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ब्लैकहेड्स को साफ़ करने के आसान तरीके

ब्लैकहेड्स काले रंग के होते है जो की आपके चेहरे के रोमछिद्रो के गंदगी के कारण बंद हो जाने पर उभर जाते है, यह परेशानी किसी भी उम्र में आपकी त्वचा पर हो जाती है, खास कर टीनएज में तो ये बहुत ज्यादा होता है, इसके और भी कई कारण हो सकते है जैसे शरीर में हार्मोनल बदलाव, ज्यादा कास्मेटिक का इस्तेमाल करने, अपनी स्किन की अच्छे से केयर न करने, आदि इनके कारण आपके चेहरे पर ब्लैक हेड्स की समस्या हो जाती है।

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चेहरे को इस समस्या से बचाने के लिए तरह तरह के कॉस्मेटिक आते है, परन्तु महंगे होने के साथ कई बार ये अपना असर भी नहीं दिखाते है, और चेहरे पर इनका होना आपकी ख़ूबसूरती को कम करने के साथ आपके चेहरे को भद्दा दिखा सकता है, ये खास कर नाक पर होते है और साफ़ दिखाई भी देते है, इससे निजात पाने के लिए सबसे जरुरी है की आप अपने चेहरे की साफ़ सफाई का ध्यान दें, अच्छे से केयर करें, इसके अलावा इससे बचने के अन्य और भी बहुत से उपाय है, तो आइये आज हम आपको घर पर आसानी से कम खर्चे और आसानी से इस समस्या का समाधान बताते है, जिनका इस्तेमाल आप यदि अपने चेहरे के लिए करते है तो ये आपके चेहरे पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं डालते है, तो ये है आपके चेहरे से ब्लैकहेड्स हटाने के आसान तरीके कौन से है।

ब्लैकहेड्स होने के कारण:-

  • तनाव होने के कारण
  • गन्दी त्वचा यानि अपनी स्किन की अच्छे से साफ़ सफाई न करने के कारण
  • आपके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण
  • कास्मेटिक का ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण
  • जो लोग ज्यादा स्मोक करते है, या शराब का सेवन करते है उन्हें ब्लैक हेड्स की समस्या हो जाती है।

दालचीनी का इस्तेमाल करें:-

daalchini powder

एक चम्मच दालचीनी पाउडर में एक चम्मच शहद को मिलाएं, और उसके बाद उसे अपने ब्लैकहेड्स पर लगाएं, और उसके ऊपर हलकी सी कॉटन की स्ट्रिप भी रखें, चार से पांच मिनट तक रहने के बाद उसे उतार दे, और अपने चेहरे को धो लें, इसके साथ आप दालचीनी पाउडर में थोड़ी सी हल्दी और निम्बू का रस मिलाएं, उसके बाद इस पेस्ट को अपने ब्लैकहेड्स पर लगाएं, सारी रात के लिए छोड़ दें, और उसके बाद सुबह अपने मुँह को धो लें, इसके प्रयोग से आपके ब्लैकहेड्स के साफ होने के साथ आपकी स्किन को भी ग्लो करने में मदद मिलती है।

निम्बू का इस्तेमाल करें:-

निम्बू के रस में नमक को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, परन्तु चेहरे पर इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और थोड़ी देर रहने के बाद अपने चेहरे को धो लें, इसके इस्तेमाल से भी आपके चेहरे को ब्लैकहेड्स की समस्या से राहत मिलने में मदद मिलती है।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें:-

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने से आपको अपने चेहरे को ब्लैकहेड्स से बचाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप थोड़ा सा बेकिंग सोडा लें, और उसमे पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, अब इसे अच्छे से अपने ब्लैकहेड्स पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद गीले टूथब्रश से हल्के से मसाज करें, और उसके बाद गुनगुने पानी से अपने चेहरे को धो दें।

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अंडे का उपयोग करें:-

egg

अंडे का इस्तेमाल करने से आपको ब्लैकहेड्स को दूर करने में मदद मिलती है, साथ ही इसके कारण आपको अपनी त्वचा में कसाव और त्वचा की नमी को बनाएं रखने में भी मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप अंडे को फोड़ कर उसके सफ़ेद भाग को अलग कर लें, और इसके इस्तेमाल अपने चेहरे पर करने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से धो लें, ऐसा करने के बाद सफ़ेद भाग को अपने चेहरे पर पतली लेयर की तरह लगाएं, अब उसके ऊपर टॉयलेट पेपर रखकर अच्छे से चिपकाएं, उसके बाद दुबारा टॉयलेट पेपर रख कर उसे सूखने के लिए छोड़ दें, आपकी स्किन खिंचाव महसूस करेगी, सूखने के बाद अपने चेहरे को अच्छे से धो लें, आपको फायदा मिलेगा।

दूध और शहद का इस्तेमाल करें:-

दूध आपकी स्किन को ग्लोइंग बनता है, तो शहद का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को कोमल बनाने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए एक चम्मच शहद में थोड़ा दूध डाल कर इसे हल्का गुनगुना कर लें, उसके बाद इसे अपने ब्लैकहेड्स पर लगाएं, और कॉटन की स्ट्रिप से चिपका दें, और सूखने के लिए छोड़ दें, जब यह सूख जाएँ तो इसे हल्के से उतार दें, और अपने चेहरे को पानी से साफ़ कर लें, ऐसा करने से आपकी स्किन को ब्लैकहेड्स से राहत मिलती है।

दही और ओट्स का इस्तेमाल करें:-

दही और ओट्स का मिश्रण आपकी स्किन के लिए नेचुरल स्क्रबर का काम करता है, इसके इस्तेमाल के लिए दो चम्मच ओट्स में तीन चम्मच दही मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें, उसमे कुछ बुँदे निम्बू के रस और ओलिव ऑयल की भी मिलाएं, उसके बाद इसे अच्छे से अपने ब्लैकहेड्स पर लगाएं, और दो से तीन मिनट के लिए मसाज करें, और उसके बाद इसे अपने चेहरे पर सूखने के लिए छोड़ दें, और सूखने के बाद अपने चेहरे को धो लें, ऐसा करने से आपकी स्किन को ग्लोइंग बनने में मदद मिलती है।

टमाटर का इस्तेमाल करें:-

टमाटर भी आपके चेहरे को ब्लैकहेड्स से बचाने में मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप टमाटर के गुद्दे को अच्छे से पीस कर उसे अपने चेहरे पर लगाएं, और रात भर के लिए छोड़ दें सुबह उठ कर अपने चेहरे को पानी से अच्छे से साफ़ कर लें, इस उपाय को करने से भी आपकी स्किन को ब्लैकहेड्स से बचाने में मदद मिलती है।

शहद का इस्तेमाल करें:-

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शहद का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन यदि तेलीय है तो उससे राहत मिलती है, साथ ही त्वचा को ब्लैकहेड्स से भी राहत मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए शहद को अच्छे से अपने ब्लैकहेड्स पर लगाएं, उसके बाद इसे आधे घंटे के लिए सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद अच्छे से अपने चेहरे को धो लें, आपको फ़र्क़ महसूस होगा।

टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें:-

टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने से भी आपको ब्लैकहैड से राहत मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए एक पतली सी लेयर टूथपेस्ट की अपने ब्लैकहैड पर लगाएं उसके बाद जब यह सूख जाएँ तो ब्रश को गीला करके हल्के हाथो से मसाज करें, ऐसा हफ्ते में यदि दो से तीन बार भी करते है, तो आपको ब्लैकहेड्स की समस्या से राहत मिलने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ उपाय है जिनका इस्तेमाल आप अपने चेहरे के लिए करके ब्लैकहेड्स की समस्या से राहत पा सकते है, इसके अलावा आपको अपनी स्किन की अच्छे से साफ़ सफाई रखनी चाहियें जैसे की आप भाप ले सकती है इसके कारण आपकी स्किन की गंदगी साफ़ होती है, और चेहरे के पोर्स को खुलने में मदद मिलती है, जिसके कारण आपकी त्वचा ग्लोइंग भी बनती है।

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शादी की मेहंदी रचने के तरीके?

Shadi Ki Mehandi Rachne Ke Tarike : भारतीय परंपरा में मेहंदी को सोलह श्रृंगारों में से एक माना जाता है, जिसका खास महत्व लड़कियों की शादी में होता है। इस दिन हर लड़की दुनिया की सभी लड़कियों से सबसे खुबसूरत दिखना चाहती है जिसके लिए वे काफी पैसे भी खर्च करती है। पार्लर चेहरे, बाल और शरीर की सुंदरता बढ़ाने में तो कामयाब हो जाते है लेकिन जब बात दुल्हन के हाथों में लगी मेहंदी की आती है तो उसमे वे कुछ नहीं कर पाती क्योंकि मेहंदी का कलर प्राकृतिक रूप से ही आता है।

शादी के दिन कोई भी दुल्हन बिना मेहंदी के अधूरी सी लगती है, माना जाता है जब तक मेहंदी का रंग दुल्हन के हाथ पैरों पर न लग जाए उसकी सुंदरता दिखाई नहीं पड़ती। वैसे भी हिन्दुओं में मेहंदी को अच्छा शगुन माना जाता है। हिन्दुओं में माना जाता है की जिस लड़की की मेहंदी बहुत डार्क रचती है उसे बहुत प्यार करने वाला पति मिलता है। इसलिए इस दिन सभी लड़कियां अपनी मेहंदी को डार्क करने के बारे में सोचने लगती है।

जो की सही भी है, क्योंकि हाथों की मेहंदी तभी खुबसूरत लगती है जब उसका रंग काला (डार्क) आया हो। क्योंकि कई बार ऐसा होता है की मेहंदी का डिज़ाइन तो बहुत अच्छा होता है लेकिन रंग नहीं आने के कारण वह निखर नहीं पाता। लेकिन क्या आप जानती है की कुछ घरेलू उपाय है जिनकी मदद से मेहंदी का रंग डार्क हो जाएगा। यहाँ हम आपको उन्ही उपायों के बारे में बता रहे है।

मेहंदी का रंग डार्क रचाने के लिए मेहंदी लगाने से पूर्व ध्यान रखने योग्य बातें :-शादी की मेहंदी रचने के तरीके

  • मेहंदी लगाने से पूर्व अपने हाथो को अच्छी तरह से साफ़ कर लें। ताकि किसी भी तरह की गंदगी का उसके रंग पर असर न पड़े।
  • मेहँदी लगाने से पूर्व कभी भी हाथो में तेल का प्रयोग न करें। इससे मेहंदी का रंग हाथो में नहीं चढ़ेगा। यदि किसी कारण वश आपके हाथो में तेल लगा हुआ है तो उसे साबुन के मदद से हटाने के बाद ही मेहंदी लगवाएं।
  • मेहंदी लगाते व्यक्त आपके हाथो में किसी भी तरह की चिकनाई की मौजूदगी न हो इस बात का विशेष ख्याल रखे। अन्यथा मेहंदी का रंग नहीं चढ़ेगा।
  • वैक्सिंग और स्क्रबिंग जैसे ब्यूटी विकल्पों को मेहँदी लगाने से पूर्व ही कराना चाहिए अन्यथा आपकी मेहंदी को नुकसान हो सकता है।
  • ये वे बातें है जिनका ध्यान आपको हाथो में महेंदी लगाने से पूर्व रखना है। इससे आपकी मेहंदी के रंग को गाढ़ा होने में मदद मिलेगी।

शादी की मेहंदी को डार्क करने के घरेलु तरीके :-

1. शादी की मेहंदी को डार्क करने के लिए नींबू और चीनी का घोल :

नींबू चीनी का घोल ! ये शब्द तो अपने भी अपनी मम्मियों को कहते सुना ही होगा। अरे रुकिए, इसे आपको पीना नहीं है अपितु अपनी मेहंदी पर लगाना है जी हां, नींबू चीनी का घोल। इस घोल का प्रयोग करने से मेहंदी के रंग में गाढ़ापन आता है जिससे वो गहरी रचती है।

इस घोल में मौजूद चिचिपेपन के कारण ये मेहंदी को निकलने नहीं देता और मेहंदी का रंग अधिक समय तक आपके हाथो पर बना रहता है। इसके लिए एक कटोरी में नींबू के रस और चीनी को मिलाकर एक घोल तैयार कर लें। मेहंदी सूखने के बाद इस घोल को रुई की मदद से अपनी मेहंदी के ऊपर लगाएं। और उसे लगे रहने दें, ऐसा करने से आपकी मेहंदी का रंग गहरा रचेगा।

2. सरसो के तेल से होगा शादी की मेहंदी का रंग डार्क :

सरसो का तेल बड़ा गुणकारी माना जाता है लेकिन क्या आप जानती है की इसका प्रयोग हमारी मेहंदी के रंग को डार्क करने के लिए भी किया जाता है। सरसो के तेल का प्रयोग करने से हाथ में लगी मेहंदी आसानी से निकल जाएगी और उसे हटाने के लिए पानी की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसा करने से आपकी मेहंदी डार्क भी होगी।

इसके लिए ज्यादा कुछ करने की आवश्यकता नहीं है। एक कटोरी में थोड़ा सा सरसो का तेल लें और मेहंदी हटाने से आधा घंटे पहले उसे अपने हाथो पर अच्छी तरह से मलें। मेहंदी हटने के बाद एक बार फिर सरसो के तेल को अपने हाथो में लगाएं। ऐसा करने से मेहंदी का रंग डार्क होगा।

3. विक्स के प्रयोग से आएगा शादी की मेहंदी में गाढ़ा रंग :

आपको जानकार आश्चर्य होगा की हमारा सर्दी जुखाम और सर दर्द कम करने वाली विक्स भी मेहंदी के रंग को डार्क करने में मदद करती है लेकिन ये सत्य है। दरअसल ये बाम गर्म होती है जिस कारण मेहंदी को गहरा रंग प्रदान करती है।

इसके लिए मेहंदी को ऐसे समय में लगाएं ताकि वो पूरी रात आपके हाथो में लगी रहें और उसे रचने का समय मिल सके। मेहंदी हटाने के बाद अपने हाथो में विक्स या आयोडेक्स बाम लगा लें। आपकी मेहंदी का रंग गहरा हो जायेगा।

4. शादी की मेहंदी को गहरा रंग देने के लिए का करें प्रयोग :

लौंग का प्रयोग करके भी आप अपनी मेहंदी के रंग को गहरा कर सकती है। इसके लिए नींबू चीनी का घोल लगाने के बाद एक पैन या तवे पर कुछ लौंग रखकर गैस पर गर्म करें।

बहुत सावधानी रखते हुए अपने हथेलियों को उस पैन पर रख दें और लौंग के धुएं से मेहंदी को सेके। इसका प्रयोग करते व्यक्त एक बात का ध्यान रखें की आपका हाथ न जलें। ऐसा करने से हाथ में लगा नींबू चीनी का घोल भी सुख जायेगा और मेहंदी का रंग भी गहरा होगा।

5. शादी की मेहंदी डार्क करने के लिए आचार के तेल का प्रयोग :

मेहंदी के रंग को डार्क करने के लिए आप आचार के तेल का भी प्रयोग कर सकती है। इसके लिए मेहंदी सुखाने के बाद उस पर आचार का तेल लगाएं। ऐसा करने से मेहंदी का रंग गहरा होगा। अचार के तेल को मेहंदी डार्क करने से लिए सबसे अच्छा और सस्ता उपाय माना जाता है।

स्ट्रेचमार्क्स नहीं होंगे प्रेगनेंसी में करें यह काम

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बहुत सी परेशानियां होती है। यह परेशानियां शारीरिक, मानसिक रूप से होने के साथ स्किन सम्बन्धी भी होती है। जैसे की महिला के चेहरे पर मुहांसे हो जाते हैं, स्ट्रेचमार्क्स की समस्या महिला को हो जाती है, आदि। तो आज इस आर्टिकल में हम आपसे स्ट्रेचमार्क्स के बारे में बात करने जा रहे हैं। की प्रेगनेंसी में स्ट्रेचमार्क्स क्यों होते हैं? क्या महिला इनसे निजात पा सकती है? आदि। तो आइये अब इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्यों होते हैं प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेचमार्क्स?

गर्भावस्था के दौरान महिला के गर्भाशय का आकार धीरे धीरे बढ़ने लगता है। जिसके कारण तेजी से पेट की स्किन फैलती है। ऐसे में स्किन में आये खिचाव के कारण महिला को स्किन पर भूरे रंग के निशान महसूस होते हैं। जो आपकी स्किन को दो रंगों में बाँट देते हैं और दिखने में भद्दे भी लगते हैं।

और डिलीवरी के बाद जब आपका पेट थोड़ा अंदर जाता है तो स्किन के एक दम सिकुड़ने के कारण यह और भी ज्यादा महसूस होते हैं। केवल पेट पर ही नहीं बल्कि ब्रेस्ट, जांघो पर भी महिला को स्ट्रेचमार्क्स हो सकते हैं। लेकिन यदि प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही इस बात का ध्यान रखा जाये तो इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।

गर्भावस्था के दौरान स्ट्रेचमार्क्स से बचने के लिए यह करें

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने जिस तरह महिला अपनी सेहत का ध्यान रखती है। उसी तरह महिला यदि अपनी स्किन की भी केयर करें तो महिला इस परेशानी से बच सकती है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेचमार्क्स से बचने के लिए महिला को क्या करना चाहिए।

नारियल तेल

प्रेगनेंसी के तीसरे महीने से ही महिला को अपने पेट पर अच्छे से नारियल का तेल लगाना चाहिए। ध्यान रखें की तेजी से मालिश न करने लग जाएँ। नारियल का तेल लगाने से स्किन को भरपूर पोषण मिलता है जिससे स्किन का लचीलापन और कोमलता बरकरार रहती है। यदि महिला शुरुआत से ही ऐसा करती है तो ऐसा करने से स्ट्रेचमार्क्स से बचे रहने में मदद मिलती है। यदि नारियल तेल नहीं है तो आप बादाम या किसी अन्य विटामिन इ युक्त तेल का इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा आजकल मार्किट में भी प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेचमार्क्स से बचने के लिए क्रीम आदि मिलती है तो आप उसका इस्तेमाल भी कर सकती है।

हाइड्रेट रहें

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में तरल पदार्थों की कमी होने के कारण भी स्ट्रेचमार्क्स की समस्या अधिक होती है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान दिन में आठ से दस गिलास पानी पीने के साथ अन्य तरल पदार्थ जैसे की दूध, नारियल पानी, जूस आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। क्योंकि यदि स्किन हाइड्रेट रहती है तो इससे स्किन में रूखापन नहीं आएगा और प्रेग्नेंट महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलेगी।

वजन

गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना अच्छी बात होती है लेकिन जरुरत से ज्यादा वजन बढ़ना और एक ही दम से वजन का तेजी से बढ़ना अच्छी बात नहीं होती है। क्योंकि इसके कारण प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ने के साथ स्ट्रेचमार्क्स की समस्या भी ज्यादा हो जाती है। ऐसे में यदि आप चाहती है की आपको स्ट्रेचमार्क्स की समस्या अधिक न हो तो इसके लिए आपको अपने वजन को जरुरत से ज्यादा नहीं बढ़ने देना चाहिए।

डाइट

जिंक, विटामिन सी, विटामिन इ, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें। यह सभी पोषक तत्व स्किन का लचीलापन बरकरार रखने में मदद करते हैं जिससे स्ट्रेचमार्क्स की समस्या कम होती है।

व्यायाम

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को थोड़ा बहुत व्यायाम भी जरूर करना चाहिए। क्योंकि व्यायाम करने से शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है, स्किन में कसावट बनी रहती है। और ब्लड फ्लो जितना अच्छे से होता है और स्किन जितनी टाइट रहती है। उतना ही स्किन पर स्ट्रेचमार्क्स की समस्या कम होती है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका ध्यान रखने से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली स्ट्रेचमार्क्स की समस्या को कम करने में मदद मिलती है। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपको भी यह परेशानी अधिक न हो। और यदि आपको स्ट्रेचमार्क्स हो जाते हैं तो भी घबराएं नहीं क्योंकि डिलीवरी के बाद स्किन केयर अच्छे से करने पर आपको इस परेशानी से निजात मिल सकता है।

धूप में झुलसी त्वचा को ठीक करने के उपाय

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गर्मियों के दिनों में सूर्य की तेज किरणें स्किन के लिए काफी परेशानियां लेकर आती है। ऐसे में दिन के समय अगर कहीं बाहर जाना पड़े तो काफी मुश्किल होती है। धूप की गर्मी और इसकी हानिकारक किरणों के चलते अक्सर त्वचा झुलस जाती है जिससे सनबर्न भी कहते हैं। सनबर्न के कारण केवल स्किन की ऊपरी परत नहीं बल्कि अंदरूनी परत भी प्रभावित होती है।

सनबर्न क्या है?

गर्मियों के दिनों में, धूप की हानिकारक किरणों के चलते अक्सर त्वचा पर लालिमा, सूजन और दर्द की समस्या हो जाती है। इसी को सनबर्न या धूप में झुलसी हुई त्वचा कहा जाता है। सनबर्न होने पर स्किन में काफी समस्याएं होने लगती है। कई बार तेज जलन भी होने लगती है। यहाँ हम आपको धूप में झुलसी हुई त्वचा को ठीक करने के कुछ उपाय बता रहे हैं।

सनबर्न ठीक करने के उपाय

बर्फ का प्रयोग करें

धूप में झुलसी हुई त्वचा को ठीक करने के लिए बर्फ का प्रयोग कर सकते हैं। यह स्किन को ठंडक देकर जलन और लालिमा को कम करने में मदद करेगी। प्रयोग के लिए, घर में जमी हुई बर्फ का इस्तेमाल करें। धूप से आने के कुछ देर बाद त्वचा को नार्मल पानी से धोएं। उसके बाद 15 मिनट तक चेहरे पर बर्फ का टुकड़ा रगड़ें। इससे झुलसी हुई त्वचा भी ठीक हो जाएगी।

टमाटर का प्रयोग करें

टमाटर के इस्तेमाल से ना केवल सनबर्न ठीक होता है बल्कि फेस पर निखार लाने में भी मदद मिलती है। प्रयोग के लिए दो टमाटर को अच्छी तरह पीसकर उसे अपने चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट तक इसे चेहरे पर लगाएं रखें। उसके बाद नार्मल पानी से साफ़ कर लें। इससे समस्या ठीक हो जाएगी।

आलू का इस्तेमाल करें

तेज धूप के कारण झुलसी हुई त्वचा को ठीक करने के लिए आलू का इस्तेमाल कर सकते हैं। आलू के कुछ टुकड़ों को क्रश कर लें और उसे अपने चेहरे के प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। 20 मिनट तक लगाकर रखें। यह सनबर्न को ठीक करने में मदद करेगा।

खीरा यूज करें

खीरा सनबर्न को ठीक करने के लिए बहुत उपयोगी है। इसमें मौजूद गुण त्वचा को ठंडक देकर सनबर्न ठीक करने में मदद करते हैं। प्रयोग के लिए, फ्रिज से ठंडे खीरे को निकालकर मैश कर लें। अब इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट तक लगाएं रखें और उसके बाद साफ़ कर लें। आप चाहे तो इसके लिए खीरे के जूस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सूजन और दर्द को कम करने में भी मदद करता है।

एलोवेरा इस्तेमाल करें

सनबर्न ठीक करने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करें। एलोवेरा शीतलता और दर्द को कम करने में मदद करता है। और सूजन से भी आराम दिलाता है। प्रयोग के लिए, एलोवेरा की पत्तियों को तोड़कर उससे ताजा जेल निकाल लें। इस जेल को आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। बाद में अपने चेहरे के प्रभावित हिस्से पर लगाएं। एक घंटे रखें और उसके बाद ठंडे पानी से धो लें।

दही का प्रयोग करें

दही स्किन के पी एच लेवल को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है। दही में मौजूद प्राकृतिक गुण सनबर्न से होने वाली जलन, सूजन और दर्द ठीक करने में मदद करते हैं। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड स्किन को सूर्य की हानिकारक UV rays से बचाने में मदद करता है। प्रयोग के लिए बिना फ्लेवर की सादी दही को अपनी त्वचा पर लगाएं। 20 मिनट रखें और उसके बाद चेहरा ठंडे पानी से धो लें। सनबर्न की समस्या ठीक हो जाएगी।

शहद का इस्तेमाल करें

शहद स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह कई तरह के आंतरिक और बाहरी संक्रमण के उपचार में मदद करता है। शहद में मौजूद एंटी सेप्टिक और एंटी बायोटिक गुण स्किन की सूजन को कम करने में मदद करता है। यह स्किन में नमी बनाए रखने में भी मदद करता है। प्रयोग के लिए, त्वचा के प्रभावित हिस्से पर शहद लगाकर 15-20 मिनट के लिए रहने दें। उसके बाद ठंडे पानी से धो लें। सनबर्न की समस्या ठीक हो जाएगी।

तो दोस्तों, ये कुछ उपाय हैं जिनकी मदद से सनबर्न की समस्या से निजात पाई जा सकती हैं। ये उपाय पूरी तरह घरेलू हैं इसलिए इनके कोई दुष्परिणाम नहीं है।

सुबह नाश्ते में इन चीजों को भूलकर भी न खाएं गर्भवती महिला

सुबह का नाश्ता आपके पूरे दिन फिट रहने के लिए बहुत महत्व रखता है। क्योंकि आप यदि सुबह नाश्ते में हेल्दी चीजों का सेवन करते हैं तो इससे आपको पूरा दिन एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है। इसीलिए प्रेग्नेंट महिला को अपने नाश्ते का अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है और नाश्ते में भरपूर पोषक तत्वों से युक्त आहार को शामिल करने की सलाह दी जाती है।

साथ ही नाश्ता करते समय क्या खाना है इस बात का ध्यान रखने के साथ इस बात का भी गर्भवती महिला को ध्यान रखना चाहिए की नाश्ते में क्या नहीं खाना है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहें हैं जिनका सेवन नाश्ते में प्रैग्गनैंट महिला को नहीं करना चाहिए।

मसालेदार चीजें

प्रेग्नेंट महिला को नाश्ते में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जिन्हे हज़म करने में महिला को कोई दिक्कत न हो। ऐसे में नाश्ते में ज्यादा मसाले, तेल वाले आहार का सेवन गर्भवती महिला को करने से बचना चाहिए। क्योंकि इनके कारण महिला को पेट में गैस व् पाचन से सम्बन्धी अन्य परेशानियां हो सकती है। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला का यदि भरा हुआ पराठा खाने का मन है तो महिला खा सकती है लेकिन ध्यान रखें ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल न करें। और पराठे के साथ दही का सेवन जरूर करें।

ज्यादा मीठी चीजें

जैम, डोनट, खीर या अन्य मीठी चीजों का सेवन भी नाश्ते में प्रेग्नेंट महिला को करने से बचना चाहिए। क्योंकि ज्यादा मीठी चीजों का सेवन करने से ब्लड में शुगर लेवल बढ़ सकता है। जिसकी वजह से प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ने का खतरा रहता है।

जंक फ़ूड

प्रेग्नेंट महिला को नाश्ते में बर्गर, ब्रेड टोस्ट आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि नाश्ते में इन चीजों का सेवन करने से गर्भवती महिला को पूरा दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

फ्रिज का खाना

प्रेग्नेंट महिला को रात के रखें खाने को गरम करके भी नाश्ते में नहीं खाना चाहिए। क्योंकि ऐसे आहार को खाने का कोई फायदा नहीं होता है बल्कि महिला को परेशानी हो सकती है। साथ ही इससे महिला को कोई पोषक तत्व भी नहीं मिलते हैं।

मैदे से बनी चीजें

गर्भवती महिला को नाश्ते में मैदे से बनी चीजों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसी चीजों को पचाने में गर्भवती महिला को दिक्कत होती है। जिसके कारण नाश्ते की वजह से महिला पूरा दिन परेशान रहती है।

नॉन वेज

प्रेग्नेंट महिला को सुबह के नाश्ते में चिकन, फिश आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह प्रेग्नेंट महिला के सुबह के नाश्ते के लिए अच्छा विकल्प नहीं है। जबकि नाश्ते में गर्भवती महिला को अंडे को जरूर शामिल करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ चीजें जिनका सेवन नाश्ते में गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए। साथ ही गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने और ऊर्जा से भरपूर रहने के लिए अपने नाश्ते को रोजाना समय से करना चाहिए और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को नाश्ते में शामिल करना चाहिए।

गर्भवती महिला को भूख नहीं लगे तो यह करें

प्रेगनेंसी में भूख की कमी

प्रेग्नेंट महिला को घर का सदस्य हो, बाहर का कोई रिश्तेदार हो या आपका डॉक्टर हो सभी खान पान का बेहतर तरीके से खाने पीने और अपनी केयर करने की सलाह देते हैं। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को हर परेशानी से बचे रहने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिल सके। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले बदलाव के कारण गर्भवती महिलाओं को परेशानी का अनुभव हो सकता है। जिसके कारण कई गर्भवती महिलाएं भूख में कमी की समस्या से परेशान होती है, और जिस किसी से भी आप भूख न लगने की बात शेयर करती होंगी हर कोई आपको यही राय देता होगा की चाहे भूख हो या न हो लेकिन खाना जरूर खाना चाहिए। क्योंकि खान पान में लापरवाही गर्भवती महिला के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। और प्रेगनेंसी के दौरान महिला अकेली नहीं होती है बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी महिला पर ही निर्भर करता है।

प्रेगनेंसी में भूख में कमी के कारण

  • बॉडी में होने वाले हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण महिला को यह परेशानी हो सकती है।
  • बहुत सी महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी की समस्या से परेशान होती है, जिसके कारण मुँह के स्वाद में बदलाव आता है जिसके कारण भूख में कमी की समस्या हो सकती है।
  • कब्ज़ या गैस की समस्या होने के कारण भी भूख में कमी हो सकती है, क्योंकि कब्ज़ के कारण पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है।
  • गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण भूख में कमी की समस्या हो सकती है।
  • तनाव होने के कारण भी गर्भवती महिला को भूख की कमी का अहसास हो सकता है।
  • जीभ के स्वाद में परिवर्तन आने के कारण भी गर्भवती महिला को यह समस्या हो सकती है।

प्रेगनेंसी में भूख की कमी होने पर यह करें

बहुत सी गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान भूख की कमी से परेशान रहती है। लेकिन गर्भवती महिला का अधिक भूखा रहना गर्भवती महिला के लिए सेहत सम्बन्धी समस्या खड़ी कर सकती है, साथ ही इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है। ऐसे में महिला को भूख की कमी को दूर करने के लिए क्या करना चाहिए आइये विस्तार से जानते हैं।

हल्का आहार लें

भूख की कमी को दूर करने के लिए गर्भवती महिला को हल्के आहार का सेवन करना चाहिए। हल्के आहार का मतलब की उसमे ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके कारण पेट सम्बन्धी समस्या हो सकती है। और ध्यान रखें की खाने में से ज्यादा महक भी न आये, क्योंकि कई महिलाओं को महक से एलर्जी होती है जिसके कारण उल्टी आदि की समस्या हो सकती है।

थोड़ा थोड़ा खाएं

गर्भवती महिला को दिन में तीन बड़े मील लेने की बजाय छोटे छोटे मील हर दो से ढाई घंटे के गैप पर लेने चाहिए। ऐसा करने से गर्भवती महिला को एनर्जी से भरपूर रहने के साथ भोजन को आसानी से हज़म करने में भी मदद मिलती है। साथ ही इससे भूख की कमी की समस्या भी धीरे धीरे दूर हो जाती है। साथ ही भोजन को अच्छे चबाकर खाएं, और भोजन के साथ सलाद आदि का सेवन भी जरूर करें।

पसंद का ध्यान रखें

भूख की कमी की समस्या से निजात पाने के लिए गर्भवती महिला को अपनी पसंद का कुछ आहार बनाना चाहिए, जो की पोषक तत्वों से भरपूर हो। क्योंकि यदि महिला अपनी पसंद का आहार खाती है, तो इससे भी हो सकते है की महिला की भूख बढे, ऐसे में आप चाहे तो यह तरीका भी ट्राई कर सकती है।

फाइबर युक्त आहार

कब्ज़, गैस जैसी परेशानी का प्रेगनेंसी में होना आम बात होती है, जिसके कारण गर्भवती महिला को भूख में कमी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में महिला को अपनी डाइट में फाइबर युक्त आहार जैसे की हरी सब्जियां, दालें, ड्राई फ्रूट्स आदि को शामिल करना चाहिए। क्योंकि फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से पेट सम्बन्धी इन परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है, और भूख भी बढ़ती है।

तरल पदार्थ का सेवन

तरल पदार्थों का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है। साथ ही इससे पाचन क्रिया को भी बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है, जिससे भूख को बढ़ाने में मदद मिलती है। ऐसे में गर्भवती महिला को पेय पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए पानी के साथ गर्भवती महिला निम्बू पानी, ताजे फलों का जूस, नारियल पानी, निम्बू पानी आदि का सेवन कर सकती है।

डॉक्टर से मिलें

यदि किसी शारीरिक समस्या के अधिक होने के कारण आपको कुछ भी खाने का मन नहीं करता है। तो ऐसे में इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गर्भवती महिला की सेहत के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी सही नहीं होता है। इसीलिए हो सके तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से भी जरूर राय लेनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को भूख की कमी की समस्या से निजात पाने के साथ भूख को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। तो यदि आप भी गर्भवती है और भूख की कमी की समस्या से परेशान हैं तो ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल करके इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।

गर्भ में जब बेबी मूवमेंट नहीं करे तो क्या करें?

गर्भ में शिशु की मूवमेंट

माँ बनना हर महिला के लिए बेहद खूबसूरत अहसास होता है और इस अहसास की ख़ुशी और भी बढ़ जाती है जब महिला गर्भ में शिशु की हलचल को पहली बार महसूस करती है। प्रेगनेंसी के चौथे महीने के आखिर में या पांचवें महीने की शुरुआत तक महिला को थोड़ी बहुत गर्भ में शिशु की हलचल महसूस हो सकती है। लेकिन शुरुआत में यह ज्यादा समय के लिए नहीं होती क्योंकि अभी शिशु बहुत छोटा होता है। लेकिन जैसे जैसे शिशु का विकास बढ़ता है जैसे की दूसरी तिमाही के आखिर और तीसरी तिमाही के दौरान वैसे वैसे आपको दिन में कई बार और ज्यादा समय के लिए शिशु की हलचल महसूस हो सकती है। पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं को इसे समझने में दूसरी बार माँ बन रही महिला की अपेक्षा ज्यादा समय लग सकता है।

जब आप किसी काम आदि को करने में व्यस्त होती है तो हो सकता है की आपका शिशु की हलचल की तरफ ध्यान न जाये। लेकिन जैसे ही आप आराम करने के लिए जाती है या सो रही होती हैं तो आप बेहतर तरीके से शिशु की हलचल का अनुभव कर सकती है। और जैसे जैसे प्रसव का समय पास आता है वैसे वैसे शिशु लगातार हलचल करता रहता है। जो इस बात का संकेत होता है की शिशु जन्म के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके अलावा जब आप ज्यादा शोर, ज्यादा रौशनी में जाती है, या फिर खाना खाती हैं, एक ही तरफ करवट लेकर लेती रहती है, तो ऐसी कुछ स्थितियों में भी गर्भ में शिशु अपनी प्रतिक्रिया देता है। क्योंकि गर्भ में ही शिशु का शारीरिक विकास होने के साथ उसके अंग भी धीरे धीरे काम करना शुरू कर देते हैं।

गर्भ में शिशु की हलचल न होने पर क्या करें?

प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही में शिशु का आकार बढ़ने के कारण उसे घूमने के लिए जगह कम मिलती है, इसीलिए हो सकता है की शिशु कम मूव करें। लेकिन यदि आपको शिशु की हलचल बहुत देर तक न महसूस हो तो यह परेशानी का विषय हो सकता है। लेकिन आपको घबराने की जरुरत नहीं है हो सकता है की आप काम में व्यस्त हो इसीलिए आपको पता नहीं चला हो। तो ऐसे में आप एक तरफ करवट लेकर लेटे और फिर देखें यदि दस मिनट तक लेटने के बाद भी शिशु कोई प्रतिक्रिया न दे, या फिर आप तेज आवाज़ में गाने सुनें और फिर भी शिशु कोई प्रतिक्रिया न दे।

तो यह परेशानी का कारण हो सकता है ऐसे में आपको बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। ताकि शिशु को गर्भ में किसी भी तरह की दिक्कत होने से बचाने में मदद मिल सके। क्योंकि गर्भ में शिशु की मूवमेंट में कमी आने का एक कारण शिशु की प्लेसेंटा के माध्यम से पर्याप्त ऑक्सीजन का न मिलना हो सकता है, जिससे गर्भ में शिशु को रिस्क हो सकता है। साथ ही प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में आपको शिशु की मूवमेंट का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए आप चाहे तो इसे गिन भी सकती है, और यदि आपको और कोई भी असहज लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

तो यह है गर्भ में शिशु के मूवमेंट से जुडी जानकारी, शिशु की मूवमेंट के अलावा यदि प्रेग्नेंट महिला को यदि स्वास्थ्य से जुडी कोई परेशानी भी अधिक हो तो इसे भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि महिला के स्वास्थ्य से ही शिशु का विकास जुड़ा होता है ऐसे में महिला द्वारा की गई लापरवाही का शिशु पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिला को स्वस्थ रहने के लिए और शिशु के बेहतर विकास के लिए अपना दुगुना अच्छे तरीके से ध्यान रखना चाहिए।

जानें लड़की या लड़का होने के लक्षण गर्भ में

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माँ बनने का अनुभव इस दुनिया का सबसे प्यारा अहसास है, और भगवान ने इसके लिए एक महिला को चुना है, इसीलिए किसी भी महिला के लिए गर्भावस्था किसी वरदान से कम नहीं होती है। और हर महिला चाहती है की उसके गर्भ में पल रहा शिशु स्वस्थ हो, और साथ ही उसके मन में यह जानने की उत्सुकता भी रहती है की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। हालाँकि इस बात से फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि शिशु का स्वस्थ जन्म लेना हर माँ बाप के लिए प्राथमिक होता है। लेकिन यदि आप चाहे तो प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में हो रहे बदलाव और लक्षणों को देखकर अंदाजा लगा सकती हैं की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। तो आइये अब जानते हैं की बॉडी में होने वाले कौन से लक्षण को देखकर आप पता कर सकते हैं की गर्भ में लड़का है या लड़की।

गर्भ में लड़का या लड़की होने के लक्षण

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले बदलाव हर महिला के शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करते हैं, लेकिन यदि आपके गर्भ में लड़का है तो आपको क्या लक्षण महसूस होते हैं और लड़की होती है तो क्या लक्षण महसूस होते हैं आइये जानते हैं।

मॉर्निंग सिकनेस

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस का होना आम बात होती है, लेकिन यदि आपको यह परेशानी कम हो या सुबह उठने पर ऐसा कुछ भी महसूस न हो तो इसका मतलब यह होता है की गर्भ में लड़का है। लेकिन महिलाओं में यदि हॉर्मोन का स्तर अधिक है और सुबह उठते समय महिला को अधिक परेशानी होती है तो एक शोध के अनुसार यह गर्भ में लड़की होने की और संकेत करता है।

स्किन पर दिखता है असर

लड़के के गर्भ में होने पर महिला की स्किन में ग्लो आने लगता है, महिला का चेहरा पहले की अपेक्षा ज्यादा खिला हुआ दिखता है और दाग धब्बो जैसी परेशानी भी महिला को ज्यादा नहीं होती है। और यदि गर्भ में लड़की है तो महिला को दाग, धब्बो, मुहांसे जैसी समस्या अधिक होती है, साथ ही स्किन में चमक का न आना भी महिला के गर्भ में लड़की होने की और इशारा करता है।

पेट का आकार

चौथे महीने के बाद प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं का पेट साफ़ दिखाई देता है, यदि महिला पेट कम बड़ा और नीचे की तरफ झुका हुआ होता है तो यह गर्भ में लड़का होने का संकेत होता है। जबकि पेट का आगे की और अधिक निकला हुआ होना या पेट का आकार बहुत अधिक होना या तो जुड़वाँ बच्चों का संकेत होता है या फिर लड़की होना का। यदि जुड़वाँ बच्चे नहीं हैं तो यह गर्भ में लड़की होने की और इशारा करते हैं।

स्वाद में परिवर्तन

यदि आप गर्भवती हैं और आपका मीठा खाने का अधिक मन करता है जैसे मिठाइयां, चॉकलेट आदि। तो यह इस बात की और इशारा करता है की आपके घर एक नन्ही परी आने वाली है। जबकि महिला का यदि नमकीन और खट्टी चीजें खाने का अधिक मन करता है तो यह गर्भ में लड़का होने का संकेत होता है।

दिल की धड़कन

गर्भ में पल रहे शिशु के हार्ट रेट से भी आप जान सकते हैं की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की है। यदि गर्भ में पल रहे शिशु की धड़कन 140 प्रति मिनट यानी की एक मिनट में यदि शिशु का दिल 140 बार से कम धड़कता है तो गर्भ में लड़का होता है और यदि उससे ज्यादा बार धड़कता है तो गर्भ में लड़की होती है।

बालों से भी जान सकते हैं

बालों की चमक का बढ़ना और वैक्सिंग करवाने के बाद बालों का तेजी से आना गर्भ में लड़का होने की निशानी होती है। जबकि प्रेगनेंसी के दौरान बालों के अधिक झड़ने की समस्या से परेशान रहना गर्भ में लड़की होने की और संकेत करता है।

वजन

यदि महिला का वजन अधिक नहीं बढ़ रहा है व् शरीर में कूल्हे, जांघो आदि की चर्बी अधिक नहीं बढ़ रही है तो यह गर्भ में लड़का होने का संकेत होता है जबकि यदि महिला के कूल्हे व् जांघो की चर्बी अधिक बढ़ जाती है तो यह गर्भ में लड़की होने का लक्षण होता है।

मूड में बदलाव

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के मूड में अधिक बदलाव का न आना लड़के के गर्भ में होने का संकेत होता है। जबकि यदि महिला को गुस्सा, चिड़चिड़ापन, तनाव अधिक रहता है तो यह गर्भ में लड़की होने की और इशारा करता है।

तो यह हैं कुछ खास लक्षण जिन्हे देखकर आप पता कर सकते है की गर्भवती महिला के गर्भ में लड़का है लड़की, पुराने जमाने से ही बड़े बुर्जुग इनकी लक्षणों को देखकर बताते थे की गर्भ में लड़का है या लड़की। लेकिन यह पूरी तरह सच हो ऐसा भी नहीं है।

यूट्यूब विडिओ –

गर्भ में बेटा है या बेटी? गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की?

महिलाओ को कैसा पुरुष आकर्षित करता है

ज्यादातर पुरुषो को यह बात समझ नहीं अति है की किस तरह वो महिलाओ को इम्प्रेस कर सकते है। और सच मानिए यह काम सच में किसी जंग से कम नहीं होता है, लेकिन यह नामुमकिन भी नहीं है। हर महिला की अपनी एक पसंद होती है जैसे की कुछ महिलाएं शायराना अंदाज़ वाले पुरुषो को पसंद करती है, तो कुछ कम बोलने वाले पुरुषो को, कुछ को आध्यात्मिक तो कुछ को पार्टी करने वाले, हर मामले में हर महिला की पसंद अलग होती है।

लेकिन सभी महिलाएं चाहती है की जो भी पुरुष हो वो हमेशा महिलाओ को इज्जत दें, उन्हें नीचा न दिखाएं, दूसरों की मदद करें, सभी से प्यार से मिलें, मेल जोल में अच्छा हो, आदि। ज्यादातर पुरुष महिलाओ को इम्प्रेस करने के लिए कितना कुछ करते है, लेकिन कई बार उनके हाथ निराशा लगती है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको बताने वाले हैं की महिलाओ को किस तरह के पुरुष आकर्षित करते हैं।

महिलाओ को कैसे पुरुष आकर्षित करते है:-

महिलाओ का सम्मान करने वाले:-

महिलाओ को हमेशा अपना सम्मान करने के साथ दूसरों को भी इज्जत देने वाले पुरुष बहुत आकर्षित करते है। और ऐसे पुरुष हमेशा महिलाओ की नज़रों में हीरो की तरह रहते है, और केवल महिला ही नहीं बल्कि आस पास रहने वालो के साथ अपने परिवार का भी सम्मान करने वाले पुरुष महिला को बहुत पसंद होते है।

शायराना अंदाज़ वाले:-

महिलाओ को इम्प्रेस करने के लिए कई बार शायरी भी एक असरदार उपाय का काम करती है। ज्यादातर महिलाओ को शायराना अंदाज़ वाले पुरुष बहुत जल्दी आकर्षित करते है। इसीलिए यदि आप भी चाहते है की महिलाएं आपकी और आकर्षित हो तो आपको शायरी जरूर सीखनी चाहिए।

केयरिंग:-

हमेशा केयर करने वाले पुरुष भी महिलाओ को बहुत जल्दी अपनी और आकर्षित करते है। ऐसा करके आप अपने अच्छे दोस्त और अच्छा साथी होने का प्रमाण भी देते है। और इससे महिला भी बहुत खुश होती है की उन्हें लोग इतना प्यार करते है, इसीलिए किसी भी महिला को इम्प्रेस करने करने के लिए आपका केयरिंग होना भी बहुत जरुरी होता है।

तारीफ़ करने वाले:-

तारीफ़ को सुनकर महिलाएं बहुत खुश होती है, ऐसे में महिलाओ को आकर्षित करने के लिए आपको महिला के काम से लेकर, उनके कपड़ो तक की तारीफ़ करनी चाहिए। लेकिन याद रखें की ऐसा न हो की वो कुछ गलत कर रही हो और वहां भी आप उनकी तारीफ़ करें, ऐसे में आपका मामला उल्टा पड़ सकता है।

घूमने फिरने वाले:-

ऐसा हर महिला के साथ नहीं लेकिन ज्यादातर महिलाओ को घूमना बहुत अच्छा लगता है। और इसीलिए उन्हें ऐसे पुरुष भी अपनी और बहुत जल्दी आकर्षित करते है जिन्हे घूमने फिरने का बहुत शौक होता है। क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है की उनका साथ देने के लिए आप उनके अच्छे दोस्त या पार्टनर बन सकते है।

बुरी आदतों से दुरी रखने वाले:-

जो पुरुष बुरी लत के शिकार होते है महिलाएं उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं करती है। और वो ऐसे पुरुषो से हमेशा दूरी बनाकर रखना चाहती है। और यदि आप बुरी लत के शिकार होते है तो यह आपके लिए भी नुकसानदायक होता है, इसीलिए जितना हो सकें इन चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

मेल जोल रखने वाले:-

सभी से प्यार से बोलने वाले, और मेल जोल बनाकर रखने वाले पुरुष भी महिलाओ को बहुत जल्दी आकर्षित करते हैं। क्योंकि जब आप किसी से अच्छे से बात नहीं करते है, किसी को सम्मान नहीं देते है, तो हर कोई आपसे दूरी बनाकर रखना चाहता है फिर वो चाहे कोई महिला होती है या फिर कोई पुरुष होता है।

मदद करने वाले:-

हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहने वाले पुरुष भी महिलाओ को अपनी और बहुत जल्दी आकर्षित करते है। क्योंकि इससे भी आपका लोगो के प्रति आदर और प्यार दिखाई देता है, जो की महिलाओ को बहुत पसंद होता है। और महिला आपको पसंद करती है और आपसे दोस्ती भी करना चाहती है।

अच्छी पर्सनैल्टी वाले:-

आपका लुक भी महिलाओ को आपकी और आकर्षित करता है, यदि आप हमेशा फिट रहते है, और आपका कपडे पहनने का तरीका अच्छा होता है। साथ ही आपका लुक हमेशा सबसे अलग होता है तो यह भी महिलाओ के दिल पर वार की तरह काम करता है जिसे देखकर महिलाएं आपकी और आकर्षित होती है।

तो यदि आप भी चाहते हैं की महिलाएं आपकी और आकर्षित हो तो आप भी ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन सिर्फ इम्प्रेस करने के लिए नहीं बल्कि आपको हमेशा महिलाओ का सम्मान करना चाहिए, उनके नीचा दिखाने की बजाय हर मामले में उन्हें बराबर का दर्जा देना चाहिए, ताकि पुरुष और महिला के बीच होने वाले भेदभाव को खत्म करने में मदद मिल सकें।

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त्वचा और बालों के लिए सेब के सिरके के फायदे और नुकसान!

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कुछ सालों पहले तक सेब का सिरका, इतना प्रसिद्ध नहीं था लेकिन आज के समय में क्या डायटिशियन और क्या डॉक्टर सभी हर तरह के बिमारी के लिए इस प्रकृति देन के इस्तेमाल की सलाह देते है. जो मधुमेह से लेकर वजन घटाने तक की आम समस्या सभी के लिए बेहद लाभकारी होता है. सेब के सिरके के फ़ायदों से तो लगभग सभी परिचित है लेकिन उनमे से केवल मुट्ठी भर लोग ही इसके साइड इफेक्ट्स से परिचित है.

लेकिन ये भी सत्य है की ये प्राकृतिक देन जितनी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है उतना ही आपकी त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है. मुहांसे जैसी आम समस्या से लेकर Psoriasis जैसी गंभीर समस्या सभी के लिए सेब का सिरका बेहद लाभकारी होता है. इसके अलावा भी त्वचा और बालों के लिए बहुत से फ़ायदे होते है इस प्राकृतिक उपाय है. जिन्हें शायद आप लोग नहीं जानते इसीलिए आज हम सेब के सिरके के त्वचा व् बालों के लिए फ़ायदे और नुकसानों के बारे में बताने जा रहे है. जिनकी मदद से आप भी जान सके की इसका इस्तेमाल कहाँ तक सुरक्षित और फायदेमंद है?

सेब के सिरके के त्वचा के लिए फ़ायदे :-

1. त्वचा को साफ़ करे :

सेब का सिरका आपकी त्वचा के लिए भी बेहद लाभकारी होता है. इसके मदद से त्वचा की deep क्लींजिंग भी की जा सकती है. इसके लिए सेब के सिरके और मुल्तानी मिट्टी को बराबर मात्रा में मिलाकर उसमे 1 चम्मच शहद मिलाएं. अब इसे अपने पुरे चेहरे पर लगा लें. 10 से 15 मिनट तक लगायें रखे और उसके बाद चेहरा धो ले. ऐसा करने से आपकी त्वचा पूरी तरह साफ़ हो जाएगी और आपका फेस चमकने लगेगा.

2. बेहतर टोनर :

सेब के सिरका का इस्तेमाल आप अपनी नियमित टोनर के स्थान पर भी कर सकती है. इसके लिए आधा कप सेब के सिरके में 1 कप पानी डालकर अच्छे से मिला लें. अब इसे रुई की मदद से अपने चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगा लें. ये आपके complexion को साफ़ करने के साथ-साथ, त्वचा के discoloration को कम करेगा जिससे दाग़-धब्बे दूर होंगे. इसके नियमित इस्तेमाल से आपके त्वचा toned, ग्लोइंग और मॉइस्चराइज हो जाएगी. आप चाहे तो 1 कैप सेब के सिरके को अपने बाथटब में डालकर, खुद को 20 मिनट तक उसी में डुबोएं रखे.

3. Psoriasis :

सेब के सिरके में astringent गुण भी पाए जाते है जो त्वचा संबधी समस्यायों जैसे सुजन और Psoriasis से राहत दिलाता है. इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों पर रुई के फाहे की मदद से सेब का सिरका का लगायें.

4. सनबर्न :

शायद आप नहीं जानती लेकिन ये प्राकृतिक तत्व गर्मियों में होने वाली आम समस्या सनबर्न से आराम देने में भी मदद करता है. इसके लिए एक साफ़ सुथरे कपडे को सेब के सिरके में डुबोएं और सनबर्न से प्रभावित क्षेत्रों में लगायें. कुछ ही दिनों के इस्तेमाल से आपकी समस्या में आराम मिलने लगेगा.

5. बढ़ती उम्र की निशानियाँ :

सेब के सिरके में सल्फर की अच्छी मात्रा पायी जाती है जो बढती उम्र की निशानियाँ जैसे दाग़-धब्बे और झुर्रियों आदि से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसके साथ ही ये त्वचा में कसाव लाने में भी मदद करता है जिससे फाइन लाइन्स की समस्या भी नहीं होती. इसके लिए रोजाना रात सोने से पूर्व अपने चेहरे पर सेब का सिरका लगायें. पूरी रात उसे लगे रहने दे और अगली सुबह पानी से धो लें. यदि आपकी स्किन थोड़ी सेंसिटिव है तो इसमें पानी मिलाकर प्रयोग करें.

6. मुहांसे :

हमारा शरीर बहुत से toxins निकालता है जो मुहांसे, रैशेस और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के रूप में देखने को मिलता है. सेब का सिरका त्वचा में मौजूद अतिरिक्त तेल को सोखकर त्वचा के pH लेवल को संतुलित करता है जिससे मुहांसे नियंत्रित होते है. इसके लिए सेब के सिरके का 1 भाग और 3-4 भाग पानी मिलाकर इसे अपनी त्वचा पर लगायें. 10 मिनट बाद इसे साफ़ कर लें. यदि आपको मुहांसों की समस्या है तो इस मिश्रण को पूरी रात भर लगे रहने दे. आप चाहे तो सीधे सीधे इसका प्रयोग भी कर सकती है.

7. मस्से की समस्या :

यदि आप भी मस्से की समस्या से परेशान है तो रुई के फाहे को सेब के सिरका में डुबोकर उसे मस्से पर लगायें और किसी बैंडेज की मदद से उसे ढक दें. पूरी रात भर इसे लगे रहने दे और अगली सुबह पानी से साफ़ कर लें.

बालों के लिए सेब के सिरके के फ़ायदे :-

1. मजबूती दे :

यदि आप भी अपने बालों को पहले वाली मजबूती चाहती है तो इसके लिए एक ग्लास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाएं. और रोजाना इसका सेवन करें. ये आपके बालों को अंदरूनी पोषण देकर उन्हें मजबूत करने में मदद करेगा.

2. ग्रोथ बढ़ाये :चेहरे के अनचाहे बालों को दूर करने के उपाय

अदि आपके बाल भी बढ़ते नहीं है और बढ़ने पर बहुत अजीब हो जाते है तो हमारे पास आपकी इस समस्या है एक बेहद ख़ास और प्रभावी उपाय है. इसके लिए अपने बालों को सेब के सिरके से धोएं. ये आपके बालों को मजबूत बनाने और उनकी ग्रोथ बढ़ाने में मदद करेगा. साथ ही उन आवश्यक nutrients की पूर्ति करता है जो स्कैल्प के pH लेवल को नियंत्रित करने के लिए जरुरी होते है. और डेड स्किन सेल्स को निकालकर बालों की ग्रोथ बढ़ाने में मदद करता है.

3. सुलझाने में हो आसानी :

Vinegar आपके बालों में बढ़ रहे shafts को खत्म करके cuticles को बंद करने में मदद करता है. cuticles के बंद हो जाने से, बालों को सुलझाने में आसानी होती है. दरअसल इसमें alpha-Hydroxy acid पाया जाता है जो बालों की ग्रोथ को बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है.

4. Dandruff :

शायद आप नहीं जानते लेकिन सेब का सिरका खुजली वाली स्कैल्प से छुटकारा दिलाकर, स्कैल्प में मौजूद बैक्टीरिया और फंगी को समाप्त करता है जो हमारी जड़ों को बंद करते है. इसके साथ ही ये त्वचा के भीतर की नलियों में रक्त के संचारण को भी सुधारता है जिससे यीस्ट और स्कैल्प में इन्फेक्शन पैदा करने वाले वायरस समाप्त होते है. इसमें मौजूद तत्व dandruff बढ़ाने वाले यीस्ट फंगस को भी समाप्त करते है.

5. चमकदार बाल :

यदि आप भी चमकदार और शाइनी बाल पाना चाहती है तो आधा कप सेब के सिरके को आधा कप गर्म पानी में मिलाकर उसका प्रयोग एक कंडीशनर के रूप में करें. ये करली, वेवी और उलझे बालों को सही करके उन्हें प्राकृतिक चमक प्रदान करता है.

6. जड़ो को मजबूत करे :

स्कैल्प से डेड स्किन सेल्स को निकालने और उसे rejuvenate करने के लिए Exfoliation बेहद जरुरी होता है. हमारी स्कैल्प त्वचा और connective tissue की 5 लेयर्स से बनी है जिनमे कई रक्त नलियाँ और ब्लड वेसल्स मौजूद है. जो हामरे बालों की ग्रोथ के लिए उन्हें जरुरी nutrients प्रदान करते है. इसके लिए 1 चम्मच ब्राउन शुगर को अपने शैम्पू से साथ मिला लें और इससे अपनी स्कैल्प की मसाज करें. बाद में अपने बालों को ACV और पानी के मिश्रण से धो लें. बाद में साफ़ पानी से भी बालों को धोएं.

7. बालों का झड़ना कम करे :

आज कल के समय में बालों का पतलापन एक बहुत आम समस्या बनता जा रहा है. ऐसे में सेब का सिरका बेहद फायदेमंद हो सकता है. ये आपके बालों के झड़ने की समस्या को कम करने में भी मदद करता है. इसके लिए अपने बालों को भागों में बाँट कर ACV का स्प्रे करें. ये आपकी स्कैल्प के alkaline बैलेंस को बनाये रखने में मदद करेगा. यदि समस्या अधिक है तो शैम्पू करने से पूर्व अपने बालों में सेब के सिरके का स्प्रे करें या प्रभावित क्षेत्र पर सेब के सिरके को रगड़े.

अधिक इस्तेमाल से हो सकते है नुकसान :- 

जहाँ एक तरफ ये प्राकृतिक देन हमारी त्वचा संबंधी कई समस्याओं से आराम देने में मदद करती है वहीं दूसरी ओर इसके अधिक इस्तेमाल से हमें कई परेशानियाँ भी उठानी पड़ सकती है. सेब के एक्सट्रेक्ट से निकाले गए इस सिरके के फ़ायदों को तो आप जान ही चुके है लेकिन शायद ही कोई इसके नुकसानों से परिचित हो. इसीलिए हम आपको सेब के सिरके के कुछ साइड इफेक्ट्स भी बताने जा रहे है. ताकि आप भी इसका इस्तेमाल थोडा ध्यान से करें.

1. जब भी आप सेब का सिरका का इस्तेमाल करती है तो ये आपकी खाद्यनली, टूथ इनेमल और पेट की भीतरी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. क्योकि इसमें citric acid पाया जाता है. इसके अलावा सेब के सिरके के सीधे इस्तेमाल से त्वचा में खुजली, जलन और रैशेज भी हो सकते है.

2. ACV में acetic acid की उच्च मात्रा पायी जाती है जो ब्लड में पोटैशियम के लेवल को घटाती है. इस अवस्था को hypokalemia कहा जाता है. इसके कारण कमजोरी, जी मचलना, एंठन, बारबार पेशाब आना, ब्लड प्रेशर का कम होना, हृदय की गति में बदलाव आना और पैरालिसिस की समस्याएं हो सकती है.

3. क्योंकि ACV की प्रकृति एसिडिक होती है जो laxatives, diuretics, और insulin जैसी कुछ ड्रग के साथ ये रिएक्शन कर जाता है. जो सीधे सीधे इन्सुलिन लेवल और ब्लड शुगर पर प्रभाव डालता है.

4. इसके अलावा इसके एसिडिक नेचर के कारण डायरिया, अपच और हार्ट बर्न की समस्याएं भी हो सकती है. और यदि आप सेब के सिरके का इस्तेमाल detoxification के लिए कर रहे है तो इनका होना सामान्य है.

5. यदि आप ईसका रोजाना सेवन करते है तो Undiluted ACV की उच्च एसिडिक प्रकृति आपके दांतों के इनेमल को नुकसान पंहुचा सकती है. इसके अलावा ये दांतों को पीला रंग भी देता है.

6. ACV के अधिक इस्तेमाल से आपके हड्डियों की मिनरल क्षमता कम हो जाती है जिसकी वजह से वे कमजोर हो जाती है. इसीलिए जिन लोगो को हड्डियों से सम्बन्धित कोई भी परेशानी हो तो उन्हें इसका इस्तेमाल कतई नहीं करना चाहिए.

7. कई बार इसके अधिक इस्तेमाल से गले में खराश की समस्या भी उत्पन्न होने लगती है. ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि इसमें acetic acid पाया जात है.

8. सेब के सिरके का अत्यधिक सेवन करने से ये ब्लड शुगर लेवल को घटाता है क्योंकि ये ब्लड पर antiglycemic रिएक्शन करता है. कई बार इसके इस्तेमाल से diabetic hypoglycemia हो जाता है जिसमे मस्तिष्क को ग्लूकोस की सप्लाई बंद हो जाती है ऐसे में इंसान का कोमा में जाने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसीलिए इसके इस्तेमाल से पूर्व हमेशा एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए.

9. सेब के सिरके के अन्य फ़ायदों में से एक शरीर के सभी toxins बाहर निकालना होता है. जो कई बाद मुहांसे के बढ़ने और निकलने का कारण बनता है.

10. ACV के अधिक सेवन से सर दर्द की समस्या भी हो सकती है.