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गर्मियों में दूध बादाम पीने के तरीके प्रेगनेंसी में

दूध और बादाम को सदियों से इनके भरपूर पोषण और गुणों के लिए जाना जाता है। दूध और बादाम मिलाकर पीने से बहुत फायदे होते है। खास बात यह है के दूध और बादाम को जितना सर्दियों में इस्तेमाल कर सकते है उतना ही गर्मियों में भी कर सकते है। दूध से हमे कैल्शियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में मिलता है और बादाम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन इ, आयरन और कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। इन दोनों ही चीजों का इस्तेमाल अच्छी सेहत, सुन्दर बाल, त्वचा आदि के लिए भी किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार भी दिन भर में एक मुट्ठी बादाम का सेवन जरूर करना चाहिए।

दूध और बादाम खाने के फायदे

बात अगर गर्भावस्था की करे तो किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले उनसे मिलने वाले फायदों के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए। वैसे दूध और बादाम का सेवन सभी के लिए ही लाभदायक है पर आज हम जानेंगे की इसके सेवन से गर्भवती महिला को क्या लाभ मिल सकता है।

आयरन

गर्भावस्था में शरीर में आयरन की मात्रा की सबसे ज्यादा जरुरत होती है। साधारणतः महिलाओं में आयरन की कमी पायी जाती है और गर्भावस्था में इसकी कमी और भी बढ़ जाती है। प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर डॉक्टर आपको की दवाइयां खाने को देते है। दवाइयों के सेवन के बावजूद भी कुछ महिलाओं में आयरन की कमी रह जाती है। बादाम आयरन का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है। प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन करने से यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बनाये रखने में मदद करता है। जिससे शरीर में खून की कमी होने का खतरा कम हो जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार 100 ग्राम बादाम में 3.71 मिलीग्राम आयरन होता है। गर्भावस्था में पुरे दिन में हमारे शरीर को टोटल 27 मिलीग्राम आयरन की जरुरत होती है। ऐसे में दूध और बादाम के नियमित सेवन से शरीर की थोड़ी बहुत कमी यह से पूरी होने में मदद मिलती है।

कैल्शियम

जब भी किसी के शरीर में कैल्शियम की कमी होती है तो उसे दूध के सेवन पर अधिक जोर देने को कहा जाता है जो पूरी तरह से सही भी है क्योंकि दूध में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। पर क्या आप जानते है के बादाम भी कैल्शियम का एक बहुत अच्छा स्रोत है। डॉक्टरों के अनुसार 100 ग्राम बादाम में 269 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। आप सोचिये जब आप दोनों चीजों को मिलाकर इनका सेवन करेंगे तो शरीर में कैल्शियम की कमी कितनी तेजी से पूरी होगी।

एक रिसर्च के अनुसार गर्भवती महिला को पुरे दिन में 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरुरत होती है। गर्भावस्था में गर्भ में पल रहे शिशु को कैल्शियम की अत्यधिक आवश्यकता होती है। बिना कैल्शियम के शिशु की हड्डियों और मसल्स की ग्रोथ सहीं ढंग से नहीं हो पाती है। माना जाता है के अगर गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाए तो उसकी हड्डियां कमजोर हो जाती है और पैरो और घुटनो में दर्द भी शुरू हो जाता है। इसलिए रोजाना दूध और बादाम के सेवन से गर्भवती महिला की कैल्शियम काफी कमी पूरी हो सकती है।

फोलिक एसिड

गर्भावस्था के दौरान शरीर में अगर फोलिक एसिड की कमी हो जाए तो शरीर में खून की कमी हो जाती है इससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुक्सान पहुंच सकता है। बादाम में फोलिक एसिड की एक अच्छी मात्रा पायी जाती है। इसके सेवन से शिशु का मानसिक विकास अच्छा होता है। दूध और बादाम के नियमित सेवन से भ्रूण को जन्म के समय होने वाले ब्रेन और स्पाइन से जुड़े दोषो से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।

पाचन क्रिया

गर्भावस्था में अक्सर महिलाओं को पाचन क्रिया सम्बन्धित समस्याओं का सामना करना पड़ता है क्योंकि गर्भाशय में शिशु की ग्रोथ के साथ साथ पाचन शक्ति पर प्रेशर ज्यादा बढ़ जाता है। पाचन क्रिया को ठीक करने के लिए फाइबर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। बादाम फाइबर का एक बहुत अच्छा स्रोत है। बादाम और गर्म दूध को रोजाना रात को सोने से पहले पीने से पाचन संबंधित परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है।

विटामिन इ

बादाम में विटामिन इ भरपूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन इ हमारी त्वचा और बालों को सुंदर बनाने के साथ साथ तेज दिमाग के लिए जाना जाता है। यदि गर्भवती महिला दूध और बादाम का नियमित सेवन करती है तो इसका असर ना सिर्फ महिला के बालों और त्वचा पर दीखता है बल्कि होने वाले शिशु की त्वचा और बालों की ग्रोथ बहुत अच्छी होती है। शिशु के दिमाग का विकास भी बहुत अच्छे से होता है।

बादाम और दूध का सेवन का तरीका

यह सभी फायदे गर्भवती महिला को आसानी से मिल सकते है अगर वह नियमित रूप से दोनों चीजों का सेवन करें। किसी भी चीज के सेवन का सही तरीका जानना भी बहुत जरुरी है क्योंकि गलत तरीके से सेवन करने से नुक्सान भी हो सकता है। आइये जानते है गर्भवती महिला कैसे करें दूध और बादाम का सेवन।

  • वैसे तो दूध और बादाम को आप कैसे भी अपनी सुविधानुसार खा सकते है। पर बात अगर मौसम की जाए तो सर्दियों में गर्म दूध में 6 से 8 बादाम पीस कर उसका सेवन करे। वह गर्भवती महिला के लिए बहुत ही फायदा करेगा।
  • बादाम की तासीर गर्म होती है और गर्मियों में अगर गर्भवती महिला दूध और बादाम का सेवन करना चाहती है तो बादाम को पानी में पूरी रात के लिए भिगो कर रखे। सुबह उसके छिलके को उतारकर ठन्डे या नार्मल दूध में पीस कर इसका सेवन करना अच्छा होता है।
  • गर्मियों में भीगे हुए बादाम को खाने से गर्भवती महिला को कोई नुक्सान नहीं पहुंचेगा। अगर आप पीस कर इसका सेवन नहीं करना चाहती तो भीगे हुए बादाम का छिलका उतारकर पहले खा ले और फिर ऊपर से दूध पी लें।

यहां हम आपको एक बात और ध्यान रखने के लिए बताना चाहते है के वैसे तो बादाम और दूध गर्भावस्था में माँ और शिशु दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद होता है। परन्तु हर महिला की गर्भावस्था अलग होती है। किस महिला को गर्भावस्था के दौरान किस चीज से नुक्सान पहुंचेगा यह बात उसके डॉक्टर के अतिरिक्त और कोई नहीं बता सकता है। इसीलिए अपनी डाइट में बादाम और दूध को शामिल करने से पूर्व अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

प्रेगनेंसी में खजूर खाने के फायदे

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गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपने खान पान का बेहतर तरीके से ध्यान रखना जरुरी होता है। क्योंकि महिला के खान पान यदि पोषक तत्वों से भरपूर होता है तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर शारीरिक विकास में मदद मिलती है। इस दौरान महिला को अपने खान पान में किस चीज को शामिल करना चाहिए और किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, इन बातों का ध्यान रखना भी जरुरी होता है। जैसे की कच्चा पपीता, कटहल, अनानास, अल्कोहल, धूम्रपान आदि का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान वर्जित होता है। क्योंकि इससे गर्भवती महिला को दिक्कत होने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है। तो आज हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान खजूर का सेवन करना चाहिए या नहीं, और इसके सेवन से कौन कौन से फायदे मिलते हैं, इससे जुडी कुछ बातें बताने जा रहें हैं।

गर्भवती महिला को खजूर का सेवन करना चाहिए या नहीं

खजूर में आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम , फाइबर, प्रोटीन, आदि सभी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो की गर्भवती महिला के लिए जरुरी होते हैं। लेकिन गर्भावस्था की दूसरी तिमाही तक इसके अधिक सेवन को न करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इससे गर्भाशय में संकुचन हो सकता है, इसका कारण होता है की खजूर का अधिक सेवन करने से बॉडी का तापमान बढ़ने लगता है, लेकिन आप चाहे तो डॉक्टर से पूछकर इसका सेवन कर सकती है। प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही से आप खजूर खा सकती है। और नौवें महीने में इसका अधिक सेवन महिला के लिए फायदेमंद भी होता है क्योंकि पोषक तत्व भरपूर गर्भवती महिला को मिलते है, साथ ही इससे आपको डिलीवरी के दौरान होने वाली परेशानी से बचाव होने में मदद मिलती है। इसके अलावा गर्भाशय में संकुचन होने के कारण सामान्य प्रसव होने के चांस भी बढ़ जाते हैं।

प्रेगनेंसी में खजूर खाने के फायदे

किसी भी चीज का यदि उपयुक्त मात्रा में सेवन किया जाये तो इससे बॉडी का फायदा ही मिलता है। ऐसे में गर्भवती महिला भी यदि पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन करती है, तो ऐसा करने से गर्भवती महिला को भी फायदा मिलता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान खजूर खाने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

एनर्जी से रखता है भरपूर

प्रेगनेंसी के दौरान महिला की बॉडी को फिट रहने के लिए जरुरी होता है की वो एनर्जी से भरपूर रहे। और यदि महिला खजूर का सेवन करती है तो इससे बॉडी के लिए जरुरी पोषक तत्व उसे मिलते हैं जिससे महिला को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

कब्ज़ से राहत

ज्यादातर महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज़ की समस्या से परेशान रहती है, लेकिन यदि महिला खजूर का सेवन करती है। तो इसमें मौजूद फाइबर महिला को होने वाली इस परेशानी से निजात दिलाने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल को बैलेंस करता है

गर्भवती महिला की बॉडी में कोलेस्ट्रॉल के लेवल का बढ़ना महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में खजूर का सेवन बॉडी में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बैलेंस करने में मदद करता है।

प्रोटीन की कमी को पूरा करता है

प्रोटीन की मात्रा का भरपूर होना न केवल गर्भवती महिला के लिए बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी बहुत जरुरी होता है। जो की खजूर में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। और इसका सेवन करने से गर्भवती महिला के फिट रहने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है।

खून की कमी को पूरा करता है

गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी के कारण एनीमिया की समस्या होने के साथ डिलीवरी के दौरान भी महिला को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन खजूर का सेवन करने से इसमें मौजूद फोलेट और आयरन महिला को खून की कमी की समस्या से बचाव करने में मदद करते हैं।

शिशु के विकास के लिए है फायदेमंद

खजूर में मौजूद फोलेट शिशु को जन्म दोष, मानसिक विकास, तंत्रिका तंत्र से जुडी समस्या बचाव करने में मदद करता है। साथ ही शिशु के शारीरिक विकास, और हड्डियों के बेहतर विकास के लिए जरुरी विटामिन क भी खजूर का सेवन करने से भरपूर मात्रा में मिलता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान खजूर का सेवन करने से जुडी कुछ बातें यदि आप भी गर्भवती है और खजूर का सेवन करना चाहती है, तो इसके लिए आप पहले एक बार चाहे तो डॉक्टर से भी रे ले सकती है, की खजूर का सेवन कितना और कब करना फायदेमंद होता है।

Hindi Video : Benefits of Dates during Pregnancy

Pregnancy me Khajur ke Fayde

ये संकेत बताते हैं की डिलीवरी दो दिन में होने वाली है

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प्रेगनेंसी में नौ महीने गर्भ में पल रहे शिशु का इंतज़ार गर्भवती महिला बहुत बेसब्री से करती है, गर्भवती महिला के साथ घर का हर सदस्य नौवें महीने की शुरुआत के बाद दिन गिनने शुरू कर देता है। क्योंकि अब गर्भ में पल रहे शिशु का इस दुनिया में आने का समय पास आने लगता है। ऐसे में डिलीवरी कब होगी, कैसे होगी इसे लेकर महिला के मन में तरह तरह के सवाल आने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की डिलीवरी होने से पहले ही कई बार आपकी बॉडी संकेत देने लगती है। जैसे की मन घबराना, सोने का मन न करना, भूख की कमी, दर्द का अनुभव आदि। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की कौन से संकेत बताते हैं की डिलीवरी दो दिन में होने वाली है।

बॉडी में होने लगती है परेशानी

गर्भवती महिला को यदि रीढ़ की हड्डी में दर्द महसूस हो, जी घबराने लगे, सोने का मन न करे, खाना खाने का मन न करें, यहां तक की एक स्थान पर बैठने की इच्छा भी न हो, तो ऐसे में बॉडी प्रसव के संकेत देना शुरू कर देती है। यदि आपको रीढ़ की हड्डी के साथ पीठ या पेट में दर्द की अनुभूति भी होने लगे तो समझ जाइये अब आपका नन्हा मेहमान बाहर आने के लिए अपनी पोजीशन में आ रहा है।

एमनियोटिक फ्लूड का निकलना

एमनियोटिक फ्लूड में भी गर्भ में शिशु पुरे नौ महीने तक रहता है, ऐसे में कभी आपको यूरिन की जगह प्राइवेट पार्ट से गाढ़ा सफ़ेद, या हल्के रक्त के साथ पानी सा निकालता हुआ महसूस हो, तो ऐसे में इसे इग्नोर न करते हुए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए क्योंकि इसका मतलब होता है की शिशु जन्म के लिए पूरी तरह से तैयार है। ज्यादातर महिलाएं ऐसा सोचती है की एमनियोटिक फ्लूड निकलने के साथ पेट में दर्द भी होता है, लेकिन ऐसा हर महिला के साथ हो यह जरुरी नहीं होता है, इसीलिए प्रेगनेंसी के आखिरी महीने में यूरिन पास करते हुए महिला को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए।

दर्द महसूस होना

यदि गर्भवती महिला को रुक रुक कर पेट में दर्द महसूस हो, और कभी तेज कभी धीमे दर्द का अहसास हो, तो यह संकेत भी डिलीवरी का समय पास आने का होता है। ऐसे में यदि आपको अधिक दर्द महसूस हो तो आपको इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए और जितना जल्दी हो सके इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

तो यह कुछ संकेत जो यदि आपकी बॉडी दे तो समझ जाए की आपका डिलीवरी का समय पास आ गया है। और ऐसे में महिला को बिल्कुल भी घबराना नहीं चाहिए और बिल्कुल भी जल्दबाज़ी न करते हुए डॉक्टर के पास जाना चाहिए, ताकि वो अपने घर में आने वाले नन्हे मेहमान को हर दिक्कत से बचा सके।

चेहरे की डेड स्किन कैसे हटाएं?

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डेड स्किन हटाने के घरेलू उपाय

स्किन की ऊपरी परत पर जमे डेड सेल्स को डेड स्किन कहते हैं। जो अक्सर सही तरह से देखभाल नहीं करने और बढ़ती उम्र के कारण हो जाती है। डेड स्किन होने पर त्वचा काली और मुरझाई हुई दिखने लगती है। इसके अलावा फाइन लाइंस और झुर्रियां भी अधिक दिखने लगती है और स्किन पर काले धब्बे दिखने लगते हैं।

मुंह धोने और चेहरा साफ़ करने से केवल धूल, मिट्टी और बाहर की गंदगी साफ़ होती है। डेड स्किन को निकालने के लिए प्रॉपर एक्सफोलिएशन की आवश्यकता होती है जिसे स्क्रबिंग भी कहते हैं। उम्र बढ़ने के बाद स्क्रबिंग करना इसलिए भी जरुरी हो जाता है क्यूंकि स्किन सेल्स बहुत कमजोर हो जाते हैं जिन्हे रिकवर होने में काफी टाइम लगता है। ऐसे में समय-समय एक्सफोलिएशन कराकर इस परेशानी से निजात पाई जा सकती है।

डेड स्किन के लिए एक्सफोलिएशन (स्क्रबिंग)

एक्सफोलिएशन करके मॉइस्चराइजर को त्वचा की गहराई तक पहुंचाने में मदद मिलती है जिससे भीतर से सेल्स रिपेयर करने में मदद मिलती है और रक्त परिसंचरण भी सुधरता है। आज हम स्क्रबिंग के कुछ घरेलू टिप्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप स्वयं घर पर भी डेड स्किन को हटा सकती हैं। और अपनी स्किन को स्वस्थ और जवान रख सकती है। तो आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में।

डेड स्किन हटाने के उपाय

स्क्रबिंग करने के लिए आपको बाहर से स्क्रब पैक लाने की जरूरत नहीं है। आप खुद घर पर भी स्क्रब पैक बनाकर उसका इस्तेमाल कर सकती हैं। यहाँ उन्ही के बारे में बताया गया है –

उपाय 1 : ओट्स

ओट्स का दरदरापन त्वचा से डेड सेल्स को निकालकर पोर्स को क्लीन करने में मदद करता है और त्वचा में नमी बनाए रखने में भी मदद करता है। प्रयोग के लिए 2 चम्मच ओट्स, 2 चम्मच दही, एक चम्मच शहद को मिलाकर एक पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और उसके बाद फेस मसाज करें। डेड सेल्स साफ़ हो जाएंगे। मसाज के बाद 10 से 15 मिनट ऐसे ही रहने दें और उसके बाद ठंडे पानी से फेस वाश कर लें। बाद में आराम से तौलिया से फेस पोछें और लाइट मॉइस्चराइजर लगा लें।


उपाय 2 : चीनी

चीनी भी त्वचा के पोर्स को क्लीन करके डेड स्किन रिमूव करने में मदद करती है। इसके प्रयोग के लिए आधा कप चीनी, 2-3 चम्मच जैतून का तेल, 2-3 चम्मच शहद और थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं। लगाने के बाद कुछ मिनट मसाज करें और गर्म पानी से चेहरा साफ़ कर लें।


उपाय 3 : ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद गुण त्वचा के लिए स्क्रबर के रूप में काम करते हैं। इसके इस्तेमाल से डेड स्किन, गंदगी और अशुद्धियाँ पूरी तरह साफ हो जाती हैं। प्रयोग के लिए 1-2 ग्रीन टी बैग को खोलकर उसके अंदर की पत्तियां कटोरी में निकल लें। अब इसमें 2-3 चम्मच शहद मिलाएं। अच्छे से मिलाकर मास्क को दस मिनट के लिए अपने फेस पर लगा लें। दस मिनट पर उँगलियों को गीला करके स्क्रब करते हुए मास्क हटाएँ। डेड स्किन साफ़ हो जायगी।


उपाय 4 : कॉफ़ी

इसके प्रयोग के लिए 3 चम्मच कॉफ़ी, 1 चम्मच जैतून या बादाम का तेल, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच चीनी लें और सबको मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को चेहरे, गर्दन, घुटने और कोहनी पर अच्छे से लगाएं। कुछ देर बाद मसाज करें। मसाज के बाद 5-10 मिनट तक ऐसे ही रहने दें और बाद में त्वचा को गर्म पानी से साफ़ कर लें। स्किन चमकने लगेगी।


उपाय 5 :  संतरे के छिलके

संतरे के छिलके त्वचा को एक्सफोलिएट करके डेड स्किन को निकालने के साथ-साथ त्वचा की अशुद्धियाँ भी साफ़ करते हैं। प्रयोग के लिए तीन चम्मच संतरे के छिलके के पाउडर में 3 चम्मच दही मिला लें। पेस्ट बनाकर इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। लगाने के बाद 15 से 20 मिनट तक ऐसे ही रखें और उसके बाद गीले हाथों से आराम-आराम से रगड़ते हुए पेस्ट को छुड़ाएं। कुछ मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। डेड स्किन निकल जाएगी और त्वचा चमकने लगेगी।


उपाय 6 : बेसन

इसके प्रयोग के लिए 2 चम्मच बेसन में थोड़ा सा गुलाबजल डालकर मुलायम पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद जब पेस्ट सुख जाए तो उँगलियों को गीला करके पेस्ट को रगड़ते हुए आराम से हटाएं। और फिर पानी से चेहरा साफ़ कर लें। डेड स्किन तो साफ़ होगी ही साथ-साथ त्वचा में निखार भी आएगा।


उपाय 7 : प्यूमिक स्टोन

इस उपाय के लिए एक बाल्टी में गर्म पानी लें और उसमे लिक्विड सोप की कुछ बूंदें डाल लें। अब बाल्टी में अपने पेअर 15 मिनट के लिए रखें जिससे पैरों की त्वचा मुलायम हो जाए। उसके बाद दस मिनट प्यूमिक स्टोन से पैरों को घिसें। अब पैरों को साफ़ पानी से धोकर तौलिया से पोंछ लें। पोंछने के बाद पैरों पर जैतून या नारियल का तेल लगा लें। फिर कॉटन की जुराब पहन लें। ऐसा करने से पैरों की डेड स्किन साफ़ हो जाएगी और पैर मुलायम हो जाएंगे।


उपाय 8 : बादाम

इसके प्रयोग के लिए दस बादाम रातभर के लिए पानी में भिगों दें। आप चाहे तो उन्हें दूध में भी भिगो सकते हैं। अगली सुबह बादाम को निकालकर पीस लें और मुलायम पेस्ट बना लें। इस पेस्ट में 2 चम्मच शहद भी मिलाएं। पेस्ट बनने के बाद उसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं और अच्छे से मसाज करें। पेस्ट को 10-15 मिनट सूखने दें और फिर गर्म पानी से फेस साफ़ कर लें।

तो दोस्तों, ये कुछ उपाय हैं जिनकी मदद से डेड स्किन को साफ़ किया जा सकता है। ये उपाय स्किन को एक्सफोलिएट करके नए स्किन सेल्स को बाहर लाते हैं जिससे त्वचा में ग्लो भी आता है।


गोरापन और सुन्दरता कैसे बढाएं?

चाहे महिला हो या पुरुष दोनों ही अपनी ख़ूबसूरती को बढ़ाना चाहते है, और चाहते है की वो हमेशा गोर और सुंदर लगे जिसके कारण लोग उनकी तरफ आकर्षित हो, खासकर महिलाएं अपनी ख़ूबसूरती का बहुत ध्यान देती है, सुन्दरता बढाने के लिए जरुरी है की आप केवल अपने चेहरे पर ही ध्यान न दें, बल्कि अपने हाथों, पैरों, गर्दन आदि का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यदि आपका चेहरा सुंदर है और आपके हाथ पैर रूखे है तो इसके कारण आपकी ख़ूबसूरती बढती नहीं है, बल्कि खराब होती है इसीलिए आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आप अपनी सुन्दरता को बढाने के लिए अपने सभी अंगो पर ध्यान न दें।

इन्हें भी पढ़ें:- स्किन के लिए किसी क्रीम का नहीं बल्कि करें इस तेल का इस्तेमाल

आपकी स्किन के डल होने का सबसे बड़ा कारण होता है सूरज की किरणें जो की आपकी त्वचा पर बहुत बुरा प्रभाव डालते है, धूल मिट्टी प्रदूषण के कारण भी आपकी स्किन खराब होने लगती है, क्योंकि स्किन पर मृत कोशिकाओ का जमाव होने लगता है जिसके कारण आपकी त्वचा काली पड़ने लगती है, साथ ही इसके कारण चेहरे पर दाग धब्बे और कील मुहांसे की समस्या भी बढ़ने लगती है, इसके लिए आज कल मार्किट में बहुत से प्रोडक्ट्स आ गये है जो आपकी ख़ूबसूरती को बढ़ाने में मदद करते है, परन्तु ये महंगे होने के साथ कई बार आपकी स्किन को सूट भी नहीं करते है, और आपको स्किन से जुडी और भी परेशानियां हो जाती है, तो आइये आज हम आपको आपकी स्किन को गोरा और आपकी सुन्दरता को बढाने के लिए कुछ टिप्स बताते है जिन्हें आप अपने चेहरे के साथ अपने हाथों, पैरों, गर्दन आदि के लिए कर सकते है, तो आइये जानते है उन सस्ते और असरदार टिप्स के बारे में।

एलोवेरा का इस्तेमाल करें:-

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एलोवेरा जैल आपकी स्किन के लिए सबसे सस्ता और असरदार उपाय है जो आपकी स्किन को कोमल बनाने के साथ उसमे निखार लाने में भी मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एलोवेरा के पत्ते को काट कर उसके गुद्दे को निकाल कर अच्छे से पीस लें, उसके बाद उसमे कुछ बूंदे निम्बू के रस को मिलाएं और अच्छे से इसे अपने चेहरे, गर्दन, हाथों आदि में लगाएं, और दो मिनट तक मसाज़ करें, और उसके बाद थोड़ी देर के लिए इसा अपनी स्किन पर छोड़ दें, और उसके बाद ठन्डे पानी से इसे साफ़ कर लें, हफ्ते में दो से तीन बार इस तरीके का इस्तेमाल करें, धीरे धीरे आपको अपनी स्किन में निखार लाने और आपकी सुन्दरता को बढाने में मदद मिलती है।

संतरे और दही का इस्तेमाल करें:-

संतरे के छिलके जहां आपकी स्किन को चमकाने का काम करते है, वहीँ दही का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को नमी पाने में मदद मिलती है, इस तरीके का इस्तेमाल करने के लिए एक कटोरी में दो चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर डालें, और उसके बाद उसमे थोडा दही दाल कर अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, और उसके बाद इसे अपनी स्किन पर लगाएं, और उसके आधे घंटे बाद गुलाबजल की मदद से अपने चेहरे को साफ़ कर लें, इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन की मृत कोशिकाओ को हटा कर आपकी स्किन की चमक और गोरेपन को बढाने में मदद मिलती है।

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टमाटर और निम्बू का प्रयोग करें:-

tomato juice

इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को टोन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक टमाटर को पीस कर उसका गुद्दा निकाल लें, उसके बाद इसमें एक निम्बू का रस निकाल कर अच्छे से मिक्स कर लें, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगायें, और पन्द्रह से बीस मिनट के लिए छोड़ दें, और इसे उत्र्रते समय अपने हाथो पर हल्का पानी लगाकर थोड़ी मसाज़ करें, आपको अपनी स्किन में एक ही बार में फर्क दिखेगा, एक दिन छोड़कर इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन टोन पर इसका असर आपको खुद दिखाई देने लगता है।

आलू का इस्तेमाल करें:-

आलू हर एक घर में बहुत ही आसानी से मिल जाता है, और साथ ही इसके इस्तेमाल से आपकी स्किन को भी बेहतर बनाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक आलू को धो लें, उसके बाद इसे दो हिस्सों में काट लें, और अच्छे से अपने चेहरे पर मसाज़ करें, मसाज़ करने के बाद इसके रस को अपने चेहरे पर छोड़ दें, आलू में विटामिन सी अधिक मात्रा में पाया जाता है, जिसके कारण ये आपकी स्किन को गोरा बनाने में आपकी मदद करता है, और इसके सूखने के बाद पानी की मदद से अपने चेहरे को साफ़ कर लें, नियमित इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको इस का असर खुद दिखाई देता है।

दूध और बादाम का प्रयोग करें:-

यदि आप अपने गोरेपन को बढाने के लिए ज्यादा दिन इंतज़ार नहीं कर सकते है, तो दूध और बादाम का इस्तेमाल करके आप आसानी से इस समस्या का समाधान कर सकते है, इसका प्रयोग करने के लिए आप रात भर के लिए पांच से छह बादाम पानी में भिगो कर रख दें, उसके बाद सुबह उठकर इन्हें अच्छे से पीस लें, और उसके बाद इसमें चार से पांच चम्मच दूध डालकर अच्छे से मिक्स करें, और इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और आधे घंटे तक लगे रहने के बाद गुनगुने पानी की मदद से अपने चेहरे को धो लें, आपको जरुर फायदा मिलेगा, और जल्दी ही आपकी स्किन में निखार आने में मदद मिलती है।

बेसन और हल्दी का इस्तेमाल करें:-

बेसन और हल्दी का इस्तेमाल सदियों से आपको गोरा और खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता है, इसके प्रयोग के लिए आप एक कटोरी में दो चम्मच बेसन के साथ एक चम्मच हल्दी मिक्स करें, उसके बाद इसे पेस्ट के रूप में बनाने के लिए आवश्यकता अनुसार इसमें पानी या दूध अच्छे से मिक्स करें, और उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, और सूखने के बाद पानी की मदद से अपने चेहरे को धो लें, आप चाहे तो इसमें कुछ बूंदे निम्बू के रस की भी मिला सकते है, ऐसा करने से आपकी स्किन को गोरा बनाने में मदद मिलती है।

शहद के मास्क का इस्तेमाल करें:-

honey face mask

शहद का इस्तेमाल स्किन के लिए करने से आपकी स्किन की नमी बनाएं रखने में मदद मिलती है, इसे प्रयोग करने के लिए आधा चम्मच शहद में दो चम्मच चावल का आटा, एक कप चायपत्ती का उबाला हुआ ठंडा पानी अच्छे से मिक्स करें, और उसके बाद इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, और उसके बाद साफ़ पानी की मदद से अपने चेहरे को धो लें, इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन की ख़ूबसूरती को बरकरार रहने में मदद मिलती है।

खीरे का पैक बनाएं:-

खीरे को अच्छे से पीस कर उसका पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसमें एक चम्मच टमाटर का रस और कुछ बूंदे निम्बू के रस की मिलाकर पेस्ट तैयार करें, और इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगायें, और आधे घंटे तक लगे रहने के बाद साफ़ पानी की मदद से अपने चेहरे को धो लें, ऐसा करने से आपकी स्किन पर होने वाली मृत कोशिकाओ को हटाकर आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाने में मदद मिलती है, आप इसे यदि हफ्ते में दो से तीन बार करते है तो भी आपको फायदा मिलता है।

चेहरे की सुन्दरता को बढाने के अन्य उपाय:-

  • नियमित रुई की मदद से दिन में दो से तीन बार गुलाबजल से चेहरा साफ़ करने से आपकी स्किन को गोरा बनाने में मदद मिलती है।
  • कच्चे दूध से नियमित चेहरे पर मसाज़ करने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • पानी का भरपूर सेवन करने से आपकी स्किन की नमी को बरकरार रहने में मदद मिलती है।
  • अपने आहार में हरी सब्जियों, फलों आदि को शामिल करने से भी आपकी स्किन के ग्लो को बढाने में मदद मिलती है।
  • अपनी स्किन को कही भी कही भी बाहर जाने से पहले अच्छे से ढक कर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने के बाद ही बाहर जाना चाहिए।
  • निम्बू आपकी स्किन के लिए ब्लीचिंग एजेंट का काम करता है इसके रस से भी त्वचा को मसाज़ करने से आपको फायदा मिलता है।

तो ये कुछ टिप्स है जिनका इस्तेमाल आप अपनी ख़ूबसूरती को बढाने के लिए कर सकते है, इसके अलावा आपको इन्हें नियमित नहीं बल्कि हफ्ते में दो से तीन बार करने पर भी फायदा मिलता है, और न तो ये महंगे होते है, और साथ ये आपकी रसोई में भी आसानी से मिल जाते है,  तो आपको इनका इस्तेमाल अपनी सुन्दरता और ख़ूबसूरती को बढाने के लिए करना चाहिए, और यह केवल महिलायें ही नहीं बल्कि पुरुष भी अपनी स्किन को कोमल बनाने के साथ गोरा बनाने के लिए भी कर सकते है।

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गर्भावस्था में यह 8 लक्षण खतरनाक हो सकते हैं

प्रेगनेंसी में होने वाली समस्याएं

गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण गर्भवती महिला को तरह तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे की उल्टियां आना, सिर में दर्द व् चक्कर की समस्या का होना, पेट में हल्के दर्द का अनुभव रहना, कमर में दर्द का अहसास होना, ब्लड प्रैशर से जुडी परेशानी, वजन का बढ़ना, ब्रैस्ट में दर्द व् भारीपन महसूस होना, सूजन की समस्या होना आदि। प्रेगनेंसी के दौरान हर गर्भवती महिला के शरीर में आने वाले बदलाव व् परेशानियां महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है। इसी कारण हर गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान एक जैसी परेशानी हो ऐसा कोई जरुरी नहीं होता है। हर महिला को अलग अलग तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी का पूरा समय किसी न किसी समस्या की कारण परेशान रहती है तो कुछ पहली तिमाही तक ही असहज महसूस करती है।

प्रेगनेंसी में किन लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किसी न किसी शारीरिक परेशानी का होना आम बात होती है। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान किसी किसी भी परेशानी का अधिक होना, या किसी समस्या के कारण गर्भवती यदि असहज मसहूस करें तो उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान कुछ लक्षण ऐसे भी होते हैं जो गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक हो सकते हैं। तो लीजिये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान किन लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

स्पॉटिंग या ब्लीडिंग

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में गर्भवती महिला को स्पॉटिंग या ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। हल्का फुल्का खून का धब्बा लगना जहां इम्प्लांटेशन के कारण हो सकता है। वहीँ यदि महिला को अधिक ब्लीडिंग जैसे की माहवारी के दौरान होती है, या पेट में बहुत तेज दर्द का अहसास हो तो इस लक्षण को गर्भवती महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि शुरूआती दिनों में यह गर्भपात का लक्षण हो सकता है।

फ्लू के लक्षण

यदि गर्भवती महिला को सर्दी, खांसी, डायरिया, गले में दर्द, कमजोरी, उल्टी अधिक होना, नाक का बहना, थकान आदि महसूस हो तो यह फ्लू का लक्षण हो सकते हैं। सामान्य लोगो की तुलना में फ्लू होने का खतरा गर्भवती महिला को अधिक होता है, और प्रेगनेंसी के दौरान फ्लू का होना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकता है, इसीलिए यदि बॉडी में फ्लू का कोई भी संकेत दिखाई दे तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

दर्द

पेट, पेट के निचले हिस्से में दर्द, कमर में दर्द जांघो में बहुत अधिक दर्द यदि गर्भवती महिला को महसूस हो तो इसे भी गर्भवती महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि दर्द का अधिक अनुभव गर्भपात, समय पूर्व प्रसव या डिलीवरी का संकेत हो सकता है। गर्भपात और समय पूर्व प्रसव गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है ऐसे में दर्द की समस्या को गर्भवती महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दर्द से बचने के लिए गर्भवती महिला को डॉक्टर की राय के बिना घर पर ही किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।

उल्टी

प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी का आना सामान्य बात है कुछ महिलाओं को यह समस्या प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में रहती है तो कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने इस समस्या से परेशान रहती है। उल्टी प्रेगनेंसी के प्रमुख लक्षणों में से एक है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी का अधिक आना परेशानी का विषय भी हो सकता है, क्योंकि इसके कारण शरीर में पानी व् पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जो की न केवल गर्भवती महिला के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है बल्कि इसके कारण शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है, ऐसे में अधिक उल्टी की समस्या के होने पर इसे अनदेखा न करते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अधिक पानी आना

गर्भावस्था के दौरान सफ़ेद पानी का आना आम बात होती है, और यह गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को संक्रमण से सुरक्षित रखने में भी मदद करता है। लेकिन यदि सफ़ेद पानी अधिक आये, प्राइवेट पार्ट से अधिक स्मैल महसूस हो, या पानी की तरह प्राइवेट पार्ट से पानी आये तो इसे भी अनदेखा नहीं कारण चाहिए। क्योंकि यह प्राइवेट पार्ट में संक्रमण होने का संकेत होने के साथ, पानी की थैली फटने का संकेत भी हो सकता है। इसका मतलब आपकी डिलीवरी का समय पास आ गया है, साथ ही संक्रमण के लक्षण के महसूस होने पर इसे अनदेखा करना गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।

शिशु की हलचल

प्रेगनेंसी के बीसवें हफ्ते के आस पास गर्भ में शिशु की हलचल महसूस होने लग जाती है, शुरुआत में यह हलचल थोड़ी कम और जैसे जैसे शिशु का विकास बढ़ता है, वैसे वैसे हलचल अधिक महसूस होने लगती है। लेकिन यदि गर्भ में शिशु की हलचल कम मसहूस हो, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका कारण शिशु तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का न पहुंचना हो सकता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जोखिम खड़ा कर सकता है। ऐसे में यदि लम्बे समय के लिए फीटल किक का अनुभव न हो तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।

प्रेगनेंसी में सूजन

सूजन भी प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली आम परेशानियों में से एक है, बहुत सी महिलाएं प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही में हाथों, पैरों में सूजन की समस्या से परेशान होती है। थोड़ी सूजन की समस्या का प्रेगनेंसी में होना आम बात होती है लेकिन यदि सूजन की समस्या हाथों पैरों के अलावा, मुँह पर भी हो, और सूजन के साथ दर्द का अनुभव हो तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गर्भवती महिला के शरीर में होने वाली किसी परेशानी जैसे प्री-एक्लेमप्सिया का संकेत हो सकता है।

यूरिन करते समय परेशानी

यदि आपको यूरिन पास करते समय दर्द, जलन, यूरिन में से दुर्गन्ध, यूरिन के रक्त, स्मैल आदि का अनुभव होता है तो इसे भी प्रेगनेंसी के दौरान अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह भी यूरिन इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है। और यूरिन इन्फेक्शन का अधिक बढ़ना गर्भवती महिला व् गर्भ में पल रहे शिशु के लिए समस्या खड़ी कर सकता है, ऐसे में यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई एक भी महसूस हो तो इससे बचने के लिए एक बार यूरिन टेस्ट जरूर करवाना चाहिए ताकि प्रेगनेंसी के दौरान आपको इसके कारण किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

तो यह हैं कुछ लक्षण जिन्हे गर्भवती महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान कोई भी शारीरिक समस्या अधिक हो या कोई भी लक्षण होने पर असहज महसूस हो तो उसे अनदेखा न करते हुए एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए। ताकि प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को हर परेशानी से बचने और स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी में नारियल पानी पीने के फायदे

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गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपना दुगुना ध्यान रखना पड़ता है, खासकर खाने पीने का क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास पूरी तरह से गर्भवती महिला पर निर्भर करता है। और ऐसा तभी होता है जब प्रेगनेंसी के दौरान महिला पूरी तरह से फिट होती है, और उसे बहुत से पोषक तत्वों की भी जरुरत होती है। ऐसे में नारियल पानी का सेवन महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं। क्योंकि इससे न केवल महिला को फिट रहने में मदद मिलती है बल्कि उसे भरपूर पोषक तत्व भी मिलते हैं। ऐसे में महिला को नारियल पानी का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान जरूर करना चाहिए। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान नारियल पानी पीने से महिला को कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

यूरिन इन्फेक्शन को दूर करता है

प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाओं को यूरिन इन्फेक्शन की समस्या रहती है। ऐसे में नारियल पानी का सेवन करने से आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। यदि आपको यह समस्या है तो दिन में एक या दो बार इसका सेवन करें आपको फायदा मिलेगा।

ब्लड से जुडी परेशानी

नारियल पानी का सेवन करने से बॉडी में ब्लड की मात्रा को बढ़ाने के साथ प्रेगनेंसी के समय ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल करने में भी यह आपकी बहुत मदद करता है। साथ ही इसे ब्लड में होने वाले इन्फेक्शन की समस्या से भी बचाव करने में मदद मिलती है।

पानी की कमी को दूर करता है

प्रेगनेंसी के दौरान फिटनेस के लिए बहुत जरुरी होता है की शरीर में पानी की मात्रा भरपूर हो। ऐसे में नारियल पानी का सेवन करने से आपके शरीर में पाने की मात्रा को बढ़ाने में मदद मिलती है। और यह केवल गर्भवती स्त्री को को ही फायदा नहीं पहुंचाता है बल्कि इससे गर्भ में पल रहे शिशु को भी फायदा मिलता है।

हार्मोनल बैलेंस को बनाएं रखने में मदद करता है

जैसे ही प्रेगनेंसी की शुरुआत होती है वैसे ही शरीर में हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते है, जिसके कारण महिलाओं को थकान व् कमजोरी की समस्या आदि होने लगती है। लेकिन नारियल पानी का सेवन करने से आपको एनर्जी मिलती है और बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव का बैलेंस बनाएं रखने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी की परेशानियों से निजात मिलता है

उल्टी, जी मचलाना, पेट से जुडी परेशानी, कब्ज़ की समस्या, मॉर्निंग सिकनेस आदि का होना प्रेगनेंसी के दौरान होना आम बात होती है। ऐसे में नारियल पानी का सेवन करने से आपको इन सभी परेशानियों से निजात पाने और प्रेगनेंसी के दौरान फिट रहने में मदद मिलती है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

नारियल पानी का सेवन करने से महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी बहुत फायदा होता है, क्योंकि इसके सेवन से महिला की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जिससे गर्भ में पल रहे शिशु और महिला दोनों को ही किसी भी तरह के रोग से बचे रहने में मदद मिलती है।

पोषक तत्व मिलते हैं

नारियल पानी में बहुत से पोषक तत्व भी होते हैं जो की गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास दोनों के लिए बहुत जरुरी होते है। ऐसे में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए आपको नारियल पानी का सेवन जरूर करना चाहिए।

सीने में होने वाली जलन से राहत दिलाता है

प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज़ की समस्या होने के कारण महिलाओं को सीने में जलन आदि की समस्या रहती है। ऐसे में महिला को इस समस्या से निजात दिलाने और कब्ज़ की समस्या को दूर करने के लिए प्रेगनेंसी के दौरान नारियल पानी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।

ऊर्जा से भरपूर रखने में मदद करता है

मेटाबोलिज्म को बेहतर रखने, थकान व् कमजोरी की समस्या को दूर करने के लिए नारियल पानी बहुत फायदेमंद होता है। और प्रेगनेंसी के दौरान यदि आप दिन में एक बार नारियल पानी का सेवन करते हैं तो इससे आपको एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास फायदे जो प्रेगनेंसी के दौरान नारियल पानी का सेवन करने से महिला को होते है। तो ऐसे में महिला को गर्भावस्था में फिट रहने के लिए दिन में एक बार इसका सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि इससे केवल महिला को ही नहीं बल्कि शिशु को भी फायदा मिलता है।

विडिओ प्रेग्नेंसी में नारियल पानी पीने के फायदे

पीठ पर जमे मैल को साफ़ करने के तरीके

शरीर के जिन जिन हिस्सों को आप रोजाना साफ करते हैं उनकी अच्छे से केयर करते हैं तो उस जगह की स्किन की नमी बरकरार रहती है और वहां मैल का जमाव नहीं होता है। लेकिन बॉडी का एक ऐसा पार्ट होता है जहां पर हाथ अच्छे से नहीं जाता है जिसके कारण वहां मैल का जमाव होने लग जाता है। और वो जगह है पीठ।

पीठ पर जमने वाली मैल से अधिकतर लोग परेशान होते हैं। लेकिन घबराइए नहीं, आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिन्हे ट्राई करने से आपकी पीठ पर जमी मैल को साफ़ करने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की वो आसान टिप्स कौन से हैं।

लम्बे हैंडल वाला ब्रश (Brush)

आज कल मार्किट में स्पेशल पीठ के लिए लम्बे हैंडल वाला ब्रश मिलता है जिसपर साबुन लगाकर आप रोजाना नहाते समय अपनी पीठ को अच्छे से साफ़ कर सकते हैं। और रोजाना यदि आप अपनी पीठ को साफ़ करते हैं तो मैल का जमाव होता ही नहीं है।

हल्दी और निम्बू का रस (Turmeric and Lemon)

यदि आपको लगता है की आपकी पीठ पर मैल जम गई है तो किसी से या आप खुद शीशे में देखते हुए अपनी पीठ पर थोड़ा थोड़ा हल्दी व् निम्बू के रस से बना पेस्ट लगाएं। सूखने के बाद इसे साफ़ कर दें ऐसा करने से पीठ भी साफ़ हो जाएगी और पथ की रंगत में भी निखार आएगा।

निम्बू (Lemon)

निम्बू की एक स्लाइस काटकर अपनी पीठ को रगड़ें, इसमें आपको हाथ उल्टा सीधा करने में दिक्कत हो सकती है। लेकिन धीरे धीरे अपने हाथ से निम्बू की स्लाइस को पीठ पर अच्छे से घिसें। निम्बू एक क्लींजिंग एजेंट का काम करता है। ऐसा करने से आपको तुरंत पीठ पर जमी मैल को साफ करने में मदद मिलेगी।

पार्लर जाएँ (Go to Parlour)

यदि आपको ऐसा लगता है की आप रोजाना पीठ साफ़ तो करती है लेकिन फिर भी उसके निखार में कमी है। तो जब भी आप फेशियल करवाने पार्लर जाती है तो आप अपनी गर्दन के साथ पीठ की भी मसाज करवाएं ऐसा करने से भी पीठ पर जमी गंदगी अच्छे से साफ़ हो जाती है। और लम्बे समय तक आपको किसी ट्रीटमेंट की जरुरत नहीं पड़ती है। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है की आप नहाते समय अपनी पीठ को साफ़ करना छोड़ दें।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिन्हे ट्राई करने से पीठ पर जमे मैल को साफ़ करने में मदद मिलती है। यदि आपकी पीठ पर भी जमी मैल की समस्या से आप परेशान हैं तो आप भी इन आसान टिप्स को ट्राई कर सकते हैं आपको जरूर फायदा मिलेगा।

Ways to clean Dirt from your Back

ये टोटके दिवाली की रात को लोग करते है धन पाने के लिए

Diwali ke Totke 

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दिवाली भारत के सभी प्रमुख त्योहारों में से एक है। जिसे देश विदेश में बड़े धूम धाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में सही विधि विधान से लक्ष्मी पूजन किया जाता है और माँ लक्ष्मी से धन संपदा का आशीर्वाद लिया जाता है। इसके अतिरिक्त कुछ लोग इस समय शास्त्रों में बताये गए टोन टोटकों का इस्तेमाल करते है। माना जाता है इनका प्रयोग करने से माँ लक्ष्मी की कृपा पाई जा सकती है।

ज्योतिषियों द्वारा बताये गए इन उपायों को सभी राशि के जातक कर सकते है। इनमे से कोई दरिद्रता दूर करने में मदद करता है तो कोई घर की सभी बिमारियों और आलस्य का नाश करता है। माना ये भी जाता है की इन टोटकों को करने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है और उनका घर में आगमन होता है।

जबकि कुछ मानते है की टोटके करने से जीवन नहीं बदलता उसके लिए व्यक्ति को स्वयं परिश्रम करना होता है। इसलिए वे इन सब टोटकों में विश्वास नहीं रखते। आज हम कुछ ऐसे टोटके और उपायो के बारे में बताने जा रहे है जिन्हे अक्सर दिवाली की रात माँ लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए किया जाता है। हम आपको इन टोटकों को आजमाने के लिए कतई नहीं कह रहे है हम तो बस इनके बारे में विस्तार से बता रहे है।

दिवाली की रात किये जाने वाले टोटके :-

1. इस दिन अशोक के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं और पेड़ की पूजा करें। अगले दिन उस पेड़ की जड़ को लाकर घर या दुकान की तिजोरी में रख लें। ऐसा करने से आपकी तिजोरी में धन की कमी नहीं होगी।

2. दिवाली के दिन आप लाल कपड़ें में 5 जोड़ी गोमती चक्र को बांध लें और उसे अपने घर की चौखट पर लटका दें। इससे आपके धन संबंधी कार्यों में लाभ होगा।

3. आप दिवाली के दीपक में तेल के साथ एक लौंग भी दाल लें और हनुमानजी की आरती करें। आप चाहे तो इस दीपक को हनुमानजी के मंदिर में जाकर भी जला सकते है।

4. रात को सोने से पूर्व किसी चौराहे पर एक दीपक जला दें। और ध्यान रहे की दीपक को पीछे मुड़कर नहीं देखें।

5. महालक्ष्मी की पूजा कर लिए पीली कौड़ियों को भी शामिल करें। पूजा में इन्हे रखने से माँ लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न होती है।

6. दीपावली की रात लक्ष्मी जी की पूजा के लिए एक बड़ा घी का दीपक जलाएं और उसमे नौ बत्तियां लगाकर जलाएं।

7. अगर आप दिवाली के दिन किसी ऐसी सुहागन स्त्री को देख लें जिसमें लाल रंग के पारम्परिक परिधान पहने हो तो समझ लें की माता लक्ष्मी जी की आप पर विशेष कृपा है। ऐसा होने पर उस स्त्री को सुहाग की सभी वस्तुएं दान में दें।

8. इस दिन पीपल का एक पेड़ लगाएं और प्रतिदिन उसमे जल दें। जैसे जैसे वह पेड़ बड़ा होगा घर में सुख समृद्धि आती रहेगी।

9. दिवाली के दिन घर के दरवाजे खुले छोड़ना अच्छा माना जाता है। मान्यता है की इस दिन माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भर्मण करने आती है और अपने भक्तों को आशीर्वाद देने उनके घर में जाती है।

10. दीपावली के दिन आप झाड़ू खरीदे और घर में नयी झाड़ू से सफाई करें। जब इस झाड़ू का काम नहीं हो टी आप उसे छुपाकर रख दें।

11. अपनी तिजोरी में दक्षिणावर्ती शंख और लाल कपड़ें को स्थापित करें। ऐसा करने से धन संचय बढ़ता है।

12. पीपल के वृक्ष का एक पत्ता लें और उस पर कुमकुम या चंदन से श्री राम लिखे। अब आप उस पर थोड़ी मिठाई रखकर हनुमान जी को अर्पित करें। ऐसा करने से आपको धन की प्राप्ति होगी।

डिलीवरी के समय क्या करना चाहिए जिससे डिलीवरी जल्दी हो जाए

डिलीवरी के समय क्या करना चाहिए जिससे डिलीवरी जल्दी हो जाए, डिलीवरी के लिए टिप्स, प्रसव जल्दी कराने के टिप्स, डिलीवरी के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के उपाय

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महीने महीने गर्भवती महिला किसी न किसी नए अनुभव से गुजरती है। लेकिन जैसे जैसे डिलीवरी का समय नजदीक आने लगता है, वैसे ही महिला के मन में कहीं न कहीं डर भी हो होता है। की कहीं डिलीवरी नोर्मल हुई तो बहुत दर्द तो नहीं होगा, या डिलीवरी के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं आएगी। ऐसा होना हर गर्भवती महिला के साथ आम बात है लेकिन यदि महिला चाहती है की डिलीवरी के दौरान उसे किसी तरह की दिक्कत न आए और डिलीवरी जल्दी हो जाए। तो उसके लिए जरुरी है की महिला स्वस्थ रहे और की तरह का तनाव न लें, इसके आलावा और भी टिप्स है जो महिला की डिलीवरी जल्दी कराने में मदद करते हैं और साथ ही डिलीवरी के दौरान हर तरह की परेशानी से बचाव भी करते हैं। तो आइये अब जानते हैं की वो खास टिप्स कौन से हैं।

खान पान का ध्यान रखें

यदि गर्भवती महिला पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करती हैं, खान पान में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करती है। तो ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु का बेहतर विकास होने के साथ गर्भवती महिला को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। जिससे प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी परेशानियों से बचाव होता है। साथ ही डिलीवरी के दौरान भी महिला को हर तरह की परेशानी से बचाव करने में मदद मिलती है और डिलीवरी भी जल्दी होती है।

पानी का भरपूर सेवन करें

शिशु गर्भ में एमनियोटिक फ्लूड में होता है, और इस फ्लूड के लिए जरुरी होता है की महिला पानी का भरपूर सेवन करें। क्योंकि पानी का सेवन करने से न केवल महिला को ऊर्जा मिलती है बल्कि शिशु को भी गर्भ में बेहतर तरीके से मूव करने में मदद मिलती है। और जितना शिशु गर्भ में ज्यादा मूवमेंट करता है उतना ही डिलीवरी जल्दी होने के चांस भी बढ़ जाते हैं। इसीलिए महिला को पानी के साथ अन्य पेय पदार्थ जैसे की जूस आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।

घी का सेवन करें

नौवें महीने में गर्भवती महिला को घी का भरपूर सेवन करना चाहिए, क्योंकि न केवल यह शिशु के विकास को और ज्यादा तेजी से करने में मदद करता है। बल्कि इससे गर्भाशय की सतह भी चिकनी हो जाती है। जिससे डिलीवरी जल्दी होने के चांस बढ़ जाते हैं।

वॉक व् व्यायाम आदि

यदि आप चाहती है की आपकी डिलीवरी नौवे महीने में आसानी से हो जाए और जल्दी हो जाए तो इसके लिए जरुरी है की आप एक्टिव रहे। क्योंकि जितना आप एक्टिव रहती है उतना ही शिशु भी एक्टिव होता है। और हल्का व्यायाम, नियमित वॉक करने से शिशु अपनी पोजीशन में आने लगता है, जिससे नोर्मल डिलीवरी होने के चांस बढ़ने के साथ जल्दी डिलीवरी करवाने में भी मदद मिलती है।

ब्रेस्ट मसाज करें

ब्रेस्ट मसाज करने से मांसपेशियों में संकुचन होता है, और इसके कारण यदि गर्भाशय की ग्रीवा यदि परिपक्व हो गई है तो इससे लेबर पेन होने के चांस बढ़ जाते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए की पांच मिनट से ज्यादा और ज्यादा तेजी से मालिश नहीं करनी चाहिए। इसके कारण आपको परेशानी भी हो सकती है।

सम्बन्ध बनाएं

प्रेगनेंसी के नौवे महीने में यदि सुरक्षा के साथ सम्बन्ध बनाया जाए तो इसे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है बल्कि इसके कारण लेबर पेन होने के चांस बढ़ जाते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की ज्यादा तेजी से सम्बन्ध न बनाएं और साथ ही महिला के पेट पर भी किसी तरह का दबाव न पड़ने दें, इसके कारण महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को परेशानी हो सकती है।

लहसुन का सेवन करें

ऐसा भी माना जाता है है की लहसुन का सेवन करने से भी लेबर पेन उत्पन्न करने में मदद मिलती है। इसीलिए यदि आप जल्दी डिलीवरी करवाना चाहिए हैं तो आप लहसुन का सेवन कर सकती हैं।

अनानास

अनानास भी लेबर पेन को एक्टिव करने में मदद करता है, इसीलिए आप इसका सेवन भी कर सकती है। लेकिन प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए, और प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में आप ताजा अनानास खाएं। और एक बात का ध्यान रखें की आप इसका जूस न पीएं क्योंकि इसका जूस बनाने के बाद लेबर पेन को एक्टिव करने वाला बैक्टेरिया यानी ब्रोमेलिन खत्म हो जाता है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जो आपकी डिलीवरी को जल्दी करवाने में मदद करते हैं, साथ ही यदि आपकी डिलीवरी की तारीख निकल चुकी हैं तो आपको यह उपाय इस्तेमाल करने की बजाय एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। ताकि यदि कोई दिक्कत है तो उसका समाधान हो सके और डिलीवरी को जल्दी करवाने में मदद मिल सके।