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पेट की चर्बी कैसे घटाएं?

आज के समय में मोटापा एक आम समस्या बनता जा रहा है जिसे देखो वही अपने बढ़ते वजन और बढती हुई चर्बी से परेशान दिखाई पड़ता है। परन्तु मोटापा भी दो तरीके का होता है – जिसमे पहले वो लोग होते है जो सिर से पांव तक मोटे होते है या यूँ कहें की पूरी तरह वजनदार होते है जबकि कुछ ऐसे होते है जिनका मोटापा केवल पेट पर ही नजर आता है। ऐसे लोगों की टाँगे, बाजू, मुंह और कमर को देखकर यह नहीं कहा जा सकता की वे मोटे है लेकिन उनके पेट की वजह से वे मोटे दिखने लगती है। और वर्तमान में अधिकतर लोग इसी टमी फैट से परेशान है।

परन्तु इस स्थिति में कुछ किया भी तो नहीं जा सकता क्योंकि, भोजन छोड़ना सही विकल्प नहीं है जबकि रोजाना के बिजी स्केड्यूल में व्यायाम और कसरत के समय निकाल पाना आसान नहीं। अगर आप भी अपने पेट की बढती हुई चर्बी से परेशान है तो आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बता रहे है जिनका नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर आपके पेट का मोटापा वाकई कम हो जाएगा। और इसके लिए आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।

पेट की चर्बी कम करने के उपाय :-

नींबू का रस :

पेट की चर्बी कम करने के लिए आपको अपने खान पान पर ध्यान देना होगा। जिसकी शुरुवात आपको प्रातःकाल से ही करनी होगी। इसके लिए सुबह खाली पेट एक ग्लास गर्म पानी में आधे नींबू का रस निकालकर पिएं। अगर आप इसे हल्का मीठा करना चाहते है तो उसके लिए शहद यूज करें। इसके सेवन से मेटाबोलिज्म बढ़ता है जो फैट को जल्दी-जल्दी कम करने में मदद करता है।

लहसुन का पानी :

नींबू के रस के साथ यदि लहसुन को भी मिला लिया जाए तो यह पेट की चर्बी कम करने में काफी फायदेमंद होता है। खाली पेट इन दोनों के मिश्रण का सेवन करने से शरीर की चर्बी अपने आप कम होने लगती है। इसके लिए आधा कप पानी में नींबू निचोड़ें और अब लहसुन की तीन कलियों को उस पानी के साथ पियें। रोजाना खाली पेट इसका सेवन करने से चर्बी कम हो जाएगी।

पुदीना और धनिया :

इन दोनों का स्वाद हर किसी को पसंद होता है और इनकी फ्रेशनेस किसी का भी मन मोह लेने के लिए पर्याप्त है। अगर आपको भी अपने पेट की चर्बी कम करनी है तो पुदीने के पत्ते और धनिया के पत्तों को मिलाकर चटनी बना लें। अब रोजाना इसकी चटनी का सेवन करे। आप चाहे तो दिन में एक से अधिक बार भी इसका सेवन कर सकते है।

उपवास रखें :

अगर आप कुछ ही दिनों में अपनी चर्बी घटाने के बारे में सोच रहे है तो तो उसके लिए हफ्ते में एक दिन उपवास रखना आपके लिए लाभकारी होगा। इस उपवास में आप पेय पदार्थ, फलों, नींबू पानी, दूध, जूस, सूप आदि का सेवन कर सकते है। वैसे आप चाहे तो सब्जियों का सलाद या फ्रूट सलाद भी खा सकते है। सलाद शरीर की पोषक तत्वों की जरुरतों को पूरा करने के साथ-साथ पेट को अधिक समय तक भरा रखता है जिससे आपको भूख कम लगती है और आपका वजन कम होने लगता है।

ग्रीन टी का सेवन :

अगर आप दूध वाली चाय के शौक़ीन है तो अब समय आ गया है की आपको चाय को बाय-बाय कहना होगा। क्योंकि उस चाय में दूध के साथ साथ चीनी और चाय पत्ती भी होती है जिसमे कोलेस्ट्रॉल होता है। और यह वजन बढाने का काम करता है। अगर आपको जल्द से जल्द वजन कम करना है तो उसके लिए ग्रीन टी पीने की आदत डालें। एंटी-ओक्सिडेंट गुणों से भरपूर ग्रीन टी वजन घटाने में बहुत लाभकारी होती है। जबकि दूध की चाय वजन बढाने का काम करती है।

टहलना भी है जरुरी :

खाने-पीने पर ध्यान देने के साथ-साथ आपको शरीर पर भी ध्यान देना होगा जिसके लिए आप सुबह-शाम टहलें। माना थोडा मुश्किल है लेकिन एक बार नियम बंध जाने पर आपको इसकी आदत हो जाएगी। सुबह और शाम को कुछ देर पैदल चलने से पेट की बढ़ी हुई चर्बी पर काफी असर पड़ता है। ऐसा करने से शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी कम होती है और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।

पेट की चर्बी कम करने के अन्य उपाय :-

  • पेट को कम करने के लिए रोजाना भोजन के साथ या किसी एक टाइम के आहार के बदले कच्चे पपीते का सेवन करें। आप चाहे तो पक्का पपीता भी खा सकते है। lassi
  • दही, छाछ व् लस्सी का सेवन करें लेकिन बिना चीनी के।
  • चीनी को अपने खाने से बिलकुल दूर कर दें। क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत अधिक होती है। जो वजन बढाने में मदद करती है।
  • कच्ची हरी मिर्च, प्याज और लहसुन का सेवन करें। आप इन्हें चटनी या किसी रूप में भी खा सकते है। यह वजन कम करने में काफी मददगार होंगे।
  • संभव हो तो रोजाना करेले का जूस पीने की आदत डालें।
  • आप चाहे तो लौकी, खीरे, चुकंदर, गाजर आदि का जूस भी पी सकते है।
  • दोपहर में भोजन करने की बजे कच्ची सब्जियां जैसे खीर, टमाटर, प्याज और हरी पत्ते वाली सब्जियों का सेवन करें। और उन्हें चबा चबा कर खाएं।
  • भारी भोजन करने की बजाय हल्का, सादा और कम मात्रा में भोजन खाएं। जहाँ आप दिन में २ बार भारी भोजन करते है वहां 4 से 5 बार हल्का हल्का भोजन खाएं।
  • डेटोक्सीफाय ड्रिंक का सेवन करें। इसके लिए गर्म पानी में नींबू, खीरा, अदरक के टुकड़े और पुदीने के पत्ते डाल दें। और अगली दिन
  • इस पानी का सेवन करें। यकीन मानिए ये आपके शरीर में मौजूद सभी टोक्सिन को बाहर निकालकर अन्दर से शरीर को पूरी तरह साफ़ कर देगा।

तो ये थे कुछ घरेलू उपाय जिनकी मदद से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। अगर आप नियमित रूप से इन उपायों का सही ढंग से  पालन करते रहेंगे तो पेट की चर्बी अपने आप कम होने लगेगी और कुछ ही हफ़्तों में बिलकुल खत्म हो जाएगी।

मुल्तानी मिट्टी का ऐसे करें इस्तेमाल दाग धब्बे नहीं रहेंगे

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चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए मुल्तानी मिट्टी भी एक प्राकृतिक ब्यूटी प्रोडक्ट की तरह इस्तेमाल किया जाता है, यह आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने के साथ चेहरे पर होने वाले दाग धब्बे, निशान, और चेहरे में कसावट लाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, इसमें मौजूद आयरन, सिलिका, मैग्नीशियम, क्‍वार्टज, डोलोमाइट और कैलसिसाइट आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने में मदद करते है, वैसे तो लोग मुल्तानी मिट्टी को पानी में भिगोकर इसका पेस्ट तैयार करके ही चेहरे पर लगा लेते है, परन्तु इसके कारण चेहरे के रूखे होने की समस्या खड़ी हो जाती है, तो आइये आज हम आपको मुल्तानी मिट्टी के इस्तेमाल करने के कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे है, जो आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने के साथ चेहरे पर होने वाले दाग धब्बे की समस्या से भी आपको राहत दिलाने में मदद करेंगे।

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पुदीने के साथ करें मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग:-

चेहरे के दाग धब्बो को दूर करने के लिए यदि आप पांच से सात पुदीने के पत्ते अच्छे से पीस लें, उसके बाद इसमें थोड़ा सा दही, और दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी का पाउडर मिलाएं, और सबको अच्छे से मिक्स कर दें, उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं, खासकर वहां जहां आपको दाग धब्बे है और सूखने के बाद चेहरे को धो दें, और चेहरे को धोने के बाद मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करें, कुछ ही दिनों के इस्तेमाल से आपको इसका फायदा दिखने लगेगा।

चन्दन पाउडर और टमाटर के रस के साथ करें मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग:-

चन्दन का प्रयोग सदियों से आपकी ख़ूबसूरती में निखार लाने के लिए किया जा रहा है, और जब आप इसका इस्तेमाल मुल्तानी मिट्टी के साथ करते हैं तो ऐसा करने से चेहरे पर निखार आने के साथ चेहरे पर होने वाले दाग धब्बो से भी राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप आधा चम्मच चंन्दन का पाउडर, एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी और इसे पेस्ट के रूप में तैयार करने के लिए एक बड़ा चम्मच टमाटर का गुद्दा या रस मिलाएं, उसके बाद इसे अच्छे से मिक्स करके अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद अपने चेहरे को धो लें, ऐसा करने से आपको इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है।

पपीते और शहद के साथ करें मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग:-

एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में एक चम्मच पपीते का गुद्दा और एक चम्मच शहद डालकर अच्छे से मिक्स करें, और एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद पानी की मदद से इसे अच्छे से धो लें, ऐसा करने से आपके चेहरे पर होने वाले दाग धब्बो की समस्या से आपको राहत पाने में मदद मिलती है।

बादाम और दूध के साथ करें मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल:-

एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में दो से तीन बादाम को अच्छे से पीस कर डाल लें, उसके बाद इसे पेस्ट के रूप में तैयार करने के लिए कच्चे दूध का इस्तेमाल करें, उसके बाद इसे अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, और इसे अपने चेहरे पर पैक की तरह लगाएं, और चेहरे को सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद पानी की मदद से अपने चेहरे को धो लें, आपको फायदा मिलेगा।

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गुलाबजल और मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करें:-

चेहरे से दाग धब्बो को दूर करने के लिए मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में गुलाबजल को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और चेहरे को सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद अपने चेहरे को अच्छे से धो लें, ऐसा करने से भी आपको चेहरे के दाग धब्बो से राहत पाने में मदद मिलती है।

मुतानी मिट्टी के अन्य फायदे:-

  • चेहरे को ग्लोइंग बनाने के लिए आप मुल्तानी मिट्टी में टमाटर का रस मिलाएं, और चुटकी भर हल्दी मिलाएं, उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद गुनगुने पानी की मदद से अपने चेहरे को साफ़ कर लें, ऐसा करने से आपके चेहरे को ग्लोइंग होने में मदद मिलती है।
  • मुल्तानी मिट्टी, और हल्दी में पानी मिलाकर एक पेस्ट बनाएं, और उसे अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद पानी की मदद से अपने चेहरे को साफ़ करें, इससे आपके चेहरे के मुहांसे व् झाइयां दूर होने में मदद मिलती है।
  • सूखी व् बेजान त्वचा से छुटकारा पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में दही मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं आपको फायदा मिलेगा।
  • ऑयली स्किन की समस्या से राहत के लिए आप दो चम्मच खीरे का पेस्ट, दो चम्मच बेसन, मुल्तानी मिट्टी, और कच्चा दूध मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद धो दें, इस उपाय को करने से आपके चेहरे को ऑयली स्किन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

तो इस तरह से मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करके आप अपने चेहरे पर होने वाले दाग धब्बो की समस्या से राहत पा सकते हैं, साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें की आप इसे हफ्ते में एक या दो बार इस्तेमाल करें, ताकि आपकी स्किन की नमी को भी बरकरार रहने में मदद मिल सकें।

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कोलेस्ट्रॉल नार्मल रखने के घरेलू उपाय

शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का सही होना बहुत जरुरी होता है, क्योंकि कोलेस्ट्रॉल का अनियमित होना, आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव डालता है, और इससे ब्लड प्रैशर और हदय सम्बन्धी समस्या भी आपको हो सकती है, ब्लड में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 3.6 से 7.8 milimoles तक ही रहना चाहिए, शरीर में कोलेस्ट्रॉल का अधिक होना जहां आपको हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता हैं वहीँ कम कोलेस्ट्रॉल होने के कारण आपको प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिसके कारण इन्फेक्शन के चांस बढ़ने लगते हैं, इसका कारण यह होता है की कोलेस्ट्रॉल आपके ब्लड में घुलता नहीं है, जिसके कारण यदि इसकी मात्रा में इजाफा हो जाएँ तो यह रक्त कोशिकाओं में जमने लगता है, जिसके कारण आपके ब्लड को हदय तक पहुँचने में दिक्कत होती है, और इसके कारण आपके शरीर में होने वाली सभी क्रियाएं प्रभावित होती है, और आपको शरीर से जुडी परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो आइये आज हम आपको अपने कोलेस्ट्रॉल को सामान्य रखने आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताने जा रहें हैं जिनसे आपके शरीर को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी।

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कोलेस्ट्रॉल के अनियमित होने के कारण:-

  • अधिक वजन का होना।
  • नशीले पदार्थ जैसे धूम्रपान व् अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करना।
  • अनुवांशिक कारण भी हो सकते हैं।
  • किसी शारीरिक बिमारी जैसे शुगर, ब्लड प्रैशर से जुडी समस्या आदि के कारण।
  • खान पान में लापरवाही के कारण।
  • शारीरिक व्यायाम आदि न करना।

शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को सही रखने के टिप्स:-

लाल प्याज़ का सेवन करें:-

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हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को नियंत्रित करने के लिए लाल प्याज़ काफी फायदेमंद होता है, इसके सेवन से आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करके गुड़ कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाया जाता है, आप इसका कई तरह से अपने लिए प्रयोग कर सकती है, जैसे की इसका इस्तेमाल लहसुन और अदरक के साथ सब्ज़ी में कर सकती है, प्याज़ को काटकर छाछ में डाल लें, और उसके बाद इसमें काली मिर्च और नमक डालकर इसका सेवन करें, या फिर आप एक चम्मच प्याज़ के रस में एक चम्मच शहद डालकर नियमित रूप से इसका सेवन करें।

आंवले का प्रयोग करें:-

आंवला आपके शरीर में लिए hypolipidemic agent की तरह काम करता है, यदि आप नियमित सुबह खाली पेट उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच आंवले का पाउडर मिलाकर उसका सेवन करते हैं तो इससे आपके कोलेस्ट्रॉल को सही रहने में मदद मिलती है।

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एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल करें:-

टोटल कोलेस्ट्रॉल, और ट्राईग्लिसराइड को कम करने में सेब का सिरका आपकी बहुत मदद करता है, साथ ही आपको ब्लड प्रैशर, सांस में संक्रमण आदि की समस्या है तो उसे भी यह ठीक करता है, इसके लिए आप नियमित दिन में दो बार एक चम्मच सेब का सिरका पानी में मिलाकर उसका सेवन करें, साथ ही आपको इसका स्वाद अच्छा न लगे तो आप सेब, संतरे या किसी अन्य जूस में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते है, ऐसा लगभग एक महीने तक प्रयोग करने पर भी आपको फायदा मिलेगा।

मछली के तेल या अलसी के बीजो का इस्तेमाल करें:-

मछली के तेल या अलसी के बीजो का सेवन करने से आपके शरीर में ट्राईग्लिसराइड को कम करने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड इसे कम करते है, साथ ही यदि आप मांसाहारी है तो दिन में दो से चार चम्मच मछली के तेल को अपने आहार में शामिल करें, और यदि आप नॉन वेज नहीं खाते हैं तो आप अलसी के बीजो का सेवन भी कर सकते है।

नारियल के तेल का इस्तेमाल करें:-

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रिफाइंड, या अन्य किसी तेल का इस्तेमाल करने की जगह अपने नियमित आहार में यदि आप दो चम्मच नारियल के तेल को मिलाकर उसका सेवन करते है, तो इससे आपके शरीर को फिट रहने में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रहने में मदद मिलती है।

ओटमील का सेवन करें:-

एक कटोरी ओटमील का सेवन यदि आप नियमित करते है, तो इसमें तीन ग्राम घुलनशील फाइबर और बीटा ग्लुकान होता है, जो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने के साथ खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी आपकी मदद करता है, इसके लिए आप नियमित एक कटोरी ओटमील का सेवन करें, इससे आपको पोषक तत्व मिलने के साथ फिट रहने में भी मदद मिलेगी।

संतरे के जूस का सेवन करें:-

संतरे के जूस में मौजूद फोलेट और विटामिन सी आपके कोलेस्ट्रॉल को सही रखने में आपकी मदद करते है, एक रिसर्च के अनुसार यदि आप दिन में कम से कम तीन कप संतरे का ताजा जूस पीते हैं तो इससे आपके शरीर में गुड़ कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने में मदद मिलती है, और गुड़ और बैड कोलेस्ट्रॉल का अनुपात भी बराबर हो जाता है, जिससे आपको कोई परेशानी नहीं होती है।

नट्स का सेवन करें:-

नट्स जैसे अखरोट, पिस्ता, बादाम, मूंगफली आदि में स्टेरोल और फाइबर मौजूद होता है जो की आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को सही रखने में मदद करता है, और ट्राईग्लिसराइड के लेवल को भी कम करने में आपकी मदद करता हैं जिससे आप फिट रहते है।

अपने आहार का ध्यान रखें:-

कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को अपनी बॉडी में सही रखने के लिए आपको अपने आहार में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो की पोषक तत्वों से भरपूर हो ताकि आपको एनर्जी मिल सकें, आपके शरीर की प्रक्रियाओं को सही काम करने में मदद मिल सकें, यदि आप ऐसा आहार नहीं लेते हैं तो इससे भी आपके कोलेस्ट्रॉल पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने के अन्य उपाय:-

  • तले भुने भोजन की जगह आपको फाइबर युक्त, व् साबुत अनाज जैसी चीजों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए, जिससे आपके कोलेस्ट्रॉल को सही रहने में मदद मिल सकें।
  • आधा चम्मच इसबगोल का तेल दिन में दो बार सेवन करने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • नियमित सुबह खाली पेट लहसुन की एक या दो कली खाने से भी आपके कोलेस्ट्रॉल को बेहतर रहने में मदद मिलती है।
  • दूध में चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाकर नियमित सेवन करने से भी आपको कोलेस्ट्रॉल को बेहतर बनाएं रखने में मदद मिलती है।
  • रेड यीस्ट राइस का सेवन करने से भी आपके कोलेस्ट्रॉल को सही रखने में मदद मिलती है।
  • नियमित पचास ग्राम एलोवेरा जूस या कच्चा एलोवेरा खाने से आपके कोलेस्ट्रॉल को सही रखने में मदद मिलती है।
  • कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने के लिए आपको अपने आहार में रिफाइंड, या किसी अन्य तेल का इस्तेमाल करने की बजाय सोयाबीन तेल का इस्तेमाल करना चाहिए या नारियल तेल का दोनों ही आपकी इस समस्या के समाधान के लिए बेहतर विकल्प है।
  • एक या दो चम्मच धनिये के बीज को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उठकर इनका खाली पेट सेवन करें, इससे भी आपको बहुत फायदा मिलता है।
  • अंकुरित दालों का सेवन नियमित करने से भी आपको बहुत फायदा मिलता है।
  • जितना हो सकें नशीले पदार्थो से दुरी बनाकर रखनी चाहिए, इससे भी आपकी बॉडी को फिट रहने में मदद मिलती है।

तो ये हैं कुछ टिप्स हैं जिनका इस्तेमाल करके आप आप अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल को सामान्य रखने में मदद मिलती है, इसके अलावा आपको व्यायाम योगासन आदि भी करना चाहिए इससे भी आपके ब्लड फ्लो को बेहर बनाने में मदद मिलती है, जिससे आपका कोलेस्ट्रॉल को बेहतर बनने में मदद मिलती है।

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गर्भधारण के बाद कैसी होती है लाइफ नौ महीने तक

गर्भधारण के बाद कैसी होती है लाइफ नौ महीने तक, प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में क्या क्या परिवर्तन आते हैं, प्रेगनेंसी के नौ महीने का अनुभव, गर्भावस्था का समय, गर्भावस्था के दौरान महिला का अनुभव, Life during Pregnancy

प्रेगनेंसी के नौ महीने किसी भी महिला के लिए बहुत खास होते हैं और इस दौरान महिला बहुत से शारीरिक व् मानसिक बदलाव से गुजरती है। और सबसे खास अनुभव तब होता है जब वो गर्भ में शिशु की हलचल को महसूस करने लगती है। लेकिन प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए बहुत जटिल समय भी होता है क्योंकि इस दौरान बॉडी में तेजी से हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा भी जरुरी नहीं होता है की हर गर्भवती महिला को एक जैसी परेशानी हो। यह हर महिला के बॉडी में हो रहे बदलाव पर निर्भर करता है।

जैसे की कुछ महिलाओं को तीन महीने तक उल्टी की समस्या होती है तो कुछ पूरे नौ महीने तक इससे परेशान रहती है, कुछ की भूख बढ़ जाती है तो किसी का खाने का मन नहीं करता है, कुछ को क्रेविंग यानी किसी एक चीज को खाने का मन करता है, तो किसी का हर दिन कुछ चटपटा खाने का मन करता है, पेट में दर्द, मूड में बदलाव, और भी बहुत कुछ महिला को पूरे नौ महीने तक महसूस होता है। और उसके बाद डिलीवरी का समय पास आने पर डिलीवरी से जुडी समस्या की डिलीवरी नार्मल होगी या सिजेरियन। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के नौ महीने महिला की लाइफ कैसी होती है ।

प्रेग्नेंट होने की ख़ुशी

पीरियड्स मिस होने के बाद महिला के मन में तरह- तरह की अटकले लगने लगती है की कहीं वो गर्भवती तो नहीं है, और उसके बाद जैसे ही वो टेस्ट करती है और रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। तो यह महिला की प्रेगनेंसी में होने वाला पहला खास अनुभव होता है, जो की केवल यह जानने के बाद ही की वो माँ बनने वाली है उसे मातृत्व का अहसास करवा देता है। प्रग्नेंट होने की ख़ुशी केवल गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि उससे जुड़े हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ले आती है।

घर में सब देते हैं प्यार

घर में नन्हा मेहमान आने वाला है और वो स्वस्थ और हष्ट पुष्ट हो और गर्भवती महिला भी स्वस्थ रहें इसके लिए घर में मौजूद हर कोई महिला को एक खास केयर देता हैं। उसके खाने का पूरा ध्यान रखा जाता है, या जो महिला अकेली भी रहती है उसे भी फ़ोन पर हर कोई यही बताता है की इस समय उसे अपनी केयर किस तरह करनी चाहिए। तो ऐसे में महिला के लिए प्रेगनेंसी में एन्जॉय करने वाला एक अहसास होता है जहां हर को उसे प्यार और आशीर्वाद देता है।

शरीर में शुरू होते हैं हार्मोनल बदलाव

जैसे ही निषेचन की क्रिया होती है और महिला का गर्भ ठहर जाता है। वैसे ही महिला के शरीर में तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं और यह महिला को केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी होते हैं। जिसके कारण महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

पहले तीन महीने होते हैं बहुत खास

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने बहुत ही खास होते है, इस दौरान महिला अपना बहुत ज्यादा ध्यान रखती है क्योंकि इस समय की गई थोड़ी सी लापरवाही बहुत बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है। इस दौरान महिला का अल्ट्रासॉउन्ड भी होता है जिसमे शिशु की हार्टबीट का पता चलता है, शिशु के अंग विकसित होना शुरू कर देते हैं। और गर्भनाल के द्वारा शिशु को पोषण महिला द्वारा दिया जाता है।

दिखने लगता है पेट

पहले तीन महीने में महिला का पेट नहीं दिखता है, लेकिन चौथे महीने तक आते आते महिला का पेट थोड़ा सा बाहर आ जाता है। और इसका मतलब यह होता है की शिशु का भी थोड़ा विकास हो रहा है उसके बाद जैसे जैसे शिशु का विकास तेजी से होने लगता है। वैसे वैसे महिला का पेट और अधिक दिखने लगता है।

शिशु की होने लगती है हलचल

जो महिला दूसरी बार माँ बन रही होती है उसे शिशु की हलचल का चौथे महीने में ही आभास होने लगता है, लेकिन जो महिला पहली बार माँ बन रही होती है उसे थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन पांचवें महीने में महिला अच्छी तरह से इसका अहसास कर सकती है। शुरुआत में शिशु कम हलचल करता है लेकिन प्रसव का समय पास आने तक आप ज्यादा समय और तेजी से शिशु की गर्भ को महसूस करती है।

बढ़ने लगती है दिक्कत

जैसे जैसे महिला का वजन और पेट निकलने लगता है वैसे वैसे महिला को उठने बैठने सोने में परेशानी होने लगती है, शिशु भी ज्यादा हलचल करता है। शिशु का वजन बढ़ने के कारण पेट के निचले हिस्से में दर्द है, बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है, और भी बहुत सी परेशानियां बढ़ जाती हैं।

डिलीवरी का समय जैसे जैसे आता है पास

नौवें महीने में जब डिलीवरी का समय पास आने लगता है वैसे ही महिला को इस बात को लेकर भी चिंता होने लगती है की उसकी डिलीवरी नार्मल होगी या सिजेरियन। साथ ही इस दौरान वजन बढ़ने और बाहर निकले पेट के कारण उठने बैठने में भी परेशानी होने लगती है। और उसके बाद प्रसव के लक्षण जैसे ही दिखने लगते हैं तो आपको बिना देरी किये हॉस्पिटल जाना चाहिए ta।की आप इन नौ महीनो के इंतज़ार का मीठा फल लेकर आ सकें।

तो यह महिला प्रेग्नेंट महिला के एक से नौ महीने तक का सफर जहां उसे अपना दुगुना ध्यान रखना पड़ता है ताकि गर्भ में पल रहा शिशु भी स्वस्थ रहे और प्रेगनेंसी के दौरान महिला को भी किसी तरह की परेशानी का अनुभव न करना पड़े। प्रेगनेंसी का हर दिन हर पल महिला के लिए नए नए अनुभव से भरा होता है जिसे केवल महिला ही महसूस कर सकती है।

अंगूर खाने के 10 फायदे गर्भवती महिलाओं के लिए

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फलों का सेवन करने से गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत से फायदे मिलते हैं। ऐसा ही एक फल है अंगूर जिसका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करने से गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी बहुत से फायदे मिलते हैं। क्योंकि इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन, आयरन, फोलिक एसिड आदि भरपूर मात्रा में होते हैं। लेकिन प्रेगनेंसी में अंगूर का सेवन अधिक भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भवती महिला को परेशानी भी हो सकती है। पर्याप्त मात्रा में ही अंगूर का सेवन करने से गर्भवती महिला को फायदा मिलता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान अंगूर का सेवन करने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

पाचन क्रिया होती है बेहतर

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को पेट सम्बन्धी समस्या जैसे की खाने को पचाने में दिक्कत आदि की समस्या रहती है। ऐसे में अंगूर जो की फाइबर से भरपूर होता है, उसका सेवन करने से गर्भवती महिला की पाचन क्रिया को बेहतर करने में मदद मिलती है, जिससे खाने को बेहतर तरीके से हज़म करने में मदद मिलती है, और मेटाबोलिज्म को बढ़ावा मिलता है।

इम्यून सिस्टम मजबूत होता है

विटामिन सी जैसे एंटी ऑक्सीडेंट की अधिकता होने के कारण यह प्रेगनेंसी के दौरान महिला के इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग रखने में मदद करता है। जिससे प्रेगनेंसी के दौरान सर्दी, खांसी, जुखाम, फ्लू, इन्फेक्शन आदि की समस्या से बचाने में मदद मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है

प्रेगनेंसी के दौरान कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना गर्भवती महिला के साथ शिशु के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। लेकिन गर्भवती महिला अपने आहार में अंगूर को शामिल करती है तो इससे कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

एनीमिया से बचाव

आयरन की मात्रा से भरपूर होने के कारण अंगूर का सेवन करने से गर्भवती महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन के लेवल को मेन्टेन को रखने में मदद मिलती है। जिससे बॉडी में ब्लड फ्लो बेहतर होने के साथ एनीमिया की समस्या से निजात मिलता है। जिसके कारण थकान, कमजोरी जैसी समस्या से प्रेगनेंसी के दौरान बचे रहने में मदद मिलती है। और डिलीवरी के दौरान खून की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से बचाव भी होता है।

कब्ज़ से राहत

जायदातर महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज़ की समस्या से परेशान रहती है। ऐसे में अंगूर में मौजूद फाइबर गर्भवती महिला को इस परेशानी से बचाव करने में मदद मिलती है, इसीलिए अंगूर को भी गर्भवती महिला को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

सूजन से राहत

एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों और पानी की मात्रा से भरपूर होने के कारण गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली सूजन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन से आराम

अंगूर में मैग्नीशियम की मात्रा भी अधिक होती है जो की प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या से आराम दिलाने में मदद करती है।

हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है

अंगूर में पानी की मात्रा भी अधिक होती है, जो प्रेगनेंसी के दौरान हाइड्रेटेड रहने में मदद करती है, और इससे बॉडी में पानी की मात्रा को भरपूर रखने में भी मदद मिलती है।

शिशु की आँखों के लिए हैं फायदेमंद

विटामिन ए अंगूर में प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जो गर्भ में पल रहे शिशु की आँखों के बेहतर विकास में मदद करता है, इसीलिए गर्भ में पल रहे शिशु के आँखों के बेहतर विकास के लिए गर्भवती महिला को अंगूर का सेवन जरूर करना चाहिए।

नर्वस सिस्टम के लिए होता है बेहतर

अंगूर में मौजूद प्राकृतिक सोडियम की मदद से गर्भ में पल रहे शिशु के नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास फायदे जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को अंगूर का सेवन करने से मिलते है, लेकिन काले अंगूर का सेवन अधिक करने से बचना चाहिए क्योंकि इसके छिलके को पचने में समय लगता है, जिससे महिला को पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है। और अंगूर का सेवन करने से पहले अच्छे से धोएं उसके बाद ही उसका सेवन करें।

Hindi Video : Benefits of Grapes during Pregnancy

Pregnant Women Can Eat Grapes or Not?

प्रेगनेंसी में सूखा नारियल खाने के फायदे और नुकसान

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प्रेगनेंसी के दौरान हर गर्भवती महिला चाहती है की उसके स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिले साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी बेहतर तरीके से हो। और इन दोनों जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रेगनेंसी के दौरान सूखा नारियल खाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि पौष्टिक गुणों से भरपूर सूखा नारियल महिला को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली बहुत सी परेशानियों से निजात दिलाने में मदद करता है। तो आइये आज हम आपको विस्तार से बताते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान सूखा नारियल खाने से आपको कौन कौन से फायदे मिलते है।

इम्यून सिस्टम होता है मजबूत

सूखा नारियल यदि गर्भवती महिला खाती है तो इससे महिला का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जिसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव करने में मदद मिलती है। साथ ही इसके सेवन से गर्भ में पल रहे शिशु के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

पाचन क्रिया बेहतर होती है

प्रेगनेंसी के समय सूखा नारियल खाने से आपके आहार को आसानी से पचने में मदद मिलती है, जिससे मेटाबोलिज्म बेहतर होता है। और इसी कारण महिला को प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर पोषक तत्व लेने में मदद मिलती है।

खून की कमी को पूरा करता है

प्रेगनेंसी के दौरान खून की कमी के कारण गर्भवती महिला को एनीमिया, शरीर में कमजोरी, का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही शिशु के विकास पर भी असर पड़ता है। ऐसे में सूखे नारियल का सेवन करने से महिला में खून की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। जो की गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद करती है।

पेट से जुडी समस्या

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को एसिडिटी, गैस, कब्ज़ आदि की परेशानी हो जाती है। और यदि महिला इस परेशानी से निजात पाना चाहती है तो प्रेगनेंसी के दौरान सूखा नारियल काफी फायदेमंद होता है।

कमजोरी दूर होती है

कमजोरी व् थकान होने की समस्या का होना प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है, ऐसे में सूखे नारियल का सेवन करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। साथ ही हड्डियों के टिश्यूज़ को मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में मिलते है जिससे प्रेगनेंसी के दौरान कमजोरी जैसी समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।

सूजन से मिलता है आराम

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ महिलाएं पैरों की सूजन की समस्या से परेशान रहती हैं। ऐसे में यदि आप सूखे नारियल का सेवन करती हैं तो ऐसा करने से आपको पैरों की सूजन से आराम पाने में मदद मिलती है।

ब्रेस्ट मिल्क के लिए होता है फायदेमंद

गर्भावस्था के दौरान ही शिशु के लिए माँ के ब्रेस्ट में दूध का उत्पादन शुरू हो जाता है, ऐसे में दूध का उत्पादन बढ़ाने के साथ उसे और ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए सूखे नारियल का सेवन महिला को जरूर करना चाहिए। ताकि शिशु के जन्म के बाद माँ के दूध से शिशु का बेहतर विकास होने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी में सूखे नारियल को खाने के नुकसान

गले में खराश

सूखा नारियल खाने से गले में खराश की समस्या हो सकती है, क्योंकि यह सूखा होता है जिसके कारण जब आप इसे चबाते हैं तो इसके छोटे छोटे कण गले में रह सकते हैं, जिसके कारण खराश का अनुभव हो सकता है।

वजन बढ़ता है

सूखे नारियल में शुगर की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन करने से आपका वजन बढ़ सकता है, और वजन बढ़ने के कारण आपकी परेशानी बढ़ सकती है, इसीलिए नियमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ फायदे और नुकसान जो प्रेगनेंसी के दौरान सूखे नारियल का सेवन करने से आपको मिलते हैं। इसीलिए इसे नियमित मात्रा में खाएं और इसका प्रेगनेंसी के दौरान लाभ उठायें, अधिक मात्रा में इसका सेवन न करें क्योंकि इसके कारण आपको परेशानी भी हो सकती है।

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गर्भावस्था में सूखा नारियल खाने के फायदे

प्रेग्नेंट महिला को 8वें महीने में यह काम छोड़ देने चाहिए और 9वां महीना लगते ही यह काम शुरू कर देने चाहिए

प्रेगनेंसी का हर एक महीना, हर एक दिन, हर एक पल महिला के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इस दौरान महिला अकेली नहीं होती है बल्कि उसके गर्भ में एक नन्ही जान पल रही होती है। जो महिला को ऐसे ऐसे अनुभव महसूस करने में मदद करती है जिसे दुनिया में केवल एक माँ ही महसूस कर सकती है।

साथ ही माँ व् बच्चे दोनों को अपने इन बेहतरीन लम्हो का आनंद लेने में कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपनी अच्छे से केयर करने की सलाह भी दी जाती है। तो आज इस आर्टिकल में हम प्रेग्नेंट महिला के लिए ऐसे कुछ कामों के बारे में बताने जा रहे हैं जो महिला को आठवां महीने में बिल्कुल नहीं करने चाहिए और नौवां महीना शुरू होते ही जरूर करने चाहिए।

प्रेग्नेंट महिला आठवें महीने में कौन से काम नहीं करें?

प्रेगनेंसी का आठवां महीना बहुत ही अहम होता है और इस दौरान बरती गई लापरवाही शिशु के समय से पहले जन्म जैसी परेशानी खड़ी कर सकती है। जिसकी वजह से महिला को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है तो ऐसे में कुछ काम है जो महिला को नहीं करने चाहिए ताकि महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। जैसे की:

पेट के बल काम

गर्भवती महिला को ऐसे कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिसके कारण महिला के पेट पर दबाव पड़े, महिला के पेट पर जोर पड़े। जैसे की भारी वजन उठाना, सामान सरकाना, झुककर काम करना, पेट के बल लगकर काम करना, आदि। क्योंकि ऐसे किसी भी काम को करने से महिला के पेट पर झटका लग सकता है या दबाव पड़ने के कारण महिला के कारण पेट में दर्द, संकुचन की समस्या हो सकती है। और यदि यह परेशानी बढ़ जाये तो इसके कारण महिला को लेबर पेन भी समय से पहले शुरू हो सकता है।

ट्रैवेलिंग

गर्भवती महिला को गलती से भी आठवें महीने में ट्रैवेलिंग नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ट्रैवेलिंग के कारण महिला की पीठ में दर्द की परेशानी बढ़ सकती है साथ ही यात्रा करते समय झटका आदि लगने के कारण भी महिला को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

व्यायाम

आठवें महीने में महिला को जितना हो सके व्यायाम आदि भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि यदि महिला जरुरत से ज्यादा श्रम करती है तो इसके कारण भी महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ सकती है।

गलत तरीके से सोना

पेट बाहर निकलने के कारण महिला को इस दौरान सोने में परेशानी हो सकती है। लेकिन सोते समय महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गलती से भी महिला सीधी न सोये, पेट के बल न सोये, आदि। यदि महिला को सोने में दिक्कत हो रही है तो बाईं और करवट करके सोना प्रेगनेंसी के दौरान सबसे सही पोजीशन होती है।

गलत तरीके से उठना बैठना

प्रेगनेंसी के आठवें महीने में महिला को अपने उठने बैठने की पोजीशन का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। महिला को बिलकुल भी गलत तरीके से उठना या बैठना नहीं चाहिए। क्योंकि ऐसा करने के कारण महिला को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

शोर वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए

गर्भवती महिला को ऐसी किसी भी जगह पर नहीं जाना चाहिए जहां बहुत तेज आवाज़ हो। क्योंकि इस दौरान महिला बच्चे की सुनने की क्षमता का विकास हो रहा होता है ऐसे में इसके कारण शिशु की सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में प्रेग्नेंट महिला को कौन से काम करने चाहिए

गर्भावस्था का नौवां महीना शुरू होने के बाद बहुत कम समय रह जाता है और अब बहुत जल्दी आपका बच्चा इस दुनिया में आने वाला होता है। ऐसे में महिला स्वस्थ रहे और डिलीवरी में किसी तरह की समस्या न हो। इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को कुछ न कुछ काम जरूर करने चाहिए। जैसे की:

सांस सम्बन्धी व्यायाम करें

नौवें महीने में महिला को सांस सम्बन्धी व्यायाम करने चाहिए ताकि महिला को वजन बढ़ने के कारण सांस फूलने में होने वाली परेशानी से बचने के साथ डिलीवरी को आसान बनाने में भी मदद मिल सके।

सैर करनी चाहिए

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को रोजाना सुबह शाम सैर भी जरूर करनी चाहिए। क्योंकि सैर करने से गर्भवती महिला के शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है, महिला तनाव से मुक्त रहती है, पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है, आदि।

हॉस्पिटल बैग तैयार कर लेना चाहिए

नौवें महीने में प्रेग्नेंट महिला को डिलीवरी के समय हॉस्पिटल में जिस जिस सामान की जरुरत पड़ सकती है उसका बैग तैयार करके रख लेना चाहिए। ताकि डिलीवरी के दौरान हॉस्पिटल में जाते समय महिला को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

अपने आहार का ध्यान रखना चाहिए

नौवें महीने में महिला को अपनी डाइट का खास ध्यान रखना चाहिए। जैसे की फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए जिससे महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियां न हो, आयरन युक्त आहार लेना चाहिए जिससे महिला के शरीर में खून की कमी न हो साथ ही ऐसा आहार लेना चाहिए जिसे हज़म करने में महिला को कोई परेशानी न हो।

परिवार के साथ समय बिताएं

नौवें महीने में महिला को अकेले नहीं रहना चाहिए। क्योंकि यह वो समय होता है जब आपको किसी न किसी की जरुरत पड़ती रहती है। साथ ही अकेले रहने से महिला को तनाव भी हो सकता है। ऐसे में महिला को नौवें महीने में जितना हो सके अपने परिवार के साथ ही रहना चाहिए।

डॉक्टर से बात करते रहनी चाहिए

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को डॉक्टर से बात करते रहती चाहिए और हर हफ्ते समय से अपना रूटीन चेकअप करवाना चाहिए। ताकि आपको अपने स्वास्थ्य की सही जानकारी मिलती रहे।

तो यह हैं कुछ जो आठवें महीने में महिला को नहीं करने चाहिए और नौवें महीने में जरूर करने चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला इन बातों का ध्यान रखती है तो इससे महिला को प्रेगनेंसी के आठवें महीने में आने वाली कॉम्प्लीकेशन्स से बचे रहने में मदद मिलती है और नौवें महीने में स्वस्थ रहने और डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार करने में मदद मिलती है।

कमर और पेडू के दर्द से ऐसे पाएं निजात

आज कल हर दूसरा व्यक्ति फिर चाहे वो महिला हो या पुरुष कमर के दर्द से परेशान रहता है, और कई बार तो लोग इसे अनदेखा करते रहते है, जिसके कारण बाद में यह परेशानी बड़ा रूप ले लेती है, इसका सबसे बड़ा कारण शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी होती है, इसका अलावा अचानक से भारी सामान उठाना, सारा दिन एक ही पोजीशन में बैठे रहना, किसी चोट आदि के कारण, उम्र अधिक होने के कारण, भी आपको कमर दर्द के कारण परेशान होना पड़ सकता है, इसके अलावा कई महिलाएं पेडू ( पेट के निचले हिस्से ) के दर्द से भी परेशान रहता है, और ज्यादातर यह केवल पीरियड्स में ही होता है, क्या आप भी इस समस्या से परेशान हैं, यदि हाँ तो आइये आज हम आपको इस समस्या से बचाने के लिए कुछ टिप्स बताने जा रहे है जिससे आपको इस समस्या से बचने में मदद मिलेगी।

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बर्फ का इस्तेमाल करें:-

बर्फ का इस्तेमाल करने से आपको कमर और पेडू दोनों के ही दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप आइस बैग या फिर बर्फ के टुकड़ो को कॉटन के कपड़ों में डालकर अच्छे से अपनी कमर और पेडू की सिकाई करें, बर्फ का इस्तेमाल करने से आपकी वो जगह सुन्न हो जाती है, जिससे आपको दर्द का अहसास नहीं होता है, आपको जब भी दर्द का अहसास हो आप इसका इस्तेमाल कर सकते है।

मालिश करें:-

मालिश करने से आपके शरीर के अंगो में रक्त का प्रवाह अच्छे से होने के साथ आपकी मांसपेशियों को भी मजबूत होने में मदद मिलती है, जिसके कारण आपको दर्द से राहत मिलती है, इसके लिए आप सरसों, तिल, या बादाम के तेल का इस्तेमाल कर सकते है, आप चाहे तो इन्हे गुनगुना करके इनका इस्तेमाल कर सकते है, यदि आप कुछ दिनों तक नियमित अच्छे से अपनी कमर की मसाज करते हैं तो इससे आपको जरूर फायदा मिलता है।

व्यायाम व् योगासन करें:-

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व्यायाम और योगासन करने से भी आपको कमर व् पेडू के दर्द से राहत मिलती है, क्योंकि जब आपके शरीर में स्ट्रेच उत्त्पन्न होता है, तो ऐसा करने से आपकी मांसपेशियों को खुलने में मदद मिलती है,साथ ही शरीर में रक्त का प्रवाह भी तेजी से होने लगता हैं जिसके कारण आपको कमर व् पेडू के दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है, परन्तु इस बात का भी ध्यान दे की आप योगासन और व्यायाम का सही तरीका इस्तेमाल करें, अधिक कठिन व्यायाम न करें, जिससे आपकी परेशानी बढ़ जाए।

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गरम पानी से सिकाई करें:-

गरम पानी की सिकाई से आप पेडू और कमर दोनों के दर्द से ही आसानी से राहत पा सकते है, क्योंकि गरम पानी से सिकाई करने से आपकी मांसपेशियों में कम खिचाव होता है, और खून का दौरा बढ़ने में मदद मिलती है, साथ ही आपको दर्द से राहत मिलती है, आप तो गरम पानी से नहा भी सकती है इससे भी आपको फायदा मिलता है, पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से बचने के लिए आपके लिए यह नुस्खा बहुत काम आता है।

नमक का इस्तेमाल करें:-

यह भी एक आसान उपाय है जिसे आप आसानी से घर में करके कमर और पेडू दोनों के ही दर्द से राहत पा सकते है, इसके लिए आप एक मुट्ठी नमक को किसी कड़ाही में डालकर अच्छे से गरम कर लें, और उसके बाद उस नमक को किसी सूती कपडे में डालकर जिस हिस्से में भी दर्द है सिकाई करें, आपको आराम मिलेगा, आप नमक की चाहे तो रेत का इस्तेमाल भी कर सकते है, वो भी आपके लिए फायदा करती है।

अजवाइन का प्रयोग करें:-

अजवाइन

अजवाइन का सेवन करने से आपको कमर और पेडू के दर्द से राहत मिलती है, कमर में दर्द के लिए आप एक चम्मच अजवाइन को तवे पर गरम करें, और उसके बाद अच्छे से चबाकर इसका सेवन करें, लगभग एक हफ्ते तक आपको इसका असर साफ़ दिखाई देगा, और पेडू के दर्द के लिए एक चम्मच अजवाइन में थोड़ा सा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें, आपको फायदा मिलेगा।

अपने आहार का भरपूर सेवन करें:-

कमर व् पेडू में दर्द का एक कारण आपके शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है, इसके लिए आपको अपने आहार में ऐसे पोषक तत्वों को शामिल करें जिससे आपकी हड्डियों और आपके शरीर को अच्छे से पोषण मिल सकें, पेडू के दर्द से राहत के लिए आपको मैग्नीशियम युक्त आहार का सेवन करना चाहिए, इसके अलावा कमर दर्द से बचने के लिए आप प्रोटीन कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम आदि का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए, इससे आपको पोषण मिलता है जिससे आपको इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है।

कमर व् पेडू के दर्द से बचने के अन्य उपाय:-

  • आरामदायक बिस्तर का इस्तेमाल करें, क्योंकि अधिक टाइट बिस्तर पर सोने से भी आपको कमर में दर्द की परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है।
  • धूम्रपान करने से आपको कमर व् शरीर के अन्य भागो में दर्द की समस्या होती है, क्योंकि यह आपकी हड्डियों पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है, इसीलिए इसे बचने के लिए आपको धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
  • हाई हील्स की सैंडल्स पहनने से भी आपको कमर व् पेडू में दर्द की समस्या होती है, इसीलिए इसे भी अवॉयड करना चाहिए।
  • बढ़ता हुआ वजन भी आपके लिए परेशानी का कारण बनता है इसीलिए अपने वजन को भी नियंत्रित रखना चाहिए।
  • सारा दिन एक ही जगह पर नहीं बैठे रहना चाहिए बीच बीच में उठते रहना चाहिए, इससे आपको आराम मिलता है।
  • नींद को भरपूर मात्रा में लेने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • अपने बैठने व् चलने के तरीके में भी सुधार करें।
  • सभी मिनरल्स से भरपूर आहार का सेवन करें ऐसा करने से आपको पेडू और कमर दोनों के ही दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।

तो ये हैं कुछ आसान उपाय जिनका इस्तेमाल करके आप कमर में होने वाले दर्द की समस्या से राहत पा सकते है, इसके अलावा आपको अपनी डाइट में कैल्शियम और प्रोटीन युक्त आहार को अधिक मात्रा में शामिल करना चाहिए, क्योंकि आपकी हड्डियों के लिए और आपके शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए इनकी सबसे ज्यादा जरुरत होती है, खासकर बच्चों को तो इसे भरपूर मात्रा में देना चाहिए, ताकि इससे उनके विकास में भरपूर मदद मिल सकें।

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जब थकान महसूस हो तो ये करें!

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आज के समय में हर कोई खुद को बिज़ी रखने के लिए बहुत सा काम करता है। कोई दिन में ड्यूटी करके पार्ट टाइम जॉब करता है तो कोई घर बैठकर पुरे दिन अपने काम में लगा रहता है। जिसके बाद उन्हें बेहद थकावट महसूस होती है। लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होते है जो बिना कुछ काम किये थक तक जाते है आपने भी अक्सर देखा होगा की कई लोग बिना कुछ परिश्रम किये भी थकान महसूस करते है।

ऐसे लोगों को बिना किसी कारणवश आलस रहता है साथ ही कमजोरी भी महसूस होती है। जिसका मुख्य कारण होता है शरीर में ऊर्जा की कमी जिसकी वजह से व्यक्ति को दैनिक कार्य करने में मुश्किलें आती है। अक्सर यही देखा गया है की जो लोग कमजोर रहते है उन्हें कुछ देर काम करने के बाद ही थकान होने लगती है और नींद आने लगती है।

ये कमजोरी शरीर की कमजोरी नहीं है बल्कि अन्य कारणों की है जो गर्मियों के दिनों में अधिक पसीना निकलने तथा डिहाइड्रेशन आदि हो सकते है। इसके अतिरिक्त लम्बे समय तक बीमार रहने एवं खराब जीवनशैली के कारण भी कमजोरी आने लगती है। लेकिन पुरुषों की तुलना में यह महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है।

घर और ऑफिस के काम काज को मैनेज करते करते वह खुद पर अधिक ध्यान नहीं दे पाती जिसके परिणामस्वरूप न चाहते हुए भी उन्हें शारीरिक कमजोरी होने लगती है। कमजोरी के कारण केवल थकन ही नहीं अपितु उसके साथ चिड़चिड़ापन, ठीक तरह से नींद न आना, घबराहट महसूस होना, चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती है।

इसीलिए यदि आप भी अक्सर काम के दौरान या यूँ ही थकान महसूस करते है या आपके साथ भी इनमे से कोई समस्या होती है तो तुरंत इसका उपचार करें। इसके लिए बाहर की दवाएं लेने की आवश्यकता नहीं है आप घरेलू नुस्खों से भी इसे ठीक कर सकते है। तो आइये जानते है थकान मिटाने के घरेलू उपाय!

थकान मिटाने के घरेलू उपाय :-

1. दूध और शहद :

दूध और शहद दोनों को स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते है जो हमारे लिए बेहद फायदेमंद होते है। शहद के एंटी बायोटिक गुण और B – Complex विषाणु खत्म करके भूख बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना शहद के सेवन से शरीर को प्रोटीन विटामिन, आयरन पोटैशियम आदि जैसे पौष्टिक तत्व मिल जाते है। दूध में शहद मिलाकर पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है। अगर आपको अक्सर थकान महसूस होती है तो एक ग्लास दूध में एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर पियें कमजोरी दूर होगी और ताकत भी मिलेगी।

2. आंवला :

बालों के लिए आंवला के फायदे तो आप सभी जानते होंगे लेकिन क्या आप जानते की इसकी मदद से शरीर की कमजोरी दूर करके थकान भी मिटाई जा सकती है। जी हां, इसमें मौजूद विटामिन सी, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, फॉस्फोरस और प्रोटीन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करके शारीरिक कमजोरी दूर करने में मदद करते है। प्रयोग के लिए आंवला का रस निकाल कर उसका सेवन दिन में 2 से 3 बार करें। आप चाहे तो इसमें शहद भी मिला सकते है।

3. केला :

कई बार शरीर में ग्लूकोस की कमी के कारण भी कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में केले का सेवन आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि केले में नेचुरल ग्लूकोस होने के साथ साथ चीनी की मात्रा भी पाई जाती है जिसके सेवन के बाद आपको शक्ति मिलती है। इसके अतिरिक्त केले में पोटैशियम भी होता है जो शरीर की कमजोरी दूर करके ऊर्जा देने में सहायक होता है। तो जब भी थकान महसूस हो तो 1 या 2 केले खा ले थकान छू मन्तर हो जाएगी।

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4. ड्राई फ्रूट :

शरीर में मैग्नीशियम की कमी की वजह से भी कमजोरी महसूस होती है। इस स्थिति में सूखे मेवों का सेवन करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। इसके सेवन से कमजोरी दूर होती है। सुबह खाली पेट या दिन में इनका सेवन जरूर करना चाहिए। बादाम और किशमिश खाने से लम्बे समय के लिए ऊर्जा मिलती है।

5. चॉकलेट :

हालांकि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती लेकिन इसमें मौजूद कोको शरीर के मसल्स को आराम देकर थकान दूर करने में मदद मिलती है। इसीलिए जब भी थकान लगे आप थोड़ी सी चॉकलेट खा लें फायदे आप खुद महसूस करेंगे।

6. संतरा :

संतरे में विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है।इसके अलावा इसमें विटामिन बी 6 और फोलिक एसिड भी पाया जाता है जो शरीर की थकावट को दूर करने में मदद करते है। तो जब भी थकान महसूस हो तो संतरा खा लें आप चाहे तो उसका जूस भी पी सकते है।

7. ओटमील :

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मसालेदार दलिया खाकर भी आप अपनी थकावट मिटा सकते है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स ग्लाइकोजन के रूप में आपके शरीर में जमा हो जाता है जिससे आप दिन भर काम में एक्टिव रहते है।

चेहरे पर चमक लाने के लिए अपनाएँ यह टिप्स

Tips for Glowing Face Skin : खूबसूरत और ग्लोइंग स्किन आपकी ख़ूबसूरती को बढ़ाने में मदद करती है। और चेहरे की ख़ूबसूरती तो आपके दिल के हाल को भी बयान करती है। और यदि आप चाहते है की आपके चेहरे की चमक हमेशा बनी रहे तो इसके लिए जरुरी है की आप अपने चेहरे की स्किन की अच्छे से केयर करें। और इसकी केयर करने के लिए आपको अपने खान पान का, चेहरे की साफ़ सफाई का, अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। और यदि आप ऐसा नहीं करते है तो इसके कारण आपकी स्किन डल पड़ने लगती है। और चेहरे की चमक का कम होना आपकी ख़ूबसूरती को भी कम करता है।

चेहरे की चमक खोने के कई कारण हो सकते है, जैसे की आज कल मार्किट में तरह तरह के उत्पाद आ गया है जो चेहरे को खूबसूरत बनाने का दावा तो करते है, लेकिन उनमे केमिकल बहुत अधिक मात्रा में होता है। और चेहरे की स्किन बहुत ही कोमल होती है जिसके कारण यह आपके चेहरे पर बुरा असर डाल सकती है। इसके अलावा धूप के बुरे प्रभाव के कारण, आपका खान पान सही न होने के कारण आदि। यह सब भी आपकी स्किन पर असर डालते है। तो आइये आज हम आपको आपके चेहरे की स्किन को हमेशा खूबसूरत और चमक से भरपूर बनाएं रखने के लिए कुछ टिप्स बताते है।

चेहरे की चमक खोने के कारण:-

  • धूप की किरणों का बुरा असर पड़ने से स्किन पर टैनिंग हो सकती है।
  • यदि आप चेहरे पर अधिक केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल करते है तो यह भी आपके चेहरे पर बुरा असर डालती है।
  • गलत खान पान के कारण भी आपकी स्किन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • मिट्टी के कण भी आपकी स्किन की चमक को कम कर सकते है।
  • तनाव के कारण भी आपकी स्किन पर इसका असर दिखाई देता है।
  • प्रदूषण के कारण भी चेहरे की चमक पर असर पड़ता है।
  • चेहरे के लिए जरुरी चीजों का इस्तेमाल न करने और उसकी सही ढंग से केयर न करने के कारण भी चेहरे की चमक कम होने लगती है।

चेहरे की चमक बढ़ाने के आसान टिप्स:-

चेहरे की ख़ूबसूरती आपकी पर्सनैल्टी को बढ़ाने में बहुत मदद करती है। लेकिन कई बार अच्छे से केयर न करने के कारण चेहरे की स्किन डल पड़ने लगती है। तो आज इसी समस्या से बचने के लिए हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स देने जा रहे है जो आपके चेहरे की चमक को हमेशा बरकरार रखने में मदद करते है।

हल्दी और मलाई लाए चेहरे पर चमक:-

एक कटोरी में दो चमच्च मलाई और आधा चम्मच हल्दी का मिलाएं। और उसके बाद अच्छे से इसे मिक्स करके अपने चेहरे की मसाज करें, और इसे चेहरे पर सूखने के लिए छोड़ दें। उसके बाद चेहरे को अच्छे से धो लें, हफ्ते में दो से तीन बार ऐसा करने हल्दी में मौजूद गुण आपके चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है।

कच्चा पपीता लाए चेहरे पर निखार:-

कच्चे पपीते में से बीज को निकाल कर उसे काट लें, और उसके बाद उसे अच्छे से पीस लें। उसके बाद इसका गुद्दा निकला कर इसमें कुछ बूंदे गुलाबजल या निम्बू के रस की मिलाएं। और अच्छे से मिक्स करने के बाद इसे पैक की तरह चेहरे पर लगाएं। आधे घंटे तक लगे रहने के बाद अपने चेहरे को साफ़ पानी से धो लें, ऐसा करने से चेहरे की टैनिंग को खत्म करके चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है।

बेसन और निम्बू लाए चेहरे पर चमक:-

इस उपाय को करने से आपके चेहरे पर जमे धूल के कण, टैनिंग, स्पॉट्स आदि को खत्म करने में मदद मिलती है, जिससे आपके चेहरे पर निखार आता है। इस उपाय को करने के लिए आप एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें, उसमे कुछ बूंदे निम्बू के रस की मिलाएं, उसके बाद इसे चेहरे पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें, और सूखने के बाद चेहरा साफ़ पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करें, और आप चाहे तो इसमें शहद और दही भी मिला सकते है इससे स्किन की कोमलता को बनाएं रखने में मदद मिलती है।

चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए करें चावल का आटा और दही का इस्तेमाल:-

एक कटोरी में दो चमच्च चावल का आटा लें, और उसमे एक चम्मच दही मिलाएं और एक पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और हलके हाथों से मसाज करें, मसाज करने के बाद इसे चेहरे पर पांच से सात मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को धो लें, इस उपाय को हफ्ते में दो बार करें इसके इस्तेमाल से आपके चेहरे की चमक को बरकरार रहने में मदद मिलती है।

केसर लाता है चेहरे पर प्राकृतिक निखार:-

केसर आपकी ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए एक असरदार उपाय है। इसके लिए आप थोड़ी सी दही, और थोड़ी सी मलाई लें, उसमे आठ दस रेशे केसर के डालकर अच्छे से मिक्स करें। और उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाकर मसाज करें। और उसके बाद सूखने के लिए छोड़ दें, और फिर गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को साफ़ कर लें। इस उपाय को करने से भी आपके चेहरे की चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है।

बाजरे के आटे से बढ़ाएं चेहरे की ख़ूबसूरती:-

बाजरे का आटा जितना खाने में अच्छा होता है उतना ही यह आपके चेहरे की चमक को भी बढ़ाता है। इसके लिए आप दो से तीन चम्मच बाजरे का आटा लें, उसमे एक चम्मच ग्लिसरीन और उतना कच्चा दूध मिलाएं की यह एक गाढ़े पेस्ट के रूप में तैयार हो जाए। उसके बाद मास्क की तरह इसे चेहरे पर लगाएं। और सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करने से ही आपके चेहरे को साफ़ करने में मदद मिलती है।

हल्दी और सफ़ेद तिल है बढ़ाएं चेहरे की ख़ूबसूरती:-

एक कटोरी में एक चम्मच सफ़ेद तिल और आधा चम्मच हल्दी, और मलाई डालकर अच्छे से मिक्स करें, आप इसे मिक्सी का इस्तेमाल करके मिक्स करें ताकि तिल अच्छे से मिक्स हो जाए। उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके अच्छे से अपने चेहरे को धो लें, इस उपाय को करने से आपको अपने चेहरे की ख़ूबसूरती और चमक को बढ़ाने में मदद मिलती है।

मुल्तानी मिट्टी और चन्दन का पाउडर लाता है चेहरे पर चमक:-

एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच चन्दन पाउडर, को कटोरी में डालकर अच्छे से मिक्स कर लें, उसके बाद मलाई या दूध का इस्तेमाल करके इसे अच्छे से मिक्स कर लें। और उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। चेहरे पर लगाने के बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें, और उसके बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को धो लें। इस उपाय का इस्तेमाल बरसों से चेहरे की ख़ूबसूरती को निखारने के लिए किया जाता है।

एलोवेरा है स्किन के लिए बेहतरीन उपाय:-

ताजा एलोवेरा जैल नियमित अपने चेहरे पर मसाज के लिए इस्तेमाल करें, और उसके बाद इसे चेहरे पर सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद चेहरे को साफ़ पानी से धो दें। ऐसा नियमित करने से आपको स्किन को गोरा, मुलायम और चमकदार बनाने में मदद मिलती है। साथ ही यह आयुर्वेदिक उपाय है तो इससे आपकी स्किन को किसी तरह का कोई नुक्सान भी नहीं होता है।

चेहरे की चमक बढ़ाने के अन्य उपाय:-

  • आलू एक प्राकृतिक ब्लीच की तरह काम करता है जो आपकी स्किन टोन को हल्का करके उसकी चमक को बढ़ाता है, इसके लिए आप आलू का रस या आलू की स्लाइसेस काट कर उसे चेहरे पर इस्तेमाल कर सकते है।
  • रुई की मदद से कच्चे दूध को नियमित चेहरे पर लगाएं यह सबसे आसान और असरदार उपाय होता है जो आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाता है।
  • टमाटर का पेस्ट बनाकर चेहरे पर मास्क की तरह लगाएं, इससे भी चेहरे की चमक बधाई जा सकती है।
  • तरबूज को पीस कर पेस्ट बनाएं, या फिर तरबूज के छिलके के अंदर वाले भाग को अपने चेहरे पर लगाएं इससे भी स्किन ग्लोइंग होती है।
  • दही में निम्बू का रस मिलाकर स्किन पर लगाएं इसे भी आपकी स्किन को साफ़ करने में मदद मिलती है।
  • बेसन और मलाई के साथ गुलाबजल मिलाकर चेहरे पर लगाएं इससे भी चेहरे की चमक बढ़ती है।
  • शहद में निम्बू का रस मिलाकर चेहरे की मसाज करें स्किन पर इसका असर साफ़ दिखाई देता है।
  • तुलसी के पत्तो को पीस कर अपने चेहरे पर लगाएं, इससे आपके चेहरे को ग्लोइंग बनाया जा सकता है।
  • शहद में दूध मिलाकर चेहरे पर लगाने से भी स्किन को साफ़ किया जा सकता है।
  • निम्बू के रस में चीनी को मिक्स करके चेहरे पर लगाएं इससे भी आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है।
  • पानी का भरपूर सेवन करें।
  • खान पान में पौष्टिक, संतुलित व् मिनरल्स से भरपूर चीजों को सम्मिलित करें।

तो यदि आप भी चाहते है की आपके चेहरे की चमक हमेशा बनी रहे तो ऊपर दिए गए किसी भी टिप्स का इस्तेमाल आप कर सकते है। इसके अलावा आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की स्किन पर धूल मिटटी का जमाव अधिक न होने दें, और चेहरे की साफ़ सफाई का ध्यान रखे, जिससे आपके चेहरे की प्राकृतिक चमक को हमेशा बरकरार रहने में मदद मिल सके, और यदि चेहरे की चमक को बढ़ाना चाहते है तो ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकते है।