Home Blog Page 64

प्रेगनेंसी के एक से चार और पांच से नौ महीने तक ऐसे ध्यान रखें

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते है। क्योंकि इस दौरान महिला ऐसे ऐसे अनुभव लेती है जो केवल एक महिला ही महसूस कर सकती है साथ ही इस दौरान महिला शारीरिक व् मानसिक रूप से बहुत सी परेशानियों का अनुभव भी करती है। ऐसे में यदि महिला थोड़ी सी भी लापरवाही बरतती है तो इसका नकारात्मक असर केवल गर्भवती महिला पर ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है।

ऐसे में जरुरी होता है की महिला प्रेगनेंसी के दौरान इन नौ महीनों में महसूस होने वाले अलग अलग अनुभव को एन्जॉय करने के साथ अपना अच्छे से ध्यान भी रखें ताकि महिला या बच्चे को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के एक से चार और पांच से नौ महीने तक महिला को अपना ध्यान कैसे रखना चाहिए इस बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भावस्था के एक से चार महीने तक ऐसे रखें अपना ध्यान

प्रेगनेंसी के पहले चार महीने गर्भावस्था का शुरूआती समय होता है इस दौरान गर्भ में बच्चे के अंग विकसित हो रहे होते हैं। साथ ही इस दौरान की गई थोड़ी सी गलती गर्भपात जैसी परेशानी खड़ी कर सकती है। ऐसे में जरुरी होता है की महिला अपना अच्छे से ध्यान रखें। और इसके लिए महिला को कुछ आसान टिप्स का ध्यान रखना चाहिए। जैसे की:

  • प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बाद से ही महिला को अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए, सभी जांच करवानी चाहिए।
  • प्रीनेटल विटामिन्स का सेवन शुरू कर देना चाहिए।
  • अपना रूटीन सेट करें।
  • अपनी दिनचर्या को सही करें गलत लाइफस्टाइल को सही करें।
  • भारी सामान नहीं उठाना चाहिए, झुककर काम नहीं करना चाहिए, पैरों के भार बैठकर कोई काम नहीं करना चाहिए।
  • यात्रा नहीं करें, भागादौड़ी नहीं करें, सीढ़ियां चढ़ने से बचें।
  • पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें और यदि खाने की इच्छा नहीं होती है तो थोड़ा थोड़ा करके खाएं लेकिन भूखें नहीं रहें।
  • कैफीन, नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करें।
  • पानी का भरपूर सेवन करें।
  • शारीरिक परेशानियां अधिक होने पर डॉक्टर से जरूर मिलें।
  • शारीरिक व् मानसिक रूप से हो रहे बदलाव के कारण तनाव में नहीं आएं।
  • भरपूर नींद लें, और सोने का समय बनाएं।
  • व्यायाम करने से बचें मैडिटेशन करें।
  • रूटीन चेकअप समय से करवाएं।

गर्भावस्था के पांच से नौवें महीने तक ऐसे रखें अपना ध्यान

प्रेगनेंसी के पांच से नौ महीने में महिला को बच्चे के विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरुरत होती है और इसके लिए जरुरी है की महिला अपनी सेहत पर अच्छे से ध्यान दें। क्योंकि गर्भ में पल रहा शिशु तभी स्वस्थ रहता है और बेहतर विकास करता है जब होने वाली माँ स्वस्थ होती है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के पांचवें से नौवें महीने महिला को अपना ध्यान कैसे रखना चाहिए।

  • गर्भवती महिला की पांच से नौ महीने में भूख बढ़ सकती है लेकिन महिला को इस बात का ध्यान रखना है की महिला जरुरत से ज्यादा नहीं खाए क्योंकि इसके कारण महिला का वजन ज्यादा बढ़ सकता है जिससे प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स होने का खतरा रहता है।
  • प्रेग्नेंट महिला बच्चे की मूवमेंट का ध्यान रखे की शिशु सही से हलचल कर रहा है या नहीं।
  • भीड़भाड़ व् प्रदूषण वाली जगह पर गर्भवती महिला नहीं जाएँ।
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखें।
  • पेट के बल नहीं सोएं।
  • पैर लटकाकर नहीं बैठें, बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठने से बचें।
  • थोड़ा बहुत व्यायाम भी जरूर करें।
  • अल्ट्रासॉउन्ड जरूर करवाएं।
  • खान पान का अच्छे से ध्यान रखें।
  • सोने में परेशानी होने पर प्रेगनेंसी पिल्लो का इस्तेमाल करें।
  • सातवें महीने के बाद शरीर को डिलीवरी के लिए तैयार करें।
  • नोर्मल डिलीवरी के चक्कर में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें।
  • दूसरों की डिलीवरी की बातें सुनकर परेशान नहीं हो क्योंकि ऐसा जरुरी नहीं है की जैसा उनके साथ हुआ है वैसा आपके साथ भी हो।
  • यदि कोई भी असहज लक्षण महसूस होता है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
  • प्रसव के लक्षणों की जानकारी इक्कठी करें।

ध्यान रखें:

तो यह है प्रेगनेंसी के एक से चार और पांच से नौ महीने तक महिला को अपना कैसे ध्यान रखना चाहिए इससे जुड़े कुछ टिप्स। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको प्रेगनेंसी के दौरान फिट व् स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

Pregnancy tips

प्रेगनेंसी में खट्टी डकार और जलन की समस्या

प्रेगनेंसी महिला के लिए ऐसा समय होता है जहां महिला के लिए माँ बनने की ख़ुशी तो होती है। लेकिन साथ ही महिला के शरीर में बहुत से बदलाव भी हो रहे होते हैं। कुछ बदलाव बाहरी रूप से महिला को महसूस होते हैं जैसे की सेहत में गड़बड़ी होना, वजन, बढ़ना, मूड स्विंग्स होना, आदि। और इन सभी बदलाव या परेशानियों के होने का कारण बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं।

लेकिन हर महिला को एक ही जैसे बदलाव या परेशानियों का अनुभव हो ऐसा जरुरी नहीं होता है। जैसे की कुछ महिलाओं को उल्टी की समस्या प्रेगनेंसी के दौरान कम होती है तो कुछ महिलाएं डिलीवरी तक इस परेशानी का सामना करती है। आज इस आर्टिकल में हम भी आपसे प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली खट्टी डकार व् सीने में जलन महसूस होने की समस्या के बारे में बात करने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन और खट्टी डकार आने के कारण

  • गर्भावस्था में बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण सीने में जलन व् खट्टी डकार की समस्या हो सकती है।
  • बढ़ते गर्भाशय के कारण महिला को खाने को हज़म करने में परेशानी हो सकती है क्योंकि गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। और खाना हज़म न होने के कारण एसिडिटी, सीने में जलन, खट्टी डकार जैसी समस्या हो जाती है।
  • ज्यादा मसालेदार तेलीय चीजों का सेवन करने के कारण भी ऐसा हो सकता है।
  • यदि गर्भवती महिला कैफीन का सेवन अधिक मात्रा में करती है तो इस कारण भी सीने में जलन खट्टी डकार जैसी समस्या महिला को हो जाती है।
  • जरुरत से ज्यादा खाने के कारण भी गर्भवती महिला को यह समस्या हो सकती है।
  • खाना खाने के बाद तुरंत सो जाने के कारण खाना अच्छे से हज़म नहीं होता है जिसकी वजह से दिक्कत होती है।
  • बासी, ठंडा, खराब खाना खाने के कारण भी गर्भवती महिला को यह दिक्कत हो जाती है।
  • जिन खाद्य पदार्थों का सेवन करने से गर्भवती महिला को पेट में गैस बनती है उन खाद्य पदार्थों का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए।
  • यदि गर्भवती महिला खाने में बहुत ज्यादा अंतराल रखती है या खाना कम खाती है तो भी महिला को यह समस्या हो सकती है।

प्रेगनेंसी में खट्टी डकार व् जलन की समस्या से बचने के टिप्स

गर्भवस्था के दौरान यदि कुछ बातों का ध्यान रखा जाये तो महिला को खट्टी डकार व् सीने में जलन की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं।

खाना खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखें

यदि गर्भवती महिला खाना खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखती है तो उन बातों का ध्यान रखने से महिला को खट्टी डकार व् सीने में जलन की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है। जैसे की:

  • एक ही बार में बहुत ज्यादा खाना खाने की बजाय महिला को थोड़े थोड़े समय के गैप पर थोड़ा थोड़ा खाना खाना चाहिए।
  • ऐसे आहार का सेवन नहीं करना चाहिए जिसे खाने के बाद आपको दिक्कत होती है।
  • मसालेदार, तेलीय आहार का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • बासी, ठंडा, खराब खाना नहीं खाना चाहिए।
  • बिना ढके रखे आहार का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
  • खाना खाने के बाद तुरंत नहीं सोना चाहिए।
  • आराम से बैठकर धीरे धीरे अच्छे से चबाकर खाना खाना चाहिए।
  • रात की डाइट में हल्का भोजन करना चाहिए।
  • रात को सोने से कम से कम दो घंटे पहले अपना खाना खा लेना चाहिए।

हाइड्रेटेड रहें

पानी का भरपूर सेवन करें क्योंकि पानी का भरपूर सेवन करने से शरीर से विषैले पदार्थ निकलते हैं जिससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। जिससे गर्भवती महिला को सीने में जलन, खट्टी डकार जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

कैफीन का सेवन करने से बचें

यदि गर्भवती महिला कैफीन युक्त पदार्थ जैसे की कोल्ड ड्रिंक, चाय, कॉफ़ी का सेवन सिमित मात्रा में करती है तो इससे भी प्रेग्नेंट महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तनाव नहीं लें

गर्भवती महिला के तनाव लेने के कारण भजि स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां अधिक होती है ऐसे में गर्भवती महिला को सगनत रहना चाहिए और खुश रहना चाहिए। यदि गर्भवती महिला ऐसा करती है तो ऐसा करने से भी महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

व्यायाम करें

प्रेगनेंसी के दौरान फिट रहने के लिए थोड़ा बहुत व्यायाम भी गर्भवती महिला को जरूर करना चाहिए। व्यायाम करने से फिट रहने के साथ सेहत सम्बन्धी परेशानियों से बचे रहने में भी मदद मिलती है। जैसे की पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है। और यदि गर्भवती महिला की पाचन क्रिया अच्छे से काम करती है तो महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

भरपूर नींद लें

नींद में कमी के कारण भी महिला को अपच, सीने जलन, खट्टी डकार आदि होने का खतरा रहता है। लेकिन यदि महिला नींद भरपूर लेती है तो इससे महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली खट्टी डकार व् सीने में जलन की समस्या से जुड़े टिप्स। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपको भी यह समस्या हो रही है तो आप भी इन टिप्स को ट्राई कर सकती है।

Problem of Heartburn and Indigestion in Pregnancy

गर्भ में शिशु की हेल्थ को कैसे बढ़ाएं

यदि आप गर्भवती हैं तो अब आपको केवल अपना ही ध्यान नहीं रखना है बल्कि गर्भ में पल रहा बच्चा भी अब आपके ऊपर ही निर्भर करता है। ऐसे में महिला के लिए जरुरी होता है की गर्भावस्था की प्लानिंग की शुरुआत से या प्रेगनेंसी कन्फर्म होने के बाद से ही महिला को अपनी डाइट, व्यायाम करने के तरीके, अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरुरत होती है।

साथ ही अपनी दिनचर्या, डाइट में उन सभी चीजों को शामिल करने की जरुरत होती है जो माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम गर्भवती महिला को उन टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो गर्भ में शिशु की हेल्थ को सही रखने में मदद करते हैं। जैसे की:

प्रीनेटल विटामिन्स

गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर्स द्वारा महिला को दवाइयों के रूप में विटामिन्स का सही समय पर सेवन करने की सलाह दी जाती है। जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ बच्चे को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं। ऐसे में महिला के लिए शिशु की हेल्थ को सही रखने के लिए प्रीनेटल विटामिन्स का सेवन सही समय से करना चाहिए।

इम्युनिटी बढ़ाने वाले आहार

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में महिला को संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है और यदि महिला को दिक्कत होती है तो उसका असर बच्चे पर भी पड़ता है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान महिला को अपनी इम्युनिटी को बूस्ट करने वाली डाइट का सेवन जरूर करना चाहिए। और इसके लिए प्रेग्नेंट महिला हरी सब्जियां, आंवला, संतरा, ब्रोकली, लहसुन आदि का सेवन जरूर करना चाहिए।

आयरन व् फोलेट

गर्भ में पल रहे बच्चे की बेहतर हेल्थ के लिए गर्भवती महिला को आयरन व् फोलेट से भरपूर डाइट लेनी चाहिए। क्योंकि आयरन गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर शारीरिक विकास में मदद करता है और फोलेट शिशु के मस्तिष्क के बेहतर विकास और बच्चे को जन्म दोष से सुरक्षित रखने में मदद करता है। और इसके लिए गर्भवती महिला अनार, सेब, गाजर, चुकंदर, हरी सब्जियां, आंवला आदि का भरपूर सेवन कर सकती है।

पानी का भरपूर सेवन

प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे की हेल्थ को बेहतर रखने के लिए महिला को शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के साथ पानी की कमी भी नहीं होने देनी चाहिए। क्योंकि यदि महिला के शरीर में पानी की कमी होती है तो इससे गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूइड की कमी हो सकती है जिससे गर्भ में बच्चे की हेल्थ से जुडी परेशानी होने के खतरा रहता है। ऐसे में शिशु की बेहतर हेल्थ के लिए महिला को तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए। और इसके लिए महिला पानी, जूस, नारियल पानी, आदि का भरपूर सेवन कर सकती है।

बच्चे के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व

गर्भावस्था के दौरान गर्भ में बच्चे की हेल्थ को सही रखने के लिए गर्भवती महिला को पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेनी चाहिए। क्योंकि कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, एंटी ऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स से भरपूर डाइट गर्भ में बच्चे के शारीरिक व् मानसिक विकास में मदद करती है। जिससे बच्चे की हेल्थ को सही रहने में मदद मिलती है।

व्यायाम करें एक्टिव रहें

यदि आपकी गर्भावस्था स्वस्थ है तो प्रेगनेंसी के दौरान आपको थोड़ा बहुत व्यायाम भी जरूर करना चाहिए। क्योंकि व्यायाम करने से महिला को फिट और एक्टिव रहने में मदद मिलती है। और जितना महिला एक्टिव रहती है उतना ही बच्चा भी एक्टिव और हेल्थी होता है।

तनाव नहीं लें खुश रहें

गर्भावस्था के दौरान बच्चे की हेल्थ को सही रखने के लिए गर्भवती महिला को बिल्कुल भी तनाव नहीं लेना चाहिए और खुश रहना चाहिए। क्योंकि जब माँ खुश रहती है तो इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ता है। और इसका असर बच्चे की हेल्थ पर भी पड़ता है जिससे बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

भरपूर नींद

खान पान के साथ गर्भवती महिला को नींद भी भरपूर लेनी चाहिए क्योंकि महिला जितना अच्छे से शरीर को रेस्ट देती है उतना ही महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। और जब गर्भवती महिला स्वस्थ रहती है तो गर्भ में पल रहे बच्चे को भी स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे यदि प्रेग्नेंट महिला फॉलो करती है तो इससे गर्भ में शिशु की हेल्थ को सही रखने में मदद मिलती है। तो यदि आप भी गर्भवती हैं तो आपको भी इन टिप्स का प्रेगनेंसी के दौरान ध्यान रखना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे की हेल्थ को सही रखने में मदद मिल सके और आप एक स्वस्थ शिशु को जन्म दें।

How to increase the health of the baby in the womb

इन 10 वजहों से आप प्रेग्नेंट नहीं हो पाती हैं?

बहुत से कपल्स ऐसे होते हैं जो लम्बे समय से बेबी प्लान कर रहे होते हैं। लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी महिला का गर्भधारण नहीं हो पाता है। ऐसे में कपल हर वो काम करता है जिससे महिला का गर्भधारण हो जाएँ। लेकिन यह समस्या ऐसी होती है जिसका इलाज घरेलू उपाय से कई बार सफल नहीं होता है। क्योंकि महिला के प्रेग्नेंट होने के बहुत से अलग अलग कारण हो सकते हैं।

जैसे की कुछ महिलाओं का गर्भधारण न होने की वजह हेल्थ से जुडी परेशानी हो सकती है, कुछ महिलाओं के कंसीव न होने की समस्या महिला का गलत लाइफस्टाइल या गलत आदतें हो सकती है, आदि। तो आइये इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनकी वजह से महिला का गर्भधारण नहीं हो पाता है।

वजन

महिला का वजन जरूरत से ज्यादा होना या कम होना दोनों ही महिला की फर्टिलिटी पर बुरा असर डालतें हैं। ऐसे में यदि आपका वजह जरुरत से ज्यादा है या कम है तो आपको कन्सीव करने में दिक्कत हो सकती है।

डिप्रेशन यानि तनाव

यदि कोई महिला बहुत ज्यादा परेशान होती है, तनाव लेती है, तो इसके कारण महिला के मासिक धर्म के चक्र, प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। जिसकी वजह से महिला को प्रेगनेंसी न होने की समस्या हो सकती है।

प्रदूषण

आज कल बहुत ज्यादा प्रदूषण हो रहा हो और इस प्रदूषण का बुरा असर सेहत पर भी नकारात्मक रूप से पड़ रहा है। प्रदूषण के कारण सेहत सम्बन्धी समस्या होने के साथ प्रेगनेंसी न होने जैसी परेशानी का खतरा भी बढ़ रहा है। क्योंकि इसका असर महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। साथ ही यदि महिला धूम्रपान करती है या ऐसी जगह पर रहती है जहां पर सिगरेट आदि का धुंआ होता है तो इसके कारण भी महिला को प्रेग्नेंट न होने जैसी परेशानी का खतरा ज्यादा हो रहा है। क्योंकि यह धुंआ प्रजनन क्षमता पर बहुत बुरा असर डालता है।

ज्यादा टाइट कपडे पहनना

यदि महिला टाइट पैंटी पहनती है या पुरुष बहुत ज्यादा टाइट अंडरवियर पहनता है तो इसके कारण भी महिला को प्रेग्नेंट होने में परेशानी हो सकती है। अब आप सोच रहे होंगे की ऐसा कैसे हो सकता है। तो इसका जवाब है की ज्यादा टाइट पैंटी पहनने से महिला के प्रजनन अंगों पर बुरा असर पड़ता है। और ज्यादा टाइट अंडरवियर पहनने के कारण पुरुष के शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। जिसकी वजह से यह परेशानी होती है।

शारीरिक समस्या

कुछ महिलाओं को शारीरिक बीमारियां जैसे की थायरॉयड की समस्या, शुगर, फैलोपियन ट्यूब में खराबी, गर्भाशय से जुडी समस्या होती है उन महिलाओं को भी गर्भधारण करने में दिक्कत होती है।

गलत लाइफस्टाइल

गलत लाइफस्टाइल होने के कारण भी महिला को गर्भधारण न होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि यदि महिला गलत आहार का सेवन करती है, व्यायाम नहीं करती है, जरुरत से ज्यादा या कम सोती है, नशीले पदार्थों का सेवन करती है, तो महिला की यह गलत आदतें प्रजनन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित करती है क्योंकि इनके कारण बॉडी में हार्मोनल असंतुलन हो जाता है जिसके कारण महिला को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बहुत ज्यादा या कम सम्बन्ध बनाना

प्रेगनेंसी के लिए जरुरी है की महिला और पुरुष सम्बन्ध बनाएं लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता है की एक महीने में सम्बन्ध केवल एक ही बार बनाएं या फिर एक दिन में तीन बार बनाएं। यदि आप ऐसा करते हैं तो सम्बन्ध बनाने में की गई यह गलतियां भी महिला के गर्भधारण नहीं होने का कारण होती है।

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन

यदि महिला प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही है लेकिन साथ ही गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर रही है तो भी आपको कन्सीव होने में दिक्कत होती है। क्योंकि गर्भनिरोधक गोलियां आपका गर्भ ठहरने नहीं देती है।

बढ़ती उम्र

प्रेग्नेंट होने के लिए उम्र का सही होना भी जरुरी होता है लेकिन यदि महिला की उम्र ज्यादा होती है यानी की तीस से ज्यादा होती है। तो उम्र अधिक होने के कारण भी महिला का गर्भधारण नहीं हो पाता है।

पुरुष में कमी

ऐसा बिल्कुल नहीं है की महिला के गर्भवती न होने का कारण केवल महिला की होती है बल्कि कई बार पुरुष में कमी के कारण भी महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है। क्योंकि यदि पुरुष के शुक्राणु की संख्या में कमी होती है या पुरुष के शुक्रानि की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती है तो इस कारण भी महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से महिला को प्रेग्नेंट होने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो यदि आपको भी बहुत कोशिश करने के बाद कन्सीव नहीं हो रहा है तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें। ताकि आपको प्रेगनेंसी क्यों नहीं हो रही है इसका कारण पता करें। और केवल महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी अपनी जाँच करवाएं। ताकि यदि पुरुष में कोई कमी हो तो उसका पता भी चल सकें।

10 reasons why you are not getting pregnant

बेबी जन्म से पहले यह 15 काम कर लें

माँ बनने का अहसास ही महिला के लिए बहुत रोमांचक होता है और यह अहसास खुशियों से और भी भर जाता है जब वो नन्ही जान इस दुनिया में आपकी फैमिली में शामिल होने वाली होती है। लेकिन इस एन्जॉयमेंट के साथ महिला को कुछ और भी बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है। ताकि जब नन्हा शिशु घर में आये तो महिला को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो। तो अजा इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे 15 कामों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बच्चे के जन्म से पहले महिला को कर लेने चाहिए।

सबसे पहले बनाएं एक लिस्ट

बच्चे के जन्म से पहले महिला को सबसे पहले एक कामों की लिस्ट बनानी चाहिए। जिसमे बच्चे के लिए जरुरी, महिला के लिए जरुरी सभी चीजों के बारे में लिखना चाहिए। लिस्ट बनाकर उसके बाद काम करने की शुरुआत करनी चाहिए। ताकि आपका कोई भी काम मिस नहीं हो। जिससे बच्चे के जन्म के बाद आपको कोई भी दिक्कत नहीं हो।

घर की साफ़ सफाई

किसी कामवाली को बुलाकर या फिर घर के अन्य सदियों द्वारा घर की अच्छे से साफ सफाई करवाएं। ताकि घर में धूल मिट्टी, गंदगी न हो। खासकर महिला को कारपेट, परदों, बेड शीट्स, आदि को अच्छे से क्लीन करवा दें। बेड के गद्दों पर प्लास्टिक शीट लगवाएं।

घर के सामान एक्स्ट्रा लेकर आएं

बच्चे के जन्म से पहले ही रसोई का सामान, बाथरूम का सामान आदि सभी एक्स्ट्रा लाकर रखें। ताकि बाद में आपको कोई परेशानी नहीं हो। इसके अलावा एक्स्ट्रा सिलिंडर, सर्दी है तो गीजर का काम, फ़िल्टर आदि सभी एक बार चेक करवा लें।

हॉस्पिटल बैग रेडी करें

प्रसव से पहले ही महिला को डिलीवरी के समय हॉस्पिटल ले जाने वाले बैग को तैयार कर लेना चाहिए। जिसमे महिला, बच्चे के लिए जिन जिन जरुरी चीजों की जरुरत है वो सभी मौजूद हो। साथ ही आपकी सभी मेडिकल रिपोर्ट्स भी उस बैग में रख लें।

बच्चे के जन्म के बाद आपकी मदद के लिए किसी को ढूंढ लें

यदि प्रसव के बाद आपके घर का कोई बड़ा आपके साथ रहेगा तो अच्छी बात है। लेकिन यदि कोई नहीं है तो आपको बच्चे के जन्म के बाद देखभाल के लिए किसी मेड यानी कामवाली को ढूंढ लेना चाहिए। जो आपकी और बच्चे की देखभाल में मदद कर सके। साथ ही मालिश वाली को भी पहले ही ढूंढ कर रख लें।

घर में पालतू जानवर का भी ध्यान रखें

छोटे बच्चे बहुत ही कोमल और नाजुक होते हैं ऐसे में यदि आपके घर में कोई पालतू जानवर है तो उसकी देख्भाल के लिए किसी और को रखे। और ध्यान रखें की उसे बच्चे के करीब न आने दें।

शॉपिंग जल्दी से जल्दी खत्म करें

यदि आपको बच्चे या घर के जरुरी सामान की शॉपिंग करनी है तो उसे जल्द से जल्द खत्म कर लें। ताकि बाद में आपको सामान को सही से सेट करके रखने में मदद मिल सके।

बच्चों की बेहतर केयर के लिए कोर्स करें

आज कल प्रेगनेंसी के दौरान महिला को कोर्स करवाया जाता है जिसमे महिला को प्रेगनेंसी के दौराब स्वस्थ रहने और बच्चे के जन्म के बाद उसकी केयर कैसे करें इस बारे में बताया जाता है। ऐसे में बच्चे की बेहतर केयर के टिप्स लेने के लिए महिला चाहे तो वो कोर्स कर सकती है।

बच्चों के नाम की एक लिस्ट तैयार करें

बेबी के नेम्स की लिस्ट भी तैयार करें जिसमे आप अपने लड़की और लड़का दोनों से जुड़े पसंदीदा नाम लिखें। इन नामों को आप इंटरनेट पर भी सर्च कर सकते हैं।

बच्चे की जरुरत का सामान

बच्चे के लिए दूध का बोतल, पानी गर्म रखने के लिए थर्मस, डाइपर, थर्मामीटर आदि। इन सभी चीजों जरुरत आपको बच्चे के जन्म के बाद पड़ सकती है।

महिला अपने खान पान का सामान तैयार करवाएं

डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने के लिए गोंद के लड्डू, सौंठ के लड्डू खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बच्चे के जन्म से पहले ही महिला को इन सभी चीजों को तैयार करवा लेना चाहिए।

अपना कैमरा तैयार रखें

बच्चे के जन्म के बाद अपने पहले पलों को हमेशा समेट कर रखने के लिए एक कैमरा भी तैयार रखें। और अपने सभी बेहतरीन पलों को उसमे कैद करें जो आपने अपने बच्चे के साथ पहली बारे बिताएं हैं।

सभी जरुरी फ़ोन नंबर्स को इक्कठा कर लें

आज कल सभी के हाथ में फ़ोन हमेशा रहता है ऐसे में आपको उस फ़ोन में उन सभी जरुरी नंबर्स को ऐड कर कर लेना चाहिए। जिनकी जरुरत प्रसव की शुरुआत होते ही आपको पड़ने वाली है। जैसे की डॉक्टर का नंबर, हॉस्पिटल ला कस्टमर केयर नंबर, अपने पति की दूकान या ऑफिस का कोई नंबर आदि।

जॉब करती है तो यह करें

यदि आप कहीं जॉब करती है तो अपने ऑफिस में पहले से ही मैटरनिटी लीव के लिए अप्लाई कर दें ताकि बच्चे के जन्म के बाद आपको ऑफिस से जुडी कोई परेशानी नहीं हो।

हॉस्पिटल में बेड बुक करें

जहां आपकी डिलीवरी होनी है वहां पर पहले से ही बुकिंग करवा लें। ताकि महिला को प्रसव पीड़ा की शुरुआत होते ही आप डॉक्टर के पास चलें जाएँ और बाद में आपको कोई दिक्कत नहीं हो।

तो यह हैं वो सभी काम जो बच्चे के जन्म से पहले आपको कर लेने चाहिए। ताकि बच्चे के जन्म के बाद आपको कोई टेंशन नहीं हो और आप अपने मातृत्व को अच्छे से एन्जॉय कर सकें।

Do these 15 things before baby birth

पहली बार माँ बन रही है? प्रेगनेंसी में यह 10 चीजें करें और यह 10 चीजें नहीं करें

पहली बार माँ बनने का अनुभव महिला के लिए बहुत ही खास होता है क्योंकि माँ बनने की खबर से ही महिला की जिंदगी बदल जाती है। और महिला अब जो भी करती है तो उसके मन में सबसे पहले यही बात आती है की क्या जो वो कर रही है वो सही है या नहीं, कहीं जो महिला कर रही है उससे बच्चे को तो कोई नुकसान नहीं होगा। और ऐसा महिला हर छोटे से छोटे काम को करते हुए सोचती है।

और इसका कारण गर्भ में शिशु के आते ही महिला के मातृत्व के अहसास बढ़ने के कारण होता है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रखना बहुत जरुरी भी होता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बरती गई छोटी सी लापरवाही का बुरा माँ व् बच्चे दोनों की सेहत पर पड़ता है। तो आइये अब जानते हैं की जो महिलाएं पहली बार माँ बन रही है उन्हें प्रेगनेंसी में यह 10 चीजें करनी चाहिए और यह 10 चीजें नहीं करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी में यह 10 चीजें करें

  • सबसे पहले आप एक अच्छे हॉस्पिटल में एक अच्छे डॉक्टर की तलाश करें जिससे आप अपना प्रेगनेंसी का पूरा ट्रीटमेंट करवाएं।
  • अपनी सभी जांच करवाएं ताकि प्रेगनेंसी में होने वाली कॉम्प्लीकेशन्स से बचे रहने में मदद मिल सकें।
  • गर्भावस्था की पूरी जानकारी इक्कठी करें की क्या करना प्रेगनेंसी में सही होता है और क्या गलत होता है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान आपको हर कोई अलग अलग राय दे सकता है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की आप हर किसी की बात मानें, यदि आपको कुछ समझ नहीं आता है तो इसके लिए डॉक्टर से राय लें।
  • अपना रूटीन सेट करें, क्योंकि आपकी दिनचर्या जितनी सही होगी उतना ही आपको फिट रहने में मदद मिलेगी।
  • अपनी सभी गलत आदतों को सुधारें।
  • अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखें, और खान पान की चीजों में साफ सफाई व् पौष्टिकता का पूरा ध्यान रखें।
  • भरपूर आराम करें, लापरवाही करने से बचें।
  • सही समय पर अपनी जांच और टीकाकरण करवाएं।
  • किसी भी परेशानी के होने पर उसे अनदेखा नहीं करें बल्कि जल्दी से जल्दी डॉक्टर से मिलें।

गर्भावस्था के दौरान नहीं करें यह 10 काम

  • डॉक्टर से जांच करवाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करें।
  • ट्रैवेलिंग नहीं करें।
  • पैरों के भार बैठकर काम नहीं करें।
  • खान पान में ऐसी चीजों को शामिल नहीं करें जिससे माँ या बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचें।
  • संक्रमित व्यक्ति के पास नहीं जाएँ।
  • भीड़भाड़ व् प्रदूषण वाली जगह पर नहीं जाएँ।
  • तनाव नहीं लें।
  • पेट के भार नहीं सोएं।
  • लम्बे समय तक पैर लटकाकर नहीं बैठें और न ही लम्बे समय तक एक ही जगह खड़ी रहें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की दवाई का सेवन नहीं करें।

तो यह हैं वो काम जो प्रेगनेंसी के दौरान महिला को करने चाहिए और नहीं करने चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला इन छोटी छोटी बातों का अच्छे से ध्यान रखती है। तो इससे गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने और गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

Becoming a mother for the first time? Do these 10 things in pregnancy and don’t do these 10 things

नार्मल डिलीवरी के बाद ऐसे करें रिकवर

0

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपने खान पान, रहन सहन सब छोटी से छोटी चीजों का अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता है की बच्चे के जन्म के बाद महिला की अपनी केयर के लिए यह जिम्मेवारी खत्म हो जाती है। बल्कि बच्चे के जन्म के बाद महिला की जिम्मेवारी बढ़ जाती है। क्योंकि प्रसव के बाद महिला का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है।

साथ ही महिला को बच्चे का भी ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में महिला को प्रसव के बाद अपना और अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है ताकि जल्द से जल्द महिला रिकवर हो सके। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही टिप्स बताने जा रहे हैं जो डिलीवरी के बाद महिला को जल्द से जल्द रिकवर करने में मदद करते हैं।

डिलीवरी के बाद भी लें मल्टीविटामिन

बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टर्स महिला को मल्टीविटामिन लेने की सलाह देते हैं। क्योंकि यह मल्टीविटामिन डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। जिससे महिला को जल्दी से जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

खाने में उन चीजों को खाएं जिससे बॉडी जल्दी हो फिट

डिलीवरी के बाद महिला को ड्राई फ्रूट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स, दालें, साबुत अनाज, देसी घी, ड्राई फ्रूट्स के लड्डू, गोंद के लड्डू, सौंठ के लड्डू आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। क्योंकि यह सभी चीजें पोषक तत्वों खान होती है जो डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी से जल्दी फिट करने में मदद करती हैं।

टांकों का रखें ध्यान

ऐसा जरुरी नहीं है की केवल सिजेरियन डिलीवरी के बाद ही टांके लगते हैं बल्कि कुछ केस में नोर्मल डिलीवरी के बाद भी महिला को टांके लगते हैं। और महिला को डिलीवरी के बाद जल्दी से जल्दी रिकवर करने के लिए टांको की अच्छे से देखभाल करनी चाहिए। इसके लिए महिला को टांको पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई समय से लगानी चाहिए ताकि टाँके जल्दी से ठीक हो सकें साथ ही टांकों के आस पास की सफाई का ध्यान भी रखना चाहिए ताकि मैल जमने के कारण इन्फेक्शन की समस्या से बचे रहने में मदद मिल सके।

भरपूर करें आराम

डिलीवरी के बाद जल्दी से जल्दी फिट होने के लिए जरुरी है की महिला भरपूर आराम करें। महिला जितना ज्यादा रेस्ट करती है उतना ही ज्यादा जल्दी महिला को फिट होने में मदद मिलती है।

किसी भी बात को लेकर न हो परेशान

बहुत सी महिलाएं खासकर जो पहली बार माँ बन रही होती है वो डिलीवरी के बाद बॉडी में होने वाले बदलाव और बच्चे की केयर को लेकर ज्यादा परेशान हो जाती है। लेकिन परेशान होने से तनाव लेने से महिला की परेशानी कम नहीं होती है बल्कि बढ़ जाती है। ऐसे में महिला को जल्दी से जल्दी फिट होने के लिए जितना हो सके तनाव नहीं लेना चाहिए और अपने मातृत्व के नए अहसास को एन्जॉय करना चाहिए।

मालिश करवाएं

बच्चे के जन्म के बाद शरीर में आई कमजोरी को दूर करने के लिए महिला को मालिश करवानी चाहिए। मालिश करवाने से हड्डियों, मांसपेशियों में आई कमजोरी को दूर करने में मदद मिलती है। जिससे महिला नोर्मल डिलीवरी के बाद जल्दी रिकवर करती है।

शरीर पर ज्यादा जोर नहीं ड़ालें

बच्चे का जन्म के बाद यदि आप चाहती है की आप जल्द से जल्द फिट हो तो अपने शरीर पर कोई जोर नहीं डालें यानि की किसी भी काम को नहीं करें। बल्कि आप केवल अपना और अपने बच्चे का ध्यान रखें। क्योंकि डिलीवरी के बाद यदि आप आलतू फ़ालतू के काम करना शुरू कर देती है तो वह कमजोरी साडी उम्र आपके शरीर में रहती है और आपको हमेशा किसी न किसी शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने के लिए ऐसा कोई भी काम नहीं करें।

लापरवाही से बचें

नोर्मल डिलीवरी के बाद जल्दी से जल्दी रिकवर करने के लिए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें। जैसे की खाने में जंक फ़ूड, मसालेदार चीजें नहीं खाएं, शारीरिक श्रम अधिक नहीं करें, नींद में किसी तरह की लापरवाही नहीं करें, आदि। क्योंकि यदि महिला लापरवाही करती है। तो इससे माँ व् बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और महिला अच्छे से रिकवर नहीं कर पाती है ऐसे में महिला की इन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

जांच करवाएं

डिलीवरी के बाद भी समय पर अपनी जांच करवाते रहे ताकि डिलीवरी के बाद भी आपको जल्द से जल्द फिट होने में मदद मिल सके।

नोर्मल डिलीवरी के बाद डॉक्टर से कब मिलें

बच्चे के जन्म के बाद यदि आप रिकवर कर रही है तो अच्छी बात है लेकिन यदि आपको शरीर में कुछ असहज लक्षण महसूस हो रहे हैं जैसे की ब्लड प्रैशर से जुडी समस्या हो रही है, ब्लीडिंग जरुरत से ज्यादा हो रही है, प्राइवेट पार्ट से सफ़ेद पानी अधिक निकल रहा है, प्राइवेट पार्ट में बदबू जलन खुजली जैसी परेशानी हो रही है, पेट में दर्द ज्यादा हो रहा है, टांकों से जुडी कोई समस्या है, तो आपको इन लक्षणों को अनदेखा न करते हुए जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए।

तो यह हैं नोर्मल डिलीवरी के बाद जल्दी से जल्दी रिकवर होने के कुछ खास टिप्स, यदि आपने भी नोर्मल डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया है तो आप भी इन बातों का अच्छे से ध्यान रखें। ताकि आपको भी जल्द से जल्द फिट होने में मदद मिल सकें।

Tips to recover after normal delivery

बच्चे के जन्म से पहले यह जरुरी जानकारी रखें

क्या आप प्रेग्नेंट हैं और आपकी डिलीवरी डेट नजदीक आ रही है? यदि हाँ, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। क्योंकि आज इस आर्टिकल में हम आपको बच्चे के जन्म से पहले महिला को क्या क्या जरुरी जानकारी रखनी चाहिए इस बारे में बताने जा रहे हैं।

ताकि महिला को डिलीवरी का समय पास आने पर किसी तरह की परेशानी नहीं हो। और प्रसव के समय महिला को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इस बारे में पता चल सके। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की डिलीवरी से पहले महिला को क्या जरुरी जानकारी इक्कठी करनी चाहिए।

जहां आपकी डिलीवरी होनी है उससे जुडी जानकारी

सबसे पहले महिला को उस हॉस्पिटल की जानकारी इक्कठी करनी चाहिए जहां महिला की डिलीवरी होने वाली है। यानी की डिलीवरी के समय वहां किन किन चीजों की जरुरत पड़ती है, डॉक्टर्स कौन से मौजूद होते हैं, इमरजेंसी होने पर क्या करें आदि। इन सभी चीजों की जानकारी इक्कठी करें।

प्रसव के लक्षण

अधिकतर महिलाएं डिलीवरी का समय पास आने पर इस बात को लेकर घबरा जाती हैं की डिलीवरी होने वाली है उन्हें कैसे पता चलेगा। ऐसे में महिला को इस परेशानी के हल के लिए प्रसव के लक्षणों की पूरी जानकारी इक्कठी करनी चाहिए। ताकि बच्चे का जन्म होने वाला है इस बारे में महिला को पता चल सके। और प्रसव के लक्षणों की जानकारी के लिए महिला अपने घर के किसी बड़े सदस्य, डॉक्टर, इंटरनेट आदि से जान सकती है।

डिलीवरी बैग में क्या-क्या रखें

डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल जाते समय ऐसी बहुत सी चीजें होती हैं जो साथ लेकर जानी पड़ती है। और यदि हॉस्पिटल जाते समय कोई चीज नहीं मिलती है। तो इसे लेकर महिला परेशान हो सकती है ऐसे में आपको प्रसव से पहले ही डिलीवरी बैग तैयार कर लेना चाहिए। और डिलीवरी बैग में बच्चे के लिए, महिला के लिए, हॉस्पिटल में किन चीजों की जरुरत पड़ सकती है इस बारे में जानकारी इक्कठी कर लेनी चाहिए।

बच्चे की केयर से जुडी जानकारी

माँ बनने के बाद महिला को सबसे ज्यादा परेशानी बच्चे की केयर को लेकर ही होती है और अधिकतर महिलाएं इस बात को लेकर तनाव में भी आ जाती है की पता नहीं वो अपने बच्चे की केयर अच्छे से कर पाएंगी या नहीं। ऐसे में महिला को प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही इस चीज की जानकारी इक्कठी करनी शुरू कर देनी चाहिए की छोटे बच्चों की बेहतर से बेहतर देखभाल किस तरह की जाती है, और आज कल तो इसके लिए क्लास भी मिल जाती है। तो प्रसव से पहले महिला को बेबी केयर की जितनी जानकारी हो उतनी इक्कठी कर लेनी चाहिए।

बच्चे के जन्म के बाद घर में किन किन चीजों की जरुरत है

डॉक्टर, इंटरनेट, किसी फ्रेंड या फिर अपने घर के बड़ों से इस बात के बारे में राया लें की बच्चे के जन्म के बाद घर में कौन कौन सी चीजों की जरुरत पड़ सकती है। और उन चीजों को प्रसव से पहले घर पर ले आएं ताकि बच्चे के आने का बाद बच्चे की जरुरत की सभी चीजें घर में मौजूद हो और आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं हो।

मालिश वाली

बच्चे के जन्म के बाद महिला को मालिश करवाने की सलाह दी जाती है क्योंकि मालिश करवाने से महिला को जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है। ऐसे में प्रसव से पहले की आप एक अच्छी मालिश वाली को भी बोल दें ताकि बाद में आपको कोई दिक्कत नहीं हो।

काम वाली

यदि आपको ऐसा लगता है की डिलीवरी के बाद आपके साथ घर में कोई बड़ा नहीं होगा तो डिलीवरी से पहले ही आप एक फुल टाइम कामवाली की तलाश कर लें। ताकि डिलीवरी के बाद आपको किसी तरह की परेशानी न हो और आप अपना और अपने बच्चे का ध्यान अच्छे से रख सकें।

तो यह हैं कुछ चीजें जिनकी जानकारी डिलीवरी से पहले महिला को रखनी चाहिए। ताकि डिलीवरी के समय और बाद में महिला को किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। और आप अपने मातृत्व के अहसास को अच्छे से एन्जॉय कर सकें।

Keep this important information before the birth of the child

आपका बेबी लम्बा होगा प्रेगनेंसी में करें यह काम

गर्भावस्था के दौरान महिला अपना दुगुना ध्यान रखती है क्योंकि अब महिला अकेली नहीं होती है। उसके गर्भ में एक नन्ही जान पल रही होती है। जो पूरी तरह से महिला पर ही निर्भर करती है। और हर गर्भवती महिला यही चाहती है की उसका होने वाला शिशु, गोरा, बुद्धिमान, स्वस्थ, हेल्दी, लम्बा हो।

ऐसे में यदि महिला प्रेगनेंसी में दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखती है तो इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास में मदद मिलती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्भावस्था के दौरान महिला को ऐसे कौन से काम करने चाहिए जिससे बच्चा लम्बा हो उस बारे में बताने जा रहे हैं।

कैल्शियम युक्त डाइट

गर्भावस्था के दौरान महिला को कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे की डेयरी प्रोडक्ट्स का भरपूर सेवन करना चाहिए। कैल्शियम युक्त डाइट का सेवन करने से गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डियों के बेहतर विकास में मदद मिलती है। और जब बच्चे की हड्डियां मजबूत होती है तो इससे बच्चे का शारीरिक विकास अच्छे से होता है।

प्रोटीन से भरपूर डाइट

प्रोटीन गर्भ में पल रहे बच्चे की कोशिकाओं के बेहतर विकास में मदद करता है। और यदि भ्रूण की कोशिकाओं का विकास अच्छे से होता है तो इससे शिशु आपके बच्चे की हाइट को बढ़ाने में भी मदद मिलती है। ऐसे में महिला को प्रेगनेंसी के दौरान और स्तनपान करवाते समय प्रोटीन युक्त डाइट जैसे की दालें, सूखे मेवें आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रहें

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला जितना अच्छे से अपना ध्यान रखती है और स्वस्थ रहती है उतना ही गर्भ में पल रहे बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है साथ ही बच्चे के अंगो का विकास अच्छे से होता है। और जब बच्चा स्वस्थ रहता है तो बच्चा हेल्दी रहता है, बच्चे की लम्बाई सही से बढ़ती है, आदि।

एक्टिव रहे

गर्भ में शिशु हर उस चीज से प्रभावित होता है जो उसकी माँ करती है ऐसे में गर्भावस्था के दौरान यदि महिला एक्टिव रहती है तो इससे भ्रूण को भी एक्टिव रहने में मदद मिलती है। और जब बच्चा एक्टिव रहता है तो उसका विकास भी तेजी से बढ़ता है ऐसे में गर्भावस्था के दौरान महिला को एक्टिव रहना चाहिए। साथ ही जन्म के बाद भी महिला को अच्छे की मालिश अच्छे से करनी चाहिए, बच्चे को भरपूर नींद लेने देनी चाहिए, स्तनपान के जरिये बच्चे को भरपूर पोषक तत्व पहुंचाने चाहिए, आदि। यदि महिला इन सभी बातों का ध्यान रखती है तो इससे जन्म के बाद बच्चे की हाइट बढ़ाने में मदद मिलती है।

प्रीनैटल विटामिन

शिशु के सही विकास के लिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को प्रीनैटल विटामिन लेने की सलाह दी जाती है। यह विटामिन बच्‍चे का सही तरीके से विकास करने में मदद करते हैं। यदि महिला इन विटामिन्स का प्रेगनेंसी के दौरान सही समय से करती है तो इससे बच्चे के विकास को सही तरीके से होने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे ट्राई करने से गर्भावस्था के दौरान बच्चे की लम्बाई को बढ़ाने में मदद मिलती है। यदि आप भी चाहते हैं की जन्म के बाद आपके बच्चे की हाइट अच्छी हो तो प्रेगनेंसी के दौरान इन बातों का अच्छे से ध्यान रखें।

Your baby will be tall, do this work in pregnancy

डिलीवरी के बाद क्या-क्या खाना नुकसानदेह होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान महिला अपना अच्छे से ध्यान रखती है ताकि महिला और बच्चे को हर परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके। वैसे ही महिला को बच्चे के जन्म के बाद भी अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि बच्चे के जन्म के बाद महिला का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है और बच्चा भी अपने विकास के लिए माँ पर ही निर्भर करता है।

बच्चे के जन्म के बाद महिला को क्या क्या खाना चाहिए जिससे महिला जल्दी फिट हो जाये और बच्चे का विकास बेहतर हो इसके बारे में तो हर कोई बता देता है। लेकिन डिलीवरी के बाद कौन से खाने पीने की चीजों से परहेज करना चाहिए इसके बारे में जानना भी जरुरी होता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको डिलीवरी के बाद महिला को क्या-क्या नहीं खाना चाहिए इस बारे में बताने जा रहे हैं।

ज्यादा तेज मिर्च मसालें

डिलीवरी के बाद महिला को जितना हो सके हल्का, पोषक तत्वों से भरपूर और कम मिर्च मसालों के भोजन का सेवन करना चाहिए। क्योंकि यदि महिला ज्यादा तेज मिर्च मसालें वाले भोजन का सेवन करती है तो इससे महिला को न तो पोषण मिलता है और पेट सम्बन्धी समस्या भी हो जाती है। साथ ही ज्यादा मिर्च मसाले वाले भोजन का प्रभाव स्तनपान के जरिये बच्चे पर भी पड़ता है जिससे बच्चे को भी सेहत सम्बन्धी परेशानी होने का खतरा बढ़ जाता है।

जिन चीजों को खाने से गैस बनती है

बच्चे के जन्म के बाद महिला को उन खाद्य पदार्थों का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए जिन्हे खाने से महिला को गैस बनती है। क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से माँ व् बच्चे दोनों को ही पेट में गैस, सीने में जलन, पेट में दर्द, खट्टी डकार जैसी परेशानियां हो सकती है।

ज्यादा फैट युक्त चीजें

डिलीवरी के बाद महिला को जरुरत से ज्यादा ऐसी चीजों का सेवन भी करने से बचना चाहिए जिसमे वसा की मात्रा की अधिकता होती है। क्योंकि ऐसी चीजों का सेवन करने से महिला का वजन जरुरत से ज्यादा बढ़ सकता है जिसके कारण महिला को शारीरिक बिमारियों से जुडी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।

जिन खाद्य पदार्थों को खाने से महिला को एलर्जी होती है

बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हे खाने से एलर्जी होने का खतरा रहता है, और कुछ कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से महिला को पहले से ही एलर्जी होती है। तो ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी डिलीवरी के बाद महिला को बचना चाहिए। क्योंकि स्तनपान के जरिये इन खाद्य पदार्थों से बच्चे को भी एलर्जी होने का खतरा रहता है।

दवाइयां

बच्चे के जन्म के बाद भी महिला को डॉक्टर्स की सलाह के बिना किसी भी तरह की दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसी दवाइयां बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है।

कैफीन

केवल डिलीवरी के बाद ही नहीं बल्कि जब तक बच्चा स्तनपान करता है तब तक महिला को कैफीन का सेवन अधिक मात्रा में करने से बचना चाहिए। क्योंकि कैफीन का अधिक सेवन बच्चे के विकास में कमी का कारण बन सकता है।

नशीले पदार्थ

बच्चे के स्तनपान करने तक महिला को शराब, अल्कोहल व् अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि नशीले पदार्थों का सेवन बच्चे के शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक विकास में कमी का कारण भी बन सकता है।

बिना धुले व् खराब फल व् सब्जियां

डिलीवरी के बाद महिला को बहुत देर तक कटे पड़े फल, बासी खाना, खराब व् बहुत दिनों के रखे फल व् सब्जियां खाने के लिए इस्तेमाल में नहीं लानी चाहिए। क्योंकि ऐसी चीजों का सेवन करने से महिला को इन्फेक्शन होने साथ बच्चे के संक्रमित होने का खतरा भी होता है।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन डिलीवरी के बाद महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह सभी खाद्य पदार्थ माँ व् बच्चे दोनों की सेहत को नुकसान पहुंचाते है इसके अलावा महिला को उन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिससे महिला को डिलीवरी के बाद जल्दी फिट होने और बच्चे के बेहतर विकास में मदद मिल सके।

Which food is harmful after delivery