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हल्दी और दूध के फायदे त्वचा और स्वास्थ्य के लिए

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हल्दी और दूध का इस्तेमाल हर घर में रोजाना किया जाता है, और दोनों को ही यदि गुणों की खान कहा जाएँ तो गलत नहीं होगा, हल्दी केवल आपके खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती है, बल्कि आपकी सेहत और आपकी ख़ूबसूरती को बढ़ाने में भी आपकी बहुत मदद करती है, हल्दी की गांठे और पत्ते भी आपके लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, और इसके अलावा दूध जहां कैल्शियम से भरपूर होता है, वहीँ हल्दी भी एंटी बायोटिक गुणों से भरपूर होती है, और जब ये दोनों मिल जाते है, तो आपके लिए और भी फायदेमंद हो जाता है, और दुगुनी तेजी से आपको फायदा पहुंचाते है, तो आपिये आज हम बताते है की नियमित हल्दी दूध पीने से आपको कौन कौन से त्वचा और स्वास्थ्य सम्बन्धी कौन कौन से फायदे है।

हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है:-

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दूध और हल्दी दोनों में ही कैल्शियम भरपूर पाया जाता है, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने में आपकी मदद करता है, इसके लिए आप दिन में कम से कम दो बार इसका सेवन जरूर करें, और बच्चों को तो इसकी आदत जरूर डालनी चाहिए, ताकि उनकी हड्डियों के विकास में मदद मिल सकें।

जॉइंट पेन से मिलती है राहत:-

हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जो हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों का कारण होता है, और यदि आपको जोड़ो में दर्द की समस्या रहती है, तो नियमित आपको हल्दी वाले दूध का सेवन करने से बहुत अधिक फायदा मिलता है, साथ ही जोड़ो में होने वाली ऐंठन व् सूजन की समस्या से भी राहत मिलती है।

आपकी स्किन से मृत कोशिकाओं को हटाता है:-

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प्रदुषण के कारण आपकी स्किन पर मृत कोशिकाओं का जमाव होने लगता है, और हल्दी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट गुण और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के कारण आपकी स्किन को इन कानो को खत्म करने में मदद मिलती है, और नियमित यदि आप हल्दी वाले दूध का सेवन करती हैं, तो इसके कारण आपकी उम्र भी लगने लगती है, क्योंकि यह आपकी स्किन को खूबसूरत और चमकदार बनाएं रखने में आपकी मदद करता है।

मांसपेशियों की ऐंठन से राहत दिलाता है:-

हल्दी में मौजूद एंटीस्पैसमोडिक गुण आपको मांसपेशियों की ऐंठन से भी राहत दिलाने में मदद करते है, ज्यादातर महिलाओ को मासिक धर्म के समय पेट में ऐंठन व् दर्द की समस्या होती है, तो उनके लिए भी यह एक असरदार उपाय है, यदि आप मासिक धर्म आने के दो हफ्ते पहले से ही हल्दी वाले दूध का सेवन करते है, तो इससे आपको मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन और पेट व् कमर के दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।

कैंसर कारको से लड़ता है:-

हल्दी वाले दूध में करक्यूमिन नामक तत्व मौजूद होता है, जो की कैंसर कारको को आपके शरीर में बढ़ने से रोकता है, और यह काफी आसान और सरल उपाय है, यदि आप भी इस समस्या से बचना चाहते हैं, तो आपको हल्दी वाले दूध का सेवन जरूर करना चाहिए।

नींद अच्छी आती है:-

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यदि व्यक्ति अच्छी और गहरी नींद लेता है तो इसके कारण उसको स्वस्थ रहने में और हमेशा तरोताजा महसूस करने में मदद मिलती है, इसीलिए यदि आप भी अच्छी नींद लेना चाहते है तो आपको भी नियमित सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करना चाहिए, क्योंकि हल्दी में ट्रायटोफन होता है, तो आपको अपनी नींद को बेहतर लेने में मदद करता है।

शरीर के दर्दो राहत दिलाता है:-

हल्दी में होने वाले एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते है जो आपके लिए पेन किलर का काम करते है, और आपको सर दर्द, या शरीर में थकान के कारण होने वाले ने दर्दो के साथ थकान को दूर करने में मदद करता है, इसीलिए यदि आपको कभी भी शरीर के किसी भी अंग में दर्द हो तो आपको दवाई का सेवन करने की जगह हल्दी वाले दूध का सेवन करना चाहिए।

पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है:-

आपके पाचन को बेहतर बनाने में हल्दी वाला दूध बहुत मदद करता है, यदि आप नियमित हल्दी वाले दूध का सेवन करते है तो आपका पाचन तंत्र मजबूत बनता है, और आपको भोजन को पचाने में मदद मिलती है।

वजन घटाने में मदद करता है:-

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नियमित हल्दी वाला गरम दूध पीने से आपको अपने शरीर पर जमी चर्बी को कम करने में आपकी मदद करता है, क्योंकि इसमें कुछ ऐसे तत्व और मिनरल्स होते हैं जो आपके शरीर में तेजी से कैलोरीज़ को बर्न करने में मदद मिलती है, जिससे आपके वजन को कम होने में मदद मिलती है।

रक्त को साफ़ करता है:-

हल्दी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स आपकी रक्त वाहिकाओं को साफ़ करके आपके रक्त को साफ़ करने का काम करता है, और साथ ही आपके शरीर में रक्त के प्रवाह को सही करने में मदद करती है, जिससे आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और आपको फिट रहने में मदद मिलती है।

दमा के रोग के लिए है फायदेमंद:-

हल्दी वाले दूध में एंटी माइक्रोबियल गुण होते है, जो खांसी, कफ, दमा, साइनस जैसी बिमारी से राहत पा सकते है, साथ ही यह आपके लिए बैक्टेरियल, और वायरल संक्रमण से लड़ने में आपकी मदद करता है।

त्वचा की रंगत को निखारने में मदद करता है:-

हल्दी और दूध का पेस्ट बनाएं और उसे फेस पैक के रूप में अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद ठन्डे पानी से अपने चेहरे पर धो लें, हफ्ते में दो से तीन बार इसे अपने चेहरे पर लगाने से आपके चेहरे की रंगत को निखारने में मदद मिलती है।

हल्दी दूध बनाने की विधि:-

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एक गिलास दूध में या जीते लोगो ने पीना है उस हिसाब से दूध डाल लें, एक गिलास दूध में दो चुटकी हल्दी की डालें, और अच्छे से इसे उबाल लें, यदि आप इसे ठंडा करके दूध पीन चाहते है तो आप इसे उबाल कर ठंडा कर लें, और इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमें दालचीनी या केसर भी मिला सकते है, परन्तु स्वास्थ्य के लिए जितना हो सकें आपको गरम दूध का ही सेवन करना चाहिए।

तो ये कुछ फायदे हैं, जो आपको हल्दी दूध का सेवन करने से होते है, साथ ही आपको इसके कारण अपने शरीर को फिट रखने व् अपनी ख़ूबसूरती को निखारने में भी मदद मिलती है, तो यदि आप प्लेन दूध का सेवन करते हैं, तो आपको उसमे चुटकी भर हल्दी मिलाकर पीना शुरू करना चाहिए, ताकि आपको और फायदा मिल सकें।

पेट खराब ठीक करने के ये है घरेलू उपाय

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आज के समय में हर कोई बाहर के खाने को खाना पसंद करता है फिर चाहे वो छोटा बच्चों के लिए मैगी हो या बड़ों के लिए होटल के खाना। वैसे तो ये बात सभी अच्छी तरह जानते है की बाहर का खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता लेकिन स्वाद के चलते अक्सर लोग इस तरह के खाने को खाना अधिक पसंद करते है।

परन्तु कई बार उन्हें इस खाने को खाने की बहुत बड़ी कीमत अपने खराब स्वास्थ्य के जरिए चुकानी पड़ती है। जी हां, बाहर का खाना देखने में जितना सुन्दर और स्वादिष्ट लगता है ये हमारे पेट के लिए उतना ही खराब होता है। आपने भी अक्सर देखा होगा की जब आप कहीं बाहर से खाना खाकर आते है तो अगले दिन आपको बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है।

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जिसमे शरीर का पूरा पानी निकल जाता है और आपको कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में ग्लूकोस और जूस जैसी चीजों का सेवन ही आपके लिए लाभकारी होगा। वैसे तो ये 1 या 2 दिन में अपने आप ही ठीक हो जाते है परन्तु कई बार यह 4-5 दिन तक आपका पीछा नहीं छोड़ते। ऐसे में समझ ही नहीं आता की कौन से उपाय करे की यह समस्या ठीक हो जाए।पेट खराब ठीक करने के घरेलू उपाय

इसके अतिरिक्त पेट खराब होने के दौरान होने वाला पेट दर्द भी असहनीय होता है। पेट खराब होने के चलते आप ठीक प्रकार से कुछ भी नहीं खा-पी नहीं पाते और आप कमजोर होने लगते है। ऐसे में देसी और घरेलू उपायों का प्रयोग ही आपकी समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। परंतु सभी को इन उपायों के बारे में जानकारी नहीं होती। इसीलिए आज हम आपको पेट खराब होने पर कौन से घरेलू उपायों का प्रयोग किया जा सकता है उनके बारे में बताने जा रहे है। तो आइये जानते है क्या है वे उपाय –

पेट खराब होने पर इन घरेलू उपायों का करें प्रयोग :-

1. तरल पदार्थ :

पेट खराब होने पर दस्त लग जाते है जिनके कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में सर्वप्रथम शरीर से निकले पाने की पूर्ति करनी चाहिए जिसके लिए पानी में नमक और चीनी मिलाकर उसका सेवन करें। इसके साथ ही आप नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ आदि का भी थोड़ी थोड़ी देर में सेवन कर सकते है। इस स्थिति में मसालेदार और हैवी भोजन करने को मना किया जाता है।

2. गाजर :

अमाशय (पेट) खराब होने के कारण और भी समस्याएं बढ़ सकती है ऐसे में आपको चाहिए की उन चीजों का सेवन करें जो स्वास्थ्य को भी बेहतर कर सके। इसके लिए आप गाजर के रस का सेवन कर सकते है। इसे पीने से पेट ठीक हो जाता है और शरीर में पानी की कमी भी नहीं रहती। अगर जूस में पुदीना मिला लिया जाए तो ये और भी अच्छा होता है।

3. जीरा :jeera

पेट खराब होने की समस्या के लिए जीरा बहुत लाभकारी उपाय है। इसके लिए आधा चम्मच जीरा चबाकर खाएं या गुनगुने पानी के साथ गटक लें। आप चाहे तो जीरे को भूनकर उसे पीसकर छाछ में डालकर भी पी सकते है। ये काफी लाभकारी होता है।

4. सेब :

इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो अपच की समस्या को दूर करने में मदद करती है। लेकिन ध्यान रहे सबसे अधिक फाइबर इसके छिलके में ही होता है तो इसे छिलके समेत खाना ही लाभकारी होगा। आप चाहे तो सेब का रस भी पी सकते है इसे हाजमा ठीक होता है।

5. हर्बल टी :

इस चाय में एंटी ऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो शरीर से सभी toxins को बाहर निकालने में मदद करती है। और इसे पीने से स्वास्थ्य को कोई नुकसान भी नहीं होते। साथ ही पेट की गैस में भी राहत मिलती है।

6. बेल :

यह पाचन से जुडी सभी समस्यायों को दूर करने की क्षमता रखता है। दस्त होने पर इसका सेवन बहुत अच्छा होता है। इसके लिए बेल का गुदा लेकर उसे थोड़े पानी के साथ मिलाकर पीएं। इससे दस्त, गैस, जलन, बदहजमी आदि में आराम मिल जाएगा।

7. अदरक :tea

यह भी एक एंटी बायोटिक के रूप में कार्य करती है जो शरीर से सभी बैक्टीरिया को साफ़ करके उसे एलर्जी से बचाने में मदद करती है। इसके लिए एक चम्मच अदरक के पेस्ट का सेवन करें या अदरक की चाय का सेवन करें। यह पेट की ऐंठन भी दूर करेगी।

8. चावल :

दस्त खत्म करने के लिए स्टार्च युक्त भोजन बहुत लाभकारी होता है। इसके लिए आप चावल का सेवन कर सकते हो। इसके लिए चावल को पानी में तब तक उबालें जब ताल चावल पूरी तरह मुलायम नहीं हो जाते। उसके बाद इसे छानकर पानी को पी लें। आप चाहे तो इसमें नमक भी मिला सकते है। साथ ही चावल और दही का सेवन भी दस्त में अच्छा होता है।

9. धनिया :

पेट खराब होने पर धनिया का इस्तेमाल करना बहुत अच्छा होता है। इसके लिए आधा ग्लास छाछ में थोड़ा सा भुना हुआ धनिया मिलाकर पियें। दिन में 2 बार के सेवन से समस्या दूर हो जाएगी। आप चाहे तो इसमें इलायची के बीज, लौंग और अदरक का पेस्ट भी मिला सकते है।

10. दालचीनी :

यह मसाला भी पेट की समस्या हो दूर करने में मदद कर सकता है। यह पाचन क्रिया को ठीक करके ऐंठन में आराम दिलाता है। इसके लिए दालचीनी से बनी चाय का सेवन करें। कुछ ही समय में पेट से जुडी सभी समस्याएं अपने आप दूर हो जाएंगी।

तो ये थे कुछ घरेलू उपाय, जिनकी मदद से आप अपने खराब पेट को सही कर सकते है। लेकिन ध्यान रहे किसी भी चीज का अधिक सेवन नहीं करें अन्यथा ये आपके स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। और बाहर की चीजों का सेवन करना भी कम कर दें। क्योंकि अगर कारण ही नहीं होगा तो समस्या के बढ़ने या होने का सवाल ही नहीं उठता।

गुटके से दांत खराब हो गए है? ये अपनाएं

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तम्बाकू, पान मसाला, गुटका और सिगरेट स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है लेकिन फिर भी लोग इसे खाते है। और मना करने पर इसका विरोध भी करते है। हो न हो आपके आस पास भी ऐसे बहुत से लोग होंगे जो हमेशा गुटका, तम्बाकू, पान मसाला आदि खाते होंगे। जबकि वह इस बात को बहुत अच्छे से जानते है की इसके इस्तेमाल से उनके सेहत को बहुत भारी नुकसान हो सकता है।

शरीर को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ ये चीजें आपके दांतों को भी खराब करती है। लेकिन फिर भी खाने वाले इन सब चीजों की परवाह किये बिना सबका सेवन करते है। लम्बे समय तक तम्बाकू गुटका जैसी चीजों को चबाने से दांत खराब हो जाते है और उनपर एक परत जम जाती है।

जिससे व्यक्ति के व्यक्तित्व पर प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी भी इन्ही के सेवन से होती है। लेकिन सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं ये चीजें उनकी जेब को नहीं बक्श्ती। पान और गुटका खाने वालो का खर्च इतना अधिक होता है की यदि वे इन्हे न खाकर उस पैसे को बचाएं तो कुछ ही सालों में स्वयं का घर बनवा सकते है। लेकिन माने कौन?

अगर आपके घर में भी कोई इस आदत का शिकार है तो उसे इसकी आदत छुटवायें। लेकिन अगर किसी के दांतों पर तम्बाकू छोड़ने के बाद भी उसके निशान बचे है तो हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से दांतों पर से तम्बाकू के निशानों को आसानी से हटाया जा सकता है।

दांतों से कैसे हटाएं तम्बाकू के दाग :-

1. रोजाना करें दांतों की सफाई :

ओरल सफाई का मतलब केवल ब्रश करना ही नहीं होता। बल्कि पुरे मुंह की सफाई करना होता है। इसका अर्थ दिन में दो बार ब्रश, माउथ वाश और एक बार मुंह में फ्लॉस करना होता है। अगर आप नियमित रूप से इन आदतों का पालन करेंगे तो जल्द ही आपके दांतों पर पड़े तम्बाकू और गुटके के निशान साफ़ हो जायेंगे।

2. दांतों को रखे साफ़ :

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जब भी लगे की आपके दांतों की सतह रफ हो रही है तो समझ ले की आपके दांतों पर कोई चीज जमी हुई है। इसलिए कोशिश करें की आपके दातों पर कुछ जमने न पाए। दांतों की सतह को हमेशा स्मूथ और साफ़ रखना चाहिए। इसके लिए रोजाना सुबह जागकर और सोने से पहले ब्रश जरूर करें। खाना पीना खाने के बाद मुंह की पानी से अच्छी तरह सफाई करें।

3. बैक्टीरिया से मुक्त :

दांतों को इस गदंगी से छुटकारा दिलाने के लिए दांतों को बैक्टीरिया मुक्त रखना भी जरुरी है। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे बैक्टीरिया समस्या को और अधिक बढ़ा सकते है। इसके लिए दांतों पर किसी भी प्रकार की सवित्य नहीं होने दें। कोशिश करें आपके दांत साफ़ और स्वच्छ रहे जिससे बैक्टीरिया उनपर अटैक न करने पाएं।

4. बेकिंग सोडा :

बेकिंग सोडा हर चीज से धब्बे हटाने की क्षमता रखता है। ये आपके दांतों पर लगे गुटके के दागों को भी हटा सकता है। इसके लिए रोजाना ब्रुसन करने के बाद थोड़ा सा बेकिंग सोडा लेकर उससे दांत साफ़ करें। कुछ दिनों में दाग धीरे धीरे साफ़ हो जाएंगे।

5. गाजर :gajar for chashma

गाजर भी दांतों पर लगे दाग धब्बों को दूर करने में मदद करती है। इसका कारण ये है की इसमें बहुत से रेशे मौजूद होते है जो दांतों की सफाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। साथ ही दांतों के कोनो में जमी गंदगी को भी साफ़ करने में मदद करते है।

6. हल्दी :

यह उपाय भी दांतों के दाग हटाने के लिए लाभकारी हो सकता है। इसके लिए हल्दी में सरसों तेल और नमक मिलाकर दांतों में मंजन करें। ऐसा करने से दांतों के दाग तो हटेंगे ही साथ साथ दांतों का पीलापन दूर हो जाएगा।

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7. चेकअप :

घरेलू नुस्खों के अतिरिक्त डॉक्टरी सलाह भी बेहद जुर्री है क्योंकि डॉक्टरी सलाह के बिना किसी बीच तरह के नुस्खे का इस्तेमाल करना ठीक, नहीं। दांतों का चेकअप करने से आपको दांत के धब्बों से छुटकारा मिल जाएगा। इसीलिए थोड़े थोड़े समय में दांतों का चेकअप करवाते रहे।

तो ये थे कुछ उपाय जिनकी मदद से आप अपने दांतों से तंबाकू गुटका आदि के दागों को आसानी से हटा सकते है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें की किसी भी वस्तु या उपाय का प्रयोग करने से पूर्व एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

चेहरा निखारने के लिए आंवले का इस्तेमाल ऐसे करें

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आंवले का प्रयोग हर घर में होता हैं, कोई इसे मुरब्बे के रूप में खाना पसंद करता है, तो कई लोग इसका अचार भी बनाते है, खाने के साथ इसका इस्तेमाल आपके शरीर को स्वस्थ रखने, दांतो की सुरक्षा के लिए, आपके बालों को चमकदार बनाने के लिए व् बालों से सम्बंधित अन्य समस्या से निजात पाने के लिए, साथ ही आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को बढ़ाने में भी आंवला आपकी बहुत मदद करता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते है जो आपकी स्किन को उम्र बढ़ने के लक्षण, चेहरे के दाग धब्बे दूर करने आदि में भी मदद करता है, इसके अलावा और भी कई फायदे आपकी स्किन को आंवले से होते है, तो आइये जानते है की आंवला आपके चेहरे के लिए किस प्रकार फायदा करता है।

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झुर्रियों को दूर करने में मदद करता है:-

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आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपके चेहरे पर होने वाली फाइन लाइन्स को खत्म करने में आपकी मदद करते है, जिससे आपकी स्किन में कसाव आता है, और आपके चेहरे पर होने वाली झुर्रियों को दूर रखने में मदद करता है, इसके लिए आप नियमित सुबह आंवले के जूस का सेवन करें इससे आपकी स्किन स्वस्थ रहेगी और आपको जवान दिखने में मदद मिलेगी।

आपके चेहरे को ग्लोइंग बनाने में मदद करता है:-

नियमित आंवले का मुरब्बा खाने से आपके चेहरे को ग्लोइंग बने रहने में मदद मिलती है, क्योंकि इससे आपके शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकाल जाते है, साथ ही आपका ब्लड भी साफ़ होता है, जिसका असर आपके चेहरे पर साफ़ दिखाई देता है, और आपके चेहरे को ग्लोइंग बनने में मदद मिलती है।

चेहरे पर होने वाले काले धब्बो की समस्या से राहत दिलाता है:-

यदि आप नियमित रूप से आंवले का जूस पीते है, या गुनगुने पानी के साथ आंवले के पाउडर का सेवन करते हैं तो ऐसा करने से आपके चेहरे पर होने वाले काले दाग धब्बो को खत्म होने में मदद मिलती है, साथ ही स्किन में चमक भी आती है।

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आपकी स्किन टोन को बेहतर बनाने में मदद मिलता है:-

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चेहरे के कालेपन को दूर करके आपके स्किन टोन को बेहतर बनाने में भी आंवला बहुत मदद करता है, इसके लिए आप एक चम्मच आंवला पाउडर में थोड़ा सा गरम पानी मिलाएं, और एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को कम से कम पांच मिनट के लिए अपने चेहरे पर लगाएं, और जैसे ही ये सूख जाएँ, साफ पानी से अपने चेहरे को धो लें, ऐसा कुछ दिनों तक नियमित रूप से करें, ऐसा करने से आपकी स्किन टोन बेहतर हो जाएगी।

मुहांसे से लड़ने में आपकी मदद करता है:-

चेहरे पर मुहांसे होना आम बात होती है, और इसका कारण चेहरे की अच्छे से साफ़ सफाई न करना होता है, आंवला ठंडा होता है, इसीलिए यह आपकी स्किन के लिए क्लीन्ज़र का काम भी करता है, इसके प्रयोग के लिए आप आंवले का रस निकाल कर अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के बाद अपने चेहरे को धो लें, नियमित ऐसा करें, आपको इसका फ़र्क़ दिखाई देगा।

तो ये हैं कुछ फायदे जो आपको आंवले के इस्तेमाल से होते है, इसीलिए आपको आंवले का जूस, आंवले का मुरब्बा आदि नियमित खाना चाहिए इससे केवल आपकी ख़ूबसूरती को ही नहीं बल्कि आपके शरीर को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है, तो अपनी सुंदरता को बढ़ाने और अपने शरीर को स्वस्थ रहने के लिए इसका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए आप इसे अचार, मुरब्बा, जूस, पाउडर किसी भी रूप में ले सकते है, यह आपको हर मौसम में नहीं मिलता है, लेकिन आप पैक्ड आंवले का भी इस्तेमाल कर सकते है।

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डिलीवरी के बाद पेट की त्वचा नहीं लटकेगी यह करेंगे तो

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में बहुत से बदलाव आते हैं और डिलीवरी के बाद भी इन बदलावों का असर बॉडी पर दिखाई दे सकता है। डिलीवरी के बाद पेट के आस पास की स्किन पर सबसे ज्यादा बदलाव देखने को मिलता है। क्योंकि प्रेगनेंसी में गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पेट के आस पास की त्वचा में खिंचाव आता है, जो डिलीवरी के बाद पेट के आस पास स्ट्रेचमार्क्स, लटकी हुई स्किन के रूप में दिखाई देता है।

लेकिन लटकी हुई स्किन डिलीवरी के बाद महिलाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है पर इसे लेकर महिला को बिल्कुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं होती है। क्योंकि ऐसे बहुत से आसान टिप्स हैं जिन्हे ट्राई करने से डिलीवरी के बाद लटके हुए पेट की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

ब्रेस्टफीड

बहुत सी ऐसी महिलाएं होती हैं जो ब्रेस्ट का आकार बढ़ न जाये इस चक्कर में अपने शिशु को स्तनपान नहीं करवाती है। लेकिन शायद वो नहीं जानती की इससे केवल बच्चे के विकास में ही कमी नहीं आती है बल्कि महिला को फिट होने में भी समय लग सकता है। लेकिन यदि महिला अपने बच्चे को स्तनपान करवाती है तो इससे स्किन को टाइट करने में मदद मिलती है। यदि डिलीवरी के बाद महिला अपने बच्चे को अपना दूध पिलाती है। तो इससे बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जिससे स्किन को टाइट होने में मदद मिलती है और बॉडी को बहुत जल्दी शेप में वापिस आने में मदद मिलती है।

मसाज

पेट की स्किन को टाइट करने के लिए आप मसाज भी कर सकती है। क्योंकि मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है साथ की लटकी हुई स्किन धीरे धीरे टाइट होने लगती है। लेकिन डिलीवरी के बाद मसाज करते हुए इस बात का ध्यान रखें की पेट की मसाज करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर राय लें। मालिश के लिए विटामिन इ से भरपूर तेल का इस्तेमाल करें इससे जल्दी फायदा मिलता है।

तरल पदार्थ

स्किन को टाइट करने के लिए डिलीवरी के बाद तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करें। एक दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीएं। बॉडी जितनी ज्यादा हाइड्रेट रहती है उतना ही ज्यादा जल्दी स्किन को टाइट होने में मदद मिलती है।

स्क्रब करें

लटकी हुई स्किन को टाइट करने के लिए महिला को पेट पर स्क्रब करना चाहिए। स्क्रब करने से मृत कोशिकाएं निकल जाती है, जिससे त्वचा का ढीलापन धीरे धीरे कम होने लगते हैं। जैसी फायदे के लिए आठ से दस दिन में एक बार स्क्रब जरूर करें।

प्रोटीन युक्त आहार

प्रोटीन का भरपूर सेवन करने से उत्तकों और मांसपेशियों में आये खिंचाव को दूर करने में मदद मिलती है। जिससे स्किन में कसाव आने आने लगता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद महिला को प्रोटीन युक्त डाइट का भरपूर सेवन करना चाहिए। ताकि पेट की स्किन के ढीलेपन के साथ पूरी बॉडी की स्किन में कसाव लाने में मदद मिल सके। और प्रोटीन के लिए डिलीवरी के बाद महिला दूध, दही, मक्खन, पनीर, मछली, अंकुरित दालें आदि का भरपूर सेवन कर सकती है।

थोड़ा बहुत व्यायाम

डिलीवरी के बाद थोड़ा समय रूककर महिला को हल्का फुल्का व्यायाम, स्ट्रेचिंग भी जरूर करना चाहिए। क्योंकि व्यायाम करने से बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, स्किन में कसावट आती है, जिससे पेट के ढीलेपन को दूर करने में मदद मिलती है ।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे ट्राई करने से डिलीवरी के बाद लटके हुए पेट की समस्या को दूर करने में महिला को मदद मिलती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की ऐसा कोई भी काम न करें जिससे आपकी सेहत या बच्चे को किसी भी तरह की परेशानी हो, साथ ही बिल्कुल भी जल्दी न करें।

गर्भधारण के पहले तीन महीनों तक का डाइट प्लान यह है

गर्भावस्था के कन्फर्म होने के बाद सभी आपको राय देना शुरू कर देते हैं की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए क्या नहीं, क्या करना चाहिए क्या नहीं, आदि। और प्रेगनेंसी में आपको राय देने वाले सभी लोगो के विचार एक जैसे हो जरुरी नहीं होता है। जिसके कारण गर्भवती महिला थोड़ा कंफ्यूज हो सकती है। लेकिन इन सब बातों के कारण परेशान होने को बजाय प्रेग्नेंट महिला को इस बात का ध्यान रखना है की महिला को कब क्या करना है, क्या खाना है, क्या नहीं खाना है, आदि, यदि आपको समझ नहीं आ रहा है तो इसके लिए आप डॉक्टर से राय लें।

और प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने महिला के लिए बहुत अहम होते हैं क्योंकि इस दौरान शिशु के अंगो की आकृतियां बन रही होती है, साथ ही इस दौरान महिला द्वारा बरती गई लापरवाही का बहुत बुरा असर गर्भ पर हो सकता है। ऐसे में महिला को भरपूर आराम करने के साथ प्रेगनेंसी के पहले तान महीनों में अपने खान पान का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में महिला को क्या खाना चाहिए।

आयरन युक्त आहार

गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में बॉडी में आयरन का भरपूर मात्रा में होना बहुत जरुरी होता है इसके लिए गर्भवती महिला को आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। और इसके लिए गर्भवती महिला हरी सब्जियां, चुकंदर, निम्बू, अनार, सेब, अमरुद, केला, गाजर, आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।

विटामिन सी युक्त आहार

प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के साथ ही बॉडी में लगातार हार्मोनल बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी भी कमजोर पड़ जाती है। और इम्युनिटी कमजोर होने के कारण महिला को संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए विटामिन सी युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। और इसके लिए गर्भवती महिला को निम्बू, संतरा, आंवला, हरी सब्जियां, शिमला मिर्च, टमाटर, शकरकंद, कीवी, ब्रोकली, आदि का सेवन करना चाहिए।

कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में थकान व् कमजोरी के कारण अधिक परेशान होती है। साथ ही इस दौरान शिशु की हड्डियों की आकृतियां भी बन रही होती है। ऐसे में महिला को भी थकान व् कमजोरी की समस्या न हो और शिशु का शुरुआत से ही शारीरिक विकास बेहतर हो इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। और इसके लिए प्रेग्नेंट महिला दूध व् दूध से बनी चीजें, हरी सब्जियां, सोयाबीन, दही, दालें आदि का सेवन कर सकती है।

प्रोटीन से भरपूर आहार

गर्भावस्था की पहली तिमाही में गर्भवती महिला को प्रोटीन युक्त आहार का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए। क्योंकि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करने से गर्भवती महिला को फिट रहने के साथ बच्चे की कोशिकाओं के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है। और प्रोटीन के लिए प्रेग्नेंट महिला दालें व् फलियां, दूध, दही, हरी सब्जियां आदि का सेवन कर सकती है।

फाइबर से भरपूर आहार

गर्भावस्था के दौरान अधिकतर महिलाएं प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में भूख न लगने, खाने के अच्छे से न हज़म होने, कब्ज़ आदि की समस्या से परेशान होती है। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए गर्भवती महिला को फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। और फाइबर के लिए गर्भवती महिला ब्रेड, ओट्स, दालें, मटर, बीन्स, संतरा, निम्बू, पोहा आदि का सेवन कर सकती है।

तो यह हैं कुछ आहार जिन्हे प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में गर्भवती महिला को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। यदि गर्भवती महिला अपनी डाइट का अच्छे से ध्यान रखती है तो इससे प्रेगनेंसी के तीन महीनों में आने वाली परेशानियों को कम करने और माँ व् बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

बाबा रामदेव के टिप्स पथरी के इलाज के लिए

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आज कल लोगो के पास अपने लिए देखा जाए तो समय ही नहीं है न तो उनके पास अपने खाने के लिए समय है, न सोने के लिए, और यहां तक की पानी पीने के लिए भी नहीं है, इसीलिए जैसे जैसे व्यक्ति के शरीर में पोषक तत्व और पानी की कमी हो जाती है, साथ ही बाहर का जंक फ़ूड यदि आप कहते हैं, तो इसका भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को पथरी का सामना भी करना पड़ सकता है, पथरी शरीर के कई हिस्सों में हो सकती है, जैसे की गुर्दे की पथरी, पित्त की पथरी आदि, तो आइये आज हम आपको कुछ इसे उपाय बताने जा रहे है जो की बाबा रामदेव ने बताएं हैं और जिनका इस्तेमाल करने से आपको पथरी से राहत पाने में मदद मिलती है।

पेय पदार्थो का सेवन करें:-

शरीर में पानी की कमी होने के कारण आपको बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, इसीलिए बाबा रामदेव ने पथरी से बचने का सबसे आसान उपाय बताया है की आप पेय पदार्थो का सेवन भरपूर करें, साथ ही वैसे भी भी आपको दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी जरूर पीना चाहिए, पानी के साथ आपको ताजे फलों के रस, छाछ आदि का भी सेवन करना चाहिए।

मूली का सेवन करें:-

मूली का सेवन नियमित करने से भी आपको पथरी की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है, साथ ही आपको इसे नियमित सलाद या सब्ज़ी के रूप में जरूर खाना चाहिए, यदि आप इसे रोज खाते है तो आपको पथरी की समस्या से परेशानी नहीं होती है।

कुलथी की दाल का सेवन करें:-

यदि आप हफ्ते में दो से तीन बार कुलथी की दाल का सेवन करते हैं तो इससे भी पथरी होने की संभावना कम होती है, साथ ही आप चाहे तो नियमित रूप से एक गिलास पानी में दो चम्मच कुलथी की दाल डालकर अच्छे से उबाल लें, उसके बाद इस पानी के पचास ग्राम तक रहने पर इसका सेवन करें, आपको पथरी से बचने में मदद मिलेगी।

जौ के आटे का सेवन करें:-

यदि आप पथरी की समस्या से परेशान है या फिर आपको पथरी की समस्या से बचाव करना हैं तो आप गेहूं के आटे के साथ जौ के आटे या मक्की के आटे का सेवन करते हैं तो भी आपको फायदा मिलता है, और पथरी से बचाव करने में मदद मिलती है।

कपालभाति प्राणायाम करें:-

यदि आप नियमित रूप से कपालभाति करते हो, तेज चलते हो, तो इससे भी आपको पथरी की समस्या होने से बचाव करने में मदद मिलता है, और यदि किसी व्यक्ति को पथरी हो और वो नियमित रूप से यह प्राणायाम करें, और इसके बाद पानी का सेवन करें, तो हर तरह की पथरी की समस्या से निजात पाने में भी आपो मदद मिलती है।

पथरी से बचाव के लिए बाबा रांदेव के आयुर्वेदिक इलाज:-

  • पत्थर चाट नामक पत्थर होते है, यदि आप नियमित रूप से इनके तीन से चारा पत्तों का सेवन करते हैं तो इससे भी आपको पथरी की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • वरुण, पुनर्नवा, गोखरू, पाषाणभेद, आदि की छाल लेकर इनका काढ़ा बनाएं और सुबह शाम थोड़ी थोड़ी मात्रा में इसका सेवन करें, तो इससे आपको फायदा मिलता है।

तो ये है पथरी के लिए कुछ इलाज जो की बाबा रामदेव द्वारा बताएं गए है, और जिनका इस्तेमाल करने से आपको पथरी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके अलावा आपको अपने खान पान के प्रति बिलकुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, ऐसा करने से आपको पथरी के अलावा और भी कई परेशानियां हो सकती है, इसिलिए यदि आप स्वस्थ रहना चाहते है तो आपको अपने आहार का ध्यान रखना चाहिए।

शिशु जन्म लेने की पोजीशन में नहीं आये तो क्या करें

प्रेगनेंसी के अंतिम पड़ाव पर पहुंचने के बाद महिला को लगातार अपने डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। ताकि महिला को पता चल सके की बच्चा जन्म लेने के लिए अपनी सही पोजीशन में आ रहा है या नहीं, बच्चे का विकास अच्छे से हो चूका है या नहीं, आदि। साथ ही इस दौरान डॉक्टर आपको आपकी बॉडी में महसूस होने वाले लक्षणों के बारे में भी बताते हैं की यदि आपकी डिलीवरी होने वाली है तो आपको बॉडी में कुछ लक्षण महसूस होंगे। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को प्रसव को समझने में आसानी होती है। लेकिन कुछ केस ऐसे होते हैं जिसमे डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद भी बच्चा जन्म लेने की सही पोजीशन में नहीं आता है। तो ऐसे में महिला को क्या करें चाहिए।

गर्भ में शिशु के सही पोजीशन में न आने पर क्या करें

गर्भ में शिशु के जन्म लेने की सही पोजीशन तब होती है जब शिशु के पैर ऊपर की तरफ और सिर नीचे की तरफ होता है। लेकिन कई बार शिशु अपनी सही पोजीशन में नहीं आता है। ऐसे में यदि गर्भवती महिला के नौ महीने पूरे हो जाते हैं डिलीवरी की डेट भी निकल जाती है तो महिला को जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद गर्भ में शिशु का ज्यादा समय के लिए रहना परेशानी का कारण हो सकता है।

और यह परेशानी केवल महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे को भी हो सकती है। डॉक्टर अपनी तरफ से कोशिश कर सकते हैं की बच्चा सही पोजीशन में आ जाये। लेकिन यदि बच्चा जन्म लेने की सही पोजीशन में नहीं आता है तो इस वजह से माँ व् बच्चे दोनों की सेहत को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर आपको सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह दी जाती है।

तो यह है गर्भ में शिशु के सही पोजीशन में न आने पर क्या हो सकता है उससे जुड़े कुछ खास टिप्स, ऐसे में महिला को एक बात का खास ध्यान रखना चाहिए। की किसी तरह की लापरवाही न करें, तनाव न लें, क्योंकि यह आपकी परेशानी को कम करने की जगह बढ़ा सकते हैं।

गर्भपात रोकने के तरीके

मातृत्व किसी भी महिला के लिए एक खुशनुमा होता है, जिसका अनुभव उसे किसी और रूप में ही बदल देता है, गर्भ में शिशु के आते ही महिला भावनात्मक रूप से उससे जुड़ जाती है, और अपने आने वाले नन्हे मेहमान के लिए तरह तरह के सपने संजोने लग जाती है, और उसका जीवन धीरे धीरे बिलकुल बदल जाता है, लेकिन महिला के लिए गर्भावस्था की राह बिलकुल भी आसान नहीं होती है, ऐसे में महिला को बहुत से शारीरिक परिवर्तन से गुजरना पड़ता है, जैसे की महिला के शरीर में बहुत तेजी से हार्मोनल बदलाव आते है, और साथ ही महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी भी बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऐसा जरुरी नहीं होता है।

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की हर महिला के शरीर में एक जैसे बदलाव आएं यह हर महिला की शारीरिक सरंचना पर निर्भर करता है, इसके अलावा कई महिलाओ को इस बात का डर होता है की कहीं उनका गर्भपात न हो जाएँ, या कुछ ऐसी महिलाएं भी होती है जितना पहले भी गर्भपात हो चुका होता है, तो ऐसे में उनको अपनी और अच्छे से केयर करनी पड़ती है, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताते है जिनका इस्तेमाल करके आपको गर्भपात के खतरे से बचने में मदद मिलती है, साथ ही आप चाहे तो इस बारे में डॉक्टर से भी राय ले सकते है, इसके अलावा इन टिप्स का भी ध्यान आपको रखना चाहिए।

तनाव न लें:-

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महिला का प्रेगनेंसी में खुश रहना बहुत जरुरी होता है, और इससे माँ और बच्चे दोनों को ही स्वस्थ रहने में मदद मिलती है, लेकिन यदि महिला तनाव लेती है, तो इसके कारण महिला की प्रेगनेंसी पर बहुत बुरा असर पड़ता है, और तनाव के कारण गर्भपात का खतरा भी बना रहता है, इसीलिए इससे निजात पाने के लिए महिला को तनाव नहीं लेना चाहिए।

ज्यादा भागदौड़ न करें:-

गर्भवती महिला को ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी चाहिए, न ही सीढ़ियां चढ़नी चाहिए, चलने में तेजी भी नहीं करनी चाहिए, ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे आपको झटका आदि लगे, क्योंकि इससे आपके पेट पर जोर पड़ता है, जिससे गर्भपात का खतरा बना रहता है।

पेट के बल झुककर या पेट के सहारे पर कोई काम न करें:-

प्रेगनेंसी के समय आपके पेट पर किसी भी तरह का दबाव पड़ने के कारण आपको परेशानी काअनुभव करना पड़ सकता है, इससे बचने के लिए आपको न तो झुककर काम करना चाहिए न ही पेट के बल लगकर कोई काम करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट पर दबाव पड़ने के कारण गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुँच सकता है, लोर साथ ही गर्भपात का खतरा भी बना रहता है।

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विटामिन सी का अधिक मात्रा में सेवन न करें:-

विटामिन सी के सेवन से आपको गर्भपात का खतरा बना रहता है इसीलिए आपको प्रेगनेंसी में जितना हो सकें विटामिन सी युक्त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए, इसके लिए आपको पपीते, अनानास, कटहल आदि के सेवन से परहेज करना चाहिए।

गरम तासीर वाली चीजों का सेवन न करें:-

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गर्भपात से बचने के लिए आपको ऐसे आहार का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए जिससे आपको गर्भपात का खतरा बना रहे, इसके लिए आपको बादाम, काजू, किशमिश, इलायची आदि से जितना हो सकें खासकर प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने तक परहेज रखना चाहिए।

सेक्स का परहेज करें:-

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने किसी भी महिला के लिए बहुत ही नाज़ुक होते है ऐसे में गर्भ गिरने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, ऐसे में आपको सेक्स से भी परहेज रखना चाहिए, हालांकि इस बारे में आप डॉक्टर से भी राय ले सकते है, क्योंकि यदि आप सेक्स करते है तो इसके कारण पेट पर दबाव या गर्भाशय पर चोट लगने के कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अपने आहार के प्रति लापवाही न करें:-

 

शरीर में यदि पोषक तत्वों की कमी हो, और आपका शरीर कमजोर हो तो इसके कारण भी कई बार आपको गर्भपात का सामना करना पड़ सकता है, इससे बचने के लिए आपको अपने आहार के साथ बिलकुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए, इससे आपको बहुत फायदा मिलता है।

गाजर का प्रयोग करें:-

जिन महिलाओ को गर्भपात का डर होता है, उनके लिए गाजर और दूध का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है, इसके लिए आप एक गाजर का रस निकाल लें, और उसे एक गिलास दूध में डालकर अच्छे से उबाल लें, और जब तक उबालते रहें जब तक की यह आधा न रह जाएँ, उसके बाद नियमित इसका सेवन करें, इससे आपको गर्भपात को रोकने में मदद मिलेगी।

काले चनो का इस्तेमाल करें:-

गर्भपात की समस्या से बचने के लिए काले चने का काढ़ा नियमित पीने से आपको फायदा मिलता है, साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्वों से आपको फिट रहने में भी मदद मिलती है।

अनार के पत्तो का इस्तेमाल करें:-

अनार के ताजा पत्ते लगभग सौ ग्राम तक लें, और उसके बाद इन्हे पीस कर इनका रस निकाल लें, और इसे एक गिलास पानी में मिलाकर नियमित इसका सेवन करें, और साथ ही जो पीसे हुए पत्ते बचे है उन्हें आप अपने पेडू यानि की पेट के निचले हिस्से पर लगाएं, ऐसा करने से यदि आपको अचानक ब्लीडिंग हो गई है उसे रोकने और गर्भपात से बचाने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ कारण हैं जिनकी वजह से आपको गर्भपात की समस्या उत्त्पन्न होती है, इसीलिए इससे बचने के लिए आपको कुछ उपाय उपाय बताएं गए है इसके अलावा जब तक महिला शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार न हो तब तक महिला को प्रेगनेंसी का निर्णय नहीं लेना चाहिए, साथ ही आपको एक अच्छे डॉक्टर का चुनाव भी करना चाहिए और कोई भी परेशानी होने पर आपको उनसे राय जरूर लेनी चाहिए।

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जलने के निशान मिटाने के घरेलू उपाय

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रसोई में काम करते समय या नजर इधर उधर होने के कारण अक्सर हमारा हाथ आग के सम्पर्क में आ जाता है। जबकि कई बार तेल में कुछ तलते हुए तेल ही उचट कर हमारे हाथों पर गिर जाता है। जिसके कारण हाथ जल जाता है, जो की बहुत सामान्य बात है लेकिन हाथ जल जाने के बाद रह जाने वाला निशान देखने में बहुत खराब लगता है। और अगर इस पर फोड़ा या फफोला हो जाए तो समझ लीजिये अब यह जल्दी पीछा नहीं छोड़ने वाला।

हाथ पर पड़ा जले का निशान अक्सर दूसरों का ध्यान हमारी ओर खींच लेता है जो काफी एम्बेरेसिंग होता है। हां कुछ समय बाद यह निशान तो ठीक हो जाता हो लेकिन उस हिस्से की त्वचा अलग ही दिखाई पड़ती है। जो सीधे सीधे हमारी खूबसूरती पर प्रभाव डालती है।

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jalne par chhale

कई बार जले हुए स्थान पर त्वचा नहीं आती और उस स्थान पर एक सफ़ेद दाग बन जाता है। जो बहुत हो भद्दा लगता है। अगर आपके साथ भी कभी कुछ ऐसा घटित हुआ है और आप आज तक उस निशान के साथ रह रही है तो परेशान न हो क्योंकि आज हम आपको समस्या को खत्म करने के उपाय बताने जा रहे है।

जी हां, माना बाजार में मौजूद एलोपेथिक दवाएं इन निशानों को दूर करने की क्षमता रखती है लेकिन उनके लिए बहुत पैसे खर्च करने पड़ते है जबकि इसके अतिरिक्त भी एक तरीका है। और वो है घरेलू / प्राकृतिक तरीके। इन तरीकों की मदद से आप अपनी स्किन से किसी भी प्रकार के जले हुए निशान को दूर कर सकती है और वो भी बिना अधिक पैसे खर्च किये।

जलने का निशान दूर करने के घरेलू उपाय :-

1. ठंडा दूध और हल्दी :

अगर जलने का छोटा मोटा निशान हो तो ठंडे दूध में हल्दी मिक्स करके इस्तेमाल करें। दूध में स्किन को अच्छा करने के गुण होते है जबकि हल्दी एक बेहतर एंटी सेप्टिक एंटी बायोटिक औषधि है। अगर आप इन दोनों का इस्तेमाल अपनी स्किन पर करते है तो दाग पड़ने के चान्सेस बहुत कम हो जाते है। लेकिन इसका प्रयोग आपको जलने के तुरंत बाद ही करना होगा। बाद में करने से कोई लाभ नहीं होगा।

(जली हुई स्किन पर कभी भी scars दूर करने वाली क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसे स्किन और भी डैमेज हो सकती है।)

2. एलोवेरा :aloevera ke fayde 1

एलोवेरा त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। जलने की समस्या होने पर तुरंत सबसे पहले एलोवेरा जेल को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। इससे दर्द तो कम होगा ही साथ साथ जलन भी कम होगी। अगर आप रोजाना इसका इस्तेमाल करेंगे तो निश्चित रूप से कुछ ही समय से दाग छू मंत्र हो जाएगा। यह स्किन के टोन के हल्का करके समस्या को जड़ से दूर करने में मदद करता है।

3. विटामिन इ आयल :

इसे आप किसी essential आयल की शॉप से खरीद सकते है या फिर इसके कैप्सूल्स से प्राप्त कर सकते है। इस आयल को रोजाना रात को सोने से पूर्व अपनी स्किन पर जले हुए हिस्से पर लगाने से स्किन का दाग ठीक होता है। यह स्किन पर हुए प्रभाव को ठीक करके उसे रिपेयर करता है। इसके ब्लीचिंग गुण भी स्किन की डार्कनेस को दूर करने में मदद करता है।

4. तेल :

नारियल, बादाम या आयल ओलिव में से किसी भी एक तेल को दिन में दो बार जले हुए स्थान पर लगाएं और हलके हाथों से मालिश करें। यह तीनों जी तेल स्किन के दाग दूर करने में मदद करता है। यह डैमेज स्किन को रिपेयर करके उसे स्वस्थ करता है। इतना ही नहीं यह जलने के कारण समाप्त हुई कोशिकाओं को बढ़ाकर नए सेल्स बनाने में मदद अकर्ता है। प्रयोग के लिए दिन में 2-3 बाद स्किन पर इस तेल लगाएं।

5. बादाम और दूध :badam ki giri

त्वचा के दाग धब्बो से लेकर आंखों के काले घेरे सभी को दूर करने के लिए आप बादाम और दूध के पेस्ट का इस्तेमाल कर सकते है। यह डार्क स्किन और पिगमेंटेशन को दूर करने में भी मदद करता है। इसके लिए रात को पानी में बादाम भिगो दें और पीसकर पेस्ट बना लें अब इस पेस्ट को त्वचा के उन सभी हिस्सों पर लगाएं जहाँ छोटे मोटे दाग है। कुछ ही दिनों के प्रयोग से असर साफ़ दिखाई देने लगेंगे।

6. नींबू का रस :

त्वचा का कोई दाग धब्बा हो या काले निशान सभी को हटाने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। इसके मौजूद विटामिन सी और ब्लीचिंग एजेंट स्किन को ठीक करके उसपर एक नयी परत बनाने में मदद करते है। प्रयोग के लिए नींबू के रस को सीधे त्वचा के उन हिस्सों पर लगायें जहां-जहां निशान है। कुछ ही दिनों में फर्क आप खुद महसूस करेंगे।

7. शहद : 

शहद स्किन के लिए बहुत लाभकारी होता है यह स्किन के लिए एक बेस्ट मॉइस्चराइज़र के रूप में भी कार्य करता है। इसके ब्लीचिंग गुण त्वचा से जले या कटे के निशान मिटाने के लिए बहुत अच्छा काम करते है। और सबसे बड़ी बात ये सबसे सस्ता और आसान तरीका है। जिसके लिए ज्यादा पैसे भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

8. सिरका :

जलने पर उसका दाग हटाने के लिए सिरका भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इसके लिए सिरके को थोड़े से पानी में डाल दें। अब किसी कपडे को उस पानी में भिगो लें और उसे जले हुए भाग पर रखे। इस प्रक्रिया को 5 से 6 बार अवश्य आजमाए आपको लाभ मिलेगा। जलन की समसया तो कम होगी ही साथ साथ किसी प्रकार का दाग धब्बा भी नहीं रहेगा।

9. आलू, टमाटर और खीरा :

टमाटर, खीरा और आलू तीनों में स्किन लाइटनिंग गुण पाए जाते है। जो जले की निशान को हल्का करके उसे खत्म करने की क्षमता रखते है। प्रयोग के लिए इनके रस को रुई की मदद से रोजान 3-4 बार जले के निशान वाले स्थान पर लगाएं। कुछ ही दिनों में निशान हल्का होना शुरू हो जायेगा। एक बात और, इन्हे लगाने के कोई दुष्परिणाम भी नहीं है।