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मिट्टी, कोयला, चॉक, बत्ती, मुल्तानी मिट्टी को प्रेगनेंसी में खाने से ऐसे पाएं छुटकारा

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प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण गर्भवती महिला के जीभ के स्वाद में परिवर्तन आ सकता है। जिसके कारण उनका कुछ न कुछ अलग अलग खाने का मन करता है है जैसे किमकुछ का आकर्षण किसी सब्ज़ी या फल के प्रति बढ़ता है। तो कुछ महिलाओं का मिट्टी, कोयला, चॉक, बत्ती, मुल्तानी मिट्टी आदि खाने का मन करता है। और जो महिलाएं इन चीजों का सेवन पहले भी करती थी प्रेगनेंसी के दौरान उन्हें इन चीजों को खाने की इच्छा ज्यादा हो सकती है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में महिला का मिट्टी, कोयला, चॉक, बत्ती, मुल्तानी मिट्टी आदि खाने का मन क्यों होता है।

क्यों होता है प्रेग्नेंट महिला का मिट्टी, कोयला, चॉक, बत्ती, मुल्तानी मिट्टी आदि खाने का मन

गर्भावस्था के दौरान मिट्टी, कोयला, चॉक, बत्ती, मुल्तानी मिट्टी जैसी चीजों को खाने की इच्छा को पिका सिंड्रोम कहा जाता है जिसके कारण महिला की किसी चीज को खाने की बहुत ज्यादा इच्छा होती है। पिका सिंड्रोम के अलावा कुछ और भी कारण होते हैं जिनकी वजह से प्रेग्नेंट महिला को इन चीजों को खाने की इच्छा हो सकती है।

  • गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण महिला की इन चीजों को खाने की इच्छा ज्यादा होती है।
  • प्रेग्नेंट महिला के शरीर में यदि खून की कमी होती है तो भी महिला का ऐसी चीजें खाने का मन अधिक करता है।
  • कुछ गर्भवती महिलाओं को इन चीजों का स्वाद तो कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान इन चीजों की गंध बहुत अच्छी लगती है जिसकी वजह से महिला की इन चीजों को खाने की इच्छा होती है।

गर्भवती महिला को मिट्टी, चॉक आदि चीजें खाने के नुकसान

प्रेग्नेंट महिला यदि मिट्टी, कोयला, चॉक, बत्ती, मुल्तानी मिट्टी आदि का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान अधिक करती है तो इसके कारण गर्भवती महिला को सेहत सम्बन्धी बहुत सी परेशानियां हो सकती है। जैसे की :-

  • चबाने के दौरान महिला के दांतों में चोट लगने का खतरा।
  • पेट सम्बन्धी परेशानियों के कारण दिक्कत होना।
  • उल्टी, दस्त जैसी परेशानी अधिक होना।
  • इन चीजों को खाने के कारण महिला की भूख में कमी आती है जिसके कारण महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ जाती है।
  • संक्रमण होना।

मिट्टी, कोयला, चॉक, आदि खाने से बच्चे को होने वाले नुकसान

प्रेग्नेंट महिला जो भी खाती है तो उसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है ऐसे में जब प्रेग्नेंट महिला इन चीजों का सेवन करती है तो इनका असर भी गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। जिसकी वजह से शिशु को नुकसान पहुँच सकता है।

  • मिट्टी आदि में पाए जाने वाले विषैले तत्व शिशु तक पहुंचकर न केवल शिशु के विकास को रोक देते हैं बल्कि इससे शिशु की जान तक को खतरा हो सकता है।
  • गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण बच्चे तक पर्याप्त पोषण नहीं पहुँचता है जिसकी वजह से बच्चे के समय से पहले जन्म होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • जन्म के समय शिशु के वजन में कमी, शिशु के अंगो के विकास में कमी जैसी परेशानी होने का खतरा बढ़ जाता है।

प्रेग्नेंट महिला के लिए मिट्टी, कोयला, चॉक, आदि खाने से छुटकारा पाने के लिए टिप्स

गर्भावस्था के दौरान यदि महिला अपनी इस आदत से निजात पाना चाहती है तो कुछ आसान टिप्स का इस्तेमाल करके महिला आसानी से इस परेशानी से निजात पा सकती है। तो आइये अब जानते हैं की वो आसान टिप्स कौन से हैं।

डॉक्टर से मिलें

अपनी इस आदत से निजात पाने के लिए आप सबसे पहले डॉक्टर से मिलें, और जिन जिन चीजों का सेवन करने का आपका मन करता है उन सभी के बारे में डॉक्टर को बताएं। क्योंकि इन चीजों को छोड़ने के लिए क्या करना चाहिए जिससे प्रेगनेंसी में आपको या बच्चे को कोई नुकसान न हो इसके बारे में डॉक्टर आपको ज्यादा अच्छे से बता सकते हैं।

जब भी किसी चीज को खाने की इच्छा हो तो अपना टेस्ट बदलें

यदि कभी अचानक से आपकी मिट्टी या अन्य कोई चीज खाने की इच्छा होती है तो तुरंत आपको अपनी पसंद की किसी और हैल्थी चीज का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए। यदि आप अपनी इस आदत को पक्का कर लेती हैं तो आपको इस आदत से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

शरीर में पोषक तत्वों की कमी न होने दें

गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण गर्भवती महिला का इन चीजों को खाने का अधिक मन करता है। ऐसे में गर्भवती महिला को इस परेशानी से निजात पाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए ताकि गर्भवती महिला को इन चीजों को खाने की इच्छा ही न हो।

तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपकी भी इन चीजों को खाने की इच्छा होती है तो इसे नज़रअंदाज़ न करें बल्कि अपनी इस आदत को तुरंत बदल दें, और इसके लिए डॉक्टर से मिलें।

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