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अगर ये संकेत मिल रहे हैं तो समझिए की नोर्मल डिलीवरी होगी

अधिकतर गर्भवती महिलाएं यही चाहती है की उनकी डिलीवरी नोर्मल हो। क्योंकि नोर्मल डिलीवरी में डिलीवरी के दौरान तो थोड़ी तकलीफ होती है लेकिन डिलीवरी के बाद महिला को परेशानी बहुत कम होती है। साथ ही महिला को जल्दी फिट होने में भी मदद मिलती है। लेकिन महिला की डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन ऐसा बताना थोड़ा मुश्किल होता है।

परन्तु यदि गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखती है और स्वस्थ रहती है। तो ऐसा करने से नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही यदि महिला की डिलीवरी नोर्मल होती है तो डिलीवरी का समय पास आने पर महिला को शरीर में कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं। तो आइये अब जानते हैं की नोर्मल डिलीवरी होगी इसके क्या लक्षण बॉडी में दिखाई देते हैं।

लेकिन उससे पहले जानते हैं की नोर्मल डिलीवरी क्या होती है।

नोर्मल डिलीवरी क्या होती है?

जब महिला प्राकृतिक तरीके यानी की प्राइवेट पार्ट के माध्यम से बच्चे को जन्म देती है तो उसे नोर्मल डिलीवरी कहते हैं। इस दौरान कुछ महिलाओं को बिल्कुल भी टाँके नहीं लगते हैं। तो कुछ महिलाओं को टाँके लग सकते हैं। साथ ही नोर्मल डिलीवरी के दौरान महिला को पीड़ा अधिक होती है लेकिन डिलीवरी के बाद रिकवर होने में उतना ही कम समय लगता है। तो आइये अब जानते हैं प्रेग्नेंट महिला के शरीर में नोर्मल डिलीवरी के क्या लक्षण महसूस होते हैं।

बच्चे का नीचे की और आना

गर्भवती महिला को गर्भ में पल रहे शिशु के वजन के बारे में पता चलता है की शिशु का वजन कहा ज्यादा है। ऐसे में यदि आपको ऐसा लग रहा है की बच्चे के वजन पेट के निचले हिस्से की तरफ ज्यादा हो रहा है। और पेट के निचले हिस्से में दबाव अधिक महसूस हो रहा है। तो इसका मतलब यह होता है की बच्चा जन्म लेने की सही पोजीशन में आ रहा है। और बच्चे का जन्म लेने की सही पोजीशन में आना नोर्मल डिलीवरी होने का लक्षण होता है।

पीठ में दर्द

यदि डिलीवरी का समय पास आने पर महिला को पीठ में दर्द ज्यादा महसूस हो रहा है। तो यह भी इस बात की और इशारा करता है की महिला की डिलीवरी नोर्मल होगी। पीठ में दर्द इसीलिए अधिक होता है क्योंकि बच्चे का भार जब नीचे की तरफ पड़ता है। तो पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव होने के साथ रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है। जिसकी वजह से पीठ दर्द होता है।

पीरियड्स के जैसा दर्द होना

प्रसव का समय पास आने पर यदि महिला को पेट में पीरियड्स की तरह मरोड़े उठ रहे हैं, दर्द हो रहा है और धीरे धीरे यह दर्द बढ़ रहा है। तो समझ जाइये की यह लेबर पेन की शुरुआत के लक्षण हैं। जो की महिला की नोर्मल डिलीवरी होने की तरफ इशारा करते हैं।

दस्त लगना

बार बार बाथरूम जाने की इच्छा होना, दस्त की परेशानी का बढ़ना, खासकर जब बच्चे के जन्म का समय पास आ रहा है। तो यह लक्षण भी इस बात का संकेत देता है की महिला की डिलीवरी नोर्मल होगी।

एमनियोटिक फ्लूड निकलना

प्रसव का समय पास आने पर यदि महिला को प्राइवेट पार्ट से गाढ़ा चिपचिपा सफ़ेद पदार्थ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। तो इसका मतलब होता है की शिशु जन्म लेने के लिए बिल्कुल तैयार है। और अब डिलीवरी किसी भी समय हो सकती है साथ ही एमनियोटिक फ्लूड का निकलना भी सामान्य प्रसव का लक्षण होता है। एमनियोटिक फ्लूड के साथ रक्त के धब्बे भी आपको दिखाई दे सकते हैं।

सीने में हल्कापन महसूस होना

डिलीवरी का समय पास आने पर यदि महिला को ऐसा लग रहा है की उसका पेट हल्का हो रहा है और सीने यानी ब्रेस्ट के आस पास का हिस्सा भी हल्का महसूस हो रहा है। तो इसका मतलब होता है की बच्चा जन्म लेने की सही पोजीशन में आ रहा है और नोर्मल डिलीवरी होने के चांस अधिक है।

ब्रेस्ट में सूजन

डिलीवरी का समय पास आने पर यदि महिला को ब्रेस्ट में सूजन व् भारीपन अधिक महसूस होता है। तो यह भी इस बात की और इशारा करता है की महिला की डिलीवरी नोर्मल होने के चांस अधिक हैं।

बच्चे की मूवमेंट में कमी

यदि गर्भ में पल रहा बच्चा पहले के मुकाबले कम मूवमेंट करता है तो यह भी नोर्मल डिलीवरी का ही लक्षण होता है। क्योंकि बच्चे का सिर नीचे की तरफ और पैर ऊपर की तरफ होने के कारण बच्चे की मूवमेंट में कमी आ सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है की बच्चा बिल्कुल मूव नहीं करेगा। तो आपको बच्चे की मूवमेंट का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

तो यह हैं कुछ लक्षण जो डिलीवरी का समय पास आने पर यदि महिला को अपने शरीर में महसूस होते हैं तो इसका मतलब यह होता है की महिला की डिलीवरी नोर्मल होगी।

प्रेगनेंसी में जरूर खानी चाहिए यह सब्जियां

प्रेगनेंसी में सब्जियां

गर्भावस्था के दौरान महिला को भरपूर मात्रा में फलों और सब्जियों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह गर्भवती महिला के शरीर में पोषक तत्वों को भरपूर रखने में मदद करता है। जिससे प्रेगनेंसी में गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को बेहतर रहने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को पोषण पहुंचाने में भी मदद मिलती है। और महिला को उन सब्जियों को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए जो प्रेगनेंसी के दौरान फायदेमंद होती है। और इस बात का ध्यान रखना चाहिए की सब्जियां ताज़ी होने के साथ अच्छे से धोने के बाद ही प्रयोग में लानी चाहिए।

प्रेगनेंसी में कौन सी सब्जियां खानी चाहिए

प्रेगनेंसी के दौरान वैसे तो महिला अधिकतर सभी सब्जियों का सेवन कर सकती है, लेकिन कुछ खास सब्जियां हैं जिन्हे महिला को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि इनमे पोषक तत्व भरपूर होते हैं जो गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को फिट रखने के साथ गर्भ में भ्रूण के बेहतर विकास में भी मदद करते हैं। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी में कौन सी सब्जियां जरूर खानी चाहिए।

हरी पत्तेदार सब्जियां

फोलिक एसिड, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन्स से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियां प्रेगनेंसी में बहुत फायदेमंद होती है। यह गर्भवती महिला के शरीर में ब्लड की मात्रा को पूरी रखने, शिशु को जन्म दोष से सुरक्षित रखने, गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने और गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करती है, पालक, मेथी का साग का आदि का सेवन कर सकती है।

ब्रोकली

ब्रोकली में मौजूद कैल्शियम और फोलेट गर्भ में पल रहे शिशु के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। फोलेट जहां भ्रूण के बेहतर मानसिक विकास में मदद करता है, वहीँ कैल्शियम गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है जिससे उसके बेहतर शारीरिक विकास में मदद मिलती है।

चुकंदर

फॉलिक एसिड, विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन चुकंदर में भरपूर मात्रा में होता है। जो की प्रेगनेंसी के समय गर्भवती महिला को फिट रहने में बहुत मदद करता है।

हरे मटर

हरे मटर में भी पौष्टिक तत्‍व भरपूर पाए जाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन के सेंट्रल नर्वस सिस्‍टम, हड्डियों, मांसपेशियों के बेहतर विकास में मदद करता है।

पत्‍तागोभी

विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन के पत्तागोभी में भरपूर पाया जाता है। इसके अलावा इसमें मैगनीशियम, जिंक और पोटैशियम भी उच्च मात्रा में होता है जो गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिये लाभकारी होता है। इसीलिए पत्तागोभी को भी गर्भवती महिला को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

टमाटर

टमाटर का सेवन भी गर्भवती महिला को पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। खासकर डिलीवरी से पहले इसका भरपूर सेवन शुरू कर देना चाहिए।

बेल पेप्पर

अलग अलग रंग की शिमला मिर्च का सेवन भी गर्भवती महिला को जरूर करना चाहिए। क्योंकि यह विटामिन सी से भरपूर होती है जो शिशु के उत्तकों के बेहतर विकास और मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करती है इसीलिए गर्भवती महिला को इसे भी अपनी डाइट में जरूर शामिल कर सकती है।

शकरगंद

गर्भ में पल रहे शिशु और गर्भवती महिला के लिए शकरगंद का सेवन भी बहुत फायदेमंद होता है। इसीलिए गर्भवती महिला चाहे तो शकरगंद का सेवन भी भरपूर मात्रा में कर सकती है।

एवोकाडो

विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी 6, फोलेट, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व एवोकाडो में भरपूर मात्रा में होते है। जो गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरुरी होते हैं।

तो यह हैं कुछ सब्जियां जिनका सेवन गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान जरूर करना चाहिए। इसके आलावा दालों, फलों, तरल पदार्थों, आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

स्ट्रेचमार्क्स से कैसे बचें? डिलीवरी से पहले और बाद में क्या करें

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प्रेगनेंसी के दौरान महिला का वजन बढ़ता है, जिसके कारण स्किन में खिंचाव होना आम बात होती है। और यह खिंचाव त्वचा की केवल ऊपरी परत में ही नहीं बल्कि अंदरूनी परत में भी आता है, जिसके कारण आपको स्किन पर भूरे रंग की लाइन्स दिखाई देने लगती हैं जिन्हे स्ट्रेचमार्क्स कहा जाता है। यह ब्रेस्ट, पेट, पीठ, जांघो, बाजू, कूल्हों आदि पर हो सकते हैं, और जैसे जैसे वजन बढ़ता है यह निशान भी बढ़ सकते हैं।

साथ ही यह काफी भद्दे भी लगते हैं, ऐसे में डिलीवरी के बाद इनके पेट पर होने के कारण महिलाएं साडी, अपनी पसंदीदा ड्रेस आदि पहनने से बचने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं की आप इस समस्या का समाधान कर सकते है, और यदि आप चाहे तो इस समस्या से बच भी सकते हैं। और आप इससे बचने के लिए डिलीवरी के बाद ही नहीं बल्कि पहले भी कुछ आसान टिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो आइये जानते हैं की वो कौन से टिप्स हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान स्ट्रेचमार्क्स से बचने के टिप्स

गर्भवस्था के दौरान जैसे जैसे पेट का आकार बढ़ने लगता है वैसे वैसे स्ट्रेचमार्क्स की समस्या हो सकती है। ऐसे में यदि आप इस परेशानी से बचना चाहती है, तो आप प्रेगनेंसी के दौरान ही कुछ खास टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है।

स्किन की नमी को बरकरार रखें

स्किन की कोमल को बरकरार रखने के लिए उसे पोषण देना बहुत जरुरी होता है। और यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान तेल का इस्तेमाल मसाज करने के लिए करती हैं, जैसे की नारियल, विटामिन इ, जैतून आदि का तेल। तो इससे आपकी स्किन को पोषण मिलता है जिससे त्वचा में कोलेजन को बरकरार रहने में मदद मिलती है। और आपको इस समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है, लेकिन ध्यान रखें की मसाज ज्यादा तेजी से न करें, और न ही पेट पर किसी तरह का दबाव डालें। इसके अलावा आप मॉइस्चराइजर, शिया बटर, कोकोआ बटर आदि का इस्तेमाल भी कर सकती है यह भी काफी फायदेमंद होता है।

हाइड्रेट रहें

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में पानी की मात्रा का भरपूर होना बहुत जरुरी होता है, यह न केवल आपको ऊर्जा से भरपूर रखने में मदद करता है। बल्कि इससे स्किन को हाइड्रेट रहने में मदद मिलती है, स्किन की कोमलता बरकरार रखता है, साथ ही शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को भी बाहर निकालने में मदद मिलती है। यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान पानी का भरपूर सेवन करती है तो इससे भी आपको इस परेशानी से बचाव करने में मदद मिलती है।

वजन को नियंत्रित रखें

प्रेगनेंसी के दौरान वजन का बढ़ना आम बात होती है, लेकिन वजन का ज्यादा तेजी से बढ़ना भी स्ट्रेचमार्क्स की समस्या को बढ़ा सकता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान अपने आहार को एक ही बार में लेने की बजाय थोड़े थोड़े समय के बाद लें, ताकि भोजन को अच्छे से पचने में मदद मिल सके। ज्यादा मीठे का सेवन न करें, पानी की कमी न होने, ऐसा करने से गर्भवती महिला का वजन नियंत्रित रहता है जिससे स्ट्रेचमार्क्स की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।

खुजली न करें

पेट पर कई बार खुजली का होना प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है, लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आप प्रेगनेंसी के दौरान स्किन पर खुजली न करें। इसके कारण त्वचा पर निशान पड़ सकते हैं जिसके कारण आपको स्ट्रेचमार्क्स की समस्या हो सकती है, और खुजली होने पर क्रीम आदि लगाएं इससे आपको आराम मिलेगा।

पोषणयुक्त आहार का सेवन करें

प्रेगनेंसी में पोषणयुक्त आहार का सेवन करने से गर्भवती महिला और शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। साथ ही इससे आपकी स्किन को भी भरपूर पोषण मिलता है जिससे प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली स्ट्रेचमार्क्स की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

डिलीवरी के बाद स्ट्रेचमार्क्स से बचने के टिप्स

यदि आपको प्रेगनेंसी के बाद स्ट्रेचमार्क्स की समस्या हो गई है। और आप इससे निजात पाना चाहते हैं तो ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए आप कुछ टिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो आइये जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं। जैतून के तेल में भी पानी और सिरके को बराबर मात्रा में मिलाकर स्ट्रेचमार्क्स पर लगाने से आपको फायदा मिलता है।

अंडे का सफ़ेद भाग

प्रोटीन से भरपूर अंडे के सफ़ेद हिस्से का इस्तेमाल करने से आपको स्किन पर पड़े निशान आदि को दूर करने में मदद मिलती है। इसके इस्तेमाल के लिए आप दो अंडे को फोड़ लें, उसके बाद उसका सफ़ेद हिस्सा अलग कर लें, और उसे अच्छे से अपने स्ट्रेचमार्क्स पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद इसे साफ़ पानी से धो दें और इसे सूखा दे, और उसके बाद स्किन पर किसी क्रीम या मॉइस्चराइजर को लगाएं।

निम्बू का रस

स्किन पर मृत कोशिकाओं के जमाव को खत्म करने के साथ स्ट्रेचमार्क्स की समस्या से निजात दिलाने में के लिए भी निम्बू का रस बहुत फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप निम्बू का रस एक कटोरी में निकाल लें और उसे रुई की मदद से स्ट्रेचमार्क्स पर लगाएं। जब आपकी स्किन इसे अच्छे से सोख लें, उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे साफ़ कर लें।

तेल से करें मसाज

नियमित रूप से स्ट्रेचमार्क्स पर नारियल, बादाम, अरंडी, जैतून आदि के तेल का इस्तेमाल करके मसाज करें।दस मिनट तक रोजाना ऐसा करें, आपको जरूर फायदा मिलेगा, इस समस्या से निजात पाने के लिए नारियल तेल सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

एलोवेरा और कॉफ़ी

तीन से चार चम्मच एलोवेरा जैल में थोड़ी सी कॉफ़ी मिलाएं, उसके बाद इसे अच्छे से मिक्स करें। अब इस पेस्ट को अपने स्ट्रेचमार्क्स पर लगाकर चार से पांच मिनट तक मसाज करें। उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद इसे साफ़ पानी से धो लें।

विटामिन इ का तेल

विटामिन इ के तेल में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट स्किन में मौजूद कोलेजन को नष्ट होने से बचाते हैं, जिससे स्किन को पोषण भी मिलता है। और विटामिन इ का तेल स्ट्रेचमार्क्स की समस्या से निजात पाने का एक असरदार उपाय है। आप इसके लिए अपने हाथों पर विटामिन इ का तेल लगाकर अच्छे से स्ट्रेचमार्क्स पर हल्के हाथों से पंद्रह से बीस मिनट तक मसाज करें। आप नियमित इस उपाय को करें आपको जरूर फायदा मिलेगा।

आलू

आलू एक ऐसा आहार है जो आसानी से हर घर में मिल जाता है, और इसमें मौजूद पोषक तत्व स्ट्रेचमार्क्स जैसी समस्या से निजात दिलाने में आपकी मदद करते हैं। इसके इस्तेमाल के लिए आप आलू की स्लाइसेस काटकर अच्छे से अपने स्ट्रेचमार्क्स पर लगाएं। आप चाहे तो आलू के रस का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जैसे ही आपकी स्किन आलू के रस को सोख लेती है, उसके बाद आप इसे साफ़ कर दें, और मॉइस्चराइजर को अपनी स्किन पर लगाएं।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल आप प्रेगनेंसी से पहले या बाद में करके स्ट्रेचमार्क्स की समस्या से निजात पा सकते हैं। साथ ही आपको स्ट्रेचमार्क्स की समस्या न हो और आपकी स्किन को प्रेगनेंसी के दौरान पोषण मिले, इसके लिए आप प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर पानी का सेवन करें, व् अपने आहार में भरपूर पोषक तत्वों को शामिल करें।

घमौरिया से बचने का घरेलू उपाय

गर्मी का मौसम शुरू हो ही गया है और गर्मी के कारण, धूप की वजह से, बहुत सी परेशानियां होने का खतरा रहता है। जैसे की लू लगना, घमौरिया की समस्या होना आदि। तो आज इस आर्टिकल में हम आपसे गर्मी के कारण होने वाली घमौरिया की समस्या के बारे में बात करने जा रहे हैं। घमौरिया होने पर स्किन पर छोटे छोटे लाल लाल दाने हो जाते हैं और यह एक नहीं बल्कि बहुत सारे होते हैं।

जिसके कारण बहुत ज्यादा खुजली व् जलन महसूस होती है। घमौरिया गर्दन, पीठ, पेट चेहरे व् शरीर के अन्य हिस्सों पर हो सकती है। लेकिन आप चाहे तो बहुत आसानी से इस परेशानी का समाधान कर सकते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको घमौरिया से बचने के कुछ आसान टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

नारियल तेल

नारियल तेल में थोड़ा सा कपूर डालकर अच्छे से मिक्स कर लें, उसके बाद इसे अच्छे से घमौरिया पर लगाएं, ऐसा जब तक करें जब तक की घमौरिया ठीक न हो जाये। यह तरीका इस परेशानी से बचने का आसान होने के साथ बहुत असरदार उपाय है।

एलोवेरा

एलोवेरा के ताजे पत्ते को तोड़कर उसमे से जैल निकाल लें, और दिन में कम से कम दो बार घमौरिया पर लगाएं। जैल को कम से कम बीस मिनट से आधे घंटे तक लगे रहने दें, एलोवेरा लगाने से बॉडी को ठंडक मिलने के साथ इस परेशानी से निजात पाने में भी मदद मिलती है।

मुल्तानी मिट्टी

तीन से चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी लेकर उसमे गुलाबजल मिलाएं और एक पतला लेप तैयार करें। अब इस लेप को शरीर के उन हिस्सों पर लगाएं जहां घमौरिया है। लेप जब सूखा जाएँ तो ताजे पानी से इसे साफ़ कर दें, आपको बहुत जल्दी आराम मिलेगा। ऐसा एक दिन में एक बार करें।

आइस

बर्फ के टुकड़ों को घमौरिया पर लगाएं ऐसा एक दिन में दो बार करें, ऐसा करने से भी घमौरिया की समस्या से बहुत जल्दी निजात पाने में मदद मिलती है।

नीम

नीम की पत्तियों को पीसकर लेप बनाएं और घमौरिया पर लगाएं या फिर नीम के पत्तों को पानी में उबाले और पानी के ठंडा होने पर उस पानी से नहाएं। ऐसा करने से भी घमौरिया की समस्या से बहुत जल्दी राहत पाने में मदद मिलती है।

कच्चा आम

कच्चे आम को गैस पर भून लें उसके बाद इसका छिलका निकालकर गुद्दा निकाल लें। फिर इसे पीसकर घमौरिया पर लगाएं, और आधे घंटे बाद साफ़ पानी से इसे साफ़ कर दें। यह घरेलू नुस्खा घमौरिया से बहुत जल्दी निजात पाने में मदद करता है।

सरसों का तेल

एक कटोरी में दो चम्मच सरसों का तेल लें और उसमे दो चम्मच पानी के मिलाएं। उसके बाद इस तेल को अच्छे से घमौरिया पर लगाएं और छोड़ दे, ऐसा रात को सोने से पहले करें। इस तरीके का इस्तेमाल करने से आपको भी इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

संतरे का छिलका

संतरे के छिलके को धूप में सुखाएं और उसके बाद इसे पीसकर पाउडर के रूप में तैयार करें। अब इसमें गुलाबजल मिलाकर एक पतला लेप तैयार करें। उसके बाद इस लेप को घमौरिया पर लगाएं, ऐसा करने से आपको बहुत जल्दी घमौरिया से निजात पाने में मदद मिलती है।

देसी घी

गाय का शुद्ध देसी घी लें और हल्के हाथों से इसे उस जगह पर लगाएं जहां आपको घमौरिया की समस्या है। ऐसा करने से भी आपको इस समस्या से राहत लाने में मदद मिलती है।

खसखस

थोड़ी सी खसखस लें और इसे अच्छे से पीस लें अब इसमें पानी मिलाकर लेप बनाएं और इस लेप को घमौरिया पर लगाएं। इस टिप्स को ट्राई करने से भी घमौरिया को ख़त्म करने में मदद मिलती है।

अनानास

अनानास को छील कर उसकी दो स्लाइसेस काटकर अच्छे से पीस लें और इसे घमौरिया पर लगाएं। थोड़ी देर बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके इसे साफ़ कर दें। इस तरीके का इस्तेमाल करने से भी घमौरिया से निजात पाने में मदद मिलती है।

चन्दन का पाउडर

एक कटोरी में दो या तीन चम्मच चन्दन के पाउडर की डालें, उसके बाद इस इतना पानी मिलाएं की एक पतला लेप तैयार हो जाएँ। अब इसे शरीर के उन सभी हिस्सों में लगाएं जहां घमौरिया है। लेप को बीस से तीस मिनट तक लगे रहने दें। उसके बाद इसे साफ़ पानी से धो दें। चन्दन की तासीर ठंडी होती है इसीलिए यह बहुत जल्दी घमौरिया की समस्या से निजात दिलाने में आपकी मदद करता है।

दही

दही को रुई की मदद से शरीर के उन सभी हिस्सों पर लगाएं और इसे पंद्रह से बीस मिनट के लिए लगे रहने दें। उसके बाद साफ़ पानी से इसे धो लें। ऐसा रोजाना करें इस उपाय से भी आपको बहुत जल्दी आराम मिलता है।

पपीते का इस्तेमाल करें

पपीते के टुकड़ों को पीस लें, अब इस पेस्ट को घमौरिया पर लगाए। और आधे घंटे के लिए इसे लगे रहने दें, उसके बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके इसे धो दें, ऐसा करने से भी घमौरिया से निजात पाने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ आसान तरीके जिन्हे ट्राई करने से गर्मी के मौसम में घमौरिया की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। यदि आपको या आपके घर में किसी को घमौरिया हो गई है तो आप भी इनमे से किसी भी तरीके का इस्तेमाल करके आसानी से इस परेशानी से निजात पा सकते हैं। इसके अलावा आप मार्किट से मिलने वाले ठन्डे पाउडर का इस्तेमाल रोजाना करें इससे भी गर्मी में घमौरिया से बचने में मदद मिलती है।

इन गर्मियों में स्लिम और ट्रिम बनने के खास उपाय

सर्दियों में ठण्ड के कारण लोगो का वजन ज्यादातर बढ़ जाता है, इसका कारण ज्यादा व्यायाम न करना, आहार से सम्बंधित लापरवाही करने पर, परंतु जैसे जैसे सर्दिया जाने लगते है, आपके गर्म कपडे उतरने के बाद आपका मोटापा भी बाहर आ जाता है, तो स्लिम और ट्रिम बनने के लिए सबसे पहले आपको अपने आहार और व्यायाम के प्रति ध्यान देने की जरुरत होती है, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे है, जो गर्मियों में आपको स्लिम और ट्रिम रहने में मदद करते है।

सर्दियों में ज्यादातर लोग आलस करते है, अपने खान पान के प्रति लापरवाही करते है, अपनी दिनचर्या का ध्यान नहीं रखते है, साथ ही सारा दिन बस रजाई में बैठना पसंद करते है, जिसके सीधा असर उनके फिगर पर पड़ता है, उनके शरीर पर चर्बी जमने लगती है, और जैसे ही गर्मियां आती है, तो सर्दियों की स्वेटर वगैरह उतरने लगते है, जिसमे आपके मोटापे का ज्यादा पता नहीं चलता है, परंतु गर्मियों के कपड़ो में आपके फिगर के खराब होने का असर आपको भी साफ़ दिखाई देता है, जिसके कारण आपको परेशानी होने लगती है, और आप सोचने लगते है, की आप किस तरह पतले होंगे, फिट होंगे।

इसके साथ सर्दियों में लोग पानी का सेवन भी कम करते है, ज्यादा तला भुना इस मौसम को और भी रंगीन बनाने में मदद करता है, जिसके कारण आपका वजन बढ़ जाता है, परंतु अब आपको इस बात के लिए बिलकुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि अब हम आपको बताने जा रहे है, की आप गर्मियों में किस प्रकार अपने आप को फिट रख सकते है, और स्लिम और ट्रिम बना सकते है, बीएस आपको अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव लाने होंगे, और यदि आप इन बदलाव को नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में लाते है, तो इसके कारण आपको स्लिम और ट्रिम रहने में मदद मिलती है।

नॉनस्टिक बर्तनों में बनाएं खाना:-

यदि आप स्लिम ट्रिम होना चाहते है, और परफेक्ट बॉडी शेप पाना चाहते है, तो अपना खाना हमेशा नॉनस्टिक बर्तनों में ही बनाएं, क्योंकि नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनने में कम तेल लगता है, जिससे आपके शरीर में ज्यादा कैलोरी नहीं जाती है, जिसके कारण आपके शरीर पर चर्बी नहीं जमती है, और आपको स्लिम और ट्रिम रहने में मदद मिलती है।

आंवले का सेवन करें:-

amla benefits

आंवला भी आपको स्लिम और ट्रिम रखने में अहम भूमिका निभाता है, इसके सेवन के लिए आप रोजाना घूमने जाएँ, और घूम कर आने के बाद दो आंवले का सेवन करें, और यदि आप आंवले नहीं खा सकते है, तो आप दो चम्मच शहद के साथ दो चमच आंवले के रस को मिलाकर इसका सेवन करें, इससे आपको स्लिम और ट्रिम होने में मदद मिलेगी।

स्वस्थ फल व् संतुलित आहार का सेवन करें:-

यदि आप स्लिम और ट्रिम रहने चाहते है, तो इसके लिए आपको खाने को छोड़ने की जरुरत नहीं है, बल्कि आपको आपको समय पर और नियमित रूप से संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए, और साथ ही फलों का सेवन भी जरूर करना चाहिए, ऐसा करने से आपको अपने शरीर को फिट रखने में मदद मिलती है।

योगासन करें:-

स्लिम और ट्रिम रहने में योगासन आपकी मदद कर सकता है, इसमें आप ऐसे योगासन का चुनाव करें, जिसमे आपकी बॉडी में स्ट्रेच उत्त्पन्न हो, और आपके शरीर से पसीना निकलें, ऐसा करने से आपके शरीर पर जमी चर्बी को घटाने में मदद मिलती है, और यदि आप किसी पार्क आदि में नहीं जाते है, तो इस आप अपने घर की छत पर भी कर सकते है, आपको इससे जरूर फायदा होगा और स्लिम और ट्रिम रहने में मदद मिलेगी।

पानी का भरपूर सेवन करें:-

drinking water

सर्दियों में आप पानी का सेवन कम करते है, परंतु यदि आप अपने आप को गर्मियों में स्लिम एंड ट्रिम करना चाहते है, तो इसके लिए आप पानी का भरपूर सेवन करें, क्योंकि पानी का सेवन करने से आपके शरीर के विषैले तत्व बाहर निकाल जाते है, जिसके कारण आपको फिट रहने में मदद मिलती है।

भूख से कम खाएं:-

आपको सुबह का नाश्ता हमेशा पेट भर कर करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपको पूरे दिन एनर्जी मिलती है, और ऐसा भी नहीं है की आप भूख से ज्यादा खा लें, इसके बाद आप जब भी आहार लेते है तो ध्यान रखें की आप अपनी भूख से कम खाएं, यदि आप अपनी भूख से जायद का सेवन करते है, तो इसके कारण इसे पचाने में समस्या होती है, जिसके कारण अतिरिक्त भोजन कैलोरीज़ में बदल जाता है, और आपके शरीर पर चर्बी जमने लगती है, इसीलिए आपको स्लिम और ट्रिम रहने के लिए हमेशा अपनी भूख से कम ही खाना चाहिए।

कम कैलोरी और अधिक फाइबर वाले आहार का सेवन करें:-

यदि आप स्लिम और ट्रिम रहना चाहती है, और गर्मियों में पानी लुक को और भी बाहर बनाना चाहती है, तो इसके लिए आप कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करें, और साथ ही ऐसा आहार ले जिसमे फाइबर की मात्रा अधिक होती है, इसके कारण आपको पर्याप्त भोजन भी मिलता है, और साथ ही आपको पतला होने में भी मदद मिलती है। और साथ ही इसके कारण आपके शरीर में रक्त चाप भी समय रहती है।

मीठे को कहे बाय बाय:-

mithai

गर्मियों में खाने के बाद अक्सर लोग आइस क्रीम आदि एक सेवन करते है, परंतु क्या आप जानते है की आपके शरीर में जाकर ये कितनी कैलोरी को बढ़ा देता है, यदि आपका मीठा खाने का मन भी करता है, तो आपको फलों का सेवन या जूस पीना चाहिए, इससे आपको स्वाद भी मिल जाता है, और साथ ही न तो आपका मोटापा बढ़ता है, और साथ ही आपके शरीर में मिनरल्स की मात्रा भी भरपूर होती है।

व्यायाम करें:-

व्यायाम करने से भी आपको अपने आप को स्लिम और ट्रिम रखने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको सुबह समय से उठ कर व्यायाम करना चाहिए, और नियमित रूप से, ऐसा करने से आपके शरीर से पसीना निकलता है, जिसके कारण आपकी कैलोरीज़ बर्न होती है, और इसके लिए आप साइकिलिंग कर सकते है, दौड़ लगा सकते है, तैराकी कर सकते है, यदि आप इन्हें नियमित रूप से करते है, तो थोड़े ही दिनों में आपको इसका असर दीखने लगता है।

गर्मियों में अपने आप को स्लिम एंड ट्रिम रखने के अन्य उपाय:-

  • एरोबिक्स करने से भी आपको स्लिम एंड ट्रिम रहने में मदद मिलती है।
  • ज्यादा तले भुने व् मसालेदार भोजन से जितना हो सकें दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • अपनी नींद को भरपूर मात्रा में लें।
  • पेट भर जाने के बाद कभी भी जबरदस्ती आहार का सेवन न करें।
  • अपने खाने को तलने की बजाय ग्रिल, या माइक्रोवेव में बनाएं।
  • पेय पदाथो का सेवन भरपूर मात्रा में करें।
  • नशीले पदार्थो का सेवन न करें।
  • छोटे छोटे काम को करने के लिए पैदल चलने की आदत बनाएं।
  • ऑफिस में भी लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • अपने लिए एक टारगेट बनाएं की आपको इस कपडे में इतने दिनों में फिट होना है।

तो ये कुछ तरीके है जिनका इस्तेमाल करके आप अपने आप को गर्मियों में स्लिम और ट्रिम बना सकते है, और एक बात यदि आप इन तरीको का नियमित रूप से इस्तेमाल करते है, तो ही आपको इनका लाभ मिलता है, ऐसा नहीं की हफ्ते में एक बार करने से आप सोचें की फायदा होगा, और साथ ही जब आप फिट भी हो जाएँ, तो भी अपने आपको स्वस्थ बनाएं रखने के लिए इन तरीको को हमेशा अपने जीवन में शामिल करना चाहिए, इसके कारण आप सेहतमंद रहते है, साथ ही आपको फ्रेश भी महसूस होता है।

प्रेगनेंसी में भूख बढ़ाने के उपाय

गर्भावस्था में भूख

प्रेग्नेंट महिला को डॉक्टर हो, घर का कोई सदस्य हो या जानकारी में कोई भी हो सभी खान पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं और भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त आहार लेने के बारे में कहते हैं। क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास पूरी तरह से महिला पर ही टिका हुआ होता है। साथ ही बहुत सी गर्भवती महिला को आपने यह कहते हुए सुना होगा की भूख नहीं लगती है या कुछ खाने का मन नहीं करता है, लेकिन सभी उसका जवाब देते हुए कहते हैं की चाहे खाने का मन हो न हो लेकिन प्रेगनेंसी में खाना जरूर खाना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बेहतर खान पान गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ, गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास और प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद करता है।

प्रेगनेंसी के दौरान भूख न लगने के कारण

  • बॉडी में तेजी से हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण महिला की भूख में कमी आ सकती है।
  • उल्टी की समस्या अधिक होने के कारण मुँह का स्वाद बिगड़ जाता है जिसके कारण कुछ खाने का मन नहीं करता है।
  • गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पाचन क्रिया धीमी पड़ने लगती है जिसके कारण कब्ज़ की समस्या हो सकती है, और कब्ज़ होने के कारण भी भूख में कमी आ सकती है।
  • प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही में भी पाचन क्रिया के धीमे पड़ने के कारण इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गर्भावस्था में भूख को बढ़ाने के उपाय

प्रेग्नेंट महिला को आहार लेना बहुत जरुरी होता है, क्योंकि आहार न लेने के कारण बॉडी में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। जिससे गर्भवती महिला को शारीरिक परेशानियों का सामना करने के साथ गर्भ में शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है। तो लीजिये आज हम गर्भवती महिलाओं को कुछ ऐसे कुछ खास टिप्स देने जा रहे हैं जो प्रेग्नेंट महिला की भूख को दूर करने में मदद करते हैं।

अपनी पसंद का आहार लें

भूख को बढ़ाने के लिए गर्भवती महिला को अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जिन चीजों को महिला का खाने का मन करता है। यदि महिला अपनी पसंद की चीजों का सेवन करती है तो इससे महिला की भूख को बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की वो चीजे हेल्दी हो और उन्हें खाने से शिशु या महिला की सेहत को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे।

व्यायाम व् योगासन करें

प्रेग्नेंट महिला थोड़ी देर व्यायाम कर सकती है जो प्रेग्नेंट महिला के लिए फायदेमंद होता है। और ऐसे कुछ व्यायाम व् योगासन है जो पाचन क्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं। ऐसे में भूख की कमी को दूर करने के लिए और भूख को बढ़ाने के लिए गर्भवती महिला नियमित उन व्यायाम व् योगासन को जरूर करना चाहिए।

नए नए आहार को ट्राई करें

यदि आप एक ही तरह के भोजन को खाकर पक गई है या उस खाने को खाने का आपका मन नहीं करता है। तो ऐसे में इस परेशानी से राहत के लिए आपको कुछ अलग और कुछ नया ट्राई करना चाहिए। क्योंकि कुछ अलग और स्वादिष्ट भोजन को खाने से आपको भूख में कमी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है। साथ ही इस बात का ध्यान रखे की जो भी आप खाएं वह पोषक तत्वों से भरपूर हो और उससे किसी भी तरह का नुकसान न हो।

फाइबर युक्त आहार

पाचन क्रिया धीमी पड़ने के कारण भूख में कमी आ सकती है ऐसे में कब्ज़ जैसी समस्या से राहत के लिए और पाचन क्रिया में सुधार लाने के लिए फाइबर युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। और इसके लिए आप अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, एवोकाडो, संतरा, दही, छाछ आदि का भरपूर सेवन कर सकती है।

तरल पदार्थ लें

भूख में कमी की समस्या से बचने के लिए गर्भवती महिला को तरल पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। क्योंकि यह बॉडी से विषैले पदार्थो को बाहर निकालने के साथ पेट को साफ़ रखने में भी मदद करते हैं जिससे आपकी भूख को बढ़ाने में मदद मिलती है।

एक ही बार में न खाएं

यदि आपका प्रेगनेंसी में कुछ खाने का मन नहीं करता है तो ऐसे में इस परेशानी से निजात के लिए थोड़ा थोड़ा करके खाना शुरू करें। क्योंकि ऐसा करने से खाना अच्छे से हज़म हो सकेगा, पाचन क्रिया बेहतर तरीके से काम करेगी और आपकी भूख में बढ़ोतरी होने में मदद मिलती है।

स्नैक्स लें

जरुरी नहीं है की आप रोटी, दाल, चावल ही खाएं बल्कि भूख की कमी की समस्या को दूर करने के लिए शुरुआत में आप हेल्दी स्नैक्स का सेवन करें। क्योंकि ऐसा करने से भी भूख को बढ़ाने में मदद मिलती है।

अपना डाइट प्लान बनाएं

भूख की कमी की समस्या से निजात पाने का एक आसान उपाय यह भी है की आप इसके लिए पहले अपना डाइट चार्ट बनाएं। और उसमे कुछ अलग अलग चीजों को शामिल करें, थोड़ा खाएं लेकिन जरूर लें। ऐसा करने से भी धीरे धीरे आपकी भूख में वृद्धि जरूर होती है।

तो यह हैं कुछ खास तरीके जिनका इस्तेमाल यदि गर्भवती महिला करती है तो इससे भूख की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। साथ ही आप चाहे तो भूख को बढ़ाने के लिए एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकती हैं।

लड़को की चिकनी चुपड़ी बातों में न आएं

लड़को की चिकनी चुपड़ी बातों में न आएं:-

ये टॉपिक लड़कियों के लिए बहुत अहम हो सकता हैं| क्योंकि आज के समय में यदि चारो तरफ नज़र घुमाकर देखे, तो बहुत सी चीजे सामने आती हैं जिन्हें देखकर मन घबरा जाता हैं| परंतु इन सब को देखकर आप बच्चों के भविष्य पर रोक लगाने की बजाय उन्हें समझाने का प्रयास करे, क्योंकि टीनएज की उम्र में आप ये कह सकते है बच्चे हवा में हो सकते हैं, और भी बाहरी दुनिया से बहुत जल्दी प्रभावित होते हैं| आपने ये तो बहुत सुना होगा की आज इस स्कूल में ये हुआ और वो हुआ|

परंतु क्या अपने इन सब का कारण जानने की कोशिश की? यदि लड़कियों को सही से समझाया जाएँ, की क्या सही है या गलत या उनका ध्यान केवल उनके लक्ष्य की और केंद्रित किया जाएँ तो ऐसा हो सकता हैं| इसीलिए लड़कियों के लिए ये राय होती हैं की लड़को की चिकनी चुपड़ी बातों में न आएं| टीनएज की उम्र में लडकिया लड़को की बातों में बहुत जल्दी आ जाती हैं| और लड़के भी उन तरीको को अच्छे से जानते हैं किस प्रकार लड़की का ध्यान वो अपनी तरफ खींच सकते हैं|

आप खुद सोचिये की यदि कोई व्यक्ति आपकी तारीफ़ करता हैं, तो आप उस और कितनी जल्दी खींचे चले जाते हैं| तो सोचिये लड़कियों की यदि कोई लड़का तारीफ़ कर दे, या फिर वो कुछ ऐसा करे जिससे लड़की उन्हें भाव देने लगे, तो लड़के बस उन लड़कियों की नस को पकड़ लेते हैं की किस प्रकार उन लड़कियों को अपनी और ज्यादा कैसे खींचना हैं| तो आज हम उस सच्चाई से आपको रूबरू करवा रहे हैं, जिससे आप शायद इस तरह लड़को की चिकनी चुपड़ी बातो में आकर अपने भविष्य को बर्बाद नहीं करेंगी|

लड़कियों को टीनएज में एक अलग ही खुमार आता हैं, जिसे समय रहते न सुलझाया जाएँ तो ऐसे में बाद में लड़कियों को इसका बहुत बड़ा परिणाम भुगतना पड़ सकता हैं| लड़के कुछ इस प्रकार की बाते करते हैं की आपके लिए तारे तोड़ लाएंगे, आपकी तारीफो के पुल बांधते हुए नहीं थकते हैं, आपकी तुलना पता नहीं किस्से करते हैं, आपको इमोशनली अपनी तरफ खींचने की कोशिश करते हैं| और लडकिया उनकी इन बातो में आ भी जाती हैं| जो की आगे जाकर उनके लिए गलत साबित होता हैं|

तो आइये जानते हैं की वो कौन सी बातें हैं जिनमे लड़कियों को बिलकुल नहीं आना चाहिए और उन्हें क्या करना चाहिए| इस बारे मे सोचना चाहिए| किस प्रकार वो अपने भविष्य में कामयाब हो सकती हैं| क्योंकि ये बातें आपको तभी प्रभावित करती हैं,वास्तव में इनका कोई मतलब नहीं होता हैं| और ये बात आपको तब समझ आती हैं जब आपके पास भविष्य में कुछ भी नहीं रह जाता हैं| और आप या तो हाथ मलते रहते हैं, या फिर पछतावा करते रहते हैं| सच्चाई कड़वी होती हैं,पर सीख भी आपको वही देती हैं|

लड़कियों को ध्यान रखनी चाहिए ये बातें:-

लड़को की बातों में न आएं:-

लड़कियों के लिए सबसे जरुरी बात होती हैं, टीनएज मे वो लड़को की किसी भी तरह की बातों मे न आएं| है कई लड़को की आदत होती हैं लड़कियों के पीछे वो जब तक लगे रहते हैं, जब तक की लड़की हां नहीं बोल देती हैं| परंतु ऐसे मेंआपको हार नहीं माननी चाहिए| बल्कि उसके खिलाफ कोई कदम उठाना चाहिए| जैसे की अपने बड़ो को बताएं, स्कूल में हैं तो वहाँ शिकायत करें| ऐसा करने से आपको खुद ही लगेगा की आप सुरक्षित हैं| न की लड़को की बातों पर ध्यान देकर बस सुनते जाएँ और हार मान जाएँ|

अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें:-

टीनएज में लड़कियों को सबसे पहले अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए| उन्हें ये सोचना चाहिए की बस यही हैं जिसके बल पर वो जिंदगी में कामयाब हो सकती हैं| और लड़को से सम्बंधित गलत बातें उनके रास्ते में पत्थर का काम कर सकती हैं| इसीलिए आपके लिए जरुरी हैं की आप अपने लिए एक रास्ते का चुनाव करें, ताकि उस पर चलकर आप अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें| ऐसा करने से आपको गलत रास्ते पर जाने का मौका ही नहीं मिलेगा|

गलत लोगो से संपर्क न बनाएं;-

हम आपको ये बिलकुल नहीं कहेंगे की सभी लड़के एक जैसे होते हैं| परंतु उन गलत लड़को के साथ भी नहीं रहना चाहिए| जो आपको गलत रास्ते पर चलने की राय देते हैं| आपके लिए जरुरी हैं की आप लड़को की इन चिकनी चुपड़ी बातों में आने की बजाय ऐसे लोगो के संपर्क में ही न रहें| उसके लिए आपको लोगो की असली पहचान करने की जरुरत होती हैं, की कौन आपके लिए अच्छा हैं, और कौन आपको बुरे रास्ते पर धकेल सकता हैं| इसीलिए गलत संगति में न रहें बल्कि अच्छे लोगो से संपर्क बनाएं, ताकि कुछ अच्छा सीख सकें|

दुसरो के जैसे बनने की कोशिश न करें:-

टीनएज की उम्र एक ऐसी उम्र होती हैं जहा आप कई बार दुसरो के जैसे बनने की कोशिश करते हैं| और गलत राह पकड़ लेते हैं| इसीलिए यदि आप चाहते हैं की आप कसी भी गलत राह पर न चहलें, और अपने लिए अच्छे रास्ते का चनाव करें| तो जैसे आप हैं वैसे रहें, दुसरो के जैसे बनने की बिलकुल भी कोशिश न करें| यदि आप दुसरो के जैसे बनने की कोशिश करते हैं, तो आप इस चक्कर मेंअपना अस्तित्व खो सकते हैं| और आपको अपनी पहचान के लिए कुछ भी बाकी नहीं रह जाता हैं| इसीलिए दुसरो के देखकर कभी भी अपने अस्तिव को न खोएं|

इसके अलावा लड़कियों को अच्छे लोगो से संपर्क बनाने के बाद भी लड़को की और अपने ध्यान को नहीं भटकाना चाहिए| क्योंकि इस उम्र में लड़के और लडकिया दोनों की परवान चढ़ने की कोशिश करते हैं| परंतु जब उन्हें सही और गलत की समझ आती हैं| तो फिर सिर्फ वो हाथ मलते ही रह जाते हैं| और लड़को के द्वारा जो बातें देखकर आप उस समय आकर्षित होते हैं, वक़्त की असली मार पड़ने पर वो बातें भी तेल लेने चली जाती हैं| और फिर आपके साथ आपके घरवालो को भी कई बार आपके साथ इस बुरे पार्ट का खामियाजा भुगतना पड़ता हैं|

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टैटू हटाने के तरीके

आजकल के समय में अपने शरीर के किसी भी हिस्से में टैटू बनवाना हर किसी को पसंद होता है। विशेषकर आजकल के नौजवानों में, जिसे देखो वही अपनी बाह, कलाई, कमर या पिंडलियों पर टैटू बनाए दिखाई देता है। जो कुछ समय तक तो अच्छे लगते है लेकिन समय बदलने के साथ-साथ उन्हें ये टैटू नापसंद आने लगता है और वो उन्हें हटाने के तरीकों के बारे में खोजने लगते है। इसके अलावा कई बार टैटू आपके करियर या शादी विवाह की राह में भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ऐसे में उसे हटवाना एक मात्र उपाय रह जाता है।

अगर आपने भी अपने दोस्त की बातों में आकर टैटू बनवा लिया है और अब उसे हटवाने के बारे में सोच रहे है तो परेशान न हो क्योंकि आपके जैसे बहुत से लोग है जो अपने टैटू से छुटकारा पाना चाहते है। पिछले कुछ सालों में टैटू भारतीय युवा संस्कृति के प्रतिमानों का एक अभिन्न अंग बन गया है।

अधिकतर त्वचा विशेषज्ञ यह चेतावनी देते है की टैटू को पूरी तरह हटा पाना संभव नहीं क्योंकि यह स्थाई होता है। ऐसे में इसे मिटाना बहुत मुश्किल है। लेकिन कुछ सर्जन और विशेषज्ञों का कहना है की वे टैटू को पूरी तरह हटा सकते है। 2 राय होने के बावजूद ये सत्य है टैटू हटाने के कई तरीके है, जिनका प्रयोग प्रभावी भी होता है। टैटू हटवाने का परिणाम कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमे टैटू का आकार, उसका स्थान, घाव भर पाने की व्यक्तिगत क्षमता, टैटू कैसे बनवाया था और कितने लम्बे समय से टैटू त्वचा पर मौजूद है।

उदाहरण के तौर पर यदि टैटू किसी अनुभवी आर्टिस्ट से बनवाया गया है, तो उसे हटा पाना आसान है क्योंकि उनके द्वारा इस्तेमाल किये गये रंग को त्वचा के समान स्तरों पर समान ढंग से भरा गया होगा। इसके अलावा पुराने टैटू की तुलना में नए टैटू को हटा पाना अधिक मुश्किल होता है। लेकिन टैटू हटावाने की बात आते ही लोग इसी परेशानी में डूबे रहते है की आखिर इस टैटू को कैसे हटाया जाए। इसीलिए आज हम आपको टैटू हटाने के कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपने टैटू को हटवा सकते है। हालाँकि, इनमे से कुछ में अधिक पैसे खर्च करने की आवश्यकता होगी। साथ ही कुछ तरीकों में थोडा रिस्क भी है, तो इनके इस्तेमाल से पूर्व अपने त्वचा विशेषज्ञ से इस विषय में सलाह जरुर लें।

टैटू हटाने के तरीके :-

1. टैटू रिमूवल क्रीम :

आजकल बाजार में ऐसी बहुत सी क्रीम मौजूद है जिनकी मदद से आप अपने शरीर पर बने किसी भी तरह के टैटू को आसानी से हटा सकते है। इस क्रीम की मदद से बिना दर्द के टैटू को हटाया जा सकता है। अगर आपको टैटू बनवाए हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है तो आप इस क्रीम की मदद से कुछ ही दिनों में अपना टैटू हटा सकते है, लेकिन अगर टैटू काफी पुराना है तो आपको उसे हटाने में समय लग सकता है।

2. उच्छेदन विधि :

इस विधि के द्वारा आप टैटू बनाने वाले व्यक्ति से ही अपना टैटू हटवा सकते है। इस प्रक्रिया में टैटू हटाने के लिए छुरी का इस्तेमाल किया जाता है। उसके बाद घाव पर टाँके लगा दिए जाते है। इस तरीके से टैटू हटाने के लिए आपको लोकल एनेस्थेसिया की आवश्यकता पड सकती है। इस प्रक्रिया में काफी दर्द होता है क्योंकि इसमें सबसे पहले त्वचा का थोड़ा सा हिस्सा काटा जाता है। वैसे त्वचा को कितना काटना है ये बात आपके टैटू पर ही निर्भर करता है। अगर आपका टैटू बहुत ज्यादा बड़ा होगा तो उसे हटाने के लिए आपकी त्वचा को ज्यादा काटा जा सकता है।

3. इंटेंस पल्स्ड लाइट थेरेपी :

ये थेरेपी एक तरह की लेज़र सर्जरी की तरह ही होती है, लेकिन इसमें लेज़र की जगह हाई इंटेंसिटी की लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत आपके टैटू की स्याही को छोटे छोटे भागों में बांट कर आपके टैटू को हल्का किया जाता है। वैसे इस प्रक्रिया में ज्यादा दर्द नही होता है। इतना ही नहीं यह लेज़र सर्जरी से ज्यादा प्रभावी भी होती है।

4. टीसीए पील्स :

टीसीए पील्स की मदद से भी आप अपने टैटू को पूरी तरह हटा सकते है। हालांकि, इस प्रक्रिया के प्रयोग के दौरान आपको थोडा दर्द हो सकता है। इस विधि में त्वचा को पट्टियों से बांध दिया जाता है जिसके कारण एक पपड़ी उभरने लगती है। पपड़ी बनने के बाद इसे पट्टियों की मदद से कवर कर दिया जाता है। लेकिन अगर एक हफ्ते के बाद भी आपको लगता है पपड़ी पर अभी भी नमी बनी हुई है तो उस पर बेटाडीन लगा सकते है। बेटाडीन एक तरह की दवाई होती है जिसका प्रयोग घाव आदि भरने के लिए किया जाता है। लेकिन इसे लगाने के बाद दोबारा पट्टी जरुर कर लें।

5. हाइड्रोक्विनोन :

ये एक तरह का केमिकल होता है जिसकी मदद से आप अपने टैटू को हल्का कर सकते है। इस विधि के प्रयोग से त्वचा में होने वाले काले दाग़-धब्बे और उम्र के साथ पड़ने वाले निशानों को भी हटाया जा सकता है। परन्तु अगर आपको किडनी या लीवर से संबंधित कोई समस्या हो तो इसका इस्तेमाल आपके लिये हानिकारक हो सकता है।

6. नमक वाला पानी :

यदि आप लेज़र विधि या क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो ये उपाय आपका टैटू हटाने में मदद कर सकता है। इसके लिए नमक मिले पानी में कपडा भिगोकर अपने टैटू को आधे घंटे तक रगड़ें और रोजाना इसका इस्तेमाल करें। टैटू को आधे घंटे से अधिक देर तक न रगड़ें अन्यथा उसमे से खून बहने लगेगा।

तो, ये थे कुछ तरीके जिनकी मदद से आप अपने शरीर पर बने टैटू को हमेशा के लिए हटा सकते है। लेकिन इन उपायों के बहुत से पैसे खर्च करने की आवश्यकता पड़ती है। साथ ही कुछ उपायों का इस्तेमाल करने से रिस्क भी हो सकता है। इसीलिए किसी भी उपाय के इस्तेमाल से पूर्व डॉक्टर या अपने स्किन स्पेशलिस्ट से इस विषय में सलाह जरुर लें।

बालों का झड़ना ऐसे रोकें, ये है हेयर फॉल से बचने के टिप्स

चमकदार, लम्बे, घने, रेशमी बाल चाहे महिला हो या पुरुष दोनों की ही पर्सनैल्टी को बढ़ाने में आकर्षण का केंद्र बनते है। लेकिन बालों की चमक और रेशमी बनाएं रखने के लिए जरुरी है की आप अपने बालों को अच्छे से पोषण दें। जैसे की अपने बालों की अच्छे से मसाज करनी चाहिए, बालों में गंदगी नहीं रहने देनी चाहिए, दिन में कम से कम दो बार बालों में कंघी जरूर करनी चाहिए, बालों को जड़ से पोषण मिल सकें उसके लिए अपने आहार में संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन भी करना चाहिए।

लेकिन यदि आप अपने बालों की अच्छे से केयर नहीं करते है, बालों के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करते है, बालों को तेल से पोषित नहीं करते है, अपने बालों को बहुत अधिक टाइट बांधते है, आदि। तो ऐसा करने से आपके बालों को अच्छे से पोषण नहीं मिलता है जिसके कारण बालों के झड़ने की समस्या हो सकती है। और यह समस्या केवल महिलाओ को ही नहीं बल्कि पुरुषो को भी होती है। तो आइये आज हम आपको बताते है की बालों के झड़ने का क्या कारण होता है, और आप किस प्रकार बालों को झड़ने से रोक सकते है।

बालों के झड़ने के कारण:-

  • बालों के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करने पर।
  • यदि आप अपने बालों को अच्छे से पोषण नहीं देते है तो भी आपके बाल झड़ने लगते है।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे बाल सीधा करने की मशीन आदि का अपने बालों पर अधिक इस्तेमाल करने के कारण।
  • आहार में लापवाही करने पर भी आपके बालों पर सीधा असर पड़ता है।
  • धूम्रपान करने पर भी आपको यह परेशानी हो सकती है क्योंकि उसमे मौजूद निकोटिन आपके बालों के लिए नुकसानदायक होता है।
  • शरीर में हार्मोनल बदलाव पर जैसे प्रेगनेंसी के दौरान या डिलीवरी के बाद।
  • यदि आप अपने बालों को धोने के लिए ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल करती है तो भी ऐसा हो सकता है।
  • बालों में रुसी होने के कारण।

बालों को झड़ने से बचाने के उपाय:-

मेहँदी और अंडा:-

महीने में दो बार अपने बालों के हिसाब से मेहँदी को भिगोकर रख दें। उसके बाद जब उसे लगाना हो उस समय एक अंडे को फैट कर उसमे मिक्स कर दे। अब उसे अच्छे से बालों की जड़ से लेकर पूरे बालों में लगाकर जुड़ा बनालें। उसके एक या दो घंटे बाद सर धोलें। इससे बालों को झड़ने से बचाया जा सकता है।

अल्कोहल:-

एक कप अल्कोहल में एक प्याज के टुकड़ो को काट कर एक दिन के लिए रख दें। उसके बाद उसमे से प्याज के टुकड़ो को निकाल कर, अल्कोहल को बालों में तेल की तरह मसाज करें, और तीन चार घंटे के लिए बालों में छोड़ दें। ऐसा हफ्ते में दो बार कुछ समय के लिए करें। ऐसा करने से न केवल बाल झड़ना बंद हो जाते है बल्कि नए बालों को भी जड़ से उगने में मदद मिलती है।

लहसुन:-

दस बारह कलियाँ लहसुन की लेकर, उसमे एक प्याज को काट कर मिक्स करके अच्छे से पीस लें। अब इस पेस्ट को बालों की जड़ में अच्छे से लगाएं। और थोड़ी देर बाद बालों को धो लें, ऐसा हफ्ते में दो बार कुछ दिनों तक करें इससे आपके बालों को झड़ने से बचाने में मदद मिलती है।

तेल की मालिश:-

नारियल या सरसों का तेल एक कटोरी में डालकर हल्का गुनगुना कर लें। उसके बाद इस तेल को अच्छे से पूरे बालों में और जड़ में मसाज करें। और एक साफ़ तोलिया लेकर उसे गर्म पानी में भिगोकर अच्छे से निचोड़ लें। अब इस तोलिये से अपने बालों को अच्छे से बाँध लें, और आधे या एक घंटे बाद शैम्पू से अपने बालों को धो लें। ऐसा करने से बाल जड़ से मजबूत होते है। और साथ ही बालों को मुलायम होने में भी मदद मिलती है।

मेथी के दाने:-

एक मुट्ठी मेथी के दानो को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। उसके बाद सुबह उठकर इसे अच्छे से पीस कर महीन पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को बालों की जड़ में अच्छे से लगाएं। उसके आधे घंटे बाद बालों को शैम्पू से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार बालों के लिए करें ऐसा करने से आपके बालों को झड़ने से रोकने से बचाने के साथ बालों की चमक को बढ़ाया भी जा सकता है।

प्याज का रस:-

बआलों से जुडी हर परेशानी के समाधान के लिए प्याज़ का रस बहुत ही फायदेमंद है। इसके लिए आप एक प्याज़ को अच्छे से क्रश करके उसका रस निकल लें, उसके बाद इस रस को बालों में तेल की तरह इस्तेमाल करें। और अपने पूरे बालों में लगाएं, और उसके आधे घंटे बाद बालों को धो लें। ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें। इससे आपको बहुत जल्दी इस परेशानी से निजात पाने के साथ बालों को घना और लम्बा भी बनाया जा सकता है।

जैतून का तेल और शहद:-

एक कटोरी में दो या तीन चम्मच जैतून का तेल हल्का गर्म करके उसमे एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी का पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स करके एक लेप तैयार करें। उसके बाद इस लेप को अच्छे से अपने बालों की जड़ में लगाएं। और थोड़ी देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। उसके बाद शैम्पू का इस्तेमाल करके अपने बालों को अच्छे से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें।

बेसन:-

अपनी इच्छा अनुसार दूध या दही में बेसन मिलाकर एक पतला लेप तैयार करें। अब इस लेप को अच्छे से अपने बालों की जड़ में लगाएं। उसके आधे घंटे के बाद बालों को साफ़ पानी से साफ करके शैम्पू का इस्तेमाल करें। इससे आपके बालों की चमक को बढ़ाने के साथ बालों को पोषण भी मिलता है। जिससे झड़ते बालों की समस्या से निजात पाने में आपको फायदा होता है। और इस पेस्ट को बनाते समय एक ही चीज या तो दूध या फिर दही का इस्तेमाल करें।

बालों को झड़ने से बचने के अन्य उपाय:-

  • गीले बालों में कंघी करने से बचें।
  • अपने आहार में पौष्टिक तत्वों को शामिल करे जिससे आपको स्वस्थ रहने के साथ आपके बालों की जड़ को अच्छे से पोषण मिल सकें।
  • बालों को धोने के लिए ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • नियमित बाल नहीं धोने चाहिए, और बालों को धोने के लिए अच्छे शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • हफ्ते में दो बार रात को बालों में तेल से अच्छे से मसाज करके सोना चाहिए, और उसके बाद सुबह उठकर अपने बालों को धो लें।
  • धूम्रपान न करें।
  • बालों के लिए केमिकल युक्त पदार्थो का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • बालों के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल भी ज्यादा नहीं करना चाहिए।
  • ज्यादा धूप में बाहर जाते हुए चेहरे के साथ बालों को भी अच्छे से कवर करना चाहिए।
  • यदि डैंड्रफ की समस्या है तो उसे दूर करने के लिए प्याज़ का रस या दही व् निम्बू के रस का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • नियमित सुबह ताम्बे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने के साथ एक चम्मच आंवला पाउडर का भी सेवन करें इससे आपके बालों को मजबूत बनाया जा सकता है।

तो यदि आप भी चाहते है की आपके बालों की ख़ूबसूरती बढ़ जाएँ, और वो हमेशा घने रहें तो इसके लिए जरुरी है की आप अपने बालों की अच्छे से केयर करें। इसके अलावा यदि आप चाहते है की आपके बालों को झड़ने की समस्या से राहत मिल सकें, तो इसके लिए आप ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है। कुछ दिनों तक नियमित इन टिप्स का इस्तेमाल करने से आपको बालों के झड़ने की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

शिकंजी क्यों जरुरी होती है प्रेगनेंसी में

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को पानी का भरपूर सेवन करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान पानी का भरपूर सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए गर्भवती महिला भरपूर मात्रा में पानी पीने के साथ नारियल पानी, घर में बने ताजे फलों के रस, शिकंजी आदि का सेवन भी कर सकती है। और शिकंजी तो घर में रोजाना बनाकर आसानी से पी भी जा सकती है। साथ ही शिकंजी का सेवन करने से गर्भवती महिला को बहुत से सेहत सम्बन्धी फायदे भी मिलते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेग्नेंट महिला को शिकंजी का सेवन करने से कौन से फायदे मिलते हैं उस बारे में बताते हैं।

शिकंजी में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। जिससे गर्भवती महिला व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण प्रेग्नेंट महिला की इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है। जिसके कारण गर्भवती महिला व् बच्चे दोनों को संक्रमित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला यदि शिकंजी का सेवन करती है तो शिकंजी में मौजूद विटामिन सी महिला की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। जिससे गर्भवती महिला व् बच्चे को संक्रमण से बचे रहने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ गर्भवती महिलाएं सूजन की समस्या से भी परेशान हो सकती है। ऐसे में शिकंजी का सेवन करना उन महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि शिकंजी में मौजूद विटामिन सी व् एंटीऑक्सीडेंट्स गर्भवती महिला को सूजन की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

अधिकतर गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया के धीमे पड़ने के कारण अपच, कब्ज़, एसिडिटी, सीने में जलन, खट्टी डकार जैसी दिक़्कतों से परेशान रह सकती है। लेकिन यदि प्रेग्नेंट महिला शिकंजी का सेवन करती है तो इससे गर्भवती महिला की पाचन क्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।

जी मिचलाना, उल्टी, घबराहट महसूस होना आदि परेशानियां होना भी प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होती है। ऐसे में गर्भवती महिला यदि रोजाना सुबह उठने के थोड़ी देर बाद शिकंजी का सेवन करती है तो इन सभी परेशानियों से प्रेग्नेंट महिला को निजात पाने में मदद मिलती है।

तो नियमित एक गिलास शिकंजी का सेवन करने से गर्भवती महिला को इतने फायदे मिलते हैं तो रोजाना कम से कम एक गिलास शिकंजी का सेवन प्रेग्नेंट महिला को जरूर करना चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने और माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।