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प्रेग्नेंट महिला इन चीजों का सूप बनाकर जरूर पीए

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ न कुछ अलग खाने की इच्छा होती है। ऐसे में गर्भवती महिला की खाने की इच्छा को पूरी करने के लिए आज इस आर्टिकल में हम आप एक बेहतरीन और टेस्टी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो है सूप। सूप को बनाने के लिए तरह तरह की सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है। और इसे आप टेस्टी बनाने के लिए अपने हिसाब से मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं व् अन्य चीजों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें की सूप बनाने के लिए आप उन्ही सब्जियों और उन्ही चीजों का इस्तेमाल करें जिनका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान फायदेमंद होता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेग्नेंट महिला किन किन चीजों का सूप प्रेगनेंसी के दौरान पीना चाहिए।

मिक्स वेजिटेबल सूप

गर्भवती महिला के लिए मिक्स वेजिटेबल का सूप बहुत फायदेमंद होता है। इस सूप को बनाने के लिए गर्भवती महिला अपनी पसंद की सब्जियों जैसे की लाल, पीली, हरी शिमला मिर्च, कॉर्न, गाजर, टमाटर, हरी मटर, बंदगोभी आदि को मिलाकर सूप बना सकती है। इस सूप में सभी सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व गर्भवती महिला को मिलते हैं जिससे माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

टमाटर का सूप

थोड़े टमाटर लेकर उसे अच्छे से धो लें, उसके बाद उन्हें उबालकर पीस लें। पीसने के बाद उन्हें सूप के रूप में तैयार कर लें। टमाटर का सूप न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि गर्भवती महिला को टमाटर का सूप पीने से बहुत से पोषक तत्व भी मिलते हैं। जैसे की आयरन, फोलेट, फाइबर, आदि जो गर्भवती महिला व् बच्चे के लिए फायदेमंद भी होते हैं।

ब्रोकली सूप

ब्रोकली सूप का सेवन भी गर्भवती महिला ट्राई कर सकती है क्योंकि ब्रोकली विटामिन ए और फोलिक एसिड का बेहतरीन स्त्रोत होती है जो गर्भवती महिला व् बच्चे के लिए फायदेमंद होते है।

पालक का सूप

पालक विटामिन्स, फाइबर, फोलेट व् अन्य मिनरल्स का बेहतरीन स्त्रोत होती है जो गर्भवती महिला व् बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है इसीलिए गर्भवती महिला पालक के सूप का सेवन भी प्रेगनेंसी के दौरान कर सकती है। पालक के साथ अन्य कोई हरी सब्ज़ी मिलाकर भी यदि महिला सूप बनाना चाहे तो बना सकती है।

नॉन वेज से बना सूप

चिकन, मटन से बने सूप का सेवन भी यदि गर्भवती महिला करना चाहती है तो कर सकती है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान नॉन वेज का सेवन बहुत फायदेमंद होता है और यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लेकिन ध्यान रखें की चिकन, मटन या अंडे जिस भी चीज का आप इस्तेमाल करती है वह अच्छे से धुला होने के साथ अच्छे से पका होना चाहिए।

राजमा का सूप

राजमा को एक प्याज़, हरी मिर्च, लहसुन आदि डालकर अच्छे से उबाल लें उसके बाद उसे अच्छे से पीसकर उसमे निम्बू मिलाएं, धनिया मिलाएं, बारीक प्याज़ काटें, चाट मसाला डालें, आदि। ऐसा करके राजमा का सूप बनाकर भी प्रेग्नेंट महिला खा सकती है क्योंकि राजमा का सेवन गर्भवती महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

तो यह हैं कुछ सूप जो गर्भावस्था के दौरान पीने फायदेमंद होते हैं। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदों के लिए और जीभ के स्वाद को सही करने के लिए आप भी सूप का सेवन कर सकती है। इसके अलावा गर्भवती महिला का यदि कोई पसंदीदा सूप है तो उसे बनाकर भी गर्भवती महिला खा सकती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की प्रेगनेंसी के दौरान उस खाद्य पदार्थ का सेवन फायदेमंद हो।

प्रेगनेंसी के दौरान पूरे शरीर में दर्द रहने के कारण व् उपाय

प्रेगनेंसी एक ऐसा समय होता है जहां महिला रोजाना एक नया अनुभव करती है, एक नई चीज सीखती है, साथ ही रोजाना किसी न किसी नई परेशानी का सामना भी करती है। साथ ही इस दौरान महिला केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक व् भावनात्मक रूप से भी परेशानी का अनुभव करती है। और ऐसी ही एक समस्या है बॉडी पेन की समस्या जिससे अधिकतर गर्भवती महिलाएं परेशान रहती हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में दर्द होने के कारण व् इस परेशानी से बचने के कुछ आसान व् असरदार उपाय बताने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में दर्द होने के कारण

  • गर्भवती महिला यदि अपने खान पान का अच्छे से ध्यान नहीं रखती है तो इसके कारण बॉडी में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिसके कारण गर्भवती महिला को थकान, कमजोरी के साथ बॉडी पार्ट्स में दर्द की समस्या भी होती है।
  • बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण भी महिला को शरीर में दर्द महसूस होता है।
  • जैसे जैसे प्रेगनेंसी आगे बढ़ती है वैसे वैसे गर्भाशय का आकार बढ़ने के साथ मांसपेशियों में खिंचाव आता है जिसके कारण महिला को बॉडी में दर्द की समस्या होती है।
  • गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी होने पर भी महिला को बॉडी पेन की समस्या रहती है।
  • प्रेग्नेंट महिला यदि अपनी नींद पूरी नहीं लेती है तो इसके कारण भी महिला को थकान, कमजोरी, आलस, बॉडी में दर्द जैसी परेशानियां होती है।
  • वजन बढ़ने के कारण भी महिला को पेट, पीठ, पैरों आदि में दर्द की समस्या अधिक होती है।
  • बॉडी में ब्लड फ्लो सही न होने के कारण भी गर्भवती महिला को बॉडी पेन होता है।

प्रेगनेंसी में होने वाली शरीर में दर्द की समस्या से निजात पाने के टिप्स

गर्भवती महिला को यदि शरीर में दर्द की समस्या रहती है तो इस समस्या के लिए महिला को कुछ बातों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। जिससे महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में शरीर में दर्द की समस्या से राहत पाने के कुछ आसान आसान टिप्स कौन से हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर आहार खाएं

शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण बॉडी के सभी अंगो को अच्छे से पोषण नहीं मिल पाता है। जिसके कारण थकान, कमजोरी, शरीर में दर्द जैसी समस्या महिला को होती है। लेकिन यदि महिला अपनी डाइट का अच्छे से ध्यान रखती है, पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करती है, सही समय से अपना आहार लेती है, तो इससे बॉडी को अच्छे से पोषण मिलता है। जिससे प्रेग्नेंट महिला को शरीर में दर्द जैसी परेशानी से बचने में मदद मिलती है।

मल्टी विटामिन्स लें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को डॉक्टर्स कुछ मल्टीविटामिन लेने की सलाह देते हैं। क्योंकि उससे महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला का प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी पेन से बचाव होता है।

पानी पीएं भरपूर

प्रेग्नेंट महिला को पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए क्योंकि जितना महिला की बॉडी हाइड्रेट रहती है उतना ही प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली कॉम्प्लीकेशन्स को कम करने व् महिला को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है। जिससे बॉडी पेन जैसी परेशानी से भी बचाव होता है। और इसके लिए गर्भवती महिला को एक दिन में आठ से दस गिलास पानी, जूस, नारियल पानी आदि का सेवन भी जरूर करना चाहिए।

भरपूर ले नींद

भरपूर आराम न करने के कारण, नींद पूरी न होने की वजह से भी प्रेग्नेंट महिला को शरीर में दर्द की समस्या हो सकती है। लेकिन यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपने शरीर को भरपूर रेस्ट देती है, भरपूर नींद लेती है तो ऐसा करने से भी महिला को शरीर में दर्द की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही प्रेग्नेंट महिला जितना आराम करती है उतना ही महिला को और बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

हल्का फुल्का व्यायाम

गर्भवती महिला को थोड़ा बहुत व्यायाम जैसे की स्ट्रेचिंग, सैर, योगासन आदि करते रहना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से महिला को ऊर्जा मिलती है, बॉडी में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है, जिससे महिला को बॉडी में होने वाले दर्द से बचे रहने में मदद मिलती है।

मेटरनिटी बेल्ट का इस्तेमाल करें

पेट, पीठ, पैरों में दर्द की समस्या प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में महिला को अधिक होती है। और इसका कारण महिला का वजन बढ़ना, मांसपेशियों में खिंचाव अधिक होना आदि होता है। लेकिन मेटरनिटी बेल्ट का इस्तेमाल करने से गर्भवती महिला को इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है।

डॉक्टर से मिलें

प्रेग्नेंट महिला को यदि शरीर में दर्द या किसी एक बॉडी पार्ट में दर्द इतना होता है की सहन ही नहीं होता है। तो इससे बचने के लिए गर्भवती महिला को डॉक्टर से मिलना चाहिए। साथ ही ही अपने आप किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।

तो यह हैं प्रेगनेंसी में शरीर में दर्द होने के कारण व् उनसे बचने के उपाय, यदि आप भी माँ बनने वाली हैं तो आपको भी इन बातों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इससे शरीर में दर्द की समस्या से बचने के साथ माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में भी मदद मिलती है।

नीम के 20 फायदे

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नीम के 20 फायदे:-

नीम को एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में माना जाता है, क्योंकि एंटी बैक्टेरियल और एंटी सेप्टिक नीम के बहुत से ऐसे गुण है जो आपको बहुत से फायदे देते है। नीम के फायदे केवल आपको शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि आपकी त्वचा आपके बालों के लिए भी बहुत फायदा करता है। नीम का उपयोग बहुत सी दवाइओ के रूप में भी किया जाता है, आप घर में ही सोचिये यदि आपको कोई घाव हो जाता है तो आप किस प्रकार नीम का इस्तेमाल करके चुटकी में ही उस घाव को दूर कर देते है, साथ ही आप उसका इस्तेमाल आप अपनी सुंदरता को बढ़ाने के लिए भी करते है।

इसके अलावा आप अपने दांतो की सुरक्षा के लिए भी नीम का इस्तेमाल करते है, और भी बहुत से ऐसे फायदे है जो आपको नीम से मिलते है, इसीलिए नीम को गुणों की खान भी कहा जाता है, तो आइये आज हम आपको नीम से मिलने वाले कुछ ऐसे फायदे बताने जा रहें है जो आपको दाग धब्बो के साथ, आपको शरीर में होने वाली बहुत सी परेशानियों से भी निजात दिलाता है, तो अब जानते है नीम से होने वाले फायदे जो आपके लिए बहुत लाभकारी हो सकते है, और आप चाहे तो इसका इस्तेमाल कर सकते है, क्योंकि इसका कोई बुरा प्रभाव भी नहीं होता है।

नीम से होने वाले फायदे:-

वजन कम करता है:-

वजन कम करने में नीम एक अहम रोल निभाता है, अगर आप अपने वजन को कम करना चाहते है तो आप रोजाना नीम के जूस का सेवन शुरू कर दे, इससे आपके शरीर में मेटाबोलिज्म बढेगा, जिससे आपका फैट नहीं बढेगा, और इसके इस्तेमाल के लिए आप एक मुट्ठी नीम को पानी में उबाल कर उसे छान ले, एक चमच्च शहद, एक चमच्च नीबू का रस मिलाकर उसका सेवन करने से आपका वजन नहीं बढ़ता है।

ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करता है:-

ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करने के लिए भी नीम एक रामबाण इलाज़ होता है, नीम में मौजूद तत्व ब्लड में शुगर की मात्रा को कण्ट्रोल करते है, और साथ ही नीम के रस का रोजाना सेवन करने से शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है, इसके सेवन के लिए रोजाना सुबह खली पेट नीम की पत्तियो के रस का सेवन करना चाहिए, आपको थोड़े ही दिनों में इसका असर दीखने लगता है।

त्वचा से जुडी परेशानियों के लिए है असरदार:-

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नीम का इस्तेमाल करने से आपको त्वचा से जुडी किसी भी परेशानी से निजात मिल जाता है, यदि आपको मुंहासे की समस्या है, ड्राई स्किन है, ब्लैकहेड्स है, झुर्रिया है, इन सब समस्या के लिए एक ही इलाज़ आपके काम आ सकता है, नीम के अंदर एंटी बैक्टेरियल गुण होते है, और किसी भी इन्फेक्शन वाले कीटाणु से लड़ने की ताकत रखता है, और ये आपके चेहरे के लिए टोनर और मॉइस्चराइजर का काम भी करता है, इससे आपके त्वचा की ख़ूबसूरती प्राकृतिक रूप से निखार कर बाहर आती है।

आइये जानते है की इसका इस्तेमाल आप अपनी त्वचा के लिए किस प्रकार कर सकती है, इसके लिए आप थोड़ी नीम की पत्तिया लें, और उन्हें पानी में अच्छे से उबालें, और पानी में तब तक उबालते रहें, जब तक की पानी हरा न हो जाएँ, अब इस पानी में दिन में कम से कम तीन से चार बार मुँह धोएं, इसके अलावा आप नहाने के पानी में इसे मिलाकर नह भी सकते है, इसके कारण आपकी बॉडी की त्वचा भी अच्छी हो जाएगी।

कैंसर के ट्रीटमेंट में भी फायदा होता है:-

स्टडीज़ के अनुसार नीम में ऐसा प्रोटीन पाया जाता है, जो खून में मौजूद कैंसर कैंसर के जीवाणुओ से लड़ता है, और साथ ही उन्हें मारता है, और साथ ही नीम के जूस का रोजाना सेवन करने से आपके शरीर के सभी विषैले तत्व बाहर निकल जाते है, और साथ ही ये कैंसर से आपको सुरक्षा भी प्रदान करते है, और भी बीमारियों के जीवाणु को आपके शरीर में मार देते है, जिससे आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

इन्फेक्शन से सुरक्षा प्रदान करते है:-

नीम का सेवन करने से व् इसे औषधि की तरह इस्तेमाल करने से आपको दाद, खुजली, चोट आदि के निशान मिटाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप नीम के पत्तो को अच्छे से पीस कर एक पेस्ट तैयार कर लें, उसके बाद आप इसे उस स्थान पर लगाएं जहा आपको दाद खाज खुजली की परेशानी होती है, दो चार दिन में ही आपको इसका असर दीखने लगेगा, साथ ही आप चाहे तो नीम के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते है।

दांतो के लिए बहुत फायदेमंद होता है:-

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नीम प्राचीन काल से ही दांतो के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है, इसका दातुन करने से आपके दांतो की मजबूती सदा के लिए बनी रहती है, साथ ही नीम के एंटी बैक्टेरियल गुणों के कारण ये आपको दांत में होने वाले दर्द, व् मसूड़ो आदि से भी सुरक्षा प्रदान करता है, यदि आप एक दिन भी इसका दातुन अपने दांतो के लिए इस्तेमाल करते है तो इसका असर आपको खुद ही नज़र आ जायेगा, और साथ ही दांतो में पीलेपन की समस्या से निजात मिलने के साथ, आपके दांत सूंदर व् चमकदार बन जायेंगे।

रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है:-

नीम के जूस का सेवन करने से आपको खून की मात्रा बढ़ाने के साथ खून में भी इजाफा होता है, ये आपके शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाता है, नीम का सेवन करने से आपकी धमनियों में में कचरे को इक्कठा नहीं होने देता है, और साथ ही आपके खों को अच्छे से पत्यरवाह होने में भी मदद करता है, आप यदि दिन में एक बार भी इसका सेवन करते है, तो इसके बहुत से फायदे आपको मिलते है।

पेट से जुडी समस्या का हल करता है:-

नीम का सेवन करने से आपको पेट से जुडी परेशानियों से भी राहत दिलाता है, पेट में गैस, अल्सर, जलन आदि की समस्या से राहत पाने के लिए नीम का पानी तुरंत ही असर करता है, जिन लोगो को यूरिन आदि में इन्फेक्शन होता है, उन्हें खाली पेट नीम की दो से चार पत्तिया चबनमे से बहुत फायदा होता है, इसीलिए पेट से जुडी परेशानी से राहत पाने के लिए आपको इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

दाग धब्बो से राहत दिलाता है:-

नीम के पत्तो का सेवन करने से और नीम के पानी से मुँह धोने से आपको चेहरे पर होने वाले दाग धब्बो से राहत मिलती है, यदि आप रोजाना अपने मुँह को दिन में दो से तीन बार अच्छे से अपने मुँह को धोते है, तो आपको इस परेशानी से राहत मिलती है, आपको दाग धब्बो से राहत पाने के लिए इसका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए, आपको एक हफ्ते में ही इसका असर दीखने लग जायेगा।

एलर्जी से राहत दिलाता है:-

नीम के पत्तो को अच्छे से पीस कर यदि आप उस स्थान पर लगाएं, जहाँ पर आपको एलर्जी है, आप यदि रोजाना इसका इस्तेमाल करते है, और बाद में इसे अच्छे से नीम के पत्ते के पानी से अच्छी तरह धोते है, तो आपको तीन से चार दिन में ही इसका असर दीखने लग जाता है, इसे आप बच्चों के लिए भी इस्तेमाल कर सकती है, और साथ ही ये दानो के निशान भी नहीं रहने देता है।

बाल झड़ने की समस्या से निजात दिलाता है:-

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नीम का इस्तेमाल करने से आपको बाल झड़ने की समस्या से निजात मिलता है, और साथ ही आपको घने व् मजबूत बाल मिलते है, इसके उपयोग के लिए आप नीम के पत्तो और बेर के पत्तो को अच्छे से उबाल लें, और अब इस पानी से अपने सर को धो लें, हफ्ते में दो से तीन बार करने पर ही आपको इसका असर आपको दीखने लगेगा, और आपके बाल झड़ने बंद हो जायेंगे।

ज्यादा पसीने आने की समस्या से निजात मिलता है:-

कई लोग ज्यादा पसीना आने के कारण बहुत परेशान रहते है, और कई बार तो उन्हें ठंडी में भी पसीना आता है, और रात को सोते समय भी पसीना आ जाता है, इस समस्या के लिए भी नीम बहुत फायदेमंद होता है, इसके सेवन के लिए आप नीम की 10-15 बूंदो को रात के समय दूध में डाल कर पीने से आपको ज्यादा पसीना आने की समस्या के साथ जलन से भी राहत मिलती हैं।

गठिया सूजन से आराम मिलता हैं:-

कई बार महिला हो या पुरुष उन्हें गठिया की शिकायत हो जाती हैं, और साथ ही इसके कारण सूजन की समस्या भी हो जाती हैं, इसके लिए यदि आप उस स्थान पर अच्छे से नीम के तेल से मालिश करते हैं, तो आपको इस समस्या से राहत मिलती हैं, और आपको यदि कोई कीड़ा भी काट लेता हैं, तो आपको उस स्थान पर तेल की मालिश करने से आपको इस समस्या से भी राहत मिलती हैं।

चर्म रोग से निजात मिलता हैं:-

कई बार चेचक जैसी समस्या होने के कारण और या किसी भी त्वचा के रोग होने के कारण आप बहुत जल्दी परेशान हो जाते हैं, और साथ ही इसके फैलने का भी बहुत ज्यादा खतरा रहता हैं, इसीलिए यदि आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो आपको इसके उपचार के लिए नीम के पत्तो को पानी में अच्छे से उबाल कर उस पानी से स्नान करना चाहिए, आपको थोड़े ही दिनों में इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती हैं, और साथ ही आपको चरम रोग फैलने का खतरा भी नहीं रहता , क्योंकि ये चरम रोग फैलने वाले जीवाणुओ को समाप्त कर देता हैं।

मलेरिया से राहत दिलाता हैं:-

मलेरिया के होने के कारण, आपको शरीरिक कमजोरी बहुत आ जाती हैं, और यदि आप नीम की छाल के काढ़े में आप धनिया और सौंठ का पाउडर मिलाकर उसका सेवन करने से आपको बहुत जल्दी मलेरिया से राहत दिलाता हैं, और साथ ही नीम के द्वारा किये हुए धुंए से आपको मलेरिया फैलाने वाले मच्छर का खत्म करने में मदद मिलती हैं।

बवासीर से राहत दिलाता हैं:-

जिस व्यक्ति को बवासीर की समस्या हो जाती हैं उस व्यक्ति को बहुत परेशानी हो जाती हैं, साथ ही मल त्यागने में बहुत कठिनाई होती हैं, और उसमे कई बार आपको खून आ जाता हैं जिसके कारण बहुत ज्यादा तकलीफ हो जाती हैं, इसीलिए यदि आप इस समस्या से बचना चाहते हैं, तो आप नीम के बीजो के चूर्ण को खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से आपको इस समस्या से थोड़ी दिनों में ही राहत मिल जाती हैं।

घाव भरता हैं:-

नीम का इस्तेमाल करने से आपको घाव भरने में बहुत मदद मिलती हैं, निबोरी जो की नीम का फल होता हैं, जिसमे से तेल निकलता हैं, जिससे आपको घाव भरने में मदद मिलती हैं, और यदि आप उस स्थान पर लगाते हैं, जहाँ की घाव होता हैं, तो आपको बहुत जल्दी इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती हैं, और आप जले हुए स्थान पर इसे लगाने से भी बहुत फायदा होता हैं।

नीम से होने वाले अन्य फायदे:-

  • नीम के पत्तो के रस को आँखों में डालने से आँखों को बहुत फायदा होता हैं।
  • नीम के रस को कान में डालने से भी बहुत फायदा होता हैं।
  • निबोरी के चूर्ण को पानी के साथ लेने से आपको पीलिया से भी निजात मिल जाता हैं।
  • त्वचा के रोगों से निजात मिलता हैं।
  • बालों को घना और मजबूत बनाने में आपकी मदद करता हैं।
  • बिच्छू के काटने वाले स्थान पर नीम के पत्तो का रस लगाने से जलन नहीं होती हैं, और जहर का असर भी कम हो जाता हैं।
  • हैजा की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता हैं।

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गर्भ में बेबी का वजन बढ़ाने के लिए क्या खाएं

बेबी का वजन बढ़ाने के लिए क्या खाएं, प्रेग्नेंट महिला गर्भ में पल रहे शिशु का ख्याल तभी से माँ रखना शुरू कर देती है जब उसे पता चलता है की वो माँ बनने वाली है। और महिला प्रेगनेंसी के दौरान कुछ भी करने से पहले केवल यही सोचती है की उस काम का शिशु पर कोई नकारात्मक प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। इतना ध्यान रखने के बाद भी कई बार शिशु का वजन गर्भ में कम रह जाता है। और शिशु के वजन के बारे में डॉक्टर आपको अल्ट्रासॉउन्ड के माध्यम से बताते रहते हैं। इस समस्या का समाधान प्रेगनेंसी के दौरान ही गर्भवती महिला को कर लेना चाहिए। ताकि जन्म के समय शिशु के वजन में कमी के कारण किसी तरह की कोई समस्या न आए।

गर्भ में शिशु का वजन बढ़ाने के लिए क्या खाएं

प्रेगनेंसी के दौरान खान पान का बहुत अधिक महत्व होता है। क्योंकि बेहतर खान पान न केवल गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने में मदद करता है बल्कि इससे गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है। तो लीजिये आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनका सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु का वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

डेयरी प्रोडक्ट्स

  • गर्भ में पल रहे शिशु का वजन बढ़ाने के लिए प्रेग्नेंट महिला को डेयरी प्रोडक्ट्स का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए।
  • क्योंकि डेयरी प्रोडक्ट्स में कैल्शियम, प्रोटीन व् अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • जो शिशु की हड्डियों, कोशिकाओं के बेहतर विकास में मदद करते हैं।
  • जिससे गर्भ में पल रहे शिशु के वजन को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • और इसके लिए एक कटोरी दही, दो से तीन गिलास दूध, मक्खन, घी आदि का सेवन प्रेग्नेंट महिला को जरूर करना चाहिए।

बेबी का वजन बढ़ाने के लिए खाएं दालें

  • आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम व् अन्य मिनरल्स दालों में भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जो प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रखने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व शिशु तक पहुंचाते हैं।
  • जिससे गर्भ में पल रहे शिशु के वजन को सही रखने में मदद मिलती है।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को सभी दालों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

ड्राई फ्रूट्स

  • सूखे मेवे पोषक तत्वों की खान होते हैं।
  • यदि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में शिशु का वजन सही से नहीं बढ़ रहा है।
  • तो ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को ड्राई फ्रूट्स का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।
  • क्योंकि ड्राई फ्रूट्स में मौजूद पोषक तत्व शिशु के बेहतर विकास व् शिशु का वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

बेबी का वजन बढ़ाने के लिए खाएं हरी सब्जियां व् फल

  • प्रेग्नेंट महिला को हरी सब्जियों व् फलों का सेवन भी प्रेगनेंसी के दौरान जरूर करना चाहिए।
  • क्योंकि हरी सब्जियों में आयरन, फोलेट की मात्रा मौजूद होती है।
  • जो गर्भ में पल रहे शिशु में खून की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
  • साथ ही फोलेट शिशु के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास में मदद करते हैं।
  • साथ ही फलों में भी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जो गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में मदद करते हैं।
  • इसीलिए प्रेग्नेंट महिला को हरी सब्जियों, फलों, फलों के रस को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

डॉक्टर द्वारा बताये गए विटामिन्स

  • गर्भ में पल रहे शिशु का वजन सही रखने के लिए प्रेग्नेंट महिला को उन सभी विटामिन्स का सेवन सही समय पर करना चाहिए जो डॉक्टर द्वारा उन्हें बताए गए हैं।
  • क्योंकि वह विटामिन्स भी गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में बहुत फायदेमंद होते हैं।

बेबी का वजन बढ़ाने के लिए खाएं सफ़ेद रसगुल्ला

  • ऐसा भी माना जाता है की यदि गर्भ में शिशु का वजन कम हो तो गर्भवती महिला को रोजाना सफ़ेद रसगुल्ला खाना चाहिए।
  • क्योंकि सफ़ेद रसगुल्ला खाने से गर्भ में पल रहे शिशु के वजन को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलती है।

गर्भ में पल रहे शिशु का वजन बढ़ाने के अन्य टिप्स

  • अपने आहार को समय से लें, भरपूर पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें।
  • पानी, नारियल पानी, जूस, व् अन्य तरल पदार्थों का भरपूर मात्रा में सेवन करें।
  • योगासन व् व्यायाम करें जिससे गर्भ में बेबी को एक्टिव रहने में मदद मिल सके।
  • तनाव न लें हमेशा खुश रहें।
  • भरपूर नींद लें, इससे प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और जितना गर्भवती महिला स्वस्थ रहती है उतना ही भ्रूण को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन प्रेग्नेंट महिला को जरूर करना चाहिए। क्योंकि यह खाद्य पदार्थ गर्भ में पल रहे शिशु का वजन तेजी से बढ़ाने में मदद करते हैं।

फेसपैक जो घर पर बना सके

हम सभी को अपनी तारीफ़ सुननी अच्छी लगती है खासतौर पर महिलाओं को। इसीलिए महिलाये अच्छा दिखने के लिए, हर महीने पार्लर और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर हज़ारो रूपए खर्च कर देती है, कुछ कॉसमेटिक प्रोडक्ट्स तो बहुत महंगे भी होते है, और साथ ही शुद्धता की भी कोई गॅरंटी नहीं। क्योंकि हम सभी जानते है जयादातार प्रोडक्ट्स केमिकलस से बने होते है, नतीजा बहुत से पैसो की बर्बादी और केमिकल का दुष्प्रभाव अलग। कई महिलाओ को गंभीर एलर्जी का भी सामना करना पड़ता है इन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के कारण। महंगे होने के कारण , हर महिला इनका लाभ भी नहीं ले सकती। तो आइये देखते है के घर पर रखी कुछ चीज़ो का इस्तेमाल से हम कैसे बना सकते है फेसपैक।

दही और शहद से फेस पैक

दही में लैक्टिक एसिड और बहुत सारे विटामिन्स होते है, जो हमारी डेड स्किन को निकाल कर चमका देते है। दही में प्रोबिओटिक्स भी होते है, जो चेहरे की चहियो को दूर करने में सहायक होता है। शहद की बात की जाये तो शहद एक एंटी इन्फ्लैमटॉरी गुण से भरपूर है, जो हमारी स्किन से ब्लैकहेड्स निकाल कर उसे सॉफ्ट बनता है। तो देखे कैसे बनता है ये गुणकारी फेस पैक।

  • दही :२ चम्मच
  • गुलाबजल :१ चम्मच
  • शहद :१/२ चम्मच

दही को अच्छे से फ़ैट कर उसमे शहद और गुलाबजल मिलाये। आप इस फेस पैक को उंगलियों से या स्टैपूला की मदद से चेहरे पर लगाए। १५-२० मिनट तक सूखने दे, फिर हलके हाथो से मसाज करते हुए गुनगुने पानी से धो ले। ये फेस पैक आप हर दो दिन के अंतराल में इस्तेमाल कर सकते है।

खीरे और एलोवीरा जेल का फेस पैक

खीरा एक ठंडी सब्जी है , जो की सनबर्न, झाइयां जैसी समस्या से राहत देने में बेहद ही असरदार होता है। खीरे ड्राई फेस पर चमक लता है। एलोवीरा जेल एंटीऑक्ससिडेंट गुणों और पोषक तत्वों से भरभूर है जो की हमारी त्वचा के लिए हर तरीके से लाभकारी है। तो आईये देखते है खीरे और अलोएवेरा जेल का फेस पैक कैसे बनाये।

  • खीरा : १/४
  • अलोएवेरा जेल : १ चम्मच

खीरा को पीस कर उसका पेस्ट बना ले, अब इसमें फ्रेश अलोएवेरा जेल या फिर बाजार से खरीदी हुई जेल भी मिक्स कर सकते है। इस पेस्ट को अपने चहरे पर १५ मिंट का लिए छोड़ दे और फिर हलके गुनगुने पानी से धो ले। इस पैक को आप हर रोज़ या फिर हर एक दिन छोड़ कर एक दिन इस्तेमाल कर सकते है।

निम्बू और शहद का फेस पैक

हम सब जानते ही है निम्बू विटामिन सी से भरपूर होता है जो स्किन के दाग धब्बो को हटाने में मदद करता है। निम्बू से चेहरे की छाइये हटती है। और शहद स्किंन को मुलायम बनता है। ये फेस पैक ऑयली स्किंग वालो के लिए बहुत ही लाभकारी है। देखते है कैसे इस पैक बनाना है और इस्तेमाल करना है।

  • निम्बू का रस : १/२ चम्मच
  • हल्दी : २ चुटकी
  • शहद : १ चम्मच

निम्बू का रस, हल्दी और शहद को अच्छे से मिला ले और उंगलिये से चेहरे पर मसाज करते हुए इस पैक को लगाए। इस फेस पैक को १० मिंट सूखने के लिए छोड़ दे। ताज़ा पानी से इसे धो ले। इस फेस पैक को आप सप्ताह में दो बार इस्तेमाल कर सकते है। यह एक ऐसा घरेलू फेस पैक है जो आपकी त्वचा के दाग, धब्बे और नमी को भी दूर करेगा।

आलू और शहद का फेस पैक

आलू में आयरन और अस्ट्रिंजेंट के गुण होते है , जो की ऑयली स्किन के एक्स्ट्रा आयल को निकाल कर , चहरे का रंग भी साफ़ करता है। और शहद हमारी त्वचा को मॉइस्चराइज़ करता है। चलिए देखते है कैसे बनगा ये अनोखा फेस पैक।

  • आलू का जूस : २ चम्मच
  • निम्बू का रस : १ चम्मच
  • शहद : १ चम्मच

आलू और निम्बू के जूस को शहद के साथ अच्छे से मिला ले, इस पैक को अपने चेहरे पर ब्रश से है उंगलियों से लगाए। १५ मिंट तक सूखा कर, ताजे पानी से धो ले। इस फेस पैक को आप एक सप्ताह में दो बार लगा सकते है।

बेसन का फेस पैक

बेसन हमारे कई चीजों में काम आता है, बेसन आयल स्किन के लिए बहुत ही फायदेमंद है। बेसन एक्स्ट्रा आयल को निकाल कर, त्वचा पर पिम्पल्स को भी रोकता है। हमारी दादी और नानी के समय से बेसन को फेसपैक में इस्तेमाल किया जाता है। तो देखते है बेसन का सबसे आसान फेस पैक।

  • बेसन : २ चम्मच
  • गुलाब जल : १ चम्मच
  • निम्बू का रस : १/२ चम्मच
  • हल्दी : चुटकी भर

सभी चीजों को अच्छे से मिला कर एक स्मूथ पेस्ट बना ले। अब इसे अपने चेहरे पर लगाए , सूखने तक का इंतज़ार करे। और फिर हल्के हाथो से मसाज करते हुए धो ले , इस पैक को आप सप्ताह में दो बार लगा सकते है। अगर आपकी त्वचा ड्राई है तो गुलाबजल के जगह शहद या फिर मलाई का भी इस्तेमाल कर सकते है।

तो ये है आसानी से बनने वाले फेस पैक, जिनमे ना तो ज्यादा खर्चा है ना ही कोई रिस्क। ये सभी फेस पैक घर पर रखी चीजों से आराम से बनाये जा सकते है। इनमे से किसी भी फेस पैक से किसी भी तरह का कोई एलर्जिक रिएक्शन भी नहीं होगा।

प्रेगनेंसी में पीठ दर्द होने के कारण और उपाय

गर्भावस्था के दौरान बहुत सी शारीरिक परेशानियां गर्भवती महिला को हो सकती है। जिसमे से पीठ की दर्द की समस्या भी प्रेगनेंसी का आम लक्षण है। कुछ महिलाओं को यह परेशानी प्रेगनेंसी के दौरान शुरू होती है और कुछ महिलाएं इस समस्या से पहले से ही परेशान होती है। जो महिलाएं पहले से इस समस्या से परेशान होती है उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान इस परेशानी का सामना अधिक करना पड़ता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी में पीठ का दर्द क्यों होता है? और किस प्रकार आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं उस बारे में बताने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में पीठ में दर्द होने के कारण

हार्मोनल बदलाव: प्रेगनेंसी के दौरान लगातार बॉडी में हार्मोनल बदलाव होते हैं। और बॉडी में प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन का स्तर भी बढ़ जाता है। जिसकी वजह से पीठ में दर्द होता है।

वजन: प्रेग्नेंट महिला का वजन महीने दर महीने बढ़ता जाता है। और पेट के भार को सँभालने के लिए रीढ़ की हड्डी मदद करती है जिससे रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है। और महिला को बैक पेन की समस्या हो सकती है।

पीछे की तरफ झुकाव बढ़ने के कारण: जब महिला का पेट बाहर की तरफ निकलता है तो गिरने के डर से बचने के लिए गर्भवती महिला पीछे की तरफ ज्यादा झुकती है। पीछे की तरफ ज्यादा झुकने के कारण पीठ के निचले हिस्से पर जोर ज्यादा पड़ता है जिसके कारण महिला को पीठ में दर्द होता है।

मसल्स में खिंचाव: जैसे जैसे प्रेगनेंसी आगे बढ़ती है वैसे वैसे गर्भाशय का आकार बढ़ने के साथ पेट और पीठ की मांसपशियाँ खींचती है इसके कारण महिला को पीठ में दर्द महसूस होता है।

तनाव: प्रेग्नेंट महिला के तनाव लेने के कारण भी महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ती है। जिसमे से पीठ दर्द की समस्या भी महिला को हो सकती है।

थकान: यदि महिला बहुत ज्यादा झुककर काम करती है, भारी वजन उठाती है, बहुत ज्यादा व्यायाम आदि करती है, आदि। तो इसके कारण महिला को थकान ज्यादा महसूस होती है जिसके कारण पीठ व् जोड़ो में दर्द की समस्या होती है।

कमजोरी: खान पान का अच्छे से ध्यान रखने के कारण , शरीर में खून की कमी होने के कारण, बॉडी में तरल पदार्थों की कमी होने की वजह से, आदि। गर्भवती महिला को कमजोरी महसूस होती है और कमजोरी के कारण प्रेग्नेंट महिला को पीठ के साथ बॉडी के अन्य हिस्सों में भी दर्द की समस्या हो जाती है।

गलत जूते चप्पल: ज्यादा हील वाले जूते चप्पल पहनने के कारण भी प्रेग्नेंट महिला को पीठ में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

पीठ के बल सोना: यदि प्रेग्नेंट महिला सीधे होकर सोती है तो इसके कारण शरीर का पूरा वजन पीठ पर पड़ता है। जिसकी वजह से गर्भवती महिला को पीठ में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है।

प्रेगनेंसी में पीठ में होने वाले दर्द से बचने के टिप्स

गर्भावस्था के दौरान यदि महिला को पीठ में दर्द की परेशानी होती है। तो ऐसा नहीं है की आप उससे आराम नहीं पा सकती है। बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान कुछ आसान टिप्स को ट्राई करने से गर्भवती महिल को पीठ में दर्द की परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

सैर करें

प्रेगनेंसी के दौरान सैर करने से बॉडी में ब्लड फ्लो बेहतर होने के साथ मांसपेशियों को भी मजबूत होने में मदद मिलती है। जिससे बैक पेन की समस्या से प्रेग्नेंट महिला को बचे रहने में मदद मिलती है।

स्ट्रेचिंग

बैक पेन की समस्या से बचने के लिए गर्भवती महिला को स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। स्ट्रेचिंग करने से मसल्स को रिलैक्स रहने में मदद मिलती है जिससे आपको दर्द कम करने में मदद मिलती है।

स्विमिंग

यदि आपको स्विमिंग करना आता है तो पीठ दर्द की समस्या से बचाव के लिए स्विमिंग करना एक बेहतरीन उपाय है। क्योंकि स्विमिंग करने से पेल्विक एरिया और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है साथ ही स्ट्रेस भी कम होता है। और प्रेगनेंसी के दौरान स्विमिंग करना सेफ होता है।

मेटरनिटी बेल्ट का इस्तेमाल

प्रेगनेंसी के दौरान पेट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बेल्ट भी पीठ दर्द से आराम के लिए फायदेमंद होती है। क्योंकि बेल्ट पहनने से पेट का पूरा भार पीठ पर नहीं पड़ता है जिससे पीठ दर्द से बचाव होता है।

अपनी पोजीशन का ध्यान रखें

उठते बैठते, सोते हुए, खड़े होते समय, लेटते हुए, आदि के दौरान यदि महिला अपनी पोजीशन का अच्छे से ध्यान रखती है। तो ऐसा करने से भी प्रेग्नेंट महिला को पीठ दर्द को कम करने में मदद मिलती है।

अपने लिए सही सामान का चुनाव करें

पीठ दर्द की समस्या से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को अपने द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजों का भी सही चुनाव करना चाहिए। जैसे की हेले वाले जूते चप्पल नहीं पहनने चाहिए, ज्यादा टाइट कपडे नहीं पहनने चाहिए, आरामदायक गद्दे पर सोना चाहिए, आदि।

मालिश करें

बैक पेन की समस्या से निजात पाने के लिए मालिश करना भी एक बेहतरीन विकल्प होता है। लेकिन ध्यान रखें की मालिश करवाते समय करवट लेकर लेटे और पेट की मालिश न करें।

छोटी छोटी बातों का ध्यान रखें

रोजाना डेली रूटीन में की जाने वाली चीजें जैसे की सीढ़ियां चढ़ना, भारी सामान उठाना, ज्यादा देर तक खड़े रहकर काम करना, आदि गर्भवती महिला को नहीं करने चाहिए। क्योंकि ऐसे कामों को करने से पीठ में दर्द की समस्या बढ़ती है।

खान पान का ध्यान रखें

पीठ में दर्द की परेशानी से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। जैसे की आयरन युक्त आहार का सेवन करें जिससे शरीर में खून की कमी न हो, पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें, समय से अपने भोजन का सेवन करें, तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करें, आदि।

भरपूर आराम

बैक पेन की समस्या से निजात के लिए प्रेग्नेंट महिला को भरपूर आराम करना चाहिए। क्योंकि जितना महिला आराम करती है उतना ही ज्यादा महिला को फिट रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिनका ध्यान रखने से पीठ में होने वाले दर्द की समस्या से बचने में मदद मिलती है। यदि आप भी प्रेगनेंसी के दौरान पीठ दर्द से परेशान हैं तो आप भी इन टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है। लेकिन पीठ दर्द महसूस होने पर इस बात का खास ध्यान रखें की गलती से भी बिना किसी डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवाई का सेवन न करें।

नेचुरल डिलीवरी के लिए ऐसे करें खुद को तैयार

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तरह तरह की परेशानियों से गुजरने के बाद भी गर्भवती महिला को केवल अपने गर्भ में पल रहे शिशु को लेकर चिंता होती है। साथ ही पूरी प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के मन में तरह तरह के सवाल भी आते हैं। जैसे की क्या खाएं क्या नहीं, क्या करें क्या नहीं आदि। खासकर ऐसा ज्यादा तब होता है जब महिला पहली बार माँ बनने जा रही हो। इसी तरह का एक सवाल महिला के मन में पूरी प्रेगनेंसी के दौरान चलता रहता है की महिला का प्रसव सामान्य होगा या सिजेरियन डिलीवरी से होगा। वैसे तो अधिकतर महिलाएं यही चाहती है हैं की उनका प्रसव नेचुरल तरीके से हो। क्योंकि नोर्मल डिलीवरी के दौरान डिलीवरी के समय तो थोड़ी दिक्कत हो सकती है।

लेकिन डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है, जन्म के समय शिशु को इन्फेक्शन आदि होने का खतरा कम होता है, आदि। ऐसे में यदि महिला चाहती है की उसकी डिलीवरी नोर्मल हो, तो नोर्मल डिलीवरी की तैयारी महिला को प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही शुरू कर देनी चाहिए। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको नेचुरल डिलीवरी के लिए प्रेग्नेंट महिला को खुद को तैयार कैसे करना चाहिए। इस बारे में बताने जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले जानते हैं की नोर्मल डिलीवरी क्या होती है।

क्या होती है नोर्मल डिलीवरी?

नोर्मल डिलीवरी का मतलब होता है प्रसव के दौरान जब शिशु प्राकृतिक तरीके से महिला के प्राइवेट पार्ट से जन्म लेता है। और नोर्मल डिलीवरी की सम्भावना तब अधिक होती है जब प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला व् गर्भ में पल रहा शिशु स्वस्थ होते हैं।

नोर्मल डिलीवरी की सम्भावना कब अधिक होती है

  • यदि महिला की पहली डिलीवरी सामान्य तरीके से हो तो दूसरी बार भी सामान्य प्रसव होने के चांस बढ़ जाते हैं।
  • प्रेगनेंसी के दौरान यदि गर्भवती महिला किसी शारीरिक बिमारी से न जूझ रही हो।
  • गर्भवती महिला को गेस्टेशनल शुगर, ब्लड प्रेशर, खून में कमी जैसी समस्या प्रेगनेंसी के दौरान अधिक न हो।
  • महिला का वजन जरुरत से ज्यादा न हो।
  • प्रेगनेंसी के दौरान महिला का खान पान सही हो, महिला एक्टिव रहे तो इससे भी नोर्मल डिलीवरी होने के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।

नेचुरल डिलीवरी के लिए प्रेग्नेंट महिला कैसे करे खुद को तैयार

प्रेगनेंसी के दौरान महिला यदि कुछ बातों का अच्छे से ध्यान रखती है और अपनी सेहत के प्रति किसी तरह की लापरवाही नहीं करती है। तो ऐसा करने से नोर्मल डिलीवरी की सम्भावना को अधिक बढ़ाने में मदद मिलती है।

प्रसव की जानकारी लें

  • सामान्य प्रसव के लिए प्रेग्नेंट महिला को खुद को तैयार करने के लिए सबसे पहले प्रसव की जानकारी इक्कठी करनी चाहिए।
  • ताकि महिला को बॉडी में होने वाले बदलाव व् लक्षणों को समझने में आसानी हो।
  • जिससे प्रसव को लेकर मन में किसी तरह की घबराहट न हो।
  • और महिला अपने आप को नेचुरल डिलीवरी के लिए तैयार कर सके।

तनाव न लें

  • कुछ गर्भवती महिला डिलीवरी कैसे होगी इस बात को लेकर तनाव में आ जाती है।
  • लेकिन शायद आप यह नहीं जानती की तनाव आपकी मुश्किलों को कम नहीं करता है बल्कि और बढ़ा देता है।
  • ऐसे में सामान्य प्रसव के लिए खुद को तैयार करने के लिए प्रेग्नेंट महिला को तनाव लेने से बचना चाहिए और खुश रहना चाहिए।

नेचुरल डिलीवरी के लिए स्वस्थ आहार लें

  • प्रेग्नेंट महिला यदि पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करती है।
  • तो इससे न केवल गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।
  • बल्कि गर्भ में शिशु का विकास भी अच्छे से होता है।
  • और गर्भवती महिला और शिशु का स्वस्थ रहना महिला की नोर्मल डिलीवरी के लिए जरुरी होता है।
  • ऐसे में गर्भवती महिला को नोर्मल डिलीवरी के लिए खुद को तैयार करने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेनी चाहिए।

हाइड्रेट रहें

  • पानी का भरपूर सेवन भी गर्भवती महिला को सामान्य प्रसव के लिए तैयार करने में मदद करता है।
  • क्योंकि इससे गर्भवती महिला को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है।
  • साथ ही इससे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली कॉम्प्लीकेशन्स को भी कम करने में मदद मिलती है।
  • ऐसे में महिला को तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस, नारियल पानी आदि का प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर सेवन करना चाहिए।

नेचुरल डिलीवरी के लिए एक्टिव रहें

  • गर्भावस्था कोई ऐसी स्थिति नहीं होती जिसमे आप बीमारों की तरह केवल आराम ही करें।
  • बल्कि इस दौरान महिला को एक्टिव रहना चाहिए।
  • जैसे की हल्का फुल्का व्यायाम करना चाहिए, मैडिटेशन करनी चाहिए, योगासन करना चाहिए, आदि।
  • क्योंकि जितना महिला प्रेगनेंसी के दौरान एक्टिव रहती है।
  • उतना ही महिला को नोर्मल डिलीवरी के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिलती है।

गलत न सोचें

  • प्रेगनेंसी के दौरान बहुत से लोग चाहे वो घर के हो या बाहर के हो आपसे अपनी प्रेगनेंसी के एक्सपीरियंस को शेयर करते हैं।
  • ऐसे में कुछ अच्छी बातें बताते हैं तो कुछ अपनी प्रेगनेंसी के बुरे एक्सपीरियंस को भी आपसे शेयर करते हैं।
  • ऐसे में उन बातों को सोचकर गर्भवती महिला को घबराना चाहिए।
  • क्योंकि ऐसा जरुरी नहीं है की जो उनके साथ हुआ हो वो आपसे साथ हो।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी में केवल अच्छी बातों को सोचें।
  • ताकि आपको मानसिक रूप से कोई दिक्कत न हो।
  • और प्रेगनेंसी के दौरान जितना प्रेग्नेंट महिला सकारात्मक रहती है।
  • उतना ही सामान्य प्रसव के लिए महिला को खुद को तैयार करने में मदद मिलती है।

वजन

  • गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला का वजन महीने दर महीने बढ़ता है।
  • लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरुरी होता है की महिला का वजन जरुरत से ज्यादा न बढे और सामान्य से कम न हो।
  • ताकि महिला को नेचुरल प्रसव के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो, और अपने आप को महिला को नेचुरल प्रसव के लिए तैयार करने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान प्रेगनेंसी के दौरान रखने से गर्भवती महिला को नेचुरल प्रसव के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिलती है। साथ ही प्रेग्नेंट महिला को एक बात का और ध्यान रखना चाहिए जो की सबसे जरुरी है। की प्रेगनेंसी के दौरान ऐसे डॉक्टर का चुनाव करें जो आपके स्वास्थ्य की सही जानकारी दे।

गर्मियों में इस काम को प्रेग्नेंट महिला नहीं करें

गर्भावस्था के दौरान यदि गर्मी का मौसम चल रहा होता है तो ऐसे में महिला की परेशानी बढ़ सकती है। क्योंकि गर्मी के कारण पसीना, गर्मी महसूस होना, शारीरिक परेशानी अधिक होने की समस्या का सामना गर्भवती महिला को करना पड़ता है। लेकिन फिर भी गर्मी हो चाहे सर्दी हर मौसम में प्रेग्नेंट महिला को अपनी सेहत का ध्यान अच्छे से रखना चाहिए। ताकि मौसम के कारण होने वाली परेशानी का बुरा असर माँ या बच्चे दोनों किसी पर भी न पड़े। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं जो गर्भवती महिला को गर्मी का मौसम होने पर नहीं करने चाहिए।

टंकी के पानी से नहाना

गर्भवती महिला को गर्मी के मौसम में सुबह समय से ही नहा लेना चाहिए क्योंकि दोपहर के समय टंकी का पानी बहुत गर्म हो जाता है। ऐसे में गर्म पानी से नहाने के कारण बॉडी का तापमान बढ़ सकता है जिसके कारण महिला को गर्भपात या अन्य शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ठंडी चीजों का सेवन

गर्मी से निजात पाने के लिए हो सकता है की गर्भवती महिला का ठंडी चीजें खाने का मन करें लेकिन महिला को गर्मी के मौसम में अपनी इस इच्छा पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि गर्मी में ठंडी चीजों का अधिक सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को सूजन, गले में दर्द, सर्दी, आदि की समस्या हो सकती है। खाने के साथ फ्रिज के बहुत ज्यादा ठन्डे पानी का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए।

धूप में बाहर जाना

गर्मियों के मौसम में गर्भवती महिला को धूप में निकलने से बचना चाहिए क्योंकि धूप की तेज किरणे भी बॉडी के तापमान को बढ़ा सकती है। साथ ही धूप में बाहर जाने के कारण गर्भवती महिला को सिर दर्द, चक्कर, थकान, कमजोरी जैसी परेशानी अधिक होती है। और यदि आपको किसी काम से बाहर जाना भी है तो शाम के समय जाए या फिर सुबह समय से अपना काम कर आएं।

पसीने में आकर पानी पीना

गर्भवती महिला कहीं बाहर से आई है, या किसी कारण महिला की सांस फूली हुई है और पसीना अधिक आ रहा है, तो ऐसे में तुरंत पानी पीने की गलती गर्भवती महिला को नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इसके कारण सर्द गर्म हो सकता है जिसके कारण महिला को खांसी जुखाम, बुखार जैसी परेशानियां होती है।

जंक फ़ूड या मसालेदार आहार का सेवन

गर्भवती महिला को गर्मियों के मौसम में बाहर का खाना, जंक फ़ूड, घर में बना ज्यादा मसालेदार आहार आदि का सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसे खाने को हज़म करने में गर्भवती महिला को बहुत ज्यादा परेशानी होती है जिसकी वजह से प्रेग्नेंट महिला को पाचन क्रिया से जुडी समस्या हो सकती है।

पानी पीने में लापरवाही

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को स्वस्थ रहने के लिए एक दिन में आठ से दस गिलास अपनी जरूर पीना चाहिए। और गर्मियों के मौसम में तो पानी पीने में लापरवाही गर्भवती महिला को बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। क्योंकि बॉडी के डीहाइड्रेट होने के कारण गर्मी के कारण होने वाली परेशानी व् प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानी बढ़ जाती है।

ज्यादा टाइट कपडे पहनना

गर्मी के मौसम में गर्भवती महिला को चुभने वाले कपडे, ज्यादा टाइट कपडे, ज्यादा मोटे कपडे नहीं पहनने चाहिए। क्योंकि इनके कारण गर्मी का अहसास गर्भवती महिला को अधिक होता है साथ ही गर्भ में बच्चा भी असहज महसूस करता है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को खुले और सूती कपडे ही पहनने चाहिए।

नमक का सेवन

नमक का सेवन भी गर्मी के मौसम में गर्भवती महिला को अधिक नहीं करना चाहिए। क्योंकि नमक का सेवन करने से बॉडी में तरल पदार्थों का जमाव अधिक होता है जिसके कारण गर्भवती महिला को सूजन की समस्या बढ़ सकती है। साथ ही नमक का सेवन अधिक करने से प्रेग्नेंट महिला को हाई ब्लड प्रैशर की समस्या भी अधिक हो सकती है।

तो यह हैं कुछ काम जो गर्भवती महिला को गर्मी के मौसम में नहीं करने चाहिए। क्योंकि इन कामों को करने से गर्भवती महिला की परेशानी बढ़ने के साथ बच्चे को भी दिक्कत हो सकती है। और गर्मी के कारण होने वाली परेशानी से बचाव के लिए जितना हो सके घर को ठंडा रखना चाहिए, हल्के आहार का सेवन करना चाहिए, भरपूर आराम करना चाहिए, आदि।

फेशियल, पिंपल, ऑयली स्किन और रूखे बाल की परेशानियाँ दूर करने की टिप्स

Skincare Tips : अच्छी, खुबसूरत और बेदाग़ स्किन पाना हर महिला की चाह होती है लेकिन कई बार बाहरी वातावरण और स्किन में हुई कुछ कमियों के चलते उनकी यह चाह अधूरी ही रह जाती है। जिसके पूरा करने के लिए वे तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स का इस्तेमाल करने लगती है। जो कई बार उनकी स्किन पर उल्टा प्रभाव कर जाते है।

मेकअप और ब्यूटी ट्रिक्स के बारे में तो आप सभी जानती होंगी, क्योंकि इनकी मदद से मेकअप और ब्यूटी से जुडी बहुत सी समस्यायों को चुटकियों में दूर किया जा सकता है और इनसब में बहुत पैसे भी खर्च नहीं होते। लेकिन क्या कभी स्किनकेयर हैक्स के बारे में सुना है? शायद नहीं! हम बताते है ब्यूटी ट्रिक्स के अलावा कुछ स्किनकेयर ट्रिक्स भी है जिनकी मदद से त्वचा से जुडी हर समस्या को आसानी से खत्म किया जा सकता है। और उनके लिए आपको ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ेंगे। तो आइये जानते है स्किन से संबंधित हर समस्या को दूर करने के लिए कुछ स्किनकेयर हैक्स!

स्किन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने की टिप्स :-

1. फेशियल के बाद होने वाली जलन :

कई बार फेशियल करवाने के बाद स्किन में काफी जलन होने लगती है। जो काफी दुखदाई होती है। क्योंकि इस जलन से स्किन में रैशेस भी पड़ जाते है। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा ही होता है तो इससे बचने के लिए सबसे पहले फेशियल के बाद मोइस्चराइज़र लगाने से बचें। क्योंकि ये स्किन मे इरीटेशन होने लगती है। इसकी बजाए शहद की एक पतली परत अपनी स्किन पर लगाएं। और थोड़ी देर तक लगे रहने दे, जलन में राहत मिलेगी।

2. ऑयली स्किन हो तो :ऑयली स्किन की समस्याएं

ऑयली स्किन त्वचा संबंधी कई परेशानियों का एक कारण होती है। इसलिए हर कोई इससे छुटकारा पाना चाहता है। अगर स्किन भी ऑयली है तो इसके लिए अपने साथ हमेशा ब्लोटिंग पेपर रखें। यह फेस से पुरे आयल को सोखकर एक फ्रेश लुक देने में मदद करता है। वैसे अगर आपके पास ब्लोटिंग पेपर न हो तो आप टिश्यू या टॉयलेट पेपर का भी इस्तेमाल कर सकती है।

ये स्किन से पुरे आयल को अच्छे से सोखने में मदद करता है। अगर आप घर पर है तो इसके लिए बर्फ की भी मदद ले सकती है। इसके लिए बर्फ के एक क्यूब को तौलिया में लपेटकर अपने चेहरे पर रगड़ें। इससे फेस पर तो ग्लो आएगा ही साथ साथ एक्सेस आयल भी खत्म हो जाएगा।

3. पिंपल्स की सूजन और लालिमा को कम करने के लिए :फोड़े और पिंपल

आज के समय में बढ़ते प्रदुषण और केमिकल युक्त चीजों के अधिक इस्तेमाल के कारण पिंपल एक आम समस्या बन गयी है। पहले यह केवल टीनएज में ही देखने को मिलती है। लेकिन आजकल हर उम्र के लोग इससे परेशान दिखाई पड़ते है। अगर आपकी स्किन में भी पिंपल होने के बाद सूजन और रेडनेस आ जाती है तो इसके लिए एक आसान उपाय है ग्रीन टी बैग।

जी हां, प्रयोग के लिए एक ग्रीन टी बैग को आधे कप पानी में अच्छे से उबाल लें। टी बैग के हल्का गर्म रहने पर उसे प्रभावित हिस्से पर 5 मिनट तक रखें और दबाएँ। नियमित रूप से इस उपाय का इस्तेमाल करने से सूजन और रेडनेस दोनों समस्या दूर हो जाएगी।

4. नई फुटवियर से स्किन छिल जाने पर क्या करें?फुटवियर पहनने के बाद छाले पड़ने की टिप्स

आपने देखा होगा अक्सर कोई नया फुटवियर या हील्स आदि पहनने पर पैरों के पिछले भाग और अगले भाग की स्किन छिल जाती है या उनपर छाले पड़ जाते है। जो वाकई काफी दुखदाई होते है। कई बार इन छालों में लालिमा और सूजन भी आने लगती है। इस स्थिति में आप डियोड्रेंट का इस्तेमाल करके अपनी परेशानी को दूर कर सकती है। जी हां, इसके लिए किसी भी नए फुटवियर को पहनने से पहले अपने पैरों पर डियोड्रेंट स्प्रे करें और फिर फुटवियर पहन लें। छाले नहीं होंगे।

5. पैरों की बदबू के लिए :

यह एक आम समस्या है जो किसी के भी साथ हो सकती है। अगर आपके पैरों से भी अक्सर जूतों की स्मेल आती है तो उसके लिए आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए जूते उतारने के बाद इनमे थोडा सा बेकिंग सोडा डालकर रातभर के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा की मात्रा इतनी अवश्य हो की यह पुरे शू में अच्छे से फ़ैल जाए। बेकिंग सोडा डालने के बाद जूतों को हिलाएं और रख दें। जूतों से स्मेल नहीं आएगी।

पैरों की बात करें तो उसके लिए आधी बाल्टी गर्म पानी में आधा कप बेकिंग सोडा डालकर अपने पैरों को करीब 15 मिनट तक इसमें डुबोएं रखें। 15 मिनट बाद पैर बाहर निकालें और उन्हें अच्छे से सुखाकर मोइस्चराइज़र लगा लें। वैसे आप चाहे तो पानी में बेकिंग सोडा की जगह नामक का भी इस्तेमाल कर सकती है।

6. रूखे बालों के लिए :रूखे बालों के लिए टिप्स

रूखे, बेजान और रफ बाल आज के समय की आम समस्या है। जिससे बचने के लिए कितने ही महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल क्यों न कर लिया जाए कोई फायदा नहीं होता। लेकिन एक तरीका है जिसकी मदद से बालों को कुछ ही दिनों में सिल्की और शाइनी बनाया जा सकता है। इसके लिए हफ्ते में 2 बाल रात को से पहले अपने बालों में हल्का गुनगुना तेल लगायें। उसके बाद एक तौलिया को गर्म पानी में डुबोकर अच्छे से निचोड़ लें और अपने बाल इस तौलिया में लपेट लें। यह बालों के लिए स्टीम का काम करती है। जो उनकी सेहत के लिए बहुत लाभकारी होती है।

तो, ये थे कुछ टिप्स और ट्रिक्स जिनकी मदद से स्किन से जुड़ी छोटी-मोटी समस्यायों को आसानी से दूर किया जा सकता है। वो भी बिना अधिक पैसे और समय की बर्बादी किये।


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क्या आप बालों के गिरने (hair fall) से परेशान है? ये है उपाय

बालों की खूबसूरती आपकी खूबसूरती में चार चाँद लगाने में मदद करती है, और हर महिला चाहती है की उसके बाल लंबे, घने, मुलायम, व् चमकदार हो. परंतु कई बार बालों की सही देखभाल न होने के कारण बालों में भी बहुत सी परेशानियां हो जाती है, जैसे की कुछ महिलाएं बालों के पतले होने, बालों में डेंड्रफ की समस्या होना, दो मुही बाल होना, और बालों का झड़ना आदि। बालों के झड़ने की समस्या से आज कल हर दूसरी महिला के बालों के झड़ने की समस्या से परेशान है, और केवल महिलाएं ही नहीं पुरुष भी इस समस्या को लेकर बहुत परेशान होते है।

बालों के झड़ने के समस्या के बहुत से कारण होते है, जैसे की खान पान में लापरवाही बरतना, बालों में मसाज न करना, नशीले पदार्थो का सेवन करना, तनाव होने के कारण, गीले बालों में कंघी करने के कारण, शरीर में रक्त का संचार सही न होने के कारण, प्रदूषण के कारण, आदि, ऐसे बहुत से कारण होते है जिसके कारण बालों के झड़ने की समस्या उत्त्पन्न हो जाती है, और ये ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका इलाज़ न हो, तो आज हम इस समस्या से बचने के लिए आपको कुछ आसान टिप्स देने जा रहे है, जिससे आपको अपने बालों को झड़ने से रोकने में मदद मिल सकें।