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कटा हुआ तरबूज खाने से गर्भवती महिला को यह दिक्कत होती है

प्रेगनेंसी में तरबूज

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान फलों और सब्जियों का भरपूर सेवन करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमे मौजूद पोषक तत्व प्रेगनेंसी के दौरान न केवल गर्भवती महिला को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद करते हैं बल्कि इससे गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है। ऐसे की गर्मियों के दौरान यदि महिला गर्भवती है, तो तरबूज जैसे फल को खाने की महिला की बहुत इच्छा होती है, क्योंकि मीठा होने के साथ यह बहुत फायदेमंद भी होता है। प्रेग्नेंट महिला यदि तरबूज का सेवन करती है तो इसके कारण गर्भवती महिला को सेहत सम्बन्धी बहुत से फायदे मिलते हैं जिससे प्रेगनेंसी के दौरान महिला आराम महसूस करती है।

जैसे की इससे बॉडी में पानी की कमी नहीं होती है, मांसपेशियों में अकड़न से राहत मिलती है, सीने में जलन की समस्या से बचाव, पाचन तंत्र सही रहता है, एनर्जी मिलती है, सूजन की समस्या नहीं होती है, मॉर्निंग सिकनेस से आराम मिलता है, आदि। लेकिन यदि तरबूज ताजा हो और ताजा काटकर ही इसका सेवन किया जाये तो यह फायदा करता है, क्योंकि कटा रखा तरबूज खाने से, तरबूज के ऊपर पानी पीने से महिला को सेहत सम्बन्धी समस्या का समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके अलावा किसी भी सब्ज़ी या फल का सेवन करते समय साफ़ सफाई का ध्यान रखना, और ताज़ी सब्जियों और फलों का सेवन ही करना चाहिए।

कटे रखे हुए तरबूज का सेवन करने से होने वाले नुकसान

यदि किसी खाने की चीज को सही तरीके से और साफ़ सफाई का ध्यान रखते हुए खाया जाये तो ही वह फायदेमंद होती है। नहीं तो वह बॉडी को नुकसान भी पहुंचा सकती है। तो आइये आज हम प्रेग्नेंट महिला को कटे रखे तरबूज का सेवन करने से कौन कौन से नुकसान हो सकते है इस बारे में बताने जा रही है।

पेट में दर्द

बहुत देर तक कटे पड़े तरबूज पर मिट्टी के कण, मक्खी मच्छर आदि बैठ सकते है, जिसके कारण तरबूज पर कीटाणु लग जाते है। और जब आप इस तरबूज का सेवन करते हैं तो यह कीटाणु पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकते हैं जिसके कारण पेट में दर्द की समस्या हो सकती है।

डायरिया

गर्भवती महिला यदि खाने से बहुत देर पहले ही तरबूज को काटकर बिना ढके हुए रखती है तो इसके कारण तरबूज पर कीटाणु जमा होने लगते हैं। और यह कीटाणु जब पेट में जाते हैं तो यह शरीर की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं जिसके कारण महिला को उल्टी, दस्त यानी की डायरिया जैसी समस्या से प्रभावित होना पड़ सकता है।

संक्रमण का डर

कटे रखे तरबूज पर मक्खी मच्छर के बैठने के कारण वायरस के फैलने का खतरा रहता है जिसके कारण जब आप इसका सेवन करते हैं तो यह वायरस आपके शरीर में फ़ैल जाता है जिसके कारण इन्फेक्शन होने का डर रहता है। और इन्फेक्शन के कारण शिशु के विकास पर भी असर पड़ सकता है।

गैस व् एसिडिटी

बहुत देर कटे पड़े रखे तरबूज का सेवन करने से गर्भवती महिला को गैस, सीने में जलन, जी मिचलाना जैसी समस्या हो सकती है।

पोषक तत्व नहीं मिलते

बासी या कटे पड़े तरबूज में पोषक तत्वों की भी कमी आ जाती है ऐसे में तरबूज का सेवन करने से कोई फायदा नहीं होता है, बल्कि आपको सेहत सम्बन्धी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ सेहत सम्बन्धी समस्याएँ जो गर्भवती महिला को कटे पड़े तरबूज का सेवन करने से हो सकती है। ऐसे में जब भी तरबूज खाने का मन हो तो ताजा व् खाने के समय ही काटे हुए तरबूज का सेवन ही करना चाहिए। ताकि गर्भवती महिला को तरबूज का सेवन करने से उसके फायदे मिल सके।

डिलीवरी के बाद एक महीने तक क्या-क्या नहीं खाना चाहिए

डिलीवरी के बाद खान पान

प्रेगनेंसी के दौरान जिस तरह महिला को अपने खान पान का अच्छे से ध्यान चाहिए ताकि महिला और शिशु स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। उसी तरह डिलीवरी के बाद भी महिला का अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखना रखना चाहिए ताकि डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलने के साथ शिशु के लिए ब्रेस्टमिल्क में भी किसी तरह की परेशानी न हो। क्योंकि डिलीवरी के बाद महिला का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है ऐसे में शिशु का विकास भी पूरी तरह से महिला पर भी निर्भर करता है तो महिला को खाने पीने में किसी तरह की लापरवाही न करते हुए पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन थोड़ी थोड़ी देर में करते रहना चाहिए। ऐसा करने से डिलीवरी के बाद महिला को बहुत जल्दी फिट होने में मदद मिलती है, साथ ही डिलीवरी के बाद महिला चाहे तो खाने में क्या खाये और क्या नहीं इसके लिए एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकती है।

डिलीवरी के बाद एक महीने तक महिला को क्या नहीं खाना चाहिए

डिलीवरी के बाद महिला को कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिसके सेवन से परहेज करना चाहिए क्योंकि उन चीजों के सेवन से महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी होने के साथ शिशु के लिए ब्रेस्टमिल्क में कमी जैसी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की महिला को डिलीवरी के बाद एक महीने तक क्या क्या नहीं खाना चाहिए।

ज्यासा मसालें युक्त आहार

डिलीवरी के बाद महिला को हल्का भोजन व् पोषक तत्वों से युक्त भोजन करना चाहिए। और जिस भोजन में बहुत अधिक मिर्च मसालों का इस्तेमाल किया जाता है उनके सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसे आहार से महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी जैसे की खाने को पचाने में दिक्कत जैसी परेशानी हो सकती है। साथ ही महिला जो भी खाती है उसका असर ब्रेस्टमिल्क पर भी पड़ता है और ब्रेस्टमिल्क के जरिये जब इसका प्रभाव शिशु तक पहुँचता है तो इससे शिशु को भी दिक्कत हो सकती है।

गैस बनाने वाले आहार

जिन चीजों का सेवन करने से महिला को गैस की परेशानी होती है जैसे की गोभी, जंक फ़ूड, ठंडा खाना, आदि उनके सेवन से भी डिलीवरी के बाद महिला को परहेज करना चाहिए। क्योंकि ऐसे आहार का सेवन करने से महिला को गैस की परेशानी होने के साथ सीने में जलन, पेट में दर्द, खट्टी डकार जैसी समस्या भी हो सकती है

ज्यादा तेलीय आहार

डिलीवरी के बाद महिला का वजन बढ़ जाता है ऐसे में यदि महिला बहुत ज्यादा तेलीय आहार का सेवन करती है या ऐसा आहार अधिक लेती है जिसमे वसा की मात्रा अधिक होती है। तो इसके कारण महिला का वजन और तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए महिला को ज्यादा तेल युक्त आहार का सेवन से बचना चाहिए।

कैफीन

कैफीन जैसे की चाय, कॉफ़ी का सेवन भी डिलीवरी के बाद महिला को अधिक नहीं करना चाहिए। क्योंकि ब्रेस्टमिल्क के जरिये कैफीन का बुरा प्रभाव शिशु तक पहुंचकर शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है।

दवाइयां

डिलीवरी के बाद महिला को कमजोरी, थकान, व् अन्य शारीरिक परेशानियां हो सकती है। ऐसे में इनके उपचार के लिए महिला को अपने आप ही दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से इन दवाइयों का असर शिशु तक पहुंचकर शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है और यदि तकलीफ ज्यादा है तो इसके लिए एक बार डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए।

एलर्जी वाले आहार

जिस आहार को खाने से महिला को एलर्जी हो या ऐसा कोई आहार जिसे खाने के बाद दूध पिलाने पर आपको महसूस हो की शिशु को दिक्कत हो रही है या शिशु दूध नहीं पी रहा है तो उन चीजों के सेवन से भी महिला को परहेज करना चाहिए। जैसे की लहसुन, लहसुन का सेवन करने से ब्रेस्टमिल्क को बढ़ाने में मदद तो मिलती है। लेकिन इससे दूध के टेस्ट में भी फर्क आता है जिसके कारण शिशु दूध पीना छोड़ सकता है।

चॉकलेट

चॉकलेट का सेवन भी महिला को करने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें भी कैफीन की मात्रा अधिक होती है जो शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है।

नशा

डिलीवरी के बाद महिला को नशे के सेवन से भी परहेज करना चाहिए और यह परहेज महिला को जब तक करना चाहिए जब तक महिला शिशु को स्तनपान करवाती है। क्योंकि यदि महिला शिशु को स्तनपान करवाती है और नशा करती है तो नशे का बुरा असर शिशु के विकास को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

तो यह हैं कुछ आहार जिनका सेवन डिलीवरी के एक महीने बाद तक महिला को नहीं करना चाहिए क्योंकि इनके सेवन से महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कत होने के साथ शिशु का शारीरिक विकास भी प्रभावित हो सकता है।

होठों की सुंदरता बढ़ाने के उपाय

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महिलाओं की खूबसूरती उनके सुंदर होठों से और भी बढ़ जाती है। सुंदर होंठ आपकी खूबसूरती में और भी चारचांद लगा देते है। पर क्या आप जानते है हमारे होंठों की त्वचा हमारे शरीर की त्वचा से कई गुणा ज्यादा नाजुक होती है। और हम अपनी बाकी त्वचा की देखभाल करते करते अपने होंठों को ही भूल जाते है। केयर करने के मामले में हमारे होंठ सबसे ज्यादा नजरअंदाज होते है।

होठों को सुंदर बनाने के उपाय

सहीं देखभाल ना मिलने पर फूल भी मुरझा जाते है, फिर हमारे होठों की त्वचा पर असर कैसे ना हो। होठों को सुंदर कैसे बनाना है।

देखभाल:

  • सहीं देखभाल ना होने से होंठ फटने लगते है।
  • होंठ सिर्फ मौसम के बदलने से ही नहीं फटते।
  • धुप, गर्मी, पानी ना पीना, स्मोक करना या शराब पीने की आदत से भी होंठ फटते है।
  • कई बार केमिकल बेस्ड कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से भी होठों की सुंदरता बिगड़ जाती है।
  • ध्यान देने योग्य बात यह है के होंठों की त्वचा में ग्रंथियां नहीं होती और अपना कुदरती तेल भी नहीं होता है।
  • जिस कारण होंठों पर हर चीज का असर सबसे ज्यादा होता है।
  • फ़टे होंठो को ठीक करने के लिए नारियल तेल और टी ट्री आयल को मिक्स करें।
  • इस मिश्रण को दिन में दो बार और रात में सोने से पहले जरूर लगाए।
  • इनकी सहीं देखभाल के लिए शहद और वैसलीन को मिक्स कके लगाए।
  • सप्ताह में एक बार वैसलीन और शहद का प्रयोग जरूर करें।
  • रात को सोने से पहले शिया बटर से होंठो की मसाज जरूर करें।
  • यह सब चीजे आपके होंठों को कुदरती देखभाल देंगी।
  • जिससे आपके नरम दिखेंगे।

स्क्रबिंग:

  • होंठों की डेड स्किन निकालने के लिए स्क्रबिंग जरुरी है।
  • आजकल बाजार में भी बहुत से लिप्स स्क्रबर मिल जाते है।
  • पर बाजार के लिप्स स्क्रबर इस्तेमाल ना करके घर पर ही स्क्रबर बनाये।
  • चीनी और ऑलिव आयल को मिक्स करके होंठों पर स्क्रब करें।
  • यह स्क्रब करने से आपके होंठों की डेड स्किन साफ़ हो जाएगी।
  • ऐसा करने से आपके होंठ मॉइस्चराइज़ होंगे और इनकी रंगत भी निखरेगी।

गुलाबजल:

  • गुलाब की पंखुड़ियों से होंठों की हमेशा तुलना की जाती है।
  • क्योंकि सभी अपने होंठों के रंग को गुलाब के रंग जैसा देखना चाहते है।
  • गुलाबजल और शहद की कुछ बूंदो को मिलाकर होंठों पर लगाए।
  • यह मिश्रण आपके होंठों की त्वचा को ठंडक देगा, उन्हें मॉइस्चराइज़ करेगा, साथ ही उनकी रंगत भी निखारेगा।
  • इसके उपयोग से आपके होंठ कुदरती पिंक कलर के हो जायेंगे।
  • गुलाबी रंग के होंठ सभी को अपनी और आकर्षित करते है।

 बादाम का तेल:

  • रात को सोने से पहले रोजाना बादाम के तेल से होंठों की मसाज करें।
  • बादाम में विटामिन इ भरपूर मात्रा में होता है।
  • विटामिन इ त्वचा के लिए बहुत ही गुणकारी होता है।
  • बादाम तेल आपके होंठों को मॉइस्चराइज़ कर उनकी नमी बरकरार रखेगा।
  • इसके उपयोग से होंठ फटेंगे भी नहीं।

पानी का सेवन:

  • त्वचा संबंधित कोई भी परेशानी ठीक करने के लिए पानी सबसे उत्तम रहता है।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आप हाइड्रेट रहेंगे।
  • जिससे आपके होंठों की त्वचा जल्दी जल्दी सूखेगी नहीं।
  • यदि सिर्फ पानी ना पी पा रहे हो तो फलों का जूस भी ले सकते है।
  • पानी वाले फल और सब्जियां भी आपको हाइड्रेट रखने में मदद करती है।

लिपस्टिक और लिप ग्लॉसेज:

  • होंठों को सुंदर बनाने के लिए लोग लिपस्टिक और लिप ग्लॉसेज का इस्तेमाल करते है।
  • पर ध्यान रखिये केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट्स या सस्ते प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कर अपने होंठों की त्वचा खराब ना करिये।
  • क्रीमी टेक्सचर वाली लिपस्टिक होंठों को एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन देती है।
  • होंठों पर निखार लाने के लिए हर्बल बेस्ड लिप ग्लॉसेज का डबल कोट भी किया जा सकता है।

इनमें से कोई भी तरीका इस्तेमाल कर आप अपने होंठों को सुंदर बना सकते है। कुदरती सुंदर होंठों के लिए जरुरी है के अच्छे से हाइड्रेट रहे और अच्छा खान पान लें। स्मोकिंग और शराब पीना आपकी सेहत और त्वचा दोनों के लिए ही हानिकारक होता है। ध्रूमपान करने से आपके होंठ काले पड़ जाते है। सुंदर होंठों के लिए उनकी अच्छे से देखभाल करें।

अलसी बीज से पेट की चर्बी घटाएं, तीसी से मोटापा कम करने के तरीके

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आज के समय में मोटापा लोगों की आम समस्या बनता जा रहा है जिसे देखो वही अपने मोटापे को कम करने के बारे में सोचता रहता है। यूँ तो बहुत से उपाय है जिनकी मदद से मोटापा कम किया जा सकता है लेकिन उनमे से कुछ काफी महंगे होते है तो कुछ मोटापा घटाने में काफी अधिक समय ले लेते है। लेकिन क्या आप जानते है की कुछ उपाय है जिनकी मदद से कुछ ही दिनों में मोटापा कम किया जा सकता है। उन्ही में से एक है अलसी के बीज! जी हां, अलसी के बीज न केवल सेहत के लिए लाभकारी होते है अपितु यह मोटापा घटाने में भी काफी फायदेमंद होते है विशेषकर पेट की चर्बी।alsi beej se pet ki charbi ghatayen

नियमित रूप से अलसी के बीजों का सेवन करके पेट की चर्बी को आसानी से कम किया जा सकता है लेकिन ये हर किसी को सूट नहीं करते जिसके कारण उन्हें दस्त आदि की समस्या हो जाती है। अलसी के बीजों के सेवन में अधिक से अधिक पानी पीना जरुरी होता है क्योंकि उनमे अधिक फाइबर होते है जिन्हें पचाने में पानी मदद करता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को कभी भी अलसी के बीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, यह उनके लिए हानिकारक हो सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे है की अलसी के बीजों से अपने पेट की चर्बी कैसे कम करें? जानने के लिए आगे पढ़े …

अलसी में मौजूद फाइबर करे फैट को कम :

इन बीजों में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो वजन कम करने और पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है। उदाहरण के तौर पर 1 चम्मच अलसी बीज से 3 ग्राम फैट कम होता है। और अगर आप नियमित रूप से अलसी के बीजों का सेवन करते है तो फैट को आसानी से कम किया जा सकता है।

क्योंकि इन्हें खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती जिससे आप ज्यादा देर तक खाना नहीं खाते। इसके अलावा यह कब्ज दूर करने में भी मदद करता है और पेट को साफ करता है। अलसी के बीज का सेवन करने से पेट से जुडी हर प्रकार की बीमारियां दूर हो जाती है।

इंसुलिन बढ़ाने में मदद करे :

अलसी बीज में मौजूद तत्व बॉडी में इंसुलिन की मात्रा बढाने में मदद करते है। जिन लोगों को मधुमेह की समस्या होती है उनके शरीर में इंसुलिन कम होता है जिसकी वजह से उनका वजन लगातार बढ़ता रहता है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही है तो आप नियमित रूप से अलसी के बीजों का सेवन करना शुरू कर दें। इसकी मदद से आप अपने शुगर और अपने फैट दोनों को कम कर सकते है।

बीजों में मौजूद ओमेगा-3 हृदय के लिए लाभकारी होता है :

इन बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है जो हृदय के संबंधित रोगों को दूर करने में मदद करता है। साथ ही शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करता है। ओमेगा-3 व्यायाम करते समय शरीर की मांसपेशियों से अतिरिक्त वसा को कम कर देता है। जिससे वजन कम होने में ज्यादा समय नहीं लगता।

मेटाबोलिज्म बूस्ट करे :भुनी हुई और पीसी हुई तीसी

अलसी के बीजों में एक तरह का विशेष तत्व पाया जाता है जो शरीर के मेटाबोलिज्म को कम करने में मदद करता है। इससे शरीर का वजन और पेट की चर्बी दोनों ही कम करने में मदद मिलती है। इसलिए अगर आप अपना वजन जल्द से जल्द घटाना चाहते है तो एक्सरसाइज के साथ-साथ अलसी के बीजों का सेवन करना भी शुरू कर दें।

इन तरीकों से करें अलसी के बीजों का सेवन :-

अगर आप जल्द से जल्द अपना वजन घटाना चाहते है तो उसके लिए आपको नियमित रूप से अलसी के बीजों का सेवन करना होगा। लेकिन रोज रोज एक ही तरीके से अलसी बीज को खाना मुश्किल हो सकता है। यहाँ हम आपको कुछ आसान तरीके बता रहे है जिनकी मदद से आप अलग-अलग तरीकों से अलसी के बीजों का सेवन कर सकते है।

  • रोजाना एक मुट्ठी या उससे कम अलसी बीज का सेवन करें।
  • एक ग्लास गर्म पानी लें और उसमे अलसी को मिक्स करके रोजाना सुबह इसका सेवन करें।
  • रात में अलसी के बीज भिगोकर उन्हें सुबह खाएं। वजन कम हो जाएगा।
  • (अलसी के बीजों का सेवन नाश्ते से 20 मिनट पहले करें ऐसा करने से आपकी भूख पर नियंत्रण रख जा सकता है।)
  • वैसे आप चाहे तो इन्हें सीधे अपने खाने में मिलाकर भी खा सकते है।
  • अलसी के बीजों को ओटमील यानी दलिया के साथ भी नश्ते में खाया जा सकता है।
  • रोटियों को और स्वादिष्ट बनाने के लिए भी आप अलसी के बीजों का प्रयोग कर सकते है। इसके लिए आटे में अलसी के कुछ बीज मिला लें। और उस आटे की रोटियां बनवाएं।
  • केक, कूकीज और पेनकेक्स आदि के साथ भी आप अलसी के बीजों का सेवन कर सकते है। यह स्वाद तो बढ़ाएंगे ही साथ साथ आपकी सेहत को भी बेहतर रखेंगे।अलसी बीज की स्मूथी
  • स्ट्रॉबेरी, एप्पल, ऑरेंज आदि की स्मूथी (smoothie) के साथ भी अलसी के बीजों को मिलाकर खाया जा सकता है। ये स्वज्द में काफी टेस्टी लगते है।
  • वैसे आप चाहते तो अपने रायते में भी अलसी को मिला सकते है। इसके लिए अलसी के बीजों को भुनकर उन्हें दरदरा पीस लें और फिर इसे अपने रायते में मिला लें।

तो ये थे कुछ फायदे और तरीके जिनकी मदद से आप अलसी के बीजों का सेवन अपने पेट के चर्बी कम करने के लिए कर सकते है। ये उपाय पूरी तरह घरेलू है जिनके कोई दुष्परिणाम नहीं है। लेकिन ध्यान रहे किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से इस बारे में अवश्य पूछ लें क्योंकि सभी चीजें सभी को सूट नहीं करती। ऐसी स्थिति में दुष्परिणाम सामने आ सकते है।


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सुबह खाली पेट इन चीजों को खाने से हो सकती है परेशानियां

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बहुत से लोगों को आदत होती है की सुबह सुबह जागते ही उन्हें कुछ खाने के लिए चाहिए होता है फिर चाहे वो बेड टी हो या हल्का सा नाश्ता, फ्रूट्स हो या बेक्ड कूकीज। लेकिन कई बार उनकी यही आदत खुद के लिए परेशानी का कारण बन जाती है। जी हां, सुबह उठने के बाद आप सबसे पहले खाने की जिस चीज का सेवन करते है उसका सीधा प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसीलिए सुबह कुछ भी सोच समझकर खाना चाहिए।

स्वास्थ्य पर इन खाद्य पदार्थों का असर एसिडिटी, पेट में जलन, आदि जैसी समस्यायों के रूप में होता है। जिससे व्यक्ति को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन यह भी सत्य है की सुबह का नाश्ता आपके दिनभर का सबसे महत्वपूर्ण आहारों में से एक होता है इसीलिए यह सलाह दी जाती है की इस समय हेल्थी जीचों का सेवन करना चाहिए।

बहुत से लोगों को सुबह जागते ही कॉफ़ी पीने की आदत होती है लेकिन अगर स्वास्थ्य के नजरिये से देखा जाए तो यह आदत बहुत गलत है। इसके अलावा भी बहुत सी ऐसे चीजें है जिन्हे आपको सुबह के नाश्ते में सम्मिलित नहीं करना चाहिए। लेकिन वे चीजें है क्या? इनके बारे में सभी को नहीं पता। इसीलिए आज हम बताने जा रहे है की सुबह खाली पेट उठकर कौन सी चीजों का सेवन आपको नहीं करना है। और किन चीजों का सेवन आपके लिए लाभकारी होगा।

इन चीजों का सेवन सुबह खाली पेट कतई नहीं करना चाहिए :-

1. केला (Banana) :kela

केले में कैल्शियम की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है जो शरीर के लिए बेहद लाभकारी होती है लेकिन जब आप इसका खाली पेट सेवन करते है तो यह ब्लड में मैग्नीशियम की मात्रा जो बढ़ा देती है। जो हृदय के लिए हानिकारक होता है। इसीलिए सलाह दी जाती है की कभी भी खाली पेट केले का सेवन नहीं करना चाहिए।

2. कॉफ़ी (Coffee) :

कॉफ़ी में कैफीन की बहुत अधिक मात्रा होती है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती है। ऐसे में अगर आप सुबह-सुबह खाली पेट कॉफ़ी का सेवन करते है तो यह आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। इसीलिए सुबह कॉफ़ी का सेवन नहीं करना चाहिए।

3. मसालेदार भोजन (Spicy Food) :

वैसे भी डॉक्टर अधिक मसालेदार भोजन खाने से मना करते है। क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होता है। ऐसे में अगर आप खाली पेट इस तरह के भोजन का सेवन करते है तो यह सीधे सीधे आपके पाचन तंत्र पर प्रभाव डालता है। जी हां, इस तरह के भोजन में नेचुरल एसिड होता है जो पेट के हाजमे को बिगाड़ सकता है जिससे पेट संबंधी समस्याएं भी हो सकती है।

4. शराब (Alcohol) :

शराब को वैसे भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है लेकिन खाली पेट इसका सेवन और भी अधिक नुकसानदेह होता है। खाली पेट इसके सेवन से पेट में जलन और अपच जैसी समस्याएं हो सकती है जिससे खाना पचाने में मुश्किलें होती है। इसीलिए खाली पेट शराब का सेवन न करें।

5. दही (Yogurt) :

दही में मौजूद हेल्थी बैक्टीरिया हमारे शरीर के लिए बेहद लाभकारी होते है। लेकिन जब आप खाली पेट दही का सेवन करते है तो पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है जिससे हेल्थी बैक्टीरिया समाप्त होने लगते है। इसीलिए कभी भी खाली पेट दही का सेवन नहीं करना चाहिए।

6. दवाएं (Medicines):

अक्सर आपने डॉक्टर को यह कहते हुए सुना होगा की खाली पेट दवाई न खाएं जिसके पीछे एक जरुरी कारण है। दरअसल दवाएं तरह तरह के केमिकल से बनाई जाती है ऐसे में अगर आप इनका खाली पेट सेवन करते है तो यह पेट में गैस या एसिड की समस्या उत्पन्न कर सकती है। जिससे शरीर में असंतुलन हो सकता है। परन्तु अगर डॉक्टर ने खाली पेट दवा खाने की सलाह दी है तो आप इन्हें खा सकते है।

7. नींबू का शर्बत (Lemon Soda) :

बहुत से लोग सुबह सुबह नींबू का शर्बत पीते है जो उनके सेहत के लिए अच्छा नहीं है। जी हां, दरअसल लेमन सोडा में कॉर्बोनेट एसिड की उच्च मात्रा पाई जाती है। ऐसे में अगर आप खाली पेट इसका सेवन करते है तो आपको मतली की समस्या हो सकती है।

8. मीठी चीजें (Sweet Dishes) :

सुबह जागने के बाद कभी भी मीठी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से बॉडी में इन्सुलिन लेवल में अचानक बढ़ोतरी हो जाती है जिससे pancreas पर अतिरिक्त दबाब पड़ने लगता है। और लम्बे समय तक इस आदत को रखने से आप डायबिटीज का शिखर भी हो सकते है।

9. टमाटर (Tomato) :

सुबह खाली पेट टमाटर का सेवन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गैस्ट्रिक अल्सर होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। बता दें, टमाटर में मौजूद टैनिक एसिड भी एसिडिटी का कारण बन सकता है। इसीलिए कभी भी सुबह टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।

10. कोल्ड ड्रिंक्स (Cold Drinks) :cold-drink

बहुत से लोगों को सुबह उठते ही कोल्ड ड्रिंक्स पीने की आदत होती है। लेकिन क्या आप जानते है की ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और इससे म्यूकस मेम्ब्रेन भी डैमेज हो सकती है। साथ ही पाचन तंत्र पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सुबह कोल्ड ड्रिंक्स नहीं पीनी चाहिए।

इन चीजों का सेवन करने से होगा फायदा :-

सुबह खाली पेट कभी भी उपरोक्त वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए लेकिन आप अंडे, ओटमील, ब्राउन ब्रेड, तरबूज, ब्लू बेरी, शहद और नट्स जैसी चीजों का सेवन कर सकते है इन्हें खाने से आपके शरीर को प्रयाप्त मात्रा में एनर्जी मिलेगी और आप दिनभर एक्टिव फील करेंगे। इनसे आपके शरीर को भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

गर्मियों में आँख लाल होने की समस्या से बचने के तरीके

गर्मियों में आँखों में जलन होने के कारण आँखों के लाल होने की समस्या को कंजंक्टिवाइटिस कहते है, इसके होने के कई कारण हो सकते है, जैसे आँखों में धुल मिट्टी का जाना, एलर्जी का होना, बैक्टेरिया, या वायरस होने के कारण, धुंए, आँखों के मेकअप के कारण, आँखों में ड्रॉप्स आदि का इस्तेमाल करने से आँखों के लाल होने की समस्या हो सकती है, और इसके ही कारण आपको आँखों में दर्द, जलन, पानी आना ये सब होने लग जाता है, परन्तु इस समस्या के ज्यादा बढ़ने से पहले इसका इलाज कर लेना चाहिए।

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आँखों के लाल होने की समस्या को कंजंक्टिवाइटिस कहते है, जिसके कारण कांजन्क्टिवा की लाल होने या सूजने की समस्या उत्पन्न होती है, और यह एक प्रकार की म्यूकस मेम्ब्रेन होती है, जो की आपकी आँखों की पलकों और आँखों की सतह के पास होती है, वैसे आपकी आँखों की बनी हुई रेखा आमतौर पर बिलकुल साफ़ होती है, परन्तु यदि उसमे जलन की समस्या उत्पन्न हो तो यह रेखा रंग में लाल और सूजी हुई हो जाती है, जो की बिलकुल साफ़ दिखाई देती है, और यदि ये परेशानी आपको किसी वायरस के कारण होती है, तो इसमें पहले एक आँख लाल होती है, और फिर दूसरी परन्तु यदि ये परेशानी आपको बैक्टेरिया के कारण है तो दोनों आँखे एक साथ प्रभावित होती है, तो आइये अब विस्तार से जानते है की आँख के लाल होने के कौन कौन से कारण होते है, और आप किस प्रकार इस समस्या से निजात पा सकती है।

आँखों के लाल होने के कारण:-

  • वायरस या बैक्टेरिया के कारण यदि संक्रमण होता है तो आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • आँखों में नमी न होने के कारण सूखापन आ जाता है जिसके कारण आँख लाल लगने लगती है।
  • यदि आपकी आँखों में किसी प्रकार की एलर्जी है तो भी ऐसा होता है।
  • इसके अलावा तेज हवा, सूरज की किरणों के प्रभाव के कारण भी आपको ये परेशानी होती है।
  • धुआँ, धूल मिट्टी के आँखों में जाने के कारण आपको ये परेशानी हो सकती है।

काली चाय का इस्तेमाल करें:-

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इसके इस्तेमाल के लिए दो काली चाय के बैग लें, उनके कुछ देर के लिए फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें, उसके बाद इन्हे अपनी आँखों पर दस से पंद्रह मिनट के लिए रखें, और लेट जाएँ, ऐसा दिन में तीन से चार बार करें, इसमें मौजूद बायो फ्लेवोनॉयड्स की मदद से आपकी आँखों में मौजूद वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है, जिसके कारण आँखों के लाल होने के साथ आँखों में जलन और खुजली की समस्या से भी राहत मिलने में मदद मिलती है, काली चाय के अलावा आप कैमोमाइल टी या ग्रीन टी के बैग्स का इस्तेमाल करें।

खारे पानी का मिश्रण बनाएं:-

घर में आप खारे पानी का मिश्रण बनाकर आँखों के लाल होने की समस्या से रहत पा सकते है, इसे बनाने के लिए आप एक कप में पानी में आधा या एक चम्मच नमक डालें, उसके बाद इसे उबाल लें, और ठंडा होने के लिए रख दें, उसके बाद ड्रॉपर की मदद से दिन में पांच से छह बार इसे अपनी आँख में थोड़ा थोड़ा डालें इस तरीके का इस्तेमाल करने से भी आपको आँखों को लाल होने से बचाने में मदद मिलती है।

एलोवेरा का प्रयोग करें:-

एलोवेरा का इस्तेमाल करने से भी आपको आँखों में होने वाली जलन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए पानी में थोड़ा सा एलोवेरा जैल मिलाएं, उसके बाद ड्रॉपर की मदद से दिन में तीन से चार इसे अपनी आँखों में डालें, इस तरीके का इस्तेमाल दिन में तीन से चार बार करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, क्योंकि एलोवेरा में मौजूद एंटीसेप्टिक एवं एस्ट्रिंजेंट के गुणों के कारण आँखों में जलन और लाल करने वाले लक्षण को हटाने में मदद करता है।

शहद का इस्तेमाल करें:-

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शहद में मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और जलनरोधी गुण आँखों के लाल होने की समस्या से राहत दिलाने में आपकी मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए एक चम्मच कच्चा शहद, एक चौथाई कप पानी, और एक चुटकी नमक लेकर अच्छे से मिक्स करें, और पानी को हल्का सा गरम कर लें, ताकि शहद अच्छे से घुल जाएँ, परन्तु ज्यादा गरम न होने दें, नहीं तो ये असर नहीं करता, उसके बाद साफ़ ड्रॉपर की मदद से एक से दो बून्द इसे अपनी आँखों में डालें, ऐसा करने से आपकी आँखों को ठीक होने में मदद मिलती है, और कुछ घंटो बाद इस प्रक्रिया दोहराते रहें।

बोरिक एसिड का इस्तेमाल करें:-

आँखों की जलन को दूर करने के लिए बोरिक एसिड का इस्तेमाल करने से भी आपको बहुत फायदा मिलता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक कप पानी को उबालें, और उसमे एक चम्मच बोरिक एसिड डालें, अब रुई को उसमे बिगाकर इसे अपनी आँखों पर लगाएं या फिर ड्रॉपर का इस्तेमाल करें, उसके थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके अपनी आँखों को धो दें, और इस तरीके का इस्तेमाल दिन में दो से तीन बार करें आपको फायदा मिलेगा।

गरम या ठन्डे से सिकाई करें:-

आँखों की जलन खुजली, पानी आना, लाल होने की समस्या से निजात पाने के लिए सबसे आसान और अच्छे उपाय है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक सूती कपडा लें, और उसे पानी में डाल कर अच्छे से निचोड़ लें, उसके बाद अपनी दोनों आँखों पर इस कपडे को दस से पंद्रह मिनट के लिए रखे, और दिन में तीन से चार बार इस तरीके का इस्तेमाल करें, इससे आपको आँखों के लाल होने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ टिप्स है जिनका इस्तेमाल करके आपको आँखों की जलन खुजली और लाल होने की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके अलावा आपको बाहर जाने से पहले जितना हो सकें अपनी आखो को गॉगल्स से ढक कर निकलना चाहिए ताकि आँखों को धूप धूल, मिट्टी, प्रदूषण से बचने में मदद मिलती है, और आपकी आँखों के साथ ऐसी समस्या नहीं होती है इसके अलावा आपको नींद भी भरपूर लेनी चाहिए क्योंकि नींद पूरी न लेने के कारण भी आपकी आँखे सूजी हुई और लाल लगती है।

 

दीमक से छुटकारा पाने के उपाय!

हमारे घर में कॉकरोच, मच्छर, छिपकली जैसे न जाने कितने ही जीव छुपे रहते है. जिनमे से कुछ का तो हमें पता होता है लेकिन कुछ ऐसे होते है जिनके पनपने के बाद भी हमें ज्ञात नहीं होता की ये हमारे घर में मौजूद है. इसी तरह के जीवों में से एक है दीमक. जो अक्सर घर के पुराने दरवाजों, खिडकियों व् दीवारों के कोनो में देखने को मिलती है.

घर में दीमक का होना किनता नुकसानदेह होता है इस बात से तो सभी वाकिफ है लेकिन अक्सर व्यस्त समय के चलते हम इस परेशानी से पीछा नहीं छुड़ा पाते. ऐसे तो ये साल के किसी भी मौसम में देखने को मिल जाते है लेकिन बरसात के समय इनका प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिलता है. घर के खिड़की, दरवाजों और लकड़ी के सामानों के अतिरिक्त काग़ज आदि में भी दीमक बहुत जल्दी फैलती है. आपने भी देखा होगा की जिस वस्तु में एक बार दीमक लग जाए तो वो वस्तु पूरी तरह समाप्त हो जाती है.

पुरानी इमारतों, सीलन वाली दीवारे और बंद बड़े कमरों के दरवाजों में दीमक दिखना आम बात है. लेकिन कई बार घर में पूर्ण साफ़-सफाई न होने के चलते ये हमारे घर में भी अपनी जगह बना लेती है. क्योंकि दीमक अँधेरी वाली जगहों में जल्दी फैलती है तो घर के कोनो और उससे लगे लकड़ी के सामानों में में इसे देखा जा सकता है. इतना ही नहीं खेत भी दीमक के प्रकोप से बच नहीं पाते.

ऐसे तो बाज़ार में बहुत सी दवाएं मौजूद है जिनकी मदद से दीमक को घर से भगाया जा सकता है लेकिन उन सभी के निर्माण में बहुत से हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है जो सीधे तौर पर आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा सकते है. इसीलिए इस तरह से रसायनों से इस्तेमाल से बचना चाहिए. खासकर तब जब घर में छोटा बच्चा हो. अब अप सोच रहे होंगे की यदि दवाओं का इस्तेमाल न करें तो दीमक से छुटकारा कैसे पाए? क्योंकि यदि सही समय पर दीमक को नहीं हटाया जाए तो धीरे-धीरे वो पुरे सामान को बर्बाद कर देगा. ऐसे में करें तो क्या?

शायद आप नहीं जानते लेकिन रासायनिक दवाओं के अतिरिक्त और भी कई उपाय है जिनकी मदद से घर में मौजूद दीमक को खत्म किया जा सकता है. और सबसे बड़ी बात इन उपायों के लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है. लेकिन सभी को इन उपायों की जानकारी नहीं होती. इसीलिए आज हम आपको उन सभी घरेलु उपायों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से घर में लगी दीमक को समाप्त किया जा सकता है.

घर से दीमक को भगाने से आसान घरेलु उपाय

धुप से निकाले दीमक को :- 

यदि दीमक घर के किसी वुडन फर्नीचर में लग गया है तो उसे हटाने के लिए दीमक लगे हुए फर्नीचर को घर से बाहर निकाल कर धुप में रख दे. इसे कम से कम 5 से 6 घंटे तक धुप में ही रखे. यदि एक दिन में दीमक न जाए तो अगले दिन फिर से ऐसा ही करें. ऐसा करने से कुछ ही दिनों में फर्नीचर में लगी हुई दीमक नष्ट हो जायेगी.

कड़वे पदार्थो से करते है नफरत :- 

कहा जाता है दीमक किसी भी कडवी महक से दूर भागता है इसीलिए जिस जगह पर दीमक लगा हुआ हो वहां पर करेला या नीम का रस छिड़क दें. जैसे जैसे करेले के रस की कडवी सुंगध वातावरण में फैलेगी सभी दीमक धीरे-2 समाप्त होने लगेगा. ऐसा आपको कम से कम 3 से 5 दिन तक करना पड़ेगा ताकि दीमक दोबारा लौटकर न आ सके.

फर्नीचर का हाल है बुरा तो इसे आजमाए :- 

ऐसा कर बार देखने को मिलता है की फर्नीचर में दीमक इतनी बुरी तरह से लग जाती है की उसकी वजह से उस फर्नीचर में छेद तक हो जाता है. जिसके बाद उस छेद में से बुरादा गिरने लगता है. ऐसे में दीमक को रोकने के लिए छेद में दीमकरोधी दवा डालकर कुछ घंटो के लिए ऐसे ही छोड़ दें. और उसके बाद उस पर पोलिश चढ़ा दे. इसका प्रयोग किसी भी दीमकरोधी घोल का स्प्रे द्वारा करें ताकि दीमक पूरी तरह खत्म हो जाए.

लाल मिर्च है एक दमदार उपाय :- 

शायद आप नहीं जानते लेकिन लालमिर्च की मदद से भी घर में मौजूद दीमक को समाप्त किया जा सकता है. इसके लिए जिस-जिस स्थान पर दीमक दिखती हो वहां-वहां लाल मिर्च का पाउडर छिड़क दे. आप देखेंगे की दीमक धीरे धीरे समाप्त हो रहा है.

नमक दिला सकता है दीमक से छुटकारा :- 

दीमक भगाने के तरह तरह के रसायनों का प्रयोग तो सभी करते है लेकिन क्या कभी नमक के दीमक को भगाने वाले फायदों के बारे में सुना है. शायद नहीं क्योंकि बहुत कम लोग है जो नमक के इस फायदे को जानते है. जी हां, नमक में बहुत से ताकतवर गुण होते है जो दीमक को समाप्त करने में मदद करते है. इसके लिए जहा जहा दीमक लगे दिखाए दे उन सभी जगहों पर नमक का छिडकाव कर दे. जैसे जैसे नमक उस शेत्र में फैलेगा आप देखेंगे की दीमक खत्म हो रहा है.

खेत में लगी दीमक को ऐसे करे दूर :- 

यदि आपके खेत में दीमक लग जाती है और आप उससे पीछा छुड़ाना चाहते है तो उसके लिए अपने खेत में कच्ची गोबर न डाले क्योंकि कच्ची गोबर दीमक जैसे जीवों का मनपसंद खाना होता है. यदि आप चाहते है की आपके खेत में दीमक न लगे तो उसके लिए आपको सीड्स को बिवेरिया बेसियाना नामक के फफूंदी नाशक से ट्रीट करना होगा. ये आपके खेत को दीमक रहित करने में मदद करेगा.

मोबिल का तेल :

इसके अलावा दीमक से बचने के लिए सिंचाई के समय खेतों में बहने वाले नालियों के पानी से साथ में जले जुए मोबिल के तेल को भी बहने के लिए छोड़ दे. ऐसा करने से खेतों में दीमक नहीं लगती.

हींग का इस्तेमाल : 

शायद आपको नहीं पता होगा लेकिन ये सत्य है की हींग की मदद से भी दीमक की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए एक बड़े आकार की हिंग को किसी कपडे में बांधकर उसे के भारी पत्थर से बांध दे. और फिर उसे खेत की ओर बहने वाली पानी में रख दें. ऐसा करने से खेतों में लगने वाली दीमक पनपने से पहले ही खत्म हो जाएगी.

टर्मिनेटर भी है एक उपाय :- 

यदि दीमक आपके घर की दीवार पर सीलन के कारण पनप रही है तो उसके लिए टर्मिनेटर का प्रयोग करना बेहतर रहेगा. इससे आपके घर में दीमक नहीं लगेगी और लगी हुई दीमक भी समाप्त हो जाएगी.

दीमक भगाने के अन्य उपाय :

  • संतरे के तेल यानी ऑरेंज आयल के स्प्रे का इस्तेमाल करके भी फर्नीचर में लगी दीमक को हटाया जा सकता है.
  • दीमक के बिल पर बोरिक एसिड का छिडकाव करने से भी वो मर जाती है.
  • नीम का पाउडर या उसके तेल का छिडकाव दीमक के पनपने वाले स्थान पर कर दे. कुछ ही दिनों में दीमक अपने आप समाप्त हो जाएगी.
  • घर में जहाँ कहीं भी दीमक के बिल दिखे वहां कार्डबोर्ड की कुछ पट्टियों को गीला करके रख दें. दीमक को इसे खाना अच्छा लगता है. और कुछ घंटो बाद जब सभी दीमक इक्कठी हो जाये तो उन पट्टियों को जला दें.
  • यदि दीमक किसी छोटे मोटे लकड़ी के सामान में लगी है तो किसी बड़े साइज़ के फ्रीज़र में 2 से 3 दिन के लिए उस फर्नीचर को रख दे. दीमक अपने आप खत्म हो जाएगी. हालाँकि ये थोडा मुश्किल है लेकिन कारगर है.
  • अपने घर में हवा की आवाजाही होनी चाहिए और वेंटिलेशन बना रहना चाहिए. इससे दीमक बढ़ेगी नहीं क्योंकि इन्हें पनपने के लिए नमी की आवश्यकता होती है.

व्रत में पीरियड्स आ जाए तो क्या करें?

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हिन्दू धर्म और वैदिक रीती रिवाजों के अनुसार, मासिक धर्म के दिनों में हिन्दू महिलाओं को धार्मिक कार्य नहीं करने को कहा जाता है। इसीलिए इन दिनों में महिलाएं मंदिर नहीं जाती है और पूजा पाठ के सामान और मूर्ति को हाथ तक नहीं लगाती हैं।

प्राचीन काल में तो इन दिनों में महिलाएं नीचे चटाई पर सोती थी और इसको लेकर कई सारे नियम-धर्म थे। महाभारत काल में जब स्त्रियां माहवारी में होती थी, उनके रहने के लिए अलग से व्यवस्था होती थी, वो समाज से अलग दूसरी जगह रहती है, लोगों से मिलना जुलना नहीं होता है और वो किसी कार्य में भी भाग नहीं लेती थी, यहाँ तक की रसोईघर में भी नहीं जाती है।

इस्लाम में भी माहवारी के दौरान औरत को नापाक माना जाता है। उसे इबादत की अनुमति नहीं होती और वे क़ुरान भी नहीं छू सकती। औरत सातवें दिन स्नान के बाद ही पाक होती हैं। नवरात्रि फास्ट में पीरियड्स

अब बात आती है की व्रत के दौरान माहवारी आ जाए तो क्या करना चाहिए? इस पर लोगों का अलग-अलग मत है। मान लीजिये नवरात्रि में  कुछ फ़ास्ट करने के बाद अगर आपका मासिक धर्म आ जाता है तो क्या आप बीच में ही व्रत करना छोड़ देंगे। या आपने करवाचौथ का व्रत रखा है और शाम को पीरियड्स आ जाए तो क्या करेंगी आप? ज़ाहिर है, व्रत को पूरा करेंगी।

क्योंकि जिसकी शुरुवात हो चुकी है उसको पूर्ण करना जरुरी होता है। बशर्ते की हम थोड़ा अलग रहें और नियमों का पालन करें। लेकिन व्रत को न तोड़े, उसे कंटिन्यू रखें। आप अपनी परंपरा की भी रिस्पेक्ट करें इसके लिए आप पूजा करने से दुरी बनाएं। और भगवान के पास नहीं जाएं।

व्रत के दौरान अगर पीरियड्स आ जाएं तो आप व्रत करते रहें, पूजा पाठ नहीं करें आपको उतना ही फल मिलेगा और भगवान प्रसन्न होंगे क्यों की इसमें आपकी गलती नहीं है ये प्रकृति का चक्र है, जो कभी भी किसी भी दिन हो सकता है, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। इसलिए चिंता नहीं करें। करवा चौथ व्रत में पीरियड्स आ जाए तो क्या करें?

करवा चौथ में अगर व्रत के दिन माहवारी आ जाए, तो शाम की पूजा को इग्नोर करें, पर चाँद को जरूर देखें और अपना व्रत पूरा करें। क्योंकि पूजा पाठ आपके मन और आपके विचार से होता है, शरीर तो केवल एक जरिया है उस पूजा को पूर्ण करने का।

हमारी संस्कृति में कई परम्पराएं बहुत पुरानी हैं जो उस समय के लिए सही थी, लेकिन आधुनिक युग में बहुत सारी चीजें बदल गयी हैं। इसलिए आपको थोड़ा चेंज लाना होगा। इसलिए अगर माहवारी आ जाए तो भी व्रत तोड़े नहीं और व्रत पूरा करें।

ओलिव आयल के क्या-क्या फ़ायदे और उपयोग है?

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ओलिव आयल के त्वचा के लिए फ़ायदे :- हम सभी अपने-अपने इस्तेमाल के लिए तरह-तरह के तेलों का प्रयोग करते है. जहाँ एक ओर रसोई घर में सरसो के तेल और सोयाबीन के तेल का अधिक प्रयोग किया जाता है वही दूसरी ओर शैरर और बालों में लगाने के लिए नारियल तेल को प्रयोग में लाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी ओलिव आयल के बारे में सुना है. शायद नहीं, क्योंकि ये तेल सामान्य तेलों की तुलना में अधिक महंगा और गुणकारी होता है. जिसके प्रयोग से त्वचा से लेकर स्वस्थ संबंधी कई समस्याओं को भी आसानी से ठीक किया जा सकता है.

शायद आप नहीं जानते लेकिन इसके स्वास्थ्य के लिए फायदों को ध्यान में रखते हुए आज के समय में कई लोग इसका प्रयोग खाना बनाने आदि में करते है. इसके अलावा त्वचा के लिए बनाये जाने वाले कई तरह के सौंदर्य प्रसाधनों में भी इसका प्रयोग किया जाता है.

ये तेल जैतून के फलो से प्राप्त किया जाता है. इसका प्रयोग खाना पकाने, सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण के लिए, दवाओं के निर्माण में, साबुन आदि को बनाने के लिए किया जता है. ऐसे तो पुरे विश्व भर में इसका इस्तेमाल किया जाता है लेकिन भूमध्य सागरीय क्षेत्रो में इसके प्रयोग की मात्रा काफी अधिक है.

सही मायने में देखा जाये तो ओलिव आयल एक बेहद लाभकारी पदार्थ है जो आपकी त्वचा के साथ-साथ आपके बालो और आपके स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. अंदरूनी तौर पर स्वस्थ रहने के लिए ओलिव आयल को खाना बनाने के लिए प्रयोग में लाना बहुत अच्छा होता है. इसके अलावा संवेदनशील त्वचा के लिए भी ये तेल किसी वरदान से कम नही है.

बढ़ती उम्र की निशानियो को कम करने से लेकर झुर्रियों आदि सभी को समाप्त करने के लिए ओलिव आयल बहुत लाभकारी होता है. ऐसे तो आज कल के समय सभी लोग ओलिव आयल के महत्त्व और उसके फायदों को समझते है. लेकिन इसके पूर्ण फायदों की जानकारी केवल कुछ ही लोगो को है. जिसके कारण वे प्रकृति की इस देन का सही प्रकार से इस्तेमाल नहीं कर पाते.olive-oil

इसीलिए आज हम ओलिव आयल के उन सभी फायदों को बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप जान सकेंगे की आम तेलों की तुलना में ये तेल कितना गुणकारी और लाभकारी है. तो आईये जानते है ओलिव आयल के फ़ायदे!

ओलिव आयल के प्रकार :-

ओलिव आयल के तेल के भी कई प्रकार होते है जिनमे से कुछ का प्रयोग किया जा सकता है और कुछ का नहीं. आगे हम आपको ओलिव आयल के प्रकार बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप भी पहचान जायेंगे की कौन सी किस्म का कहां प्रयोग किया जाता है.

1. Virgin Olive Oil – ओलिव आयल की ये वैरायटी सबसे प्रसिद्ध है. Virgin ओलिव आयल को खाने पकाने के लिए सबसे अधिक प्रयोग में लाया जाता है क्योंकि इसमें acid की बहुत कम मात्रा पाई जाती है. ये उन लोगो के लिए सबसे बेहतर है जो बिना ज्यादा पैसे खर्च किये ओलिव आयल के फ़ायदे पाना चाहते है.

2. Extra Virgin Olive Oil – इस तेल को cold pressing ओलिव आयल से बनाया जाता है, जो हमारे शरीर के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. परंतु हर व्यक्ति extra virgin oil का प्रयोग नहीं कर सकता क्योंकि इसकी कीमत बहुत अधिक होती है.

3. Pure Olive Oil – वास्तव में ये तेल परिष्कृत और virgin olive oils का मिश्रण होता है. इसके अलावा इस तेल में high acidic कंटेंट पाए जाते है इसीलिए ये प्रयोग के लिये अनुपयुक्त माना जाता है.

4. Lampante Oil – ओलिव आयल के इस प्रकार का इस्तेमाल केवल ईंधन के लिए ही किया जा सकता है और खाना बनाने के लिए ये तेल उपयुक्त नहीं है.

त्वचा के लिए ओलिव आयल के फ़ायदे

आपने अक्सर टीवी एड्स में देखा होगा की बड़ी-बड़ी सेलिब्रिटी अपनी फ़ेवरेट क्रीम के बारे में बताते हुए समझाती है की वे किस प्रकार आपकी त्वचा के लिए काम करती है. और कई लोग उन एड्स के झांसे में आकर पहुँच जाते है कॉस्मेटिक दुकान पर, उस क्रीम की खरीदने. लेकिन फिर आपको पता चलता है की वे तो बहुत महँगी है. परंतु यदि हम आपसे कहे की ओलिव आयल आपको वो महंगी कॉस्मेटिक क्रीम वाले ही फ़ायदे दे सकता है? तो ,……..

जी हां, ये सत्य है बाजार में मौजूद महंगी कॉस्मेटिक की तुलना में ओलिव आयल आपकी त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है. त्वचा के लिए ओलिव आयल के अन्य फ़ायदे निम्नलिखित है –

1. त्वचा को मोइश्चराइज़ करे :

ओलिव आयल में पाया जाने वाला vitamin E आपकी त्वचा को विभिन्न तरह के बाहरी समस्याओ से बचाता है जैसे हवाएं और धुप की किरणे. ओलिव आयल को एक बेहतर non-sticky मोइश्चराइज़र भी कहा जाता है जो लंबे समय तक त्वचा पर रहता है और हर प्रकार की त्वचा के लिए प्रयोग किया जा सकता है.

2. स्वस्थ त्वचा के लिए :

जब बात सुंदरता की आती है तो ओलिव आयल उन प्राकृतिक सामग्रियों में से एक है जिनका प्रयोग कास्मेटिक में किया जाता है. और हम सभी ग्लोइंग स्किन पाने की इच्छा रखते है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आपकी अलमारी में कितनी तरह की क्रीम रखी है. यदि आप जल्द से जल्द अच्छी त्वचा पाना चाहते है तो फलो का पल्प और सब्जियों का रस बेहद लाभकरी रहेगा.

ओलिव आयल में vitamin E पाया जाता है जो त्वचा से सूजन, मुहाँसे, आदि को दूर करके हमारी स्किन को psoriasis और skin cancer से बचाने में मदद करता है.

3. मेकअप हटाने में मदद करे :

क्या आप भी मेकअप हटाने के लिए एक बेहतर मेकअप रिमूवर ब्रांड की तलाश कर रही है? तो परेशान न हो.

Virgin olive oil उन सभी मार्केट ब्रांड्स से बेहतर, सस्ता और आसान उपाय है. यदि आप किसी ऐसे कॉस्मेटिक की तलाश करते है जो आपकी स्किन को नुकसान न पहुँचाये? तो ओलिव आयल इसके लिए एक बेहतर और लाभदायक उपाय रहेगा. क्योकि ये न केवल आपकी स्किन को रैशेस और मुँहासो से बचाएगा. बल्कि आपका मेकअप हटाने में भी मदद करेगा.

4. बढ़ती उम्र की निशानियां :olive

उम्र बढ़ने के साथ-साथ त्वचा पर बढ़ती उम्र की निशानियां आना स्वाभाविक है. इसके साथ ही झुर्रियां और डार्क सर्कल्स की समस्या भी किसी परेशानी से कम नहीं है. यदि आप भी किसी ऐसी समस्या से परेशान है तो ओलिव आयल का प्रयोग करे. ये आपकी बढ़ती उम्र की निशानियो को कम करने में मदद करेगा.

5. होंठो के स्क्रब के रूप में :

जब भी बात परफेक्ट सेल्फी की आती है तो सबसे पहला नाम एक अच्छे Pout का आता है. और अच्छा pout बनाने के लिए प्यारे से होंठ होना भी बेहद जरुरी है. इसके लिए आवश्यक है की आप अपने होंठो की सही देखभाल करे. इसके लिए आप ओलिव आयल का प्रयोग कर सकती है. ये आपके होंठो को मुलायम और गुलाबी बनाने में मदद करेगा.

6. फटी एड़ियों को ठीक करे :

यदि आपकी एड़िया भी फट रही है तो ओलिव आयल का प्रयोग करना शुरू कर दे. इसके लिए अपनी एड़ियों को गर्म नींबू के पानी से स्क्रब करे और उसके बाद उन्हें ओलिव आयल से रगड़े. इससे उनमे smoothness मिलेगी और वे मोइश्चराइज़ होंगी. जल्द राहत पाने के लिए आप जुराबो का भी प्रयोग कर सकती है.

ये तो बात हो गई त्वचा के लिए ओलिव आयल के फायदों की. लेकिन क्या आप जानते है की आपके बालों के लिए ओलिव आयल कितना लाभकारी है? नहीं तो हम बताते है..

बालों के लिए ओलिव आयल के फ़ायदे

लंबे, मजबूत और घने बाल पाना लगभग हर किसी की चाह होती है लेकिन आज कल के समय में इस तरह के बाल पाना असंभव है. परंतु यदि हम कहे की जी हां, ये संभव है, तो क्या आप विश्ववास करेंगे? जानना चाहती है तो आगे पढ़े.

7. बालों को स्वस्थ रखे :

क्योंकि ओलिव आयल में कई तरह लाभकारी तत्व पाए जाते है जो हमारे बालों के लिए बेहद लाभकारी होते है. इस तेल में vitamin E की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो बालो के झड़ने की समस्या को ठीक करने में मदद करती है. इसमें मौजूद मैग्नीशियम, जिंक, सल्फर, कैल्शियम और vitamin B भी पाया जाता है जो आपके बालो की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है.baalo-k-lie-olive-oil

8. Pre-shampoo ट्रीटमेंट के रूप में :

शैम्पू से पहले बालों में तेल की मसाज आपके बालो के लिए बहुत लाभकारी होती है. लेकिन यदि इस मसाज के लिए ओलिव आयल का प्रयोग किया जाये तो क्या कहने.. इसीलिए शैम्पू करने से पहले हमेशा अपने बालो में तेल की मसाज करे. इससे आपके बालों को चमक और मजबूती मिलेगी.

इसके साथ ही ओलिव आयल आपके बालो को मॉश्चराइज़ करके स्कैल्प की irritation को घटाता है.

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क्या कारण है के गर्भावस्था में महिला के पेट में दर्द होता है?

गर्भावस्था के दौरान अक्सर पेट का दर्द साधारण माना जाता है क्योंकि आपके ऑर्गन्स को लगातार शिफ्ट होना पड़ता है, यूट्रेस का साइज बढ़ता है और लिगामेंट्स में भी खिंचाव आता है। और हाँ कभी भी हमे सुबह वाली सिकनेस को तो नहीं भूलना चाहिए। फिर भी कुछ गर्भवती महिलाओं को सीरियस एब्डोमेन पेन हो सकता है। यह एक चिंता जनक बात बनी रहती है के कब नार्मल वाला दर्द है और कब दिक्कत ज्यादा बढ़ गयी है यह कैसे पता करें। इसके लिए जरुरी है के आप हमेशा अपने डॉक्टर से बात करें।

प्रेगनेंसी के दौरान पेट में दर्द होने के कारण

आइये जानते है और किन किन कारणों से एक गर्भवती महिला के पेट में दर्द होता है।

गर्भाशय

गर्भवती महिला के पेट ज्यादातर दर्द बढ़ते गर्भाशय के कारण होता है। गर्भाशय का आकर बढ़ने से मसल्स खींचती है जिससे पेट में अक्सर हल्का हल्का दर्द रहता है। कई बार दर्द ज्यादा भी बढ़ सकता है।

कब्ज और गैस

प्रेगनेंसी के दौरान प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन्स बढ़ने लगते है। इन हार्मोन्स के कारण हमारे शरीर की पाचन क्रिया बहुत धीरे हो जाती है। जिसके कारण पेट में देर तक भोजन पड़े रहने से गैस बनने लगती है। गैस का दर्द कई बार पेट से पीट और चेस्ट तक घूमने लगता है। गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीनों में कब्ज और गैस का दर्द ज्यादा होता है।

यूरिनरी इन्फेक्शन

यूरिनरी टैक्ट इन्फेक्शन यानी मूत्र पथ का संक्रमण। प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाओं को यु टी आई होता है। इस अवस्था में भी पेट में दर्द रहता है और इसके अलावा यूरिन पास करते हुए भी लोअर एब्डोमेन में दर्द होता है।

लिगामेंट्स

प्रेगनेंसी में जब आपके हिप्स का साइज बढ़ने लगता है तो लिगामेंट्स भी स्ट्रेच होने लगते जिसके कारण कई बार पेट के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है। कई बार यह दर्द पेट की एक साइड में तेज क्रैम्प की तरह होता है।

गर्भाशय में रक्त प्रवाह

गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय में ज्यादा रक्त प्रवाह होता है शरीर के द्वारा, जिसके कारण गर्भवती महिला को पेट में एक प्रेशर सा महसूस होता है और दर्द भी रहता है।

हर महिला की प्रेगनेंसी अलग होती है, उसके हिसाब से उनके पेट के दर्द का भी अलग अलग कारण हो सकते है। अगर आपको भी पेट में ज्यादा दर्द हो तो बिना देर किये अपने डॉक्टर से मिले।