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क्या आपकी दाढ़ी असमय सफ़ेद हो रही है? करें ये उपाय

क्या आपको असमय दाढ़ी के बाल सफ़ेद होने के कारण आपको अपनी उम्र के दोस्तों के बीच खड़े होने में शर्मिंदगी महसूस होती है? इसके कारण आपको कम उम्र में ही अंकल कहने लग गए है? तो अब आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि आज हम आपको अपनी इस समस्या का समाधान बताने जा रहे है, जो आपको सफ़ेद दाढ़ी को काला बनाने में मदद करेंगे।

कई पुरुषो की दाढ़ी का रंग कम उम्र में ही सफ़ेद होने लगता है, जिसके कारण वो समय से पहले ही अपने आप को बड़ा समझने लगते है, कई बार तो उनकी उम्र की लडकिया वे लड़के उन्हें भैया भी बोलने लगते है, जिसके कारण वो अपने आप को शर्मिंदा महसूस करने लगते है, असमय दाढ़ी सफ़ेद होने के कई कारण हो सकते है, जैसे की जो लोग ज्यादा मानसिक दबाव के कारण तनाव में रहते है, या किसी के अनुवांशिक गुण होने के कारण भी ये समस्या हो जाती है, तो कुछ लोग जो ज्यादा मात्रा में नशीले पदार्थो का सेवन करते है, उनकी दाढ़ी असमय सफ़ेद हो जाती है।

तो ऐसे ही कुछ कारण कारण होते है, कई लोगो जो अपने आहार का ध्यान नहीं रखते है, और उनके शरीर में उचित मात्रा में न्यूट्रिएंट्स के न होने के कारण भी उनके साथ ये समस्या हो जाती है, तो यदि आप भी इस समस्या से परेशान है, तो अब आपको चिंता करने की बिलकुल भी जरुरत नहीं है, क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसे ही उपचार बताने जा रहे है जो आपकी इस समस्या का समाधान करके आपके बालों को असमय सफ़ेद होने से बचाने में मदद करते है।तो आइये विस्तार से जानते है की वो कौन से तरीके है।

दाढ़ी के असमय बाल सफ़ेद होने के कारण:-

  • जो लोग ज्यादा तनाव में रहते है, और गहरी चिंता में लगे रहते है, उनके साथ ये समस्या हो जाती है।
  • कई लोगो की दाढ़ी के असमय बाल सफ़ेद होने के कारण अनुवांशिक भी हो सकते है।
  • दाढ़ी के असमय बाल सफ़ेद होने का कारण आपका गलत आदतो का शिकार होना भी हो सकता है, जैसे की धूम्रपान या अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करने से दाढ़ी के बाद असमय बाल सफ़ेद हो जाते है।
  • जो लोग अपने खान पान का ध्यान नहीं रखते है, उनके शरीर में भी मिनरल्स न होने के कारण आपको दाढ़ी के असमय बाल सफ़ेद होने की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
  • जो लोग दाढ़ी के लिए भी केमिकल का इस्तेमाल करते है, उनके साथ भी ये समस्या हो सकती है।

कढ़ी पत्तों का इस्तेमाल करें:-

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कढ़ी पत्तों का इस्तेमाल करके आप अपनी दाढ़ी के असमय सफ़ेद हो रहे बालों से निजात पा सकते है, इसके लिए आप एक बर्तन में दो ग्लास पानी डाल ले, और अब इस पानी में कुछ कढ़ी पत्ते के डाल कर अच्छे से जब तक उबालें, जब तक की पानी आधा न रह जाएँ, और अब ठंडा करके इस पानी के सेवन करें, नियमित रूप से ऐसा करने पर आपको दाढ़ी के बालों को काला होने में मदद मिलती है, और जल्दी फायदे के लिए आप चाहे तो इस पानी में आंवला पाउडर को मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते है।

नारियल के तेल का इस्तेमाल करें:-

नारियल के तेल का इस्तेमाल करने से भी आपके असमय हो रहे दाढ़ी के सफ़ेद बालों की समस्या से राहत मिलती है, इसके लिए आप थोड़े से नारियल के तेल में कढ़ी पत्ते को डाल लें, और जब ये पत्ते पक जाएँ, तो इस तेल को छान ले, और अब इस तेल से अपनी दाढ़ी के बालों की नियमित रूप से मसाज करने पर आपको अपनी दाढ़ी के सफ़ेद बालों को काला करने में मदद मिलती है, परंतु इसे नियमित रूप से करें।

फिटकरी और गुलाब जल का इस्तेमाल करें:-

फिटकरी और गुलाब जल का इस्तेमाल करने से भी आप अपनी दाढ़ी को काला बना सकते है, इसके लिए आप फिटकरी को पीस कर उसका पाउडर तैयार करें, और उसमे गुलाब जल को मिलाकर अपनी दाढ़ी पर लगाएं, और कम से पंद्रह से बीस मिनट तक अपनी दाढ़ी पर लगाकर रखें, और उसके बाद सामान्य पानी से अपने चेहरे को धो लें, कुछ ही दिनों तक इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको असमय हो रहे दाढ़ी के काले बालों की समस्या से राहत मिलेगी, और आपके दाढ़ी के बाल काले हो जायेंगे।

आंवले के जूस का सेवन करें:-

amla juice

आंवले का इस्तेमाल करके आपके सिर के बालों को ही नहीं बल्कि आपकी दाढ़ी के बालों को भी काला होने में मदद मिलती है, इसके लिए आप यदि एक से दो महीने तक रोजाना नियमित रूप से करने से आपको दाढ़ी के असमय सफ़ेद हो रहे बालों को काला करने में मदद मिलती है, साथ ही आप कड़ी पत्तो के साथ भी आंवले पाउडर का इस्तेमाल करके भी अपनी दाढ़ी के बालों को काला कर सकते है।

दाल और आलू का इस्तेमाल करें:-

दाल और आलू का इस्तेमाल करके भी आप असमय दाढ़ी के हो रहे सफ़ेद बालों की समस्या से राहत पा सकते है, इसके लिए आप सबसे पहले एक आलू को उबाल लें, और दाल को पीस लें, अब इन दोनों को साथ में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें, रोजाना नियमित रूप से इसे थोड़ी देर के लिए अपनी दाढ़ी और मूछो पर लगाएं, ऐसा करने से आपको थोड़े ही दिनों में दाड़ी के हो रहे सफ़ेद रंग को काला बनाने में मदद मिलती है, आलू में मौजूद ब्लीचिंग गुण, और दाल गुण आपको अपनी दाढ़ी के बालों को काला करने में मदद करेंगे, और ये बेहतरीन खास नुस्खों में से दाड़ी की सफेदी को हटाने का तरीका है।

पुदीने की चाय का सेवन करें:-

पुदीने की चाय का सेवन करने से भी आपको दाढ़ी के सफ़ेद रंग को काला करने में मदद मिलती है, क्योंकि पुदीने में ऐसे नेचुरल गुण होते है, जो आपको स्वास्थ्य रूप से फायदा पहुँचाने के साथ आपके दाढ़ी और मूछो के रंग को प्राकृतिक रूप से काला करने में मदद करती है, यदि आप भी इस समस्या से परेशान है तो इस आसान तरीके का इस्तेमाल करके इस समस्या से राहत पा सकते है, और इस चाय से आपको इस समस्या के साथ स्वास्थ्य सम्बंधित भी फायदे होते है।।

तो इन सब में से किसी भी तरीके का इस्तेमाल करके आप दाढ़ी के हो रहे असमय सफ़ेद बालों की समस्या से राहत पा सकते है, इसके साथ आपको अपने खान पान पर भी ध्यान देना चाहिए, जितना होस्केन , स्वस्थ संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए, किसी भी प्रकार का तनाव नहीं लेना चाहिए, बल्कि यदि कोई समस्या है तो उसके समाधान को ढूंढना चाहिए, और नशीले पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए, तो ऐसे ही कुछ उपाय करके आप हमेशा जवान भी बने रह सकते है, और आपको असमय दाढ़ी के बालों के सफ़ेद होने की समस्या भी नहीं होती है।

निम्बू पानी पीने के फ़ायदे, जो शायद आप नहीं जानते! 

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गर्मियाँ दस्तक दे चुकी हैं और अब जैसे जैसे गरमी बढ़ेगी, वैसे वैसे गरमी से होने वाली समस्याएँ भी बढ़ती जाएँगी। आप शायद जानते नहीं होंगे कि 40-45डिग्री की गरमी से आपको राहत दिलाने में एक छोटा-सा निम्बू क्या कमाल दिखा सकता है। गरमी से राहत पाने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं, जैसेठंडे ठंडे पानी से नहाना, ice-cream खाना, AC में बैठना इत्यादि। पर ये सब उपाय आपको कुछ देर की राहत दिलाते हैं और वो भी बाहरी रूप से। गरमी मेंअगर आपको अंदर से राहत पानी है तो ठंडी तासीर वाली चीज़ें खानी या पीनी चाहिएँ।

गरमियों में सबको ही प्यास बहुत ज़्यादा लगती है, अगर पानी में थोड़ा निम्बू निचोड़ कर पी लिया जाए, तो ये आपको अंदर से ठंडक प्रदान करेगा। निम्बू पानीगरमी से राहत दिलाता है। शरीर में गरमी और उमस के चलते कम हुए लवणों की मात्रा को भी नियंत्रित करता है। नींबू में और भी कई गुण होते हैं। अगर आपसुबह की शुरुआत निम्बू पानी के साथ करें तो इसका फायदा बहुत ज्यादा होगा। रोज सुबह निम्बू पानी पीने से न सिर्फ आपका मोटापा कम होगा, बल्कि आपकई बीमारियों से भी दूर रहेंगे। इस आर्टिकल में हम आपको निम्बू पानी पीने के फ़ायदे बताने जा रहे हैं, जो की आपको गरमी और गरमी से होने वालीबीमारियों से राहत पाने में मदद करेंगे।

नींबू पानी पीने के फायदे :- 

1. वज़न घटाने में उपयोगी

सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में निम्बू का रस डालकर पिया जाए, तो यह वजन घटाने में मददगार साबित होता है।आप चाहे तो दिन में दो या तीन बार भी इसका सेवन कर सकते हैं। मोटापा घटाने के लिए निम्बू व शहद गरम पानी में नियमित रूप से लेने पर महीने भरमें ही आप फर्क महसूस करने लगेंगे। निम्बू विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो कि शरीर का मैटाबॉलिज्म बढ़ाता है और वजन कम करता है। रोज सुबहखाली पेट गरम पानी, नींबू और शहद पीने से मोटापा कम होता है।

नींबू पानी (बिना शक्कर) पूरी तरह से कैलोरी फ्री होता है। कम मात्रा में पानी पीने सेशरीर में वसा ऊर्जा के रूप में जलने के बजाय एकत्रित होनी शुरू हो जाती है। इसका कारण है शरीर में मौजूद वसा का ऊर्जा में परिवर्तन आपके शरीरमें मौजूद पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। जितना अधिक पानी आप पिएँगे, उतनी ही अधिक वसा आप खर्च कर पाएँगे, और निम्बू पानी तो सोने परसुहागा वाली बात है।

2. निरोगी निम्बूनिम्बू पानी पीने के फ़ायदे

निम्बू में जो फ्लेवनॉयड्स (flavonoids) होते हैं, उनमें antioxidant, anti-cancer और anti-inflammatory गुण होते हैं। cholera नामकबीमारी से निजात दिलाने में भी निम्बू सहायता करता है। सर्दी, खाँसी, ज़ुकाम जैसी बीमारियों से भी मुक्ति दिलाने में मदद करता है। ये हमारे immune system को मज़बूत बनाकर हर तरह की बीमारी से लड़ने में सहायता करता है।

3. पाचनतंत्र का रखवाला

निम्बू अम्लीय स्वभाव का होता है, इसलिए ये भोजन को पचाने में मदद करता है और इसमें ये गुण भी होता है कि ये पेट मेंजाकर digestive juices के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिससे भोजन जल्दी पचता है। यही वजह है कि पेट खराब होने पर निम्बू पानी पिलाया जाता है।रोज सुबह निम्बू पानी पीने से आपकी हजम करने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही ये एसिडिटी से राहत दिलाने में भी सहायता करता है।

4. दंतसुरक्षा में माहिर

निम्बू को दाँतों की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता है। अगर किसी को दाँतों में दर्द हो तो दर्द वाली जगह निम्बू का रस लगादेने से दर्द दूर हो जाता है। मसूड़ों से अगर ख़ून निकलता हो तो निम्बू के रस से मसाज करने से ख़ून निकलना बंद हो सकता है। मुँह में बदबू पैदा करनेवाले बैक्टीरीआ को भी ये नष्ट कर देता है। अगर आप रोज़ निम्बू पानी पीते हैं तो आपकी मुँह से बदबू आने के समस्या भी हल हो सकती है 

5. विटामिन C से भरपूर –

निम्बू में विटामिन C, विटामिन B6, विटामिन A, विटामिन E, folate, niacin thiamin, riboflavin, pantothenic acid, copper, calcium, iron, zinc, magnesium, potassium, phosphorus और प्रोटीन होते हैं जो कि आपके शरीर को रोगों से लड़ने में मदद करता है। इससे साँससंबंधी रोग, सर्दी-जुकाम, खाँसी होने के खतरे भी कम हो जाते हैं। साथ ही इसमें सेपोनिन नामक तत्व होता है, जो शरीर को फ्लू से बचाने में मदद करताहै।

6. शुगर के मरीज़ों के लिए ऊर्जावर्धक पेय

शुगर के मरीज़ मीठे पेय, जैसे गन्ने का रस, सेब का रस, अनानास का रस इत्यादि नहीं पी पाते। उनके लिएनिम्बू पानी एक सर्वोतम ऊर्जावर्धक विकल्प है। खासतौर से जो डायबिटिक हैं या वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें बिना शक्कर डाले निम्बू पानी रोज़ पीनाचाहिए। यह शुगर को गंभीर स्तर तक पहुंचाए बिना शरीर को रिहाइड्रेट व एनर्जाइज करता है।

7. ताज़गी से भरपूर – नींबू पानी

निम्बू गरमी से राहत दिलाकर  ताज़गी लाता है और अगर दिन की शुरुआत ही निम्बू पानी की ताज़गी से भरी हो तो बाक़ी का दिन भीतरोताज़ा ही बीतेगा। इसलिए रोज सुबह निम्बू पानी का सेवन करिए, ये आपको तरोताज़ा रखेगा।  और आपका पूरा दिन ताज़गी से भरा रहेगा।

8. क़ब्ज़ से मुक्ति दिलाता है

क़ब्ज़ से मुक्ति दिलाने में भी निम्बू कारगर है। हम सब जानते ही हैं कि पानी अधिक मात्रा में पीते रहने से क़ब्ज़ की समस्यानहीं होती, और अगर पानी में निम्बू डाल जार पिया जाए तो ये और भी लाभदायक होता है, क्यूँकि निम्बू में भोजन जल्दी पचाने के गुण होते हैं। भोजन सहीतरीक़े से पचने पर क़ब्ज़ की समस्या नहीं होती है।

9. लिवर की detoxification में सहायक

निम्बू ना सिर्फ़ आपको वज़न कम करने या बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है, बल्कि ये आपके लिवर कोdetoxify करके विषैले तत्वों को शरीर से बाहर भी निकालता है। रोज़ एक गिलास पानी में एक निम्बू निचोड़ कर पीने से detoxification में मदद मिलतीहै।

10. साँस की दुर्गन्ध से मुक्ति दिलाए

रोज सुबह सुबह निम्बू पानी पीने से साँस में से बदबू आने की समस्या खत्म हो जाती है। निम्बू में मौजूद उसके अम्लीयगुण मुँह में पनपने वाले बैक्टिरिया को खत्म कर देते हैं, जिससे फिर मुँह से बदबू नहीं आती है।

11. गरमी से राहत देnimbu paani

निम्बू की तासीर ठंडी होती है, इसलिए ये हमें गरमी से राहत दिलाता है। शरीर में गरमी और उमस के चलते ज़्यादा पसीना आता हैऔर शरीर में लवणों की मात्रा कम हो जाती है। निम्बू पानी इन लवणों की मात्रा को भी नियंत्रित करता है।

12. त्वचा के लिए वरदान

निम्बू पानी विटामिन C  के गुणों से भरपूर होता है। साथ ही इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण भी होते हैं, जिससे त्वचा के दाग-धब्बेसाफ हो जाते हैं और त्वचा पर निखार आता है।

13. शरीर की सफ़ाई

सुबह उठकर एक गिलास निम्बू पानी पीने से शरीर की सफाई हो जाती है। निम्बू पानी बाइल जूस बनाने में भी मददगार है। बाइलजूस खाने को पचाने का काम करता है।

निम्बू में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं, इसलिए ये हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद है। निम्बू एक ऐसा एंटीबॉयोटिक है जो शरीर के विषाक्त पदार्थ को दूरकरके, इसे साफ करने में मदद करता है। cancer जैसी बीमारी की रोकथाम में मदद करता है। वज़न घटाने में तो ये रामबाण सिद्ध हो चुका है। तो आप भीइसका फ़ायदा उठाएँ और गरमी और बीमारियों से राहत पाएँ।

सोने के गहने खरीदने से पहले इन बातों को जरूर जान ले

Gold Jewellery Shopping 

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सोना (गोल्ड) महिलाओं की उन पसंदीदा चीजों में से एक है जिन्हे वे बेहद चाव से समय लेकर खरीदती है। फिर चाहे वो छोटी सी नथ हो या फिर गले का मंगलसूत्र। वैसे भी त्योहारों के समय महिलाएं अधिकतर शॉपिंग लिस्ट बनाती रहती है। और जब बात दिवाली जैसे बड़े त्यौहार की हो तो इस लिस्ट में सोने के गहने का नाम होना तो वाजिब है।

और हो भी क्यों न? आखिर ये गहने ही तो उनकी सुंदरता में चार चांद लगाते है और उन्हें नारीत्व का एहसास कराते है। महिलाओं को गहने बहुत अधिक प्रिय होते है इसीलिए वे इनकी खरीदारी में काफी समय ले लेती है। लेकिन कई बार सोने के गहनों को खरीदते समय वे कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती है जो उनके गहनों और उनकी मुद्रा (रुपयों) के लिए ठीक नहीं।

त्योहारों और शादी के सीजन में अक्सर दुकानदार / ज्वैलर ज्वैलरी में बहुत ठगी करते है। भीड़भाड़ होने और समय के अभाव में आप भी उन कारणों पर ध्यान नहीं दे पाते जिनपर ज्वेलर्स ठगी करते है। इसीलिए आज हम आपको कुछ आई महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे है जिन्हे आपको सोने से गहने या जेवर खरीदने से पूर्व ध्यान रखना है। ताकि आप खुद को और अपने परिवार को ज्वैलरी में होने वाले धोखे से बच सके।

सोने के गहने खरीदने से पहले ध्यान रखे ये बातें :-

अगर आप भी अक्सर त्योहारों और शादी विवाह के अवसर पर सोने के गहने आदि खरीदनी की प्लानिंग कर रहे है तो पहले कुछ बातों का ध्यान में रखें। अन्यथा धोखा आपके साथ भी हो सकता है।

1. ज्वैलरी शॉप :सोने के गहने

ज्वैलरी खरीदने से पूर्व सबसे पहले अपने शहर में सोने का दाम पता कर लें। उसके बाद किसी अच्छी सी ज्वैलरी शॉप में जाएं और पहले दुकानदार और उसके सोने की वैराइटी को अच्छी तरह देख लें। दुकानदार की मीठी मीठी बातों में न आएं। आपको जो चीज पसंद है उसे ही चुने। और हां, अगर पहले से ही आपका कोई ज्वैलर है जिससे आप हमेशा ज्वैलरी खरीदते है तो उसी के पास जाएँ और अपनी मनपसंद ज्वैलरी लें।

2. सोने की जानकारी :

दूकान डिसाइड होने के बाद बारी आती है सोने की। सोना खरीदने की। इसके लिए सबसे पहले यह निर्णय ले लें की आपको कितने कैरट का सोना लेना है। और इस बात को ध्यान में रखें की कैरट के साथ साथ सोने की गहनों की गुणवत्ता और उनकी कीमत में भी अंतर आता है।

3. कीमत :

सोने के गहने पसंद करने के बाद उसकी कीमत को विभाजित करके देखें। यानी गहने की कीमत, उस पर लगने वाला मेकिंग चार्ज और GST आदि को जोड़ कर अच्छी तरह देख लें। और हां, उसे खरीदते समय गहने का वजन अवश्य कर लें। क्योंकि कीमत का निर्णय गहने के वजन के हिसाब से भी किया जाता है।

4. मौहर :

सोने की शुद्धता और उसकी क्वालिटी की पहचान करने के लिए उस पर तरह तरह की मौहर लगाई जाती है। और आपको उस मौहर को देखकर ही सोना खरीदना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले गहने पर Halmark जरूर देखें। इसका मौहर का निर्धारण BIS करती है। साथ ही 916 प्यूरिटी ग्रेड, Hallmarking Center’s mark, Year of Marking और ज्वेलर्स का आइडेंटिफिकेशन मार्क चेक कर लें। इन सभी का यह फायदा है की जब आप इन्हे बेचने या एक्सचेंज करने जायेंगे तो इनमे से डेप्रिसिएशन कॉस्ट नहीं काटी जाएगी।

5. कैरट पर दे ध्यान :

यदि कोई दुकानदार आपको 24 कैरट के गोल्ड के गहने देने का दावा कर रहा है तो समझ लें की वह फर्जी है। क्योंकि 24 कैरट गोल्ड बिलकुल शुद्ध सोना होता है और इस गोल्ड से गहने नहीं बनाए जाते। क्योंकि अगर इस गोल्ड के गहने बनायें गए तो वह बहुत जल्दी टूट जाएंगे। क्योंकि यह गोल्ड बहुत मुलायम होता है। जो गहने बनायें जाते है उनमे सोने के साथ अन्य धातुओं का भी प्रयोग किया जाता है। इसलिए 24 कैरट सोने के गहने मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।

6. शुद्धता :

आमतौर पर सभी आभूषण बनाने के लिए 22 कैरट के सोने का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमे 91.66 प्रतिशत सोना होता है। जैसा की हमने आपको 4 पॉइंट में बताया इसमें हॉलमार्क और शुद्धता के पांच सिंबल होते है। लेकिन यह सभी कैरट में अलग अलग होते है। कैरट के मुताबिक : 22 कैरट पर 916, 21 कैरट पर 875 और 18 पर 750 लिखा होता है। जो की इनकी शुद्धता का प्रमाण है।

7. कीमत :

कैरट गोल्ड का अर्थ होता है 1 / 24 परसेंट गोल्ड। यदि आपके आभूषण 22 कैरट के है तो 22 को 24 से भाग देकर 100 से गुना करें। कीमत निष्कर्ष में आने वाले परिणाम के मुताबिक तय की जाएगी।

8. कीमत का निर्धारण :

(22/24)x100= 91.66 यानी आपके आभूषण में इस्‍तेमाल सोने की शुद्धता 91.66 फीसदी है। मसलन 24 कैरेट सोने का रेट टीवी पर 27000 है और बाजार में इसे खरीदने जाते हैं तो 22 कैरेट सोने का दाम (27000/24)x22=24750 रुपए होगा। जबकि ज्वैलर आपको 22 कैरेट सोना 27000 में ही देगा। यानी आप 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोने के दाम पर खरीद रहे हैं। ऐसे ही 18 कैरेट गोल्ड की कीमत भी तय होगी (27000/24)x18=20250।

9. ऑफर :

जबकि ये ही सोना ऑफर के साथ देकर ज्वैलर आपको ठगते है। यदि आप कैलकुलेट करके इसी हिसाब से सोना खरीदेंगे तो बाजार में कभी भी धोखा नहीं खाएंगे।

10. पहचान :

अगर आप सोने का सिक्का खरीद रहे है तो असली और नकली सिक्को की पहचान उसकी खनक से करते है। मेटल पर असली चांदी का सिक्का गिराने से भारी आवाज आती है जबकि नकली सिक्का लोहे की भांति खनकता है। सही और असली सिक्के गोल होते है जबकि नकली सिक्कों के किनारे की ओर खुरदुरी रहती है।

प्रेगनेंसी में वेज या नॉन वेज क्या है शिशु के लिए सही?

प्रेगनेंसी के समय शिशु की केयर

गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए ख़ुशी का लम्हा होने के साथ बहुत ही नाजुक समय भी होता है। क्योंकि इस दौरान महिला जो भी करती है, उसका असर सीधा गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। इसीलिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपने स्वास्थ्य का अच्छे तरीके से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। यहां तक की शिशु के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व और आहार की पूर्ति भी शिशु महिला के द्वारा ही करता है, जो की गर्भनाल की मदद से शिशु तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में शिशु के विकास के लिए खाने के दौरान वेज का सेवन करने से ज्यादा फायदा मिलता है, या नॉन वाज खाने से इस सवाल को बहुत सी गर्भवती महिलाएं पूछती है।

क्योंकि कुछ महिलाएं केवल वेज का सेवन करती है वो नॉन वेज नहीं खाती है, लेकिन कुछ वेज और नॉन वेज दोनों का सेवन कर लेती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान बेहतर खान पान के लिए क्या करना चाहिए इसे लेकर प्रेग्नेंट महिलाएं दुविधा में रहती है। ऐसे में महिला को चाहिए की क्या खाना चाहिए यह सोचना छोड़कर पोषक तत्व से युक्त आहार का सेवन करना चाहिए फिर चाहे वो वेज हो या नॉन वेज। क्योंकि पोषक तत्व तो वेज में भी भरपूर मात्रा में मिलते हैं और नॉन वेज में भी, तो आइये आज हम आपको इसी बारे में कुछ बताते हैं की प्रेगनेंसी में वेज या नॉन वेज किसका सेवन करना बेहतर होता है।

प्रेगनेंसी में वेज या नॉन वेज शिशु के विकास के लिए क्या है बेहतर

गर्भवती महिला गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए वेज और नॉन वेज दोनों का सेवन कर सकती है, बस इस बात का ध्यान रखना चाहिए की जो भी महिला खाए उससे शिशु पर किसी भी तरह का बुरा असर न पड़े और उसके विकास में किसी तरह की बाधा न आए। अब जो महिलाएं वेज का सेवन करती है और नॉन वेज नहीं खाती है तो ऐसा नहीं है की उनके शिशु का विकास नहीं होता है। ऐसे में यह कहना उचित होगा की प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला वेज का सेवन करती है तो उसके अपना फायदे और नुकसान होते हैं, और यदि महिला नॉन वेज का सेवन करती है तो उसके अपने अलग फायदे और नुकसान होते हैं।

वेज खाने वाली गर्भवती महिलाएं

रिसर्च के अनुसार ये पता लगाया गया है की जो महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान केवल वेज आहार का ही सेवन करती है, उनकी डिलीवरी समय से पहले होने चांस अधिक हो सकते हैं ऐसा जरुरी नहीं है की ऐसा सभी महिलाओं के साथ हो। लेकिन यदि वेज खाने वाली महिलाएं अपनी डाइट में विटामिन बी 12 की मात्रा भरपूर लेती है तो ऐसा करने से महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।और इसके लिए आप चाहे तो एक बार अपने डॉक्टर से भी राय ले सकती हैं की इन परेशानियों से बचने के लिए गर्भवती महिला को अपनी डाइट में किन किन चीजों को शामिल करना चाहिए, और एक बैलेंस्ड डाइट रखनी चाहिए की शिशु का विकास अच्छे से हो सके।

प्रेगनेंसी में नॉन वेज खाने वाली महिलाएं

जो महिलाएं प्रेगनेंसी में नॉन वेज का सेवन करती है वह उनके लिए बहुत फायदा करता है, लेकिन रोजाना केवल नॉन वेज ही खाना सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसीलिए गर्भवती महिला को वेज और नॉन वेज की बैलेंस्ड डाइट बनाकर उसका सेवन करना चाहिए। लेकिन रिसर्च में यह बात भी सामने आई है जो महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान नॉन वेज का सेवन करती है उनके प्रीटर्म लेबर, आयरन की कमी के कारण होने वाली समस्या, शिशु में वजन की कमी जैसी समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए वेज या नॉन वेज के सेवन से जुड़े कुछ टिप्स, ऐसे में गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के लिए और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए सबसे ज्यादा इस बात का ध्यान रखना जरुरी होता है की वो जिस भी आहार का सेवन करे उसमे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हो, जो की शिशु के विकास के लिए और प्रेग्नेंट महिला के स्वस्थ रहने के लिए जरुरी होते है, ताकि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को हर परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके।

वजन कम करने के आसान तरीके

वजन का बढ़ना

खाने में लापरवाही, जंक फ़ूड का अधिक सेवन, तेलीय व् मसालेदार खाने का सेवन करना, समय समय पर खाते रहना, गलत दिनचर्या, बॉडी फिटनेस का ध्यान न रखने पर, तनाव लेने, आदि के कारण व्यक्ति मोटापे की समस्या से ग्रसित हो सकता है। और वजन का एक लिमिट में बढ़ना फिर भी सहन किया जा सकता है, लेकिन यदि वजन लगातार बढ़ता रहे तो इसके कारण आपको बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। और वजन बढ़ने के बाद जहां महिलाओं को अपनी पसंद के कपड़ो को पहनने से परहेज करना पड़ सकता है, वहीँ पुरुषो की तोंद उनकी शर्ट के बटन से बाहर झांकती है और समय से पहले ही उन्हें अंकल जैसा महसूस करवा सकती है। ऐसे में बॉडी को फिट रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखना बहुत जरुरी होता है।

वजन कम करने के तरीके

वजन बढ़ने के बाद व्यक्ति इसे कम करने के लिए डाइटिंग से जिम तक ज्वाइन करने लगता है। तो लीजिये आज हम भी आपको ऐसे ही कुछ आसान तरीके बताने जा रहे हैं जिनसे आपको वजन घटाने में मदद मिलती है, और नियमित इन्हे यदि आप अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो इससे आपको फिटनेस को बरकरार रहने में मदद मिलती है।

खाने का ध्यान रखें

खान पान में लापवाही करने के कारण भी आपको मोटापे से परेशान होना पड़ सकता है। ऐसे में सही समय पर खाना, और संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत जल्दी आपको अपने वजन को कम करने में मदद करता है। और खाने से जुडी किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये जानते हैं।

  • एक ही बार में पेट भर कर भोजन न करें।
  • दिन में तीन बड़े मील लेने की बजाय थोड़ा थोड़ा करके भोजन करें, जिससे भोजन को आसानी से पचने में मदद मिल सके।
  • भोजन करने के आधे घंटे पहले पानी का सेवन करें, इससे भूख में कमी आती है, और बॉडी में कैलोरी की मात्रा को घटाने में मदद मिलती है।
  • खाने से अच्छे से चबाकर उसका सेवन करें, ताकि पाचन क्रिया से जुडी कोई भी समस्या न हो।
  • सलाद का सेवन करें, इससे आपके शरीर को पोषक तत्व और पानी भरपूर मात्रा में मिलते हैं, और साथ ही इसके सेवन से वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है।
  • खाना खाने के बाद पानी पीने से परहेज करें, हाँ खाने के बीच में थोड़ा पानी पीना चाहे तो पी सकते हैं।
  • घर के बने खाने में भी ज्यादा मसालें, तेल, घी आदि का इस्तेमाल न करें।
  • जंक फ़ूड यानी की बाहर के खाने के सेवन से परहेज रखें।
  • सुबह का नाश्ता समय से करें, और रात को सोने से दो घंटे पहले भोजन का सेवन करें ताकि भोजन आसानी से पच सके।

व्यायाम व् योगासन

बढे हुए वजन को कम करने के लिए नियमित व्यायाम या योगासन करने से भी बहुत फायदा मिलता है। क्योंकि इसे करने से आपकी बॉडी से पसीना निकलता है, जिससे कैलोरीज़ बर्न होती है। और जितनी ज्यादा कैलोरीज़ बर्न होती है उतनी जल्दी वजन को घटाने में मदद मिलती है। तो आइये जानते हैं की वजन घटाने के लिए कौन कौन से व्यायाम व् योगासन आप कर सकते हैं।

  • साइकिलिंग करने, दौड़ लगाने, स्विमिंग करने, स्ट्रेचिंग करने, पुश अप्स आदि व्यायाम करने से वजन को तेजी से घटाने में मदद मिलती है।
  • चक्रासन, पश्चिमोत्तासन, अनुलोम विलोम, धनुरासन, भुजंगासन, चक्की चलनासन, सूर्य नमस्कार आदि करने से भी वजन को नियंत्रित करने में फायदा होता है।
  • बढे हुए वजन को कम करने के लिए आप चाहे तो एरोबिक्स क्लास या डांस क्लास आदि भी ज्वाइन कर सकते हैं इससे भी आपको इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

तरल पदार्थ

  • वजन कम करने के लिए बॉडी में तरल पदार्थो का होना भी जरुरी होता है, क्योंकि इससे शरीर में मौजूद विषैले पदाथ यूरिन की मदद से बाहर निकल जाते है, साथ ही यह बॉडी में वसा के जमाव को घटाकर बॉडी पर होने वाली चर्बी को कम करने में मदद करता है, साथ ही इससे पेट को साफ रहने में भी मदद मिलती है जिससे पाचन क्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।
  • मोटापा कम करने के लिए दिन में आठ से दस गिलास पानी का सेवन जरूर करना चाहिए।
  • गुनगुना पानी पीना वजन कम करने में तेजी से असर करता है, इसीलिए दिन में दो से तीन बार गुनगुने पानी का सेवन भी जरूर करना चाहिए।
  • ग्रीन टी का सेवन करने से भी बॉडी पर जमी चर्बी को कम करने के साथ मेटाबोलिज्म को बढ़ाने में भी मदद मिलती है, ऐसे में वजन घटाने के लिए आप दिन में दो से तीन ग्रीन टी का सेवन भी कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें की सुबह उठकर खाली पेट इसका सेवन न करें।
  • ब्लैक कॉफ़ी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स भी वजन को तेजी से कम करने में मदद करते हैं, क्योंकि इसके सेवन से मेटाबोलिज्म रेट बढ़ जाता है, ऐसे में वजन घटाने के लिए आप इसका सेवन भी कर सकते हैं।
  • नियमित सुबह उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में एक निम्बू का रस रस और एक शहद मिलाकर पीना भी फैट कटर का कमा करता है।

व्रत

वजन घटाने के लिए आप हफ्ते में एक दिन फ़ास्ट करें, इस दिन आप चाहे तो थोड़े फलों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन केवल उन्ही फलों का सेवन करें जो कम मीठे हो या जिनमे फाइबर की मात्रा अधिक हो। लेकिन जितना हो सके कम से कम खाएं ऐसा करने से यह आपके रूटीन में आ जाता है और इससे आपके वजन को कण्ट्रोल करने में भी मदद मिलती है।

मीठा

कई बार कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है, ऐसे में यदि आप मीठे के शौकीन है तो वजन को कम करने के लिए आपको अपनी डाइट में मीठे की मात्रा को कम करना पड़ेगा। क्योंकि मीठे का अधिक सेवन भी वजन बढ़ने के कारण हो सकता है, और मीठे के साथ नमक का सेवन भी अधिक मात्रा में करने से बचना चाहिए।

उबले अंडे

उबले अंडे का सेवन करने से आपके शरीर को फिट रहने के लिए कैलोरी भरपूर मात्रा में मिलती है। साथ ही इससे आपके वजन को कम करने में भी मदद मिलती है, लेकिन अंडे का पीला भाग छोड़कर उबले अंडे के सफ़ेद भाग को खाना चाहिए। और जितना हो सके इसे सुबह नाश्ते के समय लेना चाहिए।

तनाव से दूरी

यदि आप मोटापे को कम करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको तनाव लेने से बचना चाहिए, क्योंकि कई बार मोटापे की असली वजन आपका तनाव लेना भी हो सकता है। ऐसे में जितना हो सके शारीरिक रूप से अपने आप को फिट रखने के लिए आपको मानसिक रूप से फिट रहना भी बहुत जरुरी होता है।

पर्याप्त नींद

पर्याप्त नींद का लेना भी वजन को कम करने के लिए बहुत जरुरी होता है, और वजन कम करने के लिए न तो अधिक सोना चाहिए न ही कम क्योंकि इन्ही कारणों की वजह से आपका वजन बढ़ सकता है। इसीलिए एक दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ आसान तरीके जिनका इस्तेमाल करने से आपको अपने शरीर पर जमे हुए फैट को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा पतले होने के लिए जिम करना और उसके अनुसार बॉडी को डाइट न देना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में ऐसा कोई भी काम न करें जिससे आपके शरीर पर गलत असर पड़े, बल्कि जितना आपकी बॉडी सहन कर सकती है उसके अनुसार ही काम करें, और सही टिप्स का इस्तेमाल करने से आपको अपने वजन को बहुत जल्दी कम करने में मदद मिल सकेगी।

पीरियड्स से जानें माँ बन सकती हैं या नहीं

पीरियड्स से जानें माँ बन सकती हैं या नहीं, पीरियड्स से जानें इनफर्टिलिटी है या नहीं, लड़कियां अपने पीरियड्स से मालुम कर सकती है इनफर्टिलिटी, इनफर्टिलिटी से जुड़े टिप्स

माँ बनना किसी भी महिला के लिए उसकी जिंदगी का सबसे प्यारा और अनमोल अहसास होता है, और हर महिला की यह ख्वाहिश भी होती है। लेकिन कई बार शारीरिक समस्या के कारण, फिटनेस से जुडी समस्या होने के कारण, पीरियड्स से जुडी समस्या होने के कारण, महिला को इनफर्टिलिटी यानी की प्रेगनेंसी न होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में महिला को समझ ही नहीं आता है की वो कंसीव क्यों नहीं कर पा रही है। तो लीजिए आज हम उन महिलाओं के लिए कुछ खास टिप्स बताने जा रहे हैं जो बहुत कोशिश करने के बाद भी माँ नहीं बन पा रही है, और अपने मासिक धर्म के चक्र से पता कर सकती है, वो पता कर सकती है की वो माँ बन सकती है या नहीं।

मासिक चक्र का रखें ध्यान

हर महीने महिला को मासिक धर्म होता है, और यह चक्र पच्चीस से तीस दिन के अंतराल पर होता है। यदि आपका मासिक धर्म इससे भी ज्यादा देरी से आता है या पहले ही आ जाता है, तो इसका मतलब होता है की आपका मासिक धर्म अनियमित है जिसके कारण आपका ओवुलेशन पीरियड भी नियमित नहीं हो पाता है। एक अध्यन के अनुसार यदि महिला को पच्चीस दिन से पहले या बहुत लेट पीरियड्स होते हैं तो उन महिलाओं में कंसीव करने की क्षमता कम होती है, ऐसे में मासिक धर्म से जुडी इस परेशानी के समाधान के लिए डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

ब्लीडिंग का रखे ध्यान

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को तीन से पांच दिन तक ब्लीडिंग हो सकती है ऐसे में यदि आपको पांच दिन से अधिक या तीन दिन से भी कम ब्लीडिंग होती है। तो इसके कारण भी महिला के कंसीव करने की क्षमता में कमी आ सकती है। क्योंकि यह भी अनियमित पीरियड होता है ऐसे में महिला को ऐसी दिक्कत हो तो भी एक बार स्त्री विशेषज्ञ से राय लेनी चाहिए।

वजन को रखे नियंत्रित

आज कल ज्यादातर देखने को मिलता है की महिला की प्रेगनेंसी से जुडी समस्या का कारण या तो अधिक वजन या बहुत कम वजन होता है। इसका कारण होता है की महिला के शरीर में फैट एस्ट्रोजन प्रोड्यूस होता है यदि आपका वजन कम है या बहुत अधिक होता है तो इस हॉर्मोन के कारण ओवुलेशन पीरियड में रूकावट आ सकती है जिसके कारण इंफर्टिलटी कम होती है।

मेनोपॉज़ भी हो सकता है कारण

महिलाओं में फर्टिलिटी की प्रक्रिया जीन से भी जुडी हो सकती है, इसका मतलब यदि आपकी मम्मी या उनकी मम्मी को मेनोपॉज़ समय से पहले या देरी से हुआ है तो हो सकता है ऐसा आपके साथ भी हो। और यदि मेनोपॉज़ पहले हुआ है तो इसके कारण भी महिला की फर्टिलिटी कम हो सकती है।

तो यह हैं कुछ पीरियड्स से जुड़े टिप्स जिनसे महिला जान सकती है की उनकी प्रेगनेंसी में आने वाली समस्या का कारण उनके पीरियड्स से तो नहीं जुड़ा है। यदि ऐसा हो तो पीरियड से जुडी इस समस्या के लिए उन्हें एक बार डॉक्टर से बात करनी चाहिए ताकि उनकी इस समस्या का समाधान हो सके और उनकी प्रेगनेंसी में आ रही समस्या को दूर किया जा सके।

ब्रॉकली खाने के फायदे

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अपने खान पान में प्रयोग होने वाली सब्जियों के बारे में सभी जानते है लेकिन उनमे से कुछ सब्जियां है जिनके बारे में शायद ही किसी को पता हो। जबकि स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए तो ये सब्जियां हमारे लिए काफी फायदेमंद होती है। इन्ही में से एक है ब्रॉकली।

ब्रॉकली एक तरह की पौष्टिक सब्जी है जो दिखने में बिलकुल फूल गोभी की ही तरह होती है। इसका फर्क बस इतना है की ये पूरी हरी होती है यानी इसके डंठल और फूल दोनों ही हरे रंग के होते है। आप इसे सलाद के रूप में खा सकते है, चाहे तो इसकी सब्जी या सुप बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते है। बहुत से क्षेत्रों में इसे उबाल कर या बेक करके भी खाया जाता है।

पहले भारत में इसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे लेकिन धीरे धीरे लोग इस सब्जी को लेकर जागरूक होने लगे है। बाहर के देशों में इसे लोग बड़े चाव से खाना पसंद करते है। क्योंकि ये न केवल स्वाद में अच्छी है बल्कि इसे गुणों का खजाना भी कहा जा सकता है। इसीलिए आज हम आपको इस लाभकारी सब्जी के फायदों के बारे में बताने जा रहे है जिन्हे जानकर आप भी इस सब्जी का स्वाद जरूर चखना चाहेंगे।

ब्रॉकली खाने के फायदे :-

1. त्वचा के लिए ब्रॉकली के फायदे :

  • ब्रॉकली में विटामिन सी और इ अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
  • इसमें मौजूद विटामिन सी त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाती है जिससे त्वचा स्वस्थ रहती है।
  • ब्रॉकली में मौजूद विटामिन ऐ त्वचा को UV रेज़ से होने वाले नुकसान से बचाता है।
  • इसमें मौजूद glucoraphanin नामक तत्व डैमेज स्किन को ठीक करने में मदद करता है।
  • इस सब्जी का सेवन करने से त्वचा में प्राकृतिक ग्लो भी आता है।
  • इसमें मौजूद विटामिन सी एक एंटी ऑक्सीडेंट है जो त्वचा के फ्री रैडिकल्स को ठीक करके डैमेज स्किन को सामान्य करता है।
  • इसके सेवन से बढ़ती उम्र की निशानियों को भी कम किया जा सकता है।
  • त्वचा को जवान और ग्लोइंग बनाएं रखने के लिए ब्रॉकली का सेवन करें।
  • इस सब्जी में मौजूद गुण त्वचा पर एक परत बनाते है जो त्वचा को सूर्य की हानिकरक किरणों से बचाते है।
  • इसमें मौजूद sulforaphane नामक तत्व UV रेज़ के कारण होने वाली जलन और खुजली को दूर करने में मदद करता है।
  • ब्रॉकली का सेवन करने से स्किन कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
  • इसमें मौजूद विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और अन्य विटामिन त्वचा के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करते है।

2. बालों के लिए ब्रॉकली के फायदे :

  • ब्रॉकली में विटामिन ऐ, सी और कैल्सियम पाया जाता है जो बालों के लिए लाभकारी होता है।
  • ये विटामिन, sebum नामक तत्व का निर्माण करते है जो स्कैल्प के लिए मॉइस्चराइज़र और कंडीशनर का काम करता है।
  • इसकी मदद से बालों की जड़े भी मजबूत होती है जिससे बालों का झड़ना कम हो जाता है।
  • ब्रॉकली के बीजों से निकाला गया आयल बालों के साथ साथ स्किन के लिए भी लाभकारी होता है।
  • इस आयल में विटामिन सी और बी 6 पाया जाता है जो बालो को मजबूत और सिल्की बनाता है।
  • इसके बीजों के तेल का प्रयोग करके झड़ते बालों की समस्या दूर की जा सकती है।
  • बालों के पतले होने की समस्या में भी यह तेल काफी लाभकारी होता है।
  • ब्रॉकली के बीज के तेल में वही तत्व पाया जाता है जो शैम्पू में आपके बालों को शाइनी करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • इसमें मौजूद omega 9 फैटी एसिड बालों को स्मूथ और चमकदार बनाते है।

3. स्वास्थ्य के लिए ब्रॉकली खाने के फायदे :

  • रिसर्च में पाया गया है ब्रॉकली के सेवन से कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
  • ब्रॉकली में मौजूद तत्व शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन को समाप्त करते है जो कैंसर का कारण होते है।
  • यूटरस और ब्रैस्ट कैंसर के लिए ब्रॉकली बहुत लाभकारी होती है।
  • इसमें विटामिन सी, ऐ, बीटा केरोटीन जैसे कई आवश्यक फाइबर पाए जाता है।
  • इसके साथ ही इसमें potassium, magnesium, manganese भी पाए जाते है जो स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है।
  • यदि गर्भवती महिला ब्रॉकली का सेवन करे तो उसे कब्ज की समस्या नहीं होती।
  • त्वचा के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।
  • इसमें मौजूद विटामिन इ, बी और बीटा-केरोटीन त्वचा को जवान बनाए रखने में मदद करते है।
  • ब्रॉकली में मौजूद गुण स्वास्थ्य हृदय के लिए बेहद लाभकारी होते है।
  • इसमें मौजूद फाइबर, फैटी एसिड और विटामिन्स शरीर में ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करते है और बाद कोलेस्ट्रॉल को कम करते है।
  • ब्रॉकली ब्लड वेस्ल्स को डैमेज होने से भी बचाती है। जिससे स्ट्रोक और अटैक का खतरा कम हो जाता है।
  • इसमें मौजूद पोटैशियम नर्वस सिस्टम के लिए बेहद लाभकारी होता है।
  • ये सब्जी वजन घटाने में भी बेहद लाभकारी होती है। इसकी मदद से बिना समस्या के वजन घटाया जा सकता है।
  • इसमें मौजूद soluble और insoluble fibres कब्ज और ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते है।
  • ब्रॉकली में मौजूद विटामिन ऐ आँखों के लिए बेहद लाभकारी होता है। इसके सेवन से आँखों की रोशनी भी तेज होती है।
  • इसमें fibre, magnesium, calcium, potassium और omega 3 fatty acids पाए जाते है ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करते है।
  • बहुत ही कम फल व् सब्जियां ऐसी होती है जो बॉडी को डेटॉक्स करने में सहायक होती है और ब्रॉकली उनमे से एक है।
  • ब्रॉकली की मदद से शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ बाहर चले जाते है। इसलिए इसका सेवन करना लाभकारी होता है।
  • यह कैल्सियम का अच्छा स्रोत्र है इसके सेवन से हड्डियों से संबंधित बीमारियां नहीं होती।
  • गर्भवती महिलाओं में Osteroporosis नामक समस्या आम है जिसका कारण कैल्सियम की कमी होता है और ब्रॉकली इसे दूर करने की क्षमता रखती है।
  • इसीलिए जब भी शरीर में कमजोरी महसूस हो तो ब्रॉकली का नियमित सेवन शुरू कर दें।
  • एनीमिया, आयरन की कमी से होने वाली एक बीमारी है जिसके कारण बालो के झड़ने की समस्या होती है।
  • ब्रॉकली में आयरन और फोलिक एसिड की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो एनीमिया दूर करने में मदद करती है।

गर्मियों में दही का शरबत गर्भवती महिला के लिए

गर्मी के मौसम में गर्भवती महिला को गर्मी से निजात पाने के लिए अपने खाने पीने के तरीके में बदलाव करने की सलाह दी जाती है। ताकि महिला को गर्मी के कारण होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके। तो लीजिये आज इस आर्टिकल में हम भी गर्भवती महिला के लिए गर्मी के दौरान पीया जाने वाला एक बेहतरीन शरबत बताने जा रहे हैं।

जो न केवल गर्मी से निजात दिलाता है बल्कि गर्भवती महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों से भी राहत दिलाता है। और वो शरबत है दही का शरबत, दही का शरबत बनाने के लिए फेटा हुआ दही, काला नमक, काली मिर्च पाउडर, भुना हुआ जीरा, थोड़ा सा निम्बू का रस इस्तेमाल किया जाता हैं। तो आइये अब जानते हैं की दही का शरबत पीने से प्रेग्नेंट महिला को कौन से फायदे मिलते हैं।

पाचन में होता है सुधार

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला पाचन तंत्र से जुडी समस्या से बहुत परेशान रहती है खासकर गर्मियों में खाना हज़म करने में बहुत परेशानी होती है। लेकिन गर्मियों में खाने के साथ या वैसे भी यदि आप दही का शरबत बनाकर पीती है तो इससे पाचन क्रिया को बेहतर होने व् खाने को हज़म होने में मदद मिलती है। इसके अलावा कब्ज़, गैस, सीने में जलन जैसी परेशानियों से निजात मिलता है।

शरीर रहता है ठंडा और गर्मी से मिलता है निजात

गर्मी के मौसम में बॉडी को ठंडा रखने के लिए, लू से बचाव के लिए दही का शरबत पीना बहुत फायदेमंद होता है। यदि गर्भवती महिला रोजाना दही का शरबत पीती है तो इससे गर्मी के कारण होने वाली दिक्कत से बचे रहने में मदद मिलती है।

हाई ब्लड प्रैशर से मिलता है निजात

प्रेगनेंसी के दौरान गर्मी के मौसम में कुछ महिलाओं को हाई ब्लड प्रैशर, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की परेशानी अधिक होने का खतरा रहता है। लेकिन यदि महिला दही का शरबत पीती है तो इससे ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने व् हदय को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

इम्युनिटी बढ़ती है

गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है। और इम्युनिटी कमजोर होने के कारण गर्मी हो चाहे सर्दी महिला को सेहत सम्बन्धी परेशानी होने का खतरा अधिक रहता है। लेकिन यदि गर्मियों में महिला यदि दही के शरबत का सेवन करती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी को बढ़ाने और गर्मी के कारण होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

वजन रहता है कण्ट्रोल में

दही के शरबत का सेवन करने से गर्भवती महिला का वजन जरुरत से ज्यादा नहीं बढ़ता है, जिससे महिला व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

नींद आती है बेहतर

दही का शरबत पीने से मानसिक रूप से भी महिला रिलैक्स फील करती है जिससे तनाव चिंता से प्रेग्नेंट महिला बची रहती है। और गर्भवती महिला को बेहतर नींद आती है। और गर्भवती महिला यदि बेहतर नींद लेती है तो इससे भी प्रेग्नेंट महिला को गर्मी में होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं हैं कुछ बेहतरीन फायदे जो दही का शरबत पीने से गर्भवती महिला को मिलते हैं, ऐसे में गर्मी से निजात पाने के लिए महिला को इस शरबत का सेवन रोजाना जरूर करना चाहिए। लेकिन रात के समय दही का शरबत का सेवन करने से बचें।

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