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गर्मियों में प्रेगनेंट महिलाये अंडर-गारमेंट्स पहनने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

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प्रेगनेंसी में अंडर-गारमेंट्स किस तरह के होने चाहिए

गर्मियों में टाइट फिटिंग कपड़े हम सभी को परेशान करते है। ऐसे में अगर बात करें हम एक प्रेगनेंट महिला तो उनके लिए कितना मुश्किल होगा फिटिंग के कपड़े पहनना। आप खुद सोच कर देखिये एक गर्भवती महिला जिसके शरीर में बहुत सारे हार्मोन्स बदलाव हो रहें है, वेट बढ़ रहा है, ऊपर से चिलचिलाती गर्मी ऐसे में उन्हें टाइट फिटिंग के कपड़े पहनना हो।

गर्भवती महिला के लिए ब्रा और पैंटी

गर्भावस्था के दौरान बाकी सभी कपड़े तो हम ढीले पहन ही लेते है लेकिन अंडर-गारमेंट्स का क्या किया जाए वह तो फिटिंग के ही पहनने पड़ते है। कई बार गर्भवती महिलाओं को गर्मियों में अंडर-गारमेंट्स के कारण इतनी घबराहट होने लगती है के वह ना तो ठीक से कुछ खा सकती है ना पि सकती है और ना ही सहीं ढंग से सो पाती है।

तो चलिए जानते है गर्भवती महिलाओं को गर्मियों अंडर-गारमेंट्स पहनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सहीं साइज : प्रेगनेंसी में ब्रा और पैंटी की साइज का रखें ध्यान

  • प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं का नाप बढ़ता और घटता रहता है ऐसे में एक नंबर बड़े अंडर-गारमेंट्स का चुनाव सही रहता है।
  • गर्मियों में गर्भवती महिलाओं को ज्यादा टाइट ब्रा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • ऐसा करने से रक्त संचरण रुक सकता है।
  • सोते समय टाइट ब्रा पहनने से सीने में जलन और बेचैनी भी हो सकती है।
  • गर्भावस्था में ज्यादा टाइट और फिटिंग वाली ब्रा पहनने से सूजन आने का भी डर रहता है।

अंडर-गारमेंट्स का कपड़ा कैसा होना चाहिए

  • गर्भवती महिला को गर्मियों में अंडर-गारमेंट्स खरीदते समय उनके कपड़े का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
  • सिंथेटिक, लिनेन या नेट की फैंसी ब्रा और पैंटी को नहीं पहनना चाहिए।
  • सिंथेटिक या फैंसी ब्रा पहनने से गर्भवती महिलाओं को गर्मियों में बहुत पसीना आता है और घबराहट होने लगती है।
  • गर्मियों में गर्भवती महिलाये इलास्टिक वाले ब्रा पहनने से बचें।
  • सिंपल और कॉटन की ब्रा और पैंटी गर्भवती महिलाओं के लिए गर्मियों में आरामदायक होती है।
  • कॉटन के कपड़े और कपड़ो की तुलना में ठन्डे भी होते है।

रात को अंडर-गारमेंट्स के बिना सोने के फायदे प्रेगनेंसी में

  • यदि गर्भवती महिलाओं के गर्मियों में ब्रा पहनने में बहुत परेशानी हो रहीं है तो रात के समय इसे उतार दे।
  • किसी कारणवश ब्रा पहनना बहुत जरुरी है तो गर्भवती महिलाये स्पोर्ट्स ब्रा भी चुन सकती है।
  • सोते समय ब्रा पहनने से पसीना आता है जिससे गर्भवती महिला को बेचैनी हो सकती है।
  • नींद ना पूरी होने से प्रेगनेंट महिला का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है।
  • सोते समय ब्रा पहनने से होने वाली हानियों से बचने के लिए रात में ढीली ढाली ब्रा पहने।
  • स्पोर्ट्स ब्रा पहनने से आपकी स्तनों पर ज्यादा दबाव भी नहीं पड़ता है।

आशा है ऊपर बताई गयी सभी बातें गर्भवती महिलाओं को इस आने वाली गर्मियों में कुछ राहत देंगी।

होली पर ऐसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल

Holi Skin Care Tips

होली रंगों का त्यौहार है। जिसे सभी बड़ी धूम धाम से मनाते हैं। पुरे सालभर में केवल एक यही त्यौहार होता है जब सभी लोग होली के रंग में सराबोर होते हैं। सभी अपने-अपने तरीके से होली एन्जॉय करते हैं। जहाँ बच्चे पानी और गुब्बारों से होली का मजा लेते हैं। वहीं बड़े, बूढ़े अबीर, गुलाल और प्राकृतिक रंगों से अपना पर्व एन्जॉय करते हैं।

होली का नाम सुनते ही रंग, गुंजियां, पानी, म्यूजिक और डांस ये पांचों चीजें दिमाग में घूमने लगती हैं। सारी टेंशन भुलाकर बस होली खेलने का मन करने लगता है। पूरी मौज मस्ती करने के बाद जो सबसे बड़ी समस्या सामने आती है वो है त्वचा और बालों में लगा रंग। बालों का रंग तो फिर भी शैम्पू से धुल जाता है, लेकिन त्वचा पर लगे कलर के धब्बे साफ़ ही नहीं होते। इसीलिए कई बार लोग होली खेलने से कतराने लगते हैं।

पर क्या आप जानते हैं की कुछ टिप्स हैं जिनकी मदद होली खेलने के साथ-साथ त्वचा और बालों की भी केयर कर सकते हैं। जी हां, आज हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं जिनकी मदद से आप बेझिझक होली खेल पाएंगे और होली का रंग त्वचा पर भी नहीं चढ़ेगा।

होली पर त्वचा का ख्याल कैसे रखें?

स्किन के लिए

होली के रंगों को त्वचा पर लगने से बचाने के लिए होली खेलने से 1 घंटे पहले त्वचा पर अच्छे से मॉइस्चराइजर लगा लें। उसके बाद जब आप घर से होली खेलने के लिए निकलें तो एक बार फिर से लोशन लगा लें। इससे स्किन पर मॉइश्चराइजर की परत बन जाएगी। जिससे होली के रंग सीधे त्वचा पर न लगकर मॉइश्चराइजर की परत पर लग जाएंगे और जब आप पानी से धोएं तो कलर अच्छी तरह निकल जाएगा।

हाथ-पैरों के लिए

अपने हाथ-पैरों को कलर से बचाने के लिए आप उनपर सरसों का तेल या नारियल तेल लगा सकती हैं। ये स्किन पर कलर नहीं लगने देता और कलर्स के कारण होने वाली स्किन ड्राइनेस से भी बचाता है। फेस पर सरसों के तेल का इस्तेमाल नहीं करें।

होठों के लिए

होंठो को रंगों से बचाने के लिए अच्छी तरह लिप बाम लगा लें। आप चाहे तो लिपस्टिक भी लगा सकती हैं। पर लिप बाम लगाएंगी तो बेहतर होगा। क्यूंकि लिप बाम में त्वचा को मॉइश्चराइज करने के गुण भी होते हैं। जो लिप्स को ड्राई होने से बचाते हैं।

नेल्स के लिए

होली खेलते समय नाखूनों पर कलर लग जाता है जिसे बाद में छुड़ाने में काफी समय लग जाता है। इस परेशानी से बचने के लिए आप होली खेलने जाने से पहले नाखूनों पर नेल पेंट की दो कोट लगा लें। ताकि कलर नेल्स को हानि न पहुंचा सके। और जब होली खत्म हो जाए तो उस नेल पेंट हटा दें।

बालों के लिए

बालों को रंगों से बचाने के लिए होली से एक दिन पहले बालों में अच्छी तरह तेल लगा लें। इससे कलर बालों और स्कैल्प में नहीं लगेगा और जब आप बाल धोएंगी तो कलर पूरी तरह निकल जाएगा।

सनस्क्रीन लगाएं

होली हमेशा खुले एरिया में खेली जाती है और इस दौरान धूप बहुत ज्यादा होती है। जो स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे बचने के लिए आप फेस और हाथों पर सनस्क्रीन लोशन लगा लें। सनस्क्रीन वाटरप्रूफ लगाएं तो बेहतर होगा। यह स्किन पर लंबे समय तक टिका रहेगा और कलर के प्रभाव भी नहीं पड़ने देगा।

स्किन टोनर लगाएं

होली खेलने जाने से पहले स्किन पर टोनर जरूर लगा लें। टोनर स्किन पोर्स को बंद करता है जिससे रंग त्वचा के अंदर बहुत कम पहुँचता है और स्किन कलर से सुरक्षित रहती है।

ढके हुए कपडे पहनें

होली के रंगों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए फुल स्लीव्स के कपडे पहनें ताकि कलर स्किन पर कम से कम लगे।

नेचुरल कलर यूज करें

इन सभी टिप्स के साथ-साथ आपको ये भी ध्यान रखना है की होली खेलने के लिए आप नेचुरल रंगों का इस्तेमाल करें। ज्यादा डार्क और केमिकल वाले रंगों के इस्तेमाल से स्किन पर प्रभाव पड़ता है। बेहतर यही है की हलके और नेचुरल रंगों का इस्तेमाल करें। इन्हे हटाना आसान होता है और ये त्वचा के लिए भी अच्छे होते हैं।

तो ये थे स्किन को होली के रंगों से बचाने की कुछ खास टिप्स। इन टिप्स की मदद से आप अपनी स्किन और बालों को रंगों के दुष्प्रभावों से बचा सकते हैं और बेझिझक होली एन्जॉय कर सकते हैं।

दुबली पतली हैं? ये हैं वजन बढ़ाने के तरीके

शरीर का मोटा होना जितना लोगो को नापसंद होता है, उतना ही शरीर के पतले होने के कारण लोगो को उपहास का शिकार होना पड़ता है। अब यदि आपका वजन अधिक है तो परेशानी अगर आप दुबले हैं तो दिक्कत! क्योंकि दुबले शरीर पर न तो कपड़े अच्छे से फिट होते हैं, और न ही वो आकर्षक लगते है। बल्कि उन्हें देखकर कई बार लोग उलटे सीधे कमेंट कमेंट करने लगते हैं। और वो भो सोचते हैं की अच्छे से आहार लेने के बाद भी उनका वजन क्यों नहीं बढ़ता है? कई लोग दुबले शरीर को फिट करने के लिए टीवी में आ रहे विज्ञापनों या बाजार में आए रही दवाइयों पर विश्वास करके उनका सेवन शुरू कर देते हैं। जो की आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। तो आइये जानते हैं की अधिक दुबले होने के क्या कारण होते हैं और साथ ही आपके वजन बढ़ाने के लिए भी आपको कुछ टिप्स देते हैं।

इन्हें भी पढ़ें:- वजन घटाने का सही तरीका क्या है ? इसे आजमाए और कुछ दिनों में ही वजन कम करें

दुबले पतले होने के क्या कारण होते हैं:-

  • शरीर में किसी तरह की बिमारी होने के कारण आपका वजन नहीं बढ़ता है।
  • शरीर को सही से पोषण न मिलने पर।
  • आहार में लापरवाही करने पर।
  • शारीरिक श्रम के अनुसार भोजन करने पर।
  • तनाव के कारण।
  • शुगर के रोगियों को भी ये समस्या हो सकती है।

वजन बढ़ाने के तरीके:-

प्रोटीन की मात्रा अधिक लें:-

प्रोटीन डाइट का भररपुर सेवन करने से आपका वजन बढता है साथ मासपेशियों की ताकत बढ़ती है। इसके लिए आप दूध, चीज, मूंगफली, बटर, खजूर, दालें, बींस व् ने प्रोटीन युक्त आहार आदि का सेवन करते हैं तो इससे आपका वजन बढ़ने में मदद मिलती हैं। इसके आलावा नियमित सुबह बनाना मिल्‍क शेक और शाम को मैंगो शेक का एक गिलास वजन बढाने में आपको फायदा मिलता है।

बादाम का सेवन करें:-

बादाम में आयरन, कैल्शियम व् अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। जो आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। इसके सेवन के लिए आप रात को बादाम भिगोकर रख दें। उसके बाद सुबह उठकर बादाम को छीलकर पीसलें, उसके बाद उसमे एक चम्मच मक्खन और मिश्री मिलाकर नियमित सुबह एक गिलास गरम दूध के साथ उसका सेवन करने से आपको अपना वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

शहद का सेवन करें:-

आपकी पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के साथ आपके वजन को बढ़ाने में भी शहद बहुत मदद करता है। इसके लिए आप नियमित सुबह एक गिलास गरम दूध में एक चम्मच शहद डालकर उसका सेवन करें। इससे आपको फायदा मिलता है।

इन्हें भी पढ़ें:- घटे हुए वजन को बरक़रार रखने के ये है सही तरीके

आलू का सेवन करें:-

आलू जैसी जड़ों वाली सब्जी में कार्बोहाइड्रेट्स, शुगर और फैट की मात्रा भरपूर होती है जिससे स्वस्थ रूप से फैट मिलता है। यदि आप निश्चित मात्रा में पके हुए या ग्रिल्ड आलू का सलाद में, सैंडविच या अन्य किसी रूप में आलू को फ्राई करके उसका सेवन करें। नियमित ऐसा करने से आपको अपने वजन को बढ़ाने में मदद मिलती है।

व्यायाम करें:-

आपके शरीर का वजन कम करके आपको फिट रखने के लिए ही नहीं बल्कि आपके वजन को बढ़ाने में भी मदद करता है। जब आप व्यायाम करते हैं, तो इससे आपके शरीर के सभी अंगो की कैलोरी को सही से बांटने में मदद मिलती हैं। इससे आपकी मांसपेशियां बढ़ती है, भूख खुलती है, पाचन शक्ति को बेहतर होने में मदद मिलती है, इसीलिए यदि आप अपने वजन को बढ़ाना चाहते है, तो इसके लिए आपको नियमित व्यायाम करना चाहिए।

सम्पूर्ण आहार लें:-

अपने आहार को सही मात्रा में लेने और साथ ही सभी पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें। इससे भी आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। जिससे आपके विकास को सही से होने में मदद मिलती है। और आपका वजन बढ़ता है, इसके लिए आप सोयाबीन, राजमा, पनीर, अंडा, मछली, मांस, आदि का सेवन करें। ब्रेकफास्ट अधिक मात्रा में ले और लंच व डिनर भी समय पर करें, ऐसा करने से आपका वजन सही रहता है।

ड्राई फ्रूट का सेवन करें:-

ड्राई फ्रूट का करने से आपके शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है, इसके लिए आप नियमित बादाम, किशमिश, अंजीर, काजू, पिस्ता और मूंगफली का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद वसा, कार्बोहाइड्रेट आदि आपके को बढ़ाने में मदद मिलती है।

स्नैक्स का सेवन करें:-

आपके आहार के साथ आपको स्नैक्स का सेवन भी जरूर करना चाहिए, ऐसा करने से आपके शरीर में ऊर्जा को भरपूर रहने में मदद मिलती है। जिससे आपके अंगो को पोषण मिलता है और आपके वजन को भी बढ़ने में मदद मिलती है। इसके लिए आप सेंडविच, बिस्किट, समौसे, सूखे मेवे व् अन्य का सेवन कर सकते हैं।

अच्छी नींद लें:-

अच्छी नींद लेने से भी आपके शरीर में नई कोशिकाएं बनती हैं, इसके अलावा पुरानी कोशिकाएं नई कोशिकाओं में बदल जाती है। इसके लिए आपको नियमित दिन में कम से कम आठ घण्टे नींद लेनी चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपकी बॉडी को फिट रहने में मदद मिलती है।

वजन बढाने के आयुर्वेदिक तरीके:-

  • दो चम्मच च्वयनप्राश का सेवन गरम दूध के साथ करने से आपके वजन को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • अश्वगंधा का सेवन करने से भी आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद मिलती है जिससे भी आपके वजन को बढ़ाया जा सकता है।
  • रक्त संचार, भूख न लगना, अपच और पेट के फूलने की समस्या से छुटकारा दिलाने में अदरक आपकी बहुत मदद करती है, जिससे आपकी बॉडी फिट रहती है।
  • किरात का सेवन करने से भी आपके वजन को बढ़ाने में मदद मिलती है, खाने में कड़वा होने के साथ यह आपके पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

तो ये हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल आप नियमित करते हैं तो इससे आपके वजन को सही करने में मदद मिलती है। जिससे आपकी बॉडी को फिट रहने के साथ आपको आकर्षक शरीर पाने में मदद मिलती है।

इन्हें भी पढ़ें:- कुछ खास घरेलु उपाय जो आपके बढ़े हुए पेट और वजन दोनों को कम कर देंगे

हेयर डाई के दागों को त्वचा से हटाने के उपाय!

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महिलाओं के लिए उनके बाल बहुत महत्वपूर्ण होते है इसीलिए वे उनकी हिफाजत में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती। लेकिन कई बार बढ़ती उम्र और प्रदुषण के कारण उनके बालों में ऐसी समस्याएं होने लगती है जिनके साथ रह पाना काफी मुश्किल हो जाता है। सफ़ेद बाल उन्ही परेशानियों में से एक है जिनके कारण महिलाएं अक्सर बहुत परेशान रहती है।

ऐसे तो बहुत से तरीकों के जरिए सफ़ेद बालों को छुपाया जा सकता है लेकिन उन सभी के लिए बहुत से पैसे खर्च करने पड़ते है। ऐसे में वे स्वयं अपने बालों को घर पर ही डाई कर लेती है। ऐसे तो अधिकतर महिलाएं सफ़ेद बाल छुपाने के लिए मेहंदी का प्रयोग करती है। लेकिन कुछ को मेहंदी की खुशबु से एलर्जी होती है। जिसके कारण वे डाई का इस्तेमाल करती है।

परन्तु घर पर डाई करना इतना आसान भी नहीं है। हम चाहे कितनी ही सावधानी क्यों न रख लें। जाने अनजाने हमारी स्किन पर डाई / हेयर कलर के दाग लग ही जाते है। जो देखने में बहुत खराब लगते है। साथ ही कई बार इनकी वजह से आपको शर्मिंदा भी होना पड़ता है।

ऐसे में इन दागो से जल्द से जल्द छुटकारा पाना और भी जरुरी हो जाता है। लेकिन इन्हे हटाएं कैसे? परेशान न हो, क्योंकि आज हम आपको ऐसे ही कुछ उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपनी स्किन से डाई / हेयर कलर के दागों को आसानी से हटा पाएंगे। और इसके लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है।

त्वचा पर से डाई के दाग हटाने के उपाय :-

हां, त्वचा से डाई हटने में थोड़ा समय लग सकता है तब तक आपको संयम रखना होगा। नीचे हम आपको त्वचा पर से डाई के निशान हटाने के कुछ उपाय बता रहे है। ये आपको आपकी समस्या हल करने में आपकी मदद करेंगे।

यह पढ़े : क्या आप भी हेयर डाई का इस्तेमाल करते है? तो इसे पढ़ें

1. नेल पेंट रिमूवर :

नेल पोलिश रिमूवर की मदद से भी आप अपनी त्वचा से डाई के कलर को हटा सकते है। इसके लिए रुई में नेल पोलिश रिमूवर लें और उसे त्वचा के उस हिस्से पर लगाएं जहां डाई लगी हो। ऐसा करने से डाई का दाग बिलकुल साफ हो जाएगा। लेकिन इसका इस्तेमाल चेहरे के दागों को हटाने के लिए कतई न करें। इससे एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है।

2. टूथपेस्ट :

इसका प्रयोग तुरंत करना ही लाभकारी होता है। अर्थात कलर लगने के कुछ घंटों के भीतर इसका प्रयोग करने से लाभ मिलता है। इसके लिए इस्तेमाल हो रहे टूथपेस्ट को त्वचा पर लगाए और स्क्रब करें। कुछ देर बाद उसे साफ़ कर लें। ध्यान रहें, टूथपेस्ट लगाने के कुछ देर बाद उसे उस जगह लगे रहने दे और उसके बाद ही धोएं।

3. तेल :

चेहरे या स्किन पर लगे हेयर कलर का निशान हटाने के लिए तेल का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए दो तेल – बेबी आयल और ओलिव आयल काफी लाभकारी होते है। प्रयोग के लिए एक चम्मच तेल को डाई वाले हिस्से पर लगाएं और कुछ देर बाद धो लें। बेहतर परिणामों के लिए आप दिन में 4 से 5 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें।

इसे भी पढ़े : पिंपल फोड़ने से ये परिणाम हो सकते है

4. पेट्रोलियम जेली :पेट्रोलियम जेली के फायदे

हेयर डाई के दागों को हटाने के लिए ये तरीके सबसे आसान और सस्ता उपाय है। इसके लिए जेली का एक स्कूप लेकर उसे अपनी त्वचा पर लगाएं। उसके बाद रुई से उस हिस्से को रगड़े। प्रारंभ में इसके इस्तेमाल का फर्क नहीं दिखाई देगा लेकिन बार बार प्रयोग करने से दाग पूरी तरह साफ़ हो जाएगा।

5. मेकअप रिमूवर :

क्या आप भी रोज रात को सोने से पहले मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल करती है? अगर हां, तो आपके लिए इन दागों को हटाना बहुत मुश्किल काम नहीं है। क्योंकि मेकअप रिमूवर की मदद से भी आप त्वचा पर लगे हेयर कलर के दागों को आसानी से हटा सकती है। इसके लिए जब आप मेकअप हटा रही हो तो उसके लिए रुई में मेकअप रिमूवर लेकर उसे त्वचा पर कुछ मिनट तक रगड़ें। और उसके बाद असर देखें।

6. लिक्विड डिश वाश :

जानकर आश्चर्य होगा लेकिन यह सत्य है, इसकी मदद से भी आप अपनी त्वचा से हेयर डाई के निशान हटा सकते है। इसके लिए किचन से थोड़ा लिक्विड डिश वाश लें अगर उसमे नींबू है तो क्या कहने। उसके बाद उसमे थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाएं। अब इसे डाई वाले हिस्से पर रुई से लगाएं। एक मिनट तक रगड़ें और उसके बाद पानी से साफ़ कर लें। कुछ ही प्रयोगों में दाग पूरी तरह गायब हो जाएगा।

7. पेशेवर तरीका :

अगर आपकी त्वचा पर बहुत अधिक डाई लग गयी है तो उसे घर पर हटाना बहुत मुश्किल हो सकता है। ऐसे में किसी पेशेवर तरीके से डाई हटाना ही एकमात्र उपाय बचता है। इसके लिए आप सैलून जा सकते है। वहां पेशेवर डाई हटाने के बहुत से उपाय होते है जो आपकी त्वचा से दाग निकालने में मदद करेंगे।

8. सिगरेट की राख़ :

हेयर कलर के दाग को हटाने के लिए आप इसकी मदद ले सकते है। इसके लिए सिगरेट की बुझी हुई राख़ को ठंडी करके उसमे पानी की कुछ बूंदे मिलाएं। अब इसे 10 सेकेंड तक दाग वाले क्षेत्र पर लगाएं। और फिर से 30 सेकंड तक रगड़ें। उसके बाद कपडे से पोंछकर त्वचा को साफ़ कर लें। बाद में पानी से चेहरा धोकर मॉइस्चराइज़र लगा लें।

गर्भावस्था के दौरान होने वाले ब्रेस्ट पेन से बचने के टिप्स


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प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, और ऐसी ही शारीरिक परेशानी होती है ब्रेस्ट में दर्द, सूजन, भारीपन का महसूस होना। कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्ट पेन की समस्या का सामना करती है। यह काफी सामान्य होता है क्योंकि इस दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के साथ स्तन में दूध ग्रथियों का फैलाव होने के कारण ऐसा होता है।

कई बार ब्रेस्ट में दर्द के साथ सूजन, भारीपन, निप्पल के रंग में बदलाव, ब्रेस्ट का टाइट होना जैसी समस्या भी महिला को हो सकती है। खासकर पहली तिमाही में महिलाएं इस दर्द का अधिक अनुभव कर सकती है, लेकिन दूसरी तिमाही तक आते आते इससे आपको आराम मिल जाता है। तो आइये अब जानते हैं की गर्भावस्था के दौरान होने वाले ब्रेस्ट पेन से बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

सही ब्रा पहने

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ महिलाएं अपने साइज से बड़ी ब्रा पहनती है, जिसके कारण न केवल ब्रेस्ट शेप खराब होता है, बल्कि आपको दर्द का भी अधिक सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा गर्भवती महिला को ब्रेस्ट दर्द से राहत के लिए फिटिंग की ब्रा का चुनाव करना चाहिए, रात को सोते समय ब्रा नहीं उतारनी चाहिए, ब्रेस्ट को बेहतर स्पोर्ट देने के लिए चौड़े पट्टे की ब्रा पहननी चाहिए, पैडेड ब्रा भी इस समस्या से बचने में आपकी मदद करती है। साथ ही फिटिंग की ब्रा पहनने से ब्रेस्ट हिलते नहीं है जिसके कारण दर्द के अनुभव को कम करने में मदद मिलती है।

सिकाई करें

सिकाई करने से भी आपको ब्रेस्ट पेन की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए आप आइस क्यूब से या हॉट पैड का इस्तेमाल करके ब्रेस्ट की सिकाई कर सकते हैं। सिकाई करने से ब्रेस्ट में ब्लड फ्लो बेहतर तरीके से होता है जिससे आपको आराम मिलता है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें की ज्यादा गरम पानी या ज्यादा देर तक आइस क्यूब को ब्रेस्ट पर नहीं रखना चाहिए, आइस क्यूब को दर्द होने पर दिन में दो से तीन बार आप दो मिनट के लिए ब्रेस्ट पर घुमा सकते हैं।

फ़ास्ट फ़ूड का सेवन न करें

फ़ास्ट फ़ूड में सोडियम की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण ब्रेस्ट पेन बढ़ सकता है। ऐसे में आपको ब्रेस्ट में दर्द से राहत पाने के लिए घर में बने संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन ही करना चाहिए और डिब्बाबंद या जंक फ़ूड के सेवन से परहेज करना चाहिए।

पानी का भरपूर सेवन करें

पानी शरीर को ऊर्जा से भरपूर रखने के साथ बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थो को भी बाहर निकालने में मदद करता है। ऐसे में ब्रेस्ट पेन से राहत के लिए गर्भवती महिला को पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए। इससे महिला को स्वस्थ रहने के साथ ब्रेस्ट पेन की समस्या से राहत पाने में भी मदद मिलेगी।

व्यायाम व् योगासन करें

हल्का फुल्का व्यायाम या घर पर ही थोड़ी देर योगासन करने से बॉडी में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है साथ ही मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले ब्रेस्ट पेन के साथ शरीर के अन्य भागो में होने वाले दर्द की समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है।

व्यस्त रहें

गर्भवती महिला को आराम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन यदि महिला सारा दिन आराम ही करती रहती है तो ऐसा करने से महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ सकती है। ऐसे में दर्द जैसी परेशानियों से बचाव के लिए और महिला को फिट रहने के लिए महिला को भरपूर नींद के साथ अपने आप को बिज़ी रखने की कोशिश करनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल आप प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले ब्रेस्ट पेन की समस्या से बचाव के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा दर्द, सूजन असहनीय हो तो इसे अनदेखा न करते हुए एक बार डॉक्टर की सलाह भी जरूर लेनी चाहिए, और ब्रेस्ट पेन से बचने के लिए डॉक्टर की राय के बिना किसी भी तरह की दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। और हाथों से ब्रेस्ट को दर्द होने पर तेजी से दबाना नहीं चाहिए, नहीं तो दर्द बढ़ सकता है।

होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों से छुटकारा घरेलू उपाय द्वारा!

होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों से छुटकारा :- महिलाओ की खूबसूरती उनके चेरहे से झलकती है और जब उनके इसी चेहरे पर अनचाहे बालो की समस्या होने लगती है तो उनकी सुंदरता में ग्रहण लग जाता है. कुछ नहीं बल्कि बहुत सी महिलाएं है जिनके चेहरे पर अनचाहे बाल होते है. जिसके कारण वे अक्सर इससे परेशान रहती है.

जहाँ एक तरफ पुरुषों की मूंछे आना उनके लिए गर्व की बात होती है वही दूसरी ओर महिलाओ के होंठो के ऊपर अनचाहे बाल आना उनके embrassing का कारण बन सकते है. इसके साथ ही उनके ये अनचाहे बाल लोगो के बीच उन्हें हँसी का पात्र भी बनाते है.

ऐसे तो शरीर पर बाल आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन होंठो के ऊपर बालो का उगना हॉर्मोन्स में आये असंतुलन, वजन बढ़ने के कारण, तनाव आदि का कारण हो सकता है. इसके अलावा कुछ लोगो को ये समस्या तो अनुवांशिक कारणों से भी होने लगती है.

ब्लीचिंग, वैक्सिंग, थ्रेडिंग आदि कुछ ऐसे उपाय है जिनकी मदद से आप अपने होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों से छुटकारा पा सकती है लेकिन ये उपाय बहुत थोड़े से समय के लिए कारगर होते है और साथ ही इनके प्रयोग में बहुत दर्द भी होता है.

हां, इनमे से कुछ उपाय है जिनमे बिलकुल भी दर्द नहीं होता लेकिन वो केवल कुछ ही समय के लिए आपके बालों को छुपा सकते है और उसके बाद बाल फिर से वापस आ जाते है. ऐसे में हर-बार पार्लर जाना आज कल के व्यस्त समय में किसी के लिए भी संभव नहीं है. और इनका एक दुष्परिणाम ये भी है की इनके इस्तेमाल से बाल बहुत तेज़ी से बढ़ने लगते है जो आपकी समस्या को और भी बढ़ा देते है.

पहले के समय में इस तरह की समस्याएं नहीं हुआ करती थी लेकिन फिर भी इक्का-दुक्का महिलाये थी जिन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ता है. उस समय पार्लर आदि तकनीक नहीं हुआ करती थी लेकिन फिर भी वे महिलाये अपनी इस समस्या से राहत पा लेती है. घरेलू उपायो की मदद से, जी हां, हमारी प्रकृति में ऐसे कई वस्तुए है जो आपकी बड़ी समस्याओ को हल करने के साथ-साथ छोटी-छोटी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में भी मदद कर सकती है.upper-lips-hair-removal-home-remedies

लेकिन आज कल की जनरेशन को इस विषय में पूर्ण जानकारी नहीं होती. इसीलिए आज हम आपको होंठो के ऊपर के अनचाहे बाल हटाने के घरेलू उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप भी अपनी इस समस्या को बिना किसी परेशानी के आसानी से हल कर सकती है.

होंठो के ऊपर के अनचाहे बाल हटाने के घरेलू उपाय

1. हल्दी और दूध :

हल्दी पाउडर का इस्तेमाल कई तरह के सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है. क्योंकि ये आपकी त्वचा को साफ़ करके एक लम्बे समय के लिए उसे सुन्दर और ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करता है. जबकि दूध तो त्वचा के लिए लाभकारी है ही. लेकिन क्या आप जानती है की इन दोनों के मिश्रण का प्रयोग करके होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों को प्राकृतिक तरीके से हटाया जा सकता है.

क्या करें?

  • सबसे पहले एक चम्मच हल्दी और 1 चम्मच दूध को एक कटोरे में डालकर अच्छे से मिला लें.
  • जब ये मिश्रण अच्छे बन जाये तो उसे अपनी उंगलियो की मदद होंठो के ऊपर लगाएं.
  • इसके सूखने तक इंतजार करें और सूखने के बाद रगड़ते हुए इसे अपने त्वचा से निकल दें.
  • उसके बाद ठंडे पानी से धो लें.

2. हल्दी और पानी :

ऊपर बताये गए मिश्रण में केवल दूध की जगह पानी का इस्तेमाल करके देखे. आपकी समस्या को हल करने के लिए इसे आजमाकर देखें.

क्या करें?

  • एक कटोरे में पानी और हल्दी का एक समान मिश्रण लें.
  • अब इसे अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें.
  • उंगलियो की मदद से इसे अपने होंठो के ऊपर लगाएं.
  • आधा घंटे लगे रहने दें और जैसे ही ये थोड़ा सख्त हो जाए रगड़ते हुए इसे साफ कर लें.
  • उसके बाद साफ़ पानी से धो लें.

चार हफ़्तों तक इसका इस्तेमाल करते रहे आपके होंठो के ऊपर के अनचाहे बाल आना कम हो जायेंगे.

3. अंडे की सफेदी :

होंठो के ऊपर के बाल हटाने के लिए अंडे की सफ़ेद एक बेहतर घरेलू उपाय है. आपकी समस्या का समाधान करने के साथ-साथ ये त्वचा को कोमल बनाने में भी मदद करती है.

क्या करें?

  • सबसे पहले एक अंडे की सफेदी को थोड़े से मक्के के आटे और चीनी के साथ मिला लें.
  • अब इस पेस्ट को तब तक धीरे धीरे मिलाते रहे जब तक ये एक sticky paste न बन जाए.
  • इसके बाद अपने होंठ के ऊपर वाले हिस्से पर इसे लगाएं.
  • सूखे के लिए 30 मिनट इसे ऐसे ही रहने दें. और बाद में हटा दें.

बेहतर परिणामो के लिए हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें. एक महीने के भीतर ही आपके अनचाहे बालो की ग्रोथ कम हो जाएगी.

4. चने की दाल का आटा :

चने की दाल का आटा भी अनचाहे बालों को हटाने का बेहद प्रभावशाली उपाय है.

क्या करें?

  • थोड़ी सी चने की दाल का आटा लें और इसमें थोड़ा सा पानी और हल्दी मिला लें.
  • अच्छे से पीस लें.
  • अब इसमें थोड़ी सी ताज़ी मलाई मिला लें.
  • मिलाने के बाद अपने होंठो के ऊपर के अनचाहे बालो पर इस मिश्रण को लगाएं.
  • सूखने तक लगे रहने दें और उसके बाद बालों की वृद्धि की दिशा के विपरीत स्क्रब करते हुए इसे साफ़ कर लें.

5. चीनी :

बिना दर्द वाली वैक्सिंग के लिए चीनी एक सबसे बेहतर और सस्ता उपाय है. ये न केवल अनचाहे बालों को हटाती है अपितु उनकी ग्रोथ को भी कम करती है.

क्या करें?

  • एक पैन में थोड़ी सी चीनी लें और 1 मिनट के लिए इसे गर्म कर लें.
  • अब इसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं.
  • गाढ़ा मिश्रण बनने तक इसे हिलाते रहे.
  • ठंडा होने के बाद इसे अपने होंठो के ऊपर के भाग पर लगाएं.
  • अब एक कपडे का टुकड़ा लें और धीरे से उस पेस्ट पर रखे.
  • गोलाई में रगड़े और झटके से बालों के बढ़ने की विपरीत दिशा में खींच लें.

6. दही, बेसन और हल्दी :

दही, बेसन और हल्दी का मिश्रण त्वचा के साथ-साथ अनचाहे बालों को समस्या से छुटकारा पाने का भी बेहतर तरीका है.

क्या करें?

  • इसके लिए एक कटोरे में दही, बेसन और हल्दी की एक समान मात्रा लेकर अच्छे से मिला लें.
  • अच्छे से मिलाने के बाद होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों पर इसे लगाएं.
  • 15 से 20 मिनट तक इसे लगे रहने दें.
  • अब रगड़ते हुए इसे साफ़ कर लें.
  • बाद में ठन्डे पानी से धो लें.

7. आटा :

होंठो के ऊपर के अनचाहे बाल हटाने के लिए आटे का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. ये होंठो के ऊपर के अनचाहे बाल हटाने के सबसे अच्छे और आसान घरेलू उपायों में से एक है.

क्या करें?

  • एक कटोरे में थोड़ा सा आटा लेकर उसमे दूध और हल्दी मिला लें.
  • अच्छे से मिलाकर इसे एक गाढ़े मिश्रण का रूप दे दे.
  • अब इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें.
  • सूखने के बाद इसे हटा दें.

8. नींबू, चीनी और पानी :ghrelu-upay-anchahe-baal-hatane-k-liye

चीनी से बना एक अन्य घरेलू उपाय है जिसकी मदद से आप अपनी इस समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकती है.

क्या करें?

  • एक कटोरे में 2 नींबू को निचोड़ कर उनका रस निकाल लें.
  • अब इसमें थोड़ा सा पानी और चीनी मिला लें ताकि ये एक पतला सा मिश्रण बन जाए.
  • पेस्ट के बनने के बाद इसे अपने होंठो के ऊपर वाले हिस्से में लगा लें.
  • 15 मिनट के लिये इसे सूखने दे और उसके बाद साफ़ पानी से धो दें.

9. थ्रेडिंग :

होंठो के ऊपर के बालों को हटाने के लिए एक अन्य उपाय है थ्रेडिंग. इसके लिए आप अपनी पार्लर वाली की मदद ले सकती है. लेकिन थ्रेडिंग एक अस्थायी उपाय है अनचाहे बालों का इसीलिए 10 से 14 दिनों के भीतर इसका दोबारा प्रयोग करती रहे.

10. कैंची :

अनचाहे बालों को हटाने का सबसे अच्छा उपाय हो सकती है. लेकिन होंठो के ऊपर के अनचाहे बाल काफी महीन और छोटे होते है जिन्हें कैंची से साफ़ कर पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.

11. शुगर वैक्सिंग :

अपने होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए ब्यूटी पार्लर जाने की आवश्यकता नहीं है इसे आप स्वयं घर बैठे बिना किसी खर्च के भी हटा सकती है. शुगर वैक्सिंग की मदद से. जी हां, सामान्य वैक्सिंग की तुलना में शुगर वैक्सिंग में दर्द होने की सम्भावना थोड़ी कम होती है.

होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों को हटाने के उपाय, अपर लिप्स के बाल हटाने के उपाय, होंठो के ऊपर के अनचाहे बालों को कैसे हटाये, अनचाहे बाल हटाने के घरेलू उपाय

प्रेगनेंसी में यह लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

प्रेगनेंसी में यह लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें, प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर से कब मिलें, प्रेगनेंसी के इन लक्षण को न करें अनदेखा, If you see this symptoms in pregnancy contact the doctor

प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर से मिलने का सिलसिला चलता रहता है, क्योंकि इस दौरान समय समय पर जांच और गर्भ में पल रहे शिशु का परिक्षण करवाना जरुरी होता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बहुत सी परेशानियां होती हैं, लेकिन कई बार कुछ ऐसी चीजें भी होती है जिसके कारण महिला को ज्यादा दिक्कत का अनुभव होता है। ऐसे में इन बातों को बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि हो सकता है यदि आप देरी करें या इसे नज़रअंदाज़ करें तो इससे आपकी समस्या बढ़ सकती है। जैसे की प्रेगनेंसी में ब्लीडिंग का होना, तेजी से पेट में दर्द होना, ज्यादा उल्टियां आना, प्राइवेट पार्ट से पानी निकलना, आदि। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी में किन किन लक्षणों के होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

स्पॉटिंग होने पर

कई बार प्रेगनेंसी के दौरान थोड़ा बहुत खून के धब्बे लगना आम बात होती है। लेकिन यदि प्रेगनेंसी की शुरुआत में ऐसा होता है और ब्लड अधिक निकलता है तो यह गर्भपात का लक्षण होता है। और तीन महीने के बाद यदि ऐसा होता है और कभी कभी होता हो तो भी इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। और इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग भी खतरे का संकेत होती है।

प्राइवेट पार्ट से अधिक पानी निकलने पर

सफ़ेद पानी की समस्या का होना प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है और यह प्रेगनेंसी के दौरान आपको इन्फेक्शन से बचाने में भी मदद करती है। लेकिन यदि कभी आपको ऐसा लगे की वजाइना से पानी बहुत ज्यादा निकल रहा है तो ऐसा बेबी बैग के फटने के कारण हो सकता है। ऐसे में पानी का ज्यादा बाहर निकलने के कारण बाद में शिशु को परेशानी हो सकती है इसके लिए आपको इस लक्षण को इग्नोर न करते हुए जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

पेट में तेजी से दर्द का अनुभव होने पर

पेट में हल्का फुल्का दर्द रहना प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है लेकिन यदि कभी आपको पेट में तेजी से दर्द हो और असहनीय हो। तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, और जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलना चाहिए। यदि प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में आपको इस दर्द का अनुभव होता है तो यह लेबर पेन भी हो सकता है।

गर्भ में शिशु का मूवमेंट न होने पर

प्रेगनेंसी के चौथे महीने के बाद गर्भ में शिशु का मूवमेंट शुरू हो जाता है। शुरुआत में गर्भ में शिशु कम समय के लिए मूवमेंट करता है, लेकिन धीरे धीरे यह बढ़ने लगती है। और कभी यदि मूवमेंट शुरू होने के बाद आपको ऐसा महसूस हो की आपके शिशु ने लम्बे समय तक कोई हलचल नहीं की है तो इस बात को जरा भी अनदेखा न करते हुए तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि यदि आप थोड़ी भी देरी करते हैं तो शायद इसका परिणाम अच्छा नहीं होता है।

उल्टी, सिर दर्द, आदि परेशानी के ज्यादा होने पर

प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी जटिलताओं का सामना महिला को करना पड़ता है, ऐसे में यदि आपको उल्टी, सिर दर्द, कमजोरी, थकान, या ने कोई भी समस्या बहुत ज्यादा होने लगती है। तो ऐसे में इसके इलाज के लिए आपको घर पर अपने आप किसी भी दवाई आदि का सेवन नहीं करना चाहिए बल्कि जितना जल्दी हो सके आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि यदि आप कमजोर रहती है या किसी परेशानी में रहती है तो गर्भ में पल रहे शिशु पर भी इसका असर पड़ता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण जिन्हे महिलाओं को बिल्कुल भी प्रेगनेंसी के दौरान नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। और जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलना चाहिए, ताकि यदि कोई दिक्कत है तो उसका समाधान करके आपको इस परेशानी से निजात दिलाने में मदद मिल सके।

विडिओ प्रेग्नेंसी के ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

प्रेगनेंसी में खजूर खाने के फायदे और नुकसान

गर्भावस्था के दौरान महिला को ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चे दोनों के फायदेमंद होता है। गर्भ में पल रहा बच्चा अपने विकास के लिए अपनी माँ पर ही निर्भर करता है और यदि महिला स्वस्थ रहती है तो इससे बच्चे को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। यदि आप भी यही सोच रही है की किस तरह आप अपने आप को प्रेगनेंसी के दौरान पर्याप्त पोषण दें? तो ऐसे में खजूर का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद होता है। क्योंकि खजूर पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो माँ व् बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं।

प्रेगनेंसी में खजूर का सेवन करने के फायदे

आयरन, फाइबर, कैलोरी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर खजूर का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करने से बहुत से फायदे मिलते हैं। जैसे की:

कैलोरीज़

गर्भावस्था के दौरान महिला को अतिरिक्त कैलोरी की जरुरत पड़ती है। और खजूर में कैलोरीज़ मौजूद होती है ऐसे में गर्भवती महिला यदि खजूर का सेवन करती है तो इससे गर्भवती महिला को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

फाइबर

खजूर में फाइबर भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला खजूर का सेवन करती है तो इससे गर्भवती महिला के पाचन तंत्र को दुरुस्त रहने में मदद मिलती है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली कब्ज़, बवासीर जैसी परेशानी से भी बचे रहने में मदद मिलती है

फोलेट

फोलेट गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास के लिए बहुत जरुरी पोषक तत्व होता है। जो की खजूर में पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में खजूर का सेवन करने से गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर विकास में मदद मिलने के साथ जन्म के समय बच्चे को होने वाली दिक्क़तों से निजात पाने में मदद मिलती है।

कैल्शियम

खजूर में कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में खजूर का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला की हड्डियों को मजबूती मिलने के साथ गर्भ में शिशु की हड्डियों व् दांतों का बेहतर विकास होने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा खजूर में मैग्नीशियम भी मौजूद होता हो जो माँ व् बच्चे की हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है।

प्रोटीन

खजूर में प्रोटीन और एमिनो एसिड भी मौजूद होता है जो बच्चे कोशिकाओं के बेहतर विकास में मदद करता है साथ ही बच्चे की ग्रोथ को तेजी से होने में मदद करता है।

आयरन

शरीर में खून की कमी होने के कारण प्रेग्नेंट महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना प्रेगनेंसी के दौरान करना पड़ सकता है। ऐसे में इस परेशानी से निजात पाने के लिए खजूर का सेवन करना महिला के लिए फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि खजूर में आयरन मौजूद होता है जो महिला के शरीर में खून की मात्रा को सही रखने में मदद करता है।

ब्लड प्रैशर

बहुत सी गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रैशर कम या ज्यादा होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन खजूर का सेवन करने से गर्भवती महिला को इन सभी परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है। क्योंकि खजूर का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला के ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल में रहने में मदद मिलती है।

गर्भावस्था में खजूर खाने के नुकसान

यदि सिमित मात्रा में महिला खजूर का सेवन करती है तो कोई नहीं, लेकिन यदि प्रेग्नेंट महिला जरुरत से ज्यादा खजूर का सेवन करती है तो इसके कारण महिला को परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। जैसे की:

  • शुगर की मात्रा अधिक होने के कारण ज्यादा खजूर खाने से ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ सकता है जिसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान महिला को शुगर की समस्या हो सकती है।
  • ज्यादा खजूर का सेवन करने से महिला को दांतों से सम्बंधित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • फाइबर से भरपूर खजूर का अधिक सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को दस्त की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ फायदे और नुकसान जो प्रेग्नेंट महिला को खजूर का सेवन करने से हो सकते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला को खजूर का फायदा मिले इसके लिए गर्भवती महिला को सिमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान यह गलतियां न करें

प्रेगनेंसी के दौरान यह गलतियां न करें, प्रेग्नेंट महिला भूलकर भी न करे यह काम, प्रेगनेंसी टिप्स, प्रेगनेंसी के दौरान ना करें यह गलतियां, Mistakes every women should avoid during Pregnancy 

गर्भावस्था महिला के लिए ऐसा समय होता है जब उसे केवल अपना ही नहीं बल्कि उसके गर्भ में पल रही नन्ही जान का भी अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में उसे कोई भी ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए जिससे गर्भवती महिला या उसके गर्भ में पल रहे शिशु को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचे। क्योंकि यदि महिला किसी भी तरह की लापरवाही करती है तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के साथ उसके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान महिला को कौन कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान न करें यह गलतियां

गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के साथ डिलीवरी और प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की समस्या न हो इसके लिए महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किन किन गलतियों से बचना चाहिए आइये विस्तार से जानते हैं।

बहुत ज्यादा न खाएं

प्रेगनेंसी के दौरान आपका खान पान अच्छा होना चाहिए ताकि शिशु के बेहतर विकास और गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है की आप बहुत ज्यादा खाना खाने लग जाएँ, क्योंकि भोजन का सेवन अधिक करने के कारण ब्लड प्रैशर से जुडी परेशानी होने के साथ यूरिन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ सकती है। जिससे मोटापा, हाथों पैरों में सूजन आदि हो सकती है और यदि आपका वजन भी अधिक हो जाता है तो प्रेगनेंसी के आखिरी महीनो में और डिलीवरी के समय आपको परेशानी हो सकती है।

प्रदूषण और भीड़भाड़ से दूरी रखें

यदि आप गर्भावस्था के दौरान प्रदूषण व् भीड़भाड़ वाली जगह पर जाती है तो इसके कारण वायरल इन्फेक्शन होने का खतरा होता है, साथ ही प्रदूषण का गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है, यहां तक की शिशु के विकलांग होने की समस्या हो सकती है ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान भूलकर भी ऐसी जगह पर नहीं जाना चाहिए।

कुछ खाद्य पदार्थो से बचें

पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करने से प्रेगनेंसी के समय गर्भ में पल रहे शिशु और गर्भवती महिला को बहुत फायदा होता है। लेकिन कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी है जिनका सेवन करने से प्रेगनेंसी के दौरान आपको परेशानी का अनुभव हो सकता है और इसीलिए आपको कच्चा पपीता, अंगूर, अनानास, कटहल, आदि खाने से प्रेगनेंसी के दौरान बचना चाहिए।

गलत तरीके से न सोएं

भरपूर नींद प्रेगनेंसी में स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरुरी है लेकिन साथ ही आपके सोने के तरीके का सही होना भी जरुरी है। इसीलिए प्रेगनेंसी में पेट के बल, या पेट पर दबाव डालकर नहीं सोना चाहिए, साथ ही सीधा भी नहीं सोना चाहिए, और दायीं तरफ करवट लेकर भी सारी रात नहीं सोना चाहिए। बल्कि आपको बायीं तरफ करवट लेकर सोना चाहिए प्रेगनेंसी में सोने के लिए यह सबसे बेहतर पोजीशन होती है।

पेट के बल काम

शिशु का गर्भ में विकास लगातार होता रहता है, ऐसे में पेट पर किसी भी तरह का जोर या दबाव डालने से गर्भ में शिशु को परेशानी का अनुभव हो सकता है। इसीलिए प्रेगनेंसी में भूलकर भी ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे पेट पर दबाव पड़े, जैसे की भारी वजन न उठाएं, ज्यादा झुककर काम न करें, आदि।

अधिक व्यायाम न करें

थोड़ा बहुत व्यायाम जिससे की प्रेगनेंसी के समय एक्टिव रहने में मदद मिले करते रहना चाहिए। और वो भी किसी एक्सपर्ट से राय लेने के बाद लेकिन आपको बॉडी पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहिए क्योंकि इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु को परेशानी हो सकती है।

ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से बचें

गर्भावस्था के दौरान स्किन बहुत ही कोमल हो जाती है ऐसे में हो सकें तो आपको ब्यूटी ट्रीटमेंट लेने से बचना चाहिए। क्योंकि यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे स्किन पर दाने, रैशेस आदि होने की सम्भावना अधिक हो जाती है।

ज्यादा शोर वाली जगह पर न जाएँ

तेज आवाज़ में गाने सुनना और ज्यादा शोर वाली जगह पर प्रेगनेंसी के समय नहीं जाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ता है, और यदि कभी आपका कुछ सुनने का मन करता भी है तो ज्यादा तेज आवाज़ में नहीं सुनना चाहिए।

ज्यादा टाइट कपडे

ऐसे किसी भी तरह के कपडे प्रेगनेंसी के दौरान नहीं पहनने चाहिए जिनमे प्रेगनेंसी के दौरान आपको असहज महसूस हो, या आपके पेट पर खिंचाव उत्पन्न हो। क्योंकि ऐसा होने के कारण शिशु को भी परेशानी हो सकती है। इसीलिए प्रेगनेंसी में खुले और कॉटन के कपड़ो का चुनाव करना चाहिए।

दवाइयों का सेवन

बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान कारण पड़ता है ऐसे में आपको इससे बचने के लिए अपने आप ही किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने के कारण गर्भ में पल रहे शिशु पर गलत असर पड़ता है। और यदि आप किसी अन्य बिमारी की दवाइयां भी ले रहे हैं तो उसके लिए भी डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

नशे का सेवन

प्रेगनेंसी के समय गर्भवती महिला को किसी भी तरह के नशे जैसे की धूम्रपान शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने के कान शिशु की शारीरिक के साथ मानसिक ग्रोथ पर भी बुरा असर पड़ता है।

प्रेगनेंसी के दौरान न कारण यह अन्य गलतियां

  • प्रेगनेंसी के समय आपको अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
  • डिब्बाबंद चीजो, बाहर के खाने, बाहर के जुइए आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • प्रेगनेंसी के समय किसी भी परेशानी को अनदेखा न करते हुए डॉक्टर से तुरंत राय लेनी चाहिए।
  • स्टीम बाथ प्रेगनेंसी के समय नहीं लेना चाहिए इससे बॉडी के तापमान पर असर पड़ता है जिसके कारण शिशु को परेशानी का अनुभव हो सकता है।
  • नींद के प्रति लपववाही नहीं करनी चाहिए और रात को सोने के साथ दिन के समय भी थोड़ा आराम करना चाहिए।
  • खाने में अधिक मसालों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
  • शरीर में खून की कमी न हो इसके लिए आयरन युक्त आहार का भरपूर सेवन करना चाहिए।
  • पानी की कमी को पूरा करने के लिए दिन में आठ से दस गिलास पानी के साथ घर में ताजा जूस आदि निकाल कर पीना चाहिए, और भरपूर फलों का सेवन करना चाहिए।
  • तेजी से कोई भी काम नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आपको और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को ही परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ गलतियां जो प्रेगनेंसी के दौरान महिला को नहीं करनी चाहिए यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान इन टिप्स का ध्यान रखती है तो इससे गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है।

गर्भवती महिलाओ को मातृत्व का अहसास ऐसे होने लगता है!

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए अनमोल लम्हा होता है, क्योंकि इस समय में वो ऐसे अनुभव से गुजरती है जिसे वो अकेले ही महसूस कर सकती है, गर्भावस्था के पूरे नौ महीने शरीर में होने वाले बदलाव, शिशु का बढ़ना, उसका प्रतिक्रिया देना, और उसके आने के बाद उसके साथ अपने नए सपनो को संजोना, उसकी ख़ुशी और मुस्कराहट के लिए सब कुछ करना, इसे ही मातृत्व कहते है, और इसका सबसे पहला अहसास तब होता है जब महिला को पहली बार पता चलता है की वो माँ बनने वाली है।

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जैसे ही बच्चा गर्भ में आता है, वो न तो हिलता है, न ही बोलता है, परन्तु माँ को हर पल यही लगता है, की गर्भ में शिशु का विकास कैसे हो रहा होगा, ऐसे ही माँ और शिशु का रिश्ता बनने लगता है, बिना देखें महिला हर पल ये सोचती है की वो ऐसा क्या करें जिससे उसके शिशु को फायदा हो और ऐसा क्या न करें, जिसके कारण उसके शिशु को थोड़ा सा भी नुकसान हो, क्योंकि हर महिला चाहती है, की उसके शिशु हमेशा स्वस्थ रहें, धीरे धीरे दिन जब आगे बढ़ते है, तो महिला का बढ़ता हुआ पेट महिला को यह बताता है की उसका शिशु गर्भ में बढ़ रहा है, और चौथे या पांचवे महीने में बच्चा थोड़ा घूमने फिरने लगता है, उस समय महिला का रिश्ता और भी गहरा होता जाता है।

इन दिनों में शिशु हर समय हरकत नहीं करता है, परन्तु महिला बेसब्री से इंतज़ार करती है है की कब उसका शिशु कुछ हरकत करेगा, इसके बाद आठवे और नौवे महीने में बच्चे बहुत ज्यादा हरकत करते है, तो महिला को लगता है, की पता नहीं ये दिन कैसे बीतेंगे और कब उनका शिशु उनकी गोद में होगा, और जब महिला की डिलीवरी का समय पास आता है, तो उसके बाद जैसे ही शिशु महिला की गोद में आता है, तो उस नन्ही सी जान को देखकर उसे महसूस करके महिला के अंदर अपने आप ही एक भावना आती है की यह शिशु उनके अंदर था और किस तरह से इसका विकास हुआ और आज ये उनके पास है, उसके बाद महिला के लिए दुनिया व्ही थम जाती है, और उसे अपने शिशु के अलावा और कुछ नहीं दिखाई देता है, तो आइये जानते है की महिला को उसे मातृत्व का अहसास कब होता है।

जैसे ही महिला को पता चलता है की वो माँ बनने वाली है:-

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जैसे ही महिला का मासिक धर्म आना बंद होता है तो शादी के बाद महिला सबसे पहले ये चेक करती है की कही वो माँ तो नहीं बनने वाली है, और पहली बार हो या दूसरी बार माँ बनने जैसी ख़ुशी कोई नहीं होती है, जैसे ही महिला को पता चलता है की वो माँ बनने वाली है, वैसे ही वो अपने अंदर पल रही नन्ही जान को महसूस करने की कोशिश करती है, और उसे पहली बार मातृत्व का अहसास होता है, और उसे लगता है, की उसकी खुशियों को दुगुना करने वाला मेहमान अब उसके गर्भ में पल रहा है।

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जब बच्चे गर्भ में हरकतें करता है:-

महिला बच्चे द्वारा की जाने वाली हर हरकत को गर्भ में चौथे या पांचवे महीने से महसूस कर सकती है, और बच्चे के घूमने और उसके लात मारने पर महिला को एक अच्छा और अलग अनुभव होता है, शुरुआत में शिशु ज्यादा नहीं घूमता है परन्तु इस पल के लिए महिला इंतज़ार करती है, की कब शिशु घूमेगा, और जैसे ही शिशु कोई हरकत करता है, माँ सोचती है की वो लम्हा बस वहीं ठहर जाएँ, तब भी महिला को अपने मातृत्व का अहसास होता है, लेकिन आखिरी के महीनो में बच्चा अच्छे से घूमता है, और महिला उसका अनुभव बार बार करती है, साथ ही यदि बच्चा घूम रहा हो, तो पिता भी महिला के पेट को हाथ लगाकर इसका अनुभव उठा सकता है।

डिलीवरी का समय नजदीक आने पर:-

प्रेगनेंसी के समय महिला ने चाहे कितनी परेशानी उठाई हो परन्तु महिला को आखिरी के महीने के खत्म होने का बेसब्री से इंतज़ार रहता है, क्योंकि वो दिन नजदीक आने वाला होता है जिस शिशु को वो सिर्फ अपने अंदर महसूस कर रही थी बस अब कुछ ही पलों में वो शिशु उनकी गोद में आने वाला है, वो चाहती है की जल्दी से वो समय आएं और उनका शिशु उनके हाथों में आएं, कई महिलायें तो नौवे महीने माँ अधिक काम करना शुरू कर देती है जिसके कारण नार्मल डिलीवरी को और शिशु भी ठीक हो।

शिशु को गोद में उठाने पर:-

जैसे ही महिला पहली बार अपने शिशु को उठाती है, तो उसके मन में एक ही बार में बहुत सी उधेड़बुन चलने लग जाती है, एक तो वह यह सोचती है की वो अपने शिहु के लिए सब कुछ अच्छा करेगी, उसकी अच्छे से केयर करेगी, तो दूसरी तरफ उसके मन में डर लगा रहता है की क्या वो अपने बच्चे की अच्छे से केयर कर पाएगी, या नहीं, और भी अपने बच्चे के साथ किस प्रकार अपने लम्हो को कैसे जीएगी, तरह तरह के प्रश्न उसके मन में चलने लगते है, ये सबसे खास लम्हा होता है जब महिला को अपने मातृत्व का अहसास होता है।

महिला जब शिशु को स्तनपान करवाती है:-

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महिला को अपने मातृत्व का फिर से अहसास तब होता है, जब वो शिशु को स्तनपान करवाती है, क्योंकि इस समय महिला और शिशु एक दूसरे को और भी करीब से महसूस करते है, और माँ का दूध शिशु के लिए किसी अमृत से कम नहीं होता है, और कई महिलाओ को तो प्रेगनेंसी में ही स्तनों से दूध आना शुरू हो जाता है, तब भी महिला को एक अलग अनुभव होता है, तभी कहा गया है की यदि शिशु के जन्म के एक घंटे के बाद उसे स्तनपान करवा दिया जाता है, तो इसके कारण उसे हर बिमारी से सुरक्षित रहने में मदद मिलती है, साथ ही स्तनपान कराने से केवल शिशु को ही नहीं बल्कि महिला को भी उतना ही फायदा होता है क्योंकि उसे भी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है।

जैसे शिशु थोड़ा बड़ा होने लगता है:-

रात रात भर अपने बच्चे की भूख को लेकर उठना उसकी केयर में अपने आप को भूल जाना भी महिला को मातृत्व का अहसास करवाता है, उसके रोने पर उसकी बात को समझना की उसे क्या चाहिए, एक महिला को बिलकुल बदल देता है, इसके साथ जैसे जैसे शिशु बड़ा होने लगता है, उसके खान पान का ध्यान रखना, उसके उठने से लेकर सोने तक उसकी हर एक चीज को सही करना, और जैसे ही बच्चे पहले बैठे, चलने और फिर बोलने लगता है, यदि वो अपने मुँह से माँ या म म भी करता है तो महिला को अपने मातृत्व का अहसास होता है, क्योंकि उसका शिशु उसे पहले बार माँ कहकर बुलाता है।

महिला को मातृत्व का अहसास और कब कब होता है:-

  • जब बच्चा रात को एक बार भी नहीं रोता है, और महिला उठ कर देखती है की कही वो हिल तो नहीं रहा, उसे भूख तो नहीं लगी।
  • महिला जब बच्चे को मालिश करती है तो भी माँ और शिशु के बीच का सम्बन्ध गहरा होता है।
  • बच्चे को चुप कराने के लिए तरह तरह के मुँह बनाना बिना मतलब की बातें बोलना भी एक अलग अनुभव होता है।
  • बच्चे के चलने शुरू करने के बाद उसे बार बार अपनी तरफ बुलाना।
  • बच्चे के एक बार माँ बोलने पर उसे बार बारे वही शब्द दोहराने के लिए कहना मातृत्व की पहचान है।
  • बच्चे की अलग अलग और प्यारी हरकतों को देखकर महिला मन ही मन मुस्कुराती है तो महिला को अपने मातृत्व का अहसास होता है।

तो ये सब कुछ लम्हे है जो महिला को अहसास दिलाते है की अब वो अकेली नहीं है बल्कि एक शिशु उसके ऊपर पूरी तरह से निर्भर करता है, और माँ भी अपने से पहले सिर्फ अपने बच्चे के बारे में सोचती है, पहले बार माँ बन रही महिला के लिए ये सबसे ख़ास होता है, साथ ही महिला के इन अनुभव के साथ उनका पार्टनर भी इन लम्हो का आनंद उठाता है।

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