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पेट की चर्बी दूर करने के 10 टिप्स

आज कल हर दूसरा व्यक्ति मोटापे के कारण परेशान है। और जब भी आपका फैट बढ़ने लगता है तो इसका सबसे पहले असर आपके पेट और कमर के आस पास चर्बी के रूप में दिखाई देता है। पेट की बढ़ती चर्बी का कारण कुछ और नहीं बल्कि आपके द्वारा अपने शरीर के प्रति की गई लापरवाही होती है। चाहे आप कितने ही सूंदर हो लेकिन आपके आगे निकला हुआ पेट आपकी पर्सनैलिटी को खत्म करता है। इसके अलावा कई बार आपको इसे छुपाने के लिए अपना सांस अंदर भी रोकना पड़ता है।

बाहर निकला हुआ पेट आपको कम उम्र में ही ज्यादा उम्र वालो की श्रेणी में ले आता है। और पेट की चर्बी कोई इतनी बड़ी समस्या भी नहीं होती है की जिसका आप समाधान नहीं कर सकते है। बल्कि यदि आप अपनी दिनचर्या को सही करते है, अपनी फिटनेस पर थोड़ा ध्यान देते हैं तो इससे आपके वजन और आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। तो आइये आज हम आपको पेट की चर्बी बढ़ने के क्या कारण होते है, और आप किस प्रकार इस समस्या का समाधान कर सकते है इस बारे में बताते है।

पेट की चर्बी बढ़ने के कारण:-

  • यदि आप बहुत अधिक मीठे का सेवन करते है तो इससे आपके पेट की चर्बी बढ़ती है।
  • ज्यादा ऑयली और मसालेदार भोजन खाने के कारण भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • ज्यादा समय एक ही जगह पर बैठे रहना, और शारीरिक शर्म न करने के कारण भी पेट की चाबी बढ़ने लगती है।
  • जो लोग शराब या धूम्रपान का सेवन अधिक करते है उनके शरीर पर भी चर्बी जमा होने लगती है।
  • यदि आप अपनी नींद के प्रति लारवाही करते है तो इसके कारण भी आपको पेट की चर्बी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी आपको यह परेशानी हो सकती है।
  • यदि आप खाना खाते है और खाना खाते है तो इससे भी आपका मेटाबोलिज्म ख़राब होता है जिससे आपके पेट पर चर्बी की समस्या हो सकती है।

पेट की चर्बी कम करने के टिप्स:-

शहद और निम्बू का इस्तेमाल करें:-

नियमित सुबह उठकर एक गिलास गर्म पानी में एक ताजा मिबू का रस, और दो चम्मच शहद मिलाएं। और उसके बाद इसे अच्छे से मिक्स करके इसका सेवन करें। यदि आप नियमित ऐसा करते है तो आपके पेट के अलावा शरीर के अन्य भागो पर जमी अतिरिक्त चर्बी को भी कम करने में मदद मिलती है। आप चाहे तो सिर्फ शहद को पानी में मिलाकर भी उसका सेवन कर सकते है।

एलोवेरा के जूस का सेवन करें:-

एलोवेरा केवल आपकी ख़ूबसूरती को ही नहीं बढ़ाता बल्कि आपके शरीर को फिट रखने में भी आपकी मदद करता है। इसके सेवन से आपकी पाचन क्रिया को बेहतर बनने में मदद मिलती है। इसके सेवन के लिए आप एक गिलास संतरे के जूस में दो से तीन चम्मच एलोवेरा के ताजे पत्ते का गुद्दा निकालकर मिक्सी में अच्छे से मिक्स करें। दो महीना नियमित सुबह इसके सेवन से आपके पेट की चर्बी की खत्म करने में मदद मिलती है।

दालचीनी का इस्तेमाल करें:-

दालचीनी आपकी बॉडी के शुगर लेवल को कण्ट्रोल करने के साथ आपके पेट की चर्बी को कम करने का भी एक असरदार उपाय है। इसके लिए आप नियमित सोने से पहले दो कप पानी में एक चम्मच दालचीनी दालचीनी पाउडर या दालचीनी के दो तीन टुकड़े डालकर अच्छे से उबाल लें। उसके बाद जब पानी आधा रह जाए तो इसे गुनगुना होने तक ऐसे ही रख दे, उसके बाद इसे छान कर इसमें एक चम्मच शहद डालकर अच्छे से मिक्स करें। और उसके बाद इसका सेवन करें नियमित ऐसा करने से आपको फायदा मिलेगा ।

एक्सरसाइज करें:-

शारीरिक व्यायाम आपके शरीर को फिट रखने के लिए बहुत जरुरी होता है। इसीलिए यदि आप अपने पेट की चर्बी को कम करना चाहते है तो नियमित सुबह समय से उठकर आधा घंटा व्यायाम करें। इससे आपकी बॉडी फिट रहेगी, लेकिन ऐसा नियमित करें एक दिन करने से आपको इसका फायदा नहीं होगा। यदि आप नियमित ऐसा व्यायाम करते है जिससे आपके पेट के आस पास स्ट्रेच होता है, तो इससे आपके पेट की चर्बी को खत्म करने में मदद मिलती है।

नींद को भरपूर लें:-

आपके शरीर को फिट रहने के लिए उसे आराम देना भी बहुत जरुरी होता है। इसीलिए हर व्यक्ति को दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं करते है तो इससे आपके मेटाबोलिज्म पर असर पड़ता है। जिससे आपके शरीर के हिस्सों पर चर्बी जमने लगती है। इसीलिए पेट की चर्बी को कम करने के लिए आपको दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।

योगासन करें:-

योगासन भी आपके शरीर को फिट रखने में बहुत मदद करता है। ऐसे बहुत से आसान है जो आपके पेट की चर्बी को कम कर सकते है, जैसे की सूर्य नमस्कार, शीर्षासन, वज्रासन, यदि आप सुबह नियमित उठकर इन्हे आधे घंटे के लिए करती है। तो इससे आपकी बॉडी को फिट रहने के साथ आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। यदि आप सुबह नहीं कर सकते तो शाम को भी करने से उतना ही फायदा मिलता है।

मीठे का सेवन अधिक न करें:-

यदि आप अधिक मीठे का सेवन करते है तो इसके कारण भी आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। जिसके कारण आपको पेट के अतिरिक्त शरीर के ने भागो पर भी चर्बी जमने लगती है। यदि आप अपने पेट की चर्बी को कम करना चाहते है तो मीठे का सेवन कम करना चाहिए, यहां तक की नमक को भी अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए। यदि आप इसे अपनी डाइट में बैलेंस करते है तो इससे भी आपके पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है।

कढ़ी पत्ते का सेवन करें:-

यह आपके पेट की चर्बी को कम करने के लिए सबसे आसान और चमत्कारिक उपाय होता है। यदि आप नियमित सुबह उठकर आठ से दस कढ़ी पत्ते का सेवन करते है, और इन्हे अच्छे से चबा कर खाते है। तो कुछ ही दिनों में इसका असर आपको दिखाई देने लगता है। और आपके पेट पर जम चर्बी खत्म होने लगती है।

अपने आहार में छोटे छोटे मील लें:-

एक ही बार में पेट भर के खाने से भी आपको यह परेशानी हो जाती है। इसीलिए दिन में तीन बड़े मील लेने की जगह आपको छोटे छोटे मील लेने चाहिए। इससे आपकी पाचन क्रिया को बेहतर रहने में मदद मिलती है, और साथ ही आपका भोजन अच्छे से पच भी जाता है। और आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए की आप संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन करें, ज्यादा तेलीय और मसालेदार भोजन का सेवन न करें।

ग्रीन टी का सेवन करें:-

बॉडी में मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाएं रखने में ग्रीन टी बहुत फायदेमंद होती है। इसीलिए आप यदि नियमित दिन में दो से तीन बार ग्रीन टी पीते है तो इससे भी आपके पेट पर जमी चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा आपको ध्यान रखना चाहिए की आप न तो खाली पेट ग्रीन टी का सेवन करें। और न ही खाना खाने के बाद एक दम से इसे पीएं, खाना खाने के कम से कम आधे घंटे बाद इसका सेवन करें। इसके अलावा रात को सोने से पहले इसे जरूर पीना चाहिए।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से आपको पेट पर जमा होने वाली चर्बी की समस्या से झूझना पड़ सकता है। लेकिन यदि आप नियमित दिनचर्या में ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल करते है तो इससे आपको फिट रहने में मदद मिलती है। साथ ही आपकी पर्सनैल्टी और आकर्षण को बढ़ाने में मदद मिलती है।

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गर्भावस्था में शिमला मिर्च खाने के फायदे

गर्भावस्था के दौरान खाने के चीजों को लेकर गर्भवती महिला के मन में उथल पुथल लगी रहती है। क्योंकि कई बार गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में उन चीजों के सेवन से परहेज करना पड़ता है जो महिला को बहुत पसंद होती है। जैसे की जंक फ़ूड, ज्यादा तीखा व् मसालेदार खाना, ज्यादा मीठा, ज्यादा नमक, तेलीय आहार आदि। साथ ही कुछ फल व् सब्जियां हैं जिनके सेवन से भी प्रेग्नेंट महिला को परहेज करना पड़ता है।

क्योंकि यह सभी चीजें प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चे दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को हर उस चीज का सेवन करना चाहिए जो प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे के लिए फायदेमंद होती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान शिमला मिर्च का सेवन करना चाहिए या नहीं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भवती महिला को शिमला मिर्च खानी चाहिए या नहीं?

लाल, हरे व् पीले रंग की शिमला मिर्च देखने में जितनी अच्छी लगती है उससे ज्यादा खाने में अच्छी लगती है। शिमला मिर्च में choline, विटामिन्स, सिलिकॉन, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो की प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला चाहे तो शिमला मिर्च का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान कर सकती है।

लेकिन जरुरत से ज्यादा शिमला मिर्च का सेवन प्रेग्नेंट महिला को नहीं करना चाहिए। साथ ही यदि महिला को शिमला मिर्च खाने से सेहत सम्बन्धी कोई दिक्कत हो या कोई एलर्जी आदि की समस्या हो तो प्रेग्नेंट महिला को शिमला मिर्च खाने से बचना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं प्रेगनेंसी में शिमला मिर्च का सेवन करने के कुछ फायदों के बारे में।

एंटी ऑक्सीडेंट्स: शिमला मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी को बढ़ाने के साथ गर्भवती महिला को कैंसर से बचाव करने में भी मदद करते हैं। और इसके लिए हरी के साथ लाल व् पीली शिमला मिर्च का सेवन भी प्रेग्नेंट महिला को करना चाहिए।

सिलिकॉन: शिमला मिर्च में सिलिकॉन की मात्रा भी मौजूद होती है जो प्रेग्नेंट महिला के नाखूनों व् बालों की सुंदरता को प्रेगनेंसी के दौरान बरकरार रखने में मदद करती है।

बचचे के लिए है फायदेमंद: choline, विटामिन्स, से भरपूर होने के कारण शिमला मिर्च का सेवन करने से महिला के पेट में पल रहे बच्चे के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है।

तो यह है प्रेगनेंसी के दौरान शिमला मिर्च का सेवन करने से जुड़े कुछ खास टिप्स, ऐसे में यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी शिमला मिर्च के सेवन से पहले इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको प्रेगनेंसी के दौरान शिमला मिर्च का सेवन करने से किसी तरह का नुकसान न हो।

प्रेगनेंसी में सेब खाने के फायदे

गर्भावस्था में सेब

मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, फ्लैवोनॉइड्स, डाइट्री फाइबर से भरपूर सेब का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करने से गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी बहुत फायदा मिलता है। और डॉक्टर्स भी गर्भवती महिला को नियमित एक सेब का सेवन करने की सलाह जरूर देते हैं। क्योंकि एक सेब का सेवन नियमित करने से प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बहुत सी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिलती है। इसके अलावा सेब में और भी न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में सेब का सेवन करने के फायदे

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है। और सेब में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते है जिससे गर्भवती महिला और भ्रूण दोनों को फायदा मिलता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में सेब का सेवन करने से कौन से फायदे मिलते हैं।

बीमारियों से सुरक्षा

आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम, क्लोरीन, फोलिक एसिड के साथ विटामिन सी भी सेब में भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे गर्भवती महिला को रोगो से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

मॉर्निंग सिकनेस

प्रेगनेंसी में मॉर्निंग सिकनेस की समस्या का होना आम बात होती है। इसके कारण बहुत सी महिलाएं परेशान रहती है। लेकिन यदि गर्भवती महिला यदि सेब का सेवन करती है तो इससे मॉर्निंग सिकनेस की परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है।

हड्डियों के लिए

गर्भवती महिला की थकान व् कमजोरी को दूर करने के लिए हड्डियों का स्वस्थ होना बहुत जरुरी होता है। और सेब में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता हैं जो महिला की हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों के बेहतर विकास में भी मदद करता है।

पाचन क्रिया होती है बेहतर

बहुत सी महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या से परेशान रह सकती है जैसे की कब्ज़, गैस, एसिडिटी आदि। और सेब में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो पाचन क्रिया को बेहतर करने के साथ कब्ज़, एसिडिटी जैसी परेशानी से भी राहत दिलाता है। साथ ही सेब को छिलके के साथ खाना चाहिए ताकि बॉडी को भरपूर मात्रा में फाइबर मिल सके। और सेब को छिलके के साथ खाने से बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थो को भी बाहर निकालने में मदद मिलती है।

अस्थमा का खतरा

प्रेगनेंसी के दौरान या अनुवांशिक गुण (यदि घर में पहले किसी को अस्थमा हो तो) के कारण गर्भ में पल रहे शिशु को अस्थमा का खतरा रहता है, ऐसे में सेब का सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु को दमा के खतरे से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

नींद

कई गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों के कारण या वजन बढ़ने के कारण अनिंद्रा की समस्या से परेशान हो सकती है। और सेब का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला की समस्या को दूर करके बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है।

बेहतर होता है शिशु का विकास

सेब का सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु के शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास को भी बेहतर होने में मदद मिलती है। क्योंकि यह फ्री रेडिकल्स से मस्तिष्क की कोशिकाओं की रक्षा करता है जिससे मस्तिष्क का बेहतर विकास होता है। और भविष्य में शिशु को अल्जाइमर, डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण

गर्भवती महिला के शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना परेशानी का कारण बढ़ सकता है, लेकिन यदि गर्भवती महिला सेब का सेवन करती है तो इससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

थकावट से राहत

बॉडी में लगातार हो रहे हार्मोनल बदलाव, प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियों के कारण, बढ़ते वजन की वजह से गर्भवती महिला को थकावट का अनुभव होना आम बात होती है। ऐसे में सेब का सेवन गर्भवती महिला के लिए एनर्जी बूस्टर का काम करता है। और सेब का सेवन करते ही महिला को तुरंत एनर्जी मिलती है।

खून की कमी

गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी का होना प्रेगनेंसी में गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ऐसे में सेब का सेवन करने से महिला की इस परेशानी को दूर करने में मदद मिल सकती है क्योंकि सेब में आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है।

विषैले पदार्थो को बाहर निकालता है

शरीर में विषैले पदार्थो का होना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकता है। और सेब का सेवन करने से मर्क्युरी, लेड, आदि जैसे विषैले तत्वों को बॉडी से बाहर निकालकर गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में सेब का सेवन करने से मिलते हैं। तो इन फायदों को उठाने के लिए और गर्भावस्था में स्वास्थ्य को बेहतर रखने के साथ भ्रूण के बेहतर विकास में गर्भवती महिला को सेब का सेवन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा ताजे सेब का सेवन करना चाहिए, ज्यादा देर कटे रखे सेब का सेवन नहीं करना चाहिए, सुबह का समय सेब के सेवन के लिए सबसे बेहतर होता है, खाली पेट या नाश्ते में आप इसे शामिल कर सकती है।

आँखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा उतारने के तरीके

सभी लड़कियां अपने चेहरे की खूबसूरती को लेकर काफी चिंतित रहती हैं। और इसी खूबसूरती को बढ़ने के लिए वे तरह-तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट्स और उपायों का प्रयोग करती हैं। लेकिन अगर उनकी आँखों में कोई समस्या हो जाए और उन्हें चश्मा लग जाए तो वे उसे अपनी खूबसूरती में दाग समझती हैं।

वर्तमान में आँखों की रोशनी का कम हो जाना कोई गंभीर समस्या नहीं हैं। क्योंकि आजकल क्या बच्चे और क्या बड़े सभी के आँखों पर चश्मा लग गया हैं। जिसका कारण खान-पान में लापरवाही और ठीक देखभाल नहीं करना होता हैं। वैसे सामान्य तौर पर शरीर के खान पान का ध्यान न रखने की वजह से ही आँखों पर चश्मा चढ़ जाता हैं।

इसके अलावा आजकल की पीढ़ी टीवी, स्मार्टफोन्स और लैपटॉप आदि का भी बहुत अधिक प्रयोग करती हैं। जिसकी रोशनी उनकी आँखों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। क्योंकि लगातार कई घंटों तक करीब से टीवी देखने से आँखों पर जोर पड़ता हैं जिसके बाद भविष्य में उनकी वास्तविक रोशनी कमजोर होने लगती हैं।

इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे आसान घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपकी इस समस्या को हल करने में आपकी मदद करेंगे। इन उपायों की मदद से आँखों की रोशनी तो बढ़ेगी ही साथ-साथ अगर आपके चश्मा लगा हुआ हैं तो वो भी उतर सकता हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं आँखों से चश्मा हटाने और नजरे तेज़ करने के घरेलू उपाय!

आँखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा उतारने के घरेलू उपाय :- 

1. बादाम दूध :

बादाम में ऐसे बहुत से गुण मौजूद होते हैं जो आपके आँखों की रोशनी को तेज करने में सहायक हैं। इसके अलावा दूध के फायदों से तो आप अच्छी तरह वाकिफ हैं। ऐसे में यदि इन दोनों लाभकारी पदार्थों का सेवन किया जाए तो क्या कहने? अगर आपकी आँखों की रोशनी भी कम हो रही हैं या आपको चश्मा लगा हुआ हैं तो एक सप्ताह में कम से कम 3 बार बादाम वाले दूध का सेवन जरूर करें। इसमें मौजूद विटामिन इ आँखों से जुड़े विकारों को दूर करने में सहायता करता हैं। आप चाहे तो इसमें काली मिर्च पाउडर भी डाल सकते हैं।

2. गाजर का जूस :

गर्मियों की तुलना में सर्दियों कजी गाजरें बहुत अच्छी और स्वादिष्ट होती हैं। अगर आपकी आँखों में किसी भी प्रकार की तकलीफ हैं तो आप गाजर का रस निकालकर पीजिए। स्वाद को बेहतर बनाने के लिए आप इसमें घिसा हुआ नारियल और शहद की कुछ बुँदे डाल सकते हैं। ये आपके जूस को और स्वादिष्ट व् लजीज बना देगा।

3. सौंफ :सौंफ खाने के फ़ायदे

आँखों की रोशनी से जुडी समस्या के लिए सौंफ का इस्तेमाल करना भी बहुत लाभकारी होता हैं। इसके लिए रात में सौंफ को भिगाने रख दें। अगली सुबह जागने के बाद खाली पेट इसके पानी का सेवन करें। ये आपकी आँखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करेगा।

यह भी पढ़े : चश्मे वाली लड़कियों के लिए मेकअप टिप्स 

4. आंवला दूध :

आँखों के साथ साथ त्वचा के लिए भी आंवला बहुत फायदेमंद होता हैं। इसीलिए आँखों की रोशनी की समस्या में आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना रोजाना सुबह जागने के बाद खाली पेट इसका सेवन करना हैं। इससे आँखों की रोशनी तो तेज होती ही हैं साथ-साथ अगर आपका वजन ज्यादा हैं तो वो भी कम हो जाएगा।

5. अरंडी का तेल :

अपनी आँखों की रोशनी को आयुर्वेदिक तरीके से तेज़ करने के लिए अरंडी के तेल का प्रयोग करें। इसके लिए अरंडी के तेल की एक-एक बुँदे अपनी आँखों में डालें। अगर किसी तरह का रिएक्शन या आँखों में खुजली हो तो इसका इस्तेमाल न करें।

6. विटामिन इ :

अगर आपकी आँखों पर चश्मा चढ़ा हैं या आपको अब हल्का धुंधला दिखने लगा हैं तो अपने आहार में विटामिन इ युक्त भोज्य पदार्थों को सम्मिलित करना शुरू कर दें। इसके लिए आप बादाम, गाजर, अंडा, सूरजमूखी के बीज, पपीता आदि का प्रयोग कर सकते हैं, इन सभी में विटामिन की प्रचुर मात्रा मौजूफ हैं। इनके नियमित सेवन से आंखें बहुत अच्‍छी रहती हैं। तथा आँखों का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता हैं।

7. विटामिन ए :fruits

इसके अलावा विटामिन ए का सेवन करना भी बेहद जरुरी हैं क्योंकि ये आँखों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करते हैं जिससे आँखों की रोशनी कमजोर नहीं होती। इसके लिए आप अमरूद, संतरे, अनानास, लाल और हरी मिर्च और शिमला मिर्च आदि का सेवन कर सकते हैं, इन सभी में विटामिन ए अच्छी मात्रा में पाया जाता हैं। रोजाना इन्‍हे खाएं, ताकि आपकी आंखें हमेशा अच्‍छी रहें और कभी उन पर चश्‍मा न लगे।

8. विटामिन सी :

अगर आप अपनी आँखों को पोषण के साथ-साथ रिलैक्स भी पहुँचाना चाहते हैं तो उसके लिए विटामिन सी सबसे उत्तम उपाय हैं। इसके लिए आप तरबूज, दूध, टमाटर, लैट्टस, अंगूर आदि का सेवन कर सकते हैं ये सभी आंखों को हमेशा कूल रखने में मदद करते हैं। इसलिए इनका सेवन करना भी आवश्‍यक है।

9. तेल मालिश :

पैरों के तलवे की नियमित मालिश करने से भी आँखों की रोशनी बढ़ती हैं। इस मालिश के लिए आप सरसों के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। नहाने से 10 मिनट पहले अंगूठे को सरसों के तेल में तर रखने से भी आँखों की रोशनी बनी रहती हैं। और कमजोर नहीं होती।

10. सैर :

अन्य उपायों के अलावा रोजाना सुबह सूर्योदय से पूर्व 10 से 15 मिनट घास पर नंगे पैर घूमने से भी आँखों की रोशनी बढ़ती हैं। और अगर किसी को चश्मा लगा हो तो उसका चश्मा भी उतर सकता हैं। साथ ही इससे तनाव में भी राहत मिलती हैं।

केले खाने के 10 फायदे गर्भवती महिलाओं के लिए

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माँ बनना किसी भी महिला के जीवन का सबसे बेहतरीन लम्हा होता है। और हर महिला चाहती है की उसके गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व उसे मिल सके। और शिशु तक बेहतरीन न्यूट्रिशन पहुंचाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना गर्भवती महिला के लिए बहुत जरुरी होता है। इसीलिए डॉक्टर्स भी प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को फलों, सब्जियों आदि का भरपूर सेवन करने की सलाह देते हैं। तो लीजिये आज हम आपको ऐसे ही फल के बारे में बताने जा रहे हैं जो की प्रेगनेंसी के दौरान न केवल गर्भवती महिला बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी फायदेमंद होता हैं।

और वो फल है केला, केले में आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 जैसे फैटी एसिड, विटामिन सी, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, मैंगनीज, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम, जिंक, सेलेनियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में मदद करते हैं और साथ ही गर्भवती महिला को भी प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली समस्याओं से बचने में मदद करते हैं। तो लीजिये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान केले का सेवन करने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

विटामिन सी से होता है भरपूर

केले में विटामिन सी जिसे की एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो की हड्डियों के बेहतर विकास, ऊतकों और मांसपेशियों की मरम्मत और स्किन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही विटामिन सी एक बेहतरीन एंटीऑक्सिडेंट भी है जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को हर तरह के संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

ब्लड प्रैशर को करता है कण्ट्रोल

प्रेगनेंसी के समय ब्लड प्रैशर के घटने या बढ़ने की समस्या का होना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। और केले का सेवन करने से शरीर में रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, क्योंकि यह पोटेशियम से भरपूर होता है जो की ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल करने के लिए बहुत जरुरी होता है।

कैल्शियम से होता है भरपूर

केले में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो की गर्भ में पल रहे शिशु के साथ गर्भवती महिला की हड्डियों की मजबूती और विकास के लिए आवश्यक है। और कैल्शियम का भरपूर सेवन शिशु के शारीरिक विकास को बेहतर तरीके से होने में मदद करता है।

फाइबर की मात्रा होती है भरपूर

कुछ गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज़ की समस्या से बहुत अधिक परेशान रहती है, ऐसे में केले में मौजूद फाइबर गर्भवती महिला की इस समस्या का समाधान करने में मदद करते हैं। साथ ही कब्ज़ की समस्या अधिक होने के कारण महिला को बवासीर की समस्या भी हो सकती है, तो केले का सेवन करने से आंतों में मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे कब्ज़ से राहत के साथ इस परेशानी से भी निजात मिलता है।

एनीमिया से बचाव

एनीमिया के होने के कारण खून में हीमोग्लोबिन की कमी का होना होता है, जिसके कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर कम हो जाता है। और एनीमिया के होने के कारण कमजोरी, थकान, बॉडी में दर्द, शिशु के विकास में कमी जैसी परेशानी का सामना गर्भवती महिला को करना पड़ सकता है। लेकिन केले का सेवन करने से महिला को इस परेशानी से निजात मिलता है क्योंकि केले में मौजूद आयरन गर्भवती महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

एनर्जी मिलती है

केले मे मौजूद कार्बोहाइड्रेट, फ्रक्टोज, सुक्रोज, जैसे तत्व गर्भवती महिला को तुरंत एनर्जी से भरपूर रखने में मदद करते हैं। खासकर प्रेगनेंसी की पहली और अंतिम तिमाही के दौरान, गर्भवती महिला बॉडी में कमजोरी या थकावट अधिक महसूस करती है। तो ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी को ऊर्जा से भरपूर रखने के लिए गर्भवती महिला को केले का सेवन जरूर करना चाहिए।

उल्टी से राहत देता है

केले विटामिन बी 6 भरपूर मात्रा में मौजूद होता है और विटामिन बी 6 मतली, उल्टी, मॉर्निंग सिकनेस आदि से राहत पहुंचाने में मदद करता है। और प्रेगनेंसी की पहली तिमाही मॉर्निंग सिकनेस बहुत अधिक रहती है, तो इससे निजात पाने के लिए केले का सेवन गर्भवती महिला की इस समस्या को कम करने में मदद करता है।

भूख बढ़ाता है

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ गर्भवती महिलाएं भूख न लगने के कारण परेशान रहती हैं, ऐसे में उन्हें केले का सेवन करना चाहिए जो की भूख को बढ़ाने के साथ बेहतर तरीके से पाचन में सहायता करने में मदद कर सकता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान खान पान में किसी भी तरह की लापरवाही गर्भवती महिला और शिशु दोनों पर ही बुरा प्रभाव डाल सकती है।

फोलेट से होता है भरपूर

गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए फोलेट की मात्रा का बॉडी में भरपूर होना बहुत जरुरी होता है। और गर्भवती महिला यदि केले का सेवन करती है तो इससे शरीर में फोलेट की मात्रा को भरपूर रखने में मदद मिलती है, जिससे शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर होने के साथ शिशु को जन्म के समय होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखने में भी मदद मिलती है।

गर्भ में पल रहे शिशु के तंत्रिका तंत्र का विकास होता है

विटामिन बी 6 गर्भ में पल रहे शिशु के तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए आवश्यक है, और केले में यह भरपूर मात्रा में होता है। ऐसे में प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में नियमित रूप से केले का सेवन शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका विकास के लिए फायदेमंद होता है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो आपको प्रेगनेंसी के दौरान केले का सेवन करने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को मिलते हैं। साथ ही हमेशा ताजे केले का सेवन करना चाहिए, बासी केला या केले पर कोई दाग आदि लगा हो यानी की केला ज्यादा पका हुआ हो तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही यदि आपको केले के सेवन से एलर्जी है तो इसका सेवन नहीं करना चाहिए। और एक बार आपको डॉक्टर से भी जरूर राय लेनी चाहिए की केले का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि प्रेगनेंसी के समय अधिक केले का सेवन गर्भवती महिला को गेस्टेशनल डाइबिटीज़ की समस्या से परेशान कर सकता है।

Hindi Video : Amazing Benefits of Eating Banana During Pregnancy

Pregnancy Me Kela Khane ke Fayde

प्रेगनेंसी में फिट रहने के टिप्स

गर्भावस्था की खबर कन्फर्म होने के बाद से ही महिला को हर तरफ से राय मिलने का सिलसिला शुरू हो जाता है। जैसे की प्रेगनेंसी में क्या करें क्या नहीं, क्या खाएं क्या नहीं, क्या फायदेमंद है क्या नुकसानदायक, आदि। यह राय गर्भवती महिला को इसीलिए दी जाती है ताकि प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे दोनों को फिट रहने में मदद मिल सके। जो की बहुत जरुरी होता है, क्योंकि प्रेग्नेंट महिला यदि अपने स्वास्थ्य का अच्छे से ध्यान नहीं रखती है। तो इसके कारण केवल महिला को ही परेशानी नहीं होती है।

बल्कि माँ के पेट में पल रहा बच्चा भी इसके कारण परेशान होता है उसके विकास में भी कमी आने का खतरा बढ़ जाता है। तो आपको ऐसी कोई दिक्कत न हो और प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चा दोनों फिट रहें। इसके लिए आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हे आपको प्रेगनेंसी के दौरान जरूर फॉलो करना चाहिए।

ब्रेकफास्ट न भूलें

नाश्ता दिन का पहला आहार होता है जो आपको पूरे दिन एनर्जी से भरपूर रहने में मदद करता है। ऐसे में आपको गलती से भी अपने नाश्ते में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। सुबह उठने के एक घंटे बाद तक नाश्ता कर लेना चाहिए साथ ही नाश्ते में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए। यदि आप अपने नाश्ते का ध्यान रखती है। इससे न केवल आप पूरा दिन एनर्जी से भरपूर रहती है। बल्कि आपको प्रेगनेंसी के दौरान फिट रहने में मदद मिलती है।

फाइबर से भरपूर आहार

पेट सम्बन्धी परेशानियां खासकर कब्ज़ से अधिकतर गर्भवती महिलाएं परेशान रहती है। ऐसे में प्रेगनेंसी में ऐसी कोई दिक्कत न हो और आप फिट रहें। इसके लिए आपको फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। क्योंकि फाइबर युक्त आहार आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करता है। जिससे आपको पेट सम्बन्धी परेशानियों से बचे रहने और फिट रहने में मदद मिलती है।

खान पान में न बरतें लापरवाही

प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने के लिए अपने खान पान का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को फिट रहने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। साथ ही बासी व् ठंडा भोजन नहीं करना चाहिए, बिना धोये किसी खाने की चीज को उपयोग में नहीं लाना चाहिए, समय से अपने आहार का सेवन करना चाहिए, जरुरत से न तो ज्यादा खाना चाहिए न ही कम, तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए, आदि।

खुश रहें

प्रेगनेंसी के दौरान फिट रहने के लिए आपको खुश रहना चाहिए। जब आप खुश रहती है तो आपके अच्छे से खाने का मन करता है, नींद अच्छी आती है, आप प्रेगनेंसी को एन्जॉय करती है, प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है, बच्चा भी गर्भ में खुश रहता है,आदि। और इन सभी के कारण आपको प्रेगनेंसी में स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

मैडिटेशन करें

मैडिटेशन करने से मस्तिष्क रिलैक्स रहता है और जब मस्तिष्क रिलैक्स होता है तो बॉडी में सभी क्रियाएं अपना काम अच्छे से करती है। जिससे आपको फिट रहने में मदद मिलती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान मैडिटेशन करना प्रेग्नेंट महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन करें

गर्भावस्था के दौरान शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो इसके लिए डॉक्टर्स महिला को कुछ विटामिन्स लेने की सलाह देते हैं। ऐसे में आपको सभी विटामिन्स का रोजाना सेवन करना चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी में आपको फिट रहने में मदद मिल सके।

योगासन करें

गर्भवती महिला को फिट रहने के लिए योगासन भी करना चाहिए। योगासन करने से महिला को शारीरिक व् मानसिक रूप से फिट रहने में मदद मिलती है। इसीलिए गर्भवती महिला को फिट रहने के लिए रोजाना चाहे दस मिनट ही सही लेकिन योगासन जरूर करना चाहिए।

पेट पर दबाव न पड़ने दें

प्रेग्नेंट महिला को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की किसी भी कारण महिला के पेट पर दबाव न पड़े। क्योंकि पेट पर दबाव पड़ने के कारण माँ व् बच्चे दोनों को दिक्कत हो सकती है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान महिला को फिट रहने के लिए ऐसा कोई भी घर या बाहर का काम नहीं करना चाहिए जिससे पेट पर दबाव पड़े।

जरुरत से ज्यादा शारीरिक श्रम न करें

ऐसा नहीं है की प्रेगनेंसी के दौरान महिला को काम नहीं करना चाहिए। लेकिन चाहे वो घर का काम हो, व्यायाम हो आदि में इतना अपने शरीर को नहीं थकाना चाहिए। की आपको दिक्कत हो जाये, ऐसे में जितना महिला से शारीरिक श्रम हो महिला कर सकती है। लेकिन जरुरत से ज्यादा महिला को अपने शरीर पर दबाव नहीं डालना चाहिए।

ज्यादा न सोचें

प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर महिलाएं बहुत ज्यादा सोचती है जिसकी वजह से वो तनाव की शिकार हो जाती है। और तनाव प्रेग्नेंट महिला की मुश्किलें कम नहीं करता है बल्कि बढ़ा देता है। ऐसे में गर्भवती महिला को किसी भी चीज के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। बस अपनी केयर पर ध्यान देना चाहिए, जितना अच्छे से आप अपनी केयर करेंगी उतना ज्यादा आपको फिट रहने में मदद मिलेगी।

पहनावे का ध्यान रखें

कई बार गलत पहनावा जैसे की पेट पर टाइट कपडे, चुभने वाले कपडे आदि पहनने के कारण भी प्रेग्नेंट महिला को परेशानी होती है। ऐसे में पहनावे के कारण होने वाली दिक्कत से बचने के लिए महिला को आरामदायक व् खुले कपडे पहने चाहिए, सूती कपडे पहनने चाहिए। क्योंकि जितना महिला प्रेगनेंसी में रिलैक्स रहती है उतना ही ज्यादा महिला को फिट रहने में मदद मिलती है।

भरपूर आराम

जितना प्रेगनेंसी में फिट रहने के लिए खान पान जरुरी है, व्यायाम जरुरी है उतना ही आराम भी जरुरी है। आराम करने से प्रेग्नेंट महिला को शारीरिक व् मानसिक रूप से फ्रेश महसूस होता है। जिससे प्रेग्नेंट महिला फिट रहती है।

अपना चेकअप समय से करवाएं

गर्भावस्था के दौरान फिट रहने के लिए आपको अपने डॉक्टर से सभी जांच, स्कैन, रूटीन चेकअप आदि समय से करवाने चाहिए। ऐसा करने से भी आपको प्रेगनेंसी में फिट रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिन्हे गर्भावस्था के दौरान ध्यान रखने से माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं या प्रेग्नेंट होने के लिए प्लानिंग कर रही हैं तो आपको भी इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

तुरंत सिर दर्द से आराम चाहिए तो यह दस टिप्स अपनाएं

बदलता लाइफस्टाइल, दिमाग पर जोर डालने के कारण, देर तक काम करना, तनाव लेना आदि के कारण सिर दर्द की समस्या आम बात हो गई है। और यह समस्या केवल बड़ों में ही नहीं बल्कि आज कल बच्चों में भी देखने को मिलती है। और सिर दर्द को बर्दाश करना लोगो के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है और वो इससे निजात पाने के लिए पेनकिलर का सेवन करते है। लेकिन यह समस्या तो आम है तो यदि आप इससे निजात पाने के लिए हमेशा पेनकिलर का ही सेवन करते है तो आपको इसके अधिक सेवन के दुष्प्रभाव भी भुगतने पड़ सकते हैं। क्योंकि पेनकिलर आपको तुरंत आराम तो देता है लेकिन इसका अधिक सेवन आपकी बॉडी पर उल्टा असर करता है।

ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि पेनकिलर का इस्तेमाल दर्द को दबाने के लिए किया जाता है और इसे बनाने में एस्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जाता है। जो उस समय तो नहीं बल्कि बाद में आपकी बॉडी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए आपको ऐसे तरीको का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे आपको तुरंत आराम भी मिल जाए और आपकी बॉडी को कोई नुकसान भी न हो। और इसके साथ आपको अपने दिमाग को आराम भी देना चाहिए जिससे आपको इस समस्या का सामना ही न करना पड़े। तो लीजिए आज हम आपको इस समस्या से बचाने के कुछ उपचार बताने जा रहे है।

सिर दर्द के कारण क्या होते है:-

  • नींद की कमी होने के कारण आपके मस्तिष्क पर जोर पड़ता है जिसके कारण आपको यह समस्या हो सकती है।
  • पानी की कमी होने के कारण।
  • तनाव लेने पर भी दिमाग पर जोर पड़ता है।
  • लगातार देर तक काम करने के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
  • जिनकी आँखे कमजोर होती है वो वो देर तक टीवी या लैपटॉप के सामने रहते है तो इसके कारण भी सिर दर्द हो सकता है।
  • यदि आपके पेट में गैस रहती है तो भी सिर में दर्द का अनुभव हो सकता है।

सिर दर्द से बचने के दस उपाय:-

सिर दर्द एक ऐसी समस्या है जिसके होने पर व्यक्ति को ऐसा लगता है की उसका पूरा शरीर जाम हो गया है। साथ ही दर्द के कारण व्यक्ति चिड़चिड़ा भी हो जाता है। और जितना जल्दी हो सकें वो इस समस्या से आराम पाना चाहता है तो लीजिए तुरंत सिर दर्द से बचने का आज हम आपको कुछ आसान टिप्स बताने जा रहें हैं जिनसे आपको तुरंत राहत मिलेगी।

तुलसी का पानी उबाल कर पीएं:-

जब भी किसी व्यक्ति को सिर दर्द होता है तो उसके मुँह से यही निकलता है की एक कप चाय या कॉफ़ी देना! लेकिन क्या अपने कभी सिर दर्द होने पर तुलसी का पानी उबाल कर पिया है यदि नहीं तो अब यदि आप सिर दर्द हो तो तुलसी का पानी उबाल कर पीएं आपका सिर दर्द चुटकियों में गायब हो जाएगा।

सेब खाए सिर दर्द भगाएं:-

आपने यह तो सुना होगा ही रोजाना एक सेब का सेवन आपको सभी बीमारियों से दूर रखता है। ऐसे में यदि आपका सिर दर्द हो रहा है तो एक सेब काटकर उस पर नमक लगाएं, और खा लें। फिर देखिएगा सेब अपना जादू कैसे चलाता है और आपके सिर दर्द को दूर भगाने में आपकी मदद करता है।

पुदीने और काली मिर्च की चाय कहें सिर दर्द को बाय:-

सिर दर्द की समस्या से बचने के लिए काली मिर्च और पुदीने की ताज़ी पत्तियों को पानी में अच्छे से उबाल लें, और उसके बाद छान कर उसका सेवन करें। इस तरीके का इस्तेमाल करने से भी आपको सिर में दर्द की समस्या से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा आप चाहे तो ब्लैक टी में पुदीने की पत्तियां उबाल कर भी पी सकती है यह भी सिर दर्द को भगाने में असरदार होती है।

गुनगुना पानी और निम्बू का इस्तेमाल करें:-

कई बार सिर दर्द का कारण आपके पैट में गैस का अधिक बनना भी हो सकता है। ऐसे में आपको सर दर्द की समस्या से निजात पाने के लिए एक गिलास गुनगुना पानी लेकर उसमे एक ताजे निम्बू का रस निचोड़ना चाहिए। और उसके बाद उसका सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से आपको पेट में गैस से राहत मिलने के साथ तुरंत सिर दर्द को भगाने में मदद मिलती है।

दालचीनी का इस्तेमाल करें:-

जी हाँ मसालें भी आपकी बहुत सी समस्याओं का चुटकियों में समाधान कर देते हैं। ऐसे में यदि सिर दर्द की समस्या से बचने के लिए दालचीनी के पाउडर में पानी को मिलाकर पेस्ट तैयार करते हैं। और उसके बाद उसे अपने माथे पर लगाकर लेट जाते है। तो आपको सिर में दर्द की समस्या से तुरंत राहत मिलने में मदद मिलती है।

नारियल तेल भी है सिर दर्द को भगाने का असरदार नुस्खा:-

गर्मी में होने वाले सिर दर्द की समस्या से बचने के लिए आप नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि इसका इस्तेमाल करने से आपके सिर को ठंडक मिलती है। इसके लिए आप अच्छे से अपने सिर की मसाज करें आपको खुद ही आराम मिलेगा। और जैसे जैसे आप मसाज करेंगे वैसे वैसे आपका सिर दर्द कहां भाग जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा।

चन्दन का इस्तेमाल करें:-

चन्दन की ठंडक का अहसास आपके सिर दर्द की समस्या को मिनटों में भागने में मदद करते है इसके लिए आप चन्दन का पाउडर लें और उसमे पानी को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। पेस्ट तैयार करने के बाद उसे अपने माथे पर लगाकर लेट जाएँ। और थोड़ी देर बाद साफ़ कर लें। यह भी आपके सिर के दर्द को भगा देता है।

एक्यूप्रेशर है सबसे आसान उपाय:-

यह सिर दर्द को भागने का एक ऐसा उपाय है जिसे आप कहीं भी कर सकते है जैसे की कई बार आप सफर कर रहे होते है, या ऑफिस में होते है तो अचानक से सिर में दर्द होने लगता है। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए आप एक्यूप्रेशर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने दोनों हाथो के अंगूठे और मिडिल ऊँगली की मदद से माथे के बीच की जगह और जिस हिस्से में दर्द है उस पर पर हल्के हाथ से मसाज करें इससे आपको तुरंत आराम मिलेगा।

लौंग से भगाएं सिर का दर्द:-

इस उपाय को करने के लिए आप तवे पर लौंग की कलियों को अच्छे से गर्म कर लें, उसके बाद इसे कॉटन के रुमाल में डालकर सूंघते रहें। ऐसा दो से चार मिनट तक करने पर ही आपको इसका असर दिखने लगेगा और आपके सिर दर्द की समस्या से आपको निजात मिलेगा।

पानी का करें भरपूर सेवन:-

बॉडी के हाइड्रेट न रहने के कारण यह समस्या देखने को मिलती है। इसीलिए सिर दर्द के होने पर आपको पानी पीते रहने चाहिए इससे आपकी बॉडी को हाइड्रेट होने में मदद मिलेगी। जिससे आपको अपने सिर के दर्द से राहत मिलेगी और पानी का भरपूर सेवन आपको फ्रैश रखने और ऊर्जा से भरपूर रखने में मदद करता है।

तो ऊपर दिए गए किसी भी टिप्स का इस्तेमाल यदि आप सिर के दर्द से बचने के लिए करते हैं। तो आपको सिर दर्द की समस्या से बहुत जल्दी आराम पाने में मदद मिलती है। साथ ही आपको सिर दर्द के लिए दवाइयों का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए, बल्कि इससे निजात पाने के लिए घरेलू तरीको का ही इस्तेमाल करना चाहिए। इससे आपके सिर दर्द को आराम मिलने के साथ आपके शरीर पर किसी भी तरह का उल्टा प्रभाव भी नहीं पड़ता है।

गर्भ में शिशु को काला होने से ऐसे बचाएं

हर गर्भवती महिला यही चाहती है की उसके गर्भ में पल रहा शिशु, स्वस्थ, सूंदर, बुद्धिमान व् गोरा हो। और इसके लिए जरुरी है की प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला स्वस्थ रहे, अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखें, तनाव न लें, आदि। लेकिन जब आप माँ बनने वाली होती है तो आपको हर तरफ से अलग अलग राय मिलती हैं या यदि आप माँ बनने वाली है तो आपको बहुत से लोग राय दे भी रहे होंगे।

ऐसे ही गर्भ में पल रहे शिशु की रंगत बिल्कुल साफ़ हो इससे जुड़े कुछ टिप्स भी आपको मिलेंगे, जैसे की प्रेगनेंसी के दौरान क्या खाने या पीने से शिशु काला नहीं होता है बल्कि शिशु की स्किन में निखार आता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की क्या खाने से गर्भ में शिशु को काला होने से बचाया जाता है और शिशु गोरा होता है।

संतरा

प्रेगनेंसी के दौरान संतरे का सेवन करने से गर्भवती महिला व् बच्चे को स्वास्थ्य सम्बन्धी बहुत से फायदे मिलते हैं। क्योंकि संतरा, फाइबर, विटामिन सी व् अन्य पोषक तत्वों का बेहतरीन स्त्रोत होता है। साथ ही ऐसा भी माना जाता है की यदि गर्भवती महिला संतरे का सेवन करती है तो इससे शिशु की स्किन को पोषण मिलता है। जिससे होने वाला शिशु गोरा व् सूंदर होता है और शिशु को काला होने से बचाया जाता है।

नारियल

यदि आप चाहती है की आपका होने वाला बच्चा काला न हो बल्कि दूध की तरह गोरा हो। तो आपको सफ़ेद सफ़ेद नारियल खाना चाहिए साथ ही नारियल पानी भी पीना चाहिए। इससे बच्चे को पोषण मिलने के साथ शरीर में पानी की कमी को दूर करने में भी मदद मिलती है।

केसर वाला दूध

अधिकतर गर्भवती महिलाओं को यह राय जरूर मिलती है की प्रेगनेंसी के दौरान केसर वाले दूध का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि केसर वाले दूध का सेवन करने से बच्चे की रंगत में निखार आता है। लेकिन ध्यान रखें की जरुरत से ज्यादा केसर का सेवन भी न करें क्योंकि इससे गर्भ में बच्चे पर बुरा असर भी पड़ सकता है। एक गिलास दूध में तीन से चार रेशे केसर बहुत होता है। इसके अलावा दूध भी गर्भवती महिला को भरपूर पीना चाहिए क्योंकि इससे भी बच्चे को गोरा होने में मदद मिलती है।

अंडा

अंडे में मौजूद पोषक गर्भ में बच्चे के शारीरिक के साथ बेहतर मानसिक विकास में भी मदद करते हैं। और गर्भवती महिला यदि अंडे को उबाल कर अंडे के सफ़ेद हिस्से का सेवन करती है तो इससे भी आपके होने वाले बच्चे को अंडे के सफ़ेद हिस्से की तरह गोरा होने में मदद मिलती है।

हरी सब्जियां

हरी सब्जियां आयरन का बेहतरीन स्त्रोत होती है जो गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी पूरी करने व् बच्चे तक ब्लड का फ्लो अच्छे से होने में मदद करती है। और गर्भ में शिशु तक ब्लड फ्लो सही होने से भी बच्चे की रंगत को निखारने में मदद करता है। ऐसे में गर्भवती महिला यदि हरी सब्जियों को अपनी डाइट में भरपूर मात्रा में शामिल करती है तो इससे भी आपका होने वाला बच्चा गोरा होता है।

बादाम

बादाम में विटामिन इ मौजूद होता है जो स्किन को निखारने व् स्किन की कोमलता को बरकरार रखने में मदद करता है। इसीलिए गर्भवती महिला यदि चाहती है की उसका होने वाला बच्चा गोरा व् सूंदर हो तो इसके लिए गर्भवती महिला को बादाम का सेवन करना चाहिए।

गाजर व् चुकंदर

गाजर व् चुकन्दर का सेवन करने से भी बॉडी में ब्लड की मात्रा को बढ़ाने व् ब्लड फ्लो को बेहतर करने में मदद मिलती है। जिससे आपके होने वाले शिशु की रंगत में निखार आता है और आपके होने वाले बच्चा का रंग गोरा होता है।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन करने से गर्भ में पल रहा शिशु सूंदर, गोरा व् स्वस्थ होता है। यदि आप भी माँ बनने वाली है तो आपको भी इन टिप्स का ध्यान रखना चाहिए ताकि आप एक खूबसूरत व् प्यारे बच्चे को जन्म दें। साथ ही बच्चे का गोरा या काला होने केवल आपके और आपके पति के जीन्स पर निर्भर करता है यह केवल प्रेगनेंसी से जुडी कुछ राय होती है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान इन सभी चीजों का सेवन माँ व् बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

दही के फायदे आपकी ख़ूबसूरती और स्वास्थ्य के लिए

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भारतीय परंपरा में ये कहा जाता है, यदि कोई व्यक्ति किसी शुभ काम के लिए घर से जाता है, तो यदि वो दही चीनी के सेवन करता है तो उसे उस काम में सफलता मिलती है, परंतु क्या आप जानते है की दही केवल काम को सफल बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि और भी गुणों से भरपूर होती है, इससे न केवल आपके स्वास्थ्य को बल्कि आपकी सुंदरता को भी बढ़ाने में मदद मिलती है, और सबसे अच्छी बात तो यह होती है, की ये आसानी से और बिना ज्यादा खर्च किये आपको मिल भी जाती है, दही का सेवन जो लोग लोग नियमित रूप से करते है, उन्हें इसके सेवन से बहुत से फायदे मिलते है।

आपको शायद ये जान कर आश्चर्य होगा की दही में दूध की अपेक्षा ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है, इसके साथ इसमें प्रोटीन और विटामिन भी भरपूर मात्रा में पाएं जाते है, और साथ ही इसे पचाने में भी आसानी होती है, इसका सेवन करने से पेट सम्बंधित समस्या खत्म हो जाती है, और साथ ही आपको भूख भी खुलकर लगती है। जिन लोगो को अपज, भूख न लगना, कब्ज़ जैसी परेशानी रहती है, उसे ख़त्म करने में भी ये आपकी मदद करता है, इसके साथ दही का सेवन करने से आपको मोटापे की समस्या से राहत मिलने में भी मदद मिलती है, क्योंकि ये आपके कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है।

दही के सेवन से आपको ब्लड प्रैशर, आपके बालो से जुडी समस्या, आपको यदि मुँह में छालें की समस्या है, उसे और भी ऐसे बहुत से फायदे होते है जो दही का सेवन करने से आपको होते है, परंतु याद रखें की हमेशा ताजे दही का ही सेवन करें, इसके अलावा रात के समय इसके सेवन से परहेज करें, जिन्हें सर्दी जुखाम या सर्दियों में कोई परेशानी होती है, उन्हें भी दही के सेवन से परहेज करना चाहिए, तो आइये अब विस्तार से जानते है की दही के सेवन से आपको कौन कौन से फायदे मिलते है।

दही का सेवन करने से होता है मोटापा कम:-

motapa

आज के समय में ज्यादातर लोग मोटापे से परेशान रहते है, परंतु क्या आप जानते है की दही का सेवन करने से आपको आसानी से इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, नियमित रूप से दही का सेवन करने से आपका कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है, जिससे आपके रक्त के प्रवाह को सुधरने में मदद मिलती है, और इसके कारण शरीर में अतिरिक्त चर्बी भी नहीं जमती है, जिसके कारण आपको, मोटापे के कारण होने वाली अन्य बीमारियां जैसे ब्लड प्रेशर आदि से भी निजात मिल जाता है।

पेट से सम्बंधित परेशानियों से राहत दिलाती है दही:-

दही को पेट सम्बंधित परेशानियों के लिए अमृत कहा जाता है, कई लोगो को पेट में जलन, अपज जैसी परेशानी रहती है, उन लोगो को दही में काला नामक, या फिर छाछ लस्सी का सेवन करने से राहत मिलती है, इसके अलावा कई बार दस्त जैसी परेशानी भी हो जाती है, ऐसे में दही का सेवन चावल के साथ करने पर आपको राहत मिलती है, साथ ही इसके कारण आपकी पाचन क्रिया में भी सुधार आता है जिसके कारण आपको भूख भी लगती है, और खाने को हैं करने में भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है।

बालों के लिए फायदेमंद है दही:-

lambe baal

पहले लोग दही लस्सी से ही सिरको धोकर अपने बालों को सूंदर व् आकर्षित बनाये रखते थे, और इसके कारण बालों के झड़ने आदि की समस्या भी नहीं होती थी, दही को आप सीधा बालों में लगाकर थोड़ी देर बाद यदि सिर को धो देते है, तो भी आपके बालों को रेशमी और मुलायम बनने में मदद मिलती है, और साथ ही यदि आपको रुसी की समस्या है तो उससे भी निजात पाने में आपको मदद मिलती है, और यदि आप मेहँदी में दही को मिलाकर लगाते है तो ये प्राकृतिक कंडीशनर की तरह काम करके आपके बालों को चमकदार बनाने में मदद करता है, और आप मुल्तानी मिट्टी में भी इसे मिलाकर लगाते है तो बालों को मुलायम रहने में मदद मिलती है।

पसीने की दुर्गन्ध से राहत दिलाती है:-

कई लोग पसीने से आने वाली दुर्गंद की समस्या से बहुत परेशान रहते है, और दुसरो के सामने अपमानित महसूस करते है, तो इस समस्या से राहत पाने के लिए दही आपकी बहुत मदद करती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप नहाने से थोड़ी देर पहले दही और बेसन को अच्छे से मिलाकर अपने शरीर पर लगाएं, और थोड़ी देर बाद नहा लें, हफ्ते में दो से तीन बार इस उपचार को करने से आपको पसीने से आने वाली दुर्गन्ध की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

चेहरे की रौनक को बढ़ाने में मदद करती है दही:-

त्वचा को गोरा करने के तरीके

दही का इस्तेमाल करने से आपके चेहरे की त्वचा की रंगत बढ़ाने में आपको बहुत मदद मिल सकती है, इसके इस्तेमाल के लिए यदि आप दही में बेसन को मिलाकर अच्छे से एक पेस्ट तैयार करें, और उसे थोड़ी देर के लिए अपने चेहरे पर छोड़ दें, और उसके बाद ठन्डे पानी से अपने चेहरे को धो दें, ऐसा करने से इससे आपके चेहरे की रंगत भी बढ़ेगी और त्वचा में चमक भी आएगी, इसके अलावा कुछ महिलाएं तेलीय त्वचा होने के कारण बहुत परेशान रहती है, क्योंकि उस पर तो मेकअप भी थोड़ी देर बाद काला पड़ने लग जाता है, इसीलिए इससे बचने के लिए आप यदि दही में शहद को मिलाकर इसे अच्छे से अपने चेहरे पर लगाते है, तो इसके इस्तेमाल से आपको इस समस्या से राहत पाने में भी मदद मिलती है।

मुँह में होने वाले छालों की समस्या से भी राहत दिलाने में दही मदद करती है:-

दही का इस्तेमाल करने से आप मुँह में होने वाले छालों की समस्या से भी राहत पा सकते है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दही में शहद को मिलाकर इसे अपने छालों पर लगाएं, दो से तीन बार के इस्तेमाल से ही आपको इसका असर दीखेगा, और इस समस्या से राहत पाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा यदि आप वैसे भी दही का सेवन करते है तो भी आपकी इस परेशानी का समाधान होता है।

हदय सम्बंधित परेशानियों से राहत दिलाती है दही:-

दही का सेवन करने से आपके शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छे से होता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल भी नहीं बढ़ता है, और इसके कारण आपकी हदय की गति को भी सामान्य रहने में मदद मिलती है, दही के सेवन से आपको उक्त रक्तचाप की समस्या के साथ गुर्दे से सम्बंधित समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है, तो हदय के रोगियो को दही का सेवन जरूर करना चाहिए।

दुबले पतले व्यक्तियों का वजन बढ़ाने में मदद करती है:-

कई लोग मोटापे से परेशान होते है तो कुछ आने दुबले पतले होने के कारण परंतु दही आपकी दोनों ही समस्या का समाधान कर देती है, जिन लोगो को दुबले पतले होने के समस्या होती है, वो लोग यदि दही में बादाम, किशमिश और छूहाड़ा मिलाकर नियमित रूप से इसका सेवन करते है, तो ऐसा करने से उनके वजन को बढ़ने में मदद मिलती है।

दही से होने वाले अन्य फायदें:-

  • दही का सेवन करने से पेट व् आंत की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • चेहरे पर होने वाली मुहांसे की समस्या से राहत दिलाने में दही मदद करती है।
  • दही में शहद मिलाकर चटाने से छोटे बच्चों के दांत आसानी से निकल जाते है।
  • जिन लोगो को बवासीर की समस्या रहती है, वो लोग यदि एक गिलास दही से बनी छाछ में अजवाइन मिलाकर उसका सेवन करते है, तो नियमित रूप से इसका सेवन करने से इस परेशानी से भी राहत मिलती है।
  • अनिंद्रा की समस्या से राहत पाने और एक अच्छी नींद को लेने में भी दही बहुत मदद करती है।
  • गर्दन के कालेपन की समस्या को दूर करने के लिए खट्टी दही के इस्तेमाल से आपको बहुत फायदा मिलता है।
  • दही में निम्बू का रस मिलाकर अपनी त्वचा पर लगाने से आपकी त्वचा को मुलायम होने में मदद मिलती है।
  • दही का सेवन करने से आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ने में मदद मिलती है, जिसके कारण आपको रोगों से लड़ने में मदद मिलती है।
  • आपकी पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या को हल करने में दही आपकी मदद करती है।
  • त्वचा की कोमलता को कायम रखने में इसके सेवन से आपको बहुत फायदा मिलता है।
  • बालों में रुसी की समस्या से निजात पाने में भी दही आपकी बहुत मदद करती है।
  • दही का सेवन गर्मियों में करने से ये आपको लू और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाता है।

इसके अलावा आपको मॉस के साथ दही का सेवन नहीं करना चाहिए, दही को बहुत अधिक मात्रा में भी सेवन नहीं करना चाहिए, रोजाना एक से दो कटोरी तक ही इसका सेवन ठीक रहता है, शुगर के रोगियो को इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए, खांसी, जुखाम, टॉन्सिल्स की समस्या होने पर आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए, तो इन सब बातों का आपको दही का सेवन करते समय ध्यान रखना चाहिए, और हमेशा आपको ताज़ी दही का ही सेवन करना चाहिए, ताकि आपको इसके सेवन से फायदा मिल सकें।

मलेरिया के बुखार से बचने के घरेलू इलाज

मलेरिया एक संक्रामक रोग है, जो की मादा मच्छर एनोफिलेज़ के प्रोटोज़ोआ परजीवी के द्वारा फैलता है, इसका कारण होता है जब यह मादा मच्छर आपको काटता है तो मलेरिया के परजीवी आपकी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश करके बढ़ने लगते है, और आपको बुखार आने लगता है, इसके साथ थकान, सर्दी, उबकाई, जुखाम आदि का अहसास भी होने लगता है, इस समय रोगी के शरीर का तापमान 101 से 105 डिग्री तक होने लगता है, और सांस फूलने, चक्कर आने भी शुरू हो जाते है।

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यदि आपको ऐसा एक भी लक्षण अपने अंदर महसूस हो और थकान का अनुभव होने लगे तो आपको एक बार डॉक्टर के पास जाकर अपने खून की जांच जरूर करवानी चाहिए, क्योंकि यदि यह आपके शरीर को पूरी तरह जकड लेता है, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है, डॉक्टरी सलाह के अलावा आइये आज हम आपको मलेरिया से राहत के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे है जो आपको मलेरिया के बुखार से बचाने में मदद करते है, लेकिन इसके साथ आपको डॉक्टरी दवाइयों का भी इस्तेमाल करना चाहिए ताकि आप जल्दी ठीक हो सकें।

मलेरिया के लक्षण क्या होते है:-

  • इसके कारण आपको सबसे पहले ठण्ड लगने लगती है।
  • सर दर्द, चक्कर, शरीर के सभी हिस्सों में दर्द का अनुभव होने लगता है।
  • थकावट महसूस होने लगती है, शरीर में कमजोरी आ जाती है।
  • भूख नहीं लगती है।
  • सास फूलने लगती है, तेज चलने लगती है, सांस लेने में तकलीफ का अनुभव होता है।
  • ठण्ड के साथ बुखार भी तेजी से बढ़ता है।
  • घबराहट होने लगती है, जी मचलाने लगता है।
  • मलेरिया होने पर आपकी आँखे भी थका हुआ महसूस करती है जिसके कारण आपको कम दिखाई देता है।
  • शरीर में खून की कमी होने लगती है।

तुलसी का प्रयोग करें:-

tulsi

तुलसी को एक आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है, साथ ही इसका इस्तेमाल बहुत सी दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है, मलेरिया के उपचार में भी तुलसी आपकी बहुत मदद करती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दस ग्राम तुलसी के पत्ते को सात आठ काली मिर्च के साथ पीस कर, साथ में थोड़ा पानी भी मिलाएं, एक मिक्सचर तैयार करें, आप चाहे तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं, सुबह शाम इसका सेवन करने से आपको मलेरिया से राहत पाने में मदद मिलती है।

अदरक का इस्तेमाल करें:-

अदरक का इस्तेमाल करने से न केवल आपकी सब्ज़ी और चाय का जायका बढ़ता है, बल्कि मलेरिया से निजात दिलाने में भी अदरक का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप थोड़ी सी अदरक लेकर उसमे दो तीन चम्मच किसमिश डालकर एक गिलास पानी में अच्छे से उबालें, और जब तक उबालते रहें जब तक की पानी आधा न रह जाएँ, और इसके थोड़ा ठंडा होने पर दिन में कम से कम दो बार इसका सेवन करें, आपको फायदा मिलेगा, इसके अलावा हरसिंगार के पत्ते के साथ अदरक का रस और शक्कर मिलाकर सेवन करने से भी आपको मलेरिया से आराम मिलता है।

नीम का इस्तेमाल करें:-

नीम भी एंटी बैक्टेरियल गुणों से भरपूर होता है, और आप इसे वायरस रोधी पेड़ भी कह सकते है, नीम के पेड़ की छाल का काढ़ा पीने से आपको मलेरिया बुखार से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके अलावा आप नीम के थोड़े से हरे पत्तों को चार या पांच काली मिर्च के साथ पीस कर अच्छे से पानी में उबाल लें, और उसके बाद छानकर इस पानी का सेवन करें, या आप नीम के तेल में नारियल या सरसों का तेल मिलाकर हल्का गरम करके अपनी मसाज करें, ऐसा करने से भी आपको मलेरिया से राहत पाने में मदद मिलती है।

गिलोय से करें हर तरह के बुखार को दूर:-

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गिलोय की बेल भी किसी भी तरह के बुखार से निजात पाने और इनके वायरस से लड़ने में मदद करती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप गिलोय की बेल की डंडियों मको पानी में उबाल लें, और अच्छे से इसे उबालने के बाद इसमें शहद मिलाकर चालीस से सत्तर मिलीमीटर पानी का नियमित सेवन करने से आपको मलेरिया से बचाव करने में मदद मिलती है, इसके अलावा आप मिट्टी के के छोटे बतरन में चालीस ग्राम गिलोय को पीस कर पानी के साथ मिलाकर रात भर के लिए ढक कर रख दें, और अगले दिन इसे छानकर दिन में तीन से चार बार इसका सेवन करें, आपको मलेरिया से राहत पाने में मदद मिलेगी।

अमरुद का सेवन करवाएं:-

अमरुद के सेवन से मलेरिया को दूर भगाने में बहुत मदद मिलती है, यदि किसी को मलेरिया हो जाएँ तो दिन में तीन से चार बार अमरुद का सेवन जरूर करना चाहिए, साथ ही अमरुद का बाहरी हिस्सा जरूर खिलाएं क्योंकि इसमें विटामिन सी बहुत अधिक मात्रा में होता है, जो आपको मलेरिया से बचाव करने में मदद करता है।

दालचीनी का इस्तेमाल करें:-

दालचीनी भी मलेरिया की समस्या से निजात पाने में आपकी मदद करती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर को एक गिलास पानी में अच्छे से उबालें, और उसके बाद इसमें एक चुटकी कालीमिर्च और थोड़ा सा शहद मिलाएं, गुनगुना रहने पर इस पानी का सेवन करें, इसे भी दिन में कम से कम दो बार पीने से आपको मलेरिया से राहत पाने में मदद मिलती है।

धतूरे का इस्तेमाल करें:-

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भारतीय परम्परा में धतूरे का इस्तेमाल वैसे तो शिव पूजा के लिए किया जाता है, लेकिन यह मलेरिया से निजात पाने के लिए भी एक उत्तम उपाय है, इसके इस्तेमाल से आपके शरीर से मलेरिया के वायरस को खत्म करके आपको इससे निजात दिलाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दो धतूरे के पत्ते लेकर उनका रस निकाल लें, फिर इस रस में थोड़ा गुड़ मिलाएं जिससे की इसकी छोटी छोटी गोलियां तैयार हो जाएँ, और नियमित सुबह उठकर इनका सेवन करें, ऐसा करने से आपको मलेरिया से राहत पाने में मदद मिलेगी।

पीपल के पत्तो का इस्तेमाल करें:-

मलेरिया से बचाव के लिए पीपल के पत्तो का इस्तेमाल करने से भी बहुत फायदा मिलता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप पीपल के पत्तो को पीस कर उसमे शहद मिलाकर या फिर पीपल के पत्तों का पाउडर लेकर उसमे शहद मिलाकर एक चम्मच यदि रोगी को खिलाते हैं, तो ऐसा करने से भी मलेरिया से राहत पाने में रोगी को मदद मिलती है।

निम्बू का इस्तेमाल करें:-

निम्बू में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट भी आपको मलेरिया में आने वाले तेज बुखार को कम करने में मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक कप गुनगुने पानी में आधा निम्बू निचोड़ कर दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करके आपको इससे फायदा मिलेगा, साथ ही जल्दी ही आपको बुखार से राहत पाने में मदद मिलेगी।

तो ये कुछ घरेलू नुस्खे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप मलेरिया से राहत पा सकते है, और साथ ही आपको तरल पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए, जैसे की समस्या पर तजा फलों का जूस, उबला हुआ पानी, निम्बू पानी आदि का सेवन करते रहने चाहिए, ताकि आपके शरीर में पानी की कमी न हो, और आपको स्वस्थ रहने में मदद मिल सकें, साथ ही डॉक्टर से राय और दवाइयों का सेवन भी करते रहना चाहिए।