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गर्भधारण (Pregnancy) के बाद शरीर में होने वाले बदलाव

गर्भधारण (Pregnancy) का पता चलते ही महिला अपने आने वाले शिशु के लिए बहुत से सपने संजोने लग जाती है। प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तक महिला हर दिन एक नया सपना देखती है। लेकिन आप यह तो जानते ही होंगे की कोई भी ख़ुशी पाने के लिए थोड़ा संघर्ष तो करना ही पड़ता है। ऐसे ही प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला बहुत से परिवर्तन से गुजरती है जो की उसके शरीर में होते है। शरीर में हर समय हार्मोनल बदलाव होने के कारण कई बार महिलाओ को बहुत सी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा महिला केवल शारीरिक रूप से ही नहीं मानसिक रूप से भी प्रभावित होती है। महिला को कई तरह की परेशानियां भी होती है जैसे की उल्टी आना, सर दर्द, पेट दर्द, शरीर में दर्द, मूड में बदलाव, गंध से एलर्जी, वजन का बढ़ना, स्किन में बदलाव आदि। इसके अलावा और भी बहुत से बदलाव होते है जो की प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में होते है। तो आइये अब हम आपको विस्तार से बताते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर मैं कौन कौन से बदलाव आते है।

गर्भधारण के बाद शरीर में होने वाले बदलाव:-

वजन का घटना बढ़ना:-

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनो में महिला का वजन कम हो जाता है। क्योंकि शुरुआत में बॉडी में बहुत से हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते है। लेकिन चौथे महीने के बाद शिशु का विकास तेजी से होने लगता है जिसके कारण शरीर का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। और आखिरी के महीनो में यह और तेजी से होने लग जाता है।

स्किन में बदलाव:-

गर्भधारण के समय आपकी स्किन पर भी प्रभाव पड़ता है यह हर महिला में अलग अलग होता है। जैसे कई महिलाओ का रंग निखरने लगता है तो कुछ की स्किन डल हो जाती है। कई बार स्किन पर दाने, झुर्रिया आदि भी आने लग जाते है।

कमर दर्द:-

कमर दर्द की समस्या से प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाएं परेशान रहती है। क्योंकि इस दौरान शरीर बिलकुल सीधा हो जाता है, और जैसे जैसे बॉडी का वजन बढ़ता है उससे रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है। साथ ही बॉडी का पूरा भर कमर की मांपेशियों पर आ जाता है जिसके कारण आपको कमर मैं दर्द होने लगता है।

पाचन क्रिया से सम्बंधित परेशानी:-

पेट में गैस, एसिडिटी, कब्ज़ आदि की परेशानी होना भी प्रेगनेंसी में स्वाभाविक बात होती है। क्योंकि शरीर में हो रहे बदलाव के कारण पाचन क्रिया पर भी फ़र्क़ पड़ता है। कई महिलाओं को हलके फुल्के पेट में दर्द की भी परेशानी रहती है।

बाल झड़ना:-

हार्मोनल बदलाव का असर आपके बालों पर भी पड़ता है। जिसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान आपके बाल भी ज्यादा झड़ सकते है। और यह परेशानी डिलीवरी के बाद भी आपको ज्यादा परेशान कर सकती है।

पेट के आकार में बदलाव:-

नौ महीने शिशु माँ गर्भ में ही रहता है, जिसके कारण महिला के पेट का आकार बढ़ जाता है। और जैसे जैसे शिशु का वजन बढ़ने लगता है वैसे वैसे पेट का आकार एक थैले के जैसा हो जाता है। पेट के साथ कई महिलाओ के हिप्स का भी वजन बढ़ जाता है।

भावनाओ में बदलाव:-

माँ बनना किसी भी महिला के लिए एक सुखमयी अहसास होता है। ऐसे में गर्भ में पल रहे शिशु के साथ माँ का भावनाओ का रिश्ता जुड़ जाता है। और जैसे जैसे प्रसव का समय पास आता है महिला मानसिक रूप से शिशु से जुड़ जाती है। और उसे मातृत्व का अहसास होता है। और शिशु के जन्म के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है।

ब्रैस्ट में बदलाव:-

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के ब्रैस्ट का आकार भी बढ़ जाता है और शुरूआती दिनों में महिला के ब्रैस्ट से पानी भी आता है। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि शिशु के जन्म के बाद उसके भोजन यानी की माँ के दूध बनने की प्रक्रिया शुरू से ही शुरू हो जाती है। इसके कारण महिला को अपने ब्रैस्ट का वजन ज्यादा लगने लगता है। लेकिन जैसे ही शिशु ब्रेस्टफीड करना बंद करता है तो महिला के ब्रैस्ट वापिस शेपमे आ जाते है।

मानसिक रूप से परिवर्तन:-

तनाव प्रेगनेंसी में आपके लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। लेकिन कई महिलाएं शरीर मैं तेजी से हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण परेशान हो जाती है। जिसके कारण उन्हें सर दर्द, चक्कर, या कई बार बेहोश होने जैसी परेशानी भी होने लगती है। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए प्रेगनेंसी के दौरान जितना हो सके महिला को खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए जिससे उसे प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

शरीर के अंगो में दर्द:-

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में दर्द होना आम बात होती है, क्योंकि हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में कमजोरी आती है। जिसके कारण आपको बहुत जल्दी थकावट का अहसास होने लगता है। ऐसे में महिला को अपने आहार का खास ध्यान देना चाहिए ताकि उसकी बॉडी को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिल सकें और बॉडी में पेन से राहत मिल सकें।

नाख़ून में परिवर्तन:-

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में सभी पोषक तत्वों का भरपूर होना बहुत जरुरी होता है। लेकिन कई बार महिलाओं में कैल्शियम की कमी होने के कारण प्रेगनेंसी में इसका असर आपके नाखुनो पर साफ़ दिखाई देता है। जाइए की नाखून डल होने लगते है, उसमे सफ़ेद रंग के निशान दिखाई देने लगते है, साथ ही दरारे पड़ने लगती है। ऐसे में महिला को कैल्शियम युक्त आहार जैसे की दूध व् दूध से बने प्रोडक्ट्स का खूब सेवन करना चाहिए।

बार बार यूरिन:-

मल पास करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते है। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान कई बार यह परेशानी ज्यादा हो जाती है जिसके कारण महिला को बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है। ऐसे में यदि आपको यह परेशानी ज्यादा हो तो इसके बारे में आपको डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

स्किन पर निशान:-

त्वचा में खिंचाव वाले तंतु होते है, ऐसे में प्रेगनेंसी के दैरान बॉडी पार्ट्स में खिंचाव उत्त्पन्न होने के कारण शरीरके कई भागो में सफ़ेद या भूरे रंग के निशान दिखाई देने लगते है। ज्यादातर यह समस्या ब्रैस्ट, कूल्हे, जांघो, पेट पर दिखाई देती है। ऐसे में महिला को शुरुआत से ही बॉडी की देखभाल करनी चाहिए और इसके लिए आप ओलिव ऑयल या विटामिन इ ऑयल का इस्तेमाल कर सकते है।

प्राइवेट पार्ट से तरल पदार्थ का आना:-

महिला के प्राइवेट पार्ट से तरल पदार्थ का आना आम बात होती है। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान इस तरल पदार्थ के आने के कारण बच्चेदानी के द्वार को चिकना करने में मदद मिलती है। जिससे की डिलीवरी के समय महिला को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती है। लेकिन कई बार यह समस्या बढ़ जाती है, और इस पदार्थ में से बदबू व् इसके रंग में परिवर्तन आने लगता है ऐसे में इसे नज़रअंदाज़ न करते हुए जितना जल्दी हो सकें आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए, क्योंकि इससे इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली आम परेशानियां:-

  • महिला को उल्टी, खट्टे डकार आदि की परेशानी हो सकती है।
  • कई महिलाओ को स्मेल से एलर्जी होने लग जाती है।
  • मूड में बदलाव आने लगता है।
  • कुसग महिलाओ को प्रेगनेंसी के दौरान स्पॉटिंग की समस्या हो जाती है ऐसे में आपको डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।
  • सोने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है, और जितना हो सके प्रेगनेंसी के दौरान महिला को साइड होकर सोना चाहिए। क्योंकि सीधे सोने के कारण पीठ में दर्द की परेशानी ज्यादा होती है।
  • पैरों में सूजन की समस्या हो सकती है।
  • खाने को लेकर परेशानी हो सकती है, जाइए की कभी महिला का खट्टा तो कभी मीठा खाने का मन करता है।

तो प्रेगनेंसी के दौरान ऐसे ही कुछ बदलाव महिला के शरीर में आते है। इसके अलावा महिला को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है लेकिन जैसे ही शिशु माँ की गोद में आता है वैसे ही महिला नौ महीने में होने वाली सभी परेशानियों को भूल जाती है। लेकिन कुछ भी हो माँ बनना किसी भी महिला के लिए एक खास अनुभव होता है।

क्या आप भी फेसबुक पर हैं ? सिर्फ लड़कियों और महिलाओं के लिए

क्या आप भी अपने आप को श्रेष्ठ साबित करने के लिए, सोशल मीडिया का सहारा ले रहीं हैं? क्या आप अपने नए कपडे या अपने मेकअप या स्टाइल दिखाने के लिए इन्टरनेट का सहारा ले रहीं हैं? क्या आप अपने दोस्तों को नीचा दिखाने के लिए फेसबुक का सहारा ले रहीं हैं? तो ज़रा संभल कर! हो सकता है आपको ये स्टाइल और रोज रोज वाल को अपडेट करने की आदत महँगी “बहूत महँगी” पड़ सकती है

जाने कैसे

१. आजकल सोशल मीडिया का दुरूपयोग बहूत हो रहा है, जहाँ एक तरफ यह आपको अपने परिवार और दोस्तों से मिलाता है वहीं दूसरी तरफ आपके जिंदगी में किसी और को भी ताकने झाँकने के लिए आप खुद ही आमंत्रित करतीं हैं. शायद आपकी विडियो या फोटो को गलत जगह फोटोशोप करके गलत लोग आपका इस्तेमाल कर सकता है, और ऐसा हो भी रहा है,

२. कभी भूलकर भी अपने दोस्त को या अपने पति को अपनी निउड (प्राइवेट) विडियो नहीं बनाने दें, और कभी भी कुछ ऐसा अपने फेसबुक पर पोस्ट नहीं करें, यहाँ तक की जब आपके फेसबुक प्राइवेसी सेटिंग के अन्दर या प्राइवेट सेक्शन के अन्दर पोस्ट हो. कभी भी आप वायरल हो सकती है.

३. हो सकता है आप अपनी बचपन की गलतियों की वजह से आपको अपनी जवानी में मुसीबत मोल लेनी पड़ सकती है, पुराने गलत दोस्त आपको ट्रेक कर के आपको मुसीबत में डाल सकते हैं, आपके साथ लिए हुए सेल्फी या फोटो को या विडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर के आपसे बदला लेने की कोशिश करेगा.

४. आजकल आपकी दोस्त भले वो महिला/लड़कियां ही क्यों नहीं हो, वो भी आपको बदनाम और नीचा दिखाने की कोई नहीं छोड़ेगी अगर आपकी कोई राज उसके पास हो तो.

शायद अब आप समझ गई होंगी की सोशल मीडिया आपकी पहचान तो जरुर बना रहा है, आपको समाज में इज्जत भी दे रहा है, आपकी रुतवा का प्रचार प्रसार कर रहा है, पर आपको मिटटी में मिलाने का भी काम कर सकता है.

इसलिए आज के बाद से आप सोच समझ कर ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें.

अगर आपको ये आर्टिकल्स अच्छा लगा हो, तो जरुर शेयर करें, और अपने दोस्तों को भी बताएं की सोशल मीडिया पर क्या करें क्या ना करें.

ओवुलेशन किट का इस्तेमाल कैसे करें?

ओवुलेशन किट का इस्तेमाल कैसे करें, आज कल मेडिकल द्वारा ऐसी बहुत सी सुविधाएँ दी गई है जिनसे आप घर बैठे आसानी से अपनी परेशानियों को हल कर सकते हैं। जैसे की ब्लड प्रैशर की मशीन, शुगर की मशीन, प्रेगनेंसी टेस्ट किट, आदि। इन सुविधाओं का घर में इस्तेमाल करने से ही आप आसानी से इन सभी के सही परिणाम जान सकते हैं। वैसे ही जिन महिलाओं के गर्भधारण में समस्या आ रही हो, बहुत कोशिश के बाद गर्भधारण न हो रहा हो, उनके लिए भी एक सुविधा बनाई गई है।

और वो है ओवुलेशन किट, ओवुलेशन किट का इस्तेमाल करके महिला घर में बैठे बैठे उस समय को जान सकती है की पीरियड्स खत्म होने के बाद कब महिला के प्रेग्नेंट होने के चांस सबसे अधिक होते हैं। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको ओवुलेशन किट के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

क्या होता है

ओवुलेशन पीरियड?

ओवुलेशन पीरियड वो समय होता है जब महिला के गर्भधारण के सबसे अधिक चांस होते हैं। क्योंकि इस समय महिला के अंडाशय से अंडे रिलीज़ होते हैं। और फिर वह अंडे फैलोपियन ट्यूब में पहुँचते हैं, और ऐसे में यदि महिला और पुरुष के बीच बेहतर सम्बन्ध बनते हैं। तो इससे महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु के मिलन के चांस बढ़ जाते हैं। जिससे निषेचन की प्रक्रिया हो सकती है और महिला के गर्भधारण के चांस बढ़ जाते हैं।

जिन महिलाओं का पीरियड समय से आता है उन्हें ओवुलेशन पीरियड को समझने में आसानी होती है। जबकि पीरियड के अनियमित होने पर ओवुलेशन का पता करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। वैसे यदि कोई अनुमान लगाना चाहे तो ओवुलेशन पीरियड आपके पीरियड की शुरुआत के पहले दिन को गिनते हुए बारह से सोलह दिन के बीच का समय हो सकता है।

ओवुलेशन टेस्ट किट क्या होती है?

ओवुलेशन किट को ओवुलेशन प्रेडिक्टर किट के नाम से भी जाना जाता है। इस किट का इस्तेमाल करने से महिला को अपने सही ओवुलेशन पीरियड की जानकारी मिल सकती है। जिससे महिला के गर्भधारण के सही समय का पता लगाया जा सकता है। इस किट में यूरिन की मदद से टेस्ट किया जाता है। ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन, यह वो हॉर्मोन है जिसका स्तर जब यूरिन में ज्यादा होता है। तब महिला का ओवुलेशन पीरियड होता है।

और इस किट में दो लाइन होती हैं। एक लाइन पर C लिखा होता है, जो कण्ट्रोल लाइन होती है। एक लाइन पर T लिखा होता है जो टेस्ट लाइन होती है। टेस्ट करने पर जब टेस्ट लाइन का रंग कण्ट्रोल लाइन की अपेक्षा गहरा होता है। तो समझ जाइये की यूरिन में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का स्तर बढ़ चूका है और यही आपका ओवुलेशन पीरियड होता है।

ओवुलेशन टेस्ट किट का इस्तेमाल कैसे करें?

वैसे पीरियड्स के पहले दिन को गिनते हुए महिला बारह से सोलह दिनों के बीच का अंदाजा लगाकर ओवुलेशन पीरियड को जान सकती है। लेकिन सही परिणाम जानने के लिए महिला को ओवुलेशन किट एक इस्तेमाल करना चाहिए। और इन्ही दिनों में टेस्ट करते रहना चाहिए ताकि सही ओवुलेशन का पता चल सके। तो आइये अब जानते हैं की किस तरह ओवुलेशन टेस्ट किट का इस्तेमाल किया जाता है।

यूरीन से सम्बंधित ओवुलेशन टेस्ट किट का उपयोग कैसे करें?

  • इस टेस्ट को करने के लिए आप अपनी पेशाब को एक कंटेनर में इकठ्ठा करें।
  • और ऐसा हर दिन करें जब तक की सही ओवुलेशन पीरियड का पता नहीं चल जाता है।
  • एक बात का ध्यान रखें की सुबह उठते ही किये गए यूरिन से टेस्ट गलती से भी ना करें।
  • क्योंकि इससे परिणाम गलत आ सकते हैं।
  • साथ ही ओवुलेशन किट का उपयोग करने से लगभग 2 घंटे पहले तक आप तरल पदार्थों का सेवन कम मात्रा में करें।
  • क्योंकि तरल पदार्थ का अधिक सेवन करना आपके यूरिन को पतला कर देंगे।
  • जिससे ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के सही स्तर का पता लगाना मुश्किल हो जाएगा।
  • उसके बाद स्टिक में जहां यूरिन ड्रॉप्स डालनी हैं वहां डालें।
  • और टेस्ट के दस मिनट के अंदर ही रिजल्ट को चेक करें।
  • रिजल्ट पढ़ने के बाद टेस्ट स्टिक फेंक दें।
  • और दोबारा उसका इस्तेमाल न करें।

सलाइवा ओवुलेशन प्रेडिक्शन टेस्ट किट का इस्तेमाल कैसे करें

सलाइवा ओवुलेशन प्रेडिक्शन टेस्ट किट में एक स्लाइड आती है, जिस पर आप अपनी लार यानी थूक डालकर टेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए आप स्लाइड पर लार की एक बूंद डालें और फिर उसे सूखने दें। यदि आपका ओवुलेशन पीरियड शुरू होने वाला है तो एक अलग सा पैटर्न दिखाई देता है, जो बॉडी में एस्ट्रोजन के उत्पादन की और संकेत करता है। और यह पैटर्न ओवुलेशन पीरियड के शुरू होने से तीन से पांच दिन पहले दिखाई देने लगता है। तो आइये अब जानते हैं की सलाइवा ओवुलेशन प्रेडिक्शन किट का इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है।

  • ओवुलेशन पीरियड का सही से पता लगाने के लिए इस टेस्ट को सुबह उठने पर करें।
  • ध्यान रखें की टेस्ट करने से पहले आप खाना, पीना, धूम्रपान, ब्रश आदि न करें।
  • टेस्ट स्लाइड का इस्तेमाल करने से पहले इसे साफ़ कर दे।
  • उसके बाद स्लाइड की सतह पर अपनी जीभ के नीचे से लार की एक बूंद रखें ध्यान रखें की बुलबुले न बनाएं।
  • उसके बाद इसे 5 मिनट तक सूखने दें।
  • और फिर टेस्ट किट पर लिखे टिप्स के अनुसार अपना रिजल्ट चेक करें।

ओवुलेशन टेस्ट किट का रिजल्ट कैसे चेक करें

ओवुलेशन किट का रिजल्ट कब पॉजिटिव होता है, कब नेगेटिव होता है, कब टेस्ट गलत होता है, आइये जानते हैं।

पॉजिटिव रिजल्ट कब होता है: – टेस्ट किट के कलर बैंड पर आपको 2 लाईन दिखाई देंगी। एक टेस्ट लाइन(C) होगी, दूसरी कंट्रोल लाइन(T)। अगर टेस्ट लाइन कंट्रोल लाइन की अपेक्षा ज्यादा गहरी है तो इसका मतलब होता है कि आपके ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन में वृद्धि हुई है और आप अगले 12 से 36 घंटों में ओवुलेशन कर सकते हैं। यानी की यह आपका ओवुलेशन पीरियड है।

नेगेटिव रिजल्ट कब होता है: – यदि टेस्ट लाइन कंट्रोल लाइन से हल्की है, तो इसका मतलब है कि आपके ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का स्तर नहीं बढ़ा है। या फिर यदि सिर्फ एक टेस्ट लाइन या एक कंट्रोल लाइन दिख रही है तो इसका मतलब भी यही होता है की ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में आपको फिर से यह टेस्ट करना चाहिए।

ओवुलेशन टेस्ट किट में किसी लाइन का न आना: – यदि आपको टेस्ट के दौरान कोई लाइन नहीं दिखती, तो इसका मतलब है कि आपके द्वारा किया गया टेस्ट पूरी तरह से गलत है। दस मिनट बाद आये परिणाम पर यकीन न करें और फिर से टेस्ट करें।

तो यह है ओवुलेशन टेस्ट किट से जुडी जानकारी, यदि आप भी अपने सही ओवुलेशन पीरियड को जानना चाहते हैं। तो आप भी इस किट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी में बैंगन खाना कितना खतरनाक हो सकता है

गर्भवस्था में बैंगन

प्रेगनेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसे लेकर महिला बहुत परेशान रहती है, क्योंकि कौन सी चीज का सेवन करना चाहिए, कितनी मात्रा में करना चाहिए यह जानना प्रेगनेंसी के दौरान बहुत जरुरी होता है। क्योंकि आवश्यकता से अधिक कोई भी चीज प्रेगनेंसी के दौरान नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे ही बैंगन के सेवन को लेकर भी गर्भवती महिला के मन में प्रश्न आ सकता है। की प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का सेवन करना चाहिए या नहीं? तो इसका जवाब है की प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का सेवन किया जा सकता है क्योंकि इसमें भी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो गर्भवती महिला को इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं, ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल रखते हैं, बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं, जन्म के समय शिशु को होने वाली परेशानियों से बचाता हैं, पेट सम्बन्धी समस्या जैसे कब्ज़ आदि को दूर करने में मदद करता है, आदि। लेकिन बैंगन का अधिक सेवन करने से आपको नुकसान भी पहुँच सकता है।

प्रेगनेंसी में बैंगन का सेवन करने के नुकसान

गर्भवती महिला यदि जरुरत के अनुसार करती है तो इसे गर्भवती महिला को फायदा मिलता है, लेकिन आवश्यकता से अधिक या नियमित इसका सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का अधिक सेवन करने से गर्भवती महिला को बहुत सी गंभीर परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है साथ ही इससे शिशु पर भी बुरा असर पड़ सकता है। तो लीजिए अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का सेवन करने से कौन कौन से नुकसान होते हैं।

गर्भपात

बैंगन में मौजूद फाइटो न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जिसके कारण ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है, और खून का स्त्राव अधिक होने लग सकता है। ऐसे में महिला के मिसकैरिज होने के चांस बढ़ सकते हैं, इसीलिए हो सके तो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में बैंगन का सेवन करने से बचना चाहिए।

एसिडिटी

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को कब्ज़, एसिडिटी, पेट फूलना जैसी समस्या का होना आम बात होती है, और इसके साथ यदि प्रेग्नेंट महिला बैंगन का सेवन करती हैं तो इसके कारण आपकी परेशानी बढ़ सकती है, और एसिडिटी बढ़ने के कारण महिला असहज महसूस कर सकती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान एसिडिटी की समस्या के कारण आपको अधिक परेशानी न हो इसीलिए अधिक बैंगन का सेवन करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए।

संक्रमण

बैंगन का सेवन यदि पर्याप्त मात्रा में प्रेगनेंसी के दौरान किया जाये तो इससे प्रतिरोधक क्षमता की मजबूती को बनाये रखने में मदद मिलती है। लेकिन यदि आवश्यकता से अधिक यदि बैंगन का सेवन किया जाये तो इससे संक्रमण होने का भी खतरा रहता है।

पाचन क्रिया

बॉडी में होने वाले हार्मोनल प्रभाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया धीमी पड़ सकती है, ऐसे में गर्भवती महिला को फाइबर युक्त आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है जिससे पाचन क्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सके। ऐसे में पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए गर्भवती महिला को बैंगन का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि बैंगन का सेवन अधिक मात्रा करने से पाचन क्रिया धीमी पड़ सकती है जिससे पेट सम्बन्धी समस्या होने का खतरा रहता है।

प्रीमेच्योर डिलीवरी

बैंगन का सेवन यदि गर्भवती महिला अधिक मात्रा में करती है तो इसके कारण यूटेरस में संकुचन होने के चांस बढ़ जाते हैं। जिसके कारण शिशु का समय से पहले जन्म यानी की प्रीमेच्योर डिलीवरी की सम्भावना रहती है। ऐसे में समय पूर्व प्रसव के खतरे से बचे रहने के लिए बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ नुकसान जो गर्भवती महिला को बैंगन का सेवन करने से हो सकते हैं इसीलिए गर्भवती महिला चाहे तो कभी -कभी इसका सेवन कर सकती है लेकिन जरुरत से ज्यादा इसका सेवन करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए।

गर्भधारण नहीं होने पर क्या करें जानिए?

प्रेग्नेंट होने के तरीके, प्रेग्नेंट होना हर महिला के लिए उसकी जिंदगी का एक सबसे बेहतरीन अनुभव होता है। लेकिन कई बार बहुत कोशिश करने पर भी महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है। जिसके कारण महिला परेशान हो सकती है। व् इस समस्या से निजात पाने के लिए उपचार ढूंढ़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं की यदि महिला का गर्भधारण नहीं हो रहा है। तो इसका कोई एक कारण नहीं होता है। बल्कि ऐसे बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से महिला को यह समस्या हो सकती है। तो आइये आज हम इस आर्टिकल में महिला का गर्भधारण न होने के कारण व् गर्भधारण होने के उपाय बताने जा रहें हैं।

महिला का गर्भ न ठहरने के कारण

  • मासिक धर्म का अनियमित होना।
  • किसी शारीरिक बिमारी का होना जैसे की थायरॉयड।
  • महिला का मानसिक रूप से परेशान होना।
  • महिला व् पुरुष के बीच सम्बन्ध का बेहतर न होना।
  • उम्र अधिक होना।
  • महिला को फैलोपियन ट्यूब से जुडी समस्या होना।
  • बार बार गर्भपात होने के कारण।
  • पुरुष की शुक्राणु में संख्या या गुणवत्ता की कमी की वजह से भी ऐसा हो सकता है।
  • वजन का बहुत कम या बहुत ज्यादा होना।
  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना।
  • सम्बन्ध बनाने के तुरंत बाद महिला का खड़े हो जाना या प्राइवेट पार्ट को साफ़ कर देना।
  • गलत आदतें व् गलत दिनचर्या का होना।

गर्भधारण करने के लिए टिप्स

यदि किसी महिला की बहुत कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है। तो इसके लिए महिला व् पुरुष को मिलकर कुछ उपाय को जरूर करना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की जल्दी गर्भधारण के लिए कौन से उपाय महिला व् पुरुष को करने चाहिए।

प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे पहले करवाएं जांच

  • कई बार ऐसा हो जाता है की आप बहुत समय से गर्भधारण करने का प्रयास कर रही होती है।
  • लेकिन गर्भधारण नहीं हो पाता है ऐसे में आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • महिला व् पुरुष दोनों को अपनी पूरी शारीरिक जांच करवानी चाहिए।
  • ताकि महिला या पुरुष किसी में भी होने वाली शारीरिक कमी के कारण यदि ऐसा हो रहा है तो उसका इलाज हो सके।
  • समस्या पता चलने के बाद जल्दी से जल्दी उस परेशानी का इलाज करवाएं। ताकि जल्दी से जल्दी आपको उस परेशानी से निजात पाने में मदद मिल सके।

छह महीने पहले से हो करें तैयारी

  • यदि आप गर्भधारण करना चाहती है तो इसके लिए आपको और आपके पार्टनर को छह महीने पहले से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
  • जैसे की अपनी दिनचर्या सही करें, गलत आदतों को छोड़ दें, वजन नियंत्रित रखें, सम्बन्ध बेहतर बनाएं, आदि।
  • इसके अलावा महिला को फोलिक एसिड, आयरन का सेवन भी शुरू कर देना चाहिए।
  • वजन को नियंत्रित रखें न तो वजन को अधिक बढ़ने दें न कम होने दें।
  • यदि आप अपना रूटीन सही रखते हैं तो इससे आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। जो की गर्भधारण के लिए बहुत जरुरी है।

प्रेग्नेंट होने के लिए तनाव न लें

  • महिला का गर्भधारण न होने का कारण या बार बार गर्भपात होने का कारण तनाव भी हो सकता है।
  • क्योंकि महिला के गर्भधारण के लिए केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से फिट होना भी जरुरी होता है।
  • इसीलिए यदि आप जल्दी गर्भधारण करना चाहती हैं तो महिला व् पुरुष दोनों को तनाव लेने से बचना चाहिए।

थोड़ा समय निकालें

  • कई बार घर, ऑफिस के चक्कर में पति पत्नी एक दूसरे को समय नहीं दे पाते हैं।
  • और अपने काम के कारण मानसिक रूप से परेशान भी रहते हैं।
  • ऐसे में महिला और पुरुष के रोजाना सम्बन्ध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है।
  • तो इसके लिए आपको अपने पार्टनर के साथ थोड़ा समय निकालकर किसी रोमांटिक जगह पर जाना चाहिए।
  • जहां आप दोनों के अलावा और कोई न हो और आप दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिता सके।
  • और एक बात का ध्यान रखें हो सके तो फ़ोन से भी थोड़ी दूरी रखें।
  • इससे फायदा होगा यह की आप दोनों को एक दूसरे के साथ बेहतर सम्बन्ध बनाने में मदद मिलेगी और तनाव भी नहीं होगा।
  • जिससे आपके गर्भधारण के चांस को बढ़ाने में मदद मिल सकेगी और हो सके तो अपने घूमने का प्लान तब बनाएं जब महिला का ओवुलेशन पीरियड चल रहा हो।

प्रेग्नेंट होने के लिए ओवुलेशन पीरियड का ध्यान रखें

  • ओवुलेशन पीरियड आपके पीरियड आने के पहले दिन से गिनते हुए ग्यारह से अठारह दिन का समय होता है।
  • इन दिनों में सम्बन्ध बनाने से महिला के गर्भधारण के चांस बढ़ जाते हैं।
  • आप चाहे तो सही ओवुलेशन पीरियड के बारे में जानकारी के लिए एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं।

प्रेगनेंसी के बाद देखरेख

  • यदि इन टिप्स को ट्राई करने के बाद आपका गर्भधारण हो जाता है।
  • तो उसके बाद आपको एक बात का ध्यान रखना चाहिए की आप अपनी सेहत के साथ किसी भी तरह की लापरवाही न करें। और प्रेगनेंसी के बाद अपना अच्छे से ध्यान रखें।
  • ताकि प्रेगनेंसी के दौरान आपको स्वस्थ रहने और एक स्वस्थ शिशु को जन्म देने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे ट्राई करने से महिला का जल्दी गर्भधारण होने में मदद मिलती है। तो आप भी यदि गर्भधारण न होने के कारण परेशान है। तो आप भी इन टिप्स को ट्राई कर सकती हैं। इसके अलावा आज कल लोग शादी देरी से करते हैं तो उम्र बढ़ने के साथ प्रेगनेंसी के चांस भी कम हो जाते हैं। ऐसे में महिला इस बात का ध्यान रखें की प्रेगनेंसी का निर्णय सही उम्र में लें।

एड़ियां फटने से बचाने के उपाय

Cracked Heels : Remedies and Preventions

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सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बहुत सी परेशानियां भी दस्तक देना शुरू कर देती है। कभी खांसी जुखाम, तो कभी रूखी त्वचा। लेकिन इनके अलावा भी एक समस्या है जो केवल सर्दियों के मौसम में ही देखने को मिलती है और वो है फटी एड़ियों की समस्या। इस मौसम में चलने वाली सर्द हवाएं स्किन से नमी चुराकर उसे रुखा और बेजान बना देती है जिससे वे फटने लगती है। स्किन चाहे फेस की हो या एड़ियों की। स्थिति दोनों के साथ समान रहती है। ऐसे में इसका उपचार करना बेहद जरुरी होता है क्योंकि अगर समय पर इसके लिए प्रयास नहीं किये गए तो समस्या बढ़ सकती है।

फेस की स्किन तो फिर भी 2-3 बार मॉइश्चराइज़र लगाने से नार्मल हो जाती है लेकिन एड़ियां उन्हें ठीक करने में काफी समय लग जाता है। क्योंकि एड़ियां सिर्फ बाहर से ही नहीं फटती बल्कि काफी अंदर तक फ़टी होती है। समस्या के बढ़ने पर एड़ियों से खून निकलने लगता है और उनमे काफी दर्द भी होता है जिन्हे बिवाइयां भी कहते है। अगर आपके साथ भी हर सर्दियों में ये समस्या होती रहती है तो आज हम आपको कुछ ऐसे आसान और घरेलू उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप इस समस्या को ठीक कर पाएंगे। चूँकि ये सभी उपाय पूरी तरह घरेलू है तो इनके इस्तेमाल से आपकी स्किन पर भी कोई दुष्प्रभाव नहीं होंगे। तो आइये जानते है उन उपायों के बारें में –

एड़ियां फटने के कारण :

किसी भी समस्या का इलाज जानने से पूर्व उसके कारणों को पहचान लेना चाहिए ताकि अगली बार इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सके। यहाँ हम आपको एड़ियां फटने के कुछ कारणों के बारे में बता रहे है।एड़ियां

एड़ियां फटने का सबसे बड़ा संकेत आपकी एड़ी पर मौजूद मोटी, उखड़ी और दरार पड़ी हुई स्किन होती है। जिसके नींम कारण हो सकते है –

  • लंबे समय तक खड़े रहना।
  • ओपन बैक सैंडल्स पहनना।
  • नंगे पैर घूमना।
  • अपने पैरों या एड़ियों पर हार्श सोप का इस्तेमाल करना।
  • सही से फिट नहीं होने वाले शूज पहनना।
  • मौसमी परिवर्तन।
  • सर्दियों के मौसम में त्वचा के रूखी होने की वजह से।
  • इसके अलावा अगर आप रोजाना अपने पैरों और एड़ियों को सही से मॉइस्चराइज़ नहीं करते है तो भी आपकी एड़ियां काफी जल्दी रूखी होंगी।
मेडिकल कारण :

ड्राई स्किन का मुख्य कारण high blood sugar और blood circulation में तकलीफ होना भी होता है। इसके अलावा नर्व के डैमेज होने से भी आपकी एड़ियां रूखी, बेजान और दर्दनाक हो सकती है।

कुछ अन्य कारण –

  • शरीर में विटामिन की कमी।
  • फंगल इन्फेक्शन।
  • वजन बढ़ाने वाला थाइराइड (hypothayroidism)।
  • स्किन संबंधी परेशानियां।
  • Psoriasis
  • मोटापा।
  • गर्भवस्था।
  • बढ़ती उम्र भी एड़ियों के फटने का कारण होती है।

एड़ियां फटने से बचाने के घरेलू उपाय :-

1. नारियल का तेल :

सर्दियों के मौसम में अक्सर एड़ियां फट जाती है इससे बचने के लिए रोजाना रात को सोने से पहले अपनी एड़ियों पर नारियल का तेल लगाएं। आप चाहे तो इसे हल्का सा गर्म करके भी अपने पैरों पर लगा सकती है। तेल लगाने के बाद पैरों की अच्छे से मसाज भी करें। उसके बाद जुराबें पहनकर सो जाएं। अगली सुबह जागकर अपने पैरों को धो लें। लगातार प्रयोग करने से एड़ियों से संबंधित समस्याएं दूर हो जाएंगी।

2. ग्लिसरीन और गुलाबजल :ediyo ki dekhbhal

इस उपाय का इस्तेमाल आप एड़ियों के फटने के बाद भी कर सकते है। ग्लिसरीन और गुलाबजल दोनों में ही कई ऐसे तत्व पाए जाते है जो स्किन को नमी देकर कोमल बनाने में मदद करते है। इस उपाय के लिए गुलाबजल की 3/4 मात्रा में 1/4 मात्रा ग्लिसरीन मिलाएं और मिश्रण बनायें। अब इस मिश्रण को अपनी एड़ियों पर अच्छे से लगायें। कुछ देर लगा रहने दें और बाद में गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। लगातार प्रयोग से एड़ियां नहीं फटेंगी और अगर फट गयी है तो ठीक हो जाएंगी।

3. ओट और जोजोबा आयल :

ओट मील में स्किन को स्क्रब करने के साथ-साथ डेड स्किन निकालने के भी गुण पाए जाते है। जबकि जोजोबा आयल स्किन को मॉइश्चराइज़ करने का काम करता है। इसके लिए ओटमील को पीसकर दरदरा पाउडर बना लें। अब इस पाउडर को जोजोबा आयल के साथ मिक्स करके अपनी एड़ियों पर लगाएं। कुछ देर तक रहने दें और उसके बाद गुनगुने पानी से साफ़ कर लें।

4. शहद :

शहद सिर्फ एड़ियों के लिए ही नहीं बल्कि शरीर के सभी हिस्सों के लिए लाभकारी औषधि है। इसकी मदद से पैरों को हाइड्रेट रखा जा सकता है और साथ ही यह पैरों व्नि एड़ियों को नियमित पोषण देने में भी मदद करती है। इसके लिए पानी में आधा कप शहद मिलाएं और उसमे अपने पैर डुबोएं। 20 मिनट तक पैर पानी में रखने के बाद बाहर निकाल लें। उन्हें अच्छे से पोंछ लें और उनपर मॉइस्चराइज़र लगा लें।

5. ओलिव आयल :

जैतून का तेल स्किन को मॉइस्चराइज़ करने के लिए बेहद मददगार औषधि है। जिसका प्रयोग करके स्किन संबंधित बहुत सी परेशानियों को आसानी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए अपनी एड़ियों पर जैतून के तेल से मालिश करें। आधा घंटे तक पैरों पर तेल लगे रहने दें फिर पानी से साफ़ कर लें। हफ्ते में एक बार इस्तेमाल करने से एड़ियां पहले की तरह कोमल और मुलायम हो जाएंगी।

इन्हें भी ध्यान में रखें :- jurabe pehne

> सर्दियों के दिनों में अपनी एड़ियों को फटने से बचाने के लिए दिनभर जुराबें पहनकर रहे। अगर आपको कहीं बाहर जाना है तो बिना जुराब पहनें न जाएँ। क्योंकि बाहर चलने वाली हवाएं उन्हें और रुखा व् बेजान बना देंगी।

> फटी एड़ियां काफी दर्दनाक होती है। ऐसे में इनसे बचने के लिए नियमित रूप से उनपर मॉइश्चराइज़र लगाएं। रात को सोने से पहले, नहाने के बाद और दिन में कम से कम 2 बार एड़ियों को क्रीम से मालिश जरूर करें। और तुरंत जुराब पहन लें।

> एड़ियां फटने का एक कारण फर्श पर नंगे पैर घूमना भी होता है। तो जब आप अपनी एड़ियों का उपचार कर रहे है तो उसके लिए जरुरी है की पूरी सावधानी बरती जाएं। अर्थात फर्श पर नंगे पैर नहीं घूमें।

> ये काफी मामूली बात है लेकिन एड़ियां फटने के लिए ये कारण भी जिम्मेदार होता है। अगर आप चाहते है की आपकी एड़ियां नहीं फटे तो उसके लिए अपने पैरों की सफाई रखें। कहीं बाहर से आने के बाद पैरों को धोएं। उनमे नियमित मॉइस्चराइज़िंग करें और हफ्ते में एक बार स्क्रबिंग भी करें।

दिवाली गिफ्ट आईडिया : ऑफिस, फ्रेंड्स, रिलेटिव्स के लिए

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जैसे जैसे दिवाली का त्यौहार नजदीक आता जाता है लोगों के मन में एक दुविधा जन्म लेने लगती है और वो दुविधा है दिवाली गिफ्ट की। दिवाली का गिफ्ट अक्सर लोगों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। क्योंकि उनके मन यही सवाल उथल पुथल मचाते रहता है की इस दिवाली अपने रिश्तेदारों, ऑफिस और दोस्तों का क्या गिफ्ट दें।

साथ ही उनके मन में ये ख्याल भी होता है ककी इस बार का गिफ्ट पिछले साल से अधिक बेहतर होना चाहिए। यूँ तो हम सभी के पास गिफ्ट्स देने के बहुत से आइडियाज होते है लेकिन दिवाली जैसे मौके पर अपनी पसंद का तोहफा देने से बेहतर होगा की आप सामने वाले की पसंद का भी ध्यान रखें।

इसके अलावा सभी चाहते हैं कि, गिफ्ट में लगाए हुये पैसे का सही उपयोग हो और जिसे गिफ्ट दिया जा रहा है, यह उसके काम भी आए। क्योंकि गिफ्ट का सही अर्थ उसके प्रयोग के बाद ही निकलता है। इसीलिए आज हम आपको दिवाली गिफ्ट के कुछ आईडिया लेकर आये है। जिससे आपको अपने रिश्तेदारों, ऑफिस और फ्रेंड्स के लिए गिफ्ट आदि खरीदने में मदद मिलेगी।

दिवाली गिफ्ट आईडिया :-

1. फेंगशुई गिफ्ट आइटम :

फेंगशुई के विभिन्न आइटम लोग अपने घरों में सजावट के रूप में और सुख समृद्धि के लिए रखना पसंद करते है। और इनकी सबसे खास बात यही होती है की इन्हे उपहार स्वरूप देना बहुत शुभ और अच्छा माना जाता है। इस तरह के गिफ्ट आइटम्स आप अपने फ्रेंड्स या रिश्तेदारों को दे सकते है। इनमे क्रिस्टल का कछुआ, चीनी घंटियां, बम्बू प्लांट, लाफिंग बुद्ध और धातु से बना मेंढक आदि सम्मिलित है। इन चीजों को घर में सुख समृद्धि के लिए लाया जाता है।

2. गणेश जी की प्रतिमा दिवाली गिफ्ट

भगवान् श्री गणेश जी को रिद्धि, सिद्धि और समृद्धि का देवता माना जाता है। किसी भी पूजा का प्रारम्भ करने से पूर्व इनकी पूजा की जाती है और उन्हें निमंत्रित किया जाता है। दिवाली की रात्रि भी लक्ष्मी जी के साथ इनका पूजन किया जाता है। आप चाहे तो इनकी प्रतिमा अपने रिश्तेदारों को भेंट स्वरुप दे सकते है।

3. स्पा वाउचर :

घर की सफाई, शॉपिंग, और तरह तरह के पकवान बनाते बनते अक्सर लोगों और महिलाओं को आराम करने की फुर्सत नहीं मिलती। ऐसे में अगर आप उन्हें स्पा के वाउचर्स भेंट करते है तो इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। फायदेमंद होने के साथ साथ आपके गिफ्ट का उचित उपयोग भी हो जाएगा।

4. आर्गेनिक टी / कॉफ़ी हैंपर :

दिवाली की रात से ही ठंड दस्तक देना शुरू कर देती है। ऐसे में हर्बल टी या कॉफ़ी हैंपर गिफ्ट करना सबसे अच्छा और समझदारी का काम होगा। इस फेस्टिवल के मौके पर कई कंपनियां खूबसूरत हैंपर तैयार करती है। आप भी चाहे तो खुद अलग अलग तरह की कॉफ़ी और चाय के फ्लेवर्स चुनकर खूबसूरती से एक हैंपर तैयार कर सकते है।

5. फेयरी लाइट्स :

रौशनी के इस त्यौहार पर डिज़ाइनर लाइट्स भेंट करना भी अच्छा ऑप्शन है। विशेष बात ये है की इनका प्रयोग क्रिसमस और न्यू ईयर पर भी किया जा सकता है। इसके अलावा अपने बैडरूम में एक कोने में भी आप इन लाइट्स को सजा सकते है। और नाईट बल्ब की तरह इस्तेमाल कर सकते है। ये लाइट्स वाकई काफी बेहतर दिवाली गिफ्ट साबित हो सकता है।

6. बुक :

कई लोग पढ़ने के शौक़ीन होते है। उनके लिए किताबें सबसे अच्छा गिफ्ट होगा। इसीलिए कोई बहाने से अपने ऐसे बुक लविंग दोस्त से जानने की कोशिश करें की वह कौन सी किताब खरीदने की सोच रहा है। बस फिर वही किताब उन्हें गिफ्ट कर दें। पूछने का मौका मिले तो आप उनकी फेवरेट किताबे भी गिफ्ट कर सकते है। किताबे पढ़ने का शौक रखने वालों के लिए इससे अच्छा गिफ्ट हो ही नहीं सकता।

7. इ-गिफ्ट कार्ड :

आजकल बहुत सी इ-कॉमर्स वेबसाइट इ-गिफ्ट कार्ड का ऑप्शंस देने लगी है। जिसके जरिए आप अपने फ्रैंड, रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को एक इ-गिफ्ट कार्ड भेंट कर सकते है। जिसमे कुछ पैसे का पॉइंट्स होंगे। गिफ्ट कार्ड रिसीव करने वाला व्यक्ति उस वेबसाइट से अपने मन पसंद की चीज खरीदकर उस कार्ड को रीडीम कर सकता है। आज के समय में जहाँ लोगों के पास मिलने का वक्त नहीं है ऐसे में ये गिफ्ट कार्ड्स काफी बेहतर ऑप्शन साबित हुए है। यकीन मानिये इस दिवाली किसी को उसकी मनपसंद की चीज देने से अच्छा गिफ्ट और कुछ हो ही नहीं सकता।

8. चॉकलेट्स :

ये फैशन वैसे तो कुछ ओल्ड हो गया है। लेकिन मिठाइयों से तो बेहतर ही है। आप चाहे तो चॉकलेट्स की वराइट्स अपने दोस्तों को भेंट कर सकते है। यह लम्बे समय तक चलने वाली सबसे बेस्ट स्वीट्स है।

9. वाच :

आजकल लोगों में घड़ियों का फैशन बहुत अधिक देखने को मिला है। ऐसे में आप अपनी फीमेल फ्रेंड्स, कलीग या रिश्तेदार को वाच गिफ्ट कर सकते है। यह वाकई उनके लिए एक useable गिफ्ट साबित होंगी।

10. क्रॉकरी :

ऑफिस के लोगों के लिए यह बेहतर गिफ्ट है। क्योंकि वे अक्सर अपने घर के लिए नयी नयी क्रॉकरी नहीं खरीद पाते। ऐसे में अगर आप उन्हें बेस्ट क्रॉकरी गिफ्ट करते है तो उनका काम काफी आसान हो जाएगा और उनके पास एक क्रॉकरी सेट भी आ जाएगा।

कुछ ही दिनों में अपने बालों को सिल्की बनाएं!

बालों को महिलाओं की खूबसूरती माना जाता है. इतना ही नहीं कई लोग तो लड़कियों की पहचान उनके बालों से ही करते है. यानी जिन लड़कियों के बाल लम्बे और खुबसुरत होते है उनकी सभी तारीफ करते है लेकिन जिन लड़कियों के बाल कमजोर और चमकदार नहीं होते उनकी कोई भी तारीफ नहीं करता. परन्तु आज कल के प्रदुषण भरे वातावरण और व्यस्त दिनचर्या के चलते कोई भी अपने बालों की ठीक प्रकार की देखभाल नहीं कर पाते.

आज कल अधिकतर लोगों की यही समस्या होती है की उनके बालों में बिलकुल चमक नहीं है और वे अच्छे भी नहीं दिखते. ऑयली बालों को रोज धोने पर वे और ज्यादा चिपचिपे हो जाते है जबकि ड्राई बाल रूखे और बेजान होकर टूटने लगते है. ऐसे में बालों को स्वस्थ और शाइनी बनाए रखने के लिए उन्हें बेहतर देखभाल और न्यूट्रीशन की आवश्यकता होती है. जिसके लिए हेयर स्पा ट्रीटमेंट किया जाता है.

इस ट्रीटमेंट के जरिए बालों में मसाज, क्रीम, हेयर मास्क आदि का इस्तेमाल किया जाता है. जो बालों को बाहरी चमक देने में मदद करते है. लेकिन हर किसी के लिए इस ट्रीटमेंट का इस्तेमाल कर पाना संभव नहीं होता. आजकल बालों में तरह-तरह की समस्या होना आम होता जा रहा है लेकिन यदि अपने बालों को पूर्ण देखभाल की जाए तो बिना स्पा के भी बालों में प्राकृतिक चमक लायी जा सकती है.

आज के नौजवान अपने बालों को स्टाइलिश और खुबसुरत दिखाने के लिए अक्सर अपने बालों में तरह तरह के प्रोडक्ट्स और जेल आदि का इस्तेमाल करते है. यदि आप भी उन्ही में से एक है तो सावधान हो जाये! क्योंकि ये आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकते है. विभिन्न तरह के हेयर कट, हेयर जेल और हेयर कलरिंग प्रोडक्ट से शुरू में तो आपके बालों को खुबसुरत दिखते है लेकिन बाद में उन्हें सँवारने के लिए किया गया यही प्रयास उनकी सेहत के लिए महंगा सिद्ध होता है. इसीलिए इस तरह के प्रोडक्ट्स से थोडा दूर ही रहे.

इसके अलावा भी कुछ प्राकृतिक उपाय है जिनकी मदद से आप भी पा सकती है चमकदार बाल. लेकिन सभी को उन उपायों के बारे में नहीं पता होता इसलिए आज हम आपको उन सभी उपायों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आपके बाल पहले की तरह मुलायम और शाइनी हो जायेंगे.

बालों को शाइनी करने के घरेलू उपाय :- 

1. गर्म तेल की मालिश :

स्कैल्प की सही तरीके से मालिश करने से बालों के फॉलिकल में रक्त का संचार बेहतर तरीके से होता है और साथ ही जड़ों को मजबूती भी मिलती है. सिर की मालिश करने से तनाव भी दूर होता है जिससे बहुत आराम मिलता है. मालिश करने के लिए आप नारियल तेल, ओलिव आयल, बादाम तेल, कास्टर आयल या आंवले के तेल में से किसी एक का इस्तेमाल कर सकती है. तेल लगाने के आधा घंटे बाद नहा लें. ऐसा करने से आपके बाल शाइनी और चमकदार हो जायेंगे.

2. मेथी और अंडा :

बालों को शाइनी बनाने का ये सबसे बेहतर तरीका है. इसके लिए इन दोनों के पेस्ट को एक साथ मिलाकर मिश्रण बना लें. अब इसे अपने सर पर लगायें. 30 मिनट तक लगा कर रखे. और उसके बाद बाल धो लें. इससे आपके बाल बहुत चमकदार होंगे.

3. एलोवेरा :aloevera

बालों को प्राकृतिक तरीके से नर्म और चमकदार बनाने के लिए ये एक बेहतर उपाय है. आपके शरीर की गंदगी साफ़ करने के लिए भी ये एक बेहतरीन औषधि है. इसके रस से शरीर के मेटाबोलिज्म स्तर को बढ़ाने में भी मदद मिलती है. बालों में शाइन लाने के लिए इसके गुदे को सर पर लगायें. ऐसा करने से बालों को पोषण मिलता है जिससे वे चमकदार होते है.

4. मेहँदी और अंडा :

हम सभी जानते है मेहंदी हमारे बालों को रंगने एक साथ-साथ उन्हें प्राकृतिक रूप से कंडीशन करने में भी मदद करती है. इसके साथ ही ये बालों की जड़ों को भी मजबूत करती है. लेकिन यदि इसका इस्तेमाल अंडे, दही और मेथी के साथ प्रयोग किया जाए तो इसके परिणामो के क्या कहने. जी हां, यदि मेहंदी का इन सभी समाग्रियों के साथ इस्तेमाल किया जाए तो बालों को घना और चमकदार बनाया जा सकता है. इसके लिए सूखे हिना के पाउडर तथा सरसों के तेल को कुछ मिनट तक एक साथ उबालें. अब इसमें से तेल निकाल लें और इसमें अंडा मिला लें. इसके बाद इस मिश्रण का प्रयोग सर की मालिश करने के लिए करें.

5. नारियल तेल और दही :

नारियल के तेल व् दूध में कई तरह के गुण पाए जाते है. अन्य तेलों की तुलना में यह तेल आपके बालों को तेज़ी से बढ़ाने में मदद करता है. इसके लिए नारियल के प्राकृतिक दूध को दही और शहद के साथ मिलाकर उसे अपने सर पर लगायें. कुछ देर रखने के बाद शैम्पू से अपने बाल धो लें. आप चाहे तो इस दूध में मेथी के बीज तथा काली मिर्च भी मिला सकती है.

6. गुड़हल का फूल :

बालों के लिए गुड़हल के फूलों और पत्तियों के कई फ़ायदे होते है. यह आपके बालों को टूटने और सफ़ेद होने से बचाता है और साथ ही उन्हें पोषण भी प्रदान करता है. इसके लिए गुड़हल के सूखे फूलों को तिल, नारियल या बादाम के तेल के साथ अच्छे से मिला लें. उसके बाद इस मिश्रण से अपने सर की मालिश करें. कुछ देर तक ऐसे ही रहने दे सुके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. ऐसा करने से आपके बाल शाइनी और नर्म हो जायेंगे.

7. अंडे की सफेदी :

बालों को रेशमी और मुलायम बनाने के लिए अंडे की सफेदी भी बेहद लाभकारी होती है. इसके लिए अंडे की सफेदी को एक चम्मच ओलिव आयल में मिलाकर एक मिश्रण बना लें. अब इसे अपनी स्कैल्प में लगायें. 20 मिनट तक इसे लगे रहने दे. उसके बाद गर्म पानी से धोकर बालों में शैम्पू कर लें.

8. गीले बालों में कंघी करने से बचें :

जब बाल गीले होते है तो उनकी जड़े बेहद कमजोर होती है ऐसे में उनके टूटने की संभावना बहुत बढ़ जाती है. जिसके कारण बालों की बढ़त पर भी काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. इसीलिए बाल धोने के बाद उन्हें सुलझाने का प्रयास न करें. बालों के अच्छे तरह से सुख जाने के बाद उनपर कंघी करें.

9. केला, मक्खन और बादाम :

क्या आप जानते है बादाम, मक्खन और केले की मदद से भी अपने बालों को मुलायम और शाइनी बनाया जा सकता है. इसके लिए इन सभी को एक साथ मिलाकर इसका पेस्ट बना लें और अपने बालों में लगायें. आधे घंटे तक सूखने के लिए छोड़ दें उसके बाद अच्छी तरह से बाल साफ़ कर लें. इससे आपके बाल मुलायम और चमकदार बनेंगे.

10. अंडे का पैक :

इस पैक के लिए तक़रीबन आधे घंटे तक अपने बालों में अंडे को लगाकर रखे. उसके बाद धो लें. आपके बालों में इंस्टेंट चमक और शाइन आ जाएगी. आप चाहे टी इसमें मलाई भी मिला सकती है.

11. चुकंदर और केले का मिश्रण :

अपने बालों को चमकदार बनाने के लिए पपीता, चुकंदर और केले को एक साथ मिलाकर मिश्रण बना लें. अब इसे अपने बालों में मास्क की तरह लगायें. थोड़ी देर रखने के बाद पानी और शैम्पू से बाल धो लें. ये बालों को रूखापन से छुटकारा दिलाकर दोमुंहे बालों की समस्या को भी खत्म करता है.

12. सेब :

इस उपाय को करने के लिए सबसे पहले सेब को उबाल लें. अब इसका पेस्ट बनाए. मिश्रण के ठंडा हो जाने के बाद उसे अपने सर पर लगायें. आधे घंटे तक लगे रहने दे. उसके बाद बालों को धो लें. इसे आपके बालों में प्राकृतिक चमक आएगी.

13. बियर :

शायद आप नहीं जानती लेकिन बियर भी आपके बालों को शाइनी बनाने में मदद करती है. इसके साथ ही बालों की जड़ों को मजबूत भी करती है. इसके लिए बालों को शैम्पू से धोने के बाद उनकी जड़ों में बियर का प्रयोग करें. अब बियर से सिर में गोलाई में मालिश करें. 5 मिनट तक लगे रहने दे और उसके बाद ठंडे पानी से सिर धो लें.

14. मेयोनेज़ :

मेयोनेज़ में एमिनो acid, प्रोटीन तथा एंटी oxidents की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो बालों को स्वस्थ, मजबूत, चमकदार और मुलायम बनाने में मदद करती है. इसके लिए बालों को धोने के बाद उनपर मेयोनेज़ लगायें. आधे घंटे तक बालों को शावर कैप से ढक लें. उसके बाद दोबारा से बालों में शैम्पू कर लें. इसके इस्तेमाल से आपके बाल शाइनी और चमकदार हो जायेंगे.

15. सेब का सिरका : 

बालों के लिए सेब का सिरका एक बेहतरीन कंडीशनर के रूप में कार्य करता है. इसके साथ ही उन्हें मुलायम, नर्म और शाइनी बनाने में भी मदद करता है. इससे बालों में जमी गंदगी भी पूरी तरह साफ़ हो जाती है. जिनके कारण बाल गंदे और बेजान दिखने लगते है. इसके साथ ही सर में होने वाली खुजली और dandruff से छुटकारा दिलाने में भी मदद करता है. इसके लिए सेब के सिरके और पानी की बराबर मात्रा मिलाकर अपनी स्कैल्प में लगायें. कुछ मिनट तक लगे रहने दे उसके बाद ठंडे पानी से साफ़ कर लें. आप चाहे तो इसमें नींबू के रस का भी इस्तेमाल कर सकती है.

शाइनी बालों के लिए अन्य टिप्स :

  • अपने बालों को स्वस्थ और हाइड्रेट रखने के लिए रोजाना कम से कम 2.5 लीटर पानी का सेवन करें.
  • शैम्पू के हार्श एफेक्ट से अपने बालों को बचाने के लिए शैम्पू में पानी मिलाकर इस्तेमाल करें. ये आपके बालों को रुखा होने से बचाएगा.
  • रात को सोने से पूर्व अपने बालों को थोडा ढीला बांध लें. टाइट बंधे बालों में कभी न सोयें.
  • अपने बालों को शाइनी बनाने के लिए महीने में कम से कम बार सेब के सिरके जैसे घोल का इस्तेमाल करें.
  • नहाने और सर धोने से पूर्व अपने बालों में कंघी कर लें.
  • बालों को सुखाने के लिए कभी भी टॉवल का इस्तेमाल न करें ऐसा करने से बालों को नुकसान पहुँच सकता है और वे रूखे हो सकते है.
  • अपने बालों को ब्रश करने के लिए मोटे दांत वाली कंघी या paddle ब्रश का इस्तेमाल करें. ये आपके बालों की जड़ो को नुकसान पहुचाएं बिना उन्हें सुलझाने में मदद करेगा.
  • हफ्ते में तीन बार से अधिक बालों को धोएं न.
  • सप्ताह में दो बार बालों में तेल लगायें. जिससे वे स्वस्थ और शाइनी बनेंगे.

इन चीजों से बचें :-

बालों को अस्वस्थ रहने के पीछे कई कारण होते है. इसीलिए जरुरी है की आप उन सभी से बच कर रहे. नीचे हम आपको बता रहे है की किन-किन बातों से आपको बचना है. ताकि आपके बाल पहले की तरह मुलायम और शाइनी हो सके.

1. तनाव बालों के लिए बेहद हानिकारक होता है. इसीलिए यदि आप भी तनाव लेते है तो आज से ही इसे बंद कर दें. और रात को तेल मालिश लें. योग आदि करे जिससे तनाव में राहत मिलेगी.

2. हार्ड water में मिनरल, कैल्शियम, कॉपर और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पायी जाती है. जो बालों की जड़ो को कमजोर करके उनके झड़ने का कारण बनती है. इसीलिए बाल धोने के लिए हमेशा सौम्य पानी का इस्तेमाल करें.

3. जंक फ़ूड, सोडा, शुगर की अधिक मात्रा, अल्कोहल और वाइट स्टार्च आपके बालों के झड़ने, उनमे dandruff होने और दोमुंहे बालों का कारण होते है, इसीलिए आज ही इन्हें अपनी डाइट से हटा दें और एक स्वस्थ आहार का सेवन शुरु कर दें.

4. कई लोग अपने बालों को स्टाइल करने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करते है. जबकि ये आपके बालों को बेहद नुकसान पहुंचाते है. जिनकी वजह से दोमुंहे बाल और बालों के रूखेपन की समस्या भी हो सकती है. इसीलिए इस तरह के प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें.

समय से पहले क्यों होती है प्रसव पीड़ा

माँ बनना किसी भी महिला के लिए बहुत ही सुखद अहसास होता है। नौ महीने महिला के शरीर में हो रहे बदलाव के कारण महिला को बहुत सी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन जैसे ही डिलीवरी के बाद शिशु महिला के हाथ में आता है, तो नौ महीने की सभी परेशानियां खुशियों में बदल जाती है। लेकिन कई महिलाओ को नौ महीने से पहले ही प्रसव पीड़ा होने लगती है, और शिशु का जन्म भी हो जाता है।

ऐसा कहा जाता है की समय से पहले यदि शिशु जन्म लेता है, तो कई बार उसे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन आज कल मेडिकल में उपलब्ध सुविधाओं के कारण हर एक समस्या का हल मिल जाता है। लेकिन महिला को समय से पहले प्रसव पीड़ा क्यों होती है, इसके बहुत से कारण होते है, और यदि महिला को दर्द हो, तो उसे बिना देरी किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

क्योंकि यदि महिला से दर्द बर्दाश नहीं हो रहा है तो हो सकता है की शिशु बाहर आने वाला है। इसके लिए आपको एक डॉक्टर की जरुरत होती है। समय से पहले प्रसव की समस्या उन महिलाओ को होती है, जिनका बच्चे का भार नीचे की तरफ होता है, या फिर कुछ महिलाएं जो बहुत परेशानियों के कारण माँ बनती है, इसके अलावा और भी कई कारण हो सकते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की समय से पहले प्रसव पीड़ा होने के क्या कारन होते है।

समय से पहले प्रसव होने के कारण:-

बच्चा नीचे की तरफ होने के कारण:-

कई महिलाओ को प्रेगनेंसी में बच्चे का भार नीचे की तरफ होता है, ऐसे में महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन कई बार अच्छे से ध्यान रखने के बाद भी समय से पहले पेट में परेशानी का अनुभव होने लगता है। जिसके कारण आपको समय से पहले प्रसव पीड़ा हो सकती है।

गर्भाशय की झिल्ली कमजोर होने के कारण:-

जिन महिलाओ को बार बार गर्भपात की समस्या रहती है, या जो शारीरिक रूप से कमजोर होती है। कई बार पूरे नौ महीने तक वो गर्भाशय में शिशु को नहीं संभाल पाती है जिसके कारण उहे समय से पहले प्रसव पीड़ा होने लगती है।

बच्चे का वजन अधिक होने के कारण:-

यदि गर्भ में पल रहे शिशु का वजन अधिक होता है, तो बच्चा कई बार ज्यादा संकुचन करने लगता है, जिसके कारण भी महिला को पेट में दर्द होने लगती है। और बच्चे के ज्यादा संकुचन करने के कारण महिला को प्रसव पीड़ा होने लगती है।

पेडू पर दबाव पड़ने के कारण:-

यदि महिलाएं ऐसा काम ज्यादा करती है जिनसे उनके पेडू पर दबाव पड़ता है। तो इसके कारण भी महिलाओ को समय से पहले प्रसव पीड़ा हो सकती है, क्योंकि दबाव पड़ने के कारण शिशु परेशान होता है और संकुचन पैदा करता है। जिसके कारण महिला को पूर्व प्रसव पीड़ा का आभास होने लगता है।

प्रेगनेंसी में आ रही परेशानी के कारण:-

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में निरंतर हार्मोनल बदलाव होते रहते है। जिसके कारण कई महिलाओ को कम तो कई महिलाओ को ज्यादा परेशानी होती है। कई बार इन परेशानियों के चलते भी महिला को पूर्व प्रसव पीड़ा का अनुभव हो सकता है।

तो ये हैं कुछ कारण जिनकी वजह से कई बार महिलाओ को समय से पहले प्रसव पीड़ा होने लगती है। लेकिन यदि आपको थोड़ी बहुत परेशानी होती है तो आपको तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए। ताकि आपको इस समस्या से बचाया जा सकें और गर्भ में बच्चे का पूरा विकास होने में मदद मिलें।

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लिप्स को पतला करने का तरीका

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बिना सर्जरी मोटे होंठ पतले करने के तरीके

होठों को महिलाओं की खूबसूरती का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसलिए महिलाएं उसकी देख-रेख में जरा भी लापरवाही नहीं बरतती। लेकिन कई बार इतनी देखरेख करने के बाद भी महिलाओं को अपने लिप्स पसंद नहीं आते और वे हमेशा उन्हें ठीक करने के बारे में सोचती रहती हैं। भले ही आजकल फुलर लिप्स का ट्रेंड अधिक हो लेकिन सामान्य घरेलू महिलाओं को मोटे होंठ बिलकुल पसंद नहीं आते। ऐसे में वे यही चाहती हैं की कैसे भी करके उनके लिप्स पतले हो जाएं।

क्योंकि जरुरी नहीं मोटे होंठ सभी के फेस पर अच्छे लगे, कुछ लोगों के फेस पर पतले होंठ मोटे होठों की तुलना में अधिक फबते हैं। ऐसे में वे अपने होठों को पतला करने के बारे में सोचने लगती है। यूँ तो डॉक्टर के पास जाकर सर्जरी करवाकर होठों को आसानी से पतला करवाया जा सकता है लेकिन वह सभी के बस की बात नहीं है। क्योंकि इस तरह के ट्रीटमेंट्स में हजारों रूपए खर्च हो जाते हैं।

लेकिन परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि अगर आप भी अपने मोटे होठों को पतला करने की सोच रही हैं तो यहाँ हमारे पास कुछ आसान से तरीके हैं जिनकी मदद से मोटे होठों को बिना सर्जरी के पतला किया जा सकता है।

मोटे होठों को पतला करने के तरीके

यहाँ हम कुछ मेकअप टिप्स और ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से मोटे होठों को पतला किया जा सकता है। आप बस इन टिप्स को फॉलो करते रहें।

डार्क लिपस्टिक

अपने होठों को आकर्षक लुक देने के लिए सभी महिलाएं व् लडकियां लिपस्टिक का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं की इसकी मदद से भी आप अपने लिप्स को पतला दिखा सकती हैं। जी हाँ, यदि आप गहरे रंग की लिपस्टिक की बजाए हल्के रंग की लिपस्टिक का इस्तेमाल करेंगी तो आपके लिप्स पतले दिखेंगे। इसके अलावा न्यूड शैड की लिपस्टिक भी होठों को पतला दिखाने में मदद करती है। एक बात और होठों को पतला दिखने के लिए लिपस्टिक लगाते समय कभी भी लिप ग्लॉस का इस्तेमाल ना करें। क्योंकि ये लिप्स को और मोटा व् फुलर दिखाने का काम करता है।

फाउंडेशन लगाएं 

फाउंडेशन को मेकअप का बेस कहा जाता है इसलिए मेकअप करते समय सबसे पहले फाउंडेशन का प्रयोग किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है की इसका प्रयोग करके भी आप अपने मोटे होठों को पतला दिखा सकती है। प्रयोग के लिए अपनी स्किन टोन से मैच करता हुआ फाउंडेशन लें और थोड़ा सा फाउंडेशन अपने होठों पर भी लगा लें। और उसके बाद लिपस्टिक लगाएं। इसकी मदद से आपके होंठ पतले दिखने लगेंगे।

लिप मेकअप करते समय

अगर आप चाहे तो लिप मेकअप की मदद से भी होठों को पतला दिखा सकती हैं। इसके लिए जब भी अपने होठों पर लिप लाइनर लगाएं तो उसे बाहर की तरफ लगाने की बजाए अंदर की तरफ लगाएं। और उसके बाद लिपस्टिक लगाएं। ऐसा करने से लिप्स का आकार छोटा हो जाएगा और होंठ मोटे होते हुए भी पतले दिखेंगे। इसके लिए आप गुलाबी या ब्राउन रंग का लिप लाइनर चुनें।

आकर्षक मेकअप

मेकअप ऐसी जादू की छड़ी हैं जिसकी मदद से चेहरे की हर खामी को छुपाया जा सकता है। अगर आप बिना परेशानी के लोगों का ध्यान अपने मोटे होठों पर से हटाना चाहती हैं तो इसके लिए आप फेस मेकअप की मदद ले सकती हैं। यानी आप अपने चेहरे पर ऐसा मेकअप करें की लोगों का ध्यान मोटे होठों की तरफ जाए ही नहीं। इसके लिए आप आई मेकअप को थोड़ा अलग कर सकती हैं, जिससे लोगों का ध्यान आँखों और चेहरे के बाकी हिस्सों पर जाएं।

फिटकरी और ग्लिसरीन

अगर आप चाहे तो इस घरेलू उपाय की मदद से भी अपने मोटे होठों को पतला कर सकती हैं। इसके लिए फिटकरी और ग्लिसरीन को एक साथ मिलाकर कुछ दिनों तक अपने होठों पर लगाएं। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में होंठ अपने आप पतले दिखने लगेंगे।

अगर आप नियमित रूप से इन तरीको का इस्तेमाल करती रहेंगी, तो कुछ ही समय में आपके मोटे होंठ पतले दिखने लगेंगे।