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इन मामूली गलतियों से बदल सकता है प्रेगनेंसी टेस्ट किट का नतीजा

प्रेगनेंसी टेस्ट करवाने के लिए ऐसे बहुत ही कम लोग होते हैं जो डॉक्टर के पास जाते हैं। क्योंकि मार्किट में मौजूद प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करने से आप आसानी से घर में पता लगा सकती है की आप गर्भवती है या नहीं। प्रेगनेंसी टेस्ट किट का सही इस्तेमाल करने पर आपको बिल्कुल सही परिणाम भी मिलता है। लेकिन यदि आप किट का इस्तेमाल गलत करते हैं तो इसके कारण आपको गलत परिणाम भी मिल सकता हैं। तो आइये आज हम आपको प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करते हुए कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

सही समय पर करें जांच

  • सबसे पहले तो पीरियड्स मिस होने के कम से कम एक हफ्ते बाद महिला को टेस्ट किट का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • क्योंकि यदि आप आप एक या दो दिन बाद ही टेस्ट करती है तो हो सकता है इससे आपको सही परिणाम न मिलें।

टेस्ट किट की तारीख

  • टेस्ट किट का इस्तेमाल करने से पहले टेस्ट किट पर लिखी हुई तारीख की जांच करें।
  • क्योंकि यदि टेस्ट किट की डेट एक्सपाइरी होती है तो आपको गलत परिणाम मिल सकता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करते समय सुबह का पहला यूरिन इस्तेमाल करें

  • टेस्ट करने के लिए सुबह के पहले यूरिन का इस्तेमाल करें।
  • क्योंकि उसमे एच सी जी हॉर्मोन का लेवल सही होता है जिससे आपको सही परिणाम मिलने के चांस बढ़ जाते हैं।

सूखा कंटेनर

  • यूरिन सैंपल लेने के लिए साफ़ व् सूखे कंटेनर का इस्तेमाल करें।
  • ताकि आपको टेस्ट का सही परिणाम मिल सके।
  • क्योंकि यदि आप गंदे या गीले कंटेनर का इस्तेमाल करते हैं तो इससे टेस्ट के परिणाम में गड़बड़ी आ सकती है।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करते समय ज्यादा यूरिन ड्रॉप्स न डालें

  • टेस्ट किट में सही जगह पर यूरिन सैंपल डालें।
  • और ध्यान रखें की तीन से चार बूंदे ही यूरिन की डालें।
  • इसके लिए आप टेस्ट किट में दिए ड्रॉपर का इस्तेमाल करें।
  • क्योंकि यदि आप सीधा ही यूरिन किट में डालने की कोशिश करती है तो इससे यूरिन ज्यादा या गलत जगह पर गिर सकता है।
  • जिससे टेस्ट किट आपको सही परिणाम नहीं बता पाती है।

समतल और सूखी जगह पर करें टेस्ट

  • टेस्ट किट को सूखी और समतल जगह पर रखें।
  • क्योंकि गीली या टेढ़ी मेढ़ी जगह पर टेस्ट किट को रखने से टेस्ट किट के परिणाम में गड़बड़ी हो सकती है।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करते समय टेस्ट विंडो को न छुएं

  • टेस्ट किट में टेस्ट विंडो वो जगह होती है जहां पर आपको परिणाम की लाइन्स दिखाई देती हैं।
  • ऐसे में यदि आप टेस्ट किट का इस्तेमाल कर रही है तो टेस्ट किट विंडो को नहीं छूना चाहिए।
  • क्योंकि ऐसा करने से रिजल्ट में गड़बड़ी हो सकती है।

समय का ध्यान रखें

  • टेस्ट किट पर परिणाम देखने के लिए पांच से दस मिनट का टाइम बहुत होता है।
  • ऐसे में दस मिनट के बाद परिणाम आने पर उसे सही न समझें।
  • क्योंकि हो सकता है की यह परिणाम गलत हो।

तो यह हैं कुछ गलतियां जो आपको प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करते समय नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा टेस्ट किट पर जिस तरह टेस्ट करना होता है उसकी पूरी प्रक्रिया लिखी हुई होती है। उसी तरह की टेस्ट करना चाहिए ताकि आपको टेस्ट का सही परिणाम मिल सके।

हेयर रिमूवल क्रीम के नुकसान

शरीर पर अनचाहे बालों का होना एक आम बात है लेकिन कई बार ये बाल हमारे लिए शर्मनाक सिद्ध हो जाते है। ऐसे में इनसे छुटकारा पाना ही एक मात्र उपाय शेष रह जाता है। महिलायें हो या पुरुष सभी शरीर के अनचाहे बालों को हटाना चाहता है। इसीलिए अधिकतर महिलाएं इन्हे हटाने के लिए वैक्सिंग की मदद लेती है। लेकिन कई बार पार्लर जाने के लिए समय न होने के कारण उन्हें शॉर्टकट का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिसका नाम है हेयर रिमूवल क्रीम।

वैक्सिंग के बाद अनचाहे बालों को हटाने के लिए हेयर रिमूवल क्रीम का ही बड़े स्तर पर प्रयोग किया जाता है। पहले ऐसा नहीं था लेकिन वर्तमान बाजार में तरह-तरह के ब्रांड की भिन्न भिन्न खुशबु वाली हेयर रिमूवल क्रीम्स मौजूद है। जिनकी कीमतों में तो अंतर है ही साथ-साथ उनकी कॉलिटी में भी फर्क आप आसानी से देख सकती है। लेकिन क्या आप जानती है की हेयर रिमूव करने का ये आसान तरीका आपके लिए कितना घातक हो सकता है। शायद नहीं इसीलिये अधिकतर महिलाएं आज भी इस क्रीम का प्रयोग करती है।

क्या हेयर रिमूवल क्रीम अप्लाई करने के बाद उसकी गंध से आपको छींक आती है? क्या आपको उसके इस्तेमाल के बाद खुजली होती है? क्या क्रीम को लगाने के कुछ देर बाद आपको जलन भी महसूस होती है? अगर हां, तो समझ लें की सभी साइड इफेक्ट्स क्रीम्स में मौजूद केमिकल के कारण हो रहे है। विशेषकर सेंसिटिव स्किन के लिए, ये बहुत नुकसानदेह होती है।

अगर आप भी अपने अनचाहे बालों को हटाने के लिए हेयर रिमूवल क्रीम का इस्तेमाल करती है तो एक बार उनसे होने वाले इन नुकसानों के बारे में जान लें। और उसके बाद ही निर्णय लें की आपको इसका इस्तेमाल करना है या नहीं?

हेयर रिमूवल क्रीम से होने वाले नुकसान :-

1. लंबे समय तक असर नहीं :

अपने भी इसपर गौर किया होगा की हेयर रिमूवल क्रीम का असर दो से तीन दिन तक ही रहता है। ऐसे में अगर आप इसका इस्तेमाल करती है तो आपको हर 2 से 3 दिन में दोबारा रिमोविंग करनी पड़ेगी। वैसे देखा जाए तो ये भी कोई सस्ती नहीं आती इनकी कीमत भी अन्य तरीकों की तरह महंगी होती है।

2. गंध :

यूँ तो सभी ब्रांड ये दावा करते है की उनकी क्रीम्स को बनाने में गुलाब, चमेली के फूल, लेमन आदि की सुगंध का इस्तेमाल होता है लेकिन असल में ऐसा केवल कुछ के साथ ही होता है और जिनमे ये सुंगध होती है वो क्रीम्स काफी महंगी भी आती है। लेकिन अधिकतर क्रीम्स की गंध इतनी तेज़ और तीखी होती है की कई लोगों को तो उनसे छींके भी आने लगती है।

यह भी पढ़े : बिकनी वैक्स करने के फायदे!

3. रैशेस :

बहुत सी महिलाओं की यही शिकायत होती है की हेयर रिमूवल क्रीम के इस्तेमाल के बाद उन्हें रैशेस आ जाते है फिर चाहे उसका इस्तेमाल शरीर के किसी भी हिस्से पर क्यों न किया गया हो? दरअसल जिनकी स्किन सेंसिटिव होती है, उनकी स्किन पर ये क्रीम सूट नहीं करती जिसके कारण रैशेस हो जाते है। लेकिन कई बार इनमे दर्द भी होता है। जिसका सीधा अर्थ यही है की ये क्रीम आपकी स्किन को गवारा नहीं है।

4. स्किन की डार्कनेस :

अधिकतर मामलों में देखा गया है की शरीर के जिस हिस्से पर हेयर रिमूवर क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है। उस हिस्से की स्किन डार्क हो जाती है। जो देखने में तो भद्दा लगता ही है साथ साथ आपकी पर्सनालिटी को भी खराब करता है। जानकारी के लिए बता दें, ऐसा इसके निर्माण में प्रयोग होने वाले केमिकल के कारण होता है। जिससे स्किन डार्क हो जाती है।

5. ग्रोथ :

हेयर रिमूवर क्रीम के 2-3 दिन बाद ही दोबारा बाल आना शुरू हो जाते ही। जिसका कारण होता है इसमें मौजूद केमिकल। जो स्किन के पोर्स खोलकर बालों को ग्रोथ बढ़ाने का काम करते है। इसलिए जब आप इसका इस्तेमाल करती है तो बाल पहले से अधिक तेजी से ग्रोथ करते है। अस्त ही उनकी वॉल्यूम में भी फर्क होता है।

6. बीमारियां :

इसके अलावा अगर क्रीम में किसी ऐसे केमिकल का इस्तेमाल किया गया हो जो स्किन के लिए अच्छा नहीं है तो एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा इन क्रीम्स के निरंतर प्रयोग में स्किन डिजीज यानी त्वचा संबंधी बीमारियां भी हो सकती है।

हेयर रिमूवल क्रीम के इतने नुकसान जानने के बाद तो आप भी समझ गयी होंगी की इसके इस्तेमाल से आपकी समस्या हल नहीं होती अपितु और अधिक बढ़ जाती है। इसलिए उन चीजों के इस्तेमाल से दूर रहे जो आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते है।

इसे पढ़े : अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के विभिन्न तरीके

वैक्सिंग किस उम्र में करनी चाहिए?

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आजकल के समय में क्या लड़कियां और क्या महिलाएं? सभी खुद को बेस्ट दिखाने के लिए तरह-तरह के तरीकों का इस्तेमाल करती है। इन्हीं में से एक है शरीर के अनचाहे बालों को हटाना। शरीर के अनचाहे और अतिरिक्त बाल हटाना आजकल एक आम बात बन गयी है। वैक्सिंग एक प्रक्रिया है जिसमे शरीर के किसी भी हिस्से के अनचाहे बालों को आसानी से हटाया जा सकता है। इससे अनचाहे बाल तो हट ही जाते है साथ साथ त्वचा भी मुलयाम और ग्लो हो जाती है।

परंतु हाल ही में किये गए एक सर्वेक्षण से पता चला है की आजकल 11-12 वर्ष की लड़कियां भी ब्यूटी सलून में जाकर वैक्सिंग करवा लेती है। लेकिन क्या आपको यह सही लगता है? इतनी छोटी उम्र में वैक्सिंग करना ठीक है? निश्चित रूप से नहीं, लेकिन कुछ लोग इसे इतना गंभीर होकर नहीं लेते। इसीलिए आज हम आपको इस विषय में विस्तार से बताने जा रहे है।

क्या आप भी कॉन्शियस हो रही है?waxing ki tips

किशोरावस्था के पहले एक दो साल और किशोरावस्था के दौरान लड़कियों में कई शारीरिक और मानसिक बदलाव होते है। और इन हार्मोनल बदलावों के दौरान अक्सर शरीर के बाल अधिक घने होते है और बढ़ने भी लगते है। जिसको लेकर लड़कियां काफी कॉन्शियस होने लगती है। विशेषकर जब उन्हें स्कूल में स्कर्ट पहननी हो। ऐसे में ये इनके साथ बहुत असुविधाजनक महसूस करती है।

अगर आपकी बेटी के दोस्त भी उसके चिढ़ा रहे है, तो वैक्सिंग कराने की बजाय उसको भावात्मक रूप से समझाएं की हरेक इंसान में कुछ न कुछ अच्छाइयां और बुराइयां होती है और जो किसी की बुराइयां देखकर हसंता है वह खुद सबसे बुरा होता है। अगर वह आपकी बात नहीं समझती है तो आप उसे skin fit socks पहनने की सलाह दे सकती है।

क्योंकि इतनी छोटी उम्र में वैक्सिंग कराना बिलकुल ठीक नहीं। यह उसकी स्किन को हार्श करने के साथ-साथ रैशेस का कारण भी बन सकती है।

वैक्सिंग में होने वाला पेन :-

सभी इस बात को अच्छी तरह जानती है की वैक्सिंग कितनी दर्दनाक होती है। क्योंकि इसके दौरान बालों को जड़ से उखाड़ा जाता है जिसमे काफी दर्द होता है। लेकिन अगर छोटी उम्र की लड़कियां वैक्सिंग करने लगती है तो निश्चित रूप से वे इस दर्द को सहन नहीं कर पाएंगी। हो सकता है यह उनकी स्किन पर भी नेगेटिव प्रभाव डाले।

इससे होने वाले नुकसान और फायदे :-

वैक्सिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे त्वचा के बालो को खींच कर निकाला जाता है। ऐसे में अगर लड़कियां छोटी उम्र से ही वैक्सिंग करवाना शुरू कर देती है तो उनकी नाजुक स्किन ढीली भी हो सकती है। इसीलिए एक्सपर्ट यही सलाह देते है की वैक्सिंग पूर्ण शारीरिक विकास के बाद ही करवानी चाहिए।

वैक्सिंग कराने की सही उम्र क्या है?

बाहर के देशों में बहुत से ब्यूटी पार्लर और सलून्स में 16 वर्ष से कम आयु की लडकियों को वैक्सिंग, थ्रेडिंग और अनचाहे बालों को हटाने की किसी भी प्रक्रिया को करने की अनुमति नहीं है। क्योंकि छोटी उम्र में वैक्सिंग कराने से बालों में तीव्र वृद्धि होने लगती है। और कई बार स्किन में गंभीर रैशेस और -ve रिएक्शन भी हो जाते है।

ऐसे में इसे करवाना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर आपकी उम्र 15 से 16 वर्ष की है तो आपको वैक्सिंग की कोई आवश्यकता नहीं है। तो ऐसे में दोस्तों के कहने या दूसरों को देखकर वैक्सिंग करवाना ठीक नहीं।

क्योंकि यह केवल आपकी स्किन को हानि पहुंचाएगी। एक्सपर्ट भी इस उम्र में वैक्सिंग कराने की सलाह नहीं देते। वैसे तो वैक्सिंग कराने की सही उम्र 20 वर्ष के बाद ही होती है। लेकिन अगर आपकी लगता है की इसकी जरुरत है तो आप इसे पहले भी करा सकती है।

बाल धोने के सही तरीके ताकि आपका बाल टूटे नहीं!!

बालों की ख़ूबसूरती आपकी पर्सनैल्टी को और भी बढ़ाने में आपकी मदद करती है, और इसके लिए जरुरी है की आप इनकी अच्छे से केयर करें, फिर चाहे वो इनको पोषण देने की बात हो, या इन्हे अच्छे से धोने की, क्योंकि कई बार जो लोग बालों को अच्छे से नहीं धोते है, या धोने के लिए सही तरीके का इस्तेमाल नहीं करते है, इसके कारण भी उनके बाल कमजोर हो जाते है, या फिर बालों से जुडी और कोई परेशानी हो जाती है, और बाल यदि अपनी चमक खो देते है तो इसका असर आपकी पर्सनैलिटी पर भी पड़ता है।

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hair wash

बालों को धोने के लिए कई लोग गरम पानी का इस्तेमाल करते है, परन्तु क्या आप जानते है की गरम पानी का इस्तेमाल बालों के लिए करने से बालों की जड़े कमजोर हो जाती है, और बाल झड़ना शुरू हो जाते है, इसे अलावा कई लोग ऐसा भी मानते है की बालों को नियमित धोने से आपके बाल मुलायम और खूबसूरत बनते है, परन्तु क्या आप जानते है की ऐसा करने से बालों की प्राकृतिक चमक भी खो जाती है, साथ ही शैम्पू में भी केमिकल का ही इस्तेमाल किया जाता है, इसीलिए इसके प्रयोग से भी आपको बालों को डैमेज होने का खतरा रहता है, तो ऐसी ही कुछ बातें है जो यदि आप बालों को धोने के लिए ध्यान नहीं रखते है, तो आपके बालों में रुसी, बालों का कमजोर होना, दो मुहें होना, आदि समस्या शुरू हो जाती है, तो आइये आज हम आपको आपके बालों को धोने के सही तरीके के बारे में बताएंगे जिसके कारण आपके बालों को मजबूत होने के साथ उनकी चमक को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

बालों को धोने से पहले बालों में ऑयल लगाएं:-

बालों को कभी भी धोने से एक रात पहले या थोड़ी देर पहले बालों में ऑयल का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए, इसके कारण आपके बालों को पोषण मिलता है, और साथ ही आपके बालों को मजबूत होने में भी मदद मिलती है, साथ ही बालों को सिल्की और चमकदार भी बनाया जा सकता है।

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बालों के लिए करें ऐसे करें पानी का इस्तेमाल:-

बालों को धोने के लिए कभी भी ज्यादा गरम पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपके बाल कमजोर हो जाते है, परन्तु गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने से आपके क्यूटिकल्स पूरी तरह से खुल जाते है, जिसके कारण शैम्पू और कंडीशनर अच्छे से आपको फायदा करते है, और ठन्डे पानी से बालों को धोने से क्यूटिकल्स बंद हो जाते है, जिसके कारण शैम्पू और कंडीशनर से मिलने वाली नमी को लॉक करता है, आप किसी का भी इस्तेमाल कर सकते है, परन्तु यदि आप बालों को गुनगुने पानी से धोते है, तो अंत में आपको थोड़े से ठन्डे पानी का भी इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आपके बालों को इसका फायदा मिल सकें।

ज्यादा शैम्पू का इस्तेमाल न करें:-

बालों को धोने के लिए ज्यादा शैम्पू या फिर नियमित शैंपू का इस्तेमाल भी खराब होता है, शैम्पू का इस्तेमाल आपको बालों की लम्बाई और उसके वॉल्यूम के हिसाब से ही करना चाहिए, शैम्पू का इस्तेमाल आपको अपने स्कैल्प पर करना चाहिए, कंडीशनर का इस्तेमाल आपको अपने बालों पर करना चाहिए, खासकर बालों के निचले हिस्से पर क्योंकि वहां पर बालों पर रूखेपन और दो मुहें की परेशानी होती है, इसीलिए बालों को शैम्पू के साथ कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

बालों को प्यार से और उँगलियों के पोरो का इस्तेमाल करें:-

बालों कोढ़ोने के लिए कभी भी बालों को जोर से नहीं घिसे, क्योंकि इसके कारण बालों की ऊपरी परत को नुकसान होता है, जिसके कारण बाल टूटने लग जाते है, इसके साथ बालों को धोते समय कभी भी अपने हाथों को कभी भी गोलाकार न घुमाएं, ऐसा करने से आपके बाल ज्यादा उलझते है और टूटते है, और बालों को हमेशा जड़ से धोना शुरू करें, और बालों पर दबाव डालते हुए नीचे की तरफ आयें, ऐसा करने से आपको बालों को अच्छे से धोने में मदद मिलती है, साथ ही बालों को धोते हुए ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए।

जल्दी जल्दी शैम्पू न बदलें:-

बालों के लिए आपको ऐसे शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए जो की आके बालों पर सूट करें, साथ ही आपको बार बार शैम्पू में बदलाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपके बाल अपनी प्राकृतिक चमक को खो देते है, और बाल ख़राब होने लगते है।

कंडीशनर का इस्तेमाल जरुर करें:-

बालों को शैम्पू करने के बाद बालों में कंडीशनर का इस्तेमाल जरुर करना चाहिए, इसके इस्तेमाल करने से आपके बाल मुलयम बनते है, इनकी नमी बनी रहती है, और इसकी मदद से बालों को टूटने की समस्या से भी राहत मिलती है, इसीलिए बालों के लिए शैम्पू का इस्तेमाल करने के बाद कंडीशनर की कभी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

रोजाना शैम्पू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए:-

कई महिलाएं ऐसी होती है जो सोचती है की बालों में रोजाना शैम्पू का इस्तेमाल करने से बालों की चमक बढ़ती है, बाल मुलायम होते है, परन्तु ऐसा नहीं होता है ऐसा करने से बाल रूखे और बेजान होने लगते है, यदि आपके बाल तेलीय है तो आपको दो या तीन दिन में अपने बालों को धोना चाहिए नहीं तो हफ्ते में दो बार बाल धोना काफी होता है, और ये भी याद रखें की आप अच्छे शैम्पू का इस्तेमाल करें, ताकि आपके बालों को कोई नुकसान न हो।

तो ये कुछ बातें है जिनका ध्यान आपको बालों को धोते समय रखना चाहिए, इसके अलावा आपको कभी भी गीले बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए, जायदा दिनों तक तेल वाले बाला नहीं रखने चाहिए, बालों में झटके से कंघी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बालों के लिए ज्यादा केमिकल का प्रयोग नहीं करना चाहिए ऐसा करने से आपको अपने बालों को बेहतर बनाने में मदद मिलती है, इसके साथ बाल धोने के इस तरीके को अपनाकर भी आप अपने बालों की प्राकृतिक चमक को बरक़रार रख सकते है, और बालों को डैमेज होने से बचा सकते है, तो यदि आप भी बाल धोने में कोई गलती नहीं करना चाहते है तो इन बातों का खास ख्याल रखे।

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सिर में खुजली से ऐसे पाएं छुटकारा

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सिर में खुजली होना, बालों में होने वाली कई समस्यायों में से एक है। जिसके कई कारण होते हैं। सामान्य तौर पर सिर में खुजली रुसी, स्कैल्प में खुश्की, ड्राई स्कैल्प और गंदगी के कारण होती है। सिर में खुजली होने का एक कारण एक्जिमा और सोरायसिस भी होता है जो त्वचा संबंधी बीमारियां हैं।

यह समस्या अधिकतर किशोर और जवान लोगों में देखने को मिलती जिसका मुख्य कारण बालों साफ़-सफाई नहीं रखना होता है। साफ़-सफाई नहीं रखने से स्कैल्प पर खुश्की आने लगती है और खुजली होती है। इसके अलावा बालों में ऑइलिंग नहीं करने के कारण भी सिर में खुजली की समस्या होती है। ऑइलिंग नहीं करने से बाल और स्कैल्प ड्राई हो जाते हैं जिसके कारण खुजली होती है। लंबे समय तक सिर में खुजली होने पर स्कैल्प रूखी और बेजान हो जाती है और जब आप सिर खुजलाते हैं तो सफ़ेद परत निकलने लगती है। कई बार खुजाते-खुजाते सिर की त्वचा पर घाव बन जाते हैं और कई बार खून भी निकलने लगता है।

यहाँ हम आपको सिर में खुजली से बचने के कुछ उपाय बता रहे हैं। इन उपायों का प्रयोग करके सिर की खुजली से निजात पाई जा सकती है।

सिर में खुजली से छुटकारा पाने के उपाय

नींबू

नींबू में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो स्कैल्प की कोशिकाओं को रिपेयर करके उन्हें ठीक करता है। नींबू ड्राई स्किन को नमी देने का भी काम करता है जिससे सिर में सफ़ेद परत नहीं बनती। प्रयोग के लिए 1 छोटी चम्मच नींबू के रस में 1 कप पानी मिलाएं और उसे अपनी स्कैल्प पर लगाएं। इसे 10 से 15 मिनट तक स्कैल्प पर लगे रहने दें। उसके बाद बालों को ठंडे पानी से अच्छी तरह साफ़ कर लें। समस्या पूरी तरह ठीक हो जाने तक सप्ताह में 2 बार इस उपाय का प्रयोग करें। सिर की खुजली और रुसी से छुटकारा मिलेगा।

नारियल तेल

बालों और उससे जुडी समस्यायों के लिए नारियल तेल बहुत फायदेमंद होता है। नारियल तेल की मदद से ना केवल सिर की खुजली में आराम मिलता है बल्कि बालों को भी पोषण मिलता है। नारियल तेल बालों की ड्राइनेस को भी खत्म करता है। प्रयोग के लिए, रात में नारियल तेल से लगभग 15 मिनट तक सिर में मालिश करें। तेल को हल्का गुनगुना कर लें तो बेहतर होगा। अगली सुबह बाल धो लें। खुजली में आराम मिलेगा।

टी ट्री आयल

यह एक एसेंशियल आयल है जिसके एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टेरियल गुण होते हैं। यह सिर की त्वचा में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करके खुजली की समस्या को दूर करने में मदद करता है। टी ट्री आयल लगाने से स्कैल्प की सफ़ेद परत और रूखेपन से भी निजात मिलती है। प्रयोग के लिए टी ट्री आयल की 10-20 बूंदे को आधे बेबी शैम्पू में मिलाकर बालों में लगा लें। कुछ देर बाद सिर धो लें। जब भी आप सिर धोएं, इसका इस्तेमाल करें। आप चाहे तो टी ट्री आयल की 2-3 बूंदे एक छोटी चम्मच वेजिटेबल आयल में मिलकर मालिश करें। इससे सिर की त्वचा बेहतर होगी।

गेंदे का फूल

गेंदे के फूल भी सिर में खुजली की समस्या से निजात दिलाने में मदद करते हैं। गेंदे के फूल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टेरियल गुण होते हैं जो सिर की खुजली को दूर करते है। प्रयोग के लिए 4 गेंदे के फूल 500 मिलीलीटर पानी में डालकर कुछ देर उबाल लें। उबलने के बाद इस पानी में आधे नींबू का रस मिलाएं। शैम्पू करने से पहले इस मिश्रण से स्कैल्प पर अच्छे से मसाज करें। अगर रुसी की समस्या है तो मिश्रण में सेब का सिरका भी मिला लें। उसके बाद शैम्पू करके बाल धो लें। बालों को सुखाने के लिए ड्रायर का इस्तेमाल नहीं करें यह खुजली को बढ़ा सकता है। नियमित प्रयोग से सिर की खुजली की समस्या से राहत मिलेगी।

प्राकृतिक तेलों का मिश्रण

प्राकृतिक तेलों की मदद से भी सिर में खुजली और रुसी की समस्या को दूर किया जा सकता है। प्रयोग के लिए टी ट्री आयल, नारियल तेल, ओलिव आयल, बादाम का तेल और एवोकाडो तेल को मिक्स करके हल्का गुनगुना कर लें। और मिश्रण को सिर में लगाएं। जब तक खुजली पूरी तरह ठीक ना हो जाए, उपाय का इस्तेमाल करते रहें। सिर में खुजली की समस्या से निजात मिलेगी।

बेकिंग सोडा

खाना बनाने में इस्तेमाल किये जाने वाला बेकिंग सोडा सिर की खुजली के लिए बहुत फायदेमंद होता है। बेकिंग सोडा स्कैल्प के pH लेवल को नार्मल रखने में मदद करता है जिससे सिर की खुजली में आराम मिलता है। प्रयोग के लिए बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर उसका पेस्ट बना लें और स्कैल्प पर हलके हाथों से रगड़ें। 15-20 मिनट इसे सिर पर लगे रहने दें और कुछ देर बाद बाल धो लें। समस्या पूरी तरह ठीक होने तक सप्ताह में एक बार उपाय का प्रयोग करें। खुजली से राहत मिलेगी।

तिल का तेल

तिल के बीज का तेल सिर की खुजली और रूखेपन को दूर करने में मदद करता है। तिल के तेल को गर्म करके स्कैल्प में मसाज करने से कुछ ही दिनों में खुजली से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है। प्रयोग के लिए तिल के तेल को गर्म करें और रोजाना रात को 10 मिनट तक तेल से मालिश करें। अब तौलिए को गर्म पानी में भिगोएं और तेल लगे बालों में लपेट लें। जब तक तौलिया ठंडी ना हो जाए ऐसे ही रहने दें। अगली सुबह बालों में शैम्पू कर लें। इस उपचार से खुजली की समस्या दूर हो जाएगी /

ये कुछ उपाय हैं, जिनका प्रयोग करके सिर में खुजली की समस्या से निजात पाई जा सकती है। अगर नियमित रूप से इन उपायों का प्रयोग करेंगे तो जल्द ही सिर की खुजली ठीक हो जाएगी।

डिलीवरी के लिए जाते समय हॉस्पिटल बैग में महिला, बच्चे और होने वाले पिता के लिए क्या-क्या रखें?

नौवां महीना लगते ही डिलीवरी किसी भी समय होने के चांस होते हैं। ऐसे में हॉस्पिटल जाते समय आपको आपको जिन जिन चीजों की जरुरत होती है। उन्हें इक्कठा करने में किसी तरह का तनाव न हो, इसके लिए पहले से ही हॉस्पिटल बैग पैक करके रखने की सलाह दी जाती है। हॉस्पिटल बैग में महिला, होने वाले वाले बच्चे, होने वाले पिता के लिए उन सभी चीजों को रखा जाता है। जिसकी हॉस्पिटल में जरुरत पड़ सकती है। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको उन्ही चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको हॉस्पिटल बैग में पैक करनी चाहिए।

महिला के लिए रखें यह जरुरी चीजें

डिलीवरी के बाद महिला को किन किन चीजों की जरुरत हॉस्पिटल में पड़ती है। आइये जानते हैं:-

जरुरी रिपोर्ट्स

हॉस्पिटल बैग में महिला को अपनी उन सभी रिपोर्ट्स को रख लेना चाहिए। जो प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने की हैं साथ ही महिला को अपना आधार कार्ड व् अन्य कोई आइडेंटिटी कार्ड जरूर रखना चाहिए। और यदि महिला का कोई मेडिकल इंशोरेंस है तो उसके कागज़ भी रख लेने चाहिए।

ब्रेस्टफीडिंग और पर्सनल पिल्लो

डिलीवरी के लिए जरुरी सामान में महिला को दो पिल्लो भी जरूर रखने चाहिए। एक महिला को सोने के लिए क्योंकि हो सकता है की हॉस्पिटल में महिला के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले तकिये में महिला आरामदायक महसूस न करें। और दूसरा पिल्लो बच्चे को शुरुआत में स्तनपान करवाने में महिला को कोई दिक्कत न हो, ज्यादा नीचे की तरफ झुकना न पड़े इसके लिए रखना चाहिए।

महिला के लिए जरुरी कपडे

हॉस्पिटल बैग में महिला को अपने लिए सभी जरुरी कपडे भी रख लेने चाहिए। जैसे की महिला को नाइटी रखनी चाहिए जिसमे ऊपर चैन हो ताकि बच्चे को दूध पिलाने में दिक्कत न हो। महिला को अपने लिए नर्सिंग ब्रा रखनी चाहिए जिसमे बच्चे को स्तनपान करवाने में आसानी हो। सॉक्स, पैंटी आदि को भी रखना चाहिए। और ब्रा, नाइटी, सॉक्स के पांच छह जोड़े रखने चाहिए। इसके अलावा महिला को अपने इस्तेमाल के लिए एक टॉवल और एक ब्लैंकेट यानी कम्बल भी रखना चाहिए। और घर आने के लिए भी एक जोड़ी कपडे अलग रखने चाहिए।

चप्पल

एक आरामदायक चप्पल भी महिला को पैक करके रखनी चाहिए और ध्यान रखें की चप्पल स्लिपरी न हो।

बाथरूम के लिए जरुरी सामान

ब्रश, साबुन, टूथपेस्ट, लिप बाम, मॉइस्चराइजर आदि को भी रखना चाहिए। क्योंकि हॉस्पिटल में इन सभी चीजों की जरुरत पड़ती है। और आप हॉस्पिटल से ज्यादा अपनी चीजों के साथ आरामदायक महसूस करती हैं।

बालों के लिए सामान

शैम्पू, कंडीशनर, हेयर ब्रश, बालों को बाँधने के लिए सामान आदि भी जरूर रखना चाहिए। चाहे जरुरत हो या न हो लेकिन इन्हे बैग में पैक जरूर करें।

सैनिटरी पैड्स

वैसे तो हॉस्पिटल में आपको सैनिटरी पैड मिल जाते हैं लेकिन फिर भी आपको दो तीन पैकेट सैनिटरी पैड के अपने पास रखने चाहिए। ताकि जब आपको जरुरत हो तो आप उनका इस्तेमाल कर सके।

इलेक्ट्रॉनिक सामान

महिला को अपना फ़ोन, फ़ोन का चार्जर, कैमरा आदि भी पैक करना चाहिए। कैमरा का इस्तेमाल करके आप अपने बच्चे के पैदा होने पर जो बेहतरीन मूवमेंट होंगे। आप कैमरा का इस्तेमाल करके उन्हें अपने पास रख सकते हैं।

होने वाले बच्चे के लिए हॉस्पिटल बैग में पैक करें यह जरुरी सामान

बच्चे के जरुरी कपडे: बच्चे के जन्म के बाद आपको हॉस्पिटल में एक या दो जितने दिन भी रखा जाता है। उस हिसाब से बच्चे के लिए चार से पांच जोड़ी कपडे रखें। बच्चे की पैंटी रखें और वो ज्यादा रखें, बच्चे के लिए तौलिया, सॉक्स, टोपी, ग्लव्स, बच्चे के लिए घर जाते समय जो कपडे पहनाने हैं वो कपडे रखें।

डाइपर: हॉस्पिटल बैग में डाइपर भी जरूर रखें क्योंकि घर लाते समय बच्चे के लिए डाइपर की जरुरत होती है। साथ ही हॉस्पिटल में थोड़ी देर आप चाहे तो बच्चे को डाइपर पहना सकती है।

कम्बल: बच्चे के लिए छोटे छोटे दो तीन कम्बल भी रखें, आज कल मार्किट में वह आसानी से मिल जाते हैं।

बच्चे के पिता के लिए रखें यह जरुरी सामान

माँ और बच्चे के साथ होने वाले पिता के लिए भी कुछ जरुरी चीजें महिला को बैग में पैक करनी चाहिए। आइये जानते हैं वो चीजें कौन सी हैं।

  • होने वाले पिता के लिए जरुरी कपडे, तौलिया, कम्बल, पिल्लो आदि बैग में रखें।
  • फ़ोन का चार्जर, लीड आदि भी बैग में रखें।
  • बाथरूम के लिए ब्रश, साबुन आदि भी रखें।
  • कैश, कार्ड्स, आइडेंटिटी कार्ड आदि भी ध्यान से रखें।
  • टाइम पास के लिए एक बुक भी बैग में रखें।

तो यह हैं कुछ चीजें जो डिलीवरी बैग में जरूर पैक करनी चाहिए। क्योंकि इन सभी चीजों की जरुरत हॉस्पिटल में पड़ जाती है। साथ ही आपको चाहे जरुरत हो या न हो आपको किसी भी चीज को लेकर तनाव न हो। इसके लिए आपको हॉस्पिटल बैग में इन सब चीजों को पैक करना चाहिए।

Ovulation पीरियड कब होता है जानें Ovulation Period के बारे में अगर बेबी प्लान कर रहीं हैं

हर महिला को हर महीने अठाइस दिन के चक्र के बाद पीरियड्स होते हैं। इस दौरान महिलाओ के प्राइवेट पार्ट से ब्लड फ्लो होता है। कई महिलाओ को बिलकुल समय पर पीरियड्स होता है, तो कई महिलाओ को दो चार दिन आगे पीछे भी हो जाता है। ओवुलेशन पीरियड महिला के पीरियड्स पर निर्भर करता है। हर महिला में यह अलग अलग होता है। और ओवुलेशन पीरियड महिला के गर्भधारण में अहम रोल निभाता है।

जो महिलाएं प्रेग्नेंट होना चाहती है, बेबी प्लान कर रही है तो उनके लिए जरुरी है की उन्हें ओवुलेशन पीरियड की जानकारी हो। क्योंकि इस दौरान बनाएं गए सम्बन्ध से महिला के माँ बनने के चांस सबसे ज्यादा होते है। जिस दिन आपको पीरियड होता है उसके तीसरे हफ्ते की शुरुआत में यानी की बारह से सोलह दिन के बीच आपका ओवुलेशन पीरियड होता है। आइये अब हम आपको विस्तार से बताते है की ओवुलेशन पीरियड क्या होता है।

Ovulation पीरियड क्या होता है:-

महिलाओ को जिस दिन पीरियड होता है, उसके बारह से सोहलवें दिन तक ओवुलेशन पीरियड होता है। लेकिन यह हर महीने बदलता है यदि महिलाको अनियमित पीरियड होता है, आपके पीरियड के अनुसार आपका ओवुलेशन पीरियड भी बदल जाता है। लेकिन यदि आपका मासिक चक्र सही होता है तो ऐसे में आप कैलकुलेट कर सकती है की पीरियड के बाद कौन सा दिन आपका ओवुलेशन पीरियड होता है। यदि आप चाहे तो एक बारे में इस बारे में अपनी डॉक्टर से भी राय ले सकती है।

ओवुलेशन पीरियड में इन बातों का ध्यान दे अगर बेबी प्लान कर रही है:-

बेहतर सम्बन्ध बनाएं:-

यह समय आपकी प्रेगनेंसी के लिए सबसे अच्छा होता है इसीलिए आप इन दिनों में अच्छे से सम्बन्ध बनाएं इससे आपकी प्रेगनेंसी के चांस बढ़ जाते है। साथ ही आपको सम्बन्ध बनाते समय किसी भी तरह की सुरक्षा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, और जितना हो सके महीना को इन दिनों में भरी सामान उठाने, व् जो काम भी पेट के भार होते है उन्हें करने से बचना चाहिए इससे उनकी प्रेगनेंसी के चांस बढ़ते है।

नशे से दूर रहें:-

यदि आप माँ बनना चाहती है तो आपको इस दौरान किसी भी नशे जैसे कि धूम्रपान, अल्कोहल, व् ने किसी भी तरह के नशे का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आपकी प्रेगनेंसी के चांस कम होते है। साथ ही इससे आपका गर्भाशय भी प्रभावित होता है जिससे आपकी प्रेगनेंसी के चांस कम होने लगते है।

खान पान पर ध्यान दें:-

ओवुलेशन पीरियड के दौरान आपको फोलिक एसिड लेना शुरू कर देना चाहिए, हरी सब्जियों, फलों आदि का सेवन भरपूर करना चाहिए, ताकि प्रेगनेंसी के लिए आपको शारीरिक रूप से फिट रहने में मदद मिल सकें। इसके अलावा आप चाहे तो अपनी फिटनेस के लिए आपको क्या क्या आहार लेना चाहिए इस बारे में अपने डॉक्टर्स से भी राय ले सकते है।

पीरियड्स में न बनाएं सम्बन्ध:-

यदि आप चाहती हैं की आपका परिवार आगे बड़े तो आपको ओवुलेशन पीरियड का इंतज़ार करना चाहिए। और पीरियड में सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए, ऐसे में आपकी प्रेगनेंसी के चांस बढ़ाने में मदद मिलती है। और इस दौरान आपको अपनी साफा सफाई का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए ताकि आपको किसी भी तरह के संक्रमण से बचने में मदद मिल सकें।

तनाव न लें:-

प्रेगनेंसी के लिए जरुरी है की आप केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह फिट हो। यदि आप माँ बनना चाहती है तो आपको बिल्कुल भी तनाव नहीं लेना चाहिए, यदि आप अपने प्रेगनेंसी के सही समय पर मानसिक रूप से परेशान रहती है तो इससे आपकी प्रेगनेंसी के चांस कम होते है। इसीलिए जरुरी है की शारीरिक रूप से फिटनेस के साथ आप मानसिक रूप से भी फिट रहें।

डॉक्टर से राय लें:-

यदि आपकी बहुत कोशिश के बाद भी आपको प्रेगनेंसी नहीं हो रही है तो इसके लिए आपको अपनी डॉक्टर से राय लेनी चाहिए, और उनसे अपने सही ओवुलेशन की जानकारी लेनी चाहिए। जिससे वो आपकी मदद कर सकें और आपकी प्रेगनेंसी केचने को बढ़ाने में मदद मिल सकें।

तो ये है वो टिप्स जिनके अनुसार आप पता कर सकती है की आपका ओवुलेशन पीरियड क्या है। और अगर आप बेबी प्लान करने के बारे में सोच रही हैं तो आपको इसका ध्यान जरूर देना चाहिए। इसके अलावा यदि आप चाहे तो इस बारे में अपने डॉक्टर से भी जानकारी ले सकती है।

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मेहंदी को डार्क कैसे करें? मेहंदी रचने के तरीके

How to Dark Mehandi Colour : मेहंदी महिलाओं के 16 श्रृंगारों में से एक है जिसे लगाना हर महिला बहुत पसंद करती है। घर में शादी विवाह के फंक्शन से लेकर व्रत-उपवास आदि तक सभी में हाथों पर लगाई जाने वाली मेहंदी का खास महत्व होता है। विशेषकर लड़की की शादी के दिन। चेहरे, बाल और शरीर को तो पार्लर आकर्षक बना देते है लेकिन जब बात मेहंदी की आती है तो उसके लिए कोई उपाय नहीं होता। क्योंकि मेहंदी का रंग हाथों में अपने आप ही आता है।

ऐसे तो बाजार की आर्टिफिसियल मेहंदी भी लगाई जा सकती है लेकिन इस तरह की मेहंदी स्किन के लिए कुछ खास अच्छी नहीं होती और एक से दो दिन बाद ये काफी खराब दिखने लगती है वैसे भी मेहंदी लगाना हिन्दू धर्म में शगुन माना जाता है। लेकिन ये भी सच है की मेहंदी आकर्षक तभी लगती है जब उसका रंग डार्क हो। इसलिए यहाँ हम कुछ ऐसे तरीके बता रहे है जिनकी मदद से मेहंदी के रंग को गाढ़ा किया जा सकता है।

पर ध्यान रहें इन उपायों का इस्तेमाल करते समय आपको किसी अन्य उत्पाद जैसे बाजार में मिलने वाले मेहंदी तेल या अन्य का इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा करने से त्वचा में जलन और खुजली की समस्या हो सकती है। आइये जानते है मेहंदी रचाने के तरीके!

मेहंदी लगाने से पहले ये जरुर करें :

मेहंदी लगाने से पहले आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा ताकि मेहंदी अच्छे से लगे और उसका रंग डार्क हो सके। उसके लिए –

  • अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ़ रखें। उनपर किसी भी तरह की गंदगी नहीं होनी चाहिए।
  • मेहंदी लगाने से पहले किसी भी तेल के इस्तेमाल से बचें। अगर तेल लगा हुआ है तो पहले उसे साबुन से हटायें।
  • मेहंदी लगाते समय हाथों में कोई भी चिकनाई नहीं होनी चाहिए अन्यथा मेहंदी का रंग नहीं चढ़ेगा।
  • अगर आप वैक्स आदि करवाती है तो ये सभी मेहंदी लगवाने से पहले ही करवा लें।

मेहंदी लगाने के बाद इनका ध्यान रखें :

मेहंदी लगवाने के बाद भी आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना होगा। जिससे मेहंदी का रंग गाढ़ा हो सके। उसके लिए –

  • हाथों या पैरों पर मेहंदी लगवाने के बाद जितना हो सके उतनी देर तक उसे लगे रहने दें। क्योंकि ये जितना हाथों पर रहेगी उतनी ही गाढ़ी रचेगी।
  • इसे निकालने / साफ़ करने के लिए पानी का इस्तेमाल न करें। मेहंदी हटाने के लिए इसके सूखने पर उसे झाड कर साफ़ करें।
  • ज्यादा दिनों तक रंग को बरकरार रखने के लिए 2 दिन से 3 दिन तक साबुन और पाने का अधिक इस्तेमाल नहीं करें।
  • मेहंदी लगवाने के बाद धुप के सम्पर्क में आने से बचें। यह आपकी मेहंदी के रंग को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • मेहंदी लगवाने के बाद कभी भी वैक्सिंग आदि न कराएं। इससे मेहंदी का रंग हल्का हो जाता है।
  • हाथों की मेहंदी को डार्क करने के लिए पानी का जितना हो सके उतना कम प्रयोग करें।
  • बार-बार हाथ धोने से बचें।

हाथों और पैरों की मेहंदी का रंग डार्क करने के तरीके :

1. सरसों का तेल :

मेहंदी का रंग गाढ़ा करने के लिए इसका इस्तेमाल पिछले काफी समय से किया जाता रहा है। इसका प्रयोग करके मेहंदी को बड़ी ही आसानी से बिना पानी का इस्तेमाल किये साफ़ भी किया जा सकता है। इसके लिए हाथों पर थोडा सा सरसों का तेल हाथों पर अच्छी तरह मलें। और फिर रगड़ते हुए मेहंदी छुडा लें। मेहंदी हटाने के बाद एक बार फिर सरसों का तेल हाथों में लगाएं। ऐसा करने से कुछ ही घंटों में आपकी मेहंदी का रंग डार्क हो जाएगा।

2. अचार का तेल :

अचार के तेल का इस्तेमाल करके भी मेहंदी का रंग गाढ़ा किया जा सकता है। इसके लिए मेहंदी सूखने के बाद उसपर अचार का तेल लगाएं। कुछ ही समय में मेहंदी का रंग डार्क हो जाएगा। और क्योंकि अचार सभी के घर में मौजूद होता है तो इसके लिए आपको कुछ पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

3. नींबू और चीनी का घोल :

मेहंदी को रचाने के लिए नींबू-चीनी का घोल सबसे पुराना और प्रभावी घरेलू नुस्खा है। जिसका सभी बड़े स्तर पर इस्तेमाल करते है। दरअसल इस घोल में गाढ़ापन होता है जिससे मेहंदी गहरी रचती है। इसका चिपचिपापन मेहंदी को हाथों से निकलने नहीं देता। और मेहंदी का रंग अधिक समय तक गाढ़ा रहता है। इसके लिए एक कटोरी में नींबू का रस और थोड़ी सी चीनी मिलाकर घोल बनाएं और उसे मेहंदी सूखने के बाद पूरी मेहंदी पर लगा लें। कुछ देर ऐसे ही लगे रहने दें। मेहंदी का रंग डार्क होने लगेगा।

4. विक्स या बाम :

सुनने में थोडा अजीब है लेकिन यह सच है विक्स की मदद से भी मेहंदी का रंग डार्क किया जा सकता है। क्योंकि बाम गर्म होती है जिससे मेहंदी को हीट मिलती है और उसका कलर गाढ़ा हो जाता है। इसके लिए मेहंदी ऐसे समय में लगवाएं जिससे वह पूरी रात हाथों में लगी रहे। अगली सुबह मेहंदी को झाड़कर हटाएं और उस पर विक्स या कोई भी बन लगा ले। मेहंदी का रंग डार्क हो जाएगा।

5. लौंग का इस्तेमाल करें :

लौंग की मदद से भी मेहंदी को रचाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल आप नींबू चीनी के घोल के बाद आसानी से कर सकती है। प्रयोग के लिए एक पैन या तवे पर कुछ लौंग गर्म कर लें। अब सावधानी रखते हुए अपनी हथेलियों को उस पैन पर इस तरह रखें की आपका हाथ जले नहीं और लौंग का धुंआ मेहंदी पर लग जाए। इस उपाय का इस्तेमाल करने से हाथों में लगा नींबू-चीनी का घोल भी सूख जाएगा और मेहंदी का रंग भी डार्क हो जाएगा।

6. हाथों को गर्म रखें :

मेहंदी का रंग गर्मी मिलने पर डार्क होने लगता है लेकिन इसके लिए आपको गैस या चूल्हे के सामने बैठने की आवश्यकता नहीं है। आप कंबल या ग्लव्स आदि से अपने हाथों को कवर करके मेहंदी के रंग को डार्क कर सकती है।

7. अन्य उपाय :

इसके अलावा कुछ अन्य उपाय भी जिनकी मदद से मेहंदी के रंग को गाढ़ा किया जा सकता है।

  • आप चाहे तो मोम को घिसकर अपने हाथों पर भी लगा सकती है।
  • कहते है पन्नी से ढकने से मेहंदी का रंग डार्क होता है लेकिन ये मेहंदी के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
  • मेहंदी हटाने के लिए कभी भी उन्हें पानी से रगड़कर साफ़ नहीं करना चाहिए।
  • यदि गलती से पानी गिर भी जाए तो हाथों में तुरंत पेट्रोलियम जेली लगा लें। मेहंदी का रंग सुरक्षित रहेगा।

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अंडरआर्म्स के मस्से हटाने के उपाय

How To Remove Underarms Warts (Mole)?

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शरीर पर मौजूद छोटे-छोटे मस्से देखने में जितने अजीब लगते है उतना ही अजीब उन्हें बर्दाश्त करना भी होता है। ये शरीर के किसी भी हिस्से क्यों न हो आपकी खूबसूरती को खराब करने का काम कर ही देते है। चेहरे की बात करें तो उनपर मौजूद मस्से सुंदरता को बेकार कर देते है। ऐसे में इनसे छुटकारा पाना बहुत जरुरी हो जाता है।

लेकिन इसके अलावा भी एक स्थान है जहां होना काफी परेशानी देने वाला होता है और वो है अंडरआर्म्स के मस्से। जी हां, शायद आप नहीं जानते लेकिन फेस की तरह अंडरआर्म्स में भी मस्से होते है जिनके बहुत से कारण हो सकते है। सामान्य तौर पर मस्से संक्रमण के कारण होती है और शरीर की कटी-फटी जगह से उसमे प्रवेश कर जाते है।अंडरआर्म के मस्से

वैसे तो कुछ समय बाद अपने आप ही समाप्त हो जाते है लेकिन कई बार ये काफी लंबे समय तक आपकी स्किन पर अपना कब्ज़ा बनाये रखते है। भले ही अंडरआर्म्स के मस्से किसी को दिखाई न दें लेकिन इनका होना वाकई काफी दर्दनाक होता है। ऐसे में करें तो क्या?

परेशान न हो अगर आपके अंडरआर्म्स में भी इस तरह के मस्से है तो आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप इन मस्सों को हमेशा के लिए अपनी स्किन से दूर कर सकते है। तो आइये जानते है उन उपायों के बारे में –

अंडरआर्म्स के मस्से दूर करने के घरेलू उपाय :-

1. सेब का सिरका :

सामग्री – सेब का सिरका, रुई और Duct tape।

विधि – सबसे पहले सेब के सिरके की कुछ बूंदे रुई पर डाल लें। अब उसे मस्से वाले स्थान पर लगाएं। स्थिर रखने के लिए इसपर Duct tape लगा दें। कुछ घंटों तक इसे ऐसे ही रहने दें। बाद में निकाल लें। दिन में दो बार इसका इस्तेमाल करें। मस्सा अपने आप ही दूर हो जाएगा।

2. केले का छिलका :

सामग्री – केले का छिलका।

विधि – इसके लिए सबसे पहले छिलके के छोटे से हिस्से को काट लें। अब उसकी सफ़ेद हिस्से तो अपने मस्से पर लागएं और 1 घंटे तक रखे रहें। कुछ दिनों तक उपाय का लगातार इस्तेमाल करने से मस्सा अपने आप ठीक हो जाएगा।

3. बेकिंग सोडा :

सामग्री – आधा चम्मच बेकिंग सोडा और कैस्टर आयल।

विधि – सबसे पहले बेकिंग सोडा और कैस्टर आयल को मिलाकर एक पेस्ट बना लें। अब इसे अंडरआर्म के मस्से पर लगाएं। 1 से 2 घंटे तक रखने के बाद पानी से साफ कर लें। हफ्ते में 2 से 4 बार प्रयोग करने से कुछ ही दिनों में मस्सा अपने आप गायब होने लगेगा।

4. शहद :

सामग्री – शहद और बैंडेज।

विधि – इस उपाय के लिए सबसे पहले मस्से तो पूरी तरह शहद से ढक दें। अब उस हिस्से तो बैंडेज से ढक दें। कुछ घटों तक ऐसे ही रहने दें और बाद में निकाल दें। दिन में 3 से 4 बार प्रयोग करने से समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।

5. Witch Hazel :

सामग्री – Witch Hazel Extract.

विधि – इसके लिए मस्से पर extract को अच्छे से लगाएं और सूखने का इंतजार करें। कुछ दिनों तक दिन में 3-4 बार इसका प्रयोग करें। मस्सा अपने आप ठीक हो जाएगा।

Read More : अंडरआर्म्स के बाल हटाने का आसान तरीका !

6. लहसुन :

सामग्री – लहसुन की कुछ कलिया।

विधि – इसके लिए सबसे पहले लहसुन को पीसकर उसका पेस्ट बना लें। अब इसे अपने अंडरआर्म्स के मस्से पर लगाएं। एक घंटे तक रखने के बाद इसे साफ कर लें। दिन में दो बार इसका इस्तेमाल करें। मस्सा अपने आप ठीक हो जाएगा।

7. अदरक :

सामग्री – अदरक की कुछ स्लाइसेस।

विधि – प्रयोग के लिए सबसे पहले मस्से और उसके आस पास के हिस्से को अच्छी तरह साफ़ कर लें। और सुखा लें। अब कच्ची अदरक के टुकड़ों को मस्से वाले स्थान पर 2 से 3 मिनट तक रगड़ें। इसे साफ़ नहीं करें और जूस को मस्से पर लगे रहने दें। दिन में 5 से 6 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें समस्या ठीक हो जाएगी।

8. शिया बटर :Shea butter and oregano oil

सामग्री – आर्गेनिक शिया बटर और oregano एसेंशियल आयल।

विधि – उपाय का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपनी हथेली में थोड़ा सा शिया बिटर लें और उसे अपनी उंगलियों से पिघला लें। अब इसमें थोड़ा सा Oregano Essential Oil डालें और अच्छे से मिला लें। इसे अंडरआर्म्स के मस्से पर लगाएं। रोजाना दिन में दो बार इस्तेमाल करने से आपकी समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।

9. सेंधा नमक :

सामग्री – 1 कप सेंधा नमक, गर्म पानी और बाथटब।

विधि – इस उपाय का इस्तेमाल करने के लिए आपको सेंधा नमक का बाथ लेना होगा। यानी सेंधा नमक के पानी से नहाना होगा। इसके लिए थोड़ा सा सेंधा नमक गर्म पाने में डालें और 10 से 20 मिनट तक इस पानी में मस्से वाले स्थान को रखें। आप चाहे तो दूसरे तरीके से भी इसका प्रयोग कर सकते है। इसके लिए आधा चम्मच सेंधा नमक 2 चम्मच पानी में डालें। अब इस पानी में रुई डुबोकर मस्से पर 15 मिनट के लिए लगाएं। मस्सा अपने आप ठीक हो जाएगा। एक दिन छोड़कर एक दिन ऊपर वाले उपाय का इस्तेमाल करें। जबकि रुई वाला उपाय दिन में दो बार प्रयोग करें। मस्सा ठीक हो जाएगा।

10. प्याज़ का रस :

सामग्री – प्याज़, 1 चम्मच नमक, आधा कप पानी और रुई।

विधि – इस उपाय का प्रयोग करने के लिए आधा कप पानी में नमक मिलाएं। अब रातभर के लिए प्याज़ की 2 से 3 स्लाइसेस उसमे भिगो दें। अगले दिन इस पानी का इस्तेमाल प्रभावित हिस्से पर करें। ऐसा करने से मस्सा अपने आप दूर होने लगेगा। दिन में 2 से 3 बार इस पानी का इस्तेमाल करें और हां, ध्यान रहे रोजाना फ्रेश प्याज़ का ही इस्तेमाल करें।

अंडरआर्म्स के मस्से दूर करने के अन्य उपाय :-
  • आलू को छीलकर उसका पेस्ट मस्सों पर लगाने से वे ठीक हो जाते है।
  • हरे धनिया का पेस्ट लगाने से भी मस्से गायब हो जाते है।
  • अंजीर को मसलकर उसे 30 मिनट लगाकर बाद में गर्म पानी से धोने से समस्या हल हो जाती है।
  • खट्टे सेब का रस निकलकर दिन में 3 बार मस्से पर लगाएं।
  • ताज़ी मौसमी का रस निकालकर उसे मस्से पर लागएं और फिर पट्टी बांधे। दिन में 3 से 4 बार प्रयोग करने पर अंडरआर्म्स का मस्सा गायब हो जाएगा।
  • चुना और घी की समान मात्रा को मिलाकर मस्से पर लगाने से भी मस्सा जड़ से हट जाता है।

तो ये थे कुछ उपाय जिनका प्रयोग करके आप अपनी समस्या को हमेशा के लिए दूर कर सकते है। लेकिन ध्यान रहे किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पूर्व अपनी स्किन पर टेस्ट कर लें क्योंकि हो सकता है इनमे से किसी उपाय से आपको एलर्जी हो ऐसे में समस्या बढ़ सकती है इसीलिए सावधानी बरतें।

गर्भ गिराने के आसान तरीके

प्रेगनेंसी जहाँ हर महिला के लिए खास अनुभव और सुखद अहसास से कम नहीं होता है, वही यदि अनचाहा गर्भ ठहर जाता है तो महिलाएं इसे लेकर बहुत चिंतित भी हो जाती है। तो आइये आज हम आपको अनचाहे गर्भ से निजात पाने के लिए कुछ आसान उपाय बताने जा रहे है, परंतु यदि आपका तीन महीने से ज्यादा का गर्भ होता है तो आपको बिना किसी डॉक्टर के परामर्श के गर्भपात नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए एक सुखद अहसास होता है, परंतु कई बार जब महिलाएं अपने गर्भ को नहीं ठहराना चाहती है, और बिना किसी सुरक्षा के शारीरिक सम्बन्ध बनाती है, और ऐसे में उनका गर्भ ठहर जाता है, तो उन्हें इसे गिराने के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है, और कई महिलाएं डॉक्टर के बिना घर पर ही कुछ तरीको का इस्तेमाल करके गर्भपात करना चाहती है, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे ही तरीको के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप आसानी से घर पर ही गर्भपात कर सकती है, परंतु यदि आपका गर्भ थोड़े समय ( तीन महीने से कम का है) तो ही ये तरीके आपके काम आएंगे, तो आइये जानते है की अनचाहे गर्भ को गिराने के कुछ आसान तरीके और इन्हें इस्तेमाल करते हुए किन किन चीजो का ध्यान रखना चाहिए।

गर्भपात करते समय ध्यान रखें ये बातें:-

  • तीन महीने से ज्यादा महीने में गर्भ को घर में गिराना नुकसानदायक हो सकता है, इसके लिए आपको डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए।
  • 18 से कम और 40 से अधिक उम्र में गर्भपात आपके लिए खतरा बन सकता है।
  • ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियो का सेवन करने से भी आपको इनके साइड इफ़ेक्ट का सामना करना पड़ सकता है, जिसके कारण आपको बाद में गर्भ धारण करने में परेशानी हो सकती है।
  • यदि आप बार बार गर्भपात करती है, तो इसके कारण आपके शरीर में कमजोरी आती है, और बाद में जब आप गर्भधारण करना चाहती है, तो उस समय आपको तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है।

विटामिन सी का अधिक सेवन करें:-

विटामिन सी का सेवन करने से आपके शरीर को रोगों से लड़ने के लिए शक्ति मिलती है, ये आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है, और ऐसा माना जाता है की लोग इसका इस्तेमाल अनचाहे गर्भ को गिराने के लिए भी करते है, क्योंकि इसके कारण अपने आप ही गर्भ गिर जाता है, इसके लिए आप यदि आंवले, कटहल, अनानास आदि का सेवन करते है, तो इसके कारण आसानी से आपके गर्भ को गिरने में मदद मिलती है।

इलायची का सेवन करें:-

ilaychi

इलायची का सेवन करने से भी आपके अनचाहे गर्भ को गिरने में मदद मिलती है, यदि आपका गर्भ थोड़े समय का है तो आप इलायची का सेवन प्रचुर मात्रा में करें, परंतु याद रखें की रात के समय इसके सेवन से परहेज रखें।

सीताफल के बीजो का इस्तेमाल करें:-

सीताफल के बीज का इस्तेमाल करने से भी आपके अनचाहे गर्भ को गिराने में मदद मिलती है, इसके लिए आप सीताफल के बीजो को अच्छे से पीस कर एक पेस्ट तैयार करें और अब इस पेस्ट को अपनी योनि पर लगाएं, ऐसा करने से आपको रक्त स्त्राव शुरू हो जायेगा, और आपको अनचाहे गर्भ से निजात पाने में मदद मिलेगी।

ज्यादा कड़ा व्यायाम करें:-

ऐसा कहा जाता है, की गर्भावस्था के पहले तीन महीने जितना हो सकें आपको व्यायाम आदि कम करना चाहिए, और यदि करते भी है तो हल्का फुल्का करना चाहिए, इसीलिए यदि आप अपने गर्भ को आसानी से गिरना चाहते है, तो आपको कड़ा व्यायाम करना चाहिए, और ऐसी एक्सरसाइज करें, जिसके कारण आपके पेट पर दबाव पड़ें, क्योंकि ऐसा करने से आपको अनचाहे गर्भ से निजात पाने में मदद मिलती है।

गरम पानी से नहाएं:-

यदि आपका गर्भ ठहरे अभी कुछ दिन हुए है तो आपको अपने गर्भ को आसानी से गिराने के लिए गरम पानी से नहाना चाहिए, इसके कारण भी आपके अनचाहे गर्भ को गिरने में आसानी होती है, और साथ ही यदि आपका गर्भ ज्यादा दिनों का है तो आपके लिए ये तरीका असरदार नहीं है।

कच्चे पपीते का सेवन करना चाहिए:-

kaccha papita

कच्चा पपीता यदि आप गर्भावस्था के शुरूआती समय में खाते है तो इसके कारण आपके गर्भ के गिरने की सम्भावना बढ़ जाती है, क्योंकि इसमें विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है, इसीलिए यदि आप अपने अनचाहे गर्भ को गिराना चाहते है तो आपको कच्चे पीते का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

बबूल के पत्तो का इस्तेमाल करें:-

बबूल के पत्तो का इस्तेमाल करने से भी आपके अनचाहे गर्भ को गिराने में मदद मिलती है, यदि आप भी अपने अनचाहे गर्भ को गिरना चाहते है, तो आपको दो ग्राम बबूल के पत्तो को दो कप पानी में डाल कर अच्छे से उबाल लेना चाहिए, और जब तक उबालें, जब तक की ये एक कप न रह जाएँ, और इसका सेवन जब तक नियमित रूप से करें, जब तक की आपका गर्भ गिर नहीं जाता है।

तुलसी का इस्तेमाल करें:-

तुलसी में औषधीय गुण भरपूर होते है, और आपके अनचाहे गर्भ को गिराने में भी तुलसी आपकी मदद कर सकती है, इसके लिए आप थोड़े से तुलसी के पत्तो को पानी में डाल कर अच्छे से उबालें, और जब तक उबालते रहे जब तक की पानी आधा न रह जाएँ, और उसके बाद दिन में दो से तान बार इसका सेवन करें, ऐसा करने से आपको अपने अनचाहे गर्भ को गिराने में मदद मिलती है।

भुने हुए तिल का इस्तेमाल करें:-

भुने हुए तिल का सेवन करने से भी आपको अनचाहे गर्भ को गिराने में मदद मिलती है, इसके लिए आप एक चम्मच भुने हुए तिल के साथ एक चम्मच शहद का सेवन करें, ऐसा करने से आपको अनचाहे गर्भ को गिराने में मदद मिलती है।

गर्भ गिराने के अन्य तरीके:-

  • लहसुन की दो से तीन कली का सेवन नियमित रूप से तब तक करें, जब तक की गर्भ गिर न जाएँ।
  • बाजरे का सेवन अधिक मात्रा में करने से गर्भ गिरने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • अनचाहे गर्भ को गिराने के लिए कटहल का सेवन करें।
  • ज्यादा उछल कूद व् भाग दौड़ करे, और पेट के भार बैठे।
  • गर्भनिरोधक गोलियो का सेवन करने से भी गर्भपात किया जा सकता है।
  • गरम पदार्थ जैसे की ड्राई फ्रूट्स आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करें।
  • पुदीने की चाय का सेवन करने से भी अनचाहे गर्भ से निजात मिलता है।
  • ग्रीन टी का सेवन अधिक करने से भी गर्भपात के चांस बढ़ जाते है।
  • अदरक का सेवन करने से भी गर्भपात के चांस बढ़ जाते है।यदि आप ज्यादा तेज मसाले और जंक फ़ूड का सेवन करते है, तो भी आपके अनचाहे गर्भ से निजात के चांस बढ़ जाते है।
  • रोजाना गरम पानी से नहाने से भी गर्भपात के चांस बढ़ जाते है।

तो ये कुछ तरीके है जिनकी मदद से आप आसानी से गर्भपात कर सकते है. परंतु यदि आपका गर्भ दो महीने से अधिक का हो तो आपको डॉक्टरी परामर्श द्वारा ही गर्भपात करना चाहिए. क्योंकि यदि आप इसे घर पर करने की कोशिश करते है तो आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी हो सकती है, इसके साथ यदि आप अपने गर्भ को नहीं ठहराना चाहती है, तो आपको सुरक्षित शारीरिक सम्बन्ध बनाने चाहिए, जैसे की आप मार्किट में आएं, प्रोडक्ट्स जैसे महिला या पुरुष कंडोम, या गर्भनिरोधक गोलियो का भी सेवन कर सकती है, परंतु चाहे आप घर पर गर्भपात भी करें एक बार डॉक्टर से चेक जरूर करवाना चाहिए।