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स्ट्रेच मार्क्स से बचाव के लिए प्रेगनेंसी के तीसरे से नौवें महीने तक यह करें

गर्भावस्था के दौरान जहां महिला अपनी जिंदगी में शामिल होने वाले नन्हे मेहमान के आने से खुश होती है वहीँ प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला को तरह तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। और इन परेशानियों में केवल शारीरिक समस्याएँ ही शामिल नहीं हैं बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान महिला स्किन में आने वाले परिवर्तन के कारण भी परेशान हो सकती है। तो लीजिये आज हम आपको प्रेगनेंसी में स्किन से जुडी ऐसी ही एक समस्या से बचाव के लिए कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं। और वो समस्या है स्ट्रेच मार्क्स, गर्भवती महिला को स्ट्रेच मार्क्स जांघो, हिप्स, पेट, स्तन आदि पर हो सकते हैं और सबसे ज्यादा यह परेशानी पेट पर देखने को मिलती है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पेट की स्किन में खिंचाव होने के कारण ऐसा हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान स्ट्रेच मार्क्स से बचाव के लिए यह करें

यदि आप प्रेग्नेंट हैं और चाहती हैं की गर्भवस्था के दौरान आपको स्किन से जुडी समस्या यानी की स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचाव करने में मदद मिल सके। तो इसके लिए प्रेगनेंसी के तीसरे से नौवें महीने तक नियमित आपको कुछ टिप्स का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। क्योंकि यह उपाय आपको स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचाव करने में मदद करते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचाव के लिए महिला को क्या क्या करना चाहिए।

संतुलित आहार

सबसे पहले तो महिला को ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए विटामिन सी, विटामिन इ, ओमेगा 3 फैटी एसिड, भरपूर मात्रा में शामिल हो। क्योंकि यह सभी पोषक तत्व स्किन के लचीलेपन को बरकरार रखने में मदद करते हैं जिससे स्किन पर होने वाले निशान की समस्या से गर्भवती महिला को बचे रहने में मदद मिलती है।

पानी

स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचाव के लिए गर्भवती महिला को बॉडी को हाइड्रेट रखना चाहिए, क्योंकि जितना गर्भवती महिला की बॉडी हाइड्रेट रहती है। उतना ही स्किन के रूखेपन को दूर करने में मदद मिलती है और स्किन जितनी कोमल और लचीली होती है उतना ही स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बचे रहने में मदद मिलती है।

नारियल, बादाम, विटामिन इ का तेल

प्रेगनेंसी के तीसरे महीने से नौवें महीने तक नियमित रूप से यदि महिला अपने पेट पर नारियल का तेल लगाती है। तो ऐसा करने से भी प्रेग्नेंट महिला को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। नारियल तेल के आलावा गर्भवती महिला बादाम या विटामिन इ के तेल को भी पेट पर लगा सकती है इससे भी महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की केवल हाथों से पेट पर तेल को लगाना है मालिश नहीं करनी है, क्योंकि पेट पर मालिश गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

निम्बू का रस

निम्बू का रस भी इस समस्या से बचाव के लिए फायदेमंद हो सकता है, इस उपाय को करने के लिए निम्बू के रस को पेट पर रुई की मदद से लगाए। और इसे जब तक लगे रहने दे जब तक की आपकी स्किन इसे अच्छे से सोख न लें, उसके बाद साफ पानी से इसे साफ़ कर दें। ऐसा प्रेगनेंसी के तीसरे से नौवें महीने तक नियमित करें, आपको इसका असर जरूर दिखाई देगा।

आलू का रस

प्रेगनेंसी के तीसरे से नौवें महीने तक नियमित महिला यदि आलू का रस पेट पर लगाती है तो ऐसा करने से भी प्रेग्नेंट महिला को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।

कॉफ़ी और एलोवेरा

एलोवेरा जैल में कॉफ़ी और एलोवेरा जैल को मिक्स करके पेस्ट तैयार करें, अब इस पेस्ट को अपने पेट पर लगाएं और सूखने के बाद इसे पानी से साफ़ कर दें। ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें ऐसा करने से भी प्रेग्नेंट महिला को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

अंडे का सफ़ेद हिस्सा

यदि आप अंडा इस्तेमाल कर लेती है और उसकी स्मेल से आपको प्रेगनेंसी के दौरान कोई परेशानी नहीं है तो आप अंडे के सफ़ेद हिस्से को भी पेट पर लगा सकती है। ऐसा करने से भी प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल यदि प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के तीसरे से नौवें महीने तक नियमित रूप से करती है तो ऐसा करने से गर्भवती महिला को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

फटी एड़िया ठीक करने के घरेलु नुस्खे

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हमारे पैर दिन भर हमारे लिए बहुत से काम करते है। धुप में चलना, पानी में रहना और दिन भर काम करते रहना। पर हम इनकी देखभाल के लिए जरा सा भी समय नहीं निकालते। एड़ियों की खुद की कोई ग्रंथिया नहीं होती और कुदरती तेल भी नहीं होता जिस कारण शुष्क हवा और बदलते मौसम में इन पर दरारे आने लगती है। और एड़ियां फट जाती है।

फटी एड़िया ठीक करने के उपाय

कई बार तो समय पर देखभाल ना करने से एड़िया इतनी फट जाती है के इनमे दर्द भी होने लगता है। बाजार में बहुत से क्रैक हील्स क्रीम आपको मिल जाती है। पर आज हम आपको एड़ियों तो ठीक करने के घरेलू नुस्खे बताएंगे।

शहद:

  • हल्के गर्म पानी में आधी कटोरी शहद मिलाये।
  • इस पानी में अपनी एड़िया डुबो कर रखिये।
  • 20 से 25 मिनट बाद एड़ियों को स्क्रब करे और डेड स्किन साफ़ कीजिये।
  • फिर साफ़ गर्म पानी से धो लीजिये।
  • इस उपाय को रोजाना करें जब तक एड़ियों में आराम ना मिले।
  • शहद एंटी बैक्टीरिया, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी फंगल गुणों से भरपूर होता है।
  • यह आपकी एड़ियों को ठीक करके उन्हें हाइड्रेट भी करता है।

नारियल का तेल:

  • रात को सोने से पहले अपनी साफ़ एड़ियों की नारियल तेल से मसाज करें।
  • मसाज करने के बाद जुराब पहन कर सोये।
  • सुबह ताजे पानी से एड़ियों को धो ले।
  • नारियल तेल आपकी त्वचा को अंदर तक हाइड्रेट कर सॉफ्ट बनाता है।
  • इसका इस्तेमाल तब तक करिये जब तक आपकी एड़ियां मुलायम ना हो जाये।

सेंधा नमक:

  • एक बाल्टी गर्म पानी ले उसमे सेंधा नमक मिलाये।
  • इस पानी में अपनी एड़ियों को डुबो कर रखिये।
  • 15 से 20 मिनट बाद एड़ियों को स्क्रब करते हुए बाहर निकाले।
  • यह नमक स्किन प्रोब्लेम्स को सहीं करता है।
  • एड़ियों की ड्राई स्किन से भी निजात मिलती है।
  • यह उपाय हर एक दिन छोड़ कर एक दिन कर सकते है।

चावल का आटा और शहद:

  • चावल के आटे, शहद और सेब के सिरके को मिलाकर एक पेस्ट बना ले।
  • थोड़ी देर तक एड़ियों को गर्म पानी में भिगो कर रखे।
  • 10 से 20 मिनट बाद इस पेस्ट से एड़ियों को स्क्रब करें।
  • इस स्क्रब से एड़ियों की डेड स्किन साफ़ हो जाएगी।
  • चावल का आटा एड़ियों के डेड स्किन निकाल कर फिर से नई त्वचा को आने में मदद करता है।
  • शहद आपकी त्वचा को हाइड्रेट करके मुलायम बनाता है।
  • इस स्क्रब को आप सप्ताह में दो बार जरूर इस्तेमाल करें।

एलोवेरा:

  • रोजाना एलोवेरा का ताजा जेल लेकर एड़ियों की मसाज करें।
  • एलोवेरा हर तरह से स्किन के लिए फायदेमंद होता है।
  • इसके जेल से फटी एड़िया सुंदर व कोमल बनेंगी।

अमचूर का तेल:

  • अमचूर के तेल को हल्का गुनगुना करे।
  • रात को सोने से पहले फ़टी एड़ियों पर इसकी मसाज करें।
  • रोजाना इस्तेमाल से कुछ ही दिनों में फटी एड़िया एकदम सही होकर सॉफ्ट हो जाएँगी।

इनमे से कोई भी उपाय चून कर आप अपनी फ़टी एड़ियों का इलाज कर सकती है। इन उपाय के अलावा पैरो की देखभाल अच्छे से करे। हमेशा पैरो में चप्पल पहने रखे, मॉइस्चराइज़ करने के लिए दिन में भी वैसलीन का प्रयोग जरूर करें।

चेहरे से मस्से हटाने के घरेलू उपाय

महिला हो चाहे पुरुष हर कोई चाहता है की उनका चेहरा हमेशा खूबसूरत रहें, क्योंकि खूबसूरत चेहरा पर्सनैल्टी को आकर्षक बनाने में मदद करता है। लेकिन कई बार चेहरे पर काले या भूरे रंग के मस्से हो जाते हैं। जो की चेहरे के आकर्षण को थोड़ा कम करते हैं। और यदि यह मस्से एक से ज्यादा हो जाये तो और भी बुरे लगने लगते हैं। जिसके कारण आप अपने आप को दूसरों के मुकाबले कम समझने लगते हैं।

ऐसे में मस्सों को हटवाने के लिए कई लोग लेज़र या ऑपरेशन का सहारा लेते हैं। लेकिन यह सब दर्दनाक होने के साथ काफी महंगा भी होता है। लेकिन मस्सों का इलाज करना भी जरुरी होता है ताकि चेहरे की ख़ूबसूरती को बरकरार रखने में मदद मिल सके। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे आसान नुस्खे बताने जा रहे हैं जो मस्सो की समस्या से निजात दिलाने में आपकी मदद करते हैं।

चूना और घी

थोड़ा सा चूना और थोड़ा सा घी मिक्स करके एक पेस्ट बनाएं और इसे मस्से पर लगाएं। ऐसा एक दिन में तीन से चार बार करें ऐसा करने से मस्सा धीरे धीरे अपने आप ही झड़ना शुरू हो जायेगा।

प्याज़ का रस

प्याज़ को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें, अब इस रस को एक दिन में दो से तीन बार रोजाना मस्से पर लगाएं और आराम से रगड़ें। ऐसा रोजाना करें क्योंकि प्याज़ का रस धीरे धीरे अपना काम करता है ऐसा लगभग तीन से चार हफ़्तों तक रोजाना करें। ऐसा करने से आपको मस्से से निजात मिलेगा।

सेब का सिरका

एक छोटे से कॉटन के टुकड़े को सेब के सिरके में भिगों और उसे मस्से पर लगाएं, ऐसा एक दिन में दो बार करें। ऐसा करने से मस्सा धीरे धीरे जलकर झड़ने लग जायेगा। लेकिन कम से एक हफ्ते तक रोजाना आपको इस उपाय को करना चाहिए तभी आपको इसका जल्दी परिणाम मिलेगा।

शहद

शहद को अच्छे से मस्से पर लगाएं और उसके बाद इस पर डॉक्टर टेप लगा दें। उसके बाद कम से कम दस से बारह घंटे बाद इस टेप को उतार दें। ऐसा करने से मस्सा धीरे धीरे स्किन से अलग होने लगेगा और दस से पंद्रह दिनों के बाद मस्सा अच्छे से हट जायेगा।

बेकिंग सोडा और अरंडी का तेल

थोड़ा सा बेकिंग सोडा और अरंडी का तेल एक कटोरी में डालकर अच्छे से मिक्स करें। उसके बाद इसे रात को सोने से पहले मस्से पर लगाएं और सुबह उठकर धोलें। ऐसा रोजाना रात को सोने से पहले करें कुछ ही दिनों में मस्से अपने आप निकल जायेंगे।

आलू

आलू की एक स्लाइस काटकर तुरंत तीन से चार मिनट के लिए मस्से पर रगड़ें, और एक दिन में दो से तीन बार ऐसा करें। यदि आप ऐसा रोजाना करते हैं तो इससे भी मस्से अपने आप धीरे धीरे निकलने लगते हैं।

अलसी

एक चम्मच अलसी के बीज को पीसकर उसमे थोड़ा सा शहद और थोड़ा सा शहद डालकर मिक्स करें। अब इस मिश्रण को एक दिन में कम से कम दो बार मस्से पर लगाएं ऐसा करने से मस्सों को एक हफ्ते के अंदर ही खत्म करने में मदद मिलेगी।

लहसुन

दो तीन लहसुन की कलियों को पीसकर मस्सों पर लगाकर मसाज करें। ऐसा एक दिन में दो बार करें कुछ ही दिनों में आप देखेंगे की मस्से अपने आप ही झाड़कर निकल रहे हैं।

अनानास

अनानास की स्लाइस काटकर मस्सों पर रगड़ने से भी आपको मस्से को हटाने में मदद मिलती है। इसके बेहतरीन फायदे के लिए एक दिन में दो से तीन बार आपको तीन से चार मिनट के लिए मस्सों पर अनानास को रगड़ना है।

केले का छिलका

रात को सोने से पहले केले के छिलके को मस्से पर रखकर उसे डॉक्टर टेप या किसी कपडे से बाँध दे। सुबह उठकर उसे खोल दें, ऐसा रोजाना करने से बहुत जल्दी मस्से की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

तो यदि आपको भी चेहरे या बॉडी के किसी अन्य हिस्से पर मस्से निकलने की समस्या है तो आपको भी ऊपर दिए गए उपाय में से किसी उपाय का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। ताकि आपको भी इस परेशानी से निजात मिलने और अपने चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने में मदद मिल सके।

मुहांसे होने के बाद गाल पर बने गड्ढे को ऐसे दूर करें

How To Treat Acne Holes Of The Face Naturally?

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आज के समय में मुहांसे आदि होना एक आम समस्या बनता जा रहा है। लड़के हो या लड़कियां सभी अक्सर इसी परेशानी से पीड़ित दिखाई पड़ते है। कोई इन्हे छुपाने के लिए मेकअप का प्रयोग करता है तो कोई इसके लिए मेडिकल ट्रीटमेंट लेता है। जिसके प्रयोग से कुछ समय के लिए इन पिंपल्स से तो छुटकारा मिल जाता है लेकिन उनके बाद रह जाने वाले गड्ढे किसी के लिए भी शर्मिंदगी का कारण बन सकते है।

फेस पर बने मुहांसे, चेचक और चोट आदि के गड्ढे देखने में बहुत अजीब लगते है उनके कारण फेस उबड़-खाबड़ सड़क की भांति लगता है जिसमे बहुत से गड्ढे हो। इस तरह के गड्ढे आपके फेस की खूबसूरती को पूरी तरह खराब कर सकते है। वैसे तो इनका होना या नहीं होना कोई मायने नहीं रखता लेकिन बहुत से लोग होते है जो व्यक्ति की परेशानियों का मजाक बनाते है।

Read more : बार-बार मुहांसे होने के क्या कारण होते है?

ऐसे में व्यक्ति के आत्मसमान को काफी ठेस पहुंचती है। जिसके बाद लगता है की इन गड्ढो का कुछ करना पड़ेगा? लेकिन करे तो क्या! क्योंकि बाजर में मौजूद कास्मेटिक और ब्यूटी क्रीम्स केवल और केवल पैसे वैस्ट करवाती है जिनके कोई फायदे नहीं होते। ऐसे में घरेलू उपायों और मेडिकल ट्रीटमेंट का प्रयोग करना ही उचित उपाय होता है।फेस पर गड्ढे

मेडिकल ट्रीटमेंट करवाना हर किसी के लिए संभव नहीं लेकिन घरेलू उपायों का इस्तेमाल तो सभी बहुत आसानी से कर सकते है। इसलिए आज हम आपको फेस के गड्ढों को भरने के घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे है, जिनका इस्तेमाल आप अपनी समस्या दूर करने के लिए कर सकते है। लेकिन इनके इस्तेमाल के दौरान आप किसी भी अन्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि केमिकल और प्राकृतिक चीजें मिलकर फेस पर रिएक्शन कर सकती है। इसीलिए इनके प्रयोग के समय केवल इन्ही उपायों का प्रयोग करें। तो आइये जानते है क्या है वे उपाय –

फेस पर गड्ढे होने के कारण :-

किसी भी समस्या के समाधान से पूर्व उसके कारणों को जान लेना चाहिए ताकि भविष्य में उस समस्या के बढ़ने की संभावना को रोका जा सके। तो आइये जानते है फेस पर मुहांसे के गड्ढे होने के कारण।

  • चेहरे पर अधिक समय तक मुहांसे और फोड़े फुंसी होने के कारण गड्ढे की समस्या हो जाती है।
  • मुहांसे ठीक हो जाने के बाद भी फेस पर गड्ढे और दाग रह जाते है।
  • फेस पर जले, कटे और चोट का निशान आ जाएं की वजह से भी गड्ढे हो जाते है।
  • चेचक या बड़ी माता या छोटी माता के निकलने के बाद गड्ढे दिखाई देने लगते है। जो धीरे धीरे समय के साथ अपने आप दूर हो जाते है।
  • मुहांसे होने पर उन्हें नाखूनों और उँगलियों से छेड़ने की वजह से भी फेस पर गड्ढे हो जाते है।

चेहरे के गड्ढे भरने के उपाय

1. एलोवेरा :

एलोवेरा केवल मुहांसे ठीक करने के लिए बल्कि फेस के गड्ढे भरने में भी मदद करता है। इसके लिए आप रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर एलोवेरा जेल में Vitamin E oil मिलाकर लगाएं। और फिर सुबह चेहरा साफ़ पानी से धो लें। इसके इस्तेमाल से गड्ढों के साथ साथ कील, मुहांसे, काले घेरे आदि भी दूर हो जाएंगे।

2. हल्दी :besan face pack

इस उपाय के लिए नींबू के ताज़ी हरी पत्तियों को पीसकर एक पेस्ट बना लें। अब इसमें हल्दी मिलाकर मिश्रण बनाएं और रोजाना इस पेस्ट को अपने फेस पर लगाएं। 15 से 20 मिनट रखने के बाद फेस को साफ़ पानी से धो लें। रोजाना इस्तेमाल करने से समस्या अपने आप ठीक होने लगेगी।

3. शहद :

शहद में मौजूद गुण भी चेहरे के गड्ढों को भरने के साथ-साथ बहुत सी समस्यायों का इलाज करते है। इसके लिए रोजाना दिन में 3 से 4 शहद में नींबू का रस मिलाकर उससे अपने फेस की मालिश करें। और कुछ देर रखने के बाद फेस तो पानी से धो लें। ऐसा करने से गड्ढे अपने आप ठीक होने लगेंगे।

4. दही :

इस उपाय के लिए दही में नींबू का रस मिलाकर उसे अपने फेस के गड्ढों पर लगाएं। और कुछ देर तक मालिश करें। आधा घंटे रखें और उसके बाद फेस साफ़ पानी से धो लें। इस उपाय के इस्तेमाल से गड्ढे तो भरेंगे ही साथ साथ फेस पर ग्लो भी आएगा।

5. दूध :

दूध में बहुत से गुण पाए जाते है जो त्वचा से संबंधित बहुत सी समस्यायों का समाधान करने में सक्षम है। इसके लिए दूध में बेसन और नींबू का रस मिलाएं और पेस्ट बनाएं।अब इस पेस्ट को रोजाना अपने फेस पर अच्छे से लगाएं। कुछ देर रखें और फिर फेस को साफ़ पानी से धो लें। इससे चेहरे में कसावट आती है और गड्ढे भर जाते है।

6. मुल्तानी मिट्टी :

इस उपाय के इस्तेमाल के लिए मुल्तानी मिट्टी में नींबू का रस और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। अब इस पेस्ट को रोजाना अपने फेस पर लगाएं। कुछ ही समय के प्रयोग से आपके चेहरे की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।

चेहरे के गड्ढे भरने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट :-

Dermabrasion :treatment

ये ट्रीटमेंट किसी स्किन केयर एक्सपर्ट द्वारा विशेष उपकरणों की मदद से किया जाने वाला ट्रीटमेंट है जो त्वचा के गड्ढे और दागों के आस पास की त्वचा को हटाकर निशानों को खत्म करने माँ काम करता है। लेकिन इसका प्रयोग केवल किसी विशेषज्ञ द्वारा ही करवाना चाहिए।

केमिकल पीलिंग :

इस तकनीक में सर्जन किसी विशेष केमिकल जोसे gycolic, लैक्टिक और सिट्रिक एसिड की मदद से त्वचा के ऊपर मौजूद काली परत को हटा देते है। जिससे नीचे की बेहतर त्वचा वे स्थान ले लेती है। जिससे स्कार्स और गड्ढों को दूर करने में मदद मिलती है।इस ट्रीटमेंट के लिए आपको डॉक्टर के पाद कई बार भी जाना पड़ सकता है।

लेज़र रीसर्फेसिंग :

इस तकनीक में डॉक्टर लाज़र लाइट के द्वारा चेहरे के गड्ढों को भरते है।

मेडिकेटिड क्रीम्स :

इनके आपको पहले डॉक्टरी सलाह लेना जरुरी है क्योंकि बिना डॉक्टरी सलाह के इन क्रीम्स का प्रयोग करना उचित नहीं। प्राथमिक उपचार के रूप में आप इन क्रीम्स का प्रयोग कर सकते है। लेकिन इनके रिजल्ट्स आपकी स्किन टाइप और समस्या के आकार पर निर्भर करते है।

गड्ढे भरने के अन्य उपाय :-

  • अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें।
  • बाहर के खाने और फ़ास्ट फ़ूड का सेवन नहीं करें।
  • ताजे फल और सब्जियां खाएं।
  • चाय न पीकर ग्रीन टी का सेवन करें।
  • पिंपल्स होने के बाद फेस को नोचे नहीं ऐसा करने से गड्ढे होने की संभावना और अधिक बढ़ जाती है।
  • रोजाना एक्सरसाइज और व्यायाम करें।
  • सूर्य की किरणों से फेस को बचा कर रखे।
  • बाहर जाते समय फेस को कवर कर लें या सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

तो ये थे कुछ उपाय, जिनकी मदद से आप अपने फेस के गड्ढों को भर सकते है। लेकिन ध्यान रहे किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पूर्व डॉक्टरी सलाह अवश्य ले लें। क्योंकि हर चीज हर स्किन टाइप को सूट नहीं करती। ऐसे में रिएक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है जो किसी के लिए भी अच्छा नहीं है।

11 अप्रैल 2020 का पंचांग

11 अप्रैल 2020 का पंचांग, 11 April 2020 Shubh Muhurth and Panchang, Tithi, Nakshatra, Shubh samay, Ashubh Samay, Choghadiya, April 11, 2020 Shubh Muhurat and Time,  ११ अप्रैल २०२० का मुहूर्त , Abhijit Muhurat, आज का शुभ मुहुर्त, अभिजित मुहूर्त, 11 अप्रैल 2020 Panchang, 11 अप्रैल 2020 शुभ मुहूर्त, ११ अप्रैल २०२० का पंचांग और मुहूर्त तिथि नक्षत्र
11 April 2020 Panchang and Shubh muhurat: अप्रैल 11, 2020 का पंचांग और महत्वपूर्ण जानकारियां हिन्दू पंचांग के अनुसार जानिए, कब से कब तक अप्रैल 11, 2020 शुभ मुहूर्त है, कब से कब तक अशुभ मुहूर्त है। इसके साथ अप्रैल 11, 2020 का शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, पक्ष, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, चौघड़िया, व्रत व् त्यौहार के बारे में भी जानिए। यदि आप किसी शुभ कार्य को किसी विशेष दिन और शुभ मुहूर्त में करना चाहते हैं तो दैनिक पंचांग की सहायता से आप उस दिन का शुभ मुहूर्त को जान सकते हैं। तो आइये अब जानते हैं 11 अप्रैल 2020 का दैनिक पंचांग

विक्रम संवत् 2077 (शक संवत् – 1942 शार्वरी)

आज का पंचांग : 11 अप्रैल 2020, शनिवार

आज का पंचांग 11 अप्रैल 2020

तिथि
अप्रैल 11, 2020 को चतुर्थी तिथि शाम 07:01 मिनट तक है।
पक्ष कृष्ण पक्ष
नक्षत्र
अप्रैल 11, 2020 को अनुराधा नक्षत्र शाम 08:12 तक है।
माह वैशाख
योग
व्यतीपात योग 11:21 PM तक है उसके बाद वरीयान योग है।
वार शनिवार

सूर्य व चंद्र से संबंधित जानकारी

सूर्योदय अप्रैल 11, 2020 को सूर्योदय सुबह 05:39 पर होगा। चंद्रोदय अप्रैल 11, 2020 को चंद्रोदय शाम 10:00 पर होगा।
सूर्यास्त अप्रैल 11, 2020 को सूर्यास्त शाम 06:19 पर होगा। चंद्रास्त अप्रैल 11, 2020 को चन्द्रास्त सुबह 08:11 पर होगा।
सूर्य राशि
मीन
चंद्र राशि
वृश्चिक

11 अप्रैल 2020 शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त सुबह 11:34 से शाम 12:24 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। अमृत काल
सुबह 10:32 से शाम 12:01 तक अमृत काल रहेगा।
सर्वार्थ सिद्धि योग कोई नहीं रवि योग  कोई नहीं

11 अप्रैल 2020 का अशुभ मुहूर्त

दुष्टमुहूर्त सुबह 05:39:04 से 06:29:45 तक और सुबह 06:29:45 से 07:20:26 तक कालवेला / अर्द्धयाम दोपहर 13:15:09 से 14:05:50 तक
कुलिक सुबह 06:29:45 से 07:20:26 तक यमघण्ट दोपहर 14:56:30 से 15:47:11 तक
कंटक सुबह 11:33:48 से दोपहर 12:24:29 तक यमगण्ड दोपहर 13:34:09 से 15:09:10 तक
राहुकाल सुबह 08:49:06 से 10:24:07 तक गुलिक काल सुबह 05:39:04 से 07:14:05 तक

11 अप्रैल 2020 का चौघड़िया मुहूर्त

दिन का चौघड़िया शुभ सुबह 07:17 से लेकर 08:51 तक होगा। रात का चौघड़िया शुभ रात 09:06 से लेकर 10:32 तक होगा।
दिन का चौघड़िया अमृत दोपहर 03:07 से लेकर 04:41 तक होगा। रात का चौघड़िया अमृत रात 10:32 से लेकर 11:58 तक होगा।
दिन का चौघड़िया चर सुबह 11:59 से लेकर दोपहर 01:33 तक होगा। रात का चौघड़िया चर रात 11:58 से लेकर 01:24 AM 12 अप्रैल 2020 तक होगा।

11 अप्रैल 2020 का व्रत और त्यौहार

अप्रैल 11, 2020 को विकट संकष्टी चतुर्थी है

 

टूटते झड़ते बालों से छुटकारा पाने के तरीके

बाल झड़ने की समस्या आज कल आम बात है, और यह समस्या केवल महिलाओ को ही नहीं बल्कि पुरुषो को भी होती है, बालों से जुडी इस समस्या के कारण आपके बालों की चमक खोने लगती है, साथ ही आपके बाल हलके और दो मुहीं भी होने लगते है, बालों के टूटने के कई कारण हो सकते है, जैसे की किसी बिमारी के कारण, बालों की अच्छे से केयर न करने के कारण, आपका गलत लाइफस्टाइल या आपका गलत खान पान, बालों के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करने के कारण ,आदि ये कुछ कारण है जो आपके बालों के टूटने झड़ने का कारण हो सकते है, इसके अलावा मौसम बदलने, और स्थान परिवर्तन करने पर भी ये समस्या हो सकती है।

इन्हें भी पढ़ें:- क्या आपके बाल पतले हैं? ये हैं बालों को मोटा करने के तरीके

hair fall

 

आपके चेहरे के साथ आपके बाल भी आपकी पर्सनैलिटी को बढ़ाने में मदद करते है, इसीलिए यदि बालों के साथ कोई समस्या है तो जितना जल्दी हो सकें इसका उपाय करना चाहिए, आज कल कई ऐड आते है जिसमे आपके बालों को झड़ने से रोकने में मदद मिलती है, परन्तु उनमे भी केमिकल बहुत अधिक होता है, इसीलिए जितना हो सकें उनके अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए और उनका इस्तेमाल केवल अपने बालों की साफ सफाई के लिए करना चाहिए, यदि आप भी अपने बालों से जुडी इस परेशानी का समाधान करके अपने बालों को घना बनाना चाहते है तो आइये आज हम आपको ऐसे ही कुछ उपाय बताते है, जिनका इस्तेमाल करने से आपको बहुत जल्दी अपने बालों की टूटने की समस्या से भी राहत मिलेगी।

बालों के झड़ने के क्या क्या कारण होते है:-

  • बालों में डैंड्रफ होने के कारण आपके बालों की झड़ने की समस्या शुरू हो जाती है।
  • लम्बे समय तक बालों को न धोने, और बालों की साफ़ सफाई न रखने के कारण।
  • पौष्टिक आहार न लेने, और ज्यादा मसालेदार, और तला हुआ खाने का असर भी आपके बालों पर पड़ता है।
  • बालों में तेल की मसाज न करने और बालों को हर समय सूखे रहने के कारण झड़ने के साथ बालों की चमक भी खोने लगती है।
  • भरपूर नींद न लेने के कारण भी आपको बालों से जुडी इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।
  • बालों को धूप में ज्यादा समय खुला रखने के कारण।
  • बालों के लिए ज्यादा केमिकल व् इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करने के कारण।

बालों को झड़ने से बचाने के उपाय:-

जैतून के तेल का इस्तेमाल करें:-

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जैतून के तेल का इस्तेमाल शहद और दालचीनी पाउडर के साथ करने से आपके बालों को झड़ने से रोकने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप अपने बालों के हिसाब से जैतून का तेल एक कटोरी में हल्का गरम कर लें, उसके बाद उसमे एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और एक लेप तैयार करें, उसके बाद सिर धोने से पंद्रह से बीस मिनट पहले इसे अपने बालों में और स्कैल्प पर अच्छे से लगाएं, और उसके बाद अपने बालों को धो लें, इस उपाय को करने से आपको फायदा मिलता है।

दही का इस्तेमाल करें:-

दही न केवल आपके बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करती है, बल्कि इसके इस्तेमाल से आपके बालों को टूटने झड़ने की समस्या से राहत मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप बालों को धोने से आधे घंटे पहले इसका लेप बनाकर अपने बालों में लगाएं, उसके बाद अपने बालों को पानी की मदद से धो लें, या फिर आप चाहे तो दही में निम्बू का रस मिलाकर इसे अपने बालों को धोने से आधे घंटे पहले अपने बालों में लगाएं, हफ्ते में दो दिन कुछ दिनों तक इस उपाय करें।

प्याज़ के रस का इस्तेमाल करें:-

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प्याज का रस बालों के झड़ने से समस्या से निजात दिलाने का सबसे आसान और अच्छा उपाय होता है, और न केवल यह आपको बालों के झड़ने की समस्या से राहत दिलाता है, बल्कि गंजेपन से भी आपको निजात दिलाने में मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए दो प्याज को घिसकर उसका रस निकाल लें, और बालों को धोने से आधे घंटे पहले इसे अपने स्कैल्प और बालों में अच्छे से लगाएं, इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको आपको बालों में होने वाली रुसी, बालों को कोमल बनाने, और बालों को लम्बा करने में भी मदद मिलती है।

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शहद और निम्बू का इस्तेमाल करें:-

शहद और निम्बू दोनों ही गुणों से भरपूर होते है, और इनका इस्तेमाल करने से आपको बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक चम्मच शहद में एक चम्मच निम्बू का रस अच्छे से मिक्स करें, और उसके बड़ा इसे अपने स्कैल्प पर अच्छे से लगाएं, और कम से कम आधे घंटे बाद अपने बालों को धो दें, इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको अपने बालों झड़ने से बचाने में मदद मिलती है, इसके अलावा यदि आप शहद में दालचीनी पाउडर मिलाकर भी यदि अपने बालों में लगाती है, तो भी आपको इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

मेथी का इस्तेमाल करें:-

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मेथी दाना कम से कम एक मुट्ठी रात को पानी में भिगोकर रख दें, और सुबह उठ कर इसे अच्छे से पीस लें, और इसका एक लेप तैयार करें, लेप तैयार करने के बाद बालों को धोने से पहले इसे अच्छे से अपने बालों और स्कैल्प पर लगाएं, उसके बाद अपने बालों को धो लें, इस उपाय को हफ्ते में दो बार कुछ दिनों तक करें, आपको अपने आप फ़र्क़ दिखाई देगा, और आपके बालों को झड़ने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी।

निम्बू, आंवला रस, और गवार के पत्तों का इस्तेमाल करें:-

अपने बालों के अनुसार आंवला रस, निम्बू के रस और गवार को बराबर मात्रा में लें, उसके बाद तीनो को मिक्स करके एक मिश्रण तैयार करें, और उसके बाद इस मिश्रण को अपने बालों में लगाएं, और थोड़ी देर लगे रहने के बड़ा अपने बालाओं को पानी की मदद से अच्छे से साफ़ कर लें, इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको बालों से जुडी इस परेशानी का समाधान करने में मदद मिलती है।

ग्रीन टी और अंडे का इस्तेमाल करें:-

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बालों को झड़ने से बचने के लिए आपको आधा कप ग्रीन टी में अंडे के तरल भाग को अच्छे से मिलाएं, और एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद तेल की तरह इसे अपने बालों में अच्छे से लगाएं, और थोड़ी देर बाद बालों को अच्छे से धो दें, ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार कुछ दिनों तक करें, इसका इस्तेमाल करने से आपके बाल झड़ने तो बंद हो ही जायेंगें परन्तु साथ ही आपके बालों को चमकदार और घना बनने में भी मदद मिलेगी।

नीम के पत्तों का इस्तेमाल करें:-

नीम के पत्तो का इस्तेमाल सरसों या नारियल के तेल के साथ करने से आपको बालों के झड़ने की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए नीम के पत्तो को पीस कर एक लेप तैयार करें, उसके बाद इसे सरसों या नारियल के तेल में डाल कर अच्छे से उबाल लें, जब तक की नीम अच्छे से सूखने न लगें, उसके बाद इसे छान कर ठंडा कर लें, और इस तेल को नियमित अपने बालों में लगाएं, इसका इस्तेमाल करने से आपको बालों से जुडी हर परेशानी का समाधान करने में मदद मिलती है।

बालों को झड़ने की समस्या से बचाने के अन्य उपाय:-

  • गीले बालों में कंघी करने से भी बाल झड़ते है, इसीलिए ऐसा न करें।
  • बालों को झाड़ने के लिए मोटे ब्रश वाली कंघी का इस्तेमाल करें, ऐसा करने से बाल आसानी से छूट जाते है, ओट टूटते नहीं है।
  • बालों के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करें।
  • कच्चे पपीते को अच्छे से पीस कर एक लेप तैयार करें, उसके बाद उस लेप को अपने बालों में अच्छे से लगाएं, और दस से पंद्रह मिनट के बाद अपने बालों को धो लें।
  • दही में बेसन डालकर बालों में कुछ देर के लिए लगाएं, और उसके बाद बालों को धो लें, इससे भी बालों को झड़ने की समस्या से राहत मिलती है।
  • बालों के झड़ने का कारण आपका गलत खान पान होता है, इसीलिए आपको अपने आहार में हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, अंडे और दूध आदि को शामिल करना चाहिए, इससे आपके बालों को झड़ने से रोकने में मदद मिलती है।
  • मेहँदी में भी ऐसे गुण होते है जो आपको बालों के झड़ने की समस्या से राहत दिलाने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको मेहँदी में अंडा डालकर लगाना चाहिए।
  • हफ्ते में दो से तीन बार अपने बालों की अच्छे से मसाज करके अपने बालों को धोना चाहिए, इससे बाल साफ़ रहते है, और बालों को झड़ने से रोकने में मदद मिलती है।
  • एक अंडे में आधा चम्मच निम्बू का रस मिलाकर अपने बालों में लगाएं।
  • एलोवेरा जैल का इस्तेमाल करने से भी आपको हेयर फाल से राहत मिलती है।
  • बालों के लिए हेयर ड्रायर, प्रेसिंग मशीन का इस्तेमाल कम से कम करें।

तो ये कुछ उपाय है जिनका इस्तेमाल करने से आपको बालों से जुडी इस परेशानी का समाधान करने में मदद मिलती है, इसके अलावा आपको अपने बालों की साफ सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए, बालों को अच्छे से पोषण देना चाहिए, अपने आहार में पौष्टिक तत्व युक्त चीजों को शामिल करना चाहिए, अपने बालों की चमक को बनाएं रखने और इन्हे लम्बा करने के लिए थोड़े थोड़े समय बाद अपने बालों को कटवाते रहना चाहिए, इसा करने से आपके बआलों को पोषण मिलता है।

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प्रेगनेंसी में टमाटर का सलाद खाना कितना फायदेमंद है?

प्रेगनेंसी के दौरान महिला जो भी खाती है उससे न केवल प्रेग्नेंट महिला को फायदा पहुँचता है। बल्कि माँ के पेट में पल रहे बच्चे के विकास में भी वह आहार अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है की जो भी महिला प्रेगनेंसी के दौरान खा रही है वो खाना सही है या नहीं, उससे माँ और बच्चे दोनों को फायदा होगा या नहीं। उसके बाद ही गर्भवती महिला को अपनी डाइट में उन खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। तो आज इस आर्टिकल में हम आपसे टमाटर के बारे में बात करने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में टमाटर खाना सुरक्षित है या नहीं?

टमाटर अधिकतर सब्जियों को बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही टमाटर का सूप, सैंडविच, सलाद आदि में भी सेवन किया जाता है। ऐसे में क्या गर्भवती महिला सलाद के रूप में टमाटर का सेवन करना चाहती है तो कर सकती है? तो इसका जवाब है हाँ, महिला ऐसा कर सकती है। क्योंकि टमाटर में फाइबर, फोलेट, विटामिन सी व् अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स व् मिनरल्स मौजूद होते हैं। जो प्रेग्नेंट महिला के साथ बच्चे के विकास के लिए भी फायदेमंद होते हैं। लेकिन गर्भवती महिला को दिन में एक या दो टमाटर से ज्यादा टमाटर नहीं खाने चाहिए।

प्रेगनेंसी में टमाटर का सलाद खाने के फायदे

गर्भवती महिला यदि टमाटर का सलाद खाती है तो इससे केवल महिला को ही नहीं बच्चे को भी बहुत से फायदे मिलते हैं। तो आइये अब जानते हैं प्रेगनेंसी में सलाद खाने से कौन से फायदे मिलते हैं।

फाइबर

टमाटर फाइबर का एक बेहतरीन स्त्रोत है ऐसे में टमाटर का सेवन यदि प्रेग्नेंट महिला करती है। तो इससे गर्भवती महिला को पेट सम्बन्धी समस्या जैसे की कब्ज़, अपच, पेट में गैस आदि से बचे रहने में मदद मिलती है। क्योंकि टमाटर में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करता है।

विटामिन सी

विटामिन सी एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट होने के साथ बॉडी के सभी पार्ट्स में आयरन को अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है। जिससे प्रेगनेंसी के दौरान महिला को खून की कमी के कारण होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही विटामिन सी बच्चे के शरीर में भी खून के प्रवाह को सही रखने में मदद करता है जिससे बच्चे के विकास को भी बेहतर होने में मदद मिलती है।

पोटैशियम

प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रैशर से जुडी समस्या होने का खतरा भी रहता है। ऐसे में टमाटर का सेवन करने से गर्भवती महिला को ब्लड प्रैशर से जुडी समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। क्योंकि पोटैशियम बॉडी में ब्लड फ्लो को नियंत्रित रखने के साथ ब्लड प्रैशर को भी कण्ट्रोल में रखने में मदद करता है।

फोलेट

प्रेगनेंसी के दौरान फोलेट एक बेहतरीन पोषक तत्व होता है जो बच्चे के विकास के लिए बहुत जरुरी है। और टमाटर में फोलेट की मात्रा मौजूद होती है। जिससे बच्चे की रीढ़ की हड्डी के विकास और दिमाग के बेहतर विकास को होने में मदद मिलती है। साथ ही इससे जन्म के समय बच्चे को होने वाली समस्या से बचे रहने में भी मदद मिलती है। साथ ही फोलेट से बॉडी में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ाने में मदद मिलती है जिससे खून की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से भी महिला को बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो टमाटर का सेवन करने से गर्भवती महिला को मिलते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला अपने आप को फिट रखने के लिए और बच्चे के बेहतर विकास के लिए टमाटर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

सूजी (हलवा) फायदेमंद है प्रेगनेंसी में या नुकसानदेह

गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना अजन्मे शिशु के बहुत जरुरी हो जाती है। शिशु का सेहतमंद होना और उसका सही वजन जन्म के समय होने वाली समस्याओं से बचाता है। इसी तरह एक सेहतमंद और मजबूत माँ भी गर्भावस्था में सभी उतार चढ़ाव आसानी से पार कर लेती है और डिलीवरी और लेबर के दर्द को भी आसानी से सहन कर लेती है। एक सेहतमंद और खुश मिजाज माँ एक हेअल्थी शिशु को ही जन्म देती है। प्रेगनेंसी का समय ख़ुशी देने के साथ साथ समस्याओं भरा भी होता है।

प्रेगनेंसी के समय होने वाली माँ को हर एक सलाह देता रहता है कुछ सलाहें काम की होती है कुछ नहीं। कुछ भोजन प्रदार्थो के उपयोग का अपना महत्व होता है कुछ प्रदार्थ के अपने अच्छे गुण होते है और कुछ के बुरे असर होता है। आज हम गर्भावस्था के दौरान सूजी के प्रयोग बारे में जानेंगे। सूजी बहुत पतला और छोटे कणो की होती है यह गेहूं से ही बनती है। इंडिया में सूजी का इस्तेमाल मीठे व्यंजन बनाने के लिए अधिक किया जाता है।

सूजी के जरुरी पोषक तत्व

सूजी में बहुत से जरुरी पोषक तत्व पाए जाते है और इसे फाइबर, विटामिन बी काम्प्लेक्स, विटामिन इ और कई अन्य मिनरल्स का बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है। खास बात यह है के सूजी में कोई एसिड फैट और कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है और इसके अत्रिरिक्त सोडियम की भी बहुत कम मात्रा होती है।

गर्भावस्था में सूजी के सेवन के लाभ .

आइये जानते है के प्रेगनेंसी के दौरान सूजी या इससे बनी चीजों को खाने से क्या लाभ मिलता है।

आयरन

सूजी आयरन का एक बहुत अच्छा स्रोत होता है। एक कप सूजी से रोजाना की कुल आयरन की जरुरत में से 8 % पूरी होती है। यह हमारे ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा कर एनिमिक होने से बचाती है। गर्भावस्था में सूजी के अलग अलग व्यंजन बनाकर खाने से माँ और शिशु दोनों की ही आयरन की कमी पूरी होती है।

एनर्जी लेवल

गर्भवस्था के दौरान बहुत से हार्मोनल बदलावों से शरीर बहुत कमजोरी महसूस करता है ऐसे में सूजी के सेवन से शरीर को एनर्जी वापस पाने में मदद करता है। सूजी में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स धीरे धीरे एनर्जी देते है और इससे शरीर को एक्टिव बने रहने में मदद मिलती है।

इम्युनिटी

सूजी में सेलेनियम तत्व पाया जाता है यह एक बहुत अच्छा एंटीऑक्सीडेंट तत्व होता है। प्रेगनेंसी के दौरान यह एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को बहुत से इन्फेक्शन और बिमारियों से बचाता है। इसीलिए गर्भवती महिला के सूजी सेवन करने से इम्युनिटी पावर बढ़ती है।

हड्डियां

सूजी में कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह दोनों ही मिनरल्स हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते है। गर्भावस्था के दौरान सूजी से बनी चीजों के सेवन से माँ और शिशु दोनों की ही हड्डियों मजबूत बनती है और शिशु की हड्डियों का अच्छे से विकास हो पाता है।

हृदय की सेहत

गर्भवती महिलाओं के सूजी खाने से उनका हार्ट सभी बिमारियों से बचा रहता है। सूजी में कोलेस्ट्रॉल बहुत कम मात्रा होने से हार्ट को सभी इनेक्शन से बचाये रखता है।

नर्वस सिस्टम

सूजी में फॉस्फोरस, जिंक और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह सभी तत्व नर्वस सिस्टम के कार्य करने में बहुत मददगार होते है। गर्भावस्था में सूजी से बना हलवा आदि चीजों का सेवन करते रहना चाहिए।

पावरफुल डाइट

गर्भावस्था के दौरान जब भी आपका पेट खराब लगे और कुछ हल्का बुखार से लगे तो अपने भोजन को सूजी से बदल लें। सूजी का सेवन आपके पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में आप सूजी की खीर बनाकर सेवन कर सकते है।

 बैलेंस्ड फ़ूड

सूजी में सोडियम और कोलेस्ट्रॉल की कम मात्रा होने से यह हमारी डाइट को पूरी तरीके से बैलेंस्ड रखता है। गर्भावस्था में पोषक तत्वों के साथ एक बैलेंस्ड डाइट का लेना बहुत ही जरुरी हो जाता है। ऐसे में सूजी को अपनी डाइट में शामिल कर यह काम बहुत आसान हो जाता है।

त्वचा

सूजी का सेवन सिर्फ हमारे शरीर की सेहत के लिए ही बल्कि हमारी त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। सूजी में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होने यह हमारी त्वचा पर भी निखार लाता है। गर्भावस्था के दौरान सूजी के सेवन से त्वचा संबंधित परेशानिया नहीं होती है।

सूजी से होने वाले नुकसान

इसी तरह सूजी के और भी कई फायदे होते है इसे अपनी डाइट में भी शामिल करे। पर सूजी को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले कुछ बातो का जरूर ध्यान रखे।

व्हीट एलर्जी

जिन लोगों को पहले से ही गेहूं से एलर्जी हो वह सूजी का सेवन ना करे क्योंकि सूजी भी गेहूं से बनी होती है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान सूजी नुकसानदेह हो सकती है।

ग्लूटेन ऐलर्जी

सूजी ग्लूटेन का एक बहुत अच्छा स्रोत है। पर ग्लूटेन से कुछ लोगों को ऐलर्जी होती है, जो लोग इसके एलर्जिक है वो लोग सूजी का सेवन ना करें।

अत्यधिक घी

सूजी के बहुत से व्यंजन अत्यधिक घी के इस्तेमाल से बनते है जैसे की सूजी का हलवा। गर्भावस्था में ध्यान रखिये जरुरत से ज्यादा घी नुकसानदायक हो सकता है। इसीलिए सूजी का हलवा खाये पर कम घी में बना हुआ जिससे आपको सूजी के फायदे मिले, नुकसान नहीं।

तो आपने देखा सूजी को खाने के कितने फायदे है कुल मिलाकर आप गर्भावस्था के दौरान सूजी का सेवन कर सकते है बस आपको व्हीट या ग्लूटेन एलर्जी नहीं होनी चाहिए। अगर आपने पहले कभी भी किसी चीज में गेहूं या सूजी का इस्तेमाल ना किया हो तो गर्भावस्था में आप यह रिस्क ना लें। और अगर आपको गेहूं से ऐलर्जी नहीं है तो बिना झिझक के सूजी का सेवन करें और गर्भावस्था में इसके फायदो को पाए।

गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान

गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान, हर एक महिला चाहती है की जब तक वो और उनके पार्टनर न चाहे तब तक उनका गर्भ न ठहरे। लेकिन बिना सुरक्षा के सम्बन्ध बनाने पर गर्भधारण से बचें रहना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे में आज कल टीवी पर भी आप भी बहुत से विज्ञापन देखती होंगी की अनचाहे गर्भ से बचने के लिए आप कुछ दवाइयों का सेवन कर सकती है। बहुत सी महिलाएं नियमित रूप से इनका सेवन भी करती है। इनका सेवन करने से आपको अनचाहे गर्भ की समस्या से बचें रहने में तो मदद मिल जाती है। लेकिन क्या आप जानती हैं की इनके कारण आपको बहुत सी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से होने वाली परेशानियां

यदि महिला गर्भनिरोधक गोली का सेवन करती है। तो इससे महिला को कुछ फायदा होता है तो साथ ही कुछ परेशानियां भी हो सकती है। क्योंकि जरुरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। और ऐसे ही अधिक मात्रा में गर्भवती महिला द्वारा गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना महिला को शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी दिक्कत दे सकता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से कौन कौन से नुकसान हो सकते हैं।

वजन

  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से गर्भवती महिला वजन बढ़ना यानी मोटापे की समस्या की शिकार हो सकती है।
  • और यदि महिला का वजन बढ़ने लगता है तो इसके कारण महिला को और भी बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

स्तन

  • बहुत सी महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने के बाद ब्रेस्ट में सूजन का अनुभव कर सकती है।
  • और सूजन के साथ महिला को दर्द का महसूस होना भी आम बात होती है।
  • साथ ही महिला को ब्रेस्ट में ढीलापन होने के साथ ब्रेस्ट कैंसर जैसी परेशानी का खतरा भी रहता है।

सिर में दर्द

  • कुछ गर्भवती महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने के बाद सिर में दर्द, सिर में भारीपन व् चक्कर जैसी समस्या से भी परेशान हो सकती है।
  • सिर दर्द के साथ माइग्रेन की समस्या भी महिला को हो सकती है।
  • तो यदि आपको यह परेशानी हो रही है तो इसके लिए आपको एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।
  • ताकि डॉक्टर कोई दूसरी दवाई या डोज़ को कम करने की सलाह आपको दे सकें।

पीरियड्स सम्बन्धी समस्या

  • अनचाहे गर्भ की समस्या से बचाव के लिए दवाइयों का सेवन करने से पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।
  • साथ ही इसके कारण महिला का मासिक चक्र, ओवुलेशन पीरियड आदि सभी प्रभावित हो सकते हैं।

तनाव

  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से महिला को तनाव जैसी परेशानी भी हो सकती है।
  • क्योंकि इन गोलियों का सेवन करने से हॉर्मोन्स पर असर पड़ता है जिसके कारण मूड स्विंग्स व् तनाव हो सकता है।
  • और महिला का तनाव लेना बहुत सी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या से महिला को परेशान कर सकता है।

गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान से जमते हैं खून के थक्के

  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन अधिक करने से महिला की अंदरूनी नसों में खून के थक्के जमने की समस्या हो सकती है।
  • और शरीर में खून के थक्के बनना महिला की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

एलर्जी

  • कुछ महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से किसी तरह की एलर्जी होने की समस्या भी सकती है।
  • साथ ही कुछ महिला स्किन पर खुजली, जलन, लाल दाने जैसी समस्या से भी परेशान हो सकती है।

गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान से होती है सम्बन्ध बनाने की इच्छा में कमी

  • गर्भनिरोधक गोलियों का अधिक सेवन करने के कारण महिला की सम्बन्ध बनाने की रूचि में भी कमी आ सकती है।
  • लेकिन यह समस्या उन्ही महिलाओं को हो सकती है जो बहुत लम्बे समय से इन दवाइयों का सेवन कर रही होती है।

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से होने वाले अन्य दुष्प्रभाव

  • इसके कारण महिला को चेहरे पर मुहांसे आदि की समस्या हो सकती है।
  • हाई ब्लड प्रैशर की समस्या होने के खतरा महिला को रहता है।
  • जी मिचलाने की समस्या महिला को हो सकती है।
  • आँखों की रौशनी पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • महिला को चेहरे, स्तन आदि पर अनचाहे बालों की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है।
  • गर्भाशय कमजोर हो सकता है।
  • गर्भाशय के कमजोर होने के कारण महिला को बाद में गर्भधारण से जुडी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ नुकसान जो गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से गर्भवती महिला को हो सकते हैं। तो यदि आप अनचाहे गर्भ से बचना चाहती है तो गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान से बचाव के लिए आपको कुछ अन्य तरीको का इस्तेमाल करना चाहिए। जैसे की आप कॉपर टी, सम्बन्ध बनाते समय सुरक्षा आदि का इस्तेमाल कर सकती है। यह तरीके सेफ होने के साथ आपको मानसिक व् शारीरिक रूप से होने वाली परेशानी से भी बचाते हैं। साथ ही किसी भी गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने से पहले आपको एक बार डॉक्टर का परामर्श जरूर लेना चाहिए।

गर्भपात के बाद पेट दर्द

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गर्भपात का समय किसी भी महिला के लिए बहुत दर्द भरा होता है, क्योंकि इस दौरान महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे की बुखार का होना, शरीर में कमजोरी आना, बहुत अधिक रक्तस्त्राव का होना, उल्टी, शरीर में दर्द होना, बुखार आना, पेट में अधिक दर्द की समस्या का होना, आदि। गर्भपात के दौरान महिला के प्राइवेट पार्ट से माहवारी की अपेक्षा ज्यादा तेजी से और ज्यादा दिनों तक रक्त निकलता है। ऐसे में कई बार महिला को बहुत अधिक पेट में दर्द हो सकता है, ऐसे में यदि आपसे सहन न हो रहा हो और बहुत ज्यादा दर्द हो तो इसके लिए एक बार आपको डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए। इसके अलावा आप इस पेट दर्द से निजात पाने के लिए और कुछ उपाय भी कर सकती हैं।

गर्भपात के बाद होने वाले पेट दर्द का इलाज कैसे करें

गर्भपात के बाद पेट में दर्द का होना सामान्य बात होती है लेकिन इसके अधिक होने पर आपको इसे इग्नोर भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा आप गर्भपात के बाद होने वाले पेट दर्द के लिए क्या क्या कर सकते हैं आइये विस्तार से जानते हैं।

सिकाई करें

पेट पर हॉट पैड रखकर आराम करें इससे आपको पेट दर्द की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी। हॉट पैड नहीं है तो पानी को गरम करके एक बोतल में डालकर उसे अपने पेट पर रखकर सिकाई करें इससे भी आपको फायदा होता है।

हर्बल चाय का सेवन करें

हर्बल चाय का सेवन करने से न केवल आपको पेट में दर्द बल्कि शरीर के अन्य भागो में दर्द से भी आराम पाने में मदद मिलेगा। हर्बल चाय के अलावा ग्रीन टी में आधा चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार पीने से भी आपको गर्भपात के बाद होने वाले पेट दर्द की समस्या से बचने में मदद मिलती है।

अदरक है फायदेमंद

एक कप गर्म पानी में थोड़ा सा पिसा हुआ अदरक मिलाएं, उसके बाद उसे अच्छे से उबाल कर छान लें। छानने के बाद उसमे आधा चम्मच शहद मिलाकर उसका सेवन करें। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें इससे आपको पेट दर्द से जल्द राहत पाने में मदद मिलती है।

तुलसी

आयुर्वेदिक औषधि की तरह इस्तेमाल की जानें वाली तुलसी का इस्तेमाल करने से भी आपको गर्भपात के बाद होने वाले पेट दर्द की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है। इसके लिए आप एक गिलास पानी में आठ से दस तुलसी के पत्ते डालकर अच्छे से उबाल लें। पानी के आधा रहने पर छानकर उसका सेवन करें ऐसा करने से आपको गर्भपात के दौरान होने वाले पेट दर्द से बहुत जल्दी आराम मिलता है।

गुनगुना पानी

गर्भपात के बाद राहत के लिए और शरीर के दर्द से निजात पाने के लिए आप गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर उससे नहाएं। इससे आपके शरीर की सिकाई होगी और पेट दर्द के साथ शरीर के अन्य अंगो के दर्द से भी राहत पाने में मदद मिलती है।

स्वस्थ व् पौष्टिक आहार लें

गर्भपात के बाद शरीर में कमजोरी आने के कारण और अधिक रक्तस्त्राव के कारण पेट व् शरीर के अन्य भागों में दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए आपको भरपूर मात्रा में पोषक तत्व युक्त आहार का सेवन करना चाहिए इससे आपको पेट दर्द से राहत के साथ जल्दी फिट होने में भी मदद मिलेगी।

डॉक्टर से राय लें

यदि आप बहुत अधिक और तेजी से पेट में दर्द हो रहा है और उपाय करने के बाद भी आराम नहीं आ रहा है तो ऐसे में आपको डॉक्टर की राय लेनी चाहिए क्योंकि कई बार गर्भपात के बाद पेट में होने वाले दर्द का कारण गर्भाशय में लगने वाली चोट भी हो सकती है। ऐसे में इसे अनदेखा न करते हुए एक बार डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल करके आप गर्भपात के बाद होने वाले पेट दर्द से राहत पा सकते हैं। इसके अलावा गर्भपात के बाद शरीर में आई कमजोरी को दूर करने के लिए आप अपने आहार में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्वों को शामिल करें। ताकि आपके शरीर को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिल सके और आपको गर्भपात के बाद जल्दी फिट होने में मदद मिल सके।