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गर्भधारण का पांचवा महीना क्यों खास होता है?

गर्भधारण का पांचवा महीना क्यों खास होता है, प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने का हर एक पल महिला के लिए बहुत खास होता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान एक महिला के गर्भ में एक नन्ही जान पल रही होती है। लेकिन फिर भी प्रेगनेंसी के कुछ ऐसे पल होते हैं जो महिला के लिए बहुत ज्यादा खास होते हैं। क्योंकि वह पल बार बार महिला की जिंदगी में नहीं आते हैं। तो लीजिये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी का पांचवा महीना महिला के लिए बहुत अहम होता है इस बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भधारण का पांचवा महीना खास होने का कारण है शिशु की हलचल

  • प्रेगनेंसी का पांचवा महीना महिला के लिए सबसे प्यारा और यादगार इसीलिए होता है।
  • क्योंकि पांचवें महीने की शुरुआत या आखिर तक महिला गर्भ में शिशु की हलचल को महसूस कर सकती है।
  • दूसरी बार माँ बन रही महिलाएं शिशु की हलचल को जल्दी पहचान लेती हैं।
  • जबकि पहली बार माँ बन रही महिलाओं को शिशु की हलचल को समझने में समय लग सकता है।
  • पांचवें महीने में प्रेग्नेंट महिला को शिशु की हलचल महसूस होती है और इस खास अनुभव को केवल महिला महसूस कर सकती है।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी का पांचवां महीना महिला के लिए बहुत खास होता है।

भूख में बढ़ोतरी

  • गर्भावस्था की पहली तिमाही में जहां बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव, शारीरिक परेशानियों के कारण महिला का कुछ भी न खाने का मन होता है।
  • वहीँ पांचवें महीने में महिला की कुछ अलग अलग खाने की इच्छा होने के साथ भूख में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
  • इस समय शिशु का विकास बढ़ रहा होता है जिसके कारण महिला की भूख में बढ़ोतरी हो सकती है।
  • और जब महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपनी डाइट को अच्छे से लेने लगती है तो इससे महिला को स्वस्थ रहने और शिशु के विकास को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • ऐसे में जब शिशु का विकास अच्छे से होता है तो वह प्रेगनेंसी का खास पल ही होता है।

गर्भधारण का पांचवा महीना खास होने का कारण है पेट का दिखना

  • पहली बार माँ बन रही महिलाएं हर दूसरे दिन अपने पेट को देखती हैं और सोचती है की उनका पेट दिखना कब शुरू होगा।
  • और पांचवें महीने में महिला का पेट दिखना शुरू हो सकता है।
  • जिसे देखकर महिलाएं बहुत ज्यादा खुश हो सकती है।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी का पांचवां महीना महिला के लिए बहुत खास होता है।

दिकक्तें होती है कम

  • प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों के कारण महिला बहुत परेशान हो सकती है।
  • लेकिन गर्भधारण के पांचवें महीने में महिला की दिक्कतें कम हो जाती है, गर्भपात का खतरा नहीं रहता, शिशु के अंग बन चुके होते हैं, जिससे महिला का डर कम हो जाता है।
  • और जब प्रेग्नेंट महिला का डर कम हो जाता है तो तो महिला अच्छे से प्रेगनेंसी को एन्जॉय कर सकती है।
  • ऐसे में जब महिला प्रेगनेंसी को अच्छे से एन्जॉय करती है तो वही महिला के लिए प्रेगनेंसी का सबसे खास पल होता है।

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने के लिए खास टिप्स

  • अपने खान पान में किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
  • जो खाद्य पदार्थ शिशु के विकास को नुकसान पहुंचा सकते हैं उनका सेवन नहीं करें जैसे की कच्चे अंडे, कच्चा मास, बिना धुले फल व् सब्जियां, आदि।
  • नींद भरपूर लें।
  • तनाव से बचें और खुश रहें।
  • बॉडी में पानी की कमी नहीं होने दें।
  • अपना रूटीन चेकअप समय से करवाएं।

तो यह हैं कुछ कारण जो प्रेग्नेंट महिला के पांचवें महीने को खास बनाते हैं। ऐसे में महिला और शिशु को इस दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो इससे बचने के लिए महिला को अपने खान पान के साथ बॉडी और मानसिक रूप से फिट रहने का भी अच्छे से ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा इस दौरान यदि आपको शिशु की हलचल महसूस न हो तो घबराना नहीं चाहिए बल्कि एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

क्या आपकी त्वचा ढीली हो गई है? ऐसे करें टाइट

त्वचा में ढीलापन आने पर झुर्रिया और बारीक लाइन का दिखना आम बात होती है, और त्वचा में ढीलापन आने का मतलब हमेशा आपकी उम्र के बढ़ने से जुड़ा ही नहीं होता है, बल्कि यह आपकी स्किन की अच्छे से केयर न करने के कारण, जरुरी पोषक तत्वों की कमी शरीर में होने के कारण आपको ये समस्या हो जाती है, इसके अलावा स्किन में आये ढीलेपन की समस्या प्रेगनेंसी के बाद भी बहुत देखने को मिलती है, जैसे की पेट, जांघो आधी की स्किन भी ढीली होनी लगती है, परन्तु यह कोई ऐसी समस्या नहीं है की जिसका कोई उपचार न हो।

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किसी भी तरह के तरीके का इस्तेमाल करने के साथ आपके लिए यह भी जरुरी होता है, की आप मिनरल्स युक्त आहार का सेवन करें, जिसके कारण आपकी त्वचा को अच्छे से पोषण मिल सकें, पानी का भरपूर सेवन करें, प्रोटीन युक्त आहार का सेवन भरपूर मात्रा में करें, इन सब तरीको से भी आपकी स्किन में कसाव लाने में मदद मिलती है, इसके अलावा और भी ऐसे बहुत से उपाय है जिनका इस्तेमाल करके आपको अपनी स्किन को टाइट कर सकते है, तो आइये विस्तार से जानते है की वो टिप्स कौन से हैं।

अंडे के मास्क का इस्तेमाल करें:-

अंडे के मास्क का इस्तेमाल करने से भी आपको अपनी स्किन टाइटनिंग में मदद मिलती है, इसके लिए आप एक या दो अंडो को फोड़ कर एक बाउल में उसके सफ़ेद हिस्से को अलग कर लें, उसके बाद इसे अपने चेहरे गर्दन व् अन्य हिस्सों पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें सूखने के बाद साफ़ पानी से इसे धो दें, इसका इस्तेमाल करने से आपकी स्किन में कोलेजेन का निर्माण होता है, जिससे आपकी त्वचा में कसाव आता है।

एलोवेरा का प्रयोग करें:-

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एलोवेरा जेल भी आपकी स्किन को कोमल और चमकदार बनाने के साथ त्वचा में कसाव लाने में भी मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप ताजे एलोवेरा जेल को अपनी स्किन पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने इसे साफ़ कर दें, इस विधि को नियमित कुछ हफ़्तों तक करें आपको फायदा जरूर मिलेगा, इसके लिए आप ताजे एलोवेरा के पत्ते को तोड़कर उसका जेल इस्तेमाल करें वो ज्यादा तेजी से आपकी स्किन पर असर करता है।

निम्बू का प्रयोग करें:-

निम्बू में विटामिन सी की मात्रा अधिक होने के कारण यह आपकी त्वचा में कोलेजेन के निर्माण में मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप निम्बू के रस को रुई की मदद से अच्छे से अपनी स्किन पर लगाएं, और सूखने के बाद पानी का इस्तेमाल करके इसको धो दें, नियमित इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको कुछ ही दिनों में इसका फ़र्क़ दिखाई देने लगेगा।

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चन्दन का इस्तेमाल करें:-

चन्दन भी आपकी स्किन को चमकाने के साथ आपकी स्किन पर होने वाले दाग धब्बो को भी हटाने में मदद करता है, और साथ ही इसका इस्तेमाल करने से आपकी स्किन भी टाइट होती है, इसके लिए आप हफ्ते में दो बार अपने चेहरे के लिए चन्दन में थोड़ा सा पानी या दूध मिलकर एक पेस्ट तैयार करें, और उसके बाद इसे अपने चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद अपने चेहरे को धो लें, आपको फायदा मिलेगा।

व्यायाम करें:-

त्वचा में कसाव लाने के लिए व्यायाम भी एक अच्छा उपाय होता है, क्योंकि इसके कारण आपकी स्किन में खिचाव होता है, जिसके कारण आपकी मसल्स की मरम्मत होने में मदद मिलती है, खासकर पेट, जांघो, गर्दन आदि की त्वचा में तेजी से कसाव लाने में यह बहुत तेजी से मदद करता है, इसीलिए यदि आप इस समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो आपको नियमित सुबह उठकर व्यायाम जरुर करना चाहिए, इसके अतिरिक्त योगा करने से भी आपकी स्किन में कसाव लाने में मदद मिलती है।

मसाज़ करें:-

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मसाज़ से भी आपकी स्किन पर ग्लो लाने के साथ कसाव लाने में भी मदद मिलती है, इसके लिए आप किसी क्रीम या अच्छे से आयल की मदद से अपनी स्किन मसाज़ करें, और ऐसा हफ्ते में एक या दो बार नियमित करें, इससे भी आपकी स्किन की डेड स्किन निकलती है, और आपकी स्किन को पोषित होने में मदद में मदद मिलती है, और साथ ही आपकी स्किन में कसाव भी आता है।

पाउडर वाले दूध का इस्तेमाल करें:-

आपकी स्किन को टाइट करने के लिए पाउडर वाले दूध का प्रयोग करने से भी बहुत फायदा होता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दो चम्मच दूध पाउडर में पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, और उसके बाद इस पेस्ट की एक मोटी परत अपने चेहरे पर लगाएं, और फिर इसे सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को अच्छे से धो लें, इससे न केवल आपके चेहरे पर निखार आएगा, बल्कि कुछ दिनों के बाद आपकी त्वचा के ढीलेपन की समस्या को दूर करने में भी आपको मदद मिलेगी।

केले का इस्तेमाल करें:-

केला एक ऐसा फल है जो हर एक मौसम में बड़े ही आराम से मिल जाता है, इस तरीके का इस्तेमाल के करने के लिए आपको एक पके हुए केले को छील कर अच्छे से पीस कर पेस्ट बना लेना चाहिए, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और कम से कम बीस मिनट तक लेगे रहने के बाद इसे साफ़ कर दें, ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें आपको फायदा मिलेगा, इसके अलावा यदि आप केले को पीस कर उसमे थोडा शहद मिला देंगे, तो आपको और अधिक फायदा होने में मदद मिलती है।

त्वचा के ढीलेपन को दूर करने के अन्य उपाय:-

  • विटामिन ए, सी, ई, को अपने आहार में शामिल करें, इससे आपकी स्किन को टाइट करने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना चाहिए जिंक, सीलियम भरपूर होता है।
  • पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें, क्योंकि इससे आपकी स्किन को नमी मिलने के साथ झुर्रियों से भी मदद मिलती है, इसके लिए आप दिन में कम से कम आपको आठ से दस गिलास पानी का सेवन जरूर करना चाहिए।
  • प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करने से आपके मसल्स की मरम्मत होती है, जिससे आपकी स्किन के लचीलेपन को वापसी आने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको दाल, चिकन, बीन्स, मछली आदि का सेवन करना चाहिए।
  • फलों और सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में करें, क्योंकि इसमें मौजूद मिनरल्स आपकी स्किन को टाइट करते है।
  • स्क्रबिंग करने से भी आपके चेहरे की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलती है, जिससे आपकी त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है, और आपकी स्किन सेल्स की ग्रोथ होने में आपको मदद मिलती है।
  • खीरे का रस नियमित अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के बाद साफ़ पानी से धो दें, ऐसा करने से भी आपको अपनी स्किन को टाइट करने में मदद मिलती है।
  • बादाम ताल भी आपकी स्किन को टाइट करने में आपकी मदद करता है, इसके लिए आपको नियमित इससे अपनी त्वचा की दो से तीन मिनट तक मसाज करनी चाहिए।
  • थोड़े कैस्टर ऑयल में निम्बू के रस की कुछ बूंदें, और लैवेंडर के तेल की कुछ बूंदे डालें उसके बाद नियमित रात में इससे अपनी त्वचा की मसाज करें, इससे भी आपकी स्किन को टाइट होने में मदद मिलती है।

तो यदि आप भी स्किन के ढीलेपन की समस्या से परेशान हैं, तो इन टिप्स का इस्तेमाल करके और अपने आहार से सम्बंधित कोई लापवाही न करके इस समस्या से निजात पा सकते है, और इसके लिए आपको ज्यादा पैसे भी नहीं खर्चना पड़ते है, और धैर्य के साथ कुछ दिनों के नियमित इस्तेमाल से ही आपको अपनी समस्या का समाधान होते हुए दिखाई देने लगता है।

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गर्भधारण के बाद शरीर में होने वाले बदलाव

एक औरत को तभी पूरी तरह से पूर्ण माना जाता है जब वो महिला माँ बनती है, और माँ बनने का सफर के लिए महिला नौ महीने तक एक शिशु को अपनी कोख में रखती है, ऐसे में उसके साथ महिला भावनात्मक रूप से जुड़ जाती है, महिला को गर्भावस्था के दौरान बहुत से नए अनुभवो से गुजरना पड़ता है, और इस दौरान महिला के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं, और ऐसा भी जरुरी नहीं होता है की हर महिला में एक ही तरह के बदलाव होते है, ये हर महिला के हॉर्मोन्स पर निर्भर करता है, और साथ ही कई बार महिलाओ को गर्भावस्था के दौरान बहुत ज्यादा परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है, परंतु ये परेशानी का अहसास तब तक ही होता है जब शिशु गर्भ में होता है, जैसे ही वो माँ के हाथो में आता है, उसकी सभी परेशानियां गायब और चेहरे पर केवल मुस्कराहट ही रह जाती है।

गर्भधारण के बाद महिला का वजन शुरुआत में थोड़ा कम और बाद में निरंतर बढ़ता जाता है, महिलाओ के स्तन के आकार में भी फ़र्क़ आ जाता है, उल्टी होना, भूख कम लगना, कमजोरी महसूस होना, बार-बार पेशाब जाना, अधिक थकान महसूस करना, कब्ज होना, पेट में तीव्र दर्द, आदि, और कई महिलाओ को गर्भधारण के बाद नौ महीने तक मासिक धर्म नहीं आता है, और कई महिलाओ को गर्भधारण के बाद भी हलकी हलकी स्पोटिंग होने लगती है, ऐसे में महिलाओ को इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे अनदेखा न करते हुए समय पर डॉक्टर से चेक करवाना चाहिए, तो आइये अब विस्तार से जानते है की महिलाओ में गर्भधारण के बाद कौन कौन से बदलाव आते है।

मासिक धर्म बंद हो जाता है:-

जैसे ही महिला गर्भधारण करती है वैसे ही महिला को मासिक धर्म आना बंद हो जाता है, परंतु कई महिलाओ को गर्भधारण के बाद भी खून के धब्बे लगते रहते है, जो की सही नहीं होता है, और शुरूआती दिनों में यदि इसे अनदेखा किया जाएँ तो ये गर्भपात का कारण भी बन सकता है, इसीलिए आपको इसे अनदेखा न करते हुए अपने डॉक्टर से तुरंत इसका इलाज़ करना चाहिए, और गर्भावस्था का सबसे पहला बदलाव यही होता है की महिलाओ को मासिक धर्म आना बंद हो जाता है।

थकान व् कमजोरी का अहसास होने लगता है:-

महिला को गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हॉर्मोन्स के बदलाव के कारण थकान व् कमजोटी का अहसास होता है, क्योंकि महिला के शरीर में निरंतर गतिविधियां चल रही होती है, जिसके कारण वो थोड़ी देर यदि खड़ी भी रहती है, तो भी उसे थकावट का अहसास होता है, और कई बार तो बिना कुछ किये ही कमजोरी भीहोने लगती है, इके लिए महिला को अपने आहार को दसहि ढंग से लेना चाहिए, जिसके कारण उसके अंदर ऊर्जा का निर्माण हो सकें।

वजन में बदलाव आता है:-

गर्भधारण के शुरूआती समय में महिला के वजन में कई बार कमी आती है, और उसके बाद जैसे जैसे समय बितता है, तो महिला के गर्भ में पल रहे शिशु का विकास होने के साथ महिला का वजन भी बढ़ता रहता है, परंतु महिला को ध्यान देना चाहिए की उसका वजन अचानक से बहुत ज्यादा न बढ़ जाएँ, क्योंकि इसके कारण डिलीवरी के समय आपको परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है, इसीलिए गर्भावस्था में भी महिला को हल्का फुल्का व्यायाम करते रहना चाहिए।

स्तनों में आता है बदलाव:-

महिला के गर्भधारण के बाद महिला के शरीर में बहुत से बदलाव आते है और उसी समय महिला के स्तन भी इस आने वाले बदलाव का हिस्सा बनते है, कई बार महिला के स्तन का आकार बढ़ जाता है, और निप्पल में भी फैलाव होने लगता है, कई बार महिला के निप्पल में फैलाव होने के बाद बड़े भी होने लगते है, और बच्चे के जन्म के बाद जब तक बच्चा दूध पीता है आप इसे तब तक अनुभव कर सकते है।

उलटी की समस्या होना:-

गर्भधारण के बाद कई महिलाओ को उलटी की समय भी होती है, और जरुरी नहीं है की हर महिला को ये गर्भावस्था के पुरे समय में होती है, कई महिलाओ को उलटी गर्भावस्था के शुरूआती समय में तो कई महिलाओ को आखिरी महीनो में और कई पुरे नौ महीने तक भी इसके कारण परेशान रहती है, और कई महिलाएं तो ऐसी भी होती है, जिन्हें इस प्रकार की कोई परेशानी होती ही नहीं है।

सिर दर्द व् चक्कर की समस्या होना:-

कई महिलाओ को सिर में दर्द व् चक्कर भी आने लगता है, और कई महिलाएं तो तेज रौशनी को देखते ही घबरा भी जाती है, सिर में दर्द का कारण महिलाओ को ज्यादा शोर का महसूस होना भी हो सकता है, सिर दर्द होने के कारण महिलाएं कई बार चक्कर खाकर गिर भी जाती है, तो ऐसे में महिला को गर्भावस्था के समय अपना ध्यान रखना चाहिए।

ब्लड प्रेशर की समस्या होना:-

गर्भावस्था के दौरान महिलाओ को ब्लड प्रेशर की समय भी हो जाती है, कुछ महिलाएं उक्त रक्तचाप यानि हाई ब्लड प्रैशर के कारण तो कुछ लौ ब्लड प्रेशर की समस्या होने के कारण परेशान रहती है, ऐसे में महिला को अपनी मर्ज़ी से किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए, और अपने डॉक्टर से इसकी नियमित रूप से जाँच करवाने के बाद डॉक्टर का परामर्श लेने के बाद ही किसी काम को करना चाहिए।

पेट में दर्द रहना:-

कई महिलाओ को गर्भावस्था के समय में पेट में हल्का फुल्का दर्द होता रहता है, और इसमें डरने वाली भी कोई बात नहीं होती है, परंतु यदि आपको ये दर्द तेजी से और बार बार होता है, तो ऐसे में इसे अनदेखा किये बिना आपको डॉक्टर से राय लेनी चाहिए, जिसके कारण आपको किसी समस्या का सामना न करना पढ़ें और बिना किसी डॉक्टर के परामर्श के पेट पर मालिश या दवाई का सेवन भी नहीं करना चाहिए, और कई महिलाओ को पेट में दर्द के साथ कब्ज़ आदि की समस्या भी गर्भावस्था के पुरे नौ महीने तक रहती है, परंतु आपको अपने पेट पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहिए, और इस विषय में भी अपने डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

बार बार पेशाब आने की समस्या होना:-

गर्भधारण के बाद महिलाओ को बार बार यूरिन आने लगता है, ऐसे में महिलाओ को परेशान नहीं होना चाहिए, और न ही इसे रोकना चाहिए, क्योंकि इससे आपको परेशानी का अनुभव हो सकता है, और यदि आपको इसके कारण ज्यादा परेशानी का अनुभव होता है, तो आपको अपने डॉक्टर से भी इस बारे में परामर्श लेना चाहिए।

गंध से एलर्जी होना:-

महिलाओ को गर्भावस्था के दौरान बहुत से बदलाव से गुजरना पड़ता है, गर्भावस्था के समय कुछ महिलाओ को गंध से एलर्जी हो जाती है, मतलब की उन्हें कई बार किसी चीज की खुशबु के कारण भी अजीब सा महसूस हो सकता है, और कई महिलाओ को तो उलटी भी आने लग जाती है, कुछ महिलाये सब्ज़ी की गंध को भी सहन नहीं कर पाती है, परंतु शिशु होने के बाद आपको इस समस्या से राहत मिल जाती हैं।

भूख में फ़र्क़ आना:-

गर्भावस्था के समय कुछ महिलाएं ऐसी होती है जिन्हें बिलकुल भी भूख नहीं लगती है, और कुछ महिलाएं ऐसी होती है, जो बहुत ज्यादा भूखी हो जाती है, ये सभी बदलाव महिला के हॉर्मोन्स पर निर्भर करते है की महिला में कौन कौन से बदलाव आएंगे, परंतु गर्भावस्था के समय महिला को अधिक खाना खाने के कारण बढ़ते हुए वजन को भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

तो ये कुछ बदलाव है जो महिला में गर्भधारण के समय आते है, ऐसे में महिलाओ को अपना बहुत ज्यादा ख्याल भी रखना चाहिए, और समय समय पर डॉक्टर को भी चेक करवाते रहना चाहिए, ताकि कोई परेशानी न हो, इसके अलावा महिला को भरी वजन उठाने, यात्रा करने, और भी बहुत सी चीजो का ध्यान रखना चाहिए, जिसका उसके शिशु और उसके स्वास्थ्य पर किसी भी तरह का बुरा प्रभाव न पढ़ें।

नोर्मल डिलीवरी के लिए क्या खाएं

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प्रेगनेंसी के दौरान पौष्टिक, संतुलित व् पोषक तत्वों का सेवन बहुत जरुरी होता है। क्योंकि इससे आपको प्रेगनेंसी में आने वाली परेशानियों से बचने और स्वस्थ रहने के साथ शिशु का बेहतर विकास भी होता है। और कुछ आहार ऐसे भी है जो आपको नोर्मल डिलीवरी में होने वाली समस्याओं को दूर करके आपके नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाते हैं। क्योंकि ज्यादातर महिलाएं चाहती है की उनकी नोर्मल डिलीवरी हो, ऐसा इसीलिए क्योंकि नोर्मल प्रसव के होने पर महिला को जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है। तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे आहार के बारे में बताने जा रहें हैं जिनका सेवन यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान करते हैं तो आपके नोर्मल डिलीवरी होने के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।

संतरा

प्रेगनेंसी के दौरान संतरे का सेवन करने से आपको बहुत से फायदे मिलते हैं। जैसे की इसमें पानी की मात्रा भरपूर होती है तो यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है, इसके सेवन से शिशु की त्वचा को कोमल और गोरा बनाने में मदद मिलती है, साथ ही प्रेगनेंसी के समय यह आपको संक्रमण से बचाव करने में मदद करता है, जिससे आप स्वस्थ रहते हैं और विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने में भी आपकी मदद करता है।

अंडा

अंडे में प्रोटीन, फैट, होने के साथ कोलिन नामक पोषक तत्व भी होता है, जो की शिशु के दिमागी विकास के लिए जरुरी होने के साथ नोर्मल डिलीवरी के लिए भी जरुरी होता है। अंडे का सेवन आपकी बॉडी में कैलोरी की मात्रा को पर्याप्त रखने में मदद करता है। और कोलिन की पर्याप्त मात्रा होने के कारण नोर्मल डिलीवरी होने के चांस होते हैं।

घी का सेवन

प्रेगनेंसी के आखिरी महीने में घी का सेवन भरपूर करना, क्योंकि इस दौरान यह शिशु का वजन बढ़ाने के साथ गर्भाशय की सतह को चिकना कर देता है। जिससे शिशु अपनी सही पोजीशन में आने लगता है। और इससे महिला को भी भरपूर पोषण मिलता है जिससे महिला की नोर्मल डिलीवरी हो सकती है।

कम वसा वाला मीट

डिलीवरी के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए गर्भवती महिला की बॉडी में आयरन की मात्रा भरपूर होनी चाहिए। और कम वसा वाले मीट में आयरन भरपूर मात्रा में होता है। यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन करती है तो बॉडी में आयरन की मात्रा को दुगुना करने में मदद मिलती है। जिससे नोर्मल डिलीवरी होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

पालक

आयरन, फोलेट, विटामिन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर पालक का सेवन भी गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद होता है। यदि महिला पालक का सेवन करती है तो इससे महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है, और बॉडी में पोषक तत्वों की मात्रा भरपूर होती है। और स्वस्थ महिला के नोर्मल डिलीवरी होने चांस भी ज्यादा होते हैं।

पानी

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में पानी कमी होने के कारण सिरदर्द, थकान, तनाव, मूड में बदलाव, आदि की परेशानी बढ़ सकती है। साथ ही इसके कारण शिशु के विकास पर भी असर पड़ता है। और पानी व् अन्य पेय पदार्थो का सेवन करने से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली बहुत से परेशानी से बचाव करने में महिला को मदद मिलती है। ऐसे में महिला का स्वस्थ रहना ही नोर्मल प्रेगनेंसी का लक्षण होता है।

ब्रोकली

ब्रोकली में फाइबर, कैल्शियम, विटामिन की अधिकता होने के कारण यह प्रेगनेंसी के दौरान पेट से सम्बन्धी समय जैसे की कब्ज़ जैसी परेशानी से महिला को बचाने में मदद करती है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स महिला को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं, और शिशु को भी किसी भी तरह के रोग और संक्रमण से बचाव करने में मदद करते हैं। जिससे महिला स्वस्थ रहती है और महिला के नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाया जा सकता है।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान करते हैं तो ऐसा करने से आपकी नोर्मल डिलीवरी होने के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है। तो यदि आप भी चाहते हैं की आपकी नोर्मल डिलीवरी हो तो आप भी इन टिप्स का प्रेगनेंसी के दौरान ध्यान रखे, और हल्का फुल्का व्यायाम भी जरूर करें।

होठों को ऐसे दें खूबसूरती!

Hoto Ko Khubsurat Banane Ki Tips : स्त्रियां अपने फेस को लेकर काफी सेंसिटिव होती है, इसीलिए वे फेस के हर हिस्से का खास ध्यान रखती है फिर चाहे वो आँखे हो या उनके होंठ। आँखों की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती लेकिन होठों के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है। क्योंकि ये बहुत संवेदनशील और कोमल होती है। बाहर का प्रदुषण ही नहीं बल्कि बदलती जलवायु भी इन पर बुरा असर डालती है।

जहाँ गर्मियों में ये लू के कारण सूख जाते है वहीं सर्दियों में चलने वाली सर्द हवाएं इन्हे रुखा बना देती हैं। ऐसे में इनकी देखभाल करना और भी आवश्यक हो जाता है। वैसे तो सभी अपनी अपनी सूझ-बुझ के अनुसार अपने लिप्स की केयर करती हैं लेकिन कई बार पूरी केयर के बाद भी लिप्स फटे और सूखे हुए हो जाते है। इसलिए आज हम आपको लिप केयर की कुछ टिप्स बता रहे है, जिनकी मदद से हर मौसम में लिप्स को खूबसूरत रखा जा सकता है। तो आइये जानते है उन टिप्स के बारे में –

लिप्स को खूबसूरती देने की टिप्स 

संतुलित भोजन करें :

होठों को खूबसूरत बनाने के लिए नियमित रूप से संतुलित और पौष्टिक आहार खाना चाहिए। क्योंकि सुंदर होठों के लिए पौष्टिक आहार बहुत जरुरी होता है और ये होठों को पोषण प्रदान करता है। – How to get beautiful lips

सही मात्रा में पानी पिएं :

शरीर में पानी की कमी होने से होंठ सूखने लगते हैं और फटने लगते हैं। इसलिए भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो। इसके लिए आप दिन में 9 से 12 ग्लास पानी का सेवन करें।

विटामिन ई लिप बाम :

होठों को सूखने से बचाने के लिए उनपर लिपबाम लगाना जरुरी हैं लेकिन लिपबाम लेते समय एक बात का खास ध्यान रखें की लिपबाम ग्लिसरीन, बादाम तेल या विटामिन ई बेस्ड होनी चाहिए।

एक्सपायर्ड लिपस्टिक के प्रयोग से बचें :

बहुत सी महिलाएं भूलवश एक्सपायर्ड लिपस्टिक का इस्तेमाल कर लेती है जिसकी वजह से होंठ सूखने लगते है इसलिए कभी भी एक्सपायर्ड लिपस्टिक या लिप प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करें। – Tips for Lip care

लिपस्टिक लगाने से पहले :

होठों को सही नमी और पोषण देने के लिए लिपस्टिक लगाने से पहले अपने होठों पर लिप बाम लगा लें। इससे होठों पर नमी भी बनी रहेगी और लिपस्टिक के केमिकल का इफ़ेक्ट भी नहीं होगा।

सिगरेट से दूर रहें :

अगर आप सिगरेट का सेवन करती हैं तो आपके होठों के लिए यह काफी नुकसानदेह हो सकता है। इसे वे काले पड़ सकते हैं, इसलिए अगर होठों को खूबसूरत बनाना है तो तुरंत ही सिगरेट का सेवन त्याग दें।

कैफीन युक्त पदार्थ :

जिन प्रोडक्ट्स में कैफीन की अधिक मात्रा पाई जाती है उनका सेवन करने से भी होठों की खूबसूरती प्रभावित होती है जैसे – चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक आदि। इसीलिए इनसे भी दूर रहें। – Hindi Tips for lip care

लिपस्टिक का रंग :

बहुत अधिक गाढ़े रंग की लिपस्टिक का इस्तेमाल करना भी होठों के लिए नुकसानदेह होता है इसलिए हमेशा हलके और सोबर रंग की लिपस्टिक का इस्तेमाल करें।

होठों को खूबसूरत बनाने के उपाय :

  • किशमिश को रात में पानी में भीगकर अगले दिन सुबह खाने से होठों की रंगत में निखार आता है। – Home remedies for beautiful Lips
  • रोजाना रात को सोने से पहले नाभि पर तेल लगाने से होंठ नहीं फटते और मुलायम बनते है।
  • रात को सोने से पहले होठों पर मलाई लगाने से फ़टे हुए होंठ ठीक हो जाते है और वे खूबसूरत बनते हैं।
  • गाजर और शलगम खाने से भी होंठ खूबसूरत होते हैं।
  • होठों पर गुलाबजल का इस्तेमाल करने से भी होंठ मुलायम, कोमल और गुलाबी होते हैं।
  • गुलाब की पंखुड़ियों को एक चम्मच शहद में मिलाकर पेस्ट बना लें और उन्हें होठों पर लगाएं। 15 मिनट रखें और फिर रुई से पोंछ लें। इससे होंठ मुलायम बनेंगे।
  • मुल्तानी मिट्टी मे शहद मिलाकर होठों पर इस्तेमाल करें। फटे होंठ ठीक हो जाएंगे।
  • थोड़ा सा बादाम का तेल और शहद को एक साथ मिलाकर होठों पर लगाएं और कुछ देर बाद साफ़ कर लें। हफ्ते में 3 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें और देखें आपके होंठ पहले से बेहतर हो गए होंगे।
  • कोलगेट की मदद से भी आप होठों को मुलयाम और खूबसूरत बना सकते हैं। इसके लिए थोड़ा सा कोलगेट लें और उसे होठों पर लगाएं कुछ देर रखने के बाद धीरे धीरे मुलायम ब्रश से पेस्ट को हटाएँ। इससे होठों की मृत त्वचा हट जाएगी और वे गुलाबी दिखने लगेंगे।
  • नारियल तेल और विटामिन ई का कैप्सूल मिलाकर लगाने से भी होठों आकर्षक और गुलाबी होते हैं।

तो ये थी कुछ टिप्स जिनकी मदद से होठों को खूबसूरत बनाया जा सकता है और उनकी खूबसूरती को बरकरार रखा जा सकता है। बस ध्यान रहे कभी रात में मेकअप लगाकर ना सोएं और किसी दूसरे पर्सन की लिपस्टिक का इस्तेमाल न करें इससे होठों को नुकसान हो सकता है।

प्रेगनेंसी में निम्बू पानी कैसे पीएं

गर्भावस्था के दौरान निम्बू पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि निम्बू पानी बॉडी से विषैले पदार्थों को बाहर निकलता है, गर्भवती महिला को ऊर्जा से भरपूर रखता है, इम्युनिटी बढ़ाता है, आदि। लेकिन हमेशा एक ही तरह से निम्बू पानी का सेवन करना थोड़ा बोरिंग हो सकता है। ऐसे में गर्भवती महिला चाहे तो जीभ का स्वाद बदलने के लिए निम्बू पानी को कई तरह से बनाकर उनका सेवन कर सकती है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में निम्बू पानी का सेवन किस किस तरह से किया जा सकता है और उसके क्या फायदे होते हैं।

नारियल पानी और निम्बू

एक गिलास नारियल पानी में एक चम्मच पीसी चीनी मिलाएं, और दो चम्मच निम्बू का रस अब इसे अच्छे से मिक्स करके दस मिनट के लिए फ्रिज में रख दें। और उसके बाद इसका सेवन करें, इस तरह निम्बू पानी का सेवन करने से निम्बू पानी के फायदे दुगुने हो जाते हैं। क्योंकि निम्बू और नारियल पानी दोनों ही एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

मसाला निम्बू पानी

एक बड़े गिलास पानी में थोड़ा काला नमक, थोड़ा जीरा पाउडर, थोड़ा चाट मसाला, थोड़ी सी चीनी, थोड़ी सी काली मिर्च और एक निम्बू का रस डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। और उसके बाद मसाला निम्बू पानी को दस मिनट के लिए फ्रिज में रख दें, फिर फ्रिज से बाहर निकालकर इस पानी का सेवन करें। ऐसा करने से न केवल गर्भवती महिला की जीभ का स्वाद बेहतर होता है बल्कि महिला की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने, उल्टी जी मिचलाना जैसी परेशानियों से गर्भवती महिला को निजात पाने में मदद मिलती है।

शहद निम्बू पानी

प्रेगनेंसी के दौरान रोजाना सुबह उठकर यदि एक गिलास गुनगुने पानी में महिला एक चम्मच शहद और निम्बू पानी मिलाकर पीती है। तो यह भी गर्भवती महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि इसका सेवन करने से गर्भवती महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियों से निजात पाने, बॉडी से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, एनर्जी से भरपूर रहने, सूजन जैसी समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

नमक व् चीनी के साथ निम्बू

यदि प्रेग्नेंट महिला का ज्यादा मेहनत करने का मन नहीं है तो एक गिलास नोर्मल पानी में थोड़ा सा नमक या चीनी या फिर दोनों अच्छे से मिक्स करें। उसके बाद इसमें निम्बू का रस मिलाएं और इसका सेवन करें। इस तरह निम्बू पानी पीना भी प्रेगनेंसी के दौरान बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि निम्बू में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

तो यह हैं कुछ निम्बू पानी बनाने के तरीके जिन्हे गर्भावस्था के दौरान महिला जीभ के स्वाद बदलने और अन्य बेहतरीन फायदों के लिए ट्राई कर सकती है। लेकिन ध्यान रखें की सभी चीजों को सिमित मात्रा में ही मिलाएं।

केसर और शहद से पाएं गोरी त्वचा

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गोरी और बेदाग त्वचा पाना हर महिला की चाह होती है। परंतु आजकल के धूल भरे वातावरण में स्किन को बेदाग रख पाना काफी मुश्किल है। कभी प्रदुषण तो आस पास की धूल लगातार त्वचा को नुकसान पहुंचाती ही रहती है। माना, सनस्क्रीन आदि क्रीम्स की मदद लेकर कुछ समय तक आप अपनी स्किन को इस मिट्टी से बचाया जा सकता है लेकिन लम्बे समय के लिए ये उपाय कारगर नहीं है।

आज से नहीं बल्कि प्राचीन समय से लोग अपने घरों में केसर का प्रयोग करते आये है लेकिन क्या आप जानती है की इसका प्रयोग त्वचा के लिए कितना लाभकारी होता है। जी हां, इसमें मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और पोटैशियम की प्रचुर मात्रा त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होती है। इसके अतिरिक्त इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टी भी पाई जाती है।

यह त्वचा की रंगत निखारने में भी मदद करता है। इसके अतिरिक्त त्वचा को रेजुनवेट करके गहराई से नमी पहुंचाता है। केसर में एंटी सोलर एजेंट भी पाए जाते है जो सूरज की UV rays से त्वचा को बचाने में मदद करता है। यह त्वचा को खूबसूरत बनाने में भी मदद करता है। जबकि शहद त्वचा के लिए एंटी सेप्टिक का काम करता है जो त्वचा में कोलोजन के उत्पादन को बढ़ाकर बढ़ती उम्र की निशानियों को कम करने में मदद करता है।

इसीलिए अगर आप भी त्वचा संबंधी कई बिमारियों से परेशान है तो एक बार केसर और शहद से बने कुछ प्राकृतिक नुस्खों का प्रयोग करके देखे। आपकी समस्या अपने आप ही दूर हो जाएगी।

केसर और शहद से बने कुछ प्राकृतिक नुस्खे :-

1. निखरी त्वचा के लिए केसर और शहद :

त्वचा को निखारने के लिए केसर का प्रयोग करना बहुत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद तत्व त्वचा के डेड स्किन सेल्स को निकलकर उसे निखारने में मदद करते है। इस पैक को बनाने के लिए –

समाग्री – एक चुटकी केसर, 2 चम्मच दूध, एक चम्मच चंदन पाउडर।

विधि –

  • इसके लिए सबसे पहले केसर को बारीक़ पीसकर पाउडर बना लें।
  • अब इसे एक कटोरी में डालकर उसमे 2 चम्मच दूध मिलाएं।
  • 5 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • इसके बाद उसमे चंदन पाउडर डालकर अच्छी तरह मिस करें और अपनी त्वचा पर लगाएं।
  • 15 मिनट लगाकर रखें और फिर पानी से साफ़ कर लें।

2. मुंहासों के लिए केसर और शहद :

केसर में बहुत से एंटी बैक्टीरियल गुण होते है जो त्वचा में इन्फेक्शन पैदा करने वाले कीटाणुओं को खत्म करके त्वचा की रक्षा करते है। जबकि शहद त्वचा में नमी बनाए रखता है और स्किन को कोमल बनाता है। इस पैक को बनाने के लिए –

सामग्री – एक चुटकी केसर, एक चम्मच शहद, 4-5 तुलसी की पत्तियां।

विधि –honey

  • केसर और तुलसी की पत्तियों को बारीक़ पीसकर पाउडर बना लें।
  • अब इसमें शहद मिलाकर पेस्ट बनायें।
  • अब इसे अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक लगाएं रखें।
  • उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। इस पैक का प्रयोग सप्ताह में दो बार करना है।

3. सनटैन के लिए केसर और शहद :

शहद और केसर दोनों में ही त्वचा को निखारने के गुण मौजूद है जो सनटैन को दूर करने में भी मदद करते है। पैक को बनाने के लिए –

समाग्री – एक चुटकी केसर, एक चम्मच शहद, एक चम्मच मिल्क क्रीम।

विधि –

  • सबसे पहले रातभर मिल्क क्रीम में केसर को भिगोकर रख दें।
  • अगले दिन इसमें शहद मिलाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
  • 10 मिनट तक इस पेस्ट को त्वचा पर लगाएं रखें।
  • उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।

4. फाइन लाइन्स के लिए शहद और केसर का पैक :

एलोवेरा के साथ यह मास्क आपकी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। इससे फाइन लाइन्स तो दूर होंगी ही साथ साथ त्वचा भी जवान होगी।

सामग्री – एक चुटकी केसर, एक चम्मच शहद, दो चम्मच एलोवेरा जेल।

विधि –jhurriyaan

  • केसर को बारीक़ पीसकर उसका पाउडर बना लें।
  • अब इसमें शहद और एलोवेरा जेल मिलाएं।
  • अच्छी तरह से मिक्स करने के बाद पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं।
  • 15 मिनट रखने के बाद ठंडे पानी से त्वचा साफ़ कर लें।
  • इसे आपको सप्ताह में 2 बार करना है।

5. केसर और शहद का टोनर :

इन दोनों वस्तुओं को बना टोनर त्वचा से डेड सेल्स बाहर निकालकर गंदगी को साफ़ करता है। त्वचा को चमकदार बनाने के लिए आप इसमें गुलाबजल का भी प्रयोग कर सकते है।

सामग्री – एक चुटकी केसर, एक चम्मच शहद, आधा कप गुलाबजल।

विधि –

  • इसके लिए रातभर गुलाबजल में केसर को भिगोकर रखें।
  • अब इसे किसी स्प्रे बोतल में भरकर रख लें।
  • जब आप चाहे त्वचा पर टोनर का तरह इसका प्रयोग करें।

केसर बहुत महंगा उत्पाद है लेकिन ऊपर बतायें गए सभी नुस्खों में केवल एक चुटकी केसर का ही प्रयोग करना है। अगर केसर के प्रयोग के बाद त्वचा पर पीले रंग का दाग रह जाता है तो परेशान न हो ये अपने आप ही ठीक हो जाएगा। और क्योंकि यह पूरी तरह घरेलू नुस्खों पर आधारित है तो दुष्परिणामों की भी कोई चिंता नहीं है।

एलोवेरा के क्या-क्या फायदे होते हैं?

एलोवेरा को आयुर्वेद में संजीवनी की तरह माना जाता है इसे घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि यह पोषक तत्वों की खान होता है यह कांटेदार हरे रंग का एक पौधा होता है। और एलोवेरा केवल स्वास्थ्य के लिए ही फायदेमंद नहीं होता है बल्कि आपकी ख़ूबसूरती को बढ़ाने के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है। घाव को भरना हो, स्किन से दाग धब्बे या मार्क्स हटाने हो, किसी बीमारी का इलाज करना हो एलोवेरा सभी चीजों में आपको फायदा देता हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल करने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है बल्कि इससे आपको बहुत से फायदे मिलते हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल जैल, जूस आदि के रूप में किया जा सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको एलोवेरा के कुछ बेमिसाल फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

स्किन पर होने वाले दाग धब्बों से दिलाता है निजात

  • खूबसूरत स्किन की चाह हर किसी को होती है लेकिन दाग धब्बों, सूर्य की किरणों के दुष्प्रभाव के कारण स्किन का काला पड़ना, जैसी समस्या के कारण स्किन की ख़ूबसूरती कम होने लगती है।
  • लेकिन यदि आप एलोवेरा जैल का इस्तेमाल स्किन के लिए करते हैं तो इससे स्किन पर होने वाले दाग धब्बों से निजात मिलता है।
  • सूर्य के कारण होने वाली स्किन के कालेपन की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।
  • जिससे स्किन को गोरा बनाने के साथ स्किन की कोमलता को बरकरार रखने में भी मदद मिलती है।
  • आँखों के नीचे होने वाली डार्क सर्कल की समस्या से राहत पाने के लिए भी आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्ट्रेचमार्क्स की समस्या

  • बहुत सी महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद स्ट्रेचमार्क्स की समस्या से परेशान हो सकती है।
  • लेकिन एलोवेरा जैल इस समस्या का समाधान करने में आपकी मदद कर सकता है।
  • यदि आप नियमित रूप से एलोवेरा जैल को स्ट्रेचमार्क्स पर लगाते हैं तो इससे धीरे धीरे स्ट्रेचमार्क्स हल्के पड़ने लगते हैं।

एलोवेरा के फायदे हैं बालों के लिए

  • एलोवेरा बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता है।
  • बालों में डैंड्रफ की समस्या हो, बाल रूखे हो रहे हो, बाल झड़ने की समस्या हो, तो इन सभी परेशानियों से निजात के लिए हफ्ते में दो बार बालों में एलोवेरा जैल लगाएं।
  • ऐसा करने से आपको इन सभी परेशानियों को दूर करके बालों को लम्बा, घना, शाइनी बनाने में मदद मिलती है।

गंजेपन को करता है दूर

  • कम उम्र में ही आज कल बहुत से लोग गंजेपन की समस्या का शिकार हो जाते हैं।
  • जिसके कारण समय से पहले ही लोग अंकल कहकर उनका मज़ाक बना सकते हैं।
  • लेकिन एलोवेरा जैल को को शैम्पू या कंडीशनर के साथ मिलाकर यदि आप अपने बालों के लिए हफ्ते में तीन से चार बार इस्तेमाल करते हैं।
  • तो इससे आपको गंजेपन की समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है।

एलोवेरा के फायदे हैं आँखों के लिए

  • लैपटॉप, कंप्यूटर, फ़ोन आदि का अधिक इस्तेमाल करने के कारण कई बार आँखों में कमजोरी की समस्या हो सकती है।
  • और यदि आपको भी आँखों में कुछ ऐसा महसूस हो रहा है तो आपको नियमित एक चम्मच एलोवेरा जूस के पीने चाहिए।
  • क्योंकि एलोवेरा जूस को पीने से आँखों की रौशनी को बढ़ाने में मदद मिलती है।

वजन होता है कम

  • बढ़ता वजन आज कल एक आम समस्या है और लोग इसे कम करने के लिए बहुत से तरीको का इस्तेमाल करते हैं।
  • लेकिन आप शायद नहीं जानते होंगे की नियमित दिन में दो बार दो दो चम्मच एलोवेरा जूस पीने से वजन को कम करने में मदद मिलती है।

शरीर की बीमारियों को करता है दूर

  • एलोवेरा बॉडी को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है साथ ही बॉडी में होने वाली बहुत सी बीमारियों से निजात दिलाने में भी फायदेमंद होता है।
  • जैसे की एलोवेरा जूस का सेवन करने से डाइबिटीज़, बवासीर, पेट से जुडी समस्या, बॉडी में खून की कमी, आदि की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।
  • साथ ही एलोवेरा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है जिससे आपको बहुत सी बीमारियों से बचे रहने में भी मदद मिलती है।

एलोवेरा के फायदे हैं दांतों के लिए

  • दांतों में सड़न, दांतों में दर्द, कैविटी का जमाव आदि परेशानी से बहुत लोग परेशान होते हैं।
  • लेकिन यदि आप एलोवेरा जूस से नियमित कुल्ला करते हैं तो इससे दांतों को मजबूत होने के साथ दांतों से जुडी परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है।

घाव के इलाज में मदद करता है

  • कई बार किसी को चोट का निशान या घाव आदि की समस्या हो जाती है।
  • ऐसे में चोट का निशान न जाने की समस्या हो या घाव न भर रहा हो तो एलोवेरा जैल लगाने से बहुत फायदा मिलता है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो एलोवेरा से आपको मिलते हैं। तो आप भी यदि एलोवेरा के इन बेमिसाल फायदों को उठाना चाहते हैं तो आप भी एलोवेरा का प्रयोग कर सकते हैं। आज कल बाजार में एलोवेरा जूस, एलोवेरा जैल आदि बहुत आसानी से मिल जाता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो एलोवेरा जूस का सेवन आपको नहीं करना चाहिए।

तेजी से वजन घटाने के ये हैं नुकसान!

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आज के समय में हर कोई किसी ने किसी समस्या से परेशान दिखाई पड़ता है। बच्चा हो या बूढ़ा कोई न कोई बीमारी लगी ही रहती है। जैसे की थाइराइड, डायबिटीज, BP की समस्या और न जाने क्या क्या? इन्ही में से एक समस्या है मोटापे की। जिससे क्या बच्चा और क्या बूढ़ा सभी ग्रसित है। वास्तव में देखा जाए तो ये वर्तमान की सबसे आम और गंभीर समस्या है जिसके कारण शरीर में अन्य रोगों के होने का खतरा भी बना रहता है।

क्योंकि मोटापे के कारण शरीर की इम्युनिटी और विषाणुओं से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है जिसके कारण शरीर अन्य बिमारियों का भी घर बन जाता है। ऐसे में इस मोटापे से छुटकारा पाने के लिए लोग तरह तरह के उपायों का प्रयोग करने लगते है। आज भी ऐसे बहुत डॉक्टर या संस्थाएं है जो एक हफ्ते में 5 किलो एक महीने में 10 किलों वजन कम करने जैसी बेतुकी बातों का समर्थन करते है और लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते है।

लोग भी तेजी से अपने वजन कम करने की लालच में इनके झांसे में आ जाते है। जबकि वास्तव में उनका वजन कम नहीं होता। क्योंकि खाना छोड़ देने से या दिन भर चलते रहने से वजन कम नहीं होता बल्कि सही भोजन और उचित व्यायाम करने से होता है।

माना वजन घटाने के शॉर्टकट्स तरीके बेहद आकर्षक होते है लेकिन इनके कारण क्रैश डाइट लेने या अन्य उपाय करने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है। इसीलिए तेजी से वजन घटाना स्वस्थ नहीं है। आगे हम आपको तेजी से वजन घटाने के कुछ नुकसान बताने जा रहे है जिन्हे जानकर आप कभी भी तेजी से वजन कम करने के बारे में सोचेंगे भी नहीं!

तेजी से वजन काम करने के होते है ये नुकसान :-

1. मेटाबोलिज्म कम हो सकता है :

एक्सपर्ट्स के द्वारा किए अध्ययन से पता चला है की तेजी से वजन घटाने पर आपका मेटाबोलिज्म रेट 14 दिनों के अंदर 86 फीसदी तक कम हो सकती है। बता दें, बॉडी में कैलोरी बर्न करने के लिए मेटाबोलिज्म रेट का अधिक होना भी जरुरी है जितनी अधिक मेटाबोलिज्म रेट होगी उतनी अधिक कैलोरी बर्न होगी। परन्तु बहुत तेजी से वजन कम करने पर थाइराइड हॉर्मोन (t3) का उत्पादन कम, होने लगता है जो मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करता है। ऐसे में तेजी से वजन घटाना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

2. त्वचा ढीली हो जाती है :

हमारी त्वचा में पल्स्टिक फाइबर होते है जो त्वचा को विस्तार और सिकुड़ने में मदद करते है। परन्तु जब आप बहुत तेजी से वजन घटाने लगते है तो त्वचा उस हिसाब से नहीं सिकुड़ पाती जिसके कारण आपको त्वचा में ढीलापन महसूस होने लगता है। अनुसंधान से पता चला है की लोचार फाइबर के नुकसान के कारण वजन घटाने वाले व्यक्तियों की त्वचा अधिक कमजोर होजाती है। तो अपनी त्वचा को ठीक करने के लिए उसे थोड़ा समय देना होगा।

3. मांसपेशियों को हानि :

जब आप बहुत समय तक वजन घटाने के सही तरीकों का पालन करते तो आपके वजन का 75 फीसदी फैट कम हो जाता है। लेकिन जब आप कैलोरी न्यूनतम करके कैलोरी बर्न करते है, तो आपका शरीर आवश्यक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए आपकी मांसपेशियों को ब्रेक डाउन करने लगता है। रिसर्च में पाया गया है की स्वस्थ तरीके से वजन कम करने की तुलना में तेजी से वजन कम करने में लगभग 3 गुना मांसपेशियों को खोना पड़ता है।

4. लीवर को नुकसान :

तेजी से वजन कम करने पर हमारे लीवर पर भी प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं लीवर फेलियर की समस्या होने की संभावना भी बनी रहती है। हाल ही में शोधकर्ताओं ने कम कैलोरी डाइट लेने और तेजी से वजन कम करने पर अध्यन किया है। जिसमे पाया गया की जिन लोगों में एक हफ्ते में 116 किलो से अधिक वजन कम कर लिया था उनमे से 24 फीसदी लोग आइए थे जिनमे अधिक वजन घटाने के कारण फाइब्रोसिस का खतरा देखा गया।

5. दिल पर प्रभाव :

क्रैश डाइटिंग और तेजी से वजन कम करने से दिल की धड़कन, हृदय का तनाव और हृदय संबंधी अन्य समस्यायों का खतरा भी बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों के अध्यन में पता चला है की तेजी से वजन कम करने वाले लोगों को एथेरोसलेरोसिस और अन्य प्रकार के हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। यह भी ज्ञात हुआ की अत्यधिक प्रकार की डाइट लेने से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी प्रभावित होता है जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

एक सप्ताह में कितना वजन घटाना चाहिए?

विशेषज्ञों की माने तो वजन घटाने के जोखिमों से बचने के लिए प्रत्येक सप्ताह 0.5 से लेकर 1 kg वजन कम करना उचित होता है। इससे आपके स्वास्थ्य पर कोई नकारत्मक प्रभाव भी नहीं पड़ता। और आप स्वस्थ तरीके से वजन कम करते है।

तेजी से वजन कम करने के और भी दुष्परिणाम है :

बहुत अधिक तेजी से वजन करने से थकावट, सर दर्द, चिड़चिड़ापन, चक्कर आना, बाल झड़ने जैसी समस्याओं के साथ साथ अनियमित माहवारी की समस्या भी हो सकती है।

इसीलिए हमेशा स्वस्थ और सही तरीके से ही वजन कम करना चाहिए। ताकि आपके शरीर को किसी तरह का कोई नुकसान न हो।

मूली खाने के इन फायदों को जानते है आप?

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मूली के फ़ायदे :- सर्दियों को सबसे हेल्थी मौसम भी कहा जाता हैं. क्योकि इस मौसम में आप जिस भी चीज को खाते हैं वे आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होती हैं. अब चाहे वो पालक हो या मेथी. हरी सब्जियों का सेवन भी इसी मौसम में सबसे अधिक किया जाता हैं. जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती हैं. इन्ही में से एक हैं मूली जिसे अधिकतर सर्दियों में ही खाया जाता हैं.

ऐसे तो गर्मियों में भी मूली मिलती हैं लेकिन वो उतनी स्वादिष्ट नहीं होती जितनी की सर्दियों में होती हैं. हो न हो आप भी सर्दियों शुरू होते ही मूली का सेवन करना भी शुरू कर देते होंगे. लेकिन क्या कभी ये सोचा हैं की इस प्राकृतिक देन के कितने फ़ायदे हैं. शायद नहीं. हम बताते हैं मूली के गुणों में कई तरह की बिमारियों को ठीक करने की क्षमता होती हैं.

इसके अलावा कई बड़ी-बड़ी बिमारियों को ठीक करने के लिए भी मूली एक कारगर उपाय हैं. शायद आप नहीं जानते लेकिन मूली में प्रोटीन, कैल्शियम, गंधक, आयोडीन, और आयरन पायी जाती हैं जो न केवल आपके स्वास्थ्य को अच्छा रखने में मदद करते हैं अपितु त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं.

इसके अतिरिक्त सोडियम, फोस्फोरस, क्लोरीन और ,मैग्नीशियम जैसे तत्व भी मूली में पाए जाते हैं. मूली को विटामिन A, B और C का भी अच्छा स्रोत्र माना जाता है. पहले के समय के अधिकतर लोग इसके पूर्ण गुणों के बारे में जानते थे लेकिन आज के समय में केवल कुछ लोगो को छोड़कर अन्य सभी इसके गुणों से अपरिचित हैं.

इसीलिए आज हम आपको मूली के कुछ ऐसे चमत्कारिक गुणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आपको हैरानी तो होगी ही साथ-साथ प्रसन्नता भी होगी. और हो सकता हैं की इसके पूर्ण गुणों को जानकर आप भी इस सब्जी को पसन्द करने लगे.

स्वास्थ्य की दृष्टि से कच्ची मूली या इसके पत्तो की सब्जी का सेवन करने से हर प्रकार के बवासीर में लाभ मिलता हैं. इसके अलावा गुर्दे की खराबी के कारन यदि किसी को पेशाब बन्द होने की समस्या हैं तो उस व्यक्ति को मिली खाने से लाभ होगा. इसके अतिरिक्त और भी कई फ़ायदे हैं मूली खाने के. जिन्हें आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

स्वास्थ्य के लिए मूली के फ़ायदे :-

मूली के स्वास्थ्य सम्बंधित फायदों की पूर्ण जानकारी आगे दी गयी हैं. जिन्हें पढ़कर शायद आप भी इस सब्जी से लगाव कर बैठे.

  • मूली में Dietary फाइबर की अच्छी मात्रा पायी जाती हैं जो खाने को जल्द पचाने में मदद करते है.
  • ये शरीर के metabolism को भी संतुलित रखने में मदद करती है.
  • मूली में कई तरह के antioxidents पाए जाते है जो खट्टे फलो और सब्जियों में होते है.
  • ये antioxidents शरीर को oxidation के प्रभाव से बचाने में मदद करते है.
  • इसमें मौजूद विटामिन A, C और K त्वचा की समस्याओं को ठीक करने में सहायक होते है.
  • नियमित रूप से मूली का सेवन करने से कोशिकाओं के उत्पादन और उनको repair करने में मदद मिलती है.मूली के फ़ायदे
  • मूली में पाए जाने वाला आयरन खून और हृदय की पूरी गतिविधियो पर अच्छा प्रभाव डालता है.
  • आयरन आपके शरीर की कोशिकाओं, त्वचा, बालों और नाखुनो को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
  • रोजाना मूली का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है.
  • मूली का सेवन करने से मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया में सुधर होता है.
  • जो शरीर के आंतरिक कार्यो को अच्छे ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है.
  • मूली में मौजूद पानी की उच्च मात्रा और non-digestible carbohydrates स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होती है.
  • इसका सेवन करने से कैलोरी और फैट की अधिक मात्रा को कम करने में मदद मिलती है.
  • इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन आपकी मांसपेशियो को बढ़ाने में मदद करते है.

Health Benefits of Radish :- 

  • चूँकि मूली में प्रोटीन की अच्छी मात्रा पायी जाती है तो इसे अपनी डाइट में अवश्य सम्मिलित करे.
  • अन्य सब्जियों की तरह मूली भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल के absorbtion को घटाती है.
  • ये रक्त और हृदय को स्वस्थ करके उससे सम्बंधित बिमारियों को दूर करने में मदद करती है.
  • मूली में कई तरह के मिनरल्स पाए जाते है. जिनमे पोटैशियम, आयरन, सोडियम और कैल्शियम सम्मिलित है.
  • जो आपके शरीर के मेटाबोलिज्म में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.
  • ये oxygen carriers, pregnancy nutrients, और blood sugar controllers के रूप में कार्य करते है.
  • इसके अलावा blood pressure को नियंत्रित करने के लिए भी ये फायदेमंद होते है.
  • प्रकृति की इस देन में एंटीबैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गन पाए जाते है जो आपको कई तरह की बिमारियों से बचाने में मदद करते है.
  • मूली हमारे पेट और हमारे लिवर के लिए बेहद फायदेमंद होती है.
  • क्योंकि इसमें detoxifying agents पाए जाते है जो खून को साफ़ करके toxins को बाहर निकालते है.
  • पीलिया होने पर इस सेवन करना अच्छा होता है.
  • Hypertension की समस्या को ठीक करने के लिए एक बेहतर औषधि है.
  • मधुमेह को नियंत्रित करने में मददगार.
  • अपने खाने में मूली को सम्मिलित करे ये आपके खून में शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करेगा.
  • Daikon मूली कैंसर को ठीक करने की क्षमता रखती है.
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्री रेडिकल्स और cell damage को ठीक करने में मदद करे.
  • इसके अलावा शरीर से सभी टॉक्सिन्स को भी निकालती है.
  • Immunity system को स्वस्थ करने में मददगार.

Muli Khane ke fayde 

  • मूली हमारी किडनी और colon से waste पदार्थो को निकालने का काम करती है.
  • जिससे खाने को पचाने में मदद मिलती है
  • श्वसन तंत्र के कार्य को अच्छा करे.
  • मूली का रस phlegm और mucus को खत्म करने में मदद करता है.
  • इसके अतिरिक्त वायरल इन्फेक्शन्स और flu व् अस्थमा जैसी बिमारियों में भी ये बेहद लाभकारी होता है.
  • मूली के रस में कई तरह के enzymes जैसे amylase, esterase, और diastase पाये जाते है जो ‘candida albicans’ नमक फनगस को जड़ से हटाने में मदद करते है.
  • इसमें मौजूद Vitamin C, folic acid, और anthocyanin कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में मदद करते है.
  • colon cancer, kidney cancer, stomach cancer और आँतो के कैंसर में मूली का रस बहुत लाभकारी होता है.
  • थाइराइड की समस्या को खत्म ठीक करने में मदद करे.
  • कब्ज बवासीर का एक अन्य कारण होता है और मूली का रस कब्ज को ठीक करने में सहायक है. lal-muli-ke-fayde
  • यदि बवासीर की समस्या है तो रोजाना मूली के रस का सेवन करे.
  • मूली पेट और liver के लिए बहुत लाभकारी होती है.
  • ये रक्त को शुद्ध करके शरीर से सभी toxins को बाहर निकालती है.
  • यदि पीलिया के लक्षण दिख रहे है तो लाल मूली का सेवन करे फ़ायदा मिलेगा.
  • मूली में पानी की अच्छी मात्रा पायी जाती है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होती है.
  • इसके anti inlfammatory गुण मच्छर या कीड़े के काटने पर होने वाली सूजन को दूर करते है.
  • मूली के बीज हड्डियों को मजबूत करते है. क्योंकि इनमे कैल्शियम की अच्छी मात्रा पायी जाती है.

त्वचा के लिए मूली के फ़ायदे :-

स्वास्थ्य की तरह त्वचा के लिए भी मूली किसी वरदान से कम नहीं है.

  • मूली में पानी की अच्छी मात्रा पायी जाती है. जो आपकी त्वचा को लंबे समय के लिए Hydrate करने में मदद करती है.
  • स्वस्थ और अच्छी त्वचा पाने के लिए मूली का सेवन करे.
  • रूखी और बेजान त्वचा के लिए भी मूली एक बेहतर विकल्प है.
  • मूली में vitamin c और antioxident गुण पाए जाते है जो त्वचा संबंधी बिमारियों को दूर करने में मदद करते है.
  • त्वचा में आयी किसी भी प्रकार सूजन के लिए भी ये एक अच्छा उपाय है.
  • स्वस्थ और दमकदार त्वचा पाने के लिये मूली को अपने खाने में सम्मिलित करे.
  • इसमें मौजूद Vitamin C, phosphorus, और zinc आपकी त्वचा को लम्बे समय तक फ्रेश रखने में मदद करते है.
  • मूली में fiber की अच्छी मात्रा पाई जाती है. जो शरीर से सभी प्रकार के हानिकारक toxins को बाहर निकाल देती है.
  • कच्ची मूली को mash करके अपनी त्वचा पर लगाए. ये एक प्राकतिक cleanser का काम करेगी.
  • मूली में disinfectant गुण पाए जाते है जो skin disorder को ठीक करने में मदद करते है.
  • ये insect bites और stings को ठीक करने में भी मददगार है.
  • इसके अलावा मुँहासे और Acne होने पर भी इसका प्रयोग किया जा सकता है.

मूली के बालों के लिए फ़ायदे :-

स्वास्थ्य और त्वचा की तरह आपके बालो के लिए भी बेहद लाभकारी है ये प्राकृतिक देन. जानिये मूली के क्या-क्या फ़ायदे है आपके बालो के लिए?

  • बालों के झड़ने की समस्या को दूर करे. black-radish
  • बालों की जड़ो को मजबूत करने के लिए काली मूली का रस बालों में लगाएं.
  • डेंड्रफ की समस्या होने पर भी इसका प्रयोग करना फायदेमंद होता है.
  • इसके लिए मूली के रस से अपनी स्कैल्प को अच्छे से मले और बाद में धो दे.
  • बालों में चमक लाने के लिए ताज़ी मूली से रस से बालों को धोएं .
  • मूली में मौजूद आयरन स्वस्थ बालों के लिए बेहद जरुरी होता है.
  • ये आपके बालों के texture को ठीक करके उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करती है.
  • इसमें मौजूद पानी की उच्च मात्रा जड़ो को मजबूत करने में मददगार होती है.
  • नियमित रूप से मूली का सेवन करने से बालों की जड़े मजबूत होती है और आपकी स्कैल्प अच्छी रहती है.

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