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तेल मालिश के फायदे प्रसूति के लिए

डिलीवरी के बाद मालिश

शिशु के जन्म के बाद महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है, अंगो मे ढीलापन आ जाता है, वजन बढ़ जाता है, ऐसे में बॉडी को वापिस से फिट करने के लिए डिलीवरी के बाद महिला को पूरे आराम, बेहतर खान पान की बहुत जरुरत होती है। प्रसव के बाद महिला के शरीर को वापिस से स्वस्थ करने और जल्दी रिकवर होने के लिए मालिश करना भी एक बेहतर विकल्प होता है और पुराने समय से ही प्रसव के बाद महिला की मालिश करने की राय दी जाती है। नोर्मल डिलीवरी वाली महिलाएं जहां डिलीवरी के एक या दो दिन बाद ही मालिश करवा सकती हैं, वहीँ सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को टांको के अच्छे से सूखने का इंतज़ार करना चाहिए। और उसके बाद मालिश करवानी चाहिए, और कम से कम एक महीने तक नियमित महिला को मालिश करवानी चाहिए ताकि शरीर में किसी भी तरह की कमजोरी न रहे।

प्रसव के बाद मालिश करवाने के फायदे

शिशु के जन्म के बाद केवल महिला के शरीर में आई कमजोरी को दूर करने और महिला को स्वस्थ करने के लिए जच्चा की मालिश करवाई जाती है। मालिश करवाने से केवल महिला को जल्दी रिकवर होने में ही मदद नहीं मिलती है, बल्कि इससे और भी कई फायदे गर्भवती महिला को मिलते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की डिलीवरी के बाद मालिश करवाने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है

मालिश करवाने से प्रसव के बाद महिला के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है। और यदि बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर तरीके से होता है तो शरीर के अंगो को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है, जैसे की किडनी अपना काम अच्छे से करने लगती है। और बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालकर महिला को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। साथ ही प्रसव के बाद महिला की बॉडी को स्वस्थ रखने के लिए बॉडी के सभी अंगो में ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छे से होना बहुत जरुरी होता है। और मालिश करने से बॉडी में ऑक्सीजन के प्रवाह को अच्छे से होने में मदद मिलती है जिससे महिला को जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है।

मजबूती मिलती है

डिलीवरी के बाद महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है, ऐसे में यदि नियमित रूप से मालिश की जाए, तो ऐसा करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। जिससे महिला को एनर्जी मिलती है, और महिला के शरीर को मजबूत होने में मदद मिलती है।

आराम महसूस होता है

प्रसव के बाद शरीर में आई कमजोरी के कारण महिला थकान व् कई बार तनाव जैसी समस्या का अनुभव भी कर सकती है। लेकिन मालिश करवाने से महिला को थकान, कमजोरी, तनाव जैसी परेशानियों से बचें रहने में मदद मिलती है, और मालिश करने के बाद महिला रिलैक्स और आरामदायक अनुभव करती है।

कसाव आता है

शिशु के जन्म के बाद महिला की स्किन में ढीलापन, वजन बढ़ना आम बात होती है, लेकिन मालिश करवाने से स्किन को पोषण मिलता है। जिससे स्किन में कसावट आने के साथ बॉडी धीरे धीरे वापिस अपनी शेप में आने लगती है। साथ ही इससे बॉडी पर बढ़ी हुई चर्बी को भी कम करने में मदद मिलती है।

ब्रेस्ट मिल्क

मालिश करने से शिशु के लिए ब्रेस्ट मिल्क को भी बढ़ने में मदद मिलती है, क्योंकि मालिश करने पर बॉडी में से ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन उत्सर्जित होता है , जो ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की ब्रेस्ट को जोर से मालिश नहीं करनी चाहिए। क्योंकि तेज और जोर से मालिश करने पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दर्द से आराम

ज्यादातर महिलाओं को डिलीवरी के बाद कमर, पीठ, टांगो, कूल्हे, सिर आदि में दर्द की समस्या हो सकती है। क्योंकि डिलीवरी के दौरान पेट, कमर, कूल्हे आदि पर जोर पड़ता है, ऐसे में मालिश करने से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। जिससे बॉडी पेन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

बेहतर नींद

मालिश करने बॉडी में एंडोर्फिन हॉर्मोन उत्सर्जित होता है, जो की प्राकृतिक दर्द निवारक और रिलैक्स महसूस करवाने वाला हॉर्मोन है, और यह हॉर्मोन दिमाग से निकलता है। और रिलैक्स महसूस होने के कारण आपको अच्छी नींद लेने में भी मदद मिल सकती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो डिलीवरी के बाद महिला को मालिश करवाने से मिलते हैं। तो इन फायदों के लिए और डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी जल्दी फिट होने के लिए मालिश जरूर करवानी चाहिए। मालिश के लिए आप बादाम, नारियल, जैतून, तिल, अरंडी आदि किसी भी तेल का इस्तेमाल कर सकती है।

गर्मियों में लू से बचाव के उपाय

गर्मियों के दिन आते ही हम घर से बाहर निकलना नजर अंदाज करते है। पर हम जितनी भी कोशिश करे स्कूल, ऑफिस, कॉलेज या घर का जरुरी समान लेने के लिए तो बाहर निकलना ही पड़ता है। इन गर्मियों में गर्म तपती हवा लगने के कारण लू लगने का खतरा बना रहता है। लू लगने से चक्कर आना, जी घबराना, उलटी, बुखार जैसी परेशानियां होने लगती है।

लू लगने का ज्यादा खतरा मई और जून के महीने में होता है। अक्सर आपने देखा होगा के यह महीने शुरू होते ही घर के बड़े सावधान रहने की सलाह देते है और यह  जरुरी भी होता है क्योंकि कई बार लू का इतना गहरा असर पड़ता है के बहुत से शारीरिक दुष्प्रभाव झेलने पड़ते है।

आइये जानते है के लू से बचने के क्या उपाय है।

पानी

लू का खतरा उन लोगो को ज्यादा होता है जिन लोगो के शरीर में पानी की कमी होती है। ज्यादा समय तक गर्म हवा और धूप में रहने से शरीर का पानी सूखने लगता है या फिर शरीर का पानी पसीने के रूप में बाहर आता है पर जिसके शरीर में पहले से ही पानी की कमी होगी उसके लिए लू का खतरा और बढ़ जाएगा। इसीलिए अपने शरीर में पानी की कमी ना होने दे, रोजाना 8 से 10 ग्लास पानी का सेवन जरूर करे। अगर सादा पानी न पी पा रहे हो तो अपनी रोजाना की तरल मात्रा को बढ़ाये जैसे की छाछ, लस्सी, शरबत, फलो का रस आदि।

कॉफी, चाय और शराब

कॉफ़ी, चाय और शराब में हानिकारक तत्व होते है। इनका सेवन करने से बार पेशाब आता है क्योंकि शरीर नार्मल प्रक्रिया से इनके हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकालने की कोशिश करता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी हो जाती है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त तीनो ही चीजों की तासीर गर्म होती है यह शरीर में जाकर और गर्मी बनाते है, इसीलिए गर्मियों में इनके अधिक सेवन से बचना चाहिए।

कच्चा प्याज

रोजाना कच्चे प्याज के सेवन से लू लगने का खतरा कम हो जाता है। इसीलिए आप अपने भोजन में कच्चे प्याज को सलाद की तरह जरूर शामिल करें। अगर गलती आपको लू लग भी चुकी है तो भी प्याज के इस्तेमाल से लू का असर खत्म किया जा सकता है। प्याज को घिस कर उसका रस निकाल लें। अब इस रस को कानो और छाती पर मले इस प्रक्रिया को करने से लू का असर खत्म हो जाएगा।

अदरक का टुकड़ा

लू के असर से बचने के लिए एक छोटा सा अदरक का टुकड़ा लें और उसे अपनी पीने वाली पानी की बोतल में डालकर रखें और उसी पानी का सेवन करे। इस तरह छोटा सा अदरक का टुकड़ा आपको गर्मियों की गर्म हवाओं से बचाएगा।

नारियल पानी

नारियल पानी बहुत से विटामिन्स और मिनरल्स से युक्त होता है। और इसकी खास बात यह है के इसकी तासीर ठंडी होती है। नारियल पानी में मौजूद मिनरल्स और फाइबर हमारे शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते है। इसके अतिरिक्त नारियल पानी के सेवन से हमारे शरीर का तापमान भी ठंडा रहता है।

सर ढंके

गर्मियों में जब भी घर से बाहर निकले तो अपना सर ढंक कर निकले। क्योंकि गर्म हवा का असर सबसे पहले सर पर ही होता है। इसीलिए घर से निकलते समय छाते का प्रयोग करें और अगर छाता ना हो तो किसी सूती दुपट्टे से अपना सर और मुँह ढंके।

मटके का पानी

अकसर गर्मियों में हम लोग बाहर से आते ही सबसे पहले फ्रीज़ खोलकर फ्रीज़ का ठंडा पानी पीते है। पर ऐसा ना करे फ्रीज़ का पानी भी नुकसानदेह होता है फ्रीज़ की जगह मिटटी के मटके का पाने पीये यकीन मानिये उससे आपकी प्यास भी बुझेगी और यह आपको नुकसान भी नहीं पहुंचाएगा। मटके का प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, इसीलिए इससे शरीर सर्द-गर्म नहीं होगा और लू का खतरा भी नहीं बढ़ेगा।

ईमली का रस

गर्मियों में ईमली और शक़्कर मिलकर शरबत बना लीजिये और इस शरबत का सेवन करे। इससे भी आपका लू से बचाव होगा। ईमली कर शरबत बनाने के लिए ईमली को रात भर के लिए पानी में भिगो कर रखे और सुबह उठकर पानी को छान लें अब अपने स्वादानुसार इसमें शक़्कर और थोड़ा सा ठंडा पानी और मिलाये और इसका सेवन करें।

पुदीने का सेवन

पुदीना भी प्राकृतिक कूलर का कार्य करता है इसीलिए इसका शरबत बनाकर या चटनी बनाकर आप इसका सेवन कर सकते है। यह आपके शरीर को ठंडा रखने में मदद करेगा और लू से आपका बचाव करेगा।

यह सभी उपाय आप अपनी रसोईघर से ही कर सकते है। यह सभी चीजे आपके रसोई में आपको मिल जाएंगी। इसके अतिरिक्त गर्मियों के मौसम में हल्के रंग के सूती कपडे पहने जो आपके शरीर को ठंडा रखने में मदद करे और अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखे। पानी वाले फलों और सब्जियों का अच्छे से सेवन करे। पहले से कटे हुए फलो और सब्जियों का प्रयोग ना करे।

लम्बे बालों को मजबूत करने के सही तरीके

लम्बे बालों को महिलाओं की खूबसूरती माना जाता है इसीलिए सभी लड़कियां लम्बे बाल रखना पसंद करती है। पहले के ज़माने में महिलाओं के बाल प्राकृतिक ही लम्बे हुआ करते थे लेकिन आजकल बहुत ही कम लड़कियों के बाल कमर से नीचे देखने को मिलता है। सामन्यतौर पर तो सभी कंधे या उससे थोड़े बड़े बाल रखना चाहती है। जिसकी मुख्य वजह है बालों की जड़ों का कमजोर होना। जिसके कारण उनके बाल लम्बे तो हो जाते है। लेकिन अक्सर वह बहुत पतले और कमजोर होते है।

बालों का लम्बे होना आपके जीन्स पर निर्भर करता है लेकिन बालों का झड़ना आपकी सेहत की देन होती है। जो व्यक्ति जितना अधिक स्वस्थ होगा उसके बाल उतने ही मजबूत और घने होंगे। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई किसी ने किसी वजह से परेशान रहता है जिसके चलते टेंशन होती और आगे चलकर यही टेंशन बालों को नुकसान पहुंचाती है।

इसीलिए आज हम आपको बालों को मजबूत करने की कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप भी आपने बालों की खोई हुई खूबसूरती वापस पा सकती है।

1. आलू का रस :

आलू में कई तरह के विटामिन्स जैसे A, B और C की अच्छी मात्रा पाई जाती है। जो हमारे बालों के लिए बहुत लाभकारी होते है। इसके रस को लगाने से बालों का रूखापन दूर होता है साथ ही वे मुलायम होते है। इसके अलावा बालों को मजबूती देने में भी आलू का रस काफी फायदेमंद होता है।

क्या करें ?

– इसके प्रयोग के लिए 3 आलू को पीसकर उनका रस निकाल लें और उससे अपने सर की मालिश करें और 1 घंटे रुकने के बाद बालों को शैम्पू से धो लें।
– बालों में यदि बहुत अधिक रूखापन है तो उसके लिए आलू के रस को अंडे के साथ मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है।

2. मेथी दाना :methidane

मेथी में प्रोटीन की बहुत अच्छी मात्रा पाई जाती है और प्रोटीन बालों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अतिरिक्त इसमें लेसिथिन भी होता है जो बालों को मजबूत करने के साथ साथ नमी भी प्रदान करता है।

क्या करें?

– मेथी के दाने को रातभर पानी में भिगोकर रख दे। और अगली सुबह इसका पेस्ट तैयार कर लें।
– अपने बालों में नारियल तेल लगाने के बाद इस पेस्ट को लगा लें।
– 1 घंटा रखने के बाद बालों को शैम्पू से धो लें।

3. सफ़ेद सिरका :

सिरका भी बालों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। इसके प्रयोग में बालों में चमक और मजबूती आती है। इसके लिए 1 कप पानी में 1 चम्मच सिरका और तेल की कुछ बूंदें डालें। बालों को धोने के 15 मिनट बाद इस पानी से सर को दोबारा धोएं। ऐसा करने से बालों का pH भी संतुलित रहता है।

4. अंडा :

अंडे में प्रोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो बालों के लिए बहुत लाभकारी होती है। अंडे के पीले भाग में बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है। जो बालों की मजबूती और वृद्धि के लिए अच्छा माना जाता है। इसके इस्तेमाल से दोमुहें बालों की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

क्या करें?

– अंडे को फोड़कर उसमे 2 चम्मच ओलिव आयल डालकर अच्छे से मिला लें और इसे अपने बालों में लगाएं। आधा घंटा रखने के बाद बाल धो दें। और शैम्पू भी कर लें।
– अगर आप बाल झड़ रहे है तो अंडे के सफ़ेद भाग में 1 चम्मच ओलिव आयल डाल लें और अच्छे से बालों की मालिश करें।

5. निम्बू का रस :

निम्बू में विटामिन सी और इसके अलावा बहुत से पोषक तत्व पाए जाते है। जो बालों के लिए काफी लाभदायक होते है। बालों के झड़ने की समस्या से लेकर रुसी तक सभी समस्यायों का हल निम्बू की मदद से किया जा सकता है।

क्या करें?

1 हिस्से नींबू के रस में 2 हिस्सा नारियल तेल या ओलिव आयल मिलाएं। इसे अपने बालों की जड़ों में लगाएं और 30 से 45 मिनट लगे रहने दें। उसके बाद बाल शैम्पू से धो लें। हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल करें।

6. आंवला :aavla oil

आंवला स्वास्थ्य के साथ साथ बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। ये बालों का झड़ना रोककर उन्हें मजबूत करने में मदद करता है। इसके लिए एक बर्तन में नारियल तेल गर्म कर लें और उसमे सूखे हुए आंवला के टुकड़े डालकर कुछ देर पका लें। उसके बाद छान कर ठंडा कर लें और इससे अपने बालों की मसाज करने। 30 मिनट बाद बालों में शैम्पू करके धो लें.

7. चुकंदर का रस :

त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी चुकंदर बहुत फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन के अलावा बहुत से पोषक तत्व पाएं जाते है। जो बालों की ग्रोथ के लिए काफी लाभदायक होते है। इसके लिए मिक्सर में चुकंदर के कुछ टुकड़े डालकर उन्हें पीस लें और छान कर रस निकाल लें। और इस जूस का सेवन करें।

8. नारियल का दूध :

नारियल के दूध में विटामिन, आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस आदि तत्व पाएं जाते है जो बालों को भीतरी रूप से मजबूती प्रदान करते है। इससे बालों की लम्बाई तो बढ़ती ही है साथ-साथ उनका झड़ना भी कम हो जाता है। इसके लिए कोकोनट मिल्क को अपनी डाइट में सम्मिलित करें और महीने में 3 से 4 बार बालों की कोकोनट मिल्क से मसाज करें। और 1 घंटे बाद बालों को धो लें।

प्रेगनेंसी में किस तरह की अंडरगारमेंट्स पहननी चाहिए

प्रेगनेंसी में किस तरह की अंडरगारमेंट्स पहननी चाहिए:-

हर महिला को खूबसूरत दिखने का बहुत शौक होता हैं| और कही न कही इनर वियर उनकी खूबसूरती को बढ़ाने में उनकी मदद करता हैं| ऐसे में गर्भवती महिलाओ को गर्भावस्था के समय अपने फिगर को लेकर बहुत परेशानी होती हैं| गर्भावस्था के समय महिलाओ के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं| जैसे चेहरे पर या तो ज्यादा ग्लो आना, या फिर चेहरे का रंग हल्का हो जाना, शरीर के किसी न किसी भाग में दर्द का रहना, आदि|

इसके साथ महिलाओ के साथ एक समस्या और हो जाती हैं| वो ये की जैसे जैसे गर्भावस्था का समय आगे बढ़ता जाता हैं| वैसे-वैसे शरीर का वजन भी बढ़ने लगता हैं| जिसके साथ शरीर के अंगो में भी परिवर्तन आने लगता हैं| जैसे पेट का बढ़ना, कमर के नीचे के भाग का बढ़ना, व् स्तनों के आकार में परिवर्तन का आना| ये सब बदलाव गर्भावस्था के समय में महिलाओ में आते हैं| ऐसे में यदि अपना ख्याल न रखा जाएँ तो बॉडी का शेप बिगड़ सकता हैं|प्रेगनेंसी में किस तरह की अंडरगारमेंट्स

यदि आप गर्भावस्था के समय में अपने सही साइज की ब्रा नहीं पहनती हैं, तो ऐसे में कई बार स्तनों का आकर उस पर दबाव बढ़ने की वजह से बढ़ जाता हैं| और कई बार तो स्तन ढीले हो जाते हैं और बाद में लटक भी जाते हैं| ऐसे में जरुरी हैं की आप अपने साइज की ब्रा पहने ताकि आपको कोई परेशानी न हो, गर्भावस्था के समय में थोड़े-थोड़े समय के बाद स्तनों के आकर में पारी वर्तन आने लगता हैं| इसीलिए आपको अपने साइज को माप कर ब्रा लेनी चाहिए|

आइये जानते हैं आपको प्रेगनेंसी में ब्रा पहनने के लिए किन-किन बातो का ध्यान रखना चाहिए| जिससे आप स्तन से जुडी समस्या का आसानी से इलाज़ कर सके, और आपको इस समस्या से निजात मिल सके| और ये तभी होगा जब आप अपने माप की अंडरगारमेंट्स को गर्भावस्था में पहनेंगे|

गर्भावस्था में कैसी अंडरगारमेंट्स पहने इस बारे में टिप्स:-

गर्भावस्था के दौरान कैसी ब्रा पहने:-

गर्भवस्था के दौरान हर महिला का ब्रेस्ट साइज़ बढता है तो जाहिर है कि नाॅर्मल ब्रा उन्हें फिट नही होगी| और यदि वो उसे फिट करने के बारे में सोचती हैं, तो उनके स्तनों की शेप बेकार हो जाती हैं| और कई बार तो स्तन ढीले भी हो जाते हैं| इसीलिए गर्भवती महिलाओ के लिए जरुरी हैं की गर्भावस्था के दौरान अपने ब्रेस्ट का माप लेती रहे, और उसी के अनुसार ब्रा खरीदे| और ब्रा खरीदते समय ये भी ध्यान रखे की आप उसमे आरामदायक महसूस करे|

गर्भावस्था के समय में कमर के साइज में भी फ़र्क़ आता हैं| इसलिए आपको अपने साइज की जानकारी अच्छे से लेनी चाहिए| और यदि आप चाहती हैं की आपके स्तनी में गर्भावस्था के बाद कोई परिवर्तन न आये, इसलिए जरूरी है कि प्रेगनेंसी ब्रा पहनें| आज कल ये मार्किट में उपलब्ध हैं| इनको खास तरीके से डिजाइन किया गया ताकि इस दौरान आप ज्यादा सहज महसूस कर सकें| इसे रात और दिन दोनों समय पहना जा सकता है| और ये आपके लिए आराम दायक भी होती हैं|

प्रेगनेंसी हिप्सटर का भी प्रयोग कर सकते हैं:-

ये बैली के नीचे फिट बैठता है| इसका प्रयोग आप पेंटी यानि अंडरवियर के स्थान पर कर सकती हैं| गर्भवस्था के दौरान पहने जाने वाला बहुत सहज और आरामदायक ब्रिफ होती है| फीटिंग के साथ ये बहुत टाइट भी नहीं होता है| इसे पहनने से महिलाये बहुत आराम दायक महसूस करती हैं| डाॅक्टर की माने तो इस दौरान बिना पेंटी यानि अंडरवियर के नहीं रहना चाहिए| इससे इंटरनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, और आप इसका प्रयोग गर्भावस्था के बाद भी कर सकते हैं|

प्रेगनेंसी में पहने जाने वाले कपडे:-

प्रेगनेंसी में अपने कपड़ो का बहुत ध्यान रखना चाहिए| ताकि इसकी वजह से आपको कही आराम दायक महसूस न हो| जितना हो सके प्रेगनेंसी में ढीले कपडे पहनने चाहिए| जिससे की आपके पेट पर दबाव न पड़े| और आपको गर्भावस्था के दौरान अच्छा महसूस हो, ज्यादा टाइट कपडे पहनने से कई बार आपको अच्छा नहीं लगता है, और न ही आरामदायक महसूस होता हैं| इसीलिए आपको इनका ध्यान रखना चाहिए|

तो ये सब कुछ बाते हैं जिनका ध्यान आपको गर्भावस्था के समय रखना चाहिए| जिससे आपको अपने शरीर के साथ कोई भी दिक्कत का सामना न करना पड़े| गर्भावस्था के समय ब्रा का खास ध्यान रखने के लिए आप समय-समय पर हजार पर इंचीटेप से माप लेते रहे| जिससे आपको गर्भावस्था के समय और गर्भावस्था के बाद किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े| आपको इन तरीको को प्रेगनेंसी के समय में जरूर अपनाना चाहिए|

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प्रेगनेंसी के दौरान इन 10 चीजों को एक साथ कभी न खाएं

प्रेगनेंसी के दौरान खाने से जुड़े टिप्स

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने की सलाह दी जाती है। ताकि गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने और शिशु के विकास के लिए सभी जरुरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सकें। अब प्रेगनेंसी के दौरान जितना खाने पीने का ध्यान रखना जरुरी है उतना ही इस बात का ध्यान रखना भी जरुरी है की कौन सी चीज खानी चाहिए, कौन सी चीज नहीं खानी चाहिए और किन चीजों का साथ में सेवन नहीं करना चाहिए जैसे की ठन्डे के साथ गर्म, गर्म तासीर और ठंडी तासीर वाली चीजें, मीठा और नमकीन आदि। क्योंकि कुछ चीजें ऐसी होती है जिनका एक साथ सेवन करने से सेहत सम्बन्धी समस्या, स्किन से जुडी परेशानी गर्भवती महिला को हो सकती है।

प्रेगनेंसी में इन चीजों को साथ में न खाएं

गर्भावस्था के दौरान यदि खान पान का अच्छे से ध्यान रखा जाये तो प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है। ऐसे में किन चीजों का एक साथ गर्भवती महिला को सेवन नहीं करना चाहिए आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

खट्टे फलों के साथ दूध और दही

गर्भवती महिला को दही और खट्टे फल जैसे की संतरा, मौसम्बी आदि का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण महिला को पेट में गैस, खाने को पचाने में दिक्कत यानी डाइज़ेशन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण दही और फलों में मौजूद अलग अलग एन्ज़ाइम होते हैं, जिन्हे साथ लेने से उसे पचाने में परेशानी हो सकती है, साथ ही खट्टे फलों का सेवन दूध के साथ करने के कारण डाइज़ेशन में समस्या होने के साथ उल्टी जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

दही और मछली

दही की तासीर ठंडी होती है जबकि मछली की तासीर गर्म होती है। ऐसे में दोनों का अलग अलग तापमान होने के कारण इन्हे एक साथ लेने के कारण गर्भवती महिला को सेहत सम्बन्धी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दही के साथ मछली के अलावा चिकन का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कारण भी गर्भवती महिला को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

दूध और फल

कई लोग ऐसा मानते होंगे की दूध में फलों को मिलाकर शेक बनाकर पीने से उनका फायदा बढ़ जाता है। लेकिन ऐसा नहीं है खासकर गर्भवती महिला को दूध और फलों का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन दोनों का साथ में सेवा करने से दूध में मौजूद कैल्शियम फलों के एन्ज़ाइम को सोख लेता है जिसके कारण बॉडी को किसी भी तरह के पोषक तत्व नहीं मिलते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला को पोषक तत्वों को बॉडी में भरपूर रखने के लिए फलों और दूध का सेवन अलग अलग करना चाहिए।

संतरा और केला

खट्टे फलों के साथ मीठे फलों का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि खट्टे फल और मीठे फलों का एक साथ सेवन करने से खट्टे फल मीठे फलों से निकलने वाली शुगर को को बॉडी में संचारित होने में रुकावट पैदा कर सकते हैं। जिसके कारण उन्हें पचाने में दिक्कत का सामना करने से साथ बॉडी में पोषक तत्वों की भी कमी हो सकती है।

हरी सब्जियां और दूध

यदि गर्भवती महिला अपने आहार में हरी सब्जियों का सेवन कर रही है तो उस आहार को लेने के दौरान उसके साथ दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण भोजन को पचाने में दिक्कत आ सकती है, हरी सब्जियों के अलावा मूली, पनीर, आदि के साथ भी दूध का सेवन करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए।

अंडा और दूध

अंडा और दूध दोनों ही प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के साथ महिला को एनर्जी से भरपूर रखने में मदद करते हैं। लेकिन इन दोनों का साथ में सेवन करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए क्योंकि इसके कारण पाचन क्रिया से जुडी समस्या का सामना गर्भवती महिला को करना पड़ सकता है।

नॉन वेज के साथ दूध

मछली, चिकन आदि का सेवन यदि गर्भवती महिला करती है तो उसके साथ भी गर्भवती महिला को दूध का सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से न केवल पाचन क्रिया से जुडी समस्या होती है बल्कि इसके कारण गर्भवती महिला को स्किन से जुडी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

नमकीन चीजों के साथ दूध

नमकीन चीजें, तली भुनी चीजें, आदि का सेवन दूध के साथ करने से नमक बॉडी में मिल्क प्रोटीन को जमा देता है जिसके कारण बॉडी के सभी अंगो को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिल पाता है, और बॉडी में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिला को जितना हो सके नमकीन चीजों के साथ दूध का सेवन करने से बचना चाहिए।

केला और दूध

बहुत से लोग ऐसा मानते हैं की दूध के साथ केला खाने से एनर्जी मिलती है, लेकिन इससे बॉडी को परेशानी भी हो सकती है। खासकर गर्भवती महिला को दूध और केले का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कारण कफ, पाचन क्रिया से जुडी समस्या का सामना गर्भवती महिला को करना पड़ सकता है।

दूध और दही

गर्भवती महिला को दूध और दही का सेवन भी एक साथ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन दोनों चीजों का सेवन एक साथ करने के कारण गर्भवती महिला को गैस, एसिडिटी, पेट में दर्द आदि की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन गर्भवती महिला को एक साथ नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से प्रेगनेंसी के दौरान महिला की परेशानी बढ़ सकती है। और यदि महिला स्वस्थ नहीं रहती है तो इसके कारण शिशु के विकास पर भी असर पड़ सकता है, इसीलिए खान पान में बिल्कुल लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

शिशु का ब्रेन शार्प हो इसके लिए प्रेग्नेंट महिला क्या खाए?

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला जो भी खाती है उसका सीधा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है। इसीलिए प्रेग्नेंट महिला को पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने की सलाह दी जाती है ताकि गर्भ में शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से होने में मदद मिल सके। और सभी गर्भवती महिलाएं चाहती है की उनके गर्भ में पल रहा शिशु हष्ट पुष्ट होने के साथ दिमागी रूप से भी तेज हो। तो इसके लिए गर्भवती महिला को शिशु के जन्म के बाद नहीं बल्कि गर्भ से ही शिशु की अच्छे से देखरेख शुरू कर देनी चाहिए। और प्रेगनेंसी के दौरान उन आहार का भरपूर सेवन करना चाहिए जो गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक विकास को बढ़ाने में मदद करते हैं।

शिशु का दिमाग तेज हो इसके लिए प्रेग्नेंट महिला क्या खाए

गर्भवती महिला को अपने आहार में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थो को शामिल करना चाहिए जिनका सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क के विकास को बेहतर तरीके से होने में मदद मिल सके। तो आइये अब जानते हैं की वो आहार कौन से हैं जिनका सेवन यदि गर्भवती महिला करती है तो उससे गर्भ में पल रहे शिशु के दिमाग को तेज होने में मदद मिलती है।

अंडा

अंडा प्रेगनेंसी के दौरान केवल महिला के लिए ही नहीं बल्कि शिशु के सम्पूर्ण विकास के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। खासकर शिशु के दिमागी विकास के लिए यह बहुत फायदेमंद होता है और यह बात रिसर्च में भी सामने आ चुकी है। क्योंकि अंडे में मौजूद प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं के बेहतर निर्माण में मदद करता हैं, वहीँ इसमें मौजूद Choline शिशु के दिमाग को तेज करने में मदद करता है। और ऐसा भी माना जाता है की यदि शिशु को गर्भ में Choline की मात्रा पर्याप्त नहीं मिलती है तो इससे शिशु के दिमागी रूप से कमजोर होने का खतरा रहता है। साथ ही अंडे में मौजूद सेलेनियम, विटामिन, जिंक, ओमेगा 3 फैटी एसिड भी शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करते हैं। इसीलिए प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही से गर्भवती महिला को नियमित कम से कम दो अंडे का सेवन जरूर करना चाहिए। लेकिन ध्यान रखें की कच्चा व् अच्छे से न पका हुआ अंडा न खाएं क्योंकि इसके कारण आपको परेशानी हो सकती है।

सी फ़ूड

शिशु के दिमाग के बेहतर विकास के लिए वसा व् आयोडीन की मात्रा का बॉडी में पर्याप्त होना भी बहुत जरुरी होता है। और सी फ़ूड में आयोडीन व् ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसीलिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान सी फ़ूड का सेवन जरूर करना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर मानसिक विकास में मदद मिल सके। साथ ही इस बात का ध्यान रखे की यदि आप मछली का सेवन करती है तो उसमे मर्क्युरी की मात्रा न हो क्योंकि यह शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है।

दालें

दालों में प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है जो शिशु के मस्तिष्क की कोशिकाओं के बेहतर निर्माण में मदद करती है। इसीलिए शिशु के दिमाग के बेहतर विकास के लिए महिला को दालों का भी भरपूर सेवन करना चाहिए, खासकर मसूर की दाल का सेवन जरूर करें। इसके आलावा दालों में अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो शिशु के बेहतर शारीरिक विकास में मदद करते हैं।

दही

जी हाँ, दही का सेवन यदि गर्भवती महिला करती है तो इससे भी गर्भ में पल रहे शिशु के दिमाग को तेज करने में मदद मिलती है। क्योंकि दही में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो शिशु के दिमागी विकास को बेहतर तरीके से होने में मदद करता है।

बादाम

छोटा हो या बड़ा हर किसी की यादाश्त को तेज करने के लिए बादाम का सेवन करने की सलाह दी जाती है। और गर्भवस्था के दौरान भी यदि गर्भवती महिला बादाम का सेवन करती है तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर मानसिक विकास में मदद मिलती है। गर्भवती महिला बादाम दूध, भीगे हुए बादाम, खीर आदि में डालकर बादाम का सेवन कर सकती है।

अखरोट

प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, मिनरल्स, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने साथ अखरोट का आकार भी बिल्कुल दिमाग की तरह होता है। ऐसे में यदि गर्भवती महिला अखरोट का सेवन करती है तो इससे शिशु के दिमागी विकास के लिए जरुरी पोषण को पहुंचाने में मदद मिलती है। जिससे गर्भ में पल रहे शिशु के दिमाग को तेज करने में मदद मिलती है।

हरी सब्जियां

आयरन, फोलेट, प्रोटीन, विटामिन, फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियों का सेवन भी गर्भवती महिला को जरूर करना चाहिए। क्योंकि यह सभी पोषक तत्व यदि शिशु को मिलते हैं तो इससे भी शिशु का मानसिक विकास बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है।

दूध

कैल्शियम, प्रोटीन की मात्रा दूध में भी मौजूद होती है और यदि गर्भवती महिला दूध का सेवन भरपूर मात्रा में करती है। तो इससे गर्भ में शिशु के शारीरिक विकास को बेहतर तरीके से होने के साथ मानसिक विकास को भी बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है।

फल

फलों में भी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं और संतरा, सेब, अनार, जामुन जैसे फलों में फोलेट प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर मानसिक विकास में मदद करता है।

कद्दू के बीज

हाई न्यूट्रिएंट और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर कद्दू के बीज को भी गर्भवती महिला को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि यदि गर्भवती महिला कद्दू के बीज का सेवन करती है तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु के दिमाग को तेज करने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ आहार जिनका सेवन यदि प्रेगनेंसी के दौरान महिला करती है तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर मानसिक विकास को होने में मदद मिलने के साथ शिशु को जन्म के समय होने वाली मानसिक बिमारियों से बचाव करने में भी मदद मिलती है। खान पान सही रखने के साथ महिला को तनाव नहीं लेना चाहिए, बॉडी में पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देनी चाहिए, गर्भ में शिशु से बातें करनी चाहिए, आदि। ऐसा करने से भी शिशु को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

रोजाना फल खाने के फायदे

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फलों का सेवन करने से केवल आपके मुँह का स्वाद ही नहीं बढ़ता है बल्कि फलों का सेवन करने से आपको स्वस्थ रहने में भी मदद मिलती है। क्योंकि फलों में पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन्स, फाइबर, एंटी ऑक्सीडेंट्स आदि भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो आपकी सेहत को ठीक रखने के लिए बहुत जरुरी होते हैं। फलों का सेवन करने से आपको हाइड्रेटेड रहने में भी मदद मिलती है।

साथ ही डॉक्टर्स भी आपको फलों का सेवन भरपूर मात्रा में करने की सलाह देते हैं। और फलों में आपके पास बहुत से विकल्प होते हैं यदि एक फल पसंद नहीं है तो आप दूसरे फल का सेवन कर सकते हैं। बस जरूरी यह हैं की रोजाना आप किसी न किसी फल का सेवन जरूर करें। तो आइये अब जानते हैं की कौन से फल खाने से आपको कौन सा फायदा मिलता है। उसके बाद जो भी आपका पसंदीदा फल हो आप उसका सेवन कर सकते हैं।

सेब (Apple)

डॉक्टर्स भी रोजाना कम से कम एक सेब खाने की सलाह देते हैं और ऐसा कहते हैं की रोजाना एक सेब खाने से आपको बिमारियों से दूर रहने में मदद मिलती है। रोजाना सेब खाने से आपके

  • शरीर में खून की कमी दूर होती है।
  • हड्डियां मजबूत होती है।
  • पाचन तंत्र मजबूत होता है।
  • कोलेस्ट्रॉल कण्ट्रोल रहता है जिससे हदय को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।
  • वजन कण्ट्रोल रहता है।
  • दिमाग तेज होता है।

अनार (Pomegranate)

लाल लाल छोटे दानों वाला अनार भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसे खाने से आपके

  • शरीर में खून बढ़ता है।
  • पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।
  • हदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • कैंसर जैसी बिमारी, फ्री रेडिकल के कारण होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • अल्ज़ाइमर से बचाता है।
  • स्किन, दांत, बालों के लिए फायदेमंद होता है।

संतरा (Orange)

संतरा भी पोषक तत्वों की खान होता है लेकिन रात को और सुबह खाली पेट संतरे का सेवन नहीं करना चाहिए। संतरा खाने से आपको

  • पेट से जुडी परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • इन्फेक्शन से सुरक्षित रहने में मदद मिलती है क्योंकि इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
  • कोलेस्ट्रॉल ब्लड में शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करने में मदद करता है।
  • शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
  • स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

अमरुद (Guava)

अमरुद भी सेहत के लिए एक बेहतरीन फल होता है। लेकिन ज्यादा कच्चा अमरुद नहीं खाना चाहिए और अमरुद को देखकर खाएं की कहीं उसमे कीड़ा तो नहीं है। क्योंकि नहीं तो आपको परेशानी हो सकती है। अमरुद खाने से आपको

  • इम्युनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है क्योंकि इसमें विटामिन सी भरपूर होता है।
  • कब्ज़ से आराम दिलाता है।
  • शुगर रोगियों के लिए वरदान होता है।
  • हदय को स्वस्थ रखना है।
  • आँखों के लिए फायदेमंद होता है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

अंगूर (Grapes)

दिखने में छोटे होते हैं लेकिन अंगूर खाने से बड़े बड़े फायदे मिलते हैं जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। जैसे की अंगूर खाने से

  • कोलेस्ट्रॉल कण्ट्रोल रहता है, ब्लड प्रैशर कण्ट्रोल रहता है, हदय स्वस्थ रहता है।
  • पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • ब्लड में शुगर लेवल को कण्ट्रोल करके मधुमेह से बचाव करने में मदद करता है।
  • एकाग्रता बढ़ाता है, दिमाग के लिए फायदेमंद होता है, मूड को अच्छा करने में मदद करता है।
  • हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण इन्फेक्शन्स से बचाव करने में मदद करता है।

केला (Banana)

केला भी एक ऐसा फल है जो स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से आपको बचाने के साथ आपको ऊर्जा से भरपूर रखने में मदद करता है। और केला खाने से आपको

  • पोटैशियम मिलता है जिससे आपके हदय को स्वस्थ रहने और ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल रहने में मदद मिलती है।
  • पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए केले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
  • केला खाने से आपको ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है।
  • तनाव दूर होता है।
  • त्वचा के लिए भी केले का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
  • केले का सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे आपको इन्फेक्शन से बचे रहने में मदद मिलती है।

स्ट्रॉबेरी (Strawberry)

लाल लाल दिखने वाली स्ट्रॉबेरी खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से आपको

  • संक्रमण व् बिमारियों से बचे रहने में मदद मिलती है क्योंकि स्ट्रॉबेरी खाने से प्रतरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • स्किन, बालों के लिए स्ट्रॉबेरी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है साथ ही इससे एंटी एजिंग के लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।
  • शरीर में बाद कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने, ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने, हदय को स्वस्थ रखने के लिए स्ट्रॉबेरी बहुत फायदेमंद होती है।
  • मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत अच्छी होती है।

आम (Mango)

आम एक ऐसा फल है जो गर्मियों में आता है और इसका सेवन करने से न केवल मुँह का स्वाद अच्छा होता है। बल्कि इसके सेवन से बहुत से स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे भी मिलते हैं। जैसे की

  • पाचन क्रिया को दुरुस्त रहने में मदद मिलती है।
  • आँखों के लिए बहुत अच्छा होता है।
  • इम्युनिटी बढ़ाता है।
  • स्किन के लिए, आँखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • कोलेस्ट्रॉल कण्ट्रोल करने में मदद करता है।
  • कैंसर से सुरक्षित रखने में मदद करता है।

तो यह हैं फलों से मिलने वाले फायदे, ऐसे ही फायदे आपको हर एक फल से मिलते हैं तो इन सभी फायदों के लिए आपको रोजाना फलों का सेवन जरूर करना चाहिए। और फलों का सेवन करते हुए एक बात का ध्यान चाहिए की फलों को अच्छे से धोने के बाद खाएं, जिन फलों के बीज नहीं खाने चाहिए उन्हें नहीं खाएं, बहुत देर तक कटे पड़े फल न खाएं, गले सड़े फलों का सेवन नहीं करें, बिना मौसम के फलों का सेवन नहीं करना चाहिए, ध्यान रखें की जो फल आप खा रहे हैं उन्हें इंजेक्शन के द्वारा न पकाया हुआ हो वो प्राकृतिक तरीके से पके हुए हो। ताकि आपको फलों का सेवन करने से कोई नुकसान न हो।

Benefits of eating Fruits daily

तुरंत बाल स्ट्रैट करने के तरीके

How to Straighten Hair Naturally At Home?

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बालों को लड़कियों की खूबसूरती माना जाता है इसलिए तो वे उनकी देखरेख में कोई कमी नहीं छोड़ती। फिर चाहे उनके बाल कितने ही लंबे क्यों न हो? पहले ऐसा नहीं था लेकिन आजकल की महिलाएं और लड़कियां सभी सीधे बाल यानी स्ट्रैट हेयर की दीवानी हो गयी है। पार्टी में जाना हो या कॉलेज सभी के लिए वे स्ट्रैट हेयर को सबसे बेस्ट ऑप्शन मानती है।

लेकिन बालों को स्ट्रैट करना इतना आसान भी नहीं है। इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। रिबॉन्डिंग की बात करें तो उसे करने में कम से कम 1 हफ्ते का समय लग ही जाता है जबकि स्पा में 1 दिन तो चाहिए ही। ऐसे में अगर आपको urgently कहीं जाना पड़े तो…..! हां, हेयर स्ट्रैटनर के जरिए आप अपने बालों को सीधा तो कर लेंगी लेकिन उसके बाद के दुष्परिणाम आप ही को झेलने पड़ेंगे।straight hair

सुनने में अच्छा लगता है लेकिन वास्तव में हेयर स्ट्रैटनर बालों को बहुत नुकसान पहुंचाता है। यह बालों की मजबूती को खत्म कर देता है और साथ ही उन्हें ड्राई और रुखा भी बना देता है। लेकिन क्या आप जानती है की बिना पार्लर जाएं और इतना सारा पैसा गवाएं भी आप अपने बालों को स्ट्रैट कर सकती है। जी हां, ऐसे बहुत से घरेलू उपाय है जिनका यूज करके आप अपने बालों को कुछ ही समय में स्ट्रैट और सिल्की बना सकती है। यहाँ हम आपको उन्ही उपायों के बारे में बताने जा रहे है। तो आइये जानते है क्या है वे उपाय जिनसे बालों को कुछ ही समय में स्ट्रैट और सिल्की बना सकती है।

बालों को स्ट्रैट करने के तरीके :- 

1. कोकोनट मिल्क और नींबू का मिश्रण :

इन दोनों में मौजूद गुण बालों को पोषित करके उन्हें स्ट्रैट और सिल्की बनाने में मदद करते है। इसके लिए 4 चम्मच नारियल का दूध लें और 1 बड़ा नींबू लें। अब नींबू का रस और कोकोनट मिल्क को एक साथ मिलाकर मिलाकर मिश्रण बना लें। 2-3 घंटों के लिए इस मिश्रण को फ्रिज में रख दें। जब यह हल्का जमते हुए क्रीम की तरह दिखने लगे तो फ्रिज से निकालकर ब्रश की मदद से इसे अपने बालों और स्कैल्प पर लगा लें। फिर बालों में कंघी कर लें। इसके बाद तौलिया को गर्म पानी में डुबोकर अपने बालों को ढक लें। 30 मिनट रखें और फिर बाल धो लें। परिणाम आपके सामने होंगे।

2. ओलिव आयल और एलोवेरा का संगम :

घर बैठे अपने बालों को सीधा करने के लिए आधा को एलोवेरा जेल में थोड़ा सा ओलिव आयल डालें। अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे अपने बालों में लगाएं। अब बालों को बांध लें और गर्म पानी में भीगी हुई तौलिया से ढक लें। तौलिया के ठंडा हो जाने पर बालों में शैम्पू करके धो लें। फिर गीले बालों में कंघी कर लें। बाल स्ट्रैट हो जाएंगे।

3. अंडे का करें प्रयोग :

अंडा न केवल बालों को स्ट्रैट करने में मदद करेगा बल्कि उन्हें पोषण देकर मुलायम और सिल्की भी बनाएगा। इसके लिए 2 कप दूध में 1 अंडा डालें। दोनों को अच्छे से फेंटकर मिश्रण बना लें। अब इस मिश्रण को अपने बालों और जड़ों में अच्छे से लगाएं। आप चाहे तो इसमें बादाम या नारियल का तेल भी मिला सकती है। पैक लगाने के बाद बालों को शॉवर कैप से ढक लें। 30 मिनट बाद बालों में शैम्पू करके धो लें। बाल स्ट्रैट हो जाएंगे।

4. नारियल तेल और शहद भी है अच्छा उपाय :lemon and coconut oil

इसके लिए आपको नारियल तेल, नारियल दूध, शहद, कॉर्न का आटा, नींबू का रस और जेलाटीन पाउडर की आवश्यकता होगी। पैक बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में 1 कप दूध गर्म कर लें। अब इसमें 2 चम्मच नारियल तेल डालें और अच्छे से मिलाएं। अब एक साफ कटोरा लें और उसमे 2 चम्मच जेलाटीन पाउडर और 2 चम्मच कॉर्न का आटा डालकर अच्छे से मिलाएं। अब इस मिश्रण को पैन वाले दूध में मिला दें और उसका पेस्ट बनने दें। पेस्ट बनने के बाद गैस से उतार लें और ठंडा होने पर इसमें 2 चम्मच नींबू का रस और 2 चम्मच शहद भी मिलाएं। पेस्ट को अपने बालों में लगाएं। 30 मिनट रखने के बाद शैम्पू करके बाल साफ़ कर लें।

5. कैस्टर आयल :

त्वचा के फायदों के साथ-साथ यह आयल आपके बालों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। ये न केवल बालों को स्ट्रैट करने में मदद करता है अपितु उसकी बहुत सी परेशानियों को भी दूर करता है। प्रयोग के लिए थोड़े से कैस्टर आयल को गर्म कर लें। अब इससे अपने बालों की मसाज करें। 30 मिनट के लिए गर्म पानी में बिजी हुई तौलिया से बालों को ढकें और फिर शैम्पू करके बाल धो लें। बाल पहले से स्ट्रैट हो जाएंगे।

6. दूध, शहद और स्ट्रॉबेरी का पेस्ट :

शायद आप नहीं जानती लेकिन पौष्टिक तत्वों से भरपूर दूध भी आपके बालों के लिए एक बेहतर स्ट्रैटनर का काम कर सकता है। जी हां, इसमें मौजूद प्रोटीन बालों को सॉफ्ट करके उन्हें सीधा करने में मदद करता है। इसके लिए दूध के साथ दो चम्मच शहद मिलाएं। अब इसमें ताज़ी, क्रश की हुई स्ट्रॉबेरीज डालें। अच्छे से मिलाने के बाद इसे अपने बालों में लगाएं। बालों को टॉवल से लपेट लें और 2 से 3 घंटे बाल बालों को साफ कर लें। बाल पहले से अच्छे हो जाएंगे।

तो ये थे कुछ उपाय जिनकी मदद से आप अपने बालों को बिना किसी नुकसान के सीधा और स्मूथ बना सकती है। चूँकि ये सभी पूरी तरह घरेलू है तो इनके लिए आपको ढेरों पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है।

Read more : बालों को मुलायम करने के तरीके 

मुँह कड़वा और फीका लगने पर प्रेगनेंसी में यह करें

गर्भवती होने पर महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत से नए अनुभव के साथ बहुत सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। जैसे की कुछ महिलाओं के मुँह का स्वाद प्रेगनेंसी के दौरान कड़वा व् फीका होने लगता है। और जीभ का स्वाद ही नहीं बल्कि कुछ महिलाओं को चीजों की सुगंध से भी एलर्जी होने लगती है। लेकिन ऐसा होना प्रेगनेंसी के दौरान सामान्य बात होती है। प्रेगनेंसी के दौरान महिला के बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है, और जैसे ही महिला की डिलीवरी होती है तो धीरे धीरे इन सभी परेशानियों से महिला को निजात मिलने लगता है। लेकिन मुँह का स्वाद बदलने के कारण महिला की कुछ खाने की इच्छा नहीं होती है ऐसे में महिला को भूखा नहीं रहना चाहिए बल्कि इस समस्या से बचने के लिए कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए।

गर्भवस्था में मुँह के कड़वेपन और फीकेपन के कारण

  • बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है।
  • यदि गर्भवती महिला अपने मुँह की साफ़ सफाई अच्छे से नहीं करती है तो भी मुँह के स्वाद में परिवर्तन आ सकता है।
  • यदि प्रेग्नेंट महिला के दांतों, मसूड़ों से जुडी कोई परेशानी है तो भी ऐसा हो सकता है।
  • गर्भवस्था के दौरान महिला बहुत सी दवाइयों का सेवन करती है और दवाइयों का अधिक सेवन करने के कारण भी महिला के मुँह का स्वाद बिगड़ सकता है।
  • यदि गर्भवती महिला का मुँह सूखा रहता है तो भी महिला को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी में मुँह के कड़वेपन और फीकेपन को दूर करने के कुछ टिप्स

गर्भावस्था के दौरान मुँह के कड़वेपन और फीकेपन के कारण महिला का कुछ भी खाने का मन नहीं करता है। लेकिन महिला का न खाना पीना महिला के साथ शिशु के भी हानिकारक हो सकता है। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए महिला को कोई न कोई उपाय जरूर करना चाहिए। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेग्नेंट महिला मुँह के कड़वेपन और फीकेपन को दूर करने के लिए क्या कर सकती है।

मुँह की साफ़ सफाई

सबसे पहले तो गर्भवती महिला को अपने मुँह की साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, ताकि मुँह में जमा होने वाले बैड बैक्टेरिया को खत्म करने में मदद मिल सके। यदि गर्भवती महिला का मुँह अच्छे से साफ़ रहेगा तो महिला को मुँह के कड़वेपन व् फीकेपन से निजात पाने में मदद मिलेगी।

जीभ की सफाई रखें

दांतों व् मसूड़ों को अच्छे से साफ़ करने के साथ जीभ की अच्छे से साफ़ सफाई करनी चाहिए, इसके लिए आप गुनगुने पानी का इस्तेमाल भी कर सकती है। जीभ की साफ़ सफाई अच्छे से करने से भी मुँह के कड़वेपन व् फीकेपन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

खट्टे फल

खट्टे फलों का सेवन करने से मुँह में लार अधिक बनने लगती है जिसके कारण मुँह के कड़वेपन व् फीकेपन को दूर करके मुँह के स्वाद को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए गर्भवती महिला संतरा, मौसम्बी, निम्बू आदि का सेवन करने के साथ इनका जूस भी पी सकती है। साथ ही खट्टे फलों का सेवन करने से लार बनने के कारण मुँह के सूखेपन की समस्या से भी निजात मिलता है जिससे मुँह में कड़वापन व् फीकापन दूर करने में फायदा होता है।

सेब का सिरका

पोषक तत्वों से भरपूर सेब का सिरका भी महिला को मुँह के कड़वेपन व् फीकेपन से निजात दिलाने में मदद करता है। इसके लिए आप थोड़ा सा पानी और सेब का सिरका मिलाकर कुल्ला करें इससे मुँह में मौजूद एसिड को बाहर निकालने में मदद मिलेगी जिसे मुँह के स्वाद को बेहतर होगा। और दिन में कम से कम दो बार ऐसा जरूर करें आपको जल्दी फायदा मिलेगा।

तरल पदार्थ

तरल पदार्थो का सेवन गर्भावस्था के दौरान भरपूर मात्रा में करने से गर्भवती महिला को इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। क्योंकि इससे बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है। कुछ महिलाओं को कब्ज़ की समस्या अधिक रहने के कारण खट्टे डकार आने के कारण भी मुँह के स्वाद में कड़वापन आ सकता है। ऐसे में तरल पदार्थ न केवल महिला को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं बल्कि पाचन क्रिया को दुरुस्त करके कब्ज़ जैसी परेशानी से राहत दिलाने में भी मदद करते हैं जिससे महिला के मुँह के स्वाद को बेहतर करने में मदद मिलती है। इसीलिए विषैले तत्वों को बॉडी से बाहर निकालने के साथ मुँह के स्वाद को बेहतर करने के लिए महिला को तरल पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

मुँह का स्वाद बदलें

एक ही तरह का खाना खाकर भी प्रेगनेंसी के दौरान महिला के मुँह का स्वाद बिगड़ सकता है ऐसे में महिला को कुछ अलग अलग ट्राई करना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखे की प्रेगनेंसी में वो फायदेमंद हो, ऐसे में यदि महिला नई नई चीजों को ट्राई करती है तो इससे भी महिला के मुँह के स्वाद को बदलने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिन्हे ट्राई करने से गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान मुँह के कड़वेपन व् फीकेपन की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। तो यदि आप भी गर्भवती हैं और आपको भी यह परेशानी है तो आप भी ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल करने से आपको भी प्रेगनेंसी के दौरान इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

गर्म पानी पीने के क्या-क्या लाभ होते है?

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पानी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है ये तो सबही जानते है। लेकिन क्या आप जानते है की गर्म पानी भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है। इसीलिए आज हम आपको गर्म पानी पीने के पूर्ण फ़ायदे बताने जा रहे है।

यूँ तो हर डॉक्टर दिन में 8 से 10 ग्लास पानी पीने की सलाह देता है, लेकिन यदि शरीर को ठंडे पानी की जगह गर्म पानी पीने की आदत डाली जाए तो! ये आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि गर्म पानी न केवल आपको बीमारियों से बचाने में मदद करता है बल्कि आजकल की सबसे आम समस्या मोटापे को कम करने में भी मदद करता है।

हो सकता है यह पीने में इतना अच्छा न लगे, लेकिन इसके स्वास्थ्य के प्रति फ़ायदों को जानकर आप इसे न नहीं कह पाएंगे। मोटापे के अतिरिक्त भूख कम लगने और त्वचा में प्रकृतिक ग्लो लाने के लिए भी गर्म पानी बेहद लाभदायक सिद्ध होता है। क्योंकि ये शरीर के अन्दर जाकर सभी toxins को बाहर निकाल बॉडी को detoxify करता है जिससे बिमारियों का खतरा कम हो जाता है।

ऐसे तो सभी दिन भर में अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह देते है। लेकिन यदि सामान्य पानी को गर्म पानी से रिप्लेस कर दिया जाए तो ये आपके स्वास्थ्य और आपकी त्वचा दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है। परंतु सभी लोगो को गर्म पानी पीने के फ़ायदों के बारे में नहीं पता होता। इसीलिए आज हम आपको गर्म पानी पीने के सभी फ़ायदों के बारे में बताने जा रहे है। जिन्हें जानकर आपको आश्चर्य तो होगा ही साथ-साथ प्रसन्नता भी होगी।

ये है गर्म पानी पीने के फ़ायदे :- 

1. मासिक धर्म के दर्द :

मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान अधिकतर महिलाओं को पेट में तेज़ दर्द रहता है। क्योंकि इस दौरान पैन मसल्स में खिंचाव होता है जो पेट दर्द का कारण होता है। इस स्थिति में एक गिलास गुनगुने पानी का सेवन करने से दर्द में राहत मिलती है। आप चाहे तो गर्म पानी से पेट की सिकाई भी कर सकती है।

2. वजन घटाए :

क्या आपका वजन भी लगातार बढ़ते ही जा रहा है? और लाख कोशिश करने के बावजूद भी कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा है तो एक बार गर्म पानी का इस्तेमाल करके देखें। इसके लिए गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर तीन महीने तक लगातार इसका सेवन करें। ये आपको बिना व्यायाम के भी फिट रखने में भी मदद करेगा। आप रोज सुबह उठकर खाली पेट गर्म पानी का सेवन करें। ये आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाकर स्लिम करने में मदद करता है।

3. शरीर को detoxify करे :

गर्म पानी हमारे शरीर को detox करने में भी मदद करता है। जिससे शरीर की सारी अशुद्धियाँ आसानी से साफ हो जाती है। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ने लगता है जिससे पसीना आता है। और पसीना शरीर की अशुधियां दूर करने का सबसे आसान तरीका है।

4. स्वस्थ और मजबूत बाल :

इसके अतिरिक्त गर्म पानी आपके बालों के लिए भी बेहद लाभकारी होता है। इसके सेवन से बाल मजबूत होने के साथ-साथ चमकदार भी होते है। साथ ही बालों की ग्रोथ के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होते है।

5. मुहांसे और एक्ने :गर्म पानी पीने के क्या-क्या लाभ होते है

आजकल क्या लड़के और क्या लड़की सभी मुहांसों की समस्या से परेशान रहते है। वे कितनी ही कोशिशे क्यों न कर लें ये जिद्दी pimple वापस आ ही जाते है। यदि आप भी इसी समस्या से परेशान है तो रोजाना सुबह खाली पेट गर्म पानी का सेवन करें। जिद्दी मुंहासे और एक्ने की समस्या के लिए ये सबसे कारगर उपाय है।

6. पाचन तंत्र :

गर्म पाने पीने का एक फ़ायदा यह भी है की इसके सेवन से आपका पेट भी साफ़ रहता है। जिससे पाचन तंत्र भी ठीक रहता है। इससे पेट तो साफ़ रहता ही है साथ-साथ कब्ज और पेट दर्द में भी आराम मिलता है।

7. सर्दी-जुखाम में राहत :

अगर आपके साथ भी अक्सर बेमौसम छाती में जकड़न और जुखाम की शिकायत रहती है तो इस स्थिति में गर्म पानी का सेवन करना आपके लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। इसके साथ ही गर्म पानी पीने से गला भी ठीक रहता है। और गले की खराश में भी आराम मिलता है।

8. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करे :

त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड सर्कुलेशन का बेहतर होना भी जरुरी है। और गर्म पानी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद करता है। इससे आप जवान तो दिखते ही है साथ-साथ विभिन्न तरह की बिमारियों से भी बचें रहते है। इसीलिए ठंडे पानी का सेवन करने की बजाय गर्म पानी का सेवन करें।

9. जोड़ो का दर्द :

गर्म पानी जोड़ो को चिकना बनाने में मदद करता है और इससे जोड़ो का दर्द भी कम होता है। चूँकि हमारी मांसपेशियों का 80% भाग पानी का ही बना होता है। इसीलिए पानी पीने से मांसपेशियों की एंठन भी दूर होती है।

10. झुर्रियां कम करे :

गलत खान-पान, अस्त-व्यस्त दिनचर्या और त्वचा की देखभाल में लापरवाही बरतने के कारण त्वचा समय से पहले बूढी होने लगती है। जिसकी वजह से त्वचा में झुर्रियां, काले दाग़ और झाइयाँ होने लगती है। यदि आप भी इस समस्या से परेशान है तो सुबह गर्म पानी का सेवन करें। यह आपकी झुर्रियां दूर करने के अलावा आपका पेट भी साफ़ रखता है।

11. भूख बढ़ाए :गर्म पानी पीने के

जिन लोगों को भूख न लगने की समस्या होती है, उन्होंने रोजाना एक ग्लास गर्म पानी में काली मिर्च, नमक और नींबू का रस डालकर इसका सेवन करें। ये आपकी भूख बढ़ाने में मदद करता है।

12. त्वचा में ग्लो :

त्वचा संबंधी किसी भी समस्या से निजात पाना हो या चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाना हो सभी में गर्म पानी बेहद लाभदायक सिद्ध होता है। इसके लिए रोजाना सुबह गर्म पानी का सेवन करना शुरू कर दें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से आपकी त्वचा में नया ग्लो आने लगेगा इसके साथ ही त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं भी दूर होंगी।