गर्भवती महिला को बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान कुछ अलग अलग खाने की इच्छा हो सकती है। लेकिन हर एक चीज को लेकर महिला के मन में डर भी होता की यह चीज प्रेगनेंसी के दौरान फायदेमंद है या नुकसानदायक। ऐसे में मखानो के सेवन को लेकर भी महिला के मन में यह सवाल आ सकता है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला चाहे तो मखाने का सेवन कर सकती है क्योंकि यह प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इसका सेवन कई लोग इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए घी में फ्राई करके नमक डालकर भी करते हैं।
प्रेगनेंसी में मखाने खाने के फायदे
गर्भावस्था के दौरान महिला को ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है जो गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी फायदेमंद हो। ऐसे में मखाने का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला और शिशु दोनों को फायदा मिलता है। तो लीजिये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान मखाने का सेवन करने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।
कैल्शियम
मखाने में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो गर्भवती महिला की हड्डियों को मजबूत रखने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों के बेहतर विकास में भी मदद करता है। साथ ही इसके सेवन करने से दांतों को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है।
आयरन
आयरन की मात्रा भी मखाने में भरपूर होती है, ऐसे में गर्भवती महिला यदि मखाने का सेवन करती है तो इससे बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा को भरपूर रखने के साथ, गर्भवती महिला को एनीमिया, डिलीवरी के दौरान आने वाली परेशानी, शिशु के विकास में कमी जैसी परेशानी से बचाव करने में भी मदद मिलती है।
ब्लड प्रैशर
बहुत सी गर्भवती महिलाएं ब्लड प्रैशर के घटने बढ़ने की समस्या से भी परेशान रहती है, और गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रैशर से जुडी परेशानी का बढ़ना गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए समस्या का कारण बन सकता है। ऐसे में यदि गर्भवती महिला मखाने को अपनी डाइट में शामिल करती है तो ऐसा करने से ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल करने में मदद मिलती है, क्योंकि मखाने में पोटैशियम व् मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में मौजूद होता है।
वजन कण्ट्रोल
मखाने में सोडियम, फैट, कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत कम होती है, ऐसे में मखाने का सेवन करने से गर्भवती महिला प्रेग्नेंट महिला को वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला को वजन बढ़ने के कारण होने वाली परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।
कार्बोहाइड्रेट
गर्भवती महिला यदि ऊर्जा से भरपूर रहती है तो इससे गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने और गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है। और मखाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भरपूर होती है ऐसे में मखाने का सेवन करने से गर्भवती महिला को एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।
नींद
बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण, प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों के कारण, वजन बढ़ने के कारण गर्भवती महिला को नींद न आने की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है। ऐसे में मखाने में मौजूद गुण गर्भवती महिला को इस परेशानी से निजात पाने में मदद करते हैं।
प्रोटीन
मखाने में प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो प्रेग्नेंट महिला की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की मांसपेशियों के बेहतर विकास और नर्वस सिस्टम के विकास को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जिससे गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर मानसिक व् शारीरिक विकास में मदद मिलती है।
तो यह हैं कुछ फायदे जो गर्भवती महिला को मखाने का सेवन करने से मिलते हैं, ऐसे में यदि आप भी गर्भवती है तो आप भी मखाने का सेवन कर सकती है। और मखाने का सेवन कितना करना चाहिए इसके बारे में आप चाहे तो एक बात डॉक्टर से भी राय ले सकती है।
सर्दियों में ऊनी कपड़ो की देखभाल :- दिसंबर का महीना शुरू हो चुका है और अब धीरे-धीरे मौसम कड़ाके की सर्दियों की तरफ अपना मुख मोड़ रहा है. इसी के साथ अब सर्द हवाएं भी चलने लगी है जिनसे बचने के लिए लोगो ने अपनी-अपनी अटेचियों से ऊनी कपडे बाहर निकाल लिए है. लेकिन इस मौसम में सबसे बड़ी परेशानी भी यही माने जाते है क्योकि ऊनी कपड़ो को विशेष देखभाल और देख रेख की आवश्यकता होती है और यदि इनकी सही तरह से देखभाल न की जाये तो ये अगले साल के लिए उपयोगी नहीं रहते.
सामान्य कपड़ो की तुलना में ऊनी और गर्म कपड़ो को विशेष देखरेख की आवश्यकता होती है ताकि उनकी गर्माहट बनी रहे और ये कपडे लम्बे समय तक चले. इसके अलावा इन कपड़ो की चमक बनाये रखने के लिए भी इन्हें खास देखभाल की जरुरत होती है. क्योकि यदि इन कपड़ो की सही देखभाल न की जाये तो एक-दो इस्तेमाल के बाद से ही इनके आकार और इनके रंग में फर्क आने लगता है.
ऐसे तो सभी महिलाये अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार ऊनी कपड़ो की देखभाल करती है. लेकिन कुछ को इस विषय में तनिक भी जानकारी नहीं होती जिसके चलते उनके नए ऊनी कपडे भी जल्द ही खराब और पुराने हो जाते है. इसके अलावा कुछ महिलाये ऊनी कपड़ो को धोने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करती है जो बिलकुल भी ठीक नहीं है. क्योकि गर्म पानी ने ऊनी कपडे धोने से न सिर्फ यह सिकुड़ते है बल्कि उनमे रोएं भी निकाल आते है.
ऊनी कपड़ो की देखभाल आम कपडे से बिलकुल अलग है. घर के बने स्वेटर और रेडीमेड स्वेटर की भी सफाई दो अलग तरीको से की जाती है. ऊनी कपड़ो की लाइफ इस बात पर निर्भर करती है की सर्दियों में आप किस तरह इनकी सफाई करती है और कहाँ स्टोर करती है. इसे अलावा इन्हें धोने की तकनीक और इनकी सफाई के लिए भी अलग तकनीक का प्रयोग किया जाता है.
लेकिन सभी लोगों को इसकी पूर्ण जानकारी नहीं होती इसीलिए आज हम आपको ऊनी कपड़ो की देखभाल की कुछ विशेष टिप्स और तरीके बताने जा रहे है जिसकी मदद से आप भी अपने ऊनी कपड़ो की सही देखभाल कर सकती है.
ऊनी कपड़ो की धुलाई का तरीका :-
सर्दियों के शुरू होते ही सभी अपने ऊनी कपड़ो को बंद अलमारियों और दराजों से बाहर निकाल लेते है. लेकिन उनपर इक्कठी धूल और मिटटी के कारण उसी अवस्था उन्हें पहनना संभव नहीं इसीलिए इस्तेमाल से पूर्व इन्हें ठीक तरह से साफ़ करना चाहिए. जिसका तरीका हम आपको नीचे बताने जा रहे है.
1. कपड़ो को अलमारियों से निकालने के बाद सबसे पहले उन्हें अच्छे से झाड़ लें.
2. अब टिश्यू में हल्का सा पानी छिड़ककर कपड़ो की सफाई करें.
3. इसके बाद कम से कम दो से तीन दिन की धुप कपड़ो को लगाएं. जिससे उनमे मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म हो जाये. साथ ही उनकी बदबू भी निकल जाएगी.
4. यदि आपने पिछले साल कपड़ो को रखने से पहले उनकी धुलाई नहीं की थी ते बेहद जरुरी है.
5. क्योकि ऊनी कपड़ो में अमूमन फंगस लग जाता है. जिसे निकालने के लिए इन्हें धुप लगाना जरुरी है.
6. यदि आपके ऊनी कपड़ो से बदबू आ रही है तो उन्हें धोने की जगह उन्हें कागज पर फैलाये और अच्छी तरह से धुप में रखे रहे.
7. इसके बाद कुछ देर के लिए इन्हें ठंडे पानी में हल्का डिटर्जेंट या ऊनी कपड़ो का डिटर्जेंट डालकर दस मिनट के लिए उन्हें भिगो दें.
8. इसके बाद किसी हेंगर की सहायता से या किसी कुर्सी पर इन्हें फैला कर सुखाएं.
9. लेकिन एक बात का ध्यान रखें की ऊनी कपड़ो को कभी भी गर्म पानी में न धोएं.
इससे उनमे रोएं निकल जाते है.
10. ऊनी कपड़ो को धोने के लिए हमेशा ठंडे पानी का प्रयोग करें. लेकिन हां, जिस डिटर्जेंट से आप आम कपडे धोती है, उनका प्रयोग न करें.
यदि आपके पास ऊनी कपड़ो को धोने वाला डिटर्जेंट नहीं है तो आप बच्चो के शैम्पू या साबुन का हल्का घोल बना लें.
इसका प्रयोग स्वेटर साफ़ करने के लिए करें.
यदि ऊनी कपड़ो में दाग लग गया है तो टिश्यू पेपर में हल्का सा साबुन लगा कर हलके हाथो से पोंछे.
सामान्य कपड़ो की तरह रोज-रोज ऊनी कपड़ो की धुलाई न करें.
यदि आपको ऐसा लगता है की आपका स्वेटर ज्यादा गंदा हो गया है तो उन्हें ठंडे पानी में थोड़ी देर के लिए भिगो दें. उसके बाद धोएं.
1. यदि आप ऊनी कपडे धोने के लिए वाशिंग मशीन का प्रयोग करती है तो ये ऊनी कपड़ो के लिए ठीक नहीं है. और हो सकता है जल्द ही आपके ऊनी कपडे खराब हो जाये.
2. ऊनी कपड़ो को कभी भी ड्रायर में न सुखाएं. इससे उनमे सिकुड़न आ जाती है.
3. जब भी ऊनी कपड़ो को साफ़ करके उन्हें पैक करे तो उन्हें ऐसी जगह रखे जहाँ हवा आती हो.
4. बेहतर होगा आप इन्हें मलमल के कपडे या कागज ने पैक करके रखें.
5. क्योकि यदि ऊनी कपड़ो को हवा न लगे तो वे जल्दी खराब हो जाते है और उनके धागे कमजोर हो कर टूटने लगते है.
6. थोड़ी जगह में बहुत सारे ऊनी कपडे न रखे. इससे कपडे खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.
ऊनी कपड़ो के दागों कैसे दूर करें?
फलों के दागों को हटाने के लिए दाग के ऊपर ग्लिसरीन लगाएं और फिर कपड़ो को धो लें. दाग गायब हो जायेंगे.
कीचड़ के निशानों हटाने के लिए पहले ब्रश से सुखी कीचड़ को हटाये उसके बाद गुनगुने पानी से कपडे धो लें. आप पानी में थोड़ा सा अमोनिया भी मिला सकती है.
यदि आपके ऊनी कपड़ो पर शराब गिरी है तो उस निशान पर थोड़ा सा सोडा वाला पानी डालें.
ऊनी कपड़ो पर लगे इंक के निशान को हटाने के लिए उसपर टमाटर का जूस लगाएं और उसके बाद उन्हें धो कर साफ़ कर लें.
यदि आपके ऊनी कपडे पर तेल का दाग लग गया है तो पहले उस पर हलके हाथो से दही लगाएं और उसके बाद उसे धो लें.
तेल के निशान पर पाउडर छिडकने से भी निशान हल्का हो जाता है.
ऊनी कपड़ो पर गिरी चाय को हटाने के लिए तुरंत उस पर चीनी छिड़के, इससे दाग गहरा नहीं होगा. बाद में कपडे को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. दाग गायब हो जायेगा.
चॉक्लेट के निशान को हटाने के लिए स्पंज को ठंडे पानी से गीला करे और चॉक्लेट के निशान को हटाएँ.
ऊनी कपड़ो पर यदि गोंड का निशान लग गया है तो उस हिस्से पर शराब की कुछ बुँदे गिरा दें. इससे दाग हट जायेगा.
इन बातो का रखें ध्यान :-
गरम पानी और hard साबुन ऊनी कपड़ो के लिए हानिकारक होते है.
वाशिंग मशीन में कपडे धोने से वे जल्दी खराब हो जाते है.
दूसरे कपड़ो की तरह ऊनी कपड़ो को रोज-रोज नहीं धोना चाहिए.
इससे उनकी चमक कम हो जाती है और उनकी लाइफ भी कम हो जाती है.
आप चाहे तो इन्हें डॉयक्लीन भी करा सकती है.
ऊनी कपड़े को धोने के लिए हमेशा ऊनी कपडे धोने वाले डिटर्जेंट का प्रयोग करें.
इन्हें ड्रायर में सूखने की जगह गीले ही धुप में सुखाएं.
ऊनी कपड़ो पर कभी भी प्रेस न करें. इससे उनके रेशे कमजोर हो जाते है.
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प्रेगनेंसी के आख्रिरी महीने में महिलाएं इस बात को लेकर चिंतित हो सकती है की उन्हें कैसे पता चलेगा की उनकी डिलीवरी होने वाली है या गर्भाशय का मुँह खुल गया है। वैसे तो प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को जल्दी जल्दी डॉक्टर के पास जाना होता है। तो डॉक्टर आपकी जांच करके बताती रहती है की डिलीवरी में कितना समय और लग सकता है। लेकिन घर में रहने पर आपको कैसे यह पता चलेगा की बच्चेदानी का मुँह खुल रहा है इसके बारे में भी जानना जरुरी होता है।
क्योंकि यदि आप घर में हैं और आपको बॉडी में प्रसव के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो इन लक्षणों के पता होने पर आपको आसानी से पता चल जाता है की आपकी डिलीवरी में अब कुछ ही समय रह गया है। तो आइये अब इस आर्टिकल में जानते हैं की गर्भाशय का मुँह खुलने पर बॉडी में कौन से लक्षण महसूस हो सकते हैं।
चलने पर ऐसा लगना बच्चा बहुत नीचे आ गया है
प्रेगनेंसी के दौरान नौवें महीने में बच्चा अपनी जन्म लेने की पोजीशन में आ जाता है जिसके कारण पेट के निचले हिस्से पर अधिक दबाव महसूस होता है। ऐसे में यदि आपको चलने पर ऐसा महसूस होता है की यदि आप थोड़ा तेज चलेंगी तो बच्चा नीचे निकल जायेगा। तो यह इस बात का संकेत होता है की गर्भाशय का मुँह खुल रहा है।
पेट और सीने में हल्कापन
यदि प्रेग्नेंट महिला को बच्चे का सारा भार नीचे की तरफ महसूस होता है और पेट व् सीने में हल्कापन महसूस होता है। तो यह भी गर्भाशय का मुँह खुलने का संकेत होता है।
बहुत ज्यादा यूरिन आना
बच्चे के नीचे आने पर पेट के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ जाने के कारण महिला की यूरिन पास करने की इच्छा बढ़ जाती है। ऐसे में यदि महिला को जल्दी जल्दी यूरिन करने की इच्छा होती है तो यह भी बच्चेदानी का मुँह खुलने का संकेत होता है।
सफ़ेद पानी
यदि प्रेग्नेंट महिला को प्राइवेट पार्ट से गाढ़ा चिपचिपा सफ़ेद पदार्थ आता हुआ महसूस होता है। तो इसका मतलब यह होता है की बच्चेदानी का मुँह खुल गया है और अब डिलीवरी किसी भी समय हो सकती है। और इस लक्षण के महसूस होने पर महिला को ज्यादा इंतज़ार भी नहीं करना चाहिए। और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
पेट दर्द
गर्भावस्था के दौरान वैसे तो पेट में दर्द महसूस होना आम बात होती है। लेकिन डिलीवरी का समय पास आने पर यदि महिला को पहले धीरे फिर तेज या फिर रुक रुक कर पेट में दर्द में दर्द बढ़ रहा है तो इसका मतलब भी यही होता है की बच्चेदानी का मुँह खुल रहा है।
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
जैसे जैसे पीठ के निचले हिस्से में दर्द बढ़ता है तो यह इस बात का लक्षण होता है की बच्चेदानी का मुँह खुल रहा है। क्योंकि बच्चे के नीचे की तरफ बढ़ने के साथ पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है जिसकी वजह से महिला को यह दिक्कत होती है।
तो यह हैं कुछ लक्षण जो इस बात का संकेत देते हैं की बच्चेदानी का मुँह खुल गया है। ऐसे में यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी इन लक्षणों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि डिलीवरी के दौरान आपको किसी भी तरह की परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके।
गलत खान पान, गलत आदतें, आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना देती है, इसके कारण आपके चेहरे पर झुर्रियां आने लगती है, जो एक बार आ जाएँ तो ये पहले आपके गालों और फिर पूरे चेहरे पर दिखने लगती है, जिसके कारण आपके चेहरे का आकर्षण कम होने लगता है, और आपका आइना देखने का भी मन नहीं करता है, इसके और भी कई कारण हो सकते है, जैसे की अपनी त्वचा की केयर न करना, धूप में ज्यादा घूमना, शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना आदि।
हर महिला को खूबसूरत और सबसे अलग दिखने का शौक होता है, और वो अपनी खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए बहुत कुछ करती भी है, परन्तु चेहरे पर होने वाली झुर्रियां उनकी ख़ूबसूरती को कम कर देती है, इसके लिए मार्किट में बहुत से प्रोडक्ट्स भी मिल जाते है, परन्तु ऐसा जरुरी नहीं होता है की वो आपकी इस समस्या का समाधान कर दें, क्योंकि कई बार वो आपकी त्वचा पर गलत रिएक्शन भी कर जाते है, और ये कोई ऐसी समस्या भी नहीं है की जिसका समाधान न हो, बल्कि आप कुछ आसान टिप्स का इस्तेमाल करके इस समस्या का समाधान कर सकते है, जैसे की शहद, जैतून का तेल, नारियल का तेल, निम्बू, आदि ये कुछ ऐसी चीजे है इसके अलावा और भी बहुत सी ऐसी चीजे है, जिनके उपयोग से आप इस समस्या का समाधान कर सकते है, तो आइये जानते है वो टिप्स विस्तार से जो आपको झुर्रियों से राहत दिलवाएंगे।
गालों पर झुर्रियां होने के कारण:-
उम्र के बढ़ने के कारण चेहरे पर झुर्रियां आने लग जाती है।
धूम्रपान करने से भी आपको झुर्रियों की समस्या हो जाती है, क्योंकि धूम्रपान के जरिये आपके शरीर में निकोटिन अंदर जाने से आपकी त्वचा में रक्त का संचार कम हो जाता है।
कुछ लोग अनुवांशिक कारण से भी झुर्रियों की समस्या के शिकार हो जाते है।
फ्री रेडिकल्स की समस्या के कारण भी आपको चेहरे पर झुर्रियों की समस्या हो जाती है, ये हवा में मौजूद प्रदूषण के कारण आपके चेहरे के संपर्क में आते है, जो त्वचा के कोलेजन को नष्ट करके झुर्रियों की समस्या को बढ़ावा देते है।
अचानक से ज्यादा वजन बढ़ने या कम होने के कारण भी आपकी त्वचा ढीली हो जाती है, जिसके कारण झुर्रियों की समस्या हो जाती है।
विटामिन इ और आयरन की कमी से चेहरे का खिचाव कम हो जाता है, जिसके कारण झुर्रियां पड़ने लगती है।
सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणों के कारण भी आपकी त्वचा में कोलेजन की खत्म कर देती है, जिसके कारण आपको झुर्रियों की समस्या हो जाती है।
शहद का इस्तेमाल करें:-
शहद का इस्तेमाल करने से चेहरे पर होने वाली झुर्रियों की समस्या से रहता पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप शहद को अच्छे से अपने गालों के साथ पूरे चेहरे पर लगाएं, और कम से कम पंद्रह से बीस मिनट के लिए लगे रहने दें, उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो दें, उसके बाद बर्फ के टुकड़े का इस्तेमाल करके अपने चेहरे पर मसाज करें, कुछ ही दिनों के इस ट्रीटमेंट के बाद झुर्रियां कम होने लगती है।
मिल्क पाउडर का इस्तेमाल करें:-
मिल्क पाउडर का इस्तेमाल करने के लिए आप एक बाउल लें, उसमें दो चम्मच शहद, चार बड़े चम्मच मिल्क पाउडर, और दो चम्मच गरम पानी लें, उसके बाद अच्छे से इसे मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, और इसे अपने गालों पर लगाएं, आप चाहे तो इसे अपनी गर्दन पर भी लगा सकते है, उसके बाद जब ये सूखने लगे तो अपने चेहरे को पानी की मदद से साफ़ कर दें, ऐसा करने से आपके चेहरे पर ग्लो आने के साथ झुर्रियों से भी राहत पाने में मदद मिलेगी।
मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करें:-
मुल्तानी मिट्टी भी आपकी त्वचा में कसाव लाने में मदद करती है, और साथ ही आपको झुर्रियों से भी राहत दिलाती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप मुल्तानी मिट्टी को आधे घंटे पहले पानी में भिगोकर रख दें, उसके बाद जब यह गाल जाएँ तो इसे अच्छे से पेस्ट के रूप में तैयार करें, और इसमें खीरे का रस, टमाटर का रस, और शहद मिलाएं, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के बाद धो दें, परन्तु याद रखें की जब आपने इस पेस्ट को चेहरे पर लगाया हो तो न तो हँसे, और न ही बोलें।
मलाई और शहद का इस्तेमाल करें:-
इस उपचार को करने के लिए बराबर मात्रा में मलाई और शहद लें, उसके बाद उसमें कुछ बुँदे निम्बू के रस की मिलाएं, और इस पेस्ट को अच्छे से मिक्स करें, और उसके बाद इस पेस्ट से अच्छे से अपने चेहरे को मसाज करें, और लगभग दस मिनट के बाद अपने चेहरे को धो दें, इसकी मदद से आपके चेहरे की चमक बढ़ेगी, और साथ ही आपको झुर्रियों की समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलेगी।
अंडा त्वचा से जुडी बहुत सी परेशानियों के हल के लिए बहुत अच्छा उपाय है, झुर्रियों की समस्या से राहत के लिए आप अंडे के सफ़ेद भाग को अलग कर लें, और इसे मास्क के रूप में अपने चेहरे पर लगाएं, और इस उपाय को कम से कम हफ्ते में दो से तीन बार के लिए इस्तेमाल करें, इस उपाय को करने से आपको झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
केले का इस्तेमाल करें:-
केले का इस्तेमाल करने से भी आपको झुर्रियों से राहत पाने में मदद मिलती है, और क्या आप जानते है की इसका इस्तेमाल झुर्रियों से रहता पाने वाली क्रीम में भी किया जाता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक पके हुए केले को अच्छे से पीस कर पेस्ट के रूप में तैयार कर लें, और कम से कम आधे घंटे के लिए इसे अपने चेहरे पर लगाएं, उसके बड़ा सादे पानी से अपने चेहरे को साफ़ कर दें, इस उपचार को करने से आपके चेहरे को साफ़ और झुर्रियों से मुक्त होने में मदद मिलेगी।
अनानास का इस्तेमाल करें:-
अनानास भी झुर्रियों को चेहरे से दूर करने के लिए एक कारगर उपाय है, इसे इस्तेमाल करने के लिए आप अनानास के पल्प को पीस कर अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, या फिर अनानास का रस निकाल कर उसकी मदद से अच्छे से अपने चेहरे पर मसाज करें, उसके कुछ देर बाद अपने चेहरे को धो दें, इस उपचार को करने आपको झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
टमाटर का इस्तेमाल करें:-
यदि आप टमाटर का रस निकल कर उसके बचे हुए भाग से अच्छे से अपने चेहरे की नियमित रूप से मसाज करते है, तो इसके कारण भी आपके गालों को झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, और आप रोजाना इसका इस्तेमाल करते है तो आपको कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगता है।
उड़द की दाल का इस्तेमाल करें:-
उड़द की दाल का इस्तेमाल करने से भी आपको झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इस उपचार को करने के लिए आप रात के समय उड़द की दाल को दूध में भिगो कर रख दें, उसके बाद सुबह उठ कर इसका पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और थोड़ी देर के बाद अपने चेहरे को धो दें, ऐसा करने से भी आपको कुछ ही दिनों में झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
गालों की झुर्रियों से राहत पाने के घरेलू उपाय:-
अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपको झुर्रियों से राहत दिलाने में मदद करते है, इसके लिए आप अदरक को घिस लें और उसमें शहद दाल कर सुबह नियमित इसका सेवन करें, आपको झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलेगी।
बादाम का इस्तेमाल करने से भी आपको चेहरे की झुर्रियों की समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप रात भर चार बादाम को दूध में भिगो कर रस्ख दें, और सुबह उठ कर उनका छिलका उतार कर उसका पेस्ट तैयार करें, अब इस पेस्ट को कम से कम आधे घंटे के लिए अपने चेहरे पर लगाएं, और उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को साफ़ कर दें।
गाजर का इस्तेमाल शहद के साथ करने पर आपको झुर्रियों से राहत मिलती है, इसे करने के लिए आप दो गाजर को अच्छे से उबाल लें, उसके बाद उसे अच्छे से ग्राइंड करके उसमें शहद मिलाएं, और इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं, और दस मिनट तक इसे अपने चेहरे पर रहने दें, और उसके बाद अपने चेहरे को धो दें।
मैथी के बीजों को पीस कर एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और सारी रात के के लिए अपने चेहरे पर छोड़ दें, और सुबह उठ कर गुनगुने पानी से अपने चेहरे को साफ़ कर दें, ऐसा करने से भी आपको अपने चेहरे को झुर्रियों से राहत दिलाने में मदद मिलती है।
गालों की झुर्रियों से राहत के अन्य उपाय:-
दिन में दस से बारह गिलास पानी पीने से आपके चेहरे पर ग्लो आता है, कसाव आता है, जिसके कारण झुर्रियों की समस्या नहीं होती है।
ओलिव ऑयल से भी चेहरे की मसाज करने से चेहरे की झुर्रियों को कम होने में मदद मिलती है।
रोजाना रात को बादाम के तेल से चेहरे की मसाज करने से आपको इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है।
नारियल के तेल को गरम करके चेहरे की अच्छे से मसाज करने से भी आपको झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
तरबूज के छिलके को भी चेहरे पर रगड़ने से आपको फायदा मिलता है।
खीरे से भी चेहरे पर मसाज करने से आपको झुर्रियों से राहत पाने में मदद मिलती है।
इसके अलावा आपको भरपूर नींद लेनी चाहिए क्योंकि नींद को भरपूर न लेने से भी आपको चेहरे से जुडी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा अपने चेहरे को हमेशा मॉइस्चराइज करके रखना चाहिए, इसके कारण भी आपकी त्वचा को ऐसी परेशानियों से राहत मिलती है, और त्वचा की नमी बरकरार रहती है।
तो ये कुछ कारण है जिनकी वजह से आपको झुर्रियां हो जाती है, और इनसे बचने के लिए भी आपको कुछ टिप्स दिए गए है, यदि आप भी इस समस्या से राहत पाना चाहते है, तो आपको इन टिप्स का इस्तेमाल करना चाहिए, इसके अलावा धूप में निकलने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से ढक कर निकलना चाहिए, नशीले पदार्थो का सेवन करना चाहिए, योगासन करना चाहिए, ऐसा करने से भी आपको झुर्रियों की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
आज कल जब पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण का भय फैला हुआ है। तो ऐसे में हर कोई इस संक्रमण से बचाव के लिए कोशिश कर रहा है। और जो लोग अच्छे से अपना ध्यान रख रहे हैं वो स्वस्थ भी हैं। साथ ही यह एक ऐसा संक्रमण है जो की बहुत तेजी से फ़ैल रहा है। ऐसे में इस संक्रमण से बचाव के लिए बहुत जरुरी है की आप भी अपने घर में रहे और अपना ध्यान रखें और जब तक जरुरत न हो तब तक घर से बाहर न निकलें।
लेकिन जब बात गर्भवती महिला की है और खासकर जब महिला की डिलीवरी का समय पास आ रहा है। तो ऐसे में तो महिला को घर से बाहर निकलना पड़ेगा। क्योंकि महिला की डिलीवरी घर में तो नहीं हो सकती है। ऐसे में कोरोना के चलते महिला को डिलीवरी का समय पास आने पर अपना कैसे ध्यान रखना चाहिए और क्या करना चाहिए इस बारे में आज इस आर्टिकल में हम गर्भवती महिलाओं को बताने जा रहे हैं।
संक्रमण को रोकने के लिए जरुरी कदम उठायें
संक्रमण को रोकने के लिए सबसे पहले तो डिलीवरी डेट आने से पहले यदि आपको कोई दिक्कत नहीं है। तो आप होस्पिटल में जाने से बचें, डिलीवरी डेट आने से पहले हॉस्पिटल में बेड बुक करवाएं, इस बात का ध्यान रखें की जो भी डॉक्टर्स आपका इलाज करेंगे वह कोरोना से संक्रमित न हो, बिना ग्लव्स किट आदि के किसी भी नर्स या डॉक्टर को अपने पास न आने दें, अपना भी करना टेस्ट जरूर करवाए, जिस कमरे में आप है उसके आस पास कोरोना पॉजिटिव केस नहीं होने चाहिए, बच्चे के जन्म के बाद लोगो से न मिलें आदि।
घर में इन बातों का ध्यान रखें
यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको घर में भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे की बाहर से आने वाले रिश्तेदारों से न मिलें, बाहर से आने वाली चीजों को तुरंत न छुएं, यदि घर में किसी को खांसी जुखाम भी है तो उनसे दूरी रखें, समय पर हाथ धोते रहें, पार्क में न जाएँ, आदि।
इम्युनिटी बढ़ाने वाले फ़ूड
डिलीवरी का समय पास आ रहा है है तो ऐसी चीजों का सेवन करें जिससे आपकी इम्युनिटी बूस्ट हो। क्योंकि जितना गर्भवती महिला की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी उतना ही महिला को इन्फेक्शन से बचे रहने में मदद मिलेगी।
डिलीवरी के बाद हॉस्पिटल में ज्यादा दिनों तक न रहे
यदि आपकी डिलीवरी होती है तो आप ज्यादा दिनों तक हॉस्पिटल में न रहें। क्योंकि इसके कारण माँ व् बच्चे दोनों को इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है। जितना जल्दी हो सके आपको हॉस्पिटल से छुट्टी लेनी चाहिए और घर में आकर आराम करना चाहिए।
बच्चे के जन्म के बाद लोगो से मिलने से बचें
बच्चे कके जन्म की ख़ुशी हर किसी को होती है। फिर चाहे वो आपला पडोसी और या रिश्तेदार और हर कोई आपसे मिलने में आता है। लेकिन कोरोना काल में चाहे किसी को अच्छा लगे या बुरा लगे आप जच्चा और बच्चा दोनों से किसी को भी न मिलने दें। क्योंकि इसके कारण माँ व् बच्चे दोनों को इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान कोरोना काल में प्रेग्नेंट महिला को डिलीवरी का समय पास आने पर रखना चाहिए। यदि आप इन बातों का ध्यान रखती है तो आपको और आपके बच्चे को संक्रमण से बचे रहने में मदद मिलती है।
स्किन से जुडी समस्या का सामना कई बार महिला व् पुरुष दोनों को करना पड़ सकता है। और ऐसा नहीं है की स्किन से जुडी समस्या केवल चेहरे पर ही होती है। बल्कि कई बार शरीर के बाकी अंगो पर भी स्किन से जुडी परेशानी होने के कारण परेशानी हो सकती है।
ब्रेस्ट पर सफ़ेद निशान होने के कारण
तो लीजिये आज हम ब्रेस्ट पर होने वाले सफ़ेद या लाल निशान की समस्या के बारे में बात करने जा रहे हैं। और इस समस्या से महिलाएं ज्यादातर परेशान होती है। तो लीजिये आज हम विस्तार से जानते हैं की ब्रेस्ट पर होने वाले सफ़ेद या लाल निशान के क्या कारण हो सकते हैं और महिला किस तरह से इस समस्या से निजात पा सकती है।
ब्रेस्ट पर सफ़ेद निशान होने के कारण
ब्रेस्ट पर सफ़ेद निशान होने के कारण
जो महिलाएं अपने साइज से छोटी ब्रा पहनती है तो ऐसा करने से स्तन पर दबाव पड़ता है जिसके कारण खून के प्रवाह में रुकावट आने के कारण स्किन लाल दिखाई देने लग सकती है।
अपने ब्रेस्ट साइज से बड़ी ब्रा पहनने के कारण स्तन में ढीलापन आ सकता है, और स्किन में ढीलापन आने के कारण स्किन में खिंचाव हो सकता है, जो की सफ़ेद निशान के रूप में महिला को ब्रेस्ट पर दिखाई दे सकता है।
प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण स्किन में खिंचाव हो सकता है जिसके कारण भी ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स की समस्या हो सकती है, जो सफ़ेद निशान की तरह ब्रेस्ट पर नज़र आ सकते हैं।
जिन महिलाओं का वजन बहुत ज्यादा होता है और वो एक दम से वजन कम कर लेती है तो इसके कारण भी स्किन में ढीलेपन के आने के साथ स्किन पर सफ़ेद निशान भी पड़ सकते हैं, और यह निशान पेट, जांघो के साथ ब्रेस्ट पर भी दिखाई दे सकते हैं।
ब्रेस्ट पर होने वाले सफ़ेद निशान से बचाव के उपाय
ब्रेस्ट पर होने वाले निशान कोई ऐसी परेशानी नहीं है की जिसका कोई इलाज न हो बल्कि महिला आसानी से इस समस्या से निजात पा सकती है तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की ब्रेस्ट पर पड़ने वाले लाल व् सफ़ेद निशान से बचने के लिए महिला को क्या- क्या करना चाहिए।
ब्रा: ब्रेस्ट पर पड़ने वाले सफ़ेद या लाल निशान की समस्या से बचने के लिए सबसे पहले तो महिला को अपने साइज की ब्रा पहननी चाहिए। न तो अपने साइज से बड़ी ब्रा महिला को पहननी चाहिए जिससे ढीलेपन के कारण यह समस्या हो और न ही ज्यादा टाइट ब्रा पहननी चाहिए जिससे लाल निशान हो। यदि महिला अपनी ब्रा को साइज का पहनती है तो इससे महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।
वजन: यदि आप बढ़ते वजन के कारण परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं तो धीरे धीरे वजन को कम करें। क्योंकि यदि आप एक दम से वजन को कम करते हैं तो आपको ब्रेस्ट पर सफ़ेद निशान की समस्या हो सकती है, लेकिन वजन को धीरे धीरे कम करने पर स्किन को टाइट रखने में मदद मिलती है जिससे ब्रेस्ट पर होने वाले सफ़ेद निशान की समस्या से बचे रहने में महिला को मदद मिलती है।
एलोवेरा: ब्रेस्ट पर होने वाले लाल व् सफ़ेद निशान की समस्या से निजात पाने के लिए एलोवेरा जैल एक बेहतरीन उपाय है। इसके इस्तेमाल के लिए नियमित रात को सोने से पहले एलोवेरा जैल को अपने ब्रेस्ट पर लगाएं और पूरी रात लगे रहने दें, और सुबह उठकर उसे पानी से साफ कर लें। ऐसा करने से ब्रेस्ट पर निशान को दूर करने में मदद मिलती है।
अंडा: अंडे को फोड़कर उसके सफ़ेद भाग को अलग कर लें, अब उस सफ़ेद भाग को अपनी ब्रेस्ट पर लगाएं और उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद इसे साफ़ पानी से अच्छे से धो लें, इस उपाय को हफ्ते में तीन से चार बार करें। ऐसा करने से ब्रेस्ट पर होने वाले निशान हटाने के साथ ब्रेस्ट को सही शेप में रखने में भी मदद मिलती है।
निम्बू: निम्बू के रस का इस्तेमाल करके भी ब्रेस्ट पर होने वाले सफ़ेद निशान की समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है। इसके इस्तेमाल के लिए सबसे पहले निम्बू के रस को महिला अच्छे से अपने अपनी ब्रेस्ट पर लगाए उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें। निम्बू के रस के सूखने के बाद आलू या टमाटर की स्लाइस काटकर अपने ब्रेस्ट पर मसाज करें, ऐसा नियमित करें आपको इसका असर बहुत जल्दी दिखाई देगा।
संतरा: संतरे के छिलके और निम्बू के टुकड़ो को मिलाकर सूखा लें, सूखने के बाद इसे पीसकर पाउडर के रूप में तैयार कर लें। अब एक कटोरी में दो चम्मच संतरे व् निम्बू के छिलके का पाउडर लें, उसके बाद इसमें थोड़ा गुलाबजल व् एक चम्मच बादाम का तेल मिक्स करें। अब अच्छे से मिक्स करके इस पेस्ट को अपनी ब्रेस्ट पर लगाएं, और उसके बाद इसे सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद साफ पानी से ब्रेस्ट को साफ़ कर लें, ऐसा हफ्ते में तीन से चार बार करें आपको ब्रेस्ट पर होने वाले निशान से निजात पाने में मदद मिल सकती है।
तो यह हैं कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करने से महिला को ब्रेस्ट पर होने वाले सफ़ेद व् लाल निशान की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। तो यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो आप भी ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है, और एक दम से नहीं बल्कि धीरे धीरे आपको इनका असर अपनी ब्रेस्ट पर दिखाई देगा और आपको अपनी परेशानी से राहत पाने में मदद मिल सकेगी।
केला पोषक तत्वो से भरपूर होता है, केले में थाईमीन, विटामिन A, B, B6, फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, भरपूर मात्रा में पाएं जाते है, और इनसे आपको बहुत से फायदे भी मिलते है, और केले का सेवन करने से आपको शारीरिक रूप के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होने में मदद मिलती है, तो आइये जानते है की केला खाने के क्या क्या लाभ होते है।
केला एक फल होता है, जो बच्चे बड़े सभी के लिए बहुत लाभदायक होता है, इसमें ऐसे बहुत से खनिज पाए जाते है जो आपको शारीरिक रूप से फायदा करने के साथ मानसिक रूप से भी दुरुस्त बनाने में मदद करते है, और इसके अंदर एंटी ऑक्सीडेंट भी पाये जाते है, जो आपके जो आपके शरीर को रोगों से लड़ने के लिए सक्षम बनाते है, छोटे बच्चों के विकास में केले का सेवन बहुत लाभदायक होता है, क्योंकि इसके सेवन से बच्चों का दिमाग तेज, हड्डिया मजबूत, और दांतो को भी मजबूत होने में मदद मिलती है, और ऐसा नहीं है, की ये केले बच्चों को ही फायदा करता है, यदि आप भी नियमित रूप से इसका सेवन करते है, तो इसके सेवन से आपकी भी हड्डियों को मजबूत और दिमाग को तेज होने में मदद मिलती है, तो आइये विस्तार से जानते है, की केला खाने के और कौन कौन से फायदे आपको मिलते है।
तनाव को दूर करता है:-
केला खाने से आपके तनाव को दूर करने में मदद मिलती है, केले में ट्राईप्टोफान एमिनो एसिड मौजूद होता है, जो आपके शरीर में सेरेटोनिन नामक हॉर्मोन को उत्पादित करता है, जो आपके मूड को फ्रेश करने में मदद करता है, जिसके कारण आपके तनाव को दूर किया जा सकते है।
मस्तिष्क को अलर्ट रहने में मदद करता है:-
केले का सेवन करने से आपके दिमाग को भी अलर्ट रहने में मदद मिलती है, क्योंकि केले में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आपके दिमाग के लिए बहुत अच्छा होता है, इसीलिए बच्चों को नियमित रूप से केले का सेवन करवाना चाहिए।, और केले में विटामिन बी6 भी उचित मात्रा में पाया जाता है, जो आपकी यादाश्त को तेज करने में मदद करता है।
ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल करता है:-
नियमित रूप से केले का सेवन करने से आपकी बॉडी में रक्त संचार भी सही से होता है, जिसके कारण आपके ब्लड प्रैशर को नार्मल रहने में मदद मिलती है, इसका कारण होता है की केले में पोटैशियम भरपूर होता है, जो आपकी बॉडी में रक्त के प्रवाह को सही रखता है।
हड्डियों को मजबूत करता है:-
केले खाने से आपकी हड्डियों को मजबूत करने में मदद मिलती है, केले में प्रोबायोटिक बेक्टेरिया होता है, जो आपके शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाता है, और इसके कारण आपको अपनी हड्डियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। बच्चों को प्रतिदिन केले का सेवन जरूर करवाना चाहिए, इसके कारण बच्चों के विकास में आपको मदद मिलती है।
वजन घटाने में मदद करता है:-
केले का सेवन करने से आपके वजन को भी घटने में मदद मिलती है, क्योंकि केले में एक प्रकार का स्टार्च होता है, जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा बहुत ही कम होती है, जिसके कारण यह पचने में काफी ज्यादा समय ले लेता है, और आपको भूख का भी अहसास नहीं होने देता है, जिसके कारण आपके वजन को घटने में मदद, मिलती है।
किडनी के कैंसर से रक्षा करता है:-
केले का सेवन करने से आपको किडनी में होने वाले कैंसर की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, यदि आपको ये परेशानी है तो आपको नियमित रूप से केले का सेवन करना चाहिए, क्योंकि केले का सेवन करने से इसे नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
इन्फेक्शन से बचाता है:-
केले में कैरोटीनॉएड एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो आपके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है, और आपके शरीर को रोगों से लड़ने के लिए सक्षम बनाता है, और इसके कारण आपको इन्फेक्शन से भी बचाव होने में मदद मिलती है।
पेट के लिए है लाभदायक:-
केले के सेवन से आपको आमाशय, व् आंत में होने वाली परेशानियों से निजात मिलता है, साथ ही उनमे यदि सूजन हो तो उसे भी कम करने में मदद मिलती है, साथ ही केले का सेवन करने से आपको एसिडिटी की समस्या से राहत मिलती है, और पाचन तंत्र को मजबूत होने में मदद मिलती है।
खूबसूरत और लम्बे बाल हर किसी की पहली पसंद होते है लेकिन जब उनमे किसी तरह की समस्याएं होने लगे तो यही बाल परेशानी का कारण बन जाते है। फिर चाहे वो बाल झड़ने की समस्या हो या दो मुहें बाल की। लेकिन इसके अलावा भी एक समस्या है जिसके कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है। और वो है बालों में डैंड्रफ।
जिसके कारण सर में तेज खुजली और जलन होने लगती है। कई बार तो लगातार खुजलाने से सिर में दाने भी पड़ जाते है जिनमे दर्द भी होता है। वैसे तो बाजार में ढेरों उत्पाद मौजूद है जो बालों से डैंड्रफ हटाने का दावा करते है लेकिन उनमे से केवल कुछ ही इस कार्य को पूरा कर पाते है।
इसके विपरीत इनका प्रयोग करने से हालत और बदतर हो जाते है। ऐसे में इनका इस्तेमाल करने से बेहतर है की आप किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल करके देखे। जी हां, हम बात कर रहे है घरेलू उपायों की। जो आपके बालों से डैंड्रफ की समस्या को पूरी तरह दूर करने में सक्षम है।
रुसी (डैंड्रफ) होने के क्या कारण है?
हम में से बहुत से लोगों का यही मानना है की डैंड्रफ तभी होता है जब हमारे सिर की त्वचा रूखी होने लगती है। जबकि ऐसा कुछ नही है, रुसी के पीछे का यह कारण बिलकुल गलत है। क्योंकि इसके पीछे के कारण सिर में छुपी यीस्ट यानी खमीर होता है, जो सिर की मृत त्वचा को खा जाती है साथ ही बालों के प्राकृतिक तेल को भी। जिस वजह से हमारे सिर की त्वचा कोशिका बहुत जल्दी जल्दी झड़ने लगती है। और हमें लगता है की हमारे सिर में रुसी हो गयी है।
डैंड्रफ हटाने के घरेलू उपाय :-
1. नींबू :
3 से 4 नीम्बुओं के छिलके उतारकर उन्हें 4-5 कप पानी में 15 से 20 मिनट के लिए उबाल लें। जब वह ठंडा हो जाए तो इस घोल से अपने बालों को धोएं। आपको इसका प्रयोग हफ्ते में कम से कम एक बार अवश्य करना होगा। ताकि परिणाम मिल सके।
2. मेथी :
2 चम्मच मेथी को रातभर पानी में भिगोएं। अगले दिन सुबह इन्हे पीसकर इसका लेप बना लें। अब इस लेप को अपने बालों की जड़ों में अच्छे से लगाएं। कम से कम 30 मिनट रखने के बाद बालों को अच्छी तरह के धो लें। अच्छे परिणामों के लिए चार हफ्ते में एक बार इसे दोहराएं।
3. सिरका :
इस उपचार के लिए सिरके और पानी की बराबर मात्रा को मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें। अब इस मिश्रण को अपने सिर में लगातार रातभर के लिए छोड़ दें। अगली सुबह baby शैम्पू से अपने बाल धोएं।
4. दही :
इस उपाय का प्रयोग करने के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है बस दही को सीधे अपने बालों और जड़ों में लगाना है। एक घंटे तक रखने के बाद आप किसी माइल्ड शैम्पू से अपने बालों को धो लें। इसका इस्तेमाल सप्ताह में कम से कम 2 बार अवश्य करें।
5. अंडा :
रुसी के लिए eअंडे का प्रयोग करने के लिए दो अण्डों को फेंटकर उनका लेप बना लें। अब इस लेप को अपने सिर में लगाएं। एक घंटे तक रखें और उसके बाद बाल धो लें। इसकी मदद से आपका डैंड्रफ तो कम होगा ही साथ साथ बालो के झड़ने की समस्या भी दूर होगी।
6. गुनगुने तेल की मालिश :
अगर आपके बालों में अधिक रुसी नहीं है तो आप इस उपाय का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए बादाम, नारियल या जैतून के गुनगुने तेल से सिर की मालिश करें। ऐसा करने से रुसी कम होगी। और हां, तेल लगाने के बाद रातभर सिर को ऐसे ही रहने दें।
7. नारियल तेल :
1 चम्मच नींबू के रस के साथ 5 चम्मच नारियल तेल का मिश्रण तैयार करें। अब इस मिश्रण को अपने सिर में अच्छे से लगाएं। कम से कम 20 से 30 मिनट के लिए इसे अपने बालों में लगाएं रखें। उसके बाद बालों को शैम्पू से अच्छी तरह धो लें।
8. नीम की पत्तियां :
नीम की थोड़ी सी पत्तियां ले और उनका लेप बना लें। लेप थोड़ा पतला होना चाहिए। उसके बाद इसे सीधे अपने सूखे सिर में लगाएं। इस लेप को एक घंटे तक रखने के बाद हलके गर्म या ठंडे पानी से बाल धो लें। कुछ ही प्रयोगो में समस्या पूरी तरह दूर हो जाएगी।
9. लहसुन :
लहसुन की तेज गंध और इसकी एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टी समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है। प्रयोग के लिए 2 चम्मच लहसुन के पाउडर के साथ एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर लेप बनाएं। अब इस लेप को अपने सिर में लगाएं। 30 से 40 मिनट बाद बालो में शैम्पू करके धो लें।
10. नियमित रूप से देखभाल :
प्राकृतिक उपायों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ आपको बालों की देखभाल पर भी ध्यान देना होगा। क्योंकि अगर आप बालो की उचित देखभाल नहीं करेंगे तो समस्या वही की वही रहेगी। इसीलिए समय समय पर अपने बालो की सफाई करते रहे। और जरूत पड़ने पर उनमे कंडीशनर का भी इस्तेमाल करें।
अनचाहा गर्भ: गर्भपात बिना किसी डॉक्टर की सलाह के:-
बच्चा जब दुनिया में आने वाला होता हैं| तो माँ का मन ख़ुशी से झूम उठता हैं| उसके मन में नए विचार आने लगते हैं| बच्चे के आने से घर में ख़ुशी की लहर दौड़ जाती हैं. माँ बाप के साथ पूरा परिवार बच्चे के आने की ख़ुशी मनाने लगते हैं. परंतु कई बार न चाहते हुए भी बच्चा माँ के गर्भ में आ जाता हैं. और ऐसा कई महिलाओ के साथ बार बार होता हैं. क्योंकि वो बिना किसी सुरक्षा के मिलन करती हैं| इसका परिणाम उन्हें जब भुगतना पड़ता हैं जब गर्भ में अनचाहा बच्चा आ जाता हैं|
कुछ लोग बच्चो को भगवान की देन समझते हैं और बच्चा पैदा कर लेते हैं. परंतु कई लोग इससे निजात पाना चाहते हैं और अपने गर्भ को गिराने का प्रयत्न करते हैं. और ये उनके लिए एक समस्या का कारण बन जाता हैं. और वो कुछ भी करके बच्चा गिराने का प्रयत्न करते हैं| और वो डॉक्टर के पास भी नहीं जाना चाहते| वो घर में ही घरेलू तरीको का इस्तेमाल करके बच्चे को गिराने की कोशिश करते हैं| परंतु यदि गर्भ में आये बच्चे को ज्यादा समय हो गया हो| तो ये बच्चे और माँ दोनों के लिए हानिकारक हो जाता हैं|
आपको ये जान कर हैरानी होगी के आज भी कई महिलाये ऐसी हैं. जिन्हें गर्भनिरोधक के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं. और उन्हें बार बार इस समस्या का सामना करना पड़ता हैं. वो अपने बच्चो में एक उम्र का फ़र्क़ तो रखना चाहती हैं. कई बार बिना किसी सुरक्षा के साथ मिलन करने पर उनका गर्भधारण हो जाता हैं. गर्भनिरोधक की जानकारी होना आज के समय में हर महिला के लिए बहुत जरुरी हैं. क्योंकि बार बार बच्चा गिराने से शरीर में बहुत सी बीमारिया लग जाती हैं. और महिला का शरीर अंदर से बहुत कमजोर हो जाता हैं.
कई बार जब महिला को पता नहीं चलता के बच्चा गर्भ में आ गया हैं| और उस बच्चे को ज्यादा समय हो जाता हैं| तो ऐसे में महिला यदि बच्चे को गिराने के प्रयत्न करती हैं| तो ये उसके लिए मुसीबत बन सकता हैं| क्योंकि ऐसा करने से कई बार मासिक धर्म में देरी होना, पेट में ज्यादा दर्द रहना, पेट की सफाई अच्छे से न होना, गर्भाशय में टिशू का रहना और यदि आप दुबारा थोड़े समय के बाद बच्चा पैदा करना चाहती हैं| तो गर्भधारण की समस्या उत्तपन होने जैसी समस्या उत्तपन हो जाती है|
महिलाओं को आज के समय में अनचाहा बच्चा आने ही नहीं देना चाहिए| क्योंकि बाज़ार में इतनी सारी सुविधाओ के होने के बाद यदि महिलाओं के साथ ऐसे होता हैं तो, नुक्सान महिलाओं का ही हैं| और ऐसा बार बार होने से महिलाओं का शरीर कमजोर हो जाता हैं| और यदि इसमें ज्यादा परेशानी हो तो आपको डॉक्टर की सलाह भी जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि कई बार ये आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता हैं| और आपको इस परेशानी के कारण सारी उम्र परेशान होना पड़ता हैं|
आइये जानते हैं कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे जिनकी वजह से आप अनचाहे गर्भ को बिना किसी डॉक्टर की सलाह के गिरा सकती हैं| और इस समस्या के समाधान के बाद आपको अपने शरीर का पहले से भी ज्यादा ध्यान रखना पड़ता हैं| तो ये हैं कुछ घरेलू नुस्खे जिनकी वजह से आप अनचाहे गर्भ से निजात प् सकते हैं|
अनचाहे गर्भ से छुटकारा बिना किसी डॉक्टर की सलाह के, और घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके:-
बाजार में आई गोलियो का इस्तेमाल करके:-
बाजार में आई गोलियो का इस्तेमाल करके आप घर पर ही गर्भपात कर सकती हैं| यदि सम्भोग के ७२ घंटे के भीतर इन गोलिओ का सेवन का लिया जाये तो अनचाहा गर्भ नहीं ठहरता| परंतु कई बार इन गोलिओ का ज्यादा मात्रा में सेवन भी आपके शरीर में नुक्सान कर सकता हैं|
इलायची का सेवन करके:-
कहा जाता हैं की यदि गर्भ थोड़े समय का हो तो इलायची का सेवन करने से अनचाहा गर्भ गिर जाता हैं| परंतु इलायची का सेवन रात के समय नहीं करना चाहिए ये नुक्सान कर सकता हैं| यदि आप गर्भपात करना चाहती है तो दिन के समय ही इसका सेवन करे|
कटहल का प्रयोग करके:-
यदि आपका गर्भ ठहर गया हैं और आप गर्भपात करना चाहती हैं| तो कटहल आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता हैं| कटहल एक सब्ज़ी हैं जब भी आपका अनचाहा गर्भ ठहर जाये तो आपको कटहल का जितना हो सके उतना सेवन करना चाहिए| इससे गर्भपात में मदद मिलती हैं|
कच्चा पपीता खाकर:-
कच्चा पपीता खाकर भी आप अनचाहे गर्भ को रोक सकते हैं| यदि कई बार आपका गर्भ ठहर जाता हैं तो आपको कच्चे पपीते का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए | इससे अनचाहा गर्भ गिराने में मदद मिलती हैं|
गरम पानी से नहाने से:-
माना जाता हैं की यदि गरम पानी से मासिक धर्म के समय नहाया जाये तो रक्त का प्रवाह खुल कर होता हैं| वैसे ही यदि गर्भपात करने के लिए रोजाना यदि गरम पानी से नहाया जाए तोगर्भपात आसानी से हो जाता हैं| परंतु गर्भ ज्यादा दिन का नहीं होना चाहिए|
ड्राई फ्रूट्स खाने से:-
कहते हैं की गरम चीजो को खाने से अनचाहा गर्भ गिर जाता हैं| और ड्राई फ्रूट्स गरम होते हैं | तो इन्हें भी खाने से आपको गर्भपात में मदद मिल सकती हैं| इसके साथ पेट के सभी टिशू भी साफ़ हो जाते हैं| इसके आलावा आप गुड़ और जीरे का भी सेवन कर सकते हैं|
ज्यादा भागदौड़ व् व्ययाम करके:-
ज्यादा भागदौड़ व् व्ययाम करके भी आप अनचाहे गर्भ को गिरा सकते हैं| क्योंकि गर्भावस्था के दौरान आराम की आवश्यकता होती हैं| और यदि आप ज्यादा भागदौड़ करेगी तो आपका गर्भ नहीं ठहरेगा| आप व्ययाम ज्यादा भी न करे कई इससे आपके शरीर को नुक्सान हो|
सीताफल के बीज का उपयोग करके:-
यदि सीताफल के बीजो को पीस कर उनका पेस्ट बनाकर अपनी योनि पर मला जाये तो गर्भपात होने के चांस हो जाते हैं और अनचाहा गर्भ गिर जाता हैं|
विटामिन-सी की अधिक मात्रा लेकर:-
यदि आप चाहती हैं के आपका गर्भपात हो जाये तो आपको अधिक मात्रा में विटामिन सी खाना चाहिए| जिन पदार्थो में विटामिन सी की मात्रा अधिक हो उन पदार्थो का सेवन करना चाहिए|
तो ये कुछ तरीके हैं जिनका इस्तेमाल करके आप अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकते हैं| और आपको इसके लिए किसी डॉक्टर की सलाह की भी आवश्यकता नहीं हैं| इन तरीको का इस्तेमाल करके आप जल्दी ही गर्भपात कर सकती हैं| पर ऐसे में अपने शरीर का ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है| इसलिए ऐसे में अपने शरीर का पूरा ध्यान रखना चाहिए| साथ ही आपको यदि गर्भपात हो गया है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए| कही अंदर कुछ टिशू रह तो नहीं गए| नहीं तो आपको बाद में परेशानी का सामना करना पड सकता हैं|
डॉक्टर की सलाह वैसे तो अपने शरीर के हर मामले में लेनी चाहिए| और यदि आप गर्भपात डॉक्टर से नहीं करवाना चाहती तो उसके बाद अपने शरीर का नियमित रूप से जरूर दिखाए| क्योंकि आपकी सुरक्षा आपके अपने हाथो में हैं| तो ये कुछ बाते हैं जिनके आपको गर्भपात के समय ध्यान रखना चाहिए| और साथ ही अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए|
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कोहनी और घुटनों का कालापन
अधिकतर महिलाएं केवल अपने चेहरे की खूबसूरती और रंगत और लेकर सजग रहती है। वे हमेशा अपने फेस को सुंदर, आकर्षक और निखरा हुआ बनाए रखने के प्रयास करती रहती है। लेकिन वो अक्सर ये भूल जाती है की खूबसूरती सिर्फ चेहरे से नहीं बल्कि पुरे शरीर से दिखती है। चेहरे के साथ-साथ शरीर के बाकी अंगों का भी खास ख्याल रखना चाहिए। कोहनी और घुटने ऐसे ही हिस्सों में से एक है, जो सामान्यतः खुले रहते हैं। शरीर के ये हिस्से अक्सर हमें दिखाई नहीं पड़ते इसीलिए हम इनकी देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके चलते उस हिस्से की त्वचा काली पड़ने लगती है। आज हम आपको कोहनी और घुटनों के कालेपन को दूर करने के उपाय बता रहे हैं।
कोहनी और घुटनों के कालेपन के कारण
घुटनों व् कोहनी में कालापन आने के कई कारण हो सकते हैं। उनमे से कुछ कारण निम्नलिखित हैं –
ज्यादा देर तक धूप में रहना
तनाव
धूल, मिट्टी व् गंदगी के कारण
डेड स्किन
ड्राई स्किन
हॉर्मोन्स में असंतुलन
कोहनी व् घुटने में लगातार होने वाले घर्षण के कारण
अनुवांशिक
दवाओं के कारण या
स्किन की सही तरह से देखभाल नहीं करने के कारण कोहनी और घुटनों में कालापन आने लगता है।
कोहनी और घुटनों का कालापन दूर करने के उपाय
बेकिंग सोडा और दूध
बेकिंग सोडा स्किन के लिए एक बेहतर एक्सफोलिएट एजेंट है जो ना सिर्फ त्वचा को साफ करता है बल्कि डैड स्किन को भी हटाता है। प्रयोग के लिए, 1 चम्मच बेकिंग सोडा को 1 चम्मच दूध में मिला लें। अब इस मिश्रण को अपने घुटनों और कोहनी में लगाएं। गोलाई में स्क्रब करते हुए रगड़ें। 3 मिनट तक स्क्रब करने के बाद पानी से धो दें।
नारियल का तेल और अखरोट का पाउडर
कोकोनट आयल स्किन को हाइड्रेट करके मॉइश्चराइज करता है। इसमें मौजूद विटामिन इ त्वचा के रूखेपन को हटाकर उसमे निखार लाने में मदद करता है। प्रयोग के लिए, 1 चम्मच नारियल तेल और 1 चम्मच अखरोट का पाउडर एक साथ मिला लें। गाढ़ा पेस्ट बनाने के बाद उससे कोहनी और घुटने की स्क्रबिंग करें। 3 मिनट बाद पानी से धो लें। नहाने के बाद नारियल तेल घुटनों और कोहनी पर जरूर लगाएं। रात को सोने से पहले भी नारियल तेल जरूर लगाएं।
बादाम का तेल
बादाम तेल में विटामिन इ प्रचुर मात्रा में होता है। जो घुटने के आस-पास की स्किन को रिपेयर करता है और कालेपन से छुटकारा दिलाता है। प्रयोग के लिए बादाम तेल की कुछ बूंदे अपनी उँगलियों पर लें और घुटने व् कोहनी पर लगाएं। तब तक मसाज करें जब तक तेल स्किन में समा ना जाए। इसका प्रयोग सुबह और रात में करें।
एलोवेरा जेल
नियमित रूप से घुटनों पर एलोवेरा जेल लगाने से घुटने का कालापन दूर होने लगता है। ये ना सिर्फ कालेपन को हटाता है बल्कि उसे सॉफ्ट और निखरा हुआ भी बनाता है। यह स्किन को UV rays से भी बचाता है। प्रयोग के लिए एक एलोवेरा की पत्ती को काटकर उसका जेल घुटने और कोहनी पर लगा लें। 15 से 20 मिनट तक रहने दें, उसके बाद हल्के गुनगुने पानी से साफ़ कर लें। नियमित रूप से प्रयोग करने से कोहनी और घुटनों का कालापन दूर हो जाएगा।
नींबू
नींबू में ब्लीचिंग गुण होने के साथ-साथ विटामिन सी भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। नींबू की मदद से त्वचा के किसी भी हिस्से के कालेपन को दूर किया जा सकता है। प्रयोग के लिए, एक नींबू को काटकर उसका रस निकाल लें। इस रस को कोहनी और घुटनों के काले हिस्से पर लगाएं। कम से कम एक घंटे तक ऐसे ही रहने दें और बाद में पानी से धो लें। रोजाना इसका प्रयोग करने से कोहनी और घुटने का कालापन दूर हो जाएगा।
विटामिन ई आयल और शुगर
शुगर त्वचा से डेड सेल्स को निकालने में मदद करती है जबकि विटामिन ई उसे रिपेयर करके हाइड्रेट करता है। ये दोनों ही त्वचा में निखार लाने में मदद करते हैं। प्रयोग के लिए कुछ विटामिन ई के कैप्सूल को काटकर आयल निकाल लें। आयल लगभग आधा या 1 चम्मच होना चाहिए। अब इसमें शुगर डालें और अच्छे से मिलाएं। अब इस मिश्रण से कोहनी और घुटने के काले हिस्से पर स्क्रब करें। कुछ मिनट तक स्क्रब करने के बाद उसे पानी से साफ कर लें। हर दूसरे दिन इस उपाय का इस्तेमाल करें। कालापन साफ़ हो जाएगा।
हल्दी और शहद
हल्दी त्वचा की अशुद्धियों को साफ करके त्वचा की रंगत एकसमान करने में मदद करता है। हल्दी त्वचा में नेचुरल ग्लो लाने में भी मदद करती है। प्रयोग के लिए, 1 चम्मच हल्दी, 2 चम्मच दूध और 1 चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को अपनी कोहनी और घुटनों पर लगाएं। 2 मिनट तक गोलाई में मसाज करें और 20 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। बाद में पानी से धो लें। हफ्ते में 2 से 3 बार उपाय का प्रयोग करके कोहनी और घुटनों का कालापन साफ हो जाएगा।
आलू
आलू में कुछ-कुछ ब्लीचिंग गुण होते हैं जो त्वचा के दाग धब्बे और कालेपन को दूर करने में मदद करते हैं। आलू त्वचा को पोषण देकर निखारने में मदद करता है। प्रयोग के लिए, आलू के मोटे-मोटे स्लाइसेस काट लें। और इन्हे कोहनी और घुटनों पर रगड़ें। कुछ मिनट रगड़ने के बाद उस हिस्से को 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। उसके बाद पानी से साफ कर लें। रोजाना एक बार इस उपाय का इस्तेमाल करने से घुटने और कोहनी का कालापन साफ हो जाएगा।
कोहनी और घुटने के कालेपन से बचने के अन्य उपाय
घर से बाहर निकलते समय कोहनी और घुटने पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं। क्यूंकि UV Rays त्वचा को डार्क करने का काम करती हैं। इसलिए इन किरणों से घुटनों को बचना जरुरी है।
घुटनों का कालापन अक्सर नमी और पोषण की कमी के कारण होता है। क्यूंकि नमी की कमी होने पर त्वचा रूखी होने लगती है और उसमे कालापन आने लगता है। इसीलिए नियमित रूप से घुटनों को मॉइश्चराइज करें।
हेल्दी स्किन के लिए उचित डाइट लेना बहुत जरुरी होता है। इसलिए विटामिन ए और विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके लिए आप शकरगंद, गाजर, सलाद, अखरोट, बादाम और पालक का खूब सेवन करें।
घुटनों के कालेपन से बचने के लिए कभी भी घुटनों के बल बैठे नहीं। क्यूंकि इससे घर्षण होता है और घुटने काले हो जाते हैं। इसीलिए ध्यान रखें।
तो दोस्तों, ये कुछ उपाय हैं जिनका प्रयोग करके कोहनी और घुटनों के कालेपन को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है। बस ध्यान रहें, नींबू वाला उपाय प्रयोग करने के बाद धूप में ना जाएं इससे एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा सेंसिटिव स्किन वाले नींबू और पानी की बराबर मात्रा मिलाकर उपाय का इस्तेमाल करें। इन सभी में से केवल एक ही उपाय का इस्तेमाल करें। हर बार अलग-अलग उपाय ट्राई करने से त्वचा में समस्या हो सकती है। इसीलिए ध्यान रखें