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गर्भावस्था में इन्फेक्शन से ऐसे करें बचाव

गर्भावस्था में इन्फेक्शन से ऐसे करें बचाव, प्रेगनेंसी के दौरान इन्फेक्शन से बचने के टिप्स, गर्भवती महिला ऐसे करें इन्फेक्शन से बचाव, प्रेगनेंसी में इन्फेक्शन से बचने के लिए अपनाएँ यह टिप्स, गर्भवती महिला इन बातों का रखे खास ध्यान

प्रेगनेंसी किसी भी महिला का सबसे खास और सुखद अहसास होता है, और इस लम्हे को बेहतरीन तरीके से एन्जॉय करने के लिए और गर्भ में शिशु के बेहतर विकास के लिए जरुरी होता है, की गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न करे। क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु पूरी तरह से माँ पर ही निर्भर होता है, ऐसे में महिला यदि किसी तरह की लापरवाही करती है तो ऐसा करने से न केवल प्रेग्नेंट महिला के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। बल्कि इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है। जैसे की यदि प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इन्फेक्शन की समस्या जाती है तो हो सकता है की गर्भनाल के रास्ते उस इन्फेक्शन का वायरस गर्भ में पल रहे शिशु तक पहुँच जाए। और शिशु का विकास इससे प्रभावित हो जाए, तो आइये आज हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान इन्फेक्शन की समस्या से बचने के लिए आप किन किन टिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं उनके बारे में बताते हैं।

साफ़ सफाई का रखे ध्यान

गर्भवती महिला को सबसे पहले तो अपने आस पास की चीजों, अपने खाने पीने की चीजों, अपने इस्तेमाल किये जाने वाले अन्य सामान की सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि यदि आप इनकी साफ़ सफाई नहीं रखती है तो इस पर धूल मिट्टी के जमने के कारण हानिकारक बैक्टेरिया का जमाव हो सकता है। जो आपके हाथों के माध्यम से आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है जिसके कारण आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या या इन्फेक्शन आदि की समस्या सामना करना पड़ सकता है।

खान पान में बरते सावधानी

ज्यादा देर कटे पड़े फल व् सब्जियां, बिना धुली हुई फल सब्जियां, बिना ढका रखा हुआ खाना , स्प्राउट्स, अंकुरित सब्जियां आदि का सेवन भी गर्भवती महिला नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस पर हानिकारक बैक्टेरिया का जमाव हो सकता है जिसके कारण आपको इन्फेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बेहतर स्वस्थ और गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर विकास के लिए ताजा, संतुलित, पोषक तत्वों से भरपूर आहार ही लेना चाहिए। खाने में एक बात का और खास ध्यान रखें की खाना ताजा होने के साथ अच्छे से पका हुआ भी होना चाहिए, क्योंकि अधपका खाना पेट में इन्फेक्शन की समस्या खड़ी कर सकता है।
साथ ही खाने के बाद और खाने से पहले अपने हाथ अच्छे से धोएं, और सुखाएं।

पानी का करे भरपूर सेवन

पानी की कमी के कारण या शरीर में विषैले पदार्थो के जमाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को यूरिन में इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है। और यूरिन में इन्फेक्शन महिला के लिए प्रेगनेंसी के दौरान प्राइवेट पार्ट में जलन, खुजली, बार बार यूरिन की समस्या आदि जैसी परेशानी को बढ़ा सकता है। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए गर्भवती महिला को पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए, इससे बॉडी को हाइड्रेट रहने, प्रेगनेंसी के दौरान ऊर्जा से भरपूर रहने, यूरिन इन्फेक्शन से बचाव, शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकालने जैसी समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

प्रदूषण से बचें

गर्भवती महिला के लिए प्रदूषण से बचाव बहुत जरुरी होता है क्योंकि इसके बुरे प्रभाव से केवल गर्भवती महिला ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहा शिशु भी प्रभावित होता है, जिससे उसके शारीरिक के साथ मानसिक विकास में भी कमी आ सकती है। ऐसे में गर्भवती महिला को अधिक प्रदूषण वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए, साथ ही जब भी घर से निकले तो मुँह पर मास्क का प्रयोग करना चाहिए।

बाहर के खाने से बचें

बॉडी में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान महिला के जीभ के स्वाद में परिवर्तन आना बहुत ही आम होती है। और कई बार महिला का बाहर का चटपटा खाने का मन करता है, जंक फ़ूड खाने का मन करता है, लेकिन महिला को इन सबके सेवन से परहेज करना चाहिए। क्योंकि बाहर का खाना महिला के लिए इन्फेक्शन की समस्या खड़ी कर सकता है।

भीड़भाड़ से बचें

गर्भवती महिला को किसी भी ऐसी जगह पर नहीं जाना चाहिए जहां पर अधिक भीड़ हो या अधिक शोर हो क्योंकि ऐसी भीड़ में जाना भी महिला को इन्फेक्शन से ग्रसित कर सकता है। और ज्यादा शोर आदि में जाने के कारण गर्भ में पाक रहे शिशु के सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है। ऐसे में जितना हो सके आपको ऐसी जगह पर जाने से बचना चाहिए।

जिन चीजों से एलर्जी हो उनसे बचें

प्रेगनेंसी में महिला को उन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे महिला को इन्फेक्शन या एलर्जी होने की सम्भावना रहती है, क्योंकि हो सकता है यह गर्भवती महिला के साथ गर्भ में शिशु को भी प्रभावित करे। साथ ही यदि आपको किसी चीज से एलर्जी हो जाए तो बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कच्चा दूध व् उससे बनी चीजों से रखे परहेज

गर्भवती महिला को कच्चा दूध, उससे बना पनीर आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें भी हानिकारक बैक्टेरिया होता है जो गर्भवती महिला के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

घर में जानवर हो तो उससे रखे दूरी

हो सकता हो की आपके घर में कोई पालतू कुत्ता, बिल्ली या अन्य कोई जानवर हो तो ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान आपको उससे भी दूरी रखनी चाहिए। और हो सके तो उसके काम से भी बचना चाहिए लेकिन यदि घर में कोई नहीं है तो आप मास्क और ग्लव्स पहनकर ही उसका काम करें।

इन्फेक्शन के रोगी के पास न जाएँ

गर्भवती महिला को एक बात का खास ध्यान और रखना चाहिए की उन लोगो के संपर्क से दूर रहें जिन्हे इन्फेक्शन की समस्या होती है। क्योंकि इससे इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है, और यदि आपके घर में किसी को इन्फेक्शन हो गया है तो उस व्यक्ति के बर्तन, कपडे सब हो सके तो अलग रखने चाहिए।

डॉक्टर से करवाएं जांच

गर्भवती महिला को समय से अपने सभी इंजेक्शन लगवाने चाहिए, अच्छे से शारीरिक जांच करवानी चाहिए, ताकि महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की समस्या न हो और गर्भ में पल रहे शिशु भी स्वस्थ रहे।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल आप प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु को इन्फेक्शन से बचाने के लिए कर सकते हैं। साथ ही इस दौरान महिला को अपने खान पान के प्रति बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, समय से डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए, ताकि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के साथ प्रेगनेंसी में होने वाली किसी भी परेशानी से बचाव करने में मदद मिल सके।

तीसरे ट्राइमेस्टर में यह काम करें बच्चे के लिए दूध की कमी नहीं होगी

गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए प्रेग्नेंट महिला अपने खान पान व् अन्य छोटी से छोटी बात का ध्यान रखती है। साथ ही जन्म के बाद बच्चे का दिमाग तेज हो, होने वाले शिशु बिमारियों से सुरक्षित रहे इसके लिए भी महिला शिशु के जन्म से पहले गर्भ में ही उसकी देखभाल करना शुरू कर देती है। ऐसे ही शिशु के जन्म के बाद शिशु को माँ की दूध की कमी न हो इसका ख्याल भी महिला को शिशु के जन्म से पहले अच्छे से रखना चाहिए।

अब आप सोच रही होंगी ऐसा कैसे होगा? गर्भ में शिशु के आते ही स्तनों में दूध बनने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। ऐसे में यदि आप कुछ टिप्स का ध्यान रखती है तो ऐसा करने से ब्रेस्ट में दूध बनने की प्रक्रिया को सही होने में मदद मिलती है। जिससे जन्म के बाद बच्चे को दूध की कमी नहीं होती है। तो आइये अब जानते हैं की वो टिप्स कौन से हैं।

पौष्टिक भोजन

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपने खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि महिला जितने अच्छे तरीके से अपने खान पान का ध्यान रखती है। उतना ही ज्यादा प्रेगनेंसी के दौरान महिला को स्वस्थ रहने, बच्चे का बेहतर विकास होने व् महिला के शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा को भरपूर रखने में मदद मिलती है। और महिला जितनी फिट रहती है उतना ही बॉडी में चल रही क्रियाओं को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। और जब सभी क्रियाएं बेहतर तरीके से काम करती है तो ब्रेस्ट में दूध बनने की प्रक्रिया भी अच्छे से होती है। जिससे जन्म के बाद दूध की कमी नहीं होती है।

ब्रा पहनते समय ध्यान रखें

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में वजन बढ़ने जाने के कारण ब्रेस्ट साइज भी बढ़ जाता है साथ ही उस समय भी स्तनों में दूध बनने की प्रक्रिया चल रही होती है। ऐसे में आपको अपने साइज से थोड़ी बड़ी ब्रा पहननी चाहिए ताकि आपको ब्रेस्ट से जुडी समस्याओं से बचे रहने में मदद मिल सके। और दूध बनने की प्रक्रिया भी अच्छे से हो, इस बात का ध्यान रखने से भी आपको फायदा होता है।

डेयरी प्रोडक्ट्स लें भरपूर

दूध व् दूध से बनी चीजों का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर मात्रा में करना चाहिए। क्योंकि यह कैल्शियम का बेहतरीन स्त्रोत होता है जो माँ व् बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही जितना आप प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में दूध का सेवन करेंगी उतना ही शिशु के लिए ब्रेस्टमिल्क का उत्पादन बढ़ सकता है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान यदि प्रेग्नेंट महिला रखती है तो ऐसा करने से जन्म के बाद बच्चे को दूध की कमी नहीं होती है। साथ ही हर महिला को शिशु के जन्म के बाद स्तनपान जरूर करवाना चाहिए क्योंकि यह माँ के साथ बच्चे के लिए भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यदि जन्म के बाद शिशु के लिए पर्याप्त नहीं आता है तो भी घबराएं नहीं क्योंकि शिशु के जन्म के बाद भी आप अपने खान पान में कुछ ऐसी चीजों को शामिल कर सकते हैं जो स्तनपान में वृद्धि करते हैं।

इन उपायों से भाग जायेंगे 10 मिनट में मच्छर

मच्छर भगाने के उपाय :- हमारी दुनिया में बहुत से छोटे-बड़े जीव है जिनमे से बहुत से जीवों के बारे में हम नहीं जानते लेकिन फिर भी वे हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते है. इन्ही में से एक है मच्छर जिसे हम सभी बहुत अच्छी तरह जानते है और जिसका घर में होना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह होता है. सर्दियों के मौसम में इनका इतना प्रकोप देखने को नहीं मिलता लेकिन मौसम में गर्माहट आने के साथ-साथ घर में इनकी तादाद भी बढ़ने लगती है.

मच्छर मनुष्य जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा है. मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि जैसी खतरनाक बिमारियों का करना मच्छर ही होते है. इसके साथ ही त्वचा पर आये विभिन्न तरह के निशान और लालिमा भी इन मच्छरो के काटने से आती है. गर्मियों के अलावा बरसात के मौसम में भी मच्छरों का आतंक देखने को मिलता है.

अधिकतर मच्छर ज्यादा आद्रता वाले क्षेत्रो में पनपते है. जो दुनिया में फैली बहुत सी बिमारियों का कारण भी होते है. ऐसे में खुद को मच्छरो से बचाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. ऐसे तो बाज़ार में ढेरों उत्पाद मौजूद है जिनकी मदद से इन मच्छरो से पीछा छुड़ाया जा सकता है. लेकिन उन सभी के निर्माण में कई तरह के रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है. जो आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव भी डाल सकते है. ऐसे में करें तो क्या?

क्योंकि घर में मच्छरों को आने से रोक पाना थोडा कठिन है. इसके साथ ही बाहर निकलते समय इन काटने से बचना और भी मुश्किल. इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे आसान और टिकाऊ घरेलु उपायों के बारे में बताने जा रहे है, जिनकी मदद से आप घर के कोने-कोने से मच्छरों को भगा सकते है. और सबसे बड़ी बात की इन उपायों के लिए आपको बहुत अधिक पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है. तो आइए जानते है मच्छरों को दूर करने के घरेलु उपाय!

प्रेगनेंसी में ज्यादा गर्मी लगने के कारण

प्रेगनेंसी के दौरान महिला बहुत से ऐसे अनुभव करती है जिनका अहसास उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान ही होता है। जैसे की मूड स्विंग्स होने के कारण अचानक से गुस्सा आना और फिर शांत हो जाना, अपनी पसंद की खाने की चीजों को खाने का मन न करना, बहुत ज्यादा गर्मी महसूस करना आदि। और ऐसा होना प्रेगनेंसी के दौरान बहुत आम बात होती है। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेग्नेंट महिला को बहुत ज्यादा गर्मी लगने के क्या कारण होते हैं। इस बारे में बताने जा रहे हैं।

हार्मोनल बदलाव

गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से गर्भवती महिला को गर्मी अधिक लगना आम बात होती है। गर्मी लगने के साथ प्रेग्नेंट महिला को पसीना अधिक आना भी आम बात होती है।

ज्यादा टाइट कपडे पहनने के कारण

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को सूती व् अपने साइज से थोड़े खुले कपडे पहनने की सलाह दी जाती है। ताकि गर्भवती महिला रिलैक्स महसूस कर सके। ऐसे में गर्भवती महिला यदि टाइट कपडे पहनती है या फिर सूती के अलावा ऐसे कपडे पहनती है जो उसे चुभते हैं। तो इस कारण गर्भवती महिला को ज्यादा गर्मी का अहसास होता है। ऐसे में गर्मी की समस्या से बचने के लिए महिला को सूती व् खुले कपडे पहनने चाहिए।

घर में गर्मी होने के कारण

यदि आपके घर में सीधी धूप आती है। तो इसके कारण घर में ज्यादा गर्मी हो जाती है। जिसकी वजह से प्रेग्नेंट महिला को ज्यादा गर्मी महसूस होती है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए घर को कूलर या एसी चलकर ठंडा रखना चाहिए साथ ही घर के उन हिस्सों पर पर्दें लगाने चाहिए जहां से सीधी धूप आपके घर में आती है।

लम्बे समय तक किचन में काम करने की वजह से

प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला किचन में बहुत देर तक काम करती है। तो इसके कारण भी महिला को गर्मी अधिक लगने की समस्या होती है। ऐसे में गर्भवती महिला को इस परेशानी से बचने के लिए किचन में रुक -रुक कर काम करना चाहिए। या फिर किचन में पंखा लगवाना चाहिए और कुर्सी रखनी चाहिए। ताकि जो काम बैठकर हो सकता है वो आप आराम से कर सके और आपको गर्मी अधिक न लगे।

शरीर में पानी की कमी होने के कारण

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को भरपूर मात्रा में पानी व् अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ताकि महिला व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। लेकिन यदि गर्भवती महिला का शरीर हाइड्रेट नहीं होता है तो इसके कारण प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियां बढ़ने के साथ महिला को गर्मी का अहसास भी अधिक होता है।

ज्यादा मिर्च मसालों से युक्त आहार खाने के कारण

जो प्रेग्नेंट महिलाएं बहुत ज्यादा मिर्च मसालों से भरपूर आहार का सेवन करती हैं। उन प्रेग्नेंट महिलाओं को भी गर्मी का अहसास अधिक होता है। ज्यादा ज्यादा मसालों के सेवन पेट के अलावा शरीर में भी गर्मी को बढ़ा सकता है।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से प्रेग्नेंट महिला को गर्मी का अहसास ज्यादा होता है। ऐसे में गर्भवती महिला को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि गर्भवती महिला को अधिक गर्मी लगने की परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके।

प्रेगनेंसी के सुबह गुनगुना पानी पीने के फायदे

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पानी पीना सेहत के लिए कितना फायदेमंद हैं यह तो आप सभी जानते हैं, यहां तक डॉक्टर्स भी दिन में आठ से दस गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। और सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से बॉडी को बहुत फायदा मिलता है, और यह फायदा महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान भी मिलता है। साथ ही शिशु के बेहतर विकास के साथ प्रेगनेंसी के दौरान महिला को होने वाली बहुत सी परेशानियों से निजात दिलाने में भी सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से फायदा मिलता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

मॉर्निंग सिकनेस से मिलता है आराम

ज्यादातर महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से परेशान रहती हैं। इसका एक कारण बॉडी में डिहाइड्रेशन का होना भी हो सकता है। ऐसे में यदि महिला नियमित सुबह उठकर गुनगुने पानी का सेवन करती है तो ऐसा करने से महिला को मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है

सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से बॉडी में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकलने में मदद मिलती है, जिससे पेट से जुडी समस्या जैसे कब्ज़, एसिडिटी जैसी समस्या से निजात मिलता है। साथ ही मेटाबोलिज्म को भी बेहतर होने में मदद मिलती है जिससे गर्भवती महिला की पाचन क्रिया को दुरुस्त रहने में मदद मिलती है। और पाचन क्रिया के दुरुस्त रहने से बॉडी पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करती है।

ब्लड सर्कुलेशन होता है बेहतर

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु और गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को सही रखने के लिए बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन का बेहतर होना बहुत जरुरी होता है। इससे शिशु का विकास अच्छे से होता है, साथ ही बॉडी में ऑक्सीजन का प्रवाह भी बेहतर तरीके से होता है। जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को भरपूर पोषक तत्व मिलते हैं।

एनर्जी मिलती है

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण कमजोरी व् थकान की समस्या का होना आम बात होती है। ऐसे में सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से न केवल शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, बल्कि यह शरीर को ऊर्जा से भरपूर रखने में भी मदद करता है। जिससे गर्भवती महिला को शरीर के अंगो में दर्द, थकान, कमजोरी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

कब्ज़ से राहत

कब्ज़ का होना प्रेगनेंसी के दौरान आम बात होता है, ऐसे में गुनगुना पानी पीने से पेट अच्छे से साफ़ हो जाता है। और महिला को भूख भी अच्छे से लगती है, साथ ही कब्ज़ जैसी समस्या से भी महिला को निजात मिलता है।

सूजन से राहत

ब्लड सर्कुलेशन सही न होने के कारण कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान सूजन की समस्या से भी परेशान रहती हैं। लेकिन यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान नियमित सुबह गुनगने पानी का सेवन करती है तो ऐसा करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। जिससे सूजन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

स्वस्थ रहते है माँ और शिशु

गुनगुना पानी प्रेगनेंसी के दौरान वेसोडाइलेटर का काम करता है जिससे बॉडी में सभी अंगो में पोषक तत्व और ऑक्सीजन बेहतर तरीके से पहुँचते है। और पोषक तत्व का भरपूर मात्रा में मिलना प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी के लिए बहुत जरुरी होता है जिससे गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो की प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को नियमित सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से मिलते हैं। और इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को स्वस्थ रहने के लिए और शिशु के बेहतर विकास के लिए प्रेग्नेंट महिला को ऐसा जरूर करना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए की पानी ज्यादा उबला हुआ या गर्म न हो क्योंकि इससे आपको नुकसान भी पहुँचा सकता है, हल्के गुनगुने पानी का ही सेवन करना चाहिए।

यूट्यूब विडिओ –

गर्भवती महिलाओं को सुबह गुनगुना पानी क्यों पीना चाहिए? गर्भावस्था में गुनगुना पानी पीने के फायदे

प्रेग्नेंट महिला को आलू के चिप्स खाने से ये नुकसान हो सकते हैं

प्रेगनेंसी में आलू चिप्स खाने चाहिए या नहीं, प्रेगनेंसी महिला के लिए एक ऐसा समय होता है जहां महिला को बहुत से बदलाव का अनुभव करना पड़ सकता है। और यह बदलाव महिला को शारीरिक रूप, मानसिक रूप से महसूस होने के साथ जीभ के स्वाद में भी महसूस हो सकते हैं। जैसे की कई बार महिला का कुछ न कुछ अलग खाने की इच्छा हो सकती है जिसे क्रेविंग कहा जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है की प्रेगनेंसी में आपका जो भी चीज खाने का मन करे उसे आप खा लें।

बल्कि आपके लिए इस बात का ध्यान रखना सबसे जरुरी होता है की जो आप खा रही है उसका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करना चाहिए या नहीं। क्योंकि महिला यदि किसी ऐसी चीज का सेवन करती है जिसका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए। तो इससे महिला के स्वास्थ्य के साथ शिशु का विकास भी प्रभावित हो सकता है। तो आइये आज हम इस आर्टिकल में प्रेगनेंसी के दौरान पोटैटो चिप्स के बारे में बात करने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में आलू के चिप्स का सेवन करना चाहिए या नहीं?

प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के दौरान अधिक तेल, नमक, चीनी आदि का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। और आलू के चिप्स को बनाने के लिए तेल, नमक, चीनी आदि का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में गर्भवती महिला यदि इनका सेवन करती है तो इसके कारण महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बाजार में मिलने वाले पोटैटो चिप्स का सेवन करने से बचना चाहिए।

प्रेगनेंसी में आलू चिप्स खाने के नुकसान

यदि प्रेग्नेंट महिला आलू चिप्स का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करती है। तो इसके कारण महिला को बहुत सी दिक्कतें हो सकती है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में आलू के चिप्स खाने से कौन से नुकसान हो सकते हैं।

वजन

यदि प्रेग्नेंट महिला आलू के चिप्स का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करती है तो इसके कारण बॉडी में वसा की मात्रा बढ़ सकती है। जिसके कारण गर्भवती महिला का वजन जरुरत से ज्यादा बढ़ सकता है। और प्रेग्नेंट महिला का जरुरत से ज्यादा वजन बढ़ना प्रेग्नेंट महिला व् शिशु दोनों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

सूजन

आलू के चिप्स को बनाने के लिए जिस तेल का इस्तेमाल किया जाता है उस तेल में लिनोलेइक एसिड मौजूद होता है। साथ ही आलू के चिप्स में नमक की भी अधिकता होती है। जिसके कारण गर्भवती महिला को सूजन जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हदय रोग

आलू के चिप्स को तलने के लिए तेल का इस्तेमाल किया जाता है ऐसे में आलू के चिप्स अधिक खाने से बॉडी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है। जिसके कारण गर्भवती महिला को हदय रोग जैसी समस्या होने का भी खतरा रहता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान आलू के चिप्स के सेवन से जुडी कुछ खास बातें, यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपका भी आलू के चिप्स खाने का मन करता है। तो ऐसे में आप भी इस बात का ध्यान रखें की आलू के चिप्स आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान इनका सेवन करने से परहेज रखें।

बेबी मूवमेंट कब से होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान माँ के पेट में शिशु की हलचल महसूस होना प्रेगनेंसी का सबसे यादगार और बेहतरीन पल होता है। क्योंकि यह हलचल महिला को अपने बच्चे से और करीब होने का अहसास करवाती है। साथ ही जैसे जैसे पेट में बच्चे का विकास बढ़ता जाता है। वैसे वैसे गर्भ में बच्चे की हलचल भी बढ़ने लगती है। पहली बार माँ बन रही महिला के मन में यह सवाल जरूर आता है की कब उनका शिशु गर्भ में हलचल करेगा।

जबकि दूसरी बार माँ बन रही महिलाएं इस अनुभव को आसानी से समझ जाती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम शिशु कब से पेट में हलचल करता है, कम हलचल का क्या मतलब होता है, ज्यादा हलचल का क्या मतलब होता है, और शिशु हलचल न करे तो क्या करना चाहिए इस बारे में जानते हैं।

कब शुरू करता है शिशु हलचल?: वैसे तो शिशु की आकृति बनने के बाद से ही शिशु गर्भ में घूमना शुरू कर देता है। लेकिन शिशु का आकार छोटा होने के कारण महिला उसे समझ नहीं पाती है और महिला को वह हलचल महसूस भी नहीं होती है। पर उसके बाद जब शिशु का आकार बढ़ता है तो महिला को शिशु की हलचल महसूस होने लगती है। यह हलचल प्रेगनेंसी के पांचवें महीने की शुरुआत या अंत तक आते आते लगभग हर महिला को महसूस होने लग जाती है। लेकिन जो महिलाएं पहली बार माँ बन रही होती है उन्हें इस हलचल को समझने में थोड़ा समय लग सकता है।

शिशु की हलचल में कमी का कारण?: कई बार प्रेगनेंसी के छठे सातवें महीने में महिला को शिशु की हलचल का अनुभव तो होता है लेकिन शिशु बहुत कम समय के लिए हलचल करता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला का परेशान होना बहुत ही आम बात होती है। और शिशु की हलचल कम क्यों हो रही है इसके बारे में जानना बहुत जरुरी हो जाता है। तो यदि आप प्रेग्नेंट हैं और आपका शिशु भी कम हलचल करता है तो इसका सबसे बड़ा कारण शिशु के विकास में कमी हो सकती है, इसके अलावा शिशु तक ऑक्सीजन का सही से न पहुँचने के कारण भी शिशु की हलचल में कमी आ सकती है।

शिशु की हलचल न होने पर क्या करें?: कई बार जब प्रेग्नेंट महिला किसी काम को कर रही होती है तो उस दौरान हो सकता है की प्रेग्नेंट महिला को शिशु ही हलचल का अनुभव न हो। लेकिन यदि आप बहुत देर से आराम कर रही है, बहुत शोर होने पर भी शिशु गर्भ में हलचल नहीं करता है। तो इस लक्षण को अनदेखा नहीं करना चाहिए। और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि माँ के पेट में बच्चे की हलचल में कमी खतरे की और इशारा करती है।

कब करता है शिशु सबसे ज्यादा हलचल?: शिशु सबसे ज्यादा हलचल रात के समय करता है, जब बहुत अधिक शोर या रौशनी होती है, जब आप आराम से बैठी होती हैं, तो शिशु सबसे ज्यादा हलचल करता है।

तो यह हैं माँ के पेट में शिशु के हलचल से जुडी कुछ बातें, जो की प्रेग्नेंट महिला को जरूर ध्यान रखनी चाहिए और पता होनी चाहिए। ताकि माँ और बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

Baby Movement in the Womb Hindi Video

गर्मियों में पसीने की बदबू से परेशान हैं? ये हैं दूर करने के घरेलू उपाय

गर्मियों में शरीर से निकलने वाले पसीने से आने वाली बदबू किसी को भी शर्मिंदा कर सकती है। ऐसे में इनसे छुटकारा पाना और भी जरुरी हो जाता है। इसीलिए आज हम आपको गर्मियों में आने वाली पसीने की बदबू के कारण और घरेलू उपाय बताने जा रहे है। ये प्राकृतिक उपाय आपकी इस समस्या को दूर करने में मदद करेंगे।

गर्मियों के मौसम में होने वाली परेशानियां लगभग हर किसी को एक समान परेशान करती है। जहाँ एक तरफ दिन में चलने वाली गर्म लू त्वचा से नमी सोखकर उसे रुखा बना देती है वहीं दूसरी तरफ इस समय निकलने वाले पसीने से आने वाली बदबू से हर व्यक्ति परेशान रहता है। पसीना आना बुरी बात नहीं है, ये होना बेहद जरुरी है लेकिन पसीने से बदबू भी आये, ये जरुरी नहीं। बहुत से लोगों के साथ ये परेशानी एक श्राप की तरह चिपकी रहती है।

वे चाहे कितने ही deo लगा लें लेकिन पसीना आने के बाद उनके शरीर से बहुत बदबू आती है। जो किसी के लिए भी असहनीय हो सकती है। सामान्य तौर पर तो लोग इसे मैनेज कर भी लें लेकिन जब बात ऑफिस की लॉफ्ट और भीड़ भाड़ वाली जगहों की आती है तो ये आपके लिए शर्मसार भी हो सकती है। ऐसे में आपको चाहिए की इससे निजात पाने के लिए कुछ करें।पसीने की बदबू

इसीलिए आज हम आपको गर्मियों में आने वाली पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय बताने जा रहे है। जिनकी मदद से आप अपनी इस समस्या से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकेंगे। और इनके लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये सभी आपके घर में मौजूद उत्पादों को मिलाकर ही बने है। तो आइए जानते है पसीने की बदबू को दूर करने के घरेलू उपाय। लेकिन किसी भी समस्या से पहले उसके कारणों के बारे में जानना चाहिए। ताकि आप इस समस्या को बढ़ने से रोक सके। इसीलिए हम पहले पसीने से आने वाली बदबू के कारण बताने जा रहे है।

पसीने की बदबू के कारण :-

शरीर से आने वाली पसीने की बदबू का कारण उसमे मौजूद बैक्टीरिया होते है। वास्तव में पसीने से आने वाली बदबू बैक्टीरिया के अवशिष्ट पदार्थों की होती है। इसके अलावा भी कुछ कारण है जिनकी वजह से गर्मियों में पसीने की बदबू आती है। वे कारण निम्नलिखित है-

  • साफ़-सफाई का ध्यान न रखना बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य कारण होता है।
  • तेज मिर्ची वाले खाद्य पदार्थ भी पसीने की बदबू का कारण होते है।
  • बहुत अधिक पसीना आने से भी बैक्टीरिया पनपने लगते है।
  • कैफीन युक्त ड्रिंक का सेवन भी पसीना आने का कारण होता है।
  • धुम्रपान, अल्कोहल आदि का सेवन करने से शरीर तरल पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में विसर्जन करता है।
  • गर्मियों में पसीना न सोखने वाले कपडे भी इन बैक्टीरिया के पनपने का कारण होते है।
  • मधुमेह
  • थाइरोइड की समस्या

इसके अतिरिक्त कुछ दवाएं भी पसीने की बदबू का कारण होती है।

गर्मियों में पसीने की बदबू से छुटकारा पाने के उपाय :-

1. मसालों से रहें दूर :

अगर आपके पसीने से भी बदबू आती है तो हो सकता है की इसका कारण आपके मसलें हो। क्योंकि अगर आप अपने खाने में गर्म मसालें जैसे- मिर्ची, लहसुन, आचार आदि को सम्मिलित करते है तो हो सकता है की ये आपके शरीर में बदबू वाले बैक्टीरिया के निर्माण में योगदान दें। इसलिए इन गर्म मसालों से थोडा दूर ही रहे। इससे आपकी समस्या अपने आप ही हल हो जाएगी।

2. बेकिंग सोडा :

जी हां, बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करके भी आप पसीने की बदबू से छुटकारा पा सकते है। ये बॉडी में पसीने को कम करके कई घंटो तक उस बदबू को दूर रखने में मदद करेगा। इसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा को ताजे नींबू के रस में मिलाकर नहाने के बाद underarms में लगा लें। आप चाहे तो सीधे बेकिंग सोडा का भी इस्तेमाल कर सकते है। ये शरीर से अतिरिक्त पसीने को सोखकर छिद्रों को साफ़ करके बंद कर देता है और बदबू फ़ैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त कर देता है। इसके अलावा आप चाहे तो इसे कॉर्न स्टार्च के साथ मिलाकर भी प्रयोग में ला सकते है।

3. सफ़ेद सिरका :

पसीने की बदबू के लिए सफ़ेद सिरका, एक बेहतर एंटी बैक्टीरियल एजेंट और astringent एजेंट के रूप में कार्य करता है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 50-60 ml सफ़ेद सिरके को मिलाकर प्रयोग करें। आप चाहे तो रुई की मदद से सीधे सिरके को भी लगा सकते है। ये त्वचा में मौजूद बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है और नये बैक्टीरिया के निर्माण को भी रोकता है। आप चाहे तो इसकी जगह सेब के सिरके का भी इस्तेमाल कर सकते है।

4. पानी :

अधिक से अधिक पानी का सेवन शरीर से toxins को निकालने में मदद करता है। इसीलिए रोजाना 8-10 ग्लास पानी का सेवन करें। ये आपको स्वस्थ रखने के अलावा शरीर को detoxify करके बदबू फैलाने वाले केमिकल के निर्माण को कम करता है।

5. सामान्य नमक :

नमक में disinfectant गुण पाए जाते है जिसके बारे में हममें से बहुत से लोग नहीं जानते। पैरों में पसीने की बदबू हटाने के लिए, 8-10 मिनट के लिए गर्म नमक वाले पानी में अपने पैर डुबोएं रखें। नमक और गर्म पानी दोनों मिलकर पैरों में बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को समाप्त करने में मदद करता है। पैरों में पसीने की बदबू पुरे दिन पहने जाने वाले जूते और जुराबों के कारण आती है। जो बैक्टीरिया के लिए घर का काम करते है।

6. धुम्रपान छोड़ें :

जी हां, स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालने के साथ-साथ धुम्रपान करना आपके शरीर से आने वाली पसीने की बदबू का भी कारण हो सकता है। इतना ही नहीं धुम्रपान करने वाले व्यक्ति के पास में बैठना भी आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इसीलिए, अगर आप धुम्रपान करते है तो तुरंत अपनी इस आदत को बदलें। और इस बदबू से राहत पायें।

7. एसेंशियल आयल :एसेंशियल आयल

पाइन, lavender और peppermint आयल बहुत जल्द सूखने वाले एंटी बैक्टीरियल एजेंट है। बहुत से लोग बिना किसी कारण के भी इसका इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करते है। लेकिन इसके इस्तेमाल से पूर्व एक पैच टेस्ट जरुर कर लें। अगर किसी तरह की एलर्जी नहीं है तो इसका इस्तेमाल पसीने की बदबू को दूर करने के लिए करें। बदबू दूर करने के साथ-साथ ये आपको एक बेहतर खुशबु देने में भी मदद करेगा।

8. अनचाहे बाल :

अपने underarm और प्यूबिक हेयर की नियमित शेविंग और वैक्सिंग भी पसीने और शरीर की बदबू से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकती है। शरीर पर मौजूद बाल पसीने के लिए जगह बढ़ा जाता है जिससे वो बहुत जल्दी उड़ जाता है। लेकिन ये एक लम्बे समय के लिए पसीने की बदबू का भी निर्माण करता है। इसीलिए अगर आप भी शरीर की बदबू से परेशान है तो नियमित रूप से शेविंग या वैक्सिंग करें।

9. टी ट्री आयल :

पसीने की बदबू से राहत पाने का ये सबसे अच्छा प्राकृतिक उपाय है। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण sweat prone क्षेत्रों में बदबू फैलाने वाले बैक्टीरिया के निर्माण को रोकते है। अगर आपके शरीर से भी पसीने की बदबू आती है तो टी ट्री आयल का इस्तेमाल करें। फायदेमंद होने के साथ-साथ ये एक सुरक्षित घरेलू उपाय है।

10. मक्का :cornstarch

कॉर्न स्टार्च, एक बेहतर मॉइस्चराइज absorber है जो धुप में आपके पसीने को सोखने में मदद करता है। इसके लिए दिन में किसी भी समय इसे अपनी त्वचा पर लगा लें। आप चाहे तो इसके साथ बेकिंग सोडा मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते है।

11. कैफीन युक्त पदार्थ :

कैफीन युक्त पदार्थ जैसे कॉफ़ी, चाय और कोला आदि भी पसीने का कारण बनते है। इनके कारण शरीर से पानी की बहुत अधिक मात्रा निकलती है। आपने भी देखा होगा जब आप कैफीन का सेवन करते है तो आपको बहुत यूरिन और पसीना आता है। इसीलिए दिन भर में केवल 2 कैप कैफीन का ही सेवन और अपने पसीने को कम करें।

12. पार्सले :

ये प्राकृतिक हर्ब भी पसीने की बदबू को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है। शरीर से अतिरिक्त पसीना और उसकी बदबू दूर करने के लिए रोजाना पार्सले की कुछ पत्तियां या उसकी चाय का सेवन करें। इस चाय को आप आप ग्रीन टी और पार्सले के साथ मिलाकर भी बना सकते है। ये न केवल आपके शरीर को रिफ्रेश करता है बल्कि detoxify भी करता है।

13. नींबू :

स्वाद में खट्टा, रेफ्रेशिंग और चटपटे नींबू की मदद से भी आप पसीने की बदबू से राहत पा सकते है। दरअसल इसमें प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल और exfoliating गुण पाए जाते है। इसके लिए अपने नहाने के पानी में 2 चम्मच नींबू का रस डालें। ये बैक्टीरिया को समाप्त करने के साथ-साथ sweat prone क्षेत्रों से डेड स्किन सेल्स को निकालने में भी मदद करेगा जो बाद में बदबू का कारण बनता है। आप चाहे तो सीधे नींबू को भी अपनी त्वचा पर लगा सकते है जब तक आपने शेव या वैक्स न किया हो। इसके लिए आप रात में शेविंग करके अगली सुबह नींबू का प्रयोग कर सकते है।

पुरुषों के बाल झड़ रहें हैं तो यह करें

बालों के झड़ने की समस्या केवल महिलाओं को ही नहीं होती है बल्कि इस समस्या से पुरुष भी परेशान हो सकते हैं। और पुरुष का समय से पहले बाल झड़ना उन्हें समय से पहले ही बूढ़ा बना देता है। क्या आपके बाल भी समय से पहले झड़ रहें हैं? क्या आप भी गंजेपन के शिकार हो रहें हैं? यदि हाँ, तो इस समस्या से परेशान होने की बजाय आपको इस समस्या से बचाव के उपाय करने चाहिए। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम पुरुषों के बाल झड़ने के कारण व् उपचार बताने जा रहें हैं।

पुरुषों के बाल झड़ने के कारण

  • प्रदूषण के बुरे प्रभाव के कारण यह समस्या हो सकती है।
  • पुरुषों को अधिक तनाव लेने के कारण भी यह परेशानी हो सकती है।
  • जैल व् अन्य केमिकल्स के अधिक इस्तेमाल करने के कारण भी पुरुषों को यह दिक्कत हो सकती है।
  • यदि आपके घर में पहले से ही किसी को यह समस्या है तो आपको भी यह दिक्कत हो सकती है।
  • पुरुषों में मेल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन होता है जिसका स्तर बॉडी ज्यादा होने के कारण बालों के झड़ने की समस्या जो सकती है।
  • बालों में तेल आदि न लगाने के कारण भी ऐसा हो सकता है।

पुरुषो में बालों के झड़ने की समस्या को दूर करने के टिप्स

यदि पुरुष बालों के झड़ने की समस्या से परेशान होते हैं तो इस समस्या के समाधान के लिए पुरुष भी कुछ आसान टिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। तो आइये अब जानते हैं की पुरुष बालों के झड़ने की समस्या से बचने के लिए क्या- क्या कर सकते हैं।

आलू का रस

  • आलू को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें।
  • अब उस रस को बालों की जड़ और बालों में लगाएं।
  • उसके बाद साफ़ पानी का इस्तेमाल करके बालों को धो दें।
  • ऐसा हर दूसरे दिन करें आपको थोड़े दिन में इसका असर जरूर दिखाई देगा।

प्याज का रस

  • प्याज को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें।
  • अब उसके रस को बालों की जड़ व् बालों में लगाएं।
  • सूखने के बाद बालों को अच्छे से धो दें।
  • ऐसा हर दूसरे दिन नहाने से पहले करें आपको जरूर फायदा मिलेगा।
  • यहां तक की गंजेपन की समस्या से निजात मिलने के साथ नए बाल उगने लगेंगे।
  • इसके अलावा प्याज के रस में शहद मिलाकर लगाने से भी आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • साथ ही बादाम तेल में प्याज का रस मिलकर रातभर के लिए बालों में छोड़ दें ऐसा करने से भी पुरुषों को बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

तेल की मसाज करें

  • बालों के झड़ने की समस्या से बचने के लिए तेल से मसाज करनी चाहिए।
  • मसाज करने के लिए आप नारियल तेल, नारियल तेल व् ओलिव आयल, लेवेंडर आयल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • नियमित रात को सोने से से पहले बालों की मसाज करें और सुबह उठकर सिर धोएं।
  • ऐसा करने से आपको बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

पुरुषों के बाल झड़ने की समस्या से निजात पाने के लिए इस्तेमाल करें नारियल दूध व् आंवला

  • एक चम्मच नारियल का दूध, एक चम्मच आंवले का रस, आधा चम्मच निम्बू का रस एक कटोरी में डालकर अच्छे से मिक्स करें।
  • उसके बाद बालों की जड़ व् बालों में इस मिश्रण को अच्छे से लगाएं।
  • लगभग बीस से पच्चीस मिनट तक इसके रहने के बाद बालों को धो दें।
  • ऐसा रोजाना नहाने से पहले करें, आपको जरूर फायदा मिलेगा।
  • इसके अलावा नारियल तेल में आंवला के टुकड़े डालकर गर्म करें उसके बाद तेल के ठंडा होने पर इसे बालों में लगाएं।
  • बीस मिनट तक लगे रहने के बाद बालों को धों दें ऐसा हफ्ते में तीन से चार बार करें आपको धीरे धीरे इसका फायदा जरूर मिलेगा।

अंडा और ओलिव आयल

  • एक अंडे को तोड़कर उसके सफ़ेद हिस्से को अलग कर लें, और उसमे एक चम्मच ओलिव आयल मिलाएं।
  • अब उस मिश्रण को अच्छे से मिक्स करके बालों की जड़ और बालों में लगाएं।
  • आधे घंटे बाद शैम्पू से सिर धो लें।
  • ऐसा हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर करें।

शहद और ओलिव आयल

  • दो चम्मच शहद, दो चम्मच ओलिव आयल, एक चम्मच दालचीनी पाउडर को एक कटोरी में डालकर अच्छे से मिक्स कर लें।
  • उसके बाद इस मिश्रण को अपने बालों में लगाएं।
  • और आधे घंटे के बाद सिर को धो दें, ऐसा हफ्ते में दो से तीन बार करें।

पुरुषों के बाल झड़ने की समस्या से निजात पाने के लिए इस्तेमाल करें बेसन और दही

  • एक चम्मच बेसन में दो से तीन चम्मच दही मिलाएं।
  • उसके बाद इस मिश्रण को अपने बालों में अच्छे से लगाएं।
  • आधे घंटे बाद बालों को धो दें ऐसा करने से भी आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

सरसों का तेल और मेहँदी के पत्ते

  • दो चम्मच सरसों के तेल में आठ दस मेहँदी के पत्ते डालकर अच्छे से गर्म करें।
  • अब ठंडा करके इस तेल को छानकर अपने सिर में लगाएं।
  • उसके बाद सुबह उठकर सिर को धो लें।
  • जल्दी फायदे के लिए ऐसा हफ्ते में तीन से चार बार करें।

पुरुषों के बाल झड़ने बचाने के अन्य टिप्स

  • पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें।
  • पानी का भरपूर सेवन करें और साफ पानी पीएं।
  • तनाव लेने से बचें।
  • धूप, धूल, प्रदूषण में बालों का ध्यान रखें।
  • व्यायाम, योगासन, मैडिटेशन करें इससे बॉडी में हॉर्मोन बैलेंस, बॉडी में ब्लड फ्लो को सही तरीके से होने में मदद मिलती है।
  • जिससे बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • ज्यादातर पुरुष गीले बालों में ही कंघी कर लेते हैं जिसकी वजह से भी बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए पुरुषों को अपनी इस आदत को बदलना चाहिए।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जिनका इस्तेमाल करने से पुरुषों को इस समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो इनमे से किसी भी टिप्स का इस्तेमाल नियमित रूप से करें। आपको इस समस्या से निजात पाने में जरूर मदद मिलेगी।

प्रेगनेंसी नहीं होने के क्या कारण होते हैं?

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हर महिला चाहती है की उनके घर में नन्हा-मुन्ना बालक खेले, उनकी गोद में भी शिशु आए लेकिन बहुत बार कुछ विशेष कारणों की वजह से यह संभव नहीं हो पाता। कई बार ट्राई करने के बाद भी अगर बेबी कंसीव ना हो पाए तो समझ लें की कोई ना कोई परेशानी अवश्य हैं, लेकिन क्या? इसलिए आज हम आपको प्रेगनेंसी नहीं होने के कारणों के बारे में बता रहे हैं। क्योंकि अगर कारण समझ आ जाए तो समस्या का समाधान भी अपने आप मिल जाएगा। प्रेग्नेंट नहीं होने के कारण

दोस्तों, प्रेग्नेंसी नहीं होने के बहुत से कारण हो सकते हैं जिसमे सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी जिम्मेदार होते हैं। कई बार अंडे का शुक्राणु के साथ सही तरह से निषेचन नहीं होने के कारण गर्भधारण नहीं हो पाता। जिसका सीधा कारण पति-पत्नी में सही तालमेल नहीं होना होता है, क्योंकि अगर पति पत्नी में तालमेल सही हो तो प्रेग्नेंसी आराम से हो सकती हैं।

प्रेगनेंसी नहीं होने के क्या-क्या कारण होते है?

गर्भधारण नहीं होने का सबसे बड़ा कारण पुरुषों को माना जाता है जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है। क्योंकि गर्भधारण के लिए महिला और पुरुष दोनों का बराबर योगदान होता है। और ऐसा जरुरी नहीं की हर बार पुरुष की कमी के कारण गर्भधारण ना हो कई बार महिलाओं की कमी या किसी और वजह से भी प्रेगनेंसी नहीं हो पाती। यहाँ हम आपको प्रेगनेंसी नहीं होने के कारण के बारे में बता रहे हैं।

शुक्राणु की समस्या

पुरुषों में शुक्राणु सही नहीं होने की वजह से भी गर्भधारण नहीं हो पाता। अगर पुरुष के शुक्राणु काउंट कम है या शुक्राणु हेल्दी नहीं है तो प्रेगनेंसी में समस्या आएगी। इसके लिए आपको चिंता करने की कोई बात नहीं है अपना रहन-सहन का स्तर सुधारें, नशा कम करें, अच्छी नींद लें और योगा-व्यायाम करें। आप डॉक्टर की सलाह लेकर भी अपने शुक्राणु की समस्या को ठीक कर सकते हैं।

अंडे बनने की समस्या

गर्भधारण के लिए महिलाओं में अंडे का स्वस्थ होना बहुत जरुरी होता है लेकिन कई बार अंडे का छोटा होना, हेल्दी नहीं होना, सही समय पर ओवूलूशन का नहीं होना या हॉर्मोन्स में बदलाव होने की वजह से भी फर्टिलिटी पर असर पड़ता है। जिसके कारण प्रेग्नेंसी में समस्या आने लगती है। इसके लिए आप चेकअप कराएं और समस्या का पता लगाकर उसे ठीक करें।

फैलोपियन ट्यूब का बंद होना

फैलोपियन ट्यूब का बंद होना

अगर महिला की फॉलोपियन ट्यूब में किसी प्रकार की कोई रुकावट है तो भी स्पर्म के साथ अंडे का मिलन नहीं हो पाता और निषेचन की प्रक्रिया नहीं हो पाती है। जबकि गर्भधारण के लिए अंडे का स्पर्म के साथ मिलना बहुत जरुरी होता है। इसलिए अगर बहुत ट्राई करने के बाद भी गर्भधारण करने में समस्याएं आ रही हैं तो आप अपने डॉक्टर से मिलें वो आपको सही राय देंगी।

ओवुलेशन पीरियड का ध्यान नहीं रखना

दोस्तों, प्रेग्नेंसी के लिए बेस्ट टाइम ओवुलेशन पीरियड होता है जो पीरियड्स शुरू होने के 10 दिन बाद से लेकर 20 दिन के बीच का समय ओवुलेशन पीरियड होता है। अगर इस समय सम्बन्ध बनाये जाए तो गर्भधारण के 80 प्रतिशत चांस बढ़ जाते हैं।

यह देखें : अपना ओवुलेशन कैसे जानें? खुद कैलकुलेट करें और जानें आपका ओवुलेशन कब आएगा?

संबंध कम बनाना

बहुत से लोग ये पूछते हैं की मैंने इस तारीख को संबंध बनाया तो क्या मैं प्रेग्नेंट हो जाउंगी? बहुत सी महिलाएं ये भी पूछती हैं की मैंने ओवुलेशन में एक बार संबंध बनाया था तो क्या गर्भधारण हो जाएगा? लेकिन ऐसा नहीं होता है। गर्भधारण के लिए अंडे का स्पर्म के साथ निषेचन होना बहुत जरुरी होता है और कई बार एक बार संबंध बनाने से स्पर्म अंडे तक नहीं पहुँच पाता। इसलिए ओवुलेशन पीरियड के दौरान बार-बार संबंध बनाएं।

शरीर का कमजोर होना

अगर आपका शरीर किसी बिमारी के कारण कमजोर है तो भी गर्भधारण में समस्या आ सकती हैं। इसके अलावा अगर आप  ब्लड प्रेशर, थाइराइड, बार-बार बुखार लगना, सफ़ेद पानी की समस्या से ग्रसित हैं तो भी प्रेग्नेंसी में प्रॉब्लम हो सकती है। इसके लिए पहले डॉक्टर को दिखाएं।

अनियमित माहवारी 

माहवारी के अनियमित होने पर भी गर्भधारण में समस्या हो सकती है। कई महिलाओं को महीने में 2 बार जबकि कई महिलाओं को 2 महीने में एक बार माहवारी होने की परेशानी होती है। कई बार एक दो बून्द होना या कई बार हैवी ब्लीडिंग होने की समस्या होती है अगर आपको ये समस्या है तो पहले डॉक्टर से मिलें और माहवारी नियमित करें।

ज्यादा एबॉर्शन होना

ज्यादा सर्जिकल एबॉर्शन कराने से गर्भाशय कमजोर हो जाता है जिसके कारण अंडा प्लांट होने में दिक्क्त हो सकती है। इसके अलावा अगर एबॉर्शन सही तरीके ना हुआ हो या कुछ टिश्यू गर्भाशय के भीतर रह गए हों तो भी गर्भधारण में समस्या आ सकती हैं।

तो दोस्तों, अब आप अच्छी तरह समझ गए होंगे की गर्भधारण नहीं होने के क्या कारण होते हैं? इसके लिए केवल पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी जिम्मेदार होती हैं। इसलिए अगर गर्भधारण नहीं हो रहा है तो पहले जाँच कराएं, उस समस्या का इलाज करें और फिर गर्भधारण के ट्राई करें। आप जल्द ही प्रेग्नेंट हो जाएंगी।