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क्या आपके बाल पतले हैं? ये हैं बालों को मोटा करने के तरीके

बालों से जुडी समस्याए जैसे की बालों का झड़ना, रुसी होना, दो मुँहे होना, आम बात है, और इसका कारण बदलती जीवनशैली, शरीर में हार्मोनल बदलाव, खान पान का ख्याल न रखना, बालों की अच्छे से केयर न करना कुछ भी हो सकता है, और आज कल केवल बालों के झड़ने की ही नहीं बल्कि बालों के पतले होने की समस्या भी उभर रही है, जिसके कारण कई बार तो ऐसा भी महसूस होता है की आपके सिर में बाल ही नहीं है, साथ ही इसके कारण बालों को खुला छोड़ने, और अच्छे हेयर स्टाइल भी आप नहीं बनते है।

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बालों में ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करना, बालों की मसाज न करना, स्वास्थ्य का ध्यान न रखना, बालों की नमी का खोना, ऐसे कुछ कारण है जिनके कारण आपके बालों की मोटाई दिन प्रतिदिन कम हो जाती है, ऐसे में बालों का चमक और इसके कारण आपकी पर्सनैल्टी में आने वाला निखार भी कम हो जाता है, जिस तरह आप अपने चेहरे की ख़ूबसूरती के लिए उसे अच्छे से पोषण देते है, उसी तरह अपने बालों की ख़ूबसूरती को बनाएं रखने के लिए आपको अपने बालों की भी अच्छे से केयर करनी चाहिए, यदि आप अपने बालों को अच्छे से पोषण  देते केयर करते है, तो इससे आपके बालों को मजबूत होने में मदद मिलती है, तो आइये जानते है बालों को पतले से मोटा करने के लिए कुछ आसान टिप्स जो आपके बालों को खूबसूरत बनाने के साथ बालों से जुडी परेशानियों को खत्म करने में भी आपकी मदद करते है।

आंवले के जूस का इस्तेमाल करें:-

आंवले का जूस बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इसके इस्तेमाल से बालों से जुडी हर परेशानी को खत्म करने में मदद मिलती है, बालों को मोटा करने के लिए आप बालों को धोने से कुछ देर पहले आंवले के जूस में निम्बू का रस डाल कर अच्छे से मिलाएं, और इसे अपने बालों पर लगाएं, और अपने बालों को अच्छे से बाँध लें, ऐसा करने से आपके बालों को पोषण मिलेगा, और उसके बाद शैम्पू की मदद से अपने बालों को धोलें, हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल करने से आपको फायदा होगा।

प्याज़ के रस का इस्तेमाल करें:-

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प्याज़ के इस्तेमाल से बालों के झड़ने, गंजेपन, रूखेपन को दूर करने में मदद मिलती है, इसके अतिरिक्त यदि आप प्याज़ का रस अपने बालों में लगाते है, तो इसके कारण आपके बालों को जड़ो से मजबूती मिलने के साथ बालों को मोटा होने में भी मदद मिलती है, इस उपाय को करने के लिए प्याज़ का रस निकाल कर अपने स्कैल्प के साथ अपने बालों में भी इसे अच्छे से लगाएं, और थोड़ी देर बाद पानी से अपने सिर को धो लें, हफ्ते में दो से तीन बार कुछ दिनों तक इस्तेमाल करने से आपको फायदा मिलेगा।

एलोवेरा का इस्तेमाल करें:-

एलोवेरा की पत्तियों को काट कर इसके जेल से अपने स्कैल्प और बालों की मसाज करने के बाद थोड़ी देर के लिए इसे बालों में छोड़ दें, और कुछ देर बाद अपने बालों को धो लें, आपको थोड़े ही दिनों में इसका असर दिखने लग जाएगा, और आपके बालों की मोटाई को बढ़ने में मदद मिलेगी, साथ ही बालों को चमकदार और मुलायम बनने में भी मदद मिलती है।

कैस्टर ऑयल का प्रयोग करें:-

इसके इस्तेमाल के लिए बराबर मात्रा में कैस्टर ऑयल और नारियल के तेल को मिला लें, और अच्छे से अपने बालों में इस तेल से मसाज करें, दो से तीन घंटे के बाद आप आप अपने सिर को शैम्पू की मदद से धो लें, कुछ ही दिनों तक इस तरीके का इस्तेमाल करने के बाद आपको अपने बालों में इसका असर साफ़ दिखने लगेगा।

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आलू के रस का इस्तेमाल करें:-

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आलू के रस का इस्तेमाल करने से भी आपको बालों को घना करने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप आलू को कदूकस कर लें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने बालों में मसाज करें, और थोड़ी देर के लिए अपने बालों में छोड़ दें, उसके बाद अपने बालों को धो लें, इन कुछ ही दिनों तक इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको फायदा मिलता है, साथ ही इसके कारण आपके बालों को चमकदार बनने में मदद मिलती है, और बालों के झड़ने की समस्या से भी राहत मिलती है।

संतरे के रस का इस्तेमाल करें:-

संतरे के रस और सेब के रस को बराबर मात्रा में मिला लें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने बालों में लगाएं, और थोड़ी देर के लिए अपने बालों में छोड़ दें, उसके बाद अच्छे से शैंपू की मदद से अपने बालों को धो दें, हफ्ते में दो से तीन बार और कुछ दिनों तक नियमित इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको अपने बालों को मोटा करने में मदद मिलती है।

जैतून के तेल का इस्तेमाल करें:-

जैतून के तेल को हल्का गरम करके अच्छे से अपने बालों को धोने से एक घंटे पहले अच्छे से मसाज करें, उसके बाद अपने बालों को धो दें, ऐसा कुछ ही दिनों तक करने से आपको इससे राहत मिलती है, साथ ही इसके कारण आपके बालों को पोषण भी मिलता है, और उनकी चमक भी बनी रहती है।

नारियल के तेल का इस्तेमाल करें:-

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नारियल के तेल से भी मसाज यदि हफ्ते में दो से तीन बार मसाज करके एक से दो घंटे अपने बालों को धो देते है, तो इसके कारण आपके बालों पोषण भी मिलता है, साथ ही आपके बालों को चमकदार, लम्बे, घने होने में मदद मिलती है, साथ ही इसके कारण आपके बालों को मोटा होने में भी मदद मिलती है।

बालों को मोटा करने के अन्य टिप्स:-

  • पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें, इसके कारण आपके बालों को पोषण मिलता है।
  • अपने भोजन में संतुलित आहार के साथ हरी सब्जियों को भी शामिल करें, इसके कारण आपकी बॉडी में रक्त की मात्रा में बढ़ाने में मदद मिलती है, जिसके कारण आपके बालों को भी पोषण मिलता है।
  • बालों के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल न करें, और न ही बार बार अपने बालों में शैम्पू का इस्तेमाल करें।
  • गीले बालों के लिए कंघी का इस्तेमाल न करें, ऐसा करने से भी आपके बाल कमजोर होते है, साथ ही मोती कंघी से बालों को झाड़ें।
  • बालों के लिए कितना हो सकें हेयर ड्रायर का इस्तेमाल न करें।
  • अपने बालों को कस कर न बांधे।
  • बालों को धोने से पहले हमेशा बालों की मसाज करें, इसके कारण भी बालों को पोषण मिलता है, क्योंकि मसाज से आपके स्कैल्प में रक्त का संचार अच्छे से होता है, और आपके बालों को मोटा होने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ टिप्स है जिनका इस्तेमाल करके आप अपने पतले बालों को मोटा कर सकते है, साथ ही इन तरीको का प्रयोग करने से आपको अपने बालों की प्राकृतिक चमक को भी बढ़ाने में मदद मिलती है, इसके अलावा बालों की अच्छे से केयर करनी चाहिए, स्वस्थ संतुलित व् पौष्टिक आहार लेना चाहिए, पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए, इन तरीको का इस्तेमाल करने से आपको बालों को बेहतर बनाने में मदद मिलती है, और बालों से जुडी परेशानियों से भी राहत मिलने में मदद मिलती है।

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आँखों में चमक लाने के घरेलु उपाय

एक पुरानी कहावत के अनुसार आँखों को हमारी आत्मा का दर्पण बताया जाता है। बहुत से लोगों का कहना है के आँखें कई हजारों शब्द बोल देती है बिना किसी आवाज के। इसीलिए सभी लोगो चाहते है के उनकी आँखें उनके चेहरे की सबसे खास विशेषता बनके उनकी जिंदगी को चमकाए। साफ़ और चमकदार आँखें खुशियों से भरी जिंदगी का प्रतीक भी माना जाता है, इसी के विपरीत बात अगर थकी हुई या बेजान आँखों की जाए तो उनसे बीमारी या दुखों का अंदेशा होता है।

थकी, बेजान और पीड़ित आँखों के बहुत से कारण हो सकते है जैसे की सेहत का डगमगाना, किसी हादसे का शिकार होना, नींद की कमी, लम्बे समय तक लगातार काम करना, कंप्यूटर स्क्रीन या टीवी स्क्रीन के आगे लम्बा समय बिताना, जरुरी पोषक तत्वों की कमी, अत्यधिक शराब का सेवन, शरीर में पानी की कमी, ध्रूमपान या कमजोर लिवर का होना।

साफ़ और चमकती हुई आँखों को पाने के लिए एक अच्छी दिनचर्या, अच्छी आदतों के साथ साथ नीचे दिए गए कुछ घरेलु उपाय भी अपनाये।

आँखों का व्यायाम

आँखों को आराम दिलाने और उनमे चमक लाने के लिए कुछ आँखों की एक्सरसाइज जरूर करें। जैसे की आँखों को अच्छे से टाइट बंद करें और एकदम से आँखों को खोले। आँखों को इतना अच्छे से खोले और तब तक खोल कर रखे जब तक के आँखों में पानी ना आ जाये। ऐसा करने से आँखों को ताजगी का अनुभव होगा और उनमे चमक भी आएगी।

एक और महत्वपूर्ण व्यायाम है आँखों के लिए उसमे आप अपनी आँखों के आगे पेन या पेंसिल को सीधी लाइन में घुमाये और आँखों से पेन या पेन्सिल की नोक पर ध्यान केंद्रित करें। इस उपाय एक्सरसाइज से आँखों का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होगा। इस एक्सरसाइज को रोजाना 10 मिनट के लिए करे। इसके अतिरिक्त हाथों को अच्छे से आपस में रब करे और हथेलियों को गर्म करें। गर्म हथेलियों को बंद आँखों पर रखें। इस एक्सरसाइज से आँखों की थकान दूर होती है।

गुलाब जल

गुलाब जल को थकी हुई आँखों को आराम दिलाने के लिए और उनकी चमक लाने के लिए सदियों से ही इस्तेमाल किया जाता है। गुलाब जल आँखों को ठंडा कर उनकी गन्दगी को भी साफ़ करते है और इसके अलावा आँखों की आसपास की स्किन को भी अच्छी सेहत  प्रदान करता है व आँखों के नीचे पड़ने वाले डार्क सर्कल्स को भी खत्म करते है।

इसके इस्तेमाल के लिए थोड़ी सी कॉटन लेकर गुलाब जल में भिगोये। उस कॉटन को अपनी बंद आँखों पर रख दें। इस कॉटन को अपनी आँखों पर 10 से 15 मिंट तक रखें रहने दे। और फिर आँखों को ताजे पानी से धो लें। जब भी आँखों में जलन, रेडनेस या थकान लगे तभी आप इस उपाय को अपनाकर इस परेशानियों से निजात पा सकते है।

आँखों को हाइड्रेट करें

साफ़ और चमकती हुई आँखों के लिए एक बहुत ही साधारण सा तरीका है के आँखों को अच्छे से हाइड्रेट रखें। रोजाना दिन में तीन से चार बार ताजे पानी से आँखों को धोयें। इससे आपकी थकी हुई आँखों को आराम मिलेगा। आँखों के पानी को सूखने से बचाने के लिए लम्बे समय तक टीवी या कंप्यूटर की स्क्रीन पर देखने से बचें। अगर आपका काम कंप्यूटर से सम्बंधित है तो काम के बीच में समय निकाल आँखों को 2 से तीन मिनट के लिए झपके। इससे आँखों को आराम मिलेगा और आँखों का पानी भी कम सूखेगा। इसके अतिरिक्त पानी का अच्छे से सेवन करे और पानी वाले फल और सब्जियों को ज्यादा प्रयोग में लाएं।

खीरा

थकी हुई और बेजान आँखों को आराम देने के लिए आप खीरे का भी इस्तेमाल कर सकते है। खीरे में मौजूद पानी की अत्यधिक मात्रा आपकी आँखों की थकान दूर कर उनकी चमक वापस लाएगा। खीरे का नियमित सेवन आँखों के नीचे पड़े काले घेरों से भी छुटकारा दिलाता है। खीरे की थोड़ी मोटी स्लाइस काट लें और दस से पंद्रह मिंट के लिए फ्रीज़ में रखें। अब इन ठंडी स्लाइसेस को अपनी बंद आँखों पर रखे। खीरे को तब तक आँखों पर रहने दे जब तक वह गर्म ना हो जाए। इसके बाद आँखों को ताजे पानी से धो लें। इस उपाय को आप अपनी जरुरत के हिसाब से कभी भी इस्तेमाल कर सकते है।

आँखों की मसाज

हल्की हाथों की उँगलियों से आँखों की मसाज करना एक बहुत ही बेहतरीन तरीका है चमकती हुई ऑंखें पाने का। आँखों की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और आँखों का तनाव भी दूर होता है। आपको यह जानकार हैरानी होगी के मसाज से आँखों पर पड़ी झुर्रियाँ में भी फर्क पड़ता है। अपनी उँगलियों पर दो से तीन बून्द नारियल तेल या ओलिव आयल लें और आँखों की मसाज करें। मसाज करते समय ध्यान रखियें की आँखों पर ज्यादा दबाव ना पड़े। रोजाना नियमित रूप से मसाज करने से आँखों में बहुत अच्छा ग्लो आता है।

दूध

दूध आपकी आँखों की प्राकृतिक चमक वापस लाने में बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। यह हमारी थकी हुई आँखों को आराम देने और उनकी जलन को ठीक करने के लिए जाना जाता है। दूध के इस्तेमाल से आँखों की मसल्स को भी लाभ होता है। कॉटन को दूध में भिगो कर आँखों पर 15 मिनट के लिए रखें। और ताजे पाने से चेहरा धो लीजिये। इस उपाय को आप सप्ताह में दो से तीन कर सकती है।

आँवला

आयुर्वेद के हिसाब से आँवला चमकदार आँखों के लिए बहुत ही गुणकारी है। आँवला विटामिन ए और विटामिन सी का एक बहुत अच्छा स्रोत होने के कारण आँखों की मसल्स को मजबूत बनाता है। आँखों में खुजली और रेडनेस से भी निजात दिलाने में आँवला बहुत ही लाभकारी होता है। आँवले पाउडर को रात भर पानी में भिगो कर रखे अगले दिन सुबह पानी को छान लें। अब इस पानी में बराबर मात्रा में सादा पानी और मिलाये और इस मिश्रण से आँखों को धो लीजिये। इस उपाय का रोजाना प्रयोग करें। आप चाहें तो आँवले को अपनी डाइट में भी शामिल कर सकते है।

सेहतमंद नींद

अच्छी और सेहतमंद नींद हमारी सेहत के लिए ही नहीं बल्कि आँखों की सेहत के लिए भी जरुरी है। जब आप रोजाना सात से आठ घंटे की नींद लेंगे तो आप और आपकी ऑंखें दोनों ही ताजगी का अनुभव करेंगे। इसीलिए अपनी दिनचर्या में अपनी नींद के समय का भी अच्छे से ध्यान रखें।

इन सभी उपाय के अतिरिक्त चमकदार आँखों के लिए अपने भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, दूध, दही और पानी की अच्छी मात्रा का सेवन करें। शराब और ध्रूमपान का सेवन ना करें।

रात को सोते समय चेहरे पर क्या लगाना चाहिए?

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खूबसूरत और आकर्षक चेहरा हर महिला की चाह होती है इसलिए तो सभी महिलाएं हर महीने पार्लर में हजारों रूपए खर्च कर आती हैं। लेकिन कई बार हजारों रूपए खर्च करने के बाद भी फेस पर वो रौनक नहीं आती जो समान्यतः आनी चाहिए।

वर्तमान में अधिकतर महिलायें घर और बाहर दोनों जगह संभालती है जिसके कारण उनके फेस की प्राकृतिक रौनक खो जाती है। रोजाना धूप में ट्रेवल करना, धूल मिट्टी प्रदुषण आदि चेहरे को डल बना देते हैं। और इस डलनेस को छुपाने के लिए महिलाएं कास्मेटिक का इस्तेमाल करती हैं जो चेहरे की रौनक को खत्म कर देते हैं।

अगर भी अपनी मुरझाती हुई स्किन और डल चेहरे से परेशान हो चुकी हैं तो यहाँ हम आपको कुछ उपाय बता रहे हैं जिनकी मदद से चेहरे का प्राकृतिक निखार वापस लाया जा सकता है। जी हां, कुछ उपाय है जिनका प्रयोग यदि रात में सोने से पहले किया जाए तो कुछ ही हफ़्तों में स्किन पर प्राकृतिक ग्लो आने लगेगा। यहाँ हम आपको कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं जिनका प्रयोग रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर करना होगा। तो आइये जानते है उन चीजों के बारे में –

रात को सोते समय चेहरे पर इन चीजों का इस्तेमाल करें

कुछ उपाय हैं जिनका इस्तेमाल आपको लगातार 1 महीने तक रात को सोने से पहले करना होगा। आपकी स्किन निश्चित रूप से पहले की तरह दमकने लगेगी।

जरूरी टिप

किसी भी उपाय का इस्तेमाल करने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से फेस वाश और पानी से साफ़ कर लें ताकि फेस पर कोई गंदगी नहीं रहें। अन्यथा उपाय भी कोई असर नहीं करेगा।

नारियल तेल 

नारियल तेल सिर्फ बालों के लिए ही नहीं बल्कि स्किन के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। रूखी त्वचा से लेकर फटी एड़ियों तक सभी समस्यायों में नारियल तेल का प्रयोग लाभदायक होता है। त्वचा के दाग, मुहांसे, ब्लैकहेड्स, डार्क सर्कल्स और फटे होंठ जैसी त्वचा संबंधी समस्यायों में नारियल तेल किसी वरदान से कम नहीं है। इसके साथ-साथ स्क्रबिंग के लिए भी नारियल तेल बहुत फायदेमंद होता है। निखरी और खिली-खिली त्वचा पाने के लिए रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर नारियल तेल की मसाज करें और अगली सुबह जागकर पानी से चेहरा धो लें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा मुलायम और चमकदार हो जाएगा।

गुलाबजल 

गुलाबजल का प्रयोग त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसमें मौजूद गुलाब की पखुड़ियों के तत्व स्किन को बहुत सी परेशानियों से राहत दिलाने का काम करते हैं। मुहांसे, डार्क सर्कल्स, झाइयां, झुर्रियां और यहाँ तक की काले दाग-धब्बे भी गुलाबजल लगाने से साफ़ हो जाते हैं। चेहरे पर रेगुलर ग्लो के लिए भी गुलाबजल बहुत फायदेमंद होता है खासकर रात में। अगर भी अपनी स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाना चाहती हैं तो रोजाना रात को सोने से पहले फेस पर गुलाबजल लगाएं। फर्क आप खुद महसूस करेंगे।

ग्लिसरीन

बाकि ब्यूटी प्रोडक्ट्स की तरह ग्लिसरीन भी फेस और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद तत्व स्किन की अशुद्धियों को साफ़ करके उसे मुलायम बनाते हैं। अगर आप रेगुलरली स्किन पर ग्लिसरीन का इस्तेमाल करते हैं तो स्किन मुलायम हो जाएगी। प्रयोग के लिए रोजाना नहाने के बाद और रात को सोने से पहले ग्लिसरीन का इस्तेमाल अपने फेस पर करें।

कच्चा दूध

डल, मुरझाई और बुझी हुई त्वचा के लिए कच्चा दूध किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें मौजूद तत्व ना केवल स्किन की डलनेस को हटाते हैं बल्कि रंग निखारने में भी मदद करता है। इतना ही नहीं मुहांसे, दाग, झुर्रियां और धब्बें हटाने के लिए भी कच्चे दूध का प्रयोग लाभकारी होता है। प्रयोग के लिए रोजाना रात को सोने से पहले चेहरे पर अच्छे से कच्चा दूध लगा लें और सुबह फेस धोएं। कुछ ही दिनों में चेहरे की रंगत और रौनक दोनों बदल जाएंगी।

दही

हैरान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसका इस्तेमाल आपको पूरी रातभर नहीं बल्कि केवल 10 से 15 मिनटों के लिए करना है। जी हां, दूध की तरह दही में भी बहुत से प्राकृतिक तत्व होते हैं जो स्किन को निखारने और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। प्रयोग के लिए रात को सोने से पहले चेहरे पर दही लगाएं और 10 से 15 मिनट बाद फेस धो लें। 1 महीने तक लगातार इस उपाय का प्रयोग करें आपकी स्किन दमकने लगेगी।

विटामिन ई कैप्सूल

त्वचा के लिए विटामिन ई बहुत फायदेमंद होती है इसलिए अधिकतर स्किन केयर प्रोडक्ट्स में विटामिन ई का इस्तेमाल किया जाता है। विटामिन ई स्किन को अंदर से साफ करके निखारने का काम करता है और साथ ही सभी अशुद्धियों को भी निकालता है। यह मुहांसे, काले दाग-धब्बे, पिंपल के दाग, चोट के दाग, ब्लैकहैड्स और डार्क सर्कल्स को दूर करने में भी मदद करता है। प्रयोग के लिए रात को सोने से पहले एक विटामिन ई कैप्सूल से आयल निकालकर फेस पर अच्छे से लगा लें। यह आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर मामूली कीमत पर आसानी से मिल जाएगा।

तो ये थी कुछ टिप्स जिनका प्रयोग करके आप अपनी मुरझाई स्किन में चमक वापस ला सकते हैं। पर ध्यान रहें इनमें सभी चीजों में से केवल एक ही का प्रयोग करें अलग-अलग चीजों के इस्तेमाल से रिएक्शन होने की संभावना बढ़ सकती हैं। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखें।

प्रेगनेंसी में अच्छे गाने सुनने से क्या फायदे मिलते हैं

प्रेगनेंसी में गाने सुनना

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला बहुत से शारीरिक, मानसिक व् भावनात्मक बदलाव से गुजरती है। ऐसे में महिला के स्वभाव में परिवर्तन आना बहुत आम बात होती है साथ ही गर्भवती महिला को मानसिक रूप से परेशानी होने के कारण तनाव जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। और प्रेगनेंसी के दौरान महिला का अधिक तनाव लेना, ज्यादा गुस्सा व् चिड़चिड़ापन न केवल महिला के लिए नुकसानदायक होता है बल्कि इसके कारण शिशु पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे में गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के लिए और शिशु के विकास में मदद के लिए गाने सुनने की सलाह दी जाती है। क्योंकि एक रिसर्च के अनुसार म्यूजिक थेरेपी न केवल प्रेग्नेंट महिला के लिए बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी फायदेमंद होती है।

प्रेगनेंसी में गाने सुनने के फायदे

कई महिलाओं को गाने सुनने का बहुत शौक होता है, और प्रेगनेंसी के दौरान यह आदत गर्भवती महिला के लिए बहुत फायदेमंद होती है, साथ ही इससे केवल गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी फायदा मिलता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान गाने सुनने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

तनाव

यदि प्रेग्नेंट महिला तनाव लेती है तो इसके कारण न केवल गर्भवती महिला को बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को भी नुकसान पहुँचता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला यदि अपनी पसंद के गाने सुनती है तो उसे मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस होता है, जो दिमाग को फ्रैश रखने में मदद करता है। और गर्भवस्था के दौरान महिला को तनाव जैसी समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है, जिससे गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु पर इसका बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।

मूड स्विंग्स

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला का मूड स्विंग्स होना बहुत ही आम बात होती है। और मूड स्विंग्स होने के कारण महिला को गुस्सा, चिड़चिड़ापन आदि महसूस होने लगता है जो की गर्भवती महिला पर नकारत्मक असर डाल सकता है। ऐसे में गाने सुनने के कारण महिला के मूड को रिफ्रैश होने में मदद मिलती है। जो की मूड स्विंग्स के कारण होने वाली परेशानी से निजात दिलाने में मदद मिलती है।

रिलैक्स महसूस होता है

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं और ऐसे में हर दम केवल इनकी दिक्कतों के बारे में सोच कर गर्भवती महिला अपनी सेहत को और खराब कर सकती है। लेकिन गाने सुनने से महिला के दिमाग से इन सभी चीजों को निकालकर रिलैक्स महसूस करने में मदद मिलती है, जिससे महिला को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों से बचाने में भी मदद मिल सकती है, साथ ही गर्भवती महिला रिलैक्स महसूस करती है जिससे प्रेग्नेंट महिला के स्वास्थ्य को बेहतर रहने में मदद मिलती है।

स्वस्थ रहने में मदद मिलती है

गाने सुनने से गर्भवती महिला को केवल मानसिक रूप से ही नहीं बल्कि शारीरिक रूप से भी रिफ्रेश महसूस होने में मदद मिलती है। क्योंकि गाने सुनने से महिला को शारीरिक रूप से एक्टिव रहने में भी मदद मिलती है जिससे गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को बेहतर होने में मदद मिलती है।

शिशु की सेहत

आपने यह तो सुना ही होगा की गर्भावस्था के दौरान महिला जो भी करती है उसका सीधा असर उसके गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। ऐसे में महिला यदि गाने सुनती है, और अपने आप को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखती है, तो इससे शिशु की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। जिससे गर्भवती महिला के स्वस्थ रहने के साथ शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास मिलने में भी मदद मिलती है।

बेहतर नींद

गाने सुनने से प्रेग्नेंट महिला को मानसिक रूप से फ्री रहने में मदद मिलती है, और यदि महिला रिलैक्स महसूस करती है और रिफ्रैश रहती है तो इससे गर्भवती महिला को बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी के दौरान म्यूजिक कैसे सुनें

गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपनी पसंद के गाने सुन सकती है, लेकिन महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गानों की आवाज़ ज्यादा तेज न हो। खासकर तीसरे महीने के बाद इस बात का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि जैसे जैसे शिशु का विकास होता है तो उसके सुनने की क्षमता में भी वृद्धि होती है ऐसे में लाउड म्यूजिक सुनने के कारण उसके सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की प्रेगनेंसी के दौरान गाने सुनना फायदेमंद होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की आप सारा दिन गाने सुनती रहे। क्योंकि जरुरत से ज्यादा कोई भी चीज प्रेगनेंसी के दौरान नुकसानदायक हो सकती है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान गाने सुनने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं ऐसे में गर्भवती महिला को इन फायदों के लिए प्रेगनेंसी के दौरान गाने जरूर सुनने चाहिए ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को प्रेगनेंसी में स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

एलोवेरा के जूस से पाएं बेदाग़ त्वचा और स्वस्थ शरीर ऐसे

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बेदाग़ त्वचा और स्वस्थ शरीर पाने के लिए तरह तरह की औषधियां मौजूद है, और प्राकृतिक औषधिये गुणों से भरपूर एलोवेरा भी आपको स्वस्थ शरीर और बेदाग़ त्वचा पाने में मदद करता है, एलोवेरा आपकी त्वचा को प्राकृतिक तरीके से मॉइस्चराइजर की तरह से काम करता है, और आपके शरीर को भी हेल्थी बनाएं रखने में मदद करता है, तो आइये अब जानते है की ये एलोवेरा का जूस आपकी किस तरह से मदद करता है।

तेज धुप में निकलने के कारण ये केवल आपकी स्किन को ही नहीं बल्कि आपके शरीर को भी नुक्सान पहुचती है, जिसके कारण त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खो देती है, और प्रदुषण के कारण चेहरे पर दाने की समस्या भी हो जाती है, जिसके कारण त्वचा पर दाग धब्बे होने लगते है, साथ ही आपके गलत खान पान, और प्रदूषण का असर आपकी सेहत पर भी पड़ता है, परंतु क्या आप जानते है की यदि आप एलोवेरा के जूस का इस्तेमाल करते है, तो ये आपकी त्वचा ही नहीं बल्कि इसके सेवन से आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है, और आपको रोगों से लड़ने के लिए शक्ति मिलती है।

जिसके कारण आपको बेदाग़ त्वचा और शरीरिक रूप से फिट रहने में मदद मिलती है, एलोवेरा में एमीनो एसिड और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते है जो आपके शरीर को कीटाणुओ से रहित करने के साथ आपके शरीर में खून की कमी को भी दूर करने में मदद करता है, इसके अलावा एलोवेरा में आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए उपयुक्त खनिज, जरूरी विटामिन, एंजाइम तथा पोली सशराइड्स भी भरपूर मात्रा में होते है, जो आपको स्वस्थ बनाने के साथ आपकी त्वचा को भी चमकदार बनाने में मदद करता हैं, तो आइये अब हम आपको बताते है की आप एलोवेरा का जूस का आप किस तरह से इस्तेमाल करके अपने शरीर को स्वस्थ और बेदाग़ त्वचा पा सकते है।

एलोवेरा का इस्तेमाल करें हल्दी और शहद के साथ:-

alovera face mask

यदि आप एलोवेरा जैल में एक चम्मच शहद और एक चुटकी हल्दी और कुछ बुँदे शहद की मिलाकर एक पेट तैयार करते है, और उसके बाद इसे अपने चेहरे पर लगाते है, आप चाहे तो इसे गर्दन आदि पर भी लगा सकते है, और उसके बाद लगभग बीस मिनट के बाद अपने चेहरे को ठन्डे पानी से अच्छे से साफ़ करें, ऐसा हफ्ते में एक बार करने से आपको अपने चेहरे की सुंदरता को बढ़ने के साथ चेहरे पर होने वाले दाग धब्बो की समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है।

एलोवेरा और गुलाब जल का इस्तेमाल करें:-

यदि आप एलोवेरा और गुलाबजल की कुछ बुँदे मिलाकर एक पेस्ट तैयार करते है, और इसे अपने चेहरे पर थोड़ी देर तक लगाएं रखते है, और सूखने के बाद इसे अच्छे से साफ़ करते है, तो इसके कारण आपके चेहरे पर होने वाली पिग्मन्टेशन मार्क्स की समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है, और साथ ही आपके चेहरे पर निखार भी आता है।

एलोवेरा और निम्बू के रस का इस्तेमाल:-

एलोवेरा जैल में कुछ बुँदे निम्बू के रस की मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, और इसे अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और जब तक लगा रहने दें, जब तक की आपकी त्वचा इसे अच्छे से सोख न लें, उसके बाद ठन्डे पानी की मदद से अच्छे से अपने चेहरे को साफ़ करें, ऐसा करने से आपके चेहरे से टैनिंग को हटाकर आपके चेहरे की चमक को बढ़ने में मदद मिलती है।

स्ट्रेच मार्क्स से राहत के लिए करें एलोवेरा जैल का इस्तेमाल:-

गर्भावस्था के समय और लड़कियों को किशोरावस्था में स्ट्रेच मार्क्स की समस्या हो जाती है, और इस समस्या से राहत पाने के लिए आप यदि एलोवेरा जैल का इस्तेमाल करते है, आप सीधा एलोवेरा के जैल को अच्छे से अपने स्ट्रैचमार्क्स पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद थोड़े दिन के नियमित इस्तेमाल से आपको इस समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है।

प्रेग्नेंट महिला को इम्यून सिस्टम को मजबूत करने करने के लिए क्या करना चाहिए

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में लगातार हार्मोनल बदलाव होते हैं और इनका असर गर्भवती महिला के इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। जिसके कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। और इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण प्रेग्नेंट महिला के बार बार बीमार होने का और महिला को संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। जिसके कारण यदि गर्भवती महिला को किसी भी तरह की परेशानी होती है तो इसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है।

ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को इस समस्या से बचने के लिए प्रेगनेंसी के दौरान कुछ ऐसे टिप्स को ट्राई करना चाहिए जिससे महिला के इम्यून सिस्टम को मजबूत होने में मदद मिल सके। तो आइये अब हम कुछ ऐसे ही आसान टिप्स के बारे में जानते हैं जो महिला के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

हेल्दी लें आहार

गर्भवती महिला को ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जो एंटी ऑक्सीडेंट्स जैसे की विटामिन सी आदि से भरपूर हो। क्योंकि एंटी ऑक्सीडेंट्स बॉडी में विषैले पदार्थों का जमाव नहीं होने देते हैं, साथ ही बॉडी की सभी क्रियाओं को बेहतर तरीके से होने में मदद करते हैं। जिससे गर्भवती महिला का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। और इसके लिए गर्भवती महिला को हरी सब्जियां, संतरा, मौसम्बी, आंवला, सेब जैसे फल, निम्बू, बीन्स, आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

पानी का भरपूर सेवन करें

बॉडी का हाइड्रेट न होना भी प्रेग्नेंट महिला के इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देता है। ऐसे में गर्भवती महिला को एक दिन में आठ से दस गिलास पानी, फलों का ताजा घर पर निकला हुआ रस, निम्बू पानी, नारियल पानी आदि का भी सेवन करना चाहिए। क्योंकि प्रेग्नेंट महिला की बॉडी जितनी हाइड्रेट रहती है उतना ही इम्यून सिस्टम को मजबूत रहने में मदद मिलती है।

थोड़ा व्यायाम

गर्भवती महिला के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही न होने के कारण भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को थोड़ा बहुत व्यायाम भी जरूर करना चाहिए जैसे की स्ट्रेचिंग, स्विमिंग, बर्थिंग बॉल के साथ व्यायाम आदि। ऐसा करने से प्रेग्नेंट महिला को एक्टिव रहने में मदद मिलती है, बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है जिससे इम्यून सिस्टम को मजबूत होने में मदद मिलती है।

सकारात्मक रहें यानी तनाव न लें

गर्भावस्था के दौरान होने के वाली परेशानियों के कारण, मूड स्विंग्स की समस्या होने के कारण गर्भवती महिला तनाव से ग्रसित हो सकती है। और गर्भवती महिला का तनाव लेना भी इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देता है। लेकिन प्रेग्नेंट महिला यदि खुश रहती है, तनाव नहीं लेती है, तो इससे भी इम्यून सिस्टम अच्छे से काम करता है और प्रेग्नेंट महिला और बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

नींद ले भरपूर

यदि गर्भवती महिला अपनी बॉडी को रेस्ट नहीं देती है, नींद भरपूर नहीं लेती है। तो इसके कारण भी इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ऐसे में इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रेग्नेंट महिला को भरपूर नींद लेनी चाहिए। ताकि गर्भवती महिला और बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

दवाइयों का सेवन

गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर महिला को कुछ मल्टीविटामिन लेने की सलाह देते हैं। गर्भवती महिला को उनका सेवन भी नियमित रूप से करना चाहिए ताकि बॉडी में किसी भी तरह के पोषक तत्वों की कमी न हो और प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी को मजबूत रहने में मदद मिल सके।

सुबह की धूप लें

प्रेग्नेंट महिला को धूप की पहली किरणों में भी थोड़ी देर रहना चाहिए, लेकिन धूप यदि ज्यादा तेज हो तो वहां खड़ी न हो। धूप से हमे सबसे ज्यादा विटामिन डी मिलता है, और विटामिन डी एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट होता है। जो प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा मछली, अंडे, डेयरी प्रोडक्ट्स में भी विटामिन डी की मात्रा मौजूद होती है।

लहसुन

गर्भवती महिला को लहसुन का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि इसमें एंटी बैक्टेरियल गुण मौजूद होते हैं। जो गर्भवती महिला की इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं।

अंडे और नॉन वेज

यदि आप नॉन वेज का सेवन कर लेती है तो आपको प्रेगनेंसी के दौरान अंडे और नॉन वेज जरूर खाना चाहिए। क्योंकि अंडे और नॉन वेज में एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो गर्भवती महिला की इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिन्हे ट्राई करने से इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है। साथ ही महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अपनी दिनचर्या अच्छे से बनानी चाहिए और उसे फॉलो भी करना चाहिए। क्योंकि महिला की दिनचर्या जितनी बेहतर होती है उतना ही प्रेग्नेंट महिला को फिट रहने में मदद मिलती है।

गर्भवती महिला को मिठाई खाने से क्यों परहेज करना चाहिए

गर्भावस्था के दौरान महिला के खाने की पसंद नापसंद में बदलाव आना बहुत आम बात होती है। और इसका कारण गर्भवती महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं। बॉडी में हार्मोनल बदलाव होने के कारण कुछ महिलाओं की प्रेगनेंसी के दौरान मिठाई खाने की इच्छा हो सकती है। लेकिन गर्भवती महिला को मिठाई खानी चाहिए या नहीं इसके बारे में जानना बहुत जरुरी होता है। तो आइये अब जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान महिला को मिठाई खानी चाहिए या नहीं।

गर्भावस्था में मिठाई खानी चाहिए या नहीं

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को ऐसी कोई भी चीज नहीं खानी चाहिए जिससे महिला या शिशु के स्वास्थ्य को किसी भी तरह का नुकसान हो। ऐसे में बाजार से लिए गई मिठाई के सेवन से भी प्रेग्नेंट महिला को परहेज करना चाहिए। क्योंकि आप नहीं जानती है की मिठाई को बनाने के लिए किस तरह का मैटेरियल इस्तेमाल किया जा रहा है, कैसे हाथों से मिठाई तैयार की जा रही है साथ ही मिठाई को मीठा बनाने के लिए असली मीठे का इस्तेमाल किया जा रहा है या केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है, आदि।

ऐसे में मिठाई खाने से प्रेगनेंसी के दौरान महिला को परहेज करना चाहिए। और यदि प्रेग्नेंट महिला का मिठाई खाने का मन करता है तो महिला घर पर ही कुछ मीठा बनाकर उसका सेवन कर सकती है लेकिन उसका भी अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की प्रेग्नेंट महिला को मिठाई खाने से कौन से नुकसान हो सकते हैं।

गेस्टेशनल डाइबिटीज़

  • मिठाई का सेवन यदि प्रेग्नेंट महिला अधिक करती है तो इसके कारण ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ सकता है।
  • जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला को गेस्टेशनल डाइबिटीज़ जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • और इस परेशानी का बढ़ना आपके बच्चे पर भी असर डाल सकता है और हो सकता है की जन्म के बाद शिशु को भी इस समस्या का सामना करना पड़े।

प्रेगनेंसी में मिठाई खाने से हो सकती है वजन में बढ़ोतरी

  • मिठाई का सेवन अधिक मात्रा में करने से बॉडी में कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है।
  • जिसके कारण गर्भवती महिला का वजन जरुरत से ज्यादा बढ़ सकता है।
  • और यदि प्रेग्नेंट महिला का वजन जरुरत से ज्यादा बढ़ जाता है तो इसके कारण गर्भवती महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कमजोर प्रतरोधक क्षमता

  • शायद बहुत कम ही लोग जानते होंगे की मीठे का सेवन अधिक मात्रा में करने से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है।
  • ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला मीठे का सेवन अधिक मात्रा में करती है तो इससे महिला की इम्युनिटी कमजोर हो सकती है।
  • जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला किसी भी तरह का संक्रमण से बहुत जल्दी प्रभावित हो सकती है।

प्रेगनेंसी में मिठाई खाने से हो सकती है कैल्शियम की कमी

  • मीठे को पचाने के लिए बॉडी में मौजूद कैल्शियम खर्च होता है ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला मिठाई का सेवन अधिक करती है।
  • तो इससे गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है।
  • जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला के दांतों में कमजोरी आने के साथ हड्डियों में कमजोरी भी आ सकती है।
  • साथ ही शिशु के विकास के लिए भी जरुरी कैल्शियम उस तक नहीं पहुँच पाता है जिसके कारण शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है।

केमिकल का असर

  • यदि आप जिस मिठाई का सेवन कर रहे हैं उसे मीठा करने के लिए केमिकल वाली शुगर का इस्तेमाल किया गया है।
  • तो यह केवल प्रेग्नेंट महिला पर ही नहीं बल्कि उसके पेट में पल रहे बच्चे के विकास पर भी असर डाल सकता है।
  • ऐसे में महिला या शिशु को कोई भी दिक्कत न हो उससे बचने के लिए महिला को मिठाई का सेवन करने से बचना चाहिए।

तो यह हैं कुछ नुकसान जो प्रेग्नेंट महिला को मिठाई का सेवन करने से हो सकते हैं। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपका भी मिठाई खाने का मन कर रहा है तो अपनी इस इच्छा को थोड़ा कण्ट्रोल करके रखें। ताकि आपको और आपके पेट में पल रहे बच्चे को किसी भी तरह की समस्या न हो।

गर्भावस्था में मैंगोशेक पीने के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान आम खाना बहुत फायदेमंद होता है और दूध पीना भी प्रेगनेंसी के दौरान बहुत जरुरी होता है। ऐसे में दूध और आम को मिलाकर मैंगोशेक बनाने से इसके फायदे बढ़ जाते हैं, इसीलिए यदि गर्भवती महिला मैंगोशेक का सेवन करना चाहती है तो कर सकती है। लेकिन प्रेग्नेंट महिला को मैंगोशेक पीने से पहले दो बातों का अच्छे से ध्यान रखना की जब आम का मौसम हो तभी मैंगोशेक पीएं और आम मीठा होता है ऐसे में मैंगोशेक बनाने के लिए इसमें बहुत ज्यादा चीनी आदि का इस्तेमाल न करें। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी में मैंगोशेक पीने से कौन से फायदे मिलते हैं।

पेट से जुडी परेशानियों से मिलता है निजात

गर्भावस्था के दौरान पेट से जुडी समस्या जैसे की अपच, कब्ज़, एसिडिटी जैसी परेशानियों का सामना महिला को करना पड़ता है। लेकिन मैंगोशेक का सेवन करने से महिला को इस परेशानी से निजात मिलता है क्योंकि मैंगोशेक में फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है।

इम्युनिटी बढ़ती है

मैंगोशेक में विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन ए, फाइबर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में विद्यमान होते हैं। जो गर्भवती महिला की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं जिससे गर्भवती महिला और बच्चे दोनों को प्रेगनेंसी के दौरान हर तरह के संक्रमण से सुरक्षित रहने में मदद मिलती है।

ऊर्जा मिलती है

वजन बढ़ने के कारण, बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण, प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों की वजह से गर्भवती महिला बहुत ज्यादा थकान व् कमजोरी का अनुभव करती है। ऐसे में मैंगोशेक महिला के लिए एनर्जी ड्रिंक का काम करता है क्योंकि मैंगोशेक पीने से महिला को तुरंत एनर्जी मिलती है।

विटामिन ए

मैंगोशेक में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है और विटामिन ए आँखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में गर्भवती महिला यदि मैंगोशेक का सेवन करती है तो इससे गर्भवती महिला की आँखों की रौशनी बढ़ने के साथ बच्चे की आँखों के के विकास को बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

मीठा खाने की इच्छा होती है पूरी

कुछ गर्भवती महिलाओं की प्रेगनेंसी के दौरान मीठा खाने की बहुत इच्छा होती है लेकिन ज्यादा मीठा सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में इस डर के कारण महिला मीठे के सेवन से परहेज करती है लेकिन मैंगोशेक पीने से महिला की इस इच्छा को पूरा करने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ बेहतरीन फायदे जो गर्भवती महिला को मैंगोशेक का सेवन करने से मिलते हैं। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आप भी एक दिन में एक गिलास मैंगोशेक का सेवन कर सकती है। लेकिन आम खाने से आपको किसी तरह की समस्या होती है तो आपको मैंगोशेक का सेवन नहीं करना चाहिए।

कान में खुजली होने पर क्या करें?

कान में खुजली होना बहुत ही आम बात होती है। लेकिन कभी कभी कान में अचानक से बहुत तेज खुजली होने लगती है और आपको समझ नहीं आता है क्या करें? तो आस पास रखी किसी भी चीज जैसे की माचिस की तीली, अपनी ऊँगली, सुई आदि को आप कान में मारने लगते हैं। इस तरीके से आपकी खुजली तो खत्म हो जाती है लेकिन इसके कारण कान में चोट पहुँचने का भी खतरा होता है।

क्योंकि कान हमारी बॉडी का बहुत ही सेंसिटिव अंग होता है। कई बार कान में खुजली की समस्या बढ़ जाती है इसका कारण कान में मैल का जमा होना, कान में किसी चीज का घुसना, जुखाम होना, आदि  के कारण ऐसा होता है। ऐसे में कान में होने वाली खुजली की समस्या से बचने के लिए आप किन किन घरेलू तरीको का इस्तेमाल कर सकते हैं आज इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं।

गुनगुना तेल (Oil)

गुनगुना तेल कान की खुजली, दर्द, सूजन, मैल आदि को खत्म करने का बेहतरीन उपाय है। इसके इस्तेमाल के लिए आप तेल को गुनगुना करके दो से तीन बुँदे कान में डालें। उसके बाद बाहर से कान को थोड़ा हिलाएं ताकि तेल अच्छे से कान में चला जाये। ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा। साथ ही सरसों का तेल कान से जुडी समस्या के लिए बेहतरीन होता है।

एलोवेरा (Alovera)

एलोवेरा जैल का इस्तेमाल करने से भी आपको कान में खुजली की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है। इसके लिए आप एलोवेरा जैल की दो से तीन बून्द कान में डालें और कान को झुकाएं। जैसे ही एलोवेरा जैल कान की परत तक पहुंचेगा तो इससे कान की स्किन को नमी मिलेगी जिससे खुजली की समस्या से बचे रहने में मदद मिलेगी।

लहसुन (Garlic)

जैतून, तिल या सरसों के तेल में लहसुन की एक या दो कली को अच्छे से काला होने तक भून लें। उसके बाद तेल को छानकर तेल के गुनगुना रहने पर कान में डालें। ऐसा करने से भी कान में खुजली की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

पानी (Water)

कान में खुजली होने पर पानी की चार पांच बुँदे कान में डालकर लेट जाएँ। ऐसा करने से आपको कान में खुजली किस समस्या से आराम मिलेगा।

सफ़ेद सिरका (White Vinegar)

थोड़ा सा सफ़ेद सिरका और रबिंग अल्कोहल मिलाकर दो से तीन बूंदे कान में डाल लें। चार से पांच मिनट बाद कान को रुई से साफ़ कर लें आपको आराम मिलेगा।

कान में खुजली से बचाने के अन्य उपाय

  • कान में गंदगी का जमाव नहीं होने दें।
  • ज्यादा देर तक इयरफोन या फ़ोन का इस्तेमाल नहीं करें।
  • बार बार कान में ऊँगली या अन्य कोई चीज नहीं मारें।
  • ध्यान रखें की नहाते समय कान में पानी नहीं जाएँ इसके लिए नहाने से पहले कान में रुई डाल लें।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिन्हे ट्राई करने से कान में होने वाली खुजली की समस्या से आपको बचे रहने में मदद मिलती है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें की कानमें बहुत ज्यादा खुजली हो, किसी भी उपाय को करने पर भी आराम न मिल रहा हो, कान में दर्द अधिक हो, तो ऐसे लक्षणों को अनदेखा न करते हुए जिंतना जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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हाथ-पैर सुन्न होने के कारण और इलाज

हाथ-पैरों के सुन्न होने के क्या कारण होते है और सुन्न हाथ पैरों का इलाज : कई बार सोते, बैठते, लेते या खड़े हुए पैर सुन्न पड़ जाते हैं, जिसके कारण उन्हें हिलाने पर करंट जैसी अनुभूति होने लगती है। सुन्न हाथ या पैर को किसी चीज से छूने पर उस चीज का एहसास नहीं होता। इसके साथ उस हिस्से में दर्द, कमजोरी या ऐंठन भी महसूस हो सकती है।

हाथ या पैर का सुन्न होना एक आम समस्या है, जिसके बहुत से कारण हो सकते है लेकिन उनमे से निम्नलिखित हाथ-पैर के सुन्न होने के मुख्य कारण होते है।

  • बहुत देर तक एक ही स्थिति में बैठे रहने के कारण।
  • हाथों या पैरों पर प्रेशर
  • बहुत देर तक किसी ठंडी वस्तु को छूते रहना।
  • तंत्रिका में कोई चोट।
  • रक्त संचरण ठीक तरह से नहीं होना।
  • अत्यधिक शराब का सेवन।
  • थकान महसूस होना।
  • धूम्रपान करना।
  • आयरन की कमी के कारण।
  • मधुमेह होना।
  • शरीर में विटामिन सी या मैग्नेशियम की कमी आदि हाथ और पैर के सुन्न होने के मुख्य कारण है।

वैसे तो यह समस्या केवल कुछ ही मिनटों पर रहती है लेकिन कई बार इसकी अवधि कई घंटों तक की भी हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ है तो आपको डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए। क्योंकि हो सकता है यह किसी बड़ी बिमारी का लक्षण हो।

अगर आपके हाथ-पैर भी अक्सर बैठे हुए या खड़े हुए सुन्न हो जाते हैं तो यहाँ हमारे पास कुछ उपाय हैं जिनकी मदद से हाथ-पैर के सुन्न होने की समस्या को दूर किया जा सकता है।

हाथ-पैर सुन्न हो गए हैं? ये है उन्हें ठीक करने के उपाय 

अगर आपके हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस हो रही है और वे सुन्न हो गए है तो ये कुछ उपाय है जिनकी मदद से सुन्न हाथ-पैरों को ठीक किया जा सकता है।

हल्दी : हल्दी में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करते है। इसके सेवन से शरीर की कमजोरी दूर होती है और दर्द में आराम मिलाता है। इसके लिए 1 ग्लास में 1 चम्मच हल्दी मिलाकर गैस पर धीमी आंच पर पकाएं। हल्का ठंडा होने के बाद इस दूध को पीएं। शरीर के सुन्न वाले हिस्से पर हल्दी और पानी का पेस्ट लगाने से भी झनझनाहट कम होती है।

गर्म पानी का सेंक : इस उपाय के लिए सर्वप्रथम सुन्न वाले हिस्से पर गर्म पानी का सेंक करें। इसे उस हिस्से का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा। ऐसा करने से मांसपेशियां और नसें रिलैक्स होंगी। आप चाहे तो साफ़ कपडे को गर्म पानी में डुबोकर उससे भी प्रभावित हिस्से की सिकाई कर सकते हैं।

दालचीनी : दालचीनी में बहुत से तत्व होते हैं जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो रोजाना 1-2 चम्मच दालचीनी पाउडर का सेवन करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसके लिए 1 ग्लास गर्म पानी में 1 चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और दिन में एक बार इसे पियें।

मसाज : जब भी हाथ या पैर सुन्न हो जाएं तो उस हिस्से की मसाज करना शुरू कर दें। ऐसा करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और झनझनाहट दूर होती है। इसके लिए अआप नारियल या सरसों तेल को गर्म करके प्रयोग कर सकते हैं।

मैग्नीशियम युक्त फ़ूड : जिन लोगों के हाथ पैर अक्सर सुन्न हो जाते हैं उन्हें हरी पत्तेदार सब्जियां, मेवे, बीज, ओटमील, पीनट बटर, ठंडे पानी की मछलियां, सोयाबीन, केला, डार्क चॉकलेट, और लो फैट दही खाना चाहिए।

विटामिन बी फ़ूड : अगर आपके हाथ पैरों में भी अक्सर झनझनाहट होती है तो आपको अपने आहार में विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थों को सम्मिलित करना चाहिए। इसके लिए आप अंडे, एवोकाडो, मीट, केला, बीन्स, मछली, ओटमील, दूध, दही, चीज़, मेवे और फल आदि का सेवन कर सकते हैं।

प्रभावित हिस्से को ऊपर उठाएं : अगर हाथ या पैर सुन्न पड़ गए है तो उसके लिए उस हिस्से तो तुरंत ऊपर की तरफ उठाना चाहिए। ऐसा करने से उस हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। और झनझनाहट दूर होती है। आप चाहे तो उस हिस्से को तकिये पर ऊंचा उठाकर लेट भी सकते हैं।

लहसुन : कई बार यह समस्या खून के अत्यधिक गाढ़ा होने के कारण भी हो जाती हैं। इसके लिए आप डॉक्टरी जाँच करवा सकते हैं। डॉक्टरी जाँच में यदि प्रॉब्लम आती है तो खून को पतला करने के लिए दिन में एक बार लहुसन की एक कली चबाचबाकर खाएं।

पैरों की मालिश : जिन लोगों के पैर बार बार सो जाते है उन्हें पैरों की तलवों की गर्म तेल से मालिश करनी चाहिए। इससे झनझनाहट में आराम मिलेगा और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होगा।

तो ये थे कुछ उपाय जिनकी मदद से हाथ पैरों की सुन्न होने की समस्या से बचा जा सकता है। ये सभी उपाय पूरी तरह घरेलू हैं जिनके कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है।