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प्रेगनेंसी में डिलीवरी के पहले स्तन में दूध कब आता है

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गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं। ऐसे ही बदलाव महिला के ब्रेस्ट में भी देखने को मिलते हैं। जैसे की स्तनों में भारीपन, उनके आकार में वृद्धि, ब्रेस्ट के आगे के भाग का रंग और गहरा होना, ब्रेस्ट में दर्द आदि महसूस होना। इसका कारण प्रेगनेंसी के दौरान शिशु के लिए दूध का उत्पादन करने वाली ग्रंथियां होती है, साथ ही गर्भवती महिला का शरीर शिशु को स्तनपान करवाने के लिए अपने आप को तैयार कर रहा है। माँ के दूध को शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार कहा जाता है इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान ही शिशु के लिए ब्रेस्ट में इसका उत्पादन शुरू हो जाता है।

कई महिलाओं को प्रेगनेंसी के सोहलवें हफ्ते के बाद ब्रेस्ट में से सफ़ेद गाढ़ा पानी स निकलता हुआ महसूस हो सकता है। ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं होती है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान ऐसा होना बहुत ही नोर्मल होता है। लेकिन यदि ब्लड आए तो इसके लिए आपको डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। ऐसा भी जरुरी नहीं है की हर महिला के साथ ऐसा हो, यह गर्भवती महिला के बॉडी में हो रहे हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में डिलीवरी के पहले स्तन में दूध कब आता है।

प्रेगनेंसी में डिलीवरी से पहले कब आता है ब्रेस्ट में दूध

जैसे ही महिला गर्भवती होती है वैसे ही बॉडी में तेजी से हार्मोनल बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। इन बदलाव के कारण महिला को प्रेगनेंसी में परेशानी भी हो जाती है। और इस दौरान गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भरपूर पोषक तत्वों से युक्त दूध का उत्पादन भी महिला के ब्रेस्ट में शुरू हो जाता है, ब्रेस्ट के उत्तक में फैलाव होने लगता है, साथ ही दुग्ध नलिकाएं भी खुलने लगती है। यह प्रेगनेंसी के तीसरे महीने तक होता रहता है, और उसके बाद कई महिलाएं ब्रेस्ट से हल्का दूध निकलता हुआ भी महसूस करती है। और उसके बाद जैसे ही शिशु जन्म लेता है तो पहले कोलेस्ट्रम निकलता है जो की शिशु के विकास के लिए बहुत फायदेमंद होता है, और उसके बाद शिशु के विकास के लिए जरुरी सभी पोषक तत्व भी शिशु को माँ के दूध से ही मिलते रहते हैं।

डिलीवरी से पहले ब्रेस्ट से दूध निकलना सही या गलत

डिलीवरी से पहले हो सकता है महिला की ब्रेस्ट से थोड़ा बहुत दूध निकलता हुआ महसूस हो। ऐसे में आपको घबराने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है और न ही इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु के लिए दूध में कमी आती है। ऐसा होना प्रेगनेंसी के दौरान बहुत ही आम बात होती है इसीलिए इसे देखकर गर्भवती महिला को बिल्कुल भी घबराना नहीं चाहिए।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनसे आप जान सकते हैं की प्रेगनेंसी में डिलीवरी के पहले स्तन में दूध कब आता है। इसके अलावा यदि महिला को ब्रेस्ट में दर्द आदि की समस्या रहती है, तो ऐसे में आप अपने साइज की ब्रा पहने, साथ ही ज्यादा दर्द का अनुभव होने पर एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं।

क्या आपको बुरे सपने आते हैं? ये हैं उपाय

क्या आपको बुरे सपने आते हैं? ये हैं उपाय:-

सपने बहुत खास होते हैं, क्योंकि जिस चीज को आप हकीकत में बाद में हासिल करते हैं, उन्हें आप अपने सपनो में पहले ही हासिल कर लेते हैं| सपनो का कारण ये होता हैं जो भी आप सारा दिन कामकरते हैं,सोचते हैं, देखते हैं, वो आपके मस्तिष्क में आ जाता हैं| इसीलिए जैसे ही आपको नींद आती हैं, और वो बातें यदि आपके मस्तिष्क में चलती रहती हैं, तो इस कारण आपको सपने आते हैं| कुछ सपने बहुत प्यारे होते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो आपको डरा भी देते हैं| क्या आपको भी ऐसे सपने आते हैं?

साइंस भी बुरे सपनो की गुथी को आज तक सुलझा नहीं पायी हैं| वो भी यही कहती हैं की जो हम अपनी निजी जिंदगी मे करते हैं| किसी खास समय पर सपने का आना, सपने के दौरान आप क्या कर रहे हैं, क्यूं कर रहे हैं और आपके स्वप्न में कौन आया, इन सभी बातों का हमारे वर्तमान एवं भविष्य में आने वाली घटनाओं से संबंध होता है| हमेशा आपके सपनो में बुरा ही नहीं आता हैं| बल्कि कुछ सपने आपको अच्छे भविष्य या वर्तमान के बारे में भी आते हैं|

कुछ सपने हमें उसमें देखि गई बातों से ही डरा देते हैं| हम इतना डर में होकर उठते हैं मानों हमारी जान जाने वाली हो| सपने में भूत, आत्मा, किसी की मौत, अपनी मौत या फिर कोई भयानक दृश्य हमें पसीने से भरी हुई हालत में नींद से उठाता है| और हम बहुत ही ज्यादा डर भी जाते हैं| और हदय की धड़कन भी तेज हो जाती हैं| और कई लोग तो उन्हें भुला ही नहीं पाते हैं, उन्हें डर लगा रहता हैं की कही उनके साथ कुछ हो न जाएँ| यही परेशानी उन्हें तनाव में भी ला सकती हैं|

तो आइये आज हम आपको बुरे सपनो से बचने के बारे में कुछ बताने जा रहे हैं, जिनसे आप बुरे सपनो को रोक सकते हैं| इसके लिए जो सबसे पहला काम करना होता हैं, वो ये की आपको कभी भी अपने मन मेंबुरे विचारो को दिन में पनपने ही नहीं देना चाहिए क्योंकि जिस चीज के बारे में आप सारा दिन सोचते हैं वही आपको रात के समय में दिखाई भी देती हैं| यदि आपको भी बुरे सपनो ने डरा रखा हैं, तो आइये इनसे बचने के लिए कुछ टिप्स आज हम आपको देने जा रहे हैं|

बुरे सपनो से बचने के लिए टिप्स:-

तनाव नुक्त रहे:-

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बुरे सपनो का एक कारण तनाव भी हो सकता हैं| क्योंकि जो लोग ज्यादा स्ट्रेस में रहते हैं, और सारा दिन दिमाग पर किसी न किसी चीज का जौर डालें रखते हैं, उन्हें ये समस्या सबसे ज्यादा परेशान करती हैं| यदि आप चाहते हैं की आप बुरे सपनो से बचें रहें तो इसके लिए जरुरी हैं की आप बिलकुल भी स्ट्रेस न लें, इसके लिए आप सोने से पहले नहा सकते हैं| क्योंकि इससे शारीरिक रूप से आराम मिलने के साथ मानसिक रूप से भी आराम मिलता हैं|

नकारात्मक सोच से दूर रहें:-

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कई लोग जो सारा दिन कुछ न कुछ गलत सोचते रहते हैं, वही बातें रात के समय उनके मस्तिष्क मे घूमती रहती हैं| जिसके कारण उन्हें रात को सोने के बाद बुरे सपने आते हैं| इसीलिए कभी भी गलत विचारो को अपने मन मे पनपने नहीं देना चाहिए| इसीलिए यदि आप बुरे सपनो से बचना चाहते हैं तो नकारत्मकता को अपने विचारो में थोड़ी सी भी जगह न दें| और हमेशा अच्छे विचारो को ही अपने मन में लाएं, जिससे आपको अच्छे स्वप्न आएं|

डरावनी फिल्मे या सीरियल न देखें:-

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कई लोगो को बुरे सपने आने का कारण रात को सोने से पहले डरावने सीरियल या फिल्में भी हो सकती हैं| क्योंकि जैसे ही आप उन फिल्मो या सीरियल को देखते हैं तो वैसे ही विचार आपके मन में आने लगते हैं| इसीलिए हो सकें तो आपको इन हरकतों को नहीं करना चाहिए, खास कर जब आप सोने जा रहे होते हैं| यदि आप इन्हें नहीं देखेंगे, तो जाहिर हैं की बुरे विचार भी आपके मन में नहीं पनपेंगे| तो आपको बुरे सपने भी नहीं आएंगे और आप चैन की नींद भी सो पाएंगे|

खान पान पर ध्यान दें:-

रात को सोने से पहले जब भी खाना खाएं तो ऐसा खाना बिलकुल न खाएं जो भारी हो, और जिसके कारण आपको तनाव में रहना पढ़ें, क्योंकि विज्ञानं के अनुसार हेवी और ऑयली डाइट या ओवर डाइट से शरीर में कोर्टिजोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ता है और डरावने सपने अधिक आते हैं| इसीलिए हो सकें तो हलके और संतुलित आहार लेना चाहिए, जिसे पचने में भी आसानी हो सकें| और आप आरामदायक नींद का आनंद उठा सकें|

सपनो को मन में न रखें:-

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जिस चीज को आप ज्यादा मन में दबा कर रखते हैं, वही आपके जेहन में बार बार आती हैं| इसीलिए यदि आपको बुरे सपने भी आएं तो उन्हें भी अपने मन से निकालने के लिए जाहिर कर देना चाहिए| ताकि आपको किसी भी तरह का डर न रहें, क्योंकि बातों को शेयर करने से मन को आराम मिलता हैं| और यदि आप चाहते हैं की आपको भी कोई परेशानी न हो, तो इन सपनो को लोगो को बताएं जिससे आपका मस्तिष्क आराम से सो सकें|

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प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में क्या क्या समस्या आती है?

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में क्या क्या समस्या आती है?:-

प्रेगनेंसी का समय किसी भी महिला के लिए उसकी जिंदगी का अगला पड़ाव होता है, और साथ ही नए अनुभवों से भरा हुआ होता है, प्रेगनेंसी की शुरुआत होते ही महिलाओ में बहुत से बदलाव आते है, जैसे की उनके स्वाभाव में परिवर्तन आता है, कई बार उन्हें ज्यादा बात करने वाले लोगो से छिड़ होती है, और ये भी कई बार समझ नहीं आता है, की क्या बात अच्छी लगती है, और कब कौन सी बात बुरी लग जाती है, इसके अलावा महिला को शरीरिक रूप से भी बहुत समस्या आने लगती है, जिसके कारण उन्हें कई बार बहुत परेशानी होने लगती है।

प्रेगनेंसी के समय में महिला के शरीर में थकान की समस्या उत्त्पन्न हो जाती है, क्योंकि महिला के शरीर में पहले से ज्यादा दबाव पड़ने लगता है, खून बनने की प्रक्रिया तेजी से होती है, ताकि बच्चे को कोई परेशानी न हो, और उसके लिए सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उसे मिल सकें, बार बार महिला को पेशाब आने की परेशानी होने लगती है, क्योंकि किडनी में भी दुगुना कार्य होता है, कई महिलाओंकी त्वचा में भी बहुत बदलाव आता है जैसे की आँखों के नीचे काले घेरे की समस्या हो जाती है।

खाने पीने का मन नही करता है, जीभ का स्वाद कड़वा हो जाता है, सिर्फ खट्टा ही खाने का दिल करता है, और खान पान के सही न होने के कारण शरीर में कमजोरी आने लगती है, कई महिलाओ को शोर से एलर्जी हो जाती है, तो कई महिलाएं उलटी के कारण परेशान हो जाती हैं, सर दर्द जैसी समस्या प्रेगनेंसी में आम हो जाती है, ऐसी ही कुछ समस्या होती है जो प्रेगनेंसी के समय आती है, इसके अलावा महिला के शुरूआती दिनों में यदि लापरवाही जैसे भारी सामान उठाना, तेजी से सीढिया चढ़ना, या पेट के बल कोई काम करने से गर्भपात का खतरा भी बन रहता है।

ऐसी कोई भी परेशानी न हो ये किसी एक से दो महिलाओ को ही होता है, और वो अपने आप को भाग्यशाली समझ सकती है, परंतु आपको फिर भी इन परेशानियो से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है, जैसे ही वो नवजात शिशु आपकी गोद में आता है, वैसे ही आप अपनी इन परेशानियों को भूल कर अपनी जिंदगी के इस खास लम्हे को खूब खुशियो को मनाती है, तो आइये अब विस्तार से जानते है की गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में महिला को क्या क्या समस्या आती है।

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में महिला को आने वाले समस्या:-

त्वचा से जुडी समस्या होती है:-

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प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में महिलाओ की त्वचा में काफी परिवर्तन आता है, क्योंकि प्रेगनेंसी के समय में महिला की त्वचा काफी संवेदनशील होती है, और महिला के शरीर में हो रहें परिवर्तन के कारण महिला की त्वचा सूर्य के प्रकाश को भी बर्दाश्त नहीं कर पाती है, और इन्ही परिवर्तन के कारण त्वचा में बदलाव जैसे महिलाओ की आँखों के नीचे डार्क सर्कल आ जाते है, तो ऐसे में आपको घबराना नहीं चाहिए, बल्कि बच्चे के जन्म के बाद ये समस्या अपने आपही ठीक हो जाती है, यदि आप अपना पूरा ख्याल रखते है।

सपने अधिक आते है:-

गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में महिला को बहुत अधिक सपने आते है, ऐसे मे महिला सपने में यदि कुछ भी देखती है तो उसे घबराहट होने लग जाती है, और इस समस्या से बचने के लिए महिला को पहले से भी अधिक आराम की आवश्यकता पड़ती है, ताकि महिला को स्वास्थ्य संबंधी कोई और परेशानी न हो।

मूड बदलने लगता है:-

वैसे तो ये समस्या महिलाओ को पुरे गर्भावस्था में ही रहती है, परंतु शुरुवाती दिनों में महिला के शरीर में होने वाले परिवर्तन के कारण कई बार उसे समझ नहीं आता है की क्या हो रहा है, ऐसा हर महिला के साथ हो ये भी जरुरी नहीं होता है, कई बार महिला का पता ही नहीं चलता है की कब उसे किस बात पर गुस्सा आ जाता है, और कब उसे क्या बात अच्छा लगता है, कई महिलाएं तो चिड़चिड़ी भी हो जाती है, ऐसे में आपको घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि समस्या के साथ धीरे धीरे इसमें भी सुधार आ जाता है।

मुँह का स्वाद अजीब हो जाता है:-

गर्भावस्था में महिला को खान पान की बहुत अधिक समस्या होती है, क्योंकि महिला को किसी भी चीज का स्वाद समझ नहीं आता है, और उनका मुँह कड़वा हो जाता है, और कई महिलाओ तो कुछ भी नहीं खाती है, बल्कि उन्हें सिर्फ उन्हें सिर्फ खट्टी चीजो का ही स्वासद समझ में आता है, परंतु महिला को खान पान की बहुत जरुरत होती है, क्योंकि प्रेगनेंसी में आने वाली कमजोरी को दूर करने का सरल उपाय तो खान पान ही होता है।

ब्लीडिंग की समस्या हो जाती है:-

कई बार प्रेगनेंसी के शुरूआती समय में कुछ महिलाओ को ब्लीडिंग होने लगती है, परंतु ये उतनी नहीं होती है, जितनी की मासिक धर्म में होती है, इसीलिए ऐसे में आपको घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अपने डॉक्टर को दीखना चाहिए, ताकि ये परेशानी आगे न बढ़ सकें, और महिला को ऐसा कोई काम भी नहीं करना चाहिए शुरूआती दिनों में जिससे उसके पेट पर दबाव पढ़ें, और उसे ऐसी किसी समस्या से गुजरना पढ़ें।

थकान की समस्या होती है:-

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प्रेगनेंसी के शुरूआती समय में महिला को थकान की समस्या होती है, और आखिरी तक होती रहती है, क्योंकि महिला का वजन भी तेजी से बढ़ता है, और साथ ही महिला के शरीर में रक्त की मात्रा भी तेजी से बढ़ने लगती है, ऐसा इसीलिए होता है, की गर्भ में पल रहें शिशु को किसी भी तरह की कोई कमी न हो, बल्कि उसके विकास में जिन जिन पोषक तत्वो की जरुरत होती है, वो उसे रक्त के रास्ते उसमे पुरे किये जा सकें, तो जब आपका शरीर तेजी से कार्य करेगा, तो ऐसे में थकान होना बहुत ही स्वाभाविक होता है।

बार बार पेशाब आने की समस्या हो जाती है:-

गर्भावस्था के शुरूआती समय में महिला को बार बार पेशाब आने की समस्या उत्त्पन्न हो जाती है, क्‍योंकि इस समय में किडनी दोगुना काम करती है। प्रेगनेंसी की इस अवस्‍था में कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन नामक हॉर्मोन शरीर में बनता है, जो की पेल्विक भाग में रक्‍त के प्रवाह को बढ़ाता है। इसीलिए, महिला को कई बार तो हर दूसरे मिनट पेशाब आने लगता है, यदि ये परेशानी आपको पुर समय में रहती हैं तो ऐसे में आप चाहे तो डॉक्टर की राय भी ले सकते है।

सर दर्द रहने लगता है:-

महिला को गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में से दर्द की समस्या भी आम होती है, क्योंकि शरीर में रक्त का प्रवाह तेजी से होने के कारण, और साथ ही महिला की के शरीर में होने वाले बहुत से परिवर्तनों को महिला को झेलना पड़ता है, इसी कारण कई बार महिला को बहुत अधिक सर में दर्द होता है, साथ हो कई महिलाओ में होने वाले कमजोरी के कारण उन्हें चक्कर भी आने लगते है, परंतु ये समस्या समय के साथ ठीक हो जाती है, तो इसके लिए ज्यादा घबराना नहीं चाहिए।

उल्टियां होने लगती है:-

कई महिलाओ को ये समस्या प्रेगनेंसी के शुरूआती समय में होती है तो कुछ महिलाएं इस समस्या से पुरे नौ महीने परेशान रहती है, कई बार महिलाओ को पाचन क्रिया में भी दिक्कत होती है, ऐसे में जैसे ही वो कुछ भी खाती है तो उन्हें साथ की सार्थ उलटी आ जाती है, ऐसे में महिला को अपना खान पान नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए, क्योंकि यदि आप खाना पीना छोड़ देती है तो इसका सीधा असर आपके बच्चे के विकास पर पड़ता है, इसीलिए खाते रहना चाहिए।

गर्भपात का खतरा होता है:-

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में अपना बहुत ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है, क्योंकि थोड़ी सी भी असावधानी खतरा साबित हो सकती है, क्योंकि कई महिलाये जो इस दौरान भारी सामान उठाती है, या पेट के बल काम करि है, सेक्स के प्रति असावधानी बरतती है, या तेजी से सीढिया चढ़ती है, ऐसे में गर्भपात का ख़तरा लगातार बना रहता है, इसीलिए यदि आपके साथ ऐसी कोई भी समस्या होती तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

ऐसा सभी महिलाओ के साथ हो ऐसा भी जरुरी नहीं होता है, बल्कि ये हर महिला के हॉर्मोन्स में होने वाले परिवर्तन पर निर्भर करता है, क्योंकि हर महिला के जीन्स और हॉर्मोन्स में अलग अलग तरह से बदलाव आता है और गर्भावस्था के समय के शुरूआती दिनों में आने वाले परिवर्तन को बिलकुल भी नज़रअंदाज़ न करते हुए डॉक्टर से नियमित रूप से जाँच करवानी चाहिए, ताकि समय रहते यदि कोई परेशानी बढ़ भी गई हो तो आप उसका इलाज़ कर सकें।

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डिलीवरी के बाद बॉडी को शेप में लाने के लिए टिप्स

प्रेगनेंसी के दौरान महिला का वजन बढ़ता है जिसके कारण महिला की बॉडी शेप में बदलाव आता है। और ऐसा नहीं है की बच्चे के जन्म के तुरंत बाद महिला वापिस से अपनी बॉडी शेप में आ जाती है। बल्कि महिला का वजन बढ़ जाता है, ब्रेस्ट के आकार में बदलाव आता है, पेट बाहर की तरफ निकल जाता है, आदि। लेकिन प्रेग्नेंट महिला यदि चाहती है की डिलीवरी के बाद महिला की बॉडी जल्दी शेप में आ जाए। तो इसके लिए डिलीवरी के बाद महिला को अपनी अच्छे से केयर करने के साथ छोटी छोटी बातों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की डिलीवरी के बाद बॉडी को शेप में लाने के लिए प्रेग्नेंट महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बॉडी को शेप में लाने के लिए डिलीवरी के बाद यह करें

बच्चे के जन्म के तुरंत बाद महिला व्यायाम तो नहीं कर सकती है लेकिन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर भी महिला को अपनी बॉडी को शेप में लाने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं।

स्तनपान

महिला को डिलीवरी के बाद वजन कम करने के शिशु को स्तनपान जरूर करवाना चाहिए। क्योंकि स्तनपान करवाने से महिला के शरीर में कैलोरीज़ बर्न होती है। जिससे महिला की बॉडी को शेप में लाने में मदद मिलती है।

फाइबर युक्त आहार

फाइबर युक्त आहार का सेवन भी डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट करने में मदद करता है। क्योंकि फाइबर मेटाबोलिज्म को बेहतर करने व् पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करता है। जिससे महिला के वजन को नियंत्रित होने में मदद मिलती है।

तरल पदार्थों का भरपूर सेवन

तरल पदार्थ का भरपूर सेवन भी डिलीवरी के बाद महिला की बॉडी को शेप में लाने में मदद करता है। क्योंकि बॉडी के हाइड्रेट रहने से बॉडी में गर्मी आती है जिससे महिला के शरीर में कैलरीज़ बर्न होती है। साथ ही पानी का भरपूर सेवन करने यूरिन व् पसीने के माध्यम से बॉडी से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

तनाव न लें

डिलीवरी के बाद वजन कम करने के लिए और बॉडी को शेप में लाने के लिए महिला को तनाव भी नहीं लेना चाहिए। क्योंकि तनाव लेने से ब्लड में उन हॉर्मोंस की वृद्धि होती है जो महिला का वजन बढ़ा सकते हैं। लेकिन यदि महिला खुश रहती है तो ऐसा करने से भी महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

बैली रैप का इस्तेमाल

बैली रैप एक बेल्ट की तरह ही होता है जिसे डिलीवरी के बाद आप अपने पेट पर बाँध सकते हैं। और इस का इस्तेमाल करने से गर्भाशय के उत्तकों व् मांसपेशियों को जल्दी फिट करने में मदद मिलती है। जिससे डिलीवरी के बाद महिला की बॉडी को जल्दी शेप में आने में मदद मिलती है।

भरपूर आराम

डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी बॉडी को वापिस शेप में लाने के लिए भरपूर आराम करना चाहिए। क्योंकि आराम करने से महिला को तनाव, स्वास्थ्य से जुडी परेशानियों से निजात मिलता है। जिससे महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका डिलीवरी से पहले व् डिलीवरी के बाद ध्यान रखने से महिला को बहुत जल्दी अपनी बॉडी को शेप में लाने में मदद मिलती है।

दाढ़ी को तेजी से बढ़ाने के घरेलू उपाय

दाढ़ी, मर्दों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ उनकी पर्सनालिटी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वैसे तो अधिकतर मर्द अपने चेहरे को साफ़-सुथरा और क्लीन रखना पसंद करते है लेकिन बदलते वक्त के साथ-साथ आये फैशन में बदलाव के कारण आजकल के पुरुष बड़ी दाढ़ी रखना अधिक पसंद करते है। इस फैशन का सबसे अधिक ट्रेंड नौजवानो में देखने को मिलता है।

आज के समय में स्मार्ट और डैशिंग लुक पाना हर युवक की प्रथम चाह होती है। जिसके लिए वे बॉडी तो बनाते ही है साथ-साथ लम्बी दाढ़ी भी रखना पसंद करते है। शायद आप नहीं जानते लेकिन लड़कों की ये बड़ी दाढ़ी लड़कियों को भी आकर्षित करती है। और उन्हें ये बहुत पसंद भी आती है।

ऐसे तो एक उम्र के बाद सभी के दाढ़ी आती है लेकिन कई बार हॉर्मोन और जीन्स के कारण किसी को कम तो किसी को दाढ़ी आती ही नहीं। किसी की ग्रोथ जल्दी होती है तो किसी की काफी समय में बढ़ती है। इसीलिए आज हम आपको दाढ़ी बढ़ाने के कुछ सरल और घरेलू तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप भी दाढ़ी बढ़ा सकेंगे।

यह पढ़े : लड़कों की त्वचा निखारने के लिए उपाय

दाढ़ी बढ़ाने के घरेलू तरीके :-दाढ़ी को तेजी से बढ़ाने के घरेलू उपाय

1. सरसों :

दाढ़ी बढ़ाने के लिए सरसों भी काफी लाभदायक उपाय है। इसके लिए सरसों की पत्तियों को पीसकर उनमे आंवला के तेल की कुछ बूंदे मिला लें। अब इस पेस्ट को दाढ़ी वाले हिस्से पर अच्छी तरह लगाएं। पेस्ट के सूखने तक इन्तजार करें। और उसके बाद (20 मिनट बाद) चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। सप्ताह में 3 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें। आपकी दाढ़ी बहुत घनी होगी।

2. आंवले का तेल :

अगर आपके बालों की ग्रोथ सही नहीं है तो आपकी दाढ़ी भी घनी नहीं होगी। ऐसे में जरुरी है की आपके बालों की ग्रोथ पर ध्यान दिया जाए। अगर आपको लगता है की आपके बालों की ग्रोथ ठीक प्रकार से नहीं हो रही है तो आप इसके लिए रोजाना आंवले के तेल से मसाज करें। कम से कम 20 मिनट तक रोजाना मसाज करने से आपको फायदा होगा। मसाज करने के बाद चेहरे ठंडे पानी से जरुरी धोएं।

3. शेविंग :

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अगर आपकी दाढ़ी के बाल बहुत कम है या वे ठीक तरह से नहीं बढ़ रहे है तो इसके लिए आप शेविंग का इस्तेमाल कर सकते है। कहते है बालों के ग्रोथ की उलटी दिशा में शेविंग करने से दाढ़ी के बालों में वृद्धि बहुत तेज़ी से होती है। इसके साथ आप हफ्ते में कम से कम 3 बार शेव जरुरी करें। दाढ़ी के बाल बढ़ाने का ये तरीका बहुत अच्छा है।

4. पोषक तत्व :

दाढ़ी के बाल ठीक प्रकार से न बढ़ने का एक कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी है। ऐसे में आपको चाहिए की आप सभी प्रकार के पोषक तत्वों का सेवन करें। जैसे विटामिन बी1, बी6 और बी12 ये दाढ़ी के बाल तेज़ी से बढ़ाने में मदद करते है। साथ ही अपने खाने में विटामिन युक्त पदार्थों का सेवन करना शुरू कर दें।

5. ओलिव आयल :

ओलिव आयल की मदद से भी आप अपनी दाढ़ी के बालों को घना कर सकते है। इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं करना है बस रोजाना जैतून के तेल से अपनी दाढ़ी की मालिश करनी है।

6. दालचीनी :

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अन्य उपायों के अलावा कुछ मसालें भी है जिनसे दाढ़ी के बालों को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा नींबू का रस डालकर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर अच्छे से लगाएं। 15 मिनट तक लगाएं रखे और सूखने का इन्तजार करें। उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा साफ़ कर लें। हफ्ते में कम से कम 2 बार इस उपाय का प्रयोग करें परिणाम आपके सामने होंगे।

7. आहार :

शरीर में किसी भी कमी होने पर प्रभाव हमारी सुंदरता पर ही पड़ता है। अगर आपकी दाढ़ी के बाल भी तेजी से नहीं बढ़ रहे है या है ही नहीं तो हो सकता है आपके अंदर भी किसी तत्व भी कमी हो। इसीलिए अपने आहार में प्रोटीन वाले पदार्थों को सम्मिलित करें। क्योंकि प्रोटीन बालों को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है। इसके लिए आप मांस, मछली, अंड़ा और नट्स आदि का प्रयोग कर सकते है। या प्रोटीन युक्त सब्जियों और फलों का सेवन भी उत्तम रहेगा।

एबॉर्शन पिल खाने के बाद क्या क्या दिक्कत होती है

एबॉर्शन पिल खाने के बाद क्या क्या दिक्कत होती है

कम दिन की प्रेगनेंसी को खत्म करने के लिए महिला एबॉर्शन पिल का इस्तेमाल करती है। इसमें दो तरह की दवाई होती है एक होती है मिफेप्रिस्टोन और दूसरी होती है मिसोप्रोस्टॉल, इन दवाइयों को लेने के बाद गर्भाशय की ग्रीवा खुल जाती है जिसके कारण महिला अनचाहे गर्भ को गिरा सकती है। लेकिन यदि इन्हे गलत तरीके से लिया जाए और साथ ही यदि महिला का गर्भ ज्यादा दिन का होता है तो यह दवाई बिल्कुल भी असर नहीं करती है। और यदि गर्भ ज्यादा दिन का हो तो इसके लिए आपको डॉक्टर से ही राय लेनी चाहिए, क्योंकि घर में गर्भपात करने से महिला को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

एबॉर्शन पिल लेने के बाद महिला का अनचाहा गर्भ तो गिर जाता है। लेकिन इसे लेने के बाद महिला को बहुत सी परेशानियों का अनुभव करना पड़ सकता है। जैसे की महिला को ब्लीडिंग से जुडी परेशानी हो सकती है, बहुत कमजोरी का अनुभव, और भी बहुत सी दिक्कते आ सकती है। एबॉर्शन पिल लेने के बाद महिला को अपना अच्छे से ख्याल रखना चाहिए क्योंकि इस समय में यदि महिला लापरवाही करती है। तो उसे ज्यादा परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है। तो आइये आज हम आपको एबॉर्शन पिल लेने के दुष्प्रभाव व् यह तरीका गर्भपात के लिए कितना प्रभावी है इस बारे में बताते हैं।

एबॉर्शन पिल लेने का तरीका

एबॉर्शन पिल में दो तरह की गोलियां होती है सबसे पहले आपको खाली पेट मिफेप्रिस्टोन 200 mg लेनी होती है। यह गोली गर्भाशय की ग्रीवा को खोलने के साथ गर्भावस्था के लिए आवश्यक हॉर्मोन प्रोजेस्टेरोन को रोकने का काम करती है। उसके बाद चौबीस घंटे के बाद और अड़तालीस घंटे के पहले आपको मिसोप्रोस्टॉल की चार गोलियां लेनी होती है। यदि आप पहले या बाद में इनका सेवन करते हैं तो यह आपके लिए प्रभावी नहीं होता है। साथ ही ज्यादा दिनों की प्रेगनेंसी के लिए भी यह तरीका असरदार नहीं होता है।

एबॉर्शन पिल लेने का तरीका असरदार होता है?

महिला की प्रेगनेंसी यदि दो महीने तक की होती है तो यह तरीका 98% तक असरदार होता है। लेकिन यदि आपको तीन महीने के आस पास हो गया है और आप गर्भपात करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको डॉक्टर से ही बात करना चाहिए।और वैसे भी ज्यादा दिनों के गर्भ को घर में गिराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे महिला को परेशानी हो सकती है और इसके लिए आपको मेडिकल में दिए गए तरीके का इस्तेमाल ही करना चाहिए।

एबॉर्शन पिल लेने के दुष्प्रभाव क्या है

अब किसी चीज का फायदा होता है तो थोड़ा साइड इफ़ेक्ट भी होता है, ऐसे ही आपको एबॉर्शन पिल लेने के बाद थोड़ी बहुत समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। इसीलिए इस दौरान अपना अच्छे से ख्याल रखना चाहिए ताकि आपको इन परेशानियों से बचने में मदद मिल सकें। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की एबॉर्शन पिल लेने का क्या क्या दुष्प्रभाव होता है।

अधिक ब्लीडिंग

एबॉर्शन पिल लेने के बाद आपको अधिक ब्लीडिंग हो सकती है, और कई बार शुरुआत में कम होती है लेकिन उसके बाद तेजी से होती है। साथ ही आपको यह समस्या मासिक धर्म से ज्यादा दिन तक हो सकती है। ऐसे में आपको साफ़ सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए, और अच्छे सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए।

पेट में दर्द व् ऐंठन

मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को पेट में दर्द व् ऐंठन की समस्या रहती है, और ऐसा ही आपको एबॉर्शन पिल लेने के बाद भी होता है। यह दर्द भी सामान्य से अधिक हो सकता है, और साथ ही आपको पेट में ऐंठन की समस्या भी हो सकती है।

कमजोरी हो जाती है

एबॉर्शन पिल लेने के बाद आपको थोड़े दिन तक काफी कमजोरी महसूस होती है। जिसके कारण बहुत जल्दी थकावट आदि होने लगती है। ऐसे में महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए और भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए जिससे महिला को बॉडी में आई कमजोरी को दूर करने में मदद मिल सके। साथ ही कमजोरी के कारण शरीर में अंगो में दर्द होने की समस्या भी अधिक होती है।

बुखार

कई महिलाओं को एबॉर्शन पिल लेने के बाद बॉडी के तापमान में भी फ़र्क़ आ सकता है, जिसके कारण उन्हें बुखार हो सकता है। ऐसे में आप चाहे तो एक बार अपनी डॉक्टर से राय ले सकते है।

उल्टी व् जी मचलाना

दवाई का असर होने के बाद जी मचलाना व् उल्टी जैसी समस्या का सामना भी महिला को करना पड़ सकता है। और उल्टी आदि आने के कारण ज्यादा कमजोरी भी महसूस होने लगती है।

सर दर्द व् तनाव

जब आप एबॉर्शन पिल लेते हैं तो उसके बाद भी आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं जिसके कारण आपको मानसिक रूप से भी परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है, और ऐसे में कई बार सर दर्द के साथ तनाव होना भी आम बात होती है।

पीरियड्स प्रभावित हो सकते हैं

एबॉर्शन पिल लेने के बाद हो सकता है की दो से तीन महीनों तक आपका मासिक चक्र प्रभावित हो और ब्लीडिंग पर भी इसका असर दिखाई दें, ऐसे में घबराने की बात नहीं होती है यह धीरे धीरे ठीक हो जाता है।

एबॉर्शन पिल लेने के बाद के लिए टिप्स

  • महिला को अपने आहार के साथ लापरवाही नहीं करनी चाहिए और भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए।
  • साफ़ सफाई का ध्यान रखना चाहिए, और समय समय पर पैड बदलना चाहिए।
  • महिला को जितना हो सके आराम करना चाहिए।
  • एबॉर्शन पिल लेने के बाद जब आपको ब्लीडिंग होनी बंद हो जाए तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

तो यह हैं कुछ दुष्प्रभाव जो आपको एबॉर्शन पिल लेने से होते है इसके अलावा ब्लीडिंग के खत्म होने के बाद भी आपको डॉक्टर से चेक जरूर करवाना चाहिए। ताकि आपको बाद में कोई भी समस्या न हो। क्योंकि कई बार कुछ टिश्यू गर्भाशय में रह जाते हैं जो बाद में महिला के लिए परेशानी का कारण बन सकते है। और साथ ही गर्भपात के बाद महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए ताकि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होने में तेजी से मदद मिल सके।

Note: कृपया बिना किसी डॉक्टरी सलाह के कोई भी पिल्स नहीं लें ना तो एबॉर्शन करें। यहाँ दिए गए टिप्स सिर्फ जानकारी मात्र के लिए है जो की इंटरनेट के सर्च से ली गई हैं। ये कोई डॉक्टरी सलाह नहीं है ना तो किसी डॉक्टर की राय है।

गर्भवती महिला को उल्टी होना सही होता है या गलत

गर्भवती महिला को उल्टी होना सही होता है या गलत, गर्भावस्था में उल्टी, प्रेगनेंसी के दौरान अधिक उल्टी होने पर क्या करें, प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियां ,प्रेगनेंसी में उल्टी की समस्या से बचने के उपाय

गर्भावस्था के दौरान शारीरिक के साथ आंतरिक रूप से भी गर्भवती महिला में बदलाव देखने को मिलते हैं। साथ ही इस दौरान गर्भवती महिला की बॉडी में लगातार हार्मोनल बदलाव भी होते रहते हैं। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिला बहुत सी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से भी जूझती रहती है। जैसे की मॉर्निंग सिकनेस, थकान, कमजोरी, पसंद में बदलाव, भूख की कमी, उल्टी व् जी मिचलाने जैसी समस्या आदि। यह हर गर्भवती महिला को हो ऐसा कोई जरुरी नहीं होता है। यह हर महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है।

जैसे की कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान तीन महीने तक ही उल्टी की समस्या रहती है, तो कुछ महिलाएं पूरे नौ महीने तक इससे परेशान रहती है। वैसे उल्टी को प्रेगनेंसी के लक्षण के रूप में भी देखा जाता है। लेकिन यदि यह सामान्य हो तो ऐसा होना आम बात होती है, और यदि आपको उल्टी की समस्या अधिक हो, या कोई अन्य परेशानी भी अधिक हो तो ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

गर्भवती महिला को उल्टी होना सही होता है या गलत

गर्भवती महिला को उल्टी होने में किसी भी तरह की घबराने की बात नहीं होती है, लेकिन यदि महिला को बहुत ज्यादा उल्टी हो रही हो, कुछ खाते ही तुरंत उल्टी हो रही हो, कुछ पच न रहा हो, तो ऐसे में इसे अनदेखा करना भी सही नहीं होता है। क्योंकि इससे शरीर में कमजोरी, पानी की कमी, शिशु के पोषण में कमी, पेट के निचले हिस्से में दर्द, आदि की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में अधिक उल्टी होने पर इसे नज़रअंदाज़ न करते हुए आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपनी अच्छे से जांच करवानी चाहिए।

प्रेगनेंसी में उल्टी की समस्या से बचने के उपाय

यदि गर्भवती महिला को उल्टी की समस्या अधिक हो रही हो तो ऐसे में आप घर पर ही कुछ आसान उपचार कर सकती हैं, जिससे आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिल सके। तो आइये अब जानते हैं की गर्भवती महिला उल्टी की समस्या से बचने के लिए प्रेगनेंसी के दौरान कौन से टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है।

  • आंवले का मुरब्बा खाने से आपको उल्टी की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।
  • रात भर के लिए एक मुट्ठी काले चने एक गिलास पानी में भिगोकर छोड़ दें, उसके बाद सुबह उठकर इस पानी को छान लें और इसका सेवन करें।
  • तुलसी के पत्ते के रस को शहद के साथ चाटने पर भी आपको आराम मिलता है।
  • जो चीजे आपको पचाने में मुश्किल होती है उनके सेवन से बचें, और अधिक उल्टी होने पर हल्का, ताजा और पौष्टिक आहार लें।
  • निम्बू का रस, सेंधा नमक, जीरा पाउडर को एक गिलास पानी में मिलाकर पीएं यह भी काफी आरामदायक होता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी आने से जुडी कुछ बातें, और यदि आप भी गर्भवती है और आपको भी उल्टी की समस्या अधिक होती है तो आप भी ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल करने के साथ इस परेशानी से बचने के लिए एक बार डॉक्टर से राय ले सकती है।

मच्छर भगाने के 7 उपाय जानिए

गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ आतंकी मच्छर भी परेशान करना शुरू कर देते हैं। गर्मी के साथ बरसात के मौसम में भी मच्छर से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, खुजली, बॉडी पर लाल दाने जैसी शारीरिक समस्याएँ भी हो सकती हैं। ऐसे में लोग मच्छरों से बचाव के लिए बाजार में मिलने वाले केमिकल उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन महंगे होने के साथ कई बार यह आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आपकी सेहत को कोई नुकसान न हो और आपको मच्छरों से निजात मिल जाए इससे बचने के कुछ उपाय इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे है।

लहसुन और लौंग को अच्छे से पीसकर पानी में उबाल लें। अब उस पानी को स्प्रे बोतल में डालकर नियमित घर में छिड़काव करें। आपके घर में मच्छर दूर दूर तक नज़र नहीं आएंगे।

तुलसी का पौधा घर के आँगन के बीच में लगाएं। साथ ही तुलसी के पत्तों को पानी में डालकर उबाल लें। अब उस पानी का घर में स्प्रे करें। ऐसा करने से भी घर से मच्छरों को भगाने में मदद मिलती है।

दो निम्बू लें और उन्हें बीच में से काट दें उसके बाद निम्बू के हर टुकड़ें में पांच छह लौंग लगा दें। उसके बाद उसे घर के उन हिस्सों में रख दें जहां से मच्छर आते हैं। ऐसा करने से मच्छर यदि घर में नहीं आएंगे।

घर के खिड़की दरवाज़ों को बंद करके घर में कपूर जलाएं। कपूर की तेज गंध से भी मच्छरों को दूर भगाने में मदद मिलती है।

पुदीने के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें अब इस रस को बॉडी पर लगाएं। या फिर इसमें थोड़ा पानी मिलाकर घर में छिड़काव करें। पुदीने की तेज खुशबू से भी घर से मच्छरों को दूर भगाने में मदद मिलती है।

नीम के तेल को अपनी बॉडी पर लगाएं या फिर सुबह शाम घर में नारियल व् नीम के तेल को मिलाकर दिया जलाएं। ऐसा करने से भी घर से मच्छरों को दूर भगाने में मदद मिलती है।

लेवेंडर के तेल को स्प्रे बोतल में डालकर घर में रूम फ्रेशनर की तरह छिड़काव करें। ऐसा करने से भी घर से मच्छरों को दूर भगाने में मदद मिलती है। बॉडी पर लेवेंडर तेल लगाने से भी आपको मच्छर नहीं काटते हैं।

यदि आप भी घर से मच्छरों को दूर भगाना चाहते हैं तो आप भी इनमे से किसी भी टिप्स का नियमित इस्तेमाल करें। ऐसा करने से गर्मी हो चाहे बरसात हर मौसम में मच्छरों को दूर भगाने में मदद मिलती है।

तरबूज और खरबूजा खाने के फायदे गर्भावस्था में

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गर्मियों के मौसम में ठंडा खाने की इच्छा बहुत अधिक होती है, खासकर प्रेगनेंसी के दौरान तो गर्मी का अहसास और भी बढ़ जाता है। और ऐसे में तरबूज और खरबूजे का सेवन करने से न केवल गर्मी से राहत मिलती है, बल्कि यह स्वादिष्ट होने के साथ गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व भी प्रदान करता है। जैसे की खरबूजे में पोटेशियम, विटामिन ए और बीटा कैरोटीन, फाइबर जैसे पोषव तत्व होते हैं। साथ ही इनमे पानी की मात्रा भी अधिक होती है, जो की गर्मियों में गर्भवती महिला के लिए बहुत जरुरी होता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में खरबूजा व् तरबूज खाने से कौन कौन से फायदे मिलते है।

प्रेगनेंसी में खरबूजा खाने के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान खरबूजे में मौजूद पोषक तत्व गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास के साथ गर्भवती महिला को भी फिट रखने में मदद करते हैं। और प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली बहुत सी परेशानियों से भी निजात दिलाते हैं। तो लीजिये अब जानते हैं प्रेगनेंसी में खरबूजा खाने से कौन से फायदे मिलते हैं।

विटामिन सी होता है भरपूर

गर्भवती महिला को खांसी, जुखाम, फ्लू जैसे संक्रमण से बचाव करने में खरबूजे का सेवन बहुत मदद करता है। क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन सी गर्भवती महिला की इम्युनिटी को बढ़ाता है, जो संक्रमण से बचाव करने में मदद करते हैं।

कब्ज़ से राहत

कब्ज़ की समस्या से कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान बहुत परेशान रहती है। ऐसे में खरबूजे का सेवन करने से पेट से जुडी इस परेशानी को खत्म करने में मदद मिलती है, और पेट अच्छे से साफ हो जाता है।

एनीमिया से बचाव

आयरन से भरपूर होने के कारण यह गर्भवती महिला के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ावा देता हैं और हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है। जिससे प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली एनीमिया या खून की कमी के कारण होने वाली सभी परेशानियों से निजात दिलाने में मदद करता है।

विटामिन ए होता है भरपूर

विटामिन ए का प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर सेवन करने से शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलने के साथ जन्म के दौरान होने वाली शिशु को विकलांगता जैसी समस्या से बचाव करने में मदद करता है। साथ ही यह शिशु के गुर्दे, फेफड़े, आँखों, के बेहतर विकास में भी मदद करता है।

कैल्शियम करता है हड्डियों को मजबूत

कैल्शियम का भरपूर सेवन करने से गर्भवती महिला की हड्डियों को मजबूती मिलने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है। जिससे शिशु के बेहतर शारीरिक विकास में मदद मिलती है।

हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में लगातार हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं ऐसे में हार्मोनल असंतुलन होना प्रेग्नेंट महिला की परेशानी को बढ़ा सकता है। और खरबूजे का सेवन करने से गर्भवती महिला की बॉडी में हार्मोनल बैलेंस को बनाए रखने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी में तरबूज खाने के फायदे

तरबूज का सेवन गर्भवती महिला को बहुत फायदे मिलता है, यह न केवल प्रेगनेंसी में महिला के मुँह के स्वसद को बदलने में मदद करता है। बल्कि शिशु और महिला को फिट रखने में भी मदद करता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान तरबूज खाने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

पाचन तंत्र से जुडी परेशानियों को करता है खत्म

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान तरबूज का सेवन करने से पाचन तंत्र से जुडी समस्या जैसे की कब्ज़, गैस, एसिडिटी, सीने में जलन आदि का महसूस होना, जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।

ऊर्जा से रखता है भरपूर

तरबूज में काफी मात्रा में पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। साथ ही विटामिन ए, बी 1, बी 6 भी होता है जो की गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ ऊर्जा से भरपूर रखने में भी मदद करता है।

मॉर्निंग सिकनेस से आराम

प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या का होना आम बात होती है, जिसके कारण उल्टी आने का मन करना, जी मिचलाना जैसा महसूस होता है, ऐसे में आपको नाश्ते में तरबूज या उसके जूस को जरूर शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह गर्भवती महिला की मॉर्निंग सिकनेस की समस्या को खत्म करने में मदद करता है।

सूजन से निजात

हाथों पैरों में सूजन की समस्या भी कुछ गर्भवती महिलाओं में देखने को मिलती है, इसका कारण बॉडी में सोडियम का बढ़ना हो सकता है। ऐसे में तरबूज का सेवन करने से बॉडी में पानी की मात्रा को पर्याप्त बनाए रखने में मदद मिलती है, जो सोडियम के बैलेंस को बनाए रखने के साथ नसों और मांसपेशियों में होने वाले अवरोध को कम करता है जिसके कारण सूजन जैसी समस्या से प्रेगनेंसी के दौरान राहत पाने में मदद मिलती है।

डिहाइड्रेशन से राहत

तरबूज में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो गर्भवती महिला को डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाव करने में मदद करती है, और प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में पानी की मात्रा का पूरा होना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी जरुरी होता है।

शिशु के लिए होता है फायदेमंद

तरबूज का सेवन करने से केवल गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी बहुत से फायदे मिलते हैं। जैसे की शिशु की आँखों के लिए यह फायदेमंद होता है, शिशु की इम्युनिटी को बढ़ाता है, नर्वस सिस्टम के बेहतर विकास में मदद करता है, आदि। तो शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रेगनेंसी के दौरान तरबूज का सेवन जरूर करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ फायदे जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को तरबूज और खरबूजे का सेवन करने से मिलते हैं, इसीलिए गर्भवती महिला को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। साथ ही इनका बहुत अधिक सेवन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि जरुरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन करना गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही तरबूज के सेवन के बाद पानी नहीं नहीं पीना चाहिए क्योंकि इससे हैजा होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

Hindi Video : Pregnant Women Watermelon Khayen Ya Nahi?

Watermelon During Pregnancy

बरसात में कपड़ों से आने वाली बदबू को ऐसे दूर करें

बरसात का मौसम आते ही कपड़ों में से एक अलग तरह की बदबू आने लग जाती है। जैसे की कपड़ों में सीलन आ गई हो ऐसे में उन कपड़ों को यदि पहन कर जाना पड़ें तो उनमे से आने वाली बदबू के कारण आपको शर्मिंदा होना पड़ सकता है। साथ ही इस मौसम में भी शरीर से पसीना आना आम बात होती है, ऐसे में जब पसीने से आने वाली दुर्गन्ध और कपड़ों में से आने वाली बदबू मिल जाती है। तो और भी तेजी से बदबू आती है ऐसे में कई बार आपको दोस्तों के सामने हंसी का पात्र भी बनना पड़ता है। ऐसे में आपको बरसात के मौसम में कपड़ों से आने वाली इस समस्या से बचने के लिए क्या क्या करना चाहिए आइये जानते हैं।

बरसात में कपड़ों से आने वाली बदबू को दूर करने के टिप्स

बरसात के मुसम में कपड़ों से आने वाली दुर्गन्ध के कारण कई बार आपको दूसरों के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोग इस समस्या से बचने के लिए पता नहीं क्या क्या करते हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं मिल पाता है। तो लीजिए आज हम आपको बताते हैं की समस्या से बचने के लिए आप क्या क्या कर सकते हैं।

कपडे धोने के बाद उन्हें अच्छे से निचोड़ें

बरसात के मौसम में धूप का निकलना न निकलना एक ही बात होती है ऐसे में कपड़ों को अच्छे से न सूखने के कारण उनमे से स्मैल आ सकती हैं। इसके लिए आप जब भी कपडे धोते हैं तो उन्हें अच्छे से निचोड़ कर छटकना चाहिए ताकि उनमे से पानी अच्छे से निकल जाएँ। और उसके बाद उन्हें सुखाने के लिए आप पंखे के नीचे डाल दें। ऐसा करने से कपड़ों में से आने वाली बदबू की समस्या से निजात पाने में आपको मदद मिलती हैं। और कपड़ों को खुले में सुखाएं एक के ऊपर एक कपडा न डालें, क्योंकि इससे कपडे न तो अच्छे से सुख पाएंगे, और उनमे स्मैल होने लगेगी।

कपड़ों को आयरन करें

कपड़ों को धोने के बाद उन्हें पहनने से एक रात पहले ही अच्छे से उन्हें आयरन करें। और ऐसा करने के बाद आप उन्हें रात भर के लिए पंखे के नीचे ही रहने दें। ऐसा करने से आपको बरसात के मौसम में कपड़ों में से आने वाली बदबू से निजात पाने में मदद मिलती हैं। क्योंकि यदि कपडे अलमारी में रहते हैं तो उसमे से कई बार अलमारी में होने वाली सीलन के कारण बदबू आने लगती हैं, लेकिन यदि आप उन्हें पहनने से पहले आयरन करते हैं तो आपके कपड़ों में से बदबू नहीं आती हैं।

परफ्यूम या डीओ का प्रयोग

बरसात के मौसम में कपड़ों की बदबू और पसीना आने के कारण आपकी समस्या बढ़ सकती हैं। इसीलिए इस समस्या से बचने के लिए आप परफ्यूम या डी ओ का इस्तेमाल करें इससे आपको फ्रैश महसूस करने में मदद मिलती हैं। साथ ही आपको परफ्यूम या डी ओ अपने साथ ही रखना चाहिए। ताकि जब भी आपको ऐसा महसूस हो की आपके कपड़ों में से बदबू आ रही हैं तो आप उसी समय उस समस्या का समाधान कर सकें।

एक्स्ट्रा कपडे भी साथ रखें

कई बार ऐसा होता हैं की बरसात के मौसम में यदि आप कहीं बाहर जा रहे होते हैं या ऑफिस ही जा रहे होते हैं तो आप भीग जाते हैं। ऐसे में इस दौरान आपको अपने साथ एक जोड़ी एक्स्ट्रा कपडे जरूर रखने चाहिए ताकि यदि आपके कपडे भीग जाते हैं तो आप उन्हें बदल सकें जिससे आपके कपड़ों में से बदबू आने की समस्या से आपको निजात मिलेगा।

बेकिंग सोडा

बरसात के दिनों में कपड़ों को पानी में धोते समय उन्हें थोड़ा सा बेकिंग सोडा डालकर उसमे भिगोएं, और उसके बाद उन्हें अच्छे से पंखे के नीचे सुखाकर आयरन करें। इस तरीके का इस्तेमाल करने से भी आपको बरसात के दिनों में कपड़ों में से आने वाली बदबू से निजात पाने में मदद मिलती है।

सिरका

यदि आप मशीन में कपडे धोते समय डिटर्जेंट के साथ थोड़ा सिरका भी डाल देती हैं और उसके बाद कपड़ों को अच्छे से हवा में सुखाती हैं। तो ऐसा करने से भी कपड़ों में से बरसात के मौसन में जो स्मैल आती है उससे बचने में मदद मिलती है क्योंकि सिरके में मौजूद एंटी बैक्टेरियल गुण आपकी इस समस्या का समाधान करने में आपकी मदद करते हैं।

बरसात में कपड़ों की बदबू को दूर करने की अन्य टिप्स

  • नेप्थ्लीन की गोलियां यदि आप अलमारी में रखते हैं तो इससे कपड़ों में से आने वाली सीलन की बदबू को दूर करने में मदद मिलती है।
  • यदि धूप निकलती है तो हफ्ते में एक बार सभी कपड़ों को धूप जरूर दिखानी चाहिए।
  • बरसात के मौसम में हफ्ते में कम से कम एक बार अपनी अलमारी को अच्छे से साफ़ करें।
  • यदि अलमारी में आप महंगे कपडे रखती है जो की आप रोजाना इस्तेमाल करने वाले कपड़ों में नहीं पहनती है तो उन्हें रखने के लिए प्लास्टिक बैग या फिर अखबार का इस्तेमाल करें।
  • कपड़ों को अच्छे से सुखाने के बाद ही अलमारी में रखें क्योंकि यदि आप हलके गीले कपडे अलमारी में रख देती है तो इसके कारण दूसरे कपड़ों में भी बदबू होने लगती है।
  • यदि आप कपडे रखने से पहले अलमारी को कपूर के पानी से साफ़ करती हैं और उसके बाद अलमारी को अच्छे से सुखाने के बाद कपडे रखती हैं तो ऐसा करने से भी कपड़ों में से आने वाली बदबू की समस्या से आपको निजात मिलता है।
  • कपडे धोने के बाद उन्हें तुरंत सूखने के लिए डाल दें ज्यादा देर तक यदि आप कपड़ों को पड़े रहने देती हैं तो आपको कपड़ों में से आने वाली बदबू की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल करने से आपको बरसात में आने वाली कपड़ों की बदबू से निजात पाने में मदद मिलती है। साथ ही आपको कपड़ों में से आने वाली बदबू को दूर करने के लिए जब भी धूप निकलें तो उन्हें जरूर दिखाना चाहिए। बरसात के मौसम में अलमारी को भी थोड़ी देर के लिए खुला छोड़ दें ताकि कपडे में से बदबू न आए।