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बेबी डिलीवरी समय से पहले हो जाने के क्या कारण होते हैं?

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गर्भावस्था महिला के लिए बहुत ही ख़ुशी का अहसास होता है। और यह अहसास हर महिला के लिए उसकी जिंदगी के बेहतरीन अहसास में से एक होता है। प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला बहुत से शारीरिक, मानसिक व् भावनात्मक बदलाव का अनुभव करती है। लेकिन फिर भी महिला प्रेगनेंसी के हर पल को केवल एन्जॉय करती है और उस पल का बेसब्री से इंतज़ार करती है की कब उसके शिशु का जन्म होगा।

लेकिन कई बार कुछ परेशानियों के कारण शिशु का जन्म समय से पहले ही हो जाता है जिसे की प्रीमैच्योर डिलीवरी कहा जाता है। और समय से पहले बच्चे के होने के कारण शिशु के विकास से जुडी परेशानियां हो सकती है। साथ ही इसके कारण महिला की परेशानी भी बढ़ सकती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको शिशु के समय से पहले होने के क्या कारण होते हैं, क्या लक्षण होते हैं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

समय से पहले डिलीवरी होने के लक्षण

यदि महिला की समय से पहले डिलीवरी होने वाली होती है तो उससे पहले बॉडी में बहुत से लक्षण महसूस हो सकते हैं। जैसे की:-

  • प्राइवेट पार्ट से होने वाले स्राव में परिवर्तन आना जैसे की स्त्राव का अधिक होना, स्त्राव में खून आना, आदि।
  • पेट में बहुत अधिक कसाव महसूस होना।
  • पेल्विक क्षेत्र यानी पेट के निचले हिस्से में बहुत अधिक दबाव व् दर्द का महसूस होना जैसे की शिशु नीचे की ओर अपने आप को धकेल रहा हो।
  • पेट व् पीठ में दर्द होना।
  • पीरियड्स के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन जैसा महसूस होना।
  • डायरिया, कब्ज़, आदि का अधिक महसूस होना।

बेबी डिलीवरी समय से पहले हो जाने के क्या कारण होते हैं?

बच्चे के समय से पहले जन्म लेने की समस्या बहुत ही कम देखने को मिलती है लेकिन कई बार कुछ परेशानियां ऐसी होती है जिसके कारण शिशु का जन्म से पहले हो जाता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की बच्चे का समय से पहले जन्म होने का क्या कारण होता है।

खराब जीवनशैली

यदि प्रेग्नेंट महिला शराब पीती है, नींद पूरी नहीं लेती है, खाने का ध्यान रखती है, ज्यादा भागदौड़ करती है, ज्यादा समय तक खड़ी रहती है, जंक फ़ूड का अधिक सेवन करती है, आदि। तो ऐसा करने से गर्भ पर नकारात्मक असर पड़ता है जिसके कारण कारण समय पूर्व प्रसव जैसी समस्या हो सकती है।

उम्र कम या ज्यादा होना

समय से पहले बच्चे का जन्म होने का कारण महिला की उम्र भी हो सकती है। यदि महिला कम उम्र में या अधिक उम्र में प्रेग्नेंट होती है। तो ऐसे में प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स अधिक हो सकती है जिसके कारण बेबी डिलीवरी समय से पहले हो सकती है।

पहले बच्चे का जन्म भी प्रीमैच्योर डिलीवरी से होना

यदि किसी महिला की पहली डिलीवरी प्रीमैच्योर होती है तो इसके कारण महिला को दूसरी डिलीवरी भी प्रीमैच्योर होने का खतरा रहता है।

गर्भ में जुड़वां या उससे ज्यादा बच्चे होना

जिन महिलाओं के गर्भ में दो या दो से ज्यादा शिशु होते है उन महिलाओं को भी समय पूर्व डिलीवरी का खतरा अधिक होता है। साथ ही ऐसे केस में सिजेरियन डिलीवरी के चांस भी अधिक होते हैं।

शारीरिक बीमारिया

प्रेग्नेंट महिला को यदि शुगर, हाई ब्लड प्रैशर, थायरॉयड, या अन्य को भी शारीरिक बिमारी होती है तो इस कारण भी महिला के गर्भ पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। जिसके कारण समय से पहले शिशु का जन्म हो सकता है।

पोषक तत्वों की कमी

गर्भवती महिला के शरीर में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का न होना, खून की कमी होना, आदि भी बेबी के समय से पहले जन्म का कारण हो सकते हैं। साथ ही इससे बच्चे के विकास पर भी बहुत बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में समय पूर्व प्रसव से बचने के लिए और बच्चे के बेहतर विकास के लिए महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपनी डाइट में भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए।

किसी प्रकार का संक्रमण होना

यूरिन इन्फेक्शन, प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन या अन्य किसी भी तरह के संक्रमण से यदि प्रेग्नेंट महिला ग्रसित होती है। तो इसके कारण भी महिला की समय से पहले डिलीवरी हो सकती है।

आनुवंशिक प्रभाव

प्रेग्नेंट महिला के परिवार में यदि किसी को पहले समय से पहले डिलीवरी हुई है तो उस कारण आपको भी ऐसा होने के चांस बढ़ सकते हैं। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए ताकि इस समस्या से बचे रहने में मदद मिल सके।

मोटापा

जरुरत से ज्यादा और कम वजन भी गर्भ पर बुरा असर डाल सकता है। और इस कारण बेबी डिलीवरी समय से पहले होने का खतरा बढ़ सकता है।

तनाव

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियां, शरीर में होने वाले बदलाव के कारण कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान तनाव ले लेती है। और गर्भवती महिला का बहुत अधिक स्ट्रेस लेना समय से पहले डिलीवरी का कारण हो सकता है।

शारीरिक श्रम अधिक करना

गर्भवती महिला यदि बहुत अधिक शारीरिक श्रम करती है जैसे की महिला बहुत अधिक व्यायाम करती है, बहुत ज्यादा खड़ी रहती है, पेट के बल बहुत ज्यादा काम करती है, शारीरिक श्रम से कम आहार का सेवन करती है, आदि। तो इस कारण भी गर्भ में बच्चा प्रभावित हो सकता है और बेबी डिलीवरी समय से पहले होने के चांस बढ़ जाते हैं।

समय से पहले बच्चे का जन्म होने के कारण होने वाली परेशानियां

  • सिजेरियन डिलीवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं।
  • शिशु को स्तनपान करवाने में समस्या होती है जिससे शिशु का विकास प्रभावित हो सकता है।
  • कमजोरी और थकान महिला को अधिक महसूस हो सकती है जिससे शिशु की केयर करने में महिला को दिक्कत हो सकती है जैसे की शिशु को उठाने में समस्या हो सकती है।
  • शुगर होने का खतरा होता है।
  • हैहय ब्लड प्रैशर जैसी समस्या महिला को हो सकती है।
  • तनाव व् अनिंद्रा जैसी परेशानियां महिला को अधिक हो सकती है।
  • महिला को ध्यान लगाने में कठिनाई हो सकती है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से बच्चे का जन्म समय से पहले हो जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान इन बातों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए ताकि समय से पहले डिलीवरी होने से बचे रहने में मदद मिल सके। जिससे माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें।

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