने के अलावा भारी सामान को अपने हाथों, पैरों से खिसकाने से भी बचना चाहिए।

केमिकल का इस्तेमाल

प्रेग्नेंट महिला को हाथ से कपडे धोने से बचना चाहिए, क्योंकि एक तो पैरों के भार बैठकर कपडे धोने से पेट पर दबाव पड़ सकता है, साथ ही कपडे धोने वाले साबुन सर्फ आदि की सुगंध के कारण महिला को एलर्जी या इन्फेक्शन जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके अलावा पोछा लगाने के लिए भी पानी में केमिकल मिलाया जाता है ऐसे में या पोछा लगाते समय या तो हाथों में ग्लव्स पहन लेने चाहिए या तो आप खड़े रहकर इस्तेमाल किये जाने वाले पोछा का इस्तेमाल भी कर सकती है, साथ जी वाशरूम आदि को क्लीन करते समय भी मुँह और हाथों को ढककर काम करना चाहिए।

चलने का रखे ध्यान

ज्यादा तेज चलना, भागना, एक ही जगह पर बहुत देर खड़े रहना, भीड़भाड़ वाली जगह पर चलना, अधिक प्रदूषण वाली जगह पर जाना आदि से भी गर्भवती महिला को बचना चाहिए, क्योंकि इन सभी के कारण प्रेग्नेंट महिला को परेशानी हो सकती है। साथ ही यदि कहीं जाना है या वॉक करनी है तो आराम से करें ताकि इससे बॉडी पर किसी भी तरह का बुरा असर न पड़े।

पालतू जानवर का काम

घर में बहुत से लोगो को पालतू जानवर रखने का शौक होता है और उसे खाना खिलाना, साफ़ सफाई रखना भी आपको ही करना पड़ता है। ऐसे में यदि आप गर्भवती हैं तो आपको इन कामों से दूरी रखनी चाहिए और घर के किसी अन्य सदस्य को इन सब काम को करने के लिए बोलना चाहिए। और यदि घर में कोई नहीं है और काम आपको ही करना है तो मुँह पर मास्क और हाथों में ग्लव्स पहनकर ही पालतू जानवर का काम करना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव करने में आपको मदद मिल सके।

किचन में काम

गर्भवती महिला को ज्यादाद देर तक किचन में खड़े रहकर काम करने से बचना चाहिए, ज्यादा देर गैस के पास नहीं खड़े रहना चाहिए, पेट के भार लगकर काम नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सभी काम गर्भवती महिला को परेशानी में डाल सकते हैं। ऐसे में इन सभी परेशानियों से बचने के लिए किचन में भी अपनी सहूलियत के लिए एक कुर्सी, एक पंखा आदि रखना चाहिए ताकि थकावट होने पर आपको आराम लेने में मदद मिल सके और काम करने में भी किसी तरह की परेशानी न हो।

ट्रेवल

अधिक ट्रेवल करना भी गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है, और डॉक्टर्स भी प्रेगनेंसी के दौरान ट्रैवेलिंग न करने की सलाह देते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में दौरान ट्रैवेलिंग करने से बचना चाहिए ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

सीढ़ियां चढ़ना

तेजी से सीढ़ियां चढ़ने और बहुत ज्यादा सीढ़ियां चढ़ने से भी गर्भवती महिला को बचना चाहिए, क्योंकि इससे पेट को झटका लगने का खतरा रहता है जिससे गर्भ में पल रहा शिशु परेशानी अनुभव कर सकता है।

झुकने वाले काम

किसी काम को करने में यदि गर्भवती महिला को झुकना पड़ता है या पेट पर जोर डालना पड़ता है तो ऐसे कामों को करने से भी गर्भवती महिला को बचना चाहिए। क्योंकि इसके कारण पेट में दर्द जैसी परेशानी का सामना महिला को करना पड़ सकता है।

जॉब वाली महिलाएं

यदि आप कहीं जॉब करती है तो अपने आने जाने, ऑफिस में उठने बैठने, खाने पीने सभी कामों को करते हुए आपको दुगुनी सावधानी बरतनी चाहिए, साथ ही आते जाते समय मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। ऑफिस में ज्यादा देर तक एक ही जगह पर नहीं बैठना चाहिए बीच बीच में वॉक करते रहना चाहिए, खाने पीने की चीजों में सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ताकि इन्फेक्शन, पेट पर जोर पड़ने के कारण होने वाली दिक्कत से आपको बचे रहने में मदद मिल सके।

कोई भी परेशानी

यदि आप कोई भी काम करती है और उसे करते समय आपको थकान या असहज महसूस होता है तो उसे नहीं करना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

नशा

प्रेगनेंसी के दौरान नशे का सेवन करना गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर भी बुरा असर डालता है। ऐसे में गर्भवती महिला को नशे का सेवन करने से बचना चाहिए, साथ ही गर्भवती महिला को ऐसी किसी जगह पर भी खड़े नहीं रहना चाहिए जहाँ कोई धूम्रपान या कोई और नशा कर रहा हो। क्योंकि जितना नशा करना हानिकारक होता है उतना ही हानिकारक नशे वाली जगह पर रहना हो सकता है।

तो यह हैं कुछ काम जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को नहीं करने चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तो इन कामों से प्रेगनेंसी के दौरान परहेज करने के साथ गर्भवती महिला को अपनी सेहत और स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रखना चाहिए ताकि शिशु का विकास बेहतर तरीके से हो सके, और प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों से बचे रहने में मदद मिल सके।