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प्रेगनेंसी में 1 से 3 महीने के बीच सम्बन्ध बनाने से क्या हो सकता है?

माँ बनना हर महिला के जीवन का सबसे सुखद अहसास होता है और इस सुखद अहसास को महसूस करने में कोई दिक्कत न हो। इसके लिए महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। खासकर प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने महिला के लिए बहुत अहम होते हैं। क्योंकि इस दौरान महिला के शरीर में तेजी से हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ जाती है।

वहीँ भ्रूण के गर्भाशय में प्रत्यारोपण से लेकर बच्चे के शुरूआती विकास की प्रक्रिया भी पहली तिमाही में होती है। ऐसे में थोड़ी सी चूक गर्भवती महिला के लिए बहुत बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। बहुत से कपल्स प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाना सही है या नहीं, इस बारे में जानना चाहते हैं तो आइये इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताते हैं।

प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाएं या नहीं

गर्भावस्था महिला के लिए बहुत ही नाजुक समय होता है लेकिन ऐसा भी नहीं होता है की महिला को इस समय कोई बीमारी हो जाती है जिसमे महिला को हर काम करने की मनाही होती है। बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला स्वस्थ रहती है, अपना अच्छे से ध्यान रखती है तो इससे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों से महिला को बचे रहने में मदद मिलती है।

ऐसे में स्वस्थ प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाने की बिल्कुल भी मनाही नहीं होती है। लेकिन कुछ काम ऐसे होते हैं जो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में गर्भवती महिला को बिल्कुल नहीं करने चाहिए। जिनमे से एक होता है सम्बन्ध बनाना, क्योंकि प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में थोड़ी सी गलती बड़ी परेशानी खड़ी कर देती है इसीलिए प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में सम्बन्ध न बनाने की सलाह दी जाती है।

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में सम्बन्ध बनाने से होने वाले नुकसान

गर्भावस्था की पहली तिमाही में गर्भवती महिला को अपने पार्टनर के साथ सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए। क्योंकि इसके कारण प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे को दिक्कत हो सकती है। जैसे की:

ब्लीडिंग की समस्या

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है की प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में सम्बन्ध बनाते ही आपका गर्भपात हो जायेगा। बल्कि प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में सम्बन्ध तेजी से बनाया जाएँ, पेट पर अधिक दबाव पड़ जाए, गलत तरीके से सम्बन्ध बनाया जायें, तो इसके कारण गर्भाशय पर चोट लगने का खतरा रहता है। जिसकी वजह से ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है और ब्लीडिंग यदि जरुरत से ज्यादा हो तो गर्भपात भी हो सकता है। और प्रेग्नेंट महिला को ऐसी कोई दिक्कत न हो इसके लिए प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में सम्बन्ध न बनाने की सलाह दी जाती है।

पेट में दर्द

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में हार्मोनल बदलाव होने के कारण शारीरिक परेशानियां बढ़ जाती है। और शुरुआत में गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पेट के आस पास की मांसपेशियों में खिंचाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में सम्बन्ध बनाने के कारण महिला को पेट में दर्द जैसी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

इन्फेक्शन

यदि आपका पार्टनर आपसे पहली तिमाही में सम्बन्ध बनाता है और उसे या आपको किसी भी तरह का इन्फेक्शन होता है। तो ऐसे में सम्बन्ध बनाने से महिला को इन्फेक्शन की समस्या बढ़ सकती है जिसका असर गर्भ में बच्चे पर भी पड़ सकता है।

तनाव

गर्भवती महिला का यदि सम्बन्ध बनाने का मन नहीं है, गर्भावस्था के दौरान महिला शारीरिक परेशानियों से बहुत ज्यादा परेशान हैं, और ऐसे में यदि उनका पार्टनर उनसे सम्बन्ध बनाने के लिए कहता है तो इसके कारण प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में महिला तनाव से ग्रसित हो सकती है। और तनाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान महिला की कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ सकती हैं।

तो यह हैं कुछ परेशानियां जो पहली तिमाही में सम्बन्ध बनाने से प्रेग्नेंट महिला को हो सकती है। ऐसे में इन परेशानियों से बचने के लिए जितना हो सके सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जिन महिलाओं का पहले गर्भपात हो चूका हो, जिन्हे पहली प्रेगनेंसी में ज्यादा दिक्कतें आई हो, जिन महिलाओं ने बहुत मुश्किल से गर्भधारण किया है, तो उन महिलाओं को गलती से भी सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए।

प्रेगनेंसी में ज्यादा उल्टी हो तो यह करें

उल्टी आना प्रेगनेंसी का एक अहम लक्षण होता है। साथ ही अधिकतर गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी की समस्या से बहुत परेशान भी रहती है। कुछ प्रेग्नेंट महिलाओं की यह दिक्कत प्रेगनेंसी की पहली तिमाही के बाद खत्म हो जाती है। तो कुछ प्रेग्नेंट महिलाएं पूरी प्रेगनेंसी के दौरान इस समस्या से परेशान होती है।

ऐसे में यदि गर्भवती महिला को बहुत ज्यादा उल्टी की परेशानी हो रही है तो कुछ घरेलू तरीको का इस्तेमाल करके महिला इस परेशानी से निजात पाई जा सकती है। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के उल्टी रोकने वाली दवाई का सेवन करना गर्भावस्था के दौरान सही नहीं होता है। तो आइये अब ऐसे कुछ नुस्खों के बारे में जानते हैं जो गर्भवती महिला को उल्टी की परेशानी से निजात दिलाने में मदद करते है।

निम्बू

पानी में थोड़ा नमक व् निम्बू डालकर सेवन करने से गर्भवती महिला को उल्टी की परेशानी से निजात मिलता है। इसके अलावा रोजाना सुबह गुनगुने पानी में निम्बू व् शहद डालकर पीना भी उल्टी रोकने का एक असरदार उपाय है।

आंवले का मुरब्बा

रोजाना आंवले का मुरब्बा खाने से गर्भवती महिला को उल्टी की परेशानी को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यदि आपको ऐसा लगे की आपको उल्टी आने वाली है। तो तुरंत आंवले का मुरब्बा खाएं आपको राहत मिलेगी।

काले चने का पानी

यदि आप प्रेग्नेंट हैं और आपको उल्टी की समस्या अधिक होती है। तो इस परेशानी से निजात पाने के लिए आप रात को एक मुट्ठी काले चने पानी में भिगोकर रखें। उसके बाद सुबह उठकर चने पानी से बाहर निकाल दें और इस पानी का सेवन करें। ऐसा करने से आपको उल्टी की समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी।

सूखा या हरा धनिया

सूखे या हरे धनिये को अच्छे से पीस लें। और उल्टी आने का मन होने पर आप इसमें थोड़ा काला नमक डालकर पानी के साथ इसका सेवन करें। आपको तुरंत आराम मिलेगा, और उल्टी की परेशानी अधिक होने पर रोजाना ऐसा करें।

तुलसी और शहद

प्रेगनेंसी में उल्टी की समस्या अधिक होने पर थोड़ा सा तुलसी के पत्तों का रस व् शहद मिलाकर चाटे। ऐसा करने से आपको उल्टी की परेशानी से निजात पाने में मदद मिलेगी।

पुदीना

पुदीने के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें। अब इस रस को शहद के साथ मिलाकर चाटें। पुदीने को शहद के साथ चाटने पर आपको उल्टी की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

संतरे का रस

विटामिन्स से भरपूर संतरे का सेवन करने से भी उल्टी की समस्या से गर्भवती महिला को बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही जब भी आपको उल्टी आने का मन हो रहा हो तो तुरंत संतरे या संतरे का रस पीएं आपको आराम मिलेगा।

दालचीनी

एक कप पानी में थोड़ी सी दालचीनी डालकर अच्छे से उबाल लें। अब उस पानी के ठंडा होने पर उसमे थोड़ा शहद मिलाएं। उसमे बाद छानकर इस पानी का सेवन करें। गर्भवती महिला को ऐसा करने से भी तुरंत उल्टी से बचे रहने में मदद मिलती है।

दही

गर्भावस्था में दही का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को बहुत से फायदे मिलते हैं। साथ ही दही का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को उल्टी की परेशानी से बचे रहने में भी मदद मिलती है। दही के अलावा छाछ में काला नमक डालकर पीने से भी उल्टी से आराम पाने में फायदा होता है।

लौंग

गर्भवती महिला को उल्टी आने का मन होने पर लौंग को चबाना चाहिए। आप चाहे तो चाय में डालकर भी लौंग का इस्तेमाल कर सकती है। ऐसा करने से उल्टी की परेशानी को कम करने में मदद मिलती है।

जीरा

पानी में जीरा डालकर अच्छे से उबाल लें। अब इस पानी के ठंडा होने पर दिन में दो या तीन बार थोड़ा थोड़ा करके पीएं। ऐसा करने से उल्टी आने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

पानी का भरपूर सेवन

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में पानी की कमी गर्भवती महिला की उल्टी की परेशानी को बढ़ा सकती है। ऐसे में गर्भवती महिला को उल्टी की समस्या से निजात पाने के लिए आप पानी का भरपूर सेवन करें। पानी के साथ नारियल पानी व् अन्य तरल पदार्थों का भी भरपूर सेवन करें।

तो यह हैं कुछ आसान तरीके जिन्हे ट्राई करने से प्रेग्नेंट महिला को उल्टी की परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। इसके अलावा यदि आपको उल्टी के कारण बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो एक बार डॉक्टर से भी जरूर मिलें।

बालों को स्ट्रैट या कर्ल करने से क्या-क्या समस्याएं होती है?

आज के समय में शायद हो कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो खुद को डिफरेंट और अलग लुक देना नहीं चाहिए। लेकिन सभी की तुलना में लड़कियां इसमें सबसे आगे रहती है। फिर चाहे वो उनका चेहरा हो, कपडे हो या बाल। जिनमे सबसे ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स वे अपने बालों पर ही करती है। वैसे भी आजकल बालों को स्टाइल करने और अलग-अलग लुक देने के काफी तरीके मौजूद है, जिनमे कलरिंग, स्ट्रेटनिंग, कर्लिंग, हेयर चंक्स और स्मूथिंग आदि सम्मिलित है।

लेकिन कई बार उनका ये स्टाइल उनके बालों को काफी नुकसान पहुंचा देते है। जी हां, ये तो आप सभी जानती होंगी की बालों को स्टाइल करने के लिए हीट डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है जिनसे हीट डायरेक्ट बालों के कांटेक्ट में आती है और उन्हें नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा इन सभी स्टाइल्स फिर चाहे वो स्ट्रेटनिंग हो या कलरिंग में तरह-तरह के केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है जो बालों में तरह-तरह की समस्याएं पैदा करता है। इसलिए इस तरह के स्टाइल्स से बालों को बचा कर रखना चाहिए।बालों को स्ट्रैट या कर्ल करने से क्या समस्याएं होती है

फैशन के बारे में तो सभी को अच्छे से पता होता है लेकिन इसके दुष्परिणाम शायद ही किसी को पता हो इसलिए आज हम आपको बालों को स्ट्रैट करने और कर्ल करने के नुकसानों के बारे में बता रहे है। जिसके बाद आप जान जाएंगे की हेयर स्टाइल्स वास्तव में बालों के लिए कितने नुकसानदेह होते है।

बालों को स्ट्रैट या कर्ल करने से हो सकती है ये परेशानियां :-

1. एलर्जी की समस्या :

बालों को स्ट्रैट या कर्ल करने के लिए जिन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है उनमे केमिकल की उच्च मात्रा होती है जिसके कारण स्कैल्प में एलर्जी हो सकती है। इसके अलावा इन केमिकल को अधिक समय तक स्कैल्प में रखने से खुजली और रेडनेस की शिकायत भी आ सकती है। इसलिए हेयर स्टाइल करवाते समय यूज होने वाले ब्रांड्स के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए।

2. बालों को असमय कमजोर होना :hair blower for drying hair

बढती उम्र के साथ बालों का कमजोर होना तय है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से बालों में तरह-तरह के हेयर स्टाइल्स करवाती रहती है तो आपके बाल काफी कमजोर हो जाएंगे। जिससे वे टूटने लगेंगे। इसके अलावा इन स्टाइल्स में केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है जो बालों को काफी कमजोर बनाते है।

3. हीट डिवाइस के कारण बालों का टूटना :

नये तरीकों से बालों को स्टाइल करने के लिए हीट डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है। जिनमे आर्टिफीसियल हीट बालों के सीधे सम्पर्क में आती है। जिससे बालों की नमी छीन जाती है और वो कमजोर होकर टूटने लगते है।

4. कुछ समय बाद बेजान बाल :

हेयर स्टाइल चाहे कर्लिंग का हो या स्ट्रेटनिंग का वह केवल कुछ ही दिनों तक टिकता है। जिसमे पुरे टाइम खास देखभाल की आवश्यकता होती है। बालों को स्ट्रैट या कर्ल करवाकर आप कुछ घंटों के लिए तो अपने बालों को खुबसूरत दिखा सकती है लेकिन आगे चलकर यही बाल बेजान और खराब दिखने लगेंगे। ऐसे में इनका इस्तेमाल न करना ही बेहतर होगा।

5. दो मुहें बालों की समस्या :

बालों में हीट डिवाइस और केमिकल युक्त पदार्थों का अधिक इस्तेमाल करने से दो मुहें बालों की समस्या होने लगती है। जिससे बालों की खुबसूरती तो प्रभावित होती ही है साथ-साथ उनकी ग्रोथ पर भी असर पड़ता है।

6. कुछ समय की चमक :

बालों को स्टाइल करवाकर कुछ समय समय के लिए तो उन में चमक लाइ जा सकती है। लेकिन आने वाले समय में यह चमक फीकी पड़ जाती है। क्योंकि स्टाइल किये गए बालों की खास केयर करनी पड़ती है। जिसके लिए महंगे शैम्पू, कंडीशनर और सीरम आदि का इस्तेमाल किया जाता है। और अगर आप इनके इस्तेमाल में जरा भी लापरवाही बरतते है तो बालों की प्राकृतिक चमक भी खो जाती है। जिससे वे रूखे और बेजान होकर झड़ने लगते है।

7. एक ही लुक कर देता है बोर :

बालों को लंबे समय तक सिर्फ स्ट्रैट या कर्ल रख पाना मुश्किल होता है। क्योंकि आजकल के समय में हर कोई अलग-अलग लुक पाना चाहता है। ऐसे में लंबे समय तक एक ही हेयर स्टाइल से बोर होना तय है। और अगर आप इन्हें बदलना चाहेंगी तो उसके लिए आपको काफी पैसे भी खर्च पड़ सकते है। इसलिए बेहतर होगा की किसी भी स्टाइल को करवाने से पहले जान ले की यह कितने समय तक बरकरार रहेगा।


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मेहंदी के तेल के फायदे !

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मेहंदी के तेल के फायदे (Benefits Of Hina Oil)

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भारत में मेहंदी लगाने की प्रथा बहुत पुरानी है। घर में कोई शादी विवाह का फंक्शन हो, या रक्षाबंधन और करवा चौथ जैसा हिन्दू पर्व। सभी में मेहंदी महिलाओं व् लकड़ियों के हाथ की शोभा बढाती है। हिन्दू धर्म में मेहंदी को विवाहित स्त्रियों के सोलह श्रृंगारों में से एक माना जाता है। जिसका एक सुहागन के जीवन में बेहद खास महत्व होता है।

पहले के समय में इसे केवल महिलाएं ही लगाती थी लेकिन आज के समय में लड़कियां भी इसे काफी शौक से लगवाती है। कई लड़कियां तो मेहंदी के टैटू भी बनवाना भी पसंद करती है। कुछ इसे इसके रंग के कारण पसंद करती है तो कुछ इसके डिज़ाइन के कारण।

मेहंदी एक 6 से 7 फुट लम्बा पौधा होता है जिसकी पत्तियों को सूखा कर उसका पाउडर बनाया जाता है। उसके बाद इस पाउडर का पेस्ट बनाकर उसे हाथों पर अलग अलग डिज़ाइन में लगाया जाता है। मेहंदी का रंग जितना डार्क होता है वह उतनी सुन्दर लगती है मान्यता तो ये भी है की जिस लड़की की मेहंदी का रंग जितना डार्क होता है उसका पति भी उससे उतना अधिक प्रेम करता है।

ऐसे तो ये खुद ही डार्क हो जाती है लेकिन कुछ महिलाएं इसे डार्क करने के लिए तरह-तरह के तरीकों का इस्तेमाल करती है। जिनमे से एक है मेहँदी का तेल। मेहंदी का तेल प्राकृतिक तरीकों से पेड़ों से ही प्राप्त किया जाता है। यह तेल मेहंदी के रंग को डार्क करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। आजकल तो ये बाजार में सामान्य कीमतों पर भी उपलब्ध है।

यह न केवल आपकी मेहंदी के रंग को डार्क करता है बल्कि इसके अलावा भी कई चीजों में इसका प्रयोग किया जाता है जैसे आयुर्वेदिक औषधि के रूप में, बालो को डाई करने के लिए आदि। लेकिन सभी को इसके पूर्ण फायदों के बारे में पता नहीं होता। इसीलिए आज हम आपको मेहंदी के तेल के फायदों के बारे में बताने जा रहे है।

मेहंदी के तेल के फायदे :-

1. मेहंदी की खुशबु होने की वजह से इसे रूम फ्रेशनर के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।

2. अगर आपको थकावट महसूस हो रही हो तो नहाते समय मेहंदी के तेल को नहाने के पानी में डाल लें और नहाएं। इससे थकावट दूर होगी।

3. मेहंदी के तेल में मेहंदी के जैसे ही खुशबु होती है जो हमारे मन को तरोताजा रखने में मदद करती है।

4. मेहंदी के तेल को बालों में लगाने से बालों में चमक और शाइन आती है जिससे उनकी खूबसूरती बढ़ती है।

5. ड्राई स्किन वालो के लिए मेहंदी के तेल का इस्तेमाल करना बहुत लाभकारी होता है।

कई तरीकों से किया जा सकता है इसका इस्तेमाल :-

1. मेहंदी को डार्क रचाने के लिए रुई की मदद से इसे मेहंदी के ऊपर लगाएं। (जब मेहंदी सुख गयी हो)बालों में मेहंदी

2. नहाते समय पानी में डालकर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

3. अच्छी स्किन के लिए अपने बॉडी लोशन में मिलाकर लगाने से लाभ मिलता है।

4. मेहंदी के तेल को अन्य तेलों के साथ मिलाकर मालिश करने से स्किन नरम और मुलायम होती है। साथ ही स्किन की मसाज भी अच्छी तरह हो जाती है।

5. बालों के लिए मेहंदी के तेल को किसी अन्य तेल के साथ मिलकर बालों में लगाएं। लाभ मिलेगा।

6. एक बात और, मेहंदी के तेल का स्किन या बालों पर प्रयोग करने से पूर्व उसकी क्वालिटी पर ध्यान अवश्य दें। क्योंकि गलत तरीके से बनाया मेहंदी का तेल स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसीलिए इसकी पूरी जाँच के बाद ही इसे खरीदे।

प्रदुषण में स्किन को सुंदर रखने की टिप्स

How to Protect Your Skin from Pollution?

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वर्तमान का प्रदुषण किसी से छुपा नहीं है, बच्चा हो या बड़ा, बूढ़े हो या जवान सभी लगातार इसकी चपेट में आ रहे है। जहां तरफ इसके कारण छोटे बच्चों को साँस लेने में तकलीफ हो रही है वहीं दूसरी तरफ रोजना ट्रेवल करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

परन्तु इन सब के अतिरिक्त कुछ और भी है जिसे प्रदुषण के कारण बहुत अधिक नुकसान हो रहा है और वो हमारी स्किन। स्किन बहुत ही सहनशील और नाजुक होती है, इसलिए थोड़ी सी समस्या का भी प्रभाव इसपर काफी अधिक दिखने लगता है। प्रदुषण का प्रभाव भी स्किन पर कुछ इसी प्रकार पर रहा है।

धूल-मिट्टी के कारण स्किन पर होने पर प्रभाव को सभी भली भांति जानते है लेकिन क्या आप जानते है की लगातार बढ़ने वाला ये वायु प्रदुषण आपकी स्किन को बहुत बुरी तरह से डैमेज करता है। इतना ही नहीं यह स्किन के रोमछिद्रों से होता ही शरीर के अंदर प्रवेश कर हेल्थी स्किन के सेल्स को समाप्त करने का काम करता है।प्रदुषण में स्किन को सुंदर रखने की टिप्स

सिर्फ त्वचा ही नहीं अपितु, बालों के लिए भी यह प्रदुषण बहुत हानिकारक है। इसके कारण त्वचा पर झुर्रियां, रूखापन, दाग धब्बे, मुहांसे आदि होने का खतरा रहता है। लेकिन ये भी सच है प्रदुषण से छुपकर घर में बैठना किसी के लिए भी संभव नहीं। इसलिए आज हम आपको प्रदुषण से स्किन को बचाने की कुछ टिप्स बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपनी स्किन को प्रदुषण से प्रभाव से बचा सकती है।

स्किन को प्रदुषण से बचाने की टिप्स :-

त्वचा की सफाई :

इस समय स्किन को सबसे अधिक जरूरत सफाई की होती है। क्योंकि प्रदुषण के कण स्किन के रोमछिद्रों से होते है भीतरी सतह तक पहुँच जाते है जो स्किन के लिए अच्छा नहीं होता। अगर आप रोजाना बाहर जाती है तो आपके लिए ये और भी जरुरी हो जाता है। इसके लिए आप क्लींजिंग क्रीम या जेल का प्रयोग कर सकती है। ये आपकी स्किन को प्रदुषण के कणों से बचाने में मदद करेगा।

चमक के लिए :face

स्किन को बेहतर बनाने के लिए केवल उसे प्रदुषण से बचाना पर्याप्त नहीं है, इसके लिए आपको उसमे चमक लाने के लिए भी प्रयास करने होंगे। जिसके लिए आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकती है। ये न केवल आपकी स्किन को ब्यूटीफुल बनाने में मदद करता है बल्कि त्वचा सम्बन्धी कई समस्यायों जैसे मुहांसे, dullness, काले घेरे, झुर्रियों जैसी कई समस्यायों को दूर करने में भी मदद करता है। वैसे तो ये स्किन के लिए बहुत लाभकारी होता है लेकिन अगर आप इसे किसी क्रीम के साथ मिलाकर लगाएंगी तो आपको ज्यादा फायदा होगा।

चंदन :

सर्दियों में मौसम में स्किन को सबसे अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है ऐसे में प्रदूषण आपकी इस समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए इससे बचने के लिए आपको चंदन का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए चंदन की क्रीम में गुलाब जल मिलाकर उसका पेस्ट अपने फेस पर लगाएं। इसे लगाने से स्किन को ठंडक मिलती है और मुहांसे आदि की समस्या भी नहीं होती।

आंखों के लिए :प्रदुषण का त्वचा पर प्रभाव

बढ़ते प्रदूषण के कारण अक्सर आंखों में जलन होने लगती है। ऐसे में आपको अपनी आंखों को तुरंत ठंडे और साफ़ पानी से धोना चाहिए। आंखों को ठंडक और ताजगी देने के लिए आप रुई में ठंडे गुलाबजल की कुछ बूंदे डालकर उसे आंखों पर रखें। 15 मिनट इन्हे आंखों पर ही रखें रहने दें। इससे आंखों को आराम मिलेगा और साथ ही काले घेरे की समस्या भी नहीं होगी।

बालों के लिए :

सिर्फ बाहर जाने वाले ही नहीं अपितु घर में रहने वालों के बालों पर भी प्रदुषण का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये बालों से नमी चुराकर उन्हें डैमेज करने का काम करता है। ऐसे में बालों की देखरेख करना भी जरुरी है। जिसके लिए आप बालों में नियमित शैम्पू, कंडीशनर और सीरम का इस्तेमाल कर सकती है। ये बालों को पोषण प्रदान करता है। साथ ही समय समय पर होना, ब्राह्मी त्रिफला आदि से बने शैम्पू का प्रयोग भी इनके लिए लाभकारी होता है। ये बालों को भीतर से पोषण प्रदान करने का काम करता है।

तो ये थी कुछ टिप्स जिनकी मदद से आप अपनी स्किन, आंखों और बालों को प्रदुषण के दुष्प्रभाव से बचा सकती है। लेकिन ध्यान रहें, इन उपायों के साथ-साथ खान पान का ध्यान और बाहर जाते समय स्किन और बालों को दुपट्टे से कवर करना भी जरूरी है।

गर्मियों में नाक से खून निकलने के कारण व् उपाय

नाक से खून निकलने की समस्या वैसे तो एक आम समस्या है खासकर गर्मी में मौसम में इसका खतरा ज्यादा रहता है। लेकिन यदि यह समस्या बढ़ जाये तो इसे अनदेखा करना भी सही नहीं होता है। क्योंकि नाक बॉडी का एक सेंसिटिव हिस्सा होता है ऐसे में नाक से जुडी किसी भी परेशानी को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

नाक से खून आने की परेशानी का कोई एक कारण नहीं होता है बल्कि ऐसे कई कारण होते हैं जिनकी वजह से नाक से खून आने की समस्या हो सकती है। तो आइये इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं की गर्मियों में नाक से खून निकलने के क्या कारण होते हैं और किस प्रकार आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।

गर्मियों में नाक से खून आने के कारण

  • गर्मियों में बॉडी का तापमान गर्मी के कारण ज्यादा बढ़ सकता है जिसके कारण नाक में से खून आ सकता है।
  • यदि आप बॉडी में दर्द से जुडी, रक्त को पतला करने जैसी दवाइयों का सेवन यदि आप करते हैं तो इसके कारण भी आपको गर्मी के मौसम में नाक से खून निकलने की समस्या हो सकती है।
  • गर्मियों के मौसम में कम नमी, लू के कारण गर्म मौसम होने की वजह भी ऐसा हो सकता है।
  • नशीले पदार्थ जैसे की धूम्रपान, शराब आदि का सेवन करने के कारण भी नाक से खून आ सकता है।
  • यदि आपके नाक का मास बढ़ गया है, नाक की सर्जरी हुई है, नाक से जुडी कोई बिमारी है तो इसके कारण भी आपको यह दिक्कत हो सकती है।
  • कभी खेलते हुए या किसी अन्य कारण यदि आपकी नाक पर चोट लग जाती है तो इस वजह से भी नाक से खून आ सकता है।
  • नाक के लिए किसी तरह की दवाई या स्प्रे आदि का इस्तेमाल करने के कारण भी ऐसा हो सकता है।
  • यदि नाक के आस पास या अंदर आप किसी पेन, पेंसिल या नुकीली चीज से खुजाते हैं तो इस कारण भी नाक में से खून आ सकता है।
  • जिनको साइनस की समस्या होती है उनके साथ भी ऐसा हो सकता है।
  • जुखाम होने पर बार बार छींक आती है जिसके कारण भी आपको नाक से ब्लड आ सकता है।

नकसीर से बचने के उपाय

नाक से खून आने को नकसीर भी कहा जाता है, और यह कोई ऐसी परेशानी नहीं है की जिसका कोई इलाज न हो। बल्कि आपको या आपके आस पास किसी को भी यह समस्या होती है तो कुछ आसान तरीको का इस्तेमाल करके आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की नकसीर से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

ठंडा पानी

जैसे ही नाक से खून आये वैसे ही अपने सिर को उल्टा करके ठन्डे पानी को सिर पर डालना चाहिए। इससे नकसीर रुक जाती है, इसके अलावा एक कपडे में बर्फ के टुकड़े को बांधकर उसे नाक पर लगाएं ऐसा करने से भी नाक से खून आना बंद हो जाता है।

सरसों का तेल

सरसों का तेल सभी के घर में मिल जाता है जैसे की नाक से खून आये, वैसे ही उस व्यक्ति को बिस्तर पर लिटाएं। उसके बाद सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करके रुई में डालकर नाक में डालें। ऐसा करने से भी नाक से खून आना बंद आ जाता है।

प्याज़

नाक से खून आने पर आप प्याज़ को पीसकर उसका रस निकालकर यदि नाक में डाल देते हैं। तो ऐसा करने से भी नाक से खून आना बंद हो जाता है।

नशीले पदार्थों का सेवन न करें

यदि आपको बार बार नाक में से खून आने की समस्या होती है तो आपको धूम्रपान, शराब व् अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनका सेवन करने के कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बेल के पत्ते

बेल के रस का सेवन गर्मी के मौसम में ठंडक देने में मदद करता है। और यदि आपको गर्मी में नकसीर की समस्या हो रही है तो बेल के पत्तों को पानी में उबालकर बाद में उस पानी को छान लें। उसके बाद आप इस पानी में मिश्री या ने मीठी चीज मिलाकर उसका सेवन करें।

सेब का मुरब्बा

नाक से खून आने पर सेब के मुरब्बे और इलायची का साथ में सेवन करने पर आपको बहुत जल्दी इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है।

मुँह से ले सांस

यदि आप अचानक से नाक से खून आने लग गया है तो अपने सिर को आगे की और झुकाना चाहिए और नाक की बजाय मुँह से सांस लेनी चाहिए। ऐसा करने से भी खून आना बंद हो जाता है।

मुल्तानी मिट्टी

यदि आपको बार बार गर्मी में नाक से खून आता है तो आपको रात को एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी को थोड़े पानी में भिगोकर रख देना चाहिए। उसके बाद सुबह उठकर इस पानी को छान लें और इसका सेवन करें ऐसा करने से आपको इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से नाक से खून आता है और आपको नीचे कुछ आसान उपाय भी बताये गए हैं जो आसानी से आपको इस समस्या से बचाने में मदद करते हैं।

गोरा बच्चा कैसे पैदा हो जानिए

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हर गर्भवती महिला चाहती है की उसका बच्चा स्वस्थ, बुद्धिमान व् गोरा हो। ऐसा कहा जाता है की अनुवांशिक गुणों के आधार पर बच्चा घर के सदस्यों के रंग, बनावट, आदि पर जाता है। लेकिन ऐसा जरुरी भी नहीं होता है क्योंकि यदि आप चाहती हैं की आपका होने वाला बच्चा गोरा हो तो इसके लिए प्रेगनेंसी के दौरान आपको अपने खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है की प्रेगनेंसी में यदि आप कुछ विशेष प्रकार के आहार का सेवन करते हैं तो इससे गर्भ में पल रहे शिशु की स्किन गोरी होती है जिससे आप एक गोरे बच्चे को जन्म दे सकते हैं, और पुराने लोग इस बात को बहुत अधिक मानते थे। क्या आप भी गर्भवती है और जानना चाहती है की गोरे बच्चे को जन्म देने के लिए क्या करना चाहिए आइये जानते हैं।

आंवले का मुरब्बा

आंवले का मुरब्बा खाने से प्रेगनेंसी के दौरान कमजोरी की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें आयरन, कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है, साथ ही यदि नियमित महिला एक आंवले के मुरब्बे का सेवन करती है तो ऐसा करने से बच्चे की स्किन को गोरा करने में मदद मिलती है।

नारियल

नारियल का सेवन करने से भी गर्भ में पल रहे शिशु की स्किन को गोरा करने में मदद मिलती है, जिससे आप एक गोरे बच्चे को जन्म दे सकती है। साथ ही नारियल का सेवन करने से महिला को प्रेगनेंसी के दौरान कमजोरी की समस्या से बचाने व् स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

सौंफ

सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रेगनेंसी के दौरान महिला की पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं साथ ही इसमें त्वचा को गोरा बनाने के भी गुण होते हैं। इसीलिए यदि महिला प्रेगनेंसी में खाना खाने के बाद सौंफ का सेवन करती है तो ऐसा करने से आपको फायदा मिलता है।

दूध

दूध जैसा सफ़ेद और गोरा बच्चा पैदा करने की चाह यदि आप रखती है, तो आपको प्रेगनेंसी के दौरान दूध का भरपूर सेवन करना चाहिए। और यदि आप प्रेगनेंसी के समय भरपूर मात्रा में दूध का सेवन करती है तो इससे आपको फिट रहने के साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है।

केसर

केसर का इस्तेमाल सदियों से गर्भवती स्त्री को करवाया जाता है ताकि उसके गर्भ में पल रहा शिशु गोरा और सूंदर हो ऐसे में यदि आप दूध में केसर की चार पांच रेशे डालकर उनका सेवन करते हैं तो इससे भी गर्भ में पल रहे शिशु को गोरा बनाने में मदद मिलती है।

अंडे

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में यदि आप अंडे को अच्छे से उबालकर उसके सफ़ेद हिस्से का सेवन करते हैं, तो ऐसा करने से भी गर्भ में पल रहे शिशु के रंग को निखारने में मदद मिलती है। और साथ ही इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की अंडे अधपके न हो क्योंकि वह गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक होते है।

संतरे

प्रेगनेंसी के दौरान स्वास्थ्य को फिट रखने के लिए भी नियमित एक संतरे का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। इससे न केवल गर्भवती महिला को बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी फायदा मिलता है। और ऐसा माना जाता है इसके सेवन से आपको गोरे बच्चे को जन्म देने में मदद मिलती है।

चाँद को देखे

ऐसा माना जाता है की प्रेगनेंसी के दौरान महिला जिसे ज्यादा देखती है वैसी ही आकृति उसके गर्भ में पल रहे शिशु की भी बनती है, इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला के कमरे में सूंदर- सूंदर बच्चों के चित्र लगाए जाते हैं। ऐसे में ऐसा कहा जाता है यदि प्रेगनेंसी के समय यदि महिला पूर्ण चाँद को देखती है तो उसके गर्भ में पल रहा शिशु भी गोरा और सूंदर होता है।

बादाम

पोषक तत्वों से भरपूर बादाम प्रेगनेंसी के दौरान महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान इसे खाने की सलाह दी जाती है, ऐसे में आप इन्हे भिगोकर भी इनका सेवन कर सकते हैं। इससे आपको केवल स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदा ही नहीं होता है बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की रंगत में निखार लाने में मदद मिलती है।

अनार का सेवन

अनार का सेवन करने से प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में ब्लड की मात्रा को बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे शिशु में भी रक्त की मात्रा पर्याप्त होती है। और ऐसा करने से शिशु की रंगत में भी निखार आता है जिससे गर्भ में पल रहे शिशु की ख़ूबसूरती को बढ़ाने में मदद मिलती है।

अंगूर

अंगूर का सेवन करने से भी गोरे बच्चे को जन्म देने में मदद मिलती है, लेकिन इस बात का खास ध्यान देना चाहिए की आप इसका ज्यादा सेवन न करें। क्योंकि इसके अधिक सेवन के कारण आपको प्रेगनेंसी के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिन्हे यदि आप प्रेगनेंसी के समय अपनाते हैं तो ऐसा करने आपको गोरे बच्चे को जन्म देने में मदद मिलती है। इसके अलावा आपको किसी भी ऐसी चीज का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए जिससे शिशु को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। और केवल उन्ही चीजों का सेवन न करें जिससे की बच्चे को खूबसूरत बनाने में मदद मिल सके बल्कि उन चीजों का भी सेवन करें जिससे गर्भ में पल रहा शिशु तंदरुस्त व् बुद्धिमान हो।

गर्दन पर जमी चर्बी को कैसे हटाएं?

How To Get Rid Of Neck Fat?

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मोटापा वर्तमान समय की सबसे आम समस्या बनता जा रहा है बच्चे हो या बड़े, बूढ़े हो या जवान सभी लगातार इसकी चपेट में आ रहे है। कोई अपने पेट पर बढ़ी चर्बी से परेशान है तो कोई अपने कमर की। लेकिन इन सब के अतिरिक्त भी एक जगह है जहाँ की चर्बी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है। और वो है गर्दन की चर्बी।

गर्दन पर चर्बी बोलने में तो बहुत सहज लगता है लेकिन जो व्यक्ति इसे झेलता है उसके लिए ये बहुत बड़ी परेशानी होती है। मोटापे से परेशान लोगों के साथ साथ थाइराइड या गले से संबंधित कोई बीमारी से पीड़ित व्यक्ति भी इसके चपेट में आ जाता है। गर्दन पर बढ़ी हुई चर्बी देखने में तो अजीब लगती है साथ-साथ आपकी खूबसूरती को भी प्रभावित करती है।

लेकिन क्या अपने कभी इसे कम करने की कोशिश की है? शायद नहीं! क्योंकि लोग अक्सर अपने पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर बढ़ी हुई चर्बी को कम करने के प्रयासों में लगे रहते है और अपने शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग को भूल ही जाते है। जो की बिलकुल गलत है। अगर आपकी गर्दन पर भी अतिरिक्त चर्बी बढ़ी हुई है तो आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे है जिनसे आप अपने गर्दन की चर्बी को आसानी से कम कर पाएंगे। थोड़ा समय लगेगा लेकिन समय के साथ समस्या अपने आप ही दूर हो जाएगी। तो आइए जानते है क्या है वे उपाय?

गर्दन पर बढ़ी हुई चर्बी दूर करने के तरीके :-

1. झुककर बैठना :

व्यक्ति के उठने बैठने का तरीका भी गर्दन पर बढ़ी हुई चर्बी का एक कारण होता है। बहुत अधिक समय तक ज्यादा झुककर बैठने से गर्दन के आस पास चर्बी जमा होने लगती है। इसीलिए कहा जाता है की झुककर नहीं बैठना चाहिए। क्योंकि आपके इस पोस्चर के कारण गर्दन की मासपेशियां चर्बी में बदल जाती है। जो आगे चलकर गर्दन पर मोटापा लाने का काम करती है। इसलिए हमेशा गर्दन और पोस्चर सीधा करके बैठे।

2. खान पान की आदतें :

गर्दन के आस पास अधिक चर्बी बढ़ जाने की वजह से फेस बहुत ज्यादा भारी दिखने लगता है। लेकिन क्या आप जानते है की अगर आप अपने खान पान की आदतों में थोड़ा सा बदलाव करेंगे तो आप इस समस्या से बच सकते है। जी हां, इसके लिए आपको कुछ विशेष प्रकार से भोजन जैसे सब्जियां, डेरी प्रोडक्ट्स, साबुत अनाज, फल और बिना चर्बी वाला मीट आदि का सेवन करना होगा। और हां, एक साथ खाने की बजाये, थोड़ी थोड़ी देर में कुछ कुछ खाते रहे।

3. Saturated Fat :

इस तरह का फैट बॉडी का वजन बढ़ाने में मदद करते है और जब शरीर का वजन बढ़ता है तो गर्दन के आस पास भी चर्बी इकट्ठी होने लगती है। जानकारी के लिए बता दें यह वसा शरीर के लिए किसी भी रूप में लाभकारी नहीं होता। ऐसे में आपकी कोशिश होनी चाहिए की इस वसा से युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन न करे। वैसे ये फैट पैकेट वाले foods और फ़ास्ट फ़ूड में अधिक मात्रा में पाया जाता है तो बेहतर होगा की आप ऐसी चीजों के सेवन से बचें रहें।

4. प्रोटीन :

शरीर को स्वस्थ और अच्छा बनाने के लिए प्रोटीन की अधिक आवश्यकता होती है। लेकिन जब आप फैट युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन करने लगते है तो शरीर में इसकी कमी होने लगती है।जिसके कारण गले के आस पास चर्बी जमा होने लगती है। रेड मीट और बीफ भी उन्ही भोज्य पदार्थों में से एक है जिनका सेवन करना आपके लिए हानिकारक होता है। अगर आपको चाहिए तो आप मछली या चिकन आदि का सेवन कर सकते है। क्योंकि इनमे प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो मांसपेशियों के लिए बहुत आवश्यक होता है।

5. कार्बोहाइड्रेट :

Whole grains में कार्बोहाइड्रेट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो स्वस्थ रूप से वजन कम करने में आपकी मदद करता है। जी हां, शारीरिक गतिविधियों को करने के लिए शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो की कच्चे अनाज में होती है। यह फाइबर पाचन क्रिया को धीमा करके पेट को लम्बे समय तक भरा हुआ रखता है जिससे आपको वजन कम करने में भी मदद मिलती है। बता दें, हरी पत्तेदार साजियों में कार्बोहायड्रेट फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है।

6. हाइड्रेट :

किसी भी कार्य को करने के लिए शरीर को पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन अगर आप भरपूर मात्रा में पानी का सेवन नहीं करते है तो ये आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसा करने से आपकी एकिन ढीली होकर लटक सकती है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन नहीं करने से भी वजन घटाने में भी समस्याएं होती है। इसीलिए जितना हो कसे पानी का सेवन करे और अपनी बॉडी को हाइड्रेट रखें।आपको चाहिए तो आप पानी की जगह किसी और ड्रिंक का इस्तेमाल कर सकते है लेकिन सिर्फ जूस या शेक इसके अतिरिक्त और कुछ नहीं।

7. योग :

योग को बहुत ही प्रभावशाली औषधि माना जाता है। यह बड़ी से बड़ी बिमारियों को ठीक करने की क्षमता रखता है। इसकी मदद से गर्दन की चर्बी को भी कम किया जा सकता है। जिसके लिए आप ब्रह्म मुद्रा को करें। सायं काल के समय प्रार्थना करते समय इस मुद्रासन को किया जाता है। इस योग को कुछ समय तक नियमित रूप से करते रहने से गर्दन पर बड़ी हुई चर्बी पर फर्क पड़ जाता है। जिससे आपकी गर्दन सुन्दर और आकर्षक दिखने लगती है।

तो, ये थे कुछ उपाय जिनकी मदद से आप अपने गर्दन के आस पास की चर्बी को कम कर सकते है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें शरीर के मांस को कम होने में थोड़ा समय लगता है इसीलिए हो सकता है 1 महीने में फर्क नजर न आये लेकिन समय बढ़ने के साथ साथ आपको फर्क दिखने लगेगा।

चुकंदर के फायदे प्रेगनेंसी में

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प्रेगनेंसी के दौरान ऐसी बहुत सी चीजे होती है जिनका गर्भवती महिला का खाने पीने का मन नहीं करता है, लेकिन यदि वो चीज गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास और गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद हो तो महिला को उसका सेवन जरूर करना चाहिए। ऐसे ही प्रेगनेंसी के दौरान महिलाएं चुकंदर को खाना भी शायद पसंद न करें। लेकिन विटामिन्स, आयरन, फोलिक एसिड, व् अन्य पोषक तत्वों से भरपूर चुकंदर प्रेगनेंसी के दौरान न केवल गर्भवती महिला के लिए बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। तो आइये आज हम आपको बीट रुट को प्रेगनेंसी के दौरान खाने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं आइये जानते हैं।

पोषक तत्वों से होता है भरपूर

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी महिला और शिशु दोनों पर ही नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। लेकिन यदि आप चुकंदर का सेवन करते हैं और इसे अपने आहार में शामिल करते हैं तो ऐसा करने से कैल्शियम, सल्फर, पौटाशियम,क्लोरीन, आयोडीन, आयरन, फोलिक एसिड आपको भरपूर मात्रा में मिलते हैं जिनसे शिशु के बेहतर विकास के साथ प्रेगनेंसी के दौरान महिला को भी ऊर्जा से भरपूर रखने में मदद मिलती है।

खून की कमी को पूरा करता है

आयरन से भरपूर होने के कारण महिला के शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के साथ रक्त की मात्रा को बढ़ाने में भी यह मदद करता है। और खून की मात्रा पूरी होने के कारण शिशु के बेहतर विकास को बढ़ावा मिलता है, जिससे डिलीवरी के दौरान आने वाली परेशानियां भी दूर होती है, और साथ ही ब्लड की मात्रा पूरी होने के कारण नोर्मल डिलीवरी के चांस भी बढ़ जाते हैं।

ऊर्जा से भरपूर रखता है

पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण महिला के शरीर में आने वाली कमजोरी व् थकावट की समस्या को दूर करता है। साथ ही इसके सेवन से महिला को प्रेगनेंसी में भी ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

पेट सम्बन्धी समस्या से निजात दिलाता है

बीटाइन और फाइबर से भरपूर चुकंदर प्रेगनेंसी के दौरान महिला की पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने के साथ, पेट में गैस, कब्ज़, बवासीर जैसी परेशानी से सुरक्षित रखने में भी प्रेगनेंसी के दौरान मदद करता है।

शुगर होने पर

प्रेगनेंसी के दौरान यदि कोई महिला शुगर की समस्या से परेशान हैं तो चुकंदर का सेवन शुगर को कंट्रोल में रखने में मदद करता है।

वजन नियंत्रित रखता है

कम कैलोरी और फाइबर अधिक होने के कारण चुकंदर का सेवन से प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में फैट का जमाव नहीं होता है जिसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान भी आपको वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास फायदे जो गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान चुकंदर का सेवन करने से मिलते हैं। साथ ही महिला इसके पराठे, जूस, सलाद आदि बनाकर दिन में एक समय के आहार में इसे जरूर शामिल करे ताकि इसमें मौजूद पोषक तत्व आपको मिल सकें, जिसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के स्वस्थ रहने के साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिले।

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गर्भावस्था के दौरान चुकंदर खाना कितना फायदेमंद होता है?

लटके हुए ब्रैस्ट को टाइट करने के तरीके

परफेक्ट बॉडी शेप और आपकी लुक को बेहतर बनाने में आपका ब्रैस्ट अहम भूमिका निभाता है, और ऐसा भी कहा जाता है की ब्रैस्ट महिला का सबसे आकर्षित अंग भी होता है, उम्र बढ़ने के कारण, सही ब्रा न पहनने की वजह से, ब्रेस्टफीडिंग के कारण, आदि के कारण आपके ब्रेस्ट में ढीलापन आ जाता है, जिसके कारण वो लटके हुए लगते हैं, और इसके कारण आपकी परफेक्ट और सूंदर ड्रेस पहनने के बाद भी वो आप पर नहीं जचती है, इसका कारण आपका लूज़ ब्रैस्ट होता है, और बहुत सी महिलाएं होती हैं जो इस समस्या से परेशान होती है, और चाहती हैं की उनका ब्रैस्ट सुडौल और आकर्षित बने, जिससे उनके फिगर को बेहतर होने के साथ उनकी ख़ूबसूरती को भी बढ़ाया जा सकें, लेकिन इस बारे में बात करते हुए उन्हें शर्म आती है, क्या आप भी ढीले और लटके हुए स्तन की समस्या से परेशान हैं यदि हाँ तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे आसान उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हे यदि आप नियमित इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपके ब्रैस्ट के परफेक्ट शेप मिलने में मदद मिलती है।

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ब्रैस्ट के ढीलेपन के कारण:-

  • जो महिलाएं अपने ब्रैस्ट शेप से बड़ी या छोटी ब्रा पहनती है, तो इसके कारण उनका ब्रैस्ट शेप खराब होने लगता है।
  • शरीर पर अतिरिक्त चर्बी के जमाव के कारण भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • स्तनपान के दौरान ब्रैस्ट में दूध भरा होने के कारण भी ब्रैस्ट लटके हुए लगते है।
  • गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन में होने वाले असंतुलन के कारण भी आपके ब्रैस्ट शेप में बदलाव आना आम बात होती है।
  • बढ़ती उम्र के कारण कोशिकाओं में कसाव कम होने के कारण भी आपको ब्रैस्ट के ढीलेपन का सामना करना पड़ सकता है।

लटके हुए ब्रैस्ट को टाइट करने के टिप्स:-

अनार के छिलके का इस्तेमाल करें:-

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अनार खाने से आपके शरीर को जितना फायदा होता है, उतना ही फायदा आपको अनार के छिलको से भी होता है, नियमित रात को सोने से पहले अनार के छिलको का लेप बनाकर अपने ब्रैस्ट पर लगाएं, और सुबह उठकर धो लें, ऐसा कुछ दिनों तक नियमित करने से आपको अपने ब्रैस्ट में बदलाव दिखाई देगा।

खीरे और अंडे के पीले भाग का प्रयोग करें:-

एक कटोरी में अंडे के पीले भाग और खीरे के गुद्दे को मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट जो अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर लगाएं, और इसे सूखने के लिए छोड़ दें, कम से कम आधे घंटे रहने के बाद पानी से उसे साफ़ कर दें, ऐसा नियमित करने से आपको अपने ब्रैस्ट को टाइट करने में मदद मिलती है।

अंडे और प्याज़ का इस्तेमाल करें:-

अंडे को फोड़ कर उसके सफ़ेद भाग को अलग कर लें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर नीचे से ऊपर की तरफ लगाएं और उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें, और साथ ही एक बर्तन में पानी डाल कर उसमे कुछ प्याज के कटे हुए टुकड़े मिला लें, प्याज़ का रस उसमे मिल जाएगा, उसके बाद जब आपका ब्रैस्ट सुख जाए तो इस पानी का इस्तेमाल करके अच्छे से अपने ब्रैस्ट को साफ़ कर लें, ऐसा करने से आपको कुछ ही दिनों में असर दिखाई देने लगता है।

बर्फ की मसाज करें:-

बर्फ की मसाज घर में अपने ब्रैस्ट के ढीलेपन को दूर करने का सबसे आसान उपाय है, इसके लिए आप दो बर्फ के टुकड़े लेकर अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर गोलाकार मुद्रा में मसाज करें, और साथ ही आप निप्पल पर न लगाएं, और मसाज केवल एक से दो मिनट के लिए करें, ऐसा दिन में आप दो या तीन बार भी कर सकते हैं इससे भी आपके ब्रैस्ट को टाइट होने में मदद मिलती है।

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एलोवेरा जैल का प्रयोग करें:-

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एलोवेरा जैल का इस्तेमाल आपने अपनी त्वचा में कसाव लाने के साथ आप अपने ब्रैस्ट को भी सुडौल और टाइट बनाने के लिए कर सकते है, इसके लिए आप एलोवेरा के ताजे पत्ते में से जैल निकालकर, उसके बाद इसमें एक चम्मच मेयोनेज़, और एक चम्मच शहद डालकर अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे अच्छे से साफ कर दें, हफ्ते में एक या दो बार इस उपाय को कुछ दिनों तक करने से आपको फायदा मिलेगा।

व्यायाम और योगासन करें:-

व्यायाम और योगासन करने से आपके शरीर में न केवल रक्त संचार अच्छा होता है, बल्कि इससे आपकी त्वचा में कसावट लाने में भी मदद मिलती है, और वैसे ही यदि आप नियमित कुछ ऐसा व्यायाम करते हैं, जिससे आपके ब्रैस्ट की मांसपेशियों को परफेक्ट होने में मदद मिलें, तो इससे आपके ब्रैस्ट सुडौल बन सकता है, इसके लिए आप भुजचककर और पुश अप्स कर सकते हैं इससे आपको बहुत फायदा मिलता है, साथ ही ऐसे योगासन जिसमे आपके ब्रैस्ट की कोशिकाओं में खोंचाव उत्त्पन्न हो इससे भी आपके ब्रैस्ट को टाइट होने में मदद मिलती है।

माजूफल का प्रयोग करें:-

माजूफल का इस्तेमाल शहद के साथ करने से आपको अपने ब्रैस्ट को टाइट करने में मदद मिलती है, इसके लिए आप थोड़े से माजूफल में उतना ही शहद मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर लगाएं, और कम से कम दो घंटे तक रहने दें, उसके बाद साफ़ पानी से अपने ब्रैस्ट को धो दें, और रात को नियमित बादाम के तेल से मसाज करें, ऐसा नियमित करने से आपको अपने ब्रैस्ट में कसाव लाने में मदद मिलती है।

सर्जरी करवाएं:-

जो महिलाएं अपनी लुक को बेहतर बनाने के लिए अपने ब्रैस्ट शेप को सही करने में ज्यादा समय नहीं लगाना चाहती हैं, उनके लिए सर्जरी भी एक विकल्प होता है सर्जरी करवाने से भी आपको अपने ब्रैस्ट को परफेक्ट शेप देने में मदद मिलती है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें की सर्जरी करवाने से पहले आप डॉक्टर की अच्छे से जांच पड़ताल करे लें, ताकि कोई परेशानी न हो।

दही और अंडे का इस्तेमाल करें:-

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दही में अंडे के सफ़ेद भाग को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने ब्रैस्ट पर लगाएं, और उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके आप अपने ब्रैस्ट को अच्छे से धो लें, ऐसा करने से आपको अपने ब्रैस्ट को सुडौल बनाने में मदद मिलती है।

ब्रैस्ट को टाइट करने के अन्य उपाय:-

  • अपनी डाइट में लहसुन का भरपूर सेवन करें, इससे आपके ब्रैस्ट को टाइट करने में मदद मिलती है।
  • जैतून के तेल में गाय का दूध मिलाकर अपने ब्रैस्ट पर लगाने से भी आपको अपने ब्रैस्ट को टाइट करने में मदद मिलती है।
  • सरसों का तेल यदि आप नियमित मसाज के लिए अपने ब्रैस्ट पर इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपके ब्रैस्ट में कसाव लाने में मदद मिलती है।
  • फिश आयल का सेवन अपने आहार में करने से आपको अपने ब्रैस्ट में कसाव लाने में मदद मिलती है, क्योंकि यह ओमेगा ३ फैटी एसिड से भरपूर होता है।
  • नियमित किसी क्रीम का इस्तेमाल करके यदि आप अपने ब्रैस्ट की मसाज करते हैं तो ऐसा करने से भी आपके ब्रैस्ट में धीरे धीरे कसाव आने लगता है, परन्तु मसाज करते हुए अपने स्तनों को अधिक जोर न न दबाएं, और गोलाकार नुद्र में मसाज करें।
  • मेथी के बाजो को अच्छे से पीस कर थोड़ा पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, और उसके बाद इसे अपने ब्रैस्ट पर लगाएं, और थोड़ी देर के लिए सूखने दें, उसके बाद पानी का इस्तेमाल करके अपने ब्रैस्ट को धो दें, नियमित ऐसा करने से आपको फायदा मिलता है।
  • एक चम्मच अलसी को पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख दें, सुबह उठकर उस पानी का नियमित सेवन करें आपको फायदा मिलेगा।
  • ब्रैस्ट पर दबाव डालकर कभी न सोएं, इससे भी आपके ब्रैस्ट में ढीलापन आता है।
  • अदरक के टुकड़े को काटकर एक गिलास पानी में अच्छे से पानी के आधे से कम रह जाने तक उबालें, और इस पानी का सेवन करें, इससे अभी आपके ब्रैस्ट में कसाव लाने में मदद मिलती है।
  • और अपने ब्रैस्ट के लिए अपने साइज और आपके ब्रैस्ट को स्पोर्ट देने वाली ब्रा का चुनाव करें, इससे आपके ब्रैस्ट शेप को परफेक्ट लुक देने में मदद मिलती है।

तो ये हैं कुछ ख़ास टिप्स जिन्हे यदि आप थोड़े दिनों तक नियमित करते हैं तो इससे आपके ब्रैस्ट के ढीलेपन को दूर करके उन्हें परफेक्ट शेप मिलने में मदद मिलती है, तो परफेक्ट फिगर पाने और अपने ब्रैस्ट को आकर्षित बनाने के लिए आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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