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डबल चिन (दोहरी ठुड्डी) से निजात कैसे पाएं?

Double Chin se bachne ke upay in hindi :- मोटापा आज के समय की आम समस्या बनता जा रहा है। जिसे देखो वही इस समस्या से परेशान रहता है। मोटापा कोई बड़ी बीमारी नहीं है बल्कि एक समस्या है जो शरीर की ठीक प्रकार से देखभाल न करने से उत्पन्न होती है। व्यक्ति के मोटापे का एक कारण बीमारियां भी है। इसमें व्यक्ति के शरीर पर चर्बी इकट्ठी होने लगती है जिसके कारण उसके वजन में भी वृद्धि होती है। मोटापा शरीर के किसी भी भाग पर आ सकता है। अधिकतर मामलों में कमर, पेट और कूल्हे पर मोटापे की समस्या देखी जाती है। लेकिन कई बार थोड़ी (Chin) के पास भी ये समस्या देखने को मिलती है। इस प्रकार की समस्या अधिकतर थायराइड और शुगर के मरीजों में देखी जाती है।

ठुड्डी पर आये मोटापे को double chin होना भी कहा जाता है। इसमें थोड़ी के नीचे के भाग पर अतिरिक्त चर्बी एकत्रित होने लगती है जिससे double chin की समस्या होने लगती है।

ठुड्डी के नीचे मौजूद अधिक फैट के कारण व्यक्ति की आयु भी अधिक दिखती है जिसका प्रभाव सीधे आपकी personality पर पड़ता है। ये समस्या महिलाओ एवं पुरुष दोनों में देखने को मिलती है। अत्यधिक मोटापे के कारण भी दोहरी ठुड्डी की समस्या उत्पन्न होती है। ये समस्या अधिक मोटापे वाले व्यक्तिओ को अधिक जल्दी घेरती है। इसके अलावा बढ़ती उम्र भी डबल चिन का एक कारण होती है।double-chin-ki-problem

उम्र के बढ़ने के साथ-साथ चेहरे और गर्दन की त्वचा ढीली पड़ने लगती है। इस समस्या से बचने का केवल एक उपाय है की 30 साल के बाद ही अपनी त्वचा की देखभाल करना प्रारंभ कर दें। क्योकि इस अवधि के बाद से ही त्वचा में परिवर्तन आना प्रारंभ हो जाता है। कई बार अनुवांशिक कारणों की वजह से भी दोहरी ठुड्डी की समस्या उत्पन्न होने लगती है। इसके अतिरिक्त अनियमित दिनचर्या, गलत शारीरिक मुद्रा और गले की कमजोर मांसपेशियां भी डबल चिन का कारण होते है।

यदि आप भी इस समस्या से ग्रस्त है या अभी-अभी इसकी शुरआत हुई है तो इस ओर ध्यान देना प्रारंभ कर दें। क्योकि जरा-सी लापरवाही बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप इस समस्या को कम कर सकते है। हम ये नहीं कह रहे की आपकी ये समस्या पूरी तरह ख़त्म हो जाएगी लेकिन हां, कुछ हद तक इससे छुटकारा पा सकते है।

डबल चिन की समस्या से छुटकारा पाने के उपाय 

कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करें :-low-calorie-food

चर्बी चाहे पेट की हो या ठुड्डी की इसके बढ़ने का मुख्य कारण शरीर की अधिक कैलोरी भी होता है। यदि आप double chin की समस्या से छुटकारा पाना चाहते है तो अपने खाने से कैलोरी वाले पदार्थो को कम कर दें। इससे शरीर खुद पर जमे हुए फैट को प्रयोग में लेने लगेगा। जिससे अपने आप वजन में कमी आने लगेगी। आप सब्जियों और फल का अधिक सेवन करें। इसके अतिरिक्त फैट, शुगर, कार्बोहाइड्रेट और जंक फ़ूड को अपनी डाइट से निकालना होगा। यदि आप सही और उचित आहार लेंगे तो आपके वजन में कमी होने के साथ-साथ आपकी दोहरी ठुड्डी की समस्या भी ख़त्म हो जाएगी।

Double Chin se bachne ke liye उचित आहार का चयन करें :-

ठुड्डी के डबल होने का एक कारण है अत्यधिक मोटापा। यदि आप भी अधिक मोटे है तो अपनी ठुड्डी और चेहरे से जुड़े व्यायाम को अपनाये। आप चाहे तो घरेलु नुस्खों का प्रयोग कर भी वजन घटा सकते है। इसकी सम्पूर्ण जानकारी के लिए यह पढ़े : वजन घटाने के घरेलु उपाय !

मोटापे का सबसे बड़ा कारण आहार होता है यदि आप चाहते है की आपकी ठुड्डी पहले की तरह सुन्दर और सामान्य हो जाये तो सर्वप्रथम अपने आहार में परिवर्तन करें।healthy-food

सही आहार लें :-

ये बात तो सभी जानते है की वजन घटाने के लिए सबसे पहले अपने आहार पर नियंत्रण करना होता है। अर्थात अपनी डाइट से उन खाद्य पदर्थो को बेदखल कर दें जो केवल आपके शरीर पर फैट एकत्रित करने का काम करते है। इसके लिए 3 बात भर पेट खाने के बजाय आप 4 या 5 बात थोड़ा-थोड़ा खाने का सेवन करे। रात का खाना 7 बजे के बाद न खाये और खाने के पश्चात् कुछ देर वाक करे। कहते है खाना खाने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए इससे शरीर पर और चर्बी चढ़ती है। जितना हो सके उतने पानी का सेवन करें ताकि body का metabolism संतुलित रहे।

शराब को कहें न :-

तरल पदार्थो में सबसे अधिक फैट शराब में ही पाया जाता है। इसके अलावा ये हमारे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होती है। जो लोग शराब आदि का अधिक सेवन करते है उनकी ठुड्डी पर सबसे अधिक मांस इकठ्ठा होता है। यदि आप भी शराब आदि का सेवन करते है तो अपनी इस आदत को तुरंत बदलिये। कहीं ऐसा न हो की 30 की उम्र में ही आप अपने पापा की उम्र के लगने लगे।

Cardiovascular Excercise करना प्रारंभ करें :-

डबल चिन जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप cardiovascular excercise का भी सहारा लें सकते है। इस तरह के व्यायाम आपके वजन को घटाने में मदद करेंगे। इसके लिए आपको gym जाने की भी आवश्यकता नहीं है। आप अपने गार्डन्स में जॉगिंग, स्किपिंग कर सकते है। यदि आपके घर में डॉग है तो उसके साथ खेले, सीढ़िया चढ़े। इसके अतिरिक्त आप स्विमिंग, बास्केटबॉल, फुटबॉल और डांस, एरोबिक्स जैसी गतिविधियो का प्रयोग करके भी अपना वजन नियंत्रित कर सकते है। सप्ताह में कम से कम 5 दिन 1 घंटे के लिए इस तरह के व्यायाम अपनाये। आपका वजन तो कम होगा ही साथ-साथ डबल चिन की समस्या भी दूर होती नज़र आएगी।

Double Chin के लिए घरेलु उपाय :-

ऊपर बताये गए उपायों के अतिरिक्त आप कुछ घरेलु नुस्खों द्वारा भी इस समस्या से छुटकारा पा सकते है. नीचे हम कुछ वस्तुओं के नाम बता रहे है जिन्हें अपनी ठुड्डी पर लगाने से इस समस्या से निजात पायी जा सकती है.

  • शुगर फ्री गम
  • कोका बटर
  • गेहूं के बीज का तेल
  • अंडे की सफेदी, दूध, शहद और नींबू के रस का मास्क.
  • ग्लिसरीन, सेंधा नमक और peppermint आयल का मिश्रण.

डबल चिन की समस्या के लिए की जाने वाले व्यायाम :-

फिटनेस एक्सपर्ट की माने तो कुछ व्यायाम है जिनकी मदद से दोहरी ठुड्डी की समस्या से निजात पायी जा सकती है। नीचे कुछ व्यायामो के बारे में बता रहे है जिन्हें अपनाकर भी आप डबल चिन से राहत पा सकते है।neck-roll

  • टंग प्रेस (Tongue Press)
  • एयर किस (Air Kiss)
  • टंग स्टिकिंग आउट (Tongue Sticking Out)
  • मुंह को खोलना और बंद करना (Mouth Opening and Closing)
  • नैक रोल (Neck Roll)
  • साइड नैक स्ट्रेच (Side Neck Stretch)
  • चिन स्लैप (Chin Slap)

ठुड्डी के मोटापे (Double Chin)को कम करने के लिए अपनाये जाने वाली योग मुद्राएं :-

योग विद्या की कुछ मुद्राएं ऐसी है जिनमे गर्दन पर खिंचाव पड़ता है जिससे आपकी चिन पर मौजूद फैट को कम किया जा सकता अहि। नीचे कुछ योग मुद्राओं के बारे में बता रहे है जिन्हें अपनाकर आप भी इससे राहत पा सकते है।salabhasana

  • सलाभासना या लोकस्ट आसन (Salabhasana or locust)
  • धनुरासना या बो आसन (Dhanurasana or bow)
  • मत्स्यसना या फिश (Matsyasana or fish)
  • उस्त्रसना (Ustrasana)

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दांत में से खून निकलने की समस्या का समाधान

दांत में से खून निकलने की समस्या का समाधान:-

आज के समय में बहुत से व्यक्तियों को दांत समस्या होती हैं| दांत में दर्द रहना, मसूड़ो में सूजन आना, दांतो में से खून आना आदि| कई बार कई बार हम मसूड़ों से खून आने की समस्या को बेकार ही मानकर अनदेखा कर देते हैं|लेकिन यदि ये समस्या ज्यादा हो जाये तो काफी नुक्सान कर सकती हैं| जिससे हमारे सरे मसूड़ो के खराब होने की समस्या उत्तपन हो जाती हैं| इसीलिए समय रहते इस समस्या का उपचार कर लेना चाहिए| ताकि आपको दुबारा ये समस्या न हो|

अगर आपको कभी भी ब्रश करने के दौरान थूक में खून दिखाई दे तो सावधान हो जाना चाहिए, न की इसे अनदेखा कर देना चाहिए| आप शुरुआत में घरेलू उपाय करके इसका इलाज़ कर सकते हैं| परंतु यदि ये समस्या ज्यादा हो तो अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए| कई बार तो जब आप किसी सख्त चीज को खाने की कोशिश करते हैं,या फिर ब्रश करने के दौरान चोट लग जाने से भी मसूड़ों से खून आने लगता है| ऐसा होने पर तुरंत ही कुल्ला करना चाहिए|

मसूड़ों में खून रोकने के लिये आप बहुत से घरेलू उपचारों का इस्तेमाल कर सकती हैं जैसे की खट्टे फल, दूध, कच्ची सब्जियों, बेकिंग सोडा, लौंग, लौंग का तेल, कैलेंडुला पत्ती चाय, कैमोमाइल चाय, मसूड़ों में मालिश, धूम्रपान छोड़ना आदि शामिल हैं| यदि आप इन सबका इस्तेमाल करेंगे तो आपको मसूड़ो में से खून निकलने की समस्या से निजात मिलेगा| आइये जानते हैं कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्या से आराम पा सकते हैं|

मसूड़ो में से खून आने की समस्या को रोकने के घरेलू इलाज़:-

नमक के पानी का प्रयोग करे:-

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नमक के पानी से कुल्ला करने पर आपको मुँह से आने वाली बदबू, मसूड़ो की सूजन, दांत में दर्द व् मसूड़ो में से खून आने की समस्या से आराम मिलता हैं| यदि आपको मसूड़ो से सम्बंधित कोई भी समस्या हैं, और आपको नमक के पानी के कुल्ला करने से बहुत आराम मिलेगा| और साथ ही यदि आपके मसूड़ो में सूजन रहती हैं तो भी आप दिन में दो से तीन बार कुल्ला जरूर करे| और रात को सोने से पहले तो कुल्ला करना कभी न भूले|

खट्टे फलो का इस्तेमाल करना:-

मसूड़ो में से खून आना विटामिन सी की कमी के कारण होता हैं| यदि आप खट्टे फलो का सेवन करेंगे तो आपको इस समस्या से समाधान मिलेगा| क्योंकि खट्टे फलो में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता हैं| आप इस समस्या से बचने के लिए खट्टे फल जैसे नारंगी, नींबू, आदि का सेवन कर सकते हैं| और सब्जियां विशेष कर ब्रॉकली और बंद गोभी आपको पर्याप्‍त मात्रा में विटामिन सी की कमी पूरी करने में मदद करेगी, और आप ऐसा करके अपने मसूड़ो में से खून आना रोक सकते हैं|

कच्ची सब्जियों का सेवन करे:-

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कच्ची सब्जियों का सेवन करने से मसूड़ो में से आने वाले खून से आराम मिलता हैं, और सात ही कच्ची सब्जियों को चबाने दांत साफ होते हैं| इसीलिए प्रतिदिन कच्‍ची सब्जियां खाने की आदत डाल लेनी चाहिए| थोड़ी मात्रा में इनका सेवन जरूर करना चाहिए| इससे मसूड़े स्वस्थ रहते हैं|

दूध का सेवन करे:-

मसूड़ो को स्वस्थ रखने के लिए आप दूध का सेवन भी कर सकते हैं| क्योंकि मसूड़ो में खून आना व् दांत में डाक्टर्ड होने का एक कारण कैल्शियम की कमी भी हो सकता हैं| और दूध में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता हैं| जिसकी हमारे दांतों और मसूड़ों को खास आवश्यकता होती है| इससे दांतो में कैल्शियम की कमी पूरी होती हैं और आपको इस समस्या से निजात मिलता हैं|

लौंग का इस्तेमाल करे:-

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लौंग का इस्तेमाल करना जितना आसान है, उतना ही फायदेमंद भी हैं| और दांतो से जुडी किसी भी समस्या के लिए लौंग बहुत फायदेमंद होता हैं| और तुरंत ही आराम भी दिलाता हैं| लौंग के तेल से मसूड़ों की मालिश करने से मसूड़े तो स्वस्थ होते हैं ही,दांतों से जुड़ी सभी तरह की समस्याएं भी दूर हो जाती हैं| इसीलिए जब भी दांत से जुडी कोई समस्या हो तो इसका सेवन करे| और वैसे भी लौंग हर घर में मिल भी जाता हैं|

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करे:-

बेकिंग सोडा का प्रयोग आप रसोई घर में केक बनाने के लिए करते हैं| आज आप जानेगे के इसके प्रयोग से दांत से जुडी समस्या से भी आराम पाया जा सकता हैं| बेकिंग सोडा में एंटी बेक्टेरियल गुण होता है| जो मुँह में होने वाले बैक्टेरिया को खत्म कर देता हैं| इससे मुँह में होने वाले दर्द व् सास में आने वाली बदबू से भी निजात मिलता हैं| इसीलिए जब भी ऐसी कोई समस्या हो तो आपको इसका प्रयोग करना चाहिए|

धूम्रपान नहीं करना चाहिए:-

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यदि आपको दांत में दर्द या मसूड़ो में से खून आने की समस्या हैं और आप धूम्रपान करते हैं| तो आपको इस आदत से परहेज करना चाहिए| धूम्रपान करने से मुंह में अवायवीय वातावरण बन जाता है| जो बेक्‍टीरिया के पैदा होने के लिये अच्‍छा होता है| इसलिये अपने मुँह को बेक्‍टीरिया मुक्‍त रखने के लिये आपको धूम्रपान नहीं करना चाहिये| इससे आपको इस समस्या से भी निजात मिलेगा|

वसायुक्त भोजन से करे परहेज:-

तीखा, ज्यादा वसा वाला और ज्‍यादा आहार लेने से दांतों के बीच स्‍थान पर खाना फंस जाता है| जो सड़ने लगता है और आगे चलकर यह मसूड़ों में खून की वजह बन जाता है| इसीलिए ऐसी समस्या होने पर ऐसे खाने से परहेज करे| इससे आपको आराम मिलेगा|

तो ये कुछ उपाय हैं जिनका इस्तेमाल करके मसूड़ो में से आने वाले खून की समस्या से निजात पा सकते हैं| इसके आलावा आप कपूर और पिपरमिंट के तेल का इस्‍तेमाल आप अपने मुंह की ताज़गी और स्‍वच्‍छता बनी रहती हैं| और कैमोमाइल की पत्‍ती पानी में डाल कर यदि उसकी चाय पकाई जाये तो भी आपको इस समस्या से निजात मिलता हैं| तो आपको जरूर ये समस्या होने पर इनका इस्तेमाल करना चाहिए साथ ही आपको यदि ज्यादा समस्या हैं तो डॉक्टर को भी दिखाना चाहिए|

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आँख क्यों फड़कती हैं? और इसके क्या इलाज़ हैं

आँख क्यों फड़कती हैं? और इसके क्या इलाज़ हैं:-

आज के समय में भी लोग मानते हैं की आंको के फड़कने से कुछ अच्छे या बुरे का संकेत मिलता हैं| परंतु आँख का फड़कना एक आम लक्षण है| इस प्रक्रिया में आँख के आसपास की मांसपेशियां अपने आप संकुचित होती हैं| जिससे आपको परेशानी तो होती हैं| लेकिन नुक़सान कोई नहीं होता और थोड़ी बहुत देर में आँख फड़कनी अपने आप बंद भी हो जाती है| ये किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं हैं| जिसके लिए आप किसी डॉक्टर के पास जाये| ये हमारे शरीर में होने वाला एक आम लक्षण हैं|

इसका क्या कारण है ये कहना मुश्किल है लेकिन आंखों के डॉक्टर्स ये मानते हैं कि इसका सम्बन्ध आँखों की थकान से होता है| इसके बहुत से कारण हो सकते हैं, जैसे नींद की कमी, कैफ़ीन का ज़्यादा प्रयोग, कम रोशनी में काम करना या देर तक कम्प्यूटर पर काम करना, ज्यादा समय तक मोबाइल में लगे रहना, आदि| इनमे से इसका कुछ भी कारण हो सकता हैं| ये मानना की आँख फड़कने से कुछ बुरा होगा केवल व्यक्ति की बनाई हुई बाते हैं|

जबकि विज्ञानिको के अनुसार आँख फड़कने का मतलब ये है कि आपकी मांसपेशियां थक गई हैं| उन्हें आराम देने की ज़रूरत है| मासपेशियो को आराम देने के लिए आप बहुत सी तकनीको का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे, आँख के आसपास की मांसपेशियों की हल्की मालिश, गर्म या ठंडी पट्टी लगाना, आंखों को गुनगुने पानी से धोना, आँखों को थोड़ी देर के लिए आधा बंद करना, आदि कुछ उपाय हैं जिन्हें आप कर सकते हैं| आइये आँख फड़कने को बंद करने के अन्य उपाय जानते हैं|

आँख फड़कने से बचने के लिए उपाय:-

आँखों को जोर-जोर से खोले व् बंद करे:-

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जैसे ही आपकी आँख फड़कने लगे, वैसे ही आपको आँखों को जोर-जोर से खोलना व् बंद करना चाहिए| ऐसा करने से आँख में आँसुओं की एक समतल परत बन जाती है| जिसके कारण पलकों को आराम, आँख और चेहरे के मसल्स की वर्जिश तथा आँखों मे रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे समस्या से राहत मिलती है| आपको जब तक आँख फड़कनी बंद न हो जाये तब तक ये उपचार करना चाहिए| जिससे की आपकी आँखों मको आराम मिल सके|

आँखों की मसाज करे:-

आँखों को फड़कने से रोकने के लिए आँखों की मसाज करना भी एक अच्छा उपाय हैं| इससे आँखों को आराम मिलता हैं| व् आँखों में रक्त का प्रवाह बढ़ता हैं| जिससे मासपेशियो को आराम मिलता हैं| व् आँख फड़कने जैसी समस्या उत्त्पन्न नहीं होती हैं| जब भी आपकी आँख फड़कने लगे तो आपको हलके हाथो से अपनी आँखों की मसाज करनी चाहिए| जिससे की आपको इस समस्या से निजात मिल सके|

आँखों को गुनगुने पानी से धोएं:-

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यदि आपको आँख फड़कने की समस्या हैं तो आप ठण्डे पानी के छींटे मारने के स्थान पर आप, गुनगुने पानी का छींटा मार सकते हैं| और यदि आपकी आँख फडक रही हैं तो आप गुनगुने पानी का छींटा मारने से पहले, बर्फ के टुकड़ों को पलकों पर फिरा सकते हैं| इससे आँखों में रक्त का प्रवाह सही ढंग से होने लग जाता हैं| और इसके आलावा आपको ये प्रक्रिया रोजाना करनी चाहिए क्योंकि ये आँखों के लिए बहुत अच्छी होती हैं|

अपनी पलकों को झपकाएं:-

पलकों का झपकना आँखों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता हैं| यह आँखों के अधिकांश माँस-पेशियों को आराम पहुंचाता है और साथ ही साथ पुतलियों को चिकनाई देता है| और यह आँखों की और पलकों की सफाई में भी करता है| जिससे फड़कना बंद हो सकता है, यदि दर्द का एहसास हो या आँख और जोर से फड़कने लगे तो इस क्रिया को तुरंत रोक दें| और अपनी आँखों को बंद करले| इससे आपको आराम मिलेगा|

आँखों को आधी खुली अवस्था में लाएं:-

साफ़ देखने के लिये आँखों को समायोजित करने से आँखों पर कम तनाव पड़ता हैं| इससे यदि आपकी आँखे फदक रही हैं तो आप अपनी आँखों को आधा खोले इससे आपकी आँखों पर कम तनाव पड़ेगा| और इससे आँखों के थकान के कारण होने वाले फड़कने की क्रिया को रोकने में सहायता मिल सकती है| जिससे आपको आँख फड़कने की समस्या से निजात मिलेगा| आपको यदि आँख फड़कने की समस्या हो तो तुरंत ही आप ये उपाय अपनाये|

आँखों का व्यायाम करे:-

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आँखों का व्यायाम करने से आपकी आँखों को आराम मिलता हैं| साथ ही आपको आँख फड़कने की समस्या से भी आराम मिलता हैं| आँखों के व्यायाम के लिए आपको अपनी आँखे अच्छे से खोलकर अपनी पुतलियों को चारो तरफ घुमाना चाहिए| इसके आलावा आप आँखों को थोड़ी देर के लिए बंद रखे, और फिर से खोल दे| ऐसा करने से भी आपकी आँखों को आराम मिलेगा| साथ ही आपको आँख फड़कने की समस्या से भी आराम मिलेगा|

अपनी आँखों को फड़कने से बचाने के लिए ऐक्यूप्रेशर मसाज दें:-

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आपको आँखों के प्रत्येक प्वाइन्ट पर 5 से 10 सेकेण्ड्स तक गोलाई में मसाज करनी चाहिए| इससे आँखों को आराम मिलता हैं|समान ऐक्यूप्रेशर टेक्नीक के लिये अपने तर्जनी और मध्यमा ऊँगली को अपनी आँखों के नीचे रखे| और उसके बाद हल्के से दबाव डालते हुए आँखों के बाहरी किनारे पर मसाज करे| ये रक्त प्रवाह को बढ़ा कर आँख के फड़कने को रोकने में मदद करती है| किसी भी तरह की जलन या संक्रमण से बचने के लिये पहले अपने हाथों और चेहरे को साफ कर लें|

तो ये कुछ बाते हैं जिनसे आप आँख फड़कने की समस्या से बच सकते हैं| इसके आलावा आपको अपनी नींद पूरी लेनी चाहिए| जिससे की आपकी आँखों को आराम मिल सके| साथ ही समय-समय पर पानी पीते रहना चाहिए ताकि आँखों की नमी बनी रहे| इसके साथ यदि आपको ये समस्या एक हफ्ते से अधिक हो और आंको में दर्द या सूजन हो, या फिर आँखे लाल हो जाये ऐसे में आपको अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए|

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स्मार्टफोन की आदत से छुटकारा कैसे पाएं

स्मार्टफोन की आदत से छुटकारा कैसे पाएं:-

आज के समय में व्यक्ति खाने के बिना रह सकता हैं परंतु अपने स्मार्ट फ़ोन के बिना नहीं रह सकता| आज कल छोटे-छोटे बच्चे भी फ़ोन का इस्तेमाल करना खूब जानते हैं| ये अच्छी बात हैं, परंतु इससे व्यक्ति केवल अपने और अपने स्मार्टफोन में ही मगन रहता हैं| वो जब भी फ्री होता हैं, तब भी अपने समरफोन को लेकर उसमे कुछ न कुछ करने लगा ही रहता हैं| जो लोग शादीशुदा हैं, उनकी बीवियां तो स्मार्टफोन को अपने पति की गर्लफ्रेंड बोलती हैं|

स्मार्टफोन की आदत लोगो के लिए ड्रग्स का काम करती हैं| जैसे लोगो को ड्रग्स का नाश हो जाता हैं| वैसे ही आज के समय में ज्यादातर लोगो को स्मार्टफोन का नशा चढ़ा हुआ हैं| समरफोन दो लोगो के बीच में आज के समय में दुरी की वजह बनता जा रहा हैं| ऐसे में व्यक्ति को अपने आप पर कम ध्यान रहता हैं, और फ़ोन पर ज्यादा| कई लोग तो फ़ोन के बिना सोना भी पसंद नहीं करते हैं| और जैसे ही सोकर उठते हैं वैसे ही फ़ोन को देखते हैं|

जिस तरह पहले जमाने में लोग भगवान् को रात को सोने से पहले और फिर सुबह उठने के बाद याद करते थे| उसी प्रकार आज के समय में लोग सुबह उठते ही सबसे पहले अपना स्मार्टफोन चेक करते हैं| और रात को सोने से पहले भी अच्छी तरह से चेक करते हैं| कई लोग तो रात तक फ़ोन पर लगे रहते हैं| और फ़ोन को अपने सिरहाने के नीचे लेकर सोते हैं| तो इसे हम एक प्रकार का नशा ही कहेंगे, और ये एक तरह की लत ही हैं|

आज कल स्मार्टफोन लोगो में दुरी की वजह भी बन गया हैं| क्योंकि दो लोग जो साथ भी बैठे होते हैं, वो भी एक दूसरे से बात नहीं करते हैं| केवल अपने फ़ोन में ही मगन हो जाते हैं| स्मार्टफोन के कारण लोग कई बार करना कुछ चाहते हैं और हो कुछ और जाता हैं| जैसे की वो कुछ उठने लगते हैं तो वो सामान गिर जाता हैं| ऐसे में कई बार नुक्सान भी हो जाता हैं| तो आइये जानते हैं किस प्रकार आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं|

स्मार्टफोन की आदत से छूटकारा पाने के उपाय:-

स्मार्टफोन को रखें अपने सोने के स्थान से दूर:-

smartphone

कई लोगो की आदत होती हैं, की सोते समय भी अपने फ़ोन को साथ लेकर सोते हैं| ऐसे में यदि जैसे ही थोड़ी सी आवाज़ होती हैं, तो तुरंत फ़ोन को चेक करने लग जाते हैं| रात को किसी समय भी उठेंगे, तो आँख बाद में खोलते हैं| और पहले फ़ोन चेक करते हैं| ऐसे में यदि आप इस समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले अपने सोने के स्थान से फ़ोन को दूर रखना चाहिए|

स्मार्टफोन को रखे अपने खाने की टेबल से दूर:-

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आज के समय में हर कोई अपने हाथ में फ़ोन जरूर रखता हैं| फिर चाहे कोई भी काम कर रहे हो, इससे ध्यान हमेशा फ़ोन पर ही लगा रहता हैं| ऐसे में यदि आपका फ़ोन यदि नहीं भी बज रहा हैं| तो भी आप बार-बार फ़ोन को देखते रहते हैं| कई लोग तो खाना खाते समय भी अपने फ़ोन को ही देखते रहते हैं| ये आदत बहुत बुरी होती हैं, और आपको इससे छुटकारा पाने के लिए अपने फ़ोन से दुरी बनाने के लिए उसे खाना खाते समय परहेज रखना चाहिए|

हफ्ते में एक दिन मनाएं फ़ोन फ्री डे:-

आप यदि स्मार्टफोन की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो कम से कम हफ्ते में एक दिन आपको फ़ोन फ्री डे मनाना चाहिए| यदि आप ऐसा करेगे तो धीरे-धीरे आपको इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा| और आपको स्मार्टफोन की बुरी लत का शिकार भी नहीं होना पड़ेगा|

फ़ोन में अलार्म की बजाय करे घडी वाले अलार्म का प्रयोग:-

इस लत को छुड़वाने का एक तरीका ये भी हैं की आप अपने फ़ोन में अलार्म की बजाय अलार्म की घडी का प्रयोग करे| ऐसा करने से सुबह-सुबह उठकर आपकी फ़ोन देखने की आदत से छुटकारा मिलेगा| और आपको इस समस्या से धीरे-धीरे निजात मिल जायेगा| यदि आप इस लत से आराम पाना चाहते हैं तो इसे अपने रोजाना की जिंदगी में जरूर अपनाये|

नोटिफिकेशन को करे बंद:-

smartphone

फ़ोन पर से बिना किसी कारण की नोटिफिकेशन्स की आवाज़ आना भी, आपको बार बार आपका ध्यान फ़ोन की तरफ आकर्षित करने देता हैं| ऐसे में आपका ध्यान फ़ोन पर ही लगा रहता हैं| इसीलिए आपको इस बात का ध्यान देना चाहिए| की आप यदि इस समस्या से परेशान हो रहे हैं तो आपके लिए जरुरी हैं की सबसे पहले आप अपनी नोटिफिकेशन्स को बंद कर दे|

बिना जरुरत की एप न करे प्रयोग:-

कई बार फ़ोन में लोग ऐसी ऐप्स को दाल लेते हैं जिनकी उन्हें कोई जरुरत नहीं होती हैं| ऐसे में जब भी वो फ़ोन देखते हैं तो बेफालतू की ऐप्स को देखने लग जाता हैं| जिससे उनका समय ख़राब होता हैं| और साथ ही कोई फायदा भी नहीं होता हैं| इसीलिए आपको इन सब बातो का ध्यान रखना चाहिए की आप अपने फ़ोन से बेफालतू की आप को बाहर निकाल दे|

लॉक कोड को बनाये ऐसा के खुद आ जाये आलस:-

स्मार्टफोन की समस्या से बचने का आसान तरीका हैं की आप अपना लॉक कोड ही ऐसा बनाएं की फ़ोन खोलते हुए आपको ही आलस आ जाये| इससे आपका बहुत कम मन करेगा फ़ोन को प्रयोग ,में लाने का|

जिससे बात कर रहे हैं उसी पर दे ध्यान:-

smartphone

आप कोशिश करे जब भी आप किसी से बात कर रहे हैं तो अपना ध्यान सिर्फ उसी पर केंद्रित करे| जिससे की आपको फ़ोन को देखने का समय ही न मिले और इस परेशानी से भी निजात मिल जाएँ| क्योंकि कई बार ऐसा होता हैं की आप जब किसी से बात कर रहे होते हैं तो आपका ध्यान फ़ोन पर होता हैं, तो सामने वाले को अच्छा नहीं लगता हैं| ऐसे में आपको कोशिश करनी चाहिए की ऐसा न हो| और आपके रिश्ते की मिठास बानी रहे|

काम करते समय फ़ोन को कर दे बंद:-

यदि आप कोई जरुरी काम कर रहे हैं और आपको ऐसा लग रहा हैं की फ़ोन आपको परेशान कर रहा हैं ऐसे में आपको इस समस्या से निजात पाने के लिए कोशिश करनी चाहिए| की जब भी आप काम कर रहे हो तो आप अपने स्मार्ट फ़ोन को बंद कर दे|

तो ये कुछ बाते हैं जिन बातो का ध्यान रखने के बाद आप स्मार्टफोन की लत से छुटकारा पा सकता हैं| इसकी आदत आपको खुद छुड़ाने का प्रयत्न करना चाहिए| यदि आप ऐसा करना चाहते हैं तो आपको अपने स्मार्टफोन से दुरी खुद बनाने होगी| क्योंकि ये आदत आपकी ही बनाई हुई हैं| और इसे बदलने के लिए भी आपको हो कोशिश करनी चाहिए| तो आप इन साब तरीको का इस्तेमाल करके अपनी इस समस्या से निजात पा सकते हैं| और अपने आप में बदलाव ला सकते हैं|

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क्या हैं सपनो का रहस्य? क्या होते हैं अच्छे और बुरे सपने

क्या हैं सपनो का रहस्य? क्या होते हैं अच्छे और बुरे सपने:-

सपने भी हमारी जिंदगी का एक पहलु होते हैं| कहा जाता हैं की व्यक्ति पुरे दिन जो कुछ भी करता हैं, उसी को लेकर वो रात में सपने देखता हैं| या फिर वो चीजे देखता हैं, जिन्हें वो अपने भविष्य में करना चाहते हैं| इसके आलावा कई बार लोग दिन में टीवी भी देख लेते हैं| यदि वो उसमे कुछ ऐसा कुछ देख लेते हैं जिनसे उन्हें दर लगे| तो कई बार वही बात दूसरी चीजो का रूप लेकर सपनो में हम देखते हैं| जिसकी वजह से कई बार नींद में भी व्यक्ति अचानक से डर जाता हैं|

सपनो के आने का कारण होता हैं, हमारी नींद का हमारे मस्तिष्क में होने वाले उन परिवर्तनों से संबंध होता है, जो सीखने और याददाश्त बढ़ाने के साथ-साथ मांसपेशियों को भी आराम पहुंचाने में सहायक होते हैं| इस नींद की ही अवस्था में न्यूरॉन या आप कह सकते हैं मस्तिष्क की कोशिकाएं पुनः सक्रिय हो जाती हैं| जिसके कारण हमे स्वप्न आते हैं| ऐसा लगता हैं की वो सब हमारे साथ हो रहा हैं| कई व्यक्तियों को तो बहुत ज्यादा स्वप्न आने की समस्या होती हैं|

स्वप्न के प्रकार:-

स्वप्न व्यक्ति को दो अवस्थाओ में आते हैं| या तो जब कोई व्यक्ति सो रहा होता हैं| या फिर व्यक्ति जब जाग रहा होता हैं| परंतु ऐसा कुछ जरुरी नहीं होता की जो आप सपने में देखते हैं| वैसे ही आपकी असल जिंदगी में होता हैं| इसके अलावा कई बार जो हम दिमाग में सोचते हैं वही हमे स्वप्न के रूप में दिखाई देता हैं| आइये जानते हैं स्वप्न के दोनों पहलु को आप किस प्रकार देख सकती हैं| और ये कैसे आते हैं|

निंद्रा यानि सोते हुए आने वाले सपनो का कारण:-

व्यक्ति के मन का स्वप्नों के साथ गहरा संबंध है|सोने की अवस्था में भी व्यक्ति का मस्तिष्क अधिक सक्रिय रहता है| मन की इच्छाएँ, दिन प्रतिदिन के तनाव एवं चिन्ताएं, व् जो वो सारा दिन सोचते हैं, स्वप्न के रूप में दिखाई निंद्रा में देता हैं| स्टडीज़ यह भी मानती हैं कि कभी-कभी स्वप्न भविष्य में होने वाली घटनाओं का भी संकेत देते हैं| व्यक्ति का मन अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने के प्रयत्नों में आदि काल से ही सक्रिय है|

परंतु जब किसी कारण इसकी कुछ अधूरी इच्छाएं पूर्ण नहीं हो पाती जो कि मस्तिष्क के किसी कोने में जगी अवस्था में रहती है तो वह स्वप्न का रूप ले लती हैं| और व्यक्ति सोते समय भी उन्ही का चिंतन करता रहता हैं| और इन सब के दिखने का कारण होता हैं की रात के समय जब हम सोते हैं तो हमारे दिमाग की कोशिकाओं का अधिक सक्रिय होना| और इससे डरने की भी जरुरत नहीं होती हैं|

जागते हुए स्वप्न लेने का कारण:-

जागते हुए स्वप्न ज्यादातर वो लोग लेते हैं, या तो जिनकी जिंदगी में कुछ अच्छा होने वाला हो, इसीलिए वि सारा दिन इन्ही ख्वाबो में खोएं रहते हैं| या फिर जिन लोगो को काफी परेशानी होती हैं, उन लोगो को भी सारा दिन उन्ही की दिक्कत के बारे में विचार आता रहता हैं| जागती हुई अवस्था के स्वप्न कवियों, दार्शनिकों, प्रेमी-प्रेमिकाओं, अविवाहित युवक-युवतियों को अधिक आते हैं| ये स्वप्न कलात्मक होते हैं| इन्हें सोचकर कभी-कभी तो वे लोग मुस्कुराने भी लग जाते हैं|

स्वप्न कैसे बनते हैं:-

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दिन भर व्यक्ति के अलग-अलग स्रोतों से हमारे मस्तिष्क को सिगनल मिलते रहते हैं| प्राथमिकता के आधार पर हमारा मस्तिष्क हमसे पहले उधर ध्यान दिलवाता है जिसे करना अति जरूरी होता है, और जिन सिगनल संदेशों की आवश्यकता तुरंत नहीं होती उन्हें वह अपने में दर्ज कर लेता है| इसके अलावा दिन में होने वाली बहुत सी गतिविधिया होती हैं| जो भावनाएं हम किसी कारण मन में दबा लेते हैं जैसे गुस्सा आदि वह भी हमारे मस्तिष्क में दर्ज हो जाती हैं| रात को जब शरीर आराम कर रहा होता है तो मस्तिष्क अपना काम कर रहा होता है|

इस दौरान हमें कोई सिगनल सपने में गुस्सा भी आ जाता हैं और व्यक्ति बड़बड़ाने लगते हैं| यह वह स्वप्न होते हैं जो मस्तिष्क को दिनभर मिले सिगनल भावनाओं को दर्शाते हैं जिन्हें दिन में हमने किसी कारण वश रोक लिया था| जब तक यह सच नहीं हो पाता तब तक बार-बार नजर आता रहता है|और हम चाहकर भी इन्हें सपने में आने सपने में आने से नहीं रोक पाते हैं|

अच्छे सपने क्या होते हैं:-

अच्छे सपने वो होते हैं, जब आप सोते समय अपनी नींद में कुछ ऐसा देख लेते हैं, जिससे आपको बहुत ख़ुशी मिलती हैं| या फिर आपको वही दिखाई देता हैं| जो आप करना चाहते हैं| इसके आलावा जिन लोगो से आप प्यार करते हैं और उनसे जुडी कुछ अच्छी बाते जब आप सपने में सोते हुए देखते हैं| और जब आप सोकर उठने के बाद उन सपनो को याद करते हैं, तो वो आपकी अच्छा सपने की गिनती में आते हैं|

बुरे सपने क्या होते हैं:-

बुरे सपने वो होते हैं जब आप कुछ बुरा सोते हुए देख लेते हैं| या फिर जागते हुए कुछ बुरी बातो का ध्यान करते हैं| और फिर सारा दिन बस उसी विषय में सोचते रहते हैं| ऐसे में आपको ऐसा महसूस होता हैं की कहि आपके या आपके किसी अपने के साथ ऐसा हो न जाये| तो इस बात का आपके दिल में डर बैठ जाता हैं| इसीलिए कई बार आप इन सपनो को बुरे सपनो का नाम देते हैं| परंतु इसका ध्यान करने से अच्छा हैं की आप अपने दिमाग को दुरी अच्छी जगह लगाएं|

सपनो के बारे में लोगो की सोच:-

लोग कहते हैं की सपनो का कोई मतलब होता हैं| और इसे लेकर लोगो ने अलग-अलग धारणाएं बना रखी हैं| आइये जानते हैं उन में से कुछ बातो को|

  • जो व्यक्ति स्वप्न में घोड़ा, हाथी, सफेद बैल, जूते, रथ में स्वयं को सवार देखता है| कहते हैं उसे सम्मान की प्राप्ति होती हैं|
  • सपने में देवी लक्ष्मी की मूर्ति देखने से धन की प्राप्ति होती है|
  • नीलकंठ, कबूतर, सारस, तोता व तीतर दिखाई देने से गृहस्थ जीवन खुशहाल होता है|
  • किसी महल के ऊँचे बुर्ज पर खड़े देखना भावी जीवन में उन्नति का संकेत है|
  • बड़े जलाशय, सरोवर, नदी अथवा सागर में स्वयं को तैरता देखने वाला मनुष्य सभी प्रकार के संकटों से मुक्त हो जाता है|
  • उल्लू देखने से लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति होती है|
  • तिल, चावल, गेहूं, सरसों, जौ, अन्न का ढेर, पुष्प, छाता, दही, पान, कमल, कलश, शंख और सोने के गहने देखता है| उसे सभी प्रकार का सुख मिलता है|
  • कोई रोगी स्वप्न में दवाई की बोतल टूटी हुई देखता है तो वह शीघ्र ही रोग मुक्त हो जाता है|
  • सपने में फल देखना बहुत शुभ होता है|
  • यदि आप किसी वृद्ध व्यक्ति अथवा साधु को देखते हैं तो आपको बड़ा लाभ अथवा सम्मान मिलने वाला है|
  • यदि स्वप्न में किसी बच्चे का जन्म होता दिखाई दे तो सावधान होना चाहिए क्योंकि यह आने वाली दुर्घटना का संकेत होता हैं|
  • यदि स्वप्न में किसी रोते बच्चे को देखें तो कोई संकट आने वाला है|
  • सुनसान जगह देखना, भटक जाना और निकलने का कोई मार्ग न मिलना हानिकारक होता है|
  • यदि कोई किसी के पांवों को कटा हुआ देखेगा तो उसके जीवन में अनेक प्रकार की आर्थिक और व्यवसायिक बाधाएं आने वाली हैं|
  • सपने में किसी बारात में शामिल होना अशुभ है|
  • स्वप्न में किसी की हत्या होते देखने का अर्थ है कि कोई आपके खिलाफ बगावत कर रहा है|
  • स्वप्न में यदि कोई सोना चांदी आदि धातुओं की चोरी करता है तो यह अशुभ है|
  • यदि ऐसा प्रतीत हो कि कोई व्यक्ति स्वप्न देखने वाले की पत्नी का अपहरण करके ले जा रहा है तो शीघ्र ही उसके धन की हानि होती है|

तो ये हैं कुछ बाते जो आपको सपने आने का कारण बताती हैं, और सपनो में आप क्या देखते हैं इस बारे में भी आपको व्यक्त करती हैं| सपनो से डरने की कोई भी जरुरत नहीं होती हैं| अच्छा या बुरा सपना कुछ नहीं होता हैं| ये सब व्यक्ति के मस्तिष्क में आने वाली भावनाये होती हैं| या तो वो भावनाये जिन्हें व्यक्ति व्यक्त नहीं कर पता हैं, या फिर वो जो उनके भविष्य में वो करना चाहते हैं| ऐसे में सपनो को लेकर उसे सच मन लेना सही नहीं हैं|

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आँखों में इन्फेक्शन (Ankho ka Sankraman)? करें ये उपाय

Ankho ka Infection dur karne ke upay :- आंखे व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाग होती है इनके आभाव में मनुष्य का जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। आंखे भगवन का दिया एक अनमोल तोहफ़ा है। लेकिन कई बार इनकी ओर की गयी लापरवाही और थोड़ी सी अनदेखी बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है। इन्ही परेशानियों में से एक है आँखों का लाल होना अर्थात आँखों का इन्फेक्शन। ये आँखों से जुडी उन समस्यायों में से एक है जिसकी शुरुआत तो बड़ी छोटी सी होती है लेकिन बाद में ये गंभीर रूप धारण कर लेती है। जिसकी वजह से इंसान न तो ठीक से खा पाता है और न ही ठीक से कोई कार्य कर पाता है।

आँखों का लाल होने एक ऐसी समस्या है जिसमे आँखों में जलन होने के साथ-साथ खुजलाहट भी होती है। ये बीमारी बहुत तेज़ी से एक दूसरे में फैलती है। आँखों में इन्फेक्शन होने पर आंखे dark पीले रंग की दिखती है जो बाद में लाल रंग की हो जाती है। इस दौरान देखने में परेशानी तो होती है। इसके अलावा धुप की रोशनी में आंख में चुभन महसूस होती है।

वैज्ञानिक तौर पर आँखों के लाल होने को कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis) कहा जाता है। जिसमे कांजन्क्टिवा के लाल होने या उसमे सूजन आने की समस्या उत्पन्न होती है।

आँखों का लाल होना मुख्य तौर पर मौसम में परविर्तन के कारण होता है। यह समस्या सर्दी और बरसात के मौसम में अधिक होती है। लेकिन कुछ लोगो को ये समस्या गर्मी में अधिक परेशान करती है। लेकिन आज के समय में आँखों में इन्फेक्शन होना आम हो गया है। आँखों में संक्रमण होने का एक कारण प्रदुषण आदि भी होता है। eye-drop-dale

Ankho का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। आज हम आँखों के लाल अर्थात आँखों के संक्रमण के कारण और उपचार के बारे में बताएँगे। वैसे तो बाजार में मौजूद मेडिकेटिड Eye Drops के द्वारा इस समस्या को दूर किया जा सकता है। लेकिन उनका प्रयोग केवल डॉक्टरी परामर्श के बाद ही करना चाहिए।

आँखों के संक्रमण के कारण :-

आज के समय में आँखों का लाल होना एक आम समस्या बनता जा रहा है। यह समस्या 7 से 10 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाती है। नीचे आँखों के लाल होने के कुछ कारण बताये गए है जिन्हें ध्यान में रखकर आप इस समस्या से बचे रह सकते है –

  • आंसुओ की कमी के कारण आँखों का सुखना।
  • जिसका मुख्य कारण आँखों का हवा और सूरज के अधिक संपर्क में रहना होता है।
  • आँखों में किसी प्रकार की एलर्जी होना।
  • वायरस या बैक्टीरिया के कारण उत्पन्न हुआ संक्रमण।
  • रसायन या धुएं वाले क्षेत्र के सम्पर्क में रहना।
  • मेकअप के प्रयोग से।
  • गलत या expiry डेट वाली आई ड्राप के प्रयोग से Bache।

आँखों में संक्रमण के लक्षण :-

  • पलकों पर सूजन आना।
  • कानो के सामने के भाग का सुजना या नरम पड़ना।
  • आँखों से साफ़, गाढ़ा, हलके सफ़ेद रंग का द्रव्य निकलना।
  • Ankho के सफ़ेद भाग में लालीपन आना।
  • Eyes की पलकों पर खुजली और जलन होना।
  • आँखों से अधिक मात्रा में आंसू निकलना।
  • देर तक रोशनी को देखने से आँखों में दर्द होना।

आँखों का संक्रमण दूर करने के उपाय :- 

आँखों पर गर्म या ठंडी सेक : आँखों के लाल होने पर उनमे सूजन आ जाती है जिसे ठीक करने के लिए गर्म या ठंडी सेक का प्रयोग करे। इसके लिए साफ़ सूती कपडे को ठन्डे पानी में डुबोये। अब इस कपडे को निचोड़े। और आंखे बंद करके अपनी आँखों पर रखे। इसे दिन में 3 से 4 बार दोहराये। समस्या ठीक हो जाएगी।

काली चाय : लाल आँखों के लिए काली चाय बहुत फायदेमंद उपाय है। ये आँखों की जलन और खुजली को कम करती है। और संक्रमण को फैलने से रोकती है। इसके लिए काली चाय के दो बैग ले और इन्हें कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दे। थोड़ी देर बाद इन्हें निकालकर अपनी आँखों पर रखे। दिन में 3 से 4 बार के प्रयोग से आराम मिलने लगेगा। काली चाय के स्थान पर आप ग्रीन टी का भी प्रयोग कर सकते है।

खारे पानी का मिश्रण : आँखों के संक्रमण को ठीक करने का ये सबसे अच्छा उपाय है। इसके लिए एक कप साफ़ पानी में आधा चम्मच नमक मिलाये। अब इस पानी को उबाले और ठंडा होने तक इंतजार करे। ठंडा होने के बाद ड्रॉपर की तरह इसका प्रयोग अपनी आँखों पर करे। दिन में कई बार के प्रयोग से आपकी आँखों का लालीपन ठीक होने लगेगा।

Ankho ka Infection dur kaise kare?aloevera

एलोवेरा : एलोवेरा के Anti Septic गुण लाल आँखों की लक्षणों को दूर करने में मददगार सिद्धहोता है। सीके लिए एलोवेरा के जेल को साफ़ पानी में डाले। अब इस मिश्रण को अच्छे से मिला ले। और एक ड्रॉपर की मदद से अपनी आँखों में डाले। इसका प्रयोग दिन में 4 बार करे। आँखों से पाई गिरना कम हो जायेगा।

गुलाब जल : गुलाब जल का प्रयोग करके या उससे आँखों को धोने से आँखों का संक्रमण कम हो जाता है। इसके लिए गुलाब जल की दो बुँदे सुबह और शाम अपनी आँखों में डाले। ऐसा करने से आपकी आँखों में जलन भी नहीं होगी और उनका लालीपन भी खत्म होगा।

पालक और गाजर का रस : आँखों के लिए पालक और गाजर का रस बहुत फायदेमंद होता है। इसमें पाए जाने वाले vitmains आँखों को स्वस्थ रखने का काम करते है। इसके लिए पालक के पत्तो को पीस ले। और २ गाजर का रस निकाल ले। अब आधा कप पानी मिलाकर इन दोनों के रस को पिए। प्रतिदिन इसका प्रयोग करने से आँखों का इन्फेक्शन कम होने लगेगा।

आंवले का रस : आँखों के इन्फेक्शन के लिए आंवले का जूस भी बहुत लाभकारी होता है। इसके लिए 3 या 4 आंवले के गूदे को निकालकर उसका रस निकाल ले। एक ग्लास पानी के साथ इस रस को मिलाकर पिए। इसका सेवन सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले करे। आपकी समस्या हल हो जाएगी।

आँखों का लालीपन दूर कैसे करे?tulsi

सेब का सिरका : आँखों में सूजन हो जाने पर 1 ग्लास पानी में 1 चम्मच सेब के सिरके को डाले। अब रुई की मदद से इस मिश्रण को आँखों पर लगाएं। या इससे अपनी आंखे साफ़ करे। आँखों में होने वाली जलन और सूजन इससे काम हो जाएगी।

धनिये का पानी : Ankho में दर्द या सूजन होने पर धनिये की सुखी पत्तियो को पानी में डालकर उबाल ले। अब इसके ठंडा होने का इन्तजार करे। ठंडा होने के पश्चात् इससे अपनी आँखे धोये। आँखों का इन्फेक्शन और आँखों के लालीपन को दूर करने का ये सबसे अच्छा उपाय है।

तुलसी : Eye इन्फेक्शन के लिए तुलसी एक प्राकृतिक औषधि का काम करती है। इसके लिए तुलसी के पत्तो को रात को सोने से पूर्व पानी में भिगो दे। सुबह इस पानी से अपनी आंखे धोये। इन्फेक्शन ठीक होने तक लगातर इसका प्रयोग करे।

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गिलोय के क्या-क्या फ़ायदे है ? जानने के लिए पढ़े

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गिलोय एक प्राकृतिक वनस्पति है. जिसका आकार पान के पत्ते की भांति होता है. ये एक बहुवर्षीय लता अर्थात बेल होती है जिसका प्रयोग आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण में किया जाता है. गिलोय की बेल ने न जाने कितने लोगो को भयंकर बीमारियों की चपेट से बचाया है. गिलोय को गुणों की खान भी कहा जाता है जिस कारण वे विश्व भर में अच्छी औषधि के नाम से प्रसिद्ध है.

आयुर्वेद में इसे अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी, आदि के नाम से भी जाना जाता है. ज्वर या बुखार के लिए इसे महान औषधि माना जाता है. गिलोय की बेल जंगल, खेतो की मेड़ो और पहाड़ो की चट्टानों पर देखने को मिलती है. नीम और आम के वृक्ष के आस-पास भी इसे देखा जा सकता है. ये बेल जिस वृक्ष को अपना आधार बनाती है उसके गुण भी इसमें समा जाते है. और ये द्विगुणी हो जाती है. इस प्रकार से नीम पर चढ़ी गिलोय की बेल को सबसे अच्छा माना जाता है.

Giloyक्या है ?Giloy ka ped

गिलोय आयुर्वेद की महत्वपूर्ण औषधियों में से एक है. जिसे गुडूची के नाम से भी जाना जाता है. इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है. मुख्य तौर पर इसका प्रयोग बुखार की समस्या में किया जाता है. इसके अलावा इस प्राकृतिक वनस्पति में और भी कई गुण है जिनके कारण इसे आयुर्वेद में भी महत्वपूर्ण जड़ी-ब्यूटी का स्थान प्राप्त है. गिलोय की बेल का तन एक ऊँगली या अंगूठे की मोटाई के बराबर होता है. इसके पत्ते हरे रंग के चौड़े और पान के पत्ते के आकार के होते है. गिलोय के बेल की गांठ वाली लकड़ी को जमीं या गमले में गाढ़ देने से ये बहुत जल्दी फलती फूलती है.

गिलोय के उद्गम के पीछे एक मान्यता है वो कितनी सत्य है और कितनी असत्य ये हम नहीं जानते. कहा जाता है देवताओ और दानवो के मध्य हुए समुदी मंथन के दौरान समुद्र से कई वस्तुए निकली थी. जिसमे से सबसे मूल्यवान वास्तु अमृत थी जिसे देवताओ ने प्राप्त किया था. परंतु दानव उनसे छल करके अमृत को लेकर भागने लगे. भागने के दौरान जिस-जिस स्थान पर अमृत की बुँदे गिरी थी वहां गिलोय का पौधा उत्पन्न हुआ, इसी कारण इसे अमृत वल्ली भी कहा जाता है.

सही मायने में देखा जाये तो गिलोय बहुत ही फायदेमंद और प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधि है. इसके प्रयोग से बड़ी से बड़ी बीमारियों को आसानी से दूर किया जा सकता है. लेकिन आज के समय के लोगो को इस गुणों को जानकारी नहीं है जिस कारण वे अपनी बीमारियों से जूझते रहते है और उनके लिए ढेरो पैसे खर्च करते है. इसीलिए आज हम गिलोय की इस चमत्कारी बेल के फायदों के बारे में बताने जा रहे है. जिसे जानकर आपको आश्चर्य के साथ-साथ प्रसन्नता भी होगी.giloy-ke-fayde

Giloy ke fayde :- 

  1. गिलोय को अरंडी के तेल के साथ मिलाकर प्रयोग करने से गठिया से राहत पायी जा सकती है.
  2. Rheumatoid arthritis में गिलोय को अदरक के साथ प्रयोग करने से आराम मिलता है.
  3. गिलोय और चीनी को एक साथ प्रयोग करके त्वचा और लिवर से सम्बंधित बीमारियों को समाप्त किया जा सकता है.
  4. गठिया के उपचार के लिए घी के साथ इसका प्रयोग करे फायदा मिलेगा.
  5. कब्ज़ होने पर गुड़ के साथ गिलोय का प्रयोग करे आराम मिलेगा.

गिलोय के क्या-क्या फ़ायदे है ?

  • Immunity System को मजबूत करने में मदद करे.
  • जीर्ण ज्वर (Chronic Fever) और बीमारियों को ठीक करे.
  • इसकी anti-pyretic प्राकृतिक घातक बीमारियों के खतरे को कम करे.
  • गिलोय से free radicals की समस्या को भी खत्म किया जा सकता है.
  • लिवर और किडनी से जुडी बीमारियों को कम करने में मदद करे.
  • डेंगू में गिलोय का सेवन करने से खून की platelets में वृद्धि होती है.
  • गिलोय से डेंगू के लक्षणों को भी को भी धीमा कर देता है.
  • Urinary Tract इन्फेक्शन्स को थी करने में मदद करे.
  • मलेरिया में गिलोय को शहद के साथ खाने से लाभ मिलता है.
  • गिलोय पाचन तंत्र की देखभाल करे.
  • इस औषधि को विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार के रूप में जाना जाता है.
  • आँवला के साथ आधा ग्राम गिलोय का नियमित सेवन करने से फायदा मिलता है.
  • बेहतर परिणाम पर्याप्त करने के लिए छाछ के साथ गिलोय का सेवन करे.
  • बवासीर के मरीजो के लिए यह एक लाभदायक औषधि है.

स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है गिलोय giloy-fruit

  • गिलोय मस्तिष्क को शांत करके अपच की समस्या को दूर करता है.
  • मधुमेह के लिए गिलोय एक फायदेमंद प्राकृतिक औषधि है.
  • गिलोय में मौजूद गुण रक्तचाप की गति को सामान्य करता है.
  • मधुमेह के रोगी गिलोय जूस का सेवन करे जिससे खून में शुगर की मात्रा कम हो जाएगी.
  • गिलोय को adaptogenic औषधि के रूप में जाना जाता है.
  • इसकी मदद से तनाव और घबराहट जैसी समस्या को खत्म किया जा सकता है.
  • गिलोय के साथ अन्य जड़ी-बूटियों को मिलाकर सेवन करने से फायदा मिलता है.
  • दिमाग की शक्ति तेज़ करने में मदद करे.
  • इसकी मदद से दिमाग के toxins को दूर किया जा सकता है.
  • गिलोय को Anti Aging जड़ी बूटी भी कहा जाता है.
  • अस्थमा ठीक करने में फायदेमंद.
  • गठिया के रोग में गिलोय एक प्रभावशाली प्राकृतिक उपचार है.
  • एक कामोद्दीपक औषधि जिसकी मदद से शरीर में libido की वृद्धि होती है.
  • सेक्स इच्छाशक्ति को बढ़ाये.
  • गिलोय की मदद से आँखों से संबंधी समस्याओ को दूर किया जा सकता है.
  • बढ़ती उम्र की निशानियो को कम करे.
  • झुर्रियां ठीक करने में मदद करे.
  • झाइयों को कम करे.
  • मुँहासे के लिए फायदेमंद उपचार है गिलोय.
  • इसकी मदद से निखरी और बेदाग़ त्वचा भी पायी जा सकती है.

Benefits of Giloy giloy-ka-rs

  • कैंसर से लड़ने में मदद करे.
  • रक्त को शुद्ध करने का काम करे.
  • शरीर में मौजूद toxins को बाहर निकले
  • जो लोग सप्ताह में एक बार गिलोय का सेवन करते है वे पुरे वर्ष भर बीमार नहीं पड़ते.
  • दस्त होने पर भी गिलोय का सेवन करना फायदेमंद होता है.
  • पीलिया होने पर गिलोय के पत्तो का रस निकालकर पीने से आराम मिलता है.
  • शरीर में कमजोरी होने पर सप्ताह में 3 दिन इसका सेवन करे.
  • उल्टियां होने पर भी इसका प्रयोग किया जा सकता है.
  • टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे बुखार में रामबाण का काम करे.
  • गिलोय की जड़ो की anti oxident प्रकृति कैंसर कम करने में मदद करे.
  • दिल संबंधी बीमारियों को दूर करे.
  • high cholesterol को सामान्य करने का काम करे.
  • TB क्षय के रोग में गिलोय का शहद के साथ सेवन करने से आराम मिलता है.
  • प्रतिदिन शहद या गुड़ के साथ गिलोय का रस घी में डालकर सेवन करने से खून की कमी दूर होती है.
  • गिलोय के रस में खाण्ड डालकर पीने से पित्त का बुखार ठीक होता है.
  • रूखी त्वचा के लिए गिलोय के तेल में दूध मिलाकर गर्म करके ठंडा कर ले और इसे अपनी त्वचा पर लगाएं.
  • फोड़े-फुंसी होने पर गिलोय के फल को पीसकर लगाने से लाभ मिलता है.
  • गिलोय को पानी में उबले और ठंडा करके अपने पलकों पर लगाएं. ऐसा करने से आँखों की नज़र में फर्क आएगा.
  • पेट से जुडी समस्याओ को ठीक करने में मदद करे.

क्या गिलोय छोटे बच्चो के लिए सुरक्षित है ?giloy-ki-bel

जी हां, पांच वर्ष और उससे ऊपर की आयु के बच्चो के लिए गिलोय सुरक्षित औषधि है. लेकिन एक से दो हफ्ते से अधिक खुराक देना नुकसानदेह हो सकता है.

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मुँह (साँस) की बदबू से छुटकारा पाने के उपाय

Muh ki badbu dur karne ke upay :- व्यक्ति के चेहरे की मुस्कुराहट उसके व्यक्तित्व को निखारती है। जिन लोगो की स्माइल सुंदर होती है उन्हे सभी अच्छी नज़रो से देखते है वही दूसरी ओर जिन लोगो को स्माइल खराब और आकर्षक नही होती उनसे कोई भी बात करना पसंद नही करता। चेहरे की स्माइल के खराब होने का तात्पर्य आपकी सुंदरता से नही है बल्कि आपके अंदर आई एक छोटी सी कमी से है। जो न केवल आपके दोस्तो को आपसे दूर करती है बल्कि आपको शर्मिंदा भी करती है। जी हाँ, हम सांसो से आने वाली दुर्गंध के बारे मे बात कर रहे है। जो न केवल आपकी सुंदरता को प्रभावित करती है बल्कि आपकी पर्सनालिटी के लिए भी ठीक नही है।

जिन लोगो के मुँह से दुर्गंध आती है उनसे कोई भी व्यक्ति बात करना पसंद नही करता। और उनके साथ बैठा-उठना भी बंद कर देते है। ये शर्मिंदगी उनके आत्मसम्मान को बहुत ठेस पहुँचाती है। इस तरह के लोग सार्वजनिक स्थानो पर जाने से भी कतराने लगते है। उन्ही इसी बात का डर बना रहता है की कही कोई उनका मजाक न उड़ाए। जिन लोगो के मुँह से दुर्गंध आती है वे आम लोगो की हंसी का पात्र बनते है। ये लोग अपनी समस्या किसी को बताने से भी कतराते है। क्योकि अधिकतर लोग किसी की परेशानी हल करने के बजाय उसका मजाक बनाना अधिक पसंद करते है।

कुछ लोगो को तो अपनी इस स्मास्या के बारे मे पता तक नही होता। यदि आप जाना चाहते है की क्या आपको भी यह समस्या है तो अपने हाथ को मुँह के सामने लाए और सांस छोड़े। फिर अपने हाथो को सूँघकर देखे, यदि आपके हाथो से smell आती है तो समझ लीजिय की आप भी इस समस्या से पीड़ित है। घबराने की बात नही है डॉक्टरी इलाज के अतिरिक्त और भी कई उपाय है जिनकी मदद से सांसो की बदबू से छुटकारा पाया जा सकता है।Muh ki badbu ka ilaj

आज हम आपको उन्ही कुछ उपायो के बारे मे बताने जा रहे है। ये वे घरेलू उपाय है जिनकी मदद से आप आसानी से अपनी इस समस्या से निजात पा सकते है। ये उपाय पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है क्योकि इनका निर्माण पूरी तरह घरेलु उत्पादो द्वारा किया गया है। तो आइये जानते है मुँह (सांसो) की बदबू से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय !!

मुंह से दुर्गंध आने के कारण (Muh se Badbu aane ke karan) :-

  • इसका सबसे प्रथम कारण खाने पीने के बाद मुंह ना धोना या कुल्ला ना करना होता है
  • मुंह में किसी प्रकार की बीमारी भी Muh ki badbu का कारण होता है
  • पाचन तंत्र में गड़बड़ी पच अपच पैदा करती है जिसे आपके मुंह से बदबू आती है।
  • आँतों में खाने का सडना
  • कब्ज होना
  • बैक्टीरिया का जमना
  • कैविटी
  • शुगर की बीमारी
  • लीवर में समस्या
  • पायरिया
  • मसूड़ो में सुजन इत्यादि भी मुंह में दुर्गंध को बुलावा देते है।

मुँह (साँस) की बदबू से छुटकारा पाने के उपाय (Bad Breath Home Remedies) :-

दाँत और जीभ को अच्छे से साफ़ करे :- मुँह से बदबू आने की समस्या का सबसे बड़ा कारण दाँत और जीभ को अच्छे से साफ़ न करना भी होता है। यदि आपके मुँह से भी बदबू आती है तो खाना खाने से पूर्व और उसके बाद दांतो को अच्छे से साफ़ ज़रूर करे। रोजाना नहाते समय जीभ को साफ़ करे लेकिन एक बात का ध्यान रखे की जीभ को अधिक न रगडे वरना उससे खून भी आ सकता  है।

सौफ़ का sevan करे :- साँस की बदबू रोकने का सबसे अच्छा उपाय सौफ़ मानी जाती है। ये मुँह की बदबू को दूर करने मे मदद करती है साथ ही आपके खाने को जल्दी पचाने मे भी मदद करती है। आप इसे एक माउथ फ्रेशनर के रूप मे भी प्रयोग कर सकते है। ये खाने में मीठी होती है और इसकी खुशबु भीनी-भीनी होती है।brush-kare

रात और सुबह ब्रश करे :- मुँह की बदबू के कारणों मे से एक है दांतो की ठीक से सफाई न करना। दांतो कोई ठीक से साफ़ न करने से उनमे खाने के तत्व रह जाते है जो बाद मे smell उत्पन्न करते है। इसलिए हमेशा सुबह और रात को ब्रश करना चाहिए। ऐसा करने से मुँह मे भोजन के कण नही रहते और आपके मुँह से बदबू भी नही आएगी ।

खट्टे फलो का सेवन करे :- कुछ लोगो को खट्टे फल अच्छे नही लगते जिस कारण वे कभी भी इस तरह के फल नही खाते। पर क्या आप जानते है की खट्टे फल आपकी मुँह से दुर्गंध आने की समस्या को हाल कर सकते है? जी हां, इनमे मौजूद तत्व मुँह की बदबू को दूर करने मे बहुत असरदार सिद्ध होते है।  मुँह को लंबे समय तक खाली रखने से भी ये समस्या हो सकती है। इसीलिए रोजाना विटामिन सी वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करे।

Muh (Sans) ki badbu dur karne ke upchar 

Muh ki badbu ke liye दालचीनी : जी हां, आपके खाने को स्वादिष्ट बनाने वाली दालचीनी भी आपकी इस समस्या का उपचार है। इसमे मौजूद गुण मुँह के बैक्टीरिया समाप्त करने का काम करते है। इसके लिए दालचीनी एक पत्तो और अजवाइन के साथ बराबर मात्रा के पानी को एक साथ मिलाकर उबाल ले। अब इस मिश्रण से गरारे करे। आपकी समस्या हल हो जाएगी।

green-teaग्रीन टी ka kare sevan : ग्रीन टी एक तरह की प्राकृतिक चाय होती है जिसमे कई तारह के प्राकृतिक गुण मौजूद होते है। ग्रीन टी की Anti Oxident प्रॉपर्टी मुँह मे बदबू फैलाने वाले कीटाणुओ को खत्म करती है। जिससे सांसो से बदबू नही आती और आप फ्रेश महसूस करते है।

नीम की पत्तिया और उसका ताना है फायदेमंद :- नीम के Anti Bacterial गुण मुँह की सभी तरह की समस्या को खत्म करने का काम करते है। सांसो की दुर्गंध को समाप्त करने के लिए नीम की पत्तियो को धो के सूखा ले। अब इसे किसी बर्तन मे डाल कर जला ले। इसके बाद बनी हुई रख मे सेंधा नमक मिलाकर प्रतिदिन 2 से 3 बार मंजन करे। आपकी परेशानी दूर हो जाएगी। आप नीम के तने से दातुन करके भी अपनी इस समस्या को खत्म कर सकते है।

तुलसी के पत्ते है प्राकृतिक औषधि :- सभी के घर मे तुलसी का पौधा पाया जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की मुँह की बदबू दूर करने के लिए तुलसी के पत्तो का भी प्रयोग किया जा सकता है। जी हां, इसमे मौजूद Anti Bacterial गुण मुँह के बैक्टीरिया को मारने मे मदद करते है। इसके लिए रोजाना तुलसी की 3 से 4 कोपलो को चबाये। आपकी मुँह से आने वाली बदबू दूर हो जाएगी।

सांसो की बदबू दूर करने के लिएन्य उपाय (Muh ki badbu ke upay) :-Muh ki badbu dur karne ke upay

  • सांस की बदबू को दूर करने के लिए आप मेथी से बनी चाय का सेवन करे इससे मुँह में मौजूद बैक्टीरिया दूर हो जाते है।
  • जितना हो सके उतना अधिक पानी पिए।
  • इसके अलावा मुँह की बदबू दूर करने के लिए अजवाइन भी एक अच्छी औषधि मानी जाती है। इसमे मौजूद गुण मुँह के बैक्टीरिया को समाप्त करते है।
  • प्रतिदिन खाना खाने के पश्चात इलायची का सेवन करे या इसकी पत्तियो को चबाये ऐसा करने से पायरिया जैसे रोगो से निजात पाई जा सकती है।
  • सेब के सिरके का प्रयोग करके भी साँस की दुर्गंध को दूर किया जा सकता है। इसके लिए एक ग्लास पानी में 2 चम्मच सिरके को मिलाए और उससे गररा करे।
  • पान में इलायची और पुदीना डालकर उसे चबाने से भी साँस की बदबू दूर होती है।
  • त्रिफल की जड़ की छाल को मुँह में रखकर चबाने से भी इस समस्या को दूर किया जा सकता  है।
  • हो सके तो मसालेदार भोजन का सेवन कम करे और हरी ताजी सब्जियो का प्रयोग करे।
  • इलायची और लौंग को पीसकर उनका तेल बनाकर दांतो में लगाने से मुँह की बदबू दूर हो जाती है।

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पायरिया का घरेलु इलाज संभव है ? जानने के लिए पढ़े

Payriya ka ilaj kaise kare :-  दांतो से व्यक्ति की सुंदरता को आँका जाता है. जिन लोगो को दाँत सुंदर और अच्छे होते है उनकीी सुंदरता चौगुनी हो जाती है जबकि जिन लोगो के दाँत साफ़ नहीं होते और खराब होते है वे सुन्दर होते हुए भी अच्छे नहीं लगते. दांतो को अच्छी सेहत और सुंदरता का आईना माना जाता है. लेकिन कई बार दांतो की तरफ़ की गयी हल्की सी लापरवाही भी हमारे लिए परेशानी का सबक बन जाती है. जी हां, दांतो की ठीक प्रकार से सफाई न करने से न केवल आपके दांतो को नुकसान पहुचता है बल्कि आपके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. क्योकि आपके शरीर में जाने वाला एक एक कण आपके मुँह द्वारा ही पहुचता है.

पायरिया क्या है ?

पायरिया एक इसी बिमारी है जो हमारे मसूड़ो में होती है. इसके कारण हमारे दांतो को बहुत नुकसान होता है. इस बीमारी में मसूड़ो में सूजन भी आती है और उनमे से खून भी निकलता है. इस बीमारी में दांतो के टूटने की भी संभावना बनी रहती है. दांतो में पीली परत के जमने के कारण दांतो से दुर्गंध आने लगती है जो किसी के लिए भी असहनीय होती है. इस समस्या के कारण दांतो के आस पास के मांसपेशियों को अधिक हानि होती है.

दांतो की ठीक प्रकार से सफाई न करने से होने वाली सबसे बड़ी बीमारी है पायरिया. जो किसी भी उम्र के बच्चे और व्यक्ति को हो सकती है. ऐसे तो ये कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है लेकिन कई बार समय पर ध्यान न देने से ये गंभीर रूप भी ले सकती है. आज के समय में दांतो में पायरिया होना एक आम समस्या बनता जा रहा है. हर 100 में से 50 लोग इस समस्या से पीड़ित रहते है. पर क्यों ? क्या आपने कभी सोचा है.

Payriya ka ilaj sambhav hai ya nahi ?masudo-me-dard

निश्चित रूप से नहीं क्योकि कभी इसकी आवश्यकता ही नहीं पड़ी. हम बताते है पायरिया एक ऐसी समस्या है जो दांतो की ठीक प्रकार से देखभाल न करने से और उन्हें समय पर साफ़ न करने से उत्पन्न होती है. इसके अलावा शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण भी ये समस्या हो सकती है. ये बिमारी आपके दांतो को कमजोर बनाती है जिससे उनके टूटने का भी ख़तरा बना रहता है. सामान्य रूप से पायरिया को पहचानना बहुत आसान है. यदि आपके दांतो में दर्द होता है, मसूड़ो से खून आता है, उनमे सूजन आती है और साँस से बहुत बदबू आती है तो समझ लीजिये की आप भी पायरिया से पीड़ित है. घबराईए नहीं, इसका इलाज संभव है.

यूँ तो डॉक्टरी इलाज द्वारा इस समस्या से निजात पायी जा सकती है लेकिन कई लोग अपनी समस्या को बताने से कतराते है. इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलु उपायो के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप आसानी से पायरिया से निजात पा सकते है. ये उपाय पूरी तरह सुरक्षित है जिनमे किसी भी प्रकार के केमिकल्स का प्रयोग नहीं किया गया है. यदि आप भी इस समस्या से पीड़ित है तो एक बार इन उपायो को अवश्य आज़माए.

पायरिया के लक्षण :-

यूँ तो इस बिमारी को पहचानना बहुत आसान है लेकिन कई बार समय के आभाव और लापरवाही के कारण हम इन संकेतो को समझ नहीं पाते है जिसके कारण दिनों दिन ये समस्या बढ़ती जाती है. इसीलिए नीचे हम कुछ लक्षण बता रहे है जिनकी मदद से आप पायरिया को पहचान सकते है.

  • हलके हाथो से ब्रश करने पर भी मसूड़ो से खून आ जाना.
  • मुँह (साँस) से असहनीय बदबू आना.
  • दांतो का हिलना या उनके टूटने की संभावना होना.
  • दांतो पर पीले रंग की परत जमना.
  • मसूड़ो में तेज़ दर्द होना.
  • दांतो में तेज दर्द.payriya-kya-hai

पायरिया से बचने के उपाय :-

  • मुँह की आंद्रूणई अंदरूनी-सफाई अच्छे से करे और उसका विशेष ध्यान रखे.
  • दांतो को ठीक प्रकार से साफ़ करे.
  • जीभ को साफ़ करना न भूले.
  • हार्ड और तेज़ ब्रिसलस वाले टूथब्रश का प्रयोग न करे.
  • रात को सोने से पूर्व ब्रश ज़रूर करे.

पायरिया से बचने के उपाय :-

नींबू का प्रयोग करे – नींबू के रस में मौजूद गुण पायरिया के बैक्टीरिया को समाप्त करने का कार्य करते है. इसके लिए नींबू के रस को मसूड़े पर लगाएं. ऐसा करने से मसूड़ो से निकलने वाला खून बंद हो जायेगा और आपके दांत भी मजबूत होंगे. इसके प्रयोग से दांतो के पीलेपन की समस्या को भी खत्म किया जा सकता है.

सरसों के तेल और नामक का मंजन – सरसो का तेल बैक्टीरिया को खत्म करे जबकि नमक दांतो पर सुरक्षा कवच चढ़ाये. इन दोनों के मिश्रण से मंजन करने से पायरिया की समस्या को भी दूर किया जा सकता है. इस मिश्रण को रोजाना सुबह अपने दांतो और मसूड़ो पर मले.

पीपल के पेड़ की छाल है फायदेमंद – पीपल की छाल और उसके कोमल डंठल पायरिया को दूर करने के उत्तम उपायो में से एक है. इसके लिए पीपल की छाल अथवा उसके डंठल को पानी में डालकर भिगो दे. इसका काढ़ा बनाकर पीने से पायरिया में राहत मिलती है.

til-ka-tel-ka-prayogतिल के तेल का करे प्रयोग – पायरिया में तेल के तेल से 10 से 15 बार गरारे करने से आराम मिलता है. इस प्रकार की समस्या के लिए ये एक अच्छा और सस्ता घरेलु उपाय है.

Payriya ka ilaj 

बबूल की लकड़ियो से करे दातुन – दांतो में पायरिया की समस्या होने पर बबूल की लकड़ियो को जलाकर उसमे कोयला मिलाए और इन्हे पीस ले. अब इस पाउडर को सुबह और शाम को अपने मसूड़े पर उंगलियो से रगडे. इस उपाय से पायरिया की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी.

laung-ke-tel-ka-kare-prayogलौंग के तेल का प्रयोग करे – लौंग में मौजूद गुण दांतो की समस्या को समाप्त करने में बहुत फायदेमंद होते है. पायरिया के लिए 1 गिलास गुनगुने पानी में लौंग के तेल की 5-6 बूंद मिलाकर रोजाना इस मिश्रण से कुल्ला करे. आपकी समस्या खत्म हो जाएगी.

फिटकरी का अधिक प्रयोग करे – फिटकरी के कुछ ही दिनों के प्रयोग से इस समस्या में कुछ हद तक फायदा पाया जा सकता है. इससे मसूड़ो में खून आना और सांसो की बदबू जैसी परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए पहले फिटकरी को भुन ले. अब इसे अच्छे से पीस ले. इसके बाद इस पाउडर में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर अपने दांतो और मसूड़ो पर रगडे.

दांतो की समस्या से बचने के लिए अपने आहार में विटामिन सी युक्त भोज्य पदार्थो को सम्मिलित करे. ये आपके दांतो को स्वास्थ्य और कीटाणु रहित बनाने में मदद करेंगे. अमरूद को नमक के साथ खाने पर आपको विटामिन सी की अच्छी मात्रा मिलेगी.

पायरिया में अरंडी का तेल भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए :-
• एक कटोरी में 200 मिलीलीटर अरंडी का तेल ले लें।
• अब उसमे 5 ग्राम कपूर मिलाएं।
• इसके बाद उसमे 100 मिलीलीटर शहद मिलाएं।
• फिर इन तीनो का अच्छे से मिलकर मिश्रण बना ले।
• फिर इस मिश्रण को नीम के दातुन में लगा कर अपने दांतों और मसूड़ो पर मले ।

पायरिया को दूर करने के अन्य उपाय :-

  1. आंवले को सरसो के तेल में मिलाए और इससे अपने मसूड़ो को रगडे.
  2. नीम की पत्तिया, काली मिर्च और काला नमक मिलाकर एक साथ पीस ले. इस मिश्रण का नियमित सेवन करे आपकी समस्या खत्म हो जाएगी.
  3. खस, इलायची और लौंग का तेल मिलाकर रोजाना अपने मसूड़ो पर लगाए. धीरे धीरे पायरिया खत्म हो जायेगा.
  4. जीरा, सेंधा नमक, हरड़, दालचीनी, दक्षिणी सुपारी को एक समान मात्रा में इकट्ठा कर ले. अब किसी बंद बर्तन में इन्हे जलाकर पीस ले. बने हुए पाउडर से नियमित मंजन करे.
  5. फिटकरी और काले नमक को बारीक पीसकर दांतो पर मलने से भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.

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एसिडिटी को दूर करने के घरेलू नुस्खे

एसिडिटी को दूर करने के घरेलू नुस्खे:-

आज के समय में हर इंसान एक समस्या से जरूर परेशान होता हैं, वो हैं एसिडिटी की समस्या| कई बार आपको खाना खाने के बाद खट्टा सा लगने लगता हैं, ऐसा लगता है की आपको उल्टी होने वाली हैं, कई बार पेट में जलन महसूस होने लगती हैं| तो आप समझ जाइये की आपको एसिडिटी हो गई हैं| एसिडिटी का कारण हमारे खाने से जुड़ा होता हैं| कई बार ज्यादा खा लेने, या फिर असमय खाने से, कई बार बाहर खाना खाने की वजह से हजम न होने के कारण भी एसिडिटी हो जाती हैं|

एसिडिटी का कारण को खत्म करने के लिए उन चीजो को अपने आहार, में शामिल न करे जिन्हें खाने से आपको एसिड बन जाता हैं| एसिडिटी की समस्या से कई बार गले के पकने की भी समस्या उत्तपन हो जाती हैं| एसिडिटी की दिक्कत तब ज्यादा होती है, जब आप कुछ ज्यादा तला हुआ खा लेते हैं| लेकिन लगातार एसिडिटी होने पर दिक्कत ज्यादा हो जाती है| ऐसे में, आप दवाई का सेवन भी कर सकते हैं, ताकि समस्या ज्यादा न बढ़े|

अगर आपको इस तरह की दिक्कत ज्यादा रहती हैं, तो अपनी लाइफ स्टाइल पर ध्यान दें| देखें कि आप जो खा रहे हैं, कहीं उसका असर तो आपकी सेहत पर तो नहीं पड़ रहा है और एसिडिटी की समस्या पैदा तो नहीं हो रही है| आइये जानते हैं कुछ नुस्खे जिनका उपयोग करके आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं, और आपकी सेहत पर इसका कोई नुक्सान भी नहीं होता हैं| तो ये हैं कुछ नुस्खे|

एसिडिटी को दूर करने के लिए कुछ नुस्खे:-

अजवाइन का सेवन करे:-

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एसिडिटी की समस्या होने पर आप अजवाइन का सेवन करना चाहिए| इसके लिए आप एक गिलास पानी में दो चम्मच अजवाइन अच्छे से उबाले| और पानी को जब तक उबलते रहे, जब तक पानी आधा न रह जाये| और फिर पानी जब हल्का गरम रह जाये तो उसका सेवन कर ले| इससे आपकी एसिडिटी की समस्या थोड़ी ही देर में दूर हो जाएगी| और दिन में कम से कम दो बार इसका सेवन करे ताकि एसिडिटी अच्छे से दूर हो जाये|

लौंग का सेवन करे:-

cloves

लौंग खाने से हमारी पाचन क्रिया अच्छी रहती हैं, व् पेट से जुडी किसी भी समस्या में ये आराम देता हैं| एसिडिटी की समस्या होने पर यदि आप लौंग को खाकर एक गिलास हल्का गरम पानी का सेवन करेंगे| तो आपको एसिडिटी की समस्या से निजात मिलता हैं|

आंवले का प्रयोग करे:-

amla

आंवले का प्रयोग करके आप एसिडिटी की समस्या से निजात पा सकते हैं| सूखा हुए आंवले को चबाने से आपको पेट से जुडी समस्या से आराम मिलता हैं| ये एसिडिटी के साथ पेट में रहने वाली कब्ज़ व् गैस की समस्या से भी आराम दिलाता हैं| आप घर में भी आंवले को सूखा के इसका प्रयोग कर सकते हैं, या फिर मार्किट में सूखा हुआ आवला आसानी से मिल जाता हैं|

काली मिर्च का उपयोग करे:-

black pepper

काली मिर्च का उपयोग करके भी आप एसिडिटी की समस्या से निजात पा सकते हैं| एसिडीटी के साथ ये पेट में होने वाली गैस व् ऐठन से भी आराम दिलाता हैं| छाछ के साथ काली मिर्च का सेवन करने पर फायदा होता है| आप छाछ में काली मिर्च का पाउडर का सेवन कर सकते हैं, नहीं तो दो से तीन पूरी काली मिर्च लेकर उसमे नमक मिलाकर गरम पानी के साथ सेवन करे| तो आपको एसिडिटी की समस्या से निजात मिलेगा|

अदरक का प्रयोग करे:-

ginger a

अदरक में पाचन क्रिया को मजबूत करने के गुण होते हैं| अदरक को कच्‍चा खाने या चाय में डालकर पीने से पेट की जलन में आराम मिलता हैं और साथ ही ये एसिडिटी को दूर भगाने में भी मदद करता है| आप चाहें तो अदरक की जगह सोंठ का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं|

तुलसी का प्रयोग करे:-

tulsi chechak me aaram de

तुलसी में बहुत सारे हर्बल गुण होते हैं| और साथ ही इसे औषधि के रूप में भी माना जाता हैं| इसकी चार पत्तियां खाने से पेट में एसिडिटी की समस्‍या नहीं रहती है| और आप रोजाना सुबह उठकर यदि इसे करेंगे तो आपको ऐसी कोई भी समस्या नहीं होगी|

जीरा का इस्तेमाल करे:-

jeera

जीरा, पेट दर्द, एसिडिटी और गैस का तुंरत उपचार करने के लिए सबसे अच्‍छा माना जाता है| काले नमक के साथ इसका सेवन लाभकारी होता है| आप जीरा का पाउडर भी प्रयोग कर सकते हैं| काल नमक और जीरा को मिलाकर इसका सेवन करने से आपको एसिडिटी की समस्या से निजात मिलता हैं|

आर्टिचोक का पत्ते का इस्तेमाल करे:-

आर्टिचोक के पत्‍ते को कच्‍चा ही चबा जाने से पेट में एसिडिटी की समस्‍या दूर हो जाती है| साथ ही कब्‍ज और गैस की समस्या भी नहीं होता है| इसे इस्तेमाल करने से पेट में होने वाली जलन से भी आराम मिलता हैं|

कैमोमाइल टी का इस्तेमाल करे:-

कैमोमाइल एक चाय होती हैं| कैमोमाइल टी, पाचन क्रिया के लिए अच्‍छी मानी जाती है| यह खाने को हजम करने में मदद करती हैं| इसे बनाकर पीने से जलन, पेट दर्द और एसिडिटी की समस्‍या दूर हो जाती है|

हल्‍दी का प्रयोग करे:-

हल्‍दी को दही में मिलाकर इनका सेवन करने से आपको पेट दर्द और ऐंठन व एसिडिटी में राहत मिलती हैं|

तो ये कुछ नुस्खे जिनका प्रयोग करके आप एसिडिटी की समस्या से निजात पा सकते हैं| एसिडिटी की समस्या होने पर आपको कोशिश करनी चाहिए की आप घूमे, और पानी को हल्का गरम करके उसका सेवन करे| साथ ही आपको एसिडिटी की समस्या होने पर आपको अपने सर को थोड़ा ऊँचा करके सोना चाहिए| साथ ही आपको कोशिश करनी चाहिए की आप हल्का भोजन करे| और बाकि ये नुस्खे आपको इस समस्या से निजात दिलाने में आपकी मदद करेंगे|

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