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ओवरी में एग साइज बढ़ाने के घरेलू उपाय

ओवरी क्या है?

शरीर के अंगो के बारे में यदि बात की जाये तो ज्यादातर लोग, दिल, फेफड़ो, लीवर, पेट आदि के बारे में जानते हैं। लेकिन और भी ऐसे बॉडी पार्ट्स होते हैं जो बहुत महत्वपुर्ण होते हैं, जैसे की ओवरी। ओवरी महिला की बॉडी का वो पार्ट होता है, जहां पर अंडो का निर्माण होता है, जिससे शिशु जन्म लेता है। ओवरी के अंदर बने अंडे से ही पुरुष के शुक्राणु मिलते हैं, जिसके कारण निषेचन की प्रक्रिया होती है, और महिला का गर्भ ठहर जाता है। ओवरी का साइज हमेशा बदलता रहता है, जैसे की जब ओवरी में अंडा बनता है तो इसका साइज बढ़ जाता है जबकि मेनोपॉज़ की अवस्था में यह सिकुड़ने लग जाती है।

ओवरी में अंडे का साइज

गर्भाशय में शिशु के ठहरने के लिए जरुरी होता है की अंडाशय में बने अंडे का साइज सही हो, क्योंकि यदि अंडे का साइज कम होता है या अंडे के टूटने का खतरा होता है तो ऐसे में महिला को गर्भधारण में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अंडाशय में अंडा पीरियड्स के खत्म होने के बाद बनना शुरू हो जाता है, और पीरियड्स के पहले दिन से गिनती करते हुए जो चौदह से अठारहवें दिन का समय होता है वो ओवुलेशन पीरियड होता है। और ओवुलेशन पीरियड के आने तक अंडे का साइज पूरी तरह से बढ़ जाता है, लेकिन यदि किसी कारण अंडे का साइज नहीं बढ़ता है तो महिला को माँ बनने से जुडी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ओवरी में एग साइज बढ़ाने के लिए अपनाएँ यह घरेलू उपाय

ओवरी में एग साइज बढ़ाने के लिए आप कुछ आसान घरेलू टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है, जिससे महिला को प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों से बचाव करने में मदद मिल सके। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की ओवरी में एग साइज बढ़ाने के लिए महिला को क्या क्या करना चाहिए।

संतुलित आहार

शरीर से जुडी किसी भी परेशानी का समाधान करने के लिए सबसे जरुरी होता है की महिला स्वस्थ रहे। और स्वस्थ रहने के लिए संतुलित व् पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना बहुत जरुरी होता है। जितना महिला स्वस्थ रहती है उतना ही उसके शरीर के अंगो को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। और ओवरीज़ में अंडो के बेहतर विकास के लिए भी महिला का फिट रहना जरुरी होता है, ऐसे में महिला को पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन भरपूर करना चाहिए, साथ ही नियमित रूप से अपने डाइट प्लान भी तैयार करना चाहिए।

स्ट्रेस

स्ट्रेस का बुरा असर ओवरी पर भी पड़ता है, क्योंकि यदि ओवुलेशन के समय पर आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो इससे अंडो के विकास में कमी आने के साथ अंडे बनने की प्रक्रिया में भी समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में यदि आप गर्भवती होना चाहती है तो इसके लिए स्ट्रेस है दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले आहार

प्रजनन क्षमता में कमी भी अंडो के विकास न होने का कारण हो सकती है, ऐसे में महिला को अपनी डाइट में उन आहार को शामिल करना चाहिए जिससे प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके लिए महिला को लहसुन, अंडा, अनार, अखरोट, अश्वगंधा, एवोकाडो, दालचीनी आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। इनके सेवन से बॉडी में हार्मोनल बैलेंस को भी बनाएं रखने में मदद मिलती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलिक एसिड व् आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, साथ ही इसमें विटामिन ए व् अन्य मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं। जो ओवरीज़ को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं, जिससे महिलाओं के अंडाशय में बन रहे अंडो की क्वालिटी और साइज को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। ऐसे में महिला को दिन में दो समस्या के आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए।

पानी

केवल खाने से ही नहीं बल्कि शरीर में पानी की भरपूर मात्रा होने से भी अंडाशय में एग की क्वालिटी को बेहतर करने में मदद मिलती है। इसीलिए महिला को दिन भर में आठ से दस गिलास पानी का सेवन जरूर करना चाहिए, साथ ही प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इसके कारण अंडो पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

योगासन व् व्यायाम

योगासन व् व्यायाम न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी महिला को फिट रखने का काम करती है। इससे तनाव से राहत मिलने के साथ बॉडी में ब्लड फ्लो को भी बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है। जिससे गर्भाशय, ओवरीज़ में ब्लड फ्लो बेहतर तरीके से होता है और अंडो के बेहतर विकास में भी मदद मिलने में मदद मिलती है।

वजन को रखे नियंत्रित

वजन का अधिक होना भी अंडो की प्रोडक्शन पर बुरा असर डाल सकता है, ऐसे में महिला को चाहिए की वजन को नियंत्रित रखे। क्योंकि यदि महिला का वजन बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो इससे पीरियड्स अनियमित होने जैसी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है, जो एग की क्वालिटी में कमी का एक कारण होता है।

नशे से दूरी

अंडो की गुणवत्ता में कमी के साथ अंडे न बनने की समस्या का एक कारण महिला द्वारा नशे का सेवन करना भी हो सकता है। ऐसे में महिला को चाहिए की उसे नशे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, और वो काम करना चाहिए जिससे बॉडी को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

डॉक्टर से राय

यदि महिला का गर्भ बहुत कोशिशों के बाद भी नहीं ठहरता है, या बार बार गर्भपात की परेशानी होती है, तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। क्योंकि यदि इसका कारण ओवरीज़ में अंडे का साइज सही न होना होता है, तो इसके लिए मेडिकल में दिए गए उपाय का आप इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि ओवरीज़ में अंडो के विकास से जुडी परेशानी का समाधान पाने में आपको मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल करने से ओवरीज़ में एग साइज को बढ़ाने में मदद मिलती है। तो यदि आपको भी गर्भधारण करने में परेशानी आ रही है और इसका कारण अंडे के साइज से जुड़ा हुआ है तो आपको भी इन बताओं का खास ध्यान रखना चाहिए।

गर्भावस्था का पहला सप्ताह और लक्षण

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प्रेगनेंसी महिला के लिए बहुत ही खास समय तो होता ही है, लेकिन कठिन भी होता है। क्योंकि इस दौरान महिला को बहुत से शारीरिक व् मानसिक बदलाव से गुजरना पड़ता है। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि जैसे ही महिला का गर्भ ठहरता है तो उसी समय से शिशु का विकास होना शुरू हो जाता है, और शिशु के विकास के लिए महिला की बॉडी से ही सभी जरुरी पोषक तत्वों की पूर्ति की जाती है। जिसके कारण अचानक से जब शरीर में यह बदलाव होने शुरू होते हैं तो इसके कुछ लक्षण बॉडी में दिखाई देने लगता हैं।

केवल टेस्ट करने के बाद ही आप यह नहीं बता सकते हैं की आप प्रेग्नेंट है, बल्कि यदि आपको प्रेगनेंसी है तो आपके शरीर में साफ़ तौर पर कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। और यदि पीरियड्स मिस होने के बाद या अठाइस दिन के मासिक चक्र के बाद आपको अपने शरीर में यह लक्षण दिखाई देते हैं तो आप इससे अंदाजा लगा सकती हैं की आप प्रेग्नेंट हैं। तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे ही लक्षण बताने जा रहे हैं जो प्रेगनेंसी के पहले हफ्ते में आपकी बॉडी में दिखाई देने लगते हैं। इसके अलावा आपको पीरियड्स मिस होने के दस दिन बाद प्रेगनेंसी किट से भी चेक करके देखना चाहिए।

गर्भावस्था के पहले सप्ताह के लक्षण

प्रेगनेंसी के दौरान ऐसा बिल्कुल जरुरी नहीं होता है की जो लक्षण एक महिला में दिखाई दें वहीँ दूसरी महिला में भी दिखाई दें। बल्कि यह प्रेगनेंसी के कारण हर महिला के शरीर में होने वाले शारीरिक बदलाव पर निर्भर करता है। और प्रेगनेंसी के पहले हफ्ते में क्या क्या लक्षण दिखाई देते हैं आइये जानते हैं।

पीरियड्स का मिस होना

यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो प्रेगनेंसी के पहले हफ्ते का सबसे सामान्य लक्षण यही होता है है की आपको पीरियड्स समय से नहीं आता है, कुछ महिलाओं को इस समय स्पॉटिंग यानी खून का हल्का धब्बा लग सकता है, लेकिन पीरियड्स नहीं आते हैं।

मॉर्निंग सिकनेस

महिलाओं के अंदर जो सबसे पहले प्रेगनेंसी के समय बदलाव आता है वो होता मॉर्निंग सिकनेस होना। यानि सुबह उठने पर थकान महसूस होना, मुँह का स्वाद अजीब सा महसूस होना, बॉडी के तापमान में फ़र्क़ का महसूस होना आदि।

सिर दर्द व् भारीपन

सिर में दर्द व् सिर का भारी महसूस होना भी प्रेगनेंसी के पहले हफ्ते में होने वाला एक आम लक्षण है। इसका कारण शरीर में हो रहे तेजी से बदलाव होते है, जिसके कारण आपको सिर में दर्द व् भारीपन महसूस होने लगता है, और आपको नींद भी अधिक आने लगती है।

मुँह का स्वाद बिगड़ना

इस दौरान कुछ महिलाओं का तो कुछ खाने का मन ही नहीं करता है, जो कई महिलाओं की खट्टा तो कुछ की मीठा खाने की तीव्र इच्छा होती है, और कुछ महिलाओं का मुँह का स्वाद कड़वा हो जाता हैं। ऐसे में इसे देखकर महिलाएं अंदाजा लगा सकती हैं की वो प्रेग्नेंट हैं।

ब्रेस्ट में बदलाव

महिलाओं के ब्रेस्ट में भी इस दौरान बदलाव आता है जैसे की ब्रेस्ट में भारीपन व् सूजन का महसूस होना, आदि। और यदि आप प्रेग्नेंट होती है तो धीरे धीरे हो सकता है आपका ब्रेस्ट साइज बढ़ जाए लेकिन बाद में धीरे धीरे सब ठीक हो जाता हैं।

स्किन पर बदलाव आना

यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो प्रेगनेंसी के पहले सप्ताह में आपको अपनी स्किन में भी बदलाव नज़र आता हैं जैसे की डार्क सर्कल अधिक महसूस होना, स्किन पर धब्बे उभर जाने की समस्या का होना।

सपने अधिक आना

यदि आप प्रेग्नेंट है तो आपको हो सकता है प्रेगनेंसी की शुरुआत में सपने अधिक आने लगे। ऐसा जरुरी नहीं होता है की हर महिला के साथ हो।

यूरिन अधिक आना

शरीर में हो रहे तेजी से बदलाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान आपको बार बार यूरिन आने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि हार्मोनल बदलाव तेजी से होने के कारण किडनी अधिक सक्रिय हो जाती है जिसके कारण बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है।

थकान व् कमजोरी का महसूस होना

यदि आप प्रेग्नेंट हो जाती है तो इसके कारण शरीर में तेजी से बादलाव होने शुरू हो जाते हैं, जिसके कारण आपको अधिक थकान व् कमजोरी का अनुभव हो सकता है। ऐसे में यदि पीरियड्स के मिस होने के बाद आपको ऐसे कोई लक्षण दिखाई दे तो इसका मतलब यह आपकी प्रेगनेंसी की और इशारा करते हैं। इस दौरान महिलाओं को हल्का कमर में दर्द होने की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

उल्टी

ऐसा भी हो सकता है की इस दौरान मुँह का स्वाद बदलने के कारण उल्टी व् जी मिचलाने की समस्या भी महिला में देखने को मिलें। कुछ महिलाओं को उल्टी की समस्या प्रेग्नेंसी के तीन महीने तक तो कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी का पूरा समय यह समस्या रहती है।

कब्ज़ का होना

हार्मोनल बदलाव का असर पाचन क्रिया पर भी पड़ता है जिसके कारण हो सकता है कब्ज़ की समस्या का सामना भी महिला को प्रेगनेंसी की शुरुआत में करना पड़े।

मूड में बदलाव

इस दौरान मूड का बदलना आम बात होती है ऐसे में कई बार हो सकता है की आपका किसी से बात करने का दिल भी न करें और अधिक गुस्सा आना भी इस दौरान आम बात होती है।

बॉडी के तापमान में फ़र्क़ आना

इस दौरान महिलाओं के शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है, ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं होती है बल्कि यह प्रेगनेंसी का एक आम लक्षण होता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण जो प्रेगनेंसी होने पर पहला हफ्ते पर आमतौर से महिला के शरीर में दिखाई देते हैं। यदि महिला को पीरियड्स आगे पीछे हो जाते हैं, और उन्हें बॉडी में इनमे से कुछ लक्षण दिखाई देते हैं तो यह महिला की प्रेगनेंसी की और इशारा करते हैं।

विडिओ प्रेग्नेंसी के पहले महीने बदलाव

प्रेगनेंसी में ब्रैस्ट से पानी आने के कारण और उपचार

क्या आप भी प्रेगनेंसी में ब्रैस्ट से आने वाले सफ़ेद पानी की समस्या से परेशान है? यदि हाँ तो यह गर्भावस्था के दौरान होने वाली एक आम समस्या है। शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव के साथ महिला के ब्रैस्ट में शिशु के लिए दूध तैयार हो रहा होता है। जिसके कारण आपको ब्रैस्ट में से पानी आने की परेशानी हो सकती है। कई महिलाओ को यह पहली और दूसरी तिमाही तो कई महिलाओ को पूरी प्रेगनेंसी के दौरान ब्रैस्ट में से पानी आता है।

इस पानी का रंग दूध जैसा होता है जिसे कोलोस्ट्रम के नाम से जाना जाता है। यह पानी कोलोस्ट्रोन का ही रूप होता है, जो की शिशु के जन्म के बाद उसे अच्छे से पोषण देने के काम आता है। क्योंकि इसमे शिशु के विकास के लिए सभी जरुरी तत्व मौजूद होते हैं। और साथ ही इससे शिशु की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद मिलती है। ऐसे में आपको इसे लेकर परेशान नहीं होना चाहिए।

शिशु के जन्म के बाद जैसे ही वो माँ का दूध पीने लगता है। तो ब्रैस्ट में दूध बनने लगता है, और जैसे जैसे बच्चा आपका फीड लेता है तो बॉडी में ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन बनने लगता है। जिससे आपका गर्भाशय भी अपनी सही स्थिति में आने लगता है। और शिशु के दो से चार दिन स्तनपान करने के बाद कोलोस्ट्रम बनना बंद हो जाता है, और दूध बनना शुरू हो जाता है। तो आइये जानते हैं की प्रेगनेंसी में ब्रैस्ट से पानी आने के कौन कौन से कारण होते है।

प्रेगनेंसी में ब्रैस्ट से पानी आने के कारण:-

  • थायरॉयड की समस्या होने पर भी आपको अधिक पानी आने की समस्या हो सकती है।
  • ब्रैस्ट में इन्फेक्शन होने के कारण।
  • यदि आपके ब्रैस्ट में गांठ या कैंसर की समस्या है तो भी आपको यह परेशानी हो सकती है।
  • यदि आप ज्यादा टाइट ब्रा या कपडे पहनते हैं तो उससे रगड़ लगने के कारण भी आपको ब्रैस्ट से पानी आने की समस्या होती है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान स्तन में दूध बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है जो की शिशु के विकास के लिए बहुत जरुरी होता है, इसके कारण ब्रैस्ट से पानी आने लगता है।

ब्रैस्ट से पानी आने की समस्या का समाधान:-

डॉक्टर की राय लें:-

यदि प्रेग्नेंट महिला के ब्रैस्ट से दूध अधिक आता है, तो उसे डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए। लेकिन डॉक्टर से भी तभी मिलना चाहिए जब आपके एक ब्रैस्ट में से तो पानी आता है, और दूसरे में से नहीं आता है। इसके अलावा यदि पानी के साथ आपके ब्रैस्ट में पानी के साथ खून भी आता है तो भी डॉक्टर से जल्दी मिलना चाहिए। और यदि आप प्रेग्नेंट नहीं हैं और फिर भी यह पानी आता रहता है तो भी आपको डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

पैडेड ब्रा का इस्तेमाल करें:-

कई महिलाओ को प्रेगनेंसी के दौरान ब्रैस्ट से अधिक पानी आने लगता है। ऐसे में महिला को कही बाहर जाने पर या किसी के सामने ऐसा होने पर शर्म का अहसास होता है। इसीलिए आपको इस समस्या से बचने के लिए पैडेड ब्रा का इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि यह पानी को सोख लेता है, जिससे आपको इस परेशानी से बचने में मदद मिलती है।

तो ये है कुछ कारण जिनकी वजह से आपको प्रेगनेंसी के दौरान ब्रैस्ट से सफ़ेद पानी आने की समस्या हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान केवल ब्रैस्ट से पानी ही नहीं, बल्कि निप्पल्स के रंग में बदलाव, उनका चौड़ा होना, ब्रैस्ट में भारीपन आना, आदि आम बात होती है। ऐसे में आप चाहे तो इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से भी राय ले सकती है।

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आँखों के नीचे काले घेरे को कैसे दूर करें?

आँखो के नीचे डार्क सर्कल्स यानी काले घेरे

अगर आप सुन्दर है, खूबसूरत हैं, देखने में कोई कमी नहीं हैं, लेकिन आपकी आँखों के नीचे काले घेरे हो तो यह आपकी खूबसूरती को कम कर देती हैं। आँखों के नीचे काले घेरे की समस्या न केवल महिलाओं को, बल्कि पुरुषों को भी हो जाती हैं। और कई बार तो ये बच्चों में भी देखने को मिल जाती है। कुछ टीनएजर बच्चों में भी ये प्रॉब्लम दिखने लगती है।

आँखों के आसपास काले घेरे (Dark  Circles) क्यों होते हैं ? 

कई बार लगता है शायद ठीक से नहीं सोने की वजह से ये हो गए है,  कुछ कहते हैं की ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से हो जाते हैं।  किसी बीमारी के कारण कमजोरी के कारण, सही खान-पान न लेने की वजह से, पानी कम पीने की वजह से या फिर हार्मोनल बदलाव की वजह से। कारण चाहे कुछ भी लेकिन सही बात तो ये है की यह देखने में अच्छे नहीं लगते।

घबराने की कोई बात नहीं है क्यूंकि क्या आप जानते है की आपकी खूबसूरती का खजाना भी आपकी रसोईघर में ही छुपा हुआ है। जी हां। आज इस आर्टिकल के माध्यम के जरिए ये जानते है की आँखों के नीचे काले घेरे हटाने के क्या है घरेलु उपाय :-

आँखों के आसपास काले घेरे (Dark  Circles) क्या हैं उपाय ? 

टमाटर और निम्बू

थोड़ा सा टमाटर का रस लीजिए। उसमे कुछ मात्रा में निम्बू का रस मिला लीजिए। उसके बाद थोड़ी देर (१० से १५ मिनट) के लिए अपनी आँखों के नीचे घेरे पर लगाए। और फिर आँखों को धो लें। आप देखेंगे की कुछ ही दिन में धीरे धीरे काले घेरे ख़तम होते जा रहे है।

आलू  का रस

कच्चा आलू लेकर उसे पहले कददूकस कर लें। जितना उसमे से निचोड़ कर रस निकल जाये उतना ही अच्छा है। फिर आप एक कॉटन में आलू का रस लेकर अपनी आँखों पर लगाए। इस बात का आपको ध्यान रखें की जितना हिस्सा काला हो उतने सारे हिस्से पर रस ठीक से लग जाये नहीं तो जहां नहीं लगेगा वो हिस्सा काला ही रह जायेगा है। आप देखेंगे की एक हफ्ते में ही आपके डार्क सर्कल खत्म हो रहे है।

टी बैग

जी हां। वही टी-बैग जिन्हें आप सुबह शाम  आप चाय के रूप में पीते है। टी बैग भी आँख के घेरे को हटाने में मदद करता हैं। एक टी-बैग को आप फ्रिज़ में रख दीजिये। उसके बाद जब वो ठंडा हो जाए तो अपनी आखों पर उसे रख लीजिए। ऐसा करने से बहुत आराम मिलेगा। आखों की रिलैक्स मिलता है और काले घेरे भी नहीं रहते। और अगर ये टी-बैग ग्रीन टी-बैग हो तो और भीं अच्छा परिणाम मिलता है।

संतरा

संतरे के जूस को एक कटोरी में निकल लीजिए। फिर उसके बाद उसमे थड़ी मात्रा में गिल्सरीन मिला लीजिए। इस मिक्सचर को आप अपनी आँखों पर लगाएं। थोड़ी देर बाद आप अपनी आँखों को धो ले। आपको अपने आप ही फर्क दिखाई देने लगेगा।

आप चाहे तो संतरे के छिलके को छाया में सूखा कर मिक्सर में पीस लें। उसके बाद उसमे थोड़ा गिल्सरीन मिलाकर एक पेस्ट बनाए। और पील मास्क की तरह आप अपनी आखों के नीचे लगा ले। ऐसा करना भी उतना ही फायदेमंद है जितना की जूस और गिल्सरीन लगाना।

ठंडा दूध

एक कटोरी में थोड़ा था ठंडा दूध ले लें। दूध फ्रिज़ में पहले से रखा हुआ हो तो और भी बेहतर है। उसके बाद आप कॉटन को दूध में डाल अच्छे तरह से डुबाए। फिर अपनी आखों पर रख लें। ऐसा करने से भी आंखों को आराम मिलता है और डार्क सर्कल्स चले जाते हैं।

बादाम का तेल

बादाम में विटामिन इ भरपूर मात्रा में होता है। ये आँखों के लिए बेहद जरुरी है। बाजार में भी ये तेल आसानी से मिल जाता हैं। रात को सोने से पहले बादाम के तेल से आँखों के नीचे और ऊपर हलके हाथ से मसाज करें। क्यूंकि आखों की रात को सोते समय पूरी तरह से आराम मिलता है। ये तो सही समय है आखों को मसाज करके रिलेक्स करने का। इस तरह करने से काले घेरों से निजात मिल जाती है।

खीरा

खीरे को खाने से जितना फायदा शरीर को मिलता है उतना ही इसे आँखों पर लगाने से भी मिलता हैं। ठंडा खीरा लें, यदि खीरा ठंडा न हो तो थोड़ी देर फ़्रीज़ में रख दें। उसके बाद खीरे के २ स्लाइस काट कर अपनी आँखों पर कुछ देर के लिए रखे।  ऐसा करने से आप फ्रेश फील करेंगे।

पुदीना

रेफ्रेशमेन्ट के लिए जाने जाना वाला ये पुदीना भी बड़े काम की चीज़ है। पुदीने को अच्छी तरह से पीस लें। और इसका पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को अपनी आँखों के नीचे लगाए। ये भी काले घेरों से अच्छी तरह निजात दिला देता है।

गुलाब जल

गुलाब जल अगर बिलकुल शुद्ध मिल जाये तो बहुत ही अच्छा है। कॉटन को लेकर गुलाबजल में अच्छी तरह से डबोकर रखें और फिर उसे अपनी आँखों पर लगाएं।  ऐसा  करने  से भी काले घेरे जल्दी ही खत्म  हो जाते है।

योग और ध्यान

योग और ध्यान को भी अपनी ज़िन्दगी का एक अहम् हिस्सा समझे। क्यूंकि योग और ध्यान केवल हमारी आँखों को ही सही नहीं रखता बल्कि हमारे पूरे शरीर को स्वस्थ  रखता है। तो कुछ ऐसे योग है जिसे आँखों की एक्सरसाइज अच्छी तरह से हो जाती है और हमारी आँखों के नीचे काले घेरे नहीं पड़ते।

तो ये थे कुछ ऐसे उपाय जिन्हे करने से आप की आँखों के नीचे कभी काले घेरे नहीं होंगे। इसके साथ साथ आप अपने खाने पीने की चीज़ों में भी बदलाव जरूर लाएं। आप अपने खाने में फ्रेश सब्जिओं और ताज़ा फलों का इस्तेमाल भी जरूर करें। पूरे ८ घंटे की नींद लीजिए ज्यादा सोचे नहीं तनाव न लें। खुश रहे।

अच्छी बात तो ये है दोस्तों की ये सब आसानी से हर घर में ही मिल जाती है। और इन उपायों को करने से आपकी आँखे हमेशा सुंदर,फ्रेश,और खूबसूरत बानी रहेंगी।

बढ़ती उम्र में भूख नहीं लगना ये हैं उपाय

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बढ़ती उम्र में फिट रहने के लिए शरीर में पोषक तत्वों का भरपूर होना बहुत जरुरी होता है। और इसके लिए आपको अपने आहार का खास ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन अक्सर कुछ लोगो की शिकायत होती है की उम्र बढ़ने के साथ उनकी भूख में कमी आने लग जाती है। और भूख में कमी आने के बहुत से कारण भी हो सकते हैं, जैसे की मेटाबोलिज्म कम होना, तनाव लेना, किसी बिमारी से ग्रसित होना आदि। लेकिन यदि आप चाहे तो इस परेशानी से निजात पा सकते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हाँ की भूख में कमी के कारण और भूख बढ़ाने के कुछ खास टिप्स कौन से हैं।

शारीरिक श्रम में कमी के कारण

बढ़ती उम्र में व्यक्ति का शारीरिक श्रम कम होने लगता है, जिसके कारण पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है। और भोजन का पाचन सही न होने के कारण गैस, अपच, कब्ज़ जैसी समस्या हो जाती है। और पेट से जुडी इन समस्या के कारण उम्र होने पर धीरे धीरे भूख की कमी आने लगती है।

किसी बिमारी के होने के कारण

उम्र के साथ आजकल ज्यादातर देखने को मिलता है की व्यक्ति किसी न किसी रोग की चपेट में आ जाता है। जिसके कारण उनके शरीर पर बुरा असर पड़ता है और इसके कारण भी भूख में कमी आने लगती है।

ज्यादा दवाइयों का सेवन

जो लोग अधिक दवाइयों का सेवन करते हैं, उन्हें भी इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि दवाइयों का अधिक सेवन भी आपकी पाचन क्रिया पर बुरा असर डाल सकता है जिसके कारण भूख में कमी आने लगती है।

लिवर और किडनी से जुडी परेशानी

यदि किसी व्यक्ति को उम्र कम हो या ज्यादा और उसे लिवर या किडनी से जुडी समस्या होती है तो उनकी भोजन की पचाने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है जिसके कारण भूख में कमी जैसी समस्या का उन्हें सामना करना पड़ सकता है।

तनाव

उम्र के साथ व्यक्ति छोटी छोटी चीजों के बारे में अधिक सोचने लगता है, वह बहुत जल्दी परेशान भी जाता है। लेकिन उन्हें बढ़ती उम्र के साथ केवल खुश ही रहना चाहिए। ऐसे में जो व्यक्ति अधिक तनाव में रहता है उसे भी ज्यादा भूख नहीं लगती है।

ज्यादा मसालेदार भोजन

अनियमित खान पान और अधिक मसाले और तेल वाले खाने का सेवन करने के कारण भी उम्र होने के बाद पाचन क्रिया तेजी से प्रभावित होती है। जिसके कारण आपको भूख की कमी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

नशा

यदि आप अधिक उम्र में भी धूम्रपान व् शराब या फिर अन्य किसी तरह के नशे का सेवन करते हैं तो यह आपके शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है जिसके कारण आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

भूख को बढ़ाने के उपाय

बढ़ती उम्र में खाने का ज्यादा बेहतर तरीके से ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपको फिट रहने में मदद मिल सके। साथ ही शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिनसे बढ़ती उम्र में भी आपकी भूख को बढ़ाया जा सकता है।

काली मिर्च

काली मिर्च का सेवन करने से न केवल आपकी पाचन क्रिया में सुधार आता है, बल्कि आयुर्वेद में इसे भूख बढ़ाने के लिए बहुत ही महतवपूर्ण औषधि भी माना जाता है। यह पेट की गैस और कब्ज़ की समस्या से भी राहत दिलाता है, इसके सेवन के लिए दिन में दो बार दो काली मिर्च को पीसकर थोड़े गुड़ के साथ इसका सेवन करें।

इलायची

खाने के बाद यदि आप नियमित एक इलायची का सेवन करते हैं तो यह भी आपकी भूख को बढ़ाने में मदद करते हैं। क्योंकि इसमें मौजूद तत्व आपके पाचक रस में सुधार करते हैं, जो गैस, कब्ज़, अपच जैसी परेशानी से आपको निजात दिलाते हैं, जिससे आपकी भूख बढ़ती है। आप चाय में डालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं।

अजवाइन

अजवाइन में मौजूद एंजाइम भी भूख को बढ़ाने में मदद करते हैं, इसके इस्तेमाल के लिए आप थोड़ी यानी तीन से चार चम्मच अजवाइन लेकर उसमे एक निम्बू का रस मिलाकर रख दें, और जब यह सूख जाए तो इसमें काला नमक मिलाकर रोजाना आधा चम्मच सुबह शाम इसका सेवन करें खत्म होने पर दुबारा बनाएं, ऐसा करने से आप आपकी पाचन क्रिया बेहतर रहेगी जिससे भूख को बढ़ने में मदद मिलेगी।

आंवला

आंवला भूख को बढ़ाने का सबसे आसान और असरदार उपाय है इसके इस्तेमाल के लिए आप एक गिलास पानी में आधा निम्बू, आधा चम्मच शहद, और दो आंवले को लेकर अच्छे से पीस कर मिक्स कर दें, उसके बाद कम से कम एक महीने तक नियमित सुबह इसका सेवन करें आपको इसका फायदा जरूर मिलेगा। आप चाहे तो वैसे भी आंवले का सेवन कर सकते हैं यह भी फायदेमंद होता है।

हरा धनिया

हरे धनिये की सौ ग्राम पत्तिया लेकर उसे अच्छे से पीसकर उनका रस निकाल लें। उसके बाद उसमे निम्बू का रस और थोड़ा नमक मिलाएं। और नियमित दो हफ्ते तक इसका सेवन करें, आप सब्जी में भी हरा धनिये को शामिल करें। ऐसा करने से आपकी पाचन क्रिया दुरुस्त होगी जिससे आपकी भूख को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अदरक

एंटी बैक्टेरियल और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर अदरक का सेवन करने से भी आपको अपनी भूख को बढ़ाने में मदद मिलती है। थोड़ी सी अदरक और थोड़ा न नमक को मिलाकर अच्छे से पीस लें, और रस के साथ खाना खाने से आधा घंटे पहले इसका सेवन कुछ दिनों तक करें आपको इसका फायदा जरूर मिलेगा।

थोड़ा व्यायाम करें

भूख में कमी का कारण भोजन का अच्छे से न पचना होता है, जिसके कारण आपको पेट से सम्बंधित समस्या रहने लगती है। ऐसे में अपने पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए थोड़ा व्यायाम भी जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी बॉडी को फिट रहने के साथ आपकी भूख को भी बढ़ने में मदद मिलती है।

भूख बढ़ाने के अन्य उपाय

  • नींद में कमी भी भूख की कमी का कारण हो सकती है, क्योंकि इसके कारण आपकी पाचन क्रिया पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में आपको भूख बढ़ाने के लिए अपनी नींद को पर्याप्त लेना चाहिए।
  • धूम्रपान का सेवन न करें, और न ही अल्कोहल का सेवन करें।
  • ज्यादा दवाइयों का सेवन न करें, खासकर बिना डॉक्टर की राय लिए तो दवाई का सेवन बिल्कुल न करें।
  • डिप्रेशन में न रहें बल्कि इस दौरान अपनी लाइफ को ज्यादा एन्जॉय करें और खुश रहें।
  • अपने आहार का खास ध्यान रखें, ज्यादा मसालेदार न खाएं, संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन करें, और खाने को समय से लें।
  • पानी का भरपूर सेवन करें इससे भी आपका पेट साफ़ होता है जिससे भूख को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • सलाद, फल, जूस आदि का भरपूर सेवन करें।
  • जंक फ़ूड और बाहर के खाने के खाने का सेवन न करें।
  • खाना खाते समय बीच में पानी न पीएं, और खूब चबाकर भोजन का सेवन करें।

तो यह हैं कुछ खास उपाय जिनका इस्तेमाल करके बढ़ती उम्र में भी आप अपनी बॉडी को फिट रख सकते है, क्योंकि जितना आप अपनी दिनचर्या को नियमित रखते हैं। उतना ही पाचन क्रिया बेहतर तरीके से काम करती है और आपको भूख की कमी जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

घर के कीड़े मकोड़े को भगाने के उपाय

मौसम में आने वाले बदलाव के साथ घर में कीड़े मकोड़े की समस्या भी होने लग जाती है। ऐसे में न केवल यह आपके घर को गन्दा करते है बल्कि इसके कारण संक्रमण फैलने का भी खतरा रहता है। कई लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए पेस्ट कण्ट्रोल का सहारा भी लेते है। क्योंकि इनसे निजात पाना जरुरी भी होता है। और कीड़े मकोड़े के साथ, मच्छर, कॉकरोच, छिपकली, आदि भी आपको परेशान करते है। कई बार यदि आप कोई चीज खुली छोड़ देते है, तो यह उसको खराब भी कर देते है, साथ ही छिपकली आदि में से बदबू भी आती है।

और चूहें तो न तो आपके महंगे कपडे देखते है या ने कोई सामान, इसीलिए इनसे राहत पाने के लिए आपको कुछ न कुछ तो जरूर करना चाहिए। क्योंकि इनसे न केवल आपके सामान को नुक्सान पहुँचता है, बल्कि इनके कारण बींमारियाँ फैलने का भी खतरा रहता है। क्या आप भी घर में होने वाले इन कीड़े मकोड़ो की समस्या से परेशान हैं? यदि हां तो आइये आज हम आपको इस समस्या से बचने के लिए कुछ नुस्खे बताते हैं जिनसे आपको इस समस्या का समाधान करने में मदद मिलेगी।

घर में कीड़े मकोड़े से बचाव के लिए टिप्स:-

कपूर:-

कपूर की सुगंध से न केवल आपके घर में शांति आती है बल्कि इसके इस्तेमाल से आपको घर से कीड़े मकोड़ो को भगाने में मदद भी मिलती है। इसके लिए आप नियमित शाम के समय घर में दो तीन कपूर की टिकिया जलाएं और पुरे घर में घुमा दें, जैसे जैसे इसका धुंआ घर में फैलेगा, वैसे वैसे यह कीड़े मकोड़ो पर जहर का असर करेगा। जिससे आपके घर से इन्हे निकालने में मदद मिलेगी।

अंडे की शैल:-

यदि आप अपने घर में छिपकली की समस्या से परेशान हैं, तो इसके लिए आप अपने घर के कोनो में ऊपर की तरफ अंडे की शैल रखें। यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे छिपकली आपके घर के आस पास भी नहीं आती है।

कॉकरोच के लिए उपचार:-

यदि आप अपने घर में कॉकरोच से परेशान हैं तो इसके लिए आप एक स्प्रे की बोतल लें। अब उसमे लहसुन, प्याज, और काली मिर्च को पीस कर पानी में मिला लें। उसके बाद इस पानी को छान कर बोतल में डाल लें। अब स्प्रे बोतल से वहां छिड़काव करें, जहां पर अधिक कॉकरोच आते है इससे आपको कॉकरोच की समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी।

मच्छर के लिए उपाय:-

मच्छर की समस्या ज्यादातर आपको परेशान करती ही है। ऐसे में घर में रखा हुआ लहसुन इसके लिए सबसे आसान और असरदार उपाय है। इसके लिए आप लहसुन को अच्छे से पीस कर पानी में मिला लें। उसके बाद इस पानी का पूरे घर में छिड़काव करें। इसकी खुशबू उनके लिए एक जहर का काम करता है। जिससे घर से मच्छरों को भगाने में मदद मिलती है।

चूहे को भगाने के लिए उपाय:-

चूहे को घर से भागने के लिए आप अपने बालों को उस जगह पर रख दें, जहां से चूहें आपके घर में आते हैं। इससे चूहें उनके खाकर मर जाएंगे। इसके अलावा आप पुदीने के पत्तों के इस्तेमाल से भी इस समस्या से राहत पा सकते है। इसके लिए आप अपने घर के उन सभी कोनो में तीन चार पुदीने के पत्ते रखें। इससे उनका दम घुटने लगेगा, और वो आपके घर से बाहर चले जाएंगे।

छिपकली के लिए:-

मोरपंख छिपकली को भागने के लिए सबसे आसान और असरदार उपाय है। आप अपने घर के हर उस दीवार पर एक मोरपंख लगाएं जहां आपको छिपकली के आने की समस्या है। इससे आपके घर से छिपकली सिर्फ भगा नहीं जाएगी बल्कि यदि आप मोरपंख लगाकर रखेंगे तो वो आपके घर में कभी आएगी भी नहीं।

खटमल:-

खटमल की समस्या होने पर आप आठ दस प्याज को कदूकस करके उसका रस निकाल लें। उसके बाद इस रस को बोतल में डालकर उस जगह पर अच्छे से छिड़काव करें जहां आपको खटमल की समस्या है। इस उपाय को करने से आपको खटमल की समस्या से राहत मिलती है।

चींटी का उपचार:-

घर में छोटी छोटी चींटियां बहुत परेशान करती है। साथ ही सामान में चढ़ जाना, काट लेना, आदि। ऐसे में घर में रोजाना की होने वाली इस समस्या से निजात पाने के लिए आप हफ्ते में एक बार पोछे के पानी में थोड़ा सा कैरोसिन मिलाएं और उससे पोछा लगाएं इससे आपको चींटियों की इस समस्या से बचने में मदद मिलती है।

दीमक:-

दीमक भी धीरे धीरे आपके घर में फैलने लगता है। ऐसे में इससे बचने के लिए या तो आप बाजार से मिलने वाले चॉक का इस्तेमाल कर सकती है। या फिर आप चन्दन के एक टुकड़े को उस स्थ पर रख दें, जहां दीमक की शुरुआत हुई है, इससे न तो वो आगे बढ़ेगा। साथ ही धीरे धीरे खत्म भी हो जाएगा।

घर में कीड़े मकोड़ो से बचने के अन्य उपाय:-

  • घर में साफ़ सफाई का ध्यान रखें, और हफ्ते में एक बार पानी से घर को अच्छे से धोएं।
  • अपने घर के खिड़की दरवाज़ों को बंद रखने की कोशिश करें।
  • यदि ऐसा कोई छेद है जहां से कॉकरोच, छिपकली, चूहें आदि घर में आते है तो उसे बंद करवा देना चाहिए।
  • साल में एक बार प्रेस कण्ट्रोल जरूर करवाना चाहिए।
  • घर में यदि छोटा बच्चा हो तो साफ़ सफाई का दुगुना ध्यान रखना चाहिए, खाने की किसी भी चीज को खुला नहीं रखना चाहिए।

तो यदि आप भी घर में होने वाले कीट पतंगों से परेशान है, तो आप भी ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही आपको साल में एक बार पेस्ट कण्ट्रोल भी करवाना चाहिए ताकि आपको इस समस्या से परेशान न होना पड़े। साथ ही आपको बीमारियों से बचे रहने में भी मदद मिले।

बेजान त्वचा को खूबसूरत बनाने के घरेलु तरीके

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महिलाओं के लिए उनकी खूबसूरती और उनका फेस बहुत महत्वपूर्ण होता है इसीलिए इसे बनाए रखने के लिए वे तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का इस्तेमाल करती है। हालांकि इनके लिए बहुत से पैसे खर्च होते है लेकिन सुंदरता को कायम रखना के लिए थोड़ा व्यय तो करना ही होगा। लेकिन इतना खर्च करने के बाद भी कई बार त्वचा में वो बात नहीं आती। जिसे देखकर वे संतुष्ट हो।

ऐसे बहुत से कारण है जिनकी वजह से आपके ट्रीटमेंट्स का असर त्वचा पर न दिखे लेकिन इनमे सबसे बड़ा कारण प्रदुषण और आजकल का वातावरण है। जिसके चलते अक्सर त्वचा बेजान होने लगती है। आज के समय में लगभग आधी प्रतिशत महिलाएं बेजान त्वचा की समस्या से परेशान है। ये एक ऐसी समस्या है जो खान पान में पोषण की कमी के कारण भी हो सकती है। क्योंकि हमारा खान पान शरीर को पोषक तत्व प्रदान कराता है और ये तत्व त्वचा में नए सेल्स के निर्माण में सहायता करते है।beautiful skin

और जब हम खाने पीने में लापरवाही बॉंटे लगते है तो हमारे शरीर को पूर्ण पोषक तत्व नहीं मिल पाते जिसके कारण त्वचा के सेल्स कमजोर होने लगते है। ऐसे में आपको सही खान पान और उचित देखभाल की जरूरत है। इसके अलावा कुछ उपाय भी है जिनकी मदद से आप अपनी बेजान त्वचा में नयी जान डाल सकती है। आज हम आपको उन्ही उपायों के बारे में बताने जा रहे है जो आपकी बेजान त्वचा को खूबसूरत और फ्लॉलेस बना देंगे।

बेजान त्वचा में नयी जान ला देंगे ये उपाय :-

1. बर्फ :

अगर आपकी त्वचा बहुत बेजान सी लग रही है या धुप के कारण झुलस गयी है तो उसके लिए आप बर्फ का प्रयोग कर सकती है। इसके लिए दिन में जितनी बार हो सके त्वचा पर बर्फ का प्रयोग करें। आप चाहे तो ऑफिस में भी इस उपाय का इस्तेमाल कर सकती है। त्वचा को धुप से बचाने का ये सबसे अच्छा तरीका है। यदि आप बर्फ के साथ साथ अन्य वस्तुओं का भी लाभ उठाना चाहती है तो गुलाबजल, खीरे का रस या एलोवेरा जूस की बर्फ जमाकर उसका भी प्रयोग कर सकती है।

2. एलोवेरा :alovera face mask

त्वचा संबंधी हर समस्या के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। फिर चाहे वो मुहांसे हो या काळा घेरे। लेकिन क्या आप जानती है की इसकी मदद से बेजान त्वचा को भी ठीक किया जा सकता है। इसके लिए आपको कहीं जाने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि एलोवेरा का एक पौधा काफी लम्बे समय तक चल जाता है। प्रयोग के लिए एलोवेरा की एक पत्ती काटकर उसे फ्रिज में रख दें। ठंडा होने पर उसे निकालें और त्वचा पर लगाएं। नियमित प्रयोग से आपकी त्वचा चमक उठेगी।

3. शहद :

शायद आप नहीं जानती लेकिन आपकी मिठाइयों को मीठा बनाने वाला शहद भी आपकी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। सदियों से शहद का त्वचा के लिए इस्तेमाल किया जाता आ रहा है। इसमें मौजूद एंटी मिक्रोबल गुण त्वचा को मॉइस्चराइज़ करके सेल्स को रिपेयर करते है। प्रयोग के लिए त्वचा पर रोजाना एक चुटकी शहद लगाएं। आप चाहे तो इसमें नींबू का रस भी मिला सकती है। ये त्वचा को नयी चमक देने में मदद करेगा।

4. नारियल तेल :

ये तेल घर में मिलने वाला पदार्थ है जिसे आमतौर पर बहुत सी त्वचा संबंधी बिमारियों के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसीलिए कई लोग इसे खाना पकाने के लिए भी इस्तेमाल करते है। ये त्वचा के डैमेज सेल्स को रिपेयर करके त्वचा की मरम्मत करता है। इसके लिए रोजाना नारियल तेल को अपनी त्वचा पर लगाएं। लेकिन एक बात का ध्यान रखें की अगर आपकी त्वचा ऑयली है तो इसका इस्तेमाल न करें। अन्यथा परेशानी हो सकती है।

5. दही :

बेजान त्वचा के लिए इससे बेहतर उपाय आपको नहीं मिलेगा। क्योंकि ये न केवल बेजान त्वचा में जान डालती है अपितु त्वचा की गंदगी साफ़ करके उसे निखारने में भी मदद करती है। इसके लिए आप योगर्ट फेस पैक का इस्तेमाल कर सकती है। इसके लिए इसे त्वचा पर लगाएं और मसाज करें। आप चाहे तो लगाने से पहले इसे फ्रिज में ठंडा भी कर सकती है। ये त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने में भी मदद करता है। इससे त्वचा को राहत मिलती है और डैमेज स्किन सेल्स भी ठीक होते है।

6. चॉकलेट :dark chocolate

यह पढ़े : चॉक्लेट फेशियल निखारे आपकी त्वचा !

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चॉकलेट खाना तो सभी को अच्छा लगता है। लेकिन क्या आप जानती है की इसकी मदद से बेजान त्वचा को भी ठीक किया जा सकता है। इसके लिए 3 चम्मच कोको पाउडर, 2 चम्मच शहद और 1 चम्मच पीसी नाशपाती को एक साथ मिलायें। पैक बन जाने के बाद इसे त्वचा पर लगाएं। 20 मिनट तक रखने के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। त्वचा खिलखिला उठेगी।

7. प्राकृतिक उपाय है सही :

जिन महिलाओं की त्वचा रूखी या बेजान हो जाती है उन्हें साबुन जैसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये प्रोडक्ट रूखेपन को बढ़ाते है जिससे वे और बेजान हो जाती है। त्वचा की सफाई के लिए आप प्राकृतिक उपायों का प्रयोग कर सकती है जैसे की बेसन, या नींबू।

केसर के फायदे

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Saffron Benefits in Hindi

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दुनिया में शायद ही कोई ऐसी मिठाई या खाने की चीज होगी जिसमे केसर का प्रयोग करने से उसका स्वाद न बढ़े। सिंपल दूध हो या मिठाई सभी में केसर एक नया स्वाद और जान डाल देता है। इसके अलावा यह एक बेहतरीन दवा भी है जिसका प्रयोग बहुत से रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद की माने, तो अगर कोई व्यक्ति थोड़ी मात्रा में शुद्ध केसर का सेवन करता है तो उसे कभी कोई रोग नहीं होता।

केसर की खुशबु मन को प्रसन्न करने वाली होती है जबकि इसकी गर्म तासीर शरीर को कई रोगो के दुष्प्रभाव से बचाती है। इतना ही नही बहुत से कास्मेटिक में भी इसका प्रयोग मुख्य सामग्री के रूप में किया जाता है। क्योकि इसमें स्वास्थ्य को बेहतर करने के साथ साथ त्वचा को सुन्दर और बेदाग़ बनाने के भी गुण पाए जाते है।

इसकी खुशबू किसी भी चीज के स्वाद को दोगुना कर देती है। हालांकि, आजकल केसर की कीमत बहुत अधिक हो गई है जिसके कारण रोजमर्रा के जीवन में इसका प्रयोग कर पाना काफी मुश्किल है। जिसकी वजह से बहुत से लोग बाजर में नकली केसर बेचते है। ऐसे में आपको सही केसर की पहचान होना भी जरुरी है।

असली और नकली केसर की पहचान :-

असली केसर पानी में पूरी तरह घुल जाता है। इसके अलावा असली केसर गीले कपडे में रगड़ने पर पीला रंग छोड़ता है जबकि नकली केसर पहले लाल और बाद में पीला रंग छोड़ता है।

केसर के फायदे :-

1. कामशक्ति बढ़ाने के लिए :

केसर को इस कार्य में बहुत अच्छा माना जाता है। इसके अलावा महिलाओं से संबंधित कई बिमारियों में भी यह बेहद लाभकारी है। बच्चे के जन्म के बाद गर्भाशय की सफाई के लिए महिलाओं को कुछ दिनों तक इसका सेवन करना चाहिए। माहवारी की अनियमितता, दर्द आदि को दूर करने में भी यह लाभकारी होता है।

2. त्वचा के लिए :

केसर में त्वचा को निखारने और सुन्दर बनाने के भी गुण पाए जाते है। महिलाएं अगर इसका सही तरीके से और सही मात्रा में सेवन करें तो त्वचा सुन्दर लगने लगती है। लौ ब्लड प्रेशर की समस्या के लिए भी यह बेहतर औषधि है। इसे खाने से सर्दी खांसी और कफ में आराम मिलता है।

3. नींद :

रात को एक ग्लास दूध में चुटकी भर केसर और एक चम्मच शहद डालकर सेवन करने से सर्दियों के मौसम में सर्दी नहीं होती और अच्छी नींद आती है।

4. बच्चों के लिए :केसर के फायदे और नुकसान

छोटे बच्चों को सर्दी और नाक बंद होने की समस्या होने पर माँ के दूध में केसर मिलाकर बच्चे के माथे और नाक पर लगाने से सर्दी दूर होती है और आराम मिलता है।

5. बालों के लिए :

रुसी, गंजापन, बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के लिए केसर बहुत ही लाभकारी दवाई है। इसके लिए थोड़ी सी मुलेठी को दूध में पीसकर उसमे चुटकी भर केसर डालकर उसका पेस्ट बना लें और सोते समय बालों में लगाएं। सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

6. पुरुषों के लिए :

केसर को शहद और बादाम के साथ खाने से पुरुषों में वीर्य शक्ति बढ़ाने में मदद मिलती है। बदहजमी, पेट दर्द और मरोड़ आदि जैसी पेट की बिमारियों में भी केसर बहुत लाभकारी होता है। सिर दर्द होने पर चंदन और केसर का लेप माथे पर लगाएं। हृदय को निरोगी रखने के लिए भी केसर फायदेमंद होता है।

7. खुशबु के लिए :

भारत में बनाये जाने वाले खान पान जैसे मिठाई, आइस क्रीम, खीर, आदि जैसे कई मीठे पकवानों में खुशबु डालने के लिए केसर का प्रयोग किया जाता है। इससे खाने का स्वाद और खुशबु दोनों ही बढ़ जाती है।

8. कैंसर :

केसर में क्रोकिन और सफ़ानाल गुण होते है जो कैंसर विरोधी और ट्यूमर विरोधी होते है और इसी वजह से यह ट्यूमर को बढ़ने से भी रोकता है। केसर में मौजूद विशेष तत्व पेटी, जिगर में होने वाले कैंसर की संभावना को कम करता है।

9. गठिया और जोड़ों के दर्द में होने वाली सूजन से राहत पाने के लिए केसर का प्रयोग करना लाभकारी होता है। इसे थकान दूर होती है और मांसपेशियों की सूजन भी कम होती है।

10. केसर में मौजूद एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरिया गुण त्वचा में होने वाले मुहांसे और त्वचा संबंधी अन्य परेशानियों को दूर करते है।

डिप्रेशन दूर करने के घरेलू उपाय

डिप्रेशन दूर करने के घरेलू उपाय:-

आज के इस भदौड़ वाले समय में डिप्रेशन भी लोगो की जिंदगी का एक अंग बन चुका है, इसके कारण लोग न तो किसी से बात करना पसंद करते है, और न ही कही बाहर आना जाना पसंद करते है, स्टडीज़ के अनुसार वो लोग ज्यादा स्वस्थ और खुश होते है, जो हमेशा हँसते हुए रहते है, और छोटी से छोटी बात में अपनी ख़ुशी को ढूंढ लेते है, और वो लोग स्वस्थ होने के कारण लंबे समय तक जीते है, जिंदगी में हमेशा उतार चढ़ाव चलता रहता है, तभी तो इसे जिंदगी कहा जाता है।

परंतु हर एक बात को दिल पर लगा लेने से वो आपको केवल परेशान ही करता है, जिसके कारण आप कभी भी पॉजिटिव सोच की तरफ नहीं जा पाते है, आपकी सोच आपको केवल नकारत्मकता की तरफ ही खींचती है, जिसके कारण आपका मन अशान्त, भावना अस्थिर एवं शरीर अस्वस्थता का अनुभव करते हैं। और साथ ही इससे न तो आपका शारीरिक विकास हो पाता है, और न ही आप मानसिक रूप से स्थिर अनुभव करते है, तो इसके लिए जरुरी है, की आप अपने मन को शांत और दिमाग को कण्ट्रोल में करने की कोशिश करें।

डिप्रेशन से बचने के लिए कई लोग तंग आकार नींद की दवाइयों का सेवन करना शुरू कर देते है, साथ ही इससे निजात पाने के लिए बुरी आदतें जैसे शराब आदि की तरफ खींचे चलें जाते है, जो बाद में व्यक्ति की लत बन जाती है, और कभी भी व्यक्ति फिर इसके कारण उभर नहीं पाता है, बल्कि आपको इस समस्या से बचने के लिए कुछ प्राकृतिक और घरेलू इलाज़ का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे आपको इससे छुटकारा मिल सकें, और साथ ही आपको इस समस्ये से बचने में मदद मिल सकें, तो आइये जानते है की डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए कौन कौन से घरेलू नुस्खे है।

डिप्रेशन से बचने के लिए घरेलू नुस्खे:-

संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करें:-

तनाव से दूर रहने के लिए आपको संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए, इसके साथ आपको बाहर के जंक फ़ूड आदि का सेवन कम से कम करना चाहिए, आपको आहार के रूप में प्रोटीन जैसे कि-कम वसा वाला पनीर, मछली, पोल्ट्री उत्पाद, सोया उत्पाद, दही, फलियाँ, मटर, साबुत अनाज, ग्रीन टी, ताजे फल और सब्जिया आदि का सेवन करना चाहिए, इससे आपके स्वास्थ्य को भी फायदा होता है, और साथ ही आपको तनाव से राहत पाने में भी मदद मिलती है। और ज्यादा तेल मसाले का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए।

रोजाना व्यायाम करें:-

exercise

व्यायाम करने के लिए आप सुबह समय से उठे, प्रकृति के नज़रो का अनुभव लें, और साथ ही व्यायाम करते समय संगीत सुने, इससे आपके दिमाग को फ्रेश रहने, आपकी बॉडी को आराम, और आपके स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा, आप किसी जिम में जा सकती है, घर के आस पास पार्क है वहाँ पर जा सकती है, और साथ ही आप इसके लिए साइकिलिंग आदि भी कर सकती है, ऐसा करने से आपके दिमाग को शांत करने में बहुत मदद मिलती है, और आपको तनाव से भी राहत मिलती है।

संगीत सुने:-

तनाव से बचने के लिए आप दिन में थोड़ा समय संगीत भी सुन सकते है, परंतु ध्यान रहें की आप सैड गाने न सुने, बल्कि अच्छे और तेज वॉल्यूम के गाने सुने, ऐसा करने से आपका मन भी उत्साहित होगा, और साथ ही आपको तनाव से राहत पाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही संगीत सुनने से आपका दिमाग भी फ्रेश हो जायेगा, और आपको आपका काम करने में मन भी लगेगा, और आपकी सोच भी सकारात्मक रहेगी।

नींद को भरपूर मात्रा में लें:-

तनाव का कारण होता है या तो लोग जब बहुत अधिक सोते है, और या बिलकुल ही कम मात्रा में सोते है, यदि आप तनाव से बचना चाहते है तो अपने बेड पर जाने के लिए एक समय का चुनाव कर लीजिये और आप कम से कम एक दिन में आठ घंटे की नींद तो जरूर लें, इससे आप अच्छा महसूस करेंगे, आपके दिमाग को भी आराम महसूस होगा, और साथ ही इससे आपका लाइफ स्टाइल में भी बहुत बदलाव आएगा, और उसे बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।

परिवार व् मित्रो के साथ समय बिताएं:-

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तनाव को दूर करने का आसान व् सरल उपाय होता है की आप अपने परिवार और मित्रो के साथ समय बिताएं, ऐसा करने से आपको तनाव से राहत पाने में मदद मिलेगी, आप इसके कारण अपने मन को शांत कर सकते है, क्योंकि यदि आप तनाव में है, तो इसके कारण को अपने परिवार के साथ बातें आपको यक़ीनन अच्छा महसूस होगा, और साथ ही आपको अपने अच्छे और सकारात्मक मित्रो के साथ भी समय व्यतीत करना चाहिए, ऐसा करने से आपके मन को शांत करने व् आपको तनाव से दूर रहने में मदद मिलती है।

कैफीन का कम से कम सेवन करें:-

जो लोग कैफीन जैसे की चाय या कॉफ़ी का ज्यादा मात्रा मे सेवन करते है, उन्हें भी तनाव से इसका सेवन करने से मुक्ति नहीं मिलती है, बस आपको कैफीन की मात्रा ज्यादा में लेने के कारण कई बार आराम महसूस होता है, परंतु यदि आपको ये आदत है, तो जल्द से जल्द आपको इस आदत का त्याग कर देना चाहिए, और हो सकें तो इसे पीना ही नहीं चाहिए।

बुरी आदतों के शिकार न बने:-

कई लोग तनाव से बचने के लिए बुरी आदतों की चपेट में आ जाते है, जैसे की नशीले पदार्थो का सेवन करना, धूम्रपान करना, नींद की या कोई और दवाई का ज्यादा मात्रा में सेवन करना, परंतु क्या आप जानते है, एक समय पर आपको लगता है, की ये सब आपको फायदा पहुंचा रही है, परंतु वास्तव में ये आपके शरीर को अंदर से खोखला करने का काम करती है, यदि आप इस समस्या से बचना चाहते है, तो आपको इन सबसे दूर रहना चाहिए, और तनाव को दूर करने के लिए अपने मन को शांत रखना चाहिए।

योगासन व् मैडिटेशन करें:-

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तनाव को दूर करने का एक आसान तरीका मैडिटेशन व् योगासन भी है, इसे करते समय आप जितना हो सकें लंबी सांस ले, और ऐसा कम से कम दस से पंद्रह मिनट तक करें, इससे आपको मानसिक रूप से आराम मिलने में मदद मिलेगी, और साथ ही आपके दिमाग पर यदि कोई दबाव होगा तो उससे भी आपको निजात मिलेगा, इसके लिए आप यदि सुबह का समय चुनते है तो ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि उस समय आपको प्रकृति का नज़ारा देखकर भी अच्छा व् आराम और सुखद महसूस होगा।

डांस करें:-

कई बार तनाव का कारण आपका वजन भी हो सकता है, और साथ ही जब भी आपका मन और दिमाग बहुत परेशान होता है, इस समय में आपको डांस करके अपने मन को बहलाना चाहिए, इससे व्यायाम भी हो जाता है, आपका मन भी हल्का हो जाता है, साथ ही यदि आप वजन की समस्या को लेकर परेशान है तो उस समस्या से भी आपको आपको आसानी से निजात मिल जाता है, आप अकेले में इसे करें, ताकि वह सिर्फ आप ही ऑडियंस हो और आप ही परफॉर्म करने वाले, आपके तनाव को दूर करने में ये तरीका आपके जरूर काम आएगा।

अपने लिए समय निकालें:-

यदि आप डिप्रेशन से बचना चाहते है तो इसके लिए आपको अपने लिए भी थोड़ा समय निकालना चाहिए, जिसमे आप अपनी पसंद के अनुसार काम कर सकें और साथ ही आपको इस समय में थोड़ी देर अकेले में अपने आप से भी बातें करनी चाहिए, इससे आपका मन हल्का होता है, और साथ ही इस समय में आपकोकुछ क्रिएटिव करना चाहिए, एक डायरी बना कर अपने बारें में उसमे लिखना चाहिए, अपने अंदर आपको किन बदलाव को लाना है और क्या वो सही है इस बारे में सोचना चाहिए, ऐसा करने से भी आपको तनाव से राहत पाने में मदद मिलती है।

डिप्रेशन से बचने के अन्य उपाय:-

  • मानसिक दबाव से बचने के लिए बीती और बुरी बातों का ध्यान बार बार न करें।
  • अच्छी किताबो को अपना दोस्त बनाएं।
  • यदि आप लोगो से कम बात करते है, तो ब्लोग्स लिख कर अपने मन को हल्का करें।
  • अपने अच्छे और सकारात्मक दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें।
  • अपने परिवार के साथ समय बिताएं।
  • अकेले में अपने आप से कुछ देर बातें करें।
  • अपने आहार में संतुलित व् पोष्टिक चीजो को शामिल करें।
  • अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं।
  • थोड़ा समय खुली व् ताज़ी हवा में बिताएं।
  • समय निकाल कर घूमने के लिए आवश्य जाएँ।
  • बुरी आदतों की लत को कभी भी अपने जीवन में शामिल न करें।
  • डांस करें, माध्मय संगीत सुने, ऐसा करने से भी आपको तनाव से निजात पाने में मदद मिलेगी।

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गर्मियों में पैरों की बदबू से बचने के उपाय

गर्मियों में पैरों से बदबू का आना एक आम समस्या होती है, क्योंकि गर्मियों में नमी के कारण पैरों में बहुत पसीना आता है, जिसके कारण पैरों में जीवाणु पैदा होते है, और बदबू आती है, क्या आप भी इस समस्या से परेशान है, क्या आपके भी पैरों में से बदबू आती है, तो अब आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि इस समस्या से राहत के लिए हम आपको कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे है।

odour smell

पैरों से बदबू का कारण आपका हार्मोन संबंधित परेशानियां, ज्यादा तनाव और दवाएं भी हो सकती है, इसके अलावा पैरों में बदबू का कारण लंबे समय तक जूतों के पहना रहना भी हो सकता है, क्योंकि जब आप लंबे समय तक जूतों को पहन कर रखते है, तो इसके कारण आपके पैरों में नमी का वातावरण बन जाता है, जिसके कारण आपके पैरों से बदबू आने लगता है, क्योंकि आपके पैरों में जीवाणु पैदा होने लगते है,

कुछ लोग जो गीले जुराबें या जूते पहनते है या दो दिन तक एक ही जुराब पहनें रखते है, और अपने पैरों की साफ़ सफाई का भी ध्यान नहीं रखते है, उनके साथ ये समस्या ज्यादा होती है, परंतु ये कोई ऐसी समस्या भी नहीं है की जिसका कोई समाधान न हो, बल्कि आप कुछ आसान तरीको का इस्तेमाल करके आसानी से इस समस्या से निजात पा सकते है, तो आइये विस्तार से जानते है पैरों से बदबू को हटाने के लिए कुछ तरीके।

सिरके का उपयोग करें:-

सिरके को एक बेहतरीन एस्ट्रीजेंट माना जाता है, जो की आपकी इस समस्या का समाधान कर सकता है, इसके लिए आप एक टब में पानी लें, और उसके बाद उसमे थोड़ा सा सिरका मिलाएं ऐसा करने के बाद अपने पैरों को कम से कम बीस मिनट तक उस पानी में भिगाकर रखें, उसके बाद पैरों को निकालकर अच्छे से सुखाएं, इस प्रक्रिया को नियमित रूप से करने पर आपको पैरों की बदबू से छुटकारा मिल जाएगा।

लैवेंडर ऑयल का इस्तेमाल करें:-

lavender oil'

इसके इस्तेमाल के लिए आप एक टब में गुनगुना पानी डालें, और उसके बाद उसमे कुछ बूंदें, लैवेंडर ऑयल की मिलाएं, इसके बाद पैरों में थोड़े समय तक उसमे भिगो कर रखें, और उसके बाद निकाल लें, और अच्छे से साफ़ करें, ऐसा हर दूसरे दिन करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

टी बैग्स या चाय पत्ती का इस्तेमाल करें:-

पैरों से आने वाली बदबू की समस्या से राहत पाने के लिए आप चाय पट्टी या टी बैग्स का भी इस्तेमाल कर सकती है, इसके लिए आप एक टब में गुनगुना पानी डालें, और उसके बाद उसमे चाय की पत्ती या फिर टी बैग डालें, उसके बाद उसमे पैरों को थोड़े समय तक भिगो कर रखें, ऐसा करने के बाद अपने पैरों को पानी में से निकाल कर अच्छे से साफ़ करें, ऐसा करने से भी आपको पैरों में आने वाली बदबू की समस्या से राहत मिलती है।

चावल का पानी का इस्तेमाल करें:-

इसके इस्तेमाल के लिए चावल को पानी में भिगा कर रख दें, और उसके बाद उस पानी को छान लें, और उस पानी में अपने पैरों को डुबो कर रखें, और उसके बाद अपने पैरों को पानी से बाहर निकाल कर साफ़ करें, थोड़े ही दिनों के इस्तेमाल से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

पाउडर का इस्तेमाल करें:-

telcum powder

जिस तरह से आप अपने शरीर की बदबू को मिटाने के लिए डिओडरंट का इस्तेमाल करते है, उसी तरह यदि आप चाहते है की आपके पैरों से बदबू न आएं तो इस समस्या से बचने के लिए आप पैरों पर पाउडर का इस्तेमाल करें, इसके कारण आपके पैरों को लंबे समय तक बदबू से राहत मिलेगी, और आपके पैर महकेंगे, इसके साथ पैरों को पसीने की समस्या से राहत पाने में भी आपको मदद मिलेगी।

अच्छे और जीवाणुरोधी साबुन का इस्तेमाल करें:-

पैरों में से यदि बदबू आने की समस्या है तो आपको अपने पैरों के लिए जीवाणुरोधी साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए, यह भी पैरों से आने वाली बदबू की समस्या से राहत पाने के आसान तरीका है, इसके लिए आप सुबह येषां दो समय गरम पानी और जीवाणुरोधी साबुन से अच्छे से अपने पैरों को साफ़ करें, इसके कारण आपके पैरों में बदबू पैदा करने वाले जीवाणु पैदा नहीं होंगे।

नमक के पानी से धोएं:-

रोजाना नहाने के बाद अपने पैरों को गुनगुने पानी में नमक दाल कर भिगो कर रखें, और उसके बाद अपने पैरों को किसी नरम तोलिये से साफ़ करने और सुखाने के बाद जुराबें पहने, ऐसा करने से आपके पैरों में शुष्कता बनी रहती है, और जिसके कारण आपके पैरों में से बदबू नहीं आती है, क्योंकि आपके पैरों में पसीना नहीं आता है।

फुट स्क्रब का इस्तेमाल करें:-

फुट स्क्रब का इस्तेमाल करने से भी आप पैरों में आने वाली बदबू की समस्या से राहत पा सकते है, इसके लिए आप अदरक, मूली व् निम्बू के रस को मिलाकर एक स्क्रब बनाएं, और इससे अच्छे से अपने पैरों को साफ़ करें, ऐसा यदि आप हफ्ते में दो बार भी करते है, तो इसके कारण भी आपको पैरों में आने वाली बदबू की समस्या से राहत मिलती है।

पैरों में आने वाली बदबू को दूर करने के अन्य उपाय:-

  • अपने जूतों और जुराबों की साफ़ सफाई का विशेष ख्याल रखें।
  • मैली जुराबें कभी भी न पहनें।
  • अपने आहार में जिंक को शामिल करें, जैसे की पालक, बीन्स, मशरूम आदि, ऐसा करने से भी आपको पसीना कम आता है।
  • यदि आपको पसीने के कारण पैरों में से बदबू आती है, तो ज्यादा तीखी गंध वाली सब्जियां जीसीए अदरक लहसुन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • गीले जुटे या जुराबें पहनने से भी आपके पैरों में से बदबू आती है।
  • कॉटन की सॉक्स या टॉवल सॉक्स को पहनें, नायलोन की जुराब न पहनें।
  • अपने पैरों के ऊपर निम्बू के रस से मसाज करें, इससे भी पैरों में बदबू से राहत मिल जाती है।
  • पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें।

तो ये कुछ टिप्स है जो आपको पैरों में से आने वाली दुर्गन्ध की समस्या से राहत पाने में मदद करता है, यदि आपको भी ये समस्या है तो आप भी इन तरीको में से किसी भी तरीके का इस्तेमाल करके आसानी से इस समस्या से राहत पा सकते है, आप एक दिन छोड़कर भी ये उपाय कर सकते है, इसके साथ आपको अपने पैरों की साफ़ सफाई का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।