Home Blog Page 307

मुल्तानी मिट्टी के क्या-क्या फ़ायदे है?

मुल्तानी मिट्टी के फ़ायदे :- हमारे देश में ऐसी कई चीजे है जिनके बारे में कुछ ही लोग जानते है. जैसे की हमारी आयुर्वेदिक औषधियां और प्राकृतिक घरेलु नुस्खे. इन्ही में से एक है मुल्तानी मिट्टी . जिसका प्रयोग लगभग हर महिला अपने सौन्दर्य प्रसाधनों में करती है. कास्मेटिक गुणों से भरपूर मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग सभी घरो में किया जाता है. कोई इसे इसके फायदों के कारण पसन्द करता है तो कोई इसके सस्ते होने के.

सही मायने में देखा जाये तो वाकई मुल्तानी मिट्टी एक अच्छा और सबसे सस्ता कॉस्मेटिक है जिसके लिए ज्यादा कुछ करने की भी आवश्यकता नहीं होती. शायद आप नहीं जानती लेकिन आपकी महंगी क्रीम्स की तुलना में Multani Mitti में कही अधिक फायदेमंद गुण होते है. ये न केवल आपको खूबसूरती प्रदान करती है बल्कि आपको त्वचा संबंधी बिमारियों से भी बचाती है जबकि कॉस्मेटिक्स क्रीम्स में इस बात का दावा नहीं किया जाता की ये आपकी स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुचायेंगी.

मुल्तानी मिट्टी के प्रयोग से स्किन तो साफ़ होती ही है साथ साथ आपके बाल भी स्मूथ और शाइनी होते है. लेकिन प्राकृतिक की इस देन का प्रयोग करने के लिए इसे थोड़ा समय भी देना पड़ता है. ऐसे तो आजकल किसी के पास भी इतना समय नहीं है की इन उपायों पर समय व्यर्थ करें. लेकिन यकीन मानिये यदि एक बार आप इसका प्रयोग करेंगे तो निश्चित रूप से अपनी महंगी क्रीम्स को भूल जायेंगे.

फायदेमंद होने के साथ-साथ मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग सुरक्षित भी है. क्योकि ये एक प्राकृतिक देन है जिसके कोई भी side effects नहीं है. इसीलिए थोड़ा समय निकालिये और इसका प्रयोग करके देखिये. एक बार के प्रयोग से मिले परिणामो से ही आप इसके गुणों से परिचित हो जायेंगे.

यूँ तो सभी लोग Multani Mitti के बारे में जानते है और इसके गुणों से भी परिचित है. लेकिन कुछ लोग है जो आज भी इस प्राकृतिक देन को waste of time समझते है. इसीलिए आज हम मुल्तानी मिट्टी के सम्पूर्ण फायदों के बारे में बताने जा रहे है. जिन्हें जानकर आपको हैरानी तो होगी है साथ-साथ प्रसन्नता भी होगी. तो आईये जानते है मुल्तानी मिट्टी के सम्पूर्ण फ़ायदे.

मुल्तानी मिट्टी के फ़ायदे :-

  • Multani Mitti में मौजूद मैग्नीशियम मुहासों से छुटकारा दिलाने में मदद करे.
  • ये मिटटी त्वचा के गंदगी साफ़ करने के लिए एक बेहतर क्लीन्जरके रूप में भी कार्य करती है.
  • ऑयली त्वचा पर गुलाब जल के साथ इसका प्रयोग करने से फायदा मिलता है.
  • मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग नेचुरल स्क्रब के रूप में भी किया जा सकता है.
  • ये त्वचा के वाइट हेड्स और ब्लैक हेड्स साफ़ करने में मदद करती है.
  • गाजर के जूस के साथ इसका प्रयोग करने से दाग धब्बे दूर होते है.
  • इतना ही नहीं आपके बालो को कंडीशन करने का भी ये एक अच्छा प्राकृतिक उपाय है.
  • बालो के झड़ने की समस्या में Multani Mitti का प्रयोग करने से फ़ायदा मिलता है.
  • घने, काले और मुलायम बालो के लिए नियमित रूप से मुल्तानी मिट्टी के हेयर मास्क का प्रयोग करें.
  • आँवला के जूस के साथ इसका प्रयोग करने से बालो में प्राकृतिक चमक आती है.
  • मुल्तानी मिट्टी त्वचा से डेड सेल्स निकालने में भी मददगार है.
  • स्किन में ग्लो लाने के लिए Multani Mitti के फेस मास्क बेहद लाभकारी होते है.
  • मुल्तानी मिट्टी के प्रयोग से त्वचा में निखार भी आता है.
  • स्किन से सभी impurities साफ़ करने में मददगार है ये प्राकृतिक मिटटी.

Multani Mitti ke fayde 

  • तेलीय त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी के फेस पैक्स बेहद फायदेमंद होते है.
  • गुलाब जल और Multani Mitti का फेस पैक तेलीय त्वचा के लिए अच्छा होता है.,
  • ये मिटटी त्वचा में खून के संचारण को भी अच्छा करती है.
  • मुल्तानी मिट्टी में oil absorbing गुण भी पाए जाते है जो त्वचा से पूरा तेल absorb कर लेते है.
  • ये aggravated और irritated स्किन को ठीक करने में भी मदद करती है.
  • मुँहासो वाली त्वचा को ठीक करने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी एक अच्छा उपाय है.
  • ये त्वचा के लालीपन और सूजन को भी कम करने में मदद करती है.
  • blemishes खत्म करने के लिए मुल्तानी मिट्टी, टमाटर का रस, हल्दी और चन्दन पाउडर मिलाकर प्रयोग करें.
  • मुँहासे के दागो को दूर करने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी एक अच्छा उपाय है.
  • चेहरे के दागो को हटाने के लिए नीम, लौंग का पाउडर और कपूर को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर प्रयोग में लाये. फ़ायदा मिलेगा.
  • मुल्तानी मिट्टी suntan और pigmentation को कम करने में मदद करती है.
  • इस मिटटी में किसी essential oil को मिलाकर प्रयोग करने से त्वचा बेहद मुलायम हो जाती है.
  • स्क्रब के रूप में भी मुल्तानी मिट्टी बहुत अच्छा काम करती है.
  • ये त्वचा से सभी ब्लैक हेड्स और वाइट हेड्स निकालने में मदद करती है.
  • Multani Mitti एक अच्छा और बेहतर skin care प्रोडक्ट है जो आपकी skin को tone करने में मददगार है.
  • scar marks को दूर करने के लिए एक चम्मच गाजर का pulp और थोड़ी सी मुल्तानी मिट्टी में 2 चम्मच जैतून का तेल मिलाकर प्रयोग करें.

Benefits of Multani Mitti in Hindi fullers-earth

  • मुँहासो के लिए Multani Mitti में नीम की पत्तिया मिलाकर पेस्ट बनाये और लगाएं. फायदा मिलेगा.
  • मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग एक बेहतर बॉडी वाश के रूप में भी किया जा सकता है.
  • Multani Mitti एक Anti Septic एजेंट है.
  • जिसका प्रयोग त्वचा की irritations को ठीक करने के लिए भी किया जाता है.
  • इसी के साथ ये आपकी त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव भी डालती है.
  • स्वस्थ त्वचा के लिए Multani Mitti का प्रयोग पिछले कई समय से किया जाता आ रहा है.
  • चेहरे की झुर्रियों को खत्म करने के लिए भी ये एक अच्छा उपाय है.
  • किसी भी मास्क के साथ इसका प्रयोग करने से instant ग्लो पाया जा सकता है.
  • sunburn, acne, black heads, freckles और blemishes की समस्या दूर करने के लिए भी मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग फायदेमंद है.
  • अपनी त्वचा को साफ़ करने के लिए अपने शरीर, चेहरे, गले और चेस्ट पर मुल्तानी मिट्टी की thin layer लगाएं. २० मिनट बाद गुनगुने पानी से साफ़ कर लें.
  • शरीर के किसी भी भाग पर Multani Mitti का पेस्ट लगाने से रक्त के संचारण में वृद्धि होती है.
  • अपनी स्किन में perfect ग्लो लाने का ये एक अच्छा उपाय है.
  • मासिक धर्म में ऐंठन, मांसपेशियों के दर्द, sunburn, और जलने की समस्या में Multani Mitti का प्रयोग करें.
  • आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन कपड़ो से ग्रीस, तेल, वैक्स और खून के धब्बो को दूर करने के लिए भी ये एक अच्छा उपाय है.

मुल्तानी मिट्टी के लिए कुछ जरुरी टिप्स :-

  1. हमेशा अछि क्वालिटी की Multani Mitti का प्रयोग करें.
  2. इसे खाने से गुर्दे की पथरी और clog intestines की समस्या हो सकती है.
  3. Multani Mitti को cool और dry place पर रखना चाहिए.
  4. Direct heat, हवा और सूर्य की रोशनी से इसे बचा कर रखना चाहिए.
  5. आप इसे रेफ्रीजिरेटर या बाहर किसी air tight jar में रख सकते है.

मुल्तानी मिट्टी के फ़ायदे, Multani Mitti के क्या-क्या फ़ायदे है, मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग कैसे करें, मुँहासे के लिए मुल्तानी मिट्टी फेस पैक

गर्भनिरोधक दवाइयों से होने वाली परेशानियां

गर्भनिरोधक दवाइयों से होने वाली परेशानियां;-

आज कल मार्किट में बहुत से ऐसे तरीके आएं हुए हैं जो की असुरक्षित सम्भोग के दौरान होने वाले गर्भधारण को रोक सकते हैं| जैसे की पुरुष कंडोम, महिला कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, या फिर जो महिलाएं थोड़े समय के लिए इसका इलाज़ करना चाहते हैं| वो महिलाएं कॉपर टी जैसी सुविधा का इस्तेमाल करती हैं| परंतु कई बार महिलाएं जो गर्भधारण नहीं करना चाहती हैं वो इन सुविधाओ का इस्तेमाल करती हैं|

गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल वो महिलाएं करती हैं| जो अनचाहे गर्भ को जन्म नहीं देना चाहती हैं| गर्भनिरोधक गोली का सेवन असुरक्षित सम्बंध बनाने के यदि 72 घंटे के भीतर यदि इसका सेवन कर लिया जाये तो अनचाहा गर्भ नहीं ठहरता हैं| इसका सेवन वो लोग ज्यादा करते हैं, या तो वो जो किसी तरह की सुरक्षा का इस्तेमाल नहीं करते हैं, या फिर वो जो शादी के बाद बच्चा पैदा करने में थोड़ा समय लेना चाहते हैं|

गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन वो महिलाएं भी ज्यादा करती हैं, जो इस समस्या के इलाज़ के लिए डॉक्टर से बात नहीं करना चाहती हैं| या फिर जिनसे कभी कभी ऐसी गलती हो जाती हैं की वो बिना सुरक्षा के सम्भोग कर लेती हैं| गर्भनिरोधक गोलियो की ये खूबियां होती हैं की ये गर्भधारण रोकने में बहुत अधिक प्रभावी होते हैं, मासिक धर्म को हल्का करती है और मासिक के समय होने वाले दर्द को भी कम करती है, सेक्स के दौरान कोई बाधा नहीं होती, पुरुष के सहयोग की कोई ज़रूरत नहीं होती|

मतलब की महिला के गोली खाने से ही इसका असर हो जाता हैं| परंतु यदि इन गोलियो का फायदा होता हैं, तो कही न कही कुछ न कुछ कमी भी सामने आ ही जाती हैं| और जो सबसे बड़ी समस्या आती हैं वो ये की बाद में गर्भधारण करने में बहुत परेशानी हो जाती हैं| आइये जानते हैं की और कौन कौन सी कमिया शरीर में हो जाती हैं, उन्हें जो महिलाएं ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियो का सेवन करती हैं| और गर्भनिरोधक गोलियों के ज्यादा सेवन से क्या-क्या परेशानिया हो जाती हैं|

गर्भनिरोधक गोलियों के ज्यादा सेवन से होने वाली परेशानिया:-

गर्भधारण में आती हैं समस्या:-

stomach-pain-during-pregnancy

जो महिलाये गर्भधारण को रोकने के लिए गर्भनिरोधक गोलियो का सेवन काफी समय तक करती हैं| कई बार जब बाद में वो गर्भधारण करना चाहती हैं| तब उन्हें गर्भधारण में परेशानी हो जाती हैं| क्योंकि इन गोलियों का ज्यादा सेवन करने से बच्चेदानी पर असर पड़ता हैं| जिससे वो धीरे-धीरे कमजोर हो जाती हैं| और बाद में वो बच्चे को ठहरा नहीं पाती हैं| इसीलिए हो सके तो इस बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए|

शारीरिक कमजोरी आ जाती हैं:-

जो महिला निरंतर असुरक्षित सम्भोग के बाद गर्भधारण के डर से गर्भनिरोधक गोलियो का सेवन करती हैं| उनके अंदर शारीरिक रूप से कमजोरी आ जाती हैं| उन्हें थकान जैसी समस्या हो जाती हैं| ज्यादा भाग दौड़ करने पर सास फूलने लगती हैं| साथ ही कई बार मासिक धर्म के समय में बदलाव आ जाता हैं| इसके आलावा ज्यादा इन गोलियो का सेवन करने से सर दर्द जैसी समस्या उत्तपन हो जाती हैं| कमर दर्द जैसी परेशानिया भी हो जाती हैं|

वजन बढ़ जाता हैं:-

motapa-o

वैसे तो महिलाओ को स्लिम फिट रहने का बहुत शौक होता हैं| परंतु जो महिलाये बहुत ज्यादा मात्रा में गर्बनिरोधक गोलियो का सेवन करती हैं| उन्हें ज्यादातर वजन बढ़ने की समस्या से जूझना पड़ता हैं| क्योंकि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर में कैलोरीज बढ़ जाती हैं जिससे वजन बढ़ने जैसी समस्या उत्तपन हो जाती हैं| इसीलिए यदि आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो आप सुरक्षित सम्भोग करें|

घबराहट व् उलटी की समस्या:-

इन गोलियो के ज्यादा सेवन करने से कई बार घराहट व् उलटी जैसी समस्या खड़ी हो जाती हैं| जिसके कारण गर्मी बहुत ज्यादा लगने लगती हैं| और पसीना भी बहुत अधिक मात्रा में आने लगता हैं| इसीलिए जिन महिलाओ को बी पी आदि की समस्या रहती हो उन्हें डॉक्टर से पूछ कर ही इन गोलियो का प्रयोग करना चाहिए|

सर दर्द व् डिप्रेशन जैसी समस्या को बढती हैं:-

ये दवाइयां बहुत ज्यादा गरम होती हैं| जिसके कारण महिलाओ को सर दर्द जैसी समस्या उत्तपन हो जाती हैं| और कई बार जो महिलाएं इन दवाइयों का बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन करती हैं वो डिप्रेशन का भी शिकार हो जाती हैं| इसीलिए इन समस्या से बचने के लिए आप कोई ऐसा विकल्प चुने जिससे आपको इन सब परेशानियों से निजात मिल सकें|

योंन रोगों से सुरक्षा प्रदान नहीं करती हैं:;-

delay pregnancy problem 1

इन गोलियो का सेवन करने से यदि आपके साथ को किसी भी प्रकार का योंन रोग हैं| और यदि आप योंन रोगों की समस्या से बचना चाहते हैं तो आपके लिए जरुरी हैं की आप या तो महिला कंडोम या पुरुष कंडोम का इस्तेमाल करें| क्योंकि इससे लिंग ढका रहता हैं जिससे योंन रोग नहीं फैलता हैं| इसीलिए आप सम्भोग के दौरान योंन रोगों से बचने के लिए सुरक्षा का इस्तेमाल करें|

गर्भनिरोधक गोलियो से होने वाली अन्य परेशानियां :-

  • बी पी की समस्या को बढ़ाती हैं|
  • गर्भाशय की थैली को कमजोर करती हैं|
  • सर दर्द जैसी समस्या को बढ़ाती हैं|
  • थकान जैसी समस्या को जन्म देती हैं|
  • उलटी व् घबराहट जैसी परेशानी को बढ़ावा देती हैं|
  • दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना को बढ़ाती हैं|
  • अनियमित रक्त प्रवाह को बढ़ावा देती हैं|
  • खून का थक्का बनने की संभावना को बढ़ाती हैं|
  • लीवर ट्यूमर, गॉलस्टोन और पीलिया की संभावना को बढ़ाती हैं|

गर्भनिरोधक दवाइयों से होने वाली परेशानियां, गर्बनिरोधक गोलियो से होने वाले हानिकारक प्रभाव, गर्भनिरोधक गोलियो के दुष्प्रभाव, garbhnirodhak golio se hone vali pareshaniya, harmful effects of contraceptive drugs, garbhnirodhak golio se hone vale dushprabhaav

जोड़ो में दर्द है? ये है इलाज

जोड़ो के दर्द का इलाज :- उम्र के बढ़ने के साथ-साथ लोगो में कई तरह परेशानिया भी बढ़ने लगती है. जैसे बालो का सफ़ेद होना, कमर में दर्द, चेहरे पर झुर्रियां आदि. इन्ही में से एक परेशानी है जोड़ो का दर्द या घुटनो का दर्द. जो सामान्य तौर पर कोहनी, घुटने और हड्डियों के जोड़ो पर होता है. इस समस्या को गठिया के नाम से भी जाना जाता है.

गठिया रोग में इंसान के हड्डियों के जोड़ो में बहुत दर्द होता है जिसका मुख्य कारण uric acid होता है. ये रोग तब होता है जब शरीर में uric acid की मात्रा बढ़ जाती है और बाद में इसी uric acid के कण घुटनो और हड्डियों के जोड़ पर जमा हो जाते है जिसकी वजह से जोड़ो में दर्द होता है.

आज के समय में होने वाली विभिन्न समस्यायों में से एक है घुटनो का दर्द. जो कई बार छोटी उम्र के व्यक्तिओ में भी देखने को मिलता है. जिसका एक कारण जरुरत से ज्यादा वजन भी होता है. क्योकि अत्यधिक वजन के कारण शरीर की हड्डियों पर अतिरित्क दबाब पड़ता है जिसकी वजह से जोड़ो में दर्द होने लगता है.

इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति न तो ठीक से चल पाता न है और न ठीक से बैठ उठ पाता है. अधिकतर रात के समय में ये दर्द अधिक परेशान करता है. लेकिन सुबह जगते समय इनमे अकडन सी महसूस होती है जिसे ठीक होने में कम से कम एक घंटे लग जाता है. यदि आप भी इस प्रकार की किसी समस्या से ग्रसित है तो तुरंत इसका इलाज करवाइये. क्योकि समय के साथ इस समस्या में भी वृद्धि होती है जो आगे चलकर बेहद दुखदाई हो जाती है.

यूँ तो बाजार में ढेरो उत्पाद उपलब्ध है जिनके द्वारा इनके दर्द से कुछ पलो के लिए राहत मिल जाती है लेकिन सिर्फ कुछ पलों की राहत से बात नहीं बनेगी. इसके लिए आपको एक अच्छे और टिकाऊ उपचार की आवश्यकता है. जो है हमारे प्राकृतिक उपचार. जिनका प्रयोग सदियो से किया जाता आ रहा है. जो हां. अन्य बीमारियों की भांति इस परेशानी के भी कई प्राकृतिक उपचार है जिन्हें शायद आप नहीं जानते.

इसीलिए आज हम आपको जोड़ो के दर्द के प्राकृतिक उपचारो के बारे में बताने जा रहे है. जिन्हें जानकर आपको आश्चर्य भी होगा और प्रसन्नता भी.

जोड़ो के दर्द के कारण :-

ऐसे तो जोड़ो में दर्द होने का मुख्य कारण बढ़ती उम्र ही होती है. लेकिन कई बार शेर में कैल्शियम की कमी और अन्य कारणों की वजह से भी ये समस्या होने लगती है. आगे हम कुछ कारण बता रहे है जो जोड़ो के दर्द के लिए उत्तरदायी है.

  • अनियमित खाने के कारण.
  • वसा खाद्य पदार्थो का अधिक मात्रा में सेवन करने से.
  • घुटनो पर शरीर का अतिरिक्त वजन पड़ने के कारण.
  • ठंड के मौसम में अधिक ठंड होने पर भी जोड़ो में दर्द होता है.
  • कई घंटो तक एक ही जगह पर बैठने से.
  • अत्यधिक चलने से भी घुटनो में दर्द होने लगता है.
  • वजन बढ़ना भी जोड़ो के दर्द का एक कारण है.

जोड़ो के दर्द से राहत पाने के उपाय :-

गर्म पानी की मालिश :-

गर्म पानी की मालिश करने से हड्डियों को आराम मिलता है जिससे उनका दर्द होता है. इसके लिए 1 लीटर साफ़ पानी में 2 चम्मच नमक मिलकर 5 मिनट तक गर्म करें. इसके बाद किसी कपडे को उस गर्म पानी में भिगोकर 5 से 10 मिनट तक अपने घुटने पर रखें. या जहाँ दर्द हो रहा है उस स्थान पर रखें. इस प्रक्रिया को आधा घंटे तक लगातार करते रहे दर्द में आराम मिल जायेगा.

हल्दी और चुने का लेप :-

हल्दी और चुने में दर्द निवारक गुण पाए जाते है. ये दोनों ही हड्डियों के दर्द को दूर करने में बेहद फायदेमंद है. इसके लिए हल्दी और चुने को मिलाकर उसमे सरसो का तेल डालकर गर्म कर लें. अब इस लेप को अपने घुटनो पर लगा कर रखें. इस विधि का प्रयोग दिन में दी बार करें. धीरे-धीरे आपका दर्द खत्म हो जायेगा.

तेल की मालिश :-

पानी के अतिरिक्त तेल की मालिश से भी जोड़ो के दर्द में बहुत आराम मिलता है. इसके लिए सरसो के तेल में लहसुन की कुछ कलियां छिलके उतारकर गर्म कर लें. गर्म हो जाने के बाद हलकी गर्म अवस्था में ही इस तेल से अपने घुटनो की मालिश करें. इस विधि को दिन में कम से कम 3-4 बार करें.haldi-wala-dudh

हल्दी वाला दूध :

हल्दी वाले दूध के फायदों को कौन नहीं जानता. लेकिन क्या आप जानते है की जोड़ो के दर्द में आराम पाने के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है. इसके लिए एक ग्लास हलके गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर सुबह शाम पियें. ये एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है. जो बेहद लाभकारी और सस्ता उपाय है.

जोड़ो के दर्द से राहत पाने के अन्य उपाय :- 

1. दो चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी के पाउडर को 1 ग्लास गुनगुने पानी में डालकर पियें. सुबह शाम इसका सेवन करें. गठिया से ग्रसित व्यक्ति 1 महीने तक इसका सेवन करता रहे आराम मिलेगा.

2. अश्वगंधा, शतावरी और आंवलाकी चूर्ण को अच्छे से मिलाकर सुबह पानी के इसका सेवन करने से जोड़ो का दर्द में आराम मिलता है. इसके अतिरिक्त इसके सेवन से जोड़ो में मजबूती भी मिलती है.

3. 1 महीने तक रोजाना 15 से 20 अखरोट की गिरी भिगोकर सुबह खली पेट सेवन करने से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है.

4. लहसुन को गर्म पानी या गर्म दूध में मिलाकर पीने से जोड़ो के दर्द में आराम मिलता है.

5. सुबह-सुबह योग, प्राणायाम, और सूर्य नमस्कार करने से घुटनो और जोड़ो के दर्द से छुटकारा मिलता है.

6. अमरुद की 4 से 5 पत्तियों को पीसकर उसमे काला नमक मिलाकर नियमित सेवन करने से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है.

7. गठिया रोग से ग्रसित व्यक्ति को दिन में 4 से 6 लीटर पानी पीना चाहिए. इससे अधिक पेशाब आता है जिससे uric acid शरीर से बाहर निकल जाता है.

8. नियमित रूप से नारियल की गिरी खाने से जोड़ो के दर्द में आराम मिलता है.

Jodo ke dard ka ilaj kaise kare

9. काली मिर्च को तिल के तेल में मिलाकर जलने तक गर्म करते रहे. उसके बाद ठंडा होने पर उस तेल को मांसपेशियों पर लगाएं, जोड़ो के दर्द में राहत मिलेगी.

10. सौंठ का पाउडर बनाकर 1 चम्मच रोजाना सेवन करने से दर्द में फायदा मिलता है.

11. जोड़ो के दर्द में मेथी दाने का सेवन करना भी फायदेमंद होता है. लगभग 30 से 90 दिन तक इसका सेवन करने से जोड़ो के दर्द में राहत मिलती है.

12. गठिया में जामुन भी बहुत उपयोगी होता है. इसके लिए इसकी छाल उतारकर उसे उबालकर लेप बना लें. अब इसे अपने जोड़ो पर लगाएं. दर्द में राहत पाने के लिए ये सबसे अच्छा उपाय है.

13. कुछ समय तक चाय कॉफ़ी आदि का सेवन न करें.

14. गाजर को पीस कर उसमे नींबू का रस मिला कर रोजाना इसका सेवन करें. ये जोड़ो के ligaments को मजबूत करके दर्द में आराम देता है.

15. जोड़ो का दर्द होने पर दिन में 100 ग्राम अदरक दो बार इसका सेवन करें बहुत आराम मिलेगा.

जोड़ो के दर्द का इलाज, जोड़ो में दर्द है ऐसे करें इलाज, जोड़ो के दर्द के घरेलु उपाय, जोड़ो के दर्द का प्राकृतिक इलाज, कैसे पाएं घुटनो के दर्द से राहत

च्यवनप्राश खाने से क्या-क्या फ़ायदे होते है?

च्यवनप्राश खाने के फ़ायदे :- आज के समय की तुलना में पहले के समय का खाना अत्यंत शुद्ध और लाभकारी हुआ करता था. लेकिन आज कल न तो किसी खाने में शुद्धता रही है और न ही वो ताकत. जिसकी वजह से लोगो को खाने से मिलने वाला पोषण अधूरा रह जाता है. शरीर में पोषण की इसी कमी पूरा करने के लिए लोग विभिन्न हेल्थ सप्लीमेंट्स का सहारा लेते है. एक तरफ कोई विटामिन्स और आयरन की टेबलेट्स लेता है तो कोई अगल-अलग प्रोटीन्स ड्रिंक पीता है. इन्ही हेल्थ सप्लीमेंट्स में से एक है च्यवनप्राश. जो इंस्टेंट एनर्जी देने और Immune system को मजबूत करने में मदद करता है.

च्यवनप्राश एक जानी-मानी आयुर्वेदिक औषधि है जिसे बनाने में बहुत सी प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया गया है. इस औषधि को इसका नाम महर्षि चवन के नाम से मिला है. न केवल बच्चे बल्कि बड़ो के लिए भी ये एक फायदेमंद औषधि है. इसमें cholesterol zero मात्रा में पाया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार chyawanprash एक बेहतर Anti Oxident है जो स्वास्थ्य को साफ़ करने में मदद करता है.

आज से नहीं बल्कि पिछले कई सालों से च्यवनप्राश का प्रयोग किया जाता आ रहा है. च्यवनप्राश के फायदों के बारे में आयुर्वेद में भी पढ़ा जा सकता है. यदि छोटे बच्चो को नियमित रूप से chyawanprash दिया जाये तो सामान्य तौर पर होने वाली बीमारियां जैसे सर्दी, खासी, बुखार आदि से जल्दी राहत मिलती है.

च्यवनप्राश क्या है?

Chyawanprash आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बना एक हेल्थ सप्लीमेंट है जिसका सेवन लोग अपने स्टैमिना को बढ़ाने के लिए करते है. छोटी से बड़ी उम्र तक के सभी लोग च्यवनप्राश का सेवन करते है. Chyawanprash के नियमित सेवन से महिलाओ और पुरुष दोनों को फ़ायदा मिलता है. इसका स्वाद मीठा, खट्टा और हल्का मसालेदार होता है. इसका रंग हल्का भूरा-काला होता है जो कुछ हद तक फलो के जैम की तरह होता है.

च्यवनप्राश के घटक :-

जैसा की आप सभी जानते है की च्वनप्राश का निर्माण कई सारे प्राकृतिक herbs और पौधों के अर्क से किया जाता है जिनमे औषधीय गुण पाए जाते है. कहा जाता है chyawanprash बनाने का वास्तविक फार्मूला लगभग हज़ारो साल पुराना है. इसके निर्माण में प्रयोग किये जाने वाले herbs और extracts Immunity power को बढ़ा कर शरीर में एनर्जी प्रदान करते है. भारत में हिमालया, झंडू और डाबर जैसी नामी कंपनिया च्यवनप्राश का निर्माण करती है. च्यवनप्राश के मुख्य ingredients निम्न है :-

  • आँवला
  • अश्वगंधा
  • नीम
  • पिप्पली
  • सफ़ेद चन्दन पाउडर
  • तुलसी
  • केसर
  • इलायची
  • अर्जुन
  • ब्राह्मी
  • कुसुम शहद
  • घी

ऐसे तो विज्ञापनों और अपने बड़े-बूढ़ो से इसके बारे में जानकर सभी इसके पूर्ण फायदों से परिचित है लेकिन आज भी कुछ लोग है जो इसके पूर्ण फायदों को नहीं जानते. इसीलिए आज हम आपको च्यवनप्राश खाने के फायदों के बारे में बताने जा रहे है. ताकि आप भी इसके सेवन का लाभ उठा सके.

कितनी मात्रा में लें?

यूँ तो च्यवनप्राश के डिब्बे पर इसके सेवन का मात्रा लिखी होती है लेकिन कई बार अधूरे प्रिंट या किसी अन्य कारण की वजह से लोग इसके सेवन की मात्रा का पता नहीं लगा पाते. परेशान न हो आज हम आपको च्यवनप्राश की dossage की सही मात्रा भी बताये देते है.

ऐसे देखा जाये तो सभी के लिए च्यवनप्राश बेहद फायदेमंद है. लेकिन इसके सेवन की भी कुछ सीमा होती है. एक दिन में 12-24 ग्राम च्यवनप्राश को एक ग्लास गुनगुने दूध में मिलाकर पीना चाहिए. इससे अधिक ये नुकसानसेह भी हो सकता है.

क्योकि इसकी तासीर बेहद गर्म होती है इसीलिए ये पित्त में भी वृद्धि करता है. इसीलिए जिन लोगो को पित्त विकार है उन्हें इसकी कम मात्रा लेनी चाहिए. इसके अलावा इसे पचाने में भी अधिक क्षमता लगती है. इसीलिए डायरिया और पेप्टिक अल्सर में इसका प्रयोग थोड़ा सावधानी से करना चाहिए.

च्यवनप्राश को या तो खाने से आधा घंटे पहले या खाना खाने से एक घंटे बाद ही खाना चाहिए. बड़े लोग इसे दूध और पानी के साथ ले सकते है. 5 वर्ष से कम आयु के बच्चो को chyawanprash नहीं देना चाहिए. बेहतर होगा 10 वर्ष की आयु के बाद ही बच्चो को च्यवनप्राश दें.Sardi Jukam ke karan

च्यवनप्राश के फ़ायदे :-

  • मौसम में परिवर्तन के कारण होने वाले सामान्य इन्फेक्शन्स को ठीक करने में मदद करे.
  • सर्दियों और मानसून के प्रारंभ होने पर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है ऐसे में chyawanprash का सेवन करने से लाभ मिलता है.
  • इस दौरान इन्फेक्शन और बुखार से पीड़ित लोग यदि च्यवनप्राश का सेवन करे तो आराम मिलता है.
  • च्यवनप्राश के नियमित सेवन से body की फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है.
  • यदि आपका पाचन तंत्र कमजोर है तो नियमित रूप से च्यवनप्राश का सेवन करें.
  • ये streamline bowel movements और खाने को पचाने में मदद करता है.
  • इसमें मौजूद दालचीनी और आँवला पेट फूलने की समस्या से निजात दिलाने में मदद करता है.
  • कब्ज में राहत पाने के लिए भी chyawanprash का सेवन फायदेमंद होता है.
  • श्वास से सम्बंधित समस्यायों को दूर करने के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है.
  • इसमें मौजूद जड़ी-बूटियां लंबे समय से चली आ रही और पुरानी श्वास संबंधी समस्याएं ठीक करने में मदद करती है.
  • च्यवनप्राश फेफड़ो की कार्यक्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है.
  • इसके सेवन से त्वचा चमकदार और स्वस्थ रहती है.
  • chyawanprash में विटामिन C और आँवला जैसी कई फायदेमंद जड़ी बूटियां पायी जाती है जो आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करती है.
  • नियमित रूप से च्यवनप्राश का सेवन करने से बढ़ती उम्र की निशानियो को भी कम किया जा सकता है.
  • इसमें मौजूद केसर आपके complexion को बढ़ाने में भी मदद करता है.
  • खून साफ़ करने के लिए च्यवनप्राश एक बेहतर प्राकृतिक औषधि है.
  • ये हमारे शरीर से सभी टॉक्सिन्स को बाहर निकलता है जिससे खून साफ़ होता है.
  • च्यवनप्राश हमारे प्रकृतिक blood purification process को भी बढ़ावा देता है.

Chyawanprash Khane ke fayde 

  • शायद आप नहीं जानते लेकिन chyawanprash का सेवन करने से यौन कौशल में वृद्धि होती है.
  • साथ ही यौन संबंधी समस्यायों को दूर करने में भी मदद करता है.
  • इसमें मौजूद जड़ी-बूटियां मासिक धर्म को नियमित करती है.
  • च्यवनप्राश में मौजूद आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां हमारी तांत्रिक प्रणाली पर अच्छा प्रभाव डालती है.
  • इसके सेवन से तनाव की समस्या को भी दूर किया जा सकता है.
  • chyawanprash का सेवन करने वालो की स्मरण शक्ति बेहद अच्छी होती है.
  • इसमें मौजूद Plant herbs मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते है .
  • यदि आपका बच्चा भी पढाई में ध्यान नहीं लगा पाता तो उसे च्यवनप्राश दे.
  • कई लोग अपनी दिनचर्या में बहुत अधिक थक जाते है. यदि आपके साथ भी यही समस्या है तो नियमित रूप से chyawanprash का सेवन करें.
  • इंस्टेंट एनर्जी पाने के लिए ये सबसे अच्छा और फायदेमंद उपाय है.
  • च्यवनप्राश का सेवन करने से शरीर में मेटाबोलिज्म नियंत्रित रहता है जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है.
  • हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से च्यवनप्राश का सेवन करें.
  • chyawanprash खाने से खून में cholesterol की बढ़ी हुई मात्रा को कम करने में मदद मिलती है.
  • ये Blood pressure को भी संचालित करने में मददगार है.
  • Chyawanprash के सेवन से बालो और नाखुनो को भी स्वस्थ रखा जा सकता है.
  • इसमें मौजूद anti oxidents समय से पहले सफ़ेद हुए बाल और टूटे हुए नाखुनो को ठीक करे.
  • च्यवनप्राश में vitamin C पाया जाता है जो शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से बचाता है.
  • जुखाम और कफ की समस्या में इसका सेवन करने से फ़ायदा मिलता है.
  • Urine infections से ग्रसित व्यक्ति को chyawanprash का सेवन करना चाहिए.
  • च्यवनप्राश Immunity level को boost करने में भी मदद करता है.

तुरंत पेट कम करने के आसान उपाय!

पेट कम करने के आसान तरीके :- आज कल के समय में सभी अपने-अपने कार्यो में बहुत व्यस्त रहते है जिसके कारण वे अपने स्वास्थ्य पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते. घंटो कुर्सियों पर बैठकर काम करने और वर्तमान की अस्त-व्यस्त दिनचर्या के कारण हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है. जिसके कारण हमे बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

इन्ही परेशानियों में से एक है अकारण पेट का बढ़ना. जी हां, आज कल हर 2 व्यक्ति बढ़ते पेट जिसे आप और हम belly fat के नाम से भी जानते है से परेशान है. अधिक समय तक कुर्सी पर बैठने और सही दिनचर्या का पालन न करने से ये समस्या उत्पन्न होने लगती है. महिला हो या पुरुष कोई भी अपने पेट को बढ़ा हुआ पसन्द नहीं करता. क्योकि महिलाओ की चाहत slim रहना और पुरुषो की एब्स बनाना होती है. ऐसे में पेट पर चर्बी आना ठीक नहीं.

आज कल के समय में टेक्नोलॉजी ने बहुत तरक्की कर ली है जिसकी वजह से अधिकतर लोग कंप्यूटर आदि पर काम करना अधिक पसंद करते है. लेकिन घंटो एक ही जगह पर बैठने से धीरे-धीरे हमारे पेट पर चर्बी एकत्रित होने लगती है जिसकी वजह से पेट का आकार भी बढ़ने लगता है. बढ़ा हुआ पेट जितना देखना में बुरा लगता है उतना ही दुखदाई भी होता है.

जिस मनुष्य का पेट बढ़ा हुआ होता है वो न तो ठीक से बैठ पाता है और न किसी सामान को झुककर उठाने में समर्थ होता है. कई बार तो इंसान को अपने बढे हुए पेट के कारण लोगो के मध्य शर्मिंदा भी होना पड़ता है. लेकिन ये भी सत्य है की बढ़ा हुआ पेट हमारी पर्सनालिटी को भी प्रभावित करता है. इसीलिए जरुरी है की आप अपने बढ़े हुए पेट को कम करने का प्रयास करें. – तुरंत पेट कम करने के तरीके

ऐसे तो सभी अपने पेट को कम करने के लिए अथक प्रयासों में लगे रहते है. लेकिन चर्बी को कम करना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए कुछ विशेष उपायो को अपनाना आवश्यक है. इसीलिए आज हम कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिसकी मदद से आप आसानी से अपने बढ़े हुए पेट को कम कर सकते है. क्योकि सिर्फ व्यायाम और एक्सरसाइज करने से पेट कम नहीं होगा इसके लिए अपनी जीवन शैली में कुछ विशेष परिवर्तन भी करने होंगे.

बढ़ा हुआ पेट कम करने के लिए योग करे :-

यदि आप वाकई अपने पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करना चाहते है तो इसके लिए आपमें संयम होना बेहद जरुरी है. क्योकि इस कार्य का परिणाम आने में थोड़ा वक्त लगता है. लेकिन कुछ लोग शुरू तो करते है लेकिन बोर होकर बीच में ही छोड़ देते है. जो सही नहीं है. अच्छे परिणाम पाने के लिए आपको अधिक समय तक व्यायाम करना होगा. इससे आपका शरीर तो फिट रहता ही है साथ-साथ कमर और पेट की अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है. इसके लिए आप दौड़ना, साईकिल चलाना और स्विमिंग करना भी चुन सकते है.

– योग भी अपनाएं :-

योग के द्वारा भी बढ़े हुए पेट को कम किया जा सकता है. इसके लिए आप किसी भी पेट से जुड़े योगासन का चयन कर सकते है. ये न केवल आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद करेंगे अपितु स्वास्थ्य संबंधी अन्य बीमारियों को भी दूर करेंगे. इसके लिए आप निम्नलिखित योगासन अपना सकते है. बालासन के द्वारा आप आसानी से पेट की चर्बी को कम कर सकते है. लेकिन गर्भवती महिलाएं और घुटनो के दर्द से पीड़ित व्यक्ति इस आसान को न करे.

पूरी नींद लें :-

शोध में पाया गया है पूरी नींद लेने वालो की तुलना में अधूरी नींद लेने वालो का पेट अधिक बढ़ा हुआ होता है. ऐसा इसलिए क्योकि सोते समय बॉडी उस पर मौजूद अतिरिक्त फैट को बर्न कर देती है. यदि आप पूरी नींद नहीं लेते है तो बॉडी उस फैट को बर्न नहीं कर पाती जिससे फैट हमारे पेट पर एकत्रित होने लगता है. इसीलिए हमेशा पूरी नींद लें और खाने के तुरंत बाद सोने को avoid करें.

तेल घी का सेवन बंद कर दें :-

तेल घी आदि से बने पदार्थ शरीर पर फैट बनाने का काम करते है. यदि आप अपने बढ़े हुए पेट को कम करना चाहते है तो अपनी डाइट में तले, भुने और घी, बटर से बने पदार्थो को निकाल दें. यदि इससे बात न बने तो आप हफ्ते में एक बार इस तरह के खाने का सेवन कर सकते है लेकिन इसके लिए आपको वर्कआउट भी अधिक करना पड़ेगा.

मीठा खाने से परहेज करें :-

यदि आप ज्यादा मीठे के शौक़ीन है और आपका पेट बढ़ा हुआ है तो तुरंत मीठे खाद्य पदार्थो का सेवन बन्द कर दें. क्योकि ये सिर्फ आपके फैट को बढ़ाता है. किसी भी प्रकार की मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, और आइस क्रीम आदि का सेवन बन्द कर दें. क्योकि अधिक मीठे खाने को लीवर ठीक प्रकार से पचा नहीं पाता जिसकी वजह से वो फैट में परिवर्तित होकर पेट के आसपास के क्षेत्र में चर्बी के रूप में इक्कठा होने लगता है. इसीलिए सबसे पहले अपने खाने से सभी मीठी चीजो को हटा दें.jogging

जॉगिंग करें :-

क्या आप रोज सुबह जॉगिंग के लिए बाहर जाते है यदि नहीं! तो इसे अपनी दिनचर्या में सम्मिलित करें. क्योकि सुबह सैर पर जाने से पेट की चर्बी कम करने में बहुत मदद मिलती है. हम ये नहीं कह रहे की आप पहले दिन ही बहुत बड़ा distance cover करें. अपनी क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे अपने जॉगिंग डिस्टेंस में वृद्धि करें. इससे न केवल आपके पेट की अतिरिक्त चर्बी कम होगी अपितु हृदय भी मजबूत होगा और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. इसके अलावा सैर पर जाने से आपकी हड्डियां और मांसपेशिया भी मजबूत होंगी.

प्रोटीन का सेवन करें :-

यदि आप हमेशा के लिए अपनी कमर को पेट को कम रखना चाहते है तो इसके लिए प्रोटीन सबसे अच्छा विकल्प होगा. इसे अपनी डाइट में शामिल कर आप काफी हद तक अपने पेट और कमर की चर्बी पर नियंत्रण पा सकते है. नीचे कुछ खाद्य पदार्थ दिए गए है जिनसे आपको भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलेगा.
मछली, मुर्गी, पनीर, दूध, फलियां, अंडा, राजमा.

एक्सरसाइज :-

“बिना कुछ किये किसी को कुछ भी हासिल नहीं होता” इस वाक्य का अर्थ तो आप भली भांति समझते होंगे. यदि आप अपने पेट की अतिरिक्त चर्बी को घटाना चाहते है तो उसके लिए कुछ श्रम करना होगा. अर्थात इसके लिए आपको रोजाना कम से कम आधा घंटे एक्सरसाइज करनी होगी. ये एक्सरसाइज Lower बॉडी के लिए की जाने वाली Exercise होंगी. इससे चर्बी कम होने में तो मदद मिलेगी ही साथ-साथ मांसपेशिया भी मजबूत होंगी.

अपनी दिनचर्या को नियमित रखें :-

पेट पर इक्कठी हुई अतिरिक्त चर्बी का एक कारण अनियमित दिनचर्या भी होती है. क्योकि कई बार समय के अभाव में हम ठीक प्रकार से भोजन नहीं करते या समय पर भोजन नहीं करते जिसका सीधा प्रभाव हमारे पेट पर पड़ता है. समय पर किया गया भोजन पेट पर चर्बी एकत्रित नहीं होने देता जबकि असमय किया गया भोजन इस चर्बी का एक कारण होता है. शोध के अनुसार को लोग समय पर भोजन करते है उनके शरीर में बार-बार भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन कम बनते है जो पेट की चर्बी को कम करने में मदद करते है. इसीलिए समय पर खाये और अपनी दिनचर्या को नियमित करें.

तुरंत पेट कम करने के तरीके – किन चीजो का करें सेवन :-

बादाम :

बादाम के गुणों से तो आप सभी भली भांति परिचित है लेकिन शायद आपको नहीं पता की इसमें मौजूद Polyunsaturated और Monounsaturated फैट ओवर ईटिंग से बचाता है. इसके अलावा बादाम भूख को दबाने में भी मदद करता है और दिल सम्बन्धी बीमारियों को दूर करने के लिए लाभकारी है. इसमें मौजूद फाइबर की उच्च मात्रा लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होने देती. यदि आप भूख लगने पर फैटी स्नैक्स खाते है तो उसकी जगह रोस्टेड बादाम का सेवन करना प्रारंभ कर दें. आपके लिए फायदेमंद होगा.

तरबूज :

पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए तरबूज बहुत कारगर उपाय है. क्योकि इसमें 91 प्रतिशत पानी होता है और जब आप इसका सेवन खाने से पहले करते है तो आपका पेट पहले से ही भर हुआ महसूस करता है. इसके अतिरिक्त इसमें Vitamin B-1, B-6 और C भी उच्च मात्रा में पाए जाते है. शोध में पाया गया है की रोजाना 2 ग्लास तरबूज के जूस का सेवन करने से 8 सप्ताह में पेट की चर्बी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

बीन्स :-

जैसा की हमने आपको पहले बताया की बीन्स में प्रोटीन की अच्छी मात्रा पायी जाती है जो पेट की चर्बी को कम करने में मददगार है. इसके अलावा बीन्स के सेवन से मांसपेशिया मजबूत होती है और पाचन क्रिया भी स्वस्थ रहती है. बीन्स की एक खासियत ये भी है की इसके सेवन के बाद आप हैवी फील करते है जिसकी वजह से आप किसी अन्य खाने को नहीं खाते. फाइबर प्राप्त करने के लिए ये एक अच्छा उपाय है और फाइबर पेट की चर्बी पर प्रभाव डालता है.

खीरा :-

सामान्य रूप से अपने सलाद और रायते में सम्मिलित किये जाने वाले खीरा के इस फायदे को शायद आप नहीं जानते. इसमें मौजूद मिनरल्स, fiber और vitamin शरीर से सभी विषैले विषाणुओ को बाहर करने में मदद करते है जिससे धीरे धीरे चर्बी अपने आप कम होने लगती है. रोजाना एक प्लेट खीरे का सेवन करें कुछ ही सप्ताह में आपको फर्क दिखने लगेगा.

इसके अतिरिक्त आप सेब, टमाटर, अनानास और ग्रीन टी के सेवन से भी अपना बढ़ हुआ पेट कम कर सकते है. इन उपायो की सबसे बड़ी खासियत ये है की ये पूर्णतः प्राकृतिक तरीके है जिनके कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है.

तुरंत पेट कम करने के तरीके, पेट कम करने के आसान तरीके, पेट को कम कैसे करें, बढ़े हुए पेट को कैसे कम करें, पेट की चर्बी को कम करने के तरीके

बादाम तेल के क्या-क्या फ़ायदे होते है?

बादाम तेल के क्या-क्या फ़ायदे है :- बादाम एक ऐसा ड्राई फ्रूट जिसे शायद हर को पसन्द करता होगा. और हो भी क्यों न, ये है ही इतना स्वादिष्ट. लेकिन केवल स्वाद नहीं बल्कि इसके गुणों के कारण भी इसे अधिकतर पसन्द किया जाता है. बादाम की तासीर गर्म होने के कारण अधिक मात्रा में इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है. जिस कारण अधिकतर लोग इसे भिगाकर खाते है. इससे इसमें मौजूग गर्म तासीर वाले गुण खत्म हो जाते है जिससे ये नुकसानदेह नहीं रहता.

आज तक न जाने कितने लोगो के मुँह से आपने बादाम के फायदों के बारे में सुना होगा जैसे बादाम खाने से दिमाग तेज़ होता है, लो ब्लड प्रेशर में बादाम खाना लाभकारी होता है और न जाने क्या-क्या. अलग-अलग लोग बादाम का अलग-अलग तरीको से सेवन करते है. जैसे कोई बादाम को यूँ ही खाता है तो कोई रातभर भिगोकर सुबह इसका सेवन करते है. ये उन लोगो के लिए लाभकारी होता है जो गर्म पदार्थो के सेवन से परहेज करते है.

लेकिन आपने कभी बादाम के तेल के सेवन के बारे में सुना है? शायद नहीं, क्योकि ज्यादातर लोगो को केवल सादे बादाम के सेवन के फायदों के बारे में पता है जबकि बादाम का तेल हमारे स्वास्थ्य के लिए उससे कही अधिक फायदेमंद होता है. इसकी मदद से न केवल आप अपनी त्वचा संबंधी बिमारियों को दूर कर सकते है बल्कि वजन घटाने जैसे सबसे बड़ी परेशानी को भी आसानी से हल कर सकते है.

बादाम के तेल के इन गुणों को जानकर अब आपका मन इसके पूर्ण गुणों को जानने के लिए कर रहा होगा. तो आइए आपकी इस उत्सुकता को शांत करते है और बताते है बादाम के तेल के पूर्ण फायदे. इसके सभी गुणों को जानकर आपको आश्चर्य तो होगा ही साथ-साथ प्रसन्नता भी होगी.

त्वचा के लिए बादाम तेल के फ़ायदे :-बादाम तेल

मनुष्य के जीवन में एक उम्र ऐसी आती है जब सब कुछ स्पष्ट दिखने लगता है. लेकिन कई बार उस उम्र से पहले ही कई सारी परेशानियां होना शुरू हो जाती है जिनका कारण होता है सूरज, धूल, मिटटी, गंदगी और प्रदुषण. इसकी वजह से त्वचा अपना प्राकृतिक निखार और चमक खो देती है. जिसकी वजह से आपको न चाहते हुए भी खुद को अपने चेहरे से लेकर त्वचा के सभी अंगो को ढकना पड़ता है.

लेकिन आप परेशान न हो इस उपाय के अलावा एक और उपाय है जिसकी मदद से आप अपनी त्वचा की प्राकृतिक चमक पा सकती है. वो उपाय है बादाम तेल, जो त्वचा से जुडी समस्यायों को ठीक करके उसकी चमक लौटने में मदद करता है. इसके अलावा कई और फ़ायदे है बादाम तेल के त्वचा के लिए जिनकी सम्पूर्ण जानकरी नीचे दी गयी है.

  • त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करें.
  • बादाम का तेल लगाने से स्किन में इंस्टेंट ग्लो भी लाया जा सकता है.
  • ये आपकी स्किन को पोषित करके उसे smoother और मुलायम बनाता है.
  • बादाम तेल में मौजूद Vitamin A, B और E त्वचा के absorbtion को बढ़ाता है जिससे त्वचा के रोमछिद्र block नहीं होते.
  • आँखों के नीचे आये काले घेरो को दूर करने के लिए भी बादाम तेल बेहद फायदेमंद है.
  • इसके लिए अपनी आँखों एक नीचे बादाम तेल की मालिश करें.
  • इसमें मौजूद विटामिन E त्वचा को ठीक करके आँखों के नीचे वाले हिस्से में चमक लाता है.
  • नियमित रूप से इसका प्रयोग करने से wrinkles और Crow’s feet की समस्या को भी दूर किया जा सकता है.

Skin Benefits of Almond Oil 

  • बढ़ती उम्र की निशानियो को रोके.
  • बादाम तेल के नियमित प्रयोग से त्वचा younger और fresher लगती है.
  • इसमें मौजूद फैटी एसिड और विटामिन E बढ़ती उम्र की निशानियो की गति को धीमा कर देते है.
  • झुर्रियों को ठीक करने में भी ये बेहद लाभकारी है.
  • बादाम तेल की मदद से त्वचा के dead सेल्स और Impurities निकली जा सकती है.
  • Psoriasis और Eczema की समस्या को दूर करने में मदद करे.
  • बादाम के तेल की मॉइस्चराइजिंग प्रॉपर्टी त्वचा सम्बन्धी समस्या दूर करने में सहायक होती है.
  • इस तेल को प्राकृतिक सनस्क्रीन भी कहा जाता है. इसमें मौजूद SPF 5 Suntan और Sunburn को ठीक करने में मदद करे.
  • इसके अलावा ये सूर्य की किरणों के प्रभाव को भी कम करता है.
  • आप बादाम तेल का प्रयोग अपनी हैण्ड और फुट क्रीम की जगह पर भी कर सकती है.
  • ये आपकी स्किन को बेबी सॉफ्ट बनाने में मदद करता है.
  • इसमें मौजूद Zinc रूखी त्वचा और फटी एड़ियो को ठीक करता है.
  • शायद आपको नहीं पता लेकिन बादाम तेल का प्रयोग एक अच्छे मेकअप रिमूवर के रूप में किया जाता है.
  • ये मुँहासे के खतरे को भी कम करता है और हर प्रकार की स्किन के लिये लाभकारी है.
  • मुलायम और गुलाबी होंठो के लिए बादाम के तेल का प्रयोग करें.
  • इसमें मौजूद विटामिन और मॉश्चराइज़ गुण होंठो के लिए फायदेमंद है.
  • झुर्रियों और fine lines को ठीक करने के लिए भी बादाम तेल का प्रयोग लाभकारी होता है.
  • ये dull और बेजान त्वचा को ठीक करने में भी मदद करता है.

बालों के लिए बादाम तेल के फ़ायदे :-

हालाँकि किसी को अपने बालो में तेल लगाना पसंद नहीं होता क्योकि उसके बाद बाल चिकने और चिपचिपे हो जाते है. लेकिन बालों में तेल लगाना उतना ही जरुरी है जितना की स्किन को मॉइस्चराइज़ करना क्योकि बालों को ऑइलिंग से ही पोषण मिलता है और यदि उन्हें पूरा पोषण नहीं मिलेगा तो उनकी वृद्धि ठीक प्रकार से नहीं हो पायेगी. यदि आप अन्य तेलो से बालों में मालिश नहीं कर सकते तो आप बादाम तेल को क्यों नहीं अपनाते. क्योकि इससे बाल चिपचिपे नहीं होते और उनके पूरा पोषण भी मिलता है. बादाम तेल से आपके बालों को अंदर से पोषण देता है जिससे वे मजबूत होते है. इसके अतिरिक्त बालों के लिए बादाम तेल के और भी कई फ़ायदे है जिन्हें जानकर आपको हैरानी होगी!

  • बादाम तेल के रेगुलर इस्तेमाल से बाल लंबे और घने होते है.
  • इसमें मौजूद magnesium बाल झड़ने की समस्या को दूर करने का सबसे उत्तम उपाय है.
  • इसीलिए कई सारे हेयर केयर प्रोडक्ट्स में बादाम तेल का प्रयोग किया जाता है.
  • दोमुंहे बालों की समस्या को खत्म करने के लिए भी बादाम तेल बहुत फायदेमंद होता है.
  • बादाम तेल से बालों में नियमित मसाज करने से दोमुंहे बाल ठीक हो जाते है.

Badam Tel ke balo ke liye fayde

  • बादाम, कास्टर और जैतून के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से बालों में चमक आती है.
  • इसके अलावा इस तेल के प्रयोग से बालों को strength भी मिलती है.
  • जब भी बाल धोये बादाम तेल की कुछ बून्द से बालों में मसाज करें.
  • इससे आपके बाल मुलायम, hydrated और चमकदार बने रहेंगे.
  • बादाम तेल shine enhancers और leave-in conditioners का अच्छा सब्स्टिट्यूट है.
  • डेंड्रफ की समस्या में बादाम के तेल को गर्म करके बालों की मसाज करें.
  • ये तेल स्कैल्प से डेड स्किन को निकालने में मदद करता है. इसी के साथ बालों को nourish भी करता है.
  • स्कैल्प में आयी किसी भी प्रकार की सूजन को कम करने के लिए बादाम तेल का प्रयोग करें.
  • क्योकि आगे चलकर यही सूजन बाल झड़ने और डेंड्रफ का मुख्य कारण बनती है.
  • बादाम तेल में मौजूद फैटी एसिड स्कैल्प को मॉइश्चराइज़ और मुलायम करता है जिससे रक्त का संचरण अच्छे से होता है.

Badam Tel के स्वास्थ्यवर्धक फ़ायदे :-

बादाम खाने के फ़ायदों से तो सभी अवगत है. लेकिन शायद आप नहीं जानते इस ड्राई फ्रूट के फ़ायदे केवल इसके nut तक ही सीमित नहीं है. बादाम के साथ-साथ उसके तेल का सेवन करने से भी अनगिनत फ़ायदे मिलते है. हालाँकि ये थोड़ा expensive हो लेकिन इसके सेवन के बहुत फ़ायदे है. यकीन मानिये बादाम के तेल का सेवन करने से बादाम खाने से भी अधिक फ़ायदे मिलते है. तो आईये जानते है बादाम तेल का सेवन करने के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदे!

  • गर्दन के दर्द में बादाम तेल से मालिश करने से दर्द ठीक हो जाता है.
  • कान में दर्द है तो दो बून्द बादाम तेल कान में दाल लें आराम मिलेगा.
  • बादाम तेल के सेवन से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है.
  • ये तेल सर्दियों में शरीर का तापमान सामान्य बनाये रखने में मदद करता है.
  • इस तेल के नियमित सेवन से कभी भी शारीरिक थकान महसूस नहीं होती.
  • जब भी थकान लगे दूध में बादाम तेल डालकर पी लें फ़ायदा मिलेगा.
  • बादाम तेल में monounsaturated fatty acids पाए जाते है.
  • ये fats हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते है और हृदय से जुडी बिमारियों को ठीक करते है.
  • मीठे बादाम तेल में folic एसिड्स, unsaturated fats, protein, और potassium पाये जाते है जो हृदय के लिए फायदेमंद है.
  • बादाम का तेल मधमेह के रोग में बहुत लाभ देता है.
  • ये लिवर को अच्छा करके हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
  • बादाम तेल Blood Pressure को रेगुलेट करता है जिससे cholesterol level नियंत्रित रहता है.
  • इसमें पोटैशियम की अधिक और सोडियम की कम मात्रा पायी जाती है जो हृदय से जुडी समस्यायों में बेहद लाभकारी होता है.बादाम तेल

Badam tel ke fayde

  • बादाम तेल के नियमित सेवन से Immune system मजबूत होता है. इसके अलावा शरीर की सामान्य इन्फेक्शन्स से लड़ने की क्षमता में भी वृद्धि होती है.
  • पाचन क्रिया को ठीक करने के लिए भी बादाम तेल का सेवन किया जा सकता है.
  • बादाम तेल में मौजूद omega-3 फैटी acid memory को तेज़ करने में मदद करे.
  • इसके अलावा ये तेल तांत्रिक प्रणाली को nourish करने में भी सहायक है.
  • रोजाना रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध में बादाम तेल की कुछ बुँदे डालकर पियें.
  • बादाम तेल में विटामिन D भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो शरीर में कैल्शियम के absorption के लिए बेहद जरुरी है.
  • नवजात शिशु की हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए भी बादाम तेल का प्रयोग अच्छा रहेगा.
  • शिशु के जोड़ो को बादाम तेल से मालिश करने से Blood circulation अच्छा होता है और त्वचा संबंधी समस्याएं दूर होती है.
  • बादाम तेल को मांसपेशियों के दर्द और खिंचाव को दूर करने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है.
  • यदि आपके नाख़ून भी अजीब से है तो उनपर रोजाना बादाम के तेल की कुछ बुँदे डालें.
  • तेल में मौजूद पोटैशियम और ZInc नाखुनो को मजबूती देकर उन्हें hydrate करता है जिससे उनके टूटने का खतरा कम हो जाता है.
  • बादाम के तेल में विटामिन्स और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते है.
  • इसके अलावा Calcium, potassium, magnesium, vitamins E और D मीठे बादाम तेल में पाए जाते है.
  • इसमें मौजूद Anti Inflammatory गुण किसी भी प्रकार की सूजन को कम करने में मददगार है.

Health Benefits of Almond Oil 

  • बादाम तेल को energy booster भी कहा जाता है क्योकि ये शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देने में मदद करता है.
  • अपने खाने में बादाम तेल को सम्मिलित करके colon cancer के खतरे को कम किया जा सकता है.
  • बादाम तेल में फाइबर पाया जाता है जो colon में खाने की सही movement के लिए उत्तरदायी है.
  • गर्भवती महिला के लिए बादाम का तेल बेहद फायदेमंद होता है. इसके द्वारा बच्चे को neural tube defect होने का खतरा नहीं रहता.
  • गर्म दूध में बादाम तेल की कुछ बून्द डालकर पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है.
  • बादाम का तेल वजन नियंत्रित करने और घटाने में भी मदद करता है.
  • रोजाना इस तेल का सेवन करने से वजन काफी हद तक कम किया जा सकता है.
  • घर में बनायीं जाने वाली सब्जी में बादाम तेल डालने से उसका स्वाद बढ़ जाता है.
  • इसके अलावा कब्ज की समस्या भी दूर होती है.
  • रोजाना एक चम्मच बादाम के तेल का सेवन करने से कब्ज को ठीक किया जा सकता है.
  • बादाम तेल का प्रयोग छोटे बच्चों की मालिश करने के लिए भी किया जाता है.
  • इस तेल से बच्चो की हड्डियों में स्फूर्ति आती है और उनकी ग्रोथ अच्छी होती है.
  • एक चम्मच बादाम के तेल का रोजाना सेवन करने से बहुत लाभ मिलते है.
  • बादाम तेल में प्रोटीन्स, मिनरल्स, विटामिन A, B और E भी पाए जाते है.

बादाम तेल के फ़ायदे, बादाम के तेल के क्या-क्या फ़ायदे है, बादाम तेल के गुण, बादाम के तेल के सेवन के फ़ायदे, बादाम का तेल बालों में लगाने के लाभ

बालतोड़ की समस्या के समाधान के लिए इन्हें आजमाएं

बालतोड़ का इलाज कैसे करें :-  हमारी त्वचा बहुत ही नाजुक होती है जिसके कारण थोड़ी सी परेशानी भी बहुत तकलीफदेह हो जाती है। हर किसी मनुष्य को कोई न कोई त्वचा संबंधी समस्या होती ही रहती है। त्वचा में होने वाली इन्हीं समस्याओं में से एक है बालतोड़ या फोड़ा। जिसे स्किन एब्सेस या फर्नकल भी कहते है।

ये हमारे जांघ, हाथ या शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। ये एक गांठ होती है जो त्वचा की सतह पर उभरती है। समय के साथ-साथ इसमें दर्द तो बढ़ता ही है इसके अलावा इसमें पस भी भर जाता है। Baltod मटर जितना छोटा भी हो सकता है और गोल्फ बाल जितना बड़ा भी। सामान्य तौर पर बालतोड़ आयल ग्लैंड या स्किन में किसी बाल के टूट जाने के कारण होता है। जो धीरे धीरे दर्द के साथ बड़ा होता है और उसमे सूजन भी आती है।

शरीर के किसी भी अंग के एक बाल के टूट जाने के कारण उस जगह घाव होने लगता है जिसे सामान्य भाषा में बालतोड़ कहा जाता है। इस समस्या में सबसे पहले एक फुंसी होती है और बाद में वो जख्म का रूप ले लेती है। बालतोड़ के जख्म में पस भर जाने पर उसमे बहुत दर्द होता है।

ऐसे तो बाल तोड़ होना कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है लेकिन जब ये घाव का रूप ले लेता है तो इसके दर्द को सहना बेहद मुश्किल हो जाता है। यूँ तो डॉक्टरी इलाज के द्वारा इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है लेकिन कई बार समय के अभाव में डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं होता।

शायद आप नहीं जानते लेकिन बालतोड़ की समस्या के आयुर्वेदिक उपचार भी है। जिनके द्वारा आप बिना पैसे खर्च किये भी इस समस्या से निजात पा सकते है। इन उपायो की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है की इनका निर्माण पूरी तरह घरेलु उत्पादों द्वारा किया गया है जिनके कोई दुष्प्रभाव नहीं है। तो आईये जानते है Baltod का घरेलु इलाज!

बालतोड़ (Boils) के घरेलु इलाज  

गेहूं के दाने :-

सामान्य तौर पर बालतोड़ हाथ या पैर के बाल टूट जाने के कारण होता है। जिसके कारण हां या पैर हिलाने में भी बहुत दर्द होता है। इससे निजात पाने के लिये Baltod होने की शुरुआत में ही गुहे के कुछ दानो को मुँह में ले कर चबाएं। अब उन्हें मुँह से निकालकर बालतोड़ पर लगाएं। दिन में कम से कम 3 बार इस प्रक्रिया का प्रयोग करें। ऐसा करने से बालतोड़ का जख्म नहीं बढ़ेगा और उसके दर्द में हलकी राहत मिलेगी।

पीपल के पेड़ की छाल :-

यदि आपके घर में भी किसी को बालतोड़ हो गया है तो पीपल के पेड़ की छाल को उखाड़ लेकर घर ले आये। अब उसे घिस कर उसमे थोड़ा सा पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। दिन में 2 से 3 बार इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। ऐसा करने से बालतोड़ के जख्म में आराम मिलेगा और उससे होने वाले दर्द में भी राहत मिलेगी।

नीम :-

बालतोड़ होने पर नीम के पत्ते और काली मिर्च की समान मात्रा लेकर उसे पीस लें। थोड़ा गाढ़ा पेस्ट बना कर उसे अपने जख्म पर लगाएं। लगाने के बाद उसपर किसी कपडे की पट्टी को बांध लें। आप चाहे तो केवल नीम के पत्ते के भी प्रयोग कर सकते है। इस उपचार की मदद से आपका बालतोड़ जल्द ठीक हो जायेगा। क्योकि इसमें नीम का प्रयोग किया गया है तो संक्रमण का ख़तरा भी नहीं रहता।

मैदा :-

Baltod को पकाकर जल्द फोड़ने के लिए इस विधि का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए एक चम्मच मैदा को घी में भूनकर उसका पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट के ठंडा होने का इंतजार करें। रात को सोते समय ठंडे मिश्रण को अपने बालतोड़ के जख्म पर लगाएं। इसे ढकने और बांधने के लिए किसी कपडे की पट्टी का प्रयोग करें। एक से दो दिन के भीतर Baltod का फोड़ा अपने आप पककर फूट जायेगा। ये आपके दर्द और फोड़े से होने वाली तकलीफ को भी कम करेगा।

हल्दी और सरसों का तेल :-

बालतोड़ की समस्या को ठीक करने के लिए हल्दी में सरसों के तेल को मिलाकर हल्का गर्म कर लें। सहने जितना ठंडा हो जाने के बाद उसे Baltod वाली जगह पर लगाएं। जख्म के ठीक होने तक इसका प्रयोग करते रहे इससे Baltod के जख्म में आराम मिलेगा।

Echinacea :-

ये एक प्रकार का फूल है जो आयुर्वेद में दवाइया बनाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इस फूल का प्रयोग Baltod की समस्या से निजात पाने के लिए भी किया जाता है। इसके लिए कुछ Echinacea फूल और 1 कप गर्म पानी ले। अब इस कप में इस फूल कुछ मिनट्स के लिए भिगों दें। अब इस हर्बल टी का सेवन करें फ़ायदा मिलेगा।

आलू :-

Baltod होने पर आलू का भी प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए 1 आलू को छील कर उसका रस निकाल लें। अब रुई को उस रस में डुबोये। आलू के रस में डूबी हुई इस रूप को अपने जख्म पर लगाएं। कुछ देर तक इस रस को लगे रहने दें और बाद में साफ़ कर ले। दिन में तीन से चार बार इस उपाय का प्रयोग करें। आराम मिलेगा।

बालतोड़ के लिए अन्य उपाय :-pyaj ke fayde

  • रुई को 15 से 20 मिनट तक मैदे में भिगो लें। अब रुई को निचोड़कर Baltod वाले स्थान पर बांध लें। तीन दिन में ही बालतोड़ ठीक हो जायेगा।
  • Baltod के फोड़े को हल्का सा दबाने पर उसकी कील निकल जाती है। इसमें थोड़ा दर्द अवश्य होगा लेकिन इससे रोग ठीक होने में फायदा मिलेगा। कील निकल जाने के बाद उस पर हल्दी लगा दें ताकि संक्रमण त्वचा के अन्य हिस्सो पर न फैले।
  • पिसी हुई मेहंदी भिगोकर उसके गाढ़े लेप को सुबह और रात को लगाने से Baltod ठीक हो जाता है।
  • सेब के सिरके को cotton पद में भिगोकर निचोड़ लें। अब इसे Baltod वाली जगह पर लगाएं। 10 मिनट के बाद उसे साफ़ कर लें।
  • लहसुन की कलियों का जूस निकल कर उसे बालतोड़ वाली जगह पर लगाएं। आराम मिलेगा।
  • प्याज की स्लाइस को Baltod से प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से भी आराम मिलता है।
  • एलोवेरा जेल को लगाने से भी मिलता है Baltod  की समस्या में फ़ायदा।

तो ये है कुछ आयुर्वेदिक उपचार जिनकी मदद से आप Baltod की समस्या से निजात पा सकते है। ये उपाय पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है। लेकिन एक बात का ध्यान रखे, यदि समस्या अति गंभीर है तो डॉक्टरी इलाज लेना जरुरी है।

बालतोड़ का इलाज कैसे करें, बालतोड़ के घरेलु इलाज, बालतोड़ के घरेलु उपचार, Baltod ठीक करने के उपाय, बालतोड़ कैसे होता है, बालतोड़ ठीक करने के घरेलु उपाय

घुटनों के कालेपन से छुटकारा कैसे पाएं? जानने के लिए इन्हें पढ़े

घुटनों का कालापन दूर करने के उपाय :- आज कल की महिलाओं और लड़कियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनकी खूबसूरती होती है। जिसके लिए वे क्या कुछ नहीं करती पार्लर जाती है, फेशिअल कराती है, मेनिक्योर पेडीक्योर और न जाने क्या-क्या! त्वचा को निखारने से लेकर अपने बालों को संवारने तक सभी के लिए बहुत मेहनत करती है।

लेकिन कई बार समय के आभाव और लापरवाही के कारण वे अपने शरीर के कुछ ऐसे अंगो को भूल जाती है जो होते तो महत्वपूर्ण है लेकिन ध्यान न जाने के कारण उनकी सफाई नहीं कर पाते। इन्हीं अंगो में से एक है हमारे घुटने। जो समय के साथ और साफ़-सफाई न करने के कारण काले पड़ने लगते है।

ऐसे तो अधिकतर लोग नहाते समय अपने हाथ-पैर रगड़ते है लेकिन कुछ लोग जल्दी बाज़ी में हलके हाथो से ही घुटनो को साफ़ करते है। जबकि ये शरीर का रक ऐसा अंग है जिसे विशेष सफाई के साथ-साथ खास देखरेख की भी आवश्यकता होती है।

अधिकतर लोग अपने चेहरे की खूबसूरती को सवारने में लगे रहते है लेकिन शरीर के इन महत्वपूर्ण भागो को भूल जाते है जिसके कारण के काले पड़ने लगते है। घुटनों के काले होने के कारण आप अपनी मनपसंद शार्ट ड्रेस भी नहीं पहन पाती। ऐसे में उनकी सफाई के लिए उन्हें पेडीक्योर का उपाय सबसे बेहतर लगता है।

लेकिन सिर्फ घुटनों की सफाई के लिए हज़ारो रूपए खर्च करना हर किसी के लिए संभव नहीं। परंतु ये एक ऐसी समस्या है जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान रहता है। ऐसे तो अधिकतर लोग छोटी मोटी साफ़-सफाई के जरिये इस समस्या को खत्म कर लेते है कुछ लोगों इसी असमंजस में पड़े रहते है की सफाई किस प्रकार करें। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप भी अपने घुटनों के कालेपन को आसानी से घर बैठे दूर कर सकती है।

घुटनों के कालेपन के कारण :-ghutno-ke-kalepan-se-chutkara-pane-ke-upay

किसी भी समस्या के निदान से पहले उसके कारणों को जानना बेहद आवश्यक होता है। क्योकि समस्या के कारण जानने से ही आधी समस्या हल हो जाती है। इसी प्रकार घुटनों के कालेपन को दूर करने के लिए उसके कारणों को जानना आवश्यक है। घुटनों की त्वचा काले हो जाने के बाद उसे साफ़ करना बेहद मुश्किल हो जाता है। और जब आप शार्ट dresses पहनने के शौक़ीन है तो इनका ऐसा होना आपके लिए ठीक नहीं होगा। इस समस्या को दूर करने के लिए आप कुछ उपायो की मदद ले सकती है जिनकी जानकारी हम आपको आगे देने जा रहे है। लेकिन उससे पहले घुटनों के काले होने के कारण जानना आवश्यक है।

  • अधिक देर तक धुप में रहने से ।
  • घुटनों की त्वचा में रूखापन होने के कारण।
  • घुटनों के अतिरिक्त घर्षण की वजह से।
  • अपने घुटनों की ठीक प्रकार से देखभाल न करने से।
  • कुछ रोगों के दुष्प्रभाव के कारण भी हो सकते है काले घुटने।
  • दवाइयों का साइड इफ़ेक्ट भी हो सकता है कारण।
  • सुन टैनिंग भी है एक वजह घुटनों के काले होने की।
  • पिगमेंटेशन के कारण।

घुटनों का कालापन दूर करने के उपाय 

नींबू और चीनी :-

नींबू त्वचा के ब्लीचिंग करके उसे साफ़ करने में मदद करता है जबकि चीनी स्क्रबिंग का एक अच्छा स्त्रोत्र है। यदि इन दोनों गुणकारी पदार्थो को मिला दिया जाये तो स्किन के कालेपन को आसानी से दूर किया जा सकता है। यदि आपके घुटने भी काले होने लगे है तो सबसे पहले एक नींबू काट लें। अब उस नींबू पर थोड़ी चीनी डाल कर उसे अपने घुटनों पर रगड़े। कुछ देर तक ऐसे ही रगड़ते रहे। ऐसा करने से सारी गंदगी स्क्रबिंग की मदद से साफ़ हो जाएगी। कुछ दिन तक लगातार इस विधि का प्रयोग करे आपके घुटने आपकी त्वचा के बाकी भागों की तरह चमकने लगेंगे।

नारियल तेल :-

ये त्वचा के लिए मोइस्चराइज़िंग का काम करता है। इसके अलावा त्वचा से संक्रमण और अन्य समस्याओ को खत्म करने में भी मददगार है। यदि आपके घुटने भी काले है तो आप अपने घुटनों पर नहाते समय नारियल का तेल लगाकर मसाज करें। ऐसा करने से त्वचा की पूरी गंदगी साफ़ हो जाएगी। इसके अलावा त्वचा मुलायम भी होगी। घुटनों का कालापन दूर करने का ये सबसे अच्छा और सबसे सस्ता घरेलु उपचार है।

बेसन और दही :-

दही त्वचा को साफ़ करने में लाभकारी होता है जबकि बेसन उसका रंग निखारने में मदद करता है। इन दोनों का मिश्रण त्वचा के दाग़-धब्बो से लेकर कई छोटी-छोटी समस्यायों को दूर करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। काले हुए घुटनों को fair करने के लिए 1 चम्मच बेसन में 1 चम्मच दही मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें। अब इस मिश्रण को अपने घुटनों पर लगाएं। 10 मिनट तक रखने के बाद स्क्रबिंग करते हुए इसे साफ़ कर लें। बाद में सहने जितने गर्म पानी से इसे धो लें। हफ्ते में चार बाद इस उपाय का प्रयोग करें। आपके घुटने पहले की तरह गोरे हो जायेंगे।

नींबू :-

नींबू त्वचा के लिए ब्लीचिंग का काम करता है और उस पर जमी गंदगी साफ़ करके उसके रंग को निखारने में मदद करता है। घुटनों का कालापन होने पर भी नींबू का प्रयोग किया जा सकता है। ये घुटनों को साफ़ करके उसका रंग साफ़ करने में मदद करता है। इसके लिए 1 बड़े नींबू को बीच से काट लें। फिर इस नींबू के एक टुकड़े को अपने घुटनों पर रगड़े। कुछ सप्ताह तक इस विधि का लगातार प्रयोग करें। आपको लाभ मिलेगा।

एलोवेरा जेल :-

ये ऐसे प्राकृतिक औषधि है जिसका प्रयोग त्वचा संबंधी किसी भी समस्या को दूर करने के लिए किया जा सकता है। अब चाहे वो skin pigemtation हो या त्वचा का कालापन। इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत तो ये है की इसके प्रयोग के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। यदि आपके घुटने भी काले हो रहे है तो एलोवेरा के पत्ते को काटकर उसके गूदे से अपने घुटनों को रगड़े। कुछ मिनट तक लगे रहने दे और बाद में गर्म पानी से साफ़ कर लें। कुछ हफ़्तों के प्रयोग से घुटनों का कालापन दूर होने लगेगा।

नींबू और बेसन :-

नींबू के गुणों के बारे में तो आप सभी जानते है और बेसन हर घर की रसोई में प्रयोग होने वाला जरुरी पदार्थ है। शायद आपको नहीं पता लेकिन ये दोनों ही वस्तुए आपके घुटनों का कालापन दूर करने में बेहद फायदेमंद उपाय है। इसके लिए एक चम्मच बेसन में एक चम्मच नींबू का रस घोल कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने घुटनों पर अच्छे से लगाएं। थोड़ी देर तक रखने के बाद जब ये सुख जाये इसे रगड़ते हुए साफ़ कर दें। आपके घुटने पहले की तरह साफ़ हो जायेंगे।

चीनी और जैतून का तेल :-

जैतून का तेल त्वचा की रंगत निखारने में मदद करता है जबकि चीनी त्वचा को exfoliate करने में मदद करती है। यदि इन दोनों उत्पादों को मिलाकर प्रयोग में लाया जाये तो इनका रिजल्ट बेहद फायदेमंद हो सकता है। त्वचा के कालेपन को दूर करने में भी इन दोनों के मिश्रण का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए 1 चम्मच चीनी और 1 चम्मच जैतून के तेल को मिला कर उसे अपने घुटनों पर लगाए। लगाते हुए स्क्रबिंग भी करें ताकि गन्दगी साफ़ हो जाये। इससे आपके घुटनों का रंग तो Fair होगा ही साथ-साथ त्वचा मुलायम भी होगी।

दूध :-

त्वचा का रंग निखारने के लिए अक्सर दूध का ही प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद वसा त्वचा के कालेपन को दूर करके उसका रंग साफ़ करता है। घुटनों का कालापन दूर करने के लिए भी इसका प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है दूध लेकर उसे अपने घुटनों पर लगाइये। आप चाहे तो रुई की मदद से भी दूध को कोहनी पर लगा सकती है। प्रतिदिन इस विधि का प्रयोग करें। लेकिन हां दूध लगाने के १० मिनट तक उसे लगे रहने दे ताकि त्वचा उसे सोख लें, इससे उसमे निखार आता है।baking-soda 1

बेकिंग सोडा :-

त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए बेकिंग सोडा का भी बहुत प्रयोग किया जाता है। ये त्वचा से डेड cells को निकाल कर उसे निखारने में मदद करता है। घुटनों का कालापन दूर करने के लिए भी बेकिंग सोडा का प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए दूध और बेकिंग सोडा को मिलाकर एक पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने घुटनों पर लगाएं। पेस्ट के सूखने तक उसे लगे रहने दें। बाद में हाथो से रगड़कर उसे साफ़ करे लें। इसके बाद हलके गर्म पानी से इसे धो दें। कई दिनों के लगातार प्रयोग से आपकी ये समस्या हल ही जाएगी।

स्क्रबिंग भी है जरुरी :

त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए ये सभी उपाय तो फायदेमंद है ही लेकिन यदि आपके पास थोड़ा सा समय है तो हफ्ते में कम से कम एक बार स्क्रबिंग अवश्य करें। ऐसा करने से त्वचा के dead cells निकल जाते है जिससे उसका कालापन भी खत्म होता है। इसके अलावा regular स्क्रबिंग करने से त्वचा में रंगत में भी फर्क पड़ता है।

इसके अतिरिक्त आप हल्दी, शहद और टमाटर का प्रयोग कर भी घुटनों के कालेपन को दूर कर सकती है। ये उपाय आपकी स्किन के रंग में निखारने में मदद करेंगे। इन उपायो का निर्माण पूरी तरह प्राकृतिक उत्पादों से किया गया है जिनके कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है। यकीन मानिये इन उपायो के प्रयोग से आपके घुटनों का कालापन ऐसे दूर होगा की आपको देखकर हैरानी होगी। लेकिन हां, यदि आपकी स्किन सेंसिटिव है तो इन उपायो का प्रयोग करने से पूर्व अपनी चिकित्सक या ब्यूटीशियन से सलाह लें।

घुटनों का कालापन दूर करने के उपाय, घुटनों को गोरा बनाने के उपाय, काले घुटनों को गोरा कैसे करें, घुटनों का रंग कैसे निखारे, घुटनों को गोरा कैसे करें

जलने पर क्या लगाएं जिससे तुरंत आराम मिले!

जलने पर क्या करें जिससे आराम मिलें  :- लड़कियां हो या लड़के सभी खाने के बेहद शौक़ीन होते है जिसके लिए वे क्या कुछ नहीं करते। कभी बाहर से खाना आर्डर करते है तो कभी खुद ही रसोई में जाकर कारिस्तानी करने लगते है। लेकिन कई बार ध्यान चुकने और लापरवाही के कारण छोटी मोटी समस्या हो जाती है जैसे हाथ पर तेल की छीट गिर जाना या किसी बर्तन से हाथ जल जाना आदि।

वैसे तो ये परेशानिया कुछ देर या कुछ दिन तक ही परेशान करती है और बाद में ठीक हो जाती है लेकिन कई बार ये बेहद तकलीफदेह और दुखदाई हो जाती है। जिसके कारण ग्रसित व्यक्ति खाना बनाना आदि जैसे कार्यो से डरने लगता है। लेकिन क्या आपको लगता है की छोटी सी चोट के कारण किसी चीज से मुँह मोड़ लेना ठीक है? निश्चित रूप से नहीं! यदि आपके साथ कभी ऐसे समस्या होती है तो आप उसका इलाज करें और अगली बार पुरे ध्यान और सतर्कता से काम करें। आप अपने कार्य में सफलता अवश्य पाएंगे।

सामान्य तौर पर जलना बहुत आम बात है लेकिन कई बार ध्यान न देने के कारण ये एक पीड़ादायक जख्म का रूप ले लेता है। ऐसे तो अधिकतर जख्म छोटी-मोटी देखरेख से ठीक हो जाते है परंतु गंभीर परिस्थियों में इनका इलाज करना आवश्यक होता है। क्योकि इस तरह से घावों से संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है।

यदि आप भी किसी कारण से जल जाते है तो तुरंत उसका उपचार करें अन्यथा समस्या अति गंभीर हो सकती है। ऐसे तो सभी लोगो को जलने के बाद किये जाने वाले प्राथमिक उपचारों के बारे में पता होता है लेकिन कुछ लोगो को इसकी जानकारी नहीं होती जिस कारण वे अपने घाव के साथ जीते रहते है। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिन्हें आजमाकर आप प्राथमिक चिकित्सा कर सकते है। लेकिन हां, एक बात ध्यान रखे यदि समस्या बड़ी है और गंभीर है तो उसके लिए डॉक्टरी इलाज करवाये और उस घाव की अतिरिक्त देखभाल करें।

जलने पर किये जाने वाले प्राथमिक घरेलु उपचार :tamatar

टमाटर :-

इसमें मौजूद तत्व जले हुए स्थान को आराम देने में मदद करते है। यदि आप भी छोटे मोटे कारण से जल गए है तो जले हुए भाग पर टमाटर की एक स्लाइस को काटकर प्रभावित स्थान पर लगाएं। टमाटर के सूखने तक उसे घाव पर लगाते रहे। अप्प घाव कुछ ही दिनों में सामान्य हो जायेगा। इससे घाव में होने वाले दर्द में भी कमी आएगी।

टूथपेस्ट :-

जलने पर किये जाने वाला सबसे पहला घरेलु उपचार है टूथपेस्ट। अपने भी अक्सर अपने घर में देखा होगा की जब भी मम्मी का हाथ जल जाता है तो वो उस जगह टूथपेस्ट लगा लेती है। क्योकि इसमें मौजूद गुण त्वचा को ठंडक देकर जलन कम करके दर्द में राहत देते है। इसके लिए जले हुए स्थान पर सफ़ेद टूथपेस्ट लगाएं और उसके सूखने का इंतजार करें। बाद में ठन्डे पानी से साफ़ कर लें। आवश्यकता हो तो आप इसका प्रयोग दिन में 2 से 3 बार कर सकते है। यकीन मानिये ये उपाय आपको तुरंत आराम देने में मदद करेगा।

एलोवेरा :-

ये एक प्राकृतिक घरेलु उत्पाद है जिसका प्रयोग करके आप अपनी समस्या से राहत पा सकते है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है। यदि आपके घर में एलोवेरा का पौधा है तो उसके पत्ते को काटकर उसके गूदे को जले हुए स्थान पर लगाएं। ये आपको तुरंत राहत देने में बेहद फायदेमंद सिद्ध होगा। इससे घाव में होने वाली जलन और पीड़ा भी कम हो जाती है।

बर्फ़ :-

कुछ लोगों को मानना है की जले पर सबसे पहले बर्फ़ का प्रयोग करना चाहिए। जबकि कुछ के नज़रिये में बर्फ़ का प्रयोग करना ठीक नहीं। क्योकि इससे जले हुए स्थान पर फफोले पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसे तो जलने पर बर्फ़ से अच्छा उपाय कोई और नहीं है लेकिन कई बार छोटी सी चीज भी नुकसानदेह हो सकती है। इसीलिए आप अपनी सूझ बुझ के अनुसार ही इसका प्रयोग करें। अगर नहीं तो अपने आस-पास रहने वाले किसी डॉक्टर की सलाह लें।

पेट्रोलियम जेली :-

सामान्य कारणों से वजह से जलने या किसी छोटे भाग के Jalne पर आप पेट्रोलियम जेली का भी प्रयोग कर सकते है। अक्सर घाव भरने और ठीक होने के दौरान उनमे बहुत तेज़ खुजली होती है जिसके कारण उसमे दर्द की संभावना भी बनी रहती है। यदि ऐसे कोई समस्या आपके घाव में भी हो रही है तो आप उसके लिए पेट्रोलियम जेली का प्रयोग कर सकते है। ये घाव से खुक्ली उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया को ख़त्म करने में मददगार है।

बेकिंग सोडा :-

त्वचा के Jalne पर बेकिंग सोडा का भी बहुत प्रयोग किया जाता है। इसके प्रयोग से जलने पर होने वाले दर्द में राहत मिलती है और उसमे फफोले नहीं पड़ते। इसके लिए बेकिंग सोडा को पानी में मिलकर गाढ़ा पेस्ट बनाकर उसे घाव पर लगाएं। आराम मिलेगा।

नारियल तेल और नींबू का रस :-

गर्म पानी या भाप के कारण Jalne पर नींबू के रस और नारियल तेल के मिस्रह्ण को लगाने से लाभ मिलता है। नारियल तेल और नींबू का रस लगाने से घाव जल्दी भरता है हालाँकि इसमें थोड़ा दर्द होगा लेकिन फायदा अवश्य मिलेगा। नारियल तेल स्किन के इन्फेक्शन को खत्म करता है जबकि नींबू का रस घाव के निशान को दूर करने में लाभकारी है।milk-for-skin

दूध :-

इसमें पाए जाने वाले वसा की अधिक मात्रा किसी भी त्वचा संक्रमण में मददगार होती है। ये त्वचा की किसी भी समस्या के लिए बेहद लाभकारी होता है। इसके लिए हल्दी और दूध को मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को जले हुए स्थान पर अच्छे से लगा लें। इससे घाव में आराम तो मिलेगा ही साथ-साथ उसका निशान भी नहीं रहेगा।

सिरका :-

जलने पर सिरका भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए सिरके को थोड़े से पानी में डाल दें। अब किसी कपडे को उस पानी में भिगो लें और उसे जले हुए भाग पर रखे। इस प्रक्रिया को 5 से 6 बार अवश्य आजमाए आपको लाभ मिलेगा।

शहद :-

शहद एक बहुत ही लाभकारी प्राकृतिक औषधि है। जलने पर इसका प्रयोग करने के लिए कच्चे शहद के लेप को जले हुए भाग पर लगाए। दर्द में राहत मिलेगी और जलन भी कम होगी।

आग से जलने पर किये जाने वाले अन्य उपाय :-

  • नमक में पानी डालकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें और इस पेस्ट को जले हुए भाग पर लगाएं। ऐसा करने से जले हुए स्थान पर छाले नहीं पड़ते और घाव जल्दी ठीक होता है।
  • जले हुए स्थान पर तुरंत कटे हुए आलू को लगाने से उसमे फफोले नहीं पड़ते।
  • हाथ या पैर के किसी भाग के Jalne पर उसपर प्याज का रस लगाएं। इससे घाव में जलन नहीं होगी और आराम मिलेगा।
  • जले हुए भाग पर गीले आटे को लगाने से उसमे जलन नहीं होती और छाले भी नहीं पड़ते।
  • त्वचा के किसी छोटे भाग के जलने पर सरसो के तेल का प्रयोग करे। लाभ मिलेगा।
  • गाय के शुद्ध घी को जले हुए स्थान पर लगाने से जलन में राहत मिलती है।
  • जलने के कारण हुए घाव पर तुरंत अरबी को पीसकर लगाएं। जली हुई त्वचा सामान्य हो जाएगी।
  • जली हुई त्वचा को ठीक करने के लिए आप हल्दी को पानी में मिलाकर उसके पेस्ट को घाव पर बार-बार लगाए।
  • ग्लिसरीन लगाने से त्वचा पर छाले, फफोले और दर्द नहीं होता।
  • Jalne पर कच्चे केले को पीसकर लगाने से भी आराम मिलता है।
  • गर्म पानी के कारण जलने पर तिल को पीसकर उसके लेप को घाव पर लगाने से फायदा मिलता है।

तो आज अपने जाना की जलने पर प्राथमिक चिकित्सा किस प्रकार करें। यदि आप भी इस तरह से समस्या से ग्रस्त है तो आप इसका प्रयोग कर सकते है। लेकिन एक बात का ध्यान रखे, की यदि समस्या अति गंभीर है अर्थात third degree burn है तो डॉक्टरी इलाज बेहद आवश्यक है। अगर समस्या मामूली है तो आप ऊपर बताये गए उपायो का आसानी से प्रयोग कर सकते है।

जलने पर क्या करें, जलने पर क्या लगाएं जिससे तुरंत आराम मिले, जलने पर उपचार, जलने पर क्या करना चाहिए, जलने पर घरेलु उपचार, जलने पर इलाज कैसे करें

शादी के बाद महिलाएं सिंदूर क्यों लगाती है?

शादी के बाद महिलाएं सिंदूर क्यों लगाती है :- हिन्दू धर्म में सिंदूर हर सुगहन स्त्री के लिए बेहद ख़ास महत्त्व रखता है। सिंदूर, सुहाग के लिए किये जाने वाले 16 श्रृंगारो में से एक है। जिसे हर सुहागन स्त्री को करना जरुरी होता है। सुहागन स्त्री के लिए Sindur  को सुहाग के प्रतीक के रूप में माना जाता है। इसीलिए हिन्दू परंपरा में विवाह के पश्चात् हर स्त्री को सिंदूर लगाना आवश्यक होता है।

यदि पिछले समय की तुलना वर्तमान समय से की जाये तो मांग में Sindur भरने का प्रचलन कुछ कम होता जा रहा है। लेकिन आज भी ऐसी कई स्त्री है जो पूरी मांग में सिंदूर भर्ती है। फैशन के साथ-साथ आज कल सिंदूर की भी नयी-नयी वैराइटियां आने लगी है। कोई लिक्विड सिंदूर लगाना पसंद करती है तो कोई पेंसिल सिंदूर लगाती है। परंतु धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाये तो कैमिकल वाला सिंदूर लगाना सही नहीं है।

ऐसे तो मांग में सिंदुर लगाना हिन्दू परंपराओं के रिवाजो में से एक है जिसे हर स्त्री को पालन करना होता है। परंतु जैसा की आप सभी जानते है की हिन्दू धर्म की हर रीती-रिवाज़ के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण छुपा होता है। इसी प्रकार इस प्रथा के पीछे भी एक बेहद ख़ास वैज्ञानिक कारण छुपा है। जिसकी जानकारी हम आपको आगे देंगे।mang-me-sindur-kyu-lagaya-jata-hai

भारत में बनाये गए सभी रीत-रिवाज़ हर प्रकार की खरी कसौटी पर उतरकर बनाये गए है। हालाँकि कुछ लोग इन्हें पाखंड और अंध विश्वास का नाम देकर झूठ बताते है जबकि ऐसा नहीं है। हिन्दू धर्म में बनाये गए रिवाजो के पीछे वैज्ञानिक कारणों की जानकारी सबको नहीं होती इसीलिए कई बार इन्हें महत्व पर ध्यान नहीं देते। आज हम आपको विवाहिता स्त्रियों द्वारा मांग भरी जाने के विषय में सभी तथ्य बताने जा रहे है। जिन्हें जानकर आपको हैरानी अवश्य होगी।

विवाहिता स्त्री के लिए सिंदूर और मंगल सूत्र को सबसे अहम और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे अपने पति की लंबी आयु के लिए भी धारण किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की आखिर मांग में ही सिंदूर क्यों लगाया जाता है? और विवाह के बाद इसे लगाना अनिवार्य क्यों होता है? शायद हां या हो सकता नहीं। कोई बात नहीं हम बताते है।

हिन्दू धर्म वैदिक परंपरा के अनुसार शादी के बाद सभी महिलाओ को मांग में सिंदूर भरना आवश्यक होता है। इसके पीछे भी एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण छुपा है। वैज्ञानिको की माने तो मांग में Sindur भरने का संबंध स्त्री के पूर्ण शरीर से है। विवाह के पश्चात सिंदूर मस्तिष्क के मध्य में भरा जाता है। वैज्ञानिको के अनुसार महिलाओ के मस्तिष्क के मध्य भाग में एक महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है जिसे ब्रहमरंध्र कहा जाता है।

ब्रहमरंध्र ग्रंथि बेहद सहनशील ग्रंथि होती है। ये ग्रंथि महिला के मस्तिष्क के अगर भाग से शुरू होकर मस्तिष्क के मध्य में खत्म होती है। मस्तिष्क के इसी भाग में स्त्रियां सिंदूर लगाती है। इसीलिए ब्रहमरंध्र ग्रंथि के शुरूई शुरू से लेकर अंत तक Sindur लगाया जाता है। सिंदूर में पारा नाम की एक धातु पायी जाती है, जो ब्रहमरंध्र ग्रंथि के लिए बहुत ही प्रभावशाली धातु मानी जाती है। माना जाता है पारा नामक यह धातु महिलाओं के मस्तिष्क के तनाव को कम करती है। कहते है सिंदूर में पायी जाने वाली इसी धातु के कारण महिलाओं का मस्तिष्क हमेशा चैतन्य अवस्था में रहता है।

वैज्ञानिक ये भी मानते है की जब लड़कियों का विवाह होता है तो उस पर कई तरह की जिम्मेदारियां और दायित्व आते है। जिनका प्रभाव सीधा उनके मस्तिष्क पर पड़ता है। जिसकी वजह से विवाह के बाद से ही महिलाओं में सर दर्द और अनिद्रा जैसे समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। सिंदूर में मौजूद पारा एक तरल पदार्थ है जो मस्तिष्क के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसीलिए विवाह के पश्चात हर महिला को Sindur लगाना आवश्यक होता है।

यदि आप भी कॉस्मेटिक आदि से अपनी मांग भरती है तो उन्हें छोड़ Natural Sindur का प्रयोग करना प्रारंभ कर दें। लेकिन हां, हम ये भी नहीं कह रहे की आप अपनी परम्पराओ के विपरीत जाकर कोई काम करें। इसीलिए अपनी परंपरा अनुसार ही अपनी रीत अपनाये।