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प्रेगनेंसी में फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है या जूस पीना?

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गर्भावस्था के दौरान फलों का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं ऐसे में फलों का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। साथ ही फलों में मौजूद पोषक तत्व गर्भनाल की मदद से शिशु तक पहुंचते है शिशु का बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास करने में मदद करते हैं। प्रेगनेंसी के दौरान महिला अलग अलग तरह के फलों का सेवन कर सकती है साथ ही प्रेगनेंसी में कुछ ऐसे फल भी होते हैं जिनकी मनाही होती है। इसके अलावा कुछ गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान फलों का सेवन करना पसंद करती है तो कुछ गर्भवती महिलाओं को फलों का रस पीना पसंद होता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपसे फलों व् फलों के रस जुड़े टिप्स शेयर करने जा रहे हैं।

गर्भावस्था के दौरान कौन से फलों का सेवन करना चाहिए?

प्रेगनेंसी के समय गर्भवती महिला आम, केला, अनार, सेब, अमरुद, संतरा, मौसम्बी, कीवी, स्ट्रॉबेरी, आदि फलों का सेवन कर सकती है। लेकिन ध्यान रखें की फलों का सेवन सिमित मात्रा में किया जाये और सही समय पर किया जाये तभी गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद होता है नहीं तो जरुरत से ज्यादा फलों का सेवन गर्भवती महिला की सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिला को कच्चा पपीता, अनानास, अंगूर जैसे फलों का सेवन करने से प्रेगनेंसी के दौरान बचना चाहिए।

गर्भावस्था में फलों का सेवन ज्यादा फायदेमंद होता है या फलों का रस पीना

कुछ गर्भवती महिला फलों का सेवन करना पसंद करती है तो कुछ गर्भवती महिलाएं फलों का रस पीना पसंद करती है। लेकिन यदि प्रेग्नेंट महिला चाहती है की फलों में मौजूद सभी पोषक तत्व महिला व् उसके होने वाले बच्चे को मिलें। तो इसके लिए यह जानना जरुरी होता है। की महिला को प्रेगनेंसी के दौरान फलों का सेवन करना चाहिए या फलों के रस का सेवन।

तो इसका जवाब है की प्रेगनेंसी के दौरान फलों को खाने से पेट भर जाता है लेकिन फलों के रस को पीने से पेट नहीं भरता केवल प्यास बुझ जाती है, फलों को खाने से महिला को पोषक तत्व भरपूर मिलते हैं जबकि जूस में फलों का पल्प और गुद्दा फेक दिया जाता है जिसकी वजह से जूस में पोषक तत्वों की कमी होती है, फलों का सेवन करने से महिला पाचन तंत्र अच्छा रहता है एनर्जी मिलती है जो की जूस पीने से भी होता है लेकिन ऐसा माना जाता है की जूस में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिस वजह से महिला के ब्लड में शुगर लेवल के बढ़ने का खतरा रहता है।

तो इन सभी बातों को जानने के बाद यह पता चलता है की प्रेगनेंसी के दौरान महिला को फलों का रस पीने की बजाय फलों का सेवन करना चाहिए। क्योंकि फलों का सेवन करने से महिला और बच्चे को ज्यादा फायदे मिलते हैं। और ऐसा भी नहीं है की महिला फलों का रस न पीएं बल्कि कभी कभार महिला फलों के रस का सेवन भी कर सकती है। बस इस बात का ध्यान रखें की घर में रखें ताजे फलों का रस निकालकर ही पीएं, बाजार से डिब्बाबंद जूस का सेवन नहीं करें। इसके अलावा बर्फ या मीठा डालकर जूस पीने से भी बचें।

तो यह है प्रेगनेंसी के दौरान फलों या फलों का रस कौन ज्यादा फायदेमंद होता है उससे जुड़े टिप्स, यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपके लिए भी इन बातों को जानना जरुरी होता है। ताकि आपको और आपके बच्चे दोनों को फलों के बेहतरीन फायदे मिल सकें।

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