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त्वचा को प्राकृतिक रूप से गोरा बनाने के घरेलु उपाय

न केवल आज अपितु सदियों से महिलाओं में गोरा होने की चाहत देखी जाती है. गोरी व् निखरी त्वचा पाना किसे पसंद नहीं है. लेकिन हमारे वातावरण में बढ़ते प्रदुषण के कारण गोरी त्वचा पाना असम्भव सा प्रतीत होता है. बाजार में ऐसी कई क्रीम्स व् लोशन उपलब्ध है जो कुछ दिनों में रंग को गोरा करने का दावा करते है लेकिन क्या आप जानते है कई बार इनके प्रयोग से हमारी त्वचा को अत्यधिक हानि का सामना करना पड़ता है. क्योकि इस तरह के कास्मेटिक में ऐसे रसायनों का प्रयोग किया जाता है जो आपकी त्वचा के लिए हानिकारक होते है. ये कास्मेटिक कुछ समय के लिए तो हमें गोरा बना देते है लेकिन एक लम्बे समय के लिए संक्रमण और स्किन इन्फेक्शन जैसी समस्याओ को आमंत्रण दें देते है.

हमे अपनी त्वचा को गोरा करने के लिये इन सौंदर्य उत्पादो की अवश्यक्ता नही है क्योकि हमारे घर में ही ऐसे कई उत्पाद है जिनकी सहायता से गोरी त्वचा पाई जा सकती है और इनके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी आवश्यता नहीं है. हमारे विज्ञानं की कुछ विधियों द्वारा गोरी त्वचा पायी जा सकती है परन्तु उनके लिए बहुत से पैसे ख़र्च करने पड़ते है जो केवल कुछ ही लोगो के लिए संभव है. इसलिए आज हम आपके लिए ऐसे कुछ घरेलु उपाय लेकर आये है जिनकी मदद से बिना पैसे खर्च किये आप गोरी और निखरी त्वचा पा सकते है. आइए जानते है गोरी त्वचा पाने के घरेलु उपाय !

विधि : 1 कुछ बातो का ध्यान रखें :

1. धूप की किरणों से बचें :- हमारी त्वचा की टैनिंग और डार्क होने के मुख्य कारणों में से एक धूप की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों के संपर्क में आना है. ये किरणे हमारी त्वचा को हानि पहुंचाती है जिससे वो डार्क और टैन्युक्त हों जाती है. इसलिए जितना हो सके अपनी त्वचा को धूप की सीधी किरणों से बचाएं और जब भी बाहर जाये अपने हाथ, पैरो और चेहरे को ढ़के. इसके अलावा आप सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करके भी अपनी त्वचा को टैनिंग से बचा सकते है.

2. त्वचा की डेड स्किन को निकालें :- हमारी त्वचा पर मौजूद डेड स्किन भी हमें डार्क और खराब दिखा सकती है. इसलिए सप्ताह में कम से कम दो बार एक्स्फोलियेट अवश्य करें. इससे आपकी त्वचा पर मौजूद डेड स्किन निकल जाएगी और नई त्वचा बाहर आ जाएगी. एक बात और एक्स्फोलियेशन केवल तभी कारगर सिद्ध होगा जब आपकी त्वचा प्राकृतिक रूप से गोरी होगी अनयथा इसका प्रयोग व्यर्थ है.

विधि : 2 गोरी त्वचा पाने के घरेलु उपाय :

1. कच्चे आलू का प्रयोग करें :- आलू की खूबियों के बारे में हम आपको पहले से ही बताते आ रहे है. आलू में मौजूद कुछ पोष्टिक तत्व ऐसे होते है जो हमारी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद और गुणकारी होते है. यदि आप गोरी त्वचा पाना चाहते है तो कच्चे आलू का प्रयोग करें. आलू में विटामिन C की उच्च मात्र पायी जाती है जो त्वचा के रंग को हल्का करने में सहायता करती है. इसके लिए एक आलू लें और उसके मोटे टुकड़े कर दें. इनमे से एक टुकड़ा लें और हलके हलके हाथो से उसे उस भाग पर मेल जिसे आप गोरा करना चाहते है. आलू की नमी सुख जाने तक उसे मलते रहें. नमी सूखने के पश्चात अपने चहरे को गर्म पानी से धो लें.

fiar 12. स्टीम लें :- भाप हमारी त्वचा को स्वास्थ और चमकदार बनाती है. और स्वास्थ त्वचा अर्थात निखरी त्वचा ! इसलिए यदि आप गोरी त्वचा पाना चाहते है तो रोजना भाप लें इसे आपकी त्वचा साफ़ होने के साथ साथ गोरी भी होने लगेगी.

Fair 43. पुदीने की पत्तियों का प्रयोग करें :- पुदीने को भी त्वचा को निखारने का एक साधन माना जाता है. पुदीने में मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व आपकी त्वचा को बैक्टीरिया मुक्त और गोरा बनाते है. इस प्रयोग के लिए पुदीने की पत्तियां लें और उन्हें पानी में उबाल लें. उबालने के पश्चात उन्हें ठंडा होने दें और इस पानी से नहाएं. रोजाना इस पानी से नहाने से आपकी त्वचा के रंग में बदलाव आने लगेगा.

4. गुलाब जल को आजमाएं :- गुलाब जल में मौजूद विभिन्न तत्व हमारी त्वचा को निखारने में मदद करते है. यदि आप गोरी व् निखरी त्वचा पाना चाहते है तो रात्रि को सोने से पूर्व दूध में गुलाब जल मिलाए और त्वचा पर लगाए. कुछ ही दिनों के लगातार प्रयोग से आपकी त्वचा के रंग में बदलाव आने लगेगा.

fiar 35. नींबू के रस का प्रयोग करें :- नींबू को त्वचा में निखार लाने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है. इसमें अल्फा-हाइड्रोक्सी एसिड होता है जो त्वचा की डेड स्किन को निकलने में सहायता करता है. ये हमारी ऊपरी त्वचा को निकालकर भीतरी निखरी त्वचा को निकालता है जिससे अपने आप प्राकृतिक त्वचा बाहर आ जाती है. इसके लिए आधा नींबू लें और इसमें बराबर मात्रा में पानी मिलाए. इसको इतना पतला कर लें जिससे ये त्वचा पर जलन पैदा न करें और ज्यादा चिपचिपा न हों. इसके बाद इस मिश्रण को 20 मिनट तक अपनी त्वचा पर लगाए रखें और सूखने के बाद गर्म पानी से धो लें. प्रयोग को करने के बाद अपनी त्वचा पर मॉइस्चराइज़र जरूर लगाए क्योकि नींबू आपकी त्वचा को रखी बना सकता है.

विधि : 3 घर में बनाए मास्क का प्रयोग करें :

1. दलिया,टमाटर और दही का मास्क :- एक पात्र लें उसमे 1 चम्म्च दलिया डालें. इसके बाद इसमें 1 चम्म्च टमाटर और 1 चम्म्च दही मिलाए. अब इन तीनो पदार्थो को अच्छी तरह से मिश्रित कर एक मिश्रण तैयार कर लें. इसके बाद अपनी त्वचा को अच्छे से साफ़ करके उस पर ये मास्क लगाएं और 15 से 20 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें. सूखने के पश्चात इसे ठंडे पानी से धो लें. इसका प्रयोग करने से आपके रंग में अपने आप निखार आने लगेगा.

fiar 52. हल्दी से मास्क बनाए :- हल्दी में गोरा करने के प्राकृतिक गुण होते है जो आपकी त्वचा को निखारने में मदद करते है. इसी कारण शादी से पूर्व दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगायी जाती है ताकि उनकी सुंदरता को बढ़ाया जा सके. इसके लिए आपको कच्चा दूध, हल्दी, बेसन और चन्दन की आवश्यता होती है. सर्वप्रथम एक पात्र लें और उसमे 1 चम्म्च हल्दी डालें. अब उसमे दूध और बेसन मिलाए और अच्छे से मिक्स कर लें. इन तीनो को अच्छे से मिलाकर बने मिश्रण में चन्दन पाउडर डालें और फिर से अच्छे से मिला लें. इसके बाद इसे अपनी त्वचा पर लगा लें. याद रहे लगते समय ये पैक सूखे न वर्ना इसका असर नहीं होगा. 20 मिनट तक त्वचा पर लगे रहने के बाद इसे साफ़ पानी से धो दें. एक बात और इस उपाय का प्रयोग करने के बाद कम से कम 3 दिन तक धूप के संपर्क से बचें अन्यथा आपकी त्वचा और भी डार्क हों सकती है.

Fair 63. नींबू और शहद का मास्क लागए :- नींबू में एक प्रकार का एसिड पाया जाता है जो आपकी त्वचा को निखारने में मदद करता है. और शहद की विशेषताओं के बारे में हम आपको बताते आ रहे है. इसलिए जब इन दोनों पदार्थो को मिला दिया जाता है तो इनके गुण मिलकर हमारी त्वचा को नई रंगत प्रदान करते है. इस प्रयोग के लिए 1 चम्म्च नींबू का रस और शहद लें. अब इसमें दूध डालें और अच्छी तरह मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें. मिलाने के पश्चात इसे अपनी त्वचा पर लगाए और कुछ देर लगे रहने दें. इससे आपकी त्वचा मुलायम रहेगी और लम्बे समय तक त्वचा अपर निखार रहेगा.

Fair 74. दही और दूध का मास्क बनाए :- दूध और दही दोनों ही पौष्टिक तरल पदार्थो में से एक है. इन दोनों में एक प्रकार का पोषक तत्व पाया जाता है जिसे अल्फा-हाइड्रोक्सी एसिड कहा जाता है. ये हमारी डेड स्किन को बहुत कोमलता से निकालता है. इसका मास्क बनाने के लिए दूध या शुगरफ्री दही को ओटमील के साथ मिलाए और एक मिश्रण तैयार कर लें. अच्छी तरह से मिलाने के पश्चात इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाए और 20 मिनट तक लगे रहने दें. 20 मिनट बाद गर्म पानी से इस मास्क को धो दें. इसके अलावा आप बिना ओटमील के भी दूध व् दही का प्रयोग कर सकते है.

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आँखों के नीचे आये डार्क सर्कल हटाने के घरेलु उपाय

आज कल के दौर में सुन्दर दिखना व् होना एक प्रतियोगिता जैसा होता जा रहा है. यहाँ हर कोई एक दूसरे से खूबसूरत दिखना चाहता है. सुन्दर दिखना इतना मुश्किल नहीं है जितना आप सोचते है. क्योकि सुन्दर दिखना एक ओर से आपके हाथ में है. लेकिन ऐसी स्थिति में आपके आँखों के नीचे काले घेरे आना आपकी इस इच्छा को समाप्त कर सकता है. काले घेरे होना कोई प्राकृतिक समस्या नहीं है. ये हमारी स्वास्थ के प्रति की गयी लापरवाही की देन होते है. काले घेरे आपके शरीर में आई कमजोरी व् देर रात तक काम करने जैसे कई कारणों के कारण उत्पन्न होते है. इस तरह की समस्या से ज्यादार युवा ग्रसित रहते है और इन्हे छुपाने के लिए कास्मेटिक का प्रयोग करते है जो उनकी त्वचा के लिए हानिकारक होते है.

आँखों के नीचे आये काले घेरे हमें अत्यधिक बूढ़ा और कमजोर दिखाते है. लेकिन कई बार ये अनुवांशिकता (Heredity) के कारण भी आ जाते है. न केवल महिलायें अपितु पुरुष भी इस समस्या से परेशान रहते है. इस समस्या के कारण कई व्यक्तिओ को अपने सगे सम्बन्धियों के समक्ष शर्मिंदा होना पड़ता है. यदि आप भी इस समस्या से ग्रसित है तो परेशान न हों, आज हम आँखों के नीचे आये काले घेरो को समाप्त करने के कुछ घरेलु उपचारों के बारे में आपको बताने जा रहे है. इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है. इन घेरलू उपचारों को हमारे पूर्वजो ने अच्छी तरह से जांचा परखा हुआ है. तो आइये जानते है आँखों के नीचे आये काले घेरो को हटाने के घरेलु उपाय !

विधि : 1 काले घेरे हटाने के प्राकृतिक उपाय :

dark 21. खीरे का प्रयोग करें :- खीरा हमारी रोज़ की आवश्यकताओं में आने वाला खड़ी पदार्थ है, जिसको बहुत गुणवान माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते है की खीरा आँखों के नीचे आये काले घेरो को कम करने के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है. खीरे को त्वचा के लिए सबसे महत्वपूर्ण औषधिओ में से एक माना जाता है. खीरे में एक तत्व पाया जाता है जिसे एस्ट्रिंजेंट कहा जाता है जो त्वचा के काले पन को दूर करने में सक्षम होता है. इसके लिए एक खीरा लें और उसके टुकड़े कर लें. टुकड़े करने के पश्चात उसे फ्रिज में रख दे जिसे उसमे ठंडक आ जाये. कुछ देर बाद उसे फ्रिज से निकालकर धीरे धीरे अपने काले घेरो पर मलें. इसके अलावा आप खीरे के गुदे को नींबू में मिश्रित कर भी प्रयोग कर सकते है. इसके लिए खीरे के गुदे को निकालकर उसमे नींबू का रस मिलाए. मिलाने के पश्चात उसे प्रभावित क्षेत्र में लगाए और 15 मिनट के लिए लगे रहने दें. इसके बाद इसे ठंडे पानी से धो लें. कुछ ही दिन के लगातार प्रयोग से आपको बेहतर परिणाम प्राप्त होने लगेंगे.

2. बादाम के तेल का प्रयोग करें :- बादाम को सबसे गुणवान ड्राई फ्रूट्स में से एक माना जाता है. इसका प्रयोग अक्सर हम अपनी नियमित डाइट में करते है. बादाम के तेल का प्रयोग हम अपने बालों में मजबूती लाने के करते है लेकिन इसकी एक खूबी ये भी है की इसका प्रयोग त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए भी कर सकते है. इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है. सर्वप्रथम रात्रि को कुछ बादाम भिगो दें. सुबह इन्हे पीसकर इनका तेल निकाल लें. इसके पश्चात इसे आंखो के नीचे आये काले घेरों पर लगाये. बेहतर होगा यदि इसका प्रयोग रात्रि मे किया जाएँ ताकि बादाम के तेल को कार्य करने क़े लिये अधिक समय मिल जाए. इसके पश्चात सुबह इसे ठन्डे पानी से धो लें. कुछ ही दिनों के प्रयोग से आपको इच्छित परिणाम प्राप्त होंगे. यदि आप अपना ज्यादा समस्य TV व् कंप्यूटर आदि के सामने व्यतीत करती है तो इसका नियमित प्रयोग करें.

dark 33. टमाटर को आजमाएं :- सुनने में थोड़ा अटपटा है लेकिन ये सत्य है की काले घेरो को टमाटर के प्रयोग द्वारा भी समाप्त किया जा सकता है. टमाटर एक खट्टा खड़ी पदार्थ है लेकिन इसमें मौजूद ब्लीच के गुण आपकी त्वचा को निखारने में मदद कर सकते है. इसके लिए टमाटर के रस के साथ 1 चम्म्च नींबू का रस लें और उनके मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें. इसके पश्चात इस मिश्रण को 10 मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्र पर लगा रहने दें. 10 मिनट बाद इसे ठन्डे पानी से धो लें. यदि आप नींबू का प्रयोग नहीं करना चाहते है तो परेशान न हों आप केवल टमाटर के रस का भी प्रयोग कर सकते है. इसके अलावा टमाटर के जूस में पुदीने के पत्तियां, नमक व् नींबू के रस का सेवन करेंगे तो जल्द ही आप इन काले घेरो से निजात पा लेंगे.

4. कच्चे आलू का प्रयोग करें :- यदि आप अपने काले घेरो को पूरी तरह से समाप्त करना चाहते है तो कच्चे आलू के रस का प्रयोग करें. कच्चे आलू आसानी से उपलब्ध होने वाला खाद्य पदार्थ है जिसका प्रयोग हम अपनी दैनिक जरूरतों में करते है. आँखों के नीचे से काले घेरो को समाप्त करने के लिए कच्चे आलू का एक टुकड़ा लें और इसे अपने आँखों के नीचे मलें. इसके अलावा आप इसके मिश्रण का भी प्रयोग कर सकते है. सबसे पहले आलू का पेस्ट बना लें. उसके बाद इसे 30 मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्र पर लगे रहने दें. सूखने के बाद इसे ठन्डे पानी से धो लें.

dark 45. टी बैग्स का प्रयोग करें :- टी बैग्स में एक प्रकार का पोषक तत्व होता है जिसे एंटी ऑक्सीडेंटस कहा जाता है. ये तत्व हमारे शरीर में मौजूद ऑक्सीडेंट्स को समाप्त करते है. आँखों के नीचे काले घेरो का सबसे बड़ा कारण ऑक्ससिडेंट्स की मौजूदगी होती है. इस प्रयोग के लिए 2 टी बैग्स लें जिनका प्रयोग किया जा चूका हों और उन्हें फ्रिज में रख दें. इसके बाद सपाट अवस्था में लेट जाए और अपनी दोनों आँखों पर टी बैग्स रख लें. इसके पश्चात 10 से 15 मिनट के लिए इन्हे ऐसे ही रखे रहने दें. 15 मिनट बाद टी बैग्स हटाएं और अपने चेहरे को अच्छी तरह पानी से धो लें. अच्छे परिणाम पाने के लिए हफ्ते में दो बार इसे दोहराए.

विधि : 2 काले घेरो को दूर करने के घरेलु मिश्रण :

1. दूध, खीरा व् नींबू का मिश्रण :- दूध एक पौष्टिक आहार है जिसका सेवन करने से आपकी हड्डिया मजबूत होती है, लेकिन क्या आप जानते है इसके साथ नींबू व् खीरे के रस को मिलाकर इसका प्रयोग किया जाए तो काले घेरो को 15 से 20 दिन में खत्म किया जा सकता है. सर्वप्रथम एक चम्म्च गाय का कच्चा दूध लें और इसमें चम्म्च ताजे खीरे का रस मिलाएं. इसके पश्चात इसमें नींबू के रस की 2 से 3 बूंद मिलाए और तीनो को अच्छी तरह से मिश्रित कर लें. अब इन्हे ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें. ठन्डे होने के बाद कॉटन की मदद से इसे अपने काले घेरो पर लगाए और 5 से 6 मिनट के लिए लगे रहने दें. ध्यान रहे इसका प्रयोग करते समय अपनी आँखे बंद रखें. 5 मिनट बाद इसे ठन्डे पाने से धो लें.

daark 72. हल्दी और शहद का प्रयोग करें :- हल्दी का प्रयोग रंग को निखारने के लिए किया जाता है जबकि शहद में दाग धब्बों को दूर करने के गुण होते है. यदि इन दोनों को मिलाकर प्रयोग में लाया जाये तो ये त्वचा के लिए गुणकारी सिद्ध होते है. ये आपकी त्वचा को स्वास्थ रखने के साथ साथ उसमे मौजूद अशुद्धियों को भी समाप्त करते है. इसके लिए ताज़ी हल्दी और शहद को मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें और इस मिश्रण को अपनी आँखों के आस पास व् पलकों पर लगाए. लगाने के आधे घंटे बाद इसे रुई से साफ कर लें और फिर ठन्डे पानी से अपना चेहरा धो दें. इसको दिन में दो बार प्रयोग में लाये. कुछ ही समय में आपको इसके परिणाम दिखने लगेंगे.

dark 83. दूध व् केसर को आजमाए :- दूध के गुणों के बारे में तो हम आपको बता ही चुके है लेकिन यदि इसके साथ बेदाग त्वचा प्रदान करने वाले केसर को मिला दिया जाए तो आपके आँखों के काले घेरो से छुटकारा पाया जा सकता है. एक चमच्च कच्चा गाय का दूध लें और उसमे केसर के कुछ दाने रात भर भिगो दें. सुबह इन दानो को दूध में तोड़ लें और प्रभावित क्षेत्र पर लगाए. लगभग 2 से 3 मिनट तक इस मिश्रण से अपनी आँखों पार मालिश करें. इसके एक से ज्यादा कोट का भी प्रयोग किया जा सकता है परन्तु ध्यान रहे इसे सूखने न दें. 15 से 20 मिनट पश्चात अपनी आँखों को धो लें. इसका 10 से 15 दिन तक लगातार प्रयोग करें और बेहतर परिमाण प्राप्त करें.

4. नारियल के तेल का चयन करें :- नारियल के तेल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंटस पाये जाते है जो हमारे त्वचा से काले पन को दूर करने में सहायता करते है. जल्द और अच्छे परिणाम पाने के लिए 15 दिन तक दिन में 3 बार इसका प्रयोग करें. इसके लिए थोड़ा सा नारियल का तेल लें और हलके हाथो से आँखों के आस पास के भाग पर मालिश करें. मालिश करने के बाद 1 घंटे तक तेल को लगे रहने दें. एक घंटे बाद गीली रुई की मदद से इसे साफ कर लें और चहरे को ठन्डे पानी से धो लें.

Pimples 25. मेथी के बीजों का प्रयोग करें :- मेथी के बीजों में त्वचा में आई अयाधिक रंजकता को दूर करने के गुण होते है. काले घेरो के लिए एक चम्म्च मेथी के बीजों को रात भर कच्चे दूध में भिगोए रखें और सुबह दूध के साथ पीस कर एक पेस्ट तैयार कर लें. इसके बाद इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगा कर 15 मिनट सूखने के लिए छोड़ दें. सूखने के पश्चात साफ़ पानी से इसे धो लें. इस विधि का निरन्तर प्रयोग करने से आपके काले घेरे जल्द ही समाप्त हों जायेंगे.

6. आँखों के नीचे आये काले घेरो का कारण :-
त्वचा की रंजकता
नाक बंद होना
अस्वास्थ्यकर भोजन
आनुवांशिकता
समय पर न सोना
कमजोरी आना

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चेहरे के दागों से छुटकारा पाने के घरेलु उपाय

हर व्यक्ति की जिंदगी में एक अवधि ऐसी आती है जब उसे मुंहासों के प्रकोप का सामना करना पड़ता है, फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता. व्यक्ति की किशोरावस्था या युवावस्था के दौरान उसके शरीर में कई तरह के हॉर्मोंस परिवर्तित होते है जिसके कारण उनके शरीर में कुछ बदलाव आता है. मुंहासों होना भी इन्ही में से एक है. मुंहासों होना कोई असाधारण बात नहीं है इसलिए इसका सामना हर किसी किसी को करना पड़ता है. संभव है की आप भी इस समस्या से जूज रहे होंगे. पर क्या आप जानते है की मुंहासों को ख़त्म करना कितना मुश्किल है ? लेकिन इससे भी मुश्किल मुंहासों के खत्म हो जाने के बाद रह जाने वाले दागों को हटना है. ये दाग कुछ इस तरह के होते है की आप के चहरे की रंग रूप और सुंदरता को नष्ट कर देते है. ऐसे में इनसे छूटकारा पाना अत्यन्त महत्वपूर्ण हो जाता है.

अक्सर देखा जाता है की व्यक्तिओ को इन दागों के कारण अपने मित्रो व् सगे सम्बन्धियों के समक्ष शर्मिंदा होना पड़ता है. जो आपके आत्मविश्वास को भी समाप्त कर सकता है. कुछ व्यक्ति विशेषकर लड़कियां इन दागों को छुपाने के लिए मेकअप का प्रयोग करती है लेकिन आपको बता दे ये बिलकुल गलत है क्योकि कास्मेटिक में कई तरह के केमिकल्स मिलाए जाते है जो मुंहासों को उत्पन्न कर सकते है. इसलिए जितना हो सके अपने दागों को छुपाने के लिए मेकअप का प्रयोग न करें. आपके घर में मौजूद बड़े बूढ़ों ने इन दागों से छुटकारा पाने के घरेलु उपचारों के बारे में अवश्य बताया होगा. लेकिन हम जानते है की आप उन्हें आजमाने में थोड़ा हिचकिचाते है. परन्तु इन उपचारों से मिलने वाले परिणाम इतना प्रभावी है की आपके दाग कुछ ही समय में कम होते चले जायेंगे और समाप्त हो जायेंगे.

कुछ समय पहले तक इस तरह के दाग धब्बों से छुटकारा पाने के वैज्ञानिक तरीकों का आविष्कार नहीं हुआ था लेकिन आज इनके आ जाने के बाद धीरे धीरे दागों की समस्याओं का समाधान संभव होने लगा है. परन्तु कई बार ये उपाय भी कारगर सिद्ध नहीं हो पाते क्योकि कुछ लोगों के चेहरे पर वंशुनागत (Hereditary) समस्या की वजह से इस तरह की अशुद्धियाँ आती हैं. इसलिए जब आपकी समस्या का समाधान न हो तो घरेलु नुस्खों को आजमाना चाहिए. आज हम आपको ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे है जो सस्ते होने के साथ साथ फायदेमंद भी है. तो आइए जानते है मुंहासों के दागों को चहरे से हटाने से घरेलु उपाय !

विधि : 1 चेहरे से मुंहासों को हटाने के घरेलु उपाय :

Pimples1. मेथी के पेस्ट का प्रयोग करें :- मेथी को सबसे गुणवान माना जाता है. इसका प्रयोग करने से किसी भी प्रकार के दाग धब्बों को कम किया जा सकता है. आप मेथी के पत्तो का पेस्ट बनाकर फेस पैक बना कर लगाए आपको अच्छे परिणाम अवश्य प्राप्त होंगे.

इसके लिए मेथी के बीजों को उबाल लें और उसका पेस्ट बना लें. इसके बाद पेस्ट को दाग धब्बों पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक लगे रहने दें. उसके पश्चात इसे ठन्डे पानी से धो लें. इसके अलावा आप मेथी की पत्तियों को पीसकर उनका पैक बनाकर भी प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते है.

hair 62. नींबू का प्रयोग करें :- नींबू में कई तरह के विटामिन्स पाये जाते है जो आपकी त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होते है. इसके लिए एक नींबू लें उसके रस को निकाल लें और एक कॉटन की मदद से अपने चेहरे पर लगाएं. लगाने के बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें. रस के सूखने के पश्चात ठन्डे पानी से धो लें. नींबू का रस एक प्राकृतिक ब्लीच का कार्य करता है जो आपकी त्वचा को दाग धब्बों से मुक्त कराने के साथ साथ चमकदार भी बनाता है.

Pimples 43. चन्दन व् गुलाबजल आजमाएं :- चन्दन एक प्राकृतिक जड़ी बूटी होने के साथ साथ रंग निखारने का एक साधन भी है. इसी तरह गुलाबजल विभिन्न विटामिनों से परिपूर्ण तरल है. यदि इन दोनों को मिला दिया जाये तो इनके गुण मिलकर त्वचा के लिए कारगर सिद्ध हो सकते है. चेहरे से दागों को हटाने के लिए गुलाब जल और चन्दन को मिला लें. और 1 घंटे के लिए चेहरे पर लगा छोड़ दें (यदिसंभव हो तो पूरी रात इसे लगा रहने दें) और फिर ठन्डे पानी से धो लें. ये आपके चेहरे से दाग धब्बों को हटाएगा और गड्डो को भी भरेगा.

Pimples 34. ओलिव आयल और टी ट्री तेल का प्रयोग करें :- हमारे रसोईघर में मौजूद तेलों के द्वारा भी इन दाग धब्बों से छुटकारा पाया जा सकता है. ओलिव आयल को त्वचा की सबसे अचूक औषधि माना जाता है. इसके प्रयोग से दाग धब्बे तो कम होते ही है साथ साथ भविष्य में उत्पन्न होने वाले कील मुंहासे भी समाप्त हो जाते है. टी ट्री तेल एक विशेष तेल है जिसे ऑस्ट्रेलिया से आयत किया जाता है. ओलिव आयल की भांति ये तेल भी त्वचा से दाग धब्बे हटने का प्रसिद्ध उपचार है.

Pimples 55. खीरे का प्रयोग करें :- खीरा एक फल होने के साथ एक उपचार भी है जिसके प्रयोग चेहरे से डेग धब्बों को समाप्त करने के लिए किया जाता है. खीरे का सेवन करने से त्वचा स्वस्थ और तन्दुरुस्त रहती है जिससे उस पर किसी तरह की अशुद्धियाँ नहीं रहती. पर क्या आप जानते है की खीरे को अपने चेहरे पर लगाने से मुंहासों के दागों से छुटकारा पाया जा सकता है. हमारे द्वारा प्रयोग किये जाने वाले कास्मेटिक में भी खीरे की मौजूदगी होती है. इसके अलावा आप करौंदे के लेप का भी प्रयोग कर सकते है. इससे आपके मुंहासों और उनके दागों से राहत मिलेगी.

Pimples 66. ठंडक देने के लिए आइस क्यूब का प्रयोग करें :– जब आपके चेहरे पर मुंहासों आते है तो उसका तापमान बहुत बढ़ जाता है जिसके कारण उस अपर जलन होने लगती है. इस जलन से छुटकारा पाने के लिए आइस क्यूब का प्रयोग किया जा सकता है. इससे आपके चेहरे पर जलन कम होगी और उसकी लालिमा व् सूजन से राहत मिलेगी. इसके लिए एक आइस क्यूब लें और उसे एक कपडे में लपेट कर चेहरे पर हलके हाथो से मलें. अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए ऐसा प्रतिदिन 10 से 15 मिनट के लिए करें.

Pimples 77. एलोवेरा का प्रयोग करें :- एलोवेरा एक प्रकार का वनस्पति पौधा है जिसका प्रयोग किसी भी प्रकार से किया जा सकता है. उन्ही में से एक चेहरे से दाग धब्बों को हटाना. इसके जेल (Jel) में एक तरह का प्राकृतिक पोषक तत्त्व पाया जाता है जो त्वचा की निखारने व् उसपे मौजूद अशुद्धियों को समाप्त करने का कार्य करता है. इसके प्रयोग से कील मुंहासों और दाग धब्बों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है. बेहतरीन परिणामों के लिए इसका नियमित प्रयोग करें.

8. घर में बने पैक्स का प्रयोग करें :- मुंहासों के दागों से छुटकारा पाने के लिए घर में बने फेस पैक्स का प्रयोग किया जा सकता है. आप निम्लिखित विधियों से घर में फेस पैक तैयार कर सकते है :

Pimples 8* शहद – शहद को सबसे गुणवान माना जाता है इसके प्रयोग से चेहरे की अशुद्धियों को समाप्त किया जा सकता है. इसके लिए 2 चम्म्च शहद लें और उसे चेहरे पर लगाएं. लगाने के पश्चात इसे 15 से 20 मिनट के लिए रहने दें. सूखने के पश्चात इसे गुनगुने पानी से धो लें. ये एक सरल और आसानी से बनाया जाने वाला पैक है जिसकी सहायता से चेहरे के दाग धब्बों से छुटकारा पाया जा सकता है.

* दलिया – दलिये का प्रयोग अक्सर मरीजों के खाद्य पदार्थ के रूप में किया जाता है. लेकिन इसका प्रयोग आपके चेहरे को सुन्दर व् आकर्षक बनाने के लिए भी किया जा सकता है. कई लोग इसका सेवन अपने नाश्ते में करते है और कई दोपहर के खाने में. दलिये का फेस पैक आपके चेहरे के दाग धब्बों को समाप्त काटने की क्षमता रखता है. इसके लिए 1/4 कप दलिया लें और उसमे 2 चम्म्च शहद मिलाएं. मिलाने के पश्चात इस मिश्रण को दाग धब्बों वाले क्षेत्र में लगाएं और 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें. इसे हटाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें.

Pimples 9* दालचीनी – आप दालचीनी का प्रयोग भी कर सकते है. इसका प्रयोग हमारे खाने के मसालों में किया जाता है. इसका पाउडर हमारे चेहरे में मौजूद अशुद्धियों को कम करने के कार्य करता है. इसका पैक बनाने के लिए एक बर्तन में 1 चम्म्च दालचीनी का पाउडर डाल लें और इसमें 1 चम्म्च शहद मिलाएं. अब इन दोनों को अच्छे से मिलाएं और इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. 1 घंटे तक सुखाने के पश्चात इसे गुनगुने पानी की सहायता से धो दें.

* एस्पिरिन – ये एक एलोपैथिक दवाई है जिसका प्रयोग अक्सर किया जाता है. आपने भी कभी न कभी इसका प्रयोग अवश्य किया होगा क्योकि इसमें मौजूद पदार्थो से आपकी त्वचा को पोषक तत्व मिलते है जिससे त्वचा में मौजूद अशुद्धियों को समाप्त किया जा सकता है. इस फेस पैक को बनाने के लिए 2 से 3 एस्पिरिन की गोली, पानी की कुछ बुँदे और 1 चम्म्च शहद लीजिए और तीनो को एक साथ मिला लीजिए. मिलाने के पश्चात इसके पैक को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक चेहरे पर लगे रहने दें. इसके बाद गुनगुने पानी से साफ़ कर दें.

Pimples 09* कच्चे आलू – इसका प्रयोग प्रतिदिन प्रयोग होने वाले खाद्य पदार्थो में किया जाता है. पर क्या आप जानते है की इसका प्रयोग चेहरे के दाग धब्बों को हटाने के लिए भी किया जा सकता है. आलू में ऐसे गुण पाए जाते है जो चेहरे की अशुद्धियों को समाप्त कर उनसे सुन्दर व् स्वस्थ बनाते है. इसके लिए एक कच्चा आलू लें और इसे छील कर गोलाकार में काट लें. इसके बाद आलू के टुकड़ो को अपने चेहरे के प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. चेहरे से दाग हटाने के लिए आलू का प्रयोग इसे मैश करके या पिसके भी किया जा सकता है. इन्हे पीसने के पश्चात 15 से 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं और फिर गुनगुने पानी की सहायता से धो दें. कुछ ही दिनों के निरंतर प्रयोग से आपके दाग धब्बों में फर्क नज़र आने लगेगा.

Title : muhaaso ke baad aaye daago se paayen chutkara, chehre ke daago ko hatane ke gharelu nuskhe, muhaase ke daago ka desi ilaaj, daago se chutkara

कैसे पाएं कटे फ़टे होंठो से छुटकारा ?

होंठ हमारे चेहरे की सुंदरता में चार चाँद लगाते है ऐसे में इनका फटना दर्दनाक और हमारी सुंदरता को कम कर देने वाला हो सकता है. होंठ फटना एक आम बात है जो हर दूसरे व्यक्ति के होती है. ये कोई भयावह समस्या नहीं है परन्तु समय रहते यदि इसका इलाज न किया जाए तो ये अत्यन्त पीड़ादायक और असहनीय सिद्ध हो सकती है. गर्मी हो या सर्दी होंठ फटना एक आम बात है. आज कल के प्रदुषण भरे वातावरण में रहना भी होंठ फटने का एक मुख्य कारण है.

हमारे होंठ हमारी ओरल हेल्थ का हिस्सा है जिनका स्वस्थ होना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की हमारे दांतों का. हम अक्सर देखते है की महिलाएं अपने होंठो को खूबसूरत बनाने के लिए कई तरह के कॉस्मेटिक्स और लिपस्टिक का प्रयोग करती है. परन्तु वे नहीं जानती की उनके द्वारा प्रयोग की जा रही वस्तुओं में विभिन्न प्रकार के रसायनों को मिलाया गया है जो हमारे होंठो की त्वचा को खराब करते है. इन उत्पादों के प्रयोग से हमारे होंठो की प्राकृतिक सुंदरता समाप्त हो जाती है जिससे वे या तो फटने लगते है या काले पड़ जाते है. लम्बे समय तक होंठो का फ़टे रहना किसी गंभीर बिमारी का लक्षण हो सकता है. परन्तु हमारे घरेलु उपचार द्वारा उस समस्या से छुटकारा पाया जाता है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ घरेलु नुस्खो के बारे में बताने जा रहें है जिनकी मदद से आप अपने फटे होंठो की देखभाल कर सकते है. परन्तु एक बात याद रहे की यदि इनके प्रयोग से भी आपकी समस्या हल न हो तो अपने डॉक्टर से जा के अवश्य मिलें क्योकि किसी बिमारी का भी संकेत हो सकते है.

होंठो की देखभाल के घरेलु उपचार :

विधि : 1 घरेलु नुस्खों का प्रयोग करें :

lips 21. तरल पदार्थ का सेवन करें :- यदि आप अपने कटे फ़टे होंठो से परेशान है जो जितना हो सके तरल पदार्थ का सेवन करें ताकि आपके होंठो को पर्याप्त मात्रा में नमी मिल सके और वे सूखे नहीं. हो सके तो दिन में 8 से 10 गिलास पानी का सेवन करें. होंठो के फटने का कारण शरीर में पानी की कमी का होना भी है.

lips 32. होंठो को न चबाये :- हम अक्सर देखते है की होंठ फटने के पश्चात उनके ऊपर एक हलकी सी परत उखड़ने लगती है जिसे हम उखाड़ने का प्रयत्न करते है. जो की उचित नहीं है, क्योकि यदि आप ऐसा करते है तो आपके होंठों से खून निकलने की सम्भावनाएं बढ़ जाती है. इसलिए जितना हो सके होंठो को चबाने या कुरेदने से बचना चाहिए.

lips 43. मृत त्वचा को हटा दें :- आपके होंठो पर एकत्रित मृत त्वचा को हटाना आवश्यक है क्योकि इससे रोग भी हो सकता है. इस त्वचा को हटाने के लिए आप स्क्रब्स का प्रयोग भी कर सकते है. इसके लिए नमक और चीनी के स्क्रब का प्रयोग करें. ऐसा करने से आपके होंठो की मृत त्वचा निकल जाएगी और नई त्वचा आ जाएगी. इसके अलावा आप टूथब्रश का भी प्रयोग कर सकते है, परन्तु एक बात का ध्यान अवश्य रखें की वो साफ हो. एक बात और सोप बेस्ड स्क्रब का प्रयोग बिलकुल न करें क्योकि ये आपके होंठो से नमी को निकाल उन्हें और सूखा बना सकते है.

lip 54. बाज़ार में उपलब्ध लिपबाम का प्रयोग करें :- यदि आप भी होंठ फटने से परेशान रहते है तो इससे राहत पाने का एक उपाय बाजार में उपलब्ध लिपबाम है. इनमे एक तरह का तत्व होता है जो होंठो को नमी प्रदान करता है और उन्हें फटने से बचाता है. ऐसे लिपबाम का प्रयोग बिलकुल न करें जिनके प्रयोग से आपके होंठ बार बार सूखने लगे. इस समस्या से बचने के लिए लिपिस्टिक का प्रयोग बिल्कुल न करें क्योकि वो आपके होंठो को और अधिक सूखा बना सकती है जिससे हालात और भी गंभीर हो सकते है.

lips 55. होंठो पर तेल लगाएं :- अपने होंठो को नमी प्रदान करने के लिए प्राकृतिक तेलों का भी प्रयोग किया जा सकता है. तेल आपके होंठो को मॉइस्चराइज करने के साथ साथ इनसे होने वाली पीड़ा से भी राहत दिलाता है. आप रोजहिप आयल, नारियल का तेल, जैतून का तेल, शिया बटर और बादाम का तेल आदि का प्रयोग कर सकते है.

lips 66. होंठो पर शहद लगाएं :- यदि आपके होंठो से खून निकलता है या बोलते समय उनमे दर्द होता है तो आपको इसका उपचार घरेलू विधियों द्वारा करना होगा, इसके लिए सबसे उत्तम शहद है क्योकि उसमे कई तरह के पोषक तत्व होते है जो होंठो को नमी प्रदान करते है. इसके लिए ऊँगली में थोड़ा सा शहद लें और उसे धीरे धीरे अपने होंठो पर मलें. ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपके होंठ पहले की तरह मुलायम और सामान्य हो जायेंगे.

lips 77. जैतून के तेल का प्रयोग करें :- यदि आपके होंठो में दरारें आ गयी है और उनमे दर्द होता है तो आप जैतून के तेल का प्रयोग कर सकते है. जैतून के तेल में वैसलीन मिलाकर उसे दिन में तीन से चार बार अपने होंठो पर लगाएं. इसे लगातार प्रयोग में रखे ताकि आपके होंठो की सभी दरारें भर जाए और वे फिर से मुलायम हो जाये.

lips 88. Cocoa बटर का प्रयोग करें :- फटे होंठ से निजात पाने के लिए इस उपाय का प्रयोग लाभकारी है. इसके लिए दो बड़ा चम्मच cocoa बटर और आधा छोटा चम्म्च मधु वैक्स लीजिए और इन दोनों को वैक्स पिघलने तक गर्म कर लीजिए. ठंडा होने के पश्चात ब्रश की मदद से इसे अपने होंठो पर लगा लीजिए. जल्द ही आपके होंठ मुलायम होने लगेंगे.

9. होंठो के रूखेपन को खत्म करने के लिए थोड़ी सी मलाई लें और उसमे चुटकी भर हल्दी मिलाएं. मिलाने के पश्चात उसे हलके हलके हाथो से होंठो पर मालिश करें. इससे आपके होंठ फटेंगे नहीं और मुलायम बने रहेंगे.

10. रात को सोते समय सरसो के तेल को हल्का सा गुनगुना गर्म कर लें. इसके पश्चात इसे अपनी नाभि पर लगा कर सोये. ऐसा करने से आपके होंठो की सुंदरता बनी रहेगी और वे मुलायम रहेंगे.

lips 6211. यदि आपके होंठ काले पड़ने लगे है तो उसके लिए गुलाब की पंखुड़िया लें और उन्हें पीस लें. पीसने के पश्चात उसे ग्लिसरीन में मिला कर एक घोल तैयार कर लें. इसके पश्चात प्रतिदिन इस घोल को अपने होंठो पर लगाएं. इसे आपके होंठ गुलाबी और सुन्दर बनेंगे और उनका कालापन दूर होने लगेगा.

lips 8712. एक बात और फ़टे होंठो से बचने के लिए आपको कुछ पदार्थो को हमेशा के लिए न कहना होगा. इनमे से सबसे प्रमुख धूम्रपान आदि नशीले पदार्थ है. इनका सेवन करने से होंठो की प्राकृतिक सुंदरता समाप्त हो जाती है और वे सूखने लगते है. इसलिए यदि आप इन पदार्थो के आदि है तो कृपया इनके सेवन से बचें और जितना हो सके अन्य व्यक्तियों को भी इसकी सलह दें. हो सके तो अपने होंठो को सूर्य की किरणों से बचा कर रखें क्योकि कई बार ये भी आपके फ़टे होंठो का कारण बनती है. और आपको पीड़ा पहुँचाती है.

Title : Fate Hotho ki Dekhbhal, Janiy Kuch Gharelu Upaay

डैंडरफ (रुसी) से बचाव

आज के समय में लम्बे बाल रखना किसे पसंद नहीं है, परन्तु ऐसे में बालों में रुसी का होना आपके बालों के लिए हानिकारक हो सकता है. रुसी न केवल आपके बालों को अपितु आपकी पूरी स्कैल्प को खराब कर देती है. आपके बालों में रुसी का होना आपकी छवि के लिए ऋणात्मक हो सकता है, क्योकि रुसी गंदगी और धूल मिटटी के कारण पनपती है. हम लोग अक्सर ये मान लेते है की हमारे सिर की त्वचा रूखी हो गयी है जिस कारण डैंडरफ होने लगा है. लेकिन ये सोचना बिलकुल गलत है क्योकि इसका मुख्य कारण सिर की यीस्ट अर्थात खमीर है. यीस्ट हमारे सिर में एकत्रित तेल और मृत त्वचा को खा जाती है जिसके कारण हमारी सिर की त्वचा कोशिकाएं जल्दी जल्दी झड़ने लगती है. और हम समझते है की सिर में रुसी हो गयी है. डैंडरफ के कारण हमारे सिर में खुजली भी होती है जो असहनीय होती है.

ये एक ऐसी समस्या है जिससे हर दूसरा व्यक्ति ग्रसित है. जब हमारे सिर में रुसी बढ़ने लगती है तो वो हमारे कपड़ो पर गिरने लगती है, जिसके कारण कई बार दूसरों के सामने हमे शर्मिंदा होना पड़ता है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई बार हम जैसे लोग विज्ञापनों में दिखाए जाने वाले शैम्पूओ पर भरोसा कर लेते है जो महँगे होने के साथ साथ रूसी हटाने का दावा करते है. इनके उपयोग से हमारे सिर की रूसी तो नहीं जाती परंतु हमारे सिर के बचे-कुचे बाल जरूर चले जाते हैं. आपको बता दे यदि सिर में रुसी हो तो हमारे बाल झड़ने लगते है और उनकी वृद्धि भी रुक जाती है. इसलिए जितना जल्दी हो सके इस समस्या से छुटकारा पा लेना चाहिए. रुसी से छुटकारा पाने के कई उपाय है जिनके लिए आपको ज्यादा खर्चा करने भी आवश्यकता नहीं है. ये उपाय वे घरेलु उपाय है जिनका प्रयोग पिछली कई सदियों से चला आ रहा है और अच्छी तरह से जांचा परखा जा चुका है. यदि आप भी इस समस्या से ग्रसित है तो परेशान न हो हम आपको उन उपायों के बारे में बताते है जो सस्ते होने के साथ साथ लाभदायक भी है. आपको आवश्यकता है तो बस इन्हे आजमाने की. पर याद रहे यदि आपको इन उपायों से भी रहत न मिलें तो डॉक्टर से मिलें.

क्यों होती है हमारे सिर में रुसी ?

रुसी का सबसे पहला कारण बालों में नियमित रूप से तेल नहीं लगाना है जिस कारण बाल सूखे हो जाते है और उनकी खेल झड़ने लगती है. रुसी होने का दूसरा कारण है कई दिनों तक सिर नहीं धोना क्योकि रुसी केवल गंदे सिर में ही पनपती है ऐसी में नियमित रूप से सिर को न धोना रुसी के लिए आमंत्रण पत्र सिद्ध हो सकता है. इसके अलावा सिर की त्वचा में संक्रमण होना आदि भी सिर में रूसी होने के एक सामान्य कारण हैं।

रुसी से छुटकारा पाने के घरेलु उपाय :

विधि : 1 स्कैल्प की नियमित देखभाल :

hair 21. नियमित रूप से बाल धोए :- रुसी होने का एक कारण नियमित रूप से बाल न धोना भी है इसलिए हर 3 से 4 दिन में अपने बाल अवश्य धोएं. परन्तु याद रहे रोज रोज बाल धोना हानिकारक सिद्ध हो सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है की सप्ताह में कम कम से 2 से 3 बार अपने बालों को एंटी डैंडरफ शैम्पू से अवश्य धोएं. लौर्यल सलफेट युक्त शैम्पू का अत्यधिक प्रयोग न करे ये आपकी स्कैल्प को और रुखा बन सकते है.

2. डैंडरफ शैम्पू को काम करने का समय दें :- यदि आप रुसी से छुटकारा पाने के लिए डैंडरफ शैम्पू का प्रयोग करते है तो इसे कम से कम 5 मिनट का समय दें. अर्थात शैम्पू को बालों में लगाने के बाद कम से कम 5 मिनट तक इसे बालों में रहने दें और फिर धो लें ताकि वो अपना काम ठीक तरीके से कर पाये.

3. शैम्पू के बाद बालों को ब्रश करें :- डैंडरफ की समस्या से बचने के लिए शैम्पू के बाद बालों में ब्रश अवश्य करें. इसे आपके बालों में मौजूद प्राकृतिक तेल बालों में अच्छी तरह से वितरित होगा और आपको बालों को पोषण मिलेंगा.

4. तनाव से दूर रहें :- आपके मस्तिष्क में उत्पन्न तनाव भी आपके सिर के डैंडरफ का करें हो सकता है. इसलिए जितना हो सके तनाव मुक्त रहें और तनाव उत्पन्न करने वाली स्थितियों से बचें. इसके लिए आप व्यायाम का सहारा भी लें सकते है. अच्छा खाये व् समय पर खाएं. माना जाता है आप अपने शरीर को जिस परिस्थिति में ढालते है वो उसी के अनुकूल हो जाता है. इसलिए अपने खाने में फ़ास्ट फ़ूड, शर्करा युक्त फ़ूड, आदि को अत्याधिक सम्मिलित न करें इससे आपको बालों को हानि हो सकती है. जिंक और विटामिन B6 से परिपूर्ण भोजन का सेवन करें, क्योकि ये आपके बालों को पोषण और सुरक्षा प्रदान करेंगे.

5. शैम्पू को पानी में घोल कर लगाएं :- हम सभी जानते है की शैम्पू के निर्माण में केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है. जिसके डायरेक्ट एप्लीकेशन से भी हमारे सिर में रूसी होने का खतरा बना रहता है. इसलिए जब भी शैम्पू का प्रयोग करें तो उसे थोड़े से पानी में घोल लें और फिर अपनी स्कैल्प पर लगाएं. इससे आपको बालों को उन केमिकल्स से होने वाली हानि का सामना नहीं करना पड़ेगा. और याद रहें बालों को ऊपर की तरफ समेट कर न धोएं, हमेशा नीचे की तरफ (downward) धोएं. ऐसा करने से आपके बाल कम टूटेंगे.

विधि : 2 रुसी दूर करने के घरेलु उपचार :

hair 31. दही का प्रयोग करें :- दही में कई तरह के पोषक तत्व पाये जाते है जो त्वचा को रुखा होने बचाते है और उसे नमि प्रदान करते है. इसके लिए सर्वप्रथम अपने बालों को अच्छी तरह से साफ़ कर लें ताकि कोई अशुद्ध कण बालों में न रह जाये. इसके पश्चात अपने बालों में सामान्य दही मल लें और 10 से 15 मिनट के लिए लगा रहने दें. इसके बाद अच्छी तरह से बालों को धो लें और आवश्यता पड़ने पर शैम्पू से धो लें. शैम्पू के बाद, थाइम (thyme) या अज़वाइन, नेटल या सेज (nettle or sage) जिसे बिच्छू-बूटी के नाम से भी जाना जाता है, के सत्व (आजकल बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हैं) को 2 बड़ी चमम्च सिरके के साथ मिलाकर उसका उपयोग बालों को अंतिम बार धोने के लिए करें.

hair 42. एस्पिरिन का प्रयोग करें :- डैंडरफ के छुटकारा पाने का अन्य उपाय एस्पिरिन का प्रयोग है. इसके लिए एस्पिरिन की 2 गोलिया लें और उन्हें एक कपडे में रखकर तोड़ लें और पाउडर जितना महीन कर लें. अरे अरे रुकिए….. इसे आपको खाना नहीं है अपितु अपने नियमित प्रयोग किये जाने वाले शैम्पू में मिक्स करना है और एक लेप तैयार करना है. मिक्स करने के पश्चात इस लेप को अपने बालों में 1 से 2 मिनट के लिए लगा रहने दें. इसके पश्चात शैम्पू की मदद से अच्छी तरह से अपने बाल धो लें जिससे एस्पिरिन के सभी कण बाहर निकल जायेंगे. बेहतर परिणाम के लिए इसका निरन्तर प्रयोग करते रहें.

hair 53. सेब के सिरके का प्रयोग करें :- ये आपको बाजार में आसानी से मिल जायेगा. इसके प्रयोग के लिए सर्वप्रथम सेब के सिरके और पानी को बारबार मात्र में मिला लें फिर अपने बालों को सामान्य रूप से धोएं और धोने के पश्चात इस मिश्रण को अपने बालों में लगा लें. लगाने के पश्चात अपनी स्कैल्प को अच्छे से मलें. परन्तु याद रहें ये मिश्रण आपकी आँखों में न जाने पाये. यदि आपके स्कैल्प में न भरने वाली खरोंच या पपड़ी है तो आपको जलन हो सकती है, अगर ऐसा हो तो प्रभावित क्षेत्र को तुरंत पानी से धो लें. इस मिश्रण को कम से कम 10 से 15 मिनट के लिए बालों में लगा रहने दें और फिर पानी से धो लें. बालों के सूखने के पश्चात सिरके की गंध भी चली जाएगी. इस प्रक्रिया को एक सप्ताह तक प्रतिदिन दोहराएं , आपको अवश्य ही अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे.

baking soda4. बेकिंग सोडा (खाना सोडा) का प्रयोग करें :- बेकिंग सोडा डैंडरफ से राहत पाने का प्रमुख घरेलु उपचार है. शैम्पू की बजाय यदि आप अपने बालों को धोने के लिए बेकिंग सोडा का प्रयोग करेंगे तो ये आपके बालों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा. इसे प्राकृतिक डैंडरफ रिमूवर के नाम से भी पहचाना जाता है. इसके लिए मुठ्ठी भर बेकिंग सोडा लें और इसे अपने हाथो से सिर की स्कैल्प पर अच्छे से मल लें. इसका प्रयोग शैम्पू के स्थान पर करें और 1 मिनट टाक मलते रहें. 1 मिनट बाद इसे धो लें. इसका लगातार प्रयोग करने से ये आपके बालों में प्राकृतिक तेल उत्पन्न करेगा जिससे बालों को माँइश्चराइजड और डेन्ड्रफ फ्री बनाएगा. इसका प्रयोग सिरके के साथ मिलाकर भी किया जा सकता है.

hair 65. नींबू का प्रयोग करें :- नींबू को सवार्धिक गुणों वाला माना जाता है. इसका प्रयोग हमारी त्वचा को नमी प्रदान करने के लिए किया जाता है. इसके लिए नहाने से पूर्व इसके रस से अपने सिर पर मालिश करें. 15 से 20 मिनट तक रस को सिर में रखने के पश्चात सिर धो लें. ये सिर के चिपचिपेपन को दूर करता है और रुसी को रोकता है. इसके अलावा बेकिंग सोडा में मिलकर भी इसका प्रयोग किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले नींबू को निचोड़कर उसका रस निकल लें और बेकिंग सोडा में मिला लें. मिलाने के पश्चात इस मिश्रण को अपनी स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर तक लगा रहने दें. जब स्कैल्प में खुजली होने लगे तो बालों को धो लें. और फिर सेब के सिर का प्रयोग करें, ये आपके बालों के लिए कंडीशनर का काम करेगा.

6. अंडे का प्रयोग करें :- अंडे में कई तरह के विटामिन पाए जाते है जो आपके बालों को पोषण प्रदान करते है. इसलिए यदि उपयुक्त हो तो अंडे का भी प्रयोग कर सकते है. इसके लिए सर्वप्रथम 1 से 2 अंडो के पिले भाग अर्थात योग को निकाल लें और अच्छे से मिला लें. मिलाने के पश्चात इस मिश्रण को सूखे सिर में लगाएं. लगाने के पश्चात अपने सिर को एक प्लास्टिक बैग से धक लें ताकि बदबू न आये क्योकि अंडे में से बहुत दुर्गंद आती है और ये बह भी सकता है. इसे लगभग 1 घंटे तक बालों में लगे रहने दें. इसके बाद अच्छी तरह से अपने बालों को धो लें ताकि दुर्गंद निकल जाए. आवश्यकता पड़ने पर आपको बालों को दो बार भी धोना पड़ सकता है. इससे पके बाल चमलदार होने के साथ साथ मजबूत भी होंगे और स्कैल्प की रुसी भी कम होने लगेगी.

hair 77. मेथीदाना का प्रयोग करें :- सिर से डैंडरफ को निकालने का मेथीदाना बहुत अच्छा उपाय है. ये आपकी रसोईघर मौजूद होगा. इसके लिए मेथीदाना लेकर उन्हें 2 कप पानी में भिगो दें. पूरी रात उन्हें भीगे रहने दें. अगली सिबह उन्हें पीस कर एक पेस्ट तैयार कर लें और अपने बालों में लगा लें. इस लेप को कम से कम 30 मिनट के लिए बालों में लगे रहने दें और फिर अच्छी तरह से बालों को धो लें. बेहतर परिणामों के लिए इसे चार सप्ताह तक दोहराएं.

hair 88. अपने बालों में तेल लगाएं :- अपने बालों को डैंडरफ जैसी समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए अपने बालों में हमेशा तेल लगाए. इसके सबसे अच्छे स्तोत्र नारियल तेल, जैतून का तेल और टी ट्री आयल है. नारियल तेल को बालों के लिए सबसे उचित पोशाक तत्व माना जाता है. इसके प्रयोग से आपके बाल काले, लम्बे और डैंडरफ फ्री रहेंगे. नारियल के तेल को नींबू में मिलाकर भी लगाया जा सकता है. इसके लिए 1 नींबू के रस में 5 चम्म्च नारियल तेल मिला लें. फिर इस मिश्रण को अपने बालों में 20 से 30 मिनट के लिए लगे रहने दें और फिर शैम्पू से धो लें. ये आपको बालों को चमक प्रदान करेगा.

Title : Easy and Best Home Remedies to Get Rid of Dandruff

पैरो की फटी एड़ियों की देखभाल कैसे करें ?

अपने चहरे की सुंदरता का ख्याल हम सभी रखते है लेकिन अपने पैरो और एड़ियों का ध्यान रखना अक्सर भूल जाते है. ऐसे में अपनी पैरो की देखभाल न करे तो वे फैट जाते है और दुखने लगते है. नंगे पैर चलने व् खून की कमी के कारण भी अक्सर पैर फट जाते है. यदि आप अपने पैरो की सफाई पर ध्यान नहीं देंगे तो वो फट जायेंगे और उनमे दरारे आ जाएँगी. जिन्हे बिवाई भी कहा जाता है. हमारे चहरे की ही तरह एड़ियां भी सुंदरता का एक रूप होती हैं, यदि एड़ियां कोमल और आकर्षक हैं तो आप पैर बेहद अच्छे दिखाई देंगे लेकिन एड़ियां फटी हुई नजर आये तो ये अच्छी बात नहीं है। हम अपनी एड़ियों की सफाई की तरफ ध्यान नहीं देते हैं जिसकी वहज से एड़ियों की त्वचा मृत हो जाती है और उनमें दरारें आ जाती है जिसके कारण एड़ियों से खून निकलने लगता है और चलने फिरने में समस्या का सामना करना पड़ता है।

कई बार हमें अपनी फटी एड़ियों के कारण शर्मिंदा भी होना पड़ता है. लेकिन घबराइए नहीं, ऐसे कई उपचार है जिनकी सहायता से आपकी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. ये उपचार न केवल सस्ते है अपितु फायदेमंद और लाभदायक भी है. इनका प्रयोग करने से आपकी फटी एड़ियों की समस्या अवश्य समाप्त हो जाएगी. फटी एड़िया और होठ की समस्या ज्यादातर सर्दियों में देखने को मिलती है. परन्तु कई बार ये बहुत लम्बे समय के लिए हमारे शरीर में घर कर लेती है. ऐसे में इनसे छुटकारा पाना अति आवश्यक हो जाता है. इसलिए आज हम आपको फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के कुछ घरेलु उपायों से अवगत करा रहे है. यदि आप इस समस्या से ग्रस्त है तो इन उपायों का प्रयोग अवश्य करें. यदि इनके प्रयोग के पश्चात भी आपको इससे निजात न मिले तो डॉक्टर से जा के मिलें. तो जानते है फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलु उपाय !

विधि : 1 फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के घरेलु उपाय :

Heels 91. फटे पैरो के लिए वनस्पति तेल का प्रयोग करें :- बाजार और हमारी रसोई में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के वनस्पति तेल जैसे जैतून का तेल,तिल का तेल,नारियल का तेल या अन्य कोई तेल का प्रयोग फटी एड़ियों कम करने व् ठीक करने के लिए किया जा सकता हैं। रात्रि में सोने के पूर्व इन्हें अपने पैरों पर मलें और बेहतर परिणामों के लिए मोज़े पहन कर रहें.

Heels 82. फटी एड़ियों के लिए चावल के आटे का प्रयोग करें :- चावल के आटे का प्रयोग फटी त्वचा से मृत कोशिकाएं निकालने के लिए एक्सफ़ोलिएटिंग स्क्रब के रूप में किया आज सकता है। इसका प्रयोग करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है. इस स्क्रब को बनाना बहुत ही सरल है. एडी फटना जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए 1 मुट्ठी चावल, सेब का सिरका और जैतून का तेल लीजिए. और एक बर्तन में इन सभी को मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लीजिए. इस मिश्रण को लगाने से पूर्व पैरों को लगभग 10 मिनट तक गर्म पानी में डुबोकर रखें. 10 मिनट बाद पैरो को पाने से निकाल कर अच्छे से पोंछ ले और एड़ियों में चावल का पेस्ट लगा लें.

Heels 73. नीम की पत्तियों का प्रयोग करें :- फटी एड़ियों से निजात पाने के लिए नीम की पत्तियों का भी प्रयोग किया जा सकता है. क्योकि नीम की पत्तियों में फंगीसाइडल तत्व होते हैं जो कटी फटी एड़ियों के लिए लाभदायक होते हैं. इसके लिए नीम की पत्तियां और हल्दी ले उंन्हे पीसकर एक पेस्ट बना लें. इसके बाद इस पेस्ट को फटी एड़ियों पर लगाए और 1 घंटे तक लगे रहने दें. 1 घंटे बाद गर्म पानी लेकर उसमे पैरो को धो लें और साफ़ टॉवल से पोंछ लें. ऐसा करने से आपको जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा.

Heels 64. नींबू का प्रयोग करें :- नींबू का प्रयोग त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए किया जाता है. फटी एड़िया भी रूखेपन का एक स्वरुप है जिन्हे कोमल और मुलायम करने के लिए नींबू का प्रयोग किया जा सकता है. अपनी एड़ियों को फटने से बचाने के लिए नींबू के रस का प्रयोग किया जा सकते है. इसके लिए आप सीधे नींबू का रस लगा सकते है या गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर उसका प्रयोग कर सकते है. ऐसा करने के लिए सर्वप्रथम पानी गर्म कर लें और उसमे नींबू का रस मिला लें. इसके बाद 15 मिनट तक अपने पैरो को उसमे डुबोये रखे. और बाद में पुमिस स्टोन और साबुन की मदद से पैरो को साफ़ कर लें।

Heels 55. गुलाब जल और ग्लिसरीन का प्रयोग करें :- फटी एड़ियों से बचने के लिए इस विधि का भी प्रयोग किया जा सकता है. क्योकि ग्लिसरीन त्वचा को मुलायम बनती है जबकि गुलाब जल विभिन्न विटामिनों का मिश्रण है. इसके अलावा गुलाब जल एक एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी सेप्टिक माध्यम का भी कार्य करता है. इस विधि के लिए इन दोनों को मिलाकर कर एक मिश्रण तैयार कर लें और रात्रि को सोने से पूर्व अपनी फटी एड़ियों पर लगाये. इसका लगातार प्रयोग करने से आपको फटी एड़ियों से रहत अवश्य मिलेगी. इस मिश्रण को आपने पैरो पर भी लगा सकते है, ऐसा करने से आपके पैर भी कोमल और मुलायम हो जायेंगे.

Heels 46. पैराफिन वैक्स का भी प्रयोग करें :- एड़िया फटने के बाद विभिन्न समस्याओं जैसे खून निकलना आदि का सामना करना पड़ता है जिसके कारण उनमे दर्द होने लगता है. इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पैराफिन वैक्स सबसे अचूक उपाय माना जाता है. पैराफिन वैक्स को सरसो के तेल या नारियल के तेल में मिलाकर एक मिश्रण तैयार आकर लें. मोम के पिघलने तक इस मिश्रण को गर्म कर लें और ठंडा होने की प्रतीक्षा करें. मिश्रण के ठंडा हो जाने के बाद इन्हे अपनी एड़ियों पर लगाए. ऐसा करने से आपकी एड़ियों की मृत त्वचा ठीक हो जाएगी.

Heels 37. एड़िया फटने के मुख्य कारण :-

पैरों की सही तरह से देखभाल ना करना
गलत जूते पहनना
पैरों को लम्बे समय तक गरम पानी में डुबाकर रखना
मधुमेह की समस्या
खानपान में अनियमितता
सर्दियों का मौसम
पैरों को पोषण ना मिलना
पैरों का सूखापन आदि

8. फटी एड़ियों के लक्षण :-

एड़ी पर से त्वचा का उतरना और कई बार काफी तेज़ खुजली होना
चलते समय दर्द होना और एड़ियों में नरम व् दरदरा पन महसूस होना
एड़ियों का कठोर होना (जब त्वचा अपनी नमी खो देती है तो उसमे कठोरपन आ जाता है)
एड़ियों में से खून निकलना

Heels 29. यदि आपकी एड़िया फटने लगी है तो तुरंत उनका इलाज करें नहीं तो ये समस्या गंभीर रूप भी लें सकती है. फटी एड़ियों को कोमल बनाने के लिए कैमोमाइल आयल पानी में मिला लें और उसमे अपने पैरो को डालें. इसे आपके पैरो को नमी मिलेगी और त्वचा कोमल होने लगेगी. इससे पूर्व अपने पैरो को पूर्णतः साफ़ करना होगा जिसके लिए सेब के सिरके का प्रयोग किया जा सकता है. फटी एड़ियों से बचने के लिए अपनी त्वचा को प्राकृतिक तेल न खोने से क्योकि हमारे शरीर पर प्राकृतिक तेल की परतें होती है जो अतयधिक गर्म पानी से नहाने से ख़त्म होने लगती है.

Heels 9810. कच्ची प्याज कसकर एड़ियों में बांधने से बिवाइयां ख़त्म हो जाती है. ठण्ड से त्वचा रूखी हो जाती है और अपनी नमी खो बैठती है जिससे त्वचा में रूखापन आने लगता है. अतः बाहर जाने से पूर्व पैरों को ढक लें और हमेशा क्रीम और मॉइस्चराइज़र लगाएं. रूखेपन और फटी एड़ियों से बचने के लिए सूरज की किरणों से खुद को बचाए रखें.

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कैसे पाये रूखी और बेजान त्वचा से मुक्ति ?

How to Take Care of Dry Skin, Home Remedies to Care of Dry Skin हमेशा से ही हमारी त्वचा को हमारी पहचान माना जाता है, जिसमे विशेषकर चेहरे की त्वचा को प्राथमिकता दी जाती है. इसलिए हमारी त्वचा को स्वस्थ होना पहले से अति महत्वपूर्ण होता जा रहा है. ऐसे में हमारी त्वचा का ड्राई होना ठीक बात नहीं है. आज कल के दौर में नवयुवक से लेकर व्यस्क तक सभी अपनी त्वचा को अच्छा, सुन्दर व् नार्मल बनाना चाहते है. क्योकि ज्यादातर लोगो में ड्राई स्किन की शिकायत पायी जाती है, ये न केवल आपके चेहरे को रुख बनाती है अपितु उसे अनाकर्षक भी बनाती है. इसलिए इस तरह की स्किन से छुटकारा पाना बहुत आवश्यक है.
ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए कई लोग कास्मेटिक का प्रयोग करते है जो हमारी स्किन के लिए हानिकारक सिद्ध होते है. क्योकि इन कास्मेटिक में विशेष प्रकार के केमिकल मिलाय जाते है जो त्वचा को हानि पंहुचा सकते है. इसके पश्चात सबसे बड़ा प्रश्न ये उठता है की यदि कास्मेटिक का प्रयोग न करे तो क्या करे ? इसका जवाब है हमारे घरेलु उपचार. जी हां, हमारे घर में मौजूद वस्तुयों के द्वारा भी हम अपनी रूखी त्वचा को सामान्य त्वचा में परिवर्तित कर सकते है. आवश्यकता है तो बस उन्हें आजमाने की.
इनमे सबसे महत्वपूर्ण क्लींजिंग और फेशियल है क्योकि ये त्वचा के भीतर जाकर उसमे से डेड स्किन सेल्स को बहार निकाल देते है. ये हमारी त्वचा को साफ़ करने के साथ साथ उसे पोषित भी करते है. क्लींजिंग करने से हमारे चेहरे की सफाई होती है और मृत त्वचा निकल जाती है जिससे त्वचा में नमी आ जाती है. जो लोग एक्ने अर्थात पिंपल्स की समस्या से जूज रहे है उन्हें भी क्लींजिंग करना चाहिए.
क्लींजिंग तो आप घर पर स्वयं कर सकते है परन्तु ध्यान रहे फेशियल हमेशा एक्सपर्ट्स से ही करवाना चाहिए क्योकि इसे करने का एक विशेष तरीका होता है और यदि आप इस तरीके को फॉलो नहीं करते है तो आपके चेहरे को इसके दुष्परिणामों को भी झेलना पड़ सकता है. तो जानते है ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के उपाय !

विधि : 1 रूखी त्वचा के लिए अपनाए को कुछ रूटीन :

Skin1. हलके गर्म पानी से त्वचा को धोए :- गर्म पानी आपकी त्वचा को और रुखा बना सकता है. इसलिए त्वचा धोने से पूर्व पानी को हल्का गर्म कर ले जिससे उसका तापमान का प्रभाव आपकी त्वचा पर न पड़े.
चेहरा धोने से पूर्व पानी को हल्का गर्म कर लें पर ध्यान रहे पानी ज्यादा गर्म न होने पाये. गर्मी एक प्राकृतिक एक्सफ़ोलीएटर होती है, इसलिए इसका प्रयोग तभी किया जाना चाहिए जब आप अपनी त्वचा की मृत कोशिकाओं को अतिरिक्त तेल को निकाल देना चाहते हो तो.
यदि आपको अपने चेहरे पर गर्म पानी का उपयोग करना आवश्यक हो तो गर्म पानी के बाद जल्दी से उसे ठन्डे पानी से धो लें. ऐसा करने से गर्मी ज्यादा समय तक आपके चेहरे पर नहीं रहेगी. इसी प्रकार गर्मियों के दिनों में जितना हो सके अपने चेहरे को ठंडे पनि से धोना चाहिए ताकि आपकी त्वचा पर ज्यादा समय तक धूल मिटटी, पसीना और गर्मी न रह सके.

Skin 22. केवल फेशियल क्लीन्ज़र (mild facial cleansers) का प्रयोग करें :- नहाने के लिए प्रयोग किये जाने वाले साबुन आपके चेहरे की त्वचा के लिए बहुत कठोर होते है और आपकी त्वचा को और रुखा बना सकते है. इसलिए आपकी ऐसे क्लीन्ज़र का प्रयोग करना चाहिए जो केवल चेहरे के लिए बने हों.
मार्किट में ऐसे बहुत से सोप-बेस्ड क्लीन्ज़र्स उपलब्ध है जिनमें सोडियम लॉरिल सलफेट (sodium lauryl sulfate) होता हैं, जो त्वचा से नमी को चुरा लेने वाला एक जाना माना सर्फैक्टन्ट (surfactant) है. इसलिए रूखी त्वचा के लिए नॉन-सोप क्लीन्ज़र्स और बिना झाग वाले (non-sudsy) क्लीन्ज़र्स ज्यादा सुरक्षित होते हैं.
त्वचा को साफ़ करने के लिए ऐसे क्लीन्ज़र्स से बचना चाहिए जिनमे खुशबू मिलाई गई हों, क्योंकि इनमें किसी न किसी रूप में अल्कोहल का उपयोग किया जाता है, जो एक एस्ट्रिंजेंट होता है और आपकी त्वचा को गंभीर रूप से सूखा बना सकता है.
सेरेमाइड्स (ceramides) युक्त क्लीन्ज़र का प्रयोग करे, यह त्वचा की बाहरी परत पर पाया जाने वाला एक फैटी मॉलिक्यूल होता है. सिंथेटिक मॉलिक्यूल आपकी त्वचा में ज्यादा नमी को बनाए रखने में सहायता करता है.

Skin 33. त्वचा को थपकी देकर सुखाये :- त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए जितना हो सके उसे रगड़े नहीं. क्योकि ज्यादातर देखा जाता है की जल्दी जल्दी में हम अपने चेहरे को धोते है और उसे सुखाने के लिए रगड़ते है जो ठीक नहीं है, इसके स्थान पर आप कोमल और मुलायम टॉवल का प्रयोग कर अपने चेहरे को सुख सकते है. लेकिन ध्याना रहे सूखने के लिए उसे रगड़े नहीं बल्कि हल्के हाथो से थपथपा कर सुखाये. हो सके तो अपने चेहरे पर जलन उत्पन्न करने वाले कारकों से बचें और चेहरे को 20 सेकंड या उससे अधिक समय तक थपकी देकर सुखना चाहिए. चेहरे को पोछने के लिए हमेशा मुलायम कपडे का प्रयोफ करे और सुनिश्चित करे की यह ऐसे फाइबर से बना हो जो पानी को सोख लेता हो.
अपने चेहरे पूर्णतः सुखना नहीं चाहिए और उसे थोड़ा से गीला रहने दिया जाना चाहिए ताकि चेहरे में नमी बनी रहे. लेकिन याद रहे यदि आप किसी प्रकार की क्रीम का प्रयोग करने वाले है तो चेहरे को 100 % तक सुखना चाहिए जिससे पानी और क्रीम एक साथ mix न हो.

Skin 44. चेहरे को धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं :- चेहरे को ड्राइनेस से बचाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है उसे नमी देते रहना अर्थात चेहरा धोने के पश्चात हमेश मॉइस्चराइजिंग लोशन या क्रीम लगाई जानी चाहिए. इस समय आपकी त्वचा थोड़ी नम रहनी चाहिए, क्योकि गीली त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा ज्यादा देर तक नमी को बनाए रख पाएगी.
यदि आप जानना चाहते की की किस प्रकार के मॉइस्चराइजिंग क्रीम या लोशन का प्रयोग किया जाए तो सुनिए. आप एक ऐसा मॉइस्चराइजर ढूढ़े जिसमे शिया बटर (shea butter), सेरमाइड्स (ceramides), स्टीयरिक एसिड (stearic acid), या ग्लिसरीन (glycerin) इंग्रेडियेंट की सूची में सम्मिलित हों. क्योकि इस तरह के मॉइस्चराइजर आपकी त्वचा पर उस बाहरी सुरक्षा परत को बनाने में सहायता करते हैं जो नमी को अंदर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है.

Skin 55. चेहरे पर दूध का प्रयोग करे :- सुनने में थोड़ा अटपटा है लेकिन ये सत्य है की दूध प्राकृतिक क्लीन्ज़र और प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है. क्योकि दूध में पाये जाने वाला lactic एसिड एक प्रकार का प्राकृतक और सौम्य क्लीन्जर है. ये आपकी त्वचा की लालिमा को कम कर उसमे से मृत कोशिकाओं को निकालता है. दूध में पाये जाने वाले लिपिड्स आपकी त्वचा को अतिरक्त नमी प्रदान करते है. जिससे त्वचा नमीयुक्त, पुष्ट और मुलायम दिखाई देती है. ध्यान रहे स्किम्ड मिल्क ज्यादा नमी नहीं दे पाते, इसलिए फुल क्रीम दूध को ही प्रयोग में लाना चाहिए. यदि आपके ऐसा लगता है की आपका नियमित प्रयोग किया जाने वाला मॉइस्चराइजर आपकी त्वचा के लिए रफ है तो उसका प्रयोग बंद करके दूध का प्रयोग करें. याद रहे दूध मेक उप को निकाल नहीं सकता इसलिए दूध लगाने से पूर्व चेहरे से मेक उप पूरी तरह हटा दें.

Skin 66. एलोवेरा मास्क लगाए :- एलो वेरा का पौध बहुत गुणकारी होता है खासकर त्वचा के लिए. इस पौधे में ऐसे गुण पाये है जो लाल, जलन भरी त्वचा से रहत दिला सकते है और रूखी त्वचा की नमी लौटा सकते है. इसको प्रयोग में लाने के लिए आप अपने घर में एलो वेरा का पौधा लगाए. इसकी एक पट्टी तोड़कर उसे काट लें और उसमे से निकलने वाले रस को हलके हाथो से अपने चेहरे पर मल लें. इस लेप को लगभग 15 मिनट तक चहरे पर लगा रहने दें. इस मास्क का प्रयोग हफ्ते में एक बार अवश्य करें.

Skin 77. मसाज :- अपने चेहरे को 10 मिनट तक हल्के हाथ से मसाज दीजिए। स्ट्रोक्स लय में होना चाहिए। इससे चेहरे की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और रक्त की आपूर्ति अच्छी होने लगती है। इससे एजिंग प्रोसेस धीमी पड़ जाती है और झुर्रियां कम हो जाती हैं।
चेहरे पर मसाज करें :- चेहरे के रूखेपन से निजात पाने के लिए मसाज एक ने उपाय है जिसके प्रयोग से अच्छे परिणाम प्राप्त होते है. इसके लिए 10 मिनट तक हलके हाथो से अपने चेहरे पर मसाज करें, लेकिन स्ट्रोक्स लय में होना चाहिए. इसे चेहरे की मांसपेशिया शिथिल हो जाती है और रक्त की गति अच्छी होने लगती है. इसका प्रयोग करने से एजिंग प्रोसेस धीमा पड़ जाता है और झुर्रियां कम होने लगती है. मसाज के पाश्चात फेसमास्क का प्रयोग अवश्य करना चाहिए. ऐसे तो बाजार में कई तरह के फेसमास्क उपलब्ध है लेकिन आप इन्हे घर पर भी आसानी से बना सकते है.
घर पर बनाए क्लीन्जर :

– खोपरे का दूध न सिर्फ त्वचा का सूखापन कम करेगा बल्कि डॉर्क स्पाट्स और झाइयों को भी कम करेगा.
– दूध की क्रीम या वेजिटेबल कुकिंग ऑइल से चेहरे की सफाई की जा सकती है.
– एक चौथाई खीरा ककड़ी, 2 चम्मच दही, और 2 चम्मच पका हुआ ओटमील मिलाकर भी सफाई कर सकते है.

Skin 88. घर पर ही बनाए स्क्रब्स :

– थोड़ा गेहूं का आटा लें और इसमें दूध की मलाई तथा गुलाबजल मिला लें. इसके बाद इसे घोंटकर पैक की तरह कर बना लें. अच्छी तरह से मिलाने के बाद इसे चेहरे की त्वचा पर रगड़कर लगाएं. इससे चेहरे की त्वचा से मृत त्वचा बाहर निकल जाएगी और चेहरा साफ़ हो जायेगा.
– मूली को कस लें और चेहरे पर थोड़ी देर के लिए फैला कर रख लें. यह एक माइल्ड ब्लीचिंग एजेंट है. इससे त्वचा निखर उठेगी.

9. घरेलू मॉइस्चराईजर बनाएं व् लगाए :

– दूध की मलाई एक बहुत अच्छा मॉइस्चराईजर है. इसमें नींबू के रस की चंद बूंदें मिला लें और त्वचा पर लगाए. इससे त्वचा में नमी लौट आएगी.
– दही चेहरे की त्वचा की देखभाल करने वाला एक प्रमुख रसायन है. यह त्वचा की नमी लौटाता है, इसकी एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेटरी प्रॉपर्टीज त्वचा को चिकनी बनाने का कार्य करती है.
– शहद एक बेहतरीन स्किन मॉइस्चराईजर है. इसे लगाकर थोड़ी देर चेहरे पर रहने दें, बाद में धो लें. त्वचा का रंग निखर उठेगा.
-एलो वेरा के पल्प को चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर रखने के बाद में धो लें.
– नींबू की चंद बूंदों में ग्लीसरीन मिलकार लगा लें। यह भी एक अच्छा एक्सफोलिएटिव है।
– पका हुआ ओटमील, शहद और केले का पल्प मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह सूखी त्वचा के लिए वरदान है.

Skin 910. त्वचा को सूर्य की किरणों से बचाएं :- हमारी त्वचा के लिए सबसे हानिकारक तत्व सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों होती है. जिनके कारन चेहरे पर मुँहासे, पिंपल्स, झुर्रिया, आँखों के निचे डार्क सर्कल्स और एजिंग लाइंस बन जाती है. ऐसे में अपनी त्वचा को इन किरणों से बचाना अति आवश्यक है. इसलिए जितना हो सके धुप में कम निकले. लेकिन आज कल के भाग दौड़ भरे जीवन में न चाहते हुए भी हमें धुप में निकलना ही पड़ता है. परेशान न हो, यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सनस्क्रीन (SPF 30) loshan या क्रीम लगाकर बाहर जाए. और अपनी त्वचा को ढक कर रखे, धुप में पूरी बाजु के कपडे पहन कर जाये जिससे आपके हाथो की त्वचा को धुप से किसी भी प्रकार की हानि न हो.

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नाखूनों की उचित देखभाल और समस्याओं का समाधान

आज कल के समय में लम्बे नाख़ून रखना किसे पसंद नहीं है. परन्तु उनके कमजोर और नाजुक होने के कारण कई बार हमें इस शौक को त्यागना पड़ता है. हम अक्सर आते जाते लड़कियों के लम्बे लम्बे नाख़ून देखकर सोचते है की काश हमारे नाख़ून भी ऐसे होते. तो परेशान न हो क्योकि आपके नाख़ून बढ़ाने का उपाय आपके घर में ही छुपा है बाद जरुरत है तो उसे आजमाने की. कई बार नाखूनों में रूखापन आने लगता है जिसके कारण वे टूटने लगते है. कई बार ऐसे उनकी पूरी सफाई न करने के कारण भी होता है. इसके अलावा लोगो में पायी जाने वाली नाख़ून चबाने वाली आदत से भी आपके नाखूनों को हानि पहुंचती है. नाख़ून को स्वस्थ बनाने में डाइट का बहुत बड़ा योगदान होता है.

हमारे हाथ व् पैर दोनों के नाख़ून बहुत नाजुक होते है और उनकी देखभाल करना भी बहुत जरुरी है. साफ – सुथरे और स्‍वस्‍थ नाखून न केवल हाथों और उंगलियों को सुंदर बनाते हैं अपितु आपके शरीर को कई कीटाणुओं और जीवाणुओं के कहर से भी दूर रखते हैं जिससे बॉडी में बीमारियां नहीं लगती हैं. नाखूनों के नाजूक होने का कारण शरीर में आयरन की कमी का होना है। अगर आप वास्तव में अच्‍छे नाखून रखना चाहती हैं तो आपको आयरन की प्रॉपर डाइट लेना आवश्यक है.

Nails 1क्या करें ?

1. अपनी डाइट पर ध्यान दें – नाख़ून शरीर में आयरन की कमी के कारण नाजुक रहते है. इसलिए अपने आहार में आयरन युक्त और कैल्शियम युक्त पदार्थो को सम्मिलित अवश्य करें. मुख्य तौर पर आयरन, लिवर, ट्रिम रेड मीट, मछलियों की कई प्रजाति में, सोया उत्‍पाद, बीन्‍स, मसूर, साबूत अनाज, नट्स, अंडे की जर्दी, ड्राई फ्रूट – किशमिश, खजूर और खुबानी आदि में पाया जाता है जबकि कैल्शियम का सर्वोत्तम साधन दूध और गाजर है. इसके अलावा अपने खाने में प्याज का प्रयोग अवश्य करें.

Nails 52. चुकंदर का सेवन करें – कहा जाता है चुकंदर में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है. इसके अलावा इसमें Vitamin D की भी मात्रा पायी जाती है जो न केवल हमारे शरीर को अपितु हमारे नाखूनों को भी स्वस्थ बनाती है. प्रतिदिन चुकंदर का सेवन करने से हमारी उंगलिया प्राकृतिक रूप से मजबूत हो जाती है और साथ साथ आपके नाख़ून भी.

3. नींबू फ्लेवर के स्‍कॉवश का प्रयोग करें – एक कटोरी में घरों में प्रयोग किया जाने वाले नींबू फ्लेवर के स्‍कॉवश की दो चम्म्च डालें. इसके बाद इसमें एक कप न गर्म न ठंडा अर्थात समान्य पानी मिला दें. पानी मिलाने के पश्चात 2 मिनट तक अपने नाखूनों को उस घोल में डालें रखें. 2 मिनट होने के बाद उस घोल से अपने नाखूनों को निकाल ले और गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. ध्यान रहें साफ़ करने के लिए ज्यादा गर्म पानी का प्रयोग न करें. साफ़ करने के पश्चात उस पर मॉश्‍चराइजर लगा लें. यदि आपके नाखूनों पर धब्बे पद गए हो या पीलापन आ गया हो तो इस टिप का प्रयोग अवश्य करें.

Nails 34. नींबू के रस का प्रयोग करें – ये एक थेरेपी बेस्ड प्रयोग है. इस प्रयोग के लिए सर्वप्रथम ताज़े नींबू का रस निकाल लें और एक चम्म्च में ले लें. इसके बाद एक रुई के मदद से इसे अपने नाखूनों पर अच्छे से लगाए और रगड़ कर साफ़ करें. इस प्रयोग का दो बार प्रयोग करते ही आपको अपने नाखूनों के रंग में फर्क दिखाई देने लगेगा. यदि आप इस विधि का लगातार प्रयोग करते रहेंगे तो आपके हाथ व् पैरो के नाखूनों की चमक बनी रहेगी.

Nails 45. जैतून के तेल का प्रयोग करें – अपने नाखूनों को लम्बा रखने वालो के लिए ये उपाय सबसे उत्तम रहेगा. जैतून के तेल का प्रयोग नाखूनों के लिए अत्यन्त लाभकारी होता है. यदि आप अपने नाखूनों को सुन्दर और मजबूत बनाना चाहते है तो प्रतिदिन इसका प्रयोग करें. नाखूनों को लम्बा करने के लिए रोज रात नाखूनों पर जैतून का तेल लगाकर उन्हें आपस में रगड़ दें. लगभग 20 बार नाखूनों को आपस में रगड़ने से आपके नेल्स की मसाज हो जाएगी. इसका निरन्तर प्रयोग करने से आपको जल्द ही फर्ज नज़र आने लगेगा.

Nails 66. सरसो के तेल का प्रयोग करें – अपने नाखूनों की देखभाल करने के लिए सरसो के तेल का भी प्रयोग किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले सरसो के तेल को गुनगुना सा गर्म कर ले. उसके बाद अपने पैरो और हाथों की सभी उंगलियों को इस गुनगुने तेल में भिगोये. इसके पश्चात लगभग 8 से 10 मिनट के लिए उन्हें तेल में ही रहने दें. फिर धीरे धीरे सभी नाखूनों की मसाज करें, ऐसे करने से उनमे रक्त का संचार बढ़ जायेगा और वह मजबूत हो जायेंगे. नाखूनों को स्ट्रांग और स्वस्थ बनाने के लिए ये कार्य प्रतिदिन करें.

क्या न करें ?

Nails 71. नाखूनों में गंदगी जमा न होने दें – नाख़ून बढ़ाने के साथ साथ आपको उनकी सफाई का भी ध्यान रखना आवश्यक होता है. इसलिए कभी भी पैरो या हाथो के नाखूनों में गंदगी जमा न होने दें. याद रहें गर्मियों में हमेशा कॉटन के सॉक्स पहने जिससे पैरो के नाखूनों में जमा न होने पाए. नाखूनों में गंदगी और पसीने के कारण कई वायरस पनप जाते है जो बीमारियों का कारण बनते है. एक बात और मैनीक्योर और पैडीक्योर करवाते समय अपने नाखूनों को साफ़ कराते रहें.

nails 92. पैरो को नाखूनों को ध्यान से कांटे – एक बात और यदि आप अपने नाखूनों को स्वस्थ रखना चाहते है तो उनके काटने पर भी ध्यान दें. पैरो को नाखूनों को काटते समय एक बात का ध्यान रखना चाहिए की उन्हें गोलाकार में न काटे, क्योकि इस आकार में काटने से उनके टूटने का खतरा रहता है. इसके अलावा कई बार वे उखड भी जाते है जिससे जुटे आदि पहनने में दिक्क्त होती है. इसीलिए पैरो के नाखूनों को छोटा और सीधा कांटे ताकि उनसे आपको नुक्सान न पहुंचे.

3. फंगल इन्फेक्शन न होने दें – अपनी नाखूनों की देखभाल करते समय इस बात का ध्यान रखें की उनमे फंगल इन्फेक्शन न होने दें. कोई ये आपके और आपके नाखूनों के लिए हानिकारक है. लइकन यदि ऐसे हो जाये तो सर्वप्रथम उसे डेटोल से साफ़ करें. तकलीफ बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह लें.

Nails 24. नाख़ून पोलिश का अत्यधिक प्रयोग न करें – नाखूनों को बढ़ाने के लिए उनकी देखभाल करना आवश्यक है. नेल पेंट का प्रयोग करने से पूर्व उसपर बेसिक कोट अवश्य लगाए. लेकिन कोट की मात्रा का ख्याल रखें अर्थात इसको अधिक मात्रा में न लगाए.

5. ज्यादा दिन तक एक नेल पेंट न लगे रहने दें – एक नेल पेंट को एक हफ्ते से ज्यादा समय तक न लगे रहने दें क्योकि इसके बाद लगे रहने से उसमे गंदगी पनपने लगती है जो हानिकारक सिद्ध हो सकती है. इसलिए हफ्ते में एक बार नेल पेंट साफ अवश्य करें. और साफ़ करने के कुछ देर तक नाखूनों पर नेल पोलिश नहीं लगानी चाहिए.

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बालों का झड़ना रोकने के घरेलु उपाय

हमारे चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने में बाल बहुत अहम भूमिका निभाते है, इनके आभाव या कमी के कारण मनुष्य को बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज कल की भाग दौड़ वाली जिंदगी में महिलायें को क्या पुरुष भी, अपने गिरते बालों की समस्या से परेशान रहते है. आज कल के बच्चे से लेकर बूढ़े तक की यही समस्या है की दिन प्रतिदिन उनके बाल पतले होते जा रहे है. उम्र बढ़ने के साथ साथ, मीनोपॉज, प्रेगनेंसी, जेनेटिक्स, बीमारी और अन्य कई कारण बाल झड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है. वैसे तो बाजार में बालों का गिरना रोकने के लिए कई दवाइया और शैम्पू उपलब्ध है लेकिन उनमे मिले रासायनिक तत्व हमारे बालों का गिरना और भी बढ़ा देते है. इसके अलावा बाल गिरना रोकने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट का भी प्रयोग किया जाता है. लेकिन इन सभी से सबसे अच्छे नेचुरल तरीके होते है जो न केवल आसान होते है अपितु सस्ते और लाभकारी भी सिद्ध होते है. ऐसे बहुत से घरेलु नुस्खे है जिनसे बिना केमिकल के प्रयोग के, बालों का झड़ना आसानी से रोका जा सकता है.
इन घरेलु उपचार से आपके बाल चमकीले भी हो जायेंगे. हम आपको इन उपचारों के बारे में आपको बताते है.

बालों का झड़ना दूर करने के घरेलु उपचार :-

hair fall 4विधि : 1 हॉट आयल ट्रीटमेंट :
इस ट्रीटमेंट के लिए आप कुसुम, राई या जैतून के तेल का प्रयोग कर सकते है. परन्तु हां एक बात का ध्यान अवश्य रखे की इस विधि का प्रयोग विवेकपूर्ण ढंग से करें क्योंकि जल्दी-जल्दी प्रयोग करने से तेल की गर्मी के कारण आपके बाल समय से पहले ही सफ़ेद होने शुरू हो जायेंगे. इस ट्रीटमेंट के लिए सबसे पहले तेल को गुनगुना कर ले पर ध्यान रहे तेल ज्यादा गर्म न होने पाए. इसके बाद तेल से हलके हलके हाथो से मसाज करे. मसाज करने के बाद 1 घंटे के लिए शावर कैप पहन ले. 1 घंटे बाद पानी से या शैम्पू की मदद से इस तेल को बाहर निकाल दे. मॉयोनीज़ (Mayonnaise) एक कंडीशनर जैसा ही कार्य करता है को बालों में अच्छे से लगाएं, एक घंटे तक शावर कैप पहनें और उसके बाद बाल धो ले. इसकी मदद से आपके गिरना तो काम हो ही जायेंगे बल्कि घने और चमकीले भी लगेंगे.

विधि : 2 स्कैल्प पर लहसुन, प्याज या अदरक का रस लगाए :
इस तरीके का प्रयोग करने से पूर्व याद रखे की इन तीनो को आपस में ना मिलाएं बल्कि इनमे से किसी एक ही का प्रयोग करें, क्योकि इन सभी में एक जैसी विशेषताएं है और यदि इनको मिला दिया तो इसके दुष्परिणाम सामने आ सकते है इन तीनो में से किसी एक को अच्छी तरह निचोड़कर उसका रस निकाल ले और कपडे की मदद से उसे छान ले. इसके बाद रस को स्कैल्प पर लगाए और पूरी रात पर उसे लगा रहने दें. सुबह जगने के बाद उसे धो दे. कुछ ही हफ्तों में आपको फरक दिखाई देने लगेगा.

विधि : 3 बालों में मेहँदी लगायें :
मेहंदी हेयर क्यूटिकिल्स को सील कर देती है जिससे बालों की जड़ों को मजबूती मिलती हैं. यदि बालों की जड़े मजबूत होंगी तो वो अपने आप ही कम टूटेंगे. कहा जाता है मेहंदी के प्रयोग से बेहतर परिणाम पाने के लिए इसमें दही एवं अंडे को भी मिक्स कर सकते हैं. ऐसा करने से इसकी विशेषताओं में दही व् अंडे की विशेषता भी मिल जाती है और बालों को दोगुना पोषण मिलता है. लेकिन याद रहे दही या अंडा किसी एक ही वास्तु को मेहंदी में मिला कर लगाए.

hair fal 1
विधि : 4 बालों में ग्रीन टी (green tea) का प्रयोग करें :
चाय में एंटी-ओक्सिडेन्ट्स होते हैं जो बालों का झड़ना रोकने में सहायक होते है. इनके प्रयोग से बालों की लम्बाई भी बढ़ती है. इस विधि का प्रयोग करने के लिए एक कप पानी ले और उसमे दो ग्रीन टी बैग मिला कर चाय तैयार कर ले. इसके बाद चाय को थोड़ा ठंडा होने दे. ठंडा होने के पश्चात उस चाय को अपने बालों में लगाए. इसे एक घंटे तक बालों में लगा रहने दे. एक घंटे बाद बालों को अच्छा तरह पानी से धो ले और सूखा ले. इस विधि का प्रयोग 5 से 6 दिन में करते रहे कुछ ही हफ्तों में आपको परिणाम नज़र आने लगेंगे.

hair fall 3विधि : 5 आलू और मेंहदी को पानी में उबाल कर प्रयोग करें :
बालों का झड़ना रोकने के लिए एक अन्य विधि है जिसमे आलो और मेहंदी को पानी में उबाल ले और उस पानी का प्रयोग सर धोने के लिए करे. इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है, कुछ आलू, पानी और मेहंदी ले. आलू और मेहंदी को पानी में डालकर उबाल ले. उबलने के बाद उस पानी को छान कर रख लें और रोज उससे अपने बालों को धोएं. इससे बालों को चमक और मजबूती मिलेगी.

विधि : 6 मेथी के दानों का प्रयोग करें :
मेथी के दानो का नियमित प्रयोग करने से बाल मजबूत, चमकीले और सही-सलामत बने रहते है. इस विधि को अपनाने के लिए सर्वप्रथम मेथी को पर्याप्त पानी में भिगोये. पूरी तरह से भीगने के पश्चात उसका पेस्ट बना ले. उसके बाद उस पेस्ट को अपने स्कैल्प पर लगाकर हलके हाथो से मसाज करे. लगाने के बाद उसे आधे घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दे. सूखने के बाद बालों को ठन्डे पानी से धो ले. मेथी के बीज बालों के लिए लाभकारी होते है और उनका प्रयोग करने से बालों को उचित पोषण मिलता है.

hair fal 2विधि : 7 अंडे के तेल प्रयोग करें :
अंडा आपके बालों के लिए कंडीशनर का काम करता है जिसका प्रयोग आपके बालों के लिए लाभकारी होता है. अंडे के तेल से अपने स्कैल्प पर मसाज करके रातभर के लिये छोड़ दें. इसके बाद सुबह किसी हर्बल शैम्पू की मदद से अंडे के तेल को निकाल दे. लेकिन हां ध्यान रहे शेम्पू का प्रयोग केवल एक ही बार करें क्योंकि दुहराने से बालों में से नेचुरल लिपिड्स निकल जायेंगे और बाल सूखे व् कमजोर हो जायेंगे.
कम से कम 12 सप्ताह तक हफ्ते 2 से 3 बार अंडे के तेल का प्रयोग करें जिससे बाद उचित परिणाम दिखाई देने लगेंगे. सेल मेम्ब्रेन्स के उचित पोषण के लिये नियमित और लगातार प्रयोग महत्वपूर्ण है.
बालों को झड़ने और सफ़ेद होने से बचाने के लिये अंडे के तेल का प्रयोग लम्बे समय तक करते रहे। बीच में छोड़ देने से बालों का झड़ना और सफ़ेद होना दोबारा शुरू हो सकता हैं।
अंडे का तेल उपयोग में आसान और टिकाऊ होता है। यह, अंडे की जर्दी का प्रयोग करने की तुलना में न केवल ज्यादा सुविधाजनक होता है बल्कि गरम शावर में नहाते समय बालों में से आने वाली कच्चे अंडे की दुर्गन्ध से भी मुक्ति दिलाता है। इसमें साल्मोनेला (salmonella), जो स्कैल्प में इन्फेक्शन दे सकता है, का भी कोई जोख़िम नहीं होता है ।
अंडे का तेल आप घर में तैयार कर सकते हैं या ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

अपने बालों को मजबूत और सुन्दर बनाने के लिए मालिश की आवश्यकता होती है जो बहुत ही फायदेमंद और लाभकारी होती है. बाल के गिरने के कई कारण तो हम आपको बता ही चुके है लेकिन इनमे से एक कारण व्यक्ति का तनाव ग्रस्त या चिंता करना भी होता है. क्योकि हमारे बालों की जड़े हमारे मस्तिष्क से जुडी होती है और यदि हमारे मस्तिष्क में किसी भी प्रकार का तनाव होता है तो इसका असर सीधे बालों की जड़ो पर पड़ता है जिससे बाल झड़ना प्रारम्भ होता है. ऊपर बताये गए कुछ नुस्खे आपकी इस समस्या को खत्म तो करेंगे ही साथ ही आपको बालों को मजबूती और चमक भी प्रदान करेंगे. तो तनाव मुख्त रहे और अपने बालों को भी रहने दे !

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सात फेरे का क्या महत्त्व है और कौन कौन से है ?

हिन्दुओ में विवाह को एक पवित्र बंधन माना जाता है. विवाहोत्सव के दौरान वर वधु को पुरानी मान्यता के अनुसार ही विवाह करना होता है. कहा जाता है विवाह एक ऐसा पवित्र बंधन होता है जो की एक वैदिक सूत्र से बंधा होता है.

भारत की वैदिक संस्कृति के अनुसार सोलह संस्कारो को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कार माने जाते है. उन्ही सोलह संस्कारो में से एक है विवाह संस्कार जिसकी अनुपस्थति में मानव जीवन पूर्ण नहीं होता. हिन्दू धर्म में विवाह संस्कार को सोलह संस्कारो में से एक माना जाता है.

विवाह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है वि + वाह जिसका अर्थ है विशेष रूप से (उत्तरदायित्व का) वहन करना. विवाह संस्कार का सांस्कृतिक नाम पाणिग्रहण संस्कार है जिसे सामान्य रूप से हिन्दू विवाह के नाम से जाना जाता है. अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का करार होता है जिसे किसी विशेष परिस्थितियों में तोड़ा भी जा सकता है, परन्तु हिन्दू विवाह पति और पत्नि के बीच जन्म जन्मांतर का संबंध होता है जिसे किसी भी परिस्थिति में तोडा नहीं जा सकता. विवाह में अग्नि के सात फेरे लेकर ध्रुव तारे को साक्षी मानकर दो तन, मन और आत्मा एक पवित्र बंधन में बंध जाते है. विवाह के दौरान पहले कुछ फेरो में वर आगे चलता है और अंतिम फेरो में वधु आगे चलती है. जिसका अर्थ है समानता. इस प्रक्रिया के माध्यम से वधु कहती है की कुछ मामलो में मैं आपकी आगे रखूंगी जबकि कुछ में मैं खुद आगे रहूंगी.

सात फेरे और सात वचन :-

विवाह एक ऐसा बंधन है जब दो इंसानो के साथ साथ दो परिवारों का जीवन बदल जाता है. हिन्दू विवाह में सबसे महत्वपूर्ण भाग सात फेरे होता है जिसका महत्त्व सबसे अधिक माना जाता है. हिन्दू धर्म में सात फेरे के पश्चात ही विवाह संपन्न माना जाता है. सात फेरे में दूल्हा व् दुल्हन दोनों से सात वचन लिए जाते है. यही सात फेरे पति पत्नि के रिश्ते को सात जन्मों तक बांधते है. हिन्दू विवाह के अंतर्गत वर वधु अग्नि को साक्षी मानकर उसके सात फेरे लेते है और एक साथ सुख से जीवन व्यतीत करने का प्रण लेते है. ये सात फेरे सात वचन के साथ लिए जाते है. हर फेरे का एक वचन होता है, जिसे पति पत्नि जीवनभर साथ निभाने का वादा करते है. ये सात फेरे ही हिन्दू विवाह की स्थिरता के मुख्य स्तंभ होते है.

सात फेरो में लिए जाने वाले सात वचन :-

विवाह के पश्चात कन्या वर के वामांग में बैठती है जिससे पूर्व वो वर से सात वचन लेती है. कन्या द्वारा वर से लिए जाने वाले वे सात वचन इस प्रकार है :

पहला वचन (First Marriage Vow) :

तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्या:,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी !!

जिसका अर्थ है – इस वचन में कन्या वर से कहती है की यदि आप कभी तीर्थयात्रा पर जाओ तो मझे भी अपने संग लेकर जाना. कोई व्रत – उपवास अथवा अन्य धर्म कार्य आप करें तो आज की भांति ही मुझे अपने वाम भाग में स्थान अवश्य देना। यदि आप इसे स्वीकार करते हैं तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

हिन्दू धर्म में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान की पूर्ति हेतु पति के पत्नि का होना आवश्यक होता है. जिस धार्मिक अनुष्ठान को पति पत्नि साथ मिलकर सम्पूर्ण करते है उसका फल सुखद होता है. पत्नि द्वारा लिए गए इस वचन के माध्यम से पत्नि धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता और उसके महत्त्व को बताया गया है.

दूसरा वचन (Second Marriage Vow) :

पुज्यौ यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या:,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम !!

जिसका अर्थ है – दूसरे वचन में कन्या वर से मांगती है की जिस प्रकार आप अपने माता पिता का सम्मान करते है उसी प्रकार मेरे माता पिता का भी सम्मान करेंगे तथा कुटुम्ब की मर्यादा के अनुसार धर्मानुष्ठान करते हुए ईश्वर भक्त बने रहेंगे तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ.

इस वचन में दूरदृष्टि का आभास होता है. आज के समय लोगो की सोच कुछ इस प्रकार हो गयी है जो ज्यादातर देखने को मिलती है – गृहस्थ में किसी प्रकार के आपसी विवाद होने के कारण वर या तो अपनी पत्नी के परिवार के साथ संबंध कम कर देता है या उन्हें समाप्त कर देता है. इसीलिए ये वचन लिया जाता है की वर हमेशा अपनी पत्नी के परिवार वालो का सम्मान करेगा और उनके साथ सदव्यवहार रखेगा.

तीसरा वचन (Third Marriage Vow) :

जीवनम अवस्थात्रये मम पालनां कुर्यात,
वामांगंयामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं तृ्तीयं !!

जिसका अर्थ है – तीसरे वचन में कन्या वर से वचन मांगती है की आप जीवन की तीनो अवस्थाओं (युवावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था) में मेरा पालन करते रहेंगे तो ही मैं आपके वामांग में बैठना स्वीकार करुँगी.

इस वचन में कन्या अपने पति से जीवन भर साथ निभाने का वचन मांगती है ताकि भविष्य में उसे किसी भी प्रकार का कष्ट न हो.

चौथा वचन (Fourth Marriage Vow) :

कुटुम्बसंपालनसर्वकार्य कर्तु प्रतिज्ञां यदि कातं कुर्या:,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं चतुर्थं !!

जिसका अर्थ है – चौथे वचन में कन्या मांगती है की अभी तक आप घर परिवार की चिंताओं से पूर्णतः मुक्त थे. क्योकि अब आप विवाह बंधन में बँधने जा रहे हैं जिससे भविष्य में परिवार की समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति का दायित्व आपके कंधों पर है। यदि आप इस भार को वहन करने की प्रतीज्ञा करें तो मैं आपके वामांग में आने के लिए तैयार हूँ.

इस वचन में कन्या वर को भविष्य में उसके उत्तरदायित्वों का स्मरण कराती है. विवाह पश्चात कुटुंब के पोषण के लिए धन की आवश्यकता होती है. इस स्थिति में वर का पूरी तरह अपने पिता पर आश्रित होना सही बात नहीं है. इसलिए कन्या चाहती है कि पति पूर्णतः आत्मनिर्भर होकर आर्थिक रूप से परिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सक्षम हो सके.

पांचवा वचन (Fifth Marriage Vow) :

स्वसद्यकार्ये व्यवहारकर्मण्ये व्यये मामापि मन्त्रयेथा,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: पंचमत्र कन्या !!

जिसका अर्थ है – इस वचन में कन्या कहती है की अपने घर के कार्यों में, विवाहादि, लेन-देन अथवा अन्य किसी हेतु खर्च करते समय मेरी भी मंत्रणा लिया करेंगे तो मैं आपके वामांग में बैठने के लिए स्वीकृति देती हूँ.

इस वचन में कन्या अपने अधिकारों की मांग करती है. बहुत से व्यक्ति इस प्रकार के कार्य में पत्नी की सलाह लेना आवशयक नहीं समझते. यदि वर अपने हर निर्णय में अपनी पत्नी की सलाह ले तो पत्नी को सम्मान मिलता है जिसके साथ साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति संतुष्टि भी होती है.

छठा वचन (Sixth Marriage Vow) :

न मेपमानमं सविधे सखीनां द्यूतं न वा दुर्व्यसनं भंजश्चेत,
वामाम्गमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं च षष्ठम !!

जिसका अर्थ है – इस वचन में कन्या वर से कहती है की यदि मैं अपनी सखियो अथवा अन्य स्त्रियों के साथ बैठी हूँ तो आप वहां सबके सन्मुख किसी भी कारण या प्रकार से मेरा अपमान नहीं करेंगे. आप अपने आपको जुआ अथवा अन्य किसी भी प्रकार के दुर्व्यसन से दूर रखेंगे तो मैं आपके वामांग में बैठने के लिए तैयार हुँ.

इस वचन में कन्या अपने पति से सम्मान की अपेक्षा करती है. विवाह के पश्चात पुरुषों का व्यवहार बदल जाता है और वे जरा जरा से बात पर पत्नी से डाट डपट करने लगते है. जिसके कारण पत्नी का मन आहात होता है. यदि पति चाहे तो वो एकांत में भी जा कर पत्नी को डाट सकता है. इसीलिए वे वचन लिया जाता है ताकि पति सबके सामने उसके सम्मान की रक्षा करे और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार में पड़कर अपने विवाहित जीवन को नष्ट न करे.

सातवां वचन (Seventh Marriage Vow) :

परस्त्रियं मातृसमां समीक्ष्य स्नेहं सदा चेन्मयि कान्त कुर्या,
वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रूते वच: सप्तममत्र कन्या !!

जिसका अर्थ है – अंतिम वचन में कन्या वर से कहती है की आप पराई स्त्री को माता समान समझेंगे और पति-पत्नि के आपसी प्रेम के मध्य अन्य किसी को भागीदार नहीं बनाएंगें. यदि आप मेरे इस वचन को स्वीकार करते है तो मैं आपके वामांग में आने के लिए तैयार हुँ.

इस वचन में कन्या अपने प्रेम को सुरक्षित करती है. विवाह के पश्चात उसका पति किसी बाह्य स्त्री के आकर्षण के कारण पगभ्रष्ट न हो जाए इस वचन के माध्यम से कन्या अपने भविष्य को सुरक्षित रखने का प्रयास करती है.

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