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बाल घुंघराले करने के तरीके

बाल महिलाओं की खूबसूरती का सबसे अभिन्न हिस्सा होते है क्योकि इन्ही से उनकी पहचान की जाती है। थोड़े समय के लिए बालों का ट्रैंड कुछ कम हो गया था लेकिन आजकल बालों से जुडी नई नई स्टाइल और लुक देखने को मिलते है। कोई अपने बालों को बढ़कर स्टाइलिश लुक देता है तो कोई उन्हें खुला रखकर। कोई ब्रैड स्टाइल चूज करता है तो कोई फोल्डेड स्टाइल को अधिक केरी करता है।

लेकिन इसका अलावा भी एक स्टाइल है जिसे आजकल बहुत पसंद किया जा रहा है और वो है घुंगराले बालों का स्टाइल। जिन लड़कियों के बाल प्राकृतक रूप से घुंघराले है वे उन्हें तरह-तरह से स्टाइल करती है जबकि जिनके बाल नार्मल है वे उनमे कर्ली लुक देना चाहती है।

कोई फुल कर्ली बालों की इच्छा रखती है तो कोई हाफ कर्ली कोई केवल नीचे के बालों में कर्ल पसंद करती है तो कोई आगे के बालों में। लम्बे समय से स्ट्रैट बाल रखने वाली लड़कियां अब कुछ चेंज चाहती है तो इसके लिए कर्ली हेयर ही बेस्ट उपाय माने जाते है। ऐसे तो मार्किट में जाकर आप अपने बालों को आसानी से कर्ल करवा सकती है लेकिन कई बार उनके जितने पैसे आपके पास नहीं होते। ऐसे में करें तो क्या?

परेशान न हो आज हम आपको कुछ तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपने बालों को आसनी से कर्ली बना सकती है। हां, ये तरीके आपको केवल टेम्पररी कर्ली हेयर देंगे लेकिन देखने में परमामेंट जैसे ही लगेंगे। तो आइए जानते है बालों को घुंघराले करने के तरीके।

बालों को घुंघराले करने के तरीके :- 

1. गीले बालों में :

बालों को कर्ल करने के लिए ये तरीका सबसे बेस्ट और आसान माना जाता है। क्योंकि इसके लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। इस उपाय को प्रयोग में लाने के लिए अपने बालों में अच्छे से शैम्पू करके कंडीशनर का इस्तेमाल करें। अब उन बालों में कंघी करके अतिरिक्त पानी निचोड़ लें। पानी निकलने के बाद बालों को पिन या रोलर से टाई कर लें। बालों के पूरी तरह सुख जाने तक बंधे रहने दें। उसके बाद बाल खोलें आपके बाल कर्ल हो चुके होंगे।

2. हॉट रोलर्स :

बालों को कर्ल करने के लिए आप अपने समय को बचाना चाहती है। तो इसके लिए हॉट रोलर्स का इस्तेमाल करना सही होगा। क्योंकि इनमे बहुत कम समय लगता है। इसके लिए हॉट रोलर्स का इस्तेमाल करके अपने बालों को कर्ल कर लें। उसके बाद बालों को उँगलियों की मदद से सुलझा लें। देखें आपके बाल कितने सुन्दर लगेंगे।

3. कर्लिंग आयरन :

आजकल बाजार में सस्ते दामों पर बहुत सी कर्लिंग मशीन या आयरन मिलती है जिनकी मदद से बालों को बिना समय गवाएं आसानी से कर्ल किया जा सकता है। और सबसे बड़ी बात इसके इस्तेमाल के लिए बहुत से झंझट करने की भी जरुरत नहीं है। बस अपने बालों को हल्का गीला करें और उस पर इंस्ट्रक्शन के अनुसार कर्लिंग आयरन का प्रयोग करें।

4. पिन कर्ल :घर पर बालों को कर्ल करें

बिना अधिक पैसे खर्च किए और घर बैठे बालों को कर्ल करने के लिए आप इस तरीका का इस्तेमाल कर सकती है। इसके लिए अपने बालों को अच्छी तरह से धोकर कंडीशनर कर लें। अब उन्हें ट्विस्ट करके कोइल के आकार में पिनअप कर लें। अब उनपर हेयर ड्रायर का प्रयोग करें। अब इन कॉइल्स को खोल दें आपके बाल बहुत लच्छेदार और हैवी लगेंगे।

5. डिफ्यूज़र :

अगर आप अपने बालों को कर्ल करने के लिए हीट उपकरणों का इस्तेमाल करती है तो इसके लिए डिफ्यूज़र का प्रयोग करें। डिफ्यूज़र के इस्तेमाल से हीट उपकरणों का प्रभाव कम हो जाता है। जिससे बाल रूखे और बेजान नहीं होंगे।

6. चोटी :घर पर बालों को कर्ल

बहुत सी लड़कियों को हीट उपकरणो और रोलर्स का इस्तेमाल करना अच्छा नहीं लगता। ऐसे में वे चोटी की मदद ले सकती है। इसके लिए रात को बाल धोकर बिना आयल लगाएं उनकी चुटिया गूँथ लें। अगली सुबह चोटी खोल दें, आपके बाल आयरन की तरह की कर्ल हो जायेंगे।

7. हेयरस्प्रे :

अगर आपका अचानक पार्टी में जाने का प्लान बन जाए तो इस स्थिति में आप हेयर स्प्रे की मदद ले सकती है। इससे बालों में नमी रहेगी और आपको बेहतर लुक भी मिल जाएगा।

शिशु की गर्भ में धड़कन कब आती है गर्भ में

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शिशु का गर्भ में आना ही महिला के लिए बहुत ख़ुशी का लम्हा होता है। और उसके बाद महिला का शिशु के प्रति लगाव बढ़ता जाता है। पूरी प्रेगनेंसी के दौरान महिला शिशु के नए नए अनुभव को महसूस करती है। और सबसे खूबसूरत वो पहला लम्हा होता है जब शिशु की धड़कन को महिला सुनती है। शिशु के दिल की धड़कन लगभग छह हफ्ते के बाद महिला सुन सकती है। इसे आप डॉक्टर की मदद से सुन सकते हैं, पेट पर हाथ लगाकर आप उसे महसूस नहीं कर सकते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की शिशु के दिल की धड़कन कब आती है और कब आप इसे सुन सकते हैं।

शिशु के दिल की धड़कन कब आती है

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में शिशु की धड़कन छह हफ्ते बाद आ जाती है, लेकिन यह पूरी तरह से आपकी गर्भधारण की तिथि पर और गर्भ में शिशु के विकास पर निर्भर करता है। और आप चाहे तो डॉप्लर की मदद से अपने डॉक्टर की सहायता लेकर इसे सुन भी सकते हैं। लेकिन यदि आप इसे पूरी तरह से सुनना चाहते हैं तो आप ग्यारह से तेरह हफ्ते के स्कैन के दौरान इसे सुन सकते हैं। और जब भी आप डॉक्टर के पास चेकअप करवाने के लिए जाती है तो डॉक्टर स्टेथोस्कोप की मदद से गर्भ में शिशु की धड़कन जांच करती है, और आप इसे हर बार सुन भी सकते हैं।

तो यह हैं गर्भ में शिशु की धड़कन से जुडी कुछ बातें इसके अलावा यदि पहले स्कैन के दौरान आपके शिशु की ढकन नहीं आती है, तो एक हफ्ता रूककर आपको दुबारा जांच करवानी चाहिए। और साथ ही यदि तब भी धड़कन नहीं आती है तो इस बारे में डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

यूट्यूब विडिओ –

गर्भ में शिशु की धड़कन कब आती है? गर्भ में शिशु का दिल कब धड़कता है?

महिलाओं में कमजोरी और आलस्य के कारण और उपाय

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आज कल की बदलती जीवनशैली में यह बात बहुत आम देखने को मिलती है की कम उम्र में ही महिलाएं कमजोरी और आलस्य महसूस करने लगती है। छोटे से काम को करने में बहुत जल्दी थकावट का महसूस होना या उसे करने का मन न होने पर भी करने के कारण चिड़चिड़ापन भी बहुत अधिक होने लगता है। और कमजोरी और आलस होने के कारण ऐसा लगता है की बस सोते रहें, लेकिन आपको इन्हे इग्नोर नहीं कारण चाहिए। क्योंकि कई बार यह आपके शरीर में किसी बिमारी के संकेत भी हो सकते हैं। साथ ही ऐसा होने के कारण केवल आप शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित होते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा है की आपके शरीर में कमजोरी के कारण क्या है? आपको कमजोरी और आलस्य आ क्यों रहा है? तो आइये जानते हैं इससे जुडी कुछ बातें।

महिलाओं में कमजोरी और आलस्य होने के कारण

  • शरीर को भरपूर पोषण न मिलने के कारण।
  • खून की कमी होने के कारण भी महिलाओं को यह समस्या हो जाती है।
  • अधिक शारीरिक श्रम करने पर।
  • वजन अधिक होने के कारण या दुबलेपन से ग्रसित होने के कारण।
  • किसी शारीरिक बिमारी जैसे की हदय रोग, थायरॉइड आदि की समस्या से परेशान होने के कारण।
  • प्रेगनेंसी होने पर यह होना आम बात होती है।
  • मानसिक रूप से परेशान होने के कारण।
  • नींद भरपूर न लेने के कारण।

महिलाओं में आलस्य और कमजोरी को दूर करने के टिप्स

महिलाओं में यह समस्या होना आम बात होती है, क्योंकि शरीर में बहुत से हार्मोनल बदलाव होने के कारण, या पोषण की कमी के कारण, या अन्य कारणों की वजह से महिलाओं को इस समस्या से जूझना पड़ सकता है। लेकिन यदि महिलाएं अपनी दिनचर्या को सही करती हैं तो ऐसा करने से उन्हें इन परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की महिलाओं में आलस्य और कमजोरी की समस्या को दूर करने के कौन कौन से उपाय है।

स्वस्थ लें आहार

ज्यादातर महिलाओं में कमजोरी और आलस्य का सबसे बड़ा कारण यही होता है, की वो अपने आहार को सही समय से नहीं लेती हैं। जिसके कारण उनकी बॉडी में भरपूर एनर्जी नहीं होती है, और महिलाओं को कमजोरी और आलस्य जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए महिलाओं को अपने आहार को समय से लेना चाहिए। साथ ही दिन में तीन बड़े मील लेने की बजाय छह छोटे मील लेने चाहिए इसे शरीर में ऊर्जा को बने रहने और आपको फिट रहने में मदद मिलती है। साथ ही आपके आहार में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व शामिल होने चाहिए ऐसा नहीं है की आप जंक फ़ूड को ही बेहतर आहार मान रहें हैं।

नींद भी है जरुरी

लैपटॉप, मोबाइल से फुरसत निकालने पर ही लोगो को सोने के लिए समय मिलता है। ऐसे में यदि महिलाएं भी अपनी नींद के प्रति लापरवाही करती है तो इससे उन्हें बहुत परेशानी होती है। ऐसे में कमजोरी और आलस्य की समस्या से निजात पाने के लिए महिलाओं को दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद लेनी चाहिए। और यदि रात को नींद पूरी नहीं होती है, तो आप चाहे तो दिन में थोड़ी देर सो जाएँ। क्योंकि नींद में कमी केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक परेशानी का भी कारण बनती है।

व्यायाम और योगासन को करें दिनचर्या में शामिल

रात को समय से सोने के बाद महिलाओं को चाहिए की सुबह समय से उठकर आधा घंटा व्यायाम जरूर करें, यदि वो घर के बाहर पार्क आदि में नहीं जा सकती हैं। तो घर की छत पर ही योगासन करें, इससे उन्हें शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक रूप से भी फ्रैश महसूस करने में मदद मिलती है। व्यायाम करने से बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। जिससे आपको फिट रहने में मदद मिलती है। और यदि आपको सुबह के समय परेशानी होती है तो शाम के समय आधा घंटा जरूर व्यायाम व् योगासन कुछ भी करना चाहिए।

वजन रखें नियंत्रित

आज कल तीन में से दो महिलाएं मोटापे की समस्या से जूझ रही है, और मोटापा शरीर में केवल एक नहीं बल्कि कई बीमारियों को आमंत्रित करता है। और इसके कारण आपको आलस्य महसूस होने लगता है, और चाहे आप कितने मोटे हो लेकिन आपको शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की न तो आप अधिक मोटे हो और न ही अधिक पतले क्योंकि दोनों ही तरह से आपको शारीरिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि आपका वजन अधिक है तो उसे कम करने की कोशिश करनी चाहिए, और यदि आप पतले हैं तो आपको पोषक तत्व भरपूर मात्रा में लेने चाहिए ताकि आपको अपने वजन को सही करने में मदद मिल सकें।

पानी का करें भरपूर सेवन

पानी बॉडी के लिए ऊर्जा का काम करता है, शरीर में पानी की कमी भी आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में आपको शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए और एनर्जी से भरपूर रहने के लिए दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी का सेवन करना चाहिए। साथ ही फलों व् उनके रस का सेवन भी करना चाहिए, इससे आपको भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं जिससे आपको फिट रहने में मदद मिलती है।

हरी सब्जियों को करें अपने आहार में शामिल

खून की कमी शरीर में होने के कारण भी आपको आलस्य और कमजोरी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए आपको हरी सब्जियों का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। हरी सब्जियों का सेवन करने से आपको आयरन के साथ प्रोटीन, कैल्शियम व् अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में मिलते हैं। साथ ही आप पालक आदि का सूप बनाकर भी उनका सेवन कर सकते हैं।

तनाव न लें

कई बार मानसिक रूप से परेशान होने के कारण भी आपको शरीर से सम्बंधित इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए आपको चाहिए की आपको खुश रहना चाहिए, यदि कोई परेशानी है तो उसका समाधान करना चाहिए न की उसे अपने दिमाग पर हावी होने देना चाहिए। और यदि आप मानसिक रूप से फ्रैश रहते है तो इससे आपको शारीरिक रूप से भी फिट रहने में मदद मिलती है।

डॉक्टर से राय लें

यदि आपको अधिक कमजोरी रहती है तो इसका कारण कई बार आपको किसी शारीरिक परेशानी या बीमारी का संकेत होना भी हो सकता है। ऐसे में यदि आप असहज महसूस करते हैं तो इसके लिए आपको एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए। और यदि कोई शारीरिक परेशानी है तो जितना जल्दी हो सके आपको इस परेशानी से निजात पाने की कोशिश करनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल यदि महिला करती है, तो ऐसा करने से उन्हें अपनी इस परेशानी से निजात पाकर फिट और हेल्दी रहने में मदद मिलती है। तो यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो इन टिप्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आसानी से इस परेशानी से निजात पा सकती है। और साथ ही यदि आप चाहते हैं की आपको इस परेशानी का सामना न करना पड़े तो आपको कोशिश करनी चाहिए की आप अपनी दिनचर्या को हमेशा सही रखें।

ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के क्या उपाय हैं?

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Causes and Remedies of Oily Skin

आजकल के धूल, प्रदूषित वातावरण, बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण ऑयली स्किन की समस्या बहुत ज्यादा होने लगी है। चेहरे पर आयल सिक्रेशन ग्लैंड्स जब बहुत अधिक मात्रा में आयल का निर्माण करने लगते हैं जिसके कारण चेहरे पर अतिरिक्त तेल इकठ्ठा होने लगता है। इस अतिरिक्त तेल के कारण वाइट हेड्स, ब्लैकहेड्स, मुहांसे, छोटे-छोटे दाने और त्वचा संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।

ऑयली स्किन के कारण

ऑयली स्किन होने पर त्वचा चमकने लगती है और स्किन के पोर्स बड़े हो जाते हैं। इसी कारण इन पोर्स में गंदगी इकट्ठी होने लगती है और ब्लैकहेड्स आदि की समस्या हो जाती है। इन सबके के आलावा, अनुवांशिकता, खाने-पीने की आदते, तनाव लेना या किशोरावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण भी स्किन ऑयली हो जाती है। कुछ महिलाओं को मासिक चक्र, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान भी ऑयली स्किन की समस्या हो जाती है।

दोस्तों, ऑयली स्किन से पूरी तरह छुटकारा पाना संभव नहीं लेकिन आप त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त आयल को कम जरूर कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से ऑयली स्किन की समस्या का सामाधान किया जा सकता है।

ऑयली स्किन की समस्या से छुटकारा कैसे पाएं?

गुलाब जल

गुलाबजल को त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह त्वचा पर मौजूद एक्सेस आयल कम करके उसे नियंत्रित करता है। गुलाबजल में भरपूर मात्रा में एंटी-मिक्रोबायल, एंटी-ऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। और ये सभी गुण ऑयली स्किन को सामान्य बनाने में मदद करते हैं।

प्रयोग के लिए थोड़ा सा गुलाबजल रुई से अपने पुरे चेहरे पर लगाएं। इसका इस्तेमाल रात में सोते समय और सुबह नहाने के टाइम करें। स्किन तरोताजा और फ्रेश हो जाएगी।

दही

दही में लैक्टिक एसिड होता है जो डेड स्किन को निकालकर फेस के अतिरिक्त तेल को सोखने का काम करता है। ऑयली स्किन के लिए एक बड़ा चम्मच दही लें और उसमे बिना कुछ मिलाएं उसे अपने चेहरे पर लगा लें। 15 मिनट तक लगे रहने दें और उसके बाद ठंडे पानी से धो लें। 2 दिन में एक बार इस उपाय का प्रयोग करें। स्किन नार्मल हो जाएगी।

मुल्तानी मिट्टी

ऑयली स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी बहुत फायदेमंद होती है। मुल्तानी मिट्टी में मिनरल्स बहुत ज्यादा होते हैं, जो ऑयली स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक स्किन से एक्सेस आयल को सोखकर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है। यह कील और मुहांसों को खत्म करके दाग-धब्बों को हल्का करता है।

प्रयोग के लिए दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक चम्मच दही और दो-तीन बूंद नींबू का रस एक साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पैक को अपने चेहरे पर अच्छे से लगाएं। पैक पूरी तरह सूख जाने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। फेस धोने के बाद क्रीम जरूर लगाएं। स्किन नार्मल हो जाएगी।

नीम

नीम में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्किन से अशुद्धियों और अतिरिक्त तेल को निकालकर उसे साफ़ करने में मदद करते हैं। प्रयोग के लिए नीम की 9-10 पत्तियों को भिगोकर अच्छे से पीस लें। जब इनका पेस्ट बन जाए तो थोड़ी सी हल्दी पाउडर डालकर मिला लें। पेस्ट को पतला करने के लिए आप उसमे पानी की कुछ बूंदे मिला सकते हैं। अब चेहरा धोकर पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। करीब 20 मिनट रखने के बाद चेहरा पानी से धो लें।

संतरे का छिलका

ऑयली स्किन से आयल निकालने और कील-मुहांसों को दूर करने के लिए संतरे के छिलके बहुत फायदेमंद होते हैं। संतरे के छिलके का फेस पैक दाग-धब्बों को दूर करने में भी मदद करता है। प्रयोग के लिए, संतरे के छिलकों को दो-तीन दिन धूप में सूखा लें और फिर उसे पीसकर पाउडर बना लें।

तीन चम्मच संतरे के छिलके के पाउडर में चार चम्मच दूध, एक चम्मच नारियल तेल और चार चम्मच गुलाब जल को एक कटोरी में डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट का इन्तजार करें। उसके बाद चेहरे को पानी से धो लें। समस्या ठीक हो जायगी।

खीरा

खीरा स्किन में शीतलता, कसावट और कोमलता लाता है। खीरे में विटामिन ए, विटामिन ई, मैग्नेशियम और कई मिनरल्स होते हैं जो स्किन के आयल को सोखने का काम करते हैं। प्रयोग के लिए ताजे खीरे की मोटी स्लाइस काटें और उन्हें अपने चेहरे पर अच्छे से रगड़ें। कुछ देर रखें और उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। रोजाना इस उपाय का इस्तेमाल करें ऑयली स्किन नार्मल हो जाएगी।

शहद

शहद स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। शहद स्किन के पोर्स को साफ़ करके बंद करता है और झुर्रियों को भी कम करता है। शहद में मॉइस्चराइजिंग गुण स्किन को पोषण देने में मदद करते हैं। प्रयोग के लिए, फेस पर शहद की एक पतली परत लगाएं। और 15 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। उसके बाद अपना चेहरा धो लें। इस प्रक्रिया को दिन में एक बार जरूर करें। ऑयली स्किन से जल्द छुटकारा मिलेगा।

दोस्तों, इन घरेलु उपायों की मदद से अपनी स्किन को ऑयली स्किन से नार्मल स्किन बना सकते हैं। ये उपाय पूरी तरह घरेलू प्रोडक्ट्स पर बेस्ड हैं इसीलिए इनके कोई हानिकारक दुष्परिणाम भी नहीं है। आप बेझिझक इनका इस्तेमाल कर सकती है।

डिलीवरी के चौबीस घंटे बाद में क्या-क्या होता है?

जब आप प्रेग्नेंट होती है तो आपको अधिकतर लोग यही कहते हैं की डिलीवरी के होते ही सब कुछ ठीक हो जायेगा। लेकिन सच तो यह होता है की ऐसा कुछ नहीं होता है। बल्कि डिलीवरी के बाद भी महिला को बहुत सी परेशानियां होती है साथ ही महिला का शरीर भी बहुत कमजोर हो जाता है। और उन परेशानियों से महिला को तभी निजात मिलता है जब डिलीवरी के बाद महिला भरपूर आराम करती है, अच्छे से अपने खान पान का ध्यान रखती है, आदि। लेकिन डिलीवरी के बाद के जो चौबीस घंटे होते हैं उस दौरान महिला के साथ बहुत कुछ होता है महिला को शरीर में बहुत से बदलाव महसूस होते हैं, परेशानियां होती है आदि। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की डिलीवरी के चौबीस घंटे बाद में महिला के साथ क्या-क्या होता है।

महिला का शरीर होता है सुन्न

डिलीवरी के दौरान महिला को बहुत से इंजेक्शंस लगाए जाते हैं खासकर सिजेरियन डिलीवरी महिलाओं का तो ब्रेस्ट से नीचे का हिस्सा बिल्कुल सुन्न कर दिया जाता है। जिसकी वजह से महिला का शरीर बहुत सुन्न हो जाता है। और शरीर के सुन्न होने के कारण महिला को महसूस होता है जैसे महिला के शरीर में जान ही नहीं है।

ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होती है

यह तो आप जानते ही हैं की प्रेगनेंसी के नौ महीने तक महिला को ब्लीडिंग नहीं होती है लेकिन बच्चे के जन्म के बाद महिला को शुरुआत चौबीस घंटे में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या होती है।

पेट में दर्द

ब्लीडिंग होने के कारण, पेल्विक एरिया और पेट की मांसपेशियों में आये ढीलेपन के कारण डिलीवरी के बाद महिला को पेट में दर्द महसूस हो सकता है। यदि आपको दर्द ज्यादा हो रहा हो तो आपको डॉक्टर को बोलना चाहिए।

कमजोरी

डिलीवरी के कम से कम चौबीस घंटे तक महिला को ऐसा महसूस होता है जैसे की उसके शरीर में बिल्कुल जान नहीं है। और महिला कुछ भी नहीं कर सकती है और महिला बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करती है।

स्तनों से रिसाव

बच्चे के जन्म के बाद स्तन दूध से भर जाते हैं जिसकी वजह से डिलीवरी के बाद महिला चाहे बच्चे को दूध पिला रही हो या नहीं पिला रही हो लेकिन थोड़ा थोड़ा दूध स्तन में से रिसता रहता है। कुछ महिलाओं के तो कपडे भी गीले होने लगते हैं।

उल्टी की समस्या

कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी उल्टी की समस्या होती है जिसके कारण महिला जब उल्टी करने के लिए जोर लगाती है तो इस कारण महिला के शरीर में भी दर्द महसूस होती है।

उठने बैठने में दिक्कत

डिलीवरी के तुरंत बाद वैसे तो महिला को इतनी हिम्मत ही नहीं होती है की वो अपने आप उठ जाये या बैठ जाए, जिसके कारण महिला को परेशानी होती है। ऐसे में इस दौरान महिला को किसी न किसी की मदद की जरुरत होती है। वैसे डॉक्टर्स भी आपको उठने या बैठने की सलाह नहीं देते हैं लेकिन बच्चे को फीड करवाने के लिए आपको बैठना पड़ता है।

यूरिन करने में दिक्कत

यदि आपकी डिलीवरी सिजेरियन हुई है तो आपको यूरिन पास करने जाने ही नहीं दिया जाता है और डॉक्टर द्वारा आपको पाइप लगाई जाती है। लेकिन नोर्मल डिलीवरी के बाद महिला के साथ ऐसा नहीं होता है और उसे अपने आप ही यूरिन पास करना होता है। और डिलीवरी के बाद यूरिन पास करने में महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही यदि आपको यूरिन पास करने में ज्यादा दिक्कत जैसे की जलन या दर्द महसूस हो रहा हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

कपकपी

कुछ महिलाओं को डिलीवरी के तुरंत बाद कपकपी भी महसूस होती है, लेकिन दरें नहीं यह बिल्कुल सामान्य बात होती है। थोड़ी देर आराम करने के बाद महिला बिल्कुल रिलैक्स महसूस करती है।

दवाइयां और इंजेक्शंस

डिलीवरी के पहले चौबीस घंटे के अंदर महिला को कुछ दवाइयां दी जा सकती है इंजेक्शंस लगाएं जाते हैं जो महिला को जल्दी रिकवर होने में मदद करते हैं।

डिलीवरी के बाद शिशु के साथ क्या -क्या होता है?

बच्चे का जन्म होने के बाद शिशु को नर्स या डॉक्टर पहले रुलाने की कोशिश करते है। उसके बाद शिशु को साफ़ किया जाता है। उसके बाद शिशु का वजन, सिर का नाप, हियरिंग टेस्ट (सुनने की क्षमता का टेस्ट) आदि किया जाता है। यदि सब कुछ ठीक होता है तो शिशु को आपको दे दिया जाता है। इसके अलावा शिशु को शुरूआती इंजेक्शंस भी दिए जाते हैं साथ हो डॉक्टर्स अड़तालीस घंटे तक बच्चे पर नज़र रखते हैं की बच्चा स्वस्थ है या नहीं।

तो यह हैं कुछ दिक्कतें जो डिलीवरी के चौबीस घंटे बाद तक महिला को होती है, उसके बाद धीरे धीरे महिला को थोड़ा आराम मसहूस होता है। लेकिन अच्छे से फिट होने के लिए डिलीवरी के बाद महिला को कम से कम एक से डेढ़ महीने तक अच्छे से आराम करना चाहिए।

होली के रंग चेहरे से हटाने के तरीके

होली के पर्व पर रंग न लगे तो त्यौहार का मजा नहीं आता, लेकिन कई बार यह रंग आपके लिए समस्या का कारण बन जाते है। होली खेलते समय कोई भी रंगों के दुष्प्रभावों के बारे में नहीं सोचता। जिसका जहां मन करता है, जैसे मन करता है वहीं रंग लगा देता है। कपड़ों और अन्य हिस्सों तक तो ठीक है लेकिन जब यह रंग आपकी स्किन पर लग जाता है तो ये किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं होता।

होली के दिन रंगों से खेलने का अलग ही मजा होता है लेकिन इसके बाद इन रंगों के दागों को स्किन से छुड़ा पाना वाकई काफी मुश्किल होता है। क्योंकि होली में इस्तेमाल किये जाने वाले रंगों में केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जो स्किन के लिए हानिकारक होते है। होली खेलने के बाद हम सभी अपने चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों से इन कलर्स को हटाने की कोशिशे करते रहते है। जिसके कारण स्किन पर रैशेस और दानें जैसी समस्याएं होने लगती है।holi skin care tips

अगर आप भी अपने चेहरे पर मौजूद होली के रंगों से छुटकारा पाना चाहते है तो उसके लिए आपको अलग तरीकों का इस्तेमाल करना होगा। और आज हम आपको उन्ही तरीकों के बारे में बताने जा रहे है। इनकी मदद से आप होली के रंगों को स्किन से बड़ी आसानी से हटा सकते है। क्योंकि ये सभी उपाय पूरी तरह प्राकृतिक है तो इनके किसी भी प्रोडक्ट का स्किन पर साइड इफेक्ट्स भी नहीं होगा। आइये जानते है इन उपायों के बारे में –

चेहरे से होली के रंग हटाने के उपाय :-

1. बेसन का प्रयोग करें –

बेसन हर किचन में पाया जाने वाला सामान्य घरेलू उत्पाद है जिसकी मदद से स्किन संबंधी बहुत सी परेशानियों को आसानी से दूर किया जा सकता है। चेहरे से होली के रंग हटाने के लिए बेसन, चोकर, दूध और नींबू के रस की कुछ बूंद को एक साथ मिलाकर मिश्रण बना लें। अब इस पैक का इस्तेमाल अपनी स्किन के हर उस हिस्से पर करें जहां रंग लगा है। लगाने के बाद जब यह पैक हल्का सूखने लगे तो हाथों से हल्का गीला करते हुए पैक को रगड़कर छुड़ाने लगे। जब यह पूरी तरह से हट जाए तो साबुन और पानी से अपना फेस धो लें।

2. मुल्तानी मिटटी का इस्तेमाल करें –

बालों से रंग निकालने के लिए इस उपाय का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी मदद से बिना किसी हानिकारक प्रभाव के बालों से होली के रंग निकल जाते है। इसके लिए पानी में मुल्तानी मिटटी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को बालों में लगायें। सूखने का इंतजार करें। सुख जाने के बाद बालों को अच्छी तरह से धोकर साफ़ कर लें। फेस से रंग हटाने के लिए आप इसमें गुलाबजल और दही मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती है।

3. दालों से बनाये स्क्रब –

इस स्क्रब को बनाने के लिए आपको चार से पांच किस्म की दालें और चावलों को अच्छी तरह से मिक्स करके पीस लें। अब इसमें थोडा सा दूध या दही मिला लें और नींबू का रस डालें। अच्छे से मिला लें और जहां-जहां स्किन पर होली का रंग लगा है वहां इसे लगा लें। आप चाहे तो इसमें चन्दन भी मिला सकते है। 5 से 10 मिनट तक इसे लगायें रखें और उसके बाद गिले कपडे से हलके हाथों से स्क्रब करें। स्क्रब के समय पैक को गीला रखने के लिए आप खीरे का प्रयोग कर सकते है।

4. खीरे से बना पैक –how to remove holi colour

स्किन से होली के कलर को हटाने के लिए आप खीरे, गुलाबजल और एप्पल साइडर विनेगर से बने पैक का भी इस्तेमाल कर सकते है। इसके खीरे को कुचकर उसका रस निकाल लें। और इस रस को गुलाबजल और एक चम्मच सेब के सिरके के साथ मिक्स कर लें। अच्छे से मिलाने के बाद पेस्ट को अपने चेहरे पर लगायें। कुछ मिनट इन्तजार करने के बाद पानी से साफ़ कर लें। रंग के सभी दाग अपने आप साफ़ हो जाएंगे।

5. बेसन और मुली का रस करेगा चेहरे को साफ –

इस पैक को बनाने के लिए मुली का रस निकाल लें और इस रस में हल्का सा दूध और बेसन मिला लें। दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर लें। आप चाहे तो बेसन की जगह मैदा का इस्तेमाल भी कर सकते है। अच्छे से मिलाने के बाद पेस्ट को अपने चेहरे पर लगायें। आपका चेहरा पूरी तरह साफ़ हो जाएगा।

6. बादाम तेल और जौ का आटा –

इन दोनों घरेलू उत्पादों की मदद से भी स्किन से होली के रंगों को छुड़ाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले बादाम तेल और जौ का आटा अच्छे से मिला लें। पेस्ट बनने के बाद इसे अपने चेहरे पर लगें और कुछ देर तक स्क्रब करते रहे। स्क्रब करने के बाद पानी की मदद से चेहरा साफ़ कर लें। आपकी स्किन अपने आप साफ़ हो जाएगी।

7. सरसों के दानों का पेस्ट –

त्वचा से होली के रंगों को हटाने के लिए आज भी इस उपाय का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए सरसों के दानों को दरदरा पीस लें। अब उसमे थोडा सा सरसों का तेल मिला लें और इस पेस्ट को अपने चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर 5 से 7 मिनट तक रगड़ें। रगड़ने के बाद पानी से साफ़ कर लें और किसी माइल्ड साबुन से नहा लें। कलर निकल जाएगा।

8. गेहूं का आटा –

गेहूं के आटे की मदद से भी स्किन से होली के रंगों को हटाया जा सकता है। इसके लिए आटे में हल्दी, दूध और गुलाबजल डालकर आता गूँथ लें। अब इस आटे का थोड अथोदा हिस्सा लेकर उसे अपने चेहरे और शरीर पर रगड़ें। 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करें और फिर अच्छे से नहा लें। स्किन से कलर छुट जाएगा।

इन बातों का भी रखें खास ध्यान :-

अगर आप चाहती है की होली खेलते समय आपके बाल, स्किन और नाख़ून आदि खराब न हो तो उसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी होगी। जैसे –

  • होली खेलने से पहले पुरे शरीर पर अच्छे से सरसों का तेल लगा लें। और पुराने कपडे ही पहनें।
  • अगर आप चाहे तो बालों को पूरी तरह कवर भी कर सकती है। अगर कवर करना नहीं चाहती है तो उसके लिए बालों में अच्छे से सरसों या नारियल का तेल लगा लें। इससे बालों में कलर नहीं चढ़ेगा।
  • नाखूनों को रंगों से बचाने के लिए उनपर ट्रांसपेरेंट नेल लगा लें। इसे आपको होली खेलने से पहले करना होगा।
  • पैरों के नाखूनों के लिए आप उनपर जैतून का तेल या ट्रांसपेरेंट नेल पेंट किसी भी उपाय का इस्तेमाल कर सकती है।
  • होली खेलने के लिए ज्यादा गाढे रंगों का इस्तेमाल न करें।
  • स्प्रे आदि के इस्तेमाल से बचें यह स्किन और बालों दोनों के लिए नुकसानदेह होता है।

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गर्भावस्था में उल्टी और चक्कर आने से बचने का उपाय

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में बहुत तेजी से हॉर्मोनल बदलाव आते है, जिसके कारण महिला को गर्भावस्था में महिलाओं को थोड़ी बहुत परेशानी होती रहती है, जैसे की महिलाओं को थकान का अनुभव होना, कई बार कमजोरी महसूस करना, उल्टी आना, सर दर्द व् चक्कर की समस्या होती है, स्वभाव में परिवर्तन आना, कई बार अचानक से पेट में दर्द का अनुभव होना, आदि लेकिन इन्हे देखकर घबराना नहीं चाहिए क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान ऐसा होना आम बात होती है, और ऐसा भी जरूरी नहीं होता है की हर महिला के शरीर में एक ही जैसे बदलाव आएं यह हर महिला के हॉर्मोन्स पर निर्भर करता है, तभी तो कहते है की बच्चे को जन्म देना कसी जंग से कम नहीं होता है, तो आइये प्रेगनेंसी में होने वाली उल्टी व् चक्कर की समस्या से बचने के लिए कुछ टिप्स जानते है।

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vomit during pregnancy

प्रेगनेंसी में उल्टी व् चक्कर आने के कारण:-

  • शरीर में होने वाले तेजी से हार्मोनल बदलाव के कारण आपको ये समस्या हो सकती है।
  • बच्चे के आकार में परिवर्तन आने के कारण शरीर में खून के दौरे में भी बदलाव आते है, जिसके कारण आपको असहज महसूस होने लगता है, और उल्टी व् चक्कर जैसी समस्या होती है।
  • शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने के कारण, या खून की कमी होने के कारण।
  • ज्यादा थकावट, मानसिक परेशानी, व् तनाव के कारण भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी में उल्टी से बचने के उपाय:-

अदरक का इस्तेमाल करें:-

यदि आप अदरक के रस को नमक के साथ या निम्बू के रस के साथ एक चम्मच मिलाकर इसका सेवन करते हैं, तो आपको प्रेगनेंसी में होने वाली उल्टी की समस्या से बचने में मदद मिलती है, साथ ही आपको कमजोरी और सर दर्द से भी राहत मिलती है।

जीरा का प्रयोग करें:-

जीरा का प्रयोग करने से भी आपको प्रेगनेंसी में होने वाली उल्टी की समस्या से बचने में मदद मिलती है, इसके लिए आप आधा चम्मच जीरे में या उसके पाउडर में आधा चम्मच शहद और इमली का रस मिलाएं, आप इसका सेवन सुबह कर लें, आपको सारा दिन आराम महसूस होगा।

करी पत्ते का प्रयोग करें:-

इसके उपयोग के लिए आप एक चम्मच करी पत्ते के रस में, एक चम्मच निम्बू का रस और शहद मिलाएं, उसके बाद जब भी आपको लगे की आपको उल्टी आने वाली है तब इसका सेवन करें, या नियमित सुबह इसका सेवन कर लें आपको राहत मिलेगी।

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पुदीने के रस का इस्तेमाल करें:-

पुदीने के रस में निम्बू का रस और शहद मिलाकर इसका सेवन करें आपको इस समस्या से बचने में मदद मिलेगी, साथ ही यदि आपको उल्टी की समस्या ज्यादा होती है, तो इससे बचने के लिए आप दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करें धीरे धीरे आपको इससे राहत मिल जाएगी।

सेब का सेवन करें:-

प्रेगनेंसी में नियमित सुबह उठकर सेब का सेवन करने से आपको उल्टी की समस्या से निजात मिलता है, साथ ही आपको इसमें मौजूद पोषक तत्वों से फायदा होता है, जिससे आपको कमजोरी महसूस नहीं होती है।

बिस्कुट का सेवन करें:-

नियमित सुबह उठते ही आप सबसे पहले बिस्कुट का सेवन करें, आपको फायदा मिलेगा, और इसके कारण आपको उल्टी आने की समस्या से निजात पाने में भी मदद मिलेगी।

प्रेगनेंसी में चक्कर की समस्या से बचने के उपाय:-

  • यदि आप बैठे हुए होते है या लेटे हुए होते है, तो आप अचानक से नहीं उठना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपको चक्कर आ सकते है, आपको आराम से उठना चाहिए ताकि आपके शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से हो सकें।
  • यदि आप अधिक काम करते है, और अपने शरीर को आराम नहीं देते है तो इसके कारण भी आपके शरीर में कमजोरी आ जाती है, जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है।
  • ज्यादा गर्म स्थान पर न बैठे क्योंकि इसके कारण आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है।
  • पानी का भरपूर सेवन करें जिससे आपको हाइड्रेट रहने में मदद मिलें, और आपको चक्कर आदि की समस्या न हो।
  • ज्यादा भागदौड़ वाला काम न करें इससे आपकी सांस फूल जाती है, जिसके कारण दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, और आपको चक्कर आ सकते है।
  • पीठ के बल सोने वाले काम से परहेज करें, ताकि आपके शरीर में ब्लड फ्लो में कोई बाधा न पड़ें।
  • पोषक तत्वों की कमी के कारण भी ये समस्या हो जाती है, इसीलिए आपको अपने आहार के साथ लापरवाही न करते हुए मिनरल्स युक्त आहार का सेवन करना चाहिए जिससे आपको पोषण मिल सकें और कमजोरी के कारण आपको ये समस्या न हो।
  • ज्यादा समस्या होने पर एक बार डॉक्टर से राय जरूर लें।

तो ये कुछ उपाय है जिसके कारण आपको प्रेगनेंसी में आने वाली चक्कर और उल्टी की समस्या से राहत मिलती है, इसके अलावा आपको अपने खान पान का ध्यान रखना चाहिए, हलकी फुलकी सैर करनी चाहिए तनाव नहीं लेना चाहिए, ऐसा करने से भी आपको फिट रहने में मदद मिलती है, और इसका असर आपके शिशु पर भी पड़ता है, जिससे उसे भी हष्ट पुष्ट और तंदरुस्त रहने में मदद मिलती है।

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चींटी भगाने का तरीका ये है

घर में चींटियों का होना आम बात होती है और आपके घर में इनकी पसंद का स्थान वो होता है जहां इन्हे मीठा मिलता है। चींटी लाल भी हो सकती है और काली भी, लाल चींटी यदि आपको काट लेती है तो आपको बहुत दर्द का आभास होता है। यह बहुत छोटी होती है इसीलिए आसानी से कहीं भी घुस जाती है, जैसे की कई बार आपके खाने के डिब्बे में रोटी के ऊपर, या फिर आपकी मिठाइयों आदि के बीच घुस जाती है। जिसके कारण आपका सब कुछ खराब हो जाता है। ऐसे में इन्हे देखकर गुस्सा आने के साथ घिन भी आती है। क्योंकि खाने पीने की चीजों का खराब होना किसी को भी अच्छा नहीं लगता है, और फिर आपको उस पूरे खाने के सामान को बाहर फेंकना पड़ता है।

आपके घर में रहने वाली चींटी आपके ही घर में अपने लिए छोटा घर में बना लेती है, और उसके बाद इसके दोस्त भी वहीँ आकर रहने लगते है। जैसे की आपने देखा होगा की जब यह दीवार पर चलती है तो एक लम्बी लाइन इसके पीछे चलती है, ऐसे में यदि आपको इन्हे खत्म करना है तो इनके घर का ठिकाना ढूंढ़ना चाहिए। फेरोमोन्स की मदद से चींटी रास्ता बनाती है और दूसरी चींटियों को रास्ता दिखाती है। यह एक प्रकार का केमिकल होता है जो कीट पतंगे व चीटियाँ उत्सर्जित करते है। और यह दूसरी चींटियों तक सन्देश को पहुंचाती है। जहां भी इन्हे कुछ खाने का सामान देखता है तो यह अपने दूसरे साथियों को बता देती है और वहां यह इक्कठी होने लग जाती है।

चींटी भागने के आसान उपाय:-

घर में चींटियों का होना बहुत बड़ी परेशानी होती है। क्योंकि यह आपके खाने को तो खराब करती ही हैं साथ ही चींटी यदि आपकी स्किन पर काट लें, तो आपको बहुत दर्द व् खुजली होने लगती है। साथ ही घर में यदि बच्चे हो तब तो आपको इनका खास ख्याल रखना चाहिए। क्या आप भी चींटियों से परेशान हैं? यदि हाँ तो आइये जानते हैं चींटियों से बचने के कुछ आसान उपाय कौन से है।

सफ़ेद सिरके का करें प्रयोग:-

इस उपाय को करने के लिए आप अपने पूरे घर में पानी में सिरका मिलाकर अच्छे से पोछा लगाएं। या फिर आप घर में पानी और सिरके को बराबर मात्रा में मिलाकर फर्श, दीवार व् अन्य जगह पर स्प्रे कर दें इससे भी आपको चींटियों को भगाने में मदद मिलती है।

दालचीनी से भी भगा सकते हैं चींटियों को:-

इस उपाय को करने के लिए आप एक कप पानी में पानी के चौथे हिस्से जितना दालचीनी का तेल डाल दें, और उसे अच्छे से मिक्स कर लें। उसके बाद रुई की मदद से जहां को चींटियां दिख रही है वहां रुई से साफ़ करें दालचीनी की स्मैल से चींटियां भाग जाएंगी। इस उपाय को जब तक करें जब तक की आपके घर से चींटियां गायब न हो जाएँ। इसके अलावा जहां से चींटियां आती है वहां दालचीनी का पाउडर भर दें, चींटियों के रहने का स्थान ही खत्म हो जायेगा और आपको इस समस्या से राहत मिलेगी।

निम्बू भी है चींटियों को भगाने का असरदार उपाय:-

जहां भी आपको चींटियां दिखती है वहां पर निम्बू को काटकर रगड़ दें। उसके बाद चींटियों ने जहां पर अपना बसेरा बना रखा हैं वहां पर निम्बू की स्लाइस को काटकर रख दें। इस उपाय को करने से भी आपको चींटियों को भगाने में मदद मिलती है और इस उपाय को जब तक करें जब तक की आपके घर से चींटियां भाग न जाएँ।

पुदीने का तेल इस्तेमाल करें:-

पुदीने की गंध भी चींटियों को भगाने में आपकी मदद करती है। इसके लिए आप एक कप पानी में थोड़ा सा पुदीने के तेल मिलाएं और उसे स्प्रे करने वाली बोतल में डाल लें। उसके बाद उन सभी जगह पर स्प्रे करें जहां पर आपको चींटियां दिखाई देती है। ऐसा करने से आपको चींटियों को भगाने में मदद मिलती है।

लाल मिर्च का इस्तेमाल करें चींटियों को भगाने के लिए:-

यदि आपके घर में चींटियां आ गई है तो हल्दी और लाल मिर्च को बराबर मात्रा में मिलाकर उस स्थान पर गिरा दें। ऐसा करने से चींटियां तुरंत वहां से भाग जाएंगी लेकिन घर में यदि कोई छोटा बच्चा है तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए।

तेजपत्ते का इस्तेमाल करें:-

चींटियां मसालों की गंध से हमेशा दूर भागती है, ऐसे में यदि आपकी किचन या अन्य जगह पर चींटियां आती है तो उस जगह पर आप तेज पत्ता रख दें। चींटियां वहां से कहां गायब हो जाएँगी आपको पता भी नहीं चलेगा।

काली मिर्च से भी भागती है चींटियां:-

एक कप पानी में एक चम्मच काली मिर्च का चूर्ण डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। उसके बाद इसे एक स्प्रे बोतल में डालें और उस जगह पर छिड़काव करें जहां पर चींटियों की समस्या अधिक है। ऐसा करने से आपको इस समस्या से राहत आपने में मदद मिलती है।

बर्तन धोने वाले साबुन का करें इस्तेमाल:-

गुनगुने पानी में बर्तन धोने वाला साबुन मिलाएं और उसके बाद इसे अच्छे से पूरे घर में पोछा लगाएं। या फिर ज्यादा चींटियां है तो इस पानी को उस स्थान पर बिखेर दें, बर्तन धोने वाले साबुन की गंध इतनी तेज होती है की इसे सूंघ

कर चींटियां अपने आप ही भाग जाती है।

कॉफ़ी पाउडर का प्रयोग करें:-

कॉफ़ी पाउडर की गंध भी बहुत तेज होती है ऐसे में यदि आप चींटियों के बिल के आस पास यदि कॉफ़ी पाउडर का छिड़काव करते हैं तो इससे चींटियों को भगाने में मदद मिलती है।

कपूर भी है चींटियों को भगाने का असरदार उपाय:-

कपूर की गंध इतनी तेज होती है की चींटियां इससे बहुत दूर भागती है। ऐसे में यदि आप चींटियों वाले स्थान पर कपूर रखते हैं तो इससे चींटियों को भगाने में मदद मिलती है।

चींटियों को घर में आने से रोकने के अन्य उपाय:-

  • घर के सभी हिस्सों की साफ़ सफाई का ध्यान रखें।
  • खाने के सामान को कभी भी खुला न छोड़े, खास कर मीठे को अच्छे से ढक कर व् डिब्बों को टाइट बंद करके रखें।
  • यदि आपकी खिड़की का दरवाजे पर कोई दरार है जहां चींटियों ने अपना घर बना लिए है तो पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल व् अन्य किसी चीज का इस्तेमाल करके उस दरार को भर दें।
  • बर्तन साफ़ करते समय जूठन को वहां न छोड़ें, बल्कि उस जगह को अच्छे से साफ करें।
  • कूड़ेदान को कूड़े में डालें, यदि बच्चा कुछ मीठा खाकर उस बर्तन को वहां छोड़ देता है तो उस जगह को अच्छे से साफ करें।
  • जिन जगह पर चींटियों ने अपना घर बनाया है उन सभी जगह पर हल्दी को भर दें, इससे चींटियां वहां नहीं आएगी।
  • घर के फर्श पर मीठा न पड़ा रहने दें, बल्कि अपने घर की फर्श, अलमारी आदि को अच्छे से साफ रखें।
  • घर की किसी दीवार या फर्श के कोनो में कोई छेद आदि हो गया हो तो उसे तुरंत बंद कर दें क्योंकि ऐसी ही जगह पर चींटियां अपना घर बनाती है।
  • जहां पर भी आपको चींटियां नज़र आती हैं वहां पर मक्के का आटा डालें, इस उपाय को करने से भी आपको चींटियों को भगाने में मदद मिलती है।
  • सेब के सिरके में चाय की पत्ती को डालकर अच्छे से मिक्स करें अब इसे उस स्थान पर डालें जहां पर चींटियां है इससे चींटियां खुद ही भाग जाएंगी।

तो यह हैं कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करके आप अपने घर में चींटियों को आने से रोक सकते है। इसके अलावा आप अपने घर में कहीं भी मीठे व् अन्य खाने के सामान को बिखेर कर न रखें क्योंकि चींटियों के झुण्ड को बिखरे हुए सामान पर इकट्ठे होने में समय नहीं लगता है। और फिर इनकी संख्या कैसे घर में बढ़ जाती है इसके बारे में तो आप कुछ ही नहीं सकते है।

गर्म पानी का सेवन आजकल क्यों जरुरी है प्रेगनेंसी में?

गर्भावस्था में हर चीज के लिए सलाह दी जाती क्या खाना है, क्या नहीं, कब खाना है, कब पीना है, कब सोना है आदि लगभग हर टॉपिक पर हर कोई हमे सलाह देता है। इन सभी सलाहों में से एक सलाह सबसे बेहतर होती है पानी पीने की मात्रा को लेकर। पानी की अच्छे मात्रा का सेवन गर्भावस्था के लिए बहुत ही जरुरी है।

परन्तु गर्भवती महिला को पानी के लिए भी मन में सवाल उठ जाते है जैसे की गर्म पानी पीना अच्छा है या ठंडा पानी पीना। यह सवाल बहुत ही अच्छा भी है। गर्भावस्था में पानी की सहीं मात्रा का सेवन हमारे शरीर और शिशु के लिए बेहद जरुरी है। इसी तरह अगर पानी के टेम्परेचर गर्म हो तो यह गर्भवती महिला के लिए और भी फायदेमंद होता है।

खासतौर पर आजकल जब के हमारे आसपास का वातावरण बहुत ही प्रदूषित है। आजकल सभी लोगों को वायरल, फ्लू बहुत आसानी से पकड़ लेता है। ऐसे में गर्भवती महिला जिनकी इम्युनिटी पावर कम हो चुकी है उनके लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। इस समय में गर्भवती महिला को गर्म पानी के सेवन से बहुत फायदा मिलेगा। आइये जानते है गर्म पानी के क्या क्या फायदे है।

डेटोक्सिफिकेशन

डेटोक्सिफिकेशन का मतलब होता है शरीर की सभी खराब बैक्टीरिया और जर्म्स को बाहर निकलना। गर्म पानी पीने से हमारे शरीर के सभी खराब टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है। गर्भवती महिला के शरीर से जब सभी बैक्टीरिया खत्म हो जाते है तो नुट्रिएंट्स आराम से एब्सॉर्ब हो जाते है।

पाचन

गर्भावस्था में गर्म पानी के सेवन सेपाचन क्रिया अच्छी हो जाती है। गर्म पानी शरीर के सभी बॉडी पार्ट्स में से टॉक्सिन्स साफ़ करता है जिससे खाना अच्छे से पचने में मदद मिलती है। गर्म पानी शरीर के फैट को भी खत्म करने के लिए जाना जाता है। गर्म पानी के सेवन से पाचन क्रिया अच्छी होने के साथ साथ कब्ज की समस्या भी ख़त्म हो जाती है।

उलटी

गर्भावस्था में उलटी आना और जी मचलाना बहुत ही नार्मल माना जाता है। यह सब परेशानिया ज्यादातर डिहाइड्रेशन के कारण होती है। अच्छी मात्रा में पानी के सेवन से शरीर हाइड्रेट होता है और जी घबराना, मचलना व उलटी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

जुकाम और फ्लू

प्रेगनेंसी के दौरान अकसर डॉक्टर सलाह देते है के हमे हर चीज से बचकर रहना है जिससे सर्दी, खांसी, जुकाम और फ्लू ना हो पाए। क्योंकि इनमें से कोई भी परेशानी होने पर हमारे शिशु पर भी असर होता है। खासतौर पर बदलते मौसम में, इसके लिए जरुरी है के हम गर्म पानी का सेवन करें। ऐसा करने से गले का इन्फेक्शन, कोल्ड, फ्लू आदि होने का खतरा कम हो जाता है।

हाइड्रेशन

गर्भावस्था में गर्म पानी के सेवन से शरीर बहुत बेहतरीन तरीके से हाइड्रेट होता है। जिससे गर्भावस्था के नार्मल हार्मोनल बदलाव आसानी से हो जाते है।

सूजन

गर्म पानी का सेवन करने से गर्भवती महिला के हाथों और पैरो में सूजन आने का खतरा कम हो जाता है। शरीर में कम बैक्टीरिया और होने से हर चीज का खतरा कम होता है।

पपीता खाने के फायदे

मौसम के अनुसार फलों का आना जाना लगा रहता है लेकिन एक ऐसा फल भी है जो आपको ज्यादातर हर मौसम में मिल जाता है। और वो फल है पपीता, पपीते का स्वाद खाने में मीठा होता है। और जब आप इसे काटते हैं तो इसमें छोटे छोटे काले काले बीज निकलते हैं, और कई लोग तो पपीते का पेड़ अपने घरों में भी लगाकर रखते हैं। साथ ही पपीता पोषक तत्वों की खान होता है और यदि आप इसका सेवन करते हैं तो इससे आपको बहुत से स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे भी मिलते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं जो पपीते का सेवन करने से आपको मिल सकते हैं।

विटामिन सी

पपीते में विटामिन सी की मात्रा मौजूद होती है जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करती है। जिससे आपको बिमारियों व् किसी भी तरह के संक्रमण से बचे रहने में मदद मिलती है। तो ऐसे में आपको रोजाना कम से कम एक कटोरी पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए।

फाइबर

पपीते में फाइबर व कई एंजाइम की मात्रा भी मौजूद होती है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। जिससे खाने को अच्छे से हज़म करने में, कब्ज़ की समस्या से, पेट में गैस, भूख की कमी आदि सभी परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है।

वजन

बढ़ते वजन से आजकल हर दूसरा व्यक्ति परेशान होता है और इसके लिए वो बहुत कुछ करते भी है। ऐसे में पपीते को अपनी डाइट में शामिल करना उनके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि पपीते का सेवन करने से पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के साथ वसा के जमाव को बॉडी में कम करने में मदद मिलती है। जिससे वजन को कम करने में फायदा मिलता है।

कोलेस्ट्रॉल

यदि आप कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान हैं तो आपको अपनी डाइट में पपीते को जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि पपीते में मौजूद डाइट्री फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल करने में मदद करते हैं।

विटामिन ए

पपीते में विटामिन ए की मात्रा भी मौजूद होती है जो आँखों की रौशनी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में यदि आप पपीते का सेवन रोजाना करते हैं तो इससे आपकी आँखों की रौशनी बढ़ती है इसीलिए बच्चों को भी पपीता जरूर खिलाना चाहिए।

पीरियड्स के लिए है फायदेमंद

यदि किसी महिला का पीरियड्स अनियमित होता है तो उस महिला या लड़की को पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि पपीते का सेवन करने से पीरियड्स को रेगुलर करने में मदद मिलती है।

ब्लड प्रैशर

पपीते में पोटैशियम की मात्रा भी मौजूद होती है जो बॉडी में ब्लड फ्लो को बेहतर करने के साथ ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल करने में भी मदद करती है। साथ ही पपीते का सेवन करने से हदय को स्वस्थ रहने में भी मदद मिलती है।

त्वचा के लिए

यदि आप चाहे तो पपीते से अपनी ख़ूबसूरती भी बढ़ा सकती है। इसके लिए आप पपीते को पीसकर अपने चेहरे या बॉडी के अन्य हिस्सों पर लगाएं। उसके थोड़ी देर बाद चेहरे को साफ़ कर लें, ऐसा हफ्ते में कम से कम दो बार करें आपको अपनी ख़ूबसूरती में फ़र्क़ जरूर महसूस होगा।

तो यह हैं कुछ फायदे जो आपको पपीते का सेवन करने से मिल सकते हैं। ऐसे में पपीते के बेहतरीन फायदों के लिए और स्वस्थ रहने के लिए आपको पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए।