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बेबी डिलीवरी में अगर लेट हो रहा हो तो क्या कारण हो सकते हैं?

प्रेग्नेंट महिला पूरे नौ महीने उस पल का बेसब्री से इंतज़ार करती है की कब उसका शिशु की उसकी गोद में खेलेगा, कब महिला उसे करीब से महसूस कर पाएगी, कब अपने बच्चे के विकास का अनुभव कर पाएगी, आदि। ऐसे में प्रेगनेंसी के हर पल महिला केवल अपने शिशु के बारे में ही सोचती रहती है और उसके लिए सपने संजोती है। और जैसे ही नौवां महीना लगता है। वैसे ही महिला उल्टी गिनती शुरू कर देती है क्योंकि अब उसके बच्चे के जन्म लेने का समय और पास आता जाता है।

लेकिन कुछ महिलाओं की डिलीवरी में थोड़ी देरी हो सकती है, तो कुछ महिलाएं डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद भी बच्चे को जन्म दे सकती है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं होती है लेकिन इसे अनदेखा भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद शिशु का गर्भ में ज्यादा समय तक रहना माँ व् बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको बेबी डिलीवरी में देरी होने के क्या कारण हो सकते हैं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

डिलीवरी पेन न होना

ऐसा बिल्कुल भी जरुरी नहीं होता है की डिलीवरी का समय पास आने पर हर महिला को डिलीवरी पेन का अनुभव हो। और कुछ महिलाओं को तो डॉक्टर द्वारा दी गई आर्टिफिशल पेन का भी कोई असर नहीं होता है। साथ ही अधिकतर महिलाओं को ऐसा ही लगता है की जब तक पेन नहीं होगा तब तक डिलीवरी नहीं होगी। जो की गलत होता है, कुछ महिलाओं को डिलीवरी पेन महसूस ही नहीं होता है। और जिन महिलाओं को डिलीवरी पेन महसूस का अहसास नहीं होता है उन महिलाओं की डिलीवरी में देरी हो सकती है।

बच्चे का सही पोजीशन में न आना

यदि गर्भ में शिशु अपनी सही पोजीशन में नहीं आता है तो इसके कारण भी डिलीवरी होने में देरी हो सकती है। क्योंकि शिशु का सिर जब तक नीचे की तरफ नहीं आता है तब तक पेल्विक एरिया पर जोर नहीं पड़ता है तो जिससे प्रसव पीड़ा का अहसास नहीं होता है। जिससे महिला की डिलीवरी में देरी हो सकती है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से बेबी डिलीवरी में देरी हो सकती है। ऐसे में आपको एक बात का ध्यान जरूर रखना है की यदि डिलीवरी डेट निकल जाएँ, शिशु की हलचल में कमी हो, तो इन कारणों के होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि माँ व् बच्चे दोनों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

जब बेबी किक मारता है तो इसका मतलब यह होता है

गर्भ में शिशु की पहली हलचल प्रेग्नेंट महिला के लिए उसकी प्रेगनेंसी का सबसे खास अनुभव होता है, क्योंकि बेबी का किक मारना महिला को गर्भ में अपने शिशु के होने के अहसास और अच्छे से महसूस करवाने में मदद करता है। प्रेगनेंसी के चौथे महीने के आखिर या पांचवें महीने की शुरुआत में शिशु की हलचल का थोड़ा बहुत महिला अनुभव कर सकती है। जो महिलाएं पहली बार माँ बन रही होती है उन्हें शिशु की हलचल को समझने में थोड़ा समय लग सकता है लेकिन दूसरी बार माँ बन रही महिलाएं इससे परिचित होती है। और शिशु द्वारा की गई पहली हलचल को भी समझ जाती है। शुरुआत में शिशु की हलचल थोड़ी कम लेकिन जैसे जैसे शिशु का विकास बढ़ता है वैसे वैसे शिशु की हलचल भी बढ़ने लगती है। और शिशु की मूवमेंट महिला को ऐसे महसूस हो सकती है जैसे की शिशु गर्भ में महिला को किक मार रहा हो।

गर्भ में शिशु के किक मारने का क्या मतलब होता है

माँ के पेट में शिशु बहुत सी हरकतें करने के साथ बहुत सी बाहरी चीजों के अनुभव को भी समझ सकता है। क्योंकि छठे सातवें महीने तक आते आते शिशु की सुनने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है जिसके कारण शिशु बाहरी चीजों पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देता है। इसके अलावा और भी कई कारण हो सकते हैं जिसके कारण शिशु गर्भ में किक मारता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की गर्भ में शिशु के किक मारने का क्या मतलब होता है।

शिशु का स्वस्थ होना

गर्भ में शिशु की हलचल का होना शिशु के बेहतर विकास और शिशु के स्वस्थ होने की निशानी होती है। यदि आपका शिशु गर्भ में अच्छे से हलचल करता है, और आप शिशु की किक बेहतर तरीके से महसूस कर पाती है। तो समझ जाइये की आपका शिशु गर्भ में स्वस्थ है।

शिशु के चौंकने के कारण

जैसे जैसे शिशु की सुनने की क्षमता में वृद्धि होती है वैसे वैसे शिशु तेज आवाज़, तेज रौशनी, ऊँची आवाज़ को सुनने पर गर्भ में चौंकने लगता है। और गर्भ में शिशु के चौंकने के कारण शिशु ज्यादा तेजी से हलचल कर सकता है, ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं होती है, लेकिन महिला को जितना हो सके तेज आवाज़ वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए इससे शिशु गर्भ में डर सकता है घबरा भी सकता है। ऐसे में आप यह कह सकते हैं की शिशु के गर्भ में चौंकने के कारण शिशु गर्भ में किक मारता है।

शिशु की मूवमेंट

केवल जन्म के बाद ही शिशु अपने हाथ पैर नहीं चलाता है बल्कि गर्भ से ही शिशु अपने हाथों पैरों की मूवमेंट को शुरू कर देता है। ऐसे में जब गर्भ में शिशु घूमता है, हिचकी लेता है, तरह तरह की मूवमेंट करता है तो भी गर्भ में आपको शिशु की हलचल महसूस हो सकती है। और शिशु की मूवमेंट महिला को ऐसे महसूस हो सकती है जैसे की शिशु गर्भ में लात मार रहा हो।

अपनी पोजीशन में आना

आठवें महीने के आखिरी न नौवें महीने में ज्यादातर शिशु डिलीवरी के लिए अपनी पोजीशन में आने के लिए कोशिश करते रहते हैं। और शिशु की इसी कोशिश करने के कारण भी गर्भ में शिशु की हलचल महिला को अधिक महसूस हो सकती है, और महिला को महसूस हो सकता है की शिशु पहले के मुकाबले अधिक किक मार रहा है।

गर्भ में जगह कम

शिशु का विकास तीसरी तिमाही के आखिरी तक अच्छे से हो जाता है ऐसे में शिशु को गर्भ में मूवमेंट करने के लिए जगह कम मिलती है। और जगह कम मिलने के कारण शिशु की हलचल में किक मारने में वृद्धि हो सकती है।

शिशु की मूवमेंट न होने पर क्या करें?

ऐसा नहीं है की सारा दिन ही आपको गर्भ में शिशु की हलचल महसूस हो, क्योंकि गर्भ में शिशु भी आराम करता है। लेकिन यदि बहुत देर तक शिशु की मूवमेंट का अनुभव न हो तो महिला को बाईं और करवट लेकर सोना चाहिए इससे शिशु तक ऑक्सीजन व् रक्त का प्रवाह अच्छे से होने में मदद मिलती है। या फिर महिला एक गिलास पानी का सेवन करें, और ऐसा करने से बाद भी महिला को शिशु की मूवमेंट का अहसास न हो तो बिल्कुल देरी न करते हुए तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि ज्यादा देर तक गर्भ में शिशु की मूवमेंट न होना परेशानी का कारण हो सकता है।

तो यह हैं गर्भ में शिशु के किक मारने से जुडी कुछ बातें, ऐसे में शिशु की हलचल का गर्भवती महिला को अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। हाँ ऐसा कहना थोड़ा मुश्किल होता है की शिशु दिन में कितनी बार हलचल करेगा, लेकिन आप चाहे तो अपने शिशु की हलचल को काउंट कर सकती हैं। लेकिन शिशु की हलचल कम होने या न होने को अनदेखा न करें।

चेहरे पर झाइयां का इलाज क्या है? जानें

चेहरे की ख़ूबसूरती न केवल आपके व्यक्तित्व को निखारती है बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ाने में मदद करती है। लेकिन इसके लिए जरुरी है की आप अपने चेहरे और अपनी बॉडी के साथ अपने स्वास्थ्य का अच्छे से ध्यान रखें। क्योंकि यदि आप अपने चेहरे का ध्यान नहीं रखते है तो समय से पहले आपको चेहरे पर झाइयां दिखने लगती है, यदि आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखती है तो इसके कारण भी ऐसा हो सकता है। अब आप खुद ही सोचिए की आपकी स्किन बहुत गोरी है और आपके चेहरे पर झाइयां है तो आपको कैसा लगेगा?

चेहरे पर झाइयों से बचने के लिए महिला कई तरह के मार्किट से मिलने वाले उत्पाद का इस्तेमाल भी करती है। लेकिन यह उत्पाद महंगे होने के साथ कई बार उतने असरदार भी नहीं होते है। क्या आप भी अपने चेहरे पर होने वाली झाइयों की समस्या से परेशान हैं? यदि हाँ तो इसके लिए सबसे पहले जरुरी है की आप अपने खान पान का और अपने चेहरे की स्किन की साफ सफाई का अच्छे से ध्यान रखें। इस अलावा झाइयों से बचने के लिए आज हम आपको कुछ आसान टिप्स देते है जो आपकी झाइयों को दूर करके चेहरे को साफ़ करने में मदद करते है।

झाइयां होने के कारण:-

  • सूर्य की किरणों के कारण त्वचा में मेलेनिन का निर्माण अधिक होने लगता है जिसके कारण त्वचा पर झाई होने लगती है।
  • तनाव के कारण भी झाइयां होने लगती है।
  • बढ़ती उम्र के कारण भी चेहरे पर झाइयां होने लगती है।
  • यदि आपके घर में सभी को यह परेशानी है तो आपको भी हो सकती है।
  • नींद पूरी न होने के कारण भी आपके चेहरे पर झाइयां हो सकती है।

झाइयों को दूर करने के टिप्स:-

दूध, दही व् मलाई:-

एक कटोरी में कच्चा दूध या मलाई या फिर दही लेकर रुई की मदद से अच्छे से अपनी झाइयों पर लगाएं। और उसके बाद उसे आधे घंटे के लिए चेहरे पर छोड़ दें। ऐसा नियमित करें इससे आपकी स्किन पर से धीरे धीरे झाइयों को हटाने में मदद मिलती है। यदि आप चाहे तो इसका इस्तेमाल बेसन या सरसों के बीज के साथ भी कर सकते है।

संतरे का छिलका:-

संतरे के छिलको को सुखाकर अच्छे से पीस लें, उसके बाद उसमे तुलसी का रस या गुलाबजल मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। उसके बाद इस पेस्ट को आप अपनी झाइयों पर लगाएं। और आधे घंटे के लिए ऐसा छोड़ दें, और उसके बाद ठन्डे पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को साफ़ कर सकते है। नियमित ऐसा करने से धीरे धीरे आपके चेहरे को साफ़ करने में मदद मिलती है।

बेसन और हल्दी:-

एक कटोरी में एक चम्मच बेसन और चुटकी भर हल्दी अच्छे से मिक्स करें, उसके बाद इसका लेप बनाने के लिए इसमें मलाई मिक्स करें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। उसके बाद ठन्डे पानी से अपने चेहरे को साफ करें हफ्ते में दो बार इस उपाय का इस्तेमाल करने से आपके चेहरे से झाइयों को दूर भागने में मदद मिलती है।

बादाम और मलाई:-

चार पांच बादाम रात भर के लिए भिगोकर रख दें, उसके बाद सुबह इनका छिलका उतार कर अच्छे से पीस लें। उसके बाद इसमें मलाई और निम्बू का रस मिक्स करें, और एक लेप तैयार करें। अब इस लेप को अपने झाइयों पर लगाएं, और उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें। उसके बाद अपने चेहरे को ठन्डे पानी से साफ़ कर दें।

सेब का सिरका:-

सेब के सिरके में थोड़ा सा पानी मिलाएं और अब रुई की मदद से इसे अच्छे से अपनी झाइयों पर लगाएं। और पांच से सात मिनट तक लगे रहने दें, उसके बाद गुनगुने पानी की मदद से अच्छे से अपने चेहरे को साफ कर लें, ऐसा नियमित करें इस उपाय को करने से भी आपको झाइयों की समस्या से राहत मिलती है।

लाल प्याज:-

लाल प्याज को पीसकर उसका पेस्ट तैयार करें या फिर उसका रस निकाल लें। अब इस रस को अच्छे से अपनी झाइयों पर लगाएं। और आधे घंटे के लिए इसे अपने चेहरे पर छोड़ दें, उसके बाद साफ़ पानी से अच्छे से अपने चेहरे को धो लें। इस तरीके का इस्तेमाल करने से भी आपको अपने चेहरे पर होने वाली झिआओन से रहत मिलती है।

अमरुद और केला:-

अमरुद और केले को अच्छे से पीस कर मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपनी झाइयों पर लगा लें। और उसके बाद इसे आधे घंटे के लिए चेहरे पर ही छोड़ दें, उसके बाद साफ़ पानी से अपने चेहरे को धो लें। यह भी झाइयों के लिए एक असरदार उपाय है।

चन्दन का पाउडर:-

एक चम्मच चन्दन का पाउडर लेकर उसमे दो चम्मच गुलाबजल मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें। उसके बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके अपने चेहरे को साफ़ करें इस उपाय को करने से भी आपको झाइयो से राहत पाने में मदद मिलती है।

एवोकाडो:-

एवोकाडो को पीस कर अच्छे पेस्ट तैयार कर, और उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं। उसके बाद आधे घंटे बाद जब यह थोड़ा स्किन पर लगा रहे उसके बाद अच्छे से अपने चेहरे को धो दें। ऐसा करने से भी आपकी झाइयों की समस्या से राहत मिलती है।

झाइयों को दूर करने के अन्य टिप्स:-

  • धूप में निकलने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से ढक ले और साथ ही स्किन के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी करें, इससे आपकी स्किन को धूप की किरणों के बुरे प्रभाव से बचने में मदद मिलती है।
  • शहद को हल्का गर्म करके अपनी स्किन पर लगाएं, और उसे रातभर के लिए चेहरे पर छोड़ दे, सुबह उठकर चेहरे को धो लें, इससे झाइयों को धीरे धीरे हल्का करने में मदद मिलते है।
  • एलोवेरा जैल को नियमित चेहरे पर लगाने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • निम्बू के रस को निकाल कर रुई की मदद से चेहरे पर लगाएं, और सूखने के बाद धो दें, ऐसा नियमित करें।
  • पपीता, अनानस, व् अन्य किसी भी फल को अच्छे से पीसकर अपने चेहरे पर लगाएं, इससे भी आपकी स्किन को साफ़ करने में मदद मिलती है।
  • बैंगन का रस निकाल कर झाइयों पर लगाने से भी आपको फ़ायदा मिलता है।
  • गुलाबजल और निम्बू का रस मिलाकर झाइयों पर लगाने से भी फायदा होता है।
  • बिना नमक या मीठा मिलाएं नियमित गाजर का रस पीएं, इससे भी झाइयों को खत्म करने में मदद मिलती है।
  • तनाव भी चेहरे पर झाइयों का कारण हो सकता है, इसीलिए खुश रहना चाहिए, और तनाव नहीं लेना चाहिए।
  • टमाटर की स्लाइसेस काटकर हलके हाथों से चेहरे पर मसाज करें।

तो यदि आप भी झाइयों की समस्या से परेशान है इसके लिए आप ऊपर दिए गए किसी भी टिप्स का इस्तेमाल करके इस समस्या से राहत पा सकते है। इसके अलावा ऐसा नहीं है यह उपाय एक ही दिन में अपना असर दिखाएंगे बल्कि इनके नियमित इस्तेमाल से धीरे धीरे आपकी स्किन से झाइयां पूरी तरह साफ़ हो जाएँगी, और साथ ही आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाने में भी मदद मिलती है।

डिलीवरी के इंतज़ार में हैं? तो पहले ही यह काम कर लें

डिलीवरी का समय पास आने पर अधिकतर महिलाएं डिलीवरी किस तरह से होगी, बच्चे को कोई दिक्कत तो नहीं होगी, ऐसी बातों को लेकर परेशान हो जाती हैं। खासकर जो गर्भवती महिला पहली बार माँ बनने जा रही होती है वो इन बातों को लेकर ज्यादा चिंतित हो जाती है। जबकि यह समय परेशान होने का नहीं होता है।

बल्कि इस दौरान महिला को बहुत से काम होते हैं जो डिलीवरी से पहले ही कर लेने होते हैं। ताकि डिलीवरी के बाद माँ या बच्चे को बच्चे को कोई दिक्कत न हो। अब आप सोच रहें होंगे की वो कौन से काम हैं जो डिलीवरी से पहले ही महिला को कर लेने चाहिए? तो आइये इस आर्टिकल में हम आपको उन सभी के बारे में विस्तार से बताते हैं।

डिलीवरी के लक्षणों को समझ लें

ऐसा नहीं हैं की डिलीवरी एक दम से ही हो जाती है बल्कि जब डिलीवरी होने वाली होती है तो महिला को शरीर में बहुत से अलग अलग लक्षण महसूस होते हैं। जैसे की पेट में रह रह कर दर्द होना, पीठ में तेजी से दर्द होना, पेल्विक एरिया पर जोर ज्यादा पड़ना, प्राइवेट पार्ट से सफ़ेद पानी का निकलना, डायरिया जैसी समस्या होना आदि।

ऐसे में डिलीवरी होने से पहले महिला को डिलीवरी के सभी लक्षणों की जानकारी इक्कठी कर लेनी चाहिए। ताकि डिलीवरी का समय पास आने पर महिला को किसी भी तरह की परेशानी न हो। और प्रसव से जुडी जानकारी आप इंटरनेट, किताबों या अपने घर के किसी बड़े सदस्य से ले सकती हैं।

डिलीवरी बैग

जब महिला को डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल लेकर जाया जाता है तो जिन जिन चीजों की जरुरत महिला को हॉस्पिटल में पड़ सकती है उन सभी चीजों का एक बैग तैयार कर लें। और उस बैग में जरुरी सामान जैसे की सैनिटरी पैड, महिला के लिए कपडे, ब्रा, पैंटी, कम्बल, चादर, पिल्लो, बच्चे के लिए डाइपर, कपडे, दूध का बोतल जरुरी कागज़ जैसे की इंशोरेंस के कागज़, आधार कार्ड, कैश, कार्ड, अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स आदि सभी को एक बैग में डाल लें। ताकि जब भी आपको डिलीवरी के लक्षण महसूस हो तो बिना किसी टेंशन के आप हॉस्पिटल बैग लें और जल्द से जल्द हॉस्पिटल पहुँच जाएँ।

शारीरिक रूप से तैयार रहें

डिलीवरी का समय आने से पहले ही महिलाएं डिलीवरी के दौरान होने वाले दर्द को लेकर परेशान रहने लगती है जिसके कारण डिलीवरी के दौरान महिला की दिक्कत बढ़ सकती है। ऐसे में महिला को डिलीवरी के दौरान होने वाली शारीरिक परेशानियों को कम करने के लिए नौवें महीने में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिससे डिलीवरी के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सके। जैसे की महिला को घी, ड्राई फ्रूट्स, आयरन युक्त आहार, दालें आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। इससे महिला स्वस्थ रहती है और डिलीवरी के लिए महिला को शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

मानसिक रूप से रहे तैयार

डिलीवरी के लिए महिला को शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी तैयार रहना चाहिए। और इसके लिए नौवें महीने में महिला को वॉक करनी चाहिए, योगासन करना चाहिए, मैडिटेशन करनी चाहिए, स्विमिंग करनी चाहिए, आदि। ऐसा करने से महिला शारीरिक रूप से तो फिट होती ही है साथ ही इससे महिला को मानसिक रूप से भी फिट होने में मदद मिलती है। जिससे महिला के डिलीवरी को लेकर होने वाले तनाव को कम करने में फायदा होता है।

डिलीवरी के बाद घर में जिन चीजों की जरुरत हैं उन चीजों का भी ध्यान रखें

बच्चे के जन्म के बाद भी महिला को बहुत सी चीजों की जरुरत होती है जैसे की महिला के लिए मालिश वाली की जरुरत होती है, गोंद व् ड्राई फ्रूट्स के लड्डू, घी, सोने के लिए आरामदायक गद्दे, मैटरनिटी बेल्ट, ज्यादा दूध, कामवाली, ब्रेस्टमिल्क पंप, आदि की जरुरत होती है। तो इन सभी चीजों को पहले से ही घर में लाकर रख दें और काम वाली, मालिश वाली, दूध वाले को ज्यादा दूध के लिए बोलकर, पहले से ही अरेंज कर लें।

बच्चे के लिए जरुरी सामान लें आये

घर में नन्हे मेहमान के आने के बाद बच्चे के लिए भी बहुत सी चीजों की जरुरत होती है जैसे की पालना, दूध की बोतल, ज्यादा बिछौने, बच्चे के लिए कपडे, मच्छरदानी, बच्चे को नहलाने के लिए जरुरी सामान आदि उन सभी चीजों को भी घर ले आएं। ताकि नन्हे मेहमान के घर में आने के बाद उसे कोई भी दिक्कत न हो।

बच्चे की केयर कैसे करनी है इससे जुडी जानकारी इक्कठा करें

यदि आप पहली बार माँ बन रही है तो महिला के लिए डिलीवरी से पहले इस बात की जानकारी भी इक्क्ठा करना जरुरी है। जैसे की किस तरह छोटे बच्चे की केयर की जाती है, कब उसे दूध पिलाया जाता है, बच्चा क्या कहना चाहता है उसे कैसे समझा जाएँ, आदि। इस सभी जानकारी को इक्कठा करने से महिला को नवजात बच्चे की केयर करने में मदद मिलती है।

डिलीवरी के बाद क्या करना है क्या नहीं

बच्चे के जन्म के बाद महिला को क्या क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, कौन सी चीजें बच्चे और माँ के लिए फायदेमंद है और कौन सी नुकसानदायक, डिलीवरी के बाद क्या खाना है क्या नहीं, इससे जुडी जानकारी भी डिलीवरी से पहले महिला को इक्कठी कर लेनी चाहिए। ताकि बच्चे के जन्म के बाद महिला को कोई दिक्कत न हो।

तो यह हैं कुछ काम जो डिलीवरी से पहले ही महिला को कर लेने चाहिए ताकि महिला की डिलीवरी को लेकर टैंशन कम करने के साथ माँ व् बच्चे को स्वस्थ रहने में भी फायदा हो सके। यदि आपकी भी डिलीवरी होने वाली है तो आपको भी इन सभी बातों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

Pregnant Woman must do this important work before Delivery

प्राकृतिक गर्भनिरोधक क्या होता है? ये है इनके फायदे

प्राकृतिक गर्भनिरोधक क्या होता है? ये है इनके फायदे:-

प्राकृतिक गर्भनिरोधक होता है, कई बार महिलाओ का अनचाहा गर्भ ठहर जाता है, जिसको ख़त्म करने या ऐसी परेशानी उत्पन्न न हो, इससे बचने के लिए महिलाएं ऐसे तरीके का इस्तेमाल करना चाहती है जिनसे उनके शरीर पर कोई बुरा प्रभाव भी न पढ़ें, और उनकी समस्या का हल हो जाएँ, तो ये घरेलू नुस्खे जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्या का समाधान कर सकते है। इन्हें ही प्राकृतिक गर्भनिरोधक कहा जाता है, और आप इन तरीको का इस्तेमाल करने से पहले इनके बारे में अच्छे से जान भी लेना चाहिए।

गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए एक नया अनुभव होता है, परंतु कई बार महिलाओ का अनचाहा गर्भ ठहर जाता है, और इसे लेकर महिलाये बहुत परेशान भी हो जाती है, इसका कारण होता जब महिला और पुरुष दोनों ही बिना किसी सुरक्षा के शारीरिक सम्बन्ध बनाते है, जिसके कारण महिला और पुरुष के शुक्राणु के आपस में मिलते है, तो उनका गर्भ ठहर जाता है। परंतु इस परेशानी से बचने के आज के समय में मार्किट में बहुत से विकल्प है, जिनके इस्तेमाल से इस परेशानी से निजात पाया जा सकता है।

महिलाओ के इन विकल्पों का इस्तेमाल करने से उन्हें इस समस्या से निजात तो मिल जाता है, परंतु कई महिलाये इनके केमिकल और साइड इफ़ेक्ट से दुरी रखना चाहती है, क्योंकि इन दवाइओ का ज्यादा सेवन करने से कई बार बाद में महिलाओ के माँ बनने के रास्ते में समस्या उत्पन्न हो जाती है। परंतु कई ऐसे तरीके है जिनका इस्तेमाल करने से न तो ये परेशानी आपके सामने आती है, और न ही इनका इस्तेमाल करने से आपको कोई बुरा प्रभाव पड़ता है।

तो आइये जानते है जिनका इस्तेमाल करने से आपको इस परेशानी से निजात मिलने के साथ, आपको नुक्सान होने की बजाय फायदा ही होता है, परंतु आज के इस बढ़ते समय में ऐसी गलती करनी ही नहीं चाहिए जिसके कारण आपके सामने ये समस्या आकर खड़ी हो, क्योंकि मेडिकल में ऐसे कई उपाय है, जिनके कारण आपको इस समस्या का सामना ही नहीं करना पड़ता है। तो ये है कुछ प्राकृतिक गर्भनिरोधक जिनके कारण ये समस्या के बुरे प्रभाव से बचने में आपको मदद मिलती है।

प्राकृतिक गर्भनिरोधक से बचने के टिप्स:-

लहसुन का इस्तेमाल करें:-

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लहसुन का इस्तेमाल करने से भी आपको प्राकृतिक रूप से गर्भ को ठहरने से मदद मिलती है, इसके सेवन के लिए आप मासिक धर्म के बाद दो से तीन लहसुन की कलिया चील कर उन्हें निगल जाएँ, इसका सेवन करने से आपको पुए महीने फायदा होगा, और आपका अनचाहा गर्भ भी नहीं ठहरेगा, क्योंकि लहसुन शुक्राणु को निषेचन करने से रोकने में मदद करता है, इसीलिए आपको इस समस्या से बचने के लिए लहसुन का इस्तेमाल करना चाहिए।

पीपल का इस्तेमाल करें:-

गर्भ को ठहरने से रोकने के लिए पीपल, सुहागा, और बायबिडंग को बराबर मात्रा में लेकर अच्छे से पीस लें, और इसका मिश्रण तैयार होने के बाद जिस दिन पीरियड शुरू हो उससे सात दिन तक लगातार छह ग्राम चूर्ण का इस्तेमाल पानी से साथ लेकर करे, ऐसा करने से आपको इस परेशानी से निजात मिलेगा, और कम से कम एक वर्ष तक आपका गर्भ नहीं ठहरता है।

सीताफल के बीजो का इस्तेमाल करें:-

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सीताफल का इस्तेमाल करने से भी आपको अनचाहे गर्भ को ठहरने से रोकने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आपको सीताफल के बीजो का इस्तेमाल करने के लिए आपको सीताफल के बीजो को अच्छे से पीस कर उसे अपनी योनो पर अच्छे से लगाया इससे अनचाहा गर्भ नहीं ठहरता है, साथ ही आपकी योनि की साफ़ सफाई भी अच्छे से हो जाती है, और इसका कोई नुक्सान भी नहीं होता है।

कटहल का सेवन करें:-

कटहल का सेवन करने से भी आपको अनचाहे गर्भ को रोकने में मदद मिलती है, यदि आप कभी बिना किसी सुरक्षा के सेक्स करती है, और आपको डर रहता है की इसके कारण आपका अनचाहा गर्भ ठहर जायेगा, तो इस समस्या से बचने के लिए आपको कटहल का सेवन जरूर करना चाहिए, यदि आप सेक्स करने के थोड़ी देर बाद कटहल का सेवन करते है तो आपको इस परेशानी से निजात मिलता है, क्योंकि इसमें विटामिन सेए की मात्रा अधिक होती है।

कच्चे पपीते का सेवन करें:-

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कच्चे पपीते का सेवन करने से भी आपकी इस परेशानी निजात मिलता है, कच्चा पपीता खाने से गर्भ गिरने की सम्भावना बढ़ जाती है, इसके कारण गर्भवती औरत को पपीता खाने से मना किया जाता है, यदि आपको लगे की आपका गर्भ ठहरने वाला है तो आप कच्चे पपीते का सेवन करें, इसके कारण आपको इस परेशानियो से निजात मिलेगा, और साथ ही आपको अनचाहे गर्भ को रोकने में मदद मिलेगी।

गरम पदार्थो का सेवन करें:-

गर्भ के ठहरने पर आपको इस परेशानी से निजात पाने के लिए आप गरम चीजो का सेवन करें, गरम पदार्थो में भी ऐसे तत्व होते है जो आपके गर्भ को गिराने में आपकी मदद कर सकता है, इसके अलावा इससे आपकी योनि की अच्छे से सफाई भी हो जाती है, इसके अलावा गुड़ और जीरे का सेवन एक साथ करने से भी आपको इस परेशानी से निजात मिलने में मदद मिलती है, इसीलिए यदि आप आसानी से इस समस्या से निजात पाना चाहते है तो आपको गरम पदार्थो का सेवन करना चाहिए।

तुलसी के पत्तो का इस्तेमाल करें:-

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गर्भ को ठहर ने से रोकने के लिए आप तुलसी के पत्तो का इस्तेमाल भी कर सकते है, इसके सेवन के लिए आप एक कप पानी में तुलसी के कुछ पत्ते उबाल कर उसका काढ़ा बना कर तैयार कर लें, अब इस काढ़े का सेवन आप उस दिन करें जब आपके पीरियड ख़त्म होने वाले हो, और कम से कम तीन तक इसका सेवन करें, ऐसा करने से आपक गर्भ नहीं ठहरेगा, और इस तरीके का कोई नुक्सान भी नहीं होता है।

नीम के तेल का इस्तेमाल करें:-

नीम के तेल का इस्तेमाल करने से भी आपको अनचाहे गर्भ को ठहरने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आपको नीम के तेल को रुई में डाल कर उसे अपनी योनि में अच्छे से डालें या लगायें, और उसके बाद सेक्स करने से महिला और पुरुष के शुक्राणु का मिलन नहीं हो पाता है, जिसके कारण आपको अनचाहे गर्भ से निजात पाने में आपकी मदद मिल सकती है। और इसका कोई बुरा प्रभाव भी नहीं होता है।

हल्दी का इस्तेमाल करें:-

haldi

हल्दी की गांठ को पीस कर अच्छे से उसका मिशन बना लें, और अब उसे अच्छे से छान लें, ऐसा करने के बाद आपको अपने पुरे पीरियड के दौरान पानी के साथ मिलाकर इसका सेवन करें, ऐसा करने से आपको इस परेशानी से निजात मिलता है, और आपका गर्भ नहीं ठहरता है, ये आसान और ऐसा उपाय है, जो किसी भी घर में आसानी से हो जाता है, तो आप इस परेशानी का हल भी मिल जाता है।

अरंडी के बीज का सेवन करें:-

अरंडी का बीज आई पिल की तरह काम करता है, यदि इसका सेवन भी सेक्स करने के तीन दिन के अंदर कर लिए जाएँ तो अनचाहा गर्भ ठहरने बहुत जल्दी निजात मिलता है, इसके इस्तेमाल के लिए सबसे पहले अरंडी के बीज को फोड़ें, उसके बाद उसमे से एक सफ़ेद बीज निकलेगा, और इसका सेवन महिलाएं यदि सेक्स करने के 72 घंटे के भीतर कर लेती है तो आपका अनचाहा गर्भ नहीं ठहरता है, और यदि महिलाएं इसका सेवन पीरिड्स के दिनों में करती है तो इसका प्रभाव एक महीने तक रहता है।

अनचाहे गर्भ से बचने के अन्य उपाय:-

  • व्यायाम बहुत अधिक मात्रा में करें।
  • गरम पानी से सेक्स करने के बाद नहाएं।
  • उन पदार्थो का सेवन करें, जिसमे अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है।
  • चावल के पौधे की जड़ को पीस कर आचे से छान लें, और उसके बाद उसे शहद के साथ मिलाकर उसका सेवन करें।
  • सेक्स करते समय प्याज के रस को योनि में लगाने से आपको इस परेशानी से निजात मिल जाता है।
  • गुड़हल के फूल का पेस्ट बनाकर, उसमे स्टार्च मिलाकर पीरियड्स के शुरुआत के दिनों में इसका सेवन करने से आपको इस परेशानी से निजात मिलता है।
  • सूखे पुदीने के पत्ते का पाउडर बनाकर सेक्स के पांच मिनट के बाद पानी के साथ इसका सेवन करने से आपको इस परेशानी से निजात मिलता है।
  • पीरियड्स के ख़त्म होने के बाद चमेली की कली को पानी के साथ तीन से चार दिन निगलने से भी आपको इस परेशानी से निजात मिल जाता है।
  • पीरियड्स के आखिरी दिन करेले का रस का सेवन करने से इस परेशानी का समाधान हो जाता है।

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ब्लैकहेड हटाने के घरेलू उपाय

Tips To Remove Blackheads

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आज कल के समय में लड़के हो या लड़कियां सभी अपने लुक्स और फेस को लेकर काफी सजग हो गए है। जिसके के लिए वे काफी मेहनत भी करते है। लेकिन कई बार बहुत देखभाल करने के बाद भी फेस पर कोई न कोई परेशानी हो ही जाती है। जिनमे से एक है ब्लैकहैड। ब्लैक हेड्स देखने में जितने अजीब होते है उन्हें फेस पर देखना उतना ही खराब लगता है। क्योंकि ये न केवल आपके फेस की खुबसूरती को प्रभावित करते है अपितु आपके लुक्स पर भी बुरा प्रभाव डालते है।

हम सभी ब्लैक हेड्स को पसंद नहीं करते इसीलिए अपने अपने तरीकों से इन्हें निकालने का प्रयास करते है। लेकिन इन्हें निकालना काफी मुशिकल होता है। बहुत से लोग इन्हें नोचकर निकालते है, जबकि कुछ इसके लिए नोज स्ट्रिप्स की मदद लेते है। इसके अलावा फेशियल  आदि करवा कर भी आप इनसे छुटकारा पा सकते है। लेकिन कई बार इतना सब करने के बाद भी ब्लैक हेड्स वापस आ जाते है। ऐसे में रोज रोज उपरोक्त तरीकों का इस्तेमाल कर पाना काफी मुश्किल हो सकता है।

इसलिए आज हम आपको ब्लैक हेड्स हटाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे है। जिनकी मदद से आप इस समस्या से बड़ी आसानी से छुटकारा पा सकते है। परन्तु ये सभी घरेलू उपाय है तो इन्हें कार्य करने में थोडा वक्त लगेगा इसीलिए निरंतर इस्तेमाल करते रहे। एक और बात, इन सभी उपायों में घरेलू प्रोडक्ट्स का ही यूज किया गया है जिनका स्किन पर किसी तरह का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा।

ब्लैक हेड्स हटाने के उपाय :-

1. हल्दी का इस्तेमाल करें :

स्किन से सम्बंधित लगभग सभी तरह की समस्यायों में हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह एक बेहतर एंटी बायोटिक होने के साथ-साथ एंटी ओक्सिडेंट से भी भरपूर है जो स्किन को साफ़ करने में भी मदद करती है। ब्लैक हेड्स दूर करने के लिए एक चम्मच हल्दी पाउडर में दो चम्मच ताजे पुदीने का रस मिलाएं। और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। 10 से 15 मिनट रखने के बाद फेस को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। फेस धोने के बाद मोइस्चराइज़र जरुर लगायें। हफ्ते में एक बार इस उपाय का इस्तेमाल करें। ब्लैकहेड्स अपने आप ख़त्म हो जाएंगे।

2. ग्रीन टी है बेहतर उपाय :

ग्रीन टी में एंटी ओक्सिडेंट की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो त्वचा को साफ़ करने के साथ-साथ उनसे नमी और मोइश्चराइज़ करने में भी मदद करती है। ये स्किन से सभी अशुद्धियों को निकालकर ब्लैक हेड्स दूर करने में भी मदद करती है। प्रयोग के लिए, एक चम्मच सुखी ग्रीन टी की पत्तियों को पानी में घोलकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने फेस पर लगायें। 15 से 20 मिनट तक रखें और उसके बाद अपना फेस गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। हफ्ते में एक बार इस उपाय का प्रयोग करें समस्या दूर हो जाएगी।

3. अंडा करेगा फेस की गंदगी को दूर :egg mask

अगर आप अंडे का इस्तेमाल कर सकते है तो अंडे से बने फेस मास्क का प्रयोग करके ब्लैक हेड्स को दूर किया जा सकता है। इसके लिए अंडे की सफ़ेद जर्दी काम आएगी। यह स्किन के पोर्स को साफ़ करके उन्हें टाइट करने में मदद करती है। इसके लिए एक अंडे की सफ़ेद जर्दी और 1 चम्मच शहद लें। सबसे पहले अंडे की जर्दी में शहद मिला लें और इस मिश्रण को पुरे फेस पर लगा लें। सूखने तक इन्तजार करें और उसके बाद गर्म पानी से फेस धो लें। हफ्ते में 1 या 2 बार इस उपाय का इस्तेमाल करें फर्क आपके सामने होगा।

4. दालचीनी से चमकाएं चेहरा :

दालचीनी स्किन में ग्लो लाने के लिए बहुत इस्तेमाल की जाती है लेकिन क्या आप जानते है की इसकी मदद से ब्लैक हेड्स की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। जी हां, यह रक्त के संचरण को सुधारती है जिससे त्वचा में कसाव आता है और स्किन चमकदार होती है। इसके प्रयोग के लिए एक या दो चम्मच दालचीनी पाउडर और 1 चम्मच नींबू का रस लें। पेस्ट बनाने के लिए दालचीनी पाउडर और नींबू के रस के साथ मिलाएं और अच्छे से मिक्स करें। पेस्ट बनने के बाद इसे अपने फेस पर लगायें। 20 मिनट तक रखें और उसके बाद पानी से चेहरा धो लें। हफ्ते में 3 या 4 बार के इस्तेमाल से स्किन में चमक आने लगेगी और ब्लैक हेड्स भी दूर होंगे।

5. स्क्रबर के रूप में काम करेगा बेकिंग सोडा :

बेकिंग सोडा को एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल एजेंट भी कहा जाता है क्योंकि ये स्किन से पूरी गंदगी को बाहर निकालकर उसे मोइश्चराइज़्ड करने में मदद करता है। ये ब्लैक हेदास को तो साफ़ करता ही साथ साथ साथ मुहांसों की समस्या भी ठीक करता है। प्रयोग के लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा में 2 चम्मच पानी मिलाकर घोल बना लें। अब इसे फेस के प्रभावित हिस्सों पर लगायें। 15 से 20 मिनट तक रखें और उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा साफ़ कर लें। वैसे आप चाहे तो इसमें थोडा सा टूथपेस्ट या नींबू के रस की कुछ बुँदे भी मिला सकते है। इस समस्या को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए रोजाना इस उपाय का इस्तेमाल करें। अगर संभव न हो तो हफ्ते में 3 या 4 बार उपाय का इस्तेमाल करें।

6. ब्लैक हेड्स और मुहांसों को दूर करने के लिए नींबू :

नींबू के रस का इस्तेमाल करके न सिर्फ ब्लैक हेड्स बल्कि मुहांसों को भी दूर किया जा सकता है। नींबू में मौजूद गुण स्किन को साफ़ करके पोर्स को टाइट करने में मदद करते है और साथ ही चेहरे का रंग निखारने में भी मदद करते है। इस उपाय के लिए आपको 1 चम्मच नींबू, एक चम्मच दही और आधा चम्मच नमक की आवश्यकता होगी। इस्तेमाल के लिए तीनों को एक साथ मिलाकर एक पेस्ट बना लें और उसे अपने फेस पर लगायें। 10-12 मिनट तक रखें और उसके बाद गर्म पानी से चेहरा धो लें। हफ्ते में 1 दिन छोड़कर अगले दिन इस उपाय का इस्तेमाल करें। आपकी स्किन दमकने लगेगी।

7. एलोवेरा से आएगी चेहरे में जान :

एलोवेरा स्किन के लिए बहुत लाभकारी होता है ये स्किन को साफ करता है और फेस में होने वाले अतिरिक्त आयल के प्रोडक्शन को भी रोकता है। जिससे ब्लैक हेड्स और मुहांसे की समस्या दूर हो जाती है। प्रयोग के लिए ताजे एलोवेरा को लें और उसे अपने फेस पर अच्छे से लगायें। कुछ देर तक लगाये रखने के बाद अपना फेस गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। इस प्रक्रिया को रोजाना करें जरुरी नहीं है एलोवेरा लगाकर काफी देर तक बैठे रहे आप चाहे तो 2 या 3 मिनट बाद भी फेस वाश कर सकते है।

8. ओट्स का इस्तेमाल करें :

फेस को एक्सफोलिएट करने के लिए ओट्स का इस्तेमाल करना बहुत लाभकारी होता है। यह स्किन के डेड सेल्स को निकालकर ब्लैक हेड्स को साफ़ करने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल करने से न केवल ऑयली स्किन को लाभ मिलता है अपितु ड्राई स्किन को भी फायदा होता है। प्रयोग के लिए 2 चम्मच ओटमील में 2 चम्मच दही, 1 चम्मच नींबू का रस, 1 चम्मच जैतून का तेल डालें। अब सभी को अच्छे से मिला लें। पेस्ट तैयार होने के बाद उसे अपने फेस पर लगाएं। 15 मिनट रखने के बाद ठंडे पानी से चेहरा साफ़ कर लें। हर 2 से 3 दिन में इस उपाय का इस्तेमाल करें। ब्लैक हेड्स की समस्या अपने आप दूर हो जाएगी।

तो ये थे कुछ घरेलू उपाय जिनकी मदद से ब्लैक हेड्स को हमेशा के लिए बाय-बाय कहा जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे ये सभी उपाय पूरी तरह घरेलू है और इन सभी में घरेलू उत्पादों का ही इस्तेमाल किया गया है। परन्तु कुछ लोगों को नेचुरल चीजों से एलर्जी होती है। अगर आप भी उन्ही में से है तो इन उपायों का इस्तेमाल एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद ही करें।

काले आर्मपिट (कांख) को गोरा करने के तरीके

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अंडरआर्म्स के कालेपन की समस्या सर्दियों में तो चल जाती है लेकिन गर्मियों में जब आपको स्लीवलेस कपडे पहनने होते हैं, तो अंडरआर्म्स का कालापन आपको शर्मिंदगी महसूस करवा सकता है। अब ऐसा भी नहीं होता है की आप स्लीवलेस कपडे पहने और हाथ नीचे करके रखें। ऐसे में इस समस्या को दूर करना बहुत जरुरी होता है, ताकि आपके शरीर की बाकी स्किन की तरह अंडरआर्म्स की स्किन को भी गोरा बनाया जा सके। आर्मपिट का कालापन ज्यादातर उन्हें होता है जो आर्मपिट के अनचाहे बालों को हटाने के लिए शेविंग रेजर का इस्तेमाल करते हैं। तो आइये आज हम आपको आर्मपिट के कालेपन से निजात पाने के लिए कुछ आसान टिप्स देने जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से आपको आर्मपिट को गोरा बनाने में मदद मिलती है।

अंडरआर्म्स को गोरा करने के टिप्स

अंडरआर्म्स का कालापन कोई ऐसी परेशानी नहीं होती है की जिसे आप दूर नहीं कर सकते। बल्कि यदि आप  अंडरआर्म्स की स्किन की केयर करते हैं तो ऐसा करने से आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की अंडरआर्म्स को गोरा करने के लिए आप किन किन तरीको का इस्तेमाल कर सकती है।

बेकिंग सोडा

स्किन पर होने वाली मृत कोशिकाओं को निकालकर बेकिंग सोडा आपकी स्किन को गोरा बनाने में मदद करता है। इसके लिए आप एक चम्मच बेकिंग सोडा और पानी को मिलाएं और एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें उसके बाद इसे अच्छे से अपने अंडरआर्म्स पर लगाएं और इसे सूखने के लिए छोड़ दें, उसके बाद आप गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे साफ़ करें। स्किन की कोमलता को बनाएं रखने के लिए आप पानी की जगह बेकिंग सोडा और गुलाबजल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इस उपाय को हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार जरूर करना चाहिए।

दूध, दही और आटा

जी हाँ दूध, दही और आटे को मिलाकर इस्तेमाल करने से भी आपके अंडरआर्म्स को गोरा करने में मदद मिलती है। इस उपाय को करने के लिए आप एक कटोरी में एक चम्मच आटा, दो बड़े चम्मच दूध, और एक चम्मच दही को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को अपने अंडरआर्म्स पर लगाएं। और सूखने के लिए छोड़ दें, दूध आपकी स्किन को ग्लोइंग बनता है तो दही स्किन की कोमलता को बनाएं रखने में आपकी मदद करती है। सूखने के बाद साफ पानी का इस्तेमाल करके इसे धो दें। इसे हफ्ते में दो से तीन बार करते पर आपके अंडरआर्म्स की स्किन का रंग हल्का होने लगता है।

बेसन और हल्दी

बेसन और हल्दी का इस्तेमाल आपकी स्किन में निखार लाने के लिए एक असरदार उपाय होता है। इस उपाय को करने के लिए आप एक चम्मच बेसन में थोड़ी सी हल्दी, एक चम्मच दही और कुछ बूंदे निम्बू के रस की मिलाएं। अब इस पेस्ट को अच्छे से मिक्स करके अपने अंडरआर्म्स पर लगाएं। और सूखने के लिए छोड़ दें, सूखने के बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके उसे अच्छे से साफ़ कर लें। ऐसा नियमित करने से आपको बहुत जल्दी असर देखने को मिलता है।

संतरे का छिलका

संतरे का छिलका भी आर्मपिट को गोरा करने का एक असरदार उपाय है, इसके लिए आप संतरे के छिलके को सुखाकर उसे अच्छे से पीस कर बारीक़ पाउडर बना लें। उसके बाद दो चम्मच पाउडर में दूध और गुलाबजल को बराबर मात्रा में मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और उसे अपने अंडरआर्म्स पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें और उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके उसे साफ़ करें। ऐसा हफ्ते में कम से कम तीन बार जरूर करें आपको इसका असर साफ़ दिखाई देगा।

जैतून का तेल और ब्राउन शुगर

दो से तीन चम्मच ब्राउन शुगर में दो से तीन चम्मच जैतून का तेल अच्छे से मिक्स करें, लेकिन शुगर के दाने भी रहने दें। उसके बाद अंडरआर्म्स को हल्का पानी से गीला कर लें। और उसके बाद इस पेस्ट से दो से तीन मिनट तक आर्मपिट की मसाज करें, और उसके बाद पांच से सात मिनट तक उसे वहीँ रहने दें, यह अंडरआर्म्स के लिए स्क्रब का काम करती है जो की मृत कोशिकाओं को निकालकर अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करता है। उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे साफ़ कर लें। ऐसा हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर करें।

मुल्तानी मिट्टी

मुल्तानी मिट्टी का पाउडर दो चम्मच लें, और उसके बाद उसमे निम्बू के रस की कुछ बूंदे और पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। उसके बाद उस पेस्ट को अच्छे से अपने बगल में लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें। और सूखने के बाद साफ़ पानी से इसे धो लें, ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करने पर आपको इस समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

फिटकरी

फिटकरी का इस्तेमाल करने से भी आपको अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए आप दो चम्मच फिटकरी का पाउडर लें, और उसके बाद इसमें पानी डालकर एक पेस्ट बनाएं। अब इस पेस्ट को अच्छे से अपने अंडरआर्म्स पर नहाने से बीस मिनट पहले लगाएं। और ऐसा हफ्ते में दो बार जरूर करें इससे भी आपके अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने में मदद मिलती है।

अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑयल

अरंडी का तेल इस्तेमाल करने से भी आपको बगल के कालेपन को दूर करने में मदद मिलती है। इस उपाय को करने के लिए अपने हाथों पर कैस्टर ऑयल डालकर अच्छे से अंडरआर्म्स की मसाज करें, और तीन से चार मिनट तक मसाज करने के बाद पांच मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके अंडरआर्म्स को साफ़ कर लें। ऐसा नियमित करने से आपको फायदा मिलता है।

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल यदि आप अपने अंडरआर्म्स के लिए इस्तेमाल करते हैं तो भी आपको अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने में मदद मिलती है। टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से तो आपको अंडरआर्म्स में से आने वाली बदबू से भी निजात पाने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स आपके लिए बहुत फायदेमंद होते है।

बादाम का तेल

बादाम का तेल भी आपकी स्किन टोन को हल्का करने में मदद करता है। इसके लिए आप बादाम के तेल से अंडरआर्म्स की मसाज करने के बाद इसे छोड़ दें और उसके बाद गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे साफ़ करें ऐसा नियमित करने से आपको फायदा मिलता है।

अंडरआर्म्स के कालेपन से बचने के अन्य उपाय

  • अंडरआर्म्स के अनचाहे बालों को हटाने के लिए यदि आप शेविंग करती हैं तो इससे भी बालों की ग्रोथ भी ज्यादा होती है और स्किन भी काली पड़ने लगती है। इसीलिए आपको अनचाहे बालों से निजात पाने के लिए शेविंग की जगह वैक्सिंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • नियमित नहाने से बीस मिनट पहले अंडरआर्म्स पर नारियल का तेल लगाएं, इसके मौजूद विटामिन इ स्किन के कालेपन को दूर करने में आपकी मदद करता है।
  • कच्चे दूध को रुई की मदद से नहाने से पहले अपने अंडरआर्म्स पर नियमित लगाएं, दिन में तीन से चार बार इस उपाय को कुछ दिन तक करने से आपको फायदा मिलता है।
  • प्यूमिक स्टोन से नियमित अपने अंडरआर्म्स को साफ़ करें, इससे मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलती है जिससे आपकी स्किन के कालेपन को दूर किया जा सकता है। और यह आपको आसानी से किसी भी जनरल स्टोर से मिल जाता है।
  • निम्बू के रस को अपनी आर्मपिट पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें, या फिर निम्बू को दो हिस्सों में काटकर उससे अच्छे से दो मिनट तक मसाज करें। और सूखने के बाद उसे गुनगुने पानी से धो दें निम्बू में मौजूद ब्लीचिंग गुण आपके अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर करने में आपकी मदद करते है।
  • अंडे के तेल का इस्तेमाल करने से भी इसमें मौजूद ओमेगा 3 आपकी स्किन के कालेपन को दूर करता है, इसके इस्तेमाल के लिए नियमित नहाने से बीस मिनट पहले इसे लगाएं।
  • खीरे का रस लगाने से भी आपकी स्किन के कालेपन को दूर करने में मदद मिलती है।
  • आलू के रस का इस्तेमाल करने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • ककड़ी का रस निकालकर इसमें हल्दी और निम्बू के रस की कुछ बूंदे मिलाकर भी अंडरआर्म्स से जुडी इस परेशानी से निजात पाने में आपको मदद मिलती है।
  • नियमित नहाने से पहले एलोवेरा जैल को लगाने से भी अंडरआर्म्स के कालेपन को दूर किया जा सकता है।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिनका इस्तेमाल यदि आप करते हैं तो आपको आर्मपिट से जुडी इस परेशानी से निजात मिलता है। साथ ही आपके अंडरआर्म्स की स्किन को कोमल बनाने में भी मदद मिलती है। और इन उपचार को करते रहना चाहिए, ताकि आर्मपिट के काले होने की समस्या पैदा ही न हो, और आप अपनी पसंद के कपडे बिना डर के पहन सकें।

गालों पर लाली लाने के ये नेचुरल तरीके है

महिलाओं के लिए उनकी खूबसूरती बहुत महत्वपूर्ण होती है फिर चाहे उसके लिए उन्हें कितने ही पैसे खर्च क्यों न करने पड़े? लेकिन कई बार वे अपनी ग्रूमिंग पर उतने अधिक पैसे खर्च नहीं कर पाती। ऐसे में उनकी खूबसूरत दिखने की चाह अधूरी ही रह जाती है। यूँ तो चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने के लिए सभी के पास स्पेशल क्रीम्स होती है लेकिन उन क्रीम्स से केवल चेहरा ही खूबसूरत होता है गाल नहीं।

जबकि गाल चेहरे की खूबसूरती का अभिन्न हिस्सा होते है। ऐसे में इनकी खूबसूरती के लिए प्रयास करना भी जरुरी है। गालों को खूबसूरत बनाने के लिए लाली का प्रयोग पहले के ज़माने में किया जाता है लेकिन आजकल उसका प्रयोग करना बहुत odd लगता है। ऐसे में उनकी सुंदरता को नजरअंदाज करना ठीक नहीं।

हां, ऐसी बहुत सी मेडिकल तकनीक है जिनके द्वारा आप अपने गालों को खूबसूरत बना सकती है लेकिन उन सभी के लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने होंगे जो सबके लिए संभव नहीं। इसीलिए आज हम आपको गालों पर नेचुरल तरीके से लाली लाने के कुछ टिप्स देने जा रहे है। इनकी मदद से आपके गाल नैचुरली ही गुलाबी हो जायेंगे।

गाल गुलाबी करने के नेचुरल तरीके :-

1. चुकंदर :

चुकंदर का लाल रंग गुलाबी गाल देने में आपकी मदद कर सकता है। और घर बैठे गुलाबी गाल पाने का सबसे सरल उपाय है। इसके प्रयोग के लिए सबसे पहले 2-3 चुकंदर को उबाल कर मैश कर लें। उसके बाद उसमे 3 चम्मच केओलिन पाउडर मिलाएं। अच्छे से मिक्स कर लेने के बाद पेस्ट को चेहरे पर अच्छे से लगाएं और 20 मिनट के लिए लगे रहने दें। 20 मिनट बाद चेहरा साफ़ कर लें।

2. मसूर की दाल और दूध :

इसे भी पढ़ें : मसूर की दाल से बने फेस पैक!

मसूर की दाल त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होती है जबकि दूध त्वचा को निखारने में मदद करता है और यदि इन दोनों पदार्थों का इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होगा। गुलाबी गाल पाने के लिए मसूर की दाल को 30 मिनट के लिए दूध में भिगों दें। 30 मिनट बाद उसे दूध के साथ ही पीस लें और उसमे केओलिन पाउडर मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे और पर लगाएं और सूखने का इंतजार करें। 20 मिनट बाद चेहरा जब सुख जाए पेस्ट को साफ़ कर लें।

3. होममेड फेस पैक :

गुलाबी गाल पाने की चाह रखने वाली महिलाओं के लिए ये पैक बहुत ही लाभकारी और फायदेमंद रहेगा। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है बस घर में मौजूद कुछ चीजों को मिलाकर एक मिश्रण तैयार करना है। इसके लिए 2-3 चम्मच बेसन, में एक चम्मच दूध की क्रीम, एक चम्मच गेहूं की भूसी और 1 चम्मच दही डालकर अच्छे से मिलाएं। पेस्ट बन जाने के बाद उसे अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद चेहरा अच्छी तरह साफ़ कर लें। इससे आपके गाल सॉफ्ट और सप्पल होंगे।

4. खीरा :

खीरा त्वचा के लिए किसी नमीयुक्त मॉइस्चराइज़र से कम नहीं है। इसमें मौजूद पानी की मात्रा त्वचा को हाइड्रेट करने में मदद करती है। इसके प्रयोग के लिए खीरे के गूदे को चेहरे पर लगाएं। इसकी मदद से त्वचा के डेड सेल्स निकालने में भी खास मदद मिलती है। गुदा लगाने से चेहरे की रंगत पर भी फर्क पड़ता है।

5. नींबू और शहद :

नींबू त्वचा के दाग-धब्बे हटाकर स्किन टोन को हल्का करने में मदद करता है जबकि शहद उसे सॉफ्ट और सप्पल बनाने में मदद करता है। आप चाहे तो इन पदार्थों के साथ कुछ अन्य पदार्थ मिलाकर उनका प्रयोग गुलाबी गाल पाने के लिए कर सकती है जैसे की खीरा और दूध। इस पेस्ट को बनाने के लिए कसा हुआ खीरा, 1/4 कप नींबू का रस, 5 चम्मच शहद और 5 चम्मच दूध को एकसाथ मिला लें। अब इसे 5 से 6 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। ठंडा हो जाने पर इसे चेहरे पर लगायें। कुछ देर रखने के बाद पानी से साफ कर लें। स्किन मुस्कुराने लगेगी।

6. नींबू और दूध :

नींबू और दूध सभी के गुणों से हम सभी वाकिफ है लेकिन क्या आप जानती है की इन दोनों की मदद से आप अपने गालों को पहले से अधिक गुलाबी और सॉफ्ट बना सकती है। इसके लिए 1/4 नींबू के रस में थोड़ा सा दूध मिलायें और इससे अपने चेहरे की मसाज करें। ऐसा करने से त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन अच्छी तरह होगा और गालों पर लाली आएगी।

7. बादाम :

त्वचा में ग्लो लाने के लिए नमी की आवश्यकता होती है जिसके लिए उसे रोजाना मॉइस्चराज़ करने की जरुरत है। इस के लिए आप थोड़े से बादामों को पीसकर उसमें गुलाब की कुछ पंखुड़ी पीस लें। अब इस मिश्रण में 5 चम्मच पुदीने का रस और 5 चम्मच शहद मिलाएं। 5-6 दिनों के लिए फ्रिज में रख दें। फिर रोजाना रात में सोते समय इस मिश्रण को लगाएं।

मच्छर नहीं काटेगा! अगर ये घरेलू उपाय अपनाएंगे तो

दोपहर में तपती गर्मी और रात में मच्छर गर्मियों में बहुत परेशान करते है, इसके कारण डेंगू, मलेरिया आदि फैलने का भी डर लगा रहता है, इसे खत्म करने के लिए कैलोग रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करते है, परंतु इसके कारण कई लोगो को एलर्जी आदि की समस्या हो जाती है, परंतु अब आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि इससे बचने के आज हम आपको कुछ प्राकृतिक उपाय बताने जा रहे है।

गर्मी में होने वाले मच्छरों की समस्या से बचने के लिए लोग मच्छर भगाने वाले रिफिल कई रसायनिक उत्पाद, व् स्प्रे आदि एक इस्तेमाल करते है, और इनसे कुछ समय के लिए आप निजात पा भी लेते है, परंतु कई लोग एलर्जी की समस्या के कारण और बच्चों को इसके कारण कुछ न हो, इससे बचने के लिए मच्छर भगाने के लिए प्राकृतिक तरीको की तलाश करते है, इन उत्पादों से भी बीच रात में ही कई बार आपकी कानो के पास मच्छर की आवाज़ सुनाई देती है, और आप एक बेहतर नींद नहीं ले पाते है।

अब आप खुद ही सोचिये की आप एक अच्छी नींद में गुम है, अचानक से आपके कान के पास एक मच्छर आकर डिस्को करने लगता है, तो आपको कैसा महसूस होता है, साथ ही मच्छर के कारण इन्फेक्शन का भी बहुत खतरा होता है, इसके काटने पर कई बार तो खारिश करके दाने में पड़ने लगते है, तो डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां भी इसी मच्छरों के कारण ही होते है, तो यदि आप भी इस समस्या से परेशान है, और ऐसे उपाय ढूंढ रहे हैं जिनसे मच्छर भी मर जाएँ, और आपको कोई नुक्सान भी न हो तो आइये आपको कुछ ऐसे तरीके बताते है, जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्यस इ निजात पा सकते है।

तुलसी का इस्तेमाल करें:-

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तुलसी के औषधियें गुण न केवल आपके स्वास्थ्य को सही रखते है, बल्कि गर्मी में आपको मच्छर के काटने की समस्या से भी बच्चा सकते है, इसके इस्तेमाल के लिए तुलसी के कुछ पत्तों को पीस कर उनका रस निकाल लें , और उसके बाद इसे अपनी पूरी बॉडी पर लगाएं, ऐसा करने से आपको मच्छर नहीं काटेंगे।

पुदीने का इस्तेमाल करें:-

पुदीने के रस का इस्तेमाल करने से भी आपको मच्छर के काटने से होने वाली समस्या से बचाया जा सकते है, इसके लिए आप पुदीने को पीस कर उसका रस बना लें, इस रस का यदि आप कमरे में छिड़काव करते है, तो भी आपको मच्छर से रहत मिलती है, और इसके रस को आपश्रिर पर लगाकर भी मच्छर के काटने से राहत पा सकते है।

नीम के तेल का इस्तेमाल करें:-

नीम का इस्तेमाल करके आप अपने शरीर पर होने वाले दानो, सिर में डेंड्रफ आदि की समस्या से राहत पाने के साथ मच्छर के काटने की समस्या से भी निजात पा सकते है, इसके लिए आप नीम के तेल को रात को सोने से पहले अच्छे से अपनी बॉडी पर मसाज करें, ऐसा करने से आपको मच्छर के काटने की समस्या से राहत मिलती है, आप चाहे तो नीम और नारियल के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर कमरे में इसका दिया भी जल सकती है, इसके कारण भी मच्छर भाग जाते है।

निम्बू और नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल करें:-

निम्बू और नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल करने से भी आपको मच्छर के काटने की समस्या से रात मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप नीलगिरी के तेल में थोड़ा सा निम्बू का रस मिला लें, और रात को सोने से पहले इसे अच्छे से अपनी बॉडी पर लगाएं, ऐसा करने से आपको मच्छर के काटने की समस्या से राहत मिलती है।

लहसुन का इस्तेमाल करें:-

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लहसुन की तीखी गंध भी आपको मच्छर के काटने की समस्या से राहत दिल सकती है, इसके लिए आप लहसुन को पीस कर उसका रस निकाल लें, और उसके बाद रात को सोने से पहले इसे अपनी बॉडी पर लगाएं, इसके इस्तेमाल से आपको मच्छर नहीं काटेंगे।

टी ट्री आयल का इस्तेमाल करें:-

टी ट्री आयल का इस्तेमाल भी यदि आप अपनी बॉडी पर रात को सोने से पहले करते है, तो इसके कारण भी आपको मच्छर के काटने की समस्या से राहत मिलती है, इसके साथ आप इसे किसी वेपराइज़र में दाल कर अपने कमरे में भी छिडक सकते है, इसके कारण भी आपके कमरे में मच्छर नहीं आते है।

सिट्रोनेला का इस्तेमाल करें:-

यह भी एक प्रकार का तेल होता है, यदि आप इसका इस्तेमाल भी अपनी बॉडी पर करते है, तो इसके कारण भी आपको मच्छरों के काटने की समस्या से राहत मिलती है, इसके अन्य इस्तेमाल के लिए इसे आप वेपराइज़र में दाल कर भी इसे अपने कमरे मे छिड़क सकते है।

लौंग के तेल का इस्तेमाल करें:-

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यदि आप रात के समय मच्छर को मार मार कर परेशान हो गए है, तो इस समस्या से बचने के लिए आप लौंग के तेल का इस्तेमाल कर सकते है, इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता है, और यदि आप इस तेल की अपनी बॉडी पर रात के समय मसाज करके सो जाते है, तो इसके कारण आपको मच्छर के काटने की समस्या से भी राहत मिलती है।

कपूर का इस्तेमाल करें:-

इसके अलावा यदि आप कपूर का इस्तेमाल करते है, तो भी आपको मच्छर को दूर भगाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप कमरे में कपूर को जलाकर छोड़ दें, एक कपूर दो मिनट में खत्म हो जाती है, इसके कारण होने वाले धुंए से मच्छर भाग जायेंगे, और आपको मच्छर के बिना आराम से सोने में मदद मिलती है।

लैवेंडर ऑयल का इस्तेमाल करें:-

यदि आप थोड़े से लैवेंडर ऑयल को वेपराइज़र में डाल कर सोने से पहले अपने कमरे में छिडक लेते है, तो इसके कारण आपको मच्छर को अपने कमरे से दूर रखने में मदद मिलती है, जिसके कारण आपको मच्छर नहीं काटते है, आप इस तरीके का भी इस्तेमाल कर सकती है।

तो ये कुछ तरीके है, जिनका इस्तेमाल करके आप गर्मी में काटने वाले मच्छर की समस्या से राहत पा सकते है, इसके अलावा आपको साफ़ सफाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए, फिनॉयल आदि का इस्तेमाल करना चाहिए, और बाकी इस समस्या से राहत पाने के घरेलू तरीके आपको बता दिए गए है, जिनका इस्तेमाल करके आपको यदि मच्छर काटने की समस्या है, तो आप उससे राहत पा सकते है, और हो सकें तो रात को लाइट बंद करके सोएं, क्योंकि लाइट के कारण भी आपको मच्छर काटने की परेशानी हो सकती है।

नोर्मल डिलीवरी के लिए क्या-क्या करें?

नार्मल डिलीवरी या सिजेरियन?

प्रेगनेंसी के आखिरी महीने के पास आते आते हर गर्भवती महिला के मन में यह सवाल जरूर आता है की उनकी डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन? यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहती है और महिला को कोई शारीरिक परेशानी नहीं होती है तो ऐसे में महिला की नोर्मल डिलीवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं। जबकि प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स होने के कारण महिला को डॉक्टर सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह देते हैं। या फिर कुछ महिलाएं नोर्मल डिलीवरी के दौरान होने वाले दर्द से बचने के लिए अपने आप ही सिजेरियन डिलीवरी का विकल्प चुनती है। लेकिन सच तो यह हैं की सिजेरियन डिलीवरी से बेहतर नोर्मल होती है क्योंकि नोर्मल डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है, साथ ही शिशु को जन्म के समय होने वाली दिक्क़तों को कम करने में मदद मिलती है।

नोर्मल डिलीवरी क्या है?

नोर्मल डिलीवरी के दौरान महिला को लेबर पेन होता है, और शिशु महिला के प्राइवेट पार्ट के माध्यम से जन्म लेता है। नोर्मल डिलीवरी होने के चांस और भी बढ़ जाते हैं यदि गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखती है, और प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहती है।

नोर्मल डिलीवरी के लक्षण

  • यदि गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की कॉम्प्लीकेशन्स नहीं होती है तो ऐसे में महिला के नोर्मल डिलीवरी होने के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • प्रेग्नेंट महिला की यदि पहली डिलीवरी नोर्मल होती है तो दूसरी बार भी महिला का प्रसव सामान्य तरीके से होने के चांस बढ़ जाते हैं।
  • गर्भवती महिला का प्रेगनेंसी के दौरान एक्टिव रहना और एनर्जी से भरपूर रहना भी गर्भवती महिला की नोर्मल डिलीवरी करवाने के लिए फायदेमंद होता है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला को थायरॉइड, शुगर आदि अन्य किसी भी शारीरिक समस्या न हो तो भी प्रेग्नेंट महिला की बॉडी नोर्मल डिलीवरी होने के संकेत देती है।
  • ब्लड प्रैशर कण्ट्रोल में रहता है, ब्लड शुगर कण्ट्रोल में रहता है, खून की कमी व् पोषक तत्वों की कमी बॉडी में नहीं होती है तो भी महिला की डिलीवरी नोर्मल होने के चांस बढ़ जाते हैं।

नोर्मल डिलीवरी के लिए क्या करें?

अगर आप भी गर्भवती है और चाहती है की आपकी डिलीवरी नोर्मल हो तो इसके लिए प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ बातों का खास ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है, तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की नोर्मल डिलीवरी के लिए गर्भवती महिला को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रसव की जानकारी इक्कठा करें

प्रसव आसानी से हो इसके लिए सबसे जरुरी है की अपने मन में जो प्रसव को लेकर डर है उसे दूर किया जाए। ऐसे में गर्भवती महिला को घर के बड़े, इंटरनेट, किताबो के माध्यम से प्रसव के बारे में जानकारी इक्कठी करनी चाहिए। ताकि महिला को डिलीवरी का समय पास आने पर बॉडी में होने वाले बदलाव के बारे में पता चल सके जिससे डिलीवरी में किसी भी तरह की समस्या से बचे रहने और नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाने में मदद मिल सके।

नकारात्मक सोच से बचें

कई बार घर का कोई सदस्य या आपकी कोई सहेली यदि आपसे अपनी डिलीवरी के एक्सपीरियंस को शेयर करती है, तो वो कुछ नकारात्मक भी बोल सकती है। जिसे लेकर मन में डर बैठ जाता है ऐसे में नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने के लिए सबसे जरुरी है की महिला अपनी सोच को सही रखें और किसी भी तरह के गलत विचारों को दिल और दिमाग में न आने दे।

खान-पान का ध्यान रखें

प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखती है तो इससे न केवल गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला और शिशु का स्वस्थ रहना, प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली कॉम्प्लीकेशन्स को कम करने में मदद करता है जिससे नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाने में मदद करता है।

वजन नियंत्रित रखें

गर्भावस्था के दौरान जैसे जैसे शिशु का विकास बढ़ता है वैसे वैसे महिला का वजन भी बढ़ता है। लेकिन महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की उनका वजन जरुरत से ज्यादा भी न बढे। क्योंकि यदि महिला का वजन बहुत ज्यादा बढ़ता है तो इसके कारण डिलीवरी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए यदि आप चाहती है की आपकी डिलीवरी नोर्मल हो तो इसके लिए जरुरी है की आप अपने वजन को कण्ट्रोल में रखें।

हाइड्रेट रहें

नोर्मल डिलीवरी के लिए बॉडी को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरुरी होता है क्योंकि इससे महिला को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

तनाव से दूर रहें

गर्भवती महिला का तनाव लेना न केवल प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स को बढ़ाता है बल्कि इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर भी बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान कोई परेशानी न हो, शिशु का विकास बेहतर तरीके से हो सके, नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ सकें, तो इसके लिए महिला को जितना हो सके तनाव से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

हल्का फुल्का व्यायाम करें

प्रेगनेंसी के दौरान भी गर्भवती महिला को हल्का फुल्का व्यायाम करते रहना चाहिए, इससे गर्भवती महिला को फिट रहने, बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर तरीके से होने, तनाव को दूर करने में मदद मिलती है। और गर्भवती महिला का फिट रहना ही नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाने में मदद करता है।

भरपूर नींद लें

नींद का भरपूर लेना भी गर्भवती महिला के लिए बहुत जरुरी होता है क्योंकि नींद भरपूर लेने से बॉडी को आराम मिलता है जिससे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही नींद भरपूर लेने से महिला रिलैक्स और फ्रैश महसूस करती है, जिससे डिलीवरी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है।

खून की कमी न होने दें

बॉडी में खून की कमी होने के कारण प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बहुत सी जटिलताएं जैसे की एनीमिया जैसी समस्या, डिलीवरी के दौरान परेशानी आदि का अनुभव करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने के लिए और नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने के लिए गर्भवती महिला को बॉडी में खून की कमी नहीं होने देनी चाहिए। और खून में होने वाली कमी की समस्या से बचने के लिए आयरन युक्त आहार का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान यदि गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान रखती है तो इससे महिला की नोर्मल डिलीवरी होने के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके अलावा महिला को नोर्मल डिलीवरी करवाने के चक्कर में अपनी बॉडी पर ज्यादा जोर नहीं डालना चाहिए क्योंकि इसके कारण आपकी परेशानी बढ़ भी सकती है।