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यूरिन में जलन के उपाय

यूरिन में जलन की समस्या महिला या पुरुष किसी को भी हो सकती है। यूरिन के माध्यम से हमारे शरीर में होने वाले विषैले पदार्थ बाहर निकलते है। इसीलिए जरुरी है आपको प्राइवेट पार्ट से जुडी कोई भी समस्या न हो। लेकिन कई बार पेशाब में अचानक से जलन होने लगती है, जिसके कारण यूरिन पास करते समय दर्द भी महसूस होता है। और कई बार तो बार बार यूरिन आने की समस्या से भी परेशान होना पड़ता है, और कई बार जलन के साथ खुजली की समस्या भी हो जाती है।

कई बार लोग इसे अनदेखा करते है और सोचते है की ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि कई बार इसका कारण आपके प्राइवेट पार्ट में होने वाला इन्फेक्शन भी हो सकता है। इसके अलावा इसके कई और कारण भी हो सकते है जैसे की पानी का सेवन कम करने से, साफ़ सफाई न रखने से, पीरियड्स के दौरान, आदि। तो आइये अब हम आपको विस्तार से बताते है की यूरिन में जलन के कारण और इससे बचने के उपाय क्या है।

यूरिन में जलन के कारण:-

  • प्राइवेट पार्ट में होने वाले इन्फेक्शन के कारण।
  • यदि आपके प्राइवेट पार्ट में सूखापन है तो भी यह परेशानी हो सकती है।
  • लिवर से जुडी किसी परेशानी के कारण।
  • अपने अंगो की साफ़ सफाई का ध्यान न रखने के कारण।
  • शुगर के रोगी को यह परेशानी अधिक होती है।
  • किडनी में पथरी की समस्या होने पर भी आपको यह परेशानी हो सकती है।
  • पीरियड्स के दौरान महिलाओ को यह परेशानी हो सकती है।

यूरिन में जलन से बचने के उपाय:-

धनिया पाउडर का इस्तेमाल करें:-

इस उपाय को करने के लिए रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया पाउडर डालकर रख दें। उसके बाद सुबह इस पानी को छान कर इसमें थोड़ी सी चीनी या गुड़ के साथ इसका सेवन करें आपको फायदा मिलेगा।

चावल की मांड का उपयोग करें:-

आधा गिलास चावल को चार गुना पानी में अच्छे से उबाल लें, उसके बाद इसमें से पानी को अलग कर लें। अब इस पानी में चीनी डालकर इसका सेवन करें इससे भी यूरिन में होने वाली जलन को दूर करने में मदद मिलती है।

नारियल पानी पीएं:-

नारियल पानी पीने से शरीर को ठंडक मिलती है, साथ ही यदि आप नियमित दो बार नारियल पानी का सेवन करते हैं तो इससे आपको यूरिन में होने वाली जलन की समस्या से निजात पाने में भी मदद मिलती है।

इलायची का उपयोग करें:-

सात इलायची लें, थोड़ी सी मिश्री लें, और पांच या छह बादाम की गिरियां लें, उसके बाद इन सबको मिलाकर अच्छे से पीस कर चूर्ण तैयार करें। और उसके बाद एक चम्मच दिन में दो बार एक गिलास पानी में मिलाकर पीएं इससे पेशाब में होने वाली जलन से राहत पाने में मदद मिलती है।

चन्दन पाउडर का इस्तेमाल करें:-

चन्दन से शरीर को ठंडक मिलती है और इसके इस्तेमाल से आपको यूरिन में होने वाली जलन की समस्या से भी निजात पाने में मदद मिलती है। इसके लिए आप एक गिलास ठन्डे पानी में आधा चम्मच चन्दन का पाउडर और थोड़ा सा गुलाबजल डालकर उसका सेवन करें, नियमित ऐसा करने से आपको इस परेशानी से बचने में मदद मिलेगी।

दही का सेवन करें:-

दही का सेवन करने से भी आपके प्राइवेट पार्ट में मौजूद बैड बैक्टेरिया को खत्म करने में मदद मिलती है। यूरिन में जलन की समस्या होने पर नियमित एक कटोरी दही या फिर छाछ का सेवन करने से आपको फायदा मिलता है।

सलाद व् फलों का सेवन करें:-

फलों का सेवन करने व् सलाद खाने से आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। इसीलिए आपको खीरा, ककड़ी, तरबूज, टमाटर, संतरे आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। ऐसा करने से आपको यूरिन में होने वाली जलन की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। इसके अलावा आपको ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। बल्कि जितना हो सके संतुलित आहार लेना चाहिए, इससे भी आपको फायदा मिलता है।

निम्बू और पुदीने का उपयोग करें:-

यदि आपको यूरिन में जलन की समस्या है तो इससे बचने के लिए आप एक गिलास पानी में थोड़ा सा निम्बू का रस और थोड़ा सा पुदीने का रस मिलाकर दिन में तीन से चार बार इसका सेवन करें। इससे आपकी बॉडी को ठंडक मिलने के साथ पेशाब में होने वाली जलन की समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी।

यूरिन में जलन दूर करने के अन्य उपाय:-

  • पानी का भरपूर सेवन करें इससे आपको बहुत जल्दी आराम मिलता है।
  • अपने प्राइवेट पार्ट की साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान रखें, यहां तक की जितनी बार यूरिन पास करने जाएँ अच्छे से साफ़ सफाई करें।
  • गुनगुने पानी में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर पीएं फायदा मिलेगा।
  • अनार का जूस पीने से भी यूरिन में होने वाली जलन से निजात मिलता है।
  • खट्टे फलों का सेवन करने से भी यूरिन में जलन की समस्या से आराम मिलता है।
  • अगर पथरी की वजह से यह समस्या है तो बियर पीने से आपकी इस समस्या को सुलझाने में मदद मिलेगी।
  • पानी में चुटकी भर फिटकरी डालकर दिन में दो से तीन बार पीएं इससे भी यूरिन में जलन से छुटकारा मिलता है।
  • साफ़ सुथरे इनर वियर पहने, और ज्यादा टाइट कपडे न पहने।
  • यदि इन्फेक्शन के कारन यह परेशानी है तो एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकते है।

तो ये है कुछ कारण जिनकी वजह से आपको यूरिन में जलन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। और यदि आपको भी यह समस्या है तो इसके इलाज के लिए आप ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकते है। इनसे आपको इससे बचने में मदद मिलती है, इसके अलावा यदि आपको ज्यादा परेशानी हो रही है तो एक बार आप अपने डॉक्टर से भी राय ले सकते है।

पेशाब में जलन होने के कारण

पेशाब में दर्द और जलन क्यों होती है?

पेशाब के दौरान यदि किसी व्यक्ति को परेशानी, दर्द और जलन होती है तो उसे डिस्यूरिया (dysuria) कहा जाता है। जो मूत्र को मूत्राशय से बाहर ले जाने वाली ट्यूब या जननांगों के आस पास के हिस्सों में होता है। वैसे तो पेशाब में जलन होना कोई बिमारी नहीं है लेकिन अगर किसी व्यक्ति को यह समस्या है तो हो सकता है यह किसी अन्य बीमारी का संकेत हो।

इसलिए कभी भी पेशाब में जलन महसूस हो तो तुरंत उसी समय डॉक्टर के पास जाकर जाँच करवा लेनी चाहिए। वैसे तो यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, परन्तु पुरुषों की तुलना में यह महिलाओं में अधिक होती है और युवा पुरुषों की तुलना में वृद्ध पुरुषों में अधिक होती है। यहाँ हम आपको

पेशाब में जलन होने के क्या-क्या लक्षण होते है?पेशाब में जलन का कारण

पेशाब में जलन होने के निम्न लक्षण हो सकते है –

  • बुखार आना।
  • जांघ के अंदरूनी हिस्से में दर्द होना।
  • दुर्गंध वाला या कठोर गंध वाला मूत्र आना।
  • पेशाब में खून आना या धुंधला पेशाब आना।
  • रात, दिन या दोनों के दौरान सामान्य से अधिक बार पेशाब जाना।
  • पेट में दर्द होना।
  • पेल्विक क्षेत्र के आस-पास छूने पर दर्द होना।
  • कंपकंपी।
  • मतली और उलटी आना।
  • दस्त लगना।
  • पीठ या उसके आस पास के हिस्से में मध्यम या तेज दर्द होना।
  • खुजली, पीड़ा व् जलन, प्राइवेट पार्ट से स्त्राव या गंधहीन पानी जैसा कुछ निकलना।

पेशाब में दर्द व् जलन होने के क्या कारण है?sikai

  • मूत्र पथ में संक्रमण पेशाब में जलन होने का सबसे आम कारण होता है।
  • इसके अलावा मूत्राशय में संक्रमण, प्रोस्टेट ग्लैंड में संक्रमण और मूत्र पथ में सूजन आदि के कारण।
  • यौन संचारित रोग भी पेशाब में जलन होने का कारण होते है।
  • सामान्य चोट लगने के कारण भी जलन होती है।
  • असामान्य रूप से पौरुष ग्रंथि का आकार बढ़ने या मूत्र मार्ग संकुचित हो जाने के कारण पेशाब में रुकावट आने लगती है जिससे जलन होती है।
  • कई बार जननांगों की बाहरी त्वचा पर घाव होने के कारण भी पेशाब करते समय जलन और दर्द होने लगता है।
  • किसी तरह के बाहरी और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का यूज करने से भी पेशाब में जलन व् दर्द होने लगता है।
  • महिलाओं में मीनोपॉज के बाद योनी में सूखापन आने लगता है जिसकी वजह से भी पेशाब में जलन होने लगती है।
  • मूत्र पथ, मूत्राशय, या योनी आदि में कैंसर होने पर भी जलन हो सकती है।
  • शुगर और अन्य दीर्घकालिक स्थिति जो प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा देती है के कारण भी पेशाब में जलन होने लगती है।
  • साबुन, क्रीम, शैम्पू या अन्य स्किन केयर प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करना।
  • गुर्दे या जननांग में पथरी होने की वजह से भी पेशाब में जलन होने लगती है।
  • प्राइवेट पार्ट में दाद या किसी तरह के यीस्ट संक्रमण होने के कारण भी पेशाब में दर्द और जलन हो सकती है।
    इसके अतिरिक्त कुछ अन्य कारण भी जो ‘डिस्यूरिया’ के जोखिम को बढ़ा देते है वे कारण निम्न है –

     

  • शुगर की समस्या।
  • बढती उम्र।
  • पौरुष ग्रंथि का आकार बढना।
  • गुर्दे में पथरी।
  • गर्भावस्था।
  • घुड़सवारी या साइकिल चलाना आदि जैसी गतिविधियाँ।
  • एक्जिमा और सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी परेशानियां आदि।

पेशाब में जलन होने के लक्षण और कारण बता रहे है। अगर आपको अपनी समस्या में इनमे से एक भी कारण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्वयं उपचार करने से बेहतर होगा की आप इस स्थिति में डॉक्टरी सलाह लें।

धुप सेंकने से ये फायदे होते हैं पर ये भी ध्यान रखें

Benefits Of Sunlight For Health

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व्यक्ति के जीवन को स्वस्थ और सुंदर बनाने में सूरज की बेहद अहम् भूमिका होती है। क्योंकि ये सोलर प्लेनेट न केवल हमें पुरे दिन भर रोशनी देने का काम करता है अपितु हमारी स्वास्थ्य को भी कई लाभ देता है। सूरज से निकलने वाली किरणें हमें विटामिन डी प्रदान करती है जिससे शरीर में कैल्शियम सोखने की क्षमता बढ़ती है और हमारी हड्डियां मजबूत होती है।

वैसे तो हम रोजाना ही कुछ समय के लिए धुप के संपर्क में आते ही है लेकिन सर्दियों में मौसम में यह धुप सभी को बेहद प्यारी लगती है। भले ही 10 मिनट का समय क्यों न मिले, व्यक्ति धुप में बैठना बेहद पसंद करते है। हालांकि गर्मियों में 10 सेकंड की धुप ही बर्दाश्त नहीं की जाती लेकिन सर्दियों में वही धुप बहुत अच्छी और लुभावनी लगती है।

क्योंकि इन दिनों वातावरण में तापमान काफी कम होता है जिसके चलते व्यक्ति को ठंड लगती है और जब धुप निकलती है और आप उसमे बैठते है तो सारी ठंड छू मंतर हो जाती है। धुप में बैठने से हड्डियां भी मजबूत होती है जिसका कारण विटामिन डी होता है। इसके अलावा सूर्य की किरणों से मिलने वाली ऊर्जा आयरन की कमी को भी पूरा करती है। इसीलिए आज हम आपको धुप सेंकने के सभी फायदों के बारे में बताने जा रहे है। ताकि आप भी इस प्राकृतिक देन के फायदों के बारे में विस्तार से जान सके।

धुप से स्किन का बचाव :vitamin d

लेकिन धुप में बैठते समय हमेशा एक बात का ध्यान रखना चाहिए की कभी भी चेहरा सूरज की तरफ नहीं होना चाहिए। सूरज की तरफ हमेशा पीठ करके बैठना चाहिए। जिससे सूरज की किरणों का प्रभाव स्किन पर नहीं पड़े। क्योंकि सर्दी हो या गर्मी धुप की किरणें स्किन पर रैशेस, पैचेस और उसे डार्क करने का काम भी करती है। इसीलिए खुली स्किन पर भी धुप न सेंके। इसके लिए स्किन पर कोई कपड़ा या चुन्नी ढक लें।

धुप सेंकने के क्या फायदे होते है?

1. विटामिन डी :

सर्दी हो या गर्मी धुप में बैठने से शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी की प्राप्ति होती है जो शरीर में कैल्शियम absorption के लिए बेहद जरुरी होता है। इस तत्व से हमारी हड्डियां मजबूत होती है। धुप सेंकने से हड्डियां तो मजबूत होती ही है साथ-साथ सर्दियों में होने वाले शरीर और जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है।

2. ठंड से राहत :

ठंड के मौसम में धुप सेंकने का सबसे बड़ा फायदा ये ही होता है। इस मौसम में शरीर को ज्यादा से ज्यादा गर्माहट की आवश्यकता होती है जो उसे खाने पीने की चीजों और धुप से मिलती है। इसके अलावा सर्दियों के कारण होने वाली अकड़न भी धुप में बैठने से दूर हो जाती है। धुप सेंकने से इस मौसम में कार्य करने की क्षमता में भी वृद्धि होती है।

3. वजन घटाने में :धुप सेंकने से ये फायदे होते हैं

सर्दी के मौसम में धुप सेंकने से वजन कम करने में भी काफी मदद मिलती है। एक शोध में पाया गया है की सूरज की किरणों और आपके शरीर के मोटापे के बीच विशेष संबंध होता है और जब आप धुप के संपर्क में आते है तो यह संबंध कार्य करने लगता है जिससे आपका मोटापा कम होने लगता है।

4. फंगल इन्फेक्शन :

अगर आपके शरीर में किसी भी तरह का फंगल इन्फेक्शन हो गया है तो आप धुप सेंक कर इस समस्या को ठीक कर सकते है। नमी की मौजूदगी के चलते धुप बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन को रोकने में काफी कारगर होती है। चर्म रोग, इन्फेक्शन, खुजली आदि को धुप सेंक कर ठीक किया जा सकता है।

5. बीमारी :

सोरायसिस एक तरह का स्किन इन्फेक्शन होता है जो पूरी त्वचा में बड़ी तेजी से फैलता है। धुप इसे ठीक करने में भी काफी मददगार सिद्ध होती है। इसके लिए रोजाना सर्दियों में क्कुह देर धुप में बैठें। इससे आपका इम्यून सिस्टम तो मजबूत होगा ही साथ साथ इस बीमारी से भी राहत मिलेगी।

6. नींद :धुप सेंकने से ये फायदे होते हैं पर ये ध्यान रखें

बहुत से लोगों को नींद न आने की समस्या होती है जिसे आप धुप सेंक कर ठीक कर कर सकते है। वास्तव में धुप में बैठने पर शरीर में मेनाटोनिन नामक हॉर्मोन का स्त्राव होता है जो नींद लाने का काम करता है। इसीलिए जिन व्यक्तिओं को नींद न आने की समस्या है उन्हें धुप अवश्य सेंकनी चाहिए। ऐसा करने से दिमाग स्वस्थ रहता है और अच्छी नींद आती है।

7. फायदे :

धुप सेंकने से शरीर में खून जमने की संभावना नहीं रहती जो अक्सर सर्दियों के मौसम में अधिक ठंड पड़ने के कारण हो जाती है। इससे रक्त संचारण भी बेहतर तरीके से होता रहता है। डायबिटीज और हृदय रोगियों के लिए धुप सेंकना बेहद फायदेमंद माना जाता है। तो अगर आप भी इन समस्यायों से परेशान है तो रोजाना धुप में कम से कम 20 मिनट बैठते जबकि गर्मियों में केवल 10 मिनट की धुप ही पर्याप्त होती है।

अब तो आप अच्छी तरह समझ गए होंगे की धुप सेंकने के क्या-क्या फायदे होते है और यह किन-किन बिमारियों में अपना फायदा पहुंचाती है। तो अगली बार जब भी इनमे से कोई समस्या हो तो कुछ देर जाकर धुप में आराम करें। आपकी समस्या अपने आप हल हो जाएगी।

गोरा होने के घरेलू उपाय

खूबसूरत, गोरा और बेदाग़ चेहरा हर किसी को पसंद होता है। क्योंकि इससे न केवल चेहरे का नूर बढ़ता है बल्कि आपका गोरापन हर किसी को आपकी और आकर्षित करता है और आपकी पर्सनैलिटी में चार चाँद लगा देता है। लेकिन कई बार प्रदूषण के कारण स्किन पर मृत कोशिकाओं का जमाव होने लगता है, धूप की किरणों का बुरा असर स्किन पर पड़ता है, धूल मिट्टी के कारण चेहरे की चमक खो जाती है।

जिसके कारण चेहरे की स्किन काली पड़ने लग जाती है। परन्तु यदि आप चाहे तो इस परेशानी को दूर कर सकते हैं और इसके लिए आपको न तो चेहरे के लिए केमिकल का इस्तेमाल करने की जरुरत है और न ही ज्यादा पैसे खर्च करने की जरुरत है। क्योंकि आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं। जिनसे आपके चेहरे को गोरा बनाने में मदद मिलती है। जैसे की:

केला (Banana)

एक केला लें, केला न तो ज्यादा पका हुआ होना चाहिए और न हो ज्यादा कच्चा होना चाहिए। अब उस केले को स्लाइस में काटकर दूध के साथ मिलाकर पीस लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और दस से पंद्रह मिनट बाद चेहरे को धो दें।

चावल (Rice)

जी हाँ आपके पसंदीदा चावल का इस्तेमाल करने से भी चेहरे को गोरा करने में मदद मिलती है। इसके इस्तेमाल के लिए आप थोड़े से चावल लेकर उन्हें पीस लें। अब एक से डेढ़ चम्मच चावल का पाउडर, आधा चमच्च शहद और थोड़ा सा दूध मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और उसे मास्क की तरह चेहरे पर लगाएं। दस से पंद्रह मिनट बाद चेहरे को धो लें।

कच्चा दूध (Milk)

यदि आपकी स्किन धूप, धूल मिट्टी के कारण काली पड़ रही है तो दिन में दो से तीन बार रुई की मदद से चेहरे पर कच्चा दूध लगाएं। सूखने के बाद चेहरे को धों दें आपकी अपनी स्किन में फ़र्क़ जरूर महसूस होगा।

आलू (Potato)

आलू घर में आसानी से मिल जाता है और यह आलू आपको सांवलेपन की समस्या से निजात दिलाने में भी मदद करता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप एक आलू का छिलका उतारकर उसे पीस लें और उसका रस निकाल लें। अब इस रस को रुई की मदद से अपने चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद साफ़ पानी से अपने चेहरे को धो लें। ऐसा नहीं है की एक ही बार चेहरे पर रस लगाएं बल्कि जब आप रस निकालती है तो उस रस के खत्म होने तक चेहरे पर सूखने के बाद उसे लगाती रहे जब पूरा रस खत्म हो जाएँ उसके बाद चेहरा साफ़ करें।

पपीता (Papaya)

पपीते के कुछ टुकड़ें लें और उसके बाद उन्हें पीस लें। अब इस पेस्ट में आधा चम्मच शहद डालकर मिक्स कर लें। मिक्स करने के बाद इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। पंद्रह से बीस मिनट बड़ा चेहरे को साफ़ पानी से धो लें। पपीता और शहद दोनों ही चेहरे को गोरा करने के साथ चेहरे की नमी को बरकरार रखने में भी मदद करते हैं।

चन्दन पाउडर (Sandalwood Powder)

एक कटोरी में दो चम्मच चन्दन पाउडर, थोड़ा सा नारियल पानी (Coconut Water), और पांच से सात बूंदें बादाम के तेल (Almond oil) की मिलाएं। उसके बाद इन सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें। और चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद चेहरे को साफ़ पानी से धो लें, गोरा होने के लिए यह बहुत ही असरदार उपाय है।

हल्दी (Turmeric)

त्वचा की चमक और ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए बरसों से हल्दी का इस्तेमाल किया जा रहा है। और आज भी हल्दी का इस्तेमाल करने से चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने में मदद मिलती है। और इसके लिए आप आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच बेसन, मलाई या दूध मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें और चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद चेहरे पर पानी लगाते हुए दो मिनट तक मसाज करें। उसके बाद चेहरे को साफ़ पानी से धो दें। यदि बेसन नहीं है तो आप आटे का इस्तेमाल भी कर सकती है।

बेसन (Gram Flour)

बेसन भी स्किन को गोरी बनाने में बहुत मदद करता है। इसके लिए आप दो चम्मच बेसन में एक चम्मच सरसों का तेल मिलाएं और बाकी जरुरत अनुसार दूध मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद धो दें। इस उपाय को करने से चेहरे को गोरा होने के साथ चेहरे की स्किन को मुलायम होने में भी मदद मिलती है।

केसर (Saffron)

केसर स्किन को गोरा बनाने का बहुत ही असरदार उपाय है। इसके इस्तेमाल के लिए आप दो से तीन चम्मच दूध में कैंसर के कुछ धागे डालकर रख दें। अब इस दूध को रुई की मदद से चेहरे पर लगाएं, या फिर इस दूध को थोड़ा थोड़ा स्किन पर लगाकर मसाज करें। सूखने के बाद चेहरे को साफ़ पानी से धो लें।

एलोवेरा (Aloevera)

एलोवेरा भी स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है स्किन से जुडी परेशानियों से निजात दिलाने के साथ एलोवेरा चेहरे की स्किन को गोरा करने में भी मदद करता है। इसके इस्तेमाल के लिए एलोवेरा के पत्ते को काटकर ताजा एलोवेरा जैल निकाल लें। उसके बाद इसे चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद चेहरे को धो दें। यदि घर में या आस पास एलोवेरा नहीं है तो मार्किट से लाकर एलोवेरा जैल इस्तेमाल करें।

चेहरे की स्किन में निखार लाने के अन्य टिप्स

  • खान पान का अच्छे से ध्यान रखें, फलों, हरी सब्जियों आदि का भरपूर सेवन करें।
  • पानी का भरपूर सेवन करें।
  • तनाव नहीं लें, भरपूर नींद लें।
  • व्यायाम, योगासन, मैडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • जब भी कहीं बाहर जाएँ तो सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के साथ चेहरे को सूती कपडे से ढककर जाएँ।
  • बाहर से आने पर पानी से मुँह जरूर धोएं।
  • रोजाना रात को सोने से पहले मुँह को धोकर सुखाएं और रुई की मदद से गुलाबजल लगाएं।
  • जितना हो सके केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल चेहरे के लिए करने से बचें।

तो यह हैं कुछ घरेलू तरीके जिन्हे ट्राई करने से आपके चेहरे की स्किन को गोरा होने में मदद मिलती है। यदि आप भी चाहते हैं की आपके चेहरे की स्किन गोरी हो तो आप भी इन टिप्स को जरूर ट्राई करें, और ऐसा नहीं है की एक दिन करें। बल्कि हफ्ते में दो से तीन बार जरूर करें।

Home Remedies for Fair Skin

हकलाने और तुतलाने की समस्या से ऐसे पाएं छुटकारा

हकलाना और तुतलाना दो एक जैसी समस्याएं है जो सामान्य तौर पर छोटी उम्र के बच्चो यानि 3 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों में देखने को मिलती है। हकलाने का तुतलाने का सीधा अर्थ है रुक रुक कर बोलना या कुछ शब्दों का ठीक प्रकार से उच्चारण नहीं करना। जिसके कारण इन बच्चो को अपने दैनिक जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे तो ये समस्या उम्र के साथ चली जाती है लेकिन यदि सही समय पर इसपर ध्यान न दिया जाए तो बढ़ती उम्र के साथ समस्या भी बढ़ने लगती है। जो उनके भविष्य में भी रुकावट बनती है। मेडिकल रूप से इन समस्यायों के कुछ खास उपाय नहीं है लेकिन कुछ घरेलू उपाय है जिनकी मदद से इनसे छुटकारा मिल सकता है।

पहले के जमाने में सभी इन उपायों के बारें में जानते थे लेकिन आजकल के समय में केवल कुछ ही लोग इन उपायों के बारे में जानते है इसीलिए आज हम आपको हकलाने और तुतलाने की समस्यायों के इलाज के बारें में बताने जा रहे है।

हकलाने और तुतलाने की समस्या के घरेलू इलाज 

1. आंवला :

आयुर्वेद में हकलाने और तुतलाने की समस्या के लिए आंवला को बहुत उत्तम औषधि माना गया है। इसके प्रयोग से इस समस्या को दूर करने में काफी मदद मिलती है। इसके लिए दो महीने तक नियमित रूप से 1 आंवला अपने बच्चे को खाने के लिए दें। या रोजाना सुबह सूखे आंवला के पाउडर को एक चम्मच गाय के घी के साथ लेने से भी हकलाने की समस्या में फायदा मिलता है।

2. बादाम और मक्खन :बादाम तेल के क्या-क्या फ़ायदे होते है

तुतलाने की समस्या में बादाम का सेवन करने से भी काफी लाभ मिलता है। इसके लिए रात को 5 से 6 बादाम पानी में भिगो दें और अगली सुबह इन्हे पानी से निकाल कर छील लें और अच्छे से पीस लें। पीसने के बाद इसमें 30 ग्राम मक्खन मिला लें। और उसका सेवन करें। नियमित रूप से इसका सेवन करने से हकलाहट दूर करने में मदद मिलेगी।

3. ब्राह्मी आयल :

ब्राह्मी के तेल को आयुर्वेद में हकलाहट की समस्या के लिए काफी लाभदायक माना गया है। इसके लिए ब्राह्मी के तेल को हल्का गर्म करके 15 से 20 मिनट सर की मसाज करें। इसका प्रयोग में सप्ताह में दो बार अवश्य करें। इस उपाय के लगातार प्रयोग से हकलाहट की समस्या दूर होने लगेगी।

4. छुहारे :

यदि आपको छुहारे पसंद है तो अब आपकी समस्या जल्द ही ठीक हो जाएगी। क्योंकि छुहारे का सेवन करने से आवाज साफ़ होती है जिससे शब्दों के उच्चारण में भी आसानी होती है।और शब्द साफ़ बोले जाते है। तुतलाने के साथ-साथ हकलाहट की समस्या के लिए छुहारे काफी फायदेमंद उपाय है। इसके लिए रोज रात 2 छुहारे खाएं और उसके 2 घंटे बाद तक पानी न पियें। 10 से 15 दिन तक प्रयोग करने से आवाज साफ़ होने लगेगी और तुतलाहट भी कम होने लगेगी।

5. मिश्री :mishri

शायद आप नहीं जानते लेकिन मिश्री भी हकलाहट की समस्या को दूर करने में मदद करती है। इसके लिए बादाम और काली मिर्च की समान मात्रा और उसमे मिश्री की कुछ मात्रा मिलाकर एक साथ पीस लें। और इस पाउडर की एक चम्मच रोजाना इसका सेवन करें। 10 दिनों में परिणाम आपके सामने होंगे।

6. मक्खन और काली मिर्च :

मक्खन और बादाम का नुस्खा तो आप जान ही चुके है लेकिन क्या आप जानते है की इसके अलावा काली मिर्च और मक्खन का सेवन करने से भी इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। इसके लिए रोजाना सुबह एक चम्मच मक्खन में एक चुटकी काली मिर्च के पाउडर को मिलाकर इसका सेवन करें। इस प्रयोग से आपकी हकलहाट पूरी तरह दूर हो जाएगी।

प्रेगनेंसी में घी खाने के फायदे

प्रेगनेंसी में घी खाने, प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान ऐसे आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है। जिसमे न केवल पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हो। बल्कि जो गर्भवती महिला और भ्रूण के लिए फायदेमंद भी हो। क्योंकि प्रेग्नेंट महिला स्वस्थ रहने के साथ के साथ गर्भ में शिशु का बेहतर विकास भी गर्भवती महिला के लिए जरुरी होता है। और गर्भवती महिला जो भी खाती है उसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है।

इसीलिए गर्भवती महिला को बेहतर खान पान की सलाह दी जाती है। लेकिन प्रेग्नेंट महिला है खाने की चीज को लेकर परेशान रहती है की क्या प्रेगनेंसी में इसे खाना चाहिए या नहीं। और ऐसा ही एक खाद्य पदार्थ है, घी, जिसे प्रेगनेंसी में खाना चाहिए या नहीं, कब खाना चाहिए, इसे खाने के फायदे और नुकसान के बारे में प्रेग्नेंट महिला सोच सकती है। तो लीजिये आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से प्रेगनेंसी में घी के सेवन से जुडी पूरी जानकारी आपको बताने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में घी का सेवन गर्भवती महिला को करना चाहिए या नहीं

ओमेगा 9 फैटी एसिड, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन, एंटी-ऑक्सीडेंट व् अन्य मिनरल्स से भरपूर घी का सेवन गर्भवती महिला कर सकती है। लेकिन प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में घी का सेवन करने से बचना चाहिए। दूसरी तिमाही में महिला थोड़ा घी खा सकती है। और तीसरी तिमाही में भी घी का सेवन कर सकती है। क्योंकि इससे केवल गर्भवती महिला को ही फायदा नहीं मिलता है। बल्कि गर्भ में शिशु के विकास को भी बढ़ावा मिलता है।

प्रेग्नेंट महिला को घी का सेवन कब नहीं करना चाहिए

यदि प्रेग्नेंट महिला का वजन बहुत ज्यादा है तो महिला को घी का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे महिला का वजन और ज्यादा बढ़ सकता है। और प्रेगनेंसी के दौरान जरुरत से ज्यादा वजन बढ़ना प्रेग्नेंट महिला को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा महिला को यदि हाई ब्लड प्रेशर से जुडी परेशानी हो तो भी घी का सेवन करने से महिला को बचना चाहिए। साथ ही सिमित मात्रा में ही घी का सेवन गर्भवती महिला को करना चाहिए। ताकि प्रेग्नेंट महिला को इसका फायदा मिल सके। क्योंकि जरुरत से ज्यादा घी का सेवन यदि प्रेग्नेंट महिला करती है तो इससे महिला और शिशु दोनों को नुकसान पहुँच सकता है।

प्रेगनेंसी में घी का सेवन करने के फायदे

गर्भवती महिला यदि सिमित मात्रा में घी का सेवन करती है तो ऐसा करने से महिला को बहुत से स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे मिलते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी में घी का सेवन करने से कौन से फायदे मिलते हैं।

ऊर्जा

  • देसी घी में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ एक्टिव रखने में भी मदद करते हैं।
  • जिससे प्रेग्नेंट महिला को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

एंटी वायरल गुण

  • घी में एंटी वायरल गुण मौजूद होते हैं।
  • जो प्रेग्नेंट महिला की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।
  • जिससे प्रेग्नेंट महिला को कब्ज़, एसिडिटी जैसी परेशानी से प्रेगनेंसी के दौरान बचे रहने में मदद मिलती है।

डिलीवरी

  • नौवें महीने में यदि गर्भवती महिला घी का सेवन करती है।
  • तो इससे महिला के नोर्मल प्रसव के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • क्योंकि इससे गर्भाशय की सतह में चिकनाहट को बढ़ाने में मदद मिलती है।

तनाव

  • घी का सेवन करने से गर्भवती महिला को मूड को सही रखने में मदद मिलती है।
  • जिससे गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान तनाव जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी में घी खाने से होता है बेहतर शिशु का विकास

  • पोषक तत्व, ओमेगा 9 फैटी एसिड, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व घी में मौजूद होते हैं।
  • जो भ्रूण के शारीरिक विकास को बेहतर रखने के साथ मानसिक विकास को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
  • जिससे गर्भ में शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है और जन्म के समय शिशु को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो प्रेग्नेंट महिला को घी का सेवन करने से मिलते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला को इन सभी फायदों के लिए घी को सिमित मात्रा में अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

कोहनी और घुटने का कालापन दूर करने के उपाय

Home Remedies for Dark Elbows and Knees

कोहनी और घुटने का कालापन दूर करने के उपाय, Remedies for dark elbows & knees, Tips to remove elbows & knee tanning, काली कोहनी और घुटने के घरेलू उपाय

आज के समय में हर कोई अपनी बॉडी और स्किन पर ध्यान देने लगा है फिर चाहे वो लड़के हो या लड़कियां। जहां एक तरफ लड़कियां स्किन को फ्लॉलेस और खूबसूरत बनाने के प्रयासों में लगी रहती है वहीं लड़के खुद को स्टाइलिश और हैंडसम दिखाने से पीछे नहीं हटते। लेकिन इन सभी के बावजूद एक समस्या जो हर किसी को परेशान किये हुए है। और वो है कोहनी और घुटनों का कालापन।

लड़के तो फिर भी फुल स्लीव टी-शर्ट और फुल पेंट्स में अपने स्किन को छुपा लेते है लेकिन लड़कियां उनका तो पहनावा ही उनके स्टाइल को बयां करता है जिसके चलते वे शॉर्ट्स और स्लीवलेस ड्रेसेस पहनती है। जिसमे से उनके काले घुटने और कोहनी साफ़ साफ दिखाई पड़ते है।कोहनी और घुटने का कालापन

ये कालापन कई बार उनके लिए शर्मिंदगी का कारण भी बन जाता है। ऐसे में लड़कियां अक्सर अपनी फेवरिट ड्रेसेस और शॉर्ट्स पहनना छोड़ देती है। वैसे तो इनके कालेपन के बहुत से कारण होते है लेकिन सबसे बड़ा कारण धुप के सम्पर्क में रहना और स्किन को सही तरीके से एक्सफोलिएट न करना होता है। जिसके कारण स्किन पर डेड स्किन जमा होने लगती है और वही आगे चलकर काली हो जाती है।

जिससे कोहनी और घुटने पर कालापन आने लगता है। लेकिन क्या आप जानती है की कुछ उपाय है जिनकी मदद से आप अपनी कोहनी और घुटने के कालेपन को दूर कर सकती है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना होगा बस कुछ घरेलू उपाय है जिनका इस्तेमाल करना है। वे आपकी इस समस्या को कुछ ही समय में पूरी तरह दूर कर देंगे। तो आइये विस्तार से जानते है उन उपायों के बारे में –

कोहनी और घुटने का कालेपन दूर करने के उपाय :-

1. शहद, हल्दी और दूध :

ये तीनों ही उत्पाद आपको आपकी किचन में बड़ी ही आसानी से मिल जाएंगे। जिनका इस्तेमाल करना काफी आसान है। प्रयोग के लिए 1 चम्मच हल्दी, आधा चम्मच शहद और 1 बड़ा चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं। अब इस पेस्ट को अपनी कोहनी और घुटनों पर अच्छे से लगाएं। 20 मिनट तक लगाएं रखें और उसके बाद हलके गीले हाथों से रगड़ते हुए छुड़ा दें। बाद में गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। लगातार इस्तेमाल से फायदा होगा।

2. बादाम का तेल :

बादाम के तेल में स्किन को नौरीश करके अच्छा बनाने के गुण पाए जाते है। जो न केवल उसे पोषण प्रदान करते है अपितु उसे क्लीन बनाने में भी मदद करते है। प्रयोग के लिए रोजाना सोने से पहले अपनी कोहली और घुटने पर बादाम के तेल से मसाज करें। कुछ दिनों के प्रयोग से आपकी समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।

3. बेकिंग सोडा और दूध :smooth Elbows

बेकिंग सोडा भी स्किन को रंगत को साफ़ करने में मदद करता है। जबकि दूध एक नेचुरल क्लीन्ज़र है। इसके प्रयोग के लिए आवश्यकतानुसार बेकिंग सोडा और दूध की समान मात्रा मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपनी कोहनी और घुटने पर अच्छे से लगाकर रगड़ें। थोड़ी देर रगड़ने के बाद पानी से साफ़ कर लें। एक दिन छोड़कर प्रयोग करने से कालापन पूरी तरह दूर हो जाएगा। लेकिन ध्यान रहे चोट वाले स्थान पर इसका इस्तेमाल नहीं करें।

4. नारियल तेल और नींबू :

नींबू में स्किन को ब्लीच करने के तत्व होते है जबकि नारियल तेल मॉइश्चराइज़िंग गुणों से भरपूर होता है। आप इन दोनों की मदद से भी अपनी स्किन प्रॉब्लम को दूर कर सकते है। इसके लिए 1 छोटा चम्मच नारियल तेल और आधा चम्मच नींबू का रस लें। इन दोनों को अच्छे से मिलाकर अपनी स्किन के कालेपन वाले हिसे पर लगाएं। 15 से 20 मिनट तक रखें और उसके बाद पानी से साफ़ कर दें। नियमित रूप से इस उपाय का इस्तेमाल करने से समस्या दूर हो जाएगी।

5. नींबू और बेसन :

नींबू के ब्लीचिंग गुणों को सभी भली भांति जानते है। जबकि बेसन के स्किन को निखारने वाले वाकई कालेपन की समस्या में काफी लाभ पहुंचाते है। ऐसे में यदि दोनों को एक साथ मिलाकर प्रयोग किया जाए तो। उसके लिए थोड़े से बेसन में जरूरत अनुसार पानी मिलाकर मोटा पेस्ट तैयार के लें। अब इसे कोहनी और घुटने पर अच्छे से लगाकर गोलाई में मसाज करें। सूखने तक इंतजार करें और उसके बाद रगड़ रगड़ कर साफ़ कर लें।

6. एलोवेरा जेल :

यह स्किन से जुडी सभी समस्यायों में रामबाण का काम करता है। इसके प्रयोग से स्किन तो मॉइस्चराइज़ होती ही है साथ साथ टैनिंग से भी छुटकारा मिलता है। कोहनी और घुटने के कालेपन को दूर करने के लिए एक फ्रेश एलोवेरा का जेल निकालकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। 20 मिनट तक रखें और बाद में गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। दिन में 2 बार प्रयोग करने से समस्या पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

7. चीनी और ऑलिव आयल :

स्किन की रंगत साफ़ करने और उसे निखारने के लिए ये दोनों ही कमाल के इंग्रीडिएंट है। प्रयोग के लिए एक चम्मच ऑलिव आयल और 1 चम्मच चीनी को मिलाकर स्क्रब बनायें। नहाने से कुछ मिनट पहले इस स्क्रब को अपनी कोहनी और घुटने पर अच्छे से रगड़ें। जिससे डेड स्किन निकल जाए। उसके बाद नहा लें। रोजाना इस्तेमाल करें से समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी।

8. पुदीना :

शायद आप नहीं जानती लेकिन पुदीना भी आपकी इस समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए एक कप पानी में एक मुट्ठी पुदीना और आधे नींबू का रस डालकर थोड़ी देर उबालें। उबलने के बाद जब यह ठंडा हो जाए तो इसे छान कर अलग रख लें। अब इसमें रुई डुबोकर अपनी कोहनी और घुटने को इससे रगड़ें। 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। रोजाना दिन में 1 से 2 बार प्रयोग करने से समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी।

तो ये थे कुछ घरेलू उपाय, जिनकी मदद से आप अपनी कोहनी और घुटने के कालेपन को बड़ी ही आसानी से घर बैठे दूर कर सकती है। लेकिन ध्यान रहे कुछ चीजे जलन और टीस पैदा करने वाली है तो अगर आपकी स्किन के उस स्थान पर कोई चोट या कट लगा है तो उनपर उस उपाय का इस्तेमाल नहीं करें। अन्यथा जलन आपको ही होगी।

नहाने से पहले लड़कियां बाथरूम में नारियल तेल क्यों रखती है?

नारियल तेल का इस्तेमाल करने से आपको बहुत फायदे होते है, चाहे फिर वो आपकी त्वचा को कोमल बनाने के लिए हो, या फिर आपके बालों की चमक बढ़ाने के लिए, परंतु क्या आप जानते है की लड़कियां नहाने से पहले बाथरूम में नारियल के तेल का इस्तेमाल क्यों करती है।

गर्मी का मौसम हो या सर्दी का मौसम हर समय नारियल तेल का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद माना जाता है, नारियल तेल में बहुत से औषधीय गुण होते है, जो आपकी सेहत, त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाएं रखने में मदद करता है, यदि आप इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा के लिए करते है, तो ये आपकी त्वचा को कोमल और मुलायम बनाएं रखने में मदद करता है, और ये आपकी त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर का काम करता है, और आपको बालों में लगाने से भी ये आपके बालों के लिए कंडीशनर का काम करता है, और आपके बालों को मुलायम और चमकदार बनाएं रखने में मदद करता है।

परंतु क्या आप जानते हैं की लड़कियां नहाने से पहले नारियल के तेल का इस्तेमाल क्यों करती है, क्योंकि नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से उनकी त्वचा को मुलायम बनाया जा सकता है, और यदि बालों को धोने से थोड़ी देर पहले अपने बालों में मसाज करती है, तो इसके कारण भी उनके बालों की चमक को बरकरार रखने में मदद मिलती है, इसके अलावा आप इसमें चीनी को मिलाकर स्क्रब की तरह भी इस्तेमाल कर सकती है, तो आइये आज हम आपको बताने जा रहे है की नारियल के तेल का इस्तेमाल लड़कियां बाथरूम में जाने से पहले क्यों करती हैं।

बालों के लिए कंडीशनर का काम करता है:-

यदि आप बालों को धोने वाले है, तो आपको इसके लिए अपने बालों में अच्छे से नारियल का तेल लगाना चाहिए और थोड़ी देर बाद अच्छे से सर को धोना चाहिए, ऐसा करने से आपके बालों में कंडीशनर का इस्तेमाल करने की भी जरुरत नहीं पड़ती है। और नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से आपके बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करता है।

आपको स्किन को बेहतर बनाता है:-

यदि आप नहाने से दस मिनट पहले अपनी स्किन पर अच्छे से नारियल के तेल की मसाज करते है, तो इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण आपकी स्किन को बेहतर करने में मदद करते है, इससे आपको स्किन कोमल, नरम, और दमकती हुई बन जाती है, और इसके कारण स्किन में होने वालर रूखेपन की समस्या से भी निजात पाने में आपको मदद मिलती है।

स्क्रब की तरह काम करता है:-

यदि आप नारियल के तेल में चीनी को मिलाकर नहाने से दस मिनट चेहरे पर लगाकर स्क्रब की तरह इस्तेमाल करते है, तो इसके कारण आपकी त्वचा की मृत कोशिकाओं यानि की डेड स्किन को हटाकर आपकी त्वचा को चमकदार बनाएं रखने में मदद मिलती है, और आप इस तरीके को हफ्ते में कम से कम एक बार तो जरूर करें, ताकि आपके चेहरे की चमक को कायम रखने में मदद मिल सकें।

डार्क सर्कल की समस्या से राहत दिलाता है:-

कई महिलाएं आँखों के नीचे डार्क सर्कल की समस्या से बहुत ज्यादा परेशान होती है, नारियल तेल में एंटी एजिंग गुण पाएं जाते है, जिसके कारण आपकी त्वचा को इस समस्या से राहत मिल सकती है, इसके लिए आप डार्क सर्कल पर नियमित रूप से अपने हाथो पर नारियल तेल की कुछ बुँदे लेकर मसाज करें, ऐसा करने से आपको इस समस्या से राहत दिलाने में मदद मिलती है।

कील मुहांसे की समस्या से राहत दिलाता हैं:-

नारियल के तेल से नहाने से दस मिनट पहले यदि आप अच्छे से अपने चेहरे को मसाज करते है, तो इसके इस्तेमाल से भी आपको कील मुहांसे को खत्म करके अपने चेहरे को नरम बनाने में मदद मिलती है, और साथ ही त्वचा की नमी को बरकरार रखने में भी मदद मिलती है।

चोट के निशान को हटाने में मदद करता है:-

कई बार आपको किसी न किसी कारण चोट लग जाती है, तो उसके निशान रह जाते है, और उसके कारण आपको अपनी स्किन भी अच्छी नहीं लगती है, और आपको उन्हें छिपाने के लिए तरह तरह के तरीके ढूंढने पड़ते है, तो इस समस्या के समाधान के लिए भी आप नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते है, यदि आप दिन में तीन से चार बार नियमित रूप से चोट के निशान पर नारियल का तेल लगाते है, तो आपको इस निशान को हटाने में मदद मिलती है।

मेक अप को उतरने के लिए करे नारियल के तेल का इस्तेमाल:-

महिलाएं कई बार रात को कही से बाहर आने जाने के बाद अपने मेक अप को नहीं उतरती है, या फिर जल्दी उतारने की कोशिश करती है, तो इसके लिए यदि आप कॉटन पर नारियल के तेल को लगाकर अच्छे से अपने चेहरे को साफ़ करें, ऐसा करने से भी आपको अपने चेहरे को क्लीन करने में मदद मिलती है।

घमोरिया से राहत दिलाने में मदद करता है:-

घमोरिया की समस्या को दूर करने के लिए भी आप नारियल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए, और साथ ही यदि आपको गर्मी में धुप में जाने के कारण सनबर्न की समस्या भी हो जाती है, तो इससे बचने के लिए भी आप नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते है, क्योंकि ये घमोरिया को दूर करके सनबर्न की समस्या से आपको बचाकर आपको त्वचा की नमी को बरकरार रखने में मदद करता है।

फटी एड़ियो की समस्या से राहत मिलती है:-

फटी एड़ियों को मुलायम बनाने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करने से बहुत फायदा मिलता है। इसके लिए आप नारियल तेल में चुटकी भर हल्दी मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, इस पेस्ट को मास्क की तरह फटी एड़ियों की पर लगाने से आपको इस परेशानी से राहत मिलती है, नाखुनो के आस पास की त्वचा उखड जाती है, तो भी नारियल के तेल को लगाने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

लाल धब्बे की समस्या से राहत मिलती है:-

मच्छरों के काटने से त्वचा पर लाल धब्बे और सूजन हो जाती है, जिसके कारण दर्द भी होने लगता है, इस समस्या से बचने के के लिए भी यदि आप इन लाल धब्बो के निशान पर नारियल के तेल से अच्छे से मसाज करते है तो आपको इस समस्या से भी निजात मिलता है।

खुजली की समस्या से बचने के लिए नारियल के तेल का इस्तेमाल करें:-

यदि आप खुजली की समस्या से परेशान है, तो भी आप यदि जहाँ पर खुजली की समस्या है, तो आप इसके लिए नारियल के तेल की अच्छे से मसाज करें, और थोड़ी देर बाद धो लें, इसके कारण आपको खुजली की समस्या से उसी समय राहत पाने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ नारियल के तेल के फायदे है, जो नहाने से पहले करने से आपको मिलते है, और लड़कियां अपनी त्वचा अपने बालों और अपनी ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए हर कोशिश करती है, इसीलिए वो बॉथरूम में जाने से पहले नारियल के तेल का इस्तेमाल जरूर करती है। यदि आपको भी इनमे से कोई समस्या है, तो आप भी इन तरीको का इस्तेमाल कर सकते है।

नोर्मल डिलीवरी नहीं होने की क्या वजह होती है?

सिजेरियन डिलीवरी और नोर्मल डिलीवरी

गर्भ में शिशु को नौ महीने तक रखने के बाद डिलीवरी का समय पास आने पर गर्भवती महिला के मन में यही सवाल घूम रहा होता है की उसकी डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन? ज्यादातर महिलाएं आज भी नोर्मल डिलीवरी ही चाहती हैं क्योंकि नोर्मल डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने के साथ शिशु के स्वस्थ जन्म लेने के चांस भी बढ़ जाते हैं, यानी की जन्म के समय शिशु को बीमारियां होने का खतरा कम होता है। जबकि कुछ महिलाएं दर्द से बचने के लिए, डॉक्टर की राय पर, शिशु की गर्भ में गलत स्थिति के कारण सिजेरियन डिलीवरी द्वारा शिशु को जन्म देती है, और सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को फिट होने के लिए नोर्मल से ज्यादा समय लगता है, साथ ही शिशु को भी जन्म के समस्या परेशानी होने के चांस बढ़ जाते हैं। महिला की नोर्मल डिलीवरी का न होना और सिजेरियन की मदद से शिशु को जन्म देने का कोई एक कारण नहीं होता है।

नोर्मल डिलीवरी न होने के कारण

महिला के चाहने पर भी कई बार ऐसी कुछ परिस्थितियां प्रेगनेंसी के दौरान आ जाती है जहां महिला को नोर्मल की जगह सिजेरियन डिलीवरी की मदद से शिशु को जन्म देना पड़ता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की महिला की नोर्मल डिलीवरी न होने के क्या क्या कारण हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स

यदि गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक परेशानी अधिक रही है, या अन्य किसी शारीरिक समस्या के कारण प्रेगनेंसी में दिक्कत है तो ऐसे में डिलीवरी के दौरान कोई परेशानी न हो इससे बचने के लिए डॉक्टर महिला को सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दे सकते हैं।

ब्लड प्रैशर

ब्लड प्रैशर के घटने या बढ़ने के कारण गर्भवती महिला और गर्भ में शिशु दोनों को परेशानी का अनुभव हो सकता है। और यदि डिलीवरी के दौरान भी महिला को ब्लड प्रैशर से जुडी कोई समस्या हो तो ऐसे में भी नोर्मल डिलीवरी होने के चांस कम हो जाते हैं।

बच्चेदानी का मुँह

कई बार डिलीवरी की तारीख निकलने के बाद भी बच्चेदानी का मुँह नहीं खुल पाता है साथ ही महिला को प्रसव पीड़ा का भी कोई लक्षण महसूस नहीं होता है। ऐसे में गर्भ में शिशु को कोई खतरा न हो इससे बचने के लिए सिजेरियन डिलीवरी का सहारा लिया जाता है और महिला की नोर्मल डिलीवरी नहीं हो पाती है।

खून

यदि डिलीवरी का समय पास आने पर प्राइवेट पार्ट से ब्लड का फ्लो ज्यादा होने लगता है तो इससे महिला को सेहत सम्बन्धी परेशानी हो सकती है ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए गर्भवती महिला को नोर्मल डिलीवरी होने के चांस कम हो जाते हैं, और महिला को जल्द से जल्द सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह दी जाती है।

महिला की हाइट

गर्भवती महिला की यदि हाइट कम होती है तो ऐसे में कूल्हे की हड्डी छोटी होने के कारण नोर्मल डिलीवरी नहीं हो पाती है जिसके कारण गर्भवती महिला को ज्यादातर मामलों में सिजेरियन डिलीवरी की मदद से ही शिशु को जन्म देना पड़ सकता है। जिन महिलाओं का वजन भी बहुत ज्यादा होता है उनकी नोर्मल डिलीवरी होने के चांस भी बहुत कम होते हैं।

दर्द

कुछ महिला प्रसव पीड़ा को सहन करने की हिम्मत नहीं कर पाती है, ऐसे में वो अपनी मर्ज़ी से ही नोर्मल की जगह सिजेरियन डिलीवरी का चुनाव करती हैं।

गर्भ में शिशु की स्थिति

नोर्मल डिलीवरी के लिए गर्भ में शिशु की स्थिति का सही होना भी जरुरी होता है लेकिन कुछ मामलों में देखने को मिलता है की डिलीवरी का समय पास आने पर भी शिशु अपनी सही पोजीशन में नहीं आता है, शिशु गर्भ में उल्टी पोजीशन में होता है, कई शिशु की गर्भनाल उनके गले में लिपटी हुई होती है, बच्चा बहुत कमजोर होता है, बच्चे के दिल की धड़कन कम होने लगती है, ऐसे में इनमे से कोई भी स्थिति होने पर गर्भवती महिला को डॉक्टर्स तुरंत सिजेरियन डिलीवरी कराने की सलाह देते हैं क्योंकि ऐसी स्थितियों में नोर्मल डिलीवरी होने के कारण शिशु और महिला दोनों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

शिशु का गर्भ में मल

कई बार शिशु गर्भ में ही मल मूत्र कर देता हैं, जिसके कारण इसके शिशु के मुँह में जाने के कारण शिशु को बहुत ज्यादा खतरा हो सकता है। ऐसा होने पर भी डॉक्टर्स महिला को तुरंत सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह देते हैं।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से महिला की नोर्मल डिलीवरी नहीं हो पाती है इसके अलावा यदि आप चाहती है की आपकी डिलीवरी नोर्मल हो तो इसके लिए प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को अपने स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रखना चाहिए ताकि आपको नोर्मल डिलीवरी होने में मदद मिल सके।

फल जो गर्भावस्था में महिलाओं को गर्मियों में खाने चाहिए

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गर्भावस्था में माँ को सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि अपने बच्चे के लिए भी खाना होता है मतलब गर्भवती महिला को दो लोगो का भोजन खाना होता है। दो के लिए खाने का मतलब भोजन की बहुत ज्यादा मात्रा से नहीं है , बल्कि भरपूर पोषक तत्वों से है।

ख़ासतौर पर जब गर्मियां हो, सूरज सर पर हो, प्यास से गला सूखता हो तो ऐसे में एक गर्भवती महिला का भरपूर पोषक तत्व लेना आवश्यक हो जाता है। अच्छी बात यह है के गर्मियाँ अपने साथ साथ बहुत से सेहतमंद और स्वादिष्ट फलों को लाती है। आपको यह जानकार हैरानी होगी की यह फल ना की सिर्फ गर्मी को दूर भगाते है बल्कि प्रेगनेंसी के कुछ एक लक्षणों जैसे उल्टी, दस्त, घबराहट और खून की कमी में भी आराम दिलाते है।

यहाँ हम आपको उन फलों के बारे में बता रहे जिन्हें प्रेगनेंसी के दौरान गर्मियों में जरूर खाना चाहिए।

  • सेब – Apple :

गर्मियों के दिनों में गर्भवती महिला का थकान महसूस करना बहुत समान्य बात है, ऐसे में सेब का सेवन आपको प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करेगा।

  • तरबूज – Watermelon : 

तरबूज में भरपूर मात्रा में पानी होता है, प्रेगनेंसी के दौरान तरबूज का सेवन आपके एमनीओटिक फ्लूइड का स्तर सहीं रखेगा।

  • संतरा – Oranges :

 प्रेगनेंसी में अक्सर महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है ऐसे में संतरे को खाने से आयरन और विटामिन सी की कमी पूरी होती है।

  • केला – Banana :

गर्भावस्था में महिलाओं को बहुत समय तक बैठे रहने या खड़े रहने से पैरो में क्रैम्प आने लगते है ऐसे में केला खाने से क्रैम्प भी कम आएंगे और साथ ही पोटैशियम की मात्रा भी बढ़ेगी।

  • बेरीज – Berries :

बेरीज चाहें स्टॉबेरी हो या ब्लूबेरी इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, गर्भवती महिला को बेरीज का सेवन जरूर करना चाहिए।

जिन गर्भवती महिलाओं को शुरुआती महीनों में कब्ज की परेशानी होती है उन्हें बेरीज खाने से बहुत फायदा मिलेगा।

  • अमरुद – Guava :

अमरुद में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट तत्व होते है। प्रेगनेंसी में खाने से विटामिन सी के कमी पूरी होती है और बच्चे का विकास भी होता है।

  • कीवी – Kiwi :

प्रेगनेंसी के दौरान कीवी खाने से आयरन की कमी पूरी होती है और साथ में कीवी में विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन, पोटैशियम और मैग्नेशियम भी पाया जाता है।

  • चीकू – Chiku :

चीकू में एलेक्ट्रोलाइट, विटामिन ए, कार्बोहायड्रेट और सही मात्रा में ऊर्जा होती है। गर्भावस्था में चीकू बहुत ही फायदेमंद होता है।

यह सभी फल प्रेगनेंसी के दौरान गर्मियों में आप खा सकते है। अगर इनमे से किसी भी फल से आपको ऐलर्जी हो तो सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले।