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चूहे कैसे भगाएं, घर से चूहे भगाने के घरेलू उपाय

अपने घर की नेगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते? पूजा-पाठ करते है हवन आदि कराते है लेकिन क्या आप जानते है की सिर्फ वास्तुदोष के कारण ही नहीं अपितु घर में बिना अनुमति के रहने वाले पशु और पक्षी भी नकारात्मक उर्जा का एक कारण होते है। जी हां, और इन्ही जीवों में से एक है चूहा। जो अक्सर घर में छोटी से जगह से घुस जाता है। शायद आपको नहीं पता लेकिन घर में मौजूद ये चूहे भी घर की नेगेटिव एनर्जी का एक कारण होते है।घर से चूहें भगाने के घरेलू उपाय

चूहा सामान्यतः शांत और अँधेरे वाली गंदी जगहों पर रहना अधिक पसंद करता है इसलिए इसका घर में रहना अच्छा नहीं माना जाता। और अगर गलती से ये एक बार घर में घुस जाएं तो इन्हें भगाना काफी मुश्किल हो जाता है। हालाँकि सभी इन्हें घर से भगाने के लिए तरह तरह की तरकीबों का इस्तेमाल करते है लेकिन यह मिजाज के काफी ढीठ होते है।

चूहों को घर में रखना इसीलिए भी अच्छा नहीं माना जाता क्योंकि ये अपने पैरों और यूरिन के जरिए बिमारी फैलाने का काम करते है। चूहें जहां कहीं भी जाते है वहां बीमारियाँ छोड़ जाते है ऐसे में इनका घर में रहना बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की सेहत के लिए ठीक नहीं। तो अगर आपके घर में भी चूहें घुस गए है और कोशिशे करने के बाद भी जा नहीं रहे है तो आज हम आपको चूहों को भगाने के कुछ आसान तरीकों के बारे में बताने जा रहे है। जिनकी मदद से बड़ी ही सरलता से आप इनको अपने घर से दूर कर सकेंगे।

चूहों को मारना ठीक है या भगाना?

बहुत से लोग चूहों से छुटकारा पाने के लिए उन्हें मारने के बारे में सोचते है। क्योंकि भगाने के बाद हो सकता है वे वापस आ जाएं। लेकिन क्या किसी जंतु को मारना ठीक है। बहुत से लोग इसके लिए बाजार में मिलने वाली चूहें मरने की दवाओं का इस्तेमाल करते है जो ठीक नहीं। इस स्थिति में आप चूहें पकड़ने वाले पिंजरे या अन्य तरीकों का इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन अगर आप उन्हें मारना चाहते है तो उसके लिए आप बाजार से दवा लाकर उसे विधिनुसार प्रयोग कर सकते है।

पर ध्यान रहें चूहा मारने के बाद उसे तुरंत घर से हटा देना चाहिए। क्योंकि मरने से बाद आंतरिक ब्लीडिंग होने लगती है जिससे उनमे से काफी गंदी स्मेल आती है। वैसे आप चाहे तो चूहों के लिए चूहें पकड़ने वाले लकड़ी के चिपचिपे बोर्ड का भी इस्तेमाल कर सकते है। यह चूहों को तब तक चिपकाकर रखता है जब तक कोई दूसरा उसे हटाए नहीं। इसके अतिरिक्त आप चूहें मारने या पकड़ने वाले जीव का इस्तेमाल करके भी इस समस्या से छुटकारा पा सकते है जैसे बिल्लियाँ।

चूहें भगाने के घरेलु उपाय :-

1. पिपरमिंट :

चूहों को इसकी गंध बिलकुल पसंद नहीं होती है। घर के चूहों को भगाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए घर के प्रत्येक कोने में पिपरमिंट को रुई में डालकर रख दें विशेषकर उस जगह पर जहां चूहें अक्सर दिखाई देते हो। इसकी गंध से चूहें उस जगह को छोड़ देंगे।

2. लाल मिर्च :kichan me chuha

खाना बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली लाल मिर्च भी चूहें भगाने के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसके लिए जिस जगह पर चूहें बार-बार दिखते हो वहां लाल मिर्च पाउडर रख दें। मात्रा आप अपने हिसाब से देख लें। लाल मिर्च की स्मेल उन्हें अच्छी तरह से आनी चाहिए। ऐसा करने से कुछ ही समय में चूहें गायब हो जाएंगे।

3. ऊंट के पैरों के नाख़ून :

सुनने में थोडा अजीब है लेकिन ये उपाय वाकई बहुत कारगर है। इसकी मदद से चूहों को घर से भगाया जा सकता है। इसके लिए घर में जिस जगह पर चूहें सबसे ज्यादा बार आते है वहां ऊंट के दाएं पैर के नाख़ून को रख दें। ऐसा करने से जब वह उसे छुयेंगे तो तुरन्त भाग जाएंगे और उस जगह कभी वापस नहीं आएंगे।

4. तेज पत्ता :

खाने को स्वादिष्ट बनाने वाला तेज पत्ता भी आपकी इस समस्या का इलाज कर सकता है। जी हां, तेज पत्ते की मदद से भी चूहों को घर से भगाया जा सकता है। इसलिए जहां-जहां चूहें आते है या रहते है वहां तेज पत्ता रख दें। कुछ ही दिनों में घर में चूहें दिखना बंद हो जाएंगे।

5. बिल्ली पालना भी है सही उपाय :

अगर आप चाहे तो बिल्ली पालकर अपनी इस समस्या को दूर कर सकते है। ये बात तो हम सभी भली भांति जानते है की बिल्लियाँ चूहों की दुश्मन होती है और ये उन्हें घर से किसी भी कोने से ढूंढ़कर निकाल लेती है। और चूहें भी बिल्ली के डर से वो जगह छोड़कर चले जाते है। तो इस उपाय से भी आप अपनी समस्या दूर कर सकते है।

6. चूहें का जाल :

अगर आप चूहें को मारना नहीं चाहते तो उसे भगाने के लिए आप इस उपाय का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए बाजार से चूहा पकड़ने वाला एक जाल खरीद लें और उसके अन्दर खाने की कोई अटका दें। जैसे ही चूहा उस चीज को खाने के लिए आएगा तो वह जाल में फंस जाएगा। जिसके बाद आप इसे बाद में घर से कहीं दूर फेंक कर आ सकते है।

7. पुदीने की पतियाँ व् फूल :

जी हां, पुदीने की पत्तियों और फूल की गंध से भी चूहें घर से भाग जाते है। इसके लिए पुदीने की पत्तियों और फूलों को एक साथ मिलाकर कूट लें। फिर इस मिश्रण को हर उस जगह पर रख दें जहां चूहें आते हो। इसकी गंध पाकर चूहें तुरंत उस जगह से रफूचक्कर हो जाएँगे।

8. इंसानों के बाल :

शायद आपको नहीं पता लेकिन चूहों को इंसानी बालों से बहुत खतरा होता है। क्योंकि चूहें इन्हें निगल नहीं पाते और अगर गलती से उन्होंने इसे खा लिया तो उनकी मौत भी हो सकती है। इसलिए घर में जिस भी जगह चूहें हो वहां अपने सर के बाल रख दें। चूहें भाग जायेंगे।

9. इसके अलावा आपको अपने घर में पूरी साफ़ सफाई रखनी होगी। क्योंकि चूहें अधिकतर गंदगी वाली जगहों पर ही जल्दी आते है उन्हें साफ़ सफाई ज्यादा पसंद नहीं होती। अगर आप अपने घर में सफाई रखेंगे तो चूहें कभी नहीं आयेंगे।


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प्रेगनेंसी में शरीर के अंदरूनी हिस्सों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

प्रेगनेंसी महिला के लिए एक ऐसा अनुभव होता है जो महिला की जिंदगी को बदल देता है। क्योंकि अब महिला अकेली नहीं होती है बल्कि एक नन्ही जान की जिम्मेवारी महिला पर आ जाती है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान महिला शरीर में बहुत से बदलाव का अनुभव करती है जैसे की वजह बढ़ना, पेट बाहर निकलना, शरीर में चर्बी बढ़ना, स्किन में बदलाव आना, ब्रेस्ट में बदलाव आना आदि। लेकिन महिला के शरीर के अंदर भी बहुत से बदलाव होते हैं। तो आइये आज हम इस आर्टिकल में आपको प्रेगनेंसी में शरीर के अंदरूनी हिस्सों पर क्या प्रभाव पड़ता है इस बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भाशय का आकार बढ़ जाता है

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर के अंदर गर्भाशय का आकार पहले छोटा होता है। लेकिन जैसे जैसे बच्चे का आकार बढ़ता है वैसेर वैसे गर्भाशय का आकार भी बढ़ता रहता है।

शरीर की क्रियाओं पर पड़ता है प्रभाव

प्रेगनेंसी से पहले शरीर की सभी क्रियाएं सामान्य रूप से काम करती है लेकिन गर्भधारण के तुरंत बाद महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। जिसके कारण शरीर की क्रियाएं प्रभावित हो जाती है। जिसकी वजह से पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है, ब्लड फ्लो में समस्या आ सकती है, आदि।

स्तन में चलती है दूध बनने की प्रक्रिया

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के स्तनों का आकार बढ़ जाता है और इसका कारण स्तनों के अंदर शुरू हुई दूध बनने की प्रक्रिया होती है। दूध बनने की प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही स्तन के ऊतकों में फैलाव होना शुरू हो जाता है।

मांसपेशियों में आ जाता है ढीलापन

प्रेगनेंसी के दौरान जैसे जैसे शरीर का आकर बदलता है वैसे वैसे मांसपेशियों में भी ढीलापन आ जाता है। और जैसे जैसे डिलीवरी के बाद महिला फिट होती है वैसे वैसे मांसपेशियां अपने सही आकार में आती रहती है।

ब्लड फ्लो में हो सकती है समस्या

महिला के पेट का आकार बढ़ने के कारण महिला के पेट से पैरों तक ब्लड फ्लो में भी रूकावट आ जाती है। लेकिन यदि महिला सही पोजीशन में सोती है, वाक करती है तो महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ बदलाव जो आंतरिक रूप से प्रेग्नेंट महिला के अंदर होते हैं। तो यदि आप भी माँ बनने वाली है तो आपको यह सभी बदलाव बाहरी रूप से जरूर महसूस होंगे। लेकिन आंतरिक रूप से भी आपके अंदर बदलाव लगातार होते रहते हैं।

जंक फ़ूड स्वास्थ्य के लिए कैसे हानिकारक है

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जंक फ़ूड क्या होता है, जंक फ़ूड से कौन कौन सी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या होती है, जंक फ़ूड के बुरे प्रभाव, जंक फ़ूड के सेवन से होती हैं यह शारीरिक बीमारियां, जंक फ़ूड खाना चाहिए या नहीं, जंक फ़ूड का सेवन करने के नुकसान, Harmful effect of junk food, What is junk food

आज कल लोग घर का खाने की बजाय पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक, मोमोस, केक, डोनट्स, आदि जंक फ़ूड खाना पसंद करते हैं। लेकिन इन्हे खाने से उन्हें कितनी तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती है शायद वो इस बात से अनजान हैं। क्योंकि जंक फ़ूड को बनाने के लिए मैदा, सोडियम, अधिक मीठा, फैट, वसा आदि का इस्तेमाल किया जाता है और भी कुछ चीजों का इस्तेमाल किया जाता है जिससे इसके स्वाद और रंग को आकर्षित करने वाला बनाया जाता हैं। जिसका ज्यादा सेवन करने से आपके शरीर को बहुत नुकसान होते हैं। और इससे शरीर में कैलोरी बढ़ती है, बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जिससे आपको बहुत सी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या हो जाती है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की जंक फ़ूड का सेवन करने से कौन कौन सी स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या हो सकती है।

जंक फ़ूड स्वास्थ्य से होती हैं यह समस्याएं

सतुलित आहार जितना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है उससे ज्यादा जंक फ़ूड आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। जंक फ़ूड का सेवन अधिक मात्रा में करने से आपको बहुत सी स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आज कल का युवावर्ग इस चीज से अनजान है इसीलिए आज हम आपको जंक फ़ूड खाने से आपको क्या क्या परेशानी होती है इस बारे बताने जा रहें है।

पेट से सम्बंधित समस्या

जंक फ़ूड खाने का सबसे बुरा प्रभाव आपकी पाचन क्रिया पर पड़ता है। जिसके कारण आपको कब्ज़, एसिडिटी, गैस और कई बार दर्द का होना सामान्य बात होती है। साथ ही इसके अधिक सेवन से बॉडी को पर्याप्त मात्रा में फाइबर नहीं मिलता है जिसके कारण आपको भोजन को हज़म करने में भी कठिनाई होती है और हमेशा आपको पेट सम्बंधित कोई न कोई समस्या लगी रहती है।

कमजोरी व् थकान की समस्या

एक बार पेट भरने के लिए जब आप जंक फ़ूड का सेवन करते हैं तो इससे आपका पेट तो भर जाता है। लेकिन आपके शरीर में ऊर्जा को भरपूर रखने के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। जिसके कारण बॉडी में ऊर्जा का संचार नहीं होता है नतीजा आपको जल्दी थकान व शरीर में कमजोरी जैसी समस्या का समाना करना पड़ता है।

तनाव

जी हाँ तनाव का एक कारण आपका अधिक मात्रा में जंक फ़ूड का सेवन करना भी हो सकता है। क्योंकि इसके सेवन से आपके शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है जिसके कारण आपके मूड में बदलाव आना आम बात होती है। ऐसे में कई बार तनाव की समस्या का सामना आपको करना पड़ सकता है। लेकिन यदि आप संतुलित व पौष्टिक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करते हैं तो इससे आपके शरीर में हार्मोनल बैलेंस बना रहता है।

वजन बढ़ने की समस्या

मोटापा जैसी भयंकर बिमारी का कारण भी आपका अधिक मात्रा में जंक फ़ूड का सेवन करना हो सकता हैं। क्योंकि जंक फ़ूड को बनाने के लिए ज्यादा ऑयल, फैट, चीनी, आदि का इस्तेमाल किया जाता है जिससे उसके स्वाद को बढ़ाया जा सकें। और जंक फ़ूड का अधिक सेवन आपके शरीर में मेटाबोलिज्म रेट को कम करता है, साथ ही कैलोरी की मात्रा को बढ़ाता है। नतीजा शरीर पर चर्बी का जमाव होने लगता है। और मोटापा होने के कारण आपके शरीर में और भी बहुत सी बीमारियां होने लगती है।

शुगर

शुगर की समस्या पहले अधिक उम्र के लोगो में देखने को मिलती थी। लेकिन अब यह समस्या छोटे बच्चों और युवा वर्ग में भी आम देखने को मिलती है। और इसका कारण अधिक मात्रा में जंक फ़ूड का सेवन करना होता है। और एक बार यदि कोई इस समस्या का शिकार हो जाता है, तो इसके कारण उसे पूरी जिंदगी परेशान रहना पड़ता है, ऐसे में आपको इस परेशानी से बचकर रहने के लिए जंक फ़ूड का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए।

हदय रोग

सोडियम का अधिक मात्रा में सेवन हदय सम्बन्धी परेशानियों को आमंत्रित करता है। और जंक फ़ूड में सोडियम बहुत अधिक मात्रा में होता है जिसके कारण आपको हदय सम्बन्धी समस्या, ब्लड प्रैशर से जुडी परेशानी, स्ट्रोक का खतरा होने की सम्भावना बढ़ जाती है। ऐसे में आपको इस परेशानी से बचने के लिए जंक फ़ूड का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए।

पोषक तत्वों की कमी

शरीर के बेहतर विकास और बीमारियों से बचे रहने के लिए जरुरी होता है की शरीर में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व हो। ऐसे में यदि आप जंक फ़ूड का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो आपका पेट तो भरा रहता है लेकिन आपके शरीर को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलते हैं जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। और आपकी इम्युनिटी कम होने लगती है जिससे शरीर में बीमारियों के होने के खतरा ज्यादा रहता है।

लिवर सम्बंधित समस्या

ज्यादा जंक फ़ूड का सेवन करने से आपको हदय सम्बन्धी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। क्योंकि इसमें मौजूद वसा लिवर के काम में बाधा उत्त्पन्न करता है जिससे परेशानी खड़ी हो सकती है। और लिवर के सुचारु रूप से कार्य न करने पर आपको शरीर से सम्बंधित और समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है

दिमाग की एक्टिविटी जिसे पेप्टाइड कहते हैं उच्च मात्रा में जंक फ़ूड का सेवन करने से कम होने लगती है, क्योंकि जंक फ़ूड में फैट और शुगर की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में आपकी यादाश्त कमजोर होने लगती है, चीजे ध्यान नहीं रहती है, और भी मस्तिष्क की प्रक्रियाओं पर असर पड़ता है। ऐसे में आपको जंक फ़ूड के अधिक सेवन से परहेज करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ बुरे स्वास्थ्य प्रभाव जो आपको जंक फ़ूड का अधिक सेवन करने से होते हैं। ऐसे में कभी कभी इसका सेवन ठीक है लेकिन नियमित इसे खाने से आपको बहुत सी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए आपको जंक फ़ूड का सेवन करने की बजाय संतुलित व पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए जिससे आपके शरीर को फिट और स्वास्थ्य को बेहतर रहने में फायदा हो सकें।

फेस पर काले काले छोटे छोटे स्पॉट हो गए हैं? ये है घरेलु उपाय

साफ़ और गोरा चेहरा जितना लोगो को आपकी ओर आकर्षित करता है, उतनी ही जल्दी नज़र लोगो की तब भी आप पर पड़ती है जब आपके चेहरे पर दाग, धब्बे या काले काले स्पॉट हो जाएँ, क्योंकि इसके चेहरे पर होने के कारण आपका चेहरे अपनी ख़ूबसूरती को खोने लगता है, कई लोग इन्हे चेहरे पर कील होना भी कहते है, और ये आपके चेहरे पर बहुत तेजी से नोटिस भी किये जाते है, जैसे की नाक पर ये बहुत ज्यादा होते है, तो आइये जानते है की चेहरे पर काले काले स्पॉट से आप किस तरह राहत पा सकते है।

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black spots

 

चेहरे पर काले दाग धब्बे, काले स्पॉट होने का सबसे बड़ा कारण होता है, आपकी त्वचा में मेलेनिन का अधिक स्त्राव होना, आपके शरीर में हॉर्मोन का असंतुलित होना, सूरज की किरणों का आपके चेहरे पर पड़ना, चेहरे के लिए ज्यादा केमिकल का इस्तेमाल करना, आपके खान पान का सही न होना, शरीर में विटामिन की कमी, अधिक तनाव में रहना, भी आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को फीका कर सकते है, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे उपचार बताते है जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्या से राहत पा सकते है, और चेहरे की त्वचा को कोमल और दाग रहित कर सकते है, परन्तु आपको इस उपचार को कुछ दिनों तक नियमित रूप से करना चाहिए, ताकि ये आपके चेहरे पर अच्छे से असर कर सकें।

निम्बू का इस्तेमाल करें:-

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निम्बू में प्राकृतिक रूप से ब्लीचिंग एजेंट के गुण होते है, जो आपकी त्वचा से हर तरह के दाग को हटाने के साथ उस पर निखार लाने में भी मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए नीबू का रस निकाल कर रुई की मदद से इसे अपने ब्लैक स्पॉट पर अच्छे से रगड़ें, और कम से कम दो से तीन हफ्ते तक इस उपाय को करें, ऐसा करने से आपको काले काले स्पॉट को खत्म करने में मदद मिलेगी, और यदि आपके चेहरे पर कोई घाव है तो निम्बू का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके कारण आपको जलन महसूस हो सकती है।

आलू का इस्तेमाल करें:-

आलू भी आपके चेहरे को अच्छे से क्लीन करने में आपकी मदद करता है, और आलू का आप कई तरह से इस्तेमाल करके अपने चेहरे पर होने वाले काले काले स्पॉट को दूर करने में मदद करता है, तो आइये जानते की आलू का आप किस किस तरह से इस्तेमाल कर सकते है।

  1. आलू की स्लाइसेस काट कर उन्हें काले स्पॉट पर अच्छे से रगड़े, कुछ ही दिनों के उपचार के बाद आपको इस परेशानी से राहत मिलेगी, और आपके चेहरे पर भी ग्लो आएगा।
  2. आलू को पीस लें, और उसमे एक एक चम्मच शहद अच्छे से मिक्स कर लें, अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर फेस पैक की तरह लगायें, और सूखने के बाद इसे गरम पानी से धो लें, ये भी आपके चेहरे को फायदा करता है।
  3. आलू को पीस कर इसमें कुछ बुँदे निम्बू के रस की मिलाएं, और इसे मिक्स करने के बाद इसमें चुटकी भर हल्दी डाल कर उसे भी मिलाएं, और इसे भी अपने काले स्पॉट पर लगाएँ, ऐसा करने से भी आपको ब्लैक स्पॉट को खत्म करने में मदद मिलती है।

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दही का इस्तेमाल करें:-

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दही में भी लैक्टिक एसिड होता है, जो की आपके चेहरे के काले दाग को दूर करने में आपकी मदद करती है, इसके इस्तेमाल के लिए एक बाउल में चार चम्मच दही लें, और उसके बाद उसमे दो चम्मच टमाटर का रस मिला लें, उसके बाद इसे अपने चेहरे पर लगाएँ, और सूखने के बाद इसे धो दें, कुछ ही दिनों के उपचार के बाद आपके चेहरे को साफ़ होने में मदद मिलती है।

एलोवेरा का इस्तेमाल करें:-

एलोवेरा का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन में नए सेल्स की ग्रोथ होती है जिसके कारण चेहरे पर होने वाले काले स्पॉट को कम करने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एलोवेरा जैल को सीधा पत्तियों से निकाल कर अपने चेहरे पर होने वाले काले काले स्पॉट पर मसाज़ करें, और उसके बाद उसे सूखने के लिए छोड़ दे, फिर पानी से अपने मुँह को धो लें, ऐसा दिन में दो बार कुछ दिनों तक करने से आपको फायदा मिलता है।

हल्दी का इस्तेमाल करें:-

हल्दी का इस्तेमाल करने से भी आपके चेहरे पर निखार लाने के साथ दाग धब्बो को भी दूर करने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक थोड़ी हल्दी में थोड़ा सा दूध और निम्बू के रस की कुछ बुँदे मिलाएं, और उसके बाद इसे अपने चेहरे के काले स्पॉट पर लगाएं ऐसा करने से आपके चेहरे को साफ होने में मदद मिलती है, साथ ही स्किन की पिगमेंटेशन को दूर करने में भी ये आपकी मदद करती है, हफ्ते में आप इस उपाय को दो से तीन बार कर सकते है।

बादाम का इस्तेमाल करें:-

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बादाम में भी ऐसे एंटी ऑक्सीडेंट होते है जो की आपके चेहरे पर निखार लाने में, सन डैमेज से बचाने में, काले दाग और स्कार्स को कम करने में मदद करते है, इसके इस्तेमाल के लिए रात को आठ दस बादाम दूध में भिगो कर रख दें, उसके बाद सुबह उठ कर इसका छिलका उतार लें, और इसे अच्छे से पीस लें, उसके बाद इसमें एक चम्मच चन्दन का पाउडर, और आधा चम्मच शहद मिला दें, अब इसे फेस मास्क के रूप में चेहरे पर आधे घंटे के लिए लगाकर छोड़ दें, और उसके बाद अपने चेहरे को धो लें, इसके कारण आपके चेहरे को साफ़ होने में मदद मिलती है।

प्याज़ का इस्तेमाल करें:-

प्याज़ के रस को रुई में डाल कर अपने ब्लैक स्पॉट पर लगाएं, और नियमित रूप से इस उपाय को दिन में दो बार करें, आपको अपने चेहरे से दाग धब्बो को हटाने में मदद मिलेगी, इसके अलावा यदि आप प्याज़ के रस में एक चम्मच शहद डाल कर उसे अपने चेहरे पर अच्छे से लगाएं, ऐसा करने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

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पपीते का इस्तेमाल करें:-

पपीते में मौजूद एंजाइम भी आपकी त्वचा को अच्छे से साफ़ करके दाग धब्बो से राहत दिलाने में मदद करते है, इसके लिए आप पके हुए पपीते का छिलका उतारकर पीस लें, उसके बाद इसे पैक के रूप में बीस मिनट के लिए अपने चेहरे पर लगाएँ, इसके अलावा आप हरे पपीते को उबाल कर पीस लें, और उसमे शहद मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएँ, और थोड़ी देर के बाद धो दें, इनमे से कोई एक उपाय हफ्ते में दो से तीन बार करने पर आपको फायदा मिलता है, और पपीते का इस्तेमाल घुटने और कोहनी के कालेपन को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

ओटमील का इस्तेमाल करें:-

ओटमील पाउडर का इस्तेमाल भी चेहरे के लिए करने से चेहरे पर होने वाले ब्लैक स्पॉट की समस्या से राहत पाने में आपको मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप आधा कप ओटमील पाउडर को एक बाउल में लें, उसके बाद उसमे तीन से चार चम्मच निम्बू का रस मिलाएं, अब इस पैक को अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएँ, ये उपाय आपकी स्किन में नये सेल्स बनाने का काम करती है, इस उपाय को हफ्ते में कम से कम दो बार करने पर आपको चेहरे से जुडी बहुत सी परेशानियों को हल करने में मदद मिलती है।

चन्दन का इस्तेमाल करें:-

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चन्दन भी चेहरे की त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारने में आपकी बहुत मदद करता है, इसमें मौजूद नेचुरल ऑयल आपकी त्वचा को दाग धब्बो से राहत दिलाने में मदद करते है, साथ ही इसके कारण आपके चेहरे पर निखार लाने में भी मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक चम्मच चन्दन के पाउडर में एक चम्मच ग्लिसरीन, एक चम्मच गुलाबजल या फिर दूध को अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें, उसके बाद इसे अच्छे से अपने चेहरे पर लगाएं, और सूखने के लिए छोड़ दें, और फिर ठन्डे पानी से अपने चेहरे को धो लें, ऐसा करने से आपके चेहरे को प्राकृतिक रूप से निखारने में मदद मिलती है, और ब्लैक स्पॉट की समस्या से भी राहत मिलती है।

चेहरे के ब्लैक स्पॉट हटाने के अन्य उपाय:-

  • विटामिन इ या अरंडी के तेल से नियमित चेहरे की मसाज करने से चेहरे को साफ करने में मदद मिलती है।
  • संतरे के छिलके का फेस पैक इस्तेमाल करने से आपके चेहरे से काले दाग को दूर करने में मदद मिलती है।
  • बेसन, हल्दी और गुलाबजल का पैक लगाने से भी चेहरे से काले स्पॉट को हटाने में मदद मिलती हैं।
  • टमाटर के रस से चेहरे की नियमित मसाज करने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • निम्बू के रस में गुलाबजल, और शहद मिलाकर चेहरे पर लगाने से भी आपको आराम मिलता है।
  • चेहरे के लिए ज्यादा केमिकल के प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके कारण आपके चेहरे के साथ ये परेशानी होती है।
  • नयंबु का रस और शहद को मिलाकर चेहरे पर लगाने से आपको इस समस्या से राहत मिलती है।
  • चीनी में निम्बू का रस मिलाकर आप चेहरे पर मसाज करें, उसके कारण भी आपको चेहरे के ब्लैक स्पॉट से राहत मिलती है।

तो ये कुछ उपाय है जिनका इस्तेमाल आप अपने चेहरे से काले स्पॉट को हटाने के लिए कर सकते है, इसके अलावा आपको अपने चेहरे की नमी को बरकरार रखने के लिए आपको धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए, अपने चेहरे को अच्छे से ढक कर निकलना चाहिए, अपने खान पान को सही करना चाहिए, ऐसा करने से भी आप अपने चेहरे की त्वचा को क्लीन कर सकते है।

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गुलाब जल से पाएं सुंदर त्वचा

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बालों, आँखों और त्वचा के लिए कुछ इस तरह से फायदेमंद है गुलाब जल!

गुलाब की खुशबु और उसके बारे में तो सभी जानते है और हर कोई इसका इस्तेमाल अपने अपने तरीके से करता है. कोई इसकी पंखुड़ियों को पीसकर इस्तेमाल करता है तो कोई इसे अपने घर की शोभा बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाता है. लेकिन क्या आप जानते है की इसके अलावा भी एक चीज ऐसी है जिसका इस्तेमाल करना आपकी त्वचा के लिए कितना लाभकारी होता है? इतना ही नहीं आपके स्वास्थ्य और बालों के लिए भी बेहद लाभदायक होता है. जी हां, हम बात कर रहे है गुलाब जल की.

गुलाबजल का इस्तेमाल लगभग हर घर में सौन्दर्य उत्पाद के रूप में किया जाता है. लेकिन क्या आप जानती है इससे सिर्फ त्वचा को ही नहीं अपितु आपके बालों और आँखों को भी फायदा मिलता है. अपनी खुशबु और विशेष गुणों के कारण गुलाबजल काफी मशहूर है. लेकिन इसके अलावा भी गुलाबजल के बहुत से फ़ायदे है जिन्हें बहुत से लोग नहीं जानते.

गुलाबजल को गुलाब के फूल की पंखुड़ियों से बनाया जाता है. इन पंखुड़ियों को पानी में तब तक उबाला जाता है जब तक पंखुडियां आपनी रंगत छोड़ न दें. आजकल बाजार में केवल गुलाबजल ही नहीं बल्कि इसका तेल भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल कर आप अपनी खूबसूरती को बढ़ा सकती है. तो आइए एक-एक कर गुलाबजल के फ़ायदे जानते है!!

आँखों के लिए गुलाब जल के फायदें :-

ऑंखें हमारे शरीर का एक आहम हिस्स्सा है जो बहुत नाजुक होती है. इसीलिए इनकी देखभाल करना भी जरुरी होता है. लेकिन क्या आप जानते है की गुलाबजल की मदद से आँखों से जुडी कई परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है.

1. गुलाबजल में एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते है. जो आपकी आँखों को धुल, मिट्टी, प्रदुषण, जलन, लालीपन और मेकअप प्रोडक्ट्स के हानिकारक प्रभावों से दूर रखने में मदद करते है.

2. थकान होने पर आँखों में गुलाबजल डालने से थकान उतर जाती है. इसके साथ ही आँखों को राहत भी मिलती है.

3. कम नींद लेने के कारण आँखों के नीचे काले घेरे हो जाते है और यदि इनपर गुलाबजल का इस्तेमाल किया जाये तो इन्हें दूर किया जा सकता है.

 

कैसे प्रयोग करें?

  • आँखों पर इसके इस्तेमाल के लिए 2 साफ़ रुई के फोहे को गुलाबजल में डुबोएं और 15 मिनट के लिए अपनी आँखों पर रखें.
  • आँखों की थकान दूर करने के लिए पानी में गुलाबजल मिलाकर उससे अपनी आँखे धोएं.
  • आप चाहे तो सीधे गुलाबजल की दो बूंद भी अपनी आँखों में डाल सकती है. डालने के बाद 15 मिनट तक आँखों को आराम दे.
  • यदि आपके काले घेरे बहुत अधिक है तो दूध और गुलाबजल को मिलाकर, उसमे रुई भिगोकर अपने आँखों पर रखें. फायदा होगा.

त्वचा के लिए गुलाब जल के लाभ :-

गुलाब जल के सभी फ़ायदों में से इस फ़ायदे के लिए सबसे अधिक प्रयोग में लाया जाता है. ये हमारी त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होता है. त्वचा को निखारने से लार उसे खुबसुरत बनाने तक सभी में गुलाब जल बेहद कारगर सिद्ध होता है. इसके अलावा फेसपैक में मिलाकर भी गुलाबजल का प्रयोग किया जा सकता है.

1. त्वचा की गंदगी को साफ़ करके अतिरिक्त तेल को निकालकर चेहरे की भीतरी सफाई करता है. इसके अलावा त्वचा को बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन से भी बचाता है.

2. इसके अलावा त्वचा के pH लेवल को संतुलित करके त्वचा को ठंडक पहुंचाता है. गुलाबजल से त्वचा संबंधी समस्या जैसे मुहांसे और blackheads को ठीक करने में भी मदद करता है.

3. चेहरे की झुर्रियों को कम करने के लिए भी गुलाबजल का इस्तेमाल किया जाता है.त्वचा के लिए गुलाब जल

4. सनबर्न की समस्या में गुलाबजल का इस्तेमाल करने से बहुत फ़ायदा मिलता है.

5. सर दर्द होने पर गुलाबजल में भीगा हुआ कपडा या रुमाल को 30 मिनट के लिए अपने सर पर रख लें. आराम मिलेगा.

6. रात को सोने से पूर्व आँखों में 2 बूंद गुलाबजल डालने से अच्छी नींद आती है.

7. गुलाबजल में कुछ औषधीय गुण भी पाए जाते है, कान में दर्द होने पर गुलाबजल की कुछ बूंद कान में डालने से आराम मिलता है.

कैसे करें इस्तेमाल?

गुलाब जल और ग्लिसरीन – यह दोनों चेहरे के लिए क्लींजर का काम करते है. इसके लिए गुलाबजल में ग्लिसरीन की कुछ बुँदे मिलाएं. अब इन दोनों को किसी बोतल में स्टोर कर लें और रोजाना इससे अपना चेहरा साफ़ करें. आपका चेहरा साफ़ होने के साथ-साथ उसमे ग्लो भी आएगा.

नींबू और गुलाब जल – त्वचा के फ़ायदों के नज़रिए से सभी इन दोनों का इस्तेमाल करते है. क्योंकि ये मुहांसे और एक्ने की समस्या को दूर करने में मदद करते है. इसके लिए दोनों पदार्थों को बराबर मात्रा में मिला लें. लेकिन लगाने से पूर्व अपना चेहरा facewash से अच्छी तरह से धो लें. उसके बाद इस मिश्रण को 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगा लें. और धो दें.

गुलाब जल और चंदन – अधिकतर एक्ने की समस्या के लिए इस पैक का प्रयोग किया जाता है. जो मुहांसों को ठीक करने में भी मदद करते है. इसके लिए चंदन पाउडर में 2 चम्मच गुलाबजल मिलाकर उसका पेस्ट बना लें. फिर इसे चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक रखें और उसके बाद ठंडे पानी से धो लें.

रुई से लगायें गुलाब जल – चेहरे पर गुलाब जल लगाने के लिए कॉटन बॉल को उसमे भिगों लें. और उससे अपना पूरा चेहरा साफ़ कर लें. आपकी स्किन के लिए ये एक प्राकृतिक टोनर का काम करेगा. बेहतर परिणाम के लिए सुबह घर से बाहर निकलने से पहले और रात को सोते समय इसका इस्तेमाल जरुर करें. इससे आपका चेहरा साफ़ और कोमल हो जायेगा.

गुलाब जल के बालों के लिए फ़ायदे :-

त्वचा के लिए गुलाब जल कितना फायदेमंद है ये तो सभी जानते है लेकिन क्या आप जानते है बालों के लिए भी ये किसी प्राकृतिक मॉइस्चराइजर से कम नहीं है. इसी के साथ ये रक्त संचार को सुधारने में भी मदद करता है और बालाओं को कोमल व् रेशमी बनाता है.

यदि गुलाबजल का इस्तेमाल अपने शैम्पू के साथ किया जाए तो ये बालों की जड़ों को नमी देकर उन्हें कंडीशन करने में मदद करता है.
इसके अलावा एक शोध के मुताबिक गुलाबजल रुसी को बढ़ाने वाले फुन्ग्व्स को खत्म करने में भी मदद करता है.
ये बालों को जरुरी पोषण देकर उन्हें मजबूत बनाने में मदद करता है जिससे झाड़ते बालों की समस्या भी कम होती है.
यदि स्कैल्प पर जलन महसूस हो रही है तो उसे ठीक करने में गुलाबजल काफी मददगार सिद्ध होता है.

कैसे करें इस्तेमाल?

1. अपने बालों पर सीधे गुलाबजल का प्रयोग करें. इसे शैम्पू करने से पहले 20 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें. इसके अलावा गुलाबजल का इस्तेमाल अपने शैम्पू को पतला करने के लिए भी किया जा सकता है.

2. गुलाब जल से बनाएं शैम्पू – इसे बनाने के लिए गुलाबजल, रम, सिरका और अंडे की आवश्यकता होगी. ऑयली स्कैल्प वालो के लिए ये बेहद लाभकारी होगा. अब इन सभी को अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें. उसके बाद स्कैल्प से लेकर बालों की टिप्स तक लगा लें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें. बाद में बालों को धो लें.

प्रेगनेंसी में सौंफ खाने के फायदे

प्रेगनेंसी में सौंफ खाने के फायदे, प्रेगनेंसी बहुत ही नाजुक समय होता है ऐसे में महिला को इस समय अपना दुगुना ध्यान रखने की सलाह दी जाती है ताकि महिला को किसी तरह की दिक्कत न हो। साथ ही माँ बन रही महिलाएं हर छोटी से छोटी चीज को लेकर परेशान हो सकती है जैसे की प्रेगनेंसी में महिला खाने पीने की चीजों को लेकर परेशान हो सकती है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान हर कोई आपको प्रेगनेंसी में खाने पीने से जुडी राय भी दे सकता है।

और प्रेगनेंसी के दौरान यह जरुरी भी होता है की महिला खान पान में पूरी सावधानी बरतें ताकि गर्भवती महिला और उसके पेट में पल रहे शिशु को किसी तरह की दिक्कत न हो। तो आज हम इस आर्टिकल में एक ऐसी ही चीज के बारे में बताने जा रहे हैं और वो है सौंफ, प्रेगनेंसी के दौरान सौंफ का सेवन करना चाहिए या नहीं इसे जानना बहुत जरुरी होता है।

क्या प्रेगनेंसी में सौंफ का सेवन कर सकते हैं?

जी हाँ, प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला सौंफ का सेवन कर सकती है। जैसे की खाने के बाद आधा चम्मच सौंफ का सेवन कर सकती है। लेकिन सौंफ की चाय प्रेग्नेंट महिला को नहीं पीनी चाहिए, उबालने के बाद सौंफ का पानी आदि नहीं पीना चाहिए। इसके अलावा सिमित मात्रा में ही सौंफ का सेवन करना चाहिए। क्योंकि जरुरत से ज्यादा सौंफ का सेवन प्रेग्नेंट महिला और उसके पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। और इसके लिए आप चाहे तो एक बार आपको डॉक्टर से भी परामर्श जरूर लेना चाहिए, की प्रेगनेंसी में कब और कितनी मात्रा में सौंफ का सेवन करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में सौंफ का सेवन करने के फायदे

गर्भवती महिला यदि सिमित मात्रा में सौंफ का सेवन करती है। तो यह प्रेगनेंसी के दौरान फायदेमंद हो सकता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में सौंफ खाने से कौन से फायदे मिलते हैं।

पोटैशियम

  • सौंफ के छोटे छोटे दानों में पोटैशियम की मात्रा मौजूद होती है।
  • जो ब्लड में सोडियम की मात्रा को संतुलित रखने में मदद करती है।
  • जिससे प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

आयरन

  • प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी गर्भवती महिला के साथ महिला के पेट में पल रहे शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
  • लेकिन यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान सौंफ का सेवन करती है।
  • तो बॉडी में खून की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है।
  • जिससे महिला व् शिशु को खून की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है।

मैग्नीशियम

  • सौंफ में मैग्नीशियम की मात्रा भी मौजूद होती है।
  • जो प्रेग्नेंट महिला को नींद न आने की समस्या से बचाने के साथ गहरी नींद लेने में मदद करती है।

गेस्टशन डाइबिटीज़

  • हाइपोग्लाइसेमिक गुण मौजूद होने के कारण सौंफ ब्लड में शुगर के लेवल को कण्ट्रोल में रखने में मदद करता है।
  • जिससे प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली गेस्टेशनल डाइबिटीज़ की समस्या से बचाने में मदद मिलती है।

फाइबर

  • प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया का धीमा पड़ना, कब्ज़, पेट में गैस जैसी परेशानियां हो सकती है।
  • लेकिन यदि गर्भवती महिला सौंफ का सेवन करती है।
  • तो इससे महिला को इन सभी पोरेशनियों से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • क्योंकि सौंफ में फाइबर की मात्रा मौजूद होती है।
  • जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के साथ कब्ज़ जैसी परेशानी से राहत दिलाने में भी मदद करता है।

प्रेगनेंसी में सौंफ खाने के नुकसान

गर्भवती महिला यदि सौंफ का सेवन जरुरत से ज्यादा करती है। तो इसके कारण महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। तो आइये अब जानते हैं की जरुरत से ज्यादा सौंफ का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को कौन से नुकसान हो सकते हैं।

एलर्जी: सौंफ का अधिक सेवन करने के कारण प्रेग्नेंट महिला को एलर्जी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ब्लीडिंग: यदि गर्भवती महिला सिमित मात्रा से ज्यादा सौंफ का सेवन करती है। तो इसके कारण गर्भवती महिला को ब्लीडिंग जैसी परेशानी हो सकती है।

गर्भपात: जरुरत से ज्यादा सौंफ का सेवन गर्भाशय में संकुचन हो सकता है। और गर्भाशय में संकुचन का अधिक होना महिला के गर्भपात का कारण बन सकता है।

तो यह हैं कुछ फायदे और नुकसान जो गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में सौंफ का सेवन करने के कारण हो सकते हैं। ऐसे में सौंफ का सेवन करने से महिला को केवल फायदे ही हो इसके लिए महिला को सिमित मात्रा में सौंफ का सेवन करना चाहिए। साथ ही सौंफ का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की राय लेना न भूलें।

सिजेरियन डिलीवरी से बचना चाहती हैं? तो नार्मल डिलीवरी के लिए अपनाएं ये टिप्स

सिजेरियन डिलीवरी से बचना चाहती हैं? तो नार्मल डिलीवरी के लिए अपनाएं ये टिप्स:-

प्रेगनेंसी का समय हर महिला के लिए नए अनुभवो, परेशानियों, और चुन्नौतियों से भरा हुआ होता हैं| और ये समय हर महिला के लिए बहुत खास भी होता हैं| इन परेशानियों और चुन्नौतियों को माँ जभी भूल जाती हैं, जब वो नन्ही सी जान महिला के हाथो में आती हैं| और हर महिला चाहती हैं की वो लम्हा बस वही ठहर जाएँ| और इसके साथ ये भी जरुरी होता हैं| की डिलीवरी के बाद महिला को अपना ख्याल भी अच्छे रखना चाहिए क्योंकि उसके बाद नवजात शिशु भी पूरी तरह से अपनी माँ के ऊपर ही निर्भर करता हैं|

जैसे ही नौवा महीना आता हैं तो महिलाएं सोचती हैं की, कही उन्हें ऑपरेशन न करवाना पड़े| और वो ये भी कोशिश करती हैं की किसी न किसी तरह से उनकी नार्मल डिलीवरी हो जाएँ| परंतु आज के समय में कई महिलाएं नार्मल डिलीवरी में होने वाले दर्द से बचने के लिए खुद ही सिजेरियन डिलीवरी का चुनाव करती हैं| परंतु ये भी सच हैं की ज्यादातर महिलाएं नार्मल डिलीवरी ही करवाना पसंद करती हैं| क्योंकि ऐसी बहुत सी चीजे हैं जो सिजेरियन डिलीवरी में नहीं बल्कि नॉमल डिलीवरी होने से महिला को लाभ पहुचती हैं|

नार्मल डिलीवरी की अपेक्षा महिलाओ को सिजेरियन में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती हैं|नार्मल डिलीवरी में महिलाओ को स्वास्थ्य के लिए हर एक चीज खाने की आजादी होती हैं, जबकि शुरूआती दिनों में महिलाओ को खाने पीने में भी सावधानी बरतनी पड़ती हैं| सिज़ेरियन डिलीवरी की समस्या ये होती है कि इसकी वजह से महिलाओं के शरीर पर दूरगामी बुरे असर पड़ते हैं| साथ ही, डिलीवरी के बाद स्वस्थ होने में भी ज्यादा वक्त लगता हैं| जबकि नार्मल में टांको के अलावा ऐसा कुछ भी नहीं होता हैं|

तो आइये आज हम उन महिलाओ को कुछ टिप्स देना चाह रहे हैं, जो महिलाओ को नार्मल डिलीवरी होने में मदद कर सकते हैं| और यदि आप इन तरीको को अपनी दिनचर्या में शामिल करती हैं, तो इससे आपको नार्मल डिलीवरी होने में मदद मिल सकती हैं| परंतु यदि आप चाहे की थोड़े दिन ऐसा करने से आपकी डिलीवरी नार्मल हो जाएँ तो ये भी संभव नहीं हैं, महिलाओ को इस दौरान डॉक्टर की राय भी जरूर केनी चाहिए, तो ये हैं कुछ टिप्स जो नार्मल डिलीवरी होने में आपकी मदद कर सकते हैं|

सिजेरियन डिलीवरी से बचना चाहते हैं, तो नार्मल डिलीवरी के लिए अपनाएं ये टिप्स:-

तनाव न लें:-

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गर्भवती महिलाओ को बिलकुल भी टेंशन नहीं लेनी चाहिए| क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी प्रकार की टेंशन खतरनाक साबित हो सकती हैं| और साथ ही टेंशन लेने का असर बच्चे पर भी पड़ता हैं| वैसे कई महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान एक अलग तरह की टेंशन महसूस होती है, जिसके उपचार के लिए चाहे तो आप डॉक्टर की राय ले सकते हैं| इसके अलावा हो सकें तो आपको खुश भी रहना चाहिए| खुश रहने के लिए आप कई तरीको का इस्तेमाल कर सकती हैं, जैसे की अच्छा संगीत सुने, आदि|

वॉक करना न भूलें:-

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प्रेगनेंसी के दिनों में वॉक करने की आदत डाल लें, ऐसा करने से आपको गर्भावस्था में बहुत लाभ मिलेगा| आप सुबह और शाम अपने घर के आस पास के पार्क या घर की छत पर वॉक के लिए जा सकती हैं| ऐसा करने से आपके पूरे शरीर की माइल्ड एक्सरसाइज़ होगी| और साथ ही आप एक्टिव भी महसूस करेंगी| साथ ही बाहर की ताज़ी हवा से आपका तनाव दूर हो जाएगा| वॉक करते समय यदि आप थक जाएँ तो थोड़ा आराम करें, खुद के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती न करें|

चाय का अधिक मात्रा में सेवन न करें:-

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चाय हमारे खून में होनेवाली आयरन की मात्रा को कम करता हैं| आयरन प्रेग्नेंट महिला के लिए बहुत जरूरी होता हैं| आयरन की कमी महिलाओ को कमजोर बना सकती हैं| और इसका सीधा असर बच्चे के विकास और वजन पर पड़ता हैं| गर्भावस्था में महिलाओ को आयरन की कमी न हो, इसीलिए डॉक्टर भी इसकी राय देते हैं| लेकिन अगर आप लगातार चाय और शराब जैसी चीजो का सेवन करती हैं, तो आपको आयरन की कमी हो जाएगी और फिर डिलीवरी में परेशानी होगी| और खली पेट तो कभी चाय पीनी ही नहीं चाहिए|

प्राणायाम जरूर करें:-

Pregnant women

प्राणायाम से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की एक्सरसाइज़ होती हैं, जो की प्रेग्नेंट महिला के लिए बहुत अच्छा होता हैं| क्योंकि इससे उनके बच्चे तक ऑक्सीजन बेहतर तरीके से पहुंचती है, जो की बच्चे के विकास में बहुत फायदा करता हैं| और इसके कारण महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी के चांस भी बाद जाते हैं, साथ ही तनाव से भी राहत मिलती हैं| इसीलिए लिए यदि आप नार्मल डिलीवरी करवाना चाहते हैं| तो इसे अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें|

भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें:-

पानी सिर्फ आपको हाइड्रेटेड ही नहीं रखता बल्कि नॉर्मल डिलिवरी पाने में आपकी मदद कर सकता हैं| प्रेगनेंसी के दौरान जितना हो सके उतना पानी पियें, वैसे भी आम तौर पर भी कम से कम आठ गिलास दिन में पानी का सेवन जरूर करना चाहिए| इससे आपका पेट भी ठीक रहेगा क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं| गर्म पानी आपको लेबर पेन से लड़ने की ताकत देता है, इसीलिए महिलाओ को नहाने के लिए भी गरम पानी का सेवन करना चाहिए|

संतुलित पोष्टिक व् भरपूर आहार लें:-

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गर्भावस्था के दौरान महिलाओ को अपने खान पान का पूरा ध्यान रखना चाहिए| क्योंकि बच्चे के विकास के लिए भी ये बहुत जरुरी होता हैं| और यदि महिलाएं प्रेगनेंसी में संतुलित व् भरपूर आहार का सेवन नहीं करती हैं, तो इससे महिला के शरीर में कमजोरी आ जाती हैं| जिससे कई बार नार्मल डिलीवरी के लिए महिलाएं तैयार नहीं हो पाती हैं| और सिजेरियन के चांस बढ़ जाते हैं| इसीलिए यदि आप चाहते हैं की महिलाओ के नॉर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ जाएँ तो आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए|

हल्का फुल्का व्यायाम करें:-

प्रेगनेंसी का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आप पूरा समय महिलाएं बिस्तर पर लेटकर आराम करती रहें| और हल्का फुलका व्यायाम करने से आपको भी अच्छा महसूस होता हैं| साथ ही इसके कारण शरीर में दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता बढ़ेगी| और अपनी जांघों की एक्सरसाइज़ खासतौर पर करें, इससे डिलीवरी के दौरान काफी मदद मिलेगी| कोई भी ऐसी एक्सरसाइज न करें जिससे पेट पर बल पढ़ें| बेहतर होगा की आप हो सकें तो प्रेगनेंसी में ट्रेनर की मदद से ही एक्सरसाइज़ करें|

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गर्भावस्था में पैरों में दर्द और ऐंठन की समस्या

गर्भावस्था जहां किसी महिला के लिए बहुत सुखद अनुभव होता है। वहीं इस दौरान गर्भवती महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। क्योंकि शरीर में बहुत तेजी से हार्मोनल बदलाव होते है, इसके कारण आपको उल्टी आना, मन मचलना, बहुत जल्दी थक जाना, गंध से एलर्जी होना, शरीर के अंगो में दर्द का अनुभव होना, पैरों में दर्द और ऐंठन व् अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ज्यादातर इस परेशानी का अनुभव महिलाओ को प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में होता है क्योंकि शरीर का वजन अधिक हो जाता है। इसके अलावा और भी कई कारण हो सकते है जिसके कारण यह परेशानी होती है। लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए आप उपाय भी कर सकते है। तो आइये विस्तार से जानते है की पैरों में दर्द और ऐंठन के क्या कारण हो सकते है और इससे बचने के लिए आप क्या कर सकते है।

गर्भावस्था के दौरान पैरों में दर्द और ऐंठन होने के कारण:-

१. शरीर का वजन अधिक होने के कारण।
२. जैसे जैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है वैसे वैसे रक्त स्थानांतरित करने वाली नसों पर दबाव पड़ने के कारण।
३. भोजन में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा की कमी होने के कारण।
४. धमनियों के पतले होने के कारण।
५. प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन की मात्रा अधिक होने के कारण।

गर्भावस्था में पैरों में दर्द और ऐंठन की समस्या से राहत पाने के उपाय:-गर्भावस्था में पैरों में दर्द और ऐंठन की समस्या

कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करें:-

कैल्शियम शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने में आपकी मदद करता है। और प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में दर्द व् ऐंठन होने का एक कारण आपके भोजन में कैल्शियम की कमी भी हो सकता है। इसीलिए इससे बचने के लिए आपको अपने भोजन में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाना चाहिए।

हॉट पैड का इस्तेमाल करें:-

पैरों में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए आप हॉट पैड का इस्तेमाल भी कर सकते है। इससे आपकी नसों को आराम मिलता है। और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर होने में मदद मिलती है।

मसाज करें:-

सरसों के तेल या अन्य किसी भी तेल को हल्का गुनगुना करके अच्छे से अपने पैरों की मसाज करें। इससे रक्त संचार बेहतर होगा और आपको पैरों में होने वाली ऐंठन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलेगी।

पानी का भरपूर सेवन करें:-

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पानी की कमी होने पर भी आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसके साथ और भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए इससे बचने के लिए गर्भावस्था में पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए।

पोटैशियम और मैग्नीशियम का भरपूर सेवन करें:-

शरीर में खनिज लवणों की कमी होने पर प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इस समस्या के कारण परेशान होना पड़ सकता है। इसीलिए महिला को अपने आहार का ख़ास ध्यान रखना चाहिए और थोड़े थोड़े समय बाद कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। नट्स, बीन्स, साबुत अनाज वाली ब्रेड, फल, आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

व्यायाम करें:-pregnant-women

व्यायाम करने से भी आपको प्रेगनेंसी के समय होने वाली पैरों में दर्द व् ऐंठन की समस्या से राहत मिल सकती है। लेकिन व्यायाम करते समय इस बात का ध्यान रखें की अपने शरीर पर ज्यादा जोर न डालें, हल्का फुल्का व्यायाम करें इससे भी आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर होने में मदद मिलती है।

गर्म पानी का इस्तेमाल करें:-

रात को सोने से पहले हलके गरम पानी में अपने पैरों को रखें और उसके बाद अपने पैरों को तोलिये में लपेट कर रखें। इससे भी आपके पैरों को आराम महसूस होगा और आपको इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी।

नवरात्रि 2019 कब हैं?

शारदीय नवरात्रि 2019

एक साल में चार बार नवरात्रि आती है दो गुप्त नवरात्रि होती है और एक चैत्र और दूसरी शारदीय नवरात्रि। तो अब चैत्र नवरात्रि चली गई है जो की अप्रैल में थी, तो लीजिये अब हम आपको शारदीय नवरात्रि से जुडी जानकारी देने जा रहे हैं। शारदीय नवरात्रि को महानवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। और इस नवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना जाता है नवरात्रि के पूरे नौ दिन तक माँ दुर्गा के नाम की गूंज चारों और होती है। बहुत सी जगह पर डांडियां के बड़े बड़े पंडाल लगाएं जाते हैं तो बिहार, बंगाल जैसी जगह पर इसे दुर्गा पूजा के नाम से मनाया जाता है। और माँ दुर्गा की बड़ी बड़ी प्रतिमा बनाई जाती है और उनकी पूजा आराधना की जाती है, दूर दूर से लोग माँ दुर्गा के विराट रूप के दर्शन के लिए आते हैं। और नौ दिन तक माँ दुर्गा की पूजा करने के बाद दशमी के दिन दशहरा मनाया जाता है।

नवरात्रि के हर एक दिन माँ दुर्गा के अलग अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है, और माँ दुर्गा की कृपा परिवार पर बनी रहे रहे, घर में सुख समृद्धि रहे इसके लिए प्रार्थना की जाती है। नवरात्रि के दिनों में अधिकतर लोग प्याज, लहसुन, नॉन वेज, मदिरा का त्याग कर देते हैं। और घर में माता रानी के नाम की गूंज के माहौल से घर को सजाये रखते हैं। पहले नवरात्रि के दिन कलश स्थापना, घट स्थापना की जाती है, उसके बाद पूजा विधि के अनुसार घर में माँ दुर्गा की पूजा की जाती है। बहुत से लोग चाहे बड़ा हो या छोटा, शादीशुदा हो या कुंवारे, सभी नौ दिन तक उपवास भी करते हैं। अष्ट्मी और नवमी के दिन घर में छोटी छोटी कन्याओं को बुलाकर भोग लगाया जाता है, उन्हें माँ दुर्गा और माँ के अन्य रूप समझकर उनकी पूजा की जाती है उनका आशीर्वाद लिए जाता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की इस वर्ष शारदीय नवरात्रि कब है और उससे जुडी सम्पूर्ण जानकारी लेते हैं।

शारदीय नवरात्रि कब है और उससे जुडी जानकारी

शारदीय नवरात्रि 2019: 29 सितंबर 2019 दिन रविवार से 7 अक्टूबर 2019 दिन सोमवार तक

कलश स्थापना शुभ मुहूर्त: 29 सितम्बर 2019 दिन रविवार को सुबह 11:47 मिनट से लेकर 12:35 मिनट तक

दुर्गा अष्टमी: 6 अक्टूबर 2019

दुर्गा नवमी या महानवमी: 7 अक्टूबर 2019

दशहरा: 8 अक्टूबर 2019

तो यह है वर्ष 2019 के शारदीय नवरात्रि से जुडी सम्पूर्ण जानकारी, तो आप भी यदि नवरात्रि का व्रत रखना चाहते हैं और माँ दुर्गा की असीम कृपा को पाना चाहते हैं तो आप नवरात्रि के शुभ के शुभ मुहूर्त की सारी जानकारी यहां से ले सकते हैं।

गर्भ में बेबी को क्या-क्या पसंद होता है

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला क्या करती है क्या नहीं करती है इसका बुरा असर या अच्छा असर गर्भ पर जरूर पड़ता है। साथ ही प्रेग्नेंट महिला जो भी करती है उसमे से कुछ चीजें ऐसी होती है जो केवल आपको ही नहीं बल्कि गर्भ में बच्चे को भी अच्छी लगती है। ऐसे में गर्भ में शिशु की पसंदीदा चीजें करने से बच्चे के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास में मदद मिलती है इसीलिए गर्भवती महिला को ऐसा जरूर करना चाहिए। साथ ही कई बार बच्चे गर्भ में खुश होने पर अपनी हलचल के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम कुछ ही ऐसी ही चीजें बताने जा रहे हैं जो गर्भ में शिशु को बहुत पसंद होती है।

खाने की कुछ चीजें

गर्भ में शिशु के विकास के लिए पोषक तत्व गर्भनाल के माध्यम से शिशु तक पहुँचते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला जो भी खाती या पीती है तो उसका स्वाद गर्भनाल के माध्यम से एमनियोटिक फ्लूड में मिल जाता है जिससे वह बच्चे तक पहुँचता है। ऐसे में कुछ खाने की चीजें ऐसी होती है जिनका स्वाद बच्चे को अच्छा लगता है और वह बच्चे को पसंद होती है जिससे गर्भ में बच्चा खुश होता है।

गर्भवती महिला का खुश रहना

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला का खुश रहना भी गर्भ में बच्चे को पसंद होता है क्योंकि महिला जितना खुश रहती है। बच्चा भी उतना खुश रहता है और यदि महिला यदि उदास या तनाव में रहती है तो बच्चा उतना ही नाखुश होता है। ऐसे में गर्भ में बच्चे को खुश रखने के लिए गर्भवती महिला को भी खुश रहना चाहिए।

अच्छे से घूमना

गर्भ में शिशु को मूवमेंट करना बहुत पसंद होता है, ऐसे में इसके लिए महिला को इस बात का ध्यान की गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी न हो ताकि बच्चा अच्छे से मूव कर सके। और इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को पानी व् अन्य तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए।

माँ का अहसास या बातें करना

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के अंत तक शिशु की सुनने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है साथ ही बच्चा अच्छे से हलचल भी करता है। ऐसे में यदि गर्भ में पल रहे शिशु से यदि महिला बातें करती है या पेट पर हाथ फेरते हुए बच्चे को अपना अहसास देती है, आदि। तो यह सब चीजें गर्भ में पल रहे शिशु को बहुत पसंद होती है साथ ही इससे गर्भ में शिशु को एक्टिव रहने में भी मदद मिलती है। और यदि शिशु को अच्छा लग रहा होता है तो हो सकता है की बच्चा अपनी हलचल से आपको अपनी ख़ुशी की प्रतिक्रिया भी दे।

मधुर संगीत सुनना

गर्भवती महिला यदि प्रेगनेंसी के दौरान मधुर संगीत सुनती है तो इससे गर्भवती महिला को मानसिक रूप से शांत रहने में मदद मिलती है। वैसे ही गर्भ में पल रहा शिशु की मधुर संगीत को एन्जॉय करता है और गर्भ में खुश व् रिलैक्स रहता है। लेकिन ध्यान रखें की कम आवाज़ में और मधुर संगीत ही सुने क्योंकि ज्यादा तेज आवाज़ और ज्यादा शोर शराबे वाले गाने सुनकर शिशु घबरा सकता है।

भरपूर आराम

गर्भावस्था के दौरान महिला को भरपूर आराम करना चाहिए क्योंकि इससे केवल महिला को ही रिलैक्स महसूस नहीं होता है। बल्कि महिला का ऐसा करना शिशु को भी पसंद होता है, क्योंकि यदि आप सारा दिन काम करती है तो इससे गर्भ में शिशु भी थक जाता है और यदि आप आराम करती है तो इससे शिशु को रिलैक्स रहने में मदद मिलती है।

व्यायाम व् योगासन

गर्भवती महिला यदि एक्टिव रहती है तो गर्भ में शिशु भी एक्टिव रहता है जो की शिशु को बहुत पसंद होता है। और इसके लिए गर्भवती महिला को थोड़ा व्यायाम व् योगासन प्रेगनेंसी के दौरान जरूर करना चाहिए। लेकिन ध्यान रखें की ऐसा कोई भी व्यायाम व् योग न करें जिससे आपको या शिशु को कोई भी दिक्कत हो।

तो यह हैं कुछ चीजें जो गर्भ में पल रहे शिशु को बहुत पसंद होती है और जिससे शिशु गर्भ में बहुत खुश रहता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर विकास होने में मदद मिल सके और गर्भ में बच्चा स्वस्थ रहे।