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प्रेगनेंसी के समय त्वचा को चमकदार बनाएं रखने के उपाय

प्रेगनेंसी के समय त्वचा को चमकदार बनाएं रखने के उपाय:-

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए बहुत खास लम्हा होता हैं| और प्रेगनेंसी के दौरान महिला कई सारे नए अनुभवो से गुजरती हैं| ऐसे में महिला के साथ कुछ परेशानियां होती हैं| तो बच्चे के माँ के गर्भ में हरकत करने का अनुभव भी उन्हें मिलता हैं| उनके लिए ये अनुभव बहुत ही खास होता हैं, जो पहली बार माँ बन रही होती हैं| प्रेगनेंसी में होने वाले अनुभव महिला के लिए यादगार बन जाते हैं|

प्रेगनेंसी में होने वाली महिला को परेशानियां कई प्रकार की होती हैं| यदि आप पहली बार माँ बनने जा रही हैं, तो आप उनसे पूछिये जो पहले माँ बनने का अहसास ले चुकी हैं| गर्भावस्था में ये जरुरी नहीं हैं सभी महिलाओ को एक जैसी परेशानियां हो, सबके साथ कुछ न कुछ अलग भी हो सकता हैं| प्रेगनेंसी में महिलाओ को उल्टी आना, चक्कर आना, मन मचलना, दर्द रहना आदि समस्या रहती हैं|त्वचा को चमकदार बनाएं

इसके आलावा कई महिलाओ को ऐसा लगता हैं की उनकी त्वचा में भी बदलाव आ रहे हैं| जैसे की उन्हें लगता हैं उनकी त्वचा पहले जैसी नहीं रही| और जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा हैं| उनकी त्वचा बेजान हो रही हैं, और उन्हें लगता हैं की उनकी सुदरता कम होती जा रही हैं| इस समस्या से बचने के लिए महिलाएँ कई तरह के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं, ताकि उनकी त्वचा चमकदार बनी रहे|

प्रेगनेंसी में त्वचा को चमकदार बनाये रखने के लिए टिप्स:-

चमकदार त्वचा के लिए करें बेसन, हल्दी, व् गुलाब जल का प्रयोग:-

बेसन का का प्रयोग आप अपनी रसोई में आमतौर पर करते हैं| यदि आप अपनी त्वचा को प्रेगनेंसी में भी चमकदार बनाएं रखना चाहते हैं| तो आप बेसन, हल्दी, गुलाब जल को बराबर मात्रा में मिलाकर इसका प्रयोग कर सकते हैं| किस प्रकार करें आप इसका इस्तेमाल आइये जानते हैं|

  • सबसे पहले एक कटोरी ले|
  • फिर उसमे आप बेसन, हल्दी, गुलाब जल को बराबर मात्रा में मिलाकर उसका पैक तैयार कर लीजिये|
  • इसके बाद आप इसे अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं|
  • थोड़ी देर उस पैक को अपने चेहरे पर लगा रहने दे|
  • जैसे ही लगे की पैक सुख गया हैं, वैसे ही आप अपने चेहरे पर से इसे पानी के साथ हल्के हाथो से मसाज करते हुए उतार दीजिये|
  • आप यदि इसे हफ्ते में दो बार प्रयोग करेंगे, तो आपको त्वचा को निखारने के साथ दाग-धब्बो से भी छुटकारा मिलता हैं|

एलोवेरा का प्रयोग करे:-

एलोवेरा को चेहरे की चमक बढ़ाने के साथ शरीर में होने वाली बीमारियों के लिए भी बहुत उपयोगी माना जाता हैं| चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए और चेहरे पर होने वाले धब्बो से भी इससे आराम मिलता हैं| इसे प्रयोग करने के लिए जानते है, आइये आपको क्या करना चाहिए|

  • सबसे पहले एलोवेरा को काट ले|
  • इसके बाद आपको एलोवेरा के अंदर के हिस्से को निकाल कर अलग कर लेना चाहिए|
  • और एलोवेरा के अंदर के हिस्से को अपने चेहरे पर लगाकर हल्के हाथो से मसाज करना चाहिए|
  • और फिर थोड़ी देर के लिए उसे अपने चेहरे पर छोड़ देना चाहिए|
  • इसके बाद आपको ठन्डे पानी से मुह धो लेना चाहिए|
  • आप इसका इस्तेमाल रोजाना भी कर सकते हैं|
  • इससे आपको अपने चेहरे पर असर जरूर दिखाई देगा|

टमाटर व् खीरे का पेस्ट बनाकर करें इस्तेमाल:-

खीरे और टमाटर को लोग सलाद के रूप में प्रयोग करते हैं| परंतु आपको ये जान कर ख़ुशी होगी की आप घर बैठे इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा के लिए कर सकते हैं| और आप प्रेगनेंसी के समय में इसे खाने के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं| ये शरीर में पानी की कमी को पूरा करता हैं| आइये जानते हैं की किस प्रकार आप प्रेगनेंसी में अपनी त्वचा को चमकदार बनाने के लिए इसका प्रयोग कर सकते हैं|

  • सब पहले खीरे और टमाटर को बराबर मात्रा में लेकर इसे अच्छे से मिक्स कर ले|
  • आप इसे मिक्सी में पीस कर भी पेस्ट तैयार कर सकते हैं|
  • उसके बाद खीरे व् टमाटर का पेस्ट आप अपने चेहरे पर लगाएं|
  • आप चाहे तो हल्के हाथो से मसाज भी कर सकते हैं|
  • इसे हफ्ते में एक या दो बार आप कर सकते हैं| परन्तु आप यदि इसे रोज करते हैं, केवल मास्क ही इस्तेमाल करें|
  • आप इसे अपने चेहरे के साथ साथ बॉडी पे भी लगा सकते है| उस पर भी ये फायदा करता हैं|

नीबू व् शहद का उपयोग करें:-

नीबू व् शहद का उपयोग आप स्लिम होने के लिए तो करते ही हैं| और आप अब इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा को निखारने में भी कर सकते हैं| नीबू में कुछ ऐसे एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं| जो हमारी त्वचा में होने वाले रोम छिद्रो को बंद कर देता हैं, व् उसे निखारने में मदद करता हैं| आइये जानते हैं आप किस प्रकार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं|

  • सबसे पहले आप एक कटोरी में नीबू का रस निकाल ले|
  • इसके बाद आप नीबू के रस में एक चमच्च शहद मिक्स कर ले|
  • अब इसे अच्छे से मिलाकर आप इसे अपने चेहरे अच्छे से मसाज कर लीजिये|
  • आप यदि हफ्ते में एक बार भी इस उपाय को करेंगी तो भी गर्भावस्था में आपके चेहरे पर निखार आएगा|

ग्रीन टी का इस्तेमाल करें:-

ग्रीन टी के इस्तेमाल से आपको अपने शरीर से जुडी कई समस्या का हल मिल जाता हैं| जैसे ये शुगर के मरीज़ के लिए बहुत अच्छा होता हैं| और साथ ही साथ ये हमारे त्वचा के लिए भी बहुत उपयोगी हैं| गर्भावस्था में इसका इस्तेमाल करने से आपको कोई नुक्सान भी नहीं होता हैं| इसलिए आप प्रेगनेंसी के समय में इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा को निखारने में कर सकते हैं|

पानी भरपूर मात्रा में पीये:-

प्रेगनेंसी के समय में शरीर में पानी की कमी न हो इसीलिए आपको पानी को भरपूर मात्रा में पीना चाहिए| साथ ही पानी के ज्यादा प्रयोग करने से आपको त्वचा से जुडी समस्या से भी आराम मिलता हैं| आपको पानी का इस्तेमाल तो हर अवस्था में करना चाहिए| मतलब की आम दिनों में भी करना चाहिए|

अच्छे से आहार ले:-

आप यदि अच्छे से आहार लेंगे और ऐसा आहार लेंगे, जिससे की आपको सभी तरह के मिनरल्स मिलें| आपको इससे प्रेगनेंसी में फायदा होगा, और साथ ही शिशु को भी कोई परेशानी नहीं होंगी| इसलिए आपको स्वस्थ व् पोष्टिक आहार लेना चाहिए| जिससे की आपके चेहरे पर भी रौनक आएं|

तो ये सब कुछ उपाय हैं जिनका इस्तेमाल आप प्रेगनेंसी में अपनी त्वचा को चमकदार बनाने के लिए कर सकते हैं| इसके साथ आपको यदि अपने चेहरे को आसानी से निखारना हैं तो इन तरीको को नियमित रूप से इस्तेमाल करे| परंतु याद रहें की आप केवल मास्क का प्रयाग करें, ज्यादा मसाज न करें| इससे आपको जरूर फायदा होगा, और प्रेगनेंसी में भी आपकी त्वचा पर निखार आएगा|

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प्रेगनेंसी के कौन-कौन से महीने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है?

गर्भावस्था के पूरे नौ महीने महिला के लिए उतार चढ़ाव से भरे हुए होते हैं। क्योंकि इस दौरान महिला के शरीर में बहुत से हार्मोनल बदलाव हो रहे होते हैं, शारीरिक बदलाव होते हैं, भावनात्मक व् मानसिक रूप से महिला बदलाव का अनुभव करती है आदि। साथ ही इस दौरान महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।

लेकिन ऐसा बिल्कुल भी जरुरी नहीं होता है की हर गर्भवती महिला को एक ही जैसी दिक्कतें हो। बल्कि यह महिला के स्वास्थ्य और महिला जिस तरह से प्रेगनेंसी के दौरान अपनी केयर करती है उस पर निर्भर करता है की महिला कितनी फिट रहती है। लेकिन कुछ परेशानियां हर महिला को हो सकती है खासकर जो महिलाएं पहली बार माँ बनती है उन्हें ज्यादा दिक्कत महसूस हो सकती है।

क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले बदलाव को समझने में महिला को समय लग सकता है। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के उन महीनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिस समय महिला को सबसे ज्यादा दिक्कत का अनुभव हो सकता है।

गर्भावस्था का दूसरा और तीसरा महीना

प्रेगनेंसी का दूसरा और तीसरा महीना प्रेगनेंसी का शुरूआती समय होता है। ऐसे में बॉडी में हार्मोनल बदलाव तेजी से हो रहे होते हैं। जिसके कारण महिला की शारीरिक परेशानियां जैसे की उल्टियां, बॉडी पेन, थकावट, भूख में कमी, चक्कर, पेट से जुडी समस्या, बार बार यूरिन आना, आदि बढ़ जाती है।

जिसके कारण महिला को प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे महीने में ज्यादा दिक्कत होती है। साथ ही इस दौरान गर्भपात का डर भी अधिक होने के कारण महिला को दिक्कत अधिक हो सकती है। लेकिन दूसरी तिमाही की शुरुआत के बाद महिला को थोड़ा आराम मिल जाता है क्योंकि महिला दूसरी तिमाही में महिला की यह दिक्कतें कम हो जाती है।

आठवां और नौवां महीना

गर्भावस्था की तीसरी तिमाही की शुरुआत से ही गर्भ में बच्चे का विकास तेजी से होता है जिसके कारण पेट बाहर आ जाता है। और महिला का वजन भी आठ से दस किलों तक बढ़ सकता है। इसके अलावा गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पेट के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ जाता है।

जिसकी वजह से महिला को पाचन तंत्र से जुडी समस्या, बार बार यूरिन पास करने की इच्छा जैसी परेशानियां अधिक होने लगती है। साथ ही वजन बढ़ने की वजह से महिला को उठने, बैठने, सोने, लेटने में भी दिक्कत होने लग जाती है। साथ ही डिलीवरी को लेकर मन में डर होने के कारण भी महिला को ज्यादा दिक्कत होती है। इसके अलावा इस दौरान बरती गई थोड़ी सी लापरवाही समय से पहले डिलीवरी का कारण बन सकती है।

तो यह है प्रेगनेंसी का वो समय जिस समय महिला को सबसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, डरना नहीं चाहिए, खुश रहना चाहिए ताकि प्रेगनेंसी के किसी भी महीने में आपको कोई परेशानी न हो। और आपको व् आपके बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

Which months of pregnancy are the most difficult

लीवर को साफ़ करने के दस आसान तरीके

लीवर शरीर की महत्वपूर्ण ग्रंथियों में से एक है, जो की आपके शरीर की क्रियाओ को सुचारु रूप से चलाने में आपकी मदद करता है, सतह ही शरीर की बहुत सी गतिविधियों को नियंत्रित करने में भी आपकी मदद करता है, और यदि यह कहा जाए की एक स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ लीवर का होना बहुत जरुरी है तो गलत नहीं होगा, क्योंकि लीवर हमारे शरीर को स्वस्थ रखने वाले बहुत से कार्यो को करता है, जैसे की आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, आपके रक्त में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद करता है, आपके अंगो को अच्छे से कार्य करने में मदद करता है, आदि इसीलिए आपके लीवर का स्वस्थ रहना बहुत जरुरी होता है, ताकि इससे आपके शरीर को सही से काम करने और स्वस्थ रहने में मदद मिल सकें, तो आइये आज हम आपको अपने लीवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ घरेलू टिप्स बताते है।

लहसुन को अपने आहार में शामिल करें:-

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लहसुन में पाए जाने वाले तत्व एलिसिन और सिलेनियम आपके लीवर को साफ़ करने में मदद करते है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को शरीर से बाहर निकालने में मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए आपको नियमित सुबह एक काली कच्चे लहसुन की जरूर खानी चाहिए या आपको अपनी सब्ज़ी आदि में इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

पानी और शहद का प्रयोग करें:-

नियमित सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में निम्बू शहद डालकर उसका सेवन करने से आपको अपने लीवर को मजबूत बनाने में और साफ़ करने में मदद मिलती है, साथ ही इससे आपके वजन भी नियंत्रित रहता है, साथ ही इससे आपके पाचन शक्ति को भी मजबूत होने में मदद मिलती है, जिससे निम्बू में मौजूद एसिड आपके पेट की सफाई करने में मदद मिलती है, साथ ही शहद और पानी का सेवन करने से आपके शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है, जिससे आपके शरीर के सभी अंगो को सही से काम करने में मदद मिलती है।

चुकंदर का इस्तेमाल करें:-

चुकंदर में मौजूद बीटा कैरोटीन लीवर को उत्तेजित करने का काम करता है, जिससे इससे कार्य करनेकी क्षमता में सुधार आने के साथ इसे साफ करने में भी मदद मिलती है, इसीलिए इसे अपने आहार में आपको शामिल करना चाहिए, इसके लिए आप चुकंदर के रस या इसे सलाद के रूप में इसका सेवन कर सकते है, साथ ही एक कप कटे हुए चुकंदर में दो चम्मच जैतून का तेल और आधा चम्मच उसके बाद इन सबको अच्छे से मिक्स कर लें, और हर दो घंटे में दो दो चम्मच का सेवन करें, इससे आपको अपने लीवर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

ग्रीन टी का सेवन करें:-

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ग्रीन टी का सेवन करने से आपके शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ आपके शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है, इसीलिए दिन में एक या दो कप ग्रीन टी का सेवन जरूर करना चाहिए इससे आपके लीवर को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

हल्दी का प्रयोग करें:-

हल्दी के सेवन से भी आपके लीवर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते है, साथ ही यह आपके शरीर में कोशिकाओं की मरम्मत करने में भी मदद मिलती है, इसके प्रयोग के लिए आप आधा चम्मच हल्दी पाउडर पानी में डालकर अच्छे उबाल लें, और उसका सेवन करें, हल्दी दूध पीने से भी आपको फायदा मिलता है, साथ ही आप हल्दी को अपने दैनिक आहार सब्जियों आदि में शामिल करके भी इसके लाभ को उठा सकती है।

सेब का सेवन करें:-

आपने ये तो सुना ही होगा की नियमित एक सेब का सेवन आपको बीमारियों और डॉक्टर दोनों से ही दूर रखने में मदद करता है, इसमें मौजूद पेक्टिन नामक तत्व आपके शरीर से विषैले तत्वों, पाचन तंत्र में से विषैले तत्वों, बाद कोलेस्ट्रॉल को निकाल कर आपके लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, साथ ही इसमें मौजूद मैलिक एसिड आपके रक्त में से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है, इसके लिए आप नियमित एक सेब या एक गिलास सेब के जूस का नियमित सेवन करना चाहिए।

अखरोट का प्रयोग करें:-

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अखरोट में एमिनो एसिड भरपूर होता है, जो की आपके लीवर में से विषैले पदार्थो को बाहर निकालकर आपके लीवर को साफ़ करने में मदद करता है, साथ ही इसमें ग्लूटाथिओन, और ओमेगा थ्री फैटी एसिड भी भरपूर होते है, जो आपके लीवर को साफ़ करने में मदद करते है, नियमित एक मुट्ठी अखरोट का सेवन करें, या आप सूप आदि में डालकर भी इसका सेवन कर सकते है, इससे भी आपको फायदा मिलता है।

ब्रोकली से रखे लीवर को स्वस्थ:-

ब्रोकली के सेवन से भी आपके लीवर को साफ़ रखने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें मौजूद ग्लूकोसाइनोलेट्स आपके शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकाल कर आपके लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, साथ ही इसमें फाइबर और घुलनशील विटामिन इ भी भरपूर मात्रा में होता है, जो आपके लीवर को शरीर में बेहतर काम करने में मदद मिलता है, इसका सेवन कम से कम आपको हफ्ते में तीन बार एक कप तक करना चाहिए, इससे आपको बहुत फायदा मिलता है।

चकोतरा फल का सेवन करें:-

इस फल का नियमित सेवन करने या इसका कम से कम एक गिलास जूस पीने से आपको अपने लीवर को साफ़ करने में मदद मिलती है, साथ ही इसमें विटामिन सी, पेक्टिन, एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते है जो आपके शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकाल कर आपके लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करते है, परन्तु इसका सेवन करते हुए आपको ध्यान रखना चाहिए की यदि आप किसी दवाई का सेवन कर रहे है तो आपको इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।

एवोकाडो का सेवन करें:-

एवोकाडो में कुछ ऐसे केमिकल होते है जो आपके लीवर को स्वस्थ रखने में आपकी मदद करते है, साथ ही इसमें मौजूद ग्लूटाथिओन आपके लीवर को डिटॉक्सीफाई करने में आपकी मदद करता है, साथ ही इसमें मौजूद अघुलनशील वसा आपकी बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करके गुड़ कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते है, साथ ही इसमें अन्य न्यूट्रिएंट्स और खनिज लवण भी आपके लीवर को साफ रखने का काम करते है।

तो ये है कुछ घरेलु तरीके जिनका इस्तेमाल करके आप अपने लीवर को साफ कर सकते है, साथ ही आपको अपने आहार को भी भरपूर मात्रा में लेना चाहिए जिससे आपके शरीर को स्वस्थ रहने में मदद मिल सकें, और आपके सभी अंगो को भरपूर पोषण मिलने से उन्हें बेहतर तरीके से कार्य करने में मदद मिल सकें।

सुखी खांसी से बचने के घरेलू इलाज़

सुखी खांसी से बचने के घरेलू इलाज़:-

खांसी दो प्रकार की होती है, एक होती है सुखी खांसी और एक होती है बलगम वाली खांसी, लेकिन दोनों के होने के कारण आपको परेशान होना पड़ता है, इसका कारण होता है नाक या गले में विषाणु का संक्रमण होने के कारण, इससे सीने में गलन होने के साथ कई बार गले में दर्द की समस्या भी शुरू हो जाती है, सुखी खांसी में आपको किसी भी तरह की बलगम की परेशानी नहीं होती है, परंतु अगर खांसी शुरू हो जाएँ तो एक दम ही आती रहती है, जिनको ज्यादा सुखी खांसी की समस्या होती है, वो लोग बहुत परेशान भी रहते है।

इसके बहुत से कारण होते है जैसे की धुंआ होने के कारण, या अचानक से कोई चीज के खाने पर आपको ये समस्या हो जाती है, जिन व्यक्ति को निमोनिया होता है उन्हें भी ये समस्या परेशान करती है, या फिर जो लोग ज्यादा तला भुना का सेवन करते है, उनके साथ ये परेशानी खड़ी हो जाती है, परंतु ये कोई ऐसी समस्या नहीं है की जिसका कोई इलाज़ न हो, परंतु कुछ घरेलू तरीको का इस्तेमाल करके भी आप आसानी से इस समस्या से निजात पा सकते है, और जैसे ही लगे की ये समस्या शुरू हो गयी है,

वैसे ही आपको इसके लिए इलाज़ करना चाहिए, ताकि इस समस्या के बढ़ने के कारण आपको परेशानी न हो। क्योंकि यदि सुखी खांसी की समस्या बढ़ जाती है, तो आपको ज्यादा परेशानी होने के साथ गले में होने वाले दर्द की समस्या से भी जूझना पड़ सकता है, तो आइये जानते है कुछ घरेलू नुस्खे जिनका इस्तेमाल करके आप आसानी से इस समस्या से निजात पा सकते है, और इन तरीको का आपकी सेहत पर भी कुछ असर नहीं होता है। तो आप इन तरीको का इस्तेमाल करके आप आसानी से इस समस्या से निजात पा सकते है।

सुखी खांसी से बचने के लिए घरेलू इलाज़:-

बादाम का इस्तेमाल करें:-

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बादाम का इस्तेमाल करने से भी आप सुखी खांसी की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है, और आप बादाम के साथ मक्खन और चीनी का सेवन करने के आपको इस समस्या से राहत मिलती है, आइये जानते है की किस प्रकार आप बादाम का इस्तेमाल करके आसानी से इस समस्या से निजात पा सकते है।

विधि:-

  • 7 बादाम को लेकर पूरी रात पानी में भिगो कर रख दें।
  • सुबह इन बादामो को पानी में से निकाल कर उनका छिलका उतार दे।
  • फिर बादाम को अच्छी तरह मसल कर पेस्ट बना ले।
  • इसके बाद इसमें दो चम्मच मक्खन और दो चम्मच चीनी मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें।
  • और सुबह शाम उसका सेवन करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

शहद का इस्तेमाल करें:-

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शहद का इस्तेमाल करने से भी आपको सुखी खांसी से राहत पाने में मदद मिलती है, शहद में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी माइक्रोबियल गुण होते है, यदि आपको भी सुखी खांसी की समस्या होती है, तो इसके लिए आप शहद का सेवन गरम दूध में मिलाकर कर सकते है, इसके सेवन से यदि आपकी छाती में दर्द या गले में दर्द होता है तो उससे भी आपको आराम मिलता है। आप चाहे तो एक चमच्च शहद तब भी खा सकती है जैसे ही आपको खांसी शुरू होती है।

हल्दी का इस्तेमाल करें:-

हल्दी भी सुखी खांसी की समस्या से बचने में आपकी मदद करती है, क्योंकि हल्दी में एंटी बैक्टेरियल, एंटी वायरल और विरोधी तत्व जो की आपको इस समस्या को बढ़ाते है उनके ख़त्म करने के गुण होते है, हल्दी में मौजूद गुण आपकी वायरल इन्फेक्शन से भी लड़ने में मदद करते है, इसके सेवन के लिए एक चम्मच हल्दी को अजवाइन के साथ मिला कर उबालने के लिए एक बर्तन में डाल दें, इस मिश्रण को तब तक उबालते रहें जब तक की पानी आधा न रह जाएँ, उसके बाद इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन दिन में दो से तीन बार करें, ऐसा करने से आपको तुरंत ही राहत मिलती है।

अदरक का सेवन करें:-

अदरक का सेवन करने से भी आपको सुखी खांसी में होने वाली समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको कुछ टुकड़ो को पीस कर उसे पानी में उबाल लें, और थोड़ी देर के बाद आप इस पानी को छान कर उसके पानी का सेवन दिन में दो से तीन बार करें, ऐसा करने से आपको सुखी खांसी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, आप चाहे तो अदरक के रस और शहद का सेवन कर सकते है। ऐसा करने से आपको तुरंत ही राहत मिलती है।

लहसुन का सेवन करें:-

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लहसुन का इस्तेमाल करने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप पानी में लहसुन की कालिया और अजवाइन के पत्तो को डाल कर अच्छे से उबाल लें, जब मिश्रण ठंडा हो जाएँ तो इसमें थोड़ा शहद मिलाकर इसका सेवन करें, ऐसा आपको दिन में कम से कम तीन बार करें, ऐसा करने से आपको इस समस्या से राहत मिलती है।

प्याज का इस्तेमाल करें:-

प्याज़ का इस्तेमाल करने से भी आपको सुखी खाँसी से होने वाली समस्या से निजात मिलता है, इसके उपचार के लिए आप प्याज के रस में शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करें, दो से तीन दिन के नियमित इस्तेमाल से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, आप प्याज को कददूकस करके उसके रस को निकाल कर उसका उपयोग कर सकते है।

काली मिर्च का सेवन करें:-

काली मिर्च का सेवन करने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है, काली मिर्च के इस्तेमाल के लिए आप काली मिर्च को पीस कर दूध में डाल कर भी इसका सेवन कर सकते है, इसके अलावा आप पीसी हुई काली मिर्च को लेकर घी में भून लें, और इसका सेवन दिन में दो से तीन बार करें, ऐसा करने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

चाय का सेवन करें:-

जुखाम खांसी में तो जितनी चाय का सेवन करो ऐसा लगता है की कम है, परंतु यदि आप सूखी खांसी की समस्या से परेशान है, और आप इस समस्या से राहत पाना चाहते है, तो इस समस्या से निजात पाने के लिए आप काली मिर्च, अदरक, तुलसी की चाय का सेवन करें, इसके सेवन से आपको सूखी खांसी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, साथ ही गले में होने वाले दर्द से भी आपको राहत मिलती है।

तुलसी का इस्तेमाल करें:-

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तुलसी का इस्तेमाल एक आयुर्वेदिक औषधि की तरह किया जाता है, इसके इस्तेमाल से आप सूखी खांसी की होने वाली समस्या से भी राहत पा सकते है, इसके सेवन के लिए आप तुलसी के कुछ पत्ते लेकर उसका रस निकाल लें, उसके बाद इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन करें, आप चाहे तो अदरक के रस को भी इसमें मिला सकते है, ऐसा करने के बाद आपको इस समस्या से राहत मिलती है, और एक दिन में कम से कम दो बार आपको इसका सेवन करना चाहिए, ताकि इससे होने वाले फायदे को आप उठा सकें।

गाजर के जूस का सेवन करें:-

गाजर के जूस का सेवन करने से भी आपको सूखी खांसी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इस समस्या से निजात पाने के लिए आप थोड़ा सा गाजर का जूस निकाल लें, उसके बाद उसमे थोड़ा पानी मिलाएं, इन दोनों को अच्छे से मिलाकर उसमे शहद का एक चम्मच डाल दें, ऐसा करने के बाद आप आप दिन में तीन से चार बार इसका सेवन करें, इसके सेवन करने से आपको खांसी की समस्या से राहर मिलती है।

गरारे करें:-

खांसी से बचने के सबसे आसान उपाय होता है की आप गरारे करें, इसके लिए आप हलके गुनगुने पानी में नमक डाल कर भी इसका इस्तेमाल कर सकते है, और उसके अलावा आप इसमें सेंधा नमक डालते है तो आपको ज्यादा फायदा मिलता है, ऐसे में आपको दिन में तीन से चार बार गरम पानी का सेवन भी करना चाहिए, इससे आपके गले में होने वाली खराश से आपको आराम मिलता है, साथ ही खांसी भी ठीक हो जाती है।

सूखी खांसी की समस्या से राहत पाने के अन्य टिप्स:-

  • दो चम्मच निम्बू के रस में शहद मिलाकर इसका सेवन बार बार करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • गरम पानी में सेंधा नमक डाल कर उसके गरारे करने से भी आपको इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • तुलसी, अदरक और काली मिर्च की चाय का सेवन दिन में दो से तीन बार करने में मदद मिलती है।
  • हल्दी के दूध का रात के समय सेवन करने से भी इस समस्या से राहत मिलती है।
  • काले अंगूर का जूस पीने से भी आपको इस समस्या से राहत मिलती है।
  • काली मिर्च, मुलहठी, और सौंठ तीनो को मिलाकर चूर्ण बना ले और फिर शहद के साथ इसे लेने से भी आपको सूखी खांसी से राहत मिलती है।
  • गाजर के जूस का सेवन शहद के साथ करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • बादाम का सेवन मक्खन और चीनी के साथ करने से भी आपको सूखी खांसी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • रात को सोने से पहले गरम दूध में शहद मिलाकर पीने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • हल्दी का इस्तेमाल दूध में करने से भी आपको खांसी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

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नवजात बेबी को कब और कितना दूध पिलाएं

बच्चे के जन्म के बाद शिशु का विकास कुछ समय तक महिला पर ही निर्भर करता है। क्योंकि जन्म के बाद माँ का दूध ही बच्चे के लिए सर्वोत्तम आहार माना जाता है। लेकिन बच्चे को कितना दूध पिलाना है बच्चा कितना दूध पीता है, इस बारे में शुरुआत में जानने में महिला को दिक्कत हो सकती है। क्योंकि हर बच्चे की भूख अलग अलग हो सकती है, साथ ही शुरूआती समय में बच्चा बहुत देर देर तक सो सकता है, ऐसे में बच्चे को भूख लगी है या नहीं इसके बारे में जानने में थोड़ी परेशानी हो सकती है।

कई बार बच्चा भूखा होने पर रो भी सकता है लेकिन ज्यादातर बच्चे शुरुआत में ऐसा कम ही करते हैं। ऐसे में बच्चा भी आपको नहीं बता पाता है की उसे भूख लगी है तो महिला को ही इन सभी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जो आपको यह बताने में मदद करते हैं की नवजात बेबी को कब और कितना दूध पिलाना चाहिए।

नवजात बेबी को दूध पिलाने के लिए रखें समय का ध्यान

न्यूबोर्न बेबी को दूध पिलाने के लिए महिला को कम से कम दो और ज्यादा से ज्यादा तीन घंटे का गैप रखना चाहिए। ऐसे में यदि बच्चा रो देता है तो आप उसे दूध पीला सकती है, लेकिन यदि आपने पेट भरकर बच्चे को दूध पिलाया है और बच्चे उसके कुछ देर बाद ही रोने लग गया है। तो आप उसे फिर से दूध न पिलाएं क्योंकि हो सकता है बच्चा किसी और कारण रो रहा हो, जैसे की बच्चे की नैपी गीली हो गई हो।

और यदि आप थोड़ी थोड़ी देर में बच्चे को दूध पिलाती रहती हैं तो ऐसा करने से बच्चे उल्टी भी कर सकता है। लेकिन यदि आपको पता है की दो घंटे या उसके आस पास का समय हो गया है तो आप बच्चे को दूध पीला सकती है ऐसे में बच्चा यदि भूखा होता है तो दूध पीकर चुप हो जाता है। ऐसे में शुरुआत से ही बच्चे को आपको दो से तीन घंटे के गैप के बाद दूध पिलाने की आदत डालनी चाहिए इससे बच्चे का रूटीन भी अच्छे से सेट हो जाता है।

जन्म के बाद बच्चे को बोतल में दूध कितनी देर बाद पिलाएं

जो बच्चे जन्म के बाद किसी कारण माँ का दूध नहीं पीता हैं तो उन्हें पाउडर वाला दूध पीलाने की सलाह दी जाती है। और माँ का दूध पीने वाले बच्चे की अपेक्षा बोतल वाला दूध पीने वाला बच्चा ज्यादा जल्दी भूखा ही जाता है। ऐसे में हर दो घंटे में ही बच्चे को आप दूध पीला सकती है। साथ ही आप अपनी मर्ज़ी से बच्चे को कोई भी दूध न दें बल्कि कौन सा दूध बच्चे के लिए ज्यादा सही है इसके लिए डॉक्टर से पूछें।

न्यूबोर्न बेबी को कितना दूध पिलाएं?

बच्चा जब दूध पी रहा होता है तो वो जब तक चाहता है उसे दूध पीने दें, उसके बाद यदि वो अपने आप स्तन को छोड़ देता है और आराम से रहता है तो इसका मतलब होता है की उसका पेट भर गया है। लेकिन यदि स्तन छोड़ने के बाद बच्चा दुबारा से स्तन को मुँह में लेने की कोशिश करता है तो आपको दूसरी साइड से बच्चे को दूध पिलाना चाहिए क्योंकि इसका मतलब होता है की बच्चा अभी भूखा है और उस स्तन में दूध अच्छे से नहीं आ रहा है। उसके बाद जब बच्चा अपनी मर्ज़ी से स्तन को या बोतल को छोड़ दें तो समझ जाएँ की आपके बच्चे का पेट भर गया है।

यदि बच्चा सो रहा हो तो क्या करें?

शुरूआती एक से डेड महीने तक बच्चा ज्यादा समय के लिए सोता है ऐसे में यदि बच्चा अपने आप नहीं जाग रहा है तो आपको बच्चे को हर दो से तीन घंटे बाद उठाकर दूध पिलाना चाहिए। क्योंकि यदि आप बहुत देर देर बाद बच्चे को दूध पिलाती है तो इसके कारण शिशु के वजन में कमी जैसी परेशानी होती है जिससे शिशु का विकास अच्छे से नहीं होता है।

बच्चा दूध सही से पी रहा है ऐसे जानें

  • यदि दूध पीने के बाद बच्चा अपने आप स्तन को छोड़ दें तो इसका मतलब होता है की बच्चे का पेट भर गया है।
  • बच्चे के दूध पीने के बाद स्तन का खाली महसूस होना।
  • दूध पीने के बाद या तो बच्चे का सो जाना या फिर संतुष्ट दिखना भी बच्चे के पेट भरे होने का संकेत होता है।
  • शिशु का वजन सही तरीके से बढ़ना भी बच्चे का दूध सही तरीके से पीने का संकेत होता है।

तो यह हैं न्यूबोर्न बेबी के दूध पीने से जुड़े कुछ टिप्स, यदि आप भी नई नई माँ बनी हैं और आपको बच्चे के दूध पीने या न पीने से जुडी कोई भी बात समझ नहीं आ रही है। तो ऊपर दिए गए टिप्स का ध्यान रखे इससे आपको इस बात का अंदाजा लगाने में आसानी होगी की बच्चे को दूध कब और कैसे पिलाना है।

डिलीवरी के बाद चालीस दिन तक क्या-क्या ख्याल रखना जरुरी होता है?

डिलीवरी के बाद महिला की देखभाल

शिशु को स्वस्थ जन्म देने के लिए प्रेग्नेंट महिला नौ महीने तक बहुत सी जटिलताओं का सामना करती है। और जैसे ही वो नन्हा मेहमान इस दुनिया में आता है महिला उसे देखकर अपनी सभी दिक्कतों को भूल जाती है। लेकिन सच तो यह हैं की प्रेगनेंसी के नौ महीने ही नहीं बल्कि डिलीवरी के बाद भी महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखने की जरुरत होती है। क्योंकि डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है, महिला को टाँके भी लग सकते है, और शिशु को स्तनपान करवाने के साथ शिशु की बेहतर केयर की जिम्मेवारी भी महिला पर ही होती है। इसके अलावा महिला की डिलीवरी नोर्मल तरीके से होती है या सिजेरियन इसका ध्यान रखना भी जरुरी होता है। क्योंकि नोर्मल डिलीवरी वाली महिलाओं को जहां जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है वहीँ सिजेरियन डिलीवरी वाली महिला को रिकवर होने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।

डिलीवरी के बाद महिला ऐसे रखे अपना ख्याल

शिशु को जन्म देने के बाद भी महिला को अपने साथ शिशु का भी अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद यदि महिला अपना अच्छे से ध्यान रखेगी तभी महिला को जल्दी स्वस्थ होने के साथ शिशु के विकास को भी बेहतर तरीके से होने में मदद मिलेगी। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की डिलीवरी के बाद किस तरह महिला को अपना ध्यान रखना चाहिए।

खान पान का ध्यान रखें

महिला को डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने के लिए सबसे पहले अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि महिला अपने आहार में जितने अधिक पोषक तत्वों को शामिल करती है उतना ही ज्यादा महिला के शरीर को पोषण मिलता है और महिला को तेजी से फिट होने में मदद मिलती है। इसके लिए महिला को हरी सब्जियां, फल, सलाद, फलों का रस, दालें, दलिया, घी, ड्राई फ्रूट, दूध व् दूध से बनी चीजें, आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। लेकिन सिजेरियन डिलीवरी वाली महिलाओं को घी व् अधिक वसा युक्त चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इनके कारण टांकों को सेट होने में ज्यादा समय लग सकता है। और इसके लिए आप चाहे तो एक बार डॉक्टर से राय भी ले सकती है।

आराम करें

डिलीवरी के बाद कम से कम चालीस दिन तक महिला को भरपूर आराम करना चाहिए, और किसी भी तरह का काम नहीं करना चाहिए, चाहे वो घर का काम ही क्यों न हो। घर के कामो को करने के लिए आपको किसी की मदद लेनी चाहिए, न ही ज्यादा बोलना चाहिए, न ज्यादा देर बैठना चाहिए, बस जितना हो सके आराम करना चाहिए। और इन दिनों में महिला जितना अच्छे से आराम करती है उतना ही ज्यादा महिला को तेजी से रिकवर होने में मदद मिलती है।

साफ़ सफाई

प्रेगनेंसी के नौ महीने तक महिला को ब्लीडिंग नहीं होती है, लेकिन डिलीवरी के बाद महिला को हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसे में महिला को अपने प्राइवेट पार्ट की साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि यदि महिला साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान नहीं रखती है तो इसके कारण महिला को संक्रमण की समस्या हो सकती है। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी वाली महिला को टांको के आस पास की सफाई का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। और यदि नोर्मल डिलीवरी वाली महिला को भी टांके लगे है तो उन्हें भी टांको के आस पास सफाई का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि साफ़ सफाई न रखने के कारण महिला को इन्फेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

उठने, बैठने, लेटने का ध्यान रखें

डिलीवरी के बाद महिला का शरीर काफी कमजोर हो जाता है, साथ ही हैवी ब्लीडिंग, टांको के कारण महिला को उठते, बैठते, लेटते समय परेशानी का अनुभव हो सकता है। ऐसे में महिला को बहुत संभलकर उठना बैठना चाहिए और यदि आप चाहे तो उठने बैठने के लिए किसी की मदद भी ले सकते हैं, या फिर आराम से पूरी सावधानी के साथ किसी चीज का सहारा लें। ताकि महिला को उठते, बैठते, लेटते समय किसी भी तरह की परेशानी का अनुभव न हो।

तनाव न लें

शिशु के जन्म के बाद बॉडी में आये बदलाव, प्रसव के बाद होने वाली परेशानी, शिशु की जिम्मेवारी और शिशु की बेहतर केयर किस तरह की जाये इसे लेकर महिला परेशान हो सकती है। जिसके कारण महिला तनाव में आ सकती है। ऐसे में महिला को तनाव लेने से बचना चाहिए क्योंकि तनाव लेने के कारण महिला की परेशानी कम नहीं होती है बल्कि महिला को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और महिला ठीक होने की जगह बीमार हो सकती है।

स्तनपान

प्रसव के बाद महिला को शिशु को स्तनपान जरूर करवाना चाहिए, क्योंकि इसके कारण डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है। साथ ही स्तनपान करवाने से शिशु के बेहतर विकास में ही नहीं बल्कि महिला को डिलीवरी के बाद बढ़े हुए वजन को कम करने, ब्रेस्ट कैंसर की समस्या से बचे रहने, गर्भाशय को तेजी से अपने आकार में वापिस आने में मदद मिलती है। इसीलिए महिला को बेबी को डिलीवरी के बाद फीड जरूर करवाना चाहिए।

मेटरनिटी बेल्ट

डिलीवरी के बाद महिला को उठने, बैठने में परेशानी होने के साथ कमर में दर्द की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए महिला को मेटरनिटी बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। इस बेल्ट को पेट पर बांधने से न केवल महिला को उठने बैठने में आसानी होती है बल्कि पेट, पीठ, कमर में होने वाले दर्द की समस्या से राहत पाने में भी मदद मिलती है।

मालिश करवाएं

शरीर में आई कमजोरी को दूर करने के लिए, तनाव से राहत के लिए, स्किन के ढीलेपन को दूर करने के लिए महिला को मालिश जरूर करवानी चाहिए चाहिए। नोर्मल डिलीवरी वाली महिलाएं जहां डिलीवरी के एक हफ्ते के भीतर ही मालिश करवाना शुरू करवा सकती हैं, वहीँ सिजेरियन डिलीवरी वाली महिलाओं को मालिश करवाने के लिए थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए, और टांको के अच्छे से सेट होने के बाद मालिश करवानी चाहिए।

दवाइयों का सेवन

डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवाइयों का सेवन करना चाहिए। लेकिन महिला को इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए की डॉक्टर से बिना पूछे अन्य किसी और दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण महिला को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका ध्यान गर्भवती महिला को जरूर रखना चाहिए। ताकि डिलीवरी के बाद महिला को अच्छे से फिट होने में मदद मिल सके। साथ ही महिला स्वस्थ होने के बाद अपने शिशु के बेहतर विकास के लिए भी अच्छे से ध्यान रख सके।

जिओ सिम पर फ्री में कॉलर ट्यून लगाने के दो आसन तरीके

Free Caller Tune trick,  how to set free caller tune in jio sim

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अपने रिलायंस जिओ की सिम पर जियो ट्यून फ्री में कैसे एक्टिवेट करें। ज्यादातर नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियां कॉलर ट्यून एक्टिवेट करने के चार्ज लेती है और सोंग्स बदलने के भी चार्ज लेती है। लेकिन रिलायंस जिओ सिम में आप फ्री में जियो ट्यून एक्टिवेट कर सकते हैं, और जितनी मर्जी उतने सोंग्स आप चेंज कर सकते हैं, वह भी बिना किसी चार्ज के, तो चलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप अपने रिलायंस जियो सिम पर फ्री में जिओ ट्यून लगा सकते हैं।

जियो ट्यून लगाने के दो तरीके हैं पहला तो आप टेक्स्ट मैसेज से भी जियो ट्यून एक्टिवेट कर सकते हैं और सॉन्ग सेलेक्ट कर सकते हैं, और दूसरा है जिओ म्यूजिक एप्लीकेसन के जरिये।

जिओ म्यूजिक एप्स को डाउनलोड करके उससे भी आप जिओ ट्यून एक्टिवेट कर सकते हैं, और अलग-अलग गाने को अपना कॉलर ट्यून बना सकते है,  तो हम आपको पहले जियो म्यूजिक से कैसे जियो ट्यून एक्टिवेट कर सकते हैं वह हम आपको बताएंगे।

1.सबसे पहले आप Google Play Store पर जाएं और वहां पर जिओ म्यूजिक टाइप करें सबसे ऊपर ऑप्शन आएगा Reliance जिओ म्यूजिक।

jio tune kaise lagaye

रिलायंस जिओ म्यूजिक एप्लीकेशन को डाउनलोड कर ले। डाउनलोड करने के बाद इस एप्लीकेशन को आप ओपन करें, ओपन करने के बाद आप अपनी मनपसंद का गाना चुनें उस गाने को ओपन करने पर रनिंग सोंग्स के पेज पर आपको सेट जिओ ट्यून का ऑप्शन दिखेगा,

बस आपको सेट जिओ ट्यून का बटन प्रेस करना है और तुरंत आपके रिलायंस जियो सिम पर जिओ ट्यून एक्टिवेट हो जाएगा। इस जियो सिम पर जिओ ट्यून एक्टिवेट करने के कोई भी चार्जेस नहीं लगेंगे।

caller tune free e kaise lagaye

2.जियो सिम एक्टिवेट करने का एक दूसरा तरीका भी है सबसे पहले आप अपने मोबाइल पर sms वाला एप्लिकेशन खोल ले, फिर new sms वाला बटन पर क्लिक करे। याद रहे फेसबुक या व्हाट्सएप का एप्लिकेशन ओपन नही करना है नार्मल sms वाला एप्लिकेशन ओपन करना है।

फिर आप JT टाइप करें और 56789 पर भेज दे। उसके आप कुछ सेकेंड रिप्लाई मेसेज का इंतज़ार करे।

फिर कुछ ही सेकेंड में आपको रिप्लाई आ जायेगा। उस रिप्लाई sms में आपको 3 ऑप्सन दिखेगा।

  1. Bollywood
  2. Regional
  3. International

how to set set caller tune free

 इन तीन केटेगरी में आपको कोंन सी केटेगरी का गाना चुनना है। वो आप सेलेक्ट करे। जैसे आपको बॉलीवुड केटेगरी के गाने का जिओ ट्यून लगाना है तो मेसेज बॉक्स में 1 लिखकर रिप्लाई कर दे।

रिप्लाई करने के बाद फिर आपको कुछ सेकेंड में रिप्लाई आएगा। ओर उसमे तीन केटेगरी में से सेलेक्ट करने के लिए कहा जायेग,

  1. Song of the day
  2. Top ten song
  3. Popular songs

jio tune lagane ke tarike

 इन तीनो केटेगरी में जिस केटेगरी का गाना चुनना है वो आप सेलेक्ट करे। जैसे कि अगर आपको टॉप टेन सांग्स में से जिओ ट्यून लगाना है तो 2 टाइप कर के रिप्लाई कर दे। रिप्लाई करने के कुछ ही सेकेंड में आपको फिर रिप्लाई आएगा जिसमे टॉप टेन सांग की लिस्ट होगी, 10 गाने में से किसी को सेलेक्ट कर के आप रिप्लाई कर दे। बस हो गया जिओ ट्यून एक्टिवेट।

प्रेगनेंसी के अंतिम महीनों में यह 10 गलतियां न करें

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में यह गलतियां न करें, गर्भावस्था वो समय होता है जहां एक महिला को केवल अपना ध्यान नहीं रखना होता है बल्कि अपने पेट में पल रहे बच्चे का भी पूरा ध्यान रखना होता है। ताकि महिला और शिशु दोनों को ही किसी भी तरह की दिक्कत न हो। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में जहां शिशु के अंग बन रहे होते हैं वहीँ प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में उन अंगो का विकास तेजी से बढ़ रहा होता है।

ऐसे में यदि महिला इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही करती है तो इसका असर केवल महिला पर नहीं पड़ता है बल्कि शिशु भी इससे प्रभावित हो सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के अंतिम महीनों में महिला को कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए उस बारे में बताने जा रहे हैं।

सम्बन्ध बनाने से बचें

  • प्रेगनेंसी के आखिरी समय में महिला के पेट पूरी तरह से बाहर आ चूका होता है।
  • ऐसे में सम्बन्ध बनाने के कारण पेट पर दबाव पड़ने का खतरा रहता है, साथ ही महिला को बहुत ज्यादा परेशानी भी हो सकती है।
  • ऐसे में सम्बन्ध बनाने में यदि थोड़ी सी भी गलती हो जाए जैसे की पेट पर दबाव पड़ जाए, महिला के गर्भाशय पर चोट लग जाए, महिला बहुत ज्यादा थकान का अनुभव करे, आदि।
  • तो इसके कारण महिला व् शिशु दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी की आखिरी समय में गर्भवती महिला को सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए।

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में गर्म पानी से न नहाएं

  • गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में गर्म पानी से नहाने व् स्टीम बाथ लेने से भी बचना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण गर्भवती महिला के बॉडी के बाहरी व् आंतरिक तापमान में फ़र्क़ आ सकता है।
  • जो गर्भवती महिला व् शिशु के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
  • ऐसे में यदि ठण्ड का मौसम है तो महिला नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल कर सकती है।
  • लेकिन बहुत ज्यादा गर्म पानी के इस्तेमाल से महिला को बचना चाहिए।

व्यायाम

  • गर्भावस्था के समय महिला को थोड़ा बहुत व्यायाम, सैर आदि करने की सलाह दी जाती है।
  • क्योंकि इससे प्रेग्नेंट महिला को एक्टिव व् स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।
  • लेकिन प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में गर्भवती महिला को व्यायाम करने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि अधिक व्यायाम करने से महिला को बहुत ज्यादा थकान, कमजोरी महसूस होना, बॉडी पार्ट्स में दर्द होना, पेट पर जोर पड़ना जैसी परेशानियां हो सकती है।
  • जिसके कारण महिला व् शिशु दोनों को दिक्कत हो सकती है।
  • लेकिन महिला को सैर जरूर करनी चाहिए और उतनी ही जितने में महिला को थकावट व् कमजोरी का अनुभव न हो।

भोजन में लापरवाही

  • गर्भावस्था के आखिरी समय में शिशु का विकास तेजी से होने के साथ महिला का वजन बढ़ने के कारण पाचन क्रिया भी धीमी पड़ सकती है।
  • ऐसे में महिला को अपने आहार को समय से लेना चाहिए, ताजा संतुलित व् पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए, बड़े बड़े मील लेने की बजाय छोटे छोटे मील लेने चाहिए, खाने को अच्छे से चबाकर खाना चाहिए, आदि।
  • इसके अलावा महिला को बासी, ठन्डे, अधिक तेलीय व् मसालेदार आहार के सेवन से बचना चाहिए।
  • कच्चे अंडे, कच्चा मास, कच्चा दूध, जंक फ़ूड, अधिक मात्रा में कैफीन, अधिक मात्रा में नामक व् मीठे का सेवन करने से बचना चाहिए।

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में यात्रा करने से बचें

  • गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में प्रेग्नेंट महिला को यात्रा करने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि यदि यात्रा के दौरान महिला को झटका आदि लगने का खतरा रहता है।
  • और यदि ऐसा हो जाता है तो इसके कारण महिला व् शिशु दोनों को परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है।

दवाइयों का सेवन

  • गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को डॉक्टर कुछ दवाइयों का सेवन करने की सलाह देते हैं।
  • जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने व् पेट में पल रहे बच्चे के विकास के लिए फायदेमंद होती है।
  • लेकिन गर्भवती महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की इन दवाइयों के अलावा बिना डॉक्टरी सलाह के महिला को किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि यह दवाइयां बच्चे के विकास पर बुरा असर डाल सकती है।

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में हाई हील्स न पहनें

  • प्रेगनेंसी के आखिरी तिमाही में गर्भवती महिला को हाई हील्स पहनने से भी बचना चाहिए।
  • क्योंकि वजन बढ़ने के कारण न केवल महिला को इसमें चलने में दिक्कत हो सकती है।
  • बल्कि इसके कारण महिला का पैर फिसलने या गिरने का भी खतरा रहता है।
  • और महिला का गिरना या फिसलना न केवल महिला बल्कि बच्चे को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

ज्यादा सोचें नहीं

  • जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे महिलाएं डिलीवरी को लेकर तनाव में आ सकती है।
  • खासकर जो महिलाएं पहली बार माँ बनने जा रही होती है वह इसे लेकर ज्यादा परेशान हो सकती है।
  • जैसे की महिला की डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन, शिशु को कोई दिक्कत तो नहीं होगी, आदि।
  • लेकिन महिला को इस दौरान तनाव लेने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि प्रेग्नेंट महिला का तनाव लेना गर्भवती महिला के साथ शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
  • ऐसे में महिला को सोचना ही है तो आने वाले बच्चे के भविष्य में बारे में सोचें और सकारात्मक सोचें ताकि बच्चे और महिला दोनों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

छोटी छोटी लापरवाहियों से बचें

  • प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही में महिला को छोटी छोटी लापरवाहियों से भी बचना चाहिए।
  • जैसे की महिला को बिना सहारे के उठना बैठना नहीं चाहिए, झटके से उठना बैठना नहीं चाहिए।
  • भारी सामान को उठाने से बचना चाहिए, खिसकाना भी नहीं चाहिए।
  • यदि आपका कोई छोटा बच्चा है तो उसे भी उठाने से बचना चाहिए।
  • नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।
  • सीढ़ियां नहीं चढ़नी चाहिए।
  • ज्यादा देर पैरों को लटकाकर नहीं बैठना चाहिए, न हो बहुत देर तक एक ही जगह पर खड़े रहना चाहिए।
  • पेट के भार कोई काम नहीं करना चाहिए, पैरों के भार बैठकर कोई काम नहीं करना चाहिए, झुककर कोई काम नहीं करना चाहिए।
  • केमिकल के इस्तेमाल से बचना चाहिए, ज्यादा शोर, भीड़भाड़ से दूर रहना चाहिए, आदि

डॉक्टर से जांच

  • प्रेगनेंसी में अंतिम महीनों में महिला को डॉक्टर से अपनी सभी जांच समय से करवाने के साथ डॉक्टर से बात करते रहना चाहिए।
  • ताकि महिला व् शिशु को किसी भी तरह की दिक्कत से बचे रहने में मदद मिल सके।
  • और डॉक्टर से जांच करवाने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ गलतियां जो प्रेग्नेंट महिला को भूलकर भी प्रेगनेंसी के आख्रिरी महीनों में नहीं करनी चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला इन बातों का ध्यान रखती है तो इससे महिला व् शिशु को स्वस्थ रहने के साथ डिलीवरी में आने वाली दिक्कतों को कम करने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी में कौन से जूस पीने चाहिए?

प्रेगनेंसी में जूस

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को तरल पदार्थो का भरपूर सेवन करने की सलाह दी जाती है इससे बॉडी को हाइड्रेट रहने के साथ गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने और गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है। इसके अलावा फलों के रस में विटामिन्स व् अन्य मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान महिला को ऊर्जा से भरपूर रहने और शिशु की मांसपेशियों, हड्डियों के बेहतर विकास में मदद करता हैं। साथ ही इससे शिशु के शारीरिक विकास साथ मानसिक विकास को भी बेहतर होने में मदद मिलती है। लेकिन गर्भवती महिला को पैकिंग वाले जूस, रोड साइड जूस की दूकान आदि से जूस का सेवन करने से बचना चाहिए। बल्कि महिला को घर में ताजे फलों का रस बनाकर उसका सेवन करना चाहिए। क्योंकि पैकिंग वाले जूस में मिलाएं जाने वाले केमिकल और बाहर मिलने वाले जूस में साफ़ सफाई का ध्यान न रखने के कारण शिशु और महिला की सेहत को नुकसान पहुँच सकता है।

गर्भवती महिला को कौन से जूस पीने चाहिए

प्रेग्नेंट महिला को घर में बने जूस के साथ इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की मौसमी फलों का इस्तेमाल ही जूस के लिए करना चाहिए। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेग्नेंट महिला को कौन कौन से जूस का सेवन करना चाहिए।

सेब

आयरन, फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर सेब के जूस का सेवन करना गर्भवती महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद आयरन बॉडी में हीमोग्लोबिन मात्रा को बॉडी में पर्याप्त बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही फोलिक एसिड जैसे अन्य मिनरल्स गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में मददगार होते हैं।

मौसमी व् संतरा

विटामिन सी एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट होता है जो संतरे और मौसमी में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की कोशिकाओं और मांसपेशियों के बेहतर विकास में मदद मिलने में मदद मिलती है जिससे शिशु का शारीरिक विकास बेहतर तरीके से होता है। इसके अलावा संतरे व् मौसमी में मौजूद फोलिक एसिड शिशु को जन्म के समय होने वाली बिमारियों व् हर प्रकार के संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है।

गाजर और चुकंदर

आयरन, फोलिक एसिड व् अन्य मिनरल्स से भरपूर गाजर व् चुकंदर का जूस भी प्रेग्नेंट महिला और शिशु के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे गर्भवती महिला की बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा को पर्याप्त रखने के साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है। गाजर व् चुकंदर के साथ आप इसमें थोड़ा सा निम्बू का रस, आंवला, सेब आदि को भी मिला सकती है। इससे न केवल इस जूस के स्वाद को बढ़ाने में मदद मिलती है, बल्कि पोषक तत्वों की मात्रा को बढ़ाने में भी फायदा होता है।

अंगूर

कभी कभी स्वाद को बदलने के लिए गर्भवती महिला अंगूर के रस का सेवन भी कर सकती है। क्योंकि अंगूर के जूस का सेवन भी गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट गर्भ में शिशु के लिए भी फायदेमंद होते हैं। अंगूर के जूस के फायदे को बढ़ाने के लिए आप इसे किसी अन्य फल के रस में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकती है।

क्रैनबेरी का जूस

करौंदा को ही क्रैनबेरी कहा जाता है इसमें जरूरी विटामिन जैसे की विटामिन सी व् अन्य मिनरल्स भरपूर पाए जाते है जो गर्भावस्था में काफी फायदेमंद होते है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला चाहे तो क्रैनबेरी के जूस का सेवन भी कर सकती है। इसके सेवन के लिए क्रैनबेरी के जूस में थोड़ा पानी व् थोड़ी चीनी मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है।

गन्ने का रस

गन्ने के रस में विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर, एंटी ऑक्सीडेंट्स, कैल्शियम आदि भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो प्रेगनेंसी के दौरान महिला को होने वाली परेशानियों का समाधान करने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला चाहे तो गन्ने के रस का सेवन भी कर सकती है लेकिन ध्यान रखें की गन्ने के रस का सेवन मौसम का ध्यान रखने के साथ सफाई वाली जगह से ही इसका सेवन करना चाहिए।

अनार

लाल लाल अनार के जूस का सेवन भी गर्भवती महिला और गर्भ में शिशु के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अनार के रस में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए सभी जरुरी पोषक तत्व की कमी को पूरा करने में भी मदद करते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को अनार के जूस का सेवन जरूर करना चाहिए।

नारियल पानी

नारियल पानी भी जूस की तरह ही होता है साथ हो इसमें पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ गर्भ में शिशु को स्वस्थ रखने और उसके बेहतर विकास में भी मदद करते हैं। इसके अलावा नारियल पानी का सेवन करने से प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने और बॉडी में पानी की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ जूस जिनका सेवन प्रेग्नेंट महिला को जरूर करना चाहिए। क्योंकि प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने और गर्भ शिशु के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसके अलावा जूस का भरपूर सेवन करने से गर्भवती महिला के शरीर में पानी की मात्रा को पर्यापत बनाए रखने में भी मदद मिलती है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की दिन में एक या दो गिलास जूस का सेवन ही करें की फलों की अपेक्षा जूस में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है जिससे प्रेग्नेंट महिला को वजन तेजी से बढ़ने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बांह पर काले-काले दाग और दाने हटाने के उपाय

बांह पर काले दाग, ज्यादातर लोग अपने चेहरे की सुंदरता को लेकर काफी सजग रहते हैं। लेकिन चेहरे का जितना ख्याल आप रखते हैं शायद शरीर के बाकी अंगो का नहीं रखते हैं। लेकिन चेहरे के साथ शरीर के बाकी अंगों की स्किन भी कोमल होती है। कई बार त्वचा से जुड़ी समस्याओं की वजह से हाथों पैरों की त्वचा की चमक फीकी पड़ जाती है। जैसे की बांह पर काले दाग धब्बे पड़ने लग जाते हैं।

जिसके कारण चेहरे की स्किन और बांह की स्किन में फ़र्क़ दिखने लगता है। जिससे आपकी सुंदरता पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में चेहरे के साथ आपको अपने अन्य बॉडी पार्ट्स की स्किन का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको यह परेशानी न हो। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की बांह से जुडी इस समस्या के कारण और उपचार क्या होते हैं।

बांह पर काले दाग व् दाने होने के कारण

  • स्किन के लिए किसी मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल नहीं करना।
  • अधिक धूल मिट्टी के जमाव के कारण।
  • धूप के कारण स्किन पर काले दाग नज़र आना।
  • बहुत अधिक वैक्सिंग करवाना।
  • हार्मोनल बदलाव।

बांह पर होने वाले दाग व् दाने से बचाव के उपाय

यदि आप भी बांह के कालेपन के साथ बांह पर होने वाले दाग धब्बों से परेशान हैं। तो अब आपको इसके लिए परेशान होने की जरुरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से इस समस्या से बचने के उपचार बताने जा रहे हैं। तो आइये अब जानते हैं की वो उपचार कौन से हैं।

एलोवेरा जैल

बीटा कैरोटीन, विटामिन-ए, बी, सी, ई, 90% एमिनो एसिड एलोवेरा में मौजूद होते हैं। जो स्किन को नमी देने के साथ दाने व् दाग की परेशानी से निजात दिलाने में भी मदद करते हैं। इस उपचार को करने के लिए एक ताजा एलोवेरा लें। अब उसका छिलका उतार कर जैल निकाल ले। अब उस जैल को अपनी बांह की स्किन पर लगाएं। और ऐसा रात को करें ताकि रात भर आपकी स्किन को उसका फायदा मिलें। सुबह उठकर बांह को धो लें।

आलू

आलू में मौजूद स्टार्च और शुगर मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करते हैं। जिससे स्किन को ग्लोइंग बनाने के साथ स्किन से दाग को हटाने में भी मदद मिलती है। इस उपचार के लिए आलू का रस निकालकर या आलू की स्लाइसेस का इस्तेमाल करें। अब आलू के रस को या आलू की स्लाइसेस को बांह पर लगाएं। अब बांह की स्किन जब आलू के रस को अच्छे से सोख ले। तो गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके हाथों को साफ़ कर लें।

शहद

प्रोटीन, एमिनो एसिड, विटामिन से भरपूर शहद भी इस समस्या से निजात के लिए फायदेमंद होता है। इस उपचार के लिए एक चम्मच शहद और थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ आलू मिक्स कर लें। अब इस पेस्ट को अपनी बांह पर लगाकर बीस मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद साफ पानी से इसे साफ़ कर लें।

निम्बू का रस

विटामिन सी से भरपूर रस भी स्किन से जुडी समस्या से निजात के लिए एक बेहतरीन उपाय है। निम्बू त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है। जिससे बांह की स्किन पर काले दाने व् दाग को दूर करने में मदद मिलती है। इस उपाय को करने के लिए निम्बू के रस में थोड़ा पानी मिलाएं। अब इसे रुई की मदद से अपनी स्किन पर लगाएं। और स्किन जब तक इसे अच्छे से सोख न लें इसे लगे रहने दें। उसके बाद इसे पानी से साफ कर लें।

सेब का सिरका

विटामिन्स व् अल्फ़ा हाइड्रोक्सी एसिड से भरपूर सेब का सिरका भी बांह से जुडी इस समस्या के लिए फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल के लिए एक कटोरी में एक चम्मच सेब का सिरका, एक चम्मच पानी, एक चम्मच शहद मिक्स कर लें। अब रुई की मदद से इसे अपनी बांह पर लगाएं। और बीस मिनट बाद पानी की मदद से इसे साफ़ कर लें। ऐसा नियमित करें आपको फायदा जरूर मिलेगा।

कच्चा दूध

तीन से चार चम्मच कच्चा दूध व् एक चम्मच शहद को अच्छे से मिक्स कर लें। अब रुई की मदद से इस पेस्ट को अपनी बांच पर लगाएं। और बीस मिनट बाद बांह को पानी से साफ़ कर लें। ऐसा करने से भी बांह की स्किन से जुडी समस्या से निजात मिल सकता है।

संतरे का छिलका

  • विटामिन सी से भरपूर संतरे के छिलके को सुखाकर उसका पाउडर बनाएं।
  • इसके बाद एक कटोरी में एक चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, थोड़ा दूध और थोड़ा शहद लें।
  • अब इन्हे अच्छे से मिक्स करके एक पतला पेस्ट बनाएं
  • अब इसे पतली लेयर के रूप से अपनी बांह पर लगाएं। और सूखने के बाद इसे साफ़ कर लें।

गुलाबजल

  • चन्दन पाउडर में गुलाबजल मिलाकर एक पेस्ट बनाएं।
  • अब इस पेस्ट को अपनी बांह पर लगाएं।
  • अब इसे सूखने के लिए छोड़ दें।
  • सूखने के बाद इसे साफ पानी से धो लें।
  • ऐसा करने से भी बांह के कालेपन व् दाग को दूर करने में मदद मिलती है।

बांह के कालेपन व् दाग को दूर करने के अन्य उपाय

  • पपीते के टुकड़ों को पीसकर अपनी बांह पर लगाएं।
  • कच्चे दूध को रुई की मदद से दाग व् दानों पर लगाएं।
  • लहसुन और प्याज को पीसकर उनका रस निकालकर इस्तेमाल करें।
  • खीरा और दही का पेस्ट लगाएं।
  • हल्दी में दूध व् निम्बू का रस मिलाकर इस्तेमाल करें।
  • घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
  • चेहरे के साथ बांह को मॉइस्चराइज करें।
  • बाहर से घर आने के बाद चेहरे के साथ बांह को भी धोएं।

तो यह हैं कुछ उपाय जो महिला को बांह से जुडी इस समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन एक दिन में नहीं बल्कि धीरे धीरे आपको इनका असर खुद दिखाई देने लगेगा। इसीलिए कुछ दिनों तक इन उपाय को नियमित ट्राई करें। और यदि किसी चीज से आपको एलर्जी हो तो उस उपाय को करने से बचें