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मासिक धर्म (पीरियड्स) जल्दी लाने के सबसे कारगर घरेलू उपाय

Periods Jaldi Lane ke Gharelu Upay : पीरियड्स हर महीने आने वाली आम समस्या है, जिसे सभी को झेलना पड़ता है। और सब झेलते भी है लेकिन जब यह परेशानी आपके किसी काम में अड़चन बनती है तो हर कोई इससे छुटकारा पाने के बारे में सोचने लगती हैं। क्योंकि हमेशा जरुरी नहीं की आपके पीरियड्स टाइम पर ही हो और ऐसे टाइम पर हो जब आप फ्री हो। बहुत बारी पीरियड्स आपके टूर, फंक्शन और किसी बड़े मूमेंट पर आ जाते है जो आपके मूड की बैंड बजा देते है।

अचानक बनें प्लान्स को कोई टाल नहीं सकता लेकिन जिन प्लान के बारे में पहले से ही पता हो उस स्थिति में इस समस्या से कुछ समय के लिए छुटकारा पाया जा सकता है। कामकाजी महिलाओं को अक्सर काम के सिलसिले में बाहर आना-जाना पड़ता है, ऐसे में जब उन्हें पीरियड्स आ जाते है तो वे काफी परेशान हो जाती हैं। क्योंकि ऑफिस वालों को मना भी नहीं किया जा सकता और पीरियड्स को रोका भी नहीं जा सकता।

लेकिन क्या आप जानती है की अगर आप चाहे तो अपने पीरियड्स की डेट को कुछ दिन पहले शिफ्ट कर सकती हैं। जी हां, कुछ कारगर घरेलू उपाय है जिनकी मदद से पीरियड्स (मासिक धर्म) को जल्दी लाया जा सकता है। इन उपायों के कुछ साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होते क्योंकि ये उपाय पूरी तरह घरेलू है। इन उपायों की मदद से आप अपने आगामी टूर, फंक्शन और किसी काम के लिए खुद को सेफ कर सकती हैं। ये उपाय आपके पीरियड्स को पहले कर देते हैं जिससे समय से पहले ही पीरियड्स होने लगते हैं।

पीरियड्स (मासिक धर्म) जल्दी लाने के घरेलू उपाय :

अगर किसी कारणवश आप पीरियड्स की डेट पीछे यानी पीरियड्स जल्दी लाना चाहती है तो यहाँ हम आपको कुछ उपाय दे रहे है जिनकी मदद से यह संभव हो सकेगा।

अदरक की चाय – Ginger Tea

इसके लिए आपको दिन में दो कप अदरक वाली चाय का सेवन करना होगा। इस चाय के लिए 2 से 3 चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक लें और उसे दो कप पानी में डालकर गैस पर अच्छे से पका लें। उसके बाद छान कर थोड़ा-थोड़ा करके इसे पीएं। अगर आप इसमें फ्लेवर डालना चाहते है तो इसमें शहद, नींबू और तुलसी की पत्तियां भी डाल सकती हैं।

गर्म पानी का बैग – Hot Water Bag

गर्म पानी भी जल्दी मासिक धर्म लाने में मदद करता है। इसके लिए १० से १५ मिनट के लिए अपने पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी का बैग रखें। इस उपाय का इस्तेमाल तब तक करें जब तक मासिक धर्म आ न जाएं।

दालचीनी – Cinnamon दालचीनी की तासीर गर्म होती है जो शरीर की गर्मी को बढ़ाती है। इसमें मौजूद तत्व शरीर के इंसुलिन लेवल को भी नियंत्रित करते हैं। मासिक धर्म जल्दी लाने के लिए आधा चम्मच दालचीनी पाउडर गर्म दूध में मिलाकर पीएं। और पीरियड्स आने तक पीते रहें।

नारियल पानी – Coconut Water

नारियल पानी गर्भाशय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। जल्दी पीरियड्स लाने के लिए खाली पेट नारियल पानी का सेवन करें और अगले 5 घंटों तक कुछ खाएं पीएं नहीं। आप पानी का सेवन कर सकती है। शाम के समय भी इस उपाय का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पपीता – Papaya पीरियड्स को जल्दी लाने के लिए पपीता काफी कारगर माना जाता है। क्योंकि इसमें केरोटीन नामक तत्व होता है जो एस्ट्रोजेन हॉर्मोन को उत्तेजित करने का काम करता है और ये हॉर्मोन महिलाओं में मासिक धर्म को नियंत्रित करता है। उपाय के लिए अपने आहार में पपीते को सम्मिलित करें। आप इसकी जगह अंडे, अनानास, कददू, गाजर, पालक आदि भी खा सकती हैं।

संभोग – Intercourse इसे भी पीरियड्स जल्दी लाने का बेहतर उपाय माना जाता है। क्योंकि सेक्स के दौरान शरीर में सेक्स हॉर्मोन रिलीज़ होते है जो मासिक धर्म को जल्दी लाने में मदद करते हैं। तनाव मुक्त होने के लिए भी यह काफी अच्छा इलाज माना जाता है।

खट्टे फल – Vitamin C Fruits

खट्टे फल यानी विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करने से शरीर में एस्ट्रोजेन हॉर्मोन का स्तर ठीक होता है। विटामिन सी से गर्भाशय की परत भी मजबूत होती है जिससे पीरियड्स आने में दिक्कत नहीं होती। इसलिए खट्टे फल जैसे – नींबू, टमाटर, संतरा, पालक, ब्रॉक्ली आदि का सेवन करें।

मसाले – Spices कुछ विशेष मसाले है जिनका सेवन करने से आपके पीरियड्स जल्दी होने लगेंगे। मेथी के बीज, सौंफ के बीज, सूखा धनिया, तिल के बीज आदि। सभी की 1 छोटी मात्रा को रात में पानी में भिगो दें और अगली सुबह छानकर पानी पी जाएं।

ऊपर बताए गए सभी उपाय पीरियड्स जल्दी लाने में कारगर है। इनकी मदद से मासिक धर्म को जल्दी लाया जा सकता है। बस आपको सही तरीके से उपाय का पालन करना हैं।

मुंहासे से बने दाग-धब्बे दूर करने के तरीके

Pimples Ke Daag Dur Karne ke Upay : फेस की कितनी ही केयर क्यों न कर ली जाए, बाहर का वातावरण और हमारी बदलती जीवनशैली स्किन को हानि पहुंचा ही देती है। जिसके परिणामस्वरूप त्वचा पर मुंहासे और दाग-धब्बे आदि की समस्या हो जाती है। त्वचा पर मुंहासे होना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है लेकिन जब इनके कारण आपका लुक खराब होने लगे तो इनपर ध्यान देना बहुत जरुरी हो जाता है।

मुंहासे होने के बाद अधिकतर लड़कियां उन्हें छूकर या नाख़ून लगाकर फोड़ देती है जिसके बाद चेहरे पर अजीब सा दाग बन जाता है जो लाख कोशिशों के बाद भी त्वचा से हटता नहीं। ऐसे में वे काफी परेशान रहती है की आखिर करें तो क्या? अगर आपके साथ भी यही स्थिति है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम यहाँ आपको कुछ ऐसे ही घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से त्वचा से मुंहासे के दागों को आसानी से दूर किया जा सकता है।

मुंहासे के दाग-धब्बे दूर करने के तरीके :-

टमाटर का पेस्ट : टमाटर में ब्लीचिंग और एंटी-ऑक्सीडेंट दोनों गुण पाए जाते हैं जो त्वचा के दाग दूर करके उसे निखारने में मदद करते है। पिंपल के दागों के लिए एक मध्यम आकार का टमाटर लें और उसका पूरा रस निकाल लें। अब इस रस में नींबू का रस मिलाएं और मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं। 20 मिंट रखें और फिर चेहरा साफ कर लें।

प्याज का रस : प्याज में प्रतिरोधक गुण मौजूद होते है जो चेहरे के दाग दूर करने में सक्षम होते हैं। मुंहासे के काले दागों को दूर करने के लिए एक प्याज लेकर उसका रस निकाल लें। अब इस रस को कॉटन की मदद से अपने पुरे चेहरे पर लगाएं। कुछ मिनट रखें और फिर चेहरा साफ़ कर लें।

मुल्तानी मिट्टी :

त्वचा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए मुल्तानी मिट्टी बहुत लाभकारी होती है। दाग के लिए मुल्तानी मिटटी में पानी डालकर एक मिश्रण तैयार कर लें और उसे अपने फेस पर लगाएं। पूरी तरह सूखने से पहले ही पानी से चेहरा साफ़ कर लें।

दूध : त्वचा के लिए दूध को बहुत लाभकारी माना जाता है। दूध पीने और लगाने दोनों से त्वचा के रंग में फर्क आता है। और ये गहरे दाग-धब्बो को भी दूर कर देता है। प्रयोग के लिए दूध में भीगी हुई रुई को चेहरे पर लगाएं और अगली सुबह गुनगुने पानी से चेहरा साफ़ कर लें। दाग दूर हो जाएंगे।

हल्दी : हल्दी को भी दाग-धब्बो की समस्या के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। प्रयोग के लिए चुटकी भर हल्दी में थोड़ा सा नींबू रस मिलाएं और फिर उसे अपने फेस पर लगाएं। कुछ हफ्तों तक इस उपाय का इस्तेमाल करें, दाग निश्चित रूप से साफ़ हो जाएंगे।

एलोवेरा : एलोवेरा का जेल लगाने से भी पिंपल के दाग दूर हो जाते है। और साथ ही त्वचा की अन्य समस्याएं भी ठीक हो जाती है। इसके लिए ताज़ी पत्ती काटकर उसमे से एलोवेरा जेल निकाल लें और उसे अपने चेहरे के प्रभावित हिस्से पर लगाएं। कुछ देर रखें और फिर पानी से चेहरा साफ़ कर लें।

नींबू :lemon

इस उपाय के लिए रुई को कुछ समय के लिए नींबू के रस में अच्छे से डुबोएं रखें। उसके बाद रुई को निकालकर 10 मिनट के लिए अपने फेस पर लगाएं रखें, आप चाहे तो इसे रातभर के लिए भी छोड़ सकते हैं। अगली सुबह, गुनगुने पानी से अपना चेहरा साफ कर ले। कुछ ही हफ्तों में दाग दूर हो जाएंगे।

दालचीनी और शहद : इस उपाय के लिए एक बड़ी चम्मच दालचीनी पाउडर और शहद को अच्छे से मिला लें की ये गाढ़ा पेस्ट बन जाए। उसके बाद चेहरे के हर उस हिस्से पर इसे लगाएं जहाँ दाग हैं। 10 मिनट तक रखें और उसके बाद चेहरे को अच्छे से धो लें। नियमित रूप से इस उपाय का इस्तेमाल करें त्वचा के दाग दूर हो जाएंगे।

गर्भावस्था में अंजीर क्यों खाना चाहिए

प्रेगनेंसी के दौरान फलों, ड्राई फ्रूट, सब्जियों, दालों, का सेवन भरपूर मात्रा में करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इन सभी में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में भी फायदेमंद होते है। तो आज हम आपसे आज एक ऐसे ही पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ की बात करने जा रहे हैं जो फल, ड्राई फ्रूट, जूस आदि किसी भी रूप में खाया जा सकता है। और वो है अंजीर, जिसका सेवन करने से भी गर्भवती महिला को बहुत से फायदे मिलते हैं। लेकिन अंजीर का सेवन जरुरत के अनुसार ही गर्भवती महिला को करना चाहिए ताकि इसके कारण महिला को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

गर्भवस्था में अंजीर खाने के फायदे

आयरन, विटामिन सी, फाइबर, जैसे पोषक तत्वों से भरपूर अंजीर का सेवन जरुरत के अनुसार यदि गर्भवती महिला करती है तो इससे गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी फायदा मिलता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी में अंजीर का सेवन करने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

कैल्शियम

अंजीर में कैल्शियम की मात्रा भरपूर होती है ऐसे में यदि गर्भवती महिला अंजीर को अपनी डाइट में शामिल करती है तो इससे महिला को प्रेगनेंसी के दौरान हड्डियों को भरपूर पोषण देने में मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान थकान व् कमजोरी जैसी परेशानी से भी बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही कैल्शियम का गर्भवती महिला के शरीर में सही मात्रा में होना गर्भ में शिशु की हड्डियों व् दांतों के बेहतर विकास में मदद करता है। जिससे शिशु का शारीरिक विकास अच्छे से हो पाता है।

आयरन

एनीमिया यानी खून की कमी से बहुत सी गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान परेशान हो सकती है। और गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी का होना महिला की स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतों को बढ़ाने, शिशु के विकास में कमी, डिलीवरी के दौरान आने वाली परेशानियों को बढ़ा सकता है। ऐसे में इन सभी परेशानियों से बचने के लिए महिला को अपनी डाइट में आयरन का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए, और अंजीर में आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला अंजीर का सेवन करती है तो इससे महिला को प्रेगनेंसी के दौरान आयरन की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से बचाने में मदद करती है।

फाइबर

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव व् प्रेग्नेंट महिला का वजन बढ़ने के कारण पाचन क्रिया धीमी पड़ सकती है। जिसके कारण गर्भवती महिला को कब्ज़ जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इस परेशानी से बचने में लिए प्रेग्नेंट महिला अंजीर का सेवन कर सकती है। क्योंकि अंजीर में फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो गर्भवती महिला की पाचन क्रिया को बेहतर करने में मदद करता है और महिला को कब्ज़ जैसी परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

पोटैशियम

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ने का का खतरा रहता है। लेकिन अंजीर का सेवन करने से ऐसा कुछ नहीं होता है क्योंकि इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है साथ ही इसमें पोटैशियम भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। जो ब्लड में शुगर के लेवल को एक दम से नहीं बढ़ाता है जिससे गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान गेस्टेशनल शुगर जैसी परेशानी से सुरक्षित रहने में मदद मिलती है।

विटामिन सी

अंजीर में विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो गर्भ में भ्रूण के विकास को बेहतर तरीके से होने में मदद करने के साथ बॉडी में आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। साथ ही विटामिन सी एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट भी होता है जो गर्भवती महिला और शिशु को प्रेगनेंसी के दौरान संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है।

ओमेगा -3 और फोलेट

अंजीर में ओमेगा -3 और फोलेट भरपूर मात्रा में शामिल होते है जो गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर मानसिक विकास यानी की मस्तिष्क के बेहतर विकास में मदद करते हैं।

विटामिन बी 6

विटामिन बी 6 अंजीर में भरपूर मात्रा में शामिल होता है जो गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से सुरक्षित रखने में मदद करता है। साथ ही इससे महिला के मूड को बेहतर करने और प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली चिड़चिड़ेपन से दूर रखने में भी मदद करता है।

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल

बहुत सी गर्भवती महिलाएं अपनी गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान हो सकती है। लेकिन यदि महिला अंजीर का सेवन करती है तो इसमें मौजूद ओमेगा -3, ओमेगा -6 फैटी एसिड और फाइटोस्टेरॉल जैसे तत्व हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा अंजीर में पेक्टिन नामक तत्व भी मौजूद होता है जो गर्भवती महिला के शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।

मीठा

प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी महिलाओं का मीठा अधिक खाने का मन कर सकता है लेकिन मीठे का अधिक सेवन करना गर्भवती महिला और शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में महिला मीठे की इच्छा को पूरा करने के लिए अंजीर का सेवन कर सकती है क्योंकि अंजीर में प्राकृतिक रूप से मीठा मौजूद होता है।

प्रेगनेंसी में अंजीर खाने के नुकसान

जरुरत से ज्यादा अंजीर का सेवन यदि गर्भवती महिला करती है तो इसके सेवन के कारण गर्भवती महिला को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

  • अंजीर की तासीर गर्म होती है ऐसे में जरुरत से ज्यादा अंजीर का सेवन भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • अंजीर में फाइबर उपयुक्त मात्रा में मौजूद होता है ऐसे में अधिक मात्रा में अंजीर का सेवन करने से गर्भवती महिला को पेट में ऐंठन व् दस्त जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • माइग्रेन से परेशानी गर्भवती महिला को अंजीर के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इसके कारण उनकी परेशानी बढ़ सकती है।

तो यह हैं कुछ फायदे और नुकसान जो गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अंजीर का सेवन करने से मिलते हैं। ऐसे में अंजीर के भरपूर फायदे गर्भवती महिला और गर्भ में शिशु को मिल सके इसके लिए जरुरत के अनुसार ही गर्भवती महिला को अंजीर को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

क्यों होती है प्रीमैच्योर डिलीवरी?

गर्भावस्था के दौरान महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन यदि महिला अपना अच्छे से ध्यान रखती है तो इन परेशानियों से बचा भी जा सकता है। आज हम प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली एक ऐसी परेशानी के बारे में बात करने जा रहे हैं जिससे माँ व् बच्चे दोनों को परेशानी हो सकती है। और वो समस्या है समय से पहले बच्चे का जन्म यानी प्रीमैच्योर डिलीवरी। लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है की यह समस्या आपको होगी। क्योंकि यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखती है तो आपको इस परेशानी से बचने में मदद मिलती है।

क्या होती है प्रीमैच्योर डिलीवरी?

सामान्य गर्भावस्था 40 हफ्तों में पूरी होती है, लेकिन बच्चे का शारीरिक विकास 37 हफ्ते तक पूरी तरह से हो जाता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के सेंतीस हफ़्तों के बाद शिशु के जन्म होना सुरक्षित माना जाता है। लेकिन यदि 37 हफ्ते पूरे होने से पहले ही यदि बच्चे का जन्म हो जाता है तो इसे प्रीमैच्योर डिलीवरी या प्रीटर्म बर्थ भी कहा जाता है। साथ ही गर्भावस्था पूरी होने के जितने हफ्तों पहले प्रसव होगा, मां और शिशु के लिए उतना ही असुरक्षित होता है। प्रीमैच्योर डिलीवरी को तीन कैटेगरी में बांटा गया है जैसे की:

एक्सट्रिमली प्रीमैच्योर डिलीवरी:- यदि महिला को डिलीवरी 23वें से 28वें हफ्ते के बीच में हो जाती है तो इसे एक्सट्रिमली प्रीमैच्योर डिलीवरी कहा जाता है।

मॉडरैटली प्रीमैच्योर डिलीवरी:- यदि बच्चे का जन्म प्रेगनेंसी के 29वें से 33वें हफ्ते के बीच होता है तो इसे मॉडरेटली प्रीमैच्योर डिलीवरी कहा जाता है।

लेट प्रीमैच्योर डिलीवरी:- यदि महिला का प्रसव 34वें से 37वें हफ्तों के बीच होता है तो इसे लेट प्रीमैच्योर डिलीवरी कहते हैं।

प्रीमैच्योर डिलीवरी होने के कारण

प्रीमैच्योर डिलीवरी डिलीवरी होने का कोई एक कारण नहीं होता है बल्कि ऐसे बहुत से कारण होते हैं जिनकी वजह से बच्चे का जन्म हो जाता है। यह कारण महिला की लापरवाही, गलत जीवनशैली, मेडिकल से जुड़े होते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की समय से पहले बच्चे के जन्म होने के क्या कारण होते हैं।

उम्र

गर्भवती महिला की उम्र यदि पेंतीस से ज्यादा और अठारह वर्ष से कम होती है। तो उन महिलाओं के समय से पहले बच्चे के जन्म देने के चांस होते हैं।

पहली डिलीवरी

यदि आपने दूसरी बार गर्भधारण किया है और आपकी पहली डिलीवरी प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई है। तो ऐसे में महिला की दुअरी डिलीवरी भी प्रीमैच्योर डिलीवरी होने का खतरा होता है।

गर्भ में शिशु

गर्भवती महिला के गर्भ में एक से ज्यादा शिशु होने पर भी बच्चे का जन्म समय से पहले होने का खतरा रहता है।

अनुवांशिक प्रभाव

आपकी मम्मी, बहन या घर में किसी अन्य की प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई है तो उस कारण आपको भी प्रीटर्म बर्थ हो सकता है।

शारीरिक बीमारियां

यदि प्रेग्नेंट महिला शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, खून की कमी, संक्रमण की समस्या, शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण कमजोरी अधिक होती है। तो ऐसे केस में भी महिला की सेलीवेरय समय से पहले होने का खतरा होता है।

तनाव

प्रेग्नेंट महिला का तनाव अधिक लेना भी प्रीमैच्योर डिलीवरी का कारण हो सकता है। साथ ही इसके कारण जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने जैसी परेशानी हो सकती है।

मोटापा

यदि गर्भवती महिला का वजन जरुरत से ज्यादा होता है। तो इस कारण भी प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ने का खतरा होता है जिसके कारण महिला की डिलीवरी समय से पहले होने का खतरा होता है।

नशीले पदार्थों का सेवन

प्रेग्नेंट महिला यदि शराब, धूम्रपान, गलत दवाइयों आदि का सेवन करती है तो इसके कारण भी गर्भ पर बुरा असर पड़ता है जिसकी वजह से महिला की प्रीमैच्योर डिलीवरी होने का खतरा बढ़ जाता है।

महिला द्वारा की गई गलतियां

प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला पेट पर दबाव पड़ने वाले काम अधिक करती है, बहुत ज्यादा ज्यादा समय तक खड़ी रहती है, भारी सामान उठाती है, ट्रैवेलिंग करती है, या ऐसा कोई काम करती है जिसकी वजह से पेट पर झटका लगे या गर्भाशय में संकुचन बढ़ें। तो ऐसे में काम को करने पर भी महिला की डिलीवरी समय से पहले होने का खतरा बढ़ जाता है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से गर्भवती महिला को समय से पहले बच्चे के जन्म होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप भी माँ बनने वाली हैं तो आपको इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको डिलीवरी में किसी भी तरह की परेशानी न आए।

आती और जाती हुई सर्दी में जुखाम, खांसी, गले में खराश ठीक करने के घरेलू उपाय

Health Tips For Winters

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सर्दियों का मौसम आते ही लोग घरों में ठंड से बचने के लिए राजाइया कम्बल आदि निकाल लेते है। कोहरा पड़ने पर सभी घरों में आग जलाकर अपने शरीर को सकते है। परन्तु ये सभी उपाय केवल कुछ समय तक राहत देने के ही काम आते है। जबकि इस मौसम में आने वाली बीमारियां कुछ देर के लिए नहीं आती।

यह तो आप सभी जानते है की सर्दियों के मौसम की शुरुआत होते है लोगों को सर्दी, जुखाम, खांसी, गले में खराश आदि जैसी समस्याएं होने लगती है। जो 1 या 2 दिन के लिए बल्कि 1 हफ्ते तक तो चलती ही है। क्योंकि एक मात्र यही ऐसा मौसम होता है जिसमे बीमारी कम होने की बजाय और अधिक बढ़ जाती है।

यूँ तो सभी अपनी अपनी क्षमता और सूझ बुझ के अनुसार इनसे बचने और राहत पाने के उपचार करते रहते है लेकिन कई बार ढेरों उपाय / इलाज करने के बाद भी कोई फायदा नहीं होता। ऐसे में केवल घरेलू उपाय ही एकमात्र ऐसा उपाय है जो समस्या को जड़ से खत्म कर देता है और वापस भी नहीं देता। जी हां, अगर आप भी अक्सर सर्दियों के समय अपनी बिमारियों से परेशान रहते है तो एक बार इन उपायों का इस्तेमाल करके अवश्य देखें।

हो सकता है अगली सर्दी आपको इन्हे याद करने की भी आवश्यता न पड़े। तो आइये जानते है क्या है वे घरेलु उपाय, जिनकी मदद से सर्दियों में होने वाली खांसी, जुखाम, गले की खराश आदि को दूर किया जा सकता है।

सर्दियों में बिमारियों से बचने के घरेलू उपाय :- 

जुखाम दूर करने के घरेलू उपाय :सर्दी से बचने के लिए क्या करें

1. गर्म पानी या गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर पीने से जुखाम की समस्या दूर हो जाती है।

2. जुखाम होने पर अदरक की चाय या अदरक का काढ़ा पीने से बहुत लाभ होता है।

3. 2 चम्मच शहद में एक चम्मच नींबू का रस एक ग्लास गुनगुने पानी या गर्म दूध में मिलाकर पियें जुखाम ठीक हो जाएगा।

4. विक्स की भाप लेने से भी जुखाम में आराम मिलता है।

5. लहसुन की पांच कलियों को घी में भूनकर खाएं। एक या दो दिन में जुखाम ठीक हो जाएगा।

6. रात को सोने से पहले अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से गले में दर्द और खराश में आराम मिलता है। लेकिन इसे पीने के बाद पानी न पियें।

7. आधी प्याज के रस को 1 चम्मच शहद के साथ मिलाकर खाएं। दिन में 2 बार इसका सेवन करने से जुखाम ठीक हो जाएगा।

8. सरसों के तेल में लहसुन की कलियाँ डालकर उबालें। अब इसे गुनगुना करके सोने से पहले तलवों और सीने पर लगा लें।

खांसी दूर करने के घरेलू उपचार :

1. खांसी होने पर गर्म पानी का सेवन करें। ठंडे पानी से दूर रहे।

2. अनार के रस को हल्का गुनगुना करके पीने से खांसी दूर हो जाती है।Khansi aur jukham

3. सुखी खांसी होने पर तुलसी, अदरक और काली मिर्च से बने हुए काढ़े का सेवन करें।

4. देसी घी में बना बेसन का हलवा खाने से भी सुखी खांसी ठीक होती है।

5. एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर और आधा चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें। आराम मिलेगा।

6. शहद खांसी की समस्या में बेहद फायदेमन्द होता है। बच्चा हो या बड़ा खांसी होने पर रात को सोते समय शहद खिलाएं। आराम मिलेगा।

7. काली खांसी होने पर एक चम्मच अदरक का रस और एक चम्मच पान के रस में शहद या गुड़ मिलाकर काढ़ा बना लें। अब इसे गुनगुना करके सेवन करें। कुछ ही मिनटों में खांसी आना बंद हो जाएगी।

8. काली मिर्च को मुंह में रखकर चूसने से भी खांसी में आराम मिलता है।

गले की खराश दूर करने के घरेलू उपाय :

1. गले की खराश दूर करने के लिए 2 घंटे गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करें। एंटीसेप्टिक होने के कारण यह गले के संक्रमण को दूर करता है।

2. रात को सोते समय आधा दूध और आधा पानी मिलाकर पियें।

3. सूखा भोजन, सुपारी, खटाई, मछली और उड़द से परहेज करें।

4. 1 कप पानी में 4-5 कालीमिर्च ओर तुलसी की 5 पत्तियों को एकसाथ उबाल लें। और उसका धीरे धीरे सेवन करें।

5. गले में खराश होने पर जब भी प्यास लगे तो गुनगुने पानी का ही सेवन करें।

6. कालीमिर्च को 2 बादाम के साथ पीसकर सेवन करें, गले की खराश दूर होगी।

7. अदरक और लौंग की चाय भी गले की समस्या में आराम देती है।

8. दो-तीन लौंग के साथ एक से 2 लहसुन की कलियों को पीसकर पेस्ट बना लें और उसमे थोड़ा शहद मिला लें। इस मिश्रण का दिन में 2 से 3 बार सेवन करें।

9. रात को सोने से पहले दूध में हल्दी डालकर पियें। हल्दी में एंटी सेप्टिक गुण पाए जाते है जो गले के संक्रमण को दूर करके गले को आराम पहुंचाती है।

10. अधिक मैदा व् तेलीय चीजों के सेवन से बचें।

फैलोपियन ट्यूब में रूकावट के कारण

Fallopian Tube : गर्भाशय के दोनों और एक पतली सी ट्यूब होती है जिसे की फैलोपियन ट्यूब कहा जाता है। फैलोपियन ट्यूब प्रेगनेंसी में एक अहम रोल अदा करती है। क्योंकि यही विकसित अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक लाती है। और उसके बाद ही निषेचन की प्रक्रिया शुरू होती है जिसके कारण महिला का गर्भधारण होता है। और निषेचन की प्रक्रिया भी तभी शुरू होती है जब अंडे फैलोपियन ट्यूब से गर्भाशय तक आ रहे होते है। जिसके कारण महिला के गर्भवती होने के चांस बढ़ जाते है।

लेकिन यदि फैलोपियन ट्यूब बंद हो जाती है तो इसके कारण अंडे गर्भाशय तक नहीं पहुँच पाते है जिसके कारण महिला को प्राकृतिक रूप से माँ बनने में परेशानी होती है।क्या आपको भी प्रेगनेंसी से जुडी कोई परेशानी हो रही है? या आपके भी पेट में निरंतर दर्द आदि की समस्या बनी रहती है? यदि हाँ तो आपको इस बारे में एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए। इसके अलावा आइए अब जानते हैं की फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के क्या कारण होते है। और इसके क्या लक्षण होते है।

फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के लक्षण क्या होते है:-

  • यदि किसी महिला का गर्भ नहीं ठहरता है और प्रेगनेंसी होने में उसे परेशानी हो रही है तो हो सकता है की उसकी फैलोपियन ट्यूब बंद हो।
  • पेट में हमेशा हल्का, निरंतर व् कभी कभी तेज दर्द का होना।
  • मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्त का प्रवाह होना।
  • बांझपन की समस्या होना भी फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के कारण होता है।

फैलोपियन ट्यूब के रूकावट के क्या कारण होते है:-

फैलोपियन ट्यूब महिला के प्राकृतिक रूप से प्रेग्नेंट होने के लिए बहुत ही अहम रोल अदा करती है। क्योंकि महिला के निषेचन की प्रक्रिया इसी में होती है, जिसके कारण महिला का गर्भ ठहरता है। लेकिन कई बार महिला को प्रेगनेंसी से जुडी परेशानी का सामना करना पड़ता है और इसका कारण फैलोपियन ट्यूब से जुडी समस्या हो सकती है। तो आइए अब जानते हैं की फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के क्या कारण होते है।

सर्जरी के कारण हो सकती है फैलोपियन ट्यूब बंद:-

जिन महिलाओं की पेट से सम्बंधित कोई सर्जरी यानी ऑपरेशन होता है। इसके कारण भी उनकी फैलोपियन ट्यूब बंद हो सकती है।

फैलोपियन ट्यूब के बंद होने का कारण हो सकता है हार्मोनल असंतुलन:-

बॉडी में हमेशा हार्मोनल बदलाव होते रहते है लेकिन यदि इन बदलाव में असमानताएं होती है या कोई गड़बड़ी होती है तो इसके कारण भी फैलोपियन ट्यूब पर असर पड़ता है।

अपेंडिक्स के कारण हो सकती है फैलोपियन ट्यूब बंद:-

यदि किसी महिला को अपेंडिक्स की समस्या है तो इसके कारण भी उसे फैलोपियन ट्यूब के बंद होने का सामना करना पड़ सकता है।

यौन संचारित रोगो के होने के कारण:-

यदि आप सेक्सुअल ट्रांसमिटेड बिमारी है तो इसके कारण भी आपको फैलोपियन ट्यूब के बंद होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। और आपके यह रोगो का यदि आप उपचार भी कर लेते है तो भी फैलोपियन ट्यूब से सम्बंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिज़ीज़ के कारण हो सकती है फैलोपियन ट्यूब बंद:-

यह भी एक यौन संचारित रोग ही होता है जिसके कारण की आपको इन्फेक्शन हो जाता है। और इन्फेक्शन के कारण आपको पेल्विस में सूजन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जो की फैलोपियन ट्यूब को धीरे धीरे बंद कर देती है।

एंडोमेट्रिओसिस से हो सकती है फैलोपियन ट्यूब से जुडी परेशानी:-

मासिक चक्र के दौरान महिला के गर्भाशय पर एक परत चढ़ जाती है, जो की पीरियड्स होने पर निकल जाती है। लेकिन कई बार मासिक धर्म के दौरान यह परत बाहर नहीं निकलती है और वहां इसका जमाव होने लग जाता है जिसके कारण इसका फैलाव हो जाता है। इसके कारण भी आपको फैलोपियन ट्यूब से जुडी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बार बार गर्भपात भी डालता है फैलोपियन ट्यूब पर असर:-

यदि महिला को बार बार गर्भपात की समस्या हो रही है, या फिर गर्भपात के बाद कभी आपका यूटीआई हुआ हो तो भी आपको फैलोपियन ट्यूब के बंद होने की सभावना हो सकती है।

फैलोपियन ट्यूब में रूकावट की समस्या से बचने के उपाय:-

  • अपने आप को स्वस्थ रखें और इसके लिए अपनी दिनचर्या को सही करें।
  • योगासन व् व्यायाम करें इससे आपके प्रजनन अंग स्वास्थ्य ठीक रहता है साथ ही प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • बाहर के खाने को छोड़ घर में संतुलित व् पौष्टिक आहार जो की मिनरल्स से भरपूर हो उसका सेवन करें।
  • विटामिन सी का भरपूर सेवन करें।
  • तनाव न लें, स्ट्रेस से दूर रहें और जितना हो सकें खुश रहें इससे आपको बीमारियों से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • नशा जैसे की शराब, धूम्रपान आदि से दूरी बनाकर रखें।

फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के कारण क्या महिला कभी माँ नहीं बन सकती?:-

ज्यादातर महिलाओं के मन में यह सवाल आता है की यदि उनकी फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के कारण क्या वो कभी माँ नहीं बन सकती है? तो इसका जवाब है नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है यदि आपकी फैलोपियन ट्यूब बंद हो गई है तो उसके बाद भी आप माँ बनने का सुख पा सकती है। क्योंकि मेडिकल में आज ऐसी सुविधा है जैसे आईवीएफ इससे आप आसानी से माँ बन सकती है।

तो यह है फैलोपियन ट्यूब से जुडी बातें यदि आपको भी प्रेगनेंसी में परेशानी हो रही है तो आप भी एक बार अपने डॉक्टर से चेक करवा सकती है। इसके अलावा यदि आपको ऊपर दिए गए लक्षण भी महसूस होते है तो हो सकता है की आपको फैलोपियन ट्यूब से जुडी परेशानी हो। ऐसे में आपको बिना देरी किए जितना जल्दी हो सके अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

नारियल तेल से पाएं इन समस्यायों से छुटकारा

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सभी के घर में किसी ना किसी रूप में नारियल तेल का इस्तेमाल किया जाता है। कोई खाना पकाने के लिए तो कोई बालों में लगाने के लिए, नारियल तेल को हर प्रकार की समस्या का इलाज माना जाता है। लेकिन आजकल के ब्यूटी प्रोडक्ट्स की चकाचौंद में लोग नेचुरल प्रोडक्ट को भूल ही गए हैं। इसीलिए आज हम आपको नारियल तेल के कुछ फायदे बता रहे हैं जिन्हे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे।

नारियल तेल के फायदे

नारियल तेल का इस्तेमाल करना केवल स्किन के लिए ही नहीं बल्कि बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। नारियल तेल में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो डेड सेल्स को निकालकर नए सेल्स बनाने में मदद करते हैं जिससे त्वचा में ग्लो और शाइन आती है। इसके अलावा भी नारियल तेल कई तरह की समस्यायों को दूर करने में मदद करता है जिन्हे बारे में यहाँ बता रहे हैं।

रूखे बालों के लिए

बालों के लिए नारियल तेल को वरदान माना जाता है। बालों से संबंधित हर प्रकार की समस्या के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। रूखे बालों के लिए नारियल तेल को गर्म करके स्कैल्प और बालों में अच्छे से मसाज करें। अगली सुबह बाल शैम्पू से धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से बाल स्मूथ हो जाएंगे।

डैंड्रफ के लिए

सर्दियों के मौसम अक्सर स्कैल्प की त्वचा ड्राई होकर उखड़ने लगती है जिसके कारण डैंड्रफ की समस्या हो जाती है जिसे रुसी भी कहते हैं। डैंड्रफ के कारण स्कैल्प में ड्राइनेस आ जाती है और खुजली की समस्या भी होने लगती है। इस समस्या के लिए भी नारियल तेल बहुत फायदेमंद होता है। प्रयोग के लिए, नारियल तेल को पहले गर्म कर लें। अब उसमे टी ट्री आयल की कुछ बूंदे मिलाएं और उसे स्कैल्प पर लगाएं। तेल लगाकर अच्छे से मसाज करें। कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही डैंड्रफ की समस्या कम होने लगेगी।

झड़ते बालों के लिए

वर्तमान की आधुनिक जीवनशैली के चलते बालों की केयर ठीक तरह से नहीं हो पाती जिसके कारण बालों के झड़ने की समस्या होने लगती है। बालों का झड़ना अक्सर जड़ें कमजोर होने के कारण होता है। नारियल तेल बालों की जड़ों को मजबूत करके उन्हें लंबा करने में मदद करता है। झड़ते बालों की समस्या के लिए नारियल तेल में थोड़ा सा मेथी दाने का पानी मिलाकर स्कैल्प और बालों में मसाज करें। कुछ ही दिनों में बालों का झड़ना बंद हो जाएगा।

मुहांसो के लिए

त्वचा के पोर्स से नेचुरल आयल बाहर आता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है। और जब इन पोर्स में बैक्टीरिया और गंदगी इकट्ठी होने लगती है तो पोर्स ब्लॉक हो जाते है जिसकी वजह से मुहांसे और ब्लैकहैड्स की समस्या होने लगती है। इसे ठीक करने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। प्रयोग के लिए, नारियल के तेल में कुछ बूंद टी ट्री आयल की मिला लें। रात को सोने से पहले मिश्रण को अपने चेहरे पर लगा लें। रातभर लगे रहने दें, अगली सुबह मुंह धो लें। ऐसा तब तक करते रहे जब तक मुहांसे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते।

फटी एड़ियों के लिए

शरीर में किसी कमी के कारण या पैरों की सही तरीके से देखभाल नहीं करने के चलते पैरों को सही तरीके से पोषण नहीं मिल पाता। जिसके कारण एड़ियां फटने लगती है। फटी एड़ियों की समस्या अधिकतर सर्दियों में दिनों में होती है। इसे ठीक करने के लिए नारियल तेल को फटी एड़ियों और पैरों पर अच्छी तरह लगा लें और सॉक्स पहन लें। रातभर ऐसे ही रहने दें। कुछ ही दिनों में समस्या ठीक हो जाएगी।

मुंह के छाले

पेट की गड़बड़ी और कुछ अन्य समस्यायों के कारण अक्सर मुंह में छालों की समस्या हो जाती है। जिसके चलते बहुत परेशानी होती है। लेकिन नारियल तेल इस समस्या का भी इलाज है। मुंह के छाले ठीक करने के लिए शुद्ध नारियल तेल रात को सोने से पहले छालो पर लगा लें। और रातभर ऐसे ही रहने दें। अगली सुबह अच्छी तरह मुंह साफ़ कर लें। छाले ठीक होने लगेंगे।

स्वस्थ दांतो के लिए

सही तरह से खान-पान नहीं लेने के कारण आजकल अधिकतर लोगों को दांतो से संबंधित समस्याएं बनी रहती है जैसे – मसूड़ों में सूजन, दांतो में दर्द आदि। इन सभी समस्यायों के लिए नारियल तेल बहुत फायदेमंद होता है। प्रयोग के लिए, ब्रश करने के बाद हमेशा मसूड़ों में आर्गेनिक कोकोनट आयल लगाएं। और फिर कुल्ला कर लें। दांत हमेशा स्वस्थ रहेंगे और कोई परेशानी नहीं होगी।

तो दोस्तों, ये कुछ खास समस्याएं थी जिन्हे नारियल तेल का इस्तेमाल करके ठीक किया जा सकता है।

अंडे के छिलके को फेंके नहीं बहुत काम के होते हैं ये

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स्वास्थ्य के लिए अंडे का सेवन जितना लाभदायक है, उतना ही आपकी ख़ूबसूरती में निखार लाने में अंडे के छिलके मदद करते है, वैसे आप अंडे का सेवन करने के बाद उसके छिलको को फेक देते है, परंतु आज जब आप इन छिलको से आपको कितना फायदा होता है, इसके बारे में पढ़ेंगे, तो आप अंडे से ज्यादा इसके छिलको को संभाल कर रखेंगे, अंडे के छिलके में नेचुरल प्रोटीन और विटामिन उचित मात्रा में पाएं जाते है, जिसके कारण ये आपको फायदा पहुँचाते है।

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ऐसा कहा जाता है की अंडे के छिलके आपके निखार को बढ़ाने में मदद करते है, क्योंकि अंडे के छिलके में प्राकृतिक एसिड पाया जाता है जो आपकी स्किन पर जमी धूल मिट्टी की अच्छे से सफाई करने के बाद उसमे निखार लाने में आपकी मदद करता है, इसके अलावा अंडे के छिलको का इस्तेमाल करके आप अपने एजिंग के लक्षण जैसे की झुर्रियों आदि से राहत पा सकते है, और ये सिर्फ आपकी त्वचा को ही साफ़ नहीं करता है, बल्कि अंडे का इस्तेमाल करके आप अपने दांतों की पीलेपन की समस्या से भी राहत पा सकते है, इसके अलावा यदि आपकी स्किन बहुत अधिक सेन्सिटिव या त्वचा पर जलन आदि की समस्या होती है तो भी ये आपकी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है, तो आइये विस्तार से जानते है की अंडे के छिलको का इस्तेमाल आप किस किस तरह से कर सकते है।

एजिंग के लक्षणों को कम करता है:-

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30 की उम्र के बाद चेहरे पर एजिंग के लक्षण साफ़ दिखाई देते है, उनके अपनी सुंदरता में निखार लाने के लिए अंडे के छिलको का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए, इसके लिए आप चार चम्मच अंडे के छिलको को पीस कर उसका पाउडर लें, और उसमे थोडीसी दही और चुटकी भर हल्दी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, अब इस पेस्ट को कम से कम बीस मिनट के लिए अपने चेहरे पर लगाएं उसके बाद इसे अच्छे से साफ़ करें, ऐसा करने से आपको एजिंग के लक्षण जैसे की त्वचा का लटकना, झुर्रियां जैसी समस्या से कुछ ही दिनों के प्रयोग से असर दिखने लगता है।

स्किन ब्राइटनिंग के लिए इस्तेमाल करें:-

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अंडे केछिलको काइस्तेमाल करके आप अपनी स्किन को भी ब्राइट बना सकते है, इसके लिए आप दो चम्मच अंडे के छिलके का पाउडर लें, और उसमे थोड़ा सा हनी और थोड़ा सा बेसन मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें उसके बाद अच्छे से इसे अपने चेहरे पर लगाएं, और करीब पंद्रह मिनट के लिए अपने चेहरे पर लगाएं, और उसके बाद अपने चेहरे को धो दें, ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करने पर आपको इसका असर जरूर दिखाई देगा, और आपकी स्किन को जवान और ब्राइट दिखने में मदद मिलेगी।

सॉफ्ट स्किन बनाने के लिए:-

कई बार त्वचा अपनी कोमलता को खोने लगती है, परंतु अंडे के छिलको का इस्तेमाल करके आप इस समस्या से राहत पा सकते है, और आपकी स्किन को कोमल और मुलायम बना सकते है, इसके लिए आप दो से तीन चम्मच अंडे के छिलको का पाउडर लें, और उसके बाद उसमे निम्बू का रस और शहद मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अपने चेहरे पर अच्छे से लगाएं, और करीब पंद्रह मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें, अंडे के छिलके अच्छे से आपके चेहरे की सफाई करते है, और आपके चेहरे के रोमछिद्रो को खोलते है जिसके कारण आपकी त्वचा में निखार आने में मदद मिलती है, और साथ ही आपकी स्किन सॉफ्ट भी बनती है।

त्वचा की नमी को बनाएं रखता है:-

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अंडे के छिलके का इस्तेमाल करने से ये आपकी त्वचा की नमी को बरकरार रखने में आपकी मदद करता है, इसके लिए आप अंडे के छिलको को धोकर उसका पाउडर बना लें, और अब उसमे अंडे की ही जर्दी को अच्छे से मिस करके एक पेस्ट तैयार करें, और अब इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद धो दें , ये आपकी त्वचा को एक्सफोलिएट करता है, जिसके कारण आपकी त्वचा हाइड्रेट रहती है, आप इस पैक का इस्तेमाल एक हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार कर सकते है, इसके कारण आपको जल्दी फायदा होगा।

चेहरे की चमक को बढ़ाने के लिए:-

चेहरे की चमक को बढ़ाने के लिए भी आप अंडे के छिलके का इस्तेमाल कर सकते है, इसके लिए आप अंडे के छिलके के पाउडर में शहद को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के बाद धो दें, ऐसा हफ्ते में एक बार करने पर ही आपको इसका असर दिखाई देने लगेगा।

दाग धब्बो से राहत दिलाता है:-

अंडे के छिलके का इस्तेमाल नींबू के रस या सिरके के साथ करने से भी आपको बेदाग़ त्वचा पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप दो से तीन चम्मच अंडे के छिलके के पाउडर में निम्बू का रस इस फिर एप्पल साइडर विनेगर यानि सिरका मिलाएं, उसके बाद इसे मिलकर एक पेस्ट तैयार करें, अब इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के बाद अच्छे से अपने चेहरे को धो दें, हफ्ते में दो बार इस तरीके का इतेमाल करने से धीरे धीरे आपको बेदाग़ त्वचा पाने में मदद मिलती है।

दांतो के पीलेपन की समस्या से राहत दिलाता है:-

Danto ka Pilapan

ज्यादातर लोगो को दांतो के पीलेपन से जुडी समस्या रहती है, परंतु क्या आप जानते है, की अंडे के छिलको का इस्तेमाल करके आप दांतों के पीलेपन की समस्या से राहत पा सकते है, इसके लिए आप अंडे के छिलको को अच्छे से पीस कर बारीक पाउडर तैयार कर लें, और उसके बाद इस पाउडर को अच्छे से अपने दांतों में रगड़ें, कुछ ही दिनों में आपको इसका असर दिखने लगेगा, और दांतों के पीलेपन की समस्या से राहत पाने में आपको मदद मिलेगी।

तो आज से आप अंडे के छिलको को फेकने की बजाय अपनी त्वचा में निखार लाने के लिए इस तरह से इस्तेमाल कर सकते है इसके अलावा आप अंडे के छिलको को एलोवेरा जैल के साथ मिलाकर यदि लगाते है तो आपको अपने चेहरे की नमी बनाएं रखने में मदद मिलती है, या फिर अंडे के छिलके के पाउडर, अंडे की जर्दी और चीनी को मिलाकर स्क्रब की तरह भी इसका इस्तेमाल कर सकते है, साथ ही आपको दांतों को भी चमकाने में ये आपकी मदद करता है, इसीलिए इन फायदों को उठाने के लिए आज के बाद अंडे के छिलको को न फेंके।

करवाचौथ को ऐसे बनाएं ख़ास

करवाचौथ का दिन भी किसी त्यौहार से कम नहीं होता है, क्योंकि इसके आने से पहले भी बाज़ारो में चहल पहल शुरू हो जाती है। और इस दिन हर जगह महिलाओ की चमक धमक ही नज़र आती है। करवाचौथ के दिन महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। और रात को चन्द्रमा को देखकर अपने पति के साथ इस व्रत को खोलती है। और यह त्यौहार भी पति पत्नी के बीच प्यार का प्रतिक है ऐसा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। तो जब यह दिन पति पत्नी के प्यारा का प्रतिक है तो इसे खास बनाने के लिए भी कुछ न कुछ तो करना चाहिए। जैसे ही आप चाहे तो अपनी पत्नी के साथ उपवास रख सकते हैं, उन्हें कहीं बाहर पूजा के बाद डिनर करवाने ले जाएँ या फिर घर में ही उनके लिए कुछ ख़ास बनाएं, उपहार देना न भूलें, आदि ऐसी ही कुछ चीजें करके आप इस त्यौहार को ख़ास बना सकते हैं।

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करवाचौथ को ख़ास बनाने के टिप्स:-

अपनी पत्नी के साथ उपवास रखें:-

इस दिन को सबसे खास बनाने के लिए आप भी चाहे तो अपनी पत्नी के साथ उपवास रख सकते हैं। क्योंकि जब आप अपनी पत्नी के लिए उपवास रखेंगे तो उन्हें बहुत ख़ुशी मिलेगी और यदि आप उपवास नहीं रख सकते हैं। तो उन्हें छोटे छोटे लम्हो में उनका साथ निभाएं। जैसे की सरगी करने के लिए उनके साथ उठें, पूजा की थाली सजाने में उनकी मदद करें, बच्चों को संभालें, आदि। इससे भी उन्हें बहुत ख़ुशी मिलती है।

वाइफ के लिए कुछ स्पेशल प्लान करें:-

करवाचौथ के दिन रत को पूजा के बाद अपनी पत्नी के लिए कुछ स्पेशल प्लान करें, जैसे की उन्हें कैंडल लाइट डिनर पर ले जाएँ, या फिर उनके मनपसंद जगह में उन्हें खाना खिलाएं, उन्हें फूल दें, उनसे अपने प्यार का इजहार करें ऐसा करके भी आप अपने पार्टनर को खुश कर सकते हैं।

उपहार न भूलें:-

गिफ्ट आपके इस दिन को और भी ख़ास बना देता हैं इसीलिए करवाचौथ के दिन अपनी पत्नी को उपहार देना न भूलें। उपहार में आप अपनी पत्नी को कुछ गोल्ड, मेकअप किट अच्छी कंपनी की, फ़ोन, या अन्य कोई चीज जिनकी उन्हें जरुरत है वो दिला सकती हैं। और जैसे ही आप अपनी पत्नी को पूजा के बाद गिफ्ट देते हैं वैसे ही उन्हें चेहरे की चमक ही अलग हो जाती है।

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उन्हें लिए अपने हाथों से खाना बनाए:-

हर परनि चाहती है की उसका पति उसके लिए खाना बनाएं तो करवाचौथ के दिन आप उनकी इस इच्छा को पूरा कर सकते हैं। यदि आप उनके लिए अपने हाथों से खाना बनाते हैं तो उन्हें बहुत ख़ुशी मिलती है। उसके बाद आप अपनी पत्नी को अपने हाथों से खाना परोसें, और साथ ही उन्हें खिलाएं भी फिर देखिएगा आपकी पत्नी के चेहरे पर कैसी मुस्कान आती है।

स्पेशल फील करवाएं:-

पत्नियां इस दिन अपने पति के लिए पूरा दिन निर्जल उपवास रखती है। ऐसे में पतियों को भी इन्हे खुश करने के लिए उन्हें स्पेशल फील करवाना चाहिए। जैसे की उन्हें किसी तरह का कोई काम नहीं करने देना चाहिए। उनसे अपने प्यार का इजहार करना चाहिए। उस दिन ऑफिस से छुट्टी ले सकते हैं और उनके हिस्से के सभी काम कर सकते हैं ऐसा करने से भी आप इस दिन को अपनी पत्नी के लिए स्पेशल बना सकते हैं।

अपने प्यार का इजहार करें:-

वैसे तो प्यार का इजहार आपको हर रोज करना चाहिए लेकिन करवाचौथ के दिन अपनी पत्नी को स्पेशल फील करवाने के लिए आपको अपने प्यार का इजहार उसी तरीके से करना चाहिए जिस तरह आपने उन्हें पहली बार प्रपोज़ किया था। या उन्हें और बिलकुल किसी रोमांटिक स्टाइल में प्रपोज़ करना चाहिए ऐसा करने से भी आप इस दिन को खास बना सकते है। क्योंकि किसी से भी आप अपने प्यारा का इजहार करते है तो उसके चेहरे की खुशी से ही आप पता लगा सकते है, और आपको अपनी बीवी के चेहरे पर भी ऐसी ही स्माइल देखने को मिलेगी।

तो ये हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल करके आप इस दिन को स्पेशल बना सकते हैं। क्योंकि आप यदि एक कोशिश भी करते हैं तो आपकी पत्नी को इससे ख़ुशी मिलती है। और साथ ही आपके बीच प्यार को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। और जब किसी रिश्ते में प्यार बढ़ता है तो उसकी उम्र भी लम्बी होती है, तो इस साल करवाचौथ को ख़ास बनाने के लिए इन टिप्स का इस्तेमाल जरूर करें।

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सोयाबीन खाने के फायदे! चाहे सब्ज़ी हो या तेल

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सोयाबीन में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते है, जैसे प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, व् अन्य खनिज लवण, सोयाबीन का सेवन करने से आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के साथ आपको बहुत सी बीमारियों से बचाने में भी ये आपकी मदद करता है, और आप चाहे इसे किसी किसी भी रूप में खाएं, फ्राई करके, या आप इसकी सब्ज़ी बनाकर इसका सेवन करें, हर रूप में ये आपके लिए फायदेमंद ही होता है, और आपके शरीर को एक नहीं बल्कि बहुत से तरीके से फायदा पहुंचाने में मदद करता है।

हड्डियों को मजबूती, दिल के रोगो से सुरक्षा, गठिया से राहत, बहुत सी मानसिक बीमारियों से राहत, दिलाने के साथ आपके शरीर से सम्बंधित बहुत सी परेशानियों से आपको निजात दिलाता है, क्योंकि इसके सेवन से आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, जिसके कारण ये आपको फिट रहने में मदद मिलती है, आप इसे आटे की रोटी के रूप में, छाछ के रूप में, सब्ज़ी के रूप में इसका सेवन कर सकते है, तो आइये आज हम आपको बताते है की सोयाबीन के सेवन से आपको कौन कौन से फायदे हो सकते है, और आपके शरीर से किस प्रकार बिमारियों को दूर करने में मदद मिलती है।

ब्लड प्रैशर की समस्या से राहत दिलाता है:-

low blood pressure

सोयाबीन के सेवन से ब्लड प्रैशर की समस्या को कुछ ही दिनों में काबू किया जा सकता है, इसके सेवन के लिए रोजाना कम से कम तीन महीने तक आप भुने हुए आधा कप सोयाबीन का सेवन करें, इससे पहले रात को इसे भिगो कर रख दें, और आप इसका स्वाद यदि बढ़ाना चाहते है, तो इसके काली मिर्च डाल सकते है, आपको इसका असर खुद दिखेगा।

मानसिक रोगो से राहत दिलाने में मदद करता है:-

मिर्गी, हिस्टीरिया, याददाश्त की कमजोरी, रिकेट्स और फेफड़ो से सम्बन्धी बीमारियों में आराम दिलाने में सोयाबीन के सेवन से आपको बहुत फायदा होता है, क्योंकि इन सब परेशानियों का कारण आपके शरीर में फॉस्फोरस की कमी होती है, और सोयाबीन में ये सबसे अधिक मात्रा में पायी जाती है, इसके साथ आप सोयाबीन के आटे का भी सेवन कर सकते है, क्योंकि इसमें भी लेसीथिन होता है जो आपकी ज्ञान तंतुओ की बीमारी को खत्म करने में आपकी मदद करता है।

दिल के रोगियों के लिए है फायदेमंद:-

सोयाबीन के सेवन से दिल के रोगियों को बहुत फायदा होता है, क्योंकि इसमें वसा की मात्रा बहुत कम होती है साथ ही इसमें ‘लेसीथिन’ होता है, जो दिल की नलियों के लिए आवश्यक है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल को दिल की नलियों में जमने से रोकता है, और रक्त में भी कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है, सोयाबीन में 15 प्रतिशत सन्तृप्त वसा, 25 प्रतिशत मोनो सन्तृप्त वसा और 60 प्रतिशत पॉली असन्तृप्त वसा होता है, और इसमें दो वसा अम्ल होते है जो की आपके दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इसीलिए दिल के रोगियों को सोयाबीन का सेवन जरूर करना चाहिए।

शुगर कण्ट्रोल करने में मदद करता है:-

मधुमेह के रोगियों के लिए सोयाबीन के आटे के रोटी एक उत्तम आहार है, खास कर उनके लिए जिनके वजन बहुत ज्यादा होता है, इसके सेवन से वजन के साथ शुगर को कण्ट्रोल करने में भी मदद मिलती है।

स्तनपान कराने वाली महिला करें इसका सेवन:-

breastfeeding

स्तनपान कराने वाली महिला के लिए सोयाबीन एक उत्तम आहार है क्योंकि इसके सेवन से महिला के स्तन में दूध की मात्रा बढ़ जाती है, जिसके कारण शिशु के विकास में भी मदद मिलती है, और इसमें मौजूद पोषक तत्वों से महिला को भी फिट रहने में मदद मिलती है।

हड्डियों को मजबूत करता है:-

हड्डियों में कैल्शियम की कमी या हड्डियों से सम्बंधित किसी रोग के हो जाने पर हड्डियों में कमजोरी आ जाती है, जिसके कारण हमेशा थकावट और शरीर के अंगो में कही न कही दर्द की शिकायत रहती है, इस समस्या से राहत के लिए आपको सोयाबीन का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद प्रोटीन कैल्शियम व् अन्य पोषक तत्व आपकी हड्डियों को मजबूती देने में मदद करते है।

पेट में कीड़े की परेशानी का हल होता है:-

पेट में कीड़े होने के कारण भी आपको परेशानी हो जाती है, खास कर बच्चों को क्योंकि इसके कारण बच्चों की अच्छे से ग्रोथ नहीं होती है, परन्तु यदि आप उन्हें सोयाबीन की छाछ का सेवन करवाते है तो इसके कारण उन्हें बहुत फायदा होता है, क्योंकि ये पेट के कीड़ो को खत्म करने में आपकी मदद करते है।

एनीमिया की समस्या से राहत दिलाता है:-

सोयाबीन में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो की आपके शरीर में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में आपकी मदद करता है, इसके सेवन से आपके शरीर को एनीमिया से राहत मिलती है, साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस से भी निजात पाने में मदद मिलती है।

गठिया से राहत दिलाता हैं:-

जिन महिलाओ या पुरुषो को जोड़ो में दर्द की शिकायत होती है, उनके लिए इसका सेवन बहुत ही लाभकारी होता है, नियमित रूप से इसक सेवन करने से आपको गठिया के रोग से निजात पाने में मदद मिलती है।

पेशाब से सम्बंधित समस्या से राहत मिलती है:-

कई लोगो को बार बार पेशाब आने की समस्या होती है, मधुमेह के रोगियों के लिए ये आम बात होती है, परन्तु बिना किसी बिमारी के भी कई लोग बार बार पेशाब के लिए जाते है, सोयाबीन के सेवन से आपको बहुत फायदा मिलता है और शुगरके रोगियों को भी इससे आराम मिलता है।

प्रोस्टेट कैंसर से भी राहत दिलाता है:-

सोयाबीन के सेवन से आपके शरीर में प्रोस्टेट कैंसर से भी सुरक्षा मिलती है, क्योंकि ये आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, क्योंकि इसमें में आइसोफ्लेवोन नामक फाइटोरसायन मौजूद होते है, यदि आप रोजाना पचास ग्राम इसका सेवन भी करते है तो भी इसके कारण आपको फायदा मिलता है।

तो ये कुछ फायदे है जो आपको सोयाबीन या सोयाबीन की सब्ज़ी खाने से आपको मिलते है, साथ ही इसके कारण आपके शरीर में होने वाले पोषक तत्वों को पूरा करने में मदद मिलती है, इसके अलावा ये महिला पुरुषो, बच्चों सबके लिए ही फायदेमंद है, तो इसके फायदों को उठाने के लिए आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए, ताकि आपको फिट रहने में मदद मिले।