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पुरुषो में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के टिप्स

पुरुषो में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के टिप्स, पुरुष फर्टिलटी बढ़ाने के तरीके, पुरुषो में प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए आहार, पुरुषो में शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ाने के टिप्स

बदलती जीवनशैली और खराब दिनचर्या का असर न केवल पुरुषो की सेहत पर पड़ा है, बल्कि इसका असर पुरुषो की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ा है। जिसके कारण उनके सम्बन्ध बनाने की इच्छा में कमी का होना, अपने पार्टनर को संतुष्ट न कर पाने जैसी समस्या पुरुष के साथ होती है। लेकिन यह कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसका कोई इलाज न हो, बल्कि पुरुष यदि अपनी जीवनशैली को बेहतर करता है, अपनी फिटनेस का ध्यान रखता है, अपने आहार का सेवन सही ढंग से करता है। तो पुरुषो को इस समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा और कौन कौन से तरीके हैं जिनसे पुरुष अपनी प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकते हैं आइये उन्हें विस्तार से जानते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट ले भरपूर

क्रिप्टोसेनेथिन, ग्लुटाथियान जैसे एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा यदि बॉडी में भरपूर होती है, तो इसके कारण प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। और हरी सब्जियों, हरी मिर्च, टमाटर, संतरे आदि में यह एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसीलिए पुरुषो को प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए ऐसे आहार का भरपूर सेवन करना चाहिए जिसमे एंटीऑक्सीडेंट भरपूर हो।

डेरी प्रोडक्ट

पोषक तत्वों से भरपूर डेरी प्रोडक्ट का सेवन भी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही इसके सेवन से बॉडी में हमेशा ऊर्जा की मात्रा को भरपूर बनाए रखने में मदद मिलती है। इसीलिए दूध, दही, मक्खन, पनीर, घी आदि का सेवन पुरुषो को भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

ओमेगा 3 फैटी एसिड

सालमन मछली, अलसी के बीज आदि में ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, यह बॉडी को ऊर्जा से भरपूर रखने के साथ प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसीलिए पुरुषो को प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए नियमित फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन जरूर करना चाहिए।

लहसुन

एलिसिन एक ऐसा पोषक तत्व है जो पुरुष की शुक्राणु की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाता है। ऐसे में नियमित सुबह उठकर तीन चार लहसुन की कलियों का सेवन करने के साथ अपने आहार में भी इसे भरपूर लेना चाहिए, ताकि पुरुषो की यौन क्षमता को भी बढ़ाया जा सके।

गाजर

एक रिसर्च के अनुसार जो पुरुष गाजर का सेवन भरपूर मात्रा में करते हैं इससे न केवल शुक्राणु की संख्या को बढ़ाने में मदद मिलती है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है। क्योंकि इसके कैरोटीन नाम का तत्व होता है। और यह तत्व हर एक पीली और नारंगी रंग की सब्जी और फल में पाया जाता है। इसीलिए यदि पुरुष ऐसे फलों और सब्जियों का सेवन करते हैं तो भी पुरुषो की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है।

पानी भी ले भरपूर

बॉडी में पानी की मात्रा भरपूर होने के कारण शरीर में से सभी विषैले तत्वों को यूरिन और पसीने के माध्यम से बाहर निकलने में मदद मिलती है। जिससे शरीर की सभी क्रियाएं बेहतर तरीके से काम करती है, और प्रजनन अंग भी अच्छे से काम करते है। इसीलिए पानी की मात्रा को बॉडी में भरपूर रखने के लिए दिन में आठ दस गिलास पानी व् अन्य पेय पदार्थ जैसे जूस, नारियल पानी आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

मल्टीविटामिन लें

सेलेनियम, विटामिन, फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व प्रजनन क्षमता को बेहतर करने में मदद करते हैं। इसीलिए मल्टीविटामिन को बॉडी में भरपूर रखने के लिए दालें, सब्जियों, फलों, नॉन वेज आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी हो और पुरुषो की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सके।

विटामिन डी लें

एस्ट्रोजन, प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन को बॉडी में बढ़ाने के साथ शुक्राणुओं की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए पुरुषो को विटामिन डी भरपूर मात्रा में लेना चाहिए। सूर्य की रौशनी से बॉडी में विटामिन डी की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है, साथ ही आपको अपने आहार में ऐसी चीजों को भी भरपूर मात्रा में सम्मिलित करना चाहिए। जिसमे विटामिन डी भरपूर मात्रा में हो।

पुरुषो की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के अन्य टिप्स

  • व्यायाम नियमित करें, ताकि बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जिससे बॉडी की फिटनेस को बरकरार रहने में मदद मिल सके।
  • भरपूर पोषक तत्वों युक्त आहार का सेवन करें, नियमित फल आदि भी जरूर खाएं।
  • आहार में किसी भी तरह की लापरवाही न करें, बल्कि समय से और संतुलित व् पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  • शराब, धूम्रपान या अन्य किसी नशीली चीज का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे प्रजनन क्षमता पर बहुत बुरा असर पड़ता है।
  • अधिक तापमान वाली जगह पर ज्यादा नहीं रहना चाहिए, न ही ज्यादा देर तक लैपटॉप को गोद में लेकर काम नहीं करना चाहिए।
  • नींद भरपूर मात्रा में लेनी चाहिए।
  • तनाव से बचना चाहिए।
  • यदि कोई शारीरिक समस्या या बिमारी के कारण आपको परेशानी है, तो भी एक बार डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए।
  • ज्यादा दिनों तक सम्बन्ध बनाने में गैप नहीं रखना चाहिए ऐसा करने के कारण भी प्रजनन क्षमता कमजोर होती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनकी मदद से पुरुषो की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। और वो खुलकर अपने पार्टनर से साथ अपनी लाइफ को एन्जॉय कर सकते हैं।

क्या गर्भवती महिला को मच्छर मारने का कोएल या मच्छर मारने की मशीन लगाकर सोना चाहिए?

प्रेगनेंसी एक ऐसा समय होता है जहां महिला को अपने खान पान, उठने, बैठने, के साथ अन्य छोटी छोटी बातों का भी अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। इसके साथ महिला को अपने आस पास के वातावरण का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि यदि आप किसी ऐसी जगह पर होती हैं जहां अधिक प्रदूषण होता है, किसी गैस की स्मैल अधिक होती है, ऐसी जगह में जब आप सांस लेती है तो हवा में मौजूद विषैले कण आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। और इसका बुरा प्रभाव महिला की सेहत के साथ शिशु के विकास पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में महिला और शिशु दोनों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेग्नेंट महिला को इन सब चीजों का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए और हो सके तो बाहर जाने पर मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। ताकि इन सब चीजों के बुरे असर से महिला को बचे रहने में मदद मिल सके।

क्या प्रेग्नेंट महिला को मच्छर मारने वाली मशीन या कोएल लगाकर सोना चाहिए

मच्छर से बचने के लिए आज कल बहुत सी चीजें आ गई है जैसे की कोएल को जलाकर, मच्छर मारने वाली मशीन, स्प्रे आदि। लेकिन प्रेग्नेंट महिला को इन सब चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं, इसके बारे में जानकारी होना बहुत जरुरी है। तो इसका जवाब हैं की प्रेग्नेंट महिला को इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, खासकर इन्हे रूम में जलाकर सोने तो बिल्कुल भी नहीं चाहिए, क्योंकि इन्हे बनाने के लिए जिन केमिकल या गैस का इस्तेमाल किया जाता है वो प्रेग्नेंट महिला और शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। जब कोएल का धुआं, स्प्रे की स्मैल, मच्छर मारने वाली मशीन की स्मैल महिला द्वारा सांस लेने पर शरीर में जाती है। तो इसका असर गर्भनाल के माध्यम से शिशु तक भी पहुंच सकता है जिसके कारण शिशु पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को इन सभी चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

मच्छर से बचने के लिए करें?

प्रेगनेंसी के दौरान डेंगू, मलेरिया, वायरल जैसी परेशानियों से बचे रहने के लिए मच्छर से बचाव भी जरुरी होता है। और इसके लिए यदि कोएल, मशीन, स्प्रे आदि का इस्तेमाल नहीं करें तो प्रेग्नेंट महिला को क्या करना चाहिए। तो इसका जवाब है की यदि आप प्रेग्नेंट हैं तो मच्छरों से बचाव के लिए आपको मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आपकी सोने की जगह पर मच्छर न आएं इसके अलावा मच्छर मारने के लिए एक रैकेट भी आता है। उसके इस्तेमाल से भी आप मच्छर को मार सकते हैं। जिससे न तो केमिकल के कारण आपको नुकसान पहुंचेगा और साथ ही मच्छरों के कारण होने वाली परेशानी से राहत रहने में भी मदद मिलती है।

तो यह है प्रेगनेंसी के दौरान मच्छर मारने के लिए आपको किन चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए और किन चीजों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए इससे जुड़े कुछ टिप्स। और यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

सरसों के तेल के चमत्कारिक फायदें

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भारत में खाना पकाने के अतिरिक्त सरसों के तेल का प्रयोग मालिश और मसाज आदि करने के लिए भी किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते है की रसोई घर के अलावा भी इसके कई प्रयोग किये जा सकते है. आम तौर पर इसे कड़वे तेल के नाम से भी जाना जाता है. खाने के अतिरिक्त हमारी सेहत के लिए भी सरसों तेल बहुत लाभकारी होता है.

क्योंकि सरसों के तेल में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते है जो न केवल हमारी त्वचा को निखारने में मदद करते है बल्कि हमारे बालों के लिए भी बेहद लाभकारी होते है. इसके अलावा सरसों तेल में दर्दनिवारक गुण भी पाए जाते है. सरसों के तेल में omegAlpha3 और pmegAlpha6 fatty acids, vitamin E और antioxidents पाए जाते है जो न केवल त्वचा अपितु आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होते है. इसके अलावा ओर भी कई फ़ायदे है सरसों तेल के. जिनसे अधिकतर लोग अनजान है.

पहले के समय के लगभग सभी लोग इस तेल के फ़ायदों के बारे में जानते थे लेकिन आज कल केवल कुछ लोगो को छोड़कर अन्य सभी इसके पूर्ण गुणों से अपरिचित है. पहले के समय में महिलाओ के बाल और काले हुआ करते थे क्योकि अधिकतर महिलाएं बालों में लगाने के लिए सरसों तेल का प्रयोग करती थी परंतु आज कल हर कोई बालों से सम्बन्धित समस्याओं से परेशान रहता है. यदि आपके साथ भी इसी तरह की कोई समस्या है तो आप भी बालों में सरसों तेल का प्रयोग करना शुरू कर दें.

भारत में अधिकतर लोग इसे केवल तेल समझकर इसका इस्तेमाल करते है लेकिन शायद आपको नहीं पता की आयुर्वेद में सरसों तेल को भी एक महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है. इसके अलावा और भी कई फ़ायदे है सरसों के तेल के जिन्हें आमतौर पर सभी नहीं जानते. इसीलिए आज हम आपको सरसों तेल के स्वास्थ्य के फ़ायदों के बारे में बताने जा रहे है.

स्वास्थ्य के लिए सरसों के तेल के फ़ायदे :-

अन्य प्राकृतिक तेलों की तुलना में सरसों के तेल को स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें trans-fat और saturated fats की कम मात्रा पाई जाती है जबकि mono-unsaturated fats और polyunsaturated fatty acids जैसे omega-3 की अच्छी मात्रा पाई जाती है. जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते है.सरसों के तेल के चमत्कारिक फायदें

1. भूख बढ़ती है :

अच्छा स्वास्थ्य आपकी बेहतर भूख पर निर्भर करता है. और सरसों तेल एक बेहतर appetizer के रूप में कार्य करता है जो पेट में गैस्ट्रिक जूस को उत्तेजित कर भूख बढ़ाने में मदद करता है. यह पेट की आँतों को irritate करके भूख को बढ़ाता है. इसीलिए जिन लोगों को भूख कम लगती है या उन्हें खाना खाने का मन नहीं करता तो वे अपना खाना पकाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करें.

2. उत्तेजक :

सरसों का तेल आपके पाचन, circulatory और excretory system को उत्तेजित कर एक बेहतर उत्तेजक के रूप में कार्य करता है. ये spleen और लीवर से बाइल और digestive जूस के स्त्राव को बेहतर कर पाचन की प्रक्रिया को सुधारता है. इसके अलावा इस तेल से मसाज करने से blood circulation और sweat gland भी उतेजित होते है जो शरीर के तापमान को कम करने में मदद करते है.

3. Irritant :

सरसों का तेल senseless मांसपेशियों और अंगों में सेंसेशन पैदा करता है. इसीलिए, ये एक Irritant के रूप में भी कार्य करता है.

4. हृदय के लिए फ़ायदे :

सरसों के तेल में Monounsaturated और Polyunsaturated fats (MUFA और PUFA) पाए जाते है जैसे ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी acid. ये acid खून में गुड कोलेस्ट्रॉल व् HDL को बढ़ाकर कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करता है. जिसके कारण हृदय संबंधी समस्यायों का खतरा कम हो जाता है. तो, हम कह सकते है की ये बटर, और Cheese जैसे पदार्थों का बेहतर substitute है.

5. कैंसर का खतरा कम करे :

सरसों के तेल में Glucosinolate नामक पदार्थ पाया जाता है जो अपनी anti-carcinogenic प्रकृति के कारण जाना जाता है. ये पदार्थ कैंसर की कोशिकाओं के निर्माण को रोकता है. इसके अलावा phytonutrients तत्व colorectal और gastrointestinal कैंसर से बचाने में मदद करता है.

6. अस्थमा :

अस्थमा और sinusitis की समस्या के लिए सरसों का तेल बेहद फायदेमंद घरेलू औषधि है. अस्थमा अटैक की समस्या में, भूरे सरसों के तेल से छाती की मसाज करने से सांस लेने में आसानी होती है. इसके लिए एक चम्मच चीनी और एक चम्मच सरसों के तेल को मिलाकर, दिन में कई बार एक-एक चम्मच करके इसका सेवन करें. आप चाहे तो एक चम्मच शहद और सरसों के तेल को मिलाकर दिन में तीन बार इसका सेवन करें. अस्थमा को नियंत्रित करने के लिए ये उपाय सबसे फायदेमंद है.

7. कफ और सर्दी में दे आराम :

ये तेल छाती और नाक की रुकावट को खत्म करके सर्दी और कफ की समस्या में आराम देने में मदद करता है. इसके लिए एक चम्मच सरसों के तेल और कपूर को मिलाकर अपनी छाती पर लगायें और पीठ के बल लेट जाएँ. ताकि उसकी vapour आपके फेफड़ों तक जा सके. आप चाहे तो किसी दुसरे तरीके से भी अपनी इस समस्या से निजात पा सकते है. इसके लिए कुछ चम्मच सरसों के तेल और जीरे के बीज को एक साथ मिलाकर उसे उबले पाने में डाल दें. अब उसकी भाप लें. सरसों के तेल में पाया जाने वाला अरोमा आपके श्वसन तंत्र को वार्म अप करके बलगम के निर्माण को रोकता है.

8. एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रकृति :

सरसों के तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते है जो irritable bowel syndrome की समस्या में आराम देने में मदद करता है, इसके साथ ही पेट की सुजन को भी कम करता है. सरसों के तेल की मसाज rheumatic और arthritic दर्द में भी आराम देता है. इसके साथ ही मोच और जोड़ो के अन्य दर्द होने पर भी आराम देता है. इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रकृति जोड़ो और त्वचा की सुजन को भी कम करता है. arthritic दर्द होने पर लहसुन की 3 से 4 कलियों को 2 चम्मच सरसों के तेल में गर्म कर लें. अब इस तेल को जोड़ो पर लगायें, दर्द में आराम मिलेगा.

9. एंटी बैक्टीरियल :त्वचा में खुजली है? ऐसे दूर करें

सरसों के तेल में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते है क्योंकि इसमें glucosinolate की उच्च मात्रा पायी जाती है जो bacteria के निर्माण को कम करता है. इसके साथ ही फंगी और अन्य डेडली माइक्रोब्स की ग्रोथ को भी रोकता है. इसका सेवन करने से urinary tract, colon, intestines और पाचन तंत्र के अन्य भाग में हुए बैक्टीरिया इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है. इसके साथ ही कफ और सर्दी की समस्या में भी आराम देता है. और यदि इसका प्रयोग त्वचा पर किया जाये तो बैक्टीरियल इन्फेक्शन से छुटकारा मिलता है.

10. एंटी फंगल :

सरसों के तेल में एंटी फंगल गुण भी पाए जाते है. क्योंकि इसमें allyl isothiocyanate नामक एक तत्व मौजूद होता है जो फंगल बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. इसके अलावा ये तेल रैशेज और फंगी के कारण उत्पन्न हुए अन्य स्किन इन्फेक्शन को भी ठीक करता है.

11. मलेरिया के लिए :

सरसों का तेल मच्छरों से संबंधित समस्या के लिए बेहद लाभदायक सिद्ध होता है. साथ ही मलेरिया और insect-borne बिमारियों को ठीक करने में भी मदद करता है.

प्रेगनेंसी में संतरे खाने के फायदे और नुकसान

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गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बेहतर से बेहतर आहार लेने की सलाह दी जाती है। आहार के साथ फल, स्नैक्स, जूस, आदि लेने के लिए भी कहा जाता है। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा भरपूर रहे जिससे गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिल सके। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान संतरे का सेवन भी महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है, फाइबर, विटामिन सी, फोलेट, पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह प्रेगनेंसी के दौरान महिला को स्वस्थ रखता है और बहुत सी परेशानियों से निजात दिलाने में भी मदद करता है। तो लीजिये आज हम आपको ऐसे ही कुछ फायदे बताने जा रहे हैं जो संतरे का सेवन करने से गर्भवती महिला को मिलते हैं।

खून की कमी को पूरा करता है

प्रेगनेंसी के दौरान खून की कमी के कारण महिला को एनीमिया जैसी समस्या की परेशानी होने के साथ डिलीवरी के दौरान समस्या, शिशु के विकास में कमी आदि जैसी परेशानी हो सकती है। लेकिन संतरे का सेवन करने से बॉडी में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद मिलती है जिससे खून की कमी समस्या से बचाव होता है।

कब्ज़ से राहत

कब्ज़, एसिडिटी, गैस आदि की समस्या से प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर महिलाएं परेशान रहती है। ऐसे में इस परेशानी से राहत के लिए भी गर्भवती महिला यदि संतरे का सेवन करती है, तो उसे इस परेशानी से निजात मिलता है। क्योंकि संतरे में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो पेट से जुडी समस्या के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

पानी की कमी को पूरा करता है

बॉडी का हाइड्रेट रहना प्रेगनेंसी के दौरान बहुत जरुरी होता है, क्योंकि शरीर में पानी की कमी गर्भवती महिला की परेशानी को बढ़ा सकती है। और ऐसे में संतरे का सेवन न केवल महिला को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व देता है, बल्कि इसमें पानी की मात्रा की अधिकता होने के कारण यह शरीर में होने वाली पानी की कमी को भी पूरा करने में मदद करता है।

तनाव से आराम

गर्भवती महिला यदि तनाव लेती है तो यह न केवल महिला बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी नुकसानदायक होता है, लेकिन संतरे का सेवन करने से आपको तनाव की समस्या से भी बचाव करने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

स्टोन की समस्या से बचाता है

यदि कोई महिला माँ बनने वाली है और वह किडनी में स्टोन यानी पथरी की समस्या से ग्रसित है, तो संतरा का पर्याप्त सेवन आपकी इस समस्या का समाधान करने में भी आपकी मदद करता है। क्योंकि क्योंकि यह यूरिन के पी एच स्तर को बढ़ा देता है जिससे किडनी में होने वाले स्टोन की समस्या से राहत पाने में आपको मदद मिलती है।

इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है

पोषक तत्वों से भरपूर संतरे का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है साथ ही विटामिन सी की मात्रा भरपूर होने के कारण यह गर्भवती महिला को हर तरह के संक्रमण से भी बचाता है।

गर्भ में शिशु के लिए हैं फायदेमंद

संतरे का सेवन करने से केवल गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी फायदा मिलता है। जैसे की यह शिशु के दिमागी विकास को बेहतर तरीके से करने में मदद करता है, साथ ही कैल्शियम की मात्रा भरपूर होने के कारण शिशु की हड्डियों के बेहतर विकास में भी यह मदद करता है।

प्रेगनेंसी में संतरा खाने के नुकसान

हर गर्भवती महिला की शारीरिक स्थिति प्रेगनेंसी के दौरान अलग अलग होती है, ऐसे में यदि आपको संतरा खाने से किसी तरह की परेशानी जैसे की गले से जुडी समस्या, एलर्जी आदि हो जाती है। तो आपको इसके सेवन से परहेज करना चाहिए। साथ ही शुगर की समस्या से यदि आप ग्रसित है तो आपको संतरे का सेवन करना चाहिए या नहीं इसके लिए भी एक बार डॉक्टर से जरूर राय लेनी चाहिए। इसके अलावा फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण यदि आप इनका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो इसके कारण पेट में ऐंठन, दस्त जैसी समस्या से भी आपको परेशान होना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ फायदे और नुकसान जो आपको प्रेगनेंसी के दौरान संतरे का सेवन करने से मिलते हैं। ऐसे में आप भी यदि प्रेगनेंसी के दौरान संतरे का सेवन करने से होने वाले इन फायदों को उठाना चाहते हैं तो आप भी इनका सेवन कर सकती है।

अगर आपको हमेशा थकान रहती है! तो ये कारण हो सकते है

क्या आपको भी हर समय नींद आती है? आलस महसूस होता है? जम्हाई लेते रहते है? तो मुबारक हो आप भी थकान से परेशान लोगो में शामिल हो चुके है, और थकान की समस्या होने के लिए कोई उम्र निर्धारित नहीं होती है, ये आपकी खराब जीवनशैली और बदलती दिनचर्या पर निर्भर करता है, गर्भवती महिलाओ के साथ थकान होना आम बात होती है, क्योंकि इस समय शरीर में हो रहे परिवर्तन, और हॉर्मोन के बदलाव के कारण शरीर थका थका महसूस करता है।

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थकान का कारण केवल आपकी नींद से ही सम्बंधित नहीं होता है, बल्कि दिन भर में ऐसे बहुत से काम हो जाते है जिसके कारण आप थकान का अनुभव करते है, कई बार जब आप किसी चीज को लेकर मानसिक रूप से परेशान होते है तो भी आप थका हुआ महसूस करते है, इसके अलावा आपका गलत खान पान, जरुरत से अधिक व्यायाम ऐसे कुछ कारणों की वजह से भी आपको ये समस्या हो सकती है, जरुरत से ज्यादा काम करने, गलत आदतों के कारण आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण आपके शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है, और आप थकान का अनुभव करते है, क्या आप भी इस समस्या से परेशान है, तो आइये आज हम आपको विस्तार से बताते है की थकान होने के क्या क्या कारण हो सकते है।

आयरन की कमी होने के कारण:-

आयरन

थकान का सबसे बड़ा कारण होता है जब आपके शरीर में आयरन की कमी होती है, क्योंकि इसके कारण आपकी बॉडी में खून की कमी हो जाती है, जिसके कारण रक्त का संचार अच्छे से होता है, साथ ही इसके कारण ये आपके शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह का भी अवरोध होता है, जिसके कारण आपकी सांस फूलने लगती है, और आप थक जाते है, ये समस्या पुरुषो से अधिक महिलाओं में पायी जाती है, इसके कारण एनीमिया हो जाता है, इस समस्या से राहत के लिए आपको हरी सब्जियों, मीट आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इनमे आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

जरुरत से ज्यादा व्यायाम करने के कारण:-

रोजाना व्यायाम करना एक अच्छी आदत होती है, इसके कारण आपकी बॉडी को फिट रहने में मदद मिलती है, साथ ही व्यायाम करने से  आपकी बॉडी में एंडोर्फिन का मात्रा बढ़ती है जिससे आपको नींद अच्छी आती है, लेकिन यदि आप अपनी बॉडी की क्षमता से अधिक व्यायाम करते है, तो इसके कारण आपके बॉडी पार्ट्स को आराम नहीं मिलता है, जिसके कारण आपको थकावट महसूस होती है।

पोषक तत्वों की कमी होने के कारण:-

जो लोग अपने आहार को समय पर नहीं लेते है, अपने खान पान का ध्यान नहीं रखते है, जिसके कारण उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, और इसके कारण आपके अंगो में दर्द रहने लगता है, और आपको थकावट महसूस होने लगती है, इसके लिए आपको अपने आहार को समय से लेना चाहिए और साथ ही पोष्टिक व् संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:- क्या आपको दिन भर थकान रहती हैं? ये पढ़ें

रात के समय अल्कोहल का सेवन करने के कारण:-

अल्कोहल

कई लोग तनाव से राहत और थकान को दूर करने के लिए अल्कोहल का सेवन करते है, परन्तु इसके सेवन से आपको फायदा नहीं होता है नुकसान होता है, क्योंकि इसके सेवन से आपकी नींद के चक्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है, साथ ही इसके कारण आपकी बॉडी के होर्मोंस में असंतुलन पैदा होता है, जिसके कारण आपकी नींद अच्छे से पूरी नहीं होती है, और आपको अगले दिन नींद आती है, और थकावट महसूस होती है, इसीलिए इससे जितना हो सकें परहेज करना चाहिए और तनाव से राहत के लिए आपको अपनी नींद को भरपूर लेना चाहिए।

लोगो को खुश करने के कारण:-

कई लोग परफेक्शनिस्ट तो होते है परन्तु किसी को न नहीं कह पाते है, शारीरिक रूप से थके हुए होने के कारण भी वो दूसरों का काम करने के लिए तैयार हो जाते है, कही भी पार्टी आदि में जाना शुरू कर देते है, ऐसे में व्यक्ति केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी थकावट महसूस करता है, और कई लोग हमेशा अपने काम को और बेहतर बनाने की चाह में लगे रहते है, जिसके कारण वो अपने शरीर के साथ दिमाग को भी आराम नहीं दे पाते है, उन लोगो को इस समस्या से ज्यादा झूझना  पड़ता है।

देर रात तक फ़ोन के इस्तेमाल करने के कारण:-

देर रत तक कई लोग बार बार फ़ोन पर गेम खेलते रहते है, या बार बार रत को उठकर मेल आदि को चेक करते है, लेकिन क्या अप जानते है की फ़ोन की ब्लू लाइट आपकी नींद की साइकिल को प्रभावित करती है, जिसके कारण आपकी नींद बार बार खुलती रहती है, इसके कारण न तो आपको अच्छी नींद आती है, न ही आपकी बॉडी को आराम मिलता है, इस समस्या से राहत के लिए आपको हो सकें तो रत को अपने फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

शरीर में पानी की कमी होने के कारण:-

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पानी का भरपूर होना आपके शरीर में उर्जा का काम करता है, इसके कारण आपको डिहाइड्रेशन की समस्या भी नहीं होती है, परन्तु शरीर में होने वाली पानी कमी के कारण आपको शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जिसके कारण थोडा काम करते ही आपको थकावट महसूस होने लगती है, इसीलिए आपको अपने शरीर में उर्जा को कायम रखने और अपने आपको फिट रखने के लिए पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए, और यदि आप ऑफिस में भी होते है तो ब्रेक में कॉफ़ी या चाय पीने की जगह आपको पानी का सेवन करना चाहिए।

नाश्ते की जगह जंक फ़ूड का सेवन करने के कारण:-

कई लोग होते है जो अपने नाश्ते से परहेज करते है और उसकी जगह जंक फ़ूड का सेवन करते है, तो इसके कारण दिन भर अधिक मात्रा में शुगर, कार्बोहाइइ्रेट और कैफीन युक्त चीजो का सेवन आप करते रहते है, इससे कुछ पल के लिए राहत तो मिलती है पर क्या अप जानते है की इसके कारण रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है जिससे थकान अधिक रहती है, इसीलिए आपको कभी भी नाश्ते से परहेज नहीं करना चाहिए, और जितना हो सकें नस्श्ते में संतुलित व् पोष्टिक आहार ही लेना चाहिए।

तो ये कुछ कारण है जिनकी वजह से आपको थकान का अनुभव होता है, तो इससे निजात पाने के लिए जरुरी है की आपको अपनी दिनचर्या को सही करना चाहिए और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना चाहिए गलत आदतों को छोड़ अच्छी आदतों को अपने जीवन में शामिल जैसे की अपने खान पान, नींद, काम आदि का अच्छे से ध्यान रखना, ऐसा करने से आपको इस समस्या से राहत मिल सकती है।

इन्हे भी पढ़ें:- हर वक़्त थकान महसूस होती है? ये प्रॉब्लम हो सकती है आपको! 

मखाने के फायदे

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Health Benefits Of Fox Nut

मखाने के फायदे, Health Benefits Of Fox Nut, Fox Nut ke Fayde Hindi Me, Makhana Khane ke Labh, Fox Nut Plant, Benefits of Makhana in Hindi

ड्राई फ्रूट्स खाना सभी को अच्छा लगता है फिर चाहे वो बच्चा हो या बड़ा। जहा एक तरफ बच्चे काजू और बादाम खाना अधिक पसंद करते है वहीं बड़ों को अखरोट, पिस्ता और अंजीर जैसी चीजें अच्छी लगता है। क्योंकि ये सभी न केवल स्वाद में अच्छे लगते है अपितु इनके स्वास्थ्य के लिए भी कई आश्चर्यजनक लाभ होते है। बादाम खाने से बुद्धि बढ़ती है, जबकि अखरोट इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, किशमिश पाचन क्रिया को सुधारती है और काजू खाने के स्वाद को बढ़ा देते है।

लेकिन इनके अलावा भी एक ड्राई फ्रूट है जो न केवल आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है अपितु आपको कई बिमारियों से बचाये रखने में भी बहुत फायदेमंद होता है। और वो है मखाना यानी फॉक्स नट। जी हां, व्रत उपवास और खीर में डालकर खाये जाने वाले मखाने का स्वाद तो आप सभी में चखा होगा। लेकिन क्या आप जानते है की ये ड्राई फ्रूट वास्तव में आपके लिए कितना लाभकारी है।

शायद नहीं क्योंकि बहुत ही कम लोग जानते है की ड्राई फ्रूट्स का सेवन सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं अपितु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इन सभी ड्राई फ्रूट्स में बहुत से ऐसे तत्व और गुण पाए जाते है जो आपके लिए लाभदायक होते है। मखाने की बात करें तो इसमें प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, मिनरल्स, नुट्रिएंट्स, फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते है। जो स्वास्थ्य को बिमारियों से बचाने के साथ-साथ इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करते है।

यहाँ हम आपको मखाने के उन्ही फायदों के बारे में बताने जा रहे है। व्रत आदि में तो आपने इन्हे खूब खाया होगा लेकिन यकीन मानिये अगर आप नियमित रूप से इनका सेवन करना प्रारम्भ कर देंगे तो ये आपको कभी बीमार नहीं पड़ने देगा।

क्या है मखाना?

मखाना एक तरह का ड्राई फ्रूट है जिसे अंग्रेजी में फॉक्स नट और हिंदी में कमल का बीज भी कहा जाता है। ईरियल फॉक्स नामक पौधे से मिलने वाला यह फल पूर्वी एशिया के झीलों व् तालाबों के जमे हुए पानी में उगता है। प्राचीन काल से इसका इस्तेमाल चीनी दवाओं के लिए किया जाता है। इतना ही नहीं, आयुर्वेद में भी इस ड्राई फ्रूट विशेष स्थान प्राप्त है। धुप में सुखाये गए कमल के बीजों को चीन में पसंदीदा स्नैक के रूप में खाया जाता है। नवरात्रों और घर के उत्सवों में बनाए जाने वाले पकवानों में इसका प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है।

मखाने के फायदे :-

1. ब्लड प्रेशर :

मखाने में पोटैशियम और सोडियम की उच्च मात्रा पाई जाती है जो BP की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के लिए बहुत लाभकारी होती है। यह तत्व शरीर के रक्त चाप को नियंत्रित रखने और उसे स्वस्थ तरीके से कार्य करने में मदद करते है। जिससे ब्लड सर्कुलेशन में समस्याएं न हो।

2. हृदय :

मखाने में मैग्नीशियम की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है जो ब्लड, ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों के प्रवाह को बेहतर करता है। इसके अतिरिक्त इसमें फोलेट की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है को हृदय संबंधी अन्य बिमारियों और उससे संबंधित बड़े जोखिमों को कम करने में मदद करती है।

3. वजन :

इस ड्राई फ्रूट में फाइबर की अच्छी और वसा की कम मात्रा पाई जाती है। जो वजन घटाने में मदद होती है। फाइबर खाने को पचाने में मदद करते है जबकि वसा मोटापे का एक कारण होता है। इसके अतिरिक्त इसे ग्लिसेमिक इंडेक्स में भी बहुत कम माना जाता है जो वजन घटाने में सहायक होता है।

4. अनिद्रा :मखाने के फायदे

बहुत से लोगों को चिंता या किसी परेशानी के कारण नींद न आने की समस्या होती है। ऐसे में अगर आप नियमित रूप से मखाने का सेवन करते है तो ये आपकी इस समस्या को भी दूर करने में मदद कर सकता है।

5. एंटी-एजिंग :

मखाने में मौजूद कुछ तत्व स्किन के अंदर बढ़ रहे हानिकारक बैक्टीरिया को समाप्त करते है। साथ ही ये एजिंग की प्रोसेस को भी धीमा कर देता है जिससे बढ़ती उम्र की सभी निशानियां दूर हो जाती है।

6. नपुंसकता :

यह महिलाएं में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से महिलाओं में प्रजनन क्षमता की वृद्धि होती है।

7. कमजोरी :

जिन लोगों का वजन सामान्य से बहुत अधिक कम होता है उन्हें इसका सेवन करना चाहिए। क्योंकि इसमें मौजूद कई तत्व शरीर का वजन बढ़ाने के साथ साथ कमजोरी दूर करने में भी मदद करते है।

8. शांति :

मखाने में मौजूद एंटी स्पास्मोडिक गुण पाए जाते है जो नसों को राहत दिलाकर आराम देने का काम करते है। जिससे मन को शांति मिलती है और अच्छी नींद आती है।

9. किडनी :

यह शरीर में रक्त के संचरण को सुधार कर गुर्दे से संबंधित समस्यायों को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए आप इन्हे हल्का भूनकर रोजाना खा सकते है।

10. सूजन :

मखानों में फ़्लोवानोइड्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो शरीर में होने वाली समस्यायों को दूर करके सूजन को कम करने में मदद करता है।

11. प्रोटीन :मखाने

इसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो शरीर के लिए बेहद जुर्री नुट्रिएंट है। इसकी कमी से व्यक्ति के शरीर में बहुत सी समस्याएं होने लगती है। यह शरीर के लिए एक फ्यूल का काम करता है। व्यायाम करने के बाद आपके लिए यह एक परफेक्ट नाश्ता है।

12. मसूड़े :

नियमित रूप से मखानो का सेवन करने से मसूड़ों से जुडी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही यह मसूड़ों के दर्द में भी आराम देने का काम करता है।

अब तो आप अच्छी तरह से जान गए होंगे की व्रत के दौरान इसका सेवन क्यों किया जाता है? पेट भरने के साथ-साथ यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है।

सर्दियों में शरीर गर्म रखने के तरीके

Tips To Keep Body Warm in Winter

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सर्दियों के मौसम का एक अलग ही मजा होता है। हवा में थोड़ी से ठंडक आते है लोग अपने गर्म बिस्तर, स्वेटर शॉल आदि निकाल लेते है। सुबह के समय दिखने वाली सफ़ेद धुंध की चदार हर किसी की कंपकंपी छुटवा देती है। जहां छोटे बच्चे इन दिनों जागने में आना कानि करते है वहीं बड़े बच्चे नहाने का आलस कर बैठते है। परन्तु ये भी सच है की पुरे साल भर आने वाले सभी मौसमों में एक मात्र यही ऐसा मौसम है जिसमे लोगों का शरीर कम और उसपर मोटे-मोटे कपडे अधिक दिखाई देते है।

और हो भी क्यों न, बाहर चलने वाली सर्द हवाएं किसी को भी बीमार करने के लिए पर्याप्त होती है ऐसे में खुद को इससे बचाना ही सही है। सर्दियों के मौसम में लोगों को गर्म खाने के चीजें, गर्म बिस्तर, गर्म हाथ-पैर बहुत अच्छे लगते है। इसीलिए तो सभी अपने घरों में इन दिनों हीटर, अंगीठी आदि जलाते है। जिससे कमरा गर्म रहे। वैसे तो सर्दियों को मौसम सभी को प्रिय होता है लेकिन इसके साथ आने वाली समस्याएं और बीमारियां भी किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में खुद को इनसे बचाकर रखने में ही समझदारी है।

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अगर आप भी चाहते है की सर्दियों में आपके हाथ पैर और शरीर गर्म रहे तो जरुरी है की इन दिनों आप पुरे और गर्म कपडे पहने ताकि बाहर चलने वाली सर्द हवाएं आपको कोई नुकसान न पहुंचा सके। इसके अतिरिक्त इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का भी खास ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि इसका प्रभाव सबसे अधिक उन्ही पर पड़ता है। इसके लिए आप घर के बुजुर्गों को गर्म चीजों का सेवन करायें और छोटे बच्चों को गर्म बिस्तरों में ढक कर रखें। साथ ही उनके कमरे में हीटर भी चला दें। जिससे रूम का तापमान गर्म हो जाए।

इसके अतिरिक्त भी बहुत से तरीके है जिनसे आप सर्दियों के मौसम में अपने शरीर और हाथ पैरों को गर्म रख सकते है। बस आपको अपने खान-पान और लाइफस्टाइल में थोड़े से परिवर्तन करने होंगे। तो आइये जानते है क्या है सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के तरीके।

सर्दियों को खुद को गर्म रखने के तरीके

1. गर्म कपड़े पहनें :

सर्दियों के मौसम में खुद को सर्द हवाओं से बचाने का ये तरीका सबसे असरदार है। अगर आप खुद को ठंड से गर्म रखना चाहते है तो सबसे पहले गर्म कपड़े पहन लें। इन्हे सिर्फ शरीर पर ही नहीं बल्कि पैरों में भी पहने क्योंकि पैरों के जरिये भी ठंड शरीर में जाती है। पैरों के लिए ऊनी जुराब सही ऑप्शन है। ऐसा करने से ठंडी हवाएं आपकी त्वचा को नहीं छुएंगी और आपको ठंड भी नहीं लगेगी। लेकिन ध्यान रहे, रात्रि को सोने से पूर्व इन कपड़ों को उतारकर सोएं।

2. आग से खुद को सेंके :

हो न हो आपके आस पास भी बहुत से लोग सर्दियों के मौसम को आग के सामने बैठकर अपने हाथ पैरों को सेंकते होंगे। अगर आप भी सर्दियों में अपने शरीर को गर्म रखना चाहते है तो आपको भी आग सेकनी चाहिए।इसके लिए आप अंगीठी या हीटर का प्रयोग कर सकते है।

3. गर्म खाद्य पदार्थ :शरीर गर्म रखने के तरीके

ठंड के मौसम में जहां एक तरफ सर्दियां लोगों को परेशान करती है वहीं दूसरी तरफ इस समय आने वाली स्वादिष्ट सब्जियों का स्वाद भूले नहीं भुलाया जाता। सभी तरह के ड्राई फ्रूट्स से लेकर पालक, बथुआ, मेथी, सरसों चुकंदर आदि कुछ ऐसी सब्जियां है जिनका स्वाद सर्दियों के मौसम में भी सबसे अधिक आता है।और ये सभी खाद्य पदार्थ आपके शरीर को गर्म रखने में भी मदद करते है।

4. हीटर :

अगर आप हीटर आपके बजट के अंदर आता है तो आप इस समस्या के लिए इसका भी प्रयोग कर सकते है। ठंड में जब भी आपको सर्दी लगे या बिस्तर में ठंड लगने लगे तो अपने कमरे में हीटर चला लें। लेकिन ध्यान रहें पूरी रात के लिए हीटर चलाना हानिकारक हो सकता है। तो अगर आप रात में इसे चला रहे है तो कुछ देर चलाने के बाद इस बंद कर दें।

5. सूती रजाई के कवर और चादर :

सर्दियों के मौसम में प्रयोग होने वाली रजाई के कवर का चुनाव करते समय हमेशा ध्यान रखे की वह सूती के कपड़े से बना हो क्योंकि नायलॉन या किसी अन्य कपड़े का कवर गर्म नहीं होता जिससे आपको पूरी रात भर ठंड लगती रहेगी। जबकि सूती कपडा बहुत तेजी से गर्म होना वाला फैब्रिक है। इसके साथ ही सर्दियों में बीएड पर बिछाने के लिए भी सूती चादर का ही प्रयोग करें।

6. गर्म चाय :

सर्दियों के मौसम में गर्म चाय की चुस्कियां लेना किसे पसंद नहीं है। केवल यही एक ऐसा मौसम है जिसमे लोग चाय पीना सबसे अधिक पसंद करते है। लेकिन अगर आप इसमें अदरक और लौंग आदि डालकर बनाते है तो इसकी तासीर कुछ गर्म हो जाती है जो अंदर जाकर आपके शरीर को गर्म रखने में मदद करती है। अगर आपके घर में किसी छोटे बच्चे को हल्का जुखाम खांसी हुआ है तो आप उसे भी ये चाय पिला सकते है।

7. मांसाहारी भोजन :

अगर आप नॉन-वेज है तो समझ लें सर्दियों के मौसम में ऐसा भोजन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। क्योंकि ये न केवल आपके शरीर को गर्म रखने में मदद करता है अपितु सर्दियों में होने वाली बिमारियों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है। इसलिए सर्दियों में NON VEG भोजन का सेवन जरूर करें।

8. सूप :

सर्दियों के मौसम में सूप पीने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान चलने वाली हवाएं और बिमारियों से बचने का ये सबसे बेस्ट उपाय माना जाता है। अगर आप नॉन वेज खाते है तो आपके लिए नॉन-वेज सूप बहुत ही लाभकारी रहेगा। ये आपके शरीर को गर्म रखेगा और आपको ठंड के प्रभाव से भी बचाएगा।

तो ये थे, कुछ टिप्स और उपाय जिनकी मदद से आप सर्दियों के मौसम में अपने शरीर को गर्म रख सकते है। बस ध्यान रखे की सभी उपायों को सही तरीके से प्रयोग किया जाए क्योंकि गलत इस्तेमाल से हानि भी हो सकती है।

5 इन्फेक्शन्स जो गर्भ में पल रहे शिशु पर डालते हैं बुरा असर

गर्भावस्था के दौरान महिला को इन्फेक्शन्स की समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान महिला के शरीर में तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं। जिसके कारण महिला की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में जब महिला को इन्फेक्शन होते हैं तो इसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ सकता है। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे पांच इन्फेक्शन्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो यदि प्रेग्नेंट महिला को होते हैं तो इनका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ता है।

बैक्टेरियल इन्फेक्शन

यदि प्रेग्नेंट महिला को हानिकारक बैक्टेरिया जैसे की साल्मोनेला, इ कोलाई, लिस्टेरिया जो की कच्चे दूध, कच्चे मास, आदि में मौजूद होता है उसके कारण इन्फेक्शन हो जाता है। तो यह बैक्टेरिया गर्भ में शिशु तक भी पहुंच जाता है। जिसकी वजह से बच्चे के शारीरिक विकास में कमी, जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी, समय से पहले महिला की डिलीवरी आदि होने का खतरा हो जाता है।

यौन संचारित रोग

यदि गर्भवती महिला को यौन संचारित रोग है तो यह भी गर्भ में शिशु तक पहुँच सकता है। जो महिलाएं इस इन्फेक्शन्स से ग्रसित होती है और वो महिलाएं अपने बच्चे को स्तनपान करवाती है तो भी यह इन्फेक्शन शिशु तक पहुँच जाता है। लेकिन यदि आपको पता है की आपको यह समस्या है और आप गर्भधारण कर रही है तो प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही ट्रीटमेंट लेना चाहिए ताकि बच्चे को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को यदि गर्भवती महिला को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो जाता है तो इसकी वजह से महिला को दिक्कत जैसे की यूरिन पास करते समय दर्द, जलन, बुखार, यूरिन खून आना, आदि हो सकती है। साथ ही यदि यह इन्फेक्शन बढ़ जाये तो इसके कारण गर्भ में शिशु पर भी बुरा असर पड़ता है। जैसे की इसके कारण जन्म के समय शिशु के वजन में कमी, समय से पहले बच्चे का जन्म आदि समस्या हो सकती है।

पेट में इन्फेक्शन

गलत खान पान के कारण गर्भवती महिला को पेट में इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है। जिसके कारण महिला को उल्टी, दस्त आदि की समस्या हो जाती है। और यदि महिला को उल्टी दस्त आदि की परेशानी बढ़ जाती है। तो इस वजह से महिला के शरीर में पानी व् पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जिसके कारण महिला को दिक्कत होने के साथ बच्चे को भी दिक्कत होती है। क्योंकि पानी की कमी के कारण एमनियोटिक फ्लूड पर प्रभाव पड़ता है जिसके कारण गर्भ में बच्चा दिक्कत महसूस करता है। साथ ही प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में पेट में इन्फेक्शन बढ़ने के कारण संकुचन बढ़ सकता है जिसकी वजह से एमनियोटिक बैग फटने का खतरा भी रहता है।

कोरियोमायोनीटिस

यह भी एक प्रकार का संक्रमण है जो गर्भवती महिला के प्राइवेट पार्ट में हो सकता है और धीरे धीरे यह गर्भ तक पहुँचता है। जिसके कारण एमनियोटिक बैग पर असर पड़ता है। और उसके फटने का खतरा बढ़ जाता है। जिसकी वजह से बच्चे का समय से पहले जन्म होने का खतरा बढ़ता है और शिशु को जन्म के बाद होने वाली परेशानियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

तो यह हैं वो इन्फेक्शन्स जिनसे यदि प्रेग्नेंट महिला ग्रसित होती है तो इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ सकता है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान महिला को इन सभी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी रखनी चाहिए ताकि माँ व् बच्चे दोनों को प्रेगनेंसी के दौरान इन्फेक्शन से बचे रहने और स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

एलोवेरा के क्या क्या फायदे होते है?

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एलोवेरा अपने गुणों से सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जाना जाता है। एलोवेरा पौधे की 300 प्रकार पायी जाती है। इन पौधो में एलो बारबाडेंसीस सबसे प्रमुख जाती है। एलोवेरा कॉस्मेटिक, मेडिसनल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता है। इसे आयुर्वेद में विशेष स्थान प्राप्त है।

बहुत साल पहले लोगों को यह अनुभव हुआ के एलोवेरा का पौधा सिर्फ देखने के लिए नहीं बल्कि बहुत से उपयोगो में लाया जा सकता है। तब यह पाया गया के एलोवेरा का जूस और जेल एक हर्बल औषधि है जो त्वचा की समस्याओ से लेकर पेट की पाचन सम्बन्धित समस्याओ में फायदेमंद है।

 एलोवेरा के फायदे

आइये जानते है एलोवेरा को किस किस तरह अपनी त्वचा, पेट और अन्य समस्याओ के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

हाइड्रेशन:

  • एलोवेरा का पौधा एक वाटर डेन्स पौधा है।
  • यह त्वचा को डिहाइड्रेशन की समस्या के लिए एक आदर्श पौधा है।
  • इसके पौधे से ताजा जेल निकालकर अपनी त्वचा पर मसाज करें।
  • इसकी मसाज से आपकी त्वचा हाइड्रेट होकर सॉफ्ट भी हो जाएगी।
  • सप्ताह में दो से तीन बार इस उपाय का आप इस्तेमाल कर सकते है।

जले के निशान:

  • एलोवेरा को हल्के फुल्के जले के निशान ठीक करने के लिए भी जाना जाता है।
  • सनबर्न के मार्क्स भी एलोवेरा से ठीक होते है।
  • एक रिसर्च के अनुसार एलोवेरा जेल के उपयोग से फर्स्ट एंड सेकंड डिग्री बर्न मार्क्स भी ठीक होते है।
  • ज्यादातर बर्न क्रीम्स में एलोवेरा का इस्तेमाल होता है।

दाग धब्बे:

  • इसकी ताजा जेल के इस्तेमाल करने से चेहरे के सभी दाग धब्बे साफ़ होते है।
  • इसके जूस के सेवन से चेहरे पर कील मुहाँसे नहीं निकलते है।
  • यह त्वचा को हाइड्रेट करके सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाता है।

स्वस्थ दांत:

  • इसके जूस का इस्तेमाल दांतो को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जाता है।
  • एलोवेरा जूस को माउथ फ्रेशनर की तरह उपयोग किया जाता है।
  • यह मुँह के कीटाणु को खत्म करता है।
  • इसके उपयोग से दांतो से खून आने की समस्या खत्म होती है।
  • आजकल कई टूथपेस्ट में भी एलोवेरा का इस्तेमाल होने लगा है।

मोटापा:

  • रोजाना सुबह खाली पेट एलोवेरा जूस पिए।
  • इससे आपके शरीर का खराब फैट बाहर निकलेगा।
  • आपको वजन घटाने में आसानी रहेगी।

मेटाबॉलिज़्म:

  • रोजाना सुबह खाली पेट एलोवेरा पिने से मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है।
  • इसके सेवन से 20 से 24 प्रतिशत तक मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है।
  •  मेटाबॉलिज़्म बढ़ने का मतलब आपकी खाना पचाने की क्षमता बढ़ जाएगी।
  • जब आप खाना अच्छे से पचायेंगे तो और भी कई अन्य बीमारियों से आप बच जायेंगे।

ब्लड:

  • एलोवेरा के नियमित सेवन से रेड ब्लड सेल्स का तेजी से निर्माण होता है।
  • जिससे खून की कमी पूरी होती है।
  • ध्यान रखिये इसका सेवन खाली पेट ज्यादा असर करता है।

एंटी एजिंग:

  • एलोवेरा जेल में एंटी एजिंग और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है।
  • इसकी जेल से रोजाना चेहरे की मसाज करें।
  • ऐसा करने से चेहरे की झुरिया कम होंगी।
  • इसकी मदद से त्वचा खूबसूरत, मुलायम और जवां दिखेगी।

स्ट्रेच मार्क्स:

  • एलोवेरा जेल के उपयोग से आप अपने स्ट्रेच मार्क्स भी साफ़ कर सकते है।
  • जेल को गुलाबजल में मिलाकर यूज़ करने से स्ट्रेच मार्क्स हल्के हो जाते है।

बाल:

  • बालों में डैंड्रफ हो तो इसके इस्तेमाल से आप रुसी की समस्या से छुटकारा पा सकते है।
  • डैंड्रफ के साथ साथ यह खुजली की समस्या भी खत्म करती है।
  • इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन इ और विटामिन बी 12 भी होता है।
  • बालों में इसके प्रयोग से उनका झड़ना कम होता है।
  • इसके उपयोग से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है जिससे बालों की ग्रोथ बढ़ती है

तो देखा आपने एक एलोवेरा के पौधे में कितने सारे गुण होते है। आप भी अपने घर में एलोवेरा का पौधा लगवाकर इसके फायदे उठा सकते है।

वजन बढाने के आसान तरीके

आपने ये तो सुना ही होगा की ज्यादातर लोग अपने मोटापे को लेकर परेशान रहते है, और अपने वजन को नियंत्रित रखने में लगे रहते है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो अपने कम वजन यानी दुबलेपन को लेकर भी परेशान है, और वो कुछ भी करके अपने वजन को बढ़ाना चाहते है, दुबलेपन के कारण न तो व्यक्ति की पर्सनैलिटी अच्छी बन पाती है, साथ ही दूसरो के सामने कई बार उसे हास्य का विषय भी बनना पड़ता है, और वजन बढ़ाने के लिए आज कल मार्किट में कई उत्पाद भी आते है, जो की आपका वजन तो बढ़ा सकते है, परन्तु उसमे इस्तेमाल चेमिकल्स आपकी सेहत को खराब कर सकते है।

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दुबलेपन की समस्या होने के कई कारण हो सकते है, खराब जीवनशैली, स्वास्थ्य सम्बन्धी किसी समस्या का होना, जितना आप शारीरिक श्रम करते है, उससे कम आहार का सेवन करना, अनुवांशिक आदि ये कई कारण हो सकते है, परन्तु दुबलापन देखा जाएँ तो हमेशा आपको दूसरों के सामने आकर्षण का विषय तो बनाता परन्तु मज़ाक के रूप में साथ ही इसके कारण चाहे लड़का हो या लड़की उनके आत्मविश्वास में भी कमी आती है, और ये कोई ऐसी समस्या नहीं है, की जिसका कोई समाधान न हो, बल्कि आप कुछ ऐसे बदलाव है जो आप अपनी जीवनशैली में करते है तो आपको इस परेशानी से राहत मिलने के साथ फिट रहने में मदद मिलती है।

योग, प्राणायाम व् व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं:-

कुछ लोगो का ऐसा मानना है की अधिक भोजन का सेवन करने से आपका वजन बढ़ता है, और ये सच भी है परन्तु ऐसा करने से आपके शरीर पर चर्बी जमती है, जो की बाद में आपके लिए बीमारियों को खड़ा कर सकती है, इसीलिए आपको अपने वजन को बढ़ाने के लिए योग व् व्यायाम करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपको भूख अधिक मात्रा में लगती है, और भोजन को पचाने में भी मदद मिलती है, जिसके कारण आपके शरीर पर चर्बी नहीं जमती है, लेकिन आपका वजन बढ़ने लगता है, इसीलिए आपको केवल बैठे बैठे भोजन नहीं करना चाहिए, बल्कि व्यायाम भी करना चाहिए।

प्रोटीन व् वसा को दें अपने आहार में स्थान:-

खाने में प्रोटीन और वसा का अधिक सेवन करने से भी आपका वजन बढ़ाने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको अपने आहार में ऐसे पदार्थ को शामिल करना चाहिए जिनमे ये भरपूर हो, और आपकी सेहत को भी फायदा हो, इसके लिए आप दूध, दही, मक्खन, पनीर, सोयाबीन, अंकुरित दालों, काले चने, मूंगफली आदि का सेवन करना चाहिए, और यदि आप नॉन वेज खा लेते है तो आप मछली, अंडे, और मटन आदि का सेवन भी कर सकते है।

नियमित भोजन और भोजन के खाने के सही तरीके का इस्तेमाल करें:-

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कई लोगो की आदत होती है की सुबह का नाश्ता किया और फिर रात को कर लिया, ऐसा करने से न केवल दुबलेपन की समस्या होती है, बल्कि आपके शरीर को जरुरी मिनरल्स भी नहीं मिल पाते है, इसके लिए एक तो आपको तीनो समय अच्छे से मिनरल्स युक्त आहार का सेवन करना चाहिए, और साथ ही खाना खाने के दो घंटे के अंतराल में स्नैक्स का सेवन भी करना चाहिए, और खाना खाते समय बिलकुल भी जल्दी नहीं करनी चाहिए, बल्कि भोजन को अच्छे से चबा चबा कर उसका सेवन करना चाहिए, ताकि भोजन अच्छे से पच सकें, और आपके शरीर को वजन बढ़ाने में मदद मिल सकें।

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स्नैक्स, सलाद व् फलों को करें अपनी डाइट में शामिल:-

सही समय से आहार का सेवन करने के साथ आपको अपनी डाइट में स्नैक्स, सलाद, फलों आदि को भी शामिल करना चाहिए, ऐसा करने से आपका शरीर हमेशा ऊर्जा से भरपूर रहता है, इसके साथ आपको काजू, बादाम, किशमिश आदि का सेवन भी कर सकते है, इससे भी आपको फायदा मिलता है, और इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है की आप भोजन न करें, बल्कि आपको भोजन के अलावा इन्हे भी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

अच्छी व् भरपूर नींद लें:-

जिस तरह शरीर के लिए अच्छा खान पान और व्यायाम जरुरी है, उतना ही आपके शरीर के लिए आराम भी जरुरी है, यदि आप भरपूर नींद लेते है तो इसके कारण आपकी बॉडी के मेटाबोलिज्म रेट को बढ़ने में मदद मिलती है, जो की आपके अधिक मोटे या पतले होने का कारण होता है, व्यक्ति को इसीलिए दिन में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए, यदि आप नींद भरपूर नहीं लेते है, तो ये भी दुबलेपन का एक कारण होता है, और साथ ही नींद लेने से आपकी मांसपेशियों को भी आराम मिलता है, जिसे उन्हें बढ़ने में मदद मिलती है, और अच्छी नींद भी आपके वजन को बढ़ाने में आपकी मदद करती है।

तनाव न लें, और खुश रहें:-

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आपने ये बात देखी होगी जो लोग अधिक तनाव में रहते है उनका वजन नहीं बढ़ पाता है, लेकिन खुश रहना आपकी दुबलेपन की समस्या को हल करने के लिए किसी दवाई से कम नहीं है, इसीलिए आपको कोशिश करनी चाहिए की यदि कोई परेशानी भी है तो आपको उसका समाधान करना चाहिए, न की उसे अपने दिमाग पर हावी होने देना चाहिए, तो दुबलेपन से निजात पाने के लिए जितना हो सकें आपको खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।

उच्च कैलोरी युक्त आहार का सेवन करें:-

यदि आप अपने वजन को बढ़ाना चाहते है तो आपको अपनी डाइट में उच्च कैलोरी युक्त आहार का सेवन करना चाहिए, इसके लिए आप दूध अंडे, मछली, का सेवन करें, इसके अतिरिक्त आलू का सेवन करें, चॉकलेट व् मिठाइयों को अपने आहार में शामिल करें, साथ ही बीन्स और पालक जैसी हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए, इनमे भी कैलोरी अधिक मात्रा में होती है जो की आपके वजन को बढाने में आपकी मदद करती है, परन्तु आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की कहीं आप इतनी अधिक कैलोरी का सेवन न करें की आपका वजन बढ़ने लग जाए।

वजन बढाने के लिए घरेलू उपाय:-

  • दिन में तीन बार बड़े माल लेने की बजे आपको पांच से छह छोटे मील लेने चाहिए।
  • पेय पदार्थो का भरपूर सेवन करना चाहिए, पानी के साथ फलों के ताजे रस आदि का भी सेवन करना चाहिए।
  • नाश्ते में कम से कम दो उबले हुए अण्डों का सेवन जरुर करना चाहिए।
  • दही में किशमिश मिलाकर नियमित खाने से भी आपको दुबलेपन की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • आलू, चावल, आदि को अपने आहार में नियमित शामिल करें, क्योंकि इसमें मौजूद स्टार्च, और फैटी एसिड आपके वजन को बढाने में मदद करता है।
  • मक्खन या घी को चीनी के साथ नियमित खाना खाने से आधे घंटे पहले खाएं, आपको इससे फायदा मिलता है।
  • आम का सेवन करने के बाद ऊपर से एक गिलास गरम दूध का सेवन करें, इससे आपके वजन को बढाने में मदद मिलती है।
  • सूखे अंजीर छह और थोड़ी किशमिश रात को पानी में भिगोकर रख दें, और नियमित सुबह खाली पेट इनका सेवन करें, आपको खुद ही फर्क एक महीने तक दिखाई देगा।
  • दूध और केले का नियमित सेवन करें यह भी आपके दुबलेपन को खत्म करने में मदद करता है।
  • बादाम का दूध न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि पोष्टिक भी होता है, इसका सेवन करने से भी आपको अपने वजन को बढाने में मदद मिलती है।

वजन बढ़ाने के लिए करें इन आयुर्वेदिक औषधि का इस्तेमाल:-

  • किरात का स्वाद खाने में कडवा होता है, परन्तु यह वजन को तेजी से बढ़ाने में आपकी मदद करता है, साथ ही यह पेट से सम्बंधित परेशानियों का समाधान करने में भी आपकी मदद करता है।
  • वजन बढाने के लिए च्यवनप्राश किसी औषधि से कम नहीं है, आप इसका सेवन दूध या जूस के साथ कर सकते है, नियमित ऐसा करने से आपको अपने वजन में तेजी से बदलाव आता है।
  • अदरक हर एक घर में बहुत आसानी से मिल जाती है, और इसके सेवन से रक्त संचार, भूख ना लगना, अपज, पेट फूलना, मितली और ठंड लगना, जैसी परेशानियों से राहत मिलती है, साथ ही यदि आप इसे किसी न किसी रूप में अपने आहार में शामिल करते है तो इससे आपका वजन बढ़ने में मदद मिलती है।
  • सतवारी कल्प का सेवन करने से भी आपको अपने वजन को बढ़ाने में मदद मिलती है, साथ ही इसके सेवन से आपकी आँखों की रौशनी भी बढती है।
  • अश्वगंधा भी आपके वजन को बढाने में आपकी मदद करता है, साथ ही इससे आपके पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है।
  • यष्टिमधु का सेवन करने से भी आपको वजन को बढाने के साथ आपको अपने शरीर में फलों की कमी के कारण होने वाले पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है।

तो ये कुछ उपाय है जिनका इस्तेमाल यदि आप नियमित अपनी जीवनशैली में करते है तो कुछ ही दिनों के बाद आपको इसका असर दिखने लगता है, और आपको दुबलेपन की समस्या से राहत मिलने के साथ एक सुडौल और आकर्षक शरीर पाने में मदद मिलती है, तो यदि आप भी अपने दुबलेपन से परेशान है तो आपको भी इन टिप्स का इस्तेमाल कर सकते है।

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