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अजवाइन खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं?

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आयोडीन, कैरोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, व् अन्य पोषक तत्वों से भरपूर अजवाइन के छोटे छोटे बीज ज्यादातर घर में आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की अजवाइन आपकी सेहत और स्वास्थ्य के लिए कितनी लाभदायक है और इसके सेवन से आपको कितने फायदे मिलते हैं। दर्द से निजात पाना हो, या गैस से छुटकारा, यौन शक्ति बढ़ानी हो या पाचन शक्ति, इन्फेक्शन से छुटकारा और भी बहुत से फायदे आपको अजवाइन के सेवन से मिलते हैं। तो आइये आज हम अजवाइन के फायदों के बारे में विस्तार से आपको बताते हैं।

पाचन शक्ति बढ़ाता है

अजवाइन का सेवन करने से आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है, इसके लिए आप अजवाइन को पानी में उबालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। या फिर कोई भी ऐसा खाद्य पदार्थ जो आपको नहीं पचता है उसमे अजवाइन डालकर सेवन करें, आपको कोई परेशानी नहीं होगी, या फिर उस चीज को खाने के बाद आधा चम्मच अजवाइन का चबाकर सेवन करें।

पेट से सम्बंधित समस्या के लिए

यदि आपको दस्त, गैस, अपच की समस्या है तो भी दिन में दो बार आधा चम्मच पीसी हुई अजवाइन के चूर्ण में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। ऐसा करने से आपको बहुत जल्दी राहत का अहसास होगा।

पीरियड्स के दौरान

पीरियड्स के दौरान महिला को पेट में बहुत तेजी से दर्द की समस्या होती है, और कई बार तो यह दर्द असहनीय होता है। ऐसे में अजवाइन का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप दिन में तीन से चार बार आधा चम्मच अजवाइन में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर इसका सेवन करें, और दर्द से राहत मिलने पर इसका सेवन बंद कर दें।

इन्फेक्शन से बचाव के लिए

यदि आपको इन्फेक्शन है चाहे यूरिन इन्फेक्शन हो या पेट में इन्फेक्शन, इससे बचाव के लिए आप एक गिलास पानी में चार चम्मच अजवाइन, और थोड़ा सा दालचीनी डालकर अच्छे से उबाल लें। उसके बाद इस पानी को छानकर दिन में कम से कम चार बार इसे पीएं आपको आराम महसूस होगा।

सर्दी से बचाव

सर्दी में जुखाम की समस्या से लोग बहुत परेशान होते हैं, ऐसे में एक बर्तन में तीन चार चम्मच अजवाइन पानी में उबाल कर उसकी भाप लेने से आपको बहुत जल्दी इस परेशानी से निजात मिल जाता है। साथ ही जिन लोगो को साइनस की समस्या होती है उनके लिए यह और ज्यादा फायदेमंद होता है।

शुगर के रोगियों के लिए

यदि आप डायबिटीज़ की समस्या से परेशां हैं, तो नियमित एक चम्मच अजवाइन एक गिलास पानी में डालकर उबाल लें, और पानी के गुनगुना रहने पर उसका सेवन करें। और अजवाइन को चबा कर खा लें, ऐसा करने से आपको बहुत जल्दी शुगर की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है, लेकिन ऐसा नियमित करने से ही आपको इसका फायदा मिलता है।

यौन क्षमता बढ़ाने में

यदि आप यौन क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं, या शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाना चाहते हैं तो भी अजवाइन आपके लिए बहुत फायदेमंद होती है। यौन क्षमता को बढ़ाने के लिए सफ़ेद प्याज के रस में अजवाइन को दो से तीन बार भिगोकर अच्छे से सूखा लें, उसके बाद नियमित सुबह दो चम्मच अजवाइन में दो चम्मच देसी घी, और और चार चम्मच चीनी मिलाकर चबाकर इसका सेवन करें, धीरे धीरे आपको इसका असर दिखाई देने लगेगा। साथ ही इससे शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

अल्कोहल की लत छुड़ाने के लिए

यदि आप शराब पीने की लत के शिकार है, तो जब भी आपका शराब पीने का मन हो तो एक चम्मच अजवाइन को अच्छे से चबा लें, ऐसा करने से आपका शराब पीने का मन नहीं करेगा। और धीरे धीरे आपको इस बुरी लत से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।

पेट दर्द के लिए

पेट में दर्द से राहत के लिए अजवाइन एक बहुत अच्छा उपचार है, जब भी आपको पेट में दर्द ही एक चम्मच अजवाइन में थोड़ा सा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। इसके अलावा आप अजवाइन के साथ हींग व् काला नमक मिलाकर भी इसका सेवन कर सकती हैं।

कान दर्द का करे उपचार

अजवाइन का इस्तेमाल करने से आपको कान दर्द से भी राहत मिलती है, इसके लिए आप एक चम्मच अजवाइन में तीन चार कलियाँ लहसुन की डालकर पीस लें, उसके बाद इसे कान में उस जगह पर लगाएं जहां आपको दर्द हो रहा है। ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा।

खट्टी डकार से बचने के लिए

यदि आपको खट्टी डकार आ रही है तो आधा चम्मच अजवाइन के चूर्ण के साथ आधा चम्मच शहद डालकर इसका सेवन करें। या फिर अजवाइन, सूखा आंवला, सेंधा नमक, और हींग को मिलाकर एक चूर्ण तैयार करें और उसका आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ सुबह शाम सेवन करें आपको फायदा मिलेगा।

वजन कण्ट्रोल करता है

पाचन शक्ति को मजबूत करने के साथ अजवाइन से आप अपने वजन को भी कम कर सकती हैं, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक चम्मच अजवाइन को पानी में उबाल कर नियमित सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें आपको जरूर फायदा मिलेगा।

तो यह हैं कुछ अनोखे फायदे जो आपको अजवाइन का सेवन करने से मिलते हैं। इसीलिए यदि आपको भी इन सब फायदों को पाना चाहते हैं तो आपको भी अजवाइन का सेवन जरूर करना चाहिए। और अपने घर में हमेशा अजवाइन को रखना चाहिए ताकि यह आपके काम आ सके।

खाना खाने के बाद तुरंत ये भूलकर भी न करें

खाना खाना भी आपकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है, क्योंकि यदि आप अपने आहार को समय पर और संतुलित रूप से लेते है, तो इसके कारण आपके शरीर को विकास के लिए सभिजरुरी पोषक तत्व मिलते है, और साथ ही आप हमेशा उर्जा से भरपूर रहते है, वहीँ खाना खाने के बाद कुछ काम करने से जहां आपको फायदा मिलता है, तो खाना खाने के बाद कुछ ऐसे काम भी है जिन्हें आपको नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपके शरीर पर गलत प्रभाव पड़ता है, और आपको सेहत सम्बन्धी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, आयुर्वेद में भी इस बात को माना गया है की अच्छी दिनचर्या आपकी उम्र को बढाने में आपकी मदद करती है।

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परन्तु यदि आप अपने खाने के बाद सो जाते है, कैफ़ीन का सेवन करते है, इसके अलावा और भी कई चीजे है जिन्हें आप करते है तो इसके कारण आपको बीमारियाँ घेरने लगती है, पाचन तंत्र से जुडी परेशानी का भी आपको सामना करना पड़ता है, इसीलिए आपको अपनी दिनचर्या को सही रखने के साथ ऐसी कुछ बातों का भी ध्यान रखना चाहिए, jiससे आपकी सेहत पर किसी भी तरह का विपरीत प्रभाव न पड़ें, तो आइये आज हम आपसे कुछ ऐसी ही बातों के बारे में चर्चा करते है, जो की आपको खाना खाने के बाद नहीं करनी चाहिए, और आपको इन्हें केवल पड़ना ही नहीं है, यदि आप ऐसा कुछ करते है, तो अपने आप को बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए इन चीजो से परहेज करना चाहिए।

फलों का सेवन नहीं करना चाहिए:-

कई लोगो का खाना खाने के तुरंत बाद फल खाने की बहुत इच्छा होती है, और वो उसका सेवन भी करते है, फलों का सेवन करने से आपके शरीर को फायदा जरुर होता है, परन्तु यदि आप इसे खाना खाने के तुरंत बाद खाते है, तो इसके कारण आपको गैस से जुडी परेशानी का अनुभव हो सकता है, इसीलिए आपको खाना के खाने के तुरंत पहले और तुरंत बाद में फलों का सेवन नहीं करना चाहिए, यदि आप चाहते है तो खाना खाने से पहले और बाद में कम से कम दो घंटे के अंतराल पर फलों का सेवन करें।

नींद न लें:-

ये तो आपने देखा ही होगा की खाना खाने के तुरंत बाद आलस महसूस होता है, और सोने का मन करता है, और कुछ लोग तो ऐसे भी है जिनकी ये आदत होती है की वो खाना खाते ही सो जाते है, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए सोना तो दूर खाना खाने के बाद तुरंत लेटना भी नहीं चाहिए, यदि आप ऐसा करते है तो ऐसा करने से आपका खाना अच्छे से नहीं पचता है, और साथ ही आपको वजन बढ़ने की समस्या से परेशान होना पड़ता है, और मोटापा आपके शरीर में कभी भी अकेला नहीं आता है, उसके कारण आपको तरह तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

चाय का सेवन करें:-

कुछ लोग खाना खाने के तुरंत बाद चाय की चुस्कियां लेना पसंद करते है, परन्तु क्या आप जानते है की खाना खाने के बाद एक दम चाय पीना आपके पाचन तंत्र पर कितना विपरीत प्रभाव डालते है, इसके कारण न तो आपका खाना अच्छे से पच पाता है, साथ ही आपको एसिडिटी की समस्या से परेशान होना पड़ता है, इसीलिए आपको खाना खाने के तुरंत पहले और तुरंत बाद में जितना हो सकें चाय के सेवन से परहेज करना चाहिए।

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धूम्रपान न करें:-

धूम्रपान आपको वैसे भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि धूम्रपान करने से आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन कई लोगो की ये आदत होती है की भोजन के बाद धूम्रपान करना उन्हें अच्छा लगता है, परन्तु क्या अप जानते है की दस सिगरेट पीने से जितना नुकसान होता है, उतना खाना खाने के बाद एक सिगरेट पीने से होता है, इसीलिए यदि आप ऐसा करते है तो आज से ही आपको अपनी इस आदत को छोड़ देना चाहिए, और अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहिए।

नहाना नहीं चाहिए:-

ऐसे भी कुछ लोग है जिनके न तो खाने का कोई समय है और न ही नहाने का कई लोग ऐसे भी है जो खाना खाने के बाद नहाना पसंद करते है, जो की एक गलत आदत है, क्योंकि खाना खाने के बाद आपको बाहरी रूप से चाहे ठंडक महसूस हो, परन्तु आपका शरीर अंदर से गरम हो जाता है, और यदि आप खाना खाने के बाद नहाते है तो इसके कारण आपका शरीर अंदर से ठंडा होने लगता है, और इसी ठन्डे गरम के होने के कारण आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे आपको भोजन को पचाने में समस्या के साथ बुखार आदि की समस्या का भी सामना करना पड़ता है।

टहलना नहीं चाहिए:-

आपने हमेशा यही सुना होगा की खाना खाने के बाद यदि आप टहलते है तो इसके कारण आपके भोजन को पचाने में आसानी होती है, जबकि ये बिलकुल गलत है, यदि खाना खाने के बाद आप तुरंत टहलते है तो इसके कारण आपके भोजन को पचने में समस्या उत्त्पन्न होती है, इसीलिए यदि आप खाना खाने के बाद आप टहलना भी चाहते है तो आपको कम से कम पन्द्रह मिनट बाद टहलना चाहिए।

तो ये कुछ बातें है जिनका ध्यान आपको खाना खाने के बाद रखना चाहिए, और खाना खाने के तुरंत बाद नहीं करने चाहिए, यदि आप इन टिप्स का इस्तेमाल करते है तो आपको बीमारियों से दूर रहने में मदद मिलती है, साथ ही आपकी पाचन क्रिया भी बेहतर तरीके से काम करती है।

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बालों को सीधा करने के घरेलू उपाय!

काले, घने, चमकदार और सीधे बालों की चाहत किसे नहीं होती। स्ट्रेट बाल हमेशा से चलन में रहें हैं। इन्हें सम्भालना भी आसान होता है और ये दिखते भी ख़ूबसूरत हैं। जबकि घुंघराले बालों को सम्भालना मुश्किल होता है। आज के इस आधुनिकता वाले युग में कुछ भी मुश्किल नहीं रहा है। ब्यूटी पार्लर में हर समस्या का समाधान हो ही जाता है। घुंघराले बालों को सीधा करने के लिए भी ब्यूटी पार्लर में महँगी तकनीकें मौजूद हैं पर ये हमेशा के लिए नहीं होता। कुछ समय बाद आपके बाल फिर से घुंघराले हो जाते हैं। और बार बार इन कृत्रिम उपायों को करने से बालों को नुक़सान भी पहुँचता है।

शायद आप जानते नहीं कि हमारे किचन में ऐसी कई चीज़ें मौजूद हैं, जो हमें हमारे मनचाहे सीधे बालों को पाने में मदद कर सकती हैं और इनसे बालों को नुक़सान भी नहीं पहुँचता है। तो फिर तैयार हो जाइए सिल्की, समूद और स्ट्रेट बालों के लिए, वो भी बिना कोई ख़र्च किए!!!

तो देखिए आपके किचन में क्या क्या है आपके बालों के लिए – 

लेमन जूस और कोकोनट मिल्क

लेमन जूस और कोकोनट मिल्क दोनों ही बालों को प्राकृतिक रूप से सीधा करने के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं। इन दोनों को मिक्स किया जाए तो ये एक क्रीम कंडिशनर का रूप ले लेते हैं और बालों को सीधा करने में मदद करते हैं। इसके लिए आपको बस इतना करना है कि लेमन जूस और कोकोनट मिल्क को बराबर मात्रा में लेकर मिक्स करना है और इस क्रीम को बालों में लगाना है, जड़ से लेकर टिप तक। 15-20 मिनट के बाद हल्के गरम पानी से बालों को धो लीजिए। हफ़्ते में दो बार ये उपाय करने से आप ख़ुद फ़र्क़ महसूस करेंगे।

दूध और शहद – 

दूध और शहद दोनों ही अच्छे प्राकृतिक हेयर स्ट्रेटनर हैं। एक कप दूध में दो चम्मच शहद मिक्स कीजिए। अब इसमें थोड़ी सी ताज़ी मैश की हुई स्ट्रॉबेरी मिक्स कीजिए। जब ये सब अच्छे से मिक्स हो जाए तो ये मिश्रण अपने बालों में लगा लीजिए। दो घंटे तक इस मिश्रण को लगा रहने दीजिए और फिर किसी सौम्य शैम्पू से बालों को धो लीजिए।

अंडा और ज़ैतून का तेल – 

दो अंडे लीजिए और इसमें दो तीन चम्मच ज़ैतून का तेल यानि कि ऑलिव ऑयल मिक्स कीजिए। अब इस मिश्रण से अपने सिर और बालों की मसाज कीजिए। इस मिश्रण को एक दो घंटे तक लगा कर रखिए और फिर हल्के गरम पानी से बाल धो लीजिए। इसको लगाने से ना सिर्फ़ आपके बाल स्मूद और सिल्की होंगे, बल्कि ये एक अच्छा कंडिशनर भी है, जो आपके बालों को सीधा होने में मदद करेगा।

कैस्टर ऑयल यानि अरंडी का तेल – 

अरंडी के तेल को गरम कीजिए और हल्के गरम तेल से अपने बालों की जड़ों में मसाज कीजिए। अब अपने बालों को गरम पानी में डूबाकर निचोड़े हुए तौलिए से लपेट दीजिए। आधे घंटे बाद बाल धो दीजिए। कैस्टर ऑयल बालों के लिए प्राकृतिक स्ट्रेटनर का काम करता है।

चावल के आटे का मास्क – 

अंडे के सफ़ेद भाग में पाँच चम्मच चावल का आटा और एक कप मुल्तानी मिट्टी मिला लीजिए। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिक्स कीजिए और बालों में लगा लीजिए। कंघी की मदद से बालों को सीधा कीजिए और एक घंटे के लिए ये मास्क लगा रहने दीजिए। उसके बाद कोसी सौम्य शैम्पू से बालों को धो दीजिए। कुछ महीने तक हफ़्ते में एक बार ये उपाय करने से आपके बाल सीधे हो जाएँगे।

केले का मास्क – 

दो पके हुए केले लीजिए और उन्हें अच्छी तरह मैश कर दीजिए। अब इसमें दो दो चम्मच शहद, दही और ऑलिव ऑयल के मिला दीजिए। सारी चीज़ों को अच्छी तरह से मिक्स करके पेस्ट बना लीजिए। अब इस मास्क को अपने बालों में लगाइए और शॉवर कैप से ढक दीजिए। आधे घंटे बाद बाल धो दीजिए। इस मास्क में इस्तेमाल होनी वाली सभी चीज़ें बालों को स्वस्थ, सुंदर, शाइनी और स्ट्रेट बनाती हैं।

ऐलोवेरा जैल मास्क – 

ऐलोवेरा त्वचा के साथ साथ बालों के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है। ऐलोवेरा जैल मास्क बनाने के लिए आधा कप वॉर्म ऑयल और आधा कप ऐलोवेरा जैल लीजिए। इन दोनों को अच्छी तरह से मिक्स कीजिए और हेयर मास्क की तरह बालों पर लगा लीजिए। ये बालों के लिए बहुत ही अच्छा कंडिशनर है। 30-40 मिनट बाद बाल धो लीजिए।

दूध का मास्क – 

एक स्प्रे बॉटल में दूध भर लीजिए। शैम्पू करने के बाद गीले बालों में कंघी कीजिए और स्प्रे बॉटल से दूध स्प्रे कीजिए। आधे घंटे बाद सादे पानी से बाल धो दीजिए।

Celery यानि अजवायन – 

Celery के ताज़े पत्ते लिजिए और उसका जूस निकाल कर एक बॉटल में भर के रात भर रहने दीजिए। अगली सुबह इस जूस को बालों में जड़ों से लेकर टिप तक लगाइए। अब बालों में कंघी कीजिए और आधे घंटे के लिए बाल कवर कर लीजिए। फिर बालों को धो लीजिए और सूखने दीजिए।

केले और पपीते का मास्क

पका हुआ केला और पपीता बराबर मात्रा में लीजिए और दोनों को अच्छी तरह मैश कर लीजिए। अब इसमें एक चम्मच शहद डालिए और अच्छी तरह मिक्स कर लीजिए। अब इस मास्क को अपने बालों में लगाइए। पूरी तरह सूखने के बाद बाल धो लीजिए।

अंडा – 

अंडे लीजिए और उन्हें तब तक व्हिप कीजिए, जब तक की समूद ना हो जाए। अब इसे अपने बालों में लगा लीजिए। आधे घंटे बाद किसी सौम्य शैम्पू से बाल धो लीजिए। अगर आपको अंडे की गंध परेशान करती है तो आप इसमें थोड़ा दही भी मिला सकते हैं, इससे अंडे की गंध कम हो जाएगी।

Vinegar यानि सिरका – 

विनेगर भी बालों को सीधा करने में मदद करता है। शैम्पू करने के बाद एक मग पानी में सिरके की कुछ बूँदें डालिए और उससे बाल धोईए। कुछ मिनट बाद साफ़ पानी से बाल धो लीजिए। सिरका बालों को सीधा करने के साथ साथ उनकी चमक भी बढ़ाता है।

सोयाबीन तेल – 

एक चम्मच सोयाबीन तेल और दो चम्मच अरंडी का तेल मिक्स करके गरम कर लीजिए। फिर इस मिश्रण को ठंडा होने के बाद बालों में जड़ से लेकर टिप तक लगाइए, अच्छी तरह मसाज कीजिए। आधे घंटे बाद किसी सौम्य शैम्पू से बाल धो लीजिए।

ऑलिव ऑयल और रोज़मेरी लीवज़ – 

आधा कप ऑलिव ऑयल लीजिए और उसे गरम कीजिए, अब इस गरम ऑलिव ऑयल में आधा कप सूखे हुए रोज़मेरी लीवज़ डालिए। थोड़ी देर इन्हें तेल में रहने दीजिए और फिर छानकर तेल अलग कर लीजिए। इस तेल को ठंडा होने दीजिए, ठंडा होने के बाद इसे अपने बालों में लगाइए। आधे घंटा लगा कर रखिए और फिर बाल धो दीजिए।

बादाम का तेल – 

आपके रोज़ाना के कंडिशनर को अगर आप सही तरीक़े से इस्तेमाल करें, तो वो भी बालों को सीधा करने में मदद कर सकता है। कंडिशनर का इस्तेमाल करते वक़्त उसमें दो तीन बूँदें बादाम के तेल की मिला लीजिए और फिर बालों में लगाइए। इसके इस्तेमाल से ना सिर्फ़ बाल सीधे होंगे बल्कि स्वस्थ और चमकदार भी हो जाएँगे। हफ़्ते में दो या तीन बार इसे ज़रूर लगाएँ।

तो ये थे कुछ घरेलू उपाय बालों को सीधा करने के। इसके अलावा आप घर पे स्ट्रेटनर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं पर उससे निकलने वाली हीट बालों को नुक़सान पहुँचा सकती है, इसलिए स्ट्रेटनर का ज़्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

किचन में रखी इन चीजों से गर्भ गिराएं

गर्भपात

हर महिला के लिए माँ बनना एक ख़ुशी का पल होता है। लेकिन कई बार महिला के न चाहने पर भी उसका गर्भ ठहर जाता है। इसका कारण सम्बन्ध बनाते समय किसी तरह की सुरक्षा का इस्तेमाल न करना हो सकता है। लेकिन आज कल मेडिकल में इतनी सुविधाएं है की ऐसा कुछ होना ही नहीं चाहिए। परन्तु लोगो को सही जानकारी न होने के कारण ऐसा हो जाता है। और बार -बार इस तरह गर्भपात का होना महिला को शारीरिक रूप से कमजोर बना सकता है। साथ ही तीन महीने बाद गर्भ को घर में गिराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके लिए डॉक्टर से राय लेनी चाहिए, लेकिन शुरुआत में ही यदि महिला को ऐसा महसूस हो की उसका गर्भ ठहर गया है तो महिला घर में आसानी से गर्भ को गिराने के लिए कुछ टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है।

रसोई में मौजूद इन चीजों से गर्भ गिराएं

यदि आपका गर्भ ठहर जाता है और आप शिशु नहीं चाहते हैं, और आपकी प्रेगनेंसी ज्यादा समय की नहीं है तो रसोई में मौजूद सामान का इस्तेमाल करके आसानी से गर्भ को गिराया जा सकता है। तो आइये अब जानते हैं की किचन में रखी किन चीजों से गर्भ गिराया जा सकता है।

दालचीनी

दालचीनी की तासीर गर्म होती है, जिससे यह गर्भ को गिराने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप एक गिलास पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर की मिलाकर अच्छे से उबाल लें। अब इस पानी को पी लें, ऐसा दिन में दो बार गर्भ के गिरने तक करें। इसके अलावा दालचीनी के टुकड़े को चबाकर उसका सेवन करने से भी फायदा मिलता है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

इलायची

इलायची भी गर्भ गिराने के लिए एक बेहतरीन उपाय है, ऐसा माना जाता है की यदि महिला का थोड़े दिन का गर्भ हो और महिला इलायची का भरपूर सेवन करे। तो इससे महिला के गर्भ गिरने के चांस बढ़ जाते हैं, लेकिन रात के समय इलायची का सेवन करने से बचना चाहिए।

बाजरा

बहुत से महिलाएं आज भी रसोई घर में बाजरे को रखती है और रोटी या खिचड़ी बनाने में उसका इस्तेमाल करती है। और बाजरे का सेवन यदि महिला अनचाहे गर्भ को गिराने के लिए करती है, तो इसके अधिक सेवन से गर्भ गिरने की सम्भावना भी बढ़ती है।

लहसुन

सब्ज़ी का जायका बढ़ाने के लिए लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है, साथ ही लहसुन को सुबह खाली पेट खाने से अनचाहे गर्भ की परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। इसके लिए महिला गर्भ गिरने तक नियमित दो या तीन लहसुन की कलियाँ छीलकर उसे अच्छे से चबाकर उसका सेवन करें।

अजवाइन

अजवाइन की पत्तियां या अजवाइन को चबाने से भी इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। लेकिन अधिक मात्रा में इसके सेवन से परहेज करना चाहिए।

तिल के बीज

तिल के बीज का सेवन करने से भी अनचाहे गर्भ को गिराने में मदद मिलती है, इसके इस्तेमाल के लिए सबसे पहले तिल के बीजों को भून लें, भुनने के बाद एक चम्मच तिल के बीज को एक चम्मच शहद के साथ लें।

चाय

पुदीना, दालचीनी, तुलसी, अदरक, इलायची यह सब गरम तासीर वाली चीजे होती है। और यह रसोई घर में आसानी से मिल भी जाती है। ऐसे में गर्भवती महिला को इन सब चीजों को चाय के पानी में उबाल लेना चाहिए, और उसके बाद इसका सेवन दिन में दो बार करना चाहिए। ऐसा करने से गर्भाशय में संकुचन होने की सम्भावना को बढ़ाने में मदद मिलती है।

फल

पपीता, अनानास जैसे फल जिनमे विटामिन सी की अधिकता होती है, ऐसे फलों के सेवन से गर्भवती महिला को परहेज करना चाहिए। क्योंकि इससे गर्भ के गिरने के चांस बढ़ जाते हैं। ऐसे में यदि आप अनचाहे गर्भ से निजात पाना चाहती है तो इन फलों का सेवन भरपूर मात्रा में कर सकती है।

तो यह हैं कुछ चीजें जो आसानी से किचन में मिल जाती है और आप इनका इस्तेमाल करके गर्भ को गिरा सकते हैं। और महिला को अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए बार बार गर्भ ठहरने की गलती को दोहराना नहीं चाहिए, और गर्भ के गिरने के बाद एक बार डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए। की गर्भाशय में टिश्यू तो नहीं रह गए क्योंकि ऐसा होने के कारण बाद में महिला को पेट में अधिक दर्द, दुबारा प्रेग्नेंट होने में परेशानी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बच्चे की प्लानिंग करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

नई नई शादी के बाद अपने रिश्ते को और मजबूत करने के लिए कपल एक नन्हे मेहमान को लाने के लिए सोचता है। पहले के समय में ऐसा कुछ नहीं होता था, बस शादी के बाद अगला काम फैमिली बढ़ाने का ही होता था। लेकिन बढ़ती महंगाई, करियर, घर के हालात, महिला की फिटनेस आज कल बल बच्चे की प्लानिंग से पहले ऐसी बहुत सी बताओं के बारे में सोचना पड़ता है। क्योंकि हर माँ बाप चाहते है की वो बेबी की केयर करने के लिए अच्छे से तैयार हो, उसके बाद ही वो अपनी फैमिली को बढ़ाएं।

और यह सोच अच्छी भी है, क्योंकि यदि आप अभी फैमिली बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है तो ऐसे में कई बारे आपको और आने वाले शिशु दोनों को ही परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बेबी प्लानिंग से पहले जरुरी है की महिला भी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होनी चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के समय किसी तरह की परेशानी न हो। तो आइये अजा हम आपको इसी बारे में कुछ टिप्स बताने जा रहे है की यदि आप भी बेबी प्लानिंग के बारे में सोच रही है तो आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बेबी प्लानिंग से पहले इन बातों का ध्यान रखें:-

दोनों पार्टनर तैयार हो:-

यदि आप बेबी प्लान करने के लिए सोच रहे है तो आप दोनों पार्टनर का तैयार होने जरुरी होता है। क्योंकि शिशु के जन्म के बाद न तो केवल सारी जिम्मेवारी न की होती है, और न ही पिता की, बल्कि दोनों को एक दूसरे का भरपूर साथ देना चाहिए। ताकि डिलीवरी के बाद शिशु की केयर अच्छे से हो सकें, और महिला को भी फिट होने में मदद मिलें।

महिला की फिटनेस:-

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में बहुत से हार्मोनल बदलाव आते है, जिसके कारण कई बार महिला को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रेगनेंसी का फैसला लेने से पहले महिला को एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए की क्या वो शारीरिक और मानसिक रूप से शिशु को जन्म देने के लिए तैयार है या नहीं।

आर्थिक स्थिति का ध्यान दें:-

बढ़ती महंगाई के कारण भी आज कल लोग बच्चे की प्लानिंग में देरी करते है, ताकि शिशु के जन्म के बाद शिशु को किसी तरह की परेशानी न हो। और यह सोच अच्छी भी है यदि आप भी बेबी प्लान करने की सोच रहे है तो आपो भी अपनी आर्थिक स्थिति का ध्यान देना चाहिए।

जेनेटिक बीमारियों के बारे में ध्यान रखें:-

कई बार ऐसा होता है कि कुछ बीमारियां पीड़ी दर पीड़ी आगे चलती है। लेकिन यदि आप चाहते है की आपका होने वाला शिशु इन सबका शिकार न बने। तो इसके लिए सबसे पहले डॉक्टर से चेक करवाना चाहिए, और इसका इलाज करवाना चाहिए। और उसके बाद बेबी प्लान करना चाहिए ताकि होने वाला शिशु स्वस्थ व् हष्ट पुष्ट हो।

हेल्थ का बीमा करवाएं:-

कई बार डिलीवरी के बाद आपको विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, इसीलिए आपको हेल्थ बीमा करवाना चाहिए ताकि बाद में आपको परेशानी का सामना न करना पड़े। ज्यादातर कपल ऐसा नहीं करते है जिसके कारण कई बार उन्हें बाद में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए कपल को बेबी प्लानिंग से पहले इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

नशे न करें:-

यदि कोई महिला धूम्रपान या अल्कोहल का सेवन करती है, तो आपको इन सब चीजों का सेवन भी छोड़ देना चाहिए। क्योंकि इसके कारण प्रेगनेंसी से जुडी समस्या होने के साथ, शिशु पर भी बुरा असर पड़ता है। इसीलिए बेबी प्लानिंग करने से पहले महिला को इन सभी बुरी आदतों को त्याग देना चाहिए।

फोलिक एसिड और फ़ूड सप्लीमेंट लें:-

बेबी प्लानिंग करने के साथ ही आपको फोलिक एसिड और फ़ूड सप्लीमेंट का सेवन शुरू कर देना चाहिए। इससे प्रेगनेंसी के दौरान और प्रसव के समय होने वाली अधिक परेशानियों से बचाव करने में आपको मदद मिलती है। साथ ही इससे महिला को शारीरिक रूप से फिट रहने में मदद मिलती है।

तो यदि आप भी बेबी प्लानिंग के बारे में सोच रहे है तो आपको भी ऊपर दिए गए टिप्स का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा दोनों पार्टनर जब तैयार हो तभी इसका निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि बेबी की केयर में माँ बाप दोनों का ही योगदान होना जरुरी होता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के बाद महिला को पूरी तरह फिट होने में समय लगता है, इसीलिए जरुरी है की उनका पार्टनर उनका भरपूर सहयोग करे।

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सीने और पीठ के बालों को हटाने के तरीके

Unwanted Hair Removal Tips For Men

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शरीर के अनचाहे बाल एक ऐसी समस्या है जिसे सभी को भुगतना पड़ता है फिर चाहे वो महिलाएं हो या पुरुष। ऐसे तो शरीर के बाल हटाने का शौक और जरुरत केवल महिलाओं की ही होती है लेकिन बदलते समय के साथ साथ पुरुष भी अपने शरीर के अनचाहे बालों को पसंद नहीं करते। वे भी किसी न किसी तरीके से खुद को इन बालों से छुटकारा दिलाना चाहते है।

लेकिन क्योंकि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तो इसे रोक पाना उनके लिए संभव नहीं इसीलिए वे अपनी चेस्ट और पीठ के बालों पर शेव कर लेते है। जो की बिलकुल ठीक नहीं। क्योंकि महिलाओं की तुलना में पुरुषों की छाती और पीठ पर बहुत अधिक बाल होते है। और अगर आप उनपर शेव करते है तो एक समय के बाद ये बहुत भद्दे दिखने लगते है।

ऐसे में इनके साथ रह पाना काफी मुश्किल होता है। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपने सीने और छाती के बालों को आसानी से हटवा सकते है। बस आवश्यकता है तो थोड़े से पैसे खर्च करने की है।

और वैसे बीच पुरुषों के सीने और पीठ पर मौजूद बाल महिलाओं को भी अधिक पसंद नहीं होते जबकि वे पुरुष जिनके सीने और पीठ पर बाल नहीं नहीं वे उन्हें अधिक आकर्षक लगते है। तो इसके बाद शेविंग की बजाय इन तरीकों का इस्तेमाल करके देखें।

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पुरुषों के सीने और पीठ से बाल हटाने के तरीके :-

1. ट्रिमर :trimmer

शरीर के बालों को हटाने के लिए यह बिलकुल परफेक्ट और अच्छा साधन है। यह बालों की छंटाई करके उनकी लम्बाई को नियंत्रित रखता है। जिससे आप अपनी मनचाही वॉल्यूम में बालो को हटा सकते है। यह बालो की अलग अलग लम्बाई के लिए विभिन्न समायोजन के साथ आते है। यह तरीका उन लोगों के लिए बेस्ट है जिनकी त्वचा बेहद संवेदनशील है। इसकी अलग अलग इंस्ट्रूमेंट्स से आप स्किन की मसाज, बालो की शेविंग, ट्रिमिंग आदि आसानी से कर सकते है।

2. वैक्सिंग :waxing

पीठ के बालों को पूरी और अच्छी तरह साफ़ करने के लिए यह तरीका बहुत आसान और लाभकारी है। वैक्सिंग की मदद से बाल जड़ों से साफ़ किये जाते है जिससे उन्हें दोबारा आने में काफी समय लगजाता है। इससे बाल पूरी तरह साफ़ भी हो जाते है। और साथ ही स्किन की सफाई भी हो जाती है। बता दें, लगातार वैक्सिंग करवाते रहने से पीठ के बालों को ग्रोथ धीरे धीरे बिलकुल खत्म हो जाती है। लेकिन एक बात है, इस उपाय में होने वाला दर्द आपको परेशानी में असमंजस में डाल सकता है।

3. हेयर रिमूवल क्रीम :depilatory crim

सीने और पीठ के अतिरिक्त बालों को हटाने के लिए यह एक दर्दरहित तरीका है। जिसमे बालों पर एक क्रीम लगाई जाती है और उसे कुछ देर बाद बालों के बढ़ने की उलटी दिशा में साफ कर लिया जाता है। प्रयोग के लिए बाजार से लाइ गयी क्रीम को 10 से 15 मिनट तक बालो वाले हिस्से पर लगाएं और कुछ समय बाद उसे साफ कर लें। यह उपाय बालों को सतह से थोड़ीनीचे से साफ़ करता है जिसे ये 3 से 4 दिन में वापस आ जाते है।

4. शेविंग :shaving

शरीर के अतिरिक्त बालों को हटाने का यह तरीका सबसे आम है। लेकिन इसे यूज करते समय आपको विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। क्योंकि जरा सी लापरवाही आपकी त्वचा को काट सकती है। वैसे तो ये उपाय काफी आसान है लेकिन इसमें काफी जलन होती है और दोबारा उगने वाले बाल कांटे की तरह कठोर और टाइट होते है। इसके प्रयोग से स्किन की त्वचा की काली पड़ने लगती है। बता दें, इसके प्रयोग के मात्र 2 दिन बाद ही बाल वापस उग आते और ये बहुत चुभते भी है।

5. लेज़र :lazor hair removal

अतिरिक्त बालों को हटाने के लिए प्रयोग की जाने वाली लेज़र विधि बालों को बढ़ने में मदद करने वाली कोशिकाओं को खत्म करती है। इस विधि में लेज़र किरणों से बालों की जड़े केंद्रित की जाती है जिसे बाल नष्ट हो जाते है। यह स्थाई परिणाम देता है। परन्तु ये काफी महंगा तरीका है और इसे पूर्ण होने में काफी समय भी लगता है। ऐसे में पुरे शरीर के बालों को खत्म करवाने में एक से अधिक समय लग सकता है।

6. इलेक्ट्रोलिसिस :electrolysis

इस विधि में भी बालों को बढाने वाली कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। इसमें एक एक स्किन पोर्स पर इलेक्ट्रिक करेंट पास करके जड़ को नष्ट किया जाता है। यह तरीका भी स्थाई परिणाम देता है परन्तु इसकी कोई गारंटी नहीं होती। लेज़र की भांति यह तरीका भी काफी महंगा और समय लेने वाला होता है। इसमें में शरीर के पुरे बालों को खत्म करने में एक साल से अधिक समय लग जाता है। परन्तु ये उनके बालों की वॉल्यूम पर निर्भर करता है।

7. घरेलू उपायghrelu upay

इसके अतिरिक्त एक घरेलू उपाय भी है जिसकी मदद से आप इन बालों को हटा सकते है।

प्रयोग के लिए 1 / 2 चम्मच फिटकरी, 3 चम्मच गुलाबजल और 2 से 3 बूंद लैवेंडल आयल को एक साथ मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपनी छाती पर लगाएं। इसके लिए आप रुई की मदद ले सकते है। एक परत लगाने के बाद उसे सूखने दें और फिर एक और परत लगाएं। 20 से 30 मिनट ऐसे ही लेयरिंग करते रहे और फिर एक नम व् सूती कपड़ें और पानी की मदद से इसे साफ कर लें। बाल निकल जाएगा।

प्रसव के बाद क्या क्या खाना चाहिए

प्रेगनेंसी के समय जितना ध्यान महिला को अपने खान पान का रखना पड़ता है उतना ही ध्यान डिलीवरी के बाद भी महिला को अपना रखना चाहिए। क्योंकि डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में कमजोरी आ जाती है और साथ नवजात शिशु भी अपने आहार के लिए माँ पर ही निर्भर करता है। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि डिलीवरी के बाद कम से कम छह महीने तक माँ के दूध को ही शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार कहा गया है। क्योंकि माँ का दूध शिशु  को हर तरह के रोग से लड़ने के लिए सक्षम बनता है और साथ ही शिशु शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी बहुत तेजी से विकास करता है।

स्तनपान का फायदा केवल शिशु को ही नहीं बल्कि महिला को भी होता है। ऐसे में महिले को अपने आप को फिट रखने के लिए अपने खान पान के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। और सभी पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए जिससे महिला को स्वस्थ रहने के साथ शिशु के लिए जरुरी मिनरल्स भी मिल सकें। इसके अलावा आपको थोड़े थोड़े समय बाद कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए ताकि नवजात शिशु को दूध भरपूर मात्रा में मिलें। और आपके शरीर में भी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में रहें। तो आइये जानते हैं की प्रसव के बाद महिला को कौन कौन से आहार का सेवन करना चाहिए।

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डिलीवरी के बाद महिला खाएं ये आहार:-

सोंठ का सेवन करें:-

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प्रसव के बाद महिला के लिए सोंठ के लडू का सेवन करना चाहिए। और इन्हे बनाने के लिए खूब सरे देसी घी और ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल करना चाहिए। यह महिला के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर, विटामिन B6 and E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सेलेनियम और मैंगनीज महिला को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व देता हैं जो की महिला के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद होते हैं।

दालों का सेवन करें:-

डालें प्रोटीन के अलावा अन्य पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसीलिए महिलाओ को दाल को उबाल कर उसका सूप बनाकर नियमित महिला को पिलाना चाहिए। इसके अलावा मूंग दाल का हलवा आदि बनाकर भी आप महिला को खिला सकते हैं। इस दाल का सेवन करने से महिला के स्तनों में दूध की वृद्धि करने में भी बहुत मदद मिलती है। जिससे शिशु को पर्याप्त मात्रा में दूध मिलता है और उसके विकास में भी मदद मिलती है।

साबुत अनाज का सेवन करें:-

नाश्ते में खासकर महिलाको साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। क्योंकि यदि महिला नाश्ते को अच्छे से करती है तो इससे महिला को पूरे दिन के लिए एनर्जी मिलती है। इसीलिए आप नाश्ते में ओट्स, दलिया आदि एक सेवन करें। इसके अलावा आप दाल की इडली आदि बनाकर भी खा सकती हैं। इससे भी महिला को पोषक तत्व मिलते हैं।

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हरी सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में करें:-

हरी सब्जियों में आयरन की मात्रा भरपूर होती है और यदि महिला इसका सेवन भरपूर मात्रा में करती हैं। तो इससे महिला के शरीर में ब्लड की मात्रा को भरपूर होने के साथ शिशु को भी फायदा मिलता है। खासकर पालक का सेवन तो आप सूप या सब्ज़ी किसी भी रूप में करें इससे भी महिला को बहुत फायदा मिलता है। इसके अलावा अन्य हरी सब्जियों को भी अपनी डाइट में शैल करना चाहिए क्योंकि इसमें आयरन के अलावा अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो की शिशु के साथ महिला के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं।

दूध का सेवन भरपूर मात्रा में करें:-

दूध व् दूध से बनी चीजों का सेवन भी महिला को भरपूर मात्रा में करना चाहिए। इससे शिशु के लिए पर्याप्त मात्रा में दूध के साथ शरीर में कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है। जिससे शिशु की हड्डियों का विकास और महिला के शरीर की हड्डियों में आई कमजोरी को दूर करके महिला को बिलकुल फिट रहने में मदद मिलती है।

बादाम का सेवन भरपूर मात्रा में करें:-

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बादाम में कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, विटामिन B12 and E और बहुत से मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम, कॉपर, मैंगनीज, पोटैशियम, कैल्शियम और जिंक भी भरपूर मात्रा में पाए जाते है। प्रसव के बाद महिला यदि इसे अपनी डाइट में शामिल करती है तो इसमें मौजूद विटामिन ई और ओमेगा 3 मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। यदि महिला वैसे बादाम का सेवन नहीं करना चाहती है तो बादाम मिल्क या फिर बादाम का हलवा बनाकर भी इसका सेवन कर सकती है।

पेय पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा में करें:-

प्रसव के बाद महिला को पेय पदार्थो का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो। इसके लिए महिला नारियल पानी, फलों का रस, गाजर का जूस आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करें इससे महिला को बहुत फायदा भी मिलेगा, और शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।

दालचीनी का सेवन करें:-

जो शिशु शुरुआत में दूध अच्छे से नहीं पीते हैं उनके लिए यदि महिला अपने आहार में दालचीनी का इस्तेमाल करती है तो ऐसा करने से महिला के स्तनों में दूध का स्वाद अच्छा होता है। और दूध की मात्रा में वृद्धि करने में भी मदद मिलती है। इसीलिए महिला को इसका सेवन करना चाहिए ताकि शिशु को भी दूध अच्छा लगे, और महिला को भी फायदा मिले।

अंडे खाएं:-

यदि आप अंडे का सेवन करते हैं तो प्रसव के बाद आपको अपने आहार में अंडो और मछली के तेल को भी शामिल करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपको बहुत से पोषक तत्व भी मिलते हैं और मछली के तेल में मौजद ओमेगा ३ शिशु और महिला दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद होता है। परन्तु याद रखें की कच्चे अंडे का सेवन न करें आदि को उबाल कर या उनका ऑमलेट बनाकर उसका सेवन करें।

तो ये हैं कुछ आहार जिनका सेवन डिलीवरी के बाद महिला को भरपूर करना चाहिए। ताकि महिला स्वस्थ रह सकें और शिशु भी, इसके अलावा ऐसी किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे शिशु को परेशानी हो। नियमित समय से आहार लेने से शिशु को पोषण मिलने के साथ महिला को भी जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है। इसके अलावा आप चाहे तो अपने खान पान के बारे में एक बार डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी वाली महिला को शुरुआत में बहुत सी चीजों से परहेज होता है।

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माहवारी (Periods) न होने के कारण

शादी के बाद पीरियड्स मिस होना मतलब मन में सबसे पहला ख्याल आना की हो सकता है मैं माँ बनने वाली हूँ। ऐसा सोचना अच्छी बात होती है, लेकिन कई बार आपको पीरियड्स मिस होने के बाद प्रेगनेंसी नहीं होती है। क्योंकि केवल यही नहीं बल्कि और भी कई कारण होते है जिसकी वजह से आपको पीरियड्स नहीं आते है। पीरियड्स एक महिलाओ में होने वाली एक ऐसी शारीरिक प्रक्रिया है जो हर 28 दिन के चक्र को पूरा करने के बाद दुबारा होती है।

और कई महिलाओ को एक दो दिन आगे पीछे भी हो सकती है, लेकिन कई बार ऐसा होता है की आपके पीरियड्स में काफी गैप आने लगता है, या फिर पीरियड्स आने बंद हो जाते है। क्या आपके साथ भी ऐसी समस्या है और आपको समझ नहीं आ रहा है की ऐसा क्यों हो रहा है। यदि हाँ तो आइये आज हम आपको ऐसे ही कुछ कारण बताने जा रहे है जो की पीरियड्स मिस, देरी या न होने के बारे में आपको बताते है।

पीरियड्स न होने के कारण:-

समय से पहले मेनोपॉज़:-

45 से अधिक उम्र की महिलाओ में महिलाओ को मेनोपॉज़ आना आम बात होती है। मेनोपॉज़ का मतलब होता है की महिलाओ को पीरियड्स न होना। लेकिन कई महिलाओ को यह समस्या चालीस की उम्र के बाद ही शुरू हो जाती है इसका कारण शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर का अनियमित हो जाना होता है। ऐसे में महिलाओ को पीरियड्स नहीं आते है। और यदि किसी महिला को एक साल तक पीरियड्स न आए तो इसका मतलब होता है यह महिला की मेनोपॉज़ की अवस्था है।

थायरॉयड बिमारी के होने पर:-

हमारी बॉडी में मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने में थायरॉयड ग्रंथि बहुत मदद करती है। ऐसे में यदि आपकी थायरॉयड ग्रंथि में किसी तरह का विकार आ जाता है तो इसका सीधा असर आपके पीरियड्स पर पड़ता है। क्योंकि इसके कारण या तो आपका वजन अधिक बढ़ने लगता है या फिर कम हो जाता है जिसके कारण या तो आपके पीरियड मिस होने लग जाते है। या फिर देरी से भी आ सकते है इसीलिए इसका इलाज आपको समय से करवाना चाहिए।

स्ट्रेस यानी तनाव की समस्या:-

लाइफ में परेशानियों का आना आम बात होती है लेकिन यदि यह परेशानी आपके दिमाग पर हावी होने लग जाती है तो यह तनाव का रूप ले लेती है। और शायद आप यकीन न करें की तनाव सीधा आपके पीरियड्स को प्रभावित करता है। क्योंकि इसके कारण मस्तिष्क के उस हिस्से पर प्रभाव पड़ता है जो की पीरियड्स के आने को निर्धारित करता है, और यदि ऐसा होता है तो इसके कारण भी आपके पीरियड्स मिस हो सकते है।

बच्चे को स्तनपान करवाने वाली महिला को:-

शिशु के जन्म के बाद महिला को काफी दिन तक ब्लीडिंग होती है लेकिन यदि उसके बाद महिला शिशु को स्तनपान करवाती है। तो ऐसे में भी आपको तीन से चार महीने पीरियड्स न आने की समस्या होती है। और इसका ये मतलब बिलकुल नहीं होता है की आप प्रेग्नेंट है, लेकिन उसके बाद यदि आपका शिशु स्तनपान करना बंद देता है और उसके बाद भी आपको पीरियड्स नहीं आते है तो आपको अपने डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।

वजन में बदलाव आने पर:-

पीरियड्स आने के लिए बॉडी में एस्ट्रोजन हॉर्मोन जिम्मेवार होता है। ऐसे में यदि आपका वजन तेजी से कम होने लगता है, तो बॉडी में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है जिसके कारण आपके पीरियड्स लेट होने लग जाते है। और यदि आपका वजन ज्यादा हो जाता है तो इसके कारण एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने लगता है जिसकी वजह से आपको पहले तो ज्यादा लेकिन बाद में पीरियड्स में देरी होने लग जाती है या कई बार मिस भी हो जाते है।

शारीरिक श्रम अधिक करने पर:-

जो महिलाएं अपनी फिटनेस को बरकरार रखने के लिए जिम में बहुत ज्यादा श्रम करती है, या घर में ही बहुत एक्सरसाइज करती है। तो ऐसा करने से आपके मासिक चक्र को पूरा करने के लिए एस्ट्रोजन का निर्माण शरीर में पूरा नहीं मिल पाता है। जिसके कारण आपको पीरियड्स न होने की परेशानी हो सकती है या फिर आपको पीरियड्स देरी से भी आ सकते है।

दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट के कारण:-

जो महिलाएं एंटी बायोटिक दवाइयों का सेवन उच्च मात्रा में करती है उन्हें भी इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है । और यह दवाइयां जैसे की प्रेगनेंसी रोकने की दवाई, गर्भपात की दवाई, कीमोथेरेपी आदि की दवाइयां होती है। इसके कारण आपको पीरियड्स से जुडी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान:-

यह तो आप सब भी जानते है की प्रेगनेंसी के दौरान महिला को नौ महीने तक पीरियड्स नहीं होते है। लेकिन ऐसा भी कोई जरुरी नहीं होता है, क्योंकि इस समय भी कई महिलाओ को स्पॉटिंग होती रहती है ऐसे में आप चाहे तो अपने डॉक्टर से भी राय ले सकते है।

तो ऊपर दिए कुछ कारण होते है जिसकी वजह से महिला को पीरियड्स नहीं होते है। और यदि आप पीरियड्स समय से नहीं आते है, अनियमित माहवारी होती है, पीरियड्स के दौरान बॉडी में अधिक परेशानी होती है तो इस बारे में एक बार आपको अपने डॉक्टर से बात जरूर करनी चाहिए।

गर्भधारण के बाद इन फलों को न खाएं

गर्भधारण के बाद इन फलों को न खाएं, प्रेगनेंसी में किन फलों का सेवन नहीं करना चाहिए, इन फलों से प्रेगनेंसी में करें परहेज, Fruits do not eat during Pregnancy

प्रेगनेंसी में खान पान का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है इस समय आपको ऐसा आहार लेना चाहिए जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को सेहतमंद होने में मदद मिल सके। इसीलिए आपको प्रेगनेंसी में इस बात का ध्यान रखना चाहिए की क्या आप खा सकते हैं और क्या नहीं। तो आज हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान न खाएं जाने वाले कुछ फलों के बारे में बताने जा रहे हैं हैं। जो की न केवल गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकते हैं बल्कि इससे गर्भपात भी ही सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान न करें इन फलों का सेवन

प्रेगनेंसी के समय फलों का सेवन करने से शरीर में पानी की मात्रा को भरपूर बनाएं रखने के साथ बहुत से पोषक तत्व भी मिलते हैं लेकिन कुछ फल ऐसे होते हैं जो प्रेगनेंसी के दौरान आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं आइये जानते हैं की वो फल कौन से हैं।

कच्चा पपीता

कच्चा पपीता प्रेगनेंसी के दौरान नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें विटामिन सी की अधिकता होती है। शुरूआती दिनों में कच्चे पपीता का सेवन करने से गर्भपात होने के चांस होते हैं, वहीँ बाद के महीनो में इसका सेवन करने से प्रीमैच्योर बच्चा होने के चांस बढ़ जाते हैं।

अंगूर

अंगूर का सेवन भी प्रेगनेंसी के दौरान कम करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से आपको समय से पहले प्रसव होने की आशंका रहती है जबकि शुरूआती दिनों में आपको इसके अधिक सेवन से परेशानी का अनुभव हो सकता है।

अनानास

अनानस में भी विटामिन सी बहुत अधिक मात्रा में होता है जिसके कारण आपको गर्भ गिरने या समय से पहले बच्चा होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं वो फल जिनके सेवन से आपको प्रेगनेंसी के दौरान परहेज करना चाहिए। इसके अलावा आपको भरपूर मात्रा में फलों का सेवन करना चाहिए क्योंकि फलों में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं जो शिशु के बेहतर विकास में आपकी मदद करते हैं। और आपको इन फलों का परहेज तब भी करना चाहिए यदि आप प्रेग्नेंट होने चाहती हैं तो, क्योंकि यदि आप इन फलों का सेवन करती है तो इनके सेवन से आपको गर्भ न ठहरने की समस्या हो सकती है।

विडिओ गर्भधारण के बाद किन फलों का सेवन नहीं करना चाहिए?

प्रेगनेंसी में सलवार, पेटीकोट या जीन्स पहनती हैं तो इन बातों का ध्यान रखें

गर्भावस्था के दौरान सबसे जरुरी बात यह होती है की किस तरह माँ और बच्चे दोनों स्वस्थ रहें। और इसके लिए प्रेगनेंसी के दौरान खान पान, रहन सहन, लाइफ स्टाइल, पहनावे सभी छोटी छोटी बातों का महिला को अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। आज इस आर्टिकल में हम आपसे मैटरनिटी क्लोदिंग यानी की प्रेगनेंसी के दौरान पहने जाने वाले कपड़ों के बारे में बात करने जा रहे हैं। प्रेगनेंसी के दौरान पेट का आकार प्रेगनेंसी के बढ़ने के साथ बढ़ता जाता है।

जिसका मतलब यह होता है की गर्भ में पल रहा बच्चा ग्रोथ कर रहा है और उसका विकास अच्छे से हो रहा है। ऐसे में महिला को ऐसा कोई भी काम न करने की सलाह दी जाती है जिसकी वजह से पेट पर दबाव पड़े और गर्भ में बच्चा असहज महसूस करे। ऐसे में जब गर्भवती महिला के पहनावे की बात की जाये तो महिला जीन्स, पेटीकोट, सलवार आदि पहनती है। और यह सभी पेट पर बांधे जाते हैं ऐसे में महिला को क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये जानते हैं।

प्रेगनेंसी में सलवार पहनना

गर्भवती महिला यदि प्रेगनेंसी में सलवार पहनती है तो महिला सलवार का नाडा पेट के थोड़ा नीचे की तरफ बांधे। ऐसा करने से पेट पर दबाव नहीं पड़ता है। साथ ही महिला यदि पेट के आस पास नाडा बांधती है तो महिला को ढीला नाधा बांधना चाहिए जिससे पेट पर दबाव नहीं पड़े और गर्भ में बच्चे को बिल्कुल भी परेशानी न हो।

पेटीकोट पहनते समय गर्भवती महिला यह याद रखें

कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान भी साड़ी पहनती है और उसके लिए पेटीकोट पहनना जरुरी होता है। और पेटीकोट का नाड़ा ज्यादातर महिलाएं पेट पर ही बांधती है। ऐसे में यदि महिला ज्यादा टाइट नाडा बांधती है तो इसके कारण गर्भ में शिशु को दिक्कत हो सकती है।

ऐसे में पेट पर किसी तरह का दबाव नहीं पड़े इसके लिए पेटीकोट बांधते समय महिला को नाड़ा ज्यादा टाइट नहीं बांधना चाहिए और पेटीकोट को पेट पर थोड़ा नीचे या ऊपर की तरफ बांधना चाहिए।

प्रेगनेंसी में जीन्स पहनना

गर्भावस्था के दौरान जीन्स पहनना महिला के लिए जब तक सेफ होता है जब तक महिला का पेट बाहर नहीं आता है। लेकिन पेट बाहर आने के बाद जीन्स पहनना सही नहीं होता है क्योंकि जीन्स टाइट होती है जिसके कारण महिला के पेट पर दबाव पड़ता है।

टाइट कपडे पहनने के कारण स्किन से जुडी समस्या होने का खतरा भी होता है, ऐसे में जितना हो सके प्रेग्नेंट महिला को जीन्स पहनने से बचना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान क्या पहनना होता है सही

गर्भावस्था के दौरान महिला के लिए जितना खाना पीना जरुरी है उतना ही पहनावा भी जरुरी है। ऐसे में महिला यदि सलवार, पेटीकोट आदि पहनती है तो महिला को नाड़ा थोड़ा ढीला बांधना चाहिए। नहीं तो महिला को घर में सूती कॉटन के कपडे के खुले गाउन पहनने चाहिए। क्योंकि यह आरामदायक होते हैं, बाहर जाने के लिए भी थोड़े अच्छे क़्वालिटी के वन पीस लेने चाहिए।

ताकि बाहर भी आपको कोई दिक्कत न हो। और यदि आप वन पीस नहीं पहनती है तो ढीले इलास्टिक वाले लेग्गिंग, पजामा आदि आप पहन सकती है इनसे पेट पर दबाव नहीं पड़ता है जिससे आपको और बच्चे दोनों को परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी में सलवार, पेटीकोट, पहनने से जुड़े कुछ टिप्स, यदि आप भी माँ बनने वाली हैं तो आपको भी अपने पहनावे से जुडी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान आपको आरामदायक महसूस होने में मदद मिल सके।

Pregnancy me salvar peticot aur jeans pehnte samay yeh dhyan rakhen