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आ गया एंड्राइड का लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम Android O, ऐसे करे इनस्टॉल

Android O Launched | Android O release date

Google कुछ दिनों के अंतराल हमेशा अपने Android वर्जन में अपग्रेड करता आया है जैसे जैसे नया Android वर्जन आता है उसमें बहुत सारे नए फीचर्स ऐड हुए होते हैं, अभी ज्यादातर स्मार्टफोन गूगल का एंड्रॉयड वर्जन लॉलीपॉप पर चल रहा है लेकिन उसके अलावा कुछ स्मार्टफोनों में गूगल का एंड्रॉयड वर्जन नूगा 7.0 आ चुका है कुछ लोग यह समझ रहे होंगे कि नूगा 7.0  गूगल का सबसे लेटेस्ट एंड्रॉयड वर्जन है, तो हम आपको यह बता दें कि गूगल अपना सबसे लेटेस्ट एंड्रॉयड वर्जन Android O है, जिसका बीटा वर्जन लॉन्च हो चुका है,  कंपनी ने डेवलपर प्रीव्यू के बाद एंड्रॉयड O का बीटा वर्जन लॉन्च किया है, एंड्राइड O में होने वाले बदलाव और नए फीचर्स के बारे में डेवलपर प्रीव्यू रिलीज के समय मे दिया था, अब एंड्राइड का ये नया वर्जन दुनिया भर में उपलब्ध हो गया है, एंड्राइड O एंड्राइड नूगा का ही अपग्रेटेड वर्जन है, आज हम इसके के बारे में बात करेंगे कि आप अपने स्मार्टफोन में Android O का बीटा वर्जन कैसे अपडेट कर सकते हैं.

Android O launched

सबसे पहले हम आपको ये बताएंगे कि इस नए एंड्राइड O में क्या क्या नए फीचर्स एड किया गया है, नीचे दिए गए लिस्ट में हम आपको एक एक करके सारे फीचर्स के बारे में बताएंगे।

  1. नोटिफिकेशन डॉट्स
  2. स्मार्ट टेक्सट सेलेक्शन
  3. ऑटोफिल
  4. सेटिंग्स मैन्यू
  5. वाइटल्स
  6. नोटिफिकेशन्स हैंडलिंग
  7. पिक्चर इन पिक्चर
  8. क्विक सेटिंग्स
  9. एप बैजेज
  10. स्टेट्स बार
  11. सिस्टम यूआई ट्यूनर
  12. डू नॉट डिस्टर्ब
  13. नेविगेशन बार
  14. लॉक स्क्रीन
  15. ऑटोफिल एपीआई
  16. पिक्चर इन पिक्चर सपोर्ट
  17. ऑडियो
  18. फिजिकल कीबोर्ड सपोर्ट
  19. बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट्स
  20. अडेप्टिव आइकन्स

अगर आप अपने स्मार्टफोन में एंड्राइड O का बीटा वर्जन इनस्टॉल करना चाहते है तो चलिए अब हम आपको बताते है कि आप अपने स्मार्टफोन में एंड्राइड का ये लेटेस्ट वर्जन कैसे इंस्टाल कर सकते है

  1. एंड्राइड का ये लेटेस्ट वर्जन इंस्टाल करने से पहले आपको अपने पूरे फ़ोन का बैकअप ले ले, ताकि आपका फोन से कोई भी डेटा डिलीट न हो जाये, बैकअप आप अपने लैपटॉप, डेस्कटॉप या अपने गूगल ड्राइव पर भी ले सकते है
  2. कभी भी एंड्राइड का बीटा वर्जन डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आपको Google.com/Android/Beta पर लॉगिन करना पड़ता है, इसलिए आप अपने गूगल अकाउंट से इसपे लॉगिन करे।
  3. लॉगिन करने के बाद  यहां पर आपको  अपने स्मार्टफोन को एनरोल करना होगा। एनरोल डिवाइस पर क्लिक करने के तुरंत आपको स्मार्टफोन पर एक मैसेज मिलेगा, इसके बाद अपने स्मार्टफोन में आपको एक नोटिफिकेशन आएगा। उस नोटिफिकेशन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने Android O को अपने फोन में अपडेट करने का विकल्प मिलेगा। अगर किसी कारणवश से अगर आपको नोटिफिकेशन नहीं मिलता है , तो अपने फोन की सेटिंग्स में About Phone में जाकर भी आप इसे अपडेट कर सकते हैं।
  4. सबसे जरूरी बात गूगल Android O का अपडेट सबसे पहले अपने स्मार्टफोन गूगल नेक्सस, नेक्सस प्लयेर, नेक्सस 5 एक्स, नेक्सस 6पी, पिक्सल सी और पिक्सल पर दिया है, इसी लिए अगर आपके पास गूगल का इनमे से कोई भी स्मार्टफोन है तो आप लेटेस्ट एंड्राइड वर्जन एंड्राइड O बीटा इनस्टॉल कर सकते है।

आपकी आंखे बहुत कुछ कहती है!

आपकी आंखे भी बहुत कुछ कहती है :- व्यक्ति के शरीर का एक-एक अंग उसके जीवन और व्यक्तित्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. चाहे वो आपके हाथ हो या आपकी चाल. लेकिन इनके अलावा भी एक अंग ऐसा है जिसकी मदद से आपके व्यक्तिव की तो जानकारी मिलती ही है साथ ही आपके स्वाभाव का परिचय भी मिलता है. जी हां, हम बात कर रहे है आपकी आँखों की. जो आपके बारे में बहुत कुछ कह जाती है.

ऐसा भी कहा जाता है की इंसान की आंखे और उसका रंग देखकर भी उस व्यक्ति के जीवन से जुड़ी बहुत-सी बातों का पता लगाया जा सकता है. ये भी कहते है की आंखे हमारा आईना होती है. इसी प्रकार आँखों का रंग भी आपके व्यक्तिव के बारे में बहुत कुछ बयां करती है.

ये भी सत्य है की दो लोगो की आँखों का कलर भी एक जैसा नहीं हो सकता. किसी भी व्यक्ति की आँखों में झांककर भी आप सामने वाले व्यक्ति के इमोशन्स और मूड को जान सकते है. इसी प्रकार आपके मन में किस समय क्या चल रहा है इस बात का पता भी आपके आँखों से लगाया जा सकता है.

लेकिन सभी को इस बात की पूर्ण जानकारी नहीं होती इसीलिए आज हम आपको आँखों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारिया देने जा रहे है. जिसके द्वारा आप भी अपने सामने वाले के मन के भाव को पता लगा सकते है. तो आईये जानते है क्या कहती है आपकी आँखे?

क्या कहती है आपकी आंखे ?brown-eyes

भूरी आँखों का व्यक्तित्व :-

कहते है जिन लोगों की आँखे भूरी यानि ब्राउन रंग की होती है, वे लोग बेहद चालक और शातिर होते है. इस तरह की आँखों वाले लोग यकीन और विश्वास करने योग्य नहीं होते. साथ ही ऐसे लोगों को हर बात में झूठ बोलना अच्छा लगता है.
इसके अलावा ये लोग बेहद स्मार्ट और आकर्षक भी होते है. इन लोगों की प्रवृति आत्मविश्वासी और रचनात्मक होती है. पर इनकी एक कमी होती है की इस तरह के लोग किसी भी व्यक्ति को आसानी से अपनी बात नहीं कहते है.

लाल आँखों वाले व्यक्तिओं का व्यक्तित्व :-

कहा जाता है जिन लोगों की आंखे लाल होती है, अर्थात जिन लोगों की आँखों में लालिमा रहती है वे तेज़ गुस्से वाले होते है. इस तरह के लोगों को बात-बात पर बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है. ये लोग क्रोधी, तेज-तरार्र और शूरवीर होते है. साथ ही इस तरह के लोग भविष्य में किसी उच्च या नायक के पद को हासिल करने की क्षमता रखते है.

क्या कहती है काली आंखे :-

इस तरह की आँखों वाले व्यक्ति बहुत कम होते है. लेकिन जिन लोगों की आंखे काली होती है उन पर आसानी से यकीन किया जा सकता है. मतलब यदि आप इस तरह की आँखों वाले इंसान से कोई बात शेयर करते है तो वे आपके राज को राज ही रखेंगे. लेकिन ये भी है की ऐसे लोग बहुत रहस्यमयी होते है. इन लोगों को किसी भी बात का पूर्वाभास हो जाता है. काली आँखों वाले लोग बहुत जिम्मेदार और भरोसेमंद होते है.eye

नीली आँखों वाले लोगों में होती है ये खासियत :-

इस तरह के आँखों वाले लोगों की बहुत कम संख्या देखने को मिलती है. लेकिन ऐसी आँखों वाले लोग attractive और तेज़ दिमाग वाले होते है. इसके अलावा ये लोग बहुत खुशमिज़ाज और बिंदास होते है. इसके साथ ही ये लोग बेहद शांत स्वभाव के होते है. ये लोग अपने रिश्तो में बहुत अधिक विश्वास रखते है. ये अक्सर अपने आसपास के माहौल को हल्का बनाये रखने की कोशिश करते है और सभी को खुश रखने वाले होते है. इनका स्वभाव भी दयालु किस्म का होता है.

क्या कहती है ग्रे आंखे :-

ग्रे आँखों वाले व्यक्ति दिल के बहुत साफ़ होते है. साथ ही ये लोग रोमांस में भी बेहद दिलचस्पी रखते है. ये लोग बेहद प्रभावशाली, सशक्त और विनम्र किस्म के होते है और इस तरह के लोगों को गुस्सा बहुत कम आता है. लेकिन ये बहुत ही जुनूनी होते है जिस बात को ठान लेते है उसे करके ही दम लेते है. अपनी विश्लेषणात्मक सोच और तार्किक क्षमता से ये लोग हमेशा अपने जीवन में सफलता पाते है.
इस तरह की आँखों वाले लोगों का स्वभाव भी थोड़ा शांत किस्म का होता है. ये अक्सर अपने आप में ही खोये रहते है लेकिन बहुत वफादार और सिंपल विचारधारा वाले होते है. ये लोग अंदर से भी बेहद स्ट्रांग होते है और खुद को किसी भी परिस्थिति में आसानी से संभाल लेते है. इनमे कुशल नेतृत्व करने का गुण भी होता है.

धुंधली आंखे वाले व्यक्ति कैसे होते है :-

इस तरह की आँखों वाले व्यक्ति जीवन में मौज मस्ती और रोमांच को अधिक पसन्द करते है. ये लोग खुद को किसी भी समय में आसानी से ढाल लेते है. लेकिन ये लोग एक जैसी जिंदगी जीने में विश्वास नहीं रखते और एक ही तरह की जिंदगी से बहुत जल्दी ऊब जाते है. परंतु ये भी सत्य है की ऐसी आँखों वाले लोग बहुत बहादुर होते है और किसी से नहीं डरते.green-eyes

हरी आंखे वाले व्यक्तिओं का व्यक्तिव कैसा होता है :-

कहते है जिन लोगों की आंखे हरे रंग की होती है वे बहुत बुद्धिमान और उत्साहित प्रकृति वाले होते है. ये लोग अपने हर काम को पुरे जोश और उत्साह के साथ करने में यकीन रखते है. लेकिन इनकी प्रवृति थोड़ी ईर्ष्यालु होती है. मतलब कुछ बातों को लेकर इनमें जलन और ईर्ष्या का भाव आ जाता है. लेकिन रिश्तो के मामले में ये थोड़े भावुक हो जाते है. दोस्तों के मामले में बहुत मजाकिया होते है और हंसा-हंसाकर आपका पेट दुखा देंगे. ये लोग जिंदगी को जिन्दादिली से जिन पसन्द करते है.

आँखों के रंग के अनुसार व्यक्ति का स्वभाव, आपकी आंखे भी बहुत कुछ कहती है, आँखों से पता चलता है व्यक्ति का स्वभाव और उसके मन की भावना, आँखों की भाषा

प्रेगनेंसी में मन मचल रहा हैं. करे ये उपाय

प्रेगनेंसी बदलाव :  प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) में मन मचल रहा हैं. करे ये उपाय:-

गर्भावस्था यानि प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए बहुत खास होती हैं. इसमें महिला के शरीर में बहुत से परिवर्तन आते हैं. जैसे वजन बढ़ना, चेहरे पर चमक आना, थकान महसूस करना, चक्कर का आना, उलटी आना, घबराहट होना, गंध का चढ़ना, ज्यादा देर खड़े न रह पाना, आदि. ये सब समस्या गर्भावस्था के दौरान होने वाले, महिला के शरीर में हॉर्मोन्स के बदलाव के कारण आता हैं. गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में लगातार बदलाव आते हैं. पुरे नौ महीने तक महिलाए अपने शरीर में आने वाले बदलाव का अनुभव लेती हैं.

प्रेगनेंसी का समय किसी भी महिला के लिए बहुत अहम होता हैं. इस दौरान कई महिलाये पुरे नौ महीने बिना किसी परेशानी के काट लेती हैं. वो महिलाये अपने आप को भाग्यशाली समझ सकती हैं. कई महिलाओ को तो ये समस्याए पुरे नौ महीने रहती हैं. उलटी जैसी समस्या कई महिलाओ में तीन महीने में ख़तम हो जाती हैं. और कई महिलाओ में पुरे नौ महीने रहती हैं. इसी के कारण महिलाये बोलती हैं उनका जी मचल रहा हैं. इस वजह से कई बार उनका खट्टा खाने का मन भी करता हैं.प्रेगनेंसी बदलाब

प्रेगनेंसी के पुरे समय में महिलाओ के अंदर हॉर्मोन्स के बदलाव आते रहते हैं. गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में आनंदित महसूस करने की बजाय मन के मचलने को महसूस करना काफी आम और सामान्य बात है. ये प्रॉब्लम सबसे ज्यादा सुबह के समय होती हैं. कई बार ये महिलाओ में इतनी बढ़ जाती हैं. की उन्हें दुसरो की मदद की जरूरत पड़ती हैं. आइये जानते हैं की जी के मचने से कैसे आराम पाया जाता हैं.

गर्भावस्था के दौरान मन के मचलने से बचने के तरीके:-

अपना आहार समय पर ले:-

गर्भावस्था के दौरान महिला को बहुत सी शरीर से सम्बंधित परेशानिया हो जाती हैं. जिसके कारण आपको बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता हैं. इस समस्या के समाधान के लिए आपको समय पर आहार लेना चाहिए. हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए. कोशिश करे की आप ज्यादा मोती हो जाएगी इस बारे में न सोचे केवल अपने खाने पर ध्यान दे. गर्भावस्था में नियमित रूप से आहार लेने पर शरीर स्वस्थ व् तंदरुस्त रहता हैं. और इसके कारण आपको थकान जैसी समस्या नहीं होती.

हर समय कुछ न कुछ खाते रहे:-

गर्भावस्था के दौरान आप एक नहीं दो होते हैं. आपके अंदर एक नन्हा सा मेहमान होता हैं. जिसे भी समय समय पर आहार की जरुरत होती हैं. क्योकि वो अपने आहार से जुडी सारी चीजे आपसे लेता हैं. इसलिए कोशिश करे की आप थोड़े थोड़े समय के अंतराल पर कुछ न कुछ कहते रहे अपने खाने में बिलकुल भी आनाकानी न करे. इससे आपको और आपके बच्चे दोनों को नुकसान होगा. और खा जाता है स्वस्थ माँ के गर्भ में स्वस्थ बच्चा निवास करता हैं.

पानी भरपूर मात्रा में पिए :-

गर्भावस्था के समय में शरीर में पानी की कमी के कारण बहुत नुक्सान हो सकता हैं. इस समय में पानी का शरीर में होना बहुत जरुरी हैं. वैसे भी आम दिनों में भी दिन में आठ से दस गिलास पानी पीने चाहिए. और गर्भावस्था में तो जितना हो सके उतना पानी पीना चाहिए. पानी पीने से शरीर के सारे कीटनाशक तत्व बाहर निकल जाते हैं. और ये हमारे शरीर को सामान्य बनाये रखने में हमारी मदद करता हैं.

व्ययाम करे गर्भावस्था में:-

गर्भावस्था के दौरान हमें कभी भी कहना खाते ही लेटना नहीं चाहिए. कहना खाने के बाद थोड़ी देर टहलना चाहिए इससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता हैं. और टहलने से खाना भी पच जाता हैं. और हमे सुबह भी समय से उठ जाना चाहिए. क्योकि प्रेगनेंसी में तजि हवा बहुत फायदा करती हैं. और सुबह उठ कर हल्का फुल्का व्ययाम भी करना चाहिए. पर यद् रहे के ऐसी कोई चीज न करे जिससे पेट पर दबाव पड़े. हल्का फुल्का योग कर सकती हैं. इससे आपको और आपके बच्चे दोनों को फायदा पहुचेगा.

ज्यादा गंध वाली चीजो का प्रयोग न करे;-

ज्यादा गंध वाली चीजो के कारण कई बार गर्भवती महिला को परेशानी हो सकती हैं. गर्भवती महिला को ज्यादा गंध के कारण उलटी व् चक्कर आने लगते हैं. कई बार उनका ब्लड प्रेशर भी कम या ज्यादा हो जाता हैं. इसके कारण इसका सीधा असर बच्चे पर पड़ता हैं. कई बार तो सब्जियों की गंध के कारण भी उल्टी आने की संभाना हो जाती हैं. इसी कारण ज्यादा गंध वाली चीजो का उपयोग नहीं करना चाहिए. क्योंकि ये नुक्सान देह हो सकता हैं.

ज्यादा समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए:-

यदि आपके साथ गर्भवस्था में कोई भी दिक्कत ज्यादा हो रही हो और आपसे सहन भी न हो रही हो तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए. और नियमित समय पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

गर्भावस्था में महिलाओ में बहुत से परिवर्तन आते हैं. जैसे  बार बार पेशाब का आना, थकान लगना, सर भारी हो जाना, पेट में हल्का दर्द रहना, आदि. कई महिलाओ को तो उलटी की भी समस्या हो जाती हैं. कई महिलाओ की उलटी की समस्या शुरू के दिनों में ही रहती हैं. परंतु कुछ ऐसी भी होती हैं जिन्हें ये समस्या पुरे नौ महीने रहती हैं.

इसके साथ में कई बार ज्यादा थकावट की वजह से स्पोटिंग यानि खून का धब्बा लगने की भी आशंका होती हैं. इन दिनों में हर महिला को अपना ध्यान रखना चाहिए. ताकि उन्हें किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े.

और यदि आपको ज्यादा समस्या होती हैं तो आपको डॉक्टर से भी पूछना चाहिए क्योकि कई बार ज्यादा बदलाव होना भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता हैं. ऐसे में आपको नियमित रूप से अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए. और अपने आपको स्वस्थ रखने की कोशिश करनी चाहिए. हमेशा खुश रहना चाहिए. शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से अपने आपको स्वस्थ रखना चाहिए. किसी भी चीज की टेंशन नहीं लेनी चाहिए इससे गर्भपात का ख़तरा बना रहता हैं.

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अंडरआर्म्स की रुखी त्वचा को मुलायम करने के तरीके

Home Remedies for Soft & Smooth Underarms

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स्किन चाहे फेस की हो या हाथ पैरों की हर स्थिति में उसे विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। क्योंकि स्किन को शरीर का सबसे नाजुक हिस्सा माना जाता है जिसकी देखभाल में की गयी जरा सी लापरवाही बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। इन्ही में से एक है अंडरआर्म की स्किन जो फेस की स्किन से भी अधिक संवेदनशील और मुलायम होती है।

लेकिन कई बार आपके द्वारा की गयी कुछ गलतियों की वजह से वह रूखी और दागदार हो जाती है। जिसका कारण आपके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले रेजर और वैक्सिंग स्ट्रिप होती है। अक्सर लड़कियां अपने अंडरआर्म्स के अनचाहे बाल निकालने के लिए गलत तरीको का इस्तेमाल कर बैठती है जो सीधे सीधे उनकी स्किन को नुकसान पहुंचाते है।shaving

इसके कारण स्किन में डार्क पैचेज और दाने आदि हो जाते है। ऐसे में करें तो क्या? अगर आपके अंडरआर्म्स की स्किन भी किसी कारणवश रूखी हो गयी है और उनमे दाने हो गए है तो आज हम आपको कुछ ऐसे आसान और घरेलू उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपने अंडरआर्म्स की रूखी स्किन को फिर से मुलायम और सामान्य बना सकती है।

अंडरआर्म्स की रूखी स्किन को मुलायम करने के उपाय :-

1. बादाम तेल :

बादाम का तेल स्किन के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके प्रयोग से आप अपने अंडरआर्म्स की स्किन को दोबारा से मुलायम और स्मूथ बना सकती है। इसके लिए बादाम तेल को कुछ घंटों के लिए अपने आर्मपिट पर लगा रहने दें। उसके बाद गर्म पानी से साफ़ कर लें। रोजाना इस्तेमाल करने से अंडरआर्म्स सॉफ्ट हो जाएंगे।

2. दूध की मलाई :

मलाई स्किन के लिए एक प्राकृतिक मॉइश्चराइज़र के रूप में कार्य करती है जो स्किन को मुलायम करने के साथ साथ उसकी रंगत निखारने में भी मदद करती है। इसके लिए दूध से थोड़ी ताज़ी मलाई लेकर अपने अंडर आर्म्स पर लगाएं और कुछ घंटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें। उसके बाद गीला कपडा लेकर उसे पोंछ लें। नियमित इस्तेमाल से वह सॉफ्ट हो जाएंगे।

3. नारियल तेल :

नारियल के तेल में बहुत से पोषक तत्व और विटामिन्स आदि पाए जाते है न केवल स्किन को nourish करते है बल्कि उसका रूखापन भी दूर करते है। इसके लिए नारियल तेल से अपने अंडर आर्म्स पोंछे। ऐसा आप रात को सोने से पूर्व करें। अगली सुबह नहाने के बाद उस जगह फिर से हल्का सा नारियल तेल लगाएं और उसे पोंछ लें। रोजाना इस्तेमाल करने से फर्क दिखने लगेगा।

4. दही :cream for dark underarms

दही में मौजूद पोषक तत्व और स्किन वाइटनिंग तत्व अंडरआर्म्स के रूखेपन को दूर करने के साथ साथ कालेपन को भी दूर करने में मदद करते है। इसके लिए आप तोजना अपने आर्मपिट पर दही लगाएं। कुछ घंटों तक रखने के बाद उसे गर्म पानी से साफ़ कर लें। अच्छे परिणामों के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करें।

5. शहद :

शहद में बहुत से एंटी बैक्टीरियल और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते है जो न केवल डेड स्किन को हटाने का काम करते है बल्कि त्वचा को नमी देकर उसे वापस मुलायम और सॉफ्ट बनाने में मदद करते है। इसके लिए शहद को कम से कम 20 मिनट के लिए अपने अंडरआर्म्स में लगा लें। इसके बाद हलके गुनगुने पानी से इन्हे साफ़ कर लें। सप्ताह में 2 बार के इस्तेमाल से आपकी समस्या दूर हो जाएगी।

6. पपीता :dark underarms

पपीते में बहुत से एन्ज़इम्स और पोषक तत्व पाए जाते है जो न केवल स्किन को पूरी तरह से रिपेयर करने का काम करते है बल्कि उन्हें पोषण देकर वापस से पहले की तरह बनाने में भी मदद करते है। यह स्किन के दाग धब्बों को हटाने में भी सहायता करते है। इसके लिए पपीते को मसलकर उसका कचूमर बना लें और इसे अपने अंडरआर्म्स पर लगाएं। 15 मिनट तक लगाएं रखें और उसके बाद पानी से साफ़ कर लें। सप्ताह में 2 बार के इस्तेमाल से फर्क दिखने लगेगा।

7. चंदन :

स्किन के रैशेस और दाग आदि को हटाने के लिए तो आपने चंदन का प्रयोग किया होगा लेकिन क्या आप जानती है की इसकी मदद से आप अपने अंडरआर्म्स को वापस से मुलायम बना सकती है। जी हां, इसके लिए चंदन पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर मिश्रण बना लें और इसे अपनी त्वचा पर लगाएं। 20 से 25 मिनट तक रखने के बाद गीले कपडे से साफ़ कर लें। हफ्ते में 4 बार इस्तेमाल करने से आर्मपिट मुलायम और सॉफ्ट हो जाएंगे।

8. बेकिंग सोडा :

डेड स्किन साफ़ करने और रंगत निखारने के लिए इसका प्रयोग बहुत बड़े स्तर पर किया जाता है। यह डेड स्किन हटाकर स्किन को मुलायम करता है साथ ही कालेपन को भी दूर करता है। इसके प्रयोग के लिए बेकिंग सोडा में पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं और उसे अपने आर्मपिट पर लगाएं। 10 मिनट रखने के बाद पानी से साफ़ कर लें। हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल करने से स्किन का pH नार्मल हो जाएगा। और वह पहले से बेहतर दिखने लगेगी।

तो ये थे कुछ उपाय जिनकी मदद से आप अपने अंडरआर्म्स के रूखेपन को बिना किसी परेशानी के आसानी से ठीक कर सकती है। लेकिन ध्यान रहे ये सभी प्राकृतिक और घरेलू उपाय है, बहुत से लोगों को इनसे एलर्जी होती है। अगर आपके साथ ऐसा है तो इनका प्रयोग न करें आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।

घर पर अबॉरशन करने के नुकसान

कई बार न चाहने पर भी महिला का गर्भ ठहर जाता है ऐसे में महिलाओं को यदि समय से पहले पता चल जाता है। तो महिलाएं घर पर ही घरेलू तरीके गर्भपात करने की कोशिश करती है। और महिला को ब्लीडिंग शुरू भी हो जाती है उसके बाद महिला बेफिक्र हो जाती है की उनका गर्भपात हो गया है। या फिर महिला का अपने आप ही मिसकैरिज हो जाता है। ऐसे में महिला तो यह सोचती है की मिसकैरिज हो गया अब कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन घर पर अबॉरशन करने के कारण महिला को बहुत सी परेशानियां होने का खतरा रहता है।

ब्लीडिंग

गर्भपात घर में करने के बाद महिला को ब्लीडिंग से जुडी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। जैसे की कई बार आपको बहुत ज्यादा तो कभी कम ब्लीडिंग भी हो सकती है जो की परेशानी का कारण होता है। क्योंकि गर्भपात होने पर यदि खुलकर ब्लीडिंग न हो तो यह भी आपके स्वास्थ्य के लिए परेशानी होती है।

गर्भाशय में संक्रमण

घर में गर्भपात करने पर आपको ब्लीडिंग तो शुरू हो जाती है लेकिन कई बार गर्भाशय में मौजूद बच्चे के अंश पूरी तरह से बाहर नहीं आते हैं। यानी की कुछ टिशू अंदर ही रह जाते हैं जिसके कारण घर में गर्भपात करने से बाद महिला को गर्भाशय में संक्रमण का खतरा रहता है।

पेट में दर्द

मिसकैरिज होने के बाद यदि महिला गर्भाशय में यदि टिशू रह जाते हैं तो इसके कारण महिला को पेट में दर्द की समस्या बढ़ जाती है। और अचानक कभी भी महिला को पेट में दर्द की परेशानी होने लगती है।

दोबारा प्रेगनेंसी में परेशानी

घर में मिसकैरिज होने पर यदि आप डॉक्टर से जांच नहीं करवाती है और गर्भाशय में गर्भपात के दौरान कुछ टिशू रह जाते हैं तो इसके कारण महिला को दोबारा प्रेग्नेंट होने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही यदि महिला का गर्भधारण हो जाता है तो मिसकैरिज का खतरा अधिक होता है।

तो यह हैं कुछ परेशानियां जो घर पर ही मिसकैरिज करने से महिला को हो सकती है। ऐसे में आपको यह दिक्कत न हो इसके लिए या तो डॉक्टर से गर्भपात की सलाह लेनी चाहिए नहीं तो घर पर गर्भपात करने के बाद एक बार डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

Problems after Abortion at home

गर्भ में बेटा होने के 10 लक्षण

गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की

माँ बनने की ख़ुशी किसी भी महिला के लिए सबसे अहम होती है, और गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की इस बात से कोई फर्क भी नहीं पड़ना चाहिए। लेकिन फिर भी कहीं न कहीं महिला के मन में यह जानने की उत्सुकता हो सकती है की गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की। और पुराने समय में तो बुर्जुग महिलएं गर्भवती महिला के बॉडी में होने बदलाव, प्रेगनेंसी के दौरान महिला के लक्षणों को देखकर ही बता देती थी की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। लेकिन ऐसा भी नहीं है यह अंदाजा पूरी तरह से सही हो लेकिन फिर भी कई बार सही भी साबित हो जाता है। और आज के समय में भी महिला की बॉडी में महसूस होने वाले कुछ लक्षणों को देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है की गर्भ में शिशु लड़का होता है या लड़की। जैसे की महिला के खाने को लेकर यदि महिला की खट्टा और तीखा खाने की इच्छा होती है तो गर्भ में पल रह शिशु लड़का और मीठा खाने की इच्छा अधिक होती है तो गर्भ में लड़की होने का संकेत होता है।

लड़का होने के 10 लक्षण

यदि आप भी माँ बनने वाली है और आपके मन में भी यह जानने की उत्सुकता है की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। तो आइये आज हम आपको गर्भ में लड़का होने के कुछ लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

पेट का आकार

गर्भवती महिला के पेट के आकार को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है जैसे की यदि प्रेग्नेंट महिला के पेट का निचला हिस्सा फूला हुआ और उभरा हुआ होता है। या पेट का आकार गोल होता है तो यह गर्भ में लड़के होने का संकेत हो सकता है।

उल्टियां

जो प्रेग्नेंट महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी की समस्या से अधिक परेशान होती है उन महिलाओं के गर्भ में भी लड़का होने के चांस होते हैं। और उल्टी की समस्या अधिक होने के साथ महिला की भूख में भी कमी आ सकती है।

हाथ और पैर

यदि प्रेगनेंसी के दौरान महिला के पैर ठन्डे रहते हैं साथ ही महिला के हाथ और पैर रूखे हुए भी रहते हैं तो यह भी गर्भ में लड़का होने का लक्षण होता है।

स्किन

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला की स्किन में बदलाव आना आम बात होती है। और यदि प्रेगनेंसी के दौरान जिन महिलाओं के चेहरे पर दाने, मुहांसे की समस्या अधिक हो जाती है उन महिलाओं को भी गर्भ में लड़का होने के चांस होते हैं।

यूरिन

प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर पानी पीना गर्भवती महिला को फिर रखने, प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने, गर्भ में शिशु के बेहतर विकास, यूरिन इन्फेक्शन जैसी समस्या से बचाव आदि के लिए बहुत जरुरी होता है। लेकिन यदि गर्भवती महिला को भरपूर पानी का सेवन करने के बाद भी यूरिन का रंग पीला नज़र आता है तो यह भी गर्भ में लड़का होने का ही एक लक्षण होता है।

मूड स्विंग्स

जिन गर्भवती महिलाओं का प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक मूड में बदलाव आता है यानी की महिला अधिक गुस्से में रहने के साथ अधिक चिड़चिड़ी रहती है। तो प्रेग्नेंट महिला के स्वभाव में आये इस बदलाव का मतलब भी गर्भ में नन्हे राजकुमार के होने की तरफ इशारा करता है।

महिला के सोने का तरीका

जो प्रेग्नेंट महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान बाईं और करवट लेकर सोना पसंद करती है उन महिलाओं के गर्भ में भी लड़का होने का चांस अधिक होता है।

बाल

यदि किसी गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में बालों के अधिक झड़ने की समस्या हो जाती है तो यह भी गर्भ में लड़का होने की तरफ इशारा करता है।

मॉर्निंग सिकनेस

सुबह उठते समय यदि महिला को उठने में परेशानी हो, सिर में दर्द, चक्कर महसूस हो, जी मिचलाना जैसी समस्या अधिक होती है। तो यह भी गर्भ में लड़का होने का ही लक्षण हो सकता है।

दिल की धड़कन

गर्भ में शिशु के दिल की धड़कन से भी इस बात का पता लगाया जा सकता है की गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की। यदि गर्भ में पल रहे शिशु के दिल धड़कन 140 बीट प्रति मिनट (बी एम पी) या उससे कम होती है तो यह भी गर्भ में लड़का होने का संकेत होता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण जो यदि गर्भवती महिला की बॉडी में दिखाई देते हैं तो इसका मतलब यह होता है की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है। लेकिन इन संकेतों को देखकर केवल अंदाज़ा लगाया जा सकता है यह पूरी तरह से सच हो ऐसा भी मानना सही नहीं होता है।

बाल जल्दी लम्बे करने के तरीके

बालों का घना, खूबसूरत, लम्बा व् शाइनी होना सुंदरता को और भी बढ़ा देता है, खासकर बहुत सी महिलाएं चाहती है की उनके बाल लम्बे और घने हो। लेकिन कुछ महिलाएं बालों के झड़ने, बालों के रूखेपन, बालों के कमजोर आदि होने की समस्या से परेशान रहती है। और इस समस्या से बचाव के लिए मार्किट में तरह के प्रोडक्ट मिल जाते हैं लेकिन मार्किट में शैम्पू से लेकर बालों के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोडक्ट्स में केमिकल की मात्रा इतनी ज्यादा होती है की वह बालों पर गलत असर डाल सकता है। ऐसे में बालों की समस्या कम होने की बजाय बढ़ सकती है, और कई बार तो बल अपनी प्राकृतिक चमक भी खो देते हैं। तो लीजिये आज हम आपको बालों से जुडी इस समस्या का समस्या का समाधान बताने जा रहे हैं, जिससे बालों को लम्बा करने के साथ बालों को मजबूत और खूबसूरत बनाने में भी आपको मदद मिलेगी।

मसाज

बालों को लम्बा करने का सबसे आसान तरीका होता है की आप बालों की मसाज करें, इस उपाय को करने के लिए आप बाल धोने से एक रात पहले तेल को हल्का गुनगुना करके उँगलियों की मदद से स्कैल्प की अच्छे से मसाज करें। मालिश करने से स्कैल्प में रक्त का प्रवाह बढ़ता है जिससे फॉलिकल्स को बढ़ने में मदद मिलती है, और धीरे धीरे बालों की लम्बाई बढ़ने लगती है।

एलोवेरा

एलोवेरा जैल में निम्बू का रस मिलाएं उसके बाद सिर धोने से एक घंटा पहले इसे अच्छे से अपने बालों में लगा लें, उसके बाद अपने सिर को अच्छे से धो दें। इस उपाय को हफ्ते में दो से तीन बार करें आपके बालों को लम्बा होने के साथ शाइनी होने में भी मदद मिलेगी।

प्याज़ का रस

प्याज़ के रस में मौजूद सल्फर उत्तकों में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे बालों की लम्बाई को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके इस्तेमाल के लिए प्याज़ को पीस कर उसका रस निकाल कर स्कैल्प पर अच्छे से लगाएं, और आधे घंटे बाद बालों को धो लें। एक हफ्ते में तीन बार इस उपाय को करने से इसका असर बहुत तेजी से बालों पर दिखाई देता है।

ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट बालों की लम्बाई को बढ़ाने में मदद करते है। इसके इस्तेमाल के लिए एक कप पानी को अच्छे से उबाल लें, और उसके बाद उसमे एक ग्रीन टी के बैग को डालकर रख दें। उसके बाद इस पानी को बालों की जड़ और पूरे बालों में हाथों की मदद से अच्छे से लगाएं। और लगभग आधे घंटे तक लगे रहने के बाद बालों को अच्छे से धो दें। इस उपाय को हफ्ते में दो से तीन बार जरूर करें।

हिना यानी मेहँदी

मेहँदी का इस्तेमाल दही के साथ करने से बालों को लम्बा करने से साथ चमकदार बनाने में भी मदद मिलती है। इस उपाय को महीने में दो बार करने से ही आपो इसका असर दिखाई देने लगता है इसके इस्तेमाल के लिए मेहँदी में हिना मिलाकर अपने बालों में लगाएं, और सूखने के बाद साफ़ पानी से बालों को धो लें। और अगले दिन बालों में शैम्पू का इस्तेमाल करें, यह उपाय आसान होने के साथ फायदेमंद भी है।

आंवला पाउडर

आंवला बालों के लिए वरदान माना जाता है क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट बालों की लम्बाई को बढ़ाने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप दो चम्मच आंवले पाउडर में निम्बू का रस मिलाकर एक महीन पेस्ट तैयार करें उसके बाद इस पाउडर को बालों की जड़ में लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद शैम्पू का इस्तेमाल करके अपना बालों को अच्छे से धो लें।

दही

दही में मौजूद एसिड फॉलिकल्स को खोलने में मदद मिलता है जिससे बालों की लम्बाई को बढ़ने में मदद मिलती है। इसके इस्तेमाल के लिए आप दही को अच्छे से स्कैल्प और पूरे बालों में लगा लें, उसके बाद शावर कैप से बालों को ढक दें। आधे घंटे तक दही को सिर में रखने के बाद पहले साफ पानी से और बाद में शैम्पू का इस्तेमाल करके बालों को धो दें।

नारियल का दूध

नारियल का दूध आपको बाजार से आसानी से मिल जाता है, और यह बालों की लम्बाई को बढ़ाने के लिए काफी फायदेमंद भी होता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप नारियल के दूध को बालों को जड़ में लगाकर रात भर के लिए छोड़ दें, और सुबह उठकर बालों को धो दें। इस उपाय को हफ्ते में दो से तीन बार करने पर आपको जरूर फायदा मिलता है।

शहद

जब भी आप बालों को धोने के लिए जाते हैं तो अपने बालों के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले शैम्पू में आप एक चम्मच शहद का मिला लें। उसके बाद अपनी उँगलियों से स्कैल्प को साफ़ करते हुए बालों को अच्छे से धो दें। ऐसा करने से स्कैल्प की साफ सफाई को अच्छे से होने में मदद मिलती है जिससे बालों की ग्रोथ बढ़ने लगती है।

हल्दी

एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच शहद और थोड़ा सा दूध लेकर एक पेस्ट तैयार करें, अब इस पेस्ट को बालों में लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। उसके बाद बालों को शैम्पू का इस्तेमाल करके धो दें, इस उपाय को हफ्ते में दो बार करने से ही धीरे धीरे फायदा मिलने लगता है।

करी पत्ता

बालों की लम्बाई को बढ़ाने के लिए करी पत्ता भी एक असरदार उपाय में से एक है, इस उपाय को करने के लिए आप आधी कटोरी नारियल का तेल लें। उसके बाद इसे गैस पर अच्छे से गर्म करें, और उसमे करी पत्ता मिक्स कर दें, और तब तक गैस को जलाएं रखे जब तक की करी पत्ते पूरी तरह से काले न हो जाएँ। जब करी पत्ते काले होने लग जाएँ तो इस तेल को छान लें। अब इस तेल को रात को सोने से पहले अच्छे से अपने सिर में लगाएं और मसाज करें उसके बाद बालों को धो दें। ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें।

बालों की लम्बाई बढ़ाने के अन्य तरीके

  • बेहतर खान पान भी बालों को पोषण देता है ऐसे में आपको अपने आहार में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व जैसे की प्रोटीन, विटामिन आदि को शामिल करना चाहिए जिससे बालों की लम्बाई को बढ़ाने में मदद मिल सके।
  • आलू को पीस कर उसका रस निकाल लें, अब इस रस को अपने बालों ले लगाएं और सूखने के बाद बालों को धो दें, बालों की लम्बाई बढ़ाने के लिए यह भी आसान के साथ एक असरदार उपाय है।
  • गुड़हल फूल की पत्तियों को तिल और नारियल के तेल के साथ पीसकर अपने बालों में लगाएं, और आधे घंटे तक रहने के बाद अपने बालों को धो लें।
  • कॉफ़ी का इस्तेमाल बालों के लिए करने से भी बालों की लम्बाई को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • यदि आप तनाव लेते है तो इसके कारण भी आपके बालों पर बुरा असर पड़ता है ऐसे में बालों की लम्बाई बढ़ाने के लिए आपको तनाव लेने से बचना चाहिए।
  • अदरक को पीसकर बालों की जड़ लगाएं और इसे आधे घंटे के लिए बालों में ही छोड़ दें, उसके बाद बालों को अच्छे से धो दें इस उपाय को करने से भी बालों को बढ़ाने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल करने से बालों को लम्बा करने में मदद मिलती है। इसके अलावा आपको यह उपाय एक बार नहीं करना है बल्कि नियमित कुछ दिनों तक इन तरीको का इस्तेमाल करें, ताकि आपके बालों की ख़ूबसूरती को हमेशा बरकरार रखने में मदद मिल सके।

पटाखे जलाते समय ये सावधानियां बरतें

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दिवाली हिन्दुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। जिसे केवल भारत में ही नहीं अपितु पुरे विश्व में बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। क्या बच्चे और क्या बूढ़े सभी के चेहरे पर इस पर्व की ख़ुशी साफ साफ़ दिखाई पड़ती है। जहां एक तरफ माताएं और परिवारजन पूजा पाठ में व्यस्त रहते है वहीं बच्चे इस पर्व का पूरा आंनद उठाते है।

पूरा आकाश आतिशबाजी और रौशनी की धमक से जगमगाता हुआ दिखाई देता है। बच्चे तो बच्चे बड़े भी इस आतिशबाजी में खाएं खो जाते है। लेकिन इसकी दूसरी स्थिति ये भी है की दिवाली के दिन होने वाली आतिशबाजी न केवल प्रदूषण बढ़ाती है बल्कि, आतिशबाजी के दौरान होने वाली जरा सी लापरवाहीं भी हमारे लिए बेहद घातक सिद्ध होती है।

विशेषकर छोटे बच्चो के लिए। दिवाली पर अक्सर छोटे बच्चे अकेले खुद पटाखे जलाने की ज़िद करने लगते है। ऐसे में पेरेंट्स का उनके अकेले पटाखें जलाने की छूट देना ठीक नहीं। और हम सभी इस दौरान होने वाली घटनाओं से भली भांति परिचित है। ऐसे में सावधानी बरतना ही एक मात्र सही उपाय है। आज हम आपको उन्ही ककुछ सावधानियों के बारे में बताने जा रहे है जिन्हे आपको पटाखे जलाते समय रखना होगा।

दिवाली में पटाखे जलाते समय ये सावधानियां बरतें :-

1. पटाखें खरीदने के लिए हमेशा सही और उचित दूकान का चयन करें अर्थात किसी मान्यताप्राप्त दूकान से ही पटाखें खरीदे और इस बात का विशेष ख्याल रखें की बच्चों को अकेले पटाखें खरीदने न जाने दें और आप उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही पटाखें दिलाएं।

2. कई बार बच्चे शैतानी करने के लिए पटाखें किसी बंद डिब्बे या मटके में डालकर जलाते है, ऐसे में कई बार मटके या डिब्बे के टूटने से बच्चों के ख्याल होने की संभावना भी होती है। इसीलिए बेहतर यही होगा की आप उन्हें अकेले पटाखें न जलाने दें।

3. ऊनी सिल्क या कृतिम कपड़ों में आग बहुत जल्दी पकड़ लेती है, इसीलिए पटाखे जलाते समय सूती कपडे ही पहने और अपने बच्चो को भी पहनाएं।

4. घर के जिस भी स्थान या जगह पर आप पटाखें जला रहे है वहां एक पानी की बाल्टी अवश्य रखें। ताकि अगर कोई दुर्घटना का अंदेशा हो तो तुरंत पानी का प्रयोग किया जा सके।

5. अपने पास हमेशा First Aid kit को तैयार रखें, साथ ही बर्फ की पर्याप्त मात्रा भी होनी चाहिए।

6. दिवाली में पटाखें जलने से सबसे अधिक प्रभाव हमारी आँखों और त्वचा पर ही होता है, ऐसे में आपको अपनी आँखों और त्वचा का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। आँखों के लिए आप गुलाबजल या बर्फ की सिकाई का प्रयोग कर सकते है।

त्वचा के जलने या झुलस जाने की स्थिति में क्या करें?

चिकित्सकों का कहना है की, पटाखे के कारण जल जाने की स्थिति में जले हुए हिस्से को तुरंत पानी से धोएं और उस पर बर्फ लगाएं। अगर जलन बहुत मामूली है तो जले हुए हिस्से पर नारियल या जैतून के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप चाहे तो उस पर शहद या एलोवेरा जेल का भी इस्तेमाल कर सकते है।

गंभीर परिस्थिति में ग्रस्त व्यक्ति को तुरंत कम्बल में लपेटे और अस्पताल ले जाएं। जले हुए व्यक्ति के कपडे उतरने की कोशिश कतई न करें। इससे जाली हुई त्वचा पर बुरा प्रभाव हो सकता है। झुलसी हुई त्वचा पर केले के पत्ते बांधना फायदेमंद होता है इसे ठंडक तो मिलती ही है साथ साथ आराम भी मिलता है।

पटाखों के दुष्प्रभाव से कैसे बचें?पटाखे जलाते समय

इस बात को तो हम सभी जानते है की पटाखों में कई तरह के रसायनों का प्रयोग किया जाता है जिसकी वजह से अगर हम जले नहीं तो भी उसका धुंआ हमारी स्किन और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। जिसके कारण त्वचा रूखी और बुझी बुझी से हो जाती है। इससे बचने के लिए आप दिन में कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी का सेवन करें। साथ ही चेहरे और त्वचा के अन्य हिस्सों पर मॉइस्चराइज़र का प्रयोग करें। और पटाखें जलाने के बाद किसी नेचुरल क्लीन्ज़र से अपनी स्किन साफ़ करें।

पटाखें जलाते समय बरती जाने वाली अन्य सावधानियां :-

  • पटाखे हमेशा खुले मैदान में ही जलाएं।
  • रॉकेट को हमेशा ऊपर की ओर ही छोड़ें।
  • पटाखे जलाते समय हमेशा सूती कपडे ही पहने।
  • पटाखे जलाने के दौरान पानी के साथ साथ बालू-मिटटी का भी इंतजाम रखें।
  • चिंगारिया छोड़ने वाले पटाखों के पास नहीं जाएं।
  • पटाखें में आग दूर से ही लगाएं।
  • छोटे बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें।
  • पटाखे जलाते समय जूते पहने।
  • पटाखे जलाते समय बच्चों पर नजर रखें।
  • ढीले वाले कपडे नहीं पहने।
  • पटाखे जलाने के दौरान अपनी साड़ी के पल्लू और दुप्पटे का खास ख्याल रखें।
  • पटाखे जेब में रखकर न घूमे।

डिलीवरी से पहले इन 10 बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है?

प्रेगनेंसी कन्फर्म होते ही हर कोई गर्भवती महिला को अपनी राय देना शुरू कर देता है की प्रेगनेंसी में ऐसा करना चाहिए ऐसा करने से माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रहते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे शिशु और महिला को नुकसान होगा। और यह सब कुछ प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तक चलता रहता है और इसमें कोई बुरी बात नहीं है क्योंकि प्रेगनेंसी के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत अच्छी बात है। लेकिन प्रेगनेंसी के समय के साथ गर्भवती महिला को डिलीवरी से पहले भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है। ताकि डिलीवरी के दौरान और बाद में महिला को परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके।

डिलीवरी से पहले रखे इन बातों का ध्यान

यदि आप माँ बनने वाली है तो बहुत बहुत शुभकामनाएं, प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए और क्या नहीं इसके लिए आपको जानकारी आसानी से मिल जाती है। लेकिन डिलीवरी से पहले किन किन बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है, इसके बारे में जानकारी होना भी जरुरी होता है। तो आइये आज हम आपसे कुछ ऐसे ही टिप्स शेयर करने जा रहे हैं जो डिलीवरी से पहले महिला को अच्छे से ध्यान रखने चाहिए।

प्रसव के लक्षणों की जानकारी

डिलीवरी का समय पास आने पर आपको प्रसव के बारे में सारी जानकारी इक्कठी कर लेनी चाहिए। जैसे की प्रसव के क्या लक्षण होते है, प्रसव के दौरान क्या क्या दिक्कतें आ सकती है, और उन दिक्कतों से बचाव के लिए क्या करना चाहिए, आदि। इससे प्रसव के दौरान आने वाली परेशानी से बचने के साथ प्रसव को आसान बनाने में मदद मिलती है।

नोर्मल डिलीवरी का प्रयास

कुछ महिलाएं ऐसी भी होती है जो नोर्मल डिलीवरी के चक्कर में नौवें महीने के लगते हैं पैरों के भार बैठकर काम, ज्यादा भागदौड़, घर के सभी काम, करने लग जाती है। लेकिन शायद आप यह नहीं जानती की नौवें महीने में एक्टिव रहना चाहिए लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की आप अपने स्वास्थ्य को खतरे में डाल दे। क्योंकि कई बार ऐसे काम करने से आपको नोर्मल डिलीवरी होने की बजाय डिलीवरी में आने वाली दिक्कतें बढ़ सकती है। ऐसे में यदि आप नोर्मल डिलीवरी चाहती है तो आपको अपने स्वास्थ्य का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए न की उल्टे सीधे काम करने शुरू कर देना चाहिए।

अकेले रहना

डिलीवरी का समय पास आने से पहले महिला को अकेले नहीं रहना चाहिए। क्योंकि अकेले रहने के कारण महिला को मानसिक रूप से ज्यादा परेशानी हो सकती है, या यदि कोई शारीरिक दिक्कत हो और महिला अकेली हो तो आपकी दिक्कत बढ़ने का खतरा हो सकता है। ऐसे में खुश रहने और आपको डिलीवरी से पहले होने वाली हर दिक्कत से बचे रहने के लिए परिवार के साथ रहना जरुरी होता है, यदि आप कहीं बाहर रहती है तो पूरे दिन के लिए किसी केयर टेकर को रख सकती है, बस इस दौरान आपको अकेले रहने से बचना चाहिए।

हॉस्पिटल बैग

नौवें महीने में डिलीवरी किस समय हो जाये इसके बारे में बताना मुश्किल हो सकता है ऐसे में यदि बॉडी में प्रसव का कोई लक्षण महसूस हो तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए। और डॉक्टर के पास जाते समय आपको किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसकी तैयारी आपको पहले से ही करके रखनी चाहिए। और इसके लिए सबसे पहले आपको एक लिस्ट बनानी चाहिए की डिलीवरी के समय आपको किन किन चीजों की जरुरत पड़ सकती है जैसे की आपकी प्रेगनेंसी की सभी रिपोर्ट्स, आपका आइडेंटिटी कार्ड, कुछ कैश, सेनेटरी पैड, एक छोटा और एक बड़ा कम्बल, सूती चुन्नी, दो से तीन मैक्सी, अंडरवियर, आदि। और उसके बाद हॉस्पिटल बैग को तैयार कर लेना चाहिए ताकि हॉस्पिटल जाने पर आपको किसी भी तरह की दिक्कत न हो और आपका सभी जरुरी सामान तैयार हो।

लक्षणों को नज़रअंदाज़

यदि डिलीवरी का समय पास आने पर गर्भवती महिला को बॉडी में कोई ऐसा लक्षण महसूस हो जो अलग होने के साथ महिला को परेशान कर रहा हो। तो ऐसे लक्षण को महिला को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि कई बार इनके कारण आपको समस्या होने का खतरा हो सकता है ऐसे में इन लक्षणों के बारे में जल्द से जल्द डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

सम्बन्ध

डिलीवरी का समय पास आने पर महिला और पुरुष को सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान सम्बन्ध बनाने से समय से पहले गर्भाशय में संकुचन होने के साथ महिला के पेट के बाहर आने के कारण महिला को दिक्कत महसूस होने का खतरा बढ़ सकता है।

खान पान

गर्भावस्था के दौरान खान पान का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है क्योंकि पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित आहार गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रखने और गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास के लिए बहुत जरुरी होता है। ऐसे में महिला को स्वस्थ रहने के लिए इस बात का ध्यान रखना जरुरी होता की महिला घर में बने ताजे व् साफ़ सफाई से बने आहार का सेवन ही करे। और बाहर के खाने का सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि ज्यादा तेल मसालें से बने आहार, जुक फ़ूड आदि का सेवन गर्भ में शिशु और महिला के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। और डिलीवरी से पहले शिशु का विकास गर्भ में तेजी से हो रहा होता है ऐसे में पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन ही महिला को करना चाहिए।

धैर्य रखें

पूरी प्रेगनेंसी के दौरान ही महिला को धैर्य से काम लेना चाहिए लेकिन डिलीवरी का समय पास आने पर महिला को ज्यादा धैर्य रखने की जरुरत होती है। क्योंकि वजन बढ़ने के कारण, प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियों के कारण हो सकता है की महिला ज्यादा परेशान हो जाये, और ऐसे में महिला को इस बात का ध्यान भी रखना है की किसी भी तरह की कोई लापरवाही न हो, महिला अपनी सेहत व् स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रखें, और इसके लिए सबसे जरुरी है की महिला धैर्य रखें और शांत रहे। ताकि महिला और शिशु दोनों को डिलीवरी से पहले किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

डिलीवरी डेट

प्रेगनेंसी के पहले अल्ट्रासॉउन्ड के बाद ही डॉक्टर द्वारा गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए एक अनुमानित तिथि बताई जाती है। ऐसा जरुरी नहीं है की उसी दिन डिलीवरी हो बल्कि उससे पहले या एक दो दिन बाद डिलीवरी हो सकती है। लेकिन यदि आपको दी गई डिलीवरी डेट निकल गई है तो इसके बारे में आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए क्योंकि डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद गर्भ में ज्यादा दिन तक शिशु का रहना शिशु और महिला दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

डॉक्टर के साथ संपर्क

डिलीवरी से पहले यानी प्रेगनेंसी के नौवें महीने में गर्भवती महिला को लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। साथ ही कोई भी असहज लक्षण के महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए और डिलीवरी का समय पास आने पर डॉक्टर से जांच करवाते रहना चाहिए। ताकि किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।

तो यह हैं कुछ बातें जिनका ध्यान डिलीवरी से पहले रखना चाहिए इन बातों का ध्यान रखने से गर्भवती महिला को डिलीवरी के समय तनाव मुक्त रहने में मदद मिलती है। और डिलीवरी के दौरान हॉस्पिटल जाते समय भी आपकी दिक़्कतों को कम करने में मदद मिलती है।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल त्वचा के लिए

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सुंदर, आकर्षक और बेहतरीन स्किन पाना हर महिला की चाह होती है, लेकिन वर्तमान के प्रदुषण भरे वातावरण और बिजी शिड्यूल के चलते कोई भी अपनी स्किन केयर नहीं कर पाता। जिसके कारण स्किन पहले से अधिक बेजान और खराब होने लगती है। जिसे ठीक करने के लिए वे तरह-तरह के कॉस्मेटिक और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती है। लेकिन ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स उनकी स्किन को बेहतर बनाने की बजाय और अधिक खराब कर देते है। ऐसे में करें तो क्या?

शायद आप नहीं जानती लेकिन इन महंगे ट्रीटमेंट्स के अलावा भी कुछ चीजें है जो न केवल आपकी स्किन को रिपेयर करती है अपितु उसे और अधिक साफ़ और बेहतर बनाते है। बेकिंग सोडा भी उन्ही में से एक है। हर रसोईघर में पाया जाने वाला बेकिंग सोडा स्किन संबंधी बहुत सी समस्यायों को दूर करने का काम करते है। मुहांसों से लेकर डार्क पैचेज तक सभी में इसका इस्तेमाल करना लाभकारी होता है। इसलिए आज हम आपको त्वचा के लिए बेकिंग सोडा के इस्तेमाल के बारे में बता रहे है। जिसकी मदद से आप भी अपनी स्किन संबंधित समस्यायों को दूर कर सकते है।

इन तरीकों से करें त्वचा के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल 

1. मुहांसों के लिए :-बेकिंग सोडा का इस्तेमाल त्वचा के लिए

मुहांसे आज के समय की आम समस्या बनता जा रहा है। जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग तरह तरह के उपायों का इस्तेमाल करने लगते है। जो कई बार कारगर नहीं हो पाते। लेकिन क्या आप जानते है की बेकिंग सोडा की मदद से भी मुहांसों की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मुहांसों न केवल ठीक करते है अपितु उनके गहरे दागों को भी दूर करता है। प्रयोग के लिए –

  • एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोडा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को मुहांसों पर लगायें।
  • 2 मिनट तक लगाकर रखें।
  • उसके बाद ठंडे पानी से साफ़ कर ले।
  • पहले इस उपाय का इस्तेमाल 2-3 दिन तक दिन में एक बार करें और उसके बाद हफ्ते में 1-2 बार उपाय का प्रयोग करें।
2. निखार लाने के लिए :-

धुप और धुल के कारण लोगों की स्किनटोन डार्क हो जाती है। जिसे हल्का करने के लिए सभी तरह-तरह के कॉस्मेटिक का इस्तेमाल करने लगते है। लेकिन क्या आप जानती है की आपकी किचन में मौजूद बेकिंग सोडा आपकी इस समस्या को हल करने की भी क्षमता रखता है। जी हां, इसमें मौजूद एक्सफोलिएटिंग गुण स्किन टोन को हल्का करके pH लेवल को बेहतर बनाने में मदद करते है। प्रयोग के लिए –

  • एक या 2 चम्मच बेकिंग सोडा को आवश्यकतानुसार फिल्टर्ड पानी या गुलाबजल के साथ मिला लें।
  • अब इस पेस्ट का इस्तेमाल अपने चेहरे पर करें।
  • एक से 2 मिनट तक रखें और फिर उँगलियों से स्क्रब करें।
  • इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा साफ़ कर लें और थपथपाते हुए तौलिया से फेस पोंछ लें।
  • बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने के बाद मोइश्चराइजर लगाना न भूलें।
  • सप्ताह में 2 से 3 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें।
3. डेड स्किन निकालें –बेकिंग सोडा का इस्तेमाल त्वचा के लिए

त्वचा में मौजूद डेड स्किन सेल्स स्किन की प्राकृतिक चमक छीन लेती है। इसलिए समय समय पर उन्हें साफ़ करना बेहद जरुरी होता है। और बेकिंग सोडा इस काम को भी अच्छी तरह करता है। इसमें मौजूद गुण न केवल स्किन से डेड स्किन सेल्स निकालने में मदद करते है अपितु उसे एक नयी चमक और खुबसूरती भी प्रदान करते है। प्रयोग के लिए –

  • रात के समय क्लींजर का इस्तेमाल करते समय उसमे एक चम्मच बेकिंग सोडा पाउडर मिला लें।
  • अब हलके हाथों से चेहरे की मसाज करें।
  • अगर आपकी स्किन ऑयली है तो बेकिंग सोडा में थोडा सा जई का आटा मिला लें।
  • अब पानी के साथ मिलाकर इससे अपने फेस पर स्क्रब करें।
  • फेस के साथ साथ गर्दन पर भी स्क्रब का इस्तेमाल करें।
  • थोड़े थोड़े दिनों के अंतराल में उपाय का इस्तेमाल करने से डेड स्किन साफ़ हो जाएगी और त्वचा प्रकृतिक रूप से चमकने लगेगी।
4. बेकिंग सोडा और शहद :-

गर्मियों के मौसम में चलने वाली लू स्किन के लिए बहुत हानिकारक होती है। यह स्किन से नमी छीनकर उसे रुखा और बेजान बना देती है। ऐसे में अगर अप बेकिंग सोडा के साथ शहद का इस्तेमाल करते है तो आपकी स्किन पहले से और अधिक बेहतर हो जाएगी।

  • इसके लिए बेकिंग सोडा में थोडा सा शहद मिलाएं।
  • अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगायें।
  • 15 मिनट तक रखें और पानी से साफ़ कर लें।
  • हफ्ते में एक बार इस उपाय का इस्तेमाल करें स्किन में निखार आने लगेगा।
5. नींबू के साथ बेकिंग सोडा :-

यह उपाय स्किन के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसकी मदद से मुहांसों से लेकर काले दाग धब्बों तक सभी तरह की समस्यायों को ठीक किया जा सकता है। जहां एक तरफ नींबू में मौजूद विटामिन सी स्किन को ग्लोइंग बनाता है वहीं दूसरी तरफ बेकिंग सोडा स्किन संबंधी हर समस्या को दूर करने का काम करता है। प्रयोग के लिए –

  • आधे कप बेकिंग सोडा में एक नींबू निचोड़ लें।
  • दोनों की अच्छी तरह मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं।
  • पेस्ट के सूखने तक उसे चेहरे पर लगायें रखें।
  • उसके बाद पानी से साफ़ कर लें।
  • आप चाहे तो इसमें जैतून का तेल या शहद भी मिला सकते है।

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