Ultimate magazine theme for WordPress.

प्रेग्नेंट महिला को सरसों का साग खाना चाहिए या नहीं

0

गर्भावस्था के दौरान महिला जितने ज्यादा हेल्दी आहार को अपनी डाइट में शामिल करती है उतना ही प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है। तो लीजिये आज हम आपको एक ऐसे ही हेल्दी आहार के बारे में बताने जा रहे हैं और वो है सरसों का साग, बहुत सी गर्भवती महिलाएं साग को लेकर सोच सकती है की प्रेगनेंसी में इसे खाना चाहिए या नहीं? तो इसका जवाब है हाँ, प्रेगनेंसी के दौरान महिला सरसों के साग का सेवन कर सकती है। सरसों का साग सर्दियों के मौसम में अधिकतर लोग खाना पसंद करते हैं, और सर्दियों के ही मौसम में लगभग हर हरी सब्ज़ी आपको मार्किट में आसानी से मिल भी जाती है। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और सर्दियों का मौसम है तो आप भी सरसों के साग का लुत्फ़ उठा सकती है।

प्रेगनेंसी में सरसों का साग खाने के फायदे

कैल्शियम, आयरन, फोलिक एसिड, पोटैशियम, फाइबर, एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर सरसों के साग का सेवन गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान कर सकती है। और यह सभी पोषक तत्व यदि प्रेग्नेंट महिला को भरपूर मात्रा में मिलते हैं तो इससे न केवल गर्भवती महिला को बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी बहुत से फायदे मिलते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान सरसों का साग खाने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

फाइबर

सरसों के साग में फाइबर की मात्रा मौजूद होती है ऐसे में इसका सेवन करने से गर्भवती महिला को पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। जिससे महिला को खाना न पचने, गैस, कब्ज़ जैसी परेशानी से भी राहत पाने में मदद मिलती है।

वजन

वजन का जरुरत से ज्यादा बढ़ना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी हानिकारक हो सकता है। और सरसों का साग खाने से गर्भवती महिला की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के साथ मेटाबोलिज्म रेट को सही रखने में मदद मिलती है क्योंकि साग में फाइबर की मात्रा मौजूद होती है। जिससे गर्भवती महिला के वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

विटामिन K

उल्टी व् जी मिचलाने की समस्या का होना प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है। लेकिन इस समस्या के अधिक होने के कारण प्रेग्नेंट महिला बहुत ज्यादा परेशानी का अनुभव कर सकती है। लेकिन सरसों के साग का सेवन करने से गर्भवती महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सकती है। क्योंकि साग में मौजूद विटामिन के इस समस्या से बचाव के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

एंटी ऑक्सीडेंट

सरसों के साग में एंटी ऑक्सीडेंट व् सल्फर की मात्रा मौजूद होती है जो गर्भवती महिला के शरीर में न तो विषैले पदार्थो का जमाव होने देती है, और साथ ही विषैले पदार्थो को शरीर से बाहर निकालने में भी मदद करती है। जिससे गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को बीमारियों से सुरक्षित रहने और स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

गेस्टेशनल शुगर

साग का सेवन करने से गर्भवती महिला के ब्लड में शुगर के लेवल को सही रखने में भी मदद मिलती है जिससे गर्भवती महिला को गेस्टेशनल शुगर जैसी परेशानी से बचे रहने में भी मदद मिलती है। साथ ही यदि कोई महिला डाइबिटीज़ की समस्या से परेशान है तो महिला को शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

कैल्शियम

कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर सरसों के साग का सेवन यदि प्रेग्नेंट महिला करती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला की हड्डियों कोई मजबूत रहने, जोड़ो में दर्द की समस्या से बचाव, शरीर के हिस्सों में दर्द की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही इससे गर्भ में शिशु की हड्डियों के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल

सरसों के साग का सेवन करने से गर्भवती महिला को कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही सरसों के साग का सेवन करने से हदय को स्वस्थ रहने में भी फायदा मिलता है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड

ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन k जैसे पोषक तत्व सरसों के साग के मौजूद होते हैं। और यह पोषक तत्व गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली सूजन की परेशानी से निजात दिलाने में मदद करते हैं।

तो यह हैं कुछ फायदे जो गर्भवती महिला को साग का सेवन करने से मिलते हैं ऐसे में यदि आप भी गर्भवती है तो आप भी साग का सेवन कर सकती है। क्योंकि इससे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करके गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने व् गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है।