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मोटापे से कैसे बचें ? जानने के लिए पढ़े

Motape se Kaise Bache :- आज के समय में हर व्यक्ति अपनी सुंदरता का विशेष ख़्याल रखता है। लेकिन कई बार सुंदरता का ध्यान रखते-रखते वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना भूल जाते है और इसी कारण हमरा मोटापा बढ़ने लगता है। स्वास्थ्य की ठीक तरह से देखभाल नहीं करने से वजन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। वजन बढ़ने के साथ-साथ शरीर में और भी कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।

आज के समय की सबसे बड़ी समस्या मोटापे की है जिसे हर तीसरा व्यक्ति परेशान रहता है। न केवल बड़े बल्कि छोटे बच्चे भी इसी परेशानी से जूझते रहते है। यूँ तो सभी अपने मोटापे को कम करने के लिए मेहनत करते रहते है। कुछ लोग तो इसके लिए खाना पीना तक छोड़ देते है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की मोटापा क्यों होता है ? ज़ाहिर, सी बात है नहीं। क्योकि सभी का मानना है की मोटापा किसी बीमारी या शारीरिक परेशानी के कारण आता है। लेकिन शायद आप नहीं जानते की स्वास्थ्य की ओर की गयी थोड़ी सी लापरवाही के कारण ही ये मोटापा आता है। आज हम आपको मोटापा क्यों आता है और इसे कैसे बचे ? के बारे में बताएँगे। इनके जरिये आप मोटापा बढ़ाने वाले कारणों को कम कर सकते है।motapa-dur-karne-ke-upay

मोटापा कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन हां, कई बार समय पर ध्यान न देने से ये गंबीर बीमारी का रूप ले सकता है। पहले के समय में इक्का-दुक्का लोग ही इस समस्या से पीड़ित रहते थे लेकिन आज के समय में लगभग हर कोई इस समस्या से पीड़ित है। ऐसा इसलिए क्योकि पहले के लोग आपने स्वास्थ्य का उचित ध्यान रखते थे और खूब मेहनत करते थे जिससे उनके शरीर पर अतिरिक्त चर्बी एकत्रित नहीं होती है जबकि आज के लोग मेहनत तो करते है लेकिन शरीर का ध्यान नहीं रखते इसीलिए उनके पेट पर चर्बी इक्कठी होने लगती है जिसे आप और हम मोटापे के नाम से जानते है।

मोटापे की समस्या से बचने के उपाय :-

मोटापे जैसी आम समस्या से बचने के लिए आपको आपने जीवन में कुछ सामान्य परिवर्तन करने पड़े। ये परिवर्तन इतने मुश्किल भी नहीं है जितना की आप सोच रहे है। नीचे हम कुछ सुझाव देने जा रहे जिनकी मदद से आप इस समस्या से बच सकते है।

  • कुछ सब्जियों के सेवन से बचें – मोटापा किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। यदि आप भी चाहते है की आपके शरीर पर अतिरिक्त चर्बी न आये तो अपने खाने में से कुछ सब्जियों को हटा दे। जैसे आलू, अरबी, मटर और जिमीकंद। इस तरह की सब्जियां शरीर में फुलावट लाने का काम करती है। इसके अलावा इन सब्जियों के सेवन से आलस भी आता है।
  • मोटापे से बचने के लिए फल – फल मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते है लेकिन कुछ फल ऐसे होते है जो स्वास्थ्य के लिए तो फायदेमंद होते है लेकिन शरीर के लिए नुकसानदेह होते है। जिन लोगो को मोटे होने का खतरा बना रहता है वे पके हुए केले, चीकू, खजूर और अंजीर का सेवन न करे। इनके सेवन से आलस्य और सुस्ती आती है जिससे शरीर पर चर्बी इकट्ठी होने लगती है।
  • मिठाइयों को कहे न – जी हां, आपकी मनपसंद मिठाईया भी ओके मोटापे को बढ़ाने मे महत्वपूर्ण योगदान देती है। मिठाइयों में कैलोरी और शुगर की अधिक मात्रा पायी जाती है जो चर्बी को बढ़ाने का काम करती है। यदि आप चाहते है की आप कभी मोटे न हो और slim बने रहे तो मिठाइयों का सेवन बिलकुल बंद कर दे। आप चाहे तो कभी 1 – 2 महीने में मिठाई खा सकते है लेकिन वो भी भर-भर के नहीं एक से दो पीस। इससे आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ेगी नहीं और वजन नियंत्रित रहेगा।

Motape se kaise bache ?santulit-aahar-ka-sevan

  • फ़ास्ट फ़ूड को बेदखल कर दे अपनी डाइट से – जी हां, आपके मन को मोह लेने वाला फ़ास्ट फ़ूड भी आपके वजन को बढ़ाने में मदद करता है। इनमे मौजूद cholesterol और कार्बोहायड्रेट चर्बी बनाने का काम करते है जिससे व्यक्ति मोटा दिखने लगता है। हालाँकि उसके शरीर में उतनी जान नहीं होती जितनी दिखती है। मोटापे से बचने के लिए अपनी डाइट से फ़ास्ट फ़ूड को हमेशा के लिए बेदखल कर दे।
  • केक, पेस्टरी और चॉक्लेट के सेवन से बचें – मोटापे को बढ़ाने में इस तरह की चीजे महतवर्ण योगदान निभाती है। यदि आप मोटापे की समस्या से पीड़ित है या इसकी शिकायत है तो तुरन्त इस तरह की चीजो का सेवन बंद कर दे। इनमे मौजूद कैलोरी और अपोषक तत्व आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत हानिकारक होते है।
  • अधिक फैट वाले दूध और दूध से बनी चीजो से परहेज – दूध में मौजूद फैट आपके मोटापे को बढ़ाने का काम करता है। यदि आप मोटापे से बचना चाहते है तो अधिक फैट वाले दूध अर्थात अधिक मलाई वाले दूध और उससे बनी चीजो के सेवन से परहेज करे।
  • तले-भुने भोजन से बचें – तले हुए भोजन में मौजूद cholesterol शरीर की चर्बी को बढ़ाता है। इसके अलावा इसके सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्या भी उत्पन्न होती है। इसीलिए जितना हो सके इस तरह से भोजन के सेवन से बचें। ये न केवल आपके शरीर अपितु आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहित नुकसानदेह होता है।
  • धूम्रपान आदि के सेवन से बचें – शराब, धूम्रपान, तम्बाकू आदि के सेवन से भी मोटापे की समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि आप भी इस तरह की समस्या से परेशान है तो इन पदार्थो का सेवन बन्द कर दे। ये न केवल आपके शरीर अपितु आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत हानिकारक है।
Kitni Calorie ka sevan kare ?
  • दिन भर में 1400 कैलोरी का सेवन करे। 700 सुबह नाश्ते में, 500 दोपहर के खाने में और 200 कैलोरी रात के भोजन में। इससे आपका मोटापा भी नहीं बढ़ेगा और आपका स्वास्थ्य में नियंत्रण में रहेगा।

मोटापे से बचने के लिए क्या करें ?motape se bachne ke liye pratidin yoga

  1. कभी भी सुबह का नाश्ता न छोड़े। यदि आप कही बाहर जाते है तो बिना नाश्ता किये घर से न जाये। खाना बंद करने से मोटापा कम नहीं होता बल्कि गैस के कारण शरीर और फूल जाता है।
  2. हो सके तो अंकुरित दाले, काले छोले और सोयाबीन का सेवन करें। इसे शरीर को एनर्जी और पोषक तत्व मिलेंगे।
  3. निरंतर व्यायाम करें। इसे शरीर में स्फूर्ति बनी रहेगी।
  4. रात को हलके से हल्का भोजन करें।
  5. पूरी और अच्छी नींद ले।
  6. अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।
  7. खाने को चबा चबा कर खाये।
  8. मैदे वाले ब्रैड के स्थान पर ब्राउन ब्रेड का प्रयोग करें।

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नयी माँ के स्तन में दूध नहीं बन रहा है, तो करे ये घरेलू उपाय

नयी माँ के स्तन में दूध नहीं बन रहा है, तो करे ये घरेलू उपाय:-

जैसे ही बच्चा माँ के गर्भ में आता हैं| वैसे ही बच्चे के आने के कई नए अहसास माँ के शरीर में दिखने लग जाते हैं| उनमे से एक होता हैं कई बार महिलाओ के स्तनों में से दूध का रिसाव होना, और जैसे ही बच्चा जन्म लेता हैं, तो वो अपनी भोजन के लिए पूरी तरह से अपनी माँ के दूध पर निर्भर करता हैं| और उसी दूध से उस बच्चे का विकास भी होता हैं| परंतु कई बार ऐसा होता हैं, की कई महिलाओ के स्तनों में दूध नहीं आता हैं, और बच्चे को ऊपर का दूध देने पड़ता हैं|

स्टडीज़ के अनुसार माना जाता हैं, की यदि नवजात शिशु को पैदा होने के दो से तीन घंटे के भीतर स्तनपान करवा दिया जाये तो बच्चे को हर बीमारी से लड़ने की शक्ति मिलती हैं| और माँ के दूध से बच्चे का विकास भी अच्छी तरह से होता हैं, और उसकी बुद्धि में भी विकास होता हैं| परंतु स्तनों में दूध न आने के कारण कई बार महिलाये बहुत कोशिश करती हैं, की उनके स्तनों में दूध आ जाये, जिससे की उनके बच्चे को रोगों से लड़ने की शक्ति मिले|

बच्चा होने के बाद माँ का सबसे अहम दायित्व होता हैं| कि वो अपने बच्चे को स्तनपान कराएं, क्योकि माँ का दूध ही बच्चे की खुराक और शक्ति होता है| शुरुआत में करीब 10-15 दिनों तक तो माँ को पीला दूध होता है जो बच्चे के दिमाग के लिए, उसके स्वास्थ्य के लिए और उसके विकास के लिए बहुत जरूरी होता है| तो आइये जानते हैं यदि नयी माँ के स्तनों में दूध न आएं तो इसके लिए क्या करना चाहिए| और आप किस प्रकार घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके आसानी से इस समस्या का समाधान कर सकते हैं|

स्तनों में दूध लाने के घरेलू नुस्खे:-

स्तन में दूध लाने के लिए करे करेले का प्रयोग:-

करेले में विटामिन और मिनरल अच्‍छी मात्रा में पाया जाता है, जिससे स्तन में दूध बढाने की क्षमता बढ जाती है| यह स्‍त्री में लैक्‍टेशन सही करता है| जो महिला के स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ाते हैं, और यदि दूध न आने की समस्या हैं तो उसका भी समाधान करते हैं|करेला बनाते वक्‍त हल्‍के मसालों का प्रयोग करें जिससे यह आसानी से हजम हो सके|

लहसुन का इस्तेमाल करे:-

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लहसुन को खाने से भी दूध बढने की क्षमता बढती है| आप इसे गर्भावस्था में भी खा सकते हैं, परंतु कच्‍चा लहसुन खाने से अच्‍छा होगा कि आप उसे मीट, करी, सब्‍जी या दाल में डाल कर पका कर खाएं| अगर आप लहसुन को रोजाना खाना शुरु करेंगी तो यह आपको जरुर फायदा पहुंचाएगा| और आपको दूध न आने की समस्या से भी समाधान मिलता हैं|

जई का दलिया सेवन करे:-

जैसे ही बच्चा हो जाता हैं तो यदि उसके बाद कई महिलाओ को दूध न आने की समस्या हो जाती हैं, ऐसे में उन्हें जई के दलिया का सेवन करना चाहिए| इससे दूध का उत्पादन बढ़ता है| कई महिलाओं ने यह माना है कि जई का दलिया खाने से उनके दूध की मात्रा में वृद्धि हुई है|

तुलसी का प्रयोग करे:-

विटामिन के की मदद से स्तन में दूध की मात्रा को बढ़ाया जा सकता हैं| और इसका सेवन आप शहद के साथ कर सकते हैं| या फिर कोई भी सूप बनाते समय उसमे तुलसी मिला ले, तो भी ये फायदा करती हैं|

मेवे खाने से भी आता हैं स्तनों में दूध:-

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बादाम, किशमिश, छवारे और काजू जैसे मेवे स्तन में दूध बढाने में सहायक होते हैं| इसके अलावा यह विटामिन, मिनरल और प्रोटीन में काफी मदद करते हैं| अच्‍छा होगा कि आप इन्‍हें कच्‍चा ही खाएं, परंतु इनका सेवन आप नौवे महीने के बाद ही करे|

मानसिक तनाव या किसी भी तरह का तनाव न ले:-

तनाव होने के कारण भी कई बार स्तनों में दूध नहीं बन पाता हैं| तनाव ऑक्सीटोसिन के उत्पादन में रुकावट पैदा करता है। ऑक्सीटोसिन ही वह हार्मोन है, जो दूध का उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है| इसीलिए कोशिश करे की तनाव से दूर रहे|

मिल्क प्रोडक्ट ज्यादा से ज्यादा मात्रा में ले:-

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आपको गर्भावस्था के समय से दूध आदि का सेवन करते रहना चाहिए| क्योंकि इससे हमारे शरीर को बहुत फायदा होता हैं| इससे आपके स्तनों में बच्चे के लिए दूध भी बनता हैं| और नियमित रूप से इसे पीने से आपको दूध न आने की समस्या भी उत्तपन नहीं होती हैं|

आहार का ध्यान रखे:-

आहार में कभी भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए| आपके लिए जरुरी हैं की आप गर्भावस्था के समय से ही अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखे, और यदि आप र आप पहली बार मां बनी हैं तो आपको चाहिए कि आप अपनी पसंद का भोजन पूरी तरह से खाएं| और ज्यादा से ज्यादा स्वस्थ भोजन खाएं| दूध उत्पादन के लिए शरीर को अच्छे खानपान की आवश्यकता होती है|

मेथी और सोंफ का सेवन करे:-

स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए आप मैथी के सूखे दानो को सब्जियों आदि में दाल कर उसका सेवन करे| और आप चाहे तो सोंफ का काढ़ा या फिर चाय बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं|

जीरा का सेवन करे:-

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जीरा का सेवन करने से भी आपको दूध न आने या फिर दूध की मात्रा को स्तनों में बढ़ाने की समस्या से आराम मिलता हैं| आप चाहे तो जीरा पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं|

तो ये सब कुछ बाते हैं जिनका प्रयोग करके आप आसानी से इस समस्या का समाधान कर सकते हैं| और अपने बच्चे को स्तनपान करवा कर उसे हर रोग से लड़ने के लिए सक्षम बना सकते हैं| साथ ही आप किस प्रकार उनके विकास में उनकी मदद कर सकते हैं| डॉक्टर्स के अनुसार भी कम से कम छह महीने तक बच्चे के लिए माँ का दूध ही सर्वोत्तम आहार कहा गया हैं| क्योंकि इससे ही बच्चे को सारे पोषक तत्व मिल जाते हैं| जो उसके लिए आवश्यक होते हैं|

स्तनपान करवाने से माँ को भी बहुत फायदा होता हैं, क्योकि ये महिलाओ को स्तन कैंसर जैसी बीमारियों से बचाता हैं| और स्तनपान करवाने से बच्चे को भी बहुत फायदा होता हैं| और छह महीने के बाद भी कई महिलाएं अपने बच्चे को स्तनपान करवाती हैं| और ये बहुत अच्छी बात भी हैं, साथ ही छह महीने के बाद नवजात शिशु के खान-पान में बदलाव आता हैं| क्योंकि जैसे-जैसे शरीर का आकार बढ़ता हैं वैसे ही शरीर की जरुरत भी बढ़ जाती हैं|

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मकड़ी काटने पर करें ये घरेलु उपाय

Makdi katne par kya kare :– मकड़ी एक तरह की जीव है जो अक्सर घरों में पायी जाती है। अपने घरों के कुछ हिस्सो और बाहर भी मकड़ी के जले देखने को मिलते है। यूँ तो मकड़ी का काटना कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन कुछ मकड़ियां बहुत खतरनाक होती है जिनके काटने पर मनुष्य को बहुत अधिक हानि होती है।

इस तरह की मकड़ियों में विशेष प्रकार का जहर पाया जाता है जो मनुष्य के खून में प्रवेश कर उसे शारीरिक पीड़ा पहुँचाता है। ये मकड़ियां घर के अँधेरे और गंदगी वाले स्थान पर रहती है। मकड़ियां अपने रहने के लिए स्वयं जाल बुनती है जो हमारे bed, घर की दीवारी, अलमारी और सभी जगह मौजूद होता है। कई बार मकड़ियां जल बुनते-बुनते हमारे शरीर पर गिर जाती है और हमें काट लेती है।makdi katne ke upay

मकड़ीओ के काटने वाले स्थान पर सूजन आती है और उसमे खुजली व् दर्द जैसी समस्या भी उत्पन्न होने लगती है। आम मकड़ी का काटना कोई गंभीर समस्या नहीं है जिसका उपचार नहीं किया जा सकता। आज हम आपको मकड़ी के काटने के घरेलु उपचारों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। लेकिन एक बात का ध्यान रखे की यदि किसी जहरीली मकड़ी में काटा है और समस्या अधिक गंभीर है तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।

Makdi Katne ke लक्षण:-

मकड़ी के काटने के पश्चात् त्वचा पर लाल दाने हो जाते है। इसके अलावा त्वचा में सूजन आती है और उसमे खुजली भी होने लगती है। काटने के थोड़ी देर बाद उस स्थान पर दर्द भी होने लगता है। कई बार त्वचा पर पानी के फफोले (पानी के छाले) भी आ जाते है।

मकड़ी के काटने पर घरेलु उपाय :

पत्ता गोभी का करे प्रयोग :

कच्ची पत्ता गोभी को मकड़ी काटने के उपचार के लिए बहुत प्रभावी घरेलु उपाय माना जाता है।  मकड़ी के काटने पर कच्ची पत्ता गोभी को बारीक़ पीस लें। अब इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। रातभर इस मिश्रण को त्वचा पर लगा कर रखे। इससे आपकी समस्या दूर होने में मदद मिलेगी। पत्ता गोभी त्वचा पर मौजूद विषैले पदार्थो को हटाकर संक्रमण को फैलने से बचाती है। ये मकड़ी के काटने पर सबसे सस्ता और फायदेमंद उपचार है।baking soda

बेकिंग सोडा को आजमायें :

खाने में प्रयोग किये जाने वाले बेकिंग सोडा भी मकड़ी के काटने के उपचार में प्रभावित रूप से काम करता है। बेकिंग सोडा में मौजूद क्षारीय पदार्थ त्वचा से दर्द, खुजली और सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा में तीन चम्मच पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को मकड़ी के काटने वाले स्थान पर लगाएं। कम से कम 10 मिनट लगे रहने के पश्चात् इसे साफ़ करें लें। 2 से 3 प्रयोग में आपकी समस्या हलकी होकर ठीक हो जाएगी।

एस्पिरिन की गोली का करें प्रयोग :

एस्पिरिन की गोली को मकड़ी के काटने का सबसे अच्छा उपाय है। एस्पिरिन मकड़ी के काटने से त्वचा पर होने वाले इन्फेक्शन्स को दूर करती है। यह जहर का प्रभाव कम करके उसे ठीक करने में मदद करती है। इसके अतिरिक्त इसके मौजूद Anti-Inflammatory गुण दर्द और सूजन को नियंत्रित करने में मदद करते है। इसके लिए एस्पिरिन की 1 से 2 गोली में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और कुछ घंटो तक लगा रहने दें। बाद में हलके गुनगुने पानी से इसे साफ़ करें लें। यदि आवश्यकता हो तो दिन में 2 से 3 बार इस उपाय का प्रयोग करें। कुछ ही दिनों में समस्या हल हो जाएगी।

आलू को आजमायें :

मकड़ी के काटने पर आलू बहुत प्रभावी ढंग से कार्य करता है। आलू में मौजूद Anti Erection और Soothing गुण खुजली और सूजन को कम करने में मदद करते है। इसके लिए एक आलू लें और उसे छील लें। इसके बाद इस आलू को अच्छी तरह से कद्दूकस कर लें। फिर एक पतले से कपडे में इस पेस्ट को बांध लें। अब मकड़ी के काटे हुए हिस्से को शराब से साफ़ कर लें और उसपर आलू का प्रलेप कर लें। आलू के सूखने तक इस लेप को लगे रहने दें। बाद में साफ़ कर लें। आपकी समस्या ठीक हो जाएगी।

मकड़ी के काटने पर सूजन कम करने के लिए Ice Pack का प्रयोग करें :

त्वचा पर आयी सूजन को ठीक करने का सबसे अच्छा उपाय है Ice Pack। मकड़ी के काटने पर आने वाली सूजन को भी इस पैक की मदद से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले घाव को अच्छे से पानी से साफ़ कर लें। इसके बाद उस पर ice pack लगाएं। ठंडा तापमान नसों को सुन्न करके खुजली, दर्द और सूजन को कम करता है।  त्वचा पर संक्रमण के कारण  सूजन हो जाने पर किसी तौलिया में बर्फ के कुछ टुकड़ो को लपेटकर 10 मिनट के लिए सिकाई करें। मकड़ी के काटने के 24 घंटो के भीतर जरुरत अनुसार इस पैक का प्रयोग करे।

आमचूर :aamchur-powder

मकड़ी के काटने पर आमचूर का भी प्रयोग किया जा सकता है। इसकी मदद से मकड़ी के कटे हुए घाव को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए 1 चम्मच आमचूर को 2 चम्मच पानी में मिलाकर लेप बना लें। अब इस मिश्रण को अपने घाव पर लगाए। इससे आपके घाव को आराम मिलेगा और दर्द से राहत मिलेगी।

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होंठ फट रहे है ? घरेलु नुस्खों का करें प्रयोग

Fate Hoth ka ilaj kaise kare :- सर्दियों के मौसम में त्वचा और होंठ फटना एक आम समस्या है। जिससे निजात पाने के लिए हर कोई अपने अपने प्रयास करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की आखिर सर्दियो में ही हमारे होंठ क्यों फटते है ? निश्चित रूप से नहीं, क्योकि कभी इसकी आवश्यकता ही नहीं पड़ी। दरसल सर्दियों के मौसम में त्वचा की नमी को बनाये रखना बहुत कठिन होता है। क्योकि इस मौसम में चलने वाली हवाएं त्वचा से नमी छीन लेती है। जिसके कारण हमारी त्वचा और हमारे होंठ रूखे होकर फटने लगते है। आज कल होंठ फटने की समस्या बहुत आम हो गयी है जिसे देखो उसी के होंठ फटे हुए नज़र आते है।

आज कल के अधिकतर लोग बाजार में उपलब्ध उत्पादों की मदद से इस समस्या को छुपा लेते है। लेकिन क्या आप जानते है की कई बार इनका प्रयोग आपकी त्वचा के लिए हानिकारक भी हो जाता है। माना ये उत्पाद कुछ देर के लिए हमारी समस्या को छुपा देते है लेकिन एक लंबे समय के लिए परेशानिया दे जाते है। होंठो का फटना कोई गंभीर समस्या नहीं है जिससे छुटकारा नहीं पाया जा सकता किन्तु यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाये तो ये गंभीर रूप भी ले सकती है।

होंठ मनुष्य के शरीर का सबसे अहम् हिस्सा होते है जिन लड़कियों के होंठ सुन्दर होते है वे  बहुत अच्छी दिखती है वही दूसरी ओर जिन लड़कियों के होंठ फटे और खराब होते है वो सुन्दर होते हुए भी सुन्दर नहीं दिखती। इसीलिए आज हम फटे होंठो के उपचारों के बारे में बताने जा रहे है जिनके द्वारा आप अपनी इस समस्या से छुटकारा पा सकती है। माना आज कल किसी के पास भी इतना समय नहीं है की इन उपायों को कर सके। लेकिन यकीन मानिए ये उपाय पूरी तरह फायदेमंद और सुरक्षित है। क्योकि इनके निर्माण में प्राकृतिक उत्पादों का प्रयोग किया गया है। तो आईये जानते है फटे होंटो का इलाज …..!!fate hoth ka ilaj

 

होंठ फट रहे है तो चीनी का प्रयोग करें :-

होंठो को Exfoliate करने के लिए चीनी एक अच्छा घरेलु उपाय है। इसके प्रयोग से होंठो की नर्माहट लौट आती है और वे फटते नहीं है। इसके लिए 2 चम्मच चीनी में एक चम्मच शहद मिलाकर एक पेस्ट बनाये। अब इस पेस्ट को अपने होंठो पर लगाएं और थोड़ी देर रहने दें। अब इसे उंगलियो की मदद से रगड़े जिससे Dead Skin निकल जाये। थोड़ी देर बाद इसे गुनगुने पानी से साफ़ कर लें।

फटे होंठो के लिए शहद भी है लाभकारी :-

शहद होंठो के लिए मॉइस्चराइज़र का काम करता है। इसमें मौजूद Anti Bacterial गुण होंठो की खराब त्वचा को निकालकर उसे साफ़ करने का काम करते है। इसके लिए शुद्ध शहद को दिन में कई बार अपने होंठो पर लगाएं। आप चाहे तो शहद और ग्लिसरीन को मिलाकर उसके पेस्ट का भी प्रयोग कर सकते है। इसे सोने से पहले अपने होंठो पर लगाएं। कुछ दिनों बाद उनकी त्वचा मुलायम हो जाएगी।

गुलाब की पंखुड़िया दें  Fate Hoth में आराम :-lip-care-tips-in-hindi

गुलाब में मौजूद रस त्वचा में आयी पोषक तत्वो की कमी की पूर्ति करता है। इसके प्रयोग से फटे होंठो  को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए गुलाब की पंखुडियो को अच्छे से धो लें। इसके बाद कुछ घंटो के लिए उन्हें दूध में डुबोकर रखे। आप चाहे तो इन्हें ग्लिसरीन में भी डुबो सकती है। इसके बाद इन पंखुडियो को मैश करके एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अब दिन में कम से कम 2 – 3 बार इस पेस्ट को लगाएं। रात को सोने से पहले भी इस पेस्ट को लगाएं फ़ायदा मिलेगा।

अरंडी का तेल है फटे होंठो का इलाज :-

फटे होंठो का सबसे अच्छा इलाज अरंडी का तेल है। इसकी मदद से होंठो के रूखेपन को आसानी से खत्म किया जा सकता है। इसके लिए दिन में कई बार अरंडी का तेल अपने होंठो पर लगाएं। इसके अलावा एक चम्मच अरंडी का तेल और ग्लिसरीन की कुछ बूंदों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपने होंठो के ठीक होने तक रुई की मदद से लगाते रहे। आपके होंठ पहले की तरह मुलायम हो जायेंगे ।

दूध की मलाई से मुलायम होंगे Fate Hoth  :-

दूध की मलाई में मौजूद वसा आपके होंठो को प्राकृतिक रूप से मोइश्चराइज़ करता है। इसके लिए ताजे दूध की मलाई अपने होंठो पर लगाएं और 10 मिनट तक उसे रहने दें। इसके बाद रुई को गुनगुने पानी में भिगोकर उस मलाई को साफ़ कर दें। इस विधि का लगातार प्रयोग करने से आपके होंठ ठीक हो जायेंगे।

Fate Hoth ke liye नारियल का तेल :-lips 5

नारियल का तेल Fate Hoth के लिए बहुत अच्छा घरेलु उपचार है। इसकी मदद से फटे होंठो की समस्या को आसानी से ठीक किया जा सकता है। सर्दियों के मौसम में त्वचा और होंठ अपनी नमी खो देते है जिससे वे रूखे हो जाते है। ऐसे में उनकी नमी बनाये रखना आवश्यक होता है। नारियल का तेल होंठो में नमी बनाये रखने का काम करता है। इसके लिए दिन में कई बार और रात को सोने से पूर्व होंठो पर नारियल का तेल लगाएं। आप चाहे तो जैतून के तेल का भी प्रयोग कर सकती है।

शरीर में विटामिन की कमी को पूरा करें :-

होंठ फटने का एक कारण शरीर में विटामिन्स की कमी भी होती है। हमारे शरीर में Vitamin A की कमी के कारण होंठ फटते है। इससे छुटकारा पाने के लिए अपने खाने में टमाटर, गाजर, साबुत अनाज, चुकंदर और हरी सब्जियों को शामिल करें। इससे शरीर की Vitamin A की कमी पूरी हो जाएगी और आपके होंठ मुलायम होने लगेंगे।

गुलाब जल और तुलसी का प्रयोग करें :-

गुलाब जल के गुण होंठो की त्वचा की मुलायम बनाते है जबकि तुलसी उसमे मौजूद बैक्टीरिया को समाप्त करती है। इसके लिए एक पात्र में 2 चम्मच गुलाबजल डाले और उसमे तुलसी के 8 – 10 पत्तो को डालकर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। अब इसे अपने होंठो पर लगाएं। दिन में कम से कम तीन से चार बार लगाएं आपके फटे होंठ ठीक हो जायेंगे।

होंठ न फटे इसके लिए निम्न बातो का ध्यान रखे (Fate Hoth ka ilaj) :-

1. जब भी लिपस्टिक ख़रीदे इस बात का ध्यान रखे की वो ग्लॉसी (Glossy) हो। सुखी लिस्टिक का प्रयोग कम से कम करें। लिपबॉम हमेशा unflavored ले। और हो सके तो बिना flavour वाले टूथपेस्ट का प्रयोग करें।

2. अधिक से अधिक पानी का सेवन करें इससे आपके होंठ सूखेंगे नहीं और उनमे नमी बनी रहेगी ।

3. अपने होंठो को त्वचा को मुलायम बनाने के लिए रात को उन पर मलाई लगाकर सोये ।

4. सुबह ब्रश करते समय एक ब्रश अपने होंठो पर भी करें इससे होंठो की मृत त्वचा (Dead Skin) निकल जाएगी।

5. रोजाना रात को सोने से पूर्व नींबू का रस या वेसलीन (Vaseline) लगा कर सोना चाहिए। इससे आपके होंठ मुलायम रहेंगे।

6. धूम्रपान न करें। क्योकि कर बार होंठ फटने का एक कारण धूम्रपान करना भी होता है।

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सर्दियों में त्वचा की देखभाल कैसे करें ?

Sardiyo m twacha ki dekhbhal :- दिवाली का मौसम जाते है हलकी-हलकी ठण्ड दस्तक देना प्रारम्भ कर देती है। सर्द हवाएं बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर पर कपड़ो की गिनती भी बढ़ने लगती है। घर में गर्म तासीर वाली चीजे भी आना प्रारंभ हो जाती है। ये सब हम खुद को ठण्ड से बचाये रखने के लिए करते है लेकिन क्या आपने सर्दियों में कभी अपनी स्किन के लिए कोई तैयारी करी है ? निश्चित रूप से नहीं, क्योकि आप और हम जैसे कई लोग है जिन्हें सर्दियों से त्वचा को होने वाले नुकसानों के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है।

क्या आपने कभी सोचा है की सर्दियों में त्वचा इतनी रूखी क्यों हो जाती है ? क्यों सर्दियों में ही हमारी एड़िया फटती है ? जाहिर सी बात है नहीं, क्योकि सिवाए शरीर को सर्दी से बचाने के हम किसी ओर बात पर ध्यान ही नहीं देते और अगर कभी गलती से ध्यान दे भी दे तो सर्दिया हमें कुछ नहीं करने देती।

सर्दियों में शरीर के बाद त्वचा को सबसे अधिक नुकसान होता है। इसीलिए इस दौरान हमारी त्वचा को सबसे अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। सर्दियों में हमारी त्वचा नमी खोने लगती है जिसके कारण वो रूखी हो जाती है। ऐसे में यदि इसकी ठीक तरह से देखभाल न की जाये तो कई तरह की समस्याएं उतपन्न हो सकती है। अब सवाल ये उठता है की सर्दियों में त्वचा की देखभाल कैसे करें ? तो परेशान न हो आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप आसानीसे सर्दियों में अपनी त्वचा की देखभाल कर सकती है। तो आय जानते है सर्दियों में त्वचा की देखभाल करने के उपाय….!!

सर्दियों में कैसे करे त्वचा की देखभाल ?Sardiyo m twacha ki dekhbhal

किसी मलाईदार क्रीम का प्रयोग करे : cleanser का प्रयोग तो आप सभी कार्ति होंगी। और अगर नहीं कार्ति है तो हम बता देते है की ये एक क्रीम होती है जिसका प्रयोग चेहरे से makeup निकलने के लिए किया जाता है। आपकी त्वचा किसी भी प्रकार की अर्थात सुखी, तेलीय या संयोजन हो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता रात को सोने से पहले पुरे मेकअप को निकालकर सोना चाहिए। यदि आपके पास cleanser नहीं है तो आप किसी मलाईदार क्रीम का भी प्रयोग कर सकती है। इसे त्वचा की नै कोशिकाओं के उत्पादन में मदद मिलेगी।

सनस्क्रीन का प्रयोग करें : न केवल गफरमी बल्कि सर्दियों में भी सूरज की किरणे आपकी त्वचा के लिए बहुत हानिकारक होती है। सर्दियों के दौरान कही बहार जाने से पूर्व सनस्क्रीन का प्रयोग अवश्य करे। ठण्ड में कही बाहर जाने से आधे घंटे पहले चेहरे और खुली रहने वाली जगह पर व्याकपक स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का प्रयोग करे। यदि आप ज्यादा देर के लिए जा रही है तो थोड़ी देर बाद इसे दोबारा लगाएं।

मॉइस्चराइज़र का निरंतर प्रयोग करे : सर्दियों में अपनी त्वचा के लिए किसी मॉइस्चराइजिंग मास्क का प्रयोग करना प्रारम्भ कर दे। स्नान के पश्चात पुरे शरीर पर लोशन का प्रयोग करे। लोशन आपकी त्वचा में हुई नमी की कमी को पूरा करके उसमे अतिरिक्त नमी को save करने में मदद करता है।

दस्तानों का प्रयोग करे : शरीर के बाकी अंगो की तुलना में हाथो की त्वचा पतली और कम तेल ग्रंथियों वाली होती है। जिस कारण सर्दियों में हाथ रूखे और अजीब से दिखने लगते है। इसीलिए इस समय में हाथो की नमी बरकार रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए जब भी कही बाहर जाएं, Comfortable और पतले रेशमी सूती दस्ताने पहन कर जाएं। ये सर्द हवाओं से आपकी त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाएंगे।Sardiyo m twacha ki dekhbhal

Sardiyo me twacha ki Dekhbhal Kaise kare ?

सोने से पूर्व फिर से मोइस्चरिज़ : सर्दियों में अपनी त्वचा को नम रख पाना बहुत कठिन हो जाता है जिसके कारण वो रूखी हो जाती है। इसीलिए इस दौरान त्वचा को समय-समय पर मोइस्चरिज़ करना आवश्यक होता है। इसीलिए सोने से पूर्व अपनी त्वचा पर मोइस्चराइजर का प्रयोग अवश्य करे। इसके अलावा सुबह हो या शाम नहाने के बाद दिन में कम से कम दो बार मोइस्चरिज़र का प्रयोग अवश्य करे। रात को सोने के बाद हमारी शरीर के तापमान में बदलाव आता है जिसके कारण मोइस्चराइजर हमारी त्वचा में अच्छे से रिस जाता है।

बहुत अधिक गर्म पानी से न नहाएं : हम जानते है सर्दियों में बहुत गर्म पानी से नहाना सभी को बहुत अच्छा लगता है। लेकिन क्या आप जानते है की ऐसा करने से आपकी स्किन पर कितना प्रभाव पड़ता है। जी है बहुत ते गर्म पानी से नहाने से त्वचा के टोन पर फर्क पड़ता है जिससे त्वचा की नमी में कमी आ सकती है।

त्वचा को साफ़-सुथरा रखे : बाज़ार में मौजूद रंग उत्पादों और बालो के स्टाइल उत्पादों में अल्कोहोल की अधिक मात्रा पायी जाती है जो अपनी त्वचा की नमी को सूखने का काम करती है। इसलिए जितना हो सके इस तरह के उत्पादों के प्रयोग से दूर रहे अगर प्रयोग आवश्यक है तो अल्कोहोल रहित उत्पादों का प्रयोग करें।

सर्दियों में त्वचा की देखभाल (Sardiyo m twacha ki dekhbhal kaise kare):-

इस दौरान चेहरेका विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है क्योकि सर्दियों में सबसे ज़्यादा प्रभाव चेहरे की त्वचा को ही पड़ता है। सर्दियों में कम से कम 15 SPF का, या संभव हो तो Anti Septic एजेंटो के साथ सनस्क्रीन का प्रयोग करना चाहिए। इस तरह के अधिकांश उत्पाद पेड़ के तेल से बने होते है जो त्वचा के दर्दनाक दरारों को इलाज करता है।

चेहरे के अतिरिक्त सर्दियों में हाथ, पैर, कमर और कोहनी का भी ध्यान रखना चाहिए। यदि आप चाहते है की आपकी स्किन सर्दियों में भी एक समान बनी रहे तो मक्कन, चाय के पेड़ के तेल, पोषक तत्व का तेल, पेट्रोलियम जेली या ग्लिसरीन युक्त पदार्थो का प्रयोग करे। अपनी त्वचा की नमी को बनाये रखने के लिए दस्ताने व् मोज़े पहनें।

सर्दियों के मौसम की सबसे बड़ी समस्या फटी एड़ियो की है। जो लाख कोशिशो के बाद भी ठीक नहीं होती। यदि आप भी सर्दियों में इस समस्या से अक्सर परेशान रहती है तो यह पढ़े :- फटी एड़ियो के घरेलू उपचार।

रूखी त्वचा के लिए क्या करे (Sardiyo m twacha ki dekhbhal) ?

सामान्य तौर पर कुछ लोगो की त्वचा शुष्क होती है जिसके कारन सर्दियों के मौसम में वो फटने लगती है और अजीब सी दिखती है। यदि आपकी त्वचा भी रूखी या सुखी है तो आपको साबुन का कम से कम उपयोग करना चाहिए।

इस तरह की त्वचा वाले व्यक्तियो दूध का प्रयोग करना चाहिए। इस उपाय के कोई Side Effect भी नहीं है। इसके लिए आप सीधे दूध को अपनी त्वचा पर लगाएं। आप चाहे तो दूध को किसी सूती कपडे में डुबोकर भी अपनी त्वचा पर लगा सकती है। इस कपडे से त्वचा के हर हिस्से पर दूध लगाएं। दूध के सूखने के बाद इसे हलके गर्म पानी से धो दे।

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दांतो का पीलापन कैसे दूर करें ? जानने के लिए पढ़े

Danto ka Pilapan dur karne ke upay :- व्यक्ति की खूबसूरती उसके चेहरे से झलकती है। जिसमे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है हमारे दांत। जिन व्यक्तिओ के दांत सफ़ेद और चमकदार होते है लोग उन्हें अच्छा व्यक्ति मानते है और सफ़ेद दन्त उनकी पर्सनालिटी को भी अच्छा बनाते है। वही दूसरी ओर जिन लोगो के दांत पीले और गंदे होते है उनसे लोग बात करने से भी कतराते है। जिसके कारण उन्हें शर्मिंदा होना पड़ता है।

आज के समय में दांतो का पीलापन एक आम समस्या बन गयी है जिससे निजात पाने के लोग महंगे से महंगे tooth प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते है। लेकिन कई बार अलग-अलग ब्रांड की वस्तुओं के इस्तेमाल से ये समस्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में इससे छुटकारा महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आवश्यक भी हो जाता है। जिन व्यक्तिओ के दांत पीले होते है या उनके दांतो पर पीलापन दिखता है वे सार्वजानिक स्थानों पर जाने से डरते है और खुल के सबसे हँस-बोल भी नहीं पाते। यूँ तो ये कोई गंभीर समस्या नहीं है परंतु यदि सही समय पर इसे ठीक न किया जाये तो ये गंभीर रूप भी ले सकती है।

दांतो पर पीलापन आने के क्या कारण है ?Danto ka Pilapan dur karne ke upay

Danto ka Pilapan किसी भी कारणों से आ सकता है जिनमे निम्नलिखित सम्मिलित है :-

  • किसी बीमारी के कारण।
  • दांत को ठीक से साफ न करने से।
  • रोजाना ब्रश न करने से।
  • बिना ब्रश किये खाने-पीने से।
  • खाने की मीठी चीजो जैसे चोकलेट, आइसक्रीम, आदि का अधिक सेवन करने से।
  • किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के सेवन से जैसे गुटखा , जर्दा ,तंबाकू इत्यादि।
  • धुम्रपान करने से भी आ सकता है दांतो पर पीलापन।
  • अल्कोहल (Alchohol) का सेवन करने से।
  • ठन्डे शीतल पेय का अधिक सेवन करने से भी आ हो जाते है दांत पीले।

कुछ लोग इसे छुटकारा पाने के लिए दिन और रात अपने दांतो पर ब्रश रगड़ते रहते है जिसका कोई फायदा नहीं होता। यूँ तो बाजार में ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध है जिनकी मदद से दांतो के पीलेपन से छुटकारा पाया जा सकता है लेकिन जब हमारे घर में ही इस समस्या का उपचार मौजूद है तो व्यर्थ में पैसे खर्च क्यों करे ? आपको जानकर हैरानी अवश्य हुई होगी परन्तु ये सत्य है। हमारी रसोइये में ही ऐसे कई उत्पाद है जिनकी मदद से दांतो के पीलेपन को आसानी से दूर किया जा सकता है बस आवश्यकता है तो थोड़ी सी देखभाल और समय की। आज हम आपको इन्ही घरेलु उत्पादों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप दांतो के पीलेपन की समस्या से निजात पा सकते है।

दांतो का पीलापन दूर करने के उपाय :- 

बेकिंग सोडा :- खाने में प्रयोग किये जाने वाले बेकिंग सोडा का प्रयोग करके भी हम अपने Danto ka Pilapan को समाप्त कर सकते है। इसमें मौजूद तत्व दन्तो से प्लाक को खत्म करके उन्हें सफ़ेद और चमकदार बनाये रखते है।
प्रयोग :-
– प्रतिदिन ब्रश करते समय अपने पेस्ट में थोड़ा सा बेकिंग पाउडर मिलाये और उस मिश्रण से ब्रश करे।
– आप चाहे तो एक कप पानी में बेकिंग सोडा और Hydrogen Peroxide मिलाकर इस मिश्रण का माउथ वाश की तरह भी प्रयोग कर सकते है।

संतरे का छिलका :- रोजाना इसके छिलके से दांतो को साफ़ करने से उनका पीलापन समाप्त हो जाता है।
प्रयोग :-
– इसके लिए रोज रात को सोने से पूर्व संतरे के छिलके को अपने दांतो पर रगड़े। इसमें मौजूद Vitamin C और calcium दांतो को मजबूती देने के साथ-साथ उन्हें चमकदार भी बनाता है।
– आप चाहे तो संतरे के छिलके और तुलसी के पत्तो को सुखाकर एक पाउडर बना ले। अब प्रतिदिन इस पाउडर से दाँतो में मसाज करे। आपके दांत सफ़ेद हो जायेंगे।

स्ट्रॉबेरी :- स्ट्रॉबेरी में Vitamin C की अत्यधिक मात्रा पायी हटी है जो दांतो को सफ़ेद बनाने के लिए बहुत फायेदमंद होती है।
प्रयोग :-
– Danto ka Pilapan हटाने के लिए स्ट्रॉबेरी के टुकड़ो को पीसकर, इसके लेप से अपने दांतो पर मसाज करे। दिन में दो बार इसका प्रयोग करे आपके दांत साफ़ होने लगेंगे।
– इसके अलावा बेकिंग सोडा और स्ट्रॉबेरी के palp को मिलाकर दांतो पर रगड़ने से भी इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

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नींबू :- नींबू में मौजूद गुण प्राकृतिक रूप से ब्लीचिंग का काम करते है जो हमारे दांतो के पीलेपन को हटाने में भी मदद करते है। इसके लिए नींबू के छिलके को अपने दांतो पर रगड़े या उसके पानी से गरारे कर ले।
प्रयोग :-
– दांतो का पीलापन दूर करने के लिए नींबू के साथ नामक मिलाकर अपने दांतो की मसाज करे।
– दो हफ्ते तक लागतार इसका प्रयोग करने से दांत चमकने लगेंगे।

नमक :- आज से नहीं बल्कि पिछले कई समय से दांतो की सफाई के लिए नमक का प्रयोग किया जाता आ रहा है। नमक दांतो के मिनरल्स को वापस लाता है जिससे दांतो पर चमक और उनका सफ़ेद रंग बना रहता है।
प्रयोग :-
– प्रतिदिन सुबह टूथपेस्ट की भांति नमक से अपने दांतो की सफाई करे। नमक को चारकोल में मिलाकर भी आप अपने दांतो के पीलेपन को साफ़ कर सकते है।
– नमक और बेकिंग सोडा को मिलाकर मंजन बनाये और इसका प्रयोग करे।

तुलसी :- तुलसी के गुण हमारे दांतो को सफ़ेद बनाए रखने में मदद करते है। इसके अलावा पायरिया की समस्या से बचने के लिए भी तुलसी के पत्तो का प्रयोग किया जा सकता है।
प्रयोग :-
– तुलसी के पतों को sukhar पाउडर बना ले। अब इस पाउडर को Daily अपने टूथपेस्ट में मिलाकर इससे अपने दांत साफ़ करे।
– तुलसी के पत्तो का पेस्ट बनाकर उसमे सरसो के तेल को मिलाये। अब इस पेस्ट से अपने दांतो को साफ़ करे। धीरे-धीरे आपके दांतो का पीलापन हटने लगेगा।

Danto ka Pilapan dur karne ke upay 

sebसेब :- प्रतिदिन सेब का सेवन करके भी अपने दांतो को सफ़ेद बनाया जा सकता है। सेब की क्रन्चीनेस दांतो के लिए प्राकृतिक स्क्रब का काम करती है। प्रतिदिन एक से दो सेब का सेवन अवश्य करना चाहिए। सेब को निगलने के स्थान पर चबा-चबा कर खाएं। आप चाहे तो गाजर और खीरे को भी अपनी डाइट में सम्मिलित कर दन्तो के पीलेपन से छुटकारा पा सकते है।

नीम :- पिछली कई सदियो से दांत साफ़ करने के लिए नीम का ही प्रयोग किया जाता आ रहा है। इसमें मौजूद Anti bacterial गुण पीलापन बढ़ाने वाले कीटाणुओ को नष्ट करके दांतो को सफ़ेद बनाने में मदद करते है। यह एक प्राकृतिक Anti-bacterial और Anti-Septic है। रोजाना नीम की दातुन करने से दांतो में किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता।

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करेले के क्या-क्या फ़ायदे है ? इन्हें पढ़े

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Karele ke kya-kya fyade hai :- स्वाद में कड़वा लेकिन फायदों से भरपूर करेले के बारे में तो हम सभी जानते है। इसके पत्तो से लेकर इसके जूस तक सभी मानव प्रजाति का कल्याण करने का कम करते है। दुनिया के अधिकतर लोग करेले का सेवन करना पसंद नहीं करते क्योकि ये स्वाद में कड़वा होता है। लेकिन वे नहीं जानते की इसका सेवन करने से उनकी बड़ी-बड़ी बीमारिया छू-मंतर हो सकती है। करेला एक लता जाति है जिसके फल से सब्जी बनायीं जाती है ये फल पौधे के बेलो में लगता है।

करेला भारत का सबसे प्रसिद्ध शाक है जिसका स्वाद कड़वा होता है। इसका प्रयोग घरो में सब्जी बनाने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसका प्रयोग कई चिकित्सा कार्यो में भी किया जाता है। आज से नहीं बल्कि पिछली कई सदियो से करेले का प्रयोग चिकित्सक औषधि के रूप में किया जाता आ रहा है जिस कारण इसे आयुर्वेद में भी गुणकारी सब्जी होने का स्थान प्राप्त है। यूँ तो सभी इसका नाम सुनते ही अजीब-अजीब से मुह बनाने लगते है क्योकि ये स्वाद में कड़वा होता है। लेकिन यदि उन्हें इसके फायदों के बारे में पता चल जाये तो हो सकता है की ये सब्जी उनकी सबसे पसंदीदा सब्जी बन जाये।karele-ke-fyade-kya-hai

माना ये सब्जी स्वाद में थोड़ी कड़वी होती है लेकिन इस प्राकृतिक देन के असंख्य फ़ायदे है। पिछले समय के अधिकतर लोग इस सब्जी के फायदों के बारे में जानते थे लेकिन आज कल के लोग इसके पूर्ण गुणों से अवगत नहीं है। जिसके कारण वे अपनी बड़ी-बड़ी बीमारियों से जूझते रहते है। इसीलिए आज हम आपको करेले के पूर्ण फायदों के बारे में बताने जा रहे। इन्हें जानकर आप जान जायेंगे की स्वाद में कड़वा करेला वास्तव में आपके लिए कितना फायदेमंद होता है।

स्वास्थ्य के लिए Karele के फ़ायदे :-

  • श्वास संबंधी समस्यायों को दूर करे।
  • अस्थमा, सर्दी और जुखाम में दे आराम।
  • करेले के पत्ते और तुलसी के पत्तो का पेस्ट बनाकर सुबह शहद के साथ सेवन करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
  • प्रतिदिन 1 गिलास करेले के जूस का सेवन करने से लिवर बीमारियों से बचा रहता है।
  • लगातार 1 हफ्ते तक करेले का जूस पीने से लिवर स्वस्थ रहता है।
  • करेले को पानी में उबाल कर उसके पानी को प्रतिदिन पीने से इन्फेक्शन से बचा जा सकता है।
  • हमारे Immune System को मजबूत करे।
  • आँखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करे।
  • करेले का सेवन करने से मुहांसे, कील और दाग़-धब्बो से छुटकारा मिलता है।karele ka ped
  • इसके सेवन से त्वचा के इन्फेक्शन्स से बचा जा सकता है।
  • करेले के जूस और तिल के तेल को एक समान मात्रा में मिलाकर जोड़ो पर लगाने से जोड़ो से दर्द में आराम मिलता है।
  • पीलिया में करेले के जूस में पानी मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
  • free radicals की समस्या में भी Karele का सेवन फायेदमंद होता है।
  • हैजा होने पर करेले के जूस में काला नमक मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
  • 6 महीने तक प्रतिदिन खाली पेट करेले के जूस में निम्बू डालकर पीने से फ़ायदा मिलता है।
  • मधुमेह में करेले के जूस का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
  • प्रतिदिन करेले के जूस का सेवन करने से भूख न लगने की समस्या समाप्त हो जाती है।
  • मुँह में छाले होने पर करेले के रस से कुल्ला करे।
  • गठिया में करेले का रस निकाल कर गर्म करके सूजन वाले स्थान पर लगाए। ऐसा करने से सूजन कम हो जाएगी और दर्द में आराम मिलेगा।karele ka jus
  • कब्ज होने पर भी Karele का सेवन किया जाता है।
  • इसमें मौजूद फाइबर खाने को पचाने में मदद करते है।
  • करेले का नियमित सेवन करने से किडनी और पित्ताशय स्वस्थ रहते है और उनमे किसी भी प्रकार की बीमारी भी नहीं होती।
  • हृदय संबंधी बीमारियों के लिए करेला बहुत अच्छा घरेलु उपाय है।
  • करेला खून में sugar level को नियंत्रित करता है।
  • Cholesterol कम करने में मदद करे।
  • हार्ट अटैक के खतरे को कम करे।
  • करेला रक्त में मौजोद कैंसर की कोशिकाओं को समाप्त करने के काम करता है।
  • वजन घटाने में मदद करे।
  • इसमें मौजूद anti oxidents metabolism और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करते है।
  • नियमित रूप से करेले के जूस का सेवन करने से स्टैमिना और एनर्जी लेवल को बढ़ाया जा सकता है।
  • इसके सेवन से नींद न आने की समस्या भी खत्म हो जाती है।
  • करेले में मौजूद antimicrobial और antioxidant खून को साफ़ करने का काम करते है।

त्वचा के लिए भी फायदेमंद है करेला (Karele ke fayde) :karele ke fayde

आपके स्वास्थ्य के अतिरिक्त आपकी त्वचा के लिए भी करेला बहुत फायदेमंद है। इसके जूस का सेवन करने से मुँहासे, कील और त्वचा संबंधी अन्य समस्याओं से भी छुटकारा पाया जा सकता है। तो आइये जानते है Karele के त्वचा के लिए फ़ायदे !!

  • त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करे।
  • skin की रंगत निखारे।
  • करेले के सेवन से त्वचा संबंधी बीमारियों और इन्फेक्शन्स को ठीक किया जा सकता है।
  • नियमित रूप से करेले के जूस का सेवन करने से psoriasis ठीक करने में मदद मिलती है।
  • Skin के फंगल इन्फेक्शन्स को ठीक करने के लिए करेले के जूस का सेवन करे।
  • करेले में मौजूद vitamin C बढ़ती उम्र की निशानियों को कम करे।
  • झुर्रियां और काले घेरो को दूर करने में करेले का जूस बहुत फायदेमंद होता है।
  • करेला त्वचा को सूर्य की रोशनी से होने वाले नुकसान से भी बचाता है।
  • करेला blood flow और clotting को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • करेले का जूस स्किन को इन्फेक्शन से बचाता है और घावों को जल्द ठीक करने में मदद करता है।

बालों के लिए Karele के फ़ायदे (Hair Benefits of Bitter Gourd) :-karela for hair

आपके स्वास्थ्य और त्वचा के अतिरिक्त आपके बालों के लिए भी करेला बहुत फायदेमंद होता है। लगातार इसका सेवन से बालों को कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। बालों के लिए करेला एक अच्छा घरेलु उपाय है।

  • दही और करेले के जूस को बालों में लगाने से उनमे चमक आती है।
  • लगातार ऐसा करने से आपके बाल सुन्दर और चमकदार हो जायेंगे।
  • जीरा और करेले के जूस के हेयर पैक को बालों में लगाने से डेंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • इसके अतिरिक्त स्कैल्प की अन्य समस्याओं में भी इस पैक का प्रयोग किया जा सकता है।
  • दो मुँहे बालों से छुटकारा पाने के लिए करेले के जूस को कंघी की मदद से अपनी जड़ो में लगाए।
  • 2 हफ्ते के लगातार प्रयोग से आपके दो मुँहे बाल ठीक हो जायेंगे।
  • रूखी और खुश्क स्कैल्प के लिए करेले के एक टुकड़े को बालों की जड़ो में लगाए।
  • स्कैल्प में इन्फेक्शन्स होने पर करेले के जूस और केले को मिलकर हेयर मास्क बनाये और उसे अपने बालों में लगाएं।
  • हफ्ते में एक बार इसका प्रयोग करने से आपकी ये समस्या खत्म हो जाएगी।
  • बालों के झड़ने की समस्या में करेले का जूस बहुत फायदेमंद घरेलु औषधि है।
  • इसके लिए करले के जूस और चीनी मिलकर एक पेस्ट तैयार करे और इसे अपने बालों में लगाए।
  • रूखे और बेजान बालों के लिए 10 से 15 मिनट के लिए करेले के जूस को अपने बालों में लगाएं। आपके बाल मुलायम और चमकदार हो जायेंगे।
  • करेले के प्रयोग समय से पहले सफ़ेद हुए बालों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है।
  • बालों में अतिरिक्त तेल उत्पन्न होने की समस्या में बालों पर करेले के जूस और सेब के सिरके के मिश्रण का प्रयोग करे।
  • ऐसा करने से आपके बालों में उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त तेल का उत्पादन कम हो जायेगा।

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क्या आप ज्यादा गर्म चाय पीते है ? तो इन्हें पढ़े

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Garm Chay ke sevan se ho sakti hai preshaniya :- दुनिया का शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसकी रूचि चाय की प्याली में नहीं होगी। हर किसी के घर में जागने के बाद सबसे पहला काम चाय पीने का होता है। कुछ लोग ठंडी चाय पीते है और कुछ बिलकुल गर्म चाय। जबकि गर्म चाय न केवल हमारे स्वास्थ्य अपितु हमारे शरीर के लिए भी बहुत नुकसादेह होती है। कुछ लोगो की आदत होती है की वे बहुत गर्म चाय पीते है। यदि आप भी इस आदत के शिकार है हो अपनी इस आदत को तुरंत बदल दीजिये।

अमेरिका में हुए शोध के अनुसार अधिक गर्म चाय का सेवन करने से गले में कैंसर होने की संभावना रहती है। इसी रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादा गर्म चाय पीने से खाद्य नली में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। ईरान देश में चाय का बहुत अधिक सेवन किया जाता। वहां के जो लोग मादक पदार्थो का सेवन नहीं करते उनमे भी कैंसर की शिकायत पायी गयी।

इसी दुविधा को समाप्त करने के लिए इस तथ्य पर रिसर्च की गयी जिसमे पाया गया की अधिक गर्म चाय हमारे गले की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाती है। गैस से उतरने के 2 मिनट के अंदर-अंदर चाय पीने वाले व्यक्तियो में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। और जो लोग 4 – 5 मिनट बाद चाय ठंडी करके उसका सेवन करते है उनमे कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है।

Chay ke nuksanयूँ तो इसका सेवन सभी करते है लेकिन सही और उचित मात्रा का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक गर्म चाय पीने वालो की संख्या अधिक है जिस पर पूर्ण विराम लगाना बेहद महत्वपूर्ण है। क्योकि गर्म चाय के बहुत से नुकसान है। हम आप से ये नहीं कह रहे की आप चाय को पानी की तरह ठंडा करके पिए क्योकि वो भी हमारे स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। चाय बनने के कम से कम 3 से 5 मिनट के बाद चाय का सेवन करे। ऐसा करने से उसमे मौजूद गर्मी थोड़ी कम हो जाएगी और वो आपको नुकसान नहीं करेगी। लेकिन एक बात का ध्यान रखे की दिन में 3 कप से अधिक चाय का सेवन न करे।

चाय के सेवन के नुकसान :-

  • चाय के सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ती है।
  • दिन में तीन कप से अधिक चाय का सेवन करने से एसिडिटी हो सकती है।
  • चाय के अधिक सेवन से शरीर में आयरन absorb करने की क्षमता कम हो जाती है।
  • इसमें मौजूद कैफीन के कारण व्यक्ति को चाय पीने की लत लग जाती है।
  • ज्यादा चाय पीने से खुश्की हो सकती है।
  • इसके सेवन से पाचन क्रिया में समस्या उत्पन्न होती है।
  • चाय पीने से दांतो में दाग़ आ जाते है। (चाय के मुताबिक कॉफ़ी के सेवन अधिक दाग़ आते है)
  • देर रात चाय के सेवन से नींद आने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • चाय के सेवन से शरीर में मौजूद विटामिन्स समाप्त हो जाते है।
  • दूध से बनी चाय के सेवन से अमाशय पर बुरा प्रभाव होता है।
  • टी के अधिक सेवन से हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है।
  • चाय के सेवन से स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है।
  • टी पीने से लिवर पर बुरा प्रभाव होता पड़ता है।
  • चाय रक्त की वास्तविक ऊष्मा को नष्ट करती है।
  • चाय पीने से खून गन्दा होता है और फोड़े-फुंसी जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है।Garm Chay
  • अधिक चाय पीने से आंते खराब हो जाती है।
  • चाय के सेवन से वीर्य का पतलापन और उसका कमजोर होने जैसी समस्याएं होती है।
  • इसके सेवन से हृदय की क्रियाओ में अनियमितता आती है।
  • टी पीने से छाती में दर्द होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • कड़क और मीठी चाय पीने से शुगर जैसी बीमारिया आपको घेर सकती है।
  • कब्ज की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
  • टी का सेवन करने से कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
  • चाय से कमजोरी और पेट में गैस भी हो सकती है।
  • चाय के अधिक सेवन से अनिद्रा की समस्या उत्पन्न होती है।
  • इसे पीने से दांत खराब हो जाते है।

Side-Effects of Tea

  • रखी हुई चाय का सेवन बिलकुल न करे। ऐसा करने से वो आपके स्वास्थ्य को नुकसान पंहुचा सकती है।
  • चाय शरीर की iron absorb क्षमता को कम कर देती है जिसके परिणामस्वरुप अनीमिया जैसी समस्या हो जाती है।
  • चाय में मिलकर पी जाने वाली शक्कर आपके वजन को बढाती है।
  • इसके सेवन से मधुमेह की समस्या भी हो सकती है।
  • खाली पेट चाय के सेवन से गैस और अपच जैसी समस्या घर कर जाती है।

डॉक्टरों की माने तो चाय का सेवन करना और विष का सेवन स्वास्थ्य पर समान मात्रा में प्रभाव डालता है। फिर भी सभी चाय का प्रतिदिन सेवन करते है। चाय न केवल आपके स्वास्थ्य अपितु आपके मस्तिष्क के लिए भी बहुत हानिकारक होती है। इसके सेवन से स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है और साथ-साथ दिमाग की नसे भी कमजोर होने लगती है।

Chay ke pine ke anay nuksangarm chay ke kya nuksan hai

जो लोग चाय का अधिक सेवन करते है उन्हें इसकी लत जाती है। जैसे बिना शराब के शराबी पागल-सा हो जाता है, चिड़चिड़ा हो जाता है। इसी प्रकार बिना चाय के व्यक्ति गुस्सेल, चिड़चिड़ा, हो जाता है और अजीब सा व्यवहार करने लगता है। यूँ तो चाय का सेवन करने से शरीर में फुर्ती आती है लेकिन अति तो किसी भी चीज की बुरी ही होती है। यही हाल चाय का भी है, दिन में ज्यादा से ज्यादा 3 कप चाय का सेवन किया जा सकता है इसके आगे के कप आपके लिए नुकसान देह हो सकते है। भारत के कुछ प्रसिद्द डॉक्टरों की माने तो चाय हमारे शरीर की इन्द्रियों पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है।

आज हमने आपको चाय के सेवन के नुकसानों से अवगत कराया है। लेकिन ये भी सत्य है की इसके सेवन से कई समस्याओ से निजात भी पायी जा सकती है। न केवल हमारी त्वचा अपितु हमारे बालो के लिए भी चाय की पत्ती बहुत फायदेमंद है। यदि आप भी चाय के फायदों के बारे में जानने चाहते है तो यह पढ़े : चाय के फ़ायदे !!

चाय आपके लिए नुकसानदेह होने के साथ-साथ बहुत लाभकारी भी है। जिनकी जानकरी ऊपर दिए गए लिंक में बताई गयी है। यदि आप भी चाय के शौक़ीन है तो इसे जरूर पढ़े। हो सकता है ये जानकारी आपको किसी बड़ी समस्या से बचा दे !!

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चेचक के दाग़ हटाने के उपाय

Chechak ke daag ka ilaj in hindi 

Chechak ke daag dur karne ke upay :– चेचक एक प्रकार के वायरस के कारण होने वाली आम समस्या है जो एक से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेज़ी से फैलता है। ये रोग अक्सर छोटी उम्र के बच्चो को अधिक होता है लेकिन कई बार बड़ो में भी ये समस्या देखी जा सकती है। चेचक कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक प्रकार का संक्रामक रोग है जो संक्रमण से फैलता है। ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।इस समस्या में शरीर पर लाल रंग के दाने होते है जिनमे बाद में पानी भर जाता है। प्रारम्भ में इन दानो में बहुत तेज़ खुजली होती है जो धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। ठीक होने पर ये दाने चले जाते है और इनके दाग़ भी। लेकिन कई बार लापरवाहियों के कारण ये दाग़ सदा के लिए हमारी त्वचा पर रह जाते है जो बहुत खराब दिखते है।

इनके कारण व्यक्ति की त्वचा में अजीब से गड्ढे हो जाते है जो लाख कोशिशो के बाद भी ठीक नहीं होते। इसीलिए चेचक के मरीज का बहुत ध्यान रखना होता है और उसे सबसे दूर रखा जाता है। चेचक में दवाइयों का सेवन भी बहुत खतरनाक हो सकता है। ये दाग़ इंसान के लिए किसी नासूर से काम नहीं होते है, वे भले ही सब के साथ खुल कर रहे लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें ये बात खाई जाती है। इसीलिए आज हम कुछ ऐसे घरेलु उपाय बताने जा रहे है जिनका प्रयोग करके चेचक के दागो की समस्या को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। ये उपाय पूरी तरह सुरक्षित है क्योकि इनका निर्माण प्राकृतिक उत्पादों द्वारा पूरी जाँच परख के बाद किया गया है। तो आईये जानते है चेचक के दाग़ दूर करने के उपाय।

चेचक के दाग़ दूर करने के उपाय (Chechak ke daag) :-

टमाटर : टमाटर में Vitamin E की अधिक मात्रा पायी जाती है जो इन दागों को मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आप भी चेचक के दागों से परेशान है तो भोजन में टमाटर और हेज़ल नट्स आदि को सम्मिलित करे। इसके अतिरिक्त टमाटर के गूदे को दागों पर लगाएं  और कुछ देर बाद उसे धो दे। टमाटर का प्रयोग करके काले धब्बों को भी आसानी से हटाया जा सकता है। इसके अलावा टमाटर और नींबू के रास को मिलकर भी दागों पर लगा सकते है।

एलोवेरा : चेचक के दागों पर एलोवेरा का प्रयोग करने से बहुत फ़ायदा मिलता है। एलोवेरा जेल को दाग़ पर लगायें और कुछ देर के बाद उसे धो दे। एलोवेरा के नियमित प्रयोग से आपके दाग़ धीरे-धीरे हलके होकर चले जायेंगे।

shahad 1शहद : शहद में पाए जाने वाले गुण त्वचा के दाग़-धब्बो को दूर करने का काम करते है। चेचक के दागों पर शहद लगाएं और थोड़ी देर रखने के बाद उसे साफ़ कर ले। कम से कम तीन दिन लगातार इसका प्रयोग करे। आपके दाग़ अपने आप चले जाएंगे।

नींबू : नींबू एक नेचुरल ब्लीच है जिसके प्रयोग से त्वचा के रंग को आसानी से हल्का किया जा सकता है। प्रतिदिन नहाने से पूर्व दागों पर नींबू घिसे। लगभग 1 घंटे तक रखने के बाद नींबू को साफ़ कर दे। चेचक के दागों के लिए ये बहुत अच्छा उपाय है। जिसका आप आसानी से उपयोग कर सकते है। Chechak ke daag hatane ke gharelu upay

लहसुन : चेचक के दाग़ होने पर लहसुन को भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए लहसुन का रस निकाल लें। इस रस को दिन में कई बार दागों पर लगाएं। कुछ ही दिनों के प्रयोग से आपके दाग़ चले जायेंगे।

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Chechak ke daag dur karne ke upay Chechak ke daag

दूध : चेचक के दागों को ठीक करने के लिए दूध सबसे आसान उपाय है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। अपनी त्वचा को जब भी धोएं पानी के स्थान पर दूध का प्रयोग करे। ऐसा करने से दाग़ हलके होने लगेंगे और कुछ दिनों में चले जायेंगे।

टी ट्री आयल : ये बाज़ार में किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल जायेगा। चेचक के दागों के लिए ये बहुत अच्छा उपाय है। इसका प्रयोग दिन में कई बार दागों पर करे। कुछ ही दिनों में दाग़ अपने आप चले जायेंगे।

चन्दन : यूँ तो चन्दन एक सौन्दर्य प्रसाधन है लेकिन चेचक के दागों के लिए भी यह एक फायदेमंद घरेलु उपचार है। इसका प्रयोग करने से हमारी त्वचा का रंग निखरता है। इसके लिए चन्दन पाउडर में थोड़ा-सा ओलिव आयल मिलाये और उस मिश्रण को दाग़ पर लागएं। रोजाना इसका प्रयोग करे आपके दाग़ अपने आप ही गायब हो जायेंगे।

बेकिंग सोडा : ये स्किन के pH लेवल को कंट्रोल करने का काम करता है। इसका प्रयोग करके खुजली की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। चेचक के दागों के लिए 2 चम्मच बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को स्क्रब की तरह दागों पर लगाएं और 1 से 2 बार इसकी मसाज करे। उसके बाद पानी से धो लें।

coconut-oilनारियल तेल : त्वचा के दाग़-धब्बो को निकालने के लिए नारियल तेल एक अच्छा उपाय है। चेचक के दागों के लिए नारियल के तेल से दागों पर हलके हाथो से मसाज करे। इस प्रक्रिया को दिन में 4 से 5 बार दोहराये। आपके दाग़ हलके होकर अपने आप चले जायेंगे।

Chechak ke daago ke liye kya kare ?

ये वे उपाय है जिनकी मदद से आप चेचक के दागों को हटा सकते है। लेकिन कई बार इनके प्रयोग से भी ये दाग़ नहीं जाते और हमारे परेशान करते है। यदि आपके साथ भी यही समस्या है तो अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह ले। इसके अलावा चेचक के दौरान अपनी त्वचा का ख़ास ख्याल रखे उस पर किसी भी प्रकार के कॉस्मेटिक्स का प्रयोग न करे। चेचक होने के बाद दूसरे व्यक्तिओं से दुरी बनाये रखे, क्योकि ये बीमारी संक्रमण के कारण फैलती है और बहुत जल्दी एक से दूसरे व्यक्ति में चली जाती है। इस दौरान साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योकि गंदगी के कारण भी ये दाग़ हमेशा के लिए रह जाते है।

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कैसे पाएं तेलीय त्वचा से छुटकारा ?

Oily Skin Care Tips in Hindi 

Teliy twacha आज कल के समय में हर लड़की सुन्दर दिखना चाहती है जिसके लिए उसके पूर्ण शरीर और व्यक्तित्व को भी सुन्दर होना चाहिए। हमारे जीवन में सुंदरता सबसे महत्वपूर्ण होती है। जो लड़की सुन्दर नहीं होती उसे दुनिया अलग नज़रो से देखती है वही दूसरी ओर  जो लड़की सुन्दर होती है उसकी तारीफ करते लोगो की जुबान नहीं थकती। इसके अलावा यदि हम नौकरी के लिए इंटरव्यू  देने जाते है तो वहाँ भी सुंदरता का अपना महत्त्व है। इसीलिये हर लड़की का सुन्दर होना आवश्यक है।

व्यक्ति की सुंदरता की शुरुआत उसके चेहरे से होती है और सुन्दर दिखने के लिए चेहरे का सुन्दर होना भी आवश्यक है। आपका चेहरा तभी सुन्दर लगेगा जब आपकी त्वचा भी अच्छी हो अन्यथा सुन्दर लगने का कोई फ़ायदा नहीं है। और अच्छी त्वचा के लिए उसका स्वस्थ होना भी आवश्यक है। ऐसे में त्वचा का तेलीय होना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

त्वचा के तेलीय होने के kya-kya nuksan hai ?

त्वचा के तेलीय होने से न केवल हमारी सुंदरता कम होती है अपितु चेहरे पर मुँहासे और कील जैसी समस्या भी उत्पन्न होने लगती है। तेलीय त्वचा होने के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तेलीय त्वचा के कारण हमारा गोरा रंग भी काला प्रतीत होता है। ऐसे में अपनी त्वचा को तेलीय होने से बचाना चाहिए। इस तरह की त्वचा पर मेकअप भी ज्यादा देर तक नहीं रह पाता जिस कारण तेलीय त्वचा वाली लड़किया मेकअप नहीं करती।Teliy twacha ke liye upay

वर्तमान में हर तीसरी लड़की की यही समस्या है जिससे निजात पाने के लिए वे बहुत से उपाय करती है लेकिन उनका कोई फ़ायदा नहीं होता। यदि आप भी इस समस्या से ग्रसित है तो परेशान न हो। आज हम कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपनी तेलीय त्वचा को सामान्य कर सकती है। इनके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है। क्योकि इनका निर्माण घरेलु उत्पादों द्वारा किया गया है जो पूरी तरह सुरक्षित और लाभदायक है।

त्वचा के तेलीय होने के मुख्य कारण क्या है ?
  • तेलीय त्वचा के मुख्य कारण जेनेटिक्स है। जिन लोगो के परिवार में तेलीय त्वचा पायी जाती है उनके परिवार के सभी सदस्यों में तेलीय त्वचा की संभावना बानी रहती है।
  • Skin Care Products के अत्यधिक प्रयोग से भी ये समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • Cleansing और स्क्रबिंग के लिए कास्मेटिक के अधिक प्रयोग से भी त्वचा तेलीय हो जाती है।
  • गर्मी के मौसम में अधिक ह्यूमिडिटी के कारण भी त्वचा में आयल का अधिक निर्माण होने लगता है।
  • हॉर्मोन्स में परिवर्तन होने पर दवाइयों का सेवन करने के भी त्वचा तेलीय हो जाती है।
  • महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान, मासिक धर्म बंद होने के पश्चात् आयल ग्लैंड में अत्यधिक तेल का निर्माण होने लगता है।
  • तनाव के कारण भी ये समस्या उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है।
  • धुप की किरणे त्वचा को ड्राई कर देती है जबकि इसके कारण आयल ग्लैंड अधिक तेल का निर्माण करके त्वचा की ऊपरी सतह की रक्षा करता है।

तेलीय त्वचा से छुटकारा पाने के उपाय :-

अंडे की सफेदी : त्वचा को साफ़, टाइट और अच्छा बनाने के लिए अंडे की सफेदी बहुत कारगर उपाय है। इसके लिए एक कटोरी में अंडे की सफेदी निकालकर उसे अपने चेहरे पर लगा ले। सूखने के बाद उसे पानी से धो दे। इसका प्रयोग 1 सप्ताह के अंतराल पर करते रहे आपको फ़ायदा मिलेगा।teliy-twacha-ke-liye-dahi

दही : skin से oil को निकलने के लिए दही का प्रयोग भी किया जा सकता है। ये skin के अतिरिक्त तेल को सुख कर उसे साफ़ करती है। इसके लिए 15 मिनट के लिए दही को फेस मास्क की तरह अपने चेहरे पर लगा ले। सूखने के बाद ठन्डे पानी से अपना चेहरा धो ले।

ओटमील, शहद और दही : ये तीनो पदार्थ हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद है और इनके प्रयोग से त्वचा संबंधी कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। Teliy twacha के लिए ओटमील, शहद और दही को अच्छे से मिला ले। इसके बाद इस मिश्रण को चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगे रहने दे। सूखने के बाद गर्म पानी से चेहरा धो ले स्किन अपने आप ठीक होने लगेगी।

Tips for Oily Skin 

टमाटर : टमाटर में पाए जाने वाले गुण त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते है। इसीलिये तेलीय त्वचा में भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। इसके लिए एक छोटा सा टमाटर काट ले और उसे त्वचा पर तब तक रगड़ते रहे जब तक skin पूरा juice सोख न ले। इसके बाद 15 मिनट तक ऐसे ही रहने दे और बाद में ठण्डे पानी से चेहरा धो ले। Teliy twacha se chutkara pane ke upay.

खीरा : खीरा एक प्रकार का प्राकृतिक उत्पाद है जिसकी तासीर ठंडी और आरामदेह होती है। इसके प्रयोग से त्वचा संबंधी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। Teliy twacha के लिए रात को सोने से पूर्व खीरे के एक टुकड़े को त्वचा पर रगड़े जब तक त्वचा उसका रस न सोख ले। सुबह गर्म पानी से धो ले।lemon-for-skin

आप चाहे तो कटोरी में खीरे और नींबू के रस को मिलाकर भी लगा सकते है। इस मिश्रण को लगभग 10 से 15 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखे बाद में ठन्डे पानी से चेहरा धो दे।

अच्छी त्वचा पाने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें (Teliy twacha ke liye upay) :-chehra-dhoyen

  • प्रतिदिन चेहरे को 2 से 3 बार साबुन या फेस वाश से धोएं। ताकि चेहरे पर गंदगी अधिक समय तक न रहे।
  • 2 हफ़्तों में एक बार हर्बल स्क्रब की मदद से स्किन के Dead Cells को निकाले। ताकि त्वचा साफ़ रहे।
  • प्रतिदिन 8 से 10 ग्लास पानी का सेवन करे। ये हमारी त्वचा को स्वस्थ रखने का काम करेगा।
  • कॉस्मेटिक्स का अत्यधिक प्रयोग न करे।
  • अपनों बालो की साफ़-सफाई का ध्यान रखे। सप्ताह में कम से कम 3 बार बाल अवश्य धोएं।
  • प्रोटीन और विटामिन B से भरपूर पदार्थो का सेवन करे। ये आपकी तवाहक को स्वास्थ्य रखने का काम करेंगे।
  • रात को मेकअप लगा कर न सोएं। सोने से पहले चेहरा अच्छे से साफ़ कर लें।

ऊपर बताये गए उपायों का प्रयोग करके आप तेलीय त्वचा की समस्या से छुटकारा पा सकती है। यदि आपकी स्किन सेंसिटिव है तो इनका प्रयोग डॉक्टर की परामर्श के बाद ही करे।

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