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आइब्रो और पलकों को घना करने के तरीके

चेहरे की ख़ूबसूरती का ध्यान हर लड़की, महिला रखती है और वह यह भी चाहती है की उनका चेहरा हमेशा आकर्षित रहें। ऐसे में जरुरी होता है की वो अपनी स्किन की ख़ूबसूरती, होंठों की ख़ूबसूरती, आइब्रो की शेप, आदि का अच्छे से ध्यान रखती है। क्योंकि चेहरे की ख़ूबसूरती के लिए जरुरी है की चेहरे का हर हिस्सा आकर्षित हो।

लेकिन कई बार होता है की कई लड़कियों या महिलाओं को पलकों व् आइब्रो के बालों की ग्रोथ बहुत कम होती है। ऐसे में चेहरे के ख़ूबसूरती थोड़ी कम लगने लगती है लेकिन ऐसा नहीं है की इस समस्या का कोई इलाज नहीं है। बल्कि कुछ आसान घरेलू नुस्खों को ट्राई करने के बाद आप अपनी पलकों व् आइब्रो के बालों की ग्रोथ को बढ़ा सकते हैं।

आइब्रो व् पलकों के बालों की ग्रोथ बढ़ाने के टिप्स

वैसे तो मार्किट में भी बहुत से ऐसे प्रोडक्ट मिल जाते हैं जिससे बालों की ग्रोथ बढ़ जाती है लेकिन उनमे केमिकल की अधिकता होने के कारण उनसे नुकसान पहुँचने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में आइब्रो व् पलकों के बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए आप घरेलू नुस्खों को ट्राई कर सकते हैं जो आसान होने के साथ असरदार भी होते हैं। जैसे की:

अरंडी और नारियल का तेल

थोड़ा सा नारियल तेल, थोड़ा सा अरंडी का तेल थोड़े से काजल में डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिये। उसके बाद मसकारा लगाने वाले ब्रश की मदद से अपनी पलकों और आइब्रो पर इसे लगाकर रातभर के लिए छोड़ दें। ऐसा एक दिन छोड़कर एक दिन या रोजाना कुछ दिनों तक करें आपको जरूर फ़र्क़ दिखाई देगा।

संतरे के छिलके

थोड़े से संतरे के छिलके के टुकड़े को छोटे छोटे भागों में काट लें। उसके बाद इन टुकड़ों को तीन से चार दिन के लिए अरंडी या फिर जैतून के तेल में भिगोकर रख दें, तेल ज्यादा नहीं लें। उसके बाद आप इस तेल को कुछ दिनों तक रोजाना अपनी पलकों व् आइब्रो पर लगाएं ऐसा करने से भी भी आइब्रो व् पलकों के बालों को घना करने में मदद मिलती है।

विटामिन इ के कैप्सूल

बाजार से आपको आसानी से विटामिन इ के कैप्सूल मिल जाते हैं आप एक विटामिन इ के कैप्सूल को तोड़कर उसके अंदर से तेल निकाल लें। उसके बाद इसे अपनी पलकों व् आइब्रो पर लगाएं और रातभर के लिए इसे लगे रहने दें। ऐसा कुछ दिनों तक रोजाना करें ऐसा करने से आपको जरूर फायदा मिलेगा।

ग्रीन टी

थोड़ी सी ग्रीन टी के पानी में थोड़ा सा जैतून का तेल डालकर अच्छे से मिक्स करें। उसके बाद मसकारा लगाने वाले ब्रश से इसे पलकों व् आइब्रो पर लगाएं। ऐसा करने के बाद इसे रातभर के लिए लगे रहने दें, इस उपाय को कुछ दिनों तक करके देखें आपको जरूर फ़र्क़ दिखाई देगा। आप चाहे तो सिर्फ ग्रीन टी का इस्तेमाल ही कर सकते हैं।

पेट्रोलियम जेली

थोड़ी सी पेट्रोलिम जेली में थोड़ा सा विटामिन इ का तेल डालकर अच्छे से मिक्स कर लें अब इस मिश्रण को ब्रश की मदद से दिन में दो से तीन बार अपनी पलकों व् आइब्रो पर लगाएं। ऐसा करने से आपको फायदा मिलेगा आप चाहे थोड़ा दो तीन दिन का मिश्रण इक्कठा बनाकर भी रख सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कांच की डिब्बी में ही मिश्रण बनाएं।

काजल व् आइब्रो पैंसिल का इस्तेमाल करें

नियमित रूप से आँखों में हर्बल काजल व् आइब्रो पैंसिल लगानी चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसा करने से भी आपकी पलकों व् आइब्रो के बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद मिलती है।

कच्चा दूध

रुई को कच्चे दूध में भिगोकर रोजाना आइब्रो व् पलकों पर लगाएं और थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से इसे साफ़ कर लें इस तरीके को नियमित करने से भी आपको फायदा मिलता है। क्योंकि दूध में प्रोटीन मौजूद होता है जो बालों की ग्रोथ में आपकी मदद करता है।

तेल से मसाज

रात को सोने से पहले नारियल, जैतून, अरंडी किसी भी तेल से पलकों व् आइब्रो की मसाज मसाज करें इससे ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर होने में मदद मिलेगी। जिससे बालों की ग्रोथ भी बढ़ेगी।

एलोवेरा जैल

ताजा एलोवेरा जैल निकालकर पलकों व् आइब्रो के बालों पर लगाएं ऐसा करने के बाद उसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें उसके बाद साफ पानी से इसे साफ कर लें। ऐसा करने से भी पलकों के बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ घरेलू नुस्खे जिन्हे कुछ दिनों तक नियमित ट्राई करने से आइब्रो व् पलकों के बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद मिलती है। यदि आपको भी यह परेशानी है तो आप भी इन टिप्स को फॉलो करके इस समस्या का समाधान कर सकते हैं और अपने चेहरे को आकर्षित बना सकते हैं।

Eyebrow and eyelash growth tips

प्रेगनेंसी में चुकंदर जूस के अद्भुत फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चे की सेहत का ध्यान रखते हुए महिला को बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत होती है। खासकर खाने पीने की चीजों को लेकर तो महिला को बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ताकि माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सकें।

साथ ही महिला को उन सभी चीजों का भरपूर सेवन करना चाहिए जिससे महिला को स्वस्थ रहने और गर्भ में पल रहे शिशु को अच्छे से विकसित होने में मदद मिल सकें। आज इस आर्टिकल में हम आपको पोषक तत्वों से भरपूर चुकंदर का सेवन करने और उसका जूस पीने से माँ व् बच्चे को कौन कौन से फायदे मिलते हैं उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

चुकंदर में मौजूद पोषक तत्व

चुकंदर में आयरन, फोलेट, पोटैशियम, फाइबर, मैगनीज, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। और यह सभी पोषक तत्व गर्भवती महिला और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला बिना किसी डर के चुकंदर का सेवन कर सकती है। लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरुरी है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान यदि जरुरत से ज्यादा कोई चीज खाई जाए तो वह भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।

गर्भावस्था के दौरान चुकंदर का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए?

गर्भवती महिला को दिन भर में आधे चुकंदर का सेवन करना चाहिए इतना चुकंदर महिला के लिए सही होता है। इसके अलावा महिला को यदि चुकंदर का जूस पीना है तो महिला को चुकंदर को गाजर, आंवला, निम्बू, आदि के साथ पीसकर जूस पीना चाहिए। यदि महिला सही मात्रा में चुकंदर का सेवन करती है तो इससे महिला और गर्भ में शिशु दोनों को फायदा मिलता है।

प्रेगनेंसी में चुकंदर खाने या चुकंदर का जूस पीने के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान यदि गर्भवती महिला चुकंदर का सेवन करती है तो महिला को एक नहीं बल्कि कई सेहत सम्बन्धी फायदे मिलते हैं साथ ही चुकंदर से मिलने वाले पोषक तत्व गर्भ में शिशु के विकास के लिए भी फायदेमंद होते हैं। तो आइये अब जानते हैं की गर्भवती महिला को चुकंदर खाने या चुकंदर का जूस पीने से कौन से फायदे मिलते हैं।

बच्चे को जन्म दोष का खतरा नहीं रहता

फोलेट प्रेगनेंसी के दौरान एक अहम पोषक तत्व होता है ऐसे में यदि गर्भवती महिला के शरीर में फोलेट की कमी होती है तो इससे महिला की सेहत पर असर पड़ने के साथ शिशु के शारीरिक व् मानसिक विकास में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा शिशु को जन्म दोष होने का खतरा भी रहता है लेकिन यदि शिशु को यह पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलता है तो इससे माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए गर्भवती महिला चुकंदर का सेवन कर सकती है।

एनीमिया से बचाव

एनीमिया एक ऐसी परेशानी है जिसका सामना अधिकतर गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है क्योंकि इसमें शरीर में खून की कमी हो जाती है। ऐसे में यदि गर्भवती महिला के शरीर में यदि खून की कमी होती है तो इससे माँ व् बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन चुकंदर का सेवन करने से महिला एनीमिया से बच सकती है क्योंकि चुकंदर में आयरन मौजूद होता है जो गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

जेस्टेशनल शुगर का खतरा होता है कम

चुकंदर एक लो-ग्लाइसेमिक फूड है जिसे ग्लूकोज में बदलने में काफी वक्त लगता है और यह खून में भी देर से अवशोषित होता है। यानी चुकंदर का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल कण्ट्रोल में रहता है जिससे प्रेग्नेंसी के दौरान डायबीटीज होने के खतरे को भी कम कर सकता है।

इम्युनिटी बढ़ती है

गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण इम्युनिटी कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से माँ व् बच्चे को संक्रमण होने का डर रहता है। लेकिन चुकंदर में मौजूद विटामिन सी एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट होता है जिससे शरीर में इम्युनिटी को मजबूत रखने में मदद मिलती है। साथ विटामिन सी शरीर के सभी अंगों में ब्लड को भी अच्छे से अवशोषित होने में मदद करता है।

फाइबर मिलता है

प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर गर्भवती महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में महिला को फाइबर से भरपूर डाइट लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करने से महिला की पाचन क्रिया को दुरुस्त रहने में मदद मिलती है। जिससे महिला को अपच, एसिडिटी जैसी समस्याओं से प्रेगनेंसी के दौरान बचे रहने में मदद मिलती है।

ब्लड फ्लो बेहतर होता है

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में ब्लड फ्लो सही तरीके से न हो तो इसकी वजह से महिला को बॉडी पेन, सूजन जैसी समस्या होने का खतरा रहता है। ऐसे में जरुरी होता है की प्रेग्नेंट महिला के शरीर में ब्लड फ्लो सभी अंगों तक अच्छे से हो और इसके लिए चुकंदर के जूस का सेवन करना महिला के लिए फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें मौजूद आयरन शरीर में खून की कमी को पूरा करता है साथ ही विटामिन सी शरीर के सभी अंगों में ब्लड को अवशोषित करने में मदद करता है।

ब्लड प्रैशर कण्ट्रोल रहता है

जिन महिला को प्रेगनेंसी के दौरान या फिर वैसे भी हाई ब्लड प्रैशर की समस्या रहती है उनके लिए चुकंदर का सेवन करना फायदेमंद होता है। क्योंकि चुकंदर का सेवन करने से शरीर में ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रहने में मदद मिलती है।

सूजन की समस्या से राहत मिलती है

चुकंदर में बीटेन नामक एंटी इंफ्लामेटरी तत्व मौजूद होता है जो प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली सूजन, जलन जैसी समस्याओं से महिला को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान चुकंदर खाने के फायदे, ऐसे में यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपको चुकंदर खाने से कोई दिक्कत नहीं होती है तो आपको भी चुकंदर का सेवन जरूर करना चाहिए। ताकि प्रेग्नेंट महिला और शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

Beetroot juice benefits during Pregnancy

जल्दी कन्सीव करना चाहते हैं तो अपनाएँ यह ट्रिक्स

शादी के बाद हर कपल की यह ख्वाहिश होती है की उनका परिवार आगे बढ़ें। ऐसे में शादी के बाद कुछ महिलाएं तो आसानी से कन्सीव कर लेती है लेकिन कुछ शादी के बाद कुछ महिलाएं थोड़ा गैप ले लेती है। लेकिन ऐसा नहीं है की वो माँ बनना नहीं चाहती है बल्कि वो शादी के बाद कुछ समय तक एन्जॉय करना चाहती है।

ऐसे में कई बार बाद महिला को कन्सीव करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। जरुरी नहीं है की ऐसा हर महिला के साथ हो बल्कि कुछ महिलाएं बहुत आसानी से गर्भधारण कर लेती है। लेकिन जिन महिलाओं को गर्भधारण में देरी हो रही होती है, जो महिलाएं जल्द से जल्द गर्भधारण करना चाहती है।

वो महिलाएं यदि कुछ आसान टिप्स या ट्रिक्स को फॉलो करती है तो उन्हें बहुद जल्दी गर्भधारण करने में मदद मिलती है। क्या आप भी जल्द से जल्द प्रेग्नेंट होना चाहती हैं? यदि हाँ तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ ट्रिक्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

सबसे पहले अपने सभी टेस्ट करवाएं

कन्सीव करने के लिए सबसे पहले आपको अपने सभी टेस्ट करवाने चाहिए साथ ही आप अपने पार्टनर के भी सभी टेस्ट करवाएं। ताकि यदि किसी शारीरिक कमी के कारण आपको कन्सीव करने में दिक्कत आ रही है तो आपको जल्द से जल्द उस समस्या का समाधान करने में मदद मिल सकें। और जैसे ही आपकी समस्या का समाधान होगा वैसे ही आपको जल्द कन्सीव करने में मदद मिलेगी।

अपने लाइफ स्टाइल में बदलाव करें

गलत लाइफस्टाइल भी कंसीव न कर पाने का एक बहुत बड़ा कारण होता है। क्योंकि यदि आप अल्कोहल का सेवन करते हैं, धूम्रपान करते हैं, खाना समय से नहीं खाते हैं, नींद पूरी नहीं लेते हैं, जंक फ़ूड का सेवन करते हैं, आदि।

तो इन सभी के कारण आपके स्वास्थ्य व् प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में जल्द कन्सीव करने के लिए आपको अपने लाइफ स्टाइल को बेहतर करना चाहिए और बुरी आदतों को छोड़ अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए।

मानसिक रूप से फिट रहें

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक रूप से स्वस्थ न होना आम बात है लेकिन यदि आप कंसीव करना चाहते हैं। तो इसके लिए जरुरी है की आप मानसिक रूप से स्वस्थ रहें क्योंकि कई बार तनाव के कारण भी गर्भधारण नहीं हो पाता है।

ऐसे में जल्द कंसीव करने के लिए आपको मैडिटेशन, योगा आदि करना चाहिए क्योंकि इससे आपको मानसिक रूप से फिट रहने में मदद मिलती है। और जब आपको खुश रहते हैं तो आपके सम्बन्ध बेहतर बनते हैं जिससे आपको जल्द कन्सीव करने में मदद मिलती है।

वजन सही रखें

जरुरत से ज्यादा या कम वजन का होना भी गर्भधारण नहीं कर पाने का एक अहम कारण होता है। ऐसे में जल्द गर्भधारण करने के लिए आपको अपने वजन को सही करना चाहिए। न ही आपका वजन बहुत ज्यादा होना चाहिए और न ही कम होना चाहिए।

ओवुलेशन पीरियड में सम्बन्ध बनाएं

ओवुलेशन पीरियड वो समय माना जाता है जिस समय में महिला के गर्भधारण के चांस सबसे अधिक होते हैं। और इस समय में यदि कपल सम्बन्ध बनाते हैं तो महिला के गर्भधारण के चांस अधिक होते हैं। (ओवुलेशन पीरियड वो समय होता है जिस दिन आपके पीरियड आये हैं उस दिन से गिनते हुए जो बारह से अठारह दिन का समय होता है)

जैसे की यदि आपके पीरियड एक तारीख को आये हैं तो एक तारीख के बाद जो बारह से अठारह तारीख का जो समय होता है वो आपका ओवुलेशन पीरियड होता है। लेकिन यदि आपके पीरियड अनियमित रहते हैं तो आप एक बार डॉक्टर से भी अपने सही ओवुलेशन पीरियड के बारे में जान सकते हैं।

सम्बन्ध बनाते समय रिलैक्स रहें

ऐसा नहीं है की सिर्फ सम्बन्ध बनाने से बच्चा पैदा हो जाता है बल्कि इसके लिए सम्बन्ध को बेहतर तरीके से बनाना जरुरी होता है ताकि निषेचन की क्रिया को अच्छे से होने में मदद मिल सकें। और बेहतर सम्बन्ध बनाने के लिए सबसे जरुरी है की आप और आपके पार्टनर खुश रहें क्योंकि जितना खुश होकर आप सम्बन्ध बनाते हैं उतना ही आपके कंसीव करने के चांस में बढ़ोतरी होती है।

पोजीशन का ध्यान रखें

जल्द कंसीव करने के लिए बहुत जरुरी है की पुरुष के शुक्राणु अंडाशय तक आसानी से पहुंचें। और इसके लिए जरुरी है की सम्बन्ध बनाते समय कपल ऐसी पोजीशन बनाएं। जिससे ऐसा होने में मदद मिल सकें, यदि कपल सम्बन्ध बनाते समय इस बात का ध्यान रखता है तो ऐसा करने से उनके जल्दी माँ बाप बनने का सुख पाने में मदद मिलती है।

सम्बन्ध बनाने के बाद वॉश नहीं करें

कई बार सम्बन्ध बनाने के बाद की गई छोटी छोटी गलतियों के कारण ऐसा हो जाता है की आपको कंसीव करने में दिक्कत आ सकती है। जैसे की कई महिलाएं सम्बन्ध बनाने के बाद प्राइवेट पार्ट को तुरंत वॉश कर देती हैं या फिर यूरिन पास कर देती है। जबकि महिला को ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से हो सकता है शुक्राणु अंदर की तरफ न पहुँच पाएं जिसकी वजह से आपको गर्भधारण न हो। ऐसे में आपको यदि जल्द से जल्द गर्भधारण करना है तो ऐसा नहीं करें।

सम्बन्ध बनाने के बाद उठे नहीं

महिला को सम्बन्ध बनाने के तुरंत बाद उठना नहीं चाहिए साथ ही हो सकें तो अपने पैरों के नीचे तकिया लगा लेना चाहिए इससे शुक्राणु के अंडे को निषेचित करने के चांस में वृद्धि करने में मदद मिलती है। जिससे महिला का गर्भधारण जल्द से जल्द होता है।

डाइट अच्छी रखें

गर्भधारण के लिए बहुत जरुरी है की महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ हो, महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं हो, आदि। और इसके लिए जरुरी है की महिला अपनी डाइट का अच्छे से ध्यान रखें क्योंकि महिला जितने अच्छे से अपनी डाइट का ध्यान रखती है उतना ही महिला को फिट रहने में मदद मिलती है।

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन नहीं करें

यदि आप कन्सीव करना चाहती है तो आपको गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन भी नहीं करना चाहिए साथ ही आपको सम्बन्ध बनाते समय भी किसी तरह की सुरक्षा को ट्राई नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपका गर्भधारण नहीं होगा।

उम्र का ध्यान रखें

गर्भधारण के लिए सही उम्र का ध्यान रखना भी जरुरी है ऐसे में यदि आपकी उम्र बढ़ रही है तो आपको जल्द से जल्द कन्सीव करने की कोशिश करनी चाहिए। क्योंकि यदि आपकी उम्र बढ़ती जा रही है खासकर तीस से पैंतीस के पार हो रही है तो आपको ट्राई करना शुरू कर देना चाहिए।

पीरियड्स से जुडी परेशानी है तो समाधान करें

कई महिलाओं को पीरियड्स से जुडी समस्या भी होती है और जिन महिलाओं को यह समस्या होती है उन्हें गर्भधारण में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यदि आपको ऐसी कोई दिक्कत हो तो आपको इस समस्या का इलाज करवाना चाहिए ताकि आपको जल्द से जल्द गर्भधारण करने में मदद मिल सकें।

तो यह हैं कुछ उपाय जिन्हे फॉलो करने से आपको जल्द से जल्द कंसीव करने में मदद मिलती है। लेकिन यदि फिर भी आपको गर्भधारण नहीं हो रहा है तो भी आप घबराएं नहीं। क्योंकि आज मेडिकल ने इतनी तरक्की कर ली है की वो आपकी इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान कर सकती है।

How to get pregnant fast know the tips

मूंग दाल और अंकुरित मूंग दाल खाने के फायदे गर्भावस्था में

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गर्भावस्था में मूंग दाल खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं? गर्भवती महिला को मूंग दाल क्यों खाना जरूरी है ? स्प्राउट खाने के क्या-क्या फायदे हैं प्रेग्नेंट महिला के लिए यह सारी बातें आपको इस वीडियो के माध्यम से पता चलेगा। 

गर्भ के बेहतर विकास के लिए, और प्रेगनेंसी में गर्भ में पल रहे शिशु के लिए अच्छे खान-पान के रूप में मूंग दाल को भी अपने दायित्व में शामिल करना बहुत जरूरी है। मूंग दाल से ना केवल गर्भवती महिला को बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी कई सारे फायदे मिलते हैं। 

एक महीने में वजन कम करने के उपाय

अनहेल्दी डाइट, गलत लाइफस्टाइल, तनाव, आलस और सुस्ती बढ़ते वजन के सबसे आम कारण हैं। क्योंकि जितना आपका खान पान अच्छा नहीं होता है, आपकी नींद पूरी नहीं होती है, आपका व्यायाम करने की तरफ कोई ध्यान नहीं होता है, आप अपने आप को एक्टिव नहीं रख पाते हैं, आदि। तो इन सभी का बुरा असर शरीर पर पड़ता है जिसकी वजह से वजन बढ़ने लगता है। और बढ़ता वजन एक ऐसी समस्या है जिससे आज के समय में बहुत से लोग परेशान है।

साथ मोटापा शरीर में कभी भी अकेला नहीं आता है बल्कि बढ़ते मोटापे के साथ शरीर में बहुत सी बीमारियां भी आती है। इसके अलावा बढ़ा हुआ वजन आपकी पर्सनैलिटी को भी आकर्षक नहीं रहने देता, और साथ ही कभी कभी तो महिलाएं बढे हुए वजन के कारण आप अपनी पसंदीदा ड्रेस भी नहीं पहन पाती हैं तो पुरुष का पेट उनकी शर्ट के बटन के बीच में से बाहर झांकता हुआ नज़र आता है। और जब ऐसा कुछ होता है तो फिर लोग अपना वजन जल्द से जल्द कम करने के बारे में सोचते हैं।

बढ़ते वजन को कम करने के आसान टिप्स

मोटापा जितनी तेजी से आता है उतनी तेजी से जाता नहीं है ऐसे में बढे हुए वजन को कम करने को लेकर लोग सबसे पहले खाना पीना छोड़ देते हैं। उसके बाद जरुरत से ज्यादा व्यायाम करने लगते है, आदि। ऐसे में आपका वजन तो कम हो जाता है लेकिन साथ ही कमजोरी भी आ जाती है उसके बाद जब आप फिर से पेट भर खाना खाना शुरू करते हैं तो फिर आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

इसीलिए तो कहा जाता है की सही चीज को अगर गलत तरीके से किया जाये तो उसका उल्टा प्रभाव ही पड़ता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनसे न तो आपके शरीर को कोई नुकसान होगा बल्कि आपके वजन को भी तेजी से कम होने में मदद मिलेगी। और उसके बाद यदि आप इन टिप्स को नियमित रूप से करेंगे तो आपके वजन को सही रहने में मदद मिलेगी। आइये अब जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं।

सुबह उठकर पीएं गर्म पानी

गर्म पानी पीने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर में जमी एक्स्ट्रा चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। इसीलिए सुबह उठकर आपको एक गिलास गर्म पानी जरूर पीना चाहिए। साथ ही यदि आपको तेजी से वजन कम करना हैं तो आप गर्म पानी में कुछ चीजों को मिला भी सकते हैं।

  • सुबह उठकर एक गिलास गर्म पानी में एक निम्बू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर पीएं इससे वजन नियंत्रित रहता है।
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा रातभर के लिए भिगोकर रख दें। उसके बाद सुबह उठकर उस पानी को एक भिगोने में डालकर आधा रहने तक उबालें उसके पानी उस पानी को छानकर उसमे थोड़ा निम्बू का रस मिलाएं और पीएं। आप चाहे तो चबा चबा कर जीरे का सेवन भी कर सकते हैं ऐसा करने से भी वजन कम होता है।
  • रातभर के लिए मेथीदाना को पानी में भिगोकर रखें और उसके बाद सुबह उठकर उस पानी को छानकर उस पानी का सेवन करें ऐसा करने से भी वजन को कम करने में मदद मिलती है।
  • चिया सीड्स की एक चुटकी एक बोतल पानी में डालें और उसके बाद इस पानी का दिनभर सेवन करें ऐसा करने से भी वजन कण्ट्रोल रहता है क्योंकि चिया सीड्स फाइबर से भरपूर होता है जो वजन नियंत्रित करने में मदद करता है।

व्यायाम करें

सुबह के समय व्यायाम भी जरूर करें और ऐसा नहीं है की थोड़ा बहुत व्यायाम करें बल्कि अपने शरीर को उतना पुश करें की आपके शरीर से पसीना निकलें। लेकिन ध्यान रखें की व्यायाम करते समय सावधानी बरतें ऐसा नहीं है की शरीर को पुश करने के चक्कर में आप अपने आप को चोट पहुंचा लें। उसके बाद रात को भी खाना खाने के बाद वाक करने की आदत डालें। नियमित ऐसा करने से भी आपके वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

फाइबर युक्त डाइट लें

अपनी डाइट में आप उन चीजों को शामिल करें जिन चीजों में फाइबर की मात्रा मौजूद होती है। फाइबर युक्त डाइट लेने से आपके पाचन तंत्र को भोजन क पचाने में आसानी होती है। जो की वजन कण्ट्रोल करने के लिए बहुत जरुरी होता है।

खाने पीने में ध्यान रखें

कई लोग पतले होने के वजन कम करने के लिए अपना खाना पीना छोड़ देते हैं जो की गलत बात होती है क्योंकि शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए फिट रहने के लिए पोषक तत्वों की जरुरत होती है। जो भोजन की मदद से ही शरीर तक पहुँचते हैं। ऐसे में यदि यदि खाना पीना छोड़ देते हैं तो आप पतले नहीं होते बल्कि कमजोर हो जाते हैं साथ ही आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां भी हो सकती है। हाँ लेकिन यदि आप अपने वजन को कम करना चाहते हैं तो आपको अपने खाने पीने में कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है।

  • एक बार में पेट भर कर खाने की बजाय आपको थोड़ा थोड़ा करके खाना चाहिए ताकि आपके भोजन को अच्छे से हज़म होने में मदद मिल सकें। जैसे की आपको दिन में तीन बारे खाने की बजाय छह बार खाना चाहिए लेकिन थोड़ा थोड़ा करके।
  • मसालेदार, तेलीय, जंक फ़ूड का सेवन रोजाना नहीं करना चाहिए क्योंकि इनका सेवन करने से वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
  • खाने को आराम से चबा चबा कर खाना चाहिए।
  • जितनी भूख हो उससे थोड़ा कम ही खाना चाहिए जरुरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
  • खाने के साथ दही, सलाद, छाछ आदि का सेवन करना चाहिए।
  • फलों का सेवन भरपूर करना चाहिए लेकिन दोपहर के बाद फलों का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • ध्यान रखें की रात को सोने से कम से कम दो घंटे पहले आप खाना खा लें ताकि भोजन को हज़म होने में मदद मिल सकें ऐसा करने से भी वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

ग्रीन टी पीएं

वजन कम करने के लिए ग्रीन टी का सेवन करना भी फायदेमंद होता है क्योंकि ग्रीन टी पीने से मेटाबोलिज्म रेट बेहतर होता है जिससे वजन को नियंत्रित रहने में मदद मिलती है साथ ही फैट भी कम होता है।

नींद भी है जरूरी

आजकल लोगो के पास फ़ोन देखने से बड़ा कोई काम नहीं है और रात को अकसर लोग फ़ोन देखने के चक्कर में अपनी नींद खराब कर लेते हैं। जिसकी वजह से स्ट्रेस होना, शरीर में समस्या होना आदि लक्षण महसूस होने लगता है। और नींद न पूरी होने के कारण वजन भी बढ़ता है। ऐसे में आप यदि चाहते हैं की आपका वजन नियंत्रित रहे तो इसके लिए आपको अपनी नींद भी पूरी लेनी चाहिए।

वज्रासन करें

खाना खाने के बाद दस मिनट तक वज्रासन करें, और ऐसा एक बार नहीं बल्कि जब भी खाना खाएं उसके बाद जरूर करें। ऐसा करने से भोजन को आसानी से हज़म करने में मदद मिलती है साथ ही वजन भी कम होता है।

मीठा कम खाएं

यदि आपकी खाना खाने के बाद या दिन भर में वैसे भी बार बार मीठा खाने की आदत है तो आपको अपनी इस आदत को बदल लेना चाहिए। क्योंकि जरुरत से ज्यादा मीठा खाने से भी वजन तेजी से बढ़ता है ऐसे में आपको वजन को नियंत्रित रखने के लिए अपने मीठा खाने की आदत को कण्ट्रोल करना चाहिए।

हफ्ते में एक बार व्रत करें

ऐसा माना जाता है की हर एक व्यक्ति को हफ्ते में एक दिन के लिए व्रत जरूर रखना चाहिए क्योंकि व्रत रखने से न केवल वजन नियंत्रित होने में मदद मिलती है। बल्कि व्रत रखने से ब्लड प्रैशर कण्ट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने आदि में आदि मिलती है।

ध्यान रखें:

कई लोग अपने वजन को कम करने के लिए दवाइयों का सेवन भी करते हैं जो की गलत होता है क्योंकि कई बारे यह दवाइयां आपके वजन को कम करने के साथ शरीर के अंदर कुछ न कुछ गड़बड़ भी कर देती है। जिसकी वजह से एक बार तो आपका वजन कम हो जाता है लेकिन बाद में आपको कई शारीरिक परेशानियां होने का डर बढ़ जाता है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे यदि आप अपने रूटीन में शामिल करते हैं तो इससे आपके बढे हुए वजन को पहले कण्ट्रोल करने और फिर धीरे धीरे कम करने में मदद मिलती है।

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वैक्सीन लगवाने के साइड इफ़ेक्ट क्या-क्या हैं?

देशभर में खान कोरोना वैक्सीन तेजी से लगाईं जा रही है ताकि लोगो को इस संक्रमण से बचे रहने में मदद मिल सकें। वहीँ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस वैक्सीन को लगवाने से डर रहे हैं। क्योंकि वैक्सीन लगवाने के बाद शरीर में कुछ असामान्य लक्षण महसूस हो रहे हैं। और यह सभी साइड इफ़ेक्ट और लक्षण सामान्य हैं इनसे बिल्कुल भी घबराने की जरुरत नहीं है। तो आइये अब इस आर्टिकल में जानते हैं की वैक्सीन लगवाने के बार शरीर में कौन कौन से लक्षण महसूस हो सकते हैं।

वैक्सीन लगवाने के बाद महसूस होने वाले साइड इफ़ेक्ट

  • यदि आप वैक्सीन लगवा रहे हैं तो आपको दो से तीन दिन तक बुखार आ सकता है।
  • इंजेक्शन वाली बाजू में आपको दर्द, रेडनेस महसूस हो सकती है।
  • सूजन होना भी वैक्सीन लगाने के बाद महसूस होना वाला लक्षण है।
  • मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द महसूस होना भी आम बात होती है।
  • थकान जैसी समस्या होना भी एक आम लक्षण है।
  • यदि आपको कपकपी छूट रही है ठण्ड लग रही है तो यह भी वैक्सीन लगवाने के कारण आपको महसूस हो सकता है।
  • जी मिचलाने, उल्टी आने जैसी समस्या भी आपको हो सकती है।
  • जॉइंट पेन की समस्या भी आपको हो सकती है।
  • जहां आपको इंजेक्शन लगा है वहां आपको खुजली की समस्या हो सकती है।
  • पसीना ज्यादा आ सकता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण या साइड इफेक्ट्स जो आपको कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद बॉडी में महसूस हो सकते हैं। ऐसे में आप बिल्कुल घबराएं नहीं बल्कि वैक्सीन जरूर लगवाएं ताकि आपको इस संक्रमण से बचे रहने में मदद मिल सके। इसके अलावा दूसरों को भी पॉजिटिव रहने के लिए कहें ताकि जल्द से जल्द इस वायरस को जड़ से खत्म करने में मदद मिल सके। इसके अलावा यदि आपको कोई हेल्थ से जुडी समस्या है तो एक बार डॉक्टर से राय लेने के बाद ही वैक्सीन लगवाएं ताकि आपको कोई शारीरिक समस्या नहीं हो।

Side effects of Corona Vaccine

कोविशील्ड और कोवैक्सीन में क्या-क्या अंतर हैं?

देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाने के अभियान की शुरुआत हो चुकी है। जिससे अब कोरोना को खत्म करने की जंग हो चुकी है। ऐसे में देशभर के लोगो के लिए यह वैक्सीन लगवाना जरुरी है ताकि जल्द से जल्द इस माहमारी को खत्म किया जा सके। कोरोना वैक्सीन दो तरह की लगाईं जा रही है एक है कोविशील्ड और दूसरी है कोवैक्सीन, आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको वैक्सीन क्यों लगाईं जाती है साथ ही इन दोनों वैक्सीन में क्या अंतर है उसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

वैक्सीन क्यों लगाईं जाती है?

वैक्सीन लगाने से हमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है साथ ही शरीर में एंटीबाडी दुगुनी तिगुनी तेजी से बनती है। जिससे आपको हर तरह की बीमारी व् संक्रमण से बचे रहने में मदद मिलती है। और आप स्वस्थ, फिट, हेल्दी व् तंदरुस्त रहते हैं। तो आप भी कोरोना से बचे रहने के लिए कोरोना वैक्सीन को जरूर लगवाएं।

कोविशील्ड और कोवैक्सीन में क्या-क्या अंतर हैं?

यदि आपके मन में भी यह सवाल चल रहा है की कोविशील्ड और कोवैक्सीन में क्या अंतर हैं, दोनों में से कौन सी ज्यादा असरदार है, तो आइये अब आपके इन सवालों का जवाब हम देने जा रहे हैं।

कोविडशील्ड कोवैक्सीन
यह वैक्सीन ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और और ब्रिटेन स्वीडन की
फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्रेजेनेका ने तैयार किया है।
यह वैक्सीन भारत बायोटेक और आईसीए ने तैयार किया है।
यह वैक्सीन 70% से 90% तक असरदार है।यह वैक्सीन 70% से 100% तक असरदार है।
यह इंजेक्शन डॉक्टर्स की मौजूदगी में ही लगाया जायेगा।यह इंजेक्शन डॉक्टर्स की मौजूदगी में ही लगाया जायेगा।
इस वैक्सीन की कीमत 500 से 600 रुपये की बीच हो सकती हैकोवैक्सीन की कीमत 100 रुपये से भी कम हो सकती है।
इस इंजेक्शन की दूसरी डोज़ चार से आठ हफ्ते में लगाईं जाएगी।इस इंजेक्शन की दूसरी डोज़ चार से छह हफ्ते में लगाईं जाएगी।
यह इंजेक्शन 12 साल से ऊपर के लोगो को लगाया जा सकता है।यह इंजेक्शन 18 साल से ऊपर के लोगो को लगाया जा सकता है।
यह वैक्सीन को 2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखी जा सकती है।यह वैक्सीन को 2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखी जा सकती है।

तो यह हैं कोविशील्ड और कोवैक्सीन में अंतर, लेकिन दोनों ही असरदार है ऐसे में जो भी आपके नजदीकी टीकाकरण की जगह पर उपलब्ध हो आप जरूर लगवाएं।

कोरोना वैक्सीन लगवाने से पहले क्या-क्या ध्यान रखें

कोरोना के बढ़ते कहर की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा देश के सभी लोगो को वैक्सीन लगवाने का फैसला किया गया है। और वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया देश के लगभग सभी हिस्सों में शुरू भी हो गई है। साथ ही लोग वैक्सीन लगवा भी रहे हैं। ताकि कोरोना के खतरे से बचे रहने में मदद मिल सके। अब यह वैक्सीन अठारह साल से ऊपर सभी लोगो को लग रही है। यदि आप भी वैक्सीन लगवाने के लिए जा रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका ध्यान इंजेक्शन लगवाने से पहले आपको रखना चाहिए।

खाली पेट वैक्सीन नहीं लगवाएं 

यदि आप कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए जा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें की आप खाली पेट नहीं जाएँ बल्कि कुछ खाने के बाद ही वैक्सीन लगवाएं। क्योंकि खाली पेट वैक्सीन लगवाने के कारण आपको नुकसान पहुँच सकता है।

एलर्जी के बारे में डॉक्टर से बात करें

यदि आपको इंजेक्शन लगवाने से किसी तरह की एलर्जी है या पहले कभी ऐसा हुआ है तो वैक्सीन लगवाने से पहले उसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं। 

दवाई का सेवन 

यदि वैक्सीन लगवाने से पहले आपने किसी बिमारी से जुडी या अन्य किसी दवाई का सेवन किया है तो उसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं। ताकि आपको वैक्सीन लगवाने के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हो।

नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करें 

इंजेक्शन लगवाने से कुछ दिनों पहले ही आप नशीले पदार्थों का सेवन बंद कर दें। क्योंकि इंजेक्शन लगवाने के बाद बुखार, उल्टी आदि की समस्या हो सकती है। ऐसे में यदि आप अल्कोहल का सेवन करते हैं तो इसकी वजह से बॉडी में डीहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है। 

पानी पीएं भरपूर 

वैक्सीन लगवाने से पहले बॉडी को हाइड्रेट रखें ताकि शरीर को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिल सके। और इंजेक्शन लगवाने से बाद आपको शारीरिक परेशानी नहीं हो।

सोने और खाने का ध्यान रखें 

वैक्सीन लगवाने से एक रात पहले अच्छे से नींद लें। अच्छे से अपनी डाइट लें साथ ही वैक्सीन लगवाने से पहले अच्छी डाइट लें। ताकि आपको वैक्सीन लगवाने के बाद आपको कोई दिक्कत नहीं हो।

प्रेग्नेंट महिला नहीं लगवाएं वैक्सीन 

यदि आप माँ बनने वाली हैं तो आप वैक्सीन नहीं लगवाएं। क्योंकि अभी गर्भवती महिलाओं पर वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है।

वैक्सीन लगवाने जाएँ तो नियमो का पालन करे  

वैक्सीन लगवाने जाते समय कुछ नियमों का ध्यान रखें जैसे की दो गज दूरी रखें, मास्क पहनें, सैनिटाइज़र अपने पास रखें, वहां पर राखी चीजों को छूने से बचें।

दूसरी डोज़ लेने से पहले ध्यान रखें 

वैक्सीन की पहली डोज़ लेने पर दूसरी डोज़ समय से लगवाएं साथ ही जिस कंपनी की पहली डोज़ आपने ली है दूसरी भी वही लें।

तो यह हैं कुछ बातें जिनका ध्यान आपको वैक्सीन लगवाने से पहले रखना है ताकि आपको वैक्सीन लगवाने के बाद कोई दिक्कत नहीं हो। साथ ही आपको कोरोना संक्रमण के भय से बचे रहने में मदद मिल सके।

गर्भावस्था में हँसना क्यों जरुरी है

Why it is important to laugh during pregnancy :  गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जहां पर प्रेग्नेंट महिला के शरीर में इतने सारे बदलाव होते हैं। यह बदलाव सिर्फ शारीरिक ही नहीं होता है। बदलाव मानसिक भी होता है,  और कई बार मानसिक बदलाव इतने ज्यादा हो जाते हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिलाएं तनाव में आ जाते हैं।  और तनाव में एक प्रेग्नेंट महिला आ जाए तो गर्भ  के लिए बहुत नुकसानदेह होता है।  शिशु के विकास में कमी आ जाते हैं, और उसका परिणाम शिशु जन्म के बाद होता है। 

 गर्भावस्था में जो महिलाएं मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं जो ज्यादा चिंता करते हैं जो हंसती कम है ज्यादा रोती हैं खुश नहीं रहती हैं उनका शिशु भी आगे जाकर खुश नहीं रह पाता है। 

 क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला जैसा भी व्यवहार रखती हैं उसका सीधा असर उनके गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क के विकास पर पड़ता है।  तो क्यों ना प्रेग्नेंट महिला को उदास रहने की वजह खुश रहने चाहिए। रोने की वजह हंसने चाहिए।  तो आइए जानते हैं इस आर्टिकल्स के माध्यम से अगर प्रेग्नेंट महिला रोजाना 10 मिनट हंसे तो गर्व के लिए कितना फायदेमंद होगा और क्या-क्या फायदे होंगे और क्यों जरूरी है। 

गर्भावस्था में हंसने के फायदे

 10 मिनट रोजाना प्रेग्नेंट महिला को हंसना बहुत जरूरी होता है 10 मिनट  हंसने से तनाव दूर हो जाता है मन शांत हो जाता है बीमारियां जल्दी नहीं आती है और मन प्रसन्न रहता है। 

 शिशु के लिए फायदेमंद

 प्रेग्नेंट महिला को हंस ना इसलिए भी जरूरी है कि महिला जैसा भी व्यवहार करते हैं गर्भ में शिशु भी वैसा ही व्यवहार करता है अगर आप हंसते हैं तो आपका शिशु हंसेगा अगर आप रोएंगे तो आपका शिशु रोएगा इसलिए प्रेग्नेंट महिला को हमेशा अपना व्यवहार वैसा ही बनाना चाहिए जिससे उनका मन शांत हो वह खुश रह सके ताकि शिशु भी खुश रह सके। 

 हंसने से तनाव दूर होता है

 गर्भावस्था में अक्सर महिलाओं को इतने सारे शारीरिक बदलाव होते हैं कि बात बात पर उनको गुस्सा आ जाता है तनाव हो जाता है और वह हमेशा गुस्से में भी रहने लगते हैं चिचड़ी स्वभाव की हो जाते हैं।  ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को हंसना बहुत जरूरी होता है क्योंकि हंसने से तनाव रिलीज होता है और तनाव मुक्त रहना बहुत जरूरी होता है हमेशा गुस्से में रहने वाली महिलाओं को बीमारियां भी जल्दी घेर लेती है और मन खिन्न रहता है किसी चीज में मन नहीं लगता ना काम में मन लगता है दिनभर उदासी छाई रहती है और इसका सीधा असर उनके संबंध पर भी पड़ता है तो क्यों ना 10 मिनट निकालकर हंस लिया जाए ताकि पूरा दिन खुशनुमा रे सके और सभी लोग आपको प्यार कर सके। 

 बीमारियां दूर रहती हैं

 जब आप हंसते हैं तो आपके शरीर में एक ऊर्जा का संचार होता है जब आप हंसते हैं तो अंग अंग खिल जाता है जब आप हंसते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर दूर होता है जब आप हंसते हैं तो  तो मन प्रसन्न हो जाता है।  10 मिनट की हंसी आपको कई सारे बीमारियों को भी दूर रखने का काम करता है।  तो प्रेग्नेंट महिला को बीमारियों से दूर रहना बहुत जरूरी है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान अगर किसी महिला को बीमारी हो जाए बीमार रहने लगे तो शिशु का विकास प्रभावित होता है।  तो ऐसे में खुश रहना ही बेहतर है ताकि बीमारियां दूर रह सके। 

संबंध भी अच्छे रहते हैं

 गर्भावस्था में कई महिलाओं के साथ यह समस्या आती है कि घर वालों के साथ उनका संबंध सही नहीं रह पाता महिलाओं में बदलाव इतनी ज्यादा होते हैं चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक हो और उसका सीधा असर प्रेग्नेंट महिला के मूड पर पड़ता है कई महिलाएं इस समय  चिड़चिड़ी स्वभाव की हो जाती है।  जब वह किस से बात करती है तो हो सकता है बात करने का लहजा से ही नहीं हो।  तो इसका सीधा असर उनके रिश्ते पर पड़ता है अगर रोजाना 10 मिनट अगर आप हंसते हैं तो दिन भर आप खुश रहेंगे तनाव में नहीं रहेंगी तो दूसरों से अच्छे से पेश भी आएंगे तो संबंध भी आपके अच्छे रहेंगे। 

 तो हंसना एक तरह का टॉनिक है खासकर प्रेग्नेंट महिला के लिए यह बहुत जरूरी है क्यों उदास रहने की वजह है तनाव में रहने की बजाय खुश रहें तनाव मुक्त रहें इससे उनके शिशु का विकास भी सही तरीके से होगा और उनके रिश्ते भी अच्छे रहेंगे और मन भी प्रसन्न रहेगा तो क्यों ना आप भी 10 मिनट का समय निकालें हंसने के लिए बात करने के लिए आप खुद देखेंगे कितना फर्क पड़ेगा।  तो अब आप भी खुश रहना शुरू करें ताकि आपका शिशु भी खुश रहे आप भी खुश रहें और आपके आसपास के लोग भी खुश रह सके। 

प्रेगनेंसी में कटहल का सेवन करें या नहीं?

प्रेगनेंसी के दौरान बहुत जरुरी होता है की महिला अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखें क्योंकि महिला द्वारा लिया गया बेहतर खान पान माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इसीलिए प्रेग्नेंट महिला के लिए किसी भी चीज का सेवन करने से पहले यह जानना बहुत जरुरी होता है की महिला जो खा रही है वो प्रेग्नेंट महिला के लिए सही है या नहीं? महिला को कब और कितनी मात्रा में उस चीज का सेवन करना चाहिए, आदि। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान कटहल के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या प्रेगनेंसी में कटहल का सेवन करना चाहिए?

कटहल को लेकर अधिकतर गर्भवती महिलाओं को यह आशंका रहती है की महिला कटहल खाएं या नहीं। तो इसका जवाब है की गर्भावस्था के दौरान कभी कभार महिला स्वाद के लिए कटहल का सेवन कर सकती है लेकिन जरुरत से ज्यादा कटहल का सेवन महिला को नहीं करना चाहिए।

क्योंकि कटहल का जरुरत से ज्यादा सेवन करने से महिला के शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। जिससे बच्चे को खतरा हो सकता है। ऐसे में सिमित मात्रा में कभी कभार ही महिला को कटहल का सेवन करना चाहिए ताकि महिला को कटहल का सेवन करने के फायदे मिल सके और किसी भी तरह का नुकसान नहीं हो।

प्रेगनेंसी के दौरान कटहल का सेवन क्यों करें?

कटहल में पोषक तत्व जैसे की विटामिन सी, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, विटामिन, मैग्नीशियम, आदि भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो गर्भवती महिला व् उसके होने वाले बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। और इन्ही पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए महिला को प्रेगनेंसी के दौरान कभी कभी कटहल का सेवन जरूर करना चाहिए। महिला कटहल का सेवन सब्ज़ी, चिप्स आदि के रूप में कर सकती है।

गर्भावस्था के दौरान कटहल का सेवन करने के फायदे

गर्भवती महिला यदि सिमित मात्रा में कटहल का सेवन करती है तो इससे महिला को सेहत सम्बन्धी बहुत से फायदे मिलते हैं। जैसे की:

एनर्जी रहती है भरपूर

कटहल विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों का बेहतरीन स्त्रोत होता है। ऐसे में यदि महिला कटहल का सेवन करती है तो इससे गर्भवती महिला के शरीर को भरपूर पोषण मिलता है जिससे महिला को एनर्जी से भरपूर रहने व् एक्टिव रहने में मदद मिलती है।

आयरन

आयरन की मात्रा भी कटहल में भरपूर होती है ऐसे में कटहल का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को एनीमिया जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

कैल्शियम व् मैग्नीशियम

कटहल का सेवन करने से महिला के शरीर में कैल्शियम व् मैग्नीशियम की मात्रा को सही रहने में मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला की हड्डियों को मजबूती मिलने के साथ गर्भ में शिशु की हड्डियों का बेहतर विकास होने में मदद मिलती है।

पाचन तंत्र होता है मजबूत

सिमित मात्रा में कटहल का सेवन करने से गर्भवती महिला के पाचन तंत्र को सही रहने में मदद मिलती है। जिससे महिला को पेट सम्बन्धी समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। लेकिन यदि महिला जरुरत से ज्यादा कटहल का सेवन करती है तो इससे महिला की पेट सम्बन्धी परेशानी बढ़ भी सकती है।

विटामिन सी

कटहल विटामिन सी का बेहतरीन स्त्रोत होता है और विटामिन सी एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट होता है। जो इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करता है। ऐसे में बिमारियों और संक्रमण से बचे रहने के लिए प्रेग्नेंट महिला को सिमित मात्रा में कटहल को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

ब्लड प्रैशर रहता है नियंत्रित

कुछ गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रैशर से जुडी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है लेकिन कटहल का सेवन करने से महिला इस परेशानी से बच सकती है। क्योंकि कटहल में पोटैशियम मौजूद होता है जो गर्भवती महिला के ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान कटहल का सेवन करने से जुडी जानकारी, लेकिन जिन महिलाओं को कटहल खाने से कोई एलर्जी होती है, कोई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या होती है, जिनकी प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स अधिक हैं उन महिलाओं को कटहल का सेवन करने से बचना चाहिए।

Kathal during Pregnancy