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गर्भ में बेबी इसीलिए किक करता है क्योंकि वो यह कहना चाहता है?

माँ और बच्चे का रिश्ता इस दुनिया का सबसे प्यारा रिश्ता है। तभी तो बच्चे के गर्भ में आने के बाद से ही माँ उसका ख्याल रखना शुरू कर देती है और हर एक काम को करते हुए यह सोचती है की इसे करने से बच्चे को कोई नुकसान तो नहीं होगा। गर्भ में शिशु का हलचल करना, किक मारना प्रेगनेंसी का बहुत ही बेहतरीन पल होता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की आखिर गर्भ में शिशु किक क्यों मारता है? जी नहीं, इसमें घबराने की कोई बात नहीं हैं, बल्कि गर्भ में शिशु का किक करना अच्छी बात होती है। लेकिन गर्भ में शिशु के किक करने के कई कारण होते हैं तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्भ में शिशु के किक करने के कुछ कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

जब आप कुछ खाती है

प्रेग्नेंट महिला जब कुछ खाती है तो उसका स्वाद एमनियोटिक फ्लूड के माध्यम से शिशु तक भी पहुँचता है। ऐसे में माना जाता है की यदि गर्भ में शिशु को उस चीज का स्वाद पसंद आता है तो गर्भ में शिशु तेज हलचल करने लगता है। यानी शायद वो कहना चाहता है की उसे यह टेस्ट अच्छा लगा है।

ज्यादा तेज आवाज़

गर्भ में पांचवें छठे महीने के बाद शिशु की सुनने की क्षमता में भी वृद्धि होने लगती है। ऐसे में जब बाहर तेज आवाज़ होती है, आप शोरगुल वाली जगह पर होती है, तो तेज आवाज़ सुनकर गर्भ में शिशु घबरा जाता है। और शिशु तेजी से हलचल करता है जो की महिला को किक जैसी महसूस होती है।

बाईं और करवट लेकर सोने पर

जब महिला बाईं को करवट लेकर सोती है तो ऐसा करने से गर्भ में शिशु तक रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। और ब्लड फ्लो बढ़ने के कारण शिशु तेजी से हलचल कर सकता है। इसके अलावा महिला जब आराम से बैठती है तो भी शिशु तेजी से मूवमेंट करने लगता है।

ठंडा पानी या ठंडी चीजें खाने पर

जब प्रेग्नेंट महीने ठंडा पानी पीती है या ठंडी चीजों का सेवन करती है। तो ऐसा करने से एमनियोटिक फ्लूड के तापमान में फ़र्क़ आ जाता है जिसके कारण गर्भ में शिशु आपको तेजी से किक करता है।

जब माँ करती है बातें

शिशु से अपने अहसास और रिश्ते को और गहरा करने के लिए जब गर्भवती महिला पेट पर हतः फेरती हुई अपने बच्चे से बातें करती है। तो कई बार शिशु इस पर प्रक्रिया देते हैं और वो इसका जवाब बोलकर तो नहीं देते हैं। लेकिन किक मारकर जरूर बता देते हैं की उन्हें अच्छा लग रहा है।

स्वस्थ शिशु की है निशानी

ऐसा भी नहीं है की जब कुछ होगा तभी शिशु की किक मारेगा। बल्कि जब शिशु गर्भ में मूवमेंट करता है तब भी शिशु किक मारता है। और शिशु का किक मारना इस बात की और इशारा करता है की गर्भ में पलने वाला शिशु बिलकुल स्वस्थ है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से गर्भ में शिशु किक करता है। तो यदि आप बच्चा भी किक करता है तो आप भी उसे एन्जॉय करें, क्योंकि यह प्रेगनेंसी का एक बेहतरीन अनुभव होता है। जो केवल एक महिला ही महसूस कर पाती है। साथ ही यदि गर्भ में शिशु की हलचल में कमी हो तो यह दिक्कत की बात होती है ऐसे में शिशु की हलचल में कमी होने पर एक बार डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरुरी होता है। साथ ही यदि आपको शिशु की हलचल कभी कम महसूस हो तो आप ऊपर दिए गए टिप्स को शिशु की हलचल महसूस करने के लिए ट्राई भी कर सकते हैं। लेकिन तेज आवाज़ वाला ट्राई न करें क्योंकि इससे शिशु की सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।

Why baby kicks in the mother’s womb during Pregnancy

अगर आप बेबी चाहते हैं तो सम्बन्ध बनाते समय यह बिल्कुल न करें

कई बार कपल्स समबन्ध बनाते समय कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं। जिसकी वजह से महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है। और फिर बाद में वो इस चीज को लेकर परेशान रहते हैं की आखिर महिला का गर्भ क्यों नहीं ठहर रहा है। प्रेगनेंसी के लिए महिला और पुरुष दोनों को ही कुछ खास बातों का ध्यान रखना पड़ता है। खासकर जब वो सम्बन्ध बना रहे होते हैं क्योंकि यदि महिला और पुरुष सही समय पर बेहतर सम्बन्ध बनाते हैं तो इससे महिला का गर्भ ठहरने के चांस बढ़ जाते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कपल्स को सम्बन्ध बनाते समय नहीं करनी चाहिए। ताकि महिला का गर्भ ठहरने में कोई समस्या न आ सके।

एक बार सम्बन्ध

  • कुछ लोग आज भी यही जानते हैं की एक ही बार सम्बन्ध बनाने से महिला का गर्भ ठहर जाता है।
  • जो की गलत बात है कुछ ही केस ऐसे होते हैं जिसमे ऐसा होता है।
  • ऐसे में यदि आप प्रेगनेंसी चाहते हैं तो केवल एक बार ही सम्बन्ध न बनाएं।
  • बल्कि आपको अपने पार्टनर के साथ रोजाना सम्बन्ध बनाना चाहिए।
  • ताकि गर्भाधारण के चांस को बढ़ाने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी के लिए सम्बन्ध बनाते समय रखें सही समय का ध्यान

  • ऐसा नहीं है पीरियड खत्म होने के बाद आप जब भी अपने पार्टनर के साथ सम्बन्ध बनाते हैं तो उससे महिला का गर्भ ठहर सकता है।
  • ऐसा नहीं होता है बल्कि पीरियड्स खत्म होने के बाद कुछ ही ऐसे दिन होते हैं जब सम्बन्ध बनाने से गर्भाधारण के चांस बढ़ते हैं।
  • और उस समय को ओवुलेशन पीरियड कहते हैं।
  • मासिक धर्म की शुरुआत से गिनते हुए जो ग्यारह से अठारह दिनों का समय होता है उसे ओवुलेशन पीरियड कहते हैं।
  • इस दौरान अंडाशय से अंडा परिपक्व होकर निकलता है।
  • और ऐसे में यदि कपल बेहतर सम्बन्ध बनाते हैं तो निषेचन यानी की महिला के गर्भ ठहरने के चांस बढ़ जाते हैं।

तनाव न लें

  • सम्बन्ध बनाते समय कपल को केवल उस समय का आनंद लेना चाहिए।
  • लेकिन यदि कपल सम्बन्ध बनाते समय किसी चीज को लेकर तनाव में होता है।
  • तो ऐसा करने से भी महिला का गर्भ ठहरने में समस्या हो सकती है।
  • ऐसे में सम्बन्ध बनाते समय कपल को तनाव नहीं लेना चाहिए बल्कि खुश रहना चाहिए।

प्रेगनेंसी के लिए सम्बन्ध बनाते समय न करें सुरक्षा का इस्तेमाल

  • यदि महिला या पुरुष सम्बन्ध बनाते समय सुरक्षा का इस्तेमाल करते हैं।
  • तो ऐसा करने से शुक्राणु अंडे तक नहीं पहुँच पाते हैं जिसके कारण महिला का गर्भ नहीं ठहरता है।
  • ऐसे में यदि आप बेबी प्लान कर रहे हैं तो सम्बन्ध बनाते समय आपको किसी भी तरह की सुरक्षा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

उठें नहीं

  • सम्बन्ध बनाते ही महिला को तुरंत उठना नहीं चाहिए।
  • क्योंकि ऐसा करने से हो सकता है पुरुष के शुक्राणु अच्छे से अंदर तक न पहुँच पाएं।
  • और जब शुक्राणु अंडे तक नहीं पहुंचेंगे तो महिला का गर्भ ठहरने में दिक्कत हो सकती है।

प्रेगनेंसी के लिए सम्बन्ध बनाने के बाद न करें गर्भनिरोधक दवाइयों का इस्तेमाल

  • यदि महिला सम्बन्ध बनाने के बाद किसी गर्भनिरोधक दवाई का इस्तेमाल करती है।
  • तो महिला को उसका सेवन भी बंद कर देना चाहिए।
  • क्योंकि यदि महिला सम्बन्ध बनाने के बाद उस दवाई का सेवन करती है तो इससे भी महिला के गर्भाधारण में दिक्कत आ सकती है।

दोनों लें सम्बन्ध का आनंद

  • गर्भाधारण के दौरान यदि केवल एक ही सम्बन्ध बनाने का आनंद लेता है तो इसके कारण भी गर्भाधारण में समस्या आ सकती है।
  • ऐसे में यदि आप चाहते हैं की महिला का गर्भाधारण हो तो इसके लिए दोनों को समबन्ध का आनंद लेते हुए आखिर तक पहुंचना चाहिए।

तो यह हैं कुछ बातें जिनका ध्यान कपल को सम्बन्ध बनाते समय रखना चाहिए। ताकि महिला का गर्भ ठहरने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। और आसानी से महिला का गर्भ ठहर जाए।

मच्छर, छिपकली, और कॉकरोच भगाने के तरीके

मौसम में गर्माहट आते ही घर में मच्छर, छिपकली और कॉकरोच की लाइन सी लग जाती है, नियमित इन्हे भगाने के लिए किसी न किसी उपाय को करना, और फिर से इनका आ जाना, आज कल इन्हे भगाने के लिए मार्किट में भी बहुत सी चीजे आई हुई हैं, जैसे की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दवाइयां आदि, लेकिन घर में यदि छोटे बच्चे हो तो इनका इस्तेमाल करते हुए डर लगता है, कही बच्चे इन्हे छू या खा न लें, क्योंकि यह जहर ही होता है, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी इतने असरदार नहीं होते है, क्या आप भी इनसे परेशान है और इनसे निजात पाने के उपाय तलाश रहें है, तो आइये आज हम आपको मच्छर, छिपकली, कॉकरोच को भगाने के लिए कुछ तरीके बताते है, जिनसे आपको इनसे निजात पाने में मदद मिलेगी।

मच्छर को दूर भगाने के उपाय:-

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कपूर का इस्तेमाल करें:-

कपूर का इस्तेमाल करने से आपको मच्छर को दूर भगाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप कमरे की सभी खिड़कियाँ दरवाजे बंद करके दस मिनट के लिए छोड़ दें, सारे मच्छर भाग जाएंगे।

लैवेंडर का इस्तेमाल करें:-

लैवेंडर की खुशबू से भी आपको मच्छर को दूर भगाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप किसी स्प्रे की बोतल में डालकर प्राकृतिक रूम फ्रेशनर के रूप में छिड़काव करें, इससे भी आपको मच्छर को दूर भगाने में मदद मिलती है।

निम्बू और नीलगिरि के तेल का इस्तेमाल करें:-

निम्बू और नीलगिरि के तेल का इस्तेमाल करने के लिए आप इन्हे मिक्स करके मच्छर भगाने में लिक्विड वाली बोतल में डालकर उसका इस्तेमाल करें, इससे आपको मच्छर को भगाने में मदद मिलती है, और साथ ही यदि आप नीलगिरि के तेल और निम्बू के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर अपनी स्किन पर लगाते है, तो इससे भी आपको मच्छर नहीं काटते है।

पुदीने का इस्तेमाल करें:-

पुदीने के रस का कमरे में छिड़काव करने से और इसे अपनी स्किन पर लगाने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, साथ ही इससे आपकी स्किन पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है।

लैंप का इस्तेमाल करें:-

यदि आपके घर में केरोसिन के तेल का लैंप हैं, तो उसमे थोड़ा नीम का तेल, नारियल का तेल, और बीस ग्राम कपूर को डाल दें, और उसे जला दें, जैसे जैसे इसकी लो बढ़ेगी, वैसे उसकी खुशबू से मच्छर छू मंतर हो जायेंगे।

सरसों के तेल का इस्तेमाल करें:-

सरसों के तेल में उतनी ही मात्रा में अजवाइन पीस कर, गत्ते के टुकड़ों को उसमे भिगो लें, उसके बाद उन गत्ते के टुकड़ों को अपने कमरे के चारों और रख दें, आप चाहे तो खिड़कियों के पास भी रख सकते हैं, ऐसा करने से मच्छर आपके घर से दूर भागते हैं, और आपको इनसे निजात मिलता है।

मच्छर भगाने के अन्य उपाय:-

  • मच्छर भगाने की खाली रिफिल में नीम का तेल भर दें, और ऑन कर दें।
  • नारियल और नीम के तेल का दीपक कमरे में जलाकर कमरा बंद कर दें, मच्छर भाग जाएंगे।
  • संतरे के छिलको को सुखाकर, और बाद में कोयले को जलाकर इसमें इस पाउडर को डालदें, और धुंआ कर दें, इससे मच्छर मर जाते है।
  • तुलसी के पत्तो का रस कमरे में छिड़कने और शरीर पर लगाने से मच्छर नहीं काटते है।
  • नीम की पत्तियों को सुलगाने से भी मच्छर को भगाने में मदद मिलती है।

छिपकली भगाने के उपाय:-

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मोरपंख का इस्तेमाल करें:-

मोरपंख आपके घर से छिपकली को भगाने का सबसे आसान उपाय होता है, क्योंकि यदि आप इसे अपने घर में रखते है तो छिपकलियों को ऐसा लगता है जैसे की वो सांप हैं, और उसे खा जाएगा, इसीलिए वो उनसे दूर भागती है, और इसे आप गुलदस्ते आदि में रखकर घर की सजावट भी कर सकते है और छिपकलियां भी भाग जाती हैं।

प्याज़ का इस्तेमाल करें:-

प्याज़ में सल्फर की मात्रा अधिक होती है, और इसकी बुरी दुर्गन्ध से छिपकलियां दूर भागती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप प्याज़ की स्लाइसेस को काटकर धागे में बाँध लें, और उसे लाइट या जहां पर छिपकलियां सबसे ज्यादा होती है, वहां पर लटकाएं आपको खुद ही इसका असर दिखाई देगा, और धीरे धीरे वो आपके घर में ही आना बंद कर देंगी।

लहसुन का इस्तेमाल करें:-

लहसुन का प्रयोग करने के लिए आप सबसे पहले इसकी कुछ कलियों को छील कर उसका रस निकाल लें, उसके बाद एक स्प्रे बोतल लें, और उसमे पानी और लहसुन का रस मिलाएं, और फिर वहां वहां स्प्रे करें जहां पर छिपकलियां सबसे ज्यादा आती हैं, लहसुन की तीखी गंध का इस्तेमाल करके आपको छिपकलियों को दूर भगाने में मदद मिलती है।

काली मिर्च का इस्तेमाल करें:-

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काली मिर्च भी आपको छिपकलियों को अपने घर से दूर भगाने में मदद करती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक स्प्रे बोतल में पानी में काली मिर्च का पाउडर डाल कर पूरे घर में स्प्रे करें, काली मिर्च की तीखी गंध छिपकलियों को बिलकुल पसंद नहीं होती है, जिससे आपको इनसे निजात पाने में मदद मिलती है।

बर्फ वाले ठन्डे पानी का इस्तेमाल करें:-

एक स्प्रे बोतल में बिलकुल ठंडा पानी डालें, और उसे छिपकली पर स्प्रे कर दें, छिपकली उस जगह से भागने लगेगी, ऐसा कुछ दिनों तक नियमित करें, उसके बाद देखिये वो छिपकली आपके घर में तो नहीं आएगी, और यदि वो नीचे गिर जाती है तो आप उसे झाड़ू आदि से बाहर की तरफ निकाल दें।

अंडे के छिलको का इस्तेमाल करें:-

अंडे के छिलको को भी उस स्थान पर रखें जहां पर सबसे ज्यादा छिपकली आती है, इन्हे देखकर भी उन्हें भ्रम हो जाता है, की शायद यहां कोई बड़ा जीव रहने के लिए आ गया है, और अब वो इन्हे खा जाएगी, इसीलिए वो उस स्थान से दूर भागने लगती है, और यदि आप ज्यादा छिपकली से परेशान है तो अंडे के छिलको को तीन से चार दिन में बदलते रहना चाहिए, इससे भी आपके घर में छिपकलियां नहीं आती हैं।

कॉफ़ी पाउडर का इस्तेमाल करें:-

कॉफ़ी पाउडर का इस्तेमाल तम्बाकू पाउडर के साथ मिलाकर करने से आपको छिपकलियों से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप बराबर मात्रा में इन दोनों को मिलाकर इसमें पानी मिला लें, उसके बाद इसकी छोटी छोटी गोलियां बनाकर उस स्थान पर रखें जहां पर छिपकलियां सबसे अधिक आती हैं, इन्हे यदि को खा लेंगी तो मर जाएंगी, नहीं तो भाग जरूर जाएंगी।

कॉकरोच को भगाने के तरीके:-

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बोरिक एसिड का इस्तेमाल करें:-

दो चम्मच बोरिक एसिड और दो चम्मच आटे को बराबर मात्रा में मिलाकर अच्छे से गूथ लें, उसके बाद इसकी छोटी छोटी गोलियां बनाकर उस स्थान पर रख दें, जहां पर कॉक्रोच आते है आपको खुद इसका असर दिखाई देगा, और आपके घर से इनका नाम निशान मिट जाएगा।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें:-

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने से भी आपको घर में मौजूद कॉकरोच से निजात पाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप शक़्कर और बेकिंग सोडा को बराबर मात्रा में मिक्स करके एक मिक्सचर बनाएं, उसके बाद उसे घर के सभी कोनो में रखें, मीठे के कारण वो उनके पास आएंगे, लेकिन इसका सेवन उनके लिए जहर का काम करेगा।

तेजपत्ते का इस्तेमाल करें:-

तेजपत्ते की तेज गंध न केवल आपकी सब्जियों का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इससे कॉकरोच को भगाने में भी मदद मिलती है इसके इस्तेमाल के लिए चार या पांच तेजपत्ते अच्छे से पीस कर पाउडर तैयार कर लें उसके बाद इस पाउडर को घर के उन कोनो में डाल दें जहां कॉक्रोच ज्यादा होते है, इनकी तेज गंध से वो भागने लगेंगे, और आपके घर को साफ़ रखने में मदद मिलेगी।

लौंग का इस्तेमाल करें:-

लौंग की गंध को कॉकरोच बर्दाश नहीं कर पाते हैं, और यदि इसे बच्चे छू भी लें तो इससे कोई नुकसान नहीं होता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप घर के सभी कोनो में लौंग डाल दें, या आप उनका पाउडर बनाकर भी डाल सकते है, ऐसा करने से आप खुद देखंगे की कॉक्रोच आपको इधर उधर भागते हुए नज़र आएंगे, साथ ही इसके कारण वो मर भी जाते है, और आपको हमेशा के लिए इनसे निजात मिल जाता है।

खीरे का इस्तेमाल करें:-

घर में खीरा आप सलाद के रूप में इस्तेमाल तो करते ही हैं, और इसके इस्तेमाल से आपको कॉकरोच से जुडी परेशानी का समाधान करने में भी मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप खीरे की स्लाइसेस को नियमित काटकर उस स्थान पर रखें जहां कॉक्रोच आते है, कुछ ही दिनों में आप खुद देखेंगे की आपके घर से सभी कॉकरोच भाग गए हैं।

अंडे के छिलको का इस्तेमाल करें:-

अंडे के छिलके भी आपको कॉकरोच से निजात दिलाने में मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए आप अंडे के छिलको को अपने घर के उन कोनो में रख दें, जहां कॉकरोच आते हैं, इन्हे देखकर कॉकरोच डरते हैं, और दूर भागते है, जिससे आपको आसानी से अपने घर से इन्हे दूर भगाने में मदद मिलती है।

तो ये हैं कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करने से आपको इनसे निजात पाने में मदद मिलती है, इसके साथ आपको उन जगह को बंद करके रखना चाहिए जहां से ये आपके घर के अंदर आते है, साथ ही यह जहां साफ़ सफाई नहीं होती है वहां आते है, इसीलिए इनसे बचने के लिए आपको साफ़ सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

डिलीवरी के बाद एक महीने तक क्या-क्या समस्या आती है

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प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण गर्भवती महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। और ऐसा भी नहीं है की जैसे ही शिशु का जन्म होता है तो महिला को इन सब परेशानियों से निजात मिल जाता है, बल्कि डिलीवरी के बाद भी एक महीने तक महिला तरह तरह की समस्याओं से परेशान रहती है। और शिशु के जन्म के बाद महिला की जिम्मेवारी बढ़ने के कारण इन सब परेशानियों से राहत पाने में थोड़ा समय लगता है, इसीलिए डिलीवरी के बाद रिकवर होने के लिए महिला को अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखने, भरपूर आराम करने, पोषक तत्वों का भरपूर सेवन करने की सलाह दी जाती है। ताकि महिला को जल्दी फिट होने और स्वस्थ रहने के साथ शिशु के विकास में भी किसी तरह की कमी न आये, तो आइये अब जानते हैं की डिलीवरी के बाद महिला को कौन कौन सी परेशानियां आ सकती है।

ब्लीडिंग की समस्या

प्रसव के तुरंत बाद गर्भवती महिला को ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। और यह ब्लीडिंग मासिक धर्म के मुकाबले काफी अधिक होती है। कई महिलाओं को डिलीवरी के बाद तीन से चार हफ्ते तक ब्लीडिंग की समस्या से परेशान होना पड़ता है। लेकिन यदि आपको ब्लीडिंग यदि बहुत ज्यादा हो और घंटे पैड बदलने की जरुरत पड़े तो इसके लिए एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।

पेट के निचले हिस्से में दर्द

ब्लीडिंग होने के साथ नोर्मल डिलीवरी के दौरान आये टाँके के कारण महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से भी परेशान होना पड़ सकता है। ऐसे में गर्भवती महिला को सिकाई आदि करनी चाहिए जिससे इस समस्या से राहत मिल सके।

संक्रमण का डर

डिलीवरी के बाद महिला को यूरिन इन्फेक्शन, गर्भाशय में संक्रमण आदि की समस्या भी हो सकती है। ऐसा जरुरी नहीं है की हर महिला को यह समस्या हो लेकिन कुछ महिलाओं को यह परेशानी हो सकती है। और इसके कारण यूरिन करते समय दर्द, जलन, गर्भाशय में सूजन, सफ़ेद पानी अधिक आना, तेज बुखार जैसी समस्या हो सकती है। यदि आपको ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई दे तो इसके लिए जल्दी से जल्दी डॉक्टर से मिलना चाहिए।

उठने बैठने में परेशानी

शिशु के जन्म के बाद महिला के शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है, और टाँके लगे होने के कारण गर्भवती महिला को उठने बैठने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में महिला चाहे तो कमर के लिए बेल्ट का इस्तेमाल कर सकती है इससे महिला को उठने बैठने में आसानी होती है। साथ ही आपको उठने बैठने में बिल्कुल भी तेजी नहीं करनी चाहिए।

ब्रेस्ट से जुडी समस्या

जिस तरह गर्भ में शिशु अपने पोषण के लिए अपनी माँ पर निर्भर करता है उसी तरह जन्म के बाद भी शिशु अपने आहार के लिए महिला पर ही निर्भर करता है। ऐसे में शुरुआत में महिला को स्तनपान करवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही ब्रेस्ट में दर्द व् सूजन की समस्या भी हो सकती है, इसका कारण शिशु के दूध का न पीना, स्तन में दूध भरे रहने के कारण, या शिशु के लिए पर्याप्त दूध का उत्पादन न होना हो सकता है।

कब्ज़ व् बवासीर

डिलीवरी के बाद गर्भाशय का आकार थोड़ा बढ़ा हुआ होता है जिसके कारण गर्भ के नीचे की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। और कब्ज़ व् बवासीर की परेशानी हो सकती है ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए महिला को अपने आहार में फाइबर से भरपूर आहार को शामिल करना चाहिए, जिससे इस परेशानी से निजात मिलने में मदद मिल सके।

बाल झड़ना

शिशु के जन्म के बाद महिला को बालों के झड़ने जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है, लेकिन धीरे धीरे यह ठीक होने लग जाती है।

वजन

डिलीवरी के बाद फिट रहने के लिए महिला को आहार में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व खासकर घी का भरपूर सेवन करने के लिए कहा जाता है। और इस समय महिला को किसी भी तरह का व्यायाम न करने की सलाह भी दी जाती है ऐसे में इस दौरान महिला को अधिक वजन बढ़ने की समस्या से भी परेशान होना पड़ सकता है।

नींद में कमी

प्रसव के बाद महिला को शिशु के बारे में भी अच्छे से जानकारी नहीं होती है, शिशु कब सोता है कब उठता है, साथ ही शरीर में आई कमजोरी व् दर्द की समस्या होने के कारण महिला को नींद में कमी की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

तनाव

कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद तनाव जैसी समस्या भी हो सकती है, खासकर जो महिलाएं पहली बार माँ बनती है उन्हें यह परेशानी ज्यादा हो सकती है। क्योंकि कई बार महिला शिशु की केयर और अपनी सेहत को लेकर उलझन में पड़ जाती है और उन्हें समझ नहीं आता है की क्या सही है और क्या गलत है। ऐसे में महिला को किसी घर के व्यक्ति को अपने साथ रखना चाहिए ताकि महिला को जब भी जरुरत हो तो उनकी मदद के लिए कोई न कोई मौजूद हो।

तो यह हैं कुछ परेशानियां जो डिलीवरी के बाद महिला को हो सकती है, ऐसे में महिला को घबराना नहीं चाहिए बल्कि इस समय को भी एन्जॉय करना चाहिए। साथ ही अपनी सेहत के प्रति बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ताकि महिला को डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी में 10 बातें अपने डॉक्टर से जरूर पूछें

पीरियड्स के मिस होने के बाद यदि आपने घर में प्रेगनेंसी टेस्ट किया है और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, तो मुबारक हो आपकी खुशियों को और बढ़ाने के लिए आपके घर में एक नन्हा मेहमान आने वाला है। प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए बहुत ही रोमांचक और ख़ुशी से भरा लम्हा होता है, जहां गर्भ में शिशु के आते ही महिला को मातृत्व का अहसास होने लगता है। वहीँ दिमाग में कुछ सवालों की झड़ी भी लगी होती है, की अब प्रेगनेंसी में आगे क्या करना है। खासकर जो महिलाएं पहली बार माँ बन रही होती है उन्हें प्रेगनेंसी में आगे क्या करना है और क्या नहीं इसे समझने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। ऐसे में अपने मन में आ रहे सवालों के जवाब के लिए आपको घर पर टेस्ट करने के तुरंत बाद अच्छे से डॉक्टर से पहली मीटिंग के लिए जाना चाहिए।

प्रेगनेंसी में डॉक्टर से पहली मीटिंग के दौरान पूछे यह सवाल

आठ से दस हफ्तों के बीच आपको पीरियड्स मिस होने के बाद घर पर टेस्ट करने से कन्फर्म हो जाता है की आप माँ बनने वाली हैं। और इसी के तुरंत बाद आपको डॉक्टर से पहली बार मिलने के लिए जाना पड़ता है, तो अपनी पहली मीटिंग के दौरान आपको डॉक्टर से प्रेगनेंसी के लिए क्या क्या जरुरी सवाल पूछने चाहिए आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

कौन सा डॉक्टर है सही

प्रेगनेंसी के दौरान आप जिस भी हॉस्पिटल में जाती है, वहां जाकर आपको सबसे पहले यह पता करना चाहिए की वहां प्रेगनेंसी के लिए सबसे सही डॉक्टर कौन सा है। जिससे आप पूरी प्रेगनेंसी के दौरान अपना ट्रीटमेंट करवा सकती है, और डिलीवरी भी उन्ही से करवा सकती है। ताकि आप उस डॉक्टर से ही शुरुआत से आखिर तक अपना ट्रीटमेंट करवाएं, और उस डॉक्टर को भी आपकी शुरू से आखिर तक की आपकी प्रेगनेंसी की कंडीशन की पूरी जानकरी हो। जिससे प्रेगनेंसी और प्रसव दोनों को आसान बनाने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी के दौरान कितना वजन बढ़ना सही होता है?

गर्भवस्था के दौरान बढ़ने वाला वजन आपके प्रेगनेंसी से पहले वाले वजन पर निर्भर करता है। जैसे की प्रेगनेंसी से पहले आपका वजन सही है तो प्रेगनेंसी के दौरान आपका वजन ग्यारह से पंद्रह किलोग्राम तक बढ़ सकता है, और गर्भ में यदि जुड़वाँ शिशु है तो वजन अठारह किलोग्राम तक बढ़ सकता है। इसके अलावा यदि महिला का वजन प्रेगनेंसी से पहले कम होता है तो यह वजन पंद्रह किलोग्राम से ज्यादा बढ़ना सही होता है।

क्या में प्रेगनेंसी के दौरान व्यायाम कर सकती हूँ?

प्रेगनेंसी का मतलब कोई बिमारी नहीं है जिसमे महिला को पूरी तरह बेड रेस्ट के लिए कहा जाये। हाँ, यदि प्रेगनेंसी का शुरुआत का समय है या प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स हैं तो गर्भवती महिला को व्यायाम नहीं करना चाहिए। लेकिन प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में गर्भवती महिला महिला हल्का फुल्का व्यायाम कर सकती है, सैर कर सकती है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान कौन कौन से व्यायाम करना सही है आप इसके लिए अपने डॉक्टर से भी पूछ सकती है।

अपनी हेल्थ के बारे में अच्छे से बात करें

गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जहां गर्भवती महिला को बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण बहुत सी शारीरिक परेशानियों से प्रेगनेंसी के दौरान गुजरना पड़ सकता है। जैसे की गेस्टेशनल डाइबिटीज़, खून की कमी, तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, आदि। ऐसे में यदि आप पहले से ही किसी स्वास्थ्य समस्या जैसे की थायरॉइड, शुगर आदि से ग्रसित है तो इसके बारे में पहले हो डॉक्टर से खुलकर बात कर लेनी चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान इन स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों के कारण कोई दिक्कत न हो और आपको प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

अपनी स्वास्थ्य सम्बन्धी दवाइयों के बारे में पूछें

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी दवाई का सेवन बिना डॉक्टर से पूछे नहीं करना चाहिए, क्योंकि बिना डॉक्टर के परामर्श के दवाइयों का सेवन गर्भ में शिशु के विकास के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में यदि आप किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी दवाई का प्रेगनेंसी से पहले सेवन कर रही है तो उसके बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए, की प्रेगनेंसी के दौरान इन दवाइयों का सेवन किस तरह से करना है, ताकि महिला और शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी से पूर्व विटामिन

यदि आप प्रेगनेंसी को प्लान कर रही है तो डॉक्टर आपको तभी से कुछ दवाइयों का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं जिससे गर्भधारण में आसानी के साथ गर्भवती महिला और शिशु को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। ऐसे में आप इसके लिए भी डॉक्टर से राय ले सकती हैं, साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान कौन कौन से विटामिन्स लेने जरुरी होते हैं इनके बारे में भी डॉक्टर से पूछना जरुरी होता है।

प्रेगनेंसी में जांच

गर्भधारण के बाद कौन कौन सी जांच और कब कब जांच करवाना जरुरी होता है इसके लिए भी आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछें। साथ ही डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी जांच को समय से करवाएं ताकि यदि कोई दिक्कत हो तो उसका समय से इलाज होने में मदद मिल सके।

डाइट के बारे में पूछें

गर्भावस्था के दौरान किन किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए इस बारे में में पूछें। इसके अलावा किसी खाने की चीज जैसे की नॉन वेज, अंडे या किसी अन्य खाने की चीज आदि को लेकर आपके मन में सवाल है की प्रेगनेंसी के दौरान यह सही है या नहीं इसके बारे में बात करें, प्रेगनेंसी के दौरान कब और कितना खाना सही होता है इस बारे में पूछें।

सम्बन्ध को लेकर पूछें

प्रेगनेंसी के दौरान आपको और आपके पार्टनर को कब तक करीब नहीं आना चाहिए, किस किस शारीरिक कंडीशन में एक दूसरे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए इस बारे में भी जरूर पूछें। इस बारे में हो सकता है की कुछ कपल डॉक्टर से शर्म कर सकते हैं लेकिन यह आपके शर्माने का नहीं बल्कि प्रेगनेंसी में क्या, कब और कैसे सही है या गलत है इस बारे में जानना बहुत जरुरी होता है।

जरुरत के समय मुझे किसे फ़ोन करना है?

प्रेग्नेंट महिला को यदि कोई परेशानी या किसी चीज के बारे में पूछना है तो उसे किसे फ़ोन करना है इस बारे में भी जरूर पूछना चाहिए। ताकि कभी भी प्रेगनेंसी के दौरान आपको कोई दिक़्कत हो तो आपको तुरंत उस समस्या का समाधान करने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ सवाल जो गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बाद डॉक्टर से पूछने चाहिए इन सवालों को पूछने से गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी को समझने में आसानी होने के साथ प्रेगनेंसी में आने वाली दिक्कतों को कम करने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी में कमर दर्द हो तो क्या करें

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प्रेगनेंसी के समय महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिनमे से एक कमर दर्द की समस्या भी होती है, यह सामान्य होने के साथ दर्द भरी भी हो सकती है जैसे-जैसे गर्भ में शिशु बढ़ने लगता है वैसे वैसे महिला को कमर दर्द की समस्या ज्यादा होने लगती है। क्योंकि गर्भ में शिशु का विकास होने के साथ कमर की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है जिसके कारण आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा कमर दर्द के और भी कारण हो सकते है, जैसे की ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में लेटे रहना, बैठे रहना, ज्यादा झुकने के कारण, शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण आदि। ऐसे में आपको इस समस्या से निजात पाने के लिए किसी भी तरह की दवाई का सेवन करने की बजाय कुछ टिप्स का इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में कमर दर्द से बचने के टिप्स

कमर दर्द प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली एक आम समस्या है जिससे आप आसानी से निजात भी पा सकते हैं। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में कमर दर्द की समस्या से बचने के लिए आप क्या कर सकते है।

मसाज करें

कमर दर्द का सबसे आसान इलाज होता है की आप कमर दर्द से निजात पाने के लिए मसाज करें। इसके लिए आप बादाम, नारियल, सरसों आदि के तेल को हल्का गुनगुना करके रात को सोने से पहले कमर की मसाज करें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलेगा और ब्लड फ्लो को बेहतर होने में मदद मिलती है।

सिकाई करें

हॉट पैड, गरम पानी की बोतल, बर्फ के टुकड़े आदि से यदि आप अपनी कमर की सिकाई करते हैं तो भी आपको आसानी से कमर दर्द की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

व्यायाम करें

कमर दर्द से राहत पाने के लिए आप थोड़ा व्यायाम भी करें ऐसा करने से आपके शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होगा, और मांसपेशियों को आराम मिलेगा जिससे आपको इससे राहत मिलेगी। ज्यादा कठिन व्यायाम न करें की आपकी परेशानी बढ़ जाए और आप चाहे तो कमर दर्द के लिए कौन सा व्यायाम बेहतर है इसके लिए अपने डॉक्टर से भी पूछ सकते हैं।

ज्यादा टाइट कपडे न पहने

यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा टाइट कपडे पहनती हैं तो इसके कारण खून का दौरान कम होने लगता है जिसके कारण आपको कमर दर्द की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए इस समस्या से निजात के लिए आपको प्रेगनेंसी के दौरान ढीले और आरामदायक कपडे पहनने चाहिए, साथ ही हील्स आदि भी नहीं पहननी चाहिए क्योंकि इसके कारण भी आपको कमर दर्द की समस्या हो सकती है।

सोते समय ध्यान रखें

सोने के लिए नरम गद्दे का इस्तेमाल करें, और सीधे होकर सोने से बचें और करवट लेकर सोएं, यदि आप सीधा सोना चाहते हैं तो पैरों के नीचे तकिये लगाएं, यदि आप सोते समय इन बातों का ध्यान रखते हैं तो ऐसा करने से आपको कमर दर्द से आराम मिलता है।

पोजीशन बदलते रहें

ज्यादा देर एक ही जगह पर खड़े रहने से, बैठे रहने से भी आपको कमर दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसे में आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की आप ज्यादा देर तक न ही जगह खड़े रहें, और न ही बैठे रहें।

योगा व् मैडिटेशन करें

योगासन व् मैडिटेशन करने से भी आपके हार्मोनल बदलाव के कारण हो रही परेशानी को कम करने में मदद मिलती है, साथ ही आपकी मांसपेशियों को भी आराम मिलता हैं। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान कमर दर्द की समस्या से आराम पाने के लिए आप योगा व् मैडिटेशन का सहारा भी ले सकती हैं।

झुककर न करें काम

यदि आप किसी भी काम को झुककर करती है तो इसके कारण आपको प्रेगनेंसी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको प्रेगनेंसी के दौरान इनसे बचना चाहिए और झुककर या पैरों के भार अधिक देर तक बैठकर काम नहीं करना चाहिए।

स्विमिंग करें

बॉडी को आराम व् कमर दर्द की समस्या से प्रेगनेंसी के दौरान निजात पाने के लिए स्विमिंग भी एक अच्छा तरीका होता है। लेकिन इसके लिए आपको एक बार पहले अपने डॉक्टर से राय जरूर लानी चाहिए।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिनका इस्तेमाल करने से आपको कमर दर्द की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। साथ ही यदि आपको अधिक परेशानी हो रही है तो इसके लिए आप चाहे तो एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकती हैं।

विडिओ प्रेगनेंसी में कमर दर्द की समस्या

महिलाओं को आकर्षित करने के तरीके

महिलाओ को अपनी और आकर्षित करना किसी जंग से कम नहीं होता है, और पुरुष यही सोचते रहते ही किस प्रकार वो महिलाओ के दिल की बात को जाने, और उन्हें अपनी और आकर्षित करें, तो आज हम पुरुषो के लिए ऐसे ही कुछ आसान टिप्स देने जा रहे है, जो आपकी इस समस्या का समाधान करके महिलाओ को आपकी तरफ आकर्षित करने में मदद कर सकते है, महिलाओ के दिल पे राज़ करने के लिए जैसे महिलाओ को सच बोलने वाले, जो पुरुष बुरी आदतों का शिकार न हो, उनकी पसंद का ध्यान रखें, ऐसी ही कुछ बातें है जो पुरुषो को अपनी और आकर्षित करती है, तो आइये जानते है विस्तार से वि टिप्स जो महिलाओ को आपको और आकर्षित करने में मदद कर सकते है।

उनकी पसंद का ध्यान रखें:-

महिलाओ को आकर्षित करने के लिए सबसे जरुरी होता है की आप जब कभी उनसे मिलें, तो उनकी पसंद का खास ख्याल रखें, और इसके बाद और भी उनकी क्या पसंद है उन चीजो के बारे में बातें करें, महिलाओ को उनकी पसंद का ध्यान रखने वाले पुरुष बहुत पसंद होते है।

उनके सामने ज्यादा शो ऑफ न करें:-

महिलाओ को वो पुरुष बिलकुल भी पसंद नहीं होते है जो ज्यादा शो ऑफ करते है, या ढींगे हाकते रहते है, महिलाओ को सिंपल रहने वाले पुरुष अपनी और ज्यादा आकर्षित करते है, इसके अलावा महिलाएं उनसे अपनी बातों को भी ढंग से कहते है।

सच बोले:-

महिलाओ को बहुत अच्छा लगता है, जब कोई पुरुष उनसे अपने मन की बातें करता है, परंतु ध्यान रहें की आप अपनी गर्लफ्रेंड या अपने अतीत के बारे में ज्यादा बातें न करें, और ये भी न बताएं की आपने कितनी लड़कियों से फ़्लर्ट किया है, ऐसा करने से महिलाएं आपके चिढ़ भी सकती है।

अपनी पर्सनैल्टी का ध्यान रखें:-

महिलाओ को बहुत अच्छा लगता है जो पुरुष अपनी पर्सनैल्टी का ध्यान रखते है, और एक दम अच्छे प्रेस किये हुए कपडे पहने जो की उनकी पर्सनैल्टी को सूट करते है, एक दम फिट रहने वाले पुरुष महिलाओ को बहुत जल्दी आकर्षित करते है।

अच्छा खाना बनाकर खिलाएं:-

महिलाओ को बहुत अच्छा लगता है यदि उनका पति उन्हें कभी कभी ही सही पर उनका पति उन्हें अच्छा खाना बनाकर खिलाएं, इसीलिए कभी कभी अपनी पति को पैम्पर करके उन्हें अच्छा खाना बनाकर भी खिला सकते है, और खाना बनाने के साथ जब उनकी पसंद का ध्यान रखा जाएँ तो आपको अपनी पत्नी को आकर्षित करने का और भी मौका मिलता है।

बुरी आदतों का सहारा न लें:-

लड़को को ये लगता है की लड़कियों को धूम्रपान करते हुए लड़के या शराब का सेवन करते हुए और टशन में रहने वाले लड़के बहुत पसंद होते है, परंतु ये उनके लिए गलत साबित हो सकता है, क्योंकि लड़कियों को ऐसी हरकत करने वाले लड़को से बात करना भी पसंद नहीं होता है।

महिलाओ से प्यार से बोले:-

महिलाओ को तेज आवाज़ में बात करने वाले पुरुष बिलकुल भी पसंद नहीं होते है, इसीलिए आप जब भी किसी लड़की को अपनी तरफ आकर्षित करना चाहते है तो उनसे प्यार से बात करें, उनके साथ हँसते हुए बातें करें, उनकी बातों को ध्यान से सुने और उस पर एक अच्छी प्रक्रिया भी दें।

शारीरिक रूप से कोई गलत व्यव्हार न करें:-

यदि आप किसी भी महिला से पहली बार मिलने जा रहे है तो ऐसे में आपको ध्यान रखना चाहिए की आप उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने की बात करें, और न ही उन्हें चुने की कोशिश करें, ऐसे में आपकी इमेज उनके सामने गलत बन सकती है, और साथ ही आपकी पहली मुलाकात आखिरी मुलाकात में तबदील हो सकती है।

उनकी तारीफ़ करें:-

यदि आप महिला में कुछ भी ऐसा देखते है जिसकी आपको तारीफ़ करनी चाहिए, तो अच्छे शब्दो को संजो कर महिला की तारीफ़ करने से बिलकुल भी पीछे न हटे और उनकी तारीफ़ करे, और तारीफ़ करते हुए किसी भी गंदे शब्द के इस्तेमाल न करें, जिससे आप आकर्षित की जगह उन्हें अपने आप से दूर भगा दें।

अपने परिवार के बारे में बातें करें:-

महिलाओ को बहुत अच्छा लगता है जब कोई उनसे उनके परिवार के अच्छे लम्हो को उनके साथ शेयर करता है, और उनके साथ प्यार से उन लम्हो का मज़ा भी उठाना है, इस तरीके का इस्तेमाल करके आप भावनात्मक रूप से किसी भी महिला को अपनी और आकर्षित कर सकते है। तो ये कुछ तरीके है जिनका इस्तेमाल करके आप किस भी महिला को अपनी तरफ आकर्षित कर सकते है।

बदसूरत लड़के को सुन्दर गर्लफ्रेंड ही क्यों मिलती है?

आज के समय में कॉलेज गर्ल हो या ऑफिस गर्ल सभी में बॉयफ्रेंड बनाने भूत सवार है। कोई अपने से बड़े उम्र के लड़के को बॉयफ्रेंड बना लेती है तो कोई अपने से बहुत छोटे। समझ नहीं आता उन्हें उनमे क्या दिखता है की वे उन्हें अपना जीवनसाथी मान बैठती है।

आपने भी अक्सर रोड, बस, मेट्रो आदि में देखा होगा की ज्यादातर लड़किया लड़को के साथ ही दिखाई देती है। लेकिन उन सभी में सबसे गौर करने वाली बात ये होती है की सुन्दर लड़कियों के साथ हमेशा बदसूरत लड़के (बॉयफ्रेंड) ही दिखाई देते है। उस समय उन्हें देख आपके मन में भी यही सवाल उछल कूद करता होता की इतने खराब लड़कों को इतनी सुन्दर लड़कियां कैसे मिल जाती है?

कई लड़के इसे उन्हें जादूगर समझते है तो कुछ का मानना है की लड़किया पटाना उनके बाएं हाथ का खेल है। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। किसी बदसूरत लड़के को सुन्दर गर्लफ्रेंड का मिलना कोई इत्तेफाक या जादू नहीं होता। बल्कि उसके लड़के की खुबिया होती है। इसके अलावा भी ऐसे बहुत से कारण होते है जिनकी वजह से सुन्दर लड़किया बदसूरत बॉयफ्रेंड बना लेती है। और आज हम आपको इन्ही कारणों के बारे में बताने जा रहे है। ताकि अगली बार जब आप एक सुन्दर लड़की के साथ किसी बदसूरत बॉयफ्रेंड को देखे तो समझ लें की खूबसूरती चेहरे की नहीं अपितु मन की होती है।

सुंदर लड़कियों के बदसूरत बॉयफ्रेंड इसलिए होते है :-

1. आजकल की लड़किया और लड़के केवल शारीरिक संरचना ही नहीं बल्कि सोच के आधार पर भी अलग अलग होते है। जहां एक तरफ लड़के केवल सुंदर और खूबसूरत लड़कियों की ओर आकर्षित होते है वहीं लड़कियों की पसंद इस मामले में थोड़ी डिफर होती है। वे गोर और स्टाइलिश लड़के नहीं बल्कि रफ लड़के अधिक पसंद करती है।

2. लड़कियों को हसंकर बात करने वाले, बोलने वाले और मजाक करने वाले लड़के बहुत पसंद होते है। और ये खूबी अधिकतर बदसूरत लड़कों में देखी जाती है। शायद इसीलिए सुंदर लड़कियां भी ऐसे लड़कों को ही पसंद करती है।

3. आजकल की लड़कियां लड़कों की शक्ल के बजाय उनकी पर्सनालिटी को देखना अधिक पसंद करती है। लड़कियों को शक्ल से ज्यादा उनकी पर्सनालिटी अट्रैक्ट करती है। इसीलिए जिन लड़कों की पर्सनालिटी अच्छी होती है उनसे लड़कियां बहुत जल्दी इम्प्रेस हो जाती है।

4. बहुत सी लड़कियां अपने साथी में मैच्युरिटी का गुण देखती है। क्योंकि आजकल की लड़कियों को बचकानी हरकते करने वालों से अधिक मच्योर लड़के पसंद होते है। फिर चाहे ये गुण सुंदर लड़कों में हो या बदसूरत लड़कों में।

5. आज की लड़कियों को गोल गोल बातें करवाने वाले लड़कों से अधिक सीधे और सरल लड़के पसंद आते है जो उनकी इज्जत करें। साथ ही उसमे स्मार्टनेस भी होनी चाहिए। और वे गुण भी अधिकतर बदसूरत लड़कों में ही देखने को मिलते है। क्योंकि सुंदर लड़के अपनी बातें बहुत घुमा घुमा कर करते है। ऐसे में बदसूरत लड़के ही उनकी पहली पसंद बन जाते है।

तो अब आप अच्छे से समझ गए होंगे, की बदसूरत लड़कों को सुंदर लड़कियां कैसे मिल जाती है। और ये भी समझ गए होंगे की ये कोई और जादू नहीं बल्कि उनके गुणों और व्यक्तित्व का जादू है।

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लॉकडाउन में भूलकर भी यह गलतियां न करें प्रेग्नेंट महिला

कोरोना वायरस का खतरा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य का दुगुना ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। ताकि कोरोना वायरस के खतरे से सभी को बचे रहने में मदद मिलती है। ऐसे में यदि आप माँ बनने वाली हैं तो आपको एक स्वस्थ व्यक्ति से भी ज्यादा अपना ध्यान देने की जरुरत है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला की इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है।

जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला को संक्रमण का खतरा दूसरों के मुकाबले अधिक हो सकता है, और महिला के बहुत जल्दी संक्रमित होने के चांस हो सकते हैं। ऐसे में लॉकडाउन में भूलकर भी प्रेग्नेंट महिला कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की वो गलतियां कौन सी है जो भूलकर भी प्रेग्नेंट महिला को नहीं करनी चाहिए।

खान पान: लॉक डाउन के दौरान प्रेग्नेंट महिला बाहर की चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। बाहर से लाये फल सब्जियों व् अन्य खाने के सामान को तुरंत घर में न लाएं। सामान को अलग से रखें रहने दें, कम से कम आठ दस घंटे बाहर रखे रहने के बाद सामान को छुएं। उसके बाद गर्म पानी से धोने के बाद ही सामान का इस्तेमाल करें। फलों व् सब्जियों को अच्छे से धोने के बाद खाने के लिए इस्तेमाल करें।

कटे पड़े फल सब्जियां, बासी भोजन, आदि को खाने के लिए बिल्कुल इस्तेमाल न करें। इसके अलावा खान पान में ऐसी चीजों को शामिल न करें जिनके कारण आपको दिक्कत हो। बल्कि प्रेग्नेंट महिला को ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जो खाने के बाद हज़म करने में दिक्कत न हो, आपके द्वारा लिया गया आहार पोषक तत्वों से भरपूर हो, आपके द्वारा लिया गया आहार इम्युनिटी बढ़ाने वाले आहार हो, आदि। यदि खान पान से जुडी इन गलतियों को गर्भवती महिला नहीं करती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला को सुरक्षित रहने में मदद मिलती है।

साफ़ सफाई: प्रेग्नेंट महिला साफ़ सफाई का बहुत अधिक ध्यान रखें। केवल घर की ही नहीं बल्कि अपने शरीर की साफ़ सफाई का भी ध्यान रखें। बाहर जाने से बचे, कुछ करें या नहीं करें हर आधे से एक घंटे बाद साबुन या सैनिटाइज़र की मदद से अपने हाथों को साफ़ करें।

आराम: जितना हो सके प्रेग्नेंट महिला इस दौरान आराम करें, लेकिन ऐसा भी नहीं है की सारा दिन सोते रहें, या फिर सारा दिन किसी न किसी काम में उलझी रहें। रात को सोने के साथ दिन में भी जरूर थोड़ा आराम जरूर करें। ऐसा करने से प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी बढ़ती है। चाहे कितना ही जरुरी काम हो घर से आप बाहर निकलने से बचे घर के किसी और सदस्य को काम के लिए कहें। और जब कोई व्यक्ति बाहर से आता है तो जब तक वो नहाकर कपडे न बदल लें, तब तक उस व्यक्ति से दूरी रखें।

डॉक्टरी जांच: प्रेग्नेंट महिला को जरुरी जांच के लिए हॉस्पिटल जाना पड़ता है। लेकिन यदि आप स्वस्थ है तो एक बार डॉक्टर से बात करें की क्या वो हॉस्पिटल आएं या नहीं। इसके अलावा यदि किसी तरह की कम्प्लीकेशन होती है तो आप मास्क, ग्लव्स, कॉटन के दुप्पट्टे से पाने सिर व् हाथ ढककर, सैनिटाइज़र साथ लेकर हॉस्पिटल में जाएँ। और उस एरिया में गलती से भी न जाएँ जहां पर संक्रमित मरीज़ हो। हॉस्पिटल में किसी भी चीज को छूने से बचें, और घर जाने के बाद सबसे पहले अच्छे से नहाएं और कपडे बदलें।

तो यह हैं कुछ गलतियां जो गर्भवती महिला को भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। यदि आप इन सभी बातों का अच्छे से ध्यान रखती हैं और अपनी सेहत के प्रति थोड़ी भी लापरवाही नहीं करती है तो इससे लॉक डाउन के दौरान आपको स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है।

प्रेगनेंसी से जुड़े मिथ

प्रेगनेंसी से जुड़े मिथ, गर्भावस्था महिला के लिए बहुत ही ख़ुशी का समय होता है। और इस समय हर कोई आपकी जरूरतों का अच्छे से ध्यान रखता है और आपकी केयर भी करता है। साथ ही आपको प्रेगनेंसी से जुडी सलाह भी देता है। खासकर जब आप पहली बार माँ बन रही होती है। अब ऐसा नहीं है की हर कोई आपको एक जैसी राय दे। क्योंकि प्रेगनेंसी में हर महिला का अनुभव थोड़ा अलग हो सकता है। क्योंकि आपके शरीर और उनके शरीर में फ़र्क़ होता है। ऐसे में आपको दी जाने वाली कुछ सलाह तो बहुत ज्यादा अच्छी होती है। तो कुछ मिथ भी होते हैं और लोगो की यह आदत भी होती है। की आपको यदि कोई आपको किसी चीज के बारे में सलाह देता है। तो आप भी उस सलाह को आगे देते हैं।

गर्भावस्था से जुड़े मिथ

यदि आप गर्भवती है तो ऐसे में हर कोई आपको स्वस्थ रहने के लिए सलाह दे सकता है। लेकिन उन सलाह में से कौन सी सलाह केवल एक मिथ होती है। आइये आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताने जा रहें हैं प्रेगनेंसी से जुड़े मिथ।

पपीता न खाएं

  • प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर गर्भवती महिला को यही सलाह दी जाती है की वो पपीता का सेवन न करें।
  • क्योंकि ऐसा करने से महिला का गर्भपात हो सकता है।
  • लेकिन सच तो यह है की महिला को कच्चा या अधपका पपीता नहीं खाना चाहिए।
  • क्योंकि इसमें लेटेक्स की मात्रा मौजूद होती है जो गर्भपात का कारण बन सकती है।
  • परन्तु सच तो यह है की महिला पके हुए पपीते का थोड़ा बहुत सेवन कर सकती है।
  • क्योंकि जैसे ही पपीता पकता है उसमे लेटेक्स की मात्रा कम हो जाती है।
  • जिससे महिला या शिशु को नुकसान नहीं पहुँचता है।
  • और महिला को प्रेगनेंसी में पाचन क्रिया से जुडी समस्याओं से निजात मिल सकता है।

दो लोगो के नाम का खाएं

  • आपने सुना होगा की प्रेग्नेंट महिला को खाना खाते समय हर कोई यही सलाह देता है की महिला को दो लोगो के नाम का खाना चाहिए।
  • क्योंकि अब महिला अकेली नहीं है बल्कि शिशु भी उसके साथ है।
  • लेकिन सच यह है की महिला को प्रेगनेंसी के दौरान गलत खान पान नहीं करना चाहिए।
  • खाने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए, खाने में ज्यादा गैप नहीं रखना चाहिए, पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए।
  • ताकि महिला को प्रेगनेंसी के दौरान जरुरी कैलोरी भोजन के माध्यम से मिल सके और महिला व् शिशु स्वस्थ रह सकें।
  • और यह सोचिये की यदि गर्भवती महिला अपने आहार को दुगुना कर देगी तो इससे महिला का वजन बहुत अधिक बढ़ सकता है।
  • जिससे प्रेगनेंसी के साथ डिलीवरी में भी महिला की समस्या बढ़ सकती है।
  • इसीलिए जरुरत के अनुसार और पोषक तत्वों से भरपूर आहार का गर्भवती महिला सेवन करें न की बहुत ज्यादा आहार का सेवन करे।

बच्चा गोरा या काला

  • जब आप गर्भवती थी तो आपको बहुत से लोगो ने कहा होगा की नारियल, केसर आदि खाओ इससे शिशु गोरा होता है।
  • और कुछ ऐसी चीजों को न खाने की सलाह दी होगी जिससे बच्चा काला होता है।
  • लेकिन सच तो यह है की ऐसा कुछ नहीं होता है।
  • क्योंकि गर्भ में शिशु का रंग जीन्स पर निर्धारित होता है।
  • और कोई भी चीज खाने से बच्चे के रंग पर असर पड़ेगा यह केवल एक मिथ है।
  • इसके अलावा यह भी मिथ है की गर्भवती महिला के कमरे में सूंदर शिशु की तस्वीर लगाने से शिशु उसके जैसा होता है।

पीठ के बल न सोएं

  • ऐसा अक्सर कहा जाता है की प्रेगनेंसी में पीठ के बल सोने से शिशु तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचती है।
  • इसीलिए महिला को बाईं और करवट लेकर सोने की सलाह दी जाती है।
  • लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं बल्कि महिला पेट बल न सोएं बाकी जिस पोजीशन में महिला आराम से सोना चाहती है सो सकती है।
  • हाँ यदि महिला को है ब्लड प्रैशर, किडनी से जुडी समस्या हो, शिशु के विकास में कमी हो।
  • तो बाई और करवट लेकर सोना महिला व् शिशु के लिए फायदेमंद हो सकता है।

प्रेगनेंसी से जुड़े मिथ की व्यायाम करने से होगा नुकसान

  • प्रेग्नेंट महिला को सभी किसी भी तरह का व्यायाम न करने की सलाह देते हैं।
  • क्योंकि उनका मानना होता है की व्यायाम करने से शिशु को नुकसान हो सकता है।
  • लेकिन सच तो यह है की पहली तिमाही में रिस्क होने के कारण व्यायाम न करने की सलाह दी जाती है।
  • लेकिन दूसरी और तीसरी तिमाही में प्रेग्नेंट महिला व्यायाम कर सकती है।
  • इसके लिए डॉक्टर से परामर्श, किसी जिम ट्रेनर की राय आप ले सकती है।
  • की प्रेगनेंसी के दौरान कौन सा व्यायाम बेहतर होता है।
  • क्योंकि व्यायाम करने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है बल्कि महिला की बॉडी को फिट रहने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी से जुड़े मिथ की न करें हवाई यात्रा

  • गर्भवती महिला को हवाई यात्रा नहीं करनी चाहिए यह एक मिथ है।
  • क्योंकि प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में महिला हवाई यात्रा कर सकती है।
  • और इसके लिए आप एक बार डॉक्टर से राय ले सकती है यदि डॉक्टर आपको कह देता है की आप जा सकती है, तो इसमें कोई परेशानी नहीं होती है।

सम्बन्ध

  • गर्भवती महिला को सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए इससे गर्भवती महिला की सेहत व् भ्रूण के विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • ऐसा जो भी कहते हैं यह गलत है, क्योंकि प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में आपकी पार्टनर यदि स्वस्थ है।
  • तो डॉक्टर से राय के बाद आप सम्बन्ध बना सकते हैं।
  • लेकिन सम्बन्ध बनाते समय आपको बस इन ध्यान रखना है।
  • की आप सुरक्षा व् साफ़ सफाई का पूरा ध्यान रखें ताकि इन्फेक्शन का खतरा न हो।

ग्रहण से शिशु को नुकसान होता है

  • ज्यादातर बुर्जुग महिलाओं के मुँह से यही बात सुनने को मिलती है।
  • की गर्भवती महिला को ग्रहण में कोई काम नहीं करना चाहिए।
  • केवल बैठे रहना चाहिए क्योंकि किसी भी तरह का काम करने से शिशु के विकलांग होने का खतरा होता है।
  • लेकिन इस बात में कोई सच्चाई है इसका आज तक पता नहीं चला है।
  • क्योंकि ग्रहण लगना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
  • लेकिन यह सच है की ग्रहण को गर्भवती महिला को नंगी आँखों से नहीं देखना चाहिए।

तो ये हैं प्रेगनेंसी से जुड़े मिथ जो गर्भवती महिला को राय की तरह बताएं जाते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला को इन पर विश्वास करने की जगह इनके असली कारण का पता करना चाहिए। ताकि आपको और शिशु दोनों को प्रेगनेंसी में स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।