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प्रेगनेंसी में नवरात्रि का व्रत कैसे रखें

प्रेगनेंसी में नवरात्रि रखें या नहीं

बहुत सी गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान भी नवरात्रि का व्रत करना चाहती है, लेकिन ज्यादातर डॉक्टर्स प्रेगनेंसी में व्रत न करने की सलाह दे सकते हैं,और यदि कोई महिला व्रत रखना चाहती है तो वो रख भी सकती है। लेकिन नवरात्रि का व्रत रखते समय इस बात का ध्यान रखें की अब आप अकेली नहीं है आपकी गर्भ में पल रही जान भी आपके ऊपर ही निर्भर करती है। ऐसे में यदि आप व्रत रखना चाहती है तो आप रखें लेकिन यदि प्रेगनेंसी में अधिक कॉम्प्लीकेशन्स हैं, भूखे रहने से ज्यादा तबियत खराब होती है, पेट से जुडी समस्या या प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली समस्या से अधिक परेशान हैं, शिशु का वजन सही नहीं है तो ऐसे कुछ कारण होने पर महिला को व्रत नहीं रखने चाहिए। क्योंकि इससे गर्भवती महिला की दिक्कत बढ़ने के साथ शिशु पर भी असर पड़ सकता है। और यदि आपको प्रेगनेंसी के के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं तो आप व्रत कर सकती है लेकिन पूरी सावधानी के साथ ही व्रत को करना चाहिए, ताकि महिला की सेहत और शिशु के विकास पर नकारात्मक असर न पड़े।

प्रेगनेंसी में नवरात्रि का व्रत रखने पर इन बातों का ध्यान रखें

यदि आप गर्भवती हैं और नवरात्रि का व्रत करने जा रही है तो आपको कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपके मन की इच्छा भी पूरी हो जाये और आपको व्रत के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी में नवरात्रि का व्रत रखते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

खान पान

नवरात्रि के दिनों में कुछ चीजों का ही सेवन कर सकते हैं, साथ ही इस दौरान केवल लोग सुबह या शाम को ही खाना खाते हैं। लेकिन गर्भवती महिला को अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि कम आहार लेने के कारण महिला को भूख के कारण सिर में दर्द, चक्कर, बेहोशी, जी मिचलाना, थकान, कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में महिला को हर दो घंटे में कुछ न कुछ पौष्टिक आहार जरूर लेना चाहिए जैसे की फल, दही, आलू, आदि। इससे आपकी व्रत रखने की इच्छा भी पूरी हो जाती है और सेहत सम्बन्धी समस्या से भी बचे रहने में मदद मिलती है।

तरल पदार्थ

व्रत के दौरान पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें ताकि डीहाइड्रेशन की समस्या न हो। और पानी के साथ नारियल पानी, जूस, निम्बू पानी आदि का भी सेवन कर सकते हैं क्योंकि इससे पाचन क्रिया को बेहतर रहने और गर्भवती महिला को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है। साथ ही प्रेग्नेंट महिला को निर्जल व्रत नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह गर्भवती महिला के साथ शिशु की दिक्कत को भी बढ़ा सकता है।

मीठा

व्रत के दौरान खाने की चीजों में मीठे का अधिक इस्तेमाल हो सकता है लेकिन प्रेग्नेंट महिला को अधिक मीठे के सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि यह गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक हो सकता है लेकिन यदि आपकी मीठा खाने की इच्छा होती भी है तो फलों का सेवन भरपूर मात्रा में करें। इससे किसी तरह का नुकसान नहीं होगा क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से शुगर मौजूद होती है।

शारीरिक श्रम

व्रत के दिन खाना कम ही खाया जाता है, ऐसे में गर्भवती महिला को शारीरिक श्रम अधिक नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कारण महिला को थकान व् कमजोरी का अहसास हो सकता है। ऐसे में महिला को ज्यादा चलने, खड़े रहने वाले, पसीना आने वाले, थका देने वाले कमा से परहेज करना चाहिए। साथ ही सारा दिन एक ही जगह पर बैठे भी नहीं रहना चाहिए क्योंकि इसके कारण एसिडिटी की समस्या के कारण महिला को परेशानी हो सकती है।

चाय

कुछ महिलाएं व्रत रखने पर चाय का सेवन अधिक करने लगती है, लेकिन गर्भवती महिला को दिन में एक या दो कप से ज्यादा चाय का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण महिला को डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। साथ ही चाय का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए और चाय के साथ कुछ न कुछ जरूर खाना चाहिए।

ज्यादा तेलीय आहार

व्रत के दौरान कुट्टू के आटे की पूड़ी, पकोड़े आदि का सेवन अधिक किया जाता है। लेकिन गर्भवती महिला को ज्यादा तेलीय व् मसालेदार आहार से परहेज करना चाहिए क्योंकि इसके कारण महिला को पेट सम्बन्धी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

भरपूर नींद

नवरात्रि का व्रत रखने पर महिला को अपनी नींद का भी भरपूर ध्यान रखना चाहिए, ताकि महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। रात को भरपूर नींद लेने के साथ दिन में भी थोड़ी देर गर्भवती महिला को जरूर सोना चाहिए।

गर्भवती महिला नवरात्रि का व्रत रखने पर क्या क्या खाएं

  • मौसमी फलों का सेवन भरपूर मात्रा में गर्भवती महिला को करना चाहिए।
  • खीरा, शकरगंद, आदि की चाट बनाकर महिला उसका सेवन कर सकती है।
  • रात के समय ड्राई फ्रूट को भिगोकर रख दें, और सुबह दूध के साथ गर्भवती महिला को उसका सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से महिला को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिलने के साथ बॉडी को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।
  • दही, छाछ, रायता आदि का सेवन भी जरूर करें।
  • साबूदाना भी व्रत के दौरान खाया जा सकता है, यह हल्का होने के साथ पचाने में भी आसान होता है। ऐसे में महिला चाहे तो इसकी खिचड़ी बनाकर इसका सेवन कर सकती है।
  • सामक के चावल व् आटे, कुट्टू के आटे का सेवन भी गर्भवती महिला कर सकती है। क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व गर्भवती महिला और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होते है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका ध्यान गर्भवती महिला को नवरात्रि रखने के दौरान करना चाहिए। ताकि नवरात्रि के दौरान महिला को किसी भी तरह की परेशानी न आये साथ ही शिशु का विकास भी बेहतर तरीके से हो। इसके अलावा आपको नवरात्रि का व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से भी जरूर राय लेनी चाहिए।

पतली कमर चाहिए ये उपाय अपनाएँ

पतली कमर परफेक्ट फिगर के लिए बहुत जरुरी होती है, लेकिन आज कल हर दूसरी महिला बढ़ते वजन से परेशान है। आपके वजन बढ़ने का सबसे ज्यादा असर पहले आपके पेट और कमर पर ही दिखाई देता है। लेकिन यदि आपका पेट अधिक बाहर आने लगता है तो धीरे धीरे आपकी कमर कमरे का रूप ले लेती है। और इसके कारण आपकी पर्सनैलिटी पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन हर महिला की यह ख्वाहिश होती है की उसकी कमर पतली हो जिससे उसकी लुक को अलग होने में मदद मिलती है।

किसी भी बात का समाधान ढूंढने से पहले उसके कारण का पता होना चाहिए। इसीलिए सबसे पहले आपको कमर की शेप खराब होने का कारण पता होना चाहिए। इसका कारण होता है की आपका व्यायाम न करना, एक ही जगह पर बैठे रहना, खान पान की लापवाही करना, आदि। लेकिन यदि आप इसके लिए कुछ उपाय करते है तो इससे आपकी कमर को शेप देने में मदद मिलती है और जिससे आपका फिगर भी मेन्टेन रहता है।

कमर पतली करने के अनोखे तरीके:-

व्यायाम करें:-

कमर को सही शेप में लाने के लिए व्यायाम सबसे आसान उपाय है। इससे न केवल आपकी बॉडी शेप में आती है बल्कि आपको फिट रहने में भी मदद मिलती है। इसके लिए आप दौड़ लगाने के साथ ऐसा व्यायाम करें जिससे आपको बॉडी में स्ट्रेच उत्त्पन्न हो। और ऐसा आप नियमित रूप से करें, इसके अलावा आप पुशअप्स, साइकिलिंग, तैराकी आदि भी कर सकते है इससे भी आपकी कमर को पतला होने में मदद मिलती है। एरोबिक्स और कार्डियो करने से भी आपकी कमर को सही शेप में लाया जा सकता है। इसके अलावा आप और भी कमर को पतला करने से सम्बंधित व्यायाम कर सकते है।

अपने आहार को सही करें:-

कमर पतली करने के लिए जरुरी है की आप अपने वजन को कम करें। इसके लिए आपको सबसे पहले अपने आहार में करने वाली गलतियों को सही करना चाहिए। जैसे की आवश्यकता अनुसार आपको दिन में कितनी कैलोरी का सेवन करना चाहिए उतना ही करें। समय से अपने आहार का सेवन करें, पोस्टिक व् संतुलित चीजों को अपने आहार में शामिल करें अधिक तेलीय व् मसालों का सेवन नहीं करना चाहिए। लम्बे समय तक आहार में गैप नहीं रखना चाहिए। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले आहार का सेवन करना चाहिए। ऐसे कुछ टिप्स यदि का इस्तेमाल करते है तो इससे जरूर फायदा मिलता है।

स्वस्थ वसा लें:-

ज्यादातर लोग ऐसा मानते हैं की शरीर पर जमी चर्बी को कम करने के लिए उन्हें अपने आहार से वसा को बाहर निकल देना चाहिए। जबकि यह गलत होता है आपकी बॉडी में कैलोरी की मात्रा को सही रखने के लिए वसा का सेवन बहुत जरुरी है। लेकिन इसके सेवन के समय आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आप स्वस्थ वसा लें। इसके लिए आप एवोकाडो, नट्स, अखरोट, आदि का सेवन कर सकते है। इससे आपके शरीर को स्वस्थ वसा मिलने में मदद मिलती है।

फाइबर युक्त आहार का सेवन करें:-

उचित मात्रा में फाइबर को अपने आहार में शामिल करने से आपके पेट को साफ़ रहने में मदद मिलती है, जिससे आपका वजन नियंत्रित रहता है। साथ ही इससे आपके शरीर में इन्सुलिन की मात्रा को कम कर दिया जाता है, जिससे आपके वजन को तेजी से कम होने में मदद मिलती है। इसके लिए आप मटर, बीन्स, सेब, गाजर, ओट्स, जौं गेहूं का चोकर, हरी सब्जियों आदि का उचित मात्रा में सेवन कर सकते है। यदि आप नियमित अपने आहार में इन चीजों को जगह देते है तो इससे आपकी कमर को सही शेप मिलती है।

पैकेट वाले पदार्थ और जंक फ़ूड का सेवन न करें:-

पैकेट वाले पदार्थो का जितना हो सके सेवन नहीं करना चाहिए, और साथ ही जंक फ़ूड, तेलीय व् मसालें वाले भोजन का सेवन भी अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भी आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। जिसके कारण आपका वजन बढ़ने लगता है, और इससे शरीर पर चर्बी जमने के कारण आपकी कमर की शेप की खराब हो जाती है। इसीलिए कमर की चर्बी को कम करने के लिए जितना हो सकें आपको पैकेट वाले पदार्थो के सेवन से और जंक फ़ूड के सेवन से परहेज करना चाहिए।

एरोबिक्स और कार्डियो एक्सरसाइज करें:-

एरोबिक्स और कार्डियो व्यायाम करने का ऐसा तरीका है जिसमे आप व्यायाम करने के साथ एन्जॉय भी कर सकते है। यदि आप हफ्ते में तीन से चार दिन एक घंटा एरोबिक्स करते हैं तो इससे आपकी मांसपेशियों को टोन होने में मदद मिलती है। इसके अलावा कार्डियो में भी अलग अलग तरीके है जिनसे आप नियमित व्यायाम के तरीके में चेंज करके अपनी इस समस्या का समाधान करके अपने वजन को सही करने के साथ अपनी कमर को भी सही शेप में ला सकते है।

पानी का भरपूर सेवन करें:-

जी हां पानी भी आपके शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करके आपकी कमर को सही शेप में लाने में मदद करता है। इसके लिए आप दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी का सेवन करें। इससे आपके शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है।इसके अलावा आप चाहे तो दिन में दो से चार गिलास गुनगुने पानी का सेवन भी कर सकते है। और यदि आप ज्यादा फायदा चाहते हैं तो इसके लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक निम्बू का रस और एक चम्मच शहद डालकर नियमित सुबह खाली पेट पीएं। ऐसा करने से आपको बहुत तेजी से अपनी कमर को पतला करने में मदद मिलती है।

नींद भरपूर लें:-

नींद में कमी आपके मेटाबोलिज्म पर बुरा प्रभाव डालती है। साथ ही इससे तनाव भी बढ़ता है, जिससे जाहिर सी बात है आपकी बॉडी शेप खराब होने लगती है। इसके लिए आप एक दिन में कम से कम आठ घण्टे की नींद जरूर लें। इससे आपको फ्रेश रहने के साथ आपके मेटाबोलिज्म को भी सही रखने में मदद मिलती है। जिससे आपकी कमर को सही शेप में लाया जा सकता है।

कमर पतली करने के अन्य टिप्स:-

  • जितना हो जंक फ़ूड के सेवन से परहेज करना चाहिए।
  • ज्यादा समय तक एक ही स्थान पर नहीं बैठे रहना चाहिए, बीच बीच में उठते रहना चाहिए।
  • दूध वाली चाय पीने की जगह ग्रीन टी, ब्लैक टी, या लेमन टी का सेवन करना चाहिए।
  • फिट रहने के लिए और अपनी कमर को पतला करने के लिए हफ्ते में एक दिन उपवास जरूर करना चाहिए।
  • योगासन करने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • सलाद व् सब्ज़ी में काली मिर्च को शामिल करें इससे भी आपकी चर्बी को कम होने में मदद मिलती है।
  • दिन में तीन से चार बार गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए, बर्फ का पानी या ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए।
  • अपने आहार को छोड़ना नहीं चाहिए बल्कि अपने आहार को सही समय पर और संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।
  • दिन में दो बार गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद डालकर पीने से आपको फिट रहने में मदद मिलती है।
  • जौ और चने के आटे की रोटी खाने से भी आपकी कमर को पतला करने में मदद मिलती है।

तो यदि आप भी अपनी बढ़ी हुई कमर से परेशान है तो आप भी इन टिप्स का इस्तेमाल करके आसानी से अपनी बॉडी को पेरफ़ेक्ट शेप देने के साथ अपनी कमर को पतला कर सकते है।लेकिन ऐसा नहीं है की यह आपको एक दिन में अपना असर दिखा देंगे, बल्कि आपको इन्हे नियमित तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। इससे आपकी कमर को पतले होने के साथ हमेशा फिट रहने में मदद मिलती है।

वजाइनल इन्फेक्शन: जलन, खुजली, और रैशेस से ऐसे छुटकारा पाएं

वजाइनल इन्फेक्शन एक ऐसी समस्या है जिससे ज्यादातर महिलाएं परेशान हो जाती है, इसे खमीर संक्रमण भी कहा जाता है, जो की फंगस की तरह होता है, लेकिन योनि की अच्छे से साफ़ सफाई न रखने के कारण, ज्यादा खुशबूदार चीजों का इस्तेमाल करने के कारण पुराना या अत्यधिक टाइट अंडरवियर पहनने के कारण, कई बार आपके प्राइवेट पार्ट में इस फंगस की वृद्धि होने लगती है, जिसके कारण आपको खुजली, जलन, व् रैशेस की समस्या हो जाती है, और कई बार पेशाब में जलन आदि भी होने लगती है, कई बार इसका कारण आपका यौन रोगों से पीड़ित होना भी हो सकता है, यह किसी प्रकार की बिमारी नहीं है, संक्रमण है जो उन महिलाओ में अधिक होता है जो यौन क्रिया में सक्रिय होती है, इसके अलावा इस परेशानी के होने के और भी कारण हो सकते है, तो आइये जानते है की वो कारण और वजाइनल इन्फेक्शन से बचने के उपाय कौन कौन से है।

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वजाइनल इन्फेक्शन के कारण:-

  • अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक्स का सेवन करने के कारण भी प्राइवेट पार्ट में जीवाणुओं की वृद्धि होने लगती है, जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है।
  • शुगर के रोगी इस समस्या के कारण अधिक परेशान रहते है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान एस्ट्रोजन के स्तर में कमी और हार्मोनल बदलाव के कारण आपको प्राइवेट पार्ट से जुडी इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • जो महिलायें प्राइवेट पार्ट की साफ़ सफाई का ध्यान नहीं रखती है उन्हें भी ये परेशानी हो सकती है।
  • एड्स या अन्य किसी यौन रोग के कारण भी आपको योनि में संक्रमण हो सकता है।
  • अधिक टाइट अंडरवियर पहनने और ज्यादा खुशबूदार प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से भी प्राइवेट पार्ट में ph स्तर बिगड़ जाता है जिसके कारण आपको ये परेशानी हो सकती है।

दही का इस्तेमाल करें:-

दही में अच्छे बैक्टेरिया होते है जो आपके प्राइवेट पार्ट में बैड बैक्टेरिया को बढ़ने से रोकते है, और योनि का ph बैलेंस बनाएं रखने में मदद करते है, जिससे आपको जलन खुजली, व् रैशेस जैसी समस्या से बचने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए रूही का एक बड़ा सा टुकड़ा लें, और उसे अच्छे से दही में भिगो दें, उसके बाद इसे अपने प्राइवेट पार्ट के ऊपर रखें, जहां आपको जलन, खुजली व् रैशेस की समस्या है, और कम से कम दो घंटे इसे ऐसे रहने दे, और उसके बाद गुनगुने पानी की मदद से अपने प्राइवेट पार्ट को साफ़ करें, दिन में दो बार इस उपाय को करें, और इसमें नमक या चीनी कुछ भी न मिलाएं।

नारियल तेल का प्रयोग करें वजाइनल इन्फेक्शन के लिए:-

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नारियल तेल में मौजूद कवक विरोधी गुण आपके प्राइवेट पार्ट में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टेरिया को खत्म करने में मदद करते है, इसके लिए आप दिन में दो से तीन बार अपने हाथों से नारियल तेल को अच्छे से वहां लगाएं जहां आपको खुजली, जलन, व् रैशेस हो गए है, और जब तक आपको फ़र्क़ न दिखाई दें, तब तक इसका इस्तेमाल करें, इससे आपको फायदा मिलेगा, साथ ही आप अपने आहार में भी कम से कम एक चम्मच नारियल तेल का सेवन जरूर करें इससे भी आपको फायदा मिलता है।

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सेब का सिरका है असरदार उपाय:-

सेब का सिरका भी आपको इस समस्या से बचाने में मदद करता है, जिससे प्राइवेट पार्ट के ph बैलेंस को बनाएं रखने में मदद मिलती है, साथ ही इसमें मौजूद एसिड युक्त एंटीवायरल, एंटी फंगल, और एंटी बेक्टेरियल गुण भी उपयुक्त मात्रा में होते हैं, आप इसका कई तरह से इस्तेमाल कर सकते है, जैसे की दो कप गरम पानी लें, और उसमे तीन बड़े चम्मच सेब के सिरके के मिलाएं, उसके बाद अपनी योनि को धोने के लिए दिन में कई बार इसका इस्तेमाल करें, या आप सब के सिरके और पानी को बराबर मात्रा में मिलाएं, और उसके बाद रुई के टुकड़े को उसमे भिगोकर पंद्रह मिनट के लिए दिन में दो बार अपने प्राइवेट पार्ट पर रखें, और उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके अपने प्राइवेट पार्ट को धो दें, या आप एक कप गरम पानी में दो बड़े चम्मच सेब के सिरके के मिलाएं, उसके बाद दिन मे दो बार उसका सेवन करें, इससे भी आपको फायदा मिलेगा।

बोरिक एसिड का इस्तेमाल करें:-

बोरिक एसिड में मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल गुण आपके प्राइवेट पार्ट से जुडी परेशानी को खत्म करने में आपकी मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दो कप गरम पानी में एक चम्मच बोरिक एसिड को मिलाएं, और उसके बाद पतला घोल तैयार करके उसे अपने प्राइवेट पार्ट पर लगाएं और दो से तीन मिनट के बाद साफ़ पानी से धो लें, दिन में एक बार इस उपाय को कुछ दिनों तक करने से फायदा मिलता है, इसके अतिरिक्त यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो इस उपाय अधिक समय तक न करें, और यदि इसे करने से आपकी स्किन पर जलन अनुभव हो तो भी इसे नहीं करना चाहिए।

एलोवेरा का इस्तेमाल करें:-

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एलोवेरा का इस्तेमाल आपने अपनी स्किन और बालों के लिए तो बहुत बार किया होगा, लेकिन इसमें मौजूद विटामिन, अमीनो एसिड, और एंजाइम आपके प्राइवेट पार्ट में बैड बैक्टेरिया को बढ़ने से रोकते है, साथ ही इसमें होने वाले एंटी इर्रिटेटिंग गुण, एंटी फंगल, और एंटी इंफ्लेमटरी गुण आपको योनि की जलन खुजली आदि से भी राहत दिलाने में मदद करते है, इसके प्रयोग के लिए आप एलोवेरा जैल को प्रभावित एरिया पर लगाएं, या आप दो बड़े चम्मच एलोवेरा जैल के संतरे के रस में या सादे पानी में मिलाकर लगाएं आपको फायदा मिलेगा।

डॉक्टर से राय लें:-

ज्यादातर महिलायें इस बात को लेकर शर्माती है और इस बारे में किसी डॉक्टर से खुल कर राय नहीं लेती है जो की गलत है यदि आप इन उपाय का इस्तेमाल करने के बाद भी कोई सुधार नहीं दिखता है तो आपको डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए साथ ही यदि आपको ठीक होने के बाद बार बार दुबारा से वजाइनल इन्फेक्शन होता है तो इस बारे में भी एक बार आपको डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।

वजाइनल इन्फेक्शन से बचने के अन्य उपाय:-

  • नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर उस पानी को ठंडा करके दिन में तीन से चार बार अपने प्राइवेट पार्ट को साफ़ करें।
  • यूरिन पास करने के बाद भी अपने प्राइवेट पार्ट को पानी से जरूर साफ़ करें।
  • नारियल के तेल में कपूर मिलकार प्राइवेट पार्ट पर लगाएं।
  • कॉटन की अंडरवियर पहने, और साथ ही बिना धोये हुए अंडरवियर को कभी न पहने।
  • मीठे का सेवन कम करें क्योंकि उसके कारण भी आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • तेज गंध वाला परफ्यूम, लोशन या साबुन का इस्‍तमाल न करें, इसके कारण एलर्जी के साथ आपको जलन आदि की समस्या भी हो सकती है।
  • पीरियड्स के दौरान साफ़ सफाई का दुगुना ध्यान रखें क्योंकि इस समय साफ़ सफाई न रखे जाएँ तो तेजी से संक्रमण के फैलने का खतरा रहता है।

तो ये हैं कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करके आप वजाइनल इन्फेक्शन से राहत पा सकते है, और साथ ही आपको ये समस्या न हो तो आपको प्राइवेट पार्ट की साफ़ सफाई का ध्यान रखना चाहिए ताकि उसका ph बैलेंस सही रहें और आपको इस परेशानी का सामना न करना पड़े।

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प्रेगनेंसी में धूप सेंकना क्यों जरुरी होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को हर वो काम करना चाहिए जिससे गर्भवती महिला व भ्रूण को फायदा मिलता है। जैसे की गर्भवती महिला को धूप सेंकना जरुरी होता है और ऐसा प्रेग्नेंट महिला को गर्मी में तो नहीं लेकिन सर्दी के मौसम में जरूर करना चाहिए। क्योंकि धूप सेंकने से केवल गर्भवती महिला को ही स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे नहीं मिलते हैं। बल्कि धूप सेंकने से गर्भ में पल रहे शिशु को भी फायदा मिलता है। तो आइये आज हम इस आर्टिकल में आपको इस बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं की गर्भवती महिला को धूप सेंकने से कौन से फायदे मिलते हैं।

विटामिन डी

  • धूप सेंकने से गर्भवती महिला को विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलता है जो हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने का एक बेहतरीन स्त्रोत है।
  • क्योंकि विटामिन डी कैल्शियम को अच्छे से बॉडी में अवशोषित करने में मदद करता है।
  • ऐसे में गर्भवती महिला को धूप जरूर सेंकनी चाहिए ताकि महिला की थकावट और कमजोरी जैसी समस्या दूर हो सकें।
  • साथ ही विटामिन डी गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों और मांसपेशियों के विकास को भी बेहतर तरीके से होने में मदद करता है।

प्रेगनेंसी में धूप सेंकने से बढ़ती है इम्युनिटी

  • प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण इम्युनिटी कमजोर हो जाती है।
  • लेकिन धूप सेंकने से गर्भवती महिला की इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • क्योंकि धूप सेंकने से बॉडी में सफ़ेद रक्त कोशिकाओं का निर्माण बढ़ता है जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • और इम्युनिटी के बढ़ने से गर्भवती महिला व भ्रूण को प्रेगनेंसी के दौरान संक्रमण की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

पाचन क्रिया होती है बेहतर

  • ऐसा भी माना जाता है की धूप में बैठने से पाचन क्रिया को दुरुस्त रहने में भी मदद मिलती है।
  • जिसे गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान पाचन सम्बन्धी समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी में धूप सेंकने से मिलती है तनाव से राहत

  • सेरेटॉनिन और एंडोर्फिन जैसे हॉर्मोन को धूप में बैठने से बॉडी में पर्याप्त मात्रा में स्त्राव होने में मदद मिलती है।
  • और यह हॉर्मोन गर्भवती महिला को तनाव जैसी समस्या से दूर रखने के साथ खुश रहने में भी मदद करते हैं।

नींद की समस्या होती है दूर

  • प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी गर्भवती महिलाएं अनिंद्रा की समस्या से परेशान हो सकती है।
  • धूप में बैठने से बॉडी में मेलाटोनिन हॉर्मोन बनता है।
  • यह हॉर्मोन प्रेग्नेंट महिला की अनिंद्रा की समस्या को दूर करके बेहतर नींद लेने में मदद करता है।

शिशु का विकास

  • धूप में बैठने से गर्भवती महिला को विटामिन डी भरपूर मात्रा में मिलता है।
  • विटामिन डी भ्रूण के केवल शारीरिक विकास में ही नहीं बल्कि मानसिक विकास के लिए भी फायदेमंद होता है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो प्रेग्नेंट महिला को धूप में बैठने से मिलते हैं। तो ऐसे में यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो थोड़ी देर धूप जरूर सेंके। ताकि प्रेग्नेंट महिला व गर्भ में पल रहे शिशु को धूप सेंकने के भरपूर फायदे मिल सकें। वैसे तो खाद्य पदार्थों में भी विटामिन डी की मात्रा होती है लेकिन सूर्य की किरणों से प्रेग्नेंट महिला को भरपूर विटामिन डी मिलता है।

यादाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय क्या है जानें

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यदि किसी व्यक्ति की खराब आदतों की की बात की जाए तो उसमें भूलने की आदत सबसे खराब होती है। और यह समस्या केवल उम्र के बढ़ने पर ही नहीं होती है बल्कि आज हर उम्र के लोगो में यह समस्या देखने को मिलती है। और इसके होने के कारण कई बार बहुत जरुरी काम रह जाते है, लोग परेशानी में पड़ सकते है, और व्यक्ति खुद कितनी दिक्कत में आ सकता है इसका अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल होता है। और इसका कारण होता है की आपके मस्तिष्क के विकास और उसकी बेहतर केयर के लिए जिन पोषक तत्वों की जरुरत होती है उनकी आपके शरीर में कमी होती है, जिसके कारण आपको यह समस्या हो सकती है। तो आइये आज हम आपको मैमोरी को बढ़ाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहें है जिनसे आपको इस परेशानी से निजात पाकर अपनी यादाश्त को बढ़ाने में मदद मिलती है।

यादाश्त बढ़ाने के घरेलू उपाय

यादाश्त बढ़ाने के लिए आपको आज हम कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताने जा रहें हैं जो आपकी मैमोरी को स्ट्रांग करने में मदद करते हैं। क्या आप भी चाहते हैं की आपको इस परेशानी का सामना न करना पड़े और यदि आप इस परेशानी से परेशान है तो आपको इससे निजात मिल सकें तो नीचे दिए टिप्स का इस्तेमाल करने से आपको इस परेशानी से बहुत जल्दी निजात पाने में मदद मिलती है।

मैडिटेशन करें

यादाश्त कमजोर होने का कारण आपका किसी चीज पर ध्यान केंद्रित न कर पाना होता है, ऐसे में यदि आप नियमित सुबह उठकर आधा घंटा मैडिटेशन करते हैं तो ऐसा करने से आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को आराम मिलता है। जिससे आपको अपने ध्यान को केंद्रित करने में मदद मिलती है। और आपकी यादाश्त को बढ़ाने में मदद मिलती है।

खूब पीएं पानी

शरीर में होने वाली पानी की कमी के कारण भी आप मानसिक रूप से प्रभावित होते हैं। ऐसे में आपको चाहिए की आप दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी का सेवन करें ऐसा करने से आपको हाइड्रेटेड रहने में मदद मिलती है जिससे आपको ध्यान केंद्रित व् मस्तिष्क से जुडी परेशानी को आसानी से हल करने में मदद मिलती है।

दालचीनी

आपके घर के मसालों में दालचीनी का विशेष स्थान होता है लेकिन आपको यह बात जानकार हैरानी होगी की दालचीनी का सेवन करने से आपको अपनी यादाश्त को बढ़ाने में मदद मिलती है। आप इसका सेवन शहद के साथ या नियमित इसकी चाय बनाकर भी कर सकते हैं ऐसा करने से आपको बहुत जल्दी इसका असर देखने को मिलता है।

बादाम

यह सबसे चमत्कारी और फायदेमंद नुस्खा होता है जो आपकी मानसिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है, इसके लिए आप रात को सात से आठ बादाम पानी में भिगोकर रख दें। उसके बाद सुबह उठकर इन बादाम का सेवन करने के साथ ऊपर से एक गिलास गुनगुना पानी पी ले यह बहुत ही प्रभावी तरीका होता है।

कलौंजी बीज है बहुत फायदेमंद

यादाश्त को बढ़ाने के लिए यदि आप नियमित कलौंजी बीज का शहद के साथ करते हैं तो ऐसा करने से आपकी यादाश्त को बढ़ाने में मदद मिलती है, और यदि आपको भूलने की बिमारी है तो उससे भी निजात दिलाने के लिए यह एक असरदार नुस्खा है।

आंवला

दिमाग के लिए आंवला भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसके नियमित सेवन से आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचाने में मदद मिलती है। साथ ही यह तनाव, चिंता व् अन्य परेशानियां जिनकी वजह से मस्तिष्क की क्रियाओं पर बुरा असर पड़ता है उन्हें दूर करने में मदद करता है।

डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से आपको बचाने में मदद करते हैं जिनसे आपके दिमाग को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। इसीलिए स्वाद के साथ अपनी मैमोरी को बूस्ट करने के लिए आप डार्क चॉकलेट का सेवन कर सकते है।

भरपूर नींद भी है जरुरी

नींद की कमी होने के कारण भी आपके मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण ध्यान केंद्रित करने में समस्या होने के साथ यादाश्त कमजोर होने लगती है, साथ ही अन्य शारीरिक परेशानियों का सामना भी आपको करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको चाहिए की एक दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें ताकि आपको इस परेशानी से निजात मिल सकें।

योगासन करें

योगासन करने से आपके शरीर की कोशिकाओं में रक्त संचार के बेहतर होने के साथ आपको शारीरिक रूप से भी फिट रहने में मदद मिलती है। साथ ही इससे आपके मस्तिष्क सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने में भी मदद मिलती है। ऐसे में यदि आप इस परेशानी से निजात पाना चाहते हैं तो आपको नियमित योगासन भी करना चाहिए।

यादाश्त बढ़ाने के लिए अन्य उपाय

  • यदि आप अख़रोट और किशमिश को साथ मिलाकर इसका नियमित सेवन करते हैं तो इससे आपकी यादाश्त को बढ़ाने में मदद मिलती है क्योंकि इसमें स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • मछली या मछली का तेल ब्रेन टॉनिक की तरह काम करता है यदि आप उसका सेवन हफ्ते में एक या दो बार करते हैं तो इससे भी आपको मैमोरी को बूस्ट करने में फायदा होता है।
  • दही बॉडी से हानिकारक जीवाणुओं को निकालकर लाभदायक जीवाणुओं की वृद्धि करती है, साथ ही इसमें एमिनो एसिड भी भरपूर होता है, इसीलिए नियमित एक कटोरी का सेवन आपकी स्मरण शक्ति को बढ़ाता है।
  • हल्दी को अपना आहार में शामिल करने से इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करके स्मरण शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।
  • जैतून, अलसी, रोज मेरी के तेल का सेवन अपने आहार में करने से भी आपको बहुत फायदा मिलता है क्योंकि इसमें मौजूद ओमेगा फैटी एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट आपकी स्मरण शक्ति को बढ़ाने में मदद करते है।
  • ग्रीन टी का सेवन भी दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।
  • नियमित यदि आप एक सेब का सेवन करते हैं तो इससे भी आपकी मैमोरी को बढ़ाने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें पेक्टिन नाम का फाइबर होता है जो दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।
  • सुबह उठकर चाय की जगह कॉफ़ी का सेवन करने से भी आपको फायदा मिलता है, क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन दिमाग की क्रियाएं जैसे मूड, ध्यान आदि को केंद्रित करने में मदद करता है, लेकिन सुबह उठकर इसे पीने से फायदा मिलता है।
  • जायफल भी यादाश्त को तेज करने में आपकी मदद करता है।
  • तनाव भी आपकी इस समस्या का कारण हो सकता है ऐसे में आपको जितना हो सके खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए जिससे आपके दिमाग को फ्रेश रखा जा सके।

तो यह हैं कुछ खास घरेलू उपाय जिनका यदि आप नियमित इस्तेमाल करती हैं, तो इससे आपके मस्तिष्क के लिए जरुरी पोषक तत्व मिलने के साथ आपके मस्तिष्क की क्रियाओं को भी बेहतर तरीके से चलने में मदद मिलती है। जिससे आपको यादाश्त से जुडी परेशानी का आसानी से समाधान करने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी चेक करने के ये घरेलु तरीके! यहाँ तक की टूथपेस्ट से भी आप चेक कर सकती है

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए एक अलग, प्यारा और अनोखा अनुभव होता है, ऐसे में पीरियड्स मिस होने के बाद आप कैसे पता करें की आप प्रेग्नेंट है, आप डॉक्टर के पास जा सकती है, इसके अलावा आप बाजार में मिलने वाली प्रेगनेंसी किट का इस्तेमाल करके, या फिर आज हम आपको घर पर ही प्रेगनेंसी टेस्ट करने के आसान तरीके बताने जा रहे है, जो की आपके घर में होते है और आप आसानी से इन घरेलु तरीको का किसतेमाल करके पता कर सकती है की आप प्रेग्नेंट है या नहीं।

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किसी भी प्रेगनेंसी टेस्ट को करने के लिए आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की उसके लिए आप सुबह के सबसे पहले मूत्र का इस्तेमाल करें, क्योंकि इसका HCG हॉर्मोन का स्तर काफी ज्यादा होता है, जिसके कारण आपको प्रेगनेंसी टेस्ट की सही रिपोर्ट मिल जाती है, इसके लिए आप घर में ही साबुन, टूथपेस्ट, बेकिंग सोडा, आदि का इस्तेमाल कर सकते है, और यदि आपको लगता है की रिपोर्ट नहीं आ रही है, तो पीरियड्स में होने वाली लम्बी देरी के लिए आप डॉक्टर से भी संपर्क कर सकती है, ऐसा करने से आपको यदि कोई और परेशानी है तो उसके बारे में पता चल जाएगा, तो आइये विस्तार से जानते है की आप कौन कौन से घरेलू तरीके का इस्तेमाल करके घर बैठे आप प्रेग्नेंट है या नहीं इस बारे में पता कर सकते है।

ब्लीच से करें प्रेगनेंसी टेस्ट:-

इस तरीके का इस्तेमाल करने के लिए किसी डिस्पोजल में एक चम्मच ब्लीच पाउडर ड़ालें, उसके बाद उसमें यूरिन का सैंपल ड़ालें, और अच्छे से मिक्स कर लें, यदि मिक्स करने के बाद आपको उसके ऊपर बुलबुले दिखाई दें, तो ऐसे में ये दिखाता है की आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव है।

कांच के गिलास का इस्तेमाल करें:-

कांच के गिलास का इस्तेमाल करने से भी आप पता कर सकते है की आपकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव है या नहीं, इसके लिए आप यूरिन को कांच के गिलास में दाल कर रखें, यदि पांच मिनट तक उसके ऊपर सफ़ेद परत बनती हुई दिखाई दें, तो ये भी पॉजिटिव प्रेगनेंसी के संकेत होते है।

चीनी का इस्तेमाल करें प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए:-

इस तरीके के इस्तेमाल के लिए आप चीनी में यूरिन ड़ालें, यदि चीनी गुच्छो में तबदील होने लगे, तो ये भी आपकी प्रेगनेंसी को दिखाता है, और यदि चीनी के दाने अलग अलग रहे या घुलने लगे तो ये नेगेटिव रिजल्ट को दिखाता है।

विनेगर से करें घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट:-

इसके प्रयोग के लिए आप यूरिन में थोड़ा सा विनेगर मिलाएं, और मिक्स करें, यदि ऐसा करने से यूरिन के रंग में बदलाव आता है, तो ये भी आपके लिए ख़ुशी की बात होती है, क्योंकि ये भी पॉजिटिव प्रेगनेंसी रिपोर्ट को दिखाता है।

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डेटॉल से करे प्रेगनेंसी टेस्ट:-

डेटॉल के प्रयोग के लिए एक शीशी में समान मात्रा में लगभग 15 ml डेटॉल और यूरिन को लें, और अच्छे से मिक्स करें, उसके बाद उसे रख दें, और पांच से दस मिनट बाद देखें, यदि यूरिन तेल की तरह डेटॉल पर तैरने लग जाता है, तो इसका मतलब होता है, की आप प्रेग्नेंट है, और यदि डेटॉल और यूरिन अच्छे से मिक्स होकर दूध जैसी सफेदी जैसा पदार्थ बनाते है तो ये नेगेटिव रिपोर्ट को दिखाते है।

साबुन का इस्तेमाल करके करें प्रेगनेंसी टेस्ट:-

इसके इस्तेमाल के लिए आप साबुन और यूरिन को मिलाएं, यदि इन्हे मिलाने से बुलबुले उठने लगते है, तो आपको समझ जाना चाहिए की आपकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव है।

पाइन सोल से घर पर आसानी से करें प्रेगनेंसी टेस्ट:-

पाइन सोल का इस्तेमाल एक क्लीनर की तरह किया जाता है, जो आसानी से किसी भी दुकान पर मिल जाता है, इसके प्रयोग के लिए समान मात्रा में पाइन सोल और यूरिन को अच्छे से मिक्स कर लें, थोड़ी देर बाद यदि इस मिक्सचर का रंग बदल जाए तो आपका यह टेस्ट आपके प्रेग्नेंट होने की ओर इशारा करता है।

डंडेलिओन की पत्तियों से भी आप कर सकते है प्रेगनेंसी टेस्ट:-

इसके इस्तेमाल के लिए डंडेलिओन की पत्तियों को एक पैकेट में बांधकर कर जमीन पर रख दें और याद रखें की इन पत्तियों को सूरज की किरणों से बचा कर रखा जाएँ, उसके बाद इन पत्तियों पर यूरिन की कुछ बुँदे डाले और कम से कम दस मिनट बाद इन पत्तियों पर यदि लाल रंग के फफोले उठ जाते है तो इसका मतलब है की आपकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव है।

बेकिंग सोडा का प्रयोग करें:-

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने से भी आप घर बैठे ही पता कर सकते है की आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसके लिए दो चम्मच बेकिंग सोडा में एक चम्मच यूरिन को अच्छे से मिक्स कर लें, और यदि आपको थोड़ी देर बाद इसमें से बुलबुले उठते हुए दिखाई दें, तो इसका मतलब होता है की आपकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव है।

टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें:-

जिस टूथपेस्ट का इस्तेमाल आप अपने दांतों की साफ़ सफाई के लिए करते है क्या आप जानते है की इसका इस्तेमाल करने से आप घर बैठे ये पता कर सकते है की आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसके प्रयोग के लिए एक डिस्पोजल गिलास लें, और सुबह के समय पहले यूरिन का इस्तेमाल इस टेस्ट के लिए करें, इसके इस्तेमाल के लिए पेशाब के सैंपल में एक चम्मच टूथपेस्ट मिलाएं, और अच्छे से इसे मिक्स कर लें, यदि आपको ऐसा लगे की उसका रंग बदल रहा है, और नीले रंग में तबदील हो रहा है, तो इसका मतलब ये होता है की आप प्रेग्नेंट है।

प्रेगनेंसी किट का इस्तेमाल करके ऐसे करें प्रेगनेंसी चेक:-

आज कल बाजार में प्रेगनेंसी किट किसी भी मेडिकल की दूकान पर आसानी से मिल जाती है, इसके इस्तेमाल से भी आप पता कर सकते है की आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसके प्रयोग के लिए आप पैकेट पर लिखी इंस्ट्रक्शन्स को अच्छे से पढ़ें, उसके बाद आप उसमें मौजूद ड्रॉपर की मदद से यूरिन की ड्रॉप्स को लें, और दो या तीन बुँदे प्रेगनेंसी किट एरिया में ड़ालें, यदि उसमें एक पिंक लाइन आती है तो इसका मतलब होता है की आपकी प्रेगनेंसी रिपोर्ट नेगेटिव है, और यदि दोनों लाइन पिंक हो जाती है, तो इसका मतलब होता है की आप प्रेग्नेंट है, और आप इसके लिए कम से कम पांच मिनट तक इंतज़ार कर सकती है।

तो ये कुछ तरीके है जिनका इस्तेमाल करके आप घर बैठे प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकते है, और यदि इसके बाद आपको कन्फर्म हो जाएँ की आप प्रेग्नेंट है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, इसके अलावा कई बार पीरियड्स के मिस होने के कुछ दिन बाद यदि आप टेस्ट करती है तो ये नेगेटिव आता है, इसके लिए आप दो से तीन दिन बाद टेस्ट कर सकती है, अगर तब भी कुछ नहीं आता है तो आप डॉक्टर से भी राय ले सकती है हो सकता है की आपको किसी कारण से पीरियड्स में देरी हो रही हो।

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क्या आप प्रेग्नेंट हैं? जानें

पीरियड्स हर महीने महिलाओं को आते हैं। कुछ महिलाओं को पीरियड्स बिल्कुल सही समय पर आते हैं तो कुछ महिलाओं को आगे पीछे हो जाते हैं। ऐसे में पीरियड्स का दो चार दिन आगे पीछे होना बहुत ही सामान्य बात है। लेकिन कई बार ऐसे ही आप पीरियड्स मिस होने को अनदेखा कर देती है और आपके पीरियड्स के मिस होने का असली कारण प्रेगनेंसी निकलता है। ऐसे में यदि महिला बच्चा नहीं चाहती है तो महिला के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। और यदि महिला बच्चा चाहती है तो इससे बड़ी ख़ुशी की बात कोई नहीं होती है।

लेकिन शायद आप यह नहीं जानती है की यदि आपको प्रेगनेंसी हो गई है तो केवल आपके पीरियड्स ही मिस नहीं होंगे बल्कि आपको बॉडी में कुछ न कुछ बदलाव भी महसूस होंगे कुछ लक्षण दिखाई देंगे। और यदि आप इन बातों का ध्यान रखेंगी तो पीरियड्स मिस होने का कारण प्रेगनेंसी है या नहीं इसे जानने में आपको आसानी होगी। तो आइये अब जानते हैं की यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको कौन से लक्षण बॉडी में महसूस हो सकते हैं।

पीरियड्स मिस होना: Missed Periods

यदि आपके पीरियड्स की डेट निकल गई है और हमेशा आपको पीरियड्स समय से आते हैं। तो पीरियड्स का मिस होना आपकी प्रेगनेंसी का संकेत हो सकता है।

सिर में दर्द और सुस्ती: Headache and laziness

अगर आपको पीरियड्स मिस होने से पहले या पीरियड्स मिस होने पर सिर में दर्द और सुस्ती ज्यादा महसूस हो रही है। तो यह प्रेगनेंसी का ही एक लक्षण होता है।

खून के धब्बे: Spotting

पीरियड्स मिस होने के बाद आपको यदि अच्छे से ब्लीडिंग नहीं हो रही है लेकिन खून के हलके धब्बे लग रहे हैं। तो ऐसा होना भी प्रेगनेंसी का लक्षण होता है।

बार बार यूरिन आना: Frequent Urination

गर्भ ठहरने के बाद बॉडी में ब्लड फ्लो तेजी से होता है जिसकी वजह से किडनी का काम भी बढ़ जाता है। और आपको बार बार यूरिन आता है। क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो मुबारक हो आप गर्भवती हैं।

कब्ज़ और सीने में जलन: Constipation and Heartburn

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है। जिसकी वजह से खाना हज़म करने में आपको परेशानी होती है और कब्ज़, सीने में जलन जैसी परेशानी आपको हो सकती है। यदि आपको भी पीरियड्स मिस होने के बाद ऐसा हो रहा है तो समझ जाइये की आप गर्भवती हैं।

सपने आना: Dreams

यदि आपको सपने अधिक आने लग गए हैं तो भी आपके गर्भाधारण की और संकेत करता है।

मूड स्विंग्स: Mood Swings

बिना किसी बात के यदि आपको मूड स्विंग्स हो रहे हैं यानी की कभी गुस्सा आ रहा है तो कभी आप खुश हो रही हैं, कभी आपको बहुत ज्यादा चिड़चिड़ाहट हो रही है। तो यह भी आपके प्रेग्नेंट होने की तरफ इशारा करता है।

खाने की पसंद नापसंद: Food Cravings

यदि आपका कोई चीज बहुत अधिक खाने का मन कर रहा है या फिर आपको अपनी मनपसंद चीज खाने की इच्छा भी नहीं हो रही है। इसके अलावा आपको खाने की गंध से भी एलर्जी हो रही है तो यह भी आपके गर्भ ठहरने का लक्षण होता है।

पीठ में दर्द: Back Pain

पीरियड्स के आने से पहले या पीरियड्स मिस होने के बाद यदि आपको पीठ में ज्यादा दर्द महसूस हो रहा है। तो इसका मतलब होता है की या तो आपको पीरियड्स आ जायेंगे या फिर आप प्रेग्नेंट हो गई हैं।

स्तनों में बदलाव: Breast Problem

पीरियड्स मिस होने के बाद यदि आपको अपनी ब्रेस्ट में बदलाव जैसे की ब्रेस्ट दर्द, ब्रेस्ट में सूजन, ब्रेस्ट के आगे के हिस्से के रंग में बदलाव नज़र आता है। तो ऐसा होना भी आपकी प्रेगनेंसी की तरफ इशारा करता है।

उल्टी आना: Vomiting

यदि आपको उल्टी आने का मन हो रहा है, जी मिचलाना घबराहट आदि महसूस हो रही है। तो ऐसा होना भी आपकी प्रेगनेंसी की और इशारा करता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण जो आपको पीरियड्स के मिस होने पर बॉडी में महसूस हो सकते हैं। ऐसा जरुरी नहीं है की आपको यह सभी लक्षण महसूस हो। और ऐसा भी जरुरी नहीं है की हर महिला को एक जैसे लक्षण महसूस हो। लेकिन यदि इनमे से कोई भी लक्षण आपको पीरियड्स मिस होने से पहले या पीरियड्स मिस होने के एक दो दिन बाद आपको महसूस हो। तो यह आपकी प्रेगनेंसी की तरफ इशारा करते हैं।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी कैसे करें

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी कैसे करें, प्रेगनेंसी के पूरे नौ महिला महिला उस पल का बहुत बेसब्री से इंतज़ार करती है की कब उसकी नन्ही सी जान उसकी गोद में खेलेगी। और जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे महिला की उत्सुकता भी बढ़ती रहती है। और इसी के साथ अधिकतर महिलाएं यह चाहती है की उनकी डिलीवरी सामान्य तरीके से हो। और इसकी तैयारी वो प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही करने लग जाती है। यानी की प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखती है। लेकिन फिर भी कुछ मेडिकल कारणों की वजह से महिला को सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़ सकती है।

और सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को अपनी देखभाल भी ज्यादा अच्छे से करनी पड़ती है। क्योंकि नोर्मल डिलीवरी के मुकाबले सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को रिकवर होने में ज्यादा समय लग सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम उन महिलाओं के लिए टिप्स बताने जा रहे हैं जो सिजेरियन डिलीवरी द्वारा बच्चे को जन्म देती है। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी क्या होती है और क्यों करवानी पड़ती है इसके बारे में भी विस्तार से जानते हैं।

क्या है सिजेरियन डिलीवरी?

सिजेरियन डिलीवरी में महिला के पेट और गर्भाशय में चीरा लगाकर शिशु को गर्भाशय से शिशु को बाहर निकाला जाता है। उसके बाद सर्जरी करके गर्भाशय और पेट पर टाँके लगा दिए जाते हैं। जो समय के साथ धीरे धीरे ठीक हो जाते हैं।

क्यों करते है सिजेरियन डिलीवरी?

कुछ महिलाएं चाहती है की उनकी सिजेरियन डिलीवरी हो लेकिन कुछ महिलाओं की प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स होने के कारण सिजेरियन डिलीवरी का सहारा लेना पड़ता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की महिला की सिजेरियन डिलीवरी कब की जाती है।

  • यदि बहुत कोशिश के बाद भी महिला को प्रसव पीड़ा न हो और डिलीवरी डेट के बाद ज्यादा समय हो जाये।
  • यदि प्रसव पीड़ा तो शुरू हो गई हो लेकिन किसी कारण महिला या शिशु को कोई रिस्क हो जाये तो भी सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़ सकती है।
  • शिशु की हलचल में कमी, असामान्य दिल की धड़कन होने पर भी डॉक्टर सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह देते हैं।
  • गर्भाशय में शिशु की पोजीशन सही नहीं जैसे की शिशु का सिर ऊपर और पैर नीचे की तरफ हो।
  • यदि महिला की पहली डिलीवरी सिजेरियन हुई है तो ऐसा हो सकता है की दूसरी डिलीवरी भी सिजेरियन हो।
  • कई बार गर्भनाल गर्भाशय की ग्रीवा के रास्ते को बंद कर देती है जिसके कारण शिशु को बाहर आने में दिक्कत हो सकती है जिसके कारण डॉक्टर सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह दे सकते हैं।
  • यदि शिशु गर्भनाल को अपनी गर्दन या बॉडी के किसी हिस्से पर लपेट लेता है तो भी सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़ सकती है।
  • गर्भ में जुड़वाँ या उससे ज्यादा शिशु होने पर भी सिजेरियन डिलीवरी के चांस बढ़ जाते हैं।
  • महिला को यौन संक्रमण रोग के होने पर भी सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़ सकती है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद फिट होने के टिप्स

यदि आपने सिजेरियन डिलीवरी की मदद से शिशु को जन्म दिया है। तो आपको डिलीवरी के बाद बहुत सी बातों पर ध्यान देने की जरुरत होती है। ताकि महिला को जल्दी से जल्दी फिट होने में मदद मिल सके। तो आइये अब जानते हैं की ऑपरेशन से बच्चे को जन्म देने के बाद फिट होने के लिए महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

दवाइयां लें

  • हॉस्पिटल से घर आने के बाद डॉक्टर ने आपको जितनी भी दवाइयां दी हैं उनका सेवन समय से करें।
  • किसी भी तरह से दवाइयों के सेवन में लापरवाही न करें।
  • क्योंकि इन दवाइयों का सेवन करने से महिला को डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए टांको का ध्यान रखें

  • सिजेरियन डिलीवरी में पेट पर लगने वाले टांको का अच्छे से ध्यान रखें।
  • टांको की साफ सफाई का ध्यान रखने के साथ टांको पर दवाई भी लगाएं।
  • ताकि टांको को जल्दी ठीक में मदद मिल सके।

संक्रमण से बचें

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद संक्रमण से बचे ताकि आपको जल्दी रिकवर होने में मदद मिल सके।
  • जैसे की जितनी बार बाथरूम में जाएँ उतनी बार पैड बदलें, पैड बदलने के बाद हाथों को अच्छे से धोएं, घाव की साफ़ सफाई रखें, प्राइवेट पार्ट की साफ़ सफाई रखें, आदि।
  • यदि महिला इन्फेक्शन से अपना बचाव रखती है तो इससे महिला को संक्रमण से बचे रहने और जल्दी फिट होने में मदद मिल सके।

भरपूर आराम करें

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद जल्दी से जल्दी रिकवर करने के लिए जितना हो सकता है उतना आराम करें।
  • क्योंकि जितना आप आराम करती हैं उतना ही जल्दी आपको शारीरिक व् मानसिक रूप से फिट होने में मदद मिलती है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए शारीरिक श्रम कम करें

  • सिजेरियन डिलीवरी के एक हफ्ते बाद हो सकता है की आपको ऐसा लगे की अब आप ठीक हैं।
  • लेकिन ऐसा नहीं होता है आपको कम से कम दो से तीन महीने तक अधिक शारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए।
  • जैसे की भारी सामान उठाने से बचना चाहिए, झुककर काम नहीं करना चाहिए, व्यायाम नहीं करना चाहिए, आदि।

खान पान का ध्यान रखें

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने के लिए अपने खान पान का ध्यान अच्छे से रखना चाहिए।
  • क्योंकि बेहतर खान पान महिला के शरीर में आई कमजोरी को दूर करने के साथ महिला को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है।
  • इसके लिए महिला को हरी सब्जियों, दालों, ड्राई फ्रूट्स आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।
  • साथ ही महिला को सिजेरियन डिलीवरी की शुरुआत में चिकनाई युक्त पदार्थ जैसे की देसी घी, तेल आदि का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण महिला के घाव को ठीक होने में समय लग सकता है, लेकिन पंद्रह बीस दिन बाद महिला इनका सेवन कर सकती है।
  • इसके अलावा तरल पदार्थों का सेवन भी महिला को भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए तनाव नहीं लें

  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को ज्यादा परेशानियां हो सकती है जिसके कारण महिला तनाव में आ सकती है।
  • लेकिन तनाव महिला की परेशानियों को कम करने की बजाय बढ़ा सकता है।
  • ऐसे में महिला को सिजेरियन डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने के लिए तनाव से बचना चाहिए।

बेल्ट का इस्तेमाल करें

  • डिलीवरी के बाद महिला को उतने बैठने आदि में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • ऐसे में आपको इसके कारण कोई दिक्कत न हो इसके लिए पेट पर बाँधने वाली बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • इससे महिला को उठने, बैठने, लेटने में होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान महिला को सिजेरियन डिलीवरी के बाद रखना चाहिए। यदि महिला इन बातों का ध्यान अच्छे से रखती है। तो डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

 

Oregano (अजवाइन की पत्तियों) के फायदे

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Benefits Of Oregano Herb

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भारतीय औषधियों में बहुत से ऐसे हर्ब और जड़ी बूटियां है जिनका अविष्कार तो भारत में हुआ है लेकिन उनका इस्तेमाल बाहर के लोग भारतियों से अधिक करते है। जबकि उनके फायदों को देखा जाए तो यह किसी भी एलोपैथिक दवाओं से लाभकारी होते है। ‘Oregano’ यानी अजवाइन की पत्तियां भी उन्ही हर्ब्स में से एक है।

सामान्यतौर पर इसका प्रयोग “पिज़्ज़ा हर्ब” के रूप में किया जाता है। अर्थात अधिकतर लोग Oregano को केवल पिज़्ज़ा में स्वाद बढ़ाने के लिए प्रयोग करते है जबकि इसके अन्य फायदों के बारे में कोई नहीं जानता। स्वास्थ्य से लेकर बालों तक सभी के लिए अजवाइन की पत्तियां बहुत लाभकारी होती है। पेट दर्द, वजन घटाना और सर्दी जुखाम जैसी सभी समस्यायों में ये हर्ब बहुत फायदा करता है।

Oregano में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते है जो स्वास्थ्य और स्किन सभी के लिए आवश्यक होते है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए, सी और ई कॉम्पलैक्स के साथ जिंक, मैग्निशियम, आयरन, कैल्शियम, पौटेशियम, कॉपर, मैगनीज भी पाया जाता है। परन्तु जैसा की हमने आपको बताया इसके इन फायदों के बारे में कोई भी नहीं जानता। इसीलिए आज हम आपको Oregano के स्वास्थ्य, स्किन और बालों के लिए फायदों के बारे में बताने जा रहे है ताकि आप भी जान सके की भारतीय रसोई में प्रयोग होने वाली अजवाइन की पत्तियां आपके लिए कितने फायदे होते है। तो आइये जानते है इन फायदों के बारे में –

Oregano (अजवाइन की पत्तियों) के फायदे :-

स्वास्थ्य के लिए Oregano के फायदे :Oregano के फायदे

1. नियमित रूप से अजवाइन की ताज़ी पत्तियों का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

2. Oregano में विटामिन ए, आयरन और मैगनीज की अच्छी मात्रा पाई जाती है।

3. अजवाइन की पत्तियों में विटामिन के की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो की हृदय संबंधी समस्यायों को दूर करने में मदद करती है और साथ ही रक्त वाहिकाओं से कैल्सियम को हड्डियों तक पहुँचाने का काम करती है। जिससे रक्त संचरण और हड्डियों में ग्रोथ में मदद मिलती है।

4. अजवाइन की सुखी पत्तियां एक हेल्थ टॉनिक के रूप में कार्य करती है। क्योंकि इसमें ऐसे बहुत से तत्व पाए जाते है जो शरीर को ताकत प्रदान करते है और कोल्ड, बुखार, जुखाम, अपच, खराब पेट और दर्दनाक पीरियड्स की समस्या में आराम पहुंचाते है।

5. हाल ही में किये गए एक शोध में पाया जाता है, एक ग्राम Oregano में सेब की तुलना में 42 गुना ज्यादा एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में भी मदद करती है।

6. इन पत्तियों में डाइटरी फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने में मदद करेगी।

7. इसमें मौजूद Thymol और carvacrol नामक तत्व, व्यक्ति की पाचन क्षमता को बढ़ते है। Thymol को एक बेहतर एंटी बैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक भी कहा जा सकता है।

8. इसके अतिरिक्त यह तत्व बुखार, influenza और एब्डोमिनल पैन में भी तुरंत राहत देने में मदद करते है।

9. इस औषधि में पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैगनीज, आयरन और कैल्शियम जैसे कई मिनरल्स पाए जाते है।

10. इसमें मौजूद पोटैशियम हृदय चाप को नियंत्रित कर BP को सामान्य रखने में मदद करता है।

11. मैग्नीशियम और कैल्शियम Bone metabolism के लिए बेहद जरुरी एलिमेंट है।

12. मैगनीज में एंटीऑक्सीडेंट और आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो एनीमिया की समस्या दूर करने में मदद करती है।

13. Oregano Oil Congestion (खून का जमना) में आराम दिलाने में मदद करता है। इसके लिए 1 गिलास गर्म पानी में 3 बूंद Oregano Oil को मिलायें। और 4 से 5 दिन तक रोजाना इसका सेवन करते रहे।

14. अनियमित मासिक धर्म को ठीक करने और मेनोपॉज के प्रभावों को कम करने के लिए यह काफी प्रभावी औषधि है।

15. एलर्जी होने पर इसके तेल का इस्तेमाल करना बहुत लाभकारी होता है।

16. यह पाचन अंगों में बाइल जूस के प्रवाह को बेहतर बनाता है। और पाचन संबंधी समस्यायों को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए एक ग्लास दूध या जूस या गर्म पानी में 2 या 3 बूंद Oregano Oil डाले और उसका सेवन करें।(अजवाइन की पत्तियों)

17. अजवाइन की पत्तियों का तेल खुजली, स्किन इन्फेक्शन और मसूड़ों की सूजन में आराम देने में मदद करता है। इसके लिए ओलिव आयल या नारियल आयल में oregano oil मिक्स करके स्किन पर लगाएं।

18. Oregano Oil जुखाम और गले की खराश के लिए एक बेहतर औषधि है। इसके लिए oil की तीन बूंद एक ग्लास जूस में मिक्स करके पियें। विशेषकर सर्दियों के मौसम में।

बालों के लिए अजवाइन की पत्तियों के फायदे :

1. Oregano Oil का इस्तेमाल बालों से संबंधित बहुत सी समस्यायों के लिए किया जाता है। विशेषकर मेडिसिनल और थेराप्यूटिक समस्यायों के लिए।

2. अगर आपकी स्कैल्प में बहुत खुजली होती है तो Oregano आयल इस समस्या का समाधान बन सकता है क्यंकि इसमें बहुत सी एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है। इसके लिए तीन बूंद आयल को किसी भी सामान्य आयल में मिला लें और अपनी स्कैल्प में लगाएं। 45 मिनट तक रखने के बाद किसी मेडिकेटिड शैम्पू से बाल धो लें।

3. यह तेल डैंड्रफ की समस्या को दूर करने में भी आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए ऑरेगैनो आयल की तीन बूंद अपने शैम्पू में मिला लें। और इसे अपने बालों में अच्छे से लगा लें। 2 से 3 मिनट का इंतजार करें और फिर हलके गुनगुने पानी से अपने बाल साफ़ कर लें।

4. इसके इस्तेमाल से समय एक बात का विशेष ध्यान रखे की ये आपके आँखों के सम्पर्क में नहीं आये अन्यथा आँखों में जलन या इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है।

त्वचा के लिए Oregano के फायदे :Oregano

1. अजवाइन की पत्तियां मुहांसे और एक्ने की समस्या को दूर करने की भी क्षमता रखते है। इसके एंटी फंगल, एंटी सेप्टिक और एंटी ऑक्सीडेंट गुण त्वचा से अशुद्धियाँ निकाल कर समस्यायों को दूर करने में मदद करते है। जानकारी के लिए बता दें, बहुत से मेडिकेटिड स्किन केयर प्रोडक्ट्स जैसे foot क्रीम, स्किन टोनर और फेस वाश में इसका प्रयोग महत्वपूर्ण औषधि के रूप में किया जाता है।

2. अगर आपकी स्किन में बहुत से एक्ने है तो उसके लिए आप घरेलू Oregano toner बना सकते है। इसके लिए कुछ अजवाइन की पत्तियों को 3 कप पानी में 10 मिनट के लिये उबाल लें। ठंडा होने के बाद इन्हे किसी एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रिज में रख दें। अब इसका इस्तेमाल अपने मुहांसों पर करें। 7 दिनों के इस्तेमाल से आपकी समस्या पूरी तरह दूर हो जाएगी।

3. Oregano का DIY Mask बनाने के लिए 1/4 कप एलोवेरा, एक चम्मच खीरे का रस और 3 बूंद ऑरेगैनो आयल को एक साथ मिला लें। अब इस मिश्रण को अपने फेस पर लगाएं। 5 मिनट तक रखें फिर ठंडे पानी से साफ़ कर लें। इसके प्रयोग से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें की कहीं आपको इस आयल से एलर्जी तो नहीं है। अगर हां तो इसका इस्तेमाल कतई न करें।

 

ब्रैस्ट मिल्क बढ़ाने के नेचुरल तरीके!

माँ को शिशु के जन्म के बाद सबसे पहले ममता भरा अहसास तब होता है, जब वो बच्चे को स्तनपान करवाती है, माँ का दूध शिशु के लिए अमृत से कम नहीं होता है, और ये भी कहा जाता है की यदि जन्म के एक घंटे के अंदर शिशु को स्तनपान करवा दिया जाता है, तो इसके कारण शिशु को बीमारियों और संक्रमण से बचाव करने में मदद मिलती है, और इसके कारण माँ और शिशु के बीच का रिश्ता भी गहरा होता है, परन्तु कई बार माँ के स्तन में दूध अच्छे से उतर नहीं पाता है।

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स्तनपान कराने वाली महिला के लिए इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता है की उसके स्तन से अच्छे से दूध नहीं उतर रहा है, जिसके कारण बच्चे को पोषण नहीं मिल पा रहा है, और उसका बच्चा भूखा रह जाता है, और महिला सोचती रहती है की वो किस प्रकार अपने स्तनों में दूध की पर्याप्त मात्रा ला सकती है, जिसके कारण उसके शिशु को भरपूर पोषण मिल सकें, और उसके विकास में मदद मिल सकें और इसके लिए आपको किसी प्रकार कि दवाइयों का सेवन करने की भी जरुरत नहीं होती है बल्कि आप कुछ नेचुरल तरीको का इस्तेमाल करके ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ा सकते है, और इन नेचुरल तरीको का इस्तेमाल करके महिला पर या उसके शिशु पर कोई बुरा प्रभाव भी नहीं पड़ता है।

ब्रैस्ट मिल्क ढंग से न उतरने के कारण:-

  • कई महिलाएं बच्चे के पोषण और घर की जिम्मेवारियों के कारण तनाव में आ जाती है, जिसके असर भी ब्रैस्ट मिल्क पर पड़ता है और स्तनों में अच्छे से दूध नहीं उतर पाता है।
  • महिलाओ की नींद पूरी न होने के कारण भी ये समस्या हो सकती है।
  • जो महिलाएं अपने खान पान के प्रति लापरवाही करती है, या जिनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है, तो इसके कारंभि महिलाओ के स्तन में अच्छे से दूध नहीं बन पाता है।
  • डिहाइड्रेशन की समस्या होने के कारण भी स्तनों में दूध अच्छे से नहीं उतर पाता है।

मेथी का सेवन करें:-

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मेथी में विटामिन, आयरन, कैल्शियम आदि भरपूर मात्रा में पाया जाता है, इसका सेवन करने से माँ के स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है, इसे कच्चा खाने की जगह आपको इसकी सब्ज़ी बनाकर इसका सेवन करना चाहिए, परन्तु इसका अधिक मात्रा में करने से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, इसीलिए इसके सेवन के साथ पानी को भी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए।

जई के दलिये का सेवन करें:-

यदि किसी महिला के स्तनों में दूध अच्छे से नहीं उतर पाता है, या दूध कम आता है तो नियमित जई का दलिया खाने से उनके स्तनों में दूध की वृद्धि करने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें शरीर में दूध की वृद्धि करने वाले पोषक तत्व मौजूद होते है, जिसके कारण बच्चे की भूख अच्छे से मिटती है, और साथ ही उसका विकास भी अच्छे से होने में मदद मिलती है।

तुलसी का सेवन करें:-

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तुलसी में विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है, जिसके कारण स्तनपान कराने वाली महिला में ब्रैस्ट मिल्क बढ़ाने में मदद मिलती है, आप इसका सेवन शहद में दाल कर या फिर शहद इ साथ भी कर सकते है, दिन में दो बार इसका सेवन करने से आपको बहुत जल्दी फायदा मिलता है।

करेले का सेवन करें:-

करेले का सेवन करने से महिला में लेक्टेशन सही से हो पाता है, साथ ही इसके अंदर विटामिन और मिनरल्स भी अच्छी मात्रा में पाएं जाते है, जिसके कारण महिला में ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ने में मदद मिलती है, इसे बनाते समय ध्यान रखना चाहिए, की आप हलके मसालों का इस्तेमाल करें, ताकि ये आसानी से हज़म हो सकें और महिला को कोई परेशानी न हो।

लहसुन का सेवन करें:-

ब्रैस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए महिला को अपने आहार में लहसुन का सेवन करना चाहिए इससे महिला को बहुत फायदा मिल सकता है, इसके लिए आप कच्चे लहसुन के सेवन से अच्छा इसका सेवन सब्जियों में डाल कर अच्छे से करना चाहिए, अगर आप इसका सेवन रोजाना करती है तो आपको इससे जरूर फायदा होता है।

मेवे का सेवन करें:-

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मेवे भी पोषक तत्वों से भरपूर होते है, और ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में मदद होती है, इसीलिए जिन महिलाओ के स्तनों में अच्छे से दूध नहीं उतरता है उन्हें कच्चे मेवे का सेवन करना चाहिए इसे उन्हें बहुत फायदा होता है, और नियमित सेवन से आपको खुद ही इसका असर दिखने लगता है।

स्वस्थ व् संतुलित आहार का सेवन करें:-

बच्चे के जन्म के बाद थोड़े समय तक महिला को अपनी पसंद से थोड़ा परहेज करना चाहिए, और ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जो की स्वस्थ संतुलित और पौष्टिक हो और जिसमे मिनरल्स भरपूर मात्रा में हो, इसके कारण भी महिला के शरीर में मिनरल्स की मात्रा बढ़ती है, और साथ ही महिला के स्तनों में दूध की मात्रा में भी इजाफा होता है, और बच्चे के विकास में भी मदद मिलती है, आहार के साथ फलों को भी और उनके ताजा रास को भी अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

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दूध व् दूध से बने प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें;-

स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए महिला दूध व् दूध से बने डेरी प्रोडक्ट्स का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए, इसके अलावा आप घी या बटर का सेवन भी चावल या रोटी के साथ भी कर सकते है, या फिर सब्ज़ी के के ऊपर से भी डाल कर इसका सेवन कर सकते है, इससे आपको एनर्जी भी मिलती है साथ ही शिशु को भी फायदा होता है।

जीरे का सेवन करें:-

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जीरे का सेवन करने से भी महिला के स्तनों में दूध की वृद्धि करने में मदद मिलती है, इसका सेवन आप सब्जियों में दाल कर सकते है, या आप जीरे को भून कर उसका पाउडर बनाकर सब्जियों के ऊपर डाल कर भी इसका सेवन कर सकते है, इसके सेवन से आपको बहुत जल्दी फायदा होता है।

दालों का सेवन करें:-

दालें भी आयरन और फाइबर से भरपूर होती है, जो महिलाएं शिशु को स्तनपान करवाती है उन्हें नियमित एक समय अपने आहार में दाल का सेवन जरूर करना चाहिए ऐसा करने से उनके शरीर में एनर्जी भी आती है, और साथ ही इसके सेवन से शिशुओं के लिए ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

पेय पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा में करें:-

ब्रैस्ट मिल्क के कम होने का कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकते है, इसीलिए जितना हो सकें पेय पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए, ऐसा करने से आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है, और स्तनों में दूध की वृद्धि करने में मदद मिलती है, इसके लिए आप पानी, फ्रेश जूस, दूध आदि का सेवन कर सकते है, और याद रखें की आप घर में निकले हुए फ्रेश जूस का ही इस्तेमाल करें, न की डिब्बा बंद, और नियमित आपको कम से कम आठ से दस गिलास पानी का भी सेवन करना चाहिए इससे आपको फायदा मिलता है।

ब्रैस्ट मिल्क बढ़ाने के अन्य उपाय:-

  • जब भी आप बच्चे को स्तनपान करवाते है तो अपने ब्रैस्ट को अच्छे से दबाना चाहिए इससे भी आपको फायदा मिलता है।
  • शिशु को स्तनपान करवाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आप बार बार स्तन को बदलते रहें इससे भी स्तनों में दूध की वृद्धि करने में मदद मिलती है।
  • ब्रैस्ट को बार बार पंप करने से भी आपके स्तन में दूध को बढ़ाने में मदद मिलता है।
  • शिशु को जितना अधिक आप स्तनपान कराते है उतना ही आपके स्तन में दूध की मात्रा में वृद्धि होती है।
  • दो चम्मच शतावरी को पानी के साथ नियमित रूप से लेने से भी आपको ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • चुटकी भर दालचीनी को शहद के साथ नियमित लेने से आपको कुछ ही दिनों में फायदा मिलता है।
  • हरी सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में करने से आपको बहुत फायदा मिलता है।
  • सही समय और थोड़ी थोड़ी देर बाद आहार का सेवन करें, इसके कारण आपके शरीर में पौष्टिक तत्वों की वृद्धि होगी और ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
  • तिल के बीज, खिचड़ी या मीठे आदि में डाल कर इसका सेवन करने से ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • सौंफ का सेवन करने से भी ब्रैस्ट मिल्क को बढ़ाने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ तरीके है जिनका इस्तेमाल करने से महिला के स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है, इसके साथ महिला को तनाव नहीं लेना चाहिए, क्योंकि जो महिलायें ज्यादा तनाव लेती है उनके स्तनों में न तो दूध अच्छे से उतर पाता है, और समय से पहले सूख भी जाता है, इसके अलावा आप चाहे तो इस बारे में किसी नर्स से भी संपर्क कर सकती है, और इस बारे में अच्छे से जानकारी ले सकती है।

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