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गर्भावस्था में अपने खान-पान में क्या-क्या शामिल करें

गर्भावस्था में अपने खान-पान में क्या-क्या शामिल करें:-

गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए: गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए बहुत खास लम्हा होता हैं| ऐसे में हर महिला के लिए जरुरी हैं, की वो अपने खान-पान का पूरा ध्यान रखें जिसके कारण, उनकी और उनके आने वाले बच्चे का स्वास्थ्य बिलकुल ठीक रहें| बच्चे का स्वास्थ्य इसीलिए क्योंकि जब बच्चा गर्भ में होता हैं तब वो अपनी सारी खान-पान से सम्बंधित जरूरते माँ से ही पूरी करता हैं| यदि आप चाहते हैं की आपका बच्चा स्वस्थ व् तंदरुस्त रहें तो ऐसे में जरुरी हैं की महिला सभी तरह से अपना पालन पोषण अच्छे ढंग से करें|

महिला के शरीर में गर्भावस्था के समय मिनरल्स की कमी होने के कारण उसका सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता हैं| जिसके कारण बच्चा कमजोर होता हैं| गर्भावस्था के दौरान महिला भी कई तरह की परेशानियों से गुजरती हैं| जिसके कारण उसके शरीर में भी कमजोरी आ जाती हैं| जैसे की उलटी आना, कई बार पेट का ख़राब रहना, जिसके कारण कुछ भी खाने पीने का मन नहीं करता हैं| परंतु महिला को ऐसा नहीं करना चाहिए, उलटी आने के बाद आपको दुबारा खाना खाना चाहिए|

सामान्य अवस्था में महिला को जितनी कैलोरीज व् मिनरल्स की आवश्यकता होती हैं गर्भावस्था के समय महिला को उससे ज्यादा पोषक तत्वो की जरुरत होती हैं| जिससे न तो गर्भवती महिला और न ही उसके होने वाले बच्चे में किसी तरह की कमी आ सकें| महिला को खान-पान में भी बहुत सी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं| जैसे की क्या स्वास्थ्य के लिए अच्छा हैं| और किस चीज का महिला और उसके बच्चे के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता हैं|

महिला को पपीता, अनानास, ज्यादा गरम चीजे, बाहर का खाना, ज्यादा मसालेदार भोजन, ज्यादा मात्रा में चाय, कॉफ़ी, आदि का सेवन नहीं करना चाहिए| नहीं तो इसका सीधा असर महिला के स्वास्थ्य पर पड़ता हैं| और शुरूआती दिनों में ये गर्भपात का कारण भी बन सकते हैं| आइये जानते गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने स्वास्थ्य में क्या-क्या शामिल करना चाहिए| जिससे की उनका और उनके होने वाले बच्चे का स्वास्थ्य बिलकुल ठीक रह सकें|

गर्भावस्था के दौरान महिला अपने आहार में क्या-क्या शामिल करना चाहिए:-

गर्भावस्था के दौरान करें अंडो का सेवन:-

गर्भावस्था के समय में अंडे माँ और बच्चे दोनों के लिए ही बहुत अच्छे होते हैं| क्योंकि ये प्रोटीन के लिए एक बहुत अच्छा स्त्रोत हैं| परंतु अंडो के सेवन से पहले आप ध्यान रखें की न तो अंडे आधे कच्चे और आधे पके हुए हो, या फिर आप कभी भी कच्चे अंडो का सेवन न करें| अंडो को अच्छे पकाकर फिर उसका सेवन करें| शुरूआती दिनों में अंडो का सेवन ज्यादा न करें, उसके बाद आप इसका सेवन कर सकती हैं|

हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें:-

हरी पत्तेदार सब्जियों में भी बहुत से पोषक तत्व होते हैं, जो आपके और आपके बच्चे में कैल्शियम व् अन्य मिनरल्स की कमी नहीं होने देते हैं| इसीलिए आप जरूर इनका सेवन करें| परंतु एक बात का ध्यान रखें की आप बासी सब्ज़ियों का सेवन न करें, बल्कि आप रोजाना ताजी व् पोष्टिक सब्जियों का सेवन करें| और आप चाहे तो आप इन्हें अपनी रोजाना की डाइट में भी शामिल कर सकती हैं| इसमें विटामिन ए,विटामिन सी और विटामिन के भी भरपूर मात्रा में होता हैं|

दालों का सेवन करें:-

दाले प्रोटीन से भरपूर होती हैं| और इसमें बहुत से ऐसे पोषक तत्व होते हैं| जो आपको शरीर में होने वाली मिनरल्स की कमी को पूरा करते हैं| आपको गर्भावस्था के दौरान जरुरी हैं की आप रोजाना दाल का सेवन करें , और आप चाहे तो दालों को बिना तड़का लगाएं इसका सेवन सूप के रूप में भी कर सकती हैं| आपको दालों से कैल्शियम, आयरन आदि भी भरपूर रूप से मिलते हैं|

मछली का सेवन करें:-

जो महिलाये मांसाहारी होती हैं वो गर्भावस्था के दौरान मछली का सेवन कर सकती हैं| मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स की काफी मात्रा होती है जो बच्चे के दिमाग के विकास और आँखों के लिए काफी अच्छी होती हैं, और यह आपको प्रोटीन एवं विटामिन बी भी भरपूर मात्रा में देता हैं| सैल्मन (एक प्रकार की मछली) खाना फायदेमंद है क्योंकि इसमें मरकरी की मात्रा कम होती है, और आप अपनी इच्छा अनुसार आप इसे भूनकर, उबालकर या सलाद के रूप में भी खा सकते हैं|

ओट्स का सेवन करें:-

ओट्स फाइबर, विटामिन बी, आयरन और कई खनिजों से युक्त होते हैं, जो की गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के साथ-साथ होने वाले बच्चे के लिए भी बहुत फायदेमंद होता हैं| इसका सेवन आप सुबह नाश्ते में एक कटोरी में ओट्स लें,जिससे आपको पूरी तरह से इसके पोषक तत्व आपको सुबह ही मिले, जो आपके अंदर की ऊर्जा को कायम रख सकें|

दूध का सेवन करें:-

गर्भावस्था के दौरान हमे कभी भी ठन्डे दूध व् कच्चे दूध का सेवन नहीं करना चाहिए| दूध को हमेशा अच्छे या गरम या फिर गुनगुना करके पीना चाहिए| क्योंकि कच्चे दूध के सेवन के कारण कई बात पेट से जुडी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं| और आपको हो सकें तो दूध व् दूध से बने प्रोडक्ट्स को अपने आहार में शामिल करना चाहिए| क्योंकि दूध कैल्शियम का बहुत अच्छा स्त्रोत माना जाता हैं| और गर्भावस्था के दौरान ये महिला और उसके होने वाले बच्चे के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो सकता हैं|

फलो का सेवन करें:-

गर्भावस्था के दौरान महिला को फलो को भी अपने आहार में शामिल करना चाहिए| परंतु काफी समय तक पड़े हुए कटे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए| सदैव ताजे फलों को ही अपने आहार में सम्मिलित करना चाहिए| फलों को थोड़े-थोड़े समय के बाद खाते रहना चाहिए| इससे हमारे शरीर में प्रोटीन, कैल्शियम आदि की मात्रा बनी रहती हैं, आपको अंगूर ,अनार ,आंवला ,चुकंदर,सेब आदि का सेवन करना चाहिए ,इन सबका सेवन करते समय आपको नीबू का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि यह पाचनक्रिया में मदद करता हैं| हरे नारियल का पानी भी गर्भावस्था के दौरान अच्छा होता हैं|

ब्रोकली का सेवन करना चाहिए:-

यह अमेरिका की काफी पसंदीदा सब्ज़ी है जो कि विटामिन ए और सी से भरपूर होती है| और यह गर्भवती महिला के लिए भी बहुत लाभदायक होती हैं| और साथ ही यह बच्चे की हड्डियों का विकास करने के साथ ही बच्चों के लिए लाभदायक फोलिक एसिड का भी उत्पादन करने में सक्षम है| गर्भवती महिला इसका सेवन किसी भी प्रकार के भोजन में बनाकर कर सकती हैं|

गर्भावस्था के दौरान ध्यान देने योग्य अन्य बातें:-

  • गर्भावस्था के समय पूरी तरह से मिनरल्स का सेवन करना चाहिए|
  • डेरी उत्पाद का सेवन करना चाहिए|
  • बाहरी भोजन व् ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • महिला को ज्यादा भाग-दौड़ व् व्यायाम नहीं करना चाहिए|
  • ज्यादा भारी सामान उठाने से परहेज रखना चाहिए|
  • शुरूआती दिनों में ज्यादा गरम चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए|
  • अपने लिए एक दिनचर्या बनानी चाहिए|
  • खाली पेट चाय नहीं पीनी चाहिए|
  • डॉक्टर के परामर्श के बिना ज्यादा दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • सम्भोग के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श लेना चाहिए|
  • गाजर का सेवन करना चाहिए|
  • बीन्स का प्रयोग करना चाहिए|
  • खाने पीने में साफ़ सफाई का ध्यान रखना चाहिए|

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गर्भवती महिला को लौकी/घीया खाने के फायदे और नुकसान

प्रेगनेंसी में लौकी

लौकी को घीया के नाम से भी जाना जाता है, प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला हर वो चीज खाने की इच्छा रखती है जिससे गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को फायदा मिलता है। ऐसे में कैल्शियम, मैंग्नीशिम, फास्फोरस, विटामिन ए, विटामिन सी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर लौकी का सेवन करने से प्रेगनेंसी के दौरान बहुत फायदा मिलता है। साथ ही इसमें पानी भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। लौकी का सेवन सब्ज़ी या जूस के रूप में किया जा सकता है। लेकिन अधिक मात्रा में भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कोई भी चीज यदि आवश्यकता से अधिक खाई जाती है तो प्रेगनेंसी के दौरान वह आपको नुकसान पहुंचा सकती है, साथ ही इसके स्वाद का ध्यान रखना भी बहुत जरुरी होता है।

प्रेगनेंसी में घीया खाने के फायदे

गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को पोषक तत्वों से भरपूर घीया खाने से कौन से फायदे मिलते हैं, आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

कोलेस्ट्रॉल

कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना हदय सम्बन्धी समस्या को बढ़ा सकता है, साथ ही इसके कारण गर्भवती महिला व् गर्भ में पल रहे शिशु को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान घीया का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

पाचन क्रिया

गर्भवती महिला को कब्ज़, एसिडिटी, भूख की कमी जैसी परेशानियों का प्रेगनेंसी के दौरान सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्याओं से निजात दिलाने और पेट को साफ़ रखने में मदद करते हैं, जिससे गर्भवती महिला को इन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।

यूरिन से जुडी परेशानी

प्रेगनेंसी के दौरान यूरिन इन्फेक्शन की समस्या से बहुत सी महिलाएं परेशान रहती है ऐसे में घीया का सेवन करने से इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें पानी की मात्रा पर्याप्त होती है जो यूरिन से जुडी परेशानियों का समाधान करने में मदद करती है।

हाइड्रेटेड रहती है बॉडी

पानी की कमी होने के कारण गर्भवती महिला को डिहाइड्रेशन की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है। ऐसे में घीया का सेवन करने या इसका जूस पीने से बॉडी को हाइड्रेटेड रहने में मदद मिलती है, क्योंकि घीया में पानी की मात्रा भरपूर होती है।

तनाव से राहत

तनाव होने के कारण केवल गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी परेशानी हो सकती है। और लौकी का सेवन करने से प्रेगनेंसी के बॉडी को ठंडा रखने के साथ दिमाग को ठंडा रखने में भी मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला या गर्भ में पल रहे शिशु को तनाव जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

ब्लड प्रैशर

गर्भवती महिला के लिए ब्लड प्रैशर का घटना या बढ़ना भी चिंता का विषय होता है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए घीया का सेवन करना एक बेहतरीन और आसान विकल्प होता है, क्योंकि घीया का सेवन करने से रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

गर्भाशय को मिलता है फायदा

लौकी का जूस पीने से गर्भाशय को फायदा मिलता है, क्योंकि इससे गर्भशय सम्बन्धी समस्या से निजात पाने के साथ गर्भाशय को मजबूत करने में मदद मिलती है। जिससे स्वस्थ शिशु को जन्म देने में मदद मिलती है।

गर्मी दूर होती है

गर्मी के कारण प्रेगनेंसी में परेशानियां दुगुनी हो जाती है, लेकिन लौकी का सेवन करने से बॉडी के तापमान को सही रखने में मदद मिलती है। और बॉडी को ठंडक मिलती है जिससे गर्भवती महिला को गर्मी की परेशानी से बचाव करने में फायदा होता है।

लौकी खाने के नुकसान

प्रेग्नेंट महिला को लौकी का सेवन करते समय दो बातों का खास ध्यान रखना चाहिए यदि लौकी कड़वी हो तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि कड़वी लौकी की सब्ज़ी खाने या जूस पीने से गर्भपात होने का खतरा रहता है। साथ ही लौकी का सेवन करने से यदि उल्टी, दस्त आदि की परेशानी होती तो इसे अनदेखा न करते हुए एक बार डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान लौकी का सेवन करने के कुछ फायदे और नुकसान, ऐसे में लौकी के फायदे उठाने के लिए आप लौकी का सेवन कर सकते हैं।

ब्रैस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स हो गए है? ये है ठीक करने के तरीके

स्ट्रेच मार्क्स की समस्या ज्यादातर प्रेगनेंसी के बाद महिलाओ के पेट, जांघो, कुलहो पर देखि जाती है, परन्तु ये समस्या कई महिलाओ को ब्रैस्ट पर भी होती है, यह त्वचा पर महीन रेखाओ की तरह दीखती है, जो आपकी स्किन को दो रंगों में बाँट देती है, जिसके कारण महिलाओ के आत्मविश्वास में कमी आती है, क्योंकि उन्हें ऐसा महसूस होता है, की इन्हें कारण उनकी ख़ूबसूरती कम हो रही है, और यह समस्या ऐसी नहीं है की जिसका कोई समाधान नहीं है, लेकिन आपको इन उपाय का इस्तेमाल करते हुए धैर्य रखना चाहिए क्योंकि यह धीरे धीरे आपकी स्किन से जुडी इस परेशानी को खत्म करते है।

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आज कल इस समस्या के समाधान के लिए मार्किट में भी प्रोडक्ट्स आ गए है, परन्तु महंगे होने के साथ कई बार वो उतनी अच्छी तरह से काम नहीं करते है, लेकिन एलोवेरा, आलू, निम्बू, शहद, कोकोआ बटर आदि कुछ ऐसे उपाय है जो सस्ते होने के साथ धीरे धीरे आपकी इस समस्या को जड़ से खत्म करने में आपकी मदद करते है, यदि आप भी ब्रैस्ट पर होने वाली स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से परेशान है तो इससे बचने के लिए आप इन तरीको का इस्तेमाल कर सकती है, तो आइये अब विस्तार से जानते है की वो कौन कौन से टिप्स है जिनके नियमित प्रयोग से आपको कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान करने में मदद मिलेगी।

अंडे के सफ़ेद भाग का इस्तेमाल करें:-

छाती पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से बचने के लिए अंडे के सफ़ेद भाग का इस्तेमाल इस समस्या से निजात पाने वाले कारगर उपाय में से एक है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दो अंडे लें, उसके बाद उसे किसी बर्तन में फोड़ कर उसके तरल भाग को निकाल लें, और फिर उसके पीले और सफ़ेद भाग को अलग कर लें, अब आप सफ़ेद भाग को अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर लगाएं, जहां जहां आपको आपको ये निशान है, उसके बाद सूखने के लिए इसे छोड़ दें, और सूखने के बाद पानी की मदद से इसे साफ़ कर लें, उसके बाद स्किन पर मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल जरुर करें, कुछ ही दिनों तक करने पर आपको इसका असर दिखाई देगा।

निम्बू के रस का इस्तेमाल करें:-

निम्बू के रस का इस्तेमाल तरह तरह के दाग धब्बो को दूर करने के लिए किया जाता है, और ये आपकी स्ट्रेच मार्क्स की समस्या का समाधान करने में भी आपकी मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए एक ताजे निम्बू का रस निकाल लें, और उसके बाद इस रस को अच्छे से अपने निशान पर लगायें, और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे साफ करें, कुछ दिनों टेक इस तरीके का इस्तेमाल नियमित रूप से करें।

एलोवेरा का इस्तेमाल करें:-

एलोवेरा जैल आपकी स्किन की कोमलता को बरकरार रखने के साथ स्किन पर होने वाले दाग धब्बो को भी खत्म करने में मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक कप एलोवेरा जैल लें, आप सीधा एलोवेरा के पत्ते को तोड़कर उसका जैल निकाल सकते है, और उसमे दो चम्मच विटामिन इ के तेल की मिलाएं, अच्छे से मिक्स करने के बाद इस मिश्रण को अपने स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं, और जब तक आपकी स्किन इसे सोख न लें तब तक आप इसे अपनी स्किन पर लगाएं रखें, नियमित इस तरीके का इस्तेमाल करें आपको फायदा होगा।

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कोकोआ बटर का इस्तेमाल करें:-

कोकोआ बटर का एक महीने तक नियमित दिन में दो बार इस्तेमाल करने पर आपको स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दिन में दो बार अच्छे से कोकोआ बटर से मसाज़ करें, और आधे घंटे के बाद उस जगह को साफ़ कर लें, आप खुद इसका असर देखेंगे।

विटामिन इ के तेल का इस्तेमाल करें:-

विटामिन इ के तेल का यदि अच्छे से इस्तेमाल किया जाएँ तो इसके उपयोग से भी आप स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से राहत पा सकते है, इससे निजात पाने के लिए आप विटामिन इ के तेल से कम से कम पंद्रह मिनट तक अच्छे से मसाज करे, और इसे नियमित रूप से करें, थोड़े ही समय के इस्तेमाल के बाद इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स आपकी इस समस्या का समाधान करने में मदद करेंगे, साथ ही यह आपकी स्किन के लिए एक बेहतरीन मॉइस्चराइजर की तरह भी काम करता है, जो आपकी बॉडी में रक्त का संचार करने के साथ आपकी स्किन की कोमलता को बरकरार रखने में मदद करते है।

आलू का इस्तेमाल करें:-

आलू में भी ऐसे मिनरल्स पाएं जाते है जो आपकी स्किन पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स की समस्या को खत्म करने में आपकी मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए आलू की स्लाइसेस को काटकर अच्छे से अपने निशान पर रगड़ें, और सूखने के बाद उस स्थान को धो दें, नियमित इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको इसका फायदा खुद दिखाई देता है, और आपकी स्किन को साफ़ और चमकदार बनने में मदद मिलती है।

जैतून के तेल का इस्तेमाल करें:-

जैतून के तेल का इस्तेमाल करने से भी आपकी बॉडी में रक्त का संचार अच्छे से होता है, साथ ही आपकी स्किन की नमी को बरकरार रखने में भी मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए दिन में दो बार अच्छे से जैतून के तेल को अच्छे से स्ट्रेच मार्क्स पर मसाज़ करें, आपको कुछ ही दिनों में इसका असर दिखाई देने लगेगा, और आपको स्ट्रेच मार्क्स से राहत पाने में मदद मिलती है।

कॉफ़ी का इस्तेमाल करें:-

कॉफ़ी भी आपकी स्किन के कलर को सामान्य करने में आपकी मदद करती है इसके इस्तेमाल के लिए थोड़ी सी कॉफ़ी को अच्छे से पीस लें, उसके बाद इसमें एलोवेरा जैल को डालकर मिक्स करें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने स्ट्रेच मार्क्स पर मसाज़ करें, और इसे पन्द्रह से मिनट के लिए छोड़ दें, उसके बाद किसी गरम तोलिये या कपडे की मदद से इसे साफ़ कर लें, इस उपाय को करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलेगी।

ब्रैस्ट से स्ट्रेच मार्क्स हटाने के अन्य उपाय:-

  • पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें, इससे आपकी त्वचा को नमी मिलने के साथ आपके शरीर पर होने वाले निशान की समस्या से भी राहत मिलती है।
  • एवोकाडो, जोजोबा, मीठे बादाम के तेल को मिश्रित करके एक मिश्रण तैयार करें, उसके बाद अपने स्ट्रेच मार्क्स पर नियमित इस तेल से मसाज़ करें आपको फायदा मिलेगा।
  • खाने में विटामिन सी की मात्रा का भरपूर सेवन करने से भी आपको इस समस्या से राहत मिलती है।
  • विटामिन के के तेल से स्ट्रेच मार्क्स की मसाज़ करने से आपको फायदा मिलता है।
  • वीट जर्म के तेल, बादाम का तेल, विटामिन इ के तेल, तिल का तेल, जैतून का तेल, नारियल का तेल या अन्य किसी तेल से नियमित स्ट्रेच मार्क्स पर मसाज़ करने से आपको इस समस्या से राहत मिलती है।
  • मॉइस्चराइज़र से नियमित स्ट्रेच मार्क्स पर मसाज़ करने से आपको इस समस्या से राहत मिलती है।
  • चीनी में बादाम का तेल और निम्बू का रस मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, और उससे नियमित अपने स्ट्रेच मार्क्स पर मसाज़ करें, ऐसा करने से आपको फायदा मिलता है।

तो ये कुछ तरीके है जिनका इस्तेमाल करने से आपको ब्रैस्ट पर होने वाले स्ट्रेच मार्क्स की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है, इसके अलावा आपको इनका इस्तेमाल करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आप इन्हें नियमित रूप से करें, और किसी भी एक तरीके का इतेमाल करें, क्योंकि यदि आप इसे नियमित नहीं करते है तो ये असरदार नहीं होते है।

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कैसे करें बेबी बॉय या बेबी गर्ल?

लड़का पैदा करने के टिप्स, लड़की पैदा करने के टिप्स, माँ बनना एक बहुत ही प्यारा और खास अनुभव होता है। और गर्भ में पल रहा शिशु चाहे लड़का हो या लड़की हो इससे ज्यादातर लोगो को फ़र्क़ नहीं पड़ता है। और हर किसी को घर में आने वाले नन्हे मेहमान की सेहत व् स्वास्थ्य सही रहने की चिंता होती है। लेकिन जरुरी यह भी नहीं है की हर कोई ऐसा ही सोचता हो। क्योंकि जिन कपल की पहली औलाद बेटी होती है उन्हें हो सकता है की लड़के की चाह हो। या फिर जिनकी पहली औलाद बेटा होता है हो सकता है की उनकी चाह लड़की की हो। लेकिन लिंग निर्धारण करना किसी के बस की बात नहीं होती है। क्योंकि यह तो महिला और पुरुष के शुक्राणु पर ही निर्भर करता है।

कैसे होता है बेबी बॉय या बेबी गर्ल?

महिला के शरीर में xx क्रोमोजोम होते हैं। और पुरुष के अंदर xy क्रोमोजोम होते हैं। और महिला और पुरुष के सम्बन्ध बनाने के बाद जब यदि महिला का x और पुरुष का x क्रोमोजोम मिलता है। तो ऐसा होने पर गर्भ में बेबी गर्ल होती है। और यदि महिला का x और पुरुष का y क्रोमोजोम मिलता है। तो गर्भ में लड़का होता है। यह एकल आंतरिक शारीरिक प्रक्रिया होती है जिसके बारे में आपका जानना मुश्किल होता है। हाँ बहुत सी महिलाएं प्रेग्नेंट महिला के शरीर में होने वाले बदलाव को देखकर अंदाजा लगा सकती है। की बेबी बॉय होगा या गर्ल लेकिन यह पूरी तरह सच हो ऐसा भी जरुरी नहीं है।

लड़का पैदा करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

यदि आप चाहती है की आप एक नन्हे राजकुमार को जन्म दें तो इसके लिए बहुत से टिप्स का आपको और आपके पार्टनर को ध्यान रखना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं।

लड़का पैदा करने के लिए पहले से करें तैयारी

  • पुत्र प्राप्ति के लिए पुरुष को छह महीने पहले ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
  • और पुरुष को अपने आहार में दूध, पनीर, मावा, रबड़ी आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।
  • पुरुष को खट्टे, नशीले पदार्थ, आदि का सेवन भी बंद कर देना चाहिए।
  • पुरुष को सूरजमुखी के बीजों का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन इ लड़का पैदा करने वाले शुक्राणु को बढ़ाने में मदद करता है।
  • इसीलिए रोजाना इसका सेवन पुरुष को जरूर करना चाहिए।
  • पुरुष को अंडरवियर ज्यादा टाइट पहनना छोड़ देना चाहिए।

लड़का पैदा करने के लिए महिला करे यह काम

  • महिला को भी हरी पत्तेदार सब्जियों, फलियां, साबुत अनाज, कद्दू, मूली, गाजर, नॉन वेज आदि का सेवन जरूर करना चाहिए।
  • यदि आप लड़के को जन्म देना चाहती है तो कभी भी आपको अपने नाश्ते को नहीं छोड़ना चाहिए।
  • तनाव नहीं लेना चाहिए।
  • यदि आप बाईं और करवट लेकर सोती है तो इससे भी लड़का होने के चांस बढ़ते हैं।

लड़का पैदा करने के लिए ऐसे बनाएं सम्बन्ध

  • पीरियड्स खत्म होने के बाद 8वें, 10वें, 12वें, 14वें, 16वें यानी की सम संख्या वाले दिनों में सम्बन्ध बनाने से पुत्र प्राप्ति के चांस बढ़ते हैं।
  • इस बात का ध्यान रखें की यदि इन दिनों में चन्द्रमा आधा है तो इस समय सम्बन्ध जरूर बनाएं।
  • क्योंकि पौराणिक कथाओं में इस दौरान सम्बन्ध बनाने से पुत्र होने के चांस बढ़ जाते हैं।
  • यदि महिला को अपने ओवुलेशन पीरियड की सही जानकारी है तो उस ओवुलेशन पीरियड के शुरू होने के बारह घंटे बाद व् चौबीस घंटे पहले सम्बन्ध बनाने से भी पुत्र को जन्म देने के चांस बढ़ते हैं।
  • सम्बन्ध बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की दोनों सम्बन्ध बनाने के सुख को प्राप्त करें।
  • इसके अलावा ऐसे सम्बन्ध बनाये की पुरुष के शुक्राणु महिला के प्राइवेट पार्ट पार्ट के पूरा अंदर तक प्रवेश करें।
  • ऐसा भी माना जाता है की लड़का पैदा करने के लिए सम्बन्ध बनाने से आधा घंटा पहले पुरुष को कॉफ़ी का सेवन करना चाहिए।
  • क्योंकि कॉफ़ी में मौजूद कैफीन लड़का होने के चांस को बढ़ाने में मदद करता है।
  • यदि पुरुष कॉफ़ी न पीए तो महिला भी कॉफ़ी का सेवन कर सकती है।

लड़की को जन्म देने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

आप एक नन्ही राजकुमारी को यदि जन्म देना चाहती हैं तो इसके लिए बहुत से टिप्स का आपको और आपके पार्टनर को ध्यान रखना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं।

महिलाएं और पुरुष यह करें

  • महिला को खट्टी चीजों का सेवन करना चाहिए।
  • तकिये के नीचे गुलाबी रिबन रखकर सोना चाहिए।
  • पुरुष को ज्यादा टाइट अंडरवियर पहनना चाहिए।

सम्बन्ध बनाएं

  • लड़की पैदा करने के लिए महिला व् पुरुष को दिन के समय सम्बन्ध बनाना चाहिए।
  • पीरियड्स खत्म होने के बाद 5वें, 7वें, 9वें, 11वें, 13वें, 15वें, 17वें यानी की विषम संख्या वाले दिनों में सम्बन्ध बनाने से पुत्री प्राप्ति के चांस बढ़ते हैं।
  • ज्यादा गहराई में समबन्ध नहीं बनाना चाहिए।
  • महिला से पहले पुरुष को सम्बन्ध बनाते समय फ्री हो जाना चाहिए।
  • रोजाना सम्बन्ध बनाएं।
  • ओवुलेशन पीरियड के शुरू होने के दो से तीन बाद सम्बन्ध बनाएं।
  • यदि पति से पहले पत्नी सम्बन्ध बनाने की इच्छा को जाहिर करती है तो इससे भी लड़की पैदा होने के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।

तो यह है लड़के या लड़की को जन्म देने के टिप्स, लेकिन ऐसा भी जरुरी नहीं है की यह पूरी तरह से सच हो। है लेकिन यदि आप चाहती है तो कोशिश जरूर कर सकती है। क्योंकि हो सकता है की यह तरीके आपके लिए सही साबित हो। साथ ही आजकल कुछ लोग लड़का या लड़की पैदा करने की दवाई भी देते हैं। लेकिन यह दवाई भी असरदार होती है या नहीं इसका भी कोई प्रमाण मौजूद नहीं है।

गर्मियों में डिलीवरी होने पर इन बातों का ध्यान रखना चाहिए

गर्मियों में डिलीवरी होने पर इन बातों का ध्यान रखना चाहिए, गर्मियों में प्रसव होने पर इन बातों का ध्यान रखें, गर्मियों के लिए डिलीवरी टिप्स, ऐसे रखें गर्मियों में डिलीवरी होने पर अपना ध्यान, डिलीवरी टिप्स, Delivery tips for summers

प्रसव के बाद महिला का शरीर बहुत ही कमजोर हो जाता है, ऐसे में महिला को अपना बेहतर तरीके से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, जैसे की भरपूर मात्रा में पोषक तत्व लेना, बॉडी को भरपूर आराम देना, सही समय पर दवाइयों का सेवन करना, आदि। क्योंकि जन्म के बाद भी शिशु अपने विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए महिला पर ही निर्भर करता है। ऐसे में आपका प्रसव गर्मियों में होता या सर्दियों में यह बात भी अहमियत रखती है, क्योंकि सर्दियों में जहां रजाई की गर्माहट के साथ गरम तासीर वाली चीजें जैसे की सौंठ, ड्राई फ्रूट आदि का सेवन करके महिला को जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है। वहीँ गर्मियों में ज्यादा गरम चीजें शरीर में अंदर गर्मी बढ़ा सकती है जिससे महिला को परेशानी का अनुभव हो सकता है, ऐसे में गर्मियों में डिलीवरी के बाद महिला को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये विस्तार से जानते हैं।

खान पान का ध्यान रखें

डिलीवरी के बाद महिला को अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, लेकिन गर्मियों में जितना हो सके पोषक तत्वों से भरपूर आहार ले लेकिन हलके भोजन का सेवन करें, ज्यादा मसालेदार, तेलीय खाने से परहेज करें। जैसे की सिर्फ जीरा का तड़का लगाकर दालें, हरी सब्जियां, खिचड़ी, दलिया, आदि का सेवन करें। और खाने को एक ही बार में पेट भरकर न खाएं बल्कि हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें।

फलों का सेवन करें

गर्मियों में डिलीवरी होने पर फलों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए, खासकर जिनमे पानी की अधिकता हो, जैसे की संतरा, अंगूर, तरबूज आदि। आप चाहे तो घर में फलों का ताजा रस निकालकर भी उसका सेवन कर सकते हैं। फलों का भरपूर सेवन करने से गर्मियों में डिलीवरी के बाद फिट होने के लिए भरपूर पोषक तत्व भी मिलते हैं, और बॉडी को हाइड्रेटेड रहने में भी मदद मिलती है।

संक्रमण से बचें

पसीना आने के कारण गर्भवती महिला को इन्फेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि शुरुआत के दिनों में अधिक ब्लीडिंग का होना, बॉडी के तापमान के बढ़ने के कारण आदि। संक्रमण होने का खतरा रहता है ऐसे में साफ़ सफाई का ध्यान रखने के साथ महिला को विटामिन सी से भरपूर आहार जैसे की खट्टे फल, ब्रोकली, टमाटर आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए, क्योंकि विटामिन सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है, जिससे इन्फेक्शन जैसी समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।

पेय पदार्थ ले भरपूर

बॉडी को हाइड्रेटेड रखने के लिए गर्मियों में डिलीवरी के बाद महिला को पानी को उबालने के बाद ठंडा करके उसका भरपूर सेवन करना चाहिए, इसके साथ फलों का ताजा जूस, निम्बू पानी, नारियल पानी आदि का सेवन भी भरपूर करना चाहिए। दिन में आठ से दस गिलास पानी का सेवन करने में बिल्कुल भी आनाकानी न करें। इससे गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी नहीं होती और महिला को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

ज्यादा ठंडक न लें

गर्मियों में डिलीवरी होने पर गर्मी का महसूस होना आम बात होती है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है की आप ए सी या कूलर के सामने जाकर सो जाएँ। डिलीवरी के बाद शरीर काफी कमजोर होता है, ऐसे में ज्यादा ठण्ड के कारण आपको बॉडी पेन की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है। इसीलिए गर्मियों में डिलीवरी होने के बाद आप ए सी या कूलर या पंखे के नीचे भी सोते हैं तो हलकी चादर या हलके कम्बल से अपनी बॉडी को ढक कर सोना चाहिए।

कपड़ो का रखें ध्यान

सूती कपडे, खुले कपडे, आरामदायक महसूस करवाने वाले कपडे, नर्सिंग ब्रा, सूती अंडरवेअर महिला को पहनने चाहिए। क्योंकि अधिक टाइट कपडे या सिल्क के कपडे बॉडी को अधिक गरम महसूस करवाते हैं, साथ ही पसीना भी नहीं सोख पाते जिसके कारण खुजली व् रैशेस जैसी समस्या हो सकती है।

दूध व् दही

गर्मियों में डिलीवरी होने पर भरपूर मात्रा में दूध व् दही का सेवन करना चाहिए। क्योंकि न केवल गर्मियों में डिलीवरी होने पर यह आपको गर्मी से बचाने में मदद करते हैं, बल्कि शिशु के लिए दूध का उत्पादन भी बढ़ाने में मदद मिलती है।

नींद ले भरपूर

सोने से शरीर को आराम मिलता है, ऐसे में महिला को अपनी नींद को जरूर पूरा करना चाहिए। और यदि रात को नींद पूरी नहीं होती है तो सुबह शिशु को नहलाने के बाद खुद भी नहाकर खाना खाने के बाद आप भी थोड़ा आराम करें, इससे आपको एनर्जी मिलेगी, जिससे डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान गर्मियों में डिलीवरी के बाद महिला को रखना चाहिए। इन टिप्स का ध्यान रखने से डिलीवरी के बाद होने वाली परेशानियों से बचाव करने में मदद करता है। साथ ही डिलीवरी के बाद भी यदि कोई दिक्कत हो तो एक बार डॉक्टर से जरूर राय लेनी चाहिए। क्योंकि महिला का स्वस्थ रहने के कारण ही शिशु को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

इस समय क्या खाना-पीना नुकसानदेह है जब तक लॉकडाउन है प्रेगनेंसी में

गर्भावस्था के दौरान अपना ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है क्योंकि इस समय महिला अकेली नहीं होती है बल्कि एक नन्ही सी जान भी माँ के गर्भ में पल रही होती है। ऐसे में आज जब लॉक डाउन चल रहा है और सभी अपने घरों में ही हैं। तो इक्कठे होने पर हो सकता है की आप अपने खान पान पर उतना ध्यान न दे पाएं और जैसा सब खा पी रहे हो आप भी वैसे ही खाना पीना शुरू कर दें।

और यदि ऐसा है तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की खान पान में यदि आप कोई गलती कर रही है तो इसके कारण आपको और बच्चे दोनों को परेशानी हो सकती है। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने जा रहे हैं की प्रेग्नेंट महिला को लॉक डाउन में क्या नहीं खाना या पीना चाहिए, ताकि लॉक डाउन में आपको स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

ठंडा पानी व् ठंडी चीजें

यदि आप माँ बनने वाली हैं और लॉक डाउन चल रहा है तो यह भी आपके लिए एक अलग ही अनुभव है क्योंकि आपको इस बेहतरीन समय में अपने पूरे परिवार का साथ मिल रहा है। ऐसे में गर्मी का मौसम शुरू हो चूका है तो हो सकता है की आपकी ठंडा पानी पीने की या ठंडी चीजें जैसे की ठन्डे फल, सलाद, आदि खाने की इच्छा हो। यदि आपकी ऐसी इच्छा है तो आपको अपनी इस इच्छा पर थोड़ा विराम लगाने की जरुरत है।

क्योंकि ठंडा पानी व् ठंडी चीजे खाने के कारण इस समय आपको सर्दी, खांसी, आदि होने का खतरा बढ़ सकता है साथ ही ठंडी चीजें आपके लिए सूजन व् बॉडी में दर्द जैसी दिक्कत को भी बढ़ा सकती है। ऐसे में आपको इन का सेवन करने से बचना चाहिए। ताकि लॉक डाउन के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य को सही रखने में मदद मिल सके।

बासी भोजन

लॉक डाउन में अधिकतर लोग एक ही समय सब्ज़ी आदि बनाकर रख रहे हैं, ताकि पूरा दिन रसोई में काम करने से बचे रहने के साथ सब्ज़ी आदि में किसी तरह की कमी न आये। लेकिन प्रेग्नेंट महिला को इस बात का ध्यान रखना है की वो बासी भोजन और फ्रिज में रखे ठन्डे भोजन को खाने से बचे। क्योंकि इसके कारण महिला को दिक्कत हो सकती है। साथ ही जब भी आपका खाने का मन हो उतना ही बनाये जितना आसानी से खत्म हो जाये। और बसी भोजन के कारण होने वाली परेशानी से आपको बचे रहने में मदद मिल सके।

दही

जी नहीं, हम आपको यह नहीं कह रहे हैं की आप दही मत खाइये, लेकिन यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो रात के समय दही का सेवन करने से आपको बचना चाहिए। क्योंकि दही की तासीर ठंडी होती है और ठंडी चीजों का सेवन रात में करने से गले में इन्फेक्शन, सर्दी, कफ, जुखाम आदि का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही रात के समय दही खाने से खाने को हज़म करने में भी दिक्कत हो सकती है।

बर्फ

गर्मी का मौसम चल रहा है ऐसे में लॉक डाउन के दौरान प्रेग्नेंट महिला को इच्छा हो सकती है की बर्फ डालकर फलों का रस, दूध आदि का सेवन करें। लेकिन गर्भवती महिला को ऐसा करने से बचना चाहिए क्योंकि ज्यादा बर्फ का सेवन करने से खांसी, जुखाम, जोड़ो में दर्द आदि की परेशानी महिला को हो सकती है।

ज्यादा दिन के पड़े फल व् सब्जियां

यदि बाहर न जाना पड़े इस चक्कर में आप बहुत से फल और सब्जियां इक्कठे मंगवा रही हैं। तो उनका सेवन करते समय एक बात का ध्यान रखें की वह फल या सब्जियां गली सड़ी न हो क्योंकि इनमे बेड बैक्टेरिया के होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में इन फलों व् सब्जियों का सेवन करने से महिला को सेहत सम्बन्धी परेशानी भी हो सकती है।

ज्यादा तला भुना भोजन

परिवार जब एक साथ होता है तो घर में कुछ न कुछ नया बनता ही रहता है और इनमे ज्यादातर चीजे तली भुनी हो सकती है। लेकिन प्रेग्नेंट महिला को ज्यादा तला भुना, मिर्च मसालों वाला भोजन खाने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा आहार गर्भवती महिला के लिए कब्ज़, पेट में गैस, सीने में जलन, खट्टी डकार जैसी परेशानी बढ़ा सकता है।

बहुत ज्यादा खाना

घर पर जब सभी एक साथ बैठकर खाते हैं तो हो सकता है की जरुरत से ज्यादा खाया जाये। लेकिन गर्भवती महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की जितनी भूख हो और जितना भोजन पचाने में महिला को कोई दिक्कत न हो महिला को उतना ही भोजन खाना चाहिए। क्योंकि यदि महिला बहुत ज्यादा खाती है तो इससे पेट सम्बन्धी परेशानी होने के साथ जरुरत से ज्यादा वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है। जो की महिला के साथ बच्चे के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

तो यह हैं कुछ चीजें जिनका सेवन गर्भवती महिला को लॉक डाउन में करने से बचना चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला इन सभी बातों का ध्यान रखती है तो ऐसा करने से लॉक डाउन के दौरान महिला को स्वस्थ रहने व् हर परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सकती है।

जोड़ो के दर्द का घरेलू इलाज

उम्र बढ़ने के साथ ज्यादातर लोग जोड़ो के दर्द की समस्या से परेशान रहते है। जोड़ो के दर्द का मुख्य कारण शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ना होता है। जिसके कारण इसके कण जोड़ो में इक्कठे होने लगते है और आपको दर्द की समस्या रहती है। कई बारे इसके कारण असहनीय दर्द और सूजन की समस्या भी हो सकती है। जोड़ो का दर्द घुटनो, कंधे, कूल्हे आदि में हो सकता है। जोड़ो में यदि आपको ज्यादा सार्ड रहता है तो यह गठिया का लक्षण भी हो सकता है।

यदि आपको जोड़ो में बहुत अधिक दर्द, सूजन, उठने बैठने, चलने में परेशानी होती है, तो ऐसे में आपको बिल्कुल भी लापरवाही न करते हुए जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए ताकि यदि गठिया की समस्या है तो उसे बढ़ने से रोका जा सके। लेकिन यदि आपको कम दर्द या थोड़ी परेशानी होती है, तो ऐसे कई घरेलू नुस्खे है जिनका इस्तेमाल करके आप आसानी से इस समस्या से निजता पा सकती है, और साथ ही यदि आप इनका इस्तेमाल करते है तो यह आपके दर्द को खत्म करने में आपकी मदद करता है।

जोड़ो में दर्द के कारण:-

  • जोड़ो में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने का कारण।
  • शरीर में पोषक तत्वों जैसे की मैग्नीशियम, कैल्शियम की कमी के कारण।
  • मोच आने के कारण, या किसी कारण जोड़ो में खिंचाव होने की वजह से।
  • मांसपेशियों में खिंचाव होने के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
  • ज्यादा व्यायाम, या घुटनो के बल अधिक काम करने की वजह से।

जोड़ो के दर्द का घरेलू इलाज:-

मेथी का प्रयोग करें:-

मेथी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लामेशन गुण आपको जोड़ो के दर्द की समस्या को खत्म करने में आपकी मदद करते है। इसके लिए आप रात को एक चम्मच मेथी के दानों को साफा पानी में भिगोकर रख दें, और सुबह उठकर इन्हे अच्छे से चबा चबा कर खाएं। या रोजाना सुबह एक चम्मच मेथी के दानो को दूध के साथ निगल जाएँ, दोनों में से किसी एक उपाय को नियमित करने से आपको फायदा मिलेगा।

सेब के सिरके का इस्तेमाल करें:-

सेब के सिरके का प्रयोग करने से आपके जोड़ो में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है। जिससे आपको दर्द से राहत मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक कप गर्म पानी में थोड़ा सा शहद और दो चम्मच सेब का सिरका मिलाएं, और नियमित दोपहर और रात के खाने से आधे घण्टे पहले इसका सेवन करें। इसके अलावा आप थोड़ा सा जैतून का तेल और सेब का सिरका मिलाकर उससे जोड़ो की मसाज भी कर सकते है।

लहसुन का उपचार करें:-

लहसुन में सल्फर और सेलेनियम भरपूर मात्रा में होता है, जिसके कारण यह गठिया के रोगियों और जोड़ो के दर्द से परेशान लोगो के के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप अपने आहार में लहसुन का भरपूर मात्रा में प्रयोग करें, साथ ही नियमित सुबह तीन से चार लहसुन की कलियों का सेवन करें। या आप तिल या सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को अच्छे से पका लें, और उस तेल से दिन में दो से तीन बार अच्छे से मसाज करें।

सेंधा नमक है फायदेमंद:-

जोड़ो में दर्द का एक कारण शरीर में मैग्नीशियम की कमी भी हो सकती है। और सेंधा नमक में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप अपने नहाने के पानी में दो से तीन चम्मच सेंधा नमक मिलाएं, और कम से कम बीस मिनट के लिए अपने शरीर को उसे डुबोकर रखें, ऐसा नियमित करने से आपको शरीर के सभी अंगो के दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।

लाल मिर्च का प्रयोग करें:-

लाल मिर्च का इस्तेमाल करने से भी आपको जोड़ो के दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें दर्द निवारक गुण मौजूद होते है, इसके इस्तेमाल के लिए एक कढ़ाई में डेढ़ कप नारियल का तेल डालें, और उसके गर्म होने के बाद इसमें दो चम्मच लाल मिर्च डालकर अच्छे से गर्म करें। अब इस पेस्ट को अपने जोड़ो पर लगाएं, और आधे घंटे बाद अच्छे से साफ़ कर लें। ऐसा दिन में दो से तीन बार नियमित करें आपको फायदा मिलेगा।

अदरक भी है फायदेमंद:-

अदरक में भी एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह आपके जोड़ो और मांसपेशियों के दर्द से राहत दिलाने में आपकी मदद करता है। इसके इस्तेमाल के लिए आपको अपने आहार में अदरक का सेवन करना चाहिए, या फिर अदरक को अच्छे से दो कप पानी में पानी के आधे रहने तक उबाल लें, और उसके बाद शहद डालकर इसका सेवन करें। इसके अलावा आप सूखी अदरक, हल्दी, और मेथी के दानो को पीसकर पाउडर तैयार करें, और नियमित एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ सुबह इसका सेवन करें।

हल्दी का इस्तेमाल करें:-

हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी सेप्टिक गुण होने के कारण यह भी आपको जोड़ो के दर्द में फायदा करती है। इसके लिए आप दिन में दो बार एक गिलास गर्म दूध में हल्दी को उबाल कर इसका सेवन करें। ऐसा करने से आपको जोड़ो के दर्द से कुछ ही दिनों में राहत पाने में मदद मिलती है।

जामुन की छाल का इस्तेमाल करें:-

जोड़ो के दर्द से राहत के लिए जामुन के पेड़ की छाल को अच्छे से पानी में उबाल लें, उसके बाद छाल को छान कर अच्छे से पीसकर एक लेप तैयार करें। उसके बाद इस लेप को अपने जोड़ो पर लगाएं। ऐसा नियमित करने से आपको बहुत फायदा मिलेगा, और धीरे धीरे इस समस्या से राहत पाने में भी मदद मिलेगी।

जोड़ो के दर्द से बचने के अन्य घरेलू उपाय:-

  • रात को अख़रोट की गिरियां भिगोकर, नियमित सुबह उठकर खाली पेट खाएं इससे आपको जोड़ो के दर्द से बचने में मदद मिलती है।
  • बथुआ के ताजे पत्तों का रस निकालकर सुबह शाम पीने से भी आपको फायदा मिलता है, लेकिन आपको इसे पीने के बाद दो घंटे तक कुछ भी खाने पीने से परहेज रखना चाहिए।
  • किसी भी गर्म तेल से नियमित दिन में दो बार अच्छे से मसाज करने से आपको फायदा मिलता है।
  • बर्फ को कपडे में बांधकर उससे सिकाई करने पर आपको दर्द से आराम मिलता है।
  • नारियल की गिरी का रोजाना सेवन करने से आपको जोड़ो के दर्द से राहत में आराम मिलता है।
  • लहसुन की दस कलियाँ पीस कर गुनगुने दूध में डालकर इनका सेवन करने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • चार या पांच ताज़ी अमरुद की पत्तियों को पीस लें, और उसमे काला नमक मिलाकर इसका सेवन करें।
  • पानी का भरपूर सेवन करें, क्योंकि अधिक मात्रा में पानी पीने से यूरिक एसिड आपकी बॉडी से बाहर आएगा जिससे आपको जोड़ो के दर्द से राहत पाने में मदद मिलेगी।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर और शहद डालकर दिन में दो बार पीएं, इससे भी आपको जोड़ो के दर्द से राहत पाने में आराम मिलता है।
  • योगासन व् व्यायाम भी जरूर करना चाहिए।
  • तिल के तेल में काली मिर्च पाउडर को गर्म करके इसका लेप बनाएं, और इसे अपने जोड़ो पर लगाएं आपको फायदा मिलेगा।

तो यदि आपको भी जोड़ो में दर्द की समस्या रहती है तो आप भी इनमे से किसी भी नुस्खे का इस्तेमाल कर सकती है। जिससे आपको जोड़ो के दर्द की समस्या से राहत मिलती है। इसके अलावा यदि आपको ज्यादा समस्या रहती है तो डॉक्टर से गठिया की जांच भी जरूर करवानी चाहिए।

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पीले दांत को सफ़ेद करने के अपनाएँ ये तरीके

सफ़ेद और सूंदर दांत आपकी मुस्कराहट को और भी बढ़ा देते हैं। लेकिन यदि आप अपने दांतो की अच्छे से देखभाल नहीं करते है, गलत खान पान के कारण, या फिर दांतो की साफ सफाई का ध्यान न रखने के कारण, आपके दांत पीले पड़ने लगते है। दांतों का रंग पीला होने के कारण न तो आप खुल कर हंस सकते है, और कई बार तो किसी से बात करने में भी आपको शरमिंदगी महसूस हो सकती है। और यदि आपको पीले दांतो के कारण कोई टोक देता है तो कई बारे सबके सामने अपमानित भी महसूस होता है।

दांतो के पीलेपन से निजात पाने के लिए मार्किट में तरह तरह के प्रोडक्ट भी आते है। लेकिन केमिकल होने के कारण यह आपके दांतों को साफ़ तो कर देते है, लेकिन इसके कारण आपके दांत, और मसूड़ों में तकलीफ हो सकती है और यह काफी महंगे भी होते हैं। और कई बार यह आपको उतना अच्छा रिजल्ट भी नहीं दे पाते है। लेकिन यह समस्या आप आसानी से खत्म कर सकते हैं, क्या आप जानना चाहते है कैसे तो आइये आज हम आपको दांतो के पीलेपन की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ टिप्स बताते है।

दांतों के पीलेपन का कारण:-

  • दांतों की साफ़ सफाई का ध्यान न रखने के कारण।
  • ठंडी चीजों का सेवन अधिक मात्रा में करने से।
  • गुटखा, तम्बाकू, धूम्रपान आदि करने पर भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • कई बार यदि आपको किसी जगह का पानी सूट नहीं करता है, तो भी आपके दांत पीले पड़ने लगते है।
  • जो लोग कैफीन यानी चाय कॉफ़ी का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं उन्हें भी यह परेशानी हो सकती है।
  • शराब का सेवन अधिक करने पर भी आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दांतो का पीलापन दूर करने के तरीके:-

बेकिंग सोडा:-

थोड़ा सा बेकिंग सोडा ब्रश पर लेकर अच्छे से ब्रश करें, इसे दो से तीन मिनट तक करने पर अच्छे से कुल्ला कर लें। ऐसा हफ्ते में तीन से चार बार करें इससे दांतो पर जमी पीली परत धीरे धीरे उतर जाएगी, और आपके दांतो का पीलापन दूर होने में मदद मिलेगी।

एप्पल साइडर विनेगर:-

एक चम्मच सेब के सिरके में आधा चम्मच जैतून का तेल लगाकर अच्छे से मिक्स कर लें। उसके बाद इस मिश्रण के खत्म होने तक इसमें ब्रश को डुबोकर ब्रश करें, ऐसा हफ्ते में तीन से चार बार करने पर दांतो का पालपन दूर होने लगता है।

नीम:-

पुराने जमाने से ही नीम का दातुन न केवल दांतो को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए बल्कि दांतो को साफ़ और चमकदार बनाएं रखने के लिए भी किया जाता है। इसके लिए आप नियमित सुबह नीम की एक टहनी का दातुन बनाकर अच्छे से चबाएं इससे दांतो से जुडी हर परेशानी को खत्म होने में मदद मिलती है।

निम्बू:-

निम्बू भी आपके दांतो के पीलेपन को दूर करने के साथ सांस की दुर्गन्ध को दूर करने में भी मदद करता है। इसके लिए आप एक निम्बू का रस निकाल लें, उसके बाद उसमे उतना ही पानी मिलाकर अच्छे से कुल्ला करें। ऐसे दिन में दो बारे नियमित करें आपको फायदा मिलेगा।

संतरे के छिलके:-

संतरे के छिलके को सुखाकर अच्छे से पीस कर पाउडर बना लें, इसमें तुलसी के पत्तों को सुखाकर भी मिलाएं। अब इस पाउडर को नियमित थोड़ा ब्रश पर लगाकर ब्रश करें धीरे धीरे आपके दांतो के पीलापन को दूर करने में मदद मिलेगी, और साथ ही संतरे में मौजूद विटामिन सी आपके दांतो को मजबूत और स्वस्थ रखने में भी मदद करेगा।

स्ट्रॉबेरी:-

स्ट्रॉबेरी में मैलिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो आपके दांतो को साफ़ और चमकदार बनाएं रखने में मदद करता है। इसके लिए आप दो तीन स्ट्रॉबेरी को अच्छे से पीस कर इसमें बेकिंग सोडा मिलाएं। उसके बाद इससे अच्छे अपने डेंटन को साफ करें, कुछ दिनों तक नियमित इस उपाय को करने से आपको अपने दांत साफ होने लगते है।

नमक:-

थोड़ा सा नमक और उसमे थोड़ा सा चारकोल मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें, उसके बाद इससे अपने दांतों को ब्रश करें। इससे भी आपके दांतो के पीलेपन को दूर कर दांतों को मोतियों जैसा सफ़ेद बनाने में मदद मिलती है।

तुलसी:-

तुलसी के पत्तों को अच्छे से सुखाकर इसका पाउडर बना लें, और अब नियमित ब्रश की मदद से इसे अच्छे से ब्रश करें। ऐसा नियमित करें इससे आपके दांतों की मजबूती बने रहने के साथ दांतों को सफ़ेद बनाने में भी मदद मिलती है।

केले का उपाय:-

आधा केला अच्छे से पीस कर उसे नियमित अपने दांतो पर रगड़ें, ऐसा कम से कम तीन से चार मिनट तक करें, और उसके बाद कुल्ला कर लें। ऐसा कुछ दिनों तक नियमित करने से आपको अपने दांतो के पीलेपन को दूर करने में मदद मिलती है।

गाजर:-

यदि आप नियमित गाजर का सेवन करते है, तो इससे आपके दांतों की साफ सफाई करने में मदद मिलती है। क्योंकि यह दांतो में गंदगी का जमाव नहीं होने देता है जिससे आपके दांतो को स्वस्थ रहने और दांतो के पीलेपन को दूर करने में मदद मिलती है।

दांतो का पीलापन दूर करने के अन्य टिप्स:-

  • दांतो को अच्छे से साफ़ करें, दिन में दो बारे ब्रश जरूर करना चाहिए।
  • खाना खाने के बाद कुल्ला जरूर करना चाहिए।
  • नशीले पदार्थ जैसे की शराब, धूम्रपान, गुटखा, सिगरेट आदि से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • थोड़ा सा नमक और मीठा सोडा लेकर उसे दांतो पर घिसने से भी दांतो के पीलापन को दूर करने में मदद मिलती है।
  • थोड़ी सी हल्दी, नमक और सरसों का तेल मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अपने दांतों पर लगाएं, दो मिनट तक रहने दें, और उसके बाद अच्छे से रगड़कर साफ करें, ऐसा करने से दांतो के पीलेपन को दूर किया जा सकता है।

तो यदि आप भी दांतो के पीलेपन की समस्या से परेशान है तो आप भी ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही आपको अपने दांतों की साफ़ सफाई का अच्छे से ध्यान भी रखना चाहिए, क्योंकि दांतो की साफा सफाई न रखने के कारण आपको दांत में दर्द, मसूड़ों में सूजन आदि की समस्या का सामना भी करना पड़ सकते है।

सर्दियों में बाल में रुसी (डैंड्रफ) होने से ऐसे बचाएं

Dandruff Problem 

सर्दियों में बाल में रुसी (डैंड्रफ) होने से ऐसे बचाएं, Dandruff Problem in Winters, Home remedies for Dandruff, रुसी से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय 

सर्दियों का मौसम कुछ लोगों को बहुत अच्छा लगता है तो कुछ को बड़ा खराब, कुछ को इस समय बिस्तर में रहकर टीवी देखना अच्छा लगता है तो कुछ को इस दौरान पड़ने वाली ठंड से बड़ी परेशानी होती है। जो की सत्य भी है, क्योंकि सर्दियों के दिनों में केवल ठंड ही नहीं आती बल्कि अपने साथ बहुत सी बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लाती है।

जहां एक तरफ इसी मौसम में लोगों को खांसी, जुखाम, गले की खराश जैसी समस्याएं होने लगती है वहीं दूसरी तरफ त्वचा में रूखापन और खुश्की भी आने लगती है। बालों में डैंड्रफ होना भी इन्ही समस्यायों में से एक है। जो विशेषकर सर्दियों में मौसम में होते है। अक्सर हम लोग इस समस्या का कारण गर्म पानी से नहाना और सिर धोने को मानते है जबकि असल कारण तो कुछ और ही होता है।सर्दियों में बाल में रुसी (डैंड्रफ) होने

जी हां, सर्दियों के दिनों में हमारी सिर की त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है जिससे वह पपड़ी बनकर उतरने लगती है। और इसी पपड़ी को डैंड्रफ कहा जाता है। आम दिनों की तुलना में सर्दियों के मौसम में रुसी की समस्या सबसे अधिक होती है। इसके कारण बालों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है। कई बार इसकी वजह से बाल झड़ने भी लगते है। ऐसे में इससे छुटकारा पाना और भी जरुरी हो जाता है।

वैसे तो बाजार में ढेरों शैम्पू और तेल आदि मौजूद है जो बालों से रुसी हटाने का दावा करते है लेकिन सभी में केमिकल का प्रयोग किया जाता है जो स्किन के लिए ठीक नहीं। ऐसे में घरेलू उपायों का प्रयोग करना ही बेहतर उपाय है। यहाँ हम आपको बालों से रुसी हटाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से इस समस्या को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। तो आइये जानते है डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय!

डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय :- 

1. नीम के पत्ते :

नीम के पत्ते हर समस्या के इलाज में रामबाण का कार्य करता है। रुसी की समस्या में भी यह सबसे बेहतर प्राकृतिक उपचार है। रुसी सिर में कवक और ड्राई स्किन के कारण होती है और नीम में एंटी फंगल गुण पाए जाते है जिसकी वजह से खुजली में राहत मिलती है। इसके लिए नीम के पत्तों को रातभर भिगोकर अगले दिन उस पानी को छान लें और नहाने से पहले इसे जड़ों में लगाएं। 1 घंटे बाद पानी से अच्छी तरह सिर धो लें।

2. मेथी :

यह हर घर में मिलने वाली एक सामान्य चीज है जिसका प्रयोग करके भी आप इस समस्या से राहत पा सकते है। इसमें मौजूद प्रोटीन और एमिनो एसिड बहुत लाभकारी होता है जजों बालों को बढ़ाने और कवक (fungal) को रोकने में मदद करता है। इससे बाल मुलायम भी होते है। प्रयोग के लिए एक-दो कप पानी में रातभर के लिए मेथी भिगो दें। अगले दिन मेथी को छानकर पीस लें। अब इस पेस्ट को नहाने से 1 घंटा पहले बालों और जड़ों में लगाएं। फिर पानी से साफ़ कर लें।

3. नमक :hair msaz

नमक भी रुसी की समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। यह त्वचा पर से डेड सेल्स को हटाने का काम करता है। प्रयोग के लिए 2-3 चम्मच नमक को नहाने से पहले बालों में रगड़ें ध्यान रखे बाल थोड़े गीले हो और नमक धीरे धीरे रगड़ें। इससे सिर में होने वाली खुजली में आराम मिलेगा। बाद में बालों को पानी से धोएं और फिर शैम्पू से धोएं।

4. नींबू :

नींबू में फंगल को बढ़ने से रोकने वाले गुण paaye जाते है जिससे रुसी तो कम होती ही है साथ साथ खुजली में भी राहत मिलती है। इसका कोई रासायनिक प्रभाव नहीं होता तो आप इसे आसानी से प्रयोग कर सकते है। प्रयोग के लिए 2 बड़े चम्मच नींबू का रस लें और उसे अपने बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाएं। कुछ मिनट रखने के बाद बालों को पानी से धो लें। एक हफ्ते तक प्रयोग करने के बाद रुसी की समस्या पूरी तरह दूर हो जाएगी।

5. दही :

दही भी डैंड्रफ की समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है। प्रयोग के लिए आधा कप दही लें और उसे अपने बालों की जड़ों में लगाएं साथ ही सिर के ऊपर भी लगाएं। एक घंटे तक रखें और उसके बाद सौम्य शैम्पू से बाल धो लें।

6. धुप :

सूर्य की किरणे नहीं मिलने पर बालों में रुसी की समस्या होने लगती है इसीलिए रुसी और धुप का विशेष संबंध होता है। उपाय के लिए प्रतिदिन सुबह 10 से 15 मिनट तक धुप में चलें। इससे आपके बालों के साथ साथ आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

7. अदरक :

अदरक में मौजूद गुण सिर में मौजूद फंगल को बढ़ने से रोकते है। और डैंड्रफ को दूर करते है। प्रयोग के लिए गर्म ओलिव आयल में अदरक की जड़ों को 3 से 4 घंटों तक भिगोकर रखें।उसके बाद सिर में लगाएं। आधा घंटे तक रखने के बाद शैम्पू से बाल धो लें। डैंड्रफ तो दूर होगा ही साथ साथ बाल भी मुलायम होंगे।

8. हिना :balo me mehandi

शायद आपको जानकर हैरानी हो लेकिन हिना भी रुसी की समस्या को दूर करने की क्षमता रखती है। जी हां, हिना में मौजूद गुण रुसी को दूर करने के साथ साथ बालों को भी मजबूती प्रदान करते है। इसके लिए आपको मेहंदी घोलकर अपने बालों की जड़ों से सिरे तक अच्छे से लगानी है। यह आपके बालों को कंडीशन भी करेगी।

बाल धोने के लिए क्या-क्या इस्तेमाल होता है?

बाल धोने के लिए किन चीजों का प्रयोग किया जाता है?

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बालों को महिलाओं की खूबसूरती का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। क्योंकि इनसे न केवल उनकी खूबसूरती दुगनी होती है अपितु उनका सेल्फ कॉन्फीडेन्स भी बढ़ता है। जहां एक तरफ सुन्दर बाल आपके आपकी सुंदरता में चार चाँद लगाते है वहीं दूसरी तरफ उलझे और रूखे बाल आपकी पर्सनालिटी को बिगाड़ सकते है। ऐसे में अपने बालों की खूबसूरती को बनाये रखना आपकी ही जिम्मेदारी है।

वैसे तो सभी महिलाएं अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बालों को खूबसूरत और सुन्दर दिखाने के प्रयास करती है लेकिन कई बार उनके द्वारा किये गए सभी प्रयास विफल हो जाते है। और उनके बाल वैसे के वैसे ही रहते है। इस स्थिति में वे कॉस्मेटिक्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती है जो बालों को अच्छा करने की बजाय और भी खराब कर देते है।hair wash 1

शायद आप नहीं जानती लेकिन बालों की देखभाल के बाजार में मौजूद सभी प्रोडक्ट्स में केमिकल्स मौजूद होते है। जो न केवल आपके बालों को नुकसान पहुंचाते है अपितु आपकी स्कैल्प और स्किन पर भी दुष्प्रभाव डालते है जिनमे सबसे पहला नाम आता है हेयर कलर का आता है। लेकिन करें तो क्या? क्योंकि बालों की सफाई करने के लिए और उन्हें सिल्की बनाने के लिए किसी न किसी चीज की आवश्यकता तो होगी ही।

परेशान न हो, शायद आप नहीं जानती लेकिन शैम्पू और कंडीशनर के अलावा भी बहुत सी ऐसी चीजें है जिनके द्वारा आप अपने बालों को नैचुरली साफ़ करने के साथ-साथ शाइनी और सिल्की भी बना सकती है। आज से नहीं बल्कि पुराने समय से महिलाएं अपने बालों को खूबसूरत बनाने के लिए इन्ही चीजों से धोया करती थी। और आजकल तो बहुत से प्राकृतिक शैम्पू में भी इन चीजों का प्रयोग मुख्य सामग्री के रूप में किया जाने लगा है।

लेकिन उन्हें प्रयोग करने से बेहतर है की उन चीजों का सीधा इस्तेमाल किया जाए। परन्तु सभी को इन चीजों के बारे में पूर्ण रूप से नहीं पता इसलिए आज हम आपको उन सभी प्राकृतिक चीजों के बारे में बताने जा रहे है जिनसे घर बैठे बालों को धोया जा सकता है। तो आइये जानते है इनके बारे में :-

बाल धोने के लिए इन चीजों का प्रयोग करें :-

1. बियर :washing long hair

सुन्दर, घने, मुलायम और चमकदार बालों के लिए बियर किसी वरदान से कम नहीं है। डैमेज बाल हो या दोमुहें बाल सभी को इसके प्रयोग से दूर किया जा सकता है। इसमें मौजूद साल्ट और प्रोटीन जैसे तत्व बालों को चमकदार बनाने में मदद करते है। जबकि इसमें मौजूद अन्य तत्व बालों को घना और मजबूत बनाते है।

इसे एक नेचुरल हेयर कंडीशनर भी माना जाता है। इससे बाल धोने से वे अच्छे से कंडीशन होते है। इससे बालों को जरुरी पोषण भी मिलता है। इसका नियमित रूप से शैम्पू के बाद प्रयोग करने से डैमेज बालों की समस्या दूर हो जाती है। तो अगर अपने बालों को शाइनी और सिल्की बनाना चाहती है तो शैम्पू के बाद बालों को बियर से जरूर धोएं।

2. दही :

स्वास्थ्य के लिए दही के फायदों को कौन नहीं जानता लेकिन बालों के लिए दही के फायदों के बारे में कुछ ही लोग जानते है। बालों की गुणवत्ता में वृद्धि करने के लिए यह सबसे बेहतर प्राकृतिक उपाय है। दही में विटामिन बी 5 और प्रोटीन्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो बालों को नौरीश करने के साथ-साथ उन्हें खूबसूरत बनाने में भी मदद करती है। दही बालों को मॉइस्चराइज़ करने के साथ-साथ डैंड्रफ की समस्या से भी छुटकारा दिलाती है। बहुत से लोग बालों को बेहतर बनाने के लिए दही से बने हेयर मास्क का भी प्रयोग करते है।

जिनमे दही के साथ साथ और भी कई चीजों को मिलाया जाता है। यह भी बालों के लिए एक प्राकृतिक कंडीशनर के रूप में कार्य करती है। बालों का झड़ना, रूखे बाल, बेजान बाल और दोमुहें बालों की समस्या दूर करने के लिए भी दही का प्रयोग करना लाभकारी होता है। अगर आपके बालों में भी ये समस्याएं है तो बाल धोने से पहले दही लगाएं। ज्यादा नहीं हफ्ते में 1 बार लगाने से ही आपके बाल खिलखला उठेंगे।

3. मुल्तानी मिट्टी :Hair Spa mask

यह एक प्राकृतिक मिट्टी होती है जिसका प्रयोग बाल धोने के साथ साथ फेस पैक आदि बनाने के लिए भी किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी पूर्णतः प्राकृतिक होती है जिसका स्किन या बालों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। आज से नहीं बल्कि सदियों से इसका इस्तेमाल बालों और त्वचा को सुन्दर बनाने के लिए किया जाता आ रहा है। बालों में प्राकृतिक चमक लानी हो या उन्हें सुन्दर बनाना हो इसके प्रयोग से आसानी से किया जा सकता है। इतना ही नहीं यह दो मुहें, रूखे और बेजान बालों को भी ठीक करके उन्हें अच्छा बनाती है।

ये फायदा सुनकर शायद आप दंग रह जाए लेकिन यह सत्य है मुल्तानी मिट्टी की मदद से आप बालों को स्ट्रैट भी कर सकती है। यह बालों को बाहर से प्रोटेक्शन देने के साथ साथ भीतर से पोषित भी करती है जिससे डैमेज हुए बाल रिपेयर हो जाते है और नए बाल और भी अच्छे हो जाते है। तो अगर आप बिना किसी परेशानी के सीधे और चमकदार बाल चाहती है तो मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग अपने बालों में करें और फिर जादू देखिये।

4. शैम्पू :

यह हमारी स्कैल्प को साफ़ करने के साथ-साथ बालों से गंदगी निकालने का भी काम करता है। आपने भी अक्सर देखा होगा की जब आप 3 से 4 दिन बाद सिर धोती है तो पहली बार शैम्पू करने के बाद निकलने वाला पानी काफी गंदा होता है। दरअसल इसमें ऐसी कई चीजें मिलाई जाती है जो बालों को नुकसान पहुंचाएं बिना सिर से पूरी गंदगी निकालने में सक्षम होती है। बशर्ते की आप उसका प्रयोग सीमित मात्रा में और सही अंतराल के बाद ही करें।

इसके अलावा यह बालों को पोषण भी प्रदान करता है। लेकिन ध्यान रहे ज्यादा केमिकल मिले हुए शैम्पू आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकते है जबकि प्राकृतिक शैम्पू उन्हें और भी बेहतर बना सकते है। तो अगर आपके बाल ज्यादा लम्बे है तो हफ्ते में 1 या 2 बार और अगर आपके बाल छोटे हैं तो हफ्ते में 3 बार आप अपने बालों को शैम्पू से धो सकती है। इससे उनमे प्राकृतिक नमी भी बनी रहेगी और उनकी साफ़ सफाई भी होती रहेगी।

5. रीठा आंवला :aavla oil

रीठा और आंवला उन प्राकृतिक देनों में से एक है जो बालों को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें चमक लाने में भी मदद करते है। ये न केवल बालों से संबंधित समस्यायों को दूर करने में मदद करता है बल्कि उन्हें कंडीशन करने का भी काम करता है। रीठा और आंवला स्कैल्प से जड़ों को मजबूत करके उनका झड़ना कम करता है। साथ ही असमय सफ़ेद हुए बालों को ठीक करके इन्हें बढ़ने से रोकता है। बालों को आंवला और रीठा से धोने पर डैंड्रफ की समस्या भी दूर हो जाती है।

साथ ही स्कैल्प की सफाई करके बालों को बेहतर बनाता है। इसका प्रयोग करने से बालों की ग्रोथ बेहतर होती है और उनकी लम्बाई में बढ़ोत्तरी होती है। अगर नियमित रूप से रीठा और आंवला का प्रयोग किया जाए तो डैमेज बालों को ठीक करके उन्हें बेहतर और खूबसूरत बनाये जा सकता है। अगर आप भी अपने बालों को अच्छा और खूबसूरत बनाना चाहती है तो नियमित रूप से बाल धोने के बाद रीठा और आंवला का प्रयोग करें। परिणाम आपके सामने होंगे।

6. सेब का सिरका :

सेब के सिरके का प्रयोग खान पान की चीजों में किया जाता है लेकिन क्या आप जानती है की इसका प्रयोग आपके बालों को खूबसूरत बनाने के लिए भी किया जा सकता है। शायद नहीं, क्योंकि कभी इसके बारे में सुना ही नहीं। आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन ये सिरका आपके बालों को पोषण देने के साथ-साथ उन्हें कई समस्यायों को बचाने में भी मदद करता है। बालों के झड़ने की समस्या में इसका इस्तेमाल करने से बहुत लाभ मिलता है।

इसके अलावा यह डैंड्रफ, रूखापन, स्कैल्प इन्फेक्शन और बेजान बालों की समस्या सही करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। यह बालों को चमक देने के साथ साथ उन्हें मुलायम बनाने का भी काम करता है। लेकिन इसके प्रयोग में एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की इसका प्रयोग सही मात्रा में ही किया जाना चाहिए। अन्यथा बालों को गंभीर नुकसान हो सकता है। तो अगर आप भी अपने बालों को प्राकृतिक तरीके से खूबसूरत बनाना चाहती है तो इसका प्रयोग अवश्य करें।

7. शिकाकाई :

इसे आंवला और रीठा के साथ मिलाकर लगाया जा सकता है। बालों को मजबूत बनाने से लेकर उनसे जुडी हर समस्या को दूर करने के लिए सभी में इसका प्रयोग बहुत लाभकारी होता है। बालों को मजबूत, चमकदार और शाइनी बनाने के लिए इसका प्रयोग बहुत बड़े स्तर पर किया जाता है। पहले के समय में महिलाएं केवल इन्ही चीजों का प्रयोग करके अपने बालों को लम्बा, घना और खूबसूरत बनाती थी लेकिन आजकल की महिलाएं सिर्फ और सिर्फ कॉस्मेटिक्स पर निर्भर रहती है। इसीलिए उनके बाल उतने सुन्दर और खूबसूरत नहीं है। ऐसे में अगर आप अपने बालों को प्राकृतिक तरीकों से खूबसूरत बनाना चाहती है तो आंवला और रीठा के साथ शिकाकाई का प्रयोग करें।