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प्रेगनेंसी के दौरान यह करें सुपर मॉम बनने के लिए

प्रेगनेंसी के दौरान हर महिला यही चाहती है की उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छे से हो और जन्म के बाद भी शिशु अच्छे से ग्रो करें। लेकिन इसके लिए जरुरी है की प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही महिला सुपर मॉम बनने की तैयारी शुरू कर दें। क्योंकि बच्चे का पूरा विकास अपनी माँ पर ही निर्भर करता है। अब आप सोच रहे होंगे की सुपर मॉम क्या होती है?

तो इसका जवाब है, सुपर मॉम वो होती है जो गर्भावस्था के दौरान आने वाली परेशानियों से घबराती नहीं है बल्कि उन परेशानियों को दूर करके अपने आप को फिट रखती है, गर्भावस्था के दौरान अपनी इम्युनिटी को मजबूत रखती है जिससे माँ व् बच्चे को संक्रमण व् बिमारियों से सुरक्षित रहने में मदद मिलें, प्रेगनेंसी के दौरान सभी जरुरी विटामिन्स का सेवन भरपूर करती है,

अपनी सभी जांच समय से करवाती है, प्रेगनेंसी के दौरान हर वो काम करती है जिससे शिशु के बेहतर शारीरिक विकास में मदद मिलती है, आदि। क्या आप भी प्रेग्नेंट हैं? और आप भी चाहती है की आप भी प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही सुपर मॉम बने? यदि हाँ तो आइये अब आगे जानते हैं की सुपर मॉम बनने के लिए गर्भवती महिला को क्या-क्या करना चाहिए।

प्रेगनेंसी और प्रसव से जुडी जानकारी इक्कठी करें

सही जानकारी प्रेगनेंसी के दौरान सुपरमॉम बनने के लिए बहुत जरुरी होती है। इसीलिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव व् लक्षणों को समझने में आसानी हो। इसके लिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी व् प्रसव से जुडी सम्पूर्ण जानकारी इक्कठी कर लेनी चाहिए।

मिनरल्स से भरपूर ले आहार

बॉडी में हार्मोनल बदलाव के कारण कुछ महिलाओं की प्रेगनेंसी के दौरान भूख कम हो जाती है तो कुछ की बढ़ जाती है। ऐसे में फिट रहने के लिए महिला को न तो जरुरत से ज्यादा खाना चाहिए और न ही कम खाना चाहिए। समय से अपनी डाइट लेने के साथ इस बात का ध्यान रखें की जो भी आ खा रही है उसमे मिनरल्स भरपूर मात्रा में मौजूद हो। यदि महिला अपनी डाइट का अच्छे से ध्यान रखती है तो उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान भी और बाद में भी सुपर मॉम बने रहने में मदद मिलती है।

हाइड्रेटेड रहे

सुपर मॉम बनने के लिए प्रेग्नेंट महिला को पानी का भी भरपूर सेवन करना चाहिए। क्योंकि पानी का भरपूर सेवन करने से प्रेगनेंसी में आने वाली बहुत सी परेशानियों से बचे रहने में और ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है। जो माँ व् बच्चे दोनों के लिए अच्छा होता है।

प्रीनेटल विटामिन

सुपर मॉम बनने के लिए प्रेग्नेंट महिला को अपने डॉक्टर द्वारा बताएं गए सभी विटामिन्स को समय से लेना चाहिए। ताकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो।

इम्युनिटी बढ़ाने वाले आहार खाएं

सुपर मॉम वो होती है जो न तो खुद बीमार होती है और न ही अपने बच्चे को बीमार होने देती है। ऐसे में यदि आप सुपर मॉम बनना चाहती है तो गर्भावस्था के दौरान ऐसे आहार खाएं जिन्हे खाने से आपकी इम्युनिटी बढे। क्योंकि जितनी गर्भवती महिला की इम्युनिटी मजबूत होती है। उतना ही माँ व् बच्चे को प्रेगनेंसी के दौरान बीमारियों से बचे रहने में मदद मिलती है। और इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को संतरा, कीवी, हरी सब्जियां, टमाटर, गाजर, शकरकंद आदि का सेवन करना चाहिए।

नकारात्मक न हो

प्रेगनेंसी के दौरान सुपर मॉम बनने के लिए एक बात का ध्यान रखें की कभी भी नेगेटिव न हो। हो सकता है की आपसे कोई अपने प्रेगनेंसी के नेगेटिव एक्सपीरियंस शेयर करें। लेकिन आपको उनके कारण घबराना नहीं है क्योंकि ऐसा जरुरी नहीं है की जैसा उनके साथ हुआ है वैसा आपके साथ भी हो। आप जितना प्रेगनेंसी के दौरान पॉजिटिव रहती हैं उतना ही आपको और आपके बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और आप अपने बच्चे के लिए एक सुपर मॉम बनती है।

गर्भावस्था में आने वाली परेशानियों का करें इलाज

प्रेगनेंसी के दौरान छोटी छोटी शारीरिक परेशानियां होना आम बात होती है। ऐसे में उन परेशानियों के कारण बीमारों जैसा महसूस न करें। बल्कि घरेलू नुस्खों या डॉक्टर की राय लेकर उन परेशानियों का इलाज करें। ताकि आपको और बच्चे दोनों को कोई दिक्कत न हो।

छोटी छोटी चीजों को लेकर परेशान न हो

कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान छोटी छोटी चीजों को लेकर परेशान होने लगती है और फिर तनाव ग्रसित हो जाती है। जो माँ और बच्चे दोनों के लिए अच्छा नहीं होता है। और यदि आप सुपरमॉम बनना चाहती है तो यदि आपको कोई दिक्कत हो या मन में कोई बात आ रही है तो अपने घर के सदस्यों या डॉक्टर के साथ शेयर करें। ऐसा करने से आपको तनाव भी नहीं होगा और आपकी परेशानी का हल भी हो जायेगा।

व्यायाम, योगासन, मैडिटेशन करें

सुपरमॉम बनने के लिए गर्भवती महिला का शारीरिक व् मानसिक रूप से एक्टिव रहना भी जरुरी होता है। और इसके लिए गर्भवती महिला को रोजाना थोड़ी देर व्यायाम, योगासन, मैडिटेशन जरूर करना चाहिए। लेकिन ध्यान रखें की जरुरत से ज्यादा अपने शरीर को न थकाएं जितना आपसे आसान से व्यायाम हो उतना ही करें।

समय पर करवाएं जांच

गर्भावस्था के दौरान महिला को अपनी सभी जाँच समय से करवानी चाहिए। ताकि यदि कोई दिक्कत हो भी तो उसका जल्दी पता चल जाये ताकि साथ की साथ उसका इलाज भी हो जाये। इसके अलावा यदि प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत महसूस हो जो अजीब सी लग रही हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

गलतियां नहीं करें

सुपरमॉम बनने के लिए सबसे जरुरी है की महिला प्रेगनेंसी के दौरान छोटी छोटी गलतियां नहीं करें। जैसे की पेट पर दबाव डालने वाला कोई काम नहीं करें, भारी सामान नहीं उठाएं, यात्रा नहीं करें, भागादौड़ी नहीं करें, भीड़भाड़ में नहीं जाये, ज्यादा प्रदूषण व् ज्यादा शोर वाली जगह पर नहीं जाये, हर किसी के कहे अनुसार ही न चलने लग जाएँ, नशा व् धूम्रपान नहीं करें, केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल नहीं करें, पेट के बल नहीं सोये, आदि। यदि महिला इन छोटी छोटी गलतियों से प्रेगनेंसी के दौरान दूरी रखती है। तो महिला मॉम नहीं सुपर मॉम बनती है।

आराम भी जरूर करें

गर्भावस्था के दौरान जितना खान पान, व्यायाम जरुरी है उतना ही आराम भी जरुरी है। इसीलिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी आठ से दस घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। यदि महिला खान पान सही करती हैं, व्यायाम करती है लेकिन आराम नहीं करती है तो इसकी वजह से महिला के सुपर मॉम बनने में कमी रह जाती है।

तो यह हैं कुछ आसान टिप्स जो आप भी प्रेगनेंसी के दौरान सुपर मॉम बनने के लिए जरूर ट्राई करें। यदि आप इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखते हैं तो इससे आपको और आपके बच्चे दोनों को फिट रखने में मदद मिलती है।

Tips to become a super mom during pregnancy

चूहे भगाने के तरीके कौन कौन से है?

चूहों को भागने के तरीके, घर से चूहों को कैसे भगाये, चूहों को घर से भगाने के घरेलू उपाय, घर से चूहों को भगाने के आसान तरीके।

हम सभी के घरों में चूहे की आवाजाही लगी ही रहती है। चूहे हमारे घरो में घुस कर अपना बिल बना लेते है। हमारे घर की हर चीज को खराब कर देते है, कभी अन्न की बर्बादी करते है और कभी हमारे कपड़ो को कुतर जाते है। चूहे ना सिर्फ धन और वस्तु की बर्बादी करते है बल्कि जगह जगह बीमारी भी फैलाते है। चूहे जिस जगह से भी गुजरते है वही इन्फेक्शन छोड़ जाते है।

हमारे हिन्दूशास्त्र के अनुसार भी घर में चूहों का होना अच्छा नहीं माना जाता। माना जाता है के चूहा नाकरात्मक शक्तियों का प्रतीक है। घर में चूहों के वास होने से घर में रहने वाले लोगों की बुद्धि का विनाश होता है।

चूहों को घर से भगाने के उपाय

जब घर में चूहों के होने से इतने नुक्सान होते है तो भला चूहों को हम अपने घर में कैसे रुकने दे। आइये जानते है किस प्रकार से चूहों को घर से भगाया जाये।

पुदीना :

  • चूहे पुदीने की महक को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
  • इनकी आने जाने वाली जगह पर पुदीने का रस छिड़क दो।
  • यदि आपके घर में चूहों का बिल है तो उसमे पुदीना भर दीजिए।
  • ऐसा करने से चूहे आपको दोबारा आपके घर में नहीं दिखेंगे।
  • आप अपने घर में पुदीने का पौधा भी लगा सकते है।

फिटकरी :

  • फिटकरी से भी चूहों को नफरत होती है।
  • चूहों के बिल में फिटकरी का पाउडर छिड़क दो।
  • इसकी गंध से चूहे दूर भागेंगे।

काली मिर्च :

  • काली मिर्च की गंध भी चूहे सहन नहीं कर सकते।
  • इसके पाउडर को पानी में मिलाकर रुई से घर के कोनो में लगा दे।
  • थोड़ा सा काली मिर्च का पानी चूहे के बिल में भी छिड़क दो।
  • ऐसा करने से चूहे आपके घर से दूर भागेंगे।

इंसान के बाल :

  • चूहे इंसानो के बाल से डरते है।
  • क्योंकि बालों को निगलने से इनकी मौत हो जाती है।
  • चूहे के बिल को अपने बालों भर दे।

प्याज :

  • प्याज की महक से भी चूहे दूर भागते है।
  • घर के कोनो में प्याज के टुकड़े बिखेर दे।
  • चूहे के बिल में प्याज का रस और प्याज दोनों ही डाल दे।

तेजपत्ता :

  • भोजन में इस्तेमाल होने वाला तेजपत्ता भी चूहों को दूर भगाने के काम आता है।
  • चूहों को इनकी महक भी पसंद नहीं आती।
  • चूहों के बिल में तेजपत्ते रख दे।
  • फिर आपके घर कभी भी चूहा नहीं आएगा।

उल्लू का पंख :

  • कहते है चूहे उल्लू से भी डरते है और उनसे दूर भागते है।
  • आप चाहे तो अपने घर में उल्लू का पंख भी रख सकते है।
  • उल्लू के पंख को चूहों के बिल में रख देना चाहिए।

साफ सफाई :

  • चूहे अक्सर घर के स्टोर रूम में ज्यादा होते है।
  • ऐसा इसलिए क्योंकि हम लोग स्टोर रूम को कभी कभी ही साफ़ करते है।
  • इसीलिए घर की अच्छे से साफ़ सफाई रखें, खासतौर पर बंद कमरों की।

इन सभी तरीको को अपनाने के बावजूद भी आपके घर से चूहे ना जा रहें हो तो पेस्ट कण्ट्रोल वालों को बुलवाकर घर की सफाई जरूर करवाए। क्योंकि चूहे आपके और आपके परिवार के लिए हर प्रकार से हानिकारक है।

पति पत्नी यह 20 बातें जरूर डिसकस करें बेबी प्लान करने से पहले

बेबी प्लानिंग, माँ बनना बहुत ही बड़ी जिम्मेवारी होती है। और यह जिम्मेवारी केवल माँ की ही नहीं बल्कि होने वाले पिता की भी होती है। ऐसे में शिशु के जन्म से पहले यह जानना बहुत जरुरी होता है की पति और पत्नी दोनों इसके लिए तैयार है या नहीं। क्योंकि आज के समय में शिशु को जन्म देना एक ऐसा फैसला होता है। जिसमे शिशु के जन्म से पहले ही शिशु के भविष्य के बारे में सोचना शुरू कर दिया जाता है।

ऐसे में शिशु को जन्म देने के लिए पति पत्नी को बहुत सी बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है। ताकि एक स्वस्थ शिशु को जन्म देने के साथ जन्म के बाद भी शिशु की परवरिश में किसी तरह की दिक्कत न आए। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी कुछ बातें बताने जा रहे हैं को शिशु के जन्म से पहले पति और पत्नी को आपस में जरूर करनी चाहिए।

पति पत्नी दोनों तैयार हैं या नहीं?

  • प्रेगनेंसी का फैसला केवल महिला या केवल पुरुष का नहीं होता है।
  • बल्कि यह फैसला पति पत्नी दोनों का होता है।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी का निर्णय लेने के लिए दोनों एक सबसे पहले एक दूसरे से यह डिसकस जरूर करना चाहिए की क्या दोनों अपने रिश्ते को अगले कदम पर ले जाने के लिए तैयार हैं या नहीं।

बेबी प्लानिंग से पहले प्रेगनेंसी की जानकारी लें

  • प्रेगनेंसी के फैसला लेने के बाद पति पत्नी को प्रेगनेंसी की जानकारी भी लेनी चाहिए।
  • यह जानकारी दोनों को एक साथ बैठकर लेनी चाहिए।
  • ताकि दोनों आपस में प्रेगनेंसी को लेकर डिस्कस कर सकें।
  • प्रेगनेंसी से जुडी यह जानकारी पति पत्नी दोनों किताबों, इंटरनेट, आदि से ले सकते हैं।

गर्भावस्था रोकने की दवाइयां करें बंद

  • यदि पति पत्नी दोनों प्रेगनेंसी के लिए तैयार हो जाते हैं।
  • तो उसके बाद प्रेगनेंसी रोकने के लिए आप दवाइयों का सेवन करते हैं, सुरक्षा का इस्तेमाल करते हैं या किसी अन्य उपाय का इस्तेमाल करते हैं तो उनका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

अपनी आदतों में लाएं सुधार

  • गर्भावस्था के दौरान किसी तरह की दिक्कत न आएं तो इसके लिए पति पत्नी दोनों को अपनी गलत आदतों व जीवनशैली को लेकर भी बात करनी चाहिए।
  • और उनमे क्या बदलाव लाना है, किस तरह अपनी दिनचर्या को सही करना है, इस बारे में भी बात करनी चाहिए।

फिटनेस का रखें ध्यान

  • पति और पत्नी को फिटनेस को लेकर भी आपस में डिसकस करना चाहिए।
  • जैसे की महिला शारीरिक व मानसिक रूप से इसके लिए तैयार है या नहीं।
  • क्योंकि प्रेगनेंसी के लिए महिला व पुरुष दोनों का फिट रहना भी बहुत जरुरी होता है खासकर महिला को।

बेबी प्लानिंग से पहले ओवुलेशन पीरियड के बारे में जाने

  • ओवुलेशन पीरियड के बारे में भी पति पत्नी को डिसकस करना चाहिए।
  • क्योंकि मासिक धर्म के बाद यह वो समय होता है जिसमे बेहतर सम्बन्ध बनाने से प्रेगनेंसी के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • इसकी जानकारी के लिए आप घर में भी कैलकुलेट कर सकते हैं या इसके लिए डॉक्टर से भी राय ले सकते हैं।

वजन नियंत्रित करें

  • महिला को अपने वजन को लेकर भी ध्यान रखना चाहिए।
  • क्योंकि जरुरत से ज्यादा वजन प्रेगनेंसी में परेशानी खड़ी कर सकता है।
  • ऐसे में महिला व पुरुष को अपनी फिटनेस का ध्यान रखते हुए अपने वजन को नियंत्रित रखना चाहिए।

प्रेगनेंसी में किस तरह करेंगे मैनेज

  • गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जहां महिला को अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है।
  • क्योंकि महिला द्वारा बरती गई लापरवाही महिला के साथ भ्रूण को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
  • ऐसे में यदि आप दोनों जॉब करते हैं या महिला घर में अकेली रहती है तो आप किस तरह से सब कुछ मैनेज करते हैं इसके बारे में भी पहले से ही डिसकस कर लेना चाहिए।

गर्भावस्था के लिए शुरू करें विटामिन्स

  • गर्भधारण करने से पहले ही कुछ विटामिन्स होते हैं जो महिला को लेने शुरू कर देने चाहिए।
  • ताकि महिला को प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।
  • ऐसे में यदि आप भी गर्भधारण प्लान कर रहे हैं तो आपको इन विटामिन्स का सेवन भी शुरू कर देना चाहिए।

बेबी प्लानिंग से पहले साथ में समय बिताएं

  • एक बार प्रेगनेंसी को लेकर बात करने से ही सब कुछ प्लान नहीं हो जाता है।
  • बल्कि इसे लेकर मन में हर समय कुछ न कुछ सवाल आते रहते हैं।
  • ऐसे में पति पत्नी को एक साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए और अपने मन में आ रहे सवालों को एक दूसरे से डिसकस करना चाहिए।

आर्थिक स्थिति के बारे में बात करें

  • शिशु के जन्म के बाद खर्चा कम नहीं होता है बल्कि ज्यादा बढ़ जाता है।
  • और शिशु की बेहतर केयर के लिए आपको बहुत सी चीजों की जरुरत पड़ती है।
  • ऐसे में पति पत्नी को अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में भी डिसकस करना चाहिए।
  • की क्या वो एक शिशु की बेहतर केयर के लिए आर्थिक रूप से तैयार हैं या नहीं।

बेबी प्लानिंग से पहले सम्बन्धो पर दे ध्यान

  • प्रेगनेंसी के लिए पति पत्नी को अपने सम्बन्धो पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • क्योंकि यदि आप कभी कभी सम्बन्ध बनाते हैं तो ऐसे गर्भधारण नहीं होता है।
  • बल्कि यदि आप जल्दी से जल्दी प्रेगनेंसी चाहते हैं तो आप दोनों को अपने बेहतर संबंधों के बारे में न केवल डिसकस करना चाहिए बल्कि बेहतर सम्बन्ध बनाने भी चाहिए।

कहीं घूमने जाएँ

  • यदि आप एक दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं तो इस बात को सोचने व समझने के लिए कहीं घूमने जाएँ।
  • शांत दिमाग से एक दूसरे के साथ प्रेगनेंसी को लेकर डिसकस करें और यदि आप इस बात के लिए तैयार हैं।
  • तो जहां आप घूमने गए हैं वहां आप दोनों के अलावा कोई नहीं है अपने बेहतर सम्बन्ध की शुरुआत वहीँ से करें।

बेबी प्लानिंग से पहले एक बार डॉक्टर से मिलें

  • प्रेगनेंसी प्लान करने के बाद एक बार डॉक्टर से भी मिलना चाहिए।
  • महिला व पुरुष दोनों को अपनी शारीरिक जांच अच्छे से करवानी चाहिए।
  • ताकि आगे जाकर प्रेगनेंसी में किसी भी तरह की दिक्कत न हो।

किसी समस्या के होने पर करें उसका समाधान

  • डॉक्टर से सभी जाँच करवाने के बाद यदि आपको किसी तरह की दिक्कत सामने आती है।
  • तो ऐसे में आपको डॉक्टर से बात करके जल्द से जल्द उस परेशानी का समाधान करना चाहिए।
  • ताकि आपकी प्रेगनेंसी में आ रही परेशानियों को दूर करके आपके रिश्ते और एक और कदम आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।

महिला रखें अपना ज्यादा ध्यान

  • पति और पत्नी के डिसकस करने के बाद यदि आप इस फैसले पर पहुंचे हैं की आप बेबी प्लान के लिए तैयार हैं।
  • तो उसके बाद महिला को अपनी दुगुनी केयर करनी शुरू कर देनी चाहिए।
  • जैसे की भरपूर पोषक तत्व युक्त आहार लेना चाहिए, नींद पूरी लेनी चाहिए, विटामिन्स लेने चाहिए, थोड़ा व्यायाम व योगासन करना चाहिए, आदि।

खुश रहें

  • बेबी प्लानिंग करने के बाद महिला को बिल्कुल भी मानसिक रूप से परेशान नहीं रहना चाहिए।
  • बल्कि जितना हो सके खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए ताकि महिला को जल्द से जल्द गर्भधारण करने में मदद मिल सके।

बेबी प्लानिंग से पहले तय करें अपने काम को करेंगे किस तरह मैनेज

  • यदि पति पत्नी बेबी प्लान कर रहे हैं और महिला जॉब करती है।
  • तो महिला किस तरह अपने काम को मैनेज करेगी इस बारे में भी डिसकस करना चाहिए।
  • क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला को भरपूर आराम की जरुरत होती है।
  • ऐसे में जॉब करने वाली महिलाओं को घर के कम के लिए किसी को साथ रखना चाहिए।

परिवार के सदस्यों के साथ रहें

  • यदि बेबी प्लान करने के कुछ समय बाद आप गर्भधारण भी कर लेती हैं।
  • तो उसके बाद शुरुआत के समय भरपूर आराम करें और हो सके तो यह समय अपने परिवार के साथ बिताएं।
  • क्योंकि इसे प्रेगनेंसी के दौरान आपको यदि कोई दिक्कत होती है तो हमेशा आपके साथ कोई न कोई होता है।

दूसरा बेबी तो नहीं है

  • कुछ कपल दूसरे बेबी को प्लान कर रहे होते हैं।
  • तो उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए की पहला बेबी थोड़ा बड़ा हो गया हो।
  • क्योंकि यदि पहला शिशु भी यदि अभी छोटा होता है तो ऐसे में आपकी दिक्कतें बढ़ सकती है।
  • ऐसे में पहले और दूसरे शिशु में कम से कम तीन साल का अंतर् जरूर रखें।

तो यह हैं वो बातें जिनका ध्यान पति और पत्नी को बेबी प्लानिंग से पहले रखना चाहिए। और इन बातों को आपस में डिसकस करने के साथ इन्हे अच्छे से समझना चाहिए। ताकि आपको प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी चीज को लेकर दिक्कत न हो। और आप दोनों प्रेगनेंसी के नौ महीनों को खुलकर एन्जॉय कर सकें।

डिलीवरी के बाद 15 दिनों तक ऐसे करें अपनी केयर

डिलीवरी के बाद 15 दिनों तक ऐसे करें अपनी केयर, प्रसव के बाद ध्यान देने योग्य बातें, डिलीवरी के बाद के लिए टिप्स, प्रसव के बाद महिला ऐसे करे अपनी देखभाल

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपना दुगुना ध्यान देने की सालाह दी जाती है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं होता है की डिलीवरी के बाद महिला अपने ऊपर ध्यान न दे। बल्कि डिलीवरी के बाद भी महिला को अपनी केयर का पूरा ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस दौरान शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है, जिसके कारण यदि महिला अपनी पूरी केयर न करे तो इससे महिला की परेशानी बढ़ सकती है। डिलीवरी के बाद शिशु की बेहतर केयर के लिए महिला का फिट रहने बहुत जरुरी होता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद 15 दिनों तक महिला को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये जानते हैं।

खान पान में ले भरपूर पोषक तत्व

शरीर में आई कमजोरी को दूर करने के लिए और साथ ही दूध के द्वारा शिशु को बेहतर पोषण देने के लिए महिला को खान पान में भरपूर पोषक तत्व जैसे की प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, कैलोरी आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। इससे शिशु के शरीर में आई कमजोरी को दूर करने में मदद मिलती है।

डेरी प्रोडक्ट

दूध व् दूध से बनी चीजों का सेवन करने से महिला को कैल्शियम, प्रोटीन आदि भरपूर मिलता है, जो की शरीर में हड्डियों की मजबूती को बढ़ाने में मदद करता है। और यदि महिला दिन में तीन से चार गिलास दूध का सेवन करती है तो इससे दूध का उत्पादन बढ़ता है जो की शिशु के लिए जरुरी होता है, और साथ ही महिला को भी फिट होने में मदद मिलती है।

थोड़े थोड़े समय बाद कुछ खाएं

डिलीवरी के बाद महिला को खाने में ज्यादा गैप नहीं रखना चाहिए। बल्कि थोड़े थोड़े समय के बाद कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। कम से कम दो घंटे के बाद महिला को कुछ न कुछ खाना चाहिए इससे बॉडी को पोषक तत्व मिलते है जिसे महिला के शरीर में आई कमजोरी को दूर करने में मदद मिलती है। और शिशु का भी पेट भरा रहता है।

ताजे फल और उनका रस

आहार के साथ आपको फलों का भी भरपूर सेवन करना चाहिए या फिर उनका ताजा रस पीना चाहिए। ऐसा करने शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे शरीर में आई कमजोरी दूर करके प्रसव के बाद जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है। और साथ ही पानी की कमी को भी शरीर में पूरा करने में मदद मिलती है।

शारीरिक श्रम न करें

डिलीवरी के बाद बॉडी में काफी कमजोरी आए जाती है ऐसे में कम से कम दो हफ्ते तक महिला को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। वजन घटाने के चक्कर में व्यायाम आदि नहीं करना चाहिए। न ही ज्यादा देर बैठना चाहिए, न घूमना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से आपको परेशानी हो सकती है।

नींद ले भरपूर

डिलीवरी के बाद भरपूर नींद भी महिला को जल्दी फिट होने में मदद करती है, इसके लिए महिला को दिन में आठ घंटे नहीं बल्कि ज्यादा समय के लिए सोना चाहिए। क्योंकि इससे बॉडी के सभी अंगो को आराम मिलता है जिससे शरीर में आई कमजोरी दूर होती है।

समय पर करवाएं जांच

डिलीवरी के बाद आपको जांच करवाने के लिए डॉक्टर के पास भी जरूर जाना चाहिए। क्योंकि यदि सिजेरियन डिलीवरी हैं तो टांको को चेक करवाने के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में समय से डॉक्टर के पास जाकर अपना चेकअप करवाना न भूलें।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका ध्यान आपको डिलीवरी के बाद जरूर रखना चाहिए, ऐसा करने से महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है। साथ ही शिशु के बेहतर विकास और उसे बेहतर केयर देने में भी मदद मिलती है।

क्या आपके बाल झड़-झड़ के पतले हो गए है? तो ये उपाय करें

बालों को महिलाओं की खूबसूरती माना जाता है लेकिन अगर इनमे थोड़ी भी परेशानी होने लगे तो ये काफी परेशान करते है। आजकल के मौसम में बालों का झड़ना आम बात है। इसके अलावा वर्तमान का पर्यावरण भी इस समस्या के लिए उत्तरदायी है। पहले के समय की महिलाओं के बाल बहुत घने लम्बे और काले हुआ करते थे, जिसकी वजह स्वच्छ पर्यावरण और देखभाल था।

लेकिन आजकल की महिलाओं के बाल बहुत अधिक पतले होते जा रहे है। इसके अलावा बालों के झड़ने और टूटने की समस्या से हर कोई परेशान है। ऐसे में बालों को सहेज कर रख पाना थोड़ा मुश्किल होता जा रहा है। हो न हो आप भी अपने इन पतले और टूटते बालों से काफी परेशान होंगी?

अगर हां, तो परेशान न हो क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसे आसान और असरदार घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपने बालों को घना कर सकती है तथा अपने झड़ते बालों को भी रोक सकती है। इन उपायों के लिए आपको बहुत से पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है। क्योंकि ये सभी उत्पाद आपके घर में ही मौजूद है।

ऐसे तो बाजार में बहुत से उपाय है जो बालों को घना करने का दावा करते है लेकिन उनमे से केवल कुछ को छोड़कर अन्य सभी अपने कार्य में असक्षम रहते है। इसके अलावा इनके निर्माण में प्रयोग किये जाने वाले रसायन आपकी स्कैल्प और त्वचा को भी नुकसान पहुंचा सकते है। ऐसे में घरेलू उपायों का प्रयोग करना ही बेहतर होगा।

पतले बालों की समस्या दूर करने के घरेलू उपाय :-

1. आंवला :aavla oil

बालों के लिए आंवला बहुत ही लाभकारी होता है। बालों से जुड़ी किसी भी समस्या में आंवले का प्रयोग करना लाभकारी होता है। इसमें मौजूद तत्व न केवल बालों को nourish करते है बल्कि उन्हें नमी भी प्रदान करते है।
पतले बालों के लिए की समस्या के लिए भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए 2 चम्मच आंवले के रस में 2 चम्मच नींबू का रस मिलाएं और इसे नहाने से पूर्व अपने बालों में लगाएं। और जब बाल सुख जाएं तो उन्हें हलके गर्म पानी से धो लें।

2. रीठा :

बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाने के लिए रीठा का प्रयोग किया जाता है लेकिन क्या आप जानते है की इसकी मदद से आप पतले और झड़ते बालों की समस्या से भी राहत पा सकते है। इसमें मौजूद गुण बालों को मजबूत करने के साथ-साथ घना भी बनाते है। इसके इस्तेमाल के लिए बाल धोने से एक रात पहले रीठा को पानी में भिगो दें। और अगले दिन बाल धोने के लिए इस पानी का प्रयोग करें। हफ्ते में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल करें आपके बाल अच्छे होने लगेंगे।

3. शिकाकाई :

जिस तरह रीठा हमारे बालों के लिए वरदान है उसी प्रकार शिकाकाई भी बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसके इस्तेमाल के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है बस इसे भी रीठा की तरह रात में भिगोकर अगली सुबह इसका प्रयोग बाल धोने के लिए करना है। इसके प्रयोग से बाल मजबूत होते है तथा नए बाल आने में भी मदद मिलती है। इससे बालों की जड़ों तो मजबूत होती है साथ-साथ डैंड्रफ की समस्या में भी फायदा मिलता है।

4. अंडा :egg

बाल हो या चेहरा अंडा सभी के लिए बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है जो बालों के लिए काफी फायदेमंद होते है। इसके प्रयोग से बालों में चमक तो आती ही है साथ-साथ वे घने भी होते है। प्रयोग के लिए अंडे की सफेदी निकलकर उसमे ओलिव आयल मिला लें। और इसे अपने बालों में लगाएं। कुछ ही दिनों के प्रयोग से आपके बाल चमकने लगेंगे।

5. हिना :

बालों के लिए हिना का इस्तेमाल प्राचीन समय से किया जाता आ रहा है। लेकिन क्या आप जानते है की इसके इस्तेमाल से बालों को चमक और मजबूती भी मिलती है जिससे वे पतले नहीं होते। अगर आप भी अपने पतले और झड़ते बालों से परेशान है तो एक बार हिना का प्रयोग करके देखें। आपके बाल पहले से बेहतर होने लगेंगे।

बालों में हिना लगाने के फायदे और तरीके जानने के लिए इसे पढ़े : बालों में मेहंदी लगाने का सही तरीका

6. पालक और गाजर :

अधिकतर लोग पालक और गाजर को नापसंद करते है। लेकिन क्या आप जानते है की इसमें बहुत से पोषक तत्व और गुण होते है जो आपके बालों के साथ-साथ आपके स्वाथ्य के लिए भी फायदेमंद होते है। और बालों का झड़ना या पतला होना स्वास्थ्य में कमी होना भी होता है। इसके लिए रोजाना पालक और गाजर को बराबर मात्रा में डालकर जूस बनाये और इसका सेवन करें। आप चाहे तो इसे अपने बालों में भी लगा सकती है। इससे बाल शाइनी होंगे तथा सुन्दर भी बनेंगे।

7. प्याज़ का रस :

प्याज का इस्तेमाल सभी अपने घरों में खाना पकाने के लिए करते है लेकिन क्या आप जानते है की इसकी मदद से बालों को घना और मजबूत भी बनाया जा सकता है। इसके लिए प्याज को अच्छी तरह निचोड़कर उसका रस निकाल ले और कपडे की मदद से उसे छान ले। इसके बाद रस को स्कैल्प पर लगाए और पूरी रात पर उसे लगा रहने दें। सुबह जगने के बाद उसे धो दे। कुछ ही हफ्तों में आपको फर्क दिखाई देने लगेगा। हां प्याज से थोड़ी स्मेल आ सकती है लेकिन ये आपके बालों के लिए लाभदायक है।

8. लहसुन :

लहसुन का प्रयोग तो आप सभी ने किया होगा। लेकिन क्या कभी इसका इस्तेमाल बालों के लिए किया है? शायद नहीं! क्योंकि बहुत से लोगों को पता ही नहीं की लहसुन बालों के लिए कितना लाभकारी होता है। इसमें मौजूद आंटी बैक्टीरियल गुण स्कैल्प में होने वाले इन्फेक्शन्स को दूर करने में मदद करते है और उसे संक्रमण से बचाते है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है बस लहसुन को मसलकर उसे अपने बालों में लगाएं। कुछ देर रखने के बाद बालों को पानी से धो दें। आपके पतले बाल कुछ ही महीनों में घने हो जायेंगे।

तो ये है कुछ उपाय जिनकी मदद से आप अपने पतले बालों को घना और मजबूत बना सकते है। लेकिन अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है तो उसके इस्तेमाल से बचें क्योंकि ये आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।

कन्सीव करने की सोच रहे है तो रखे इन बातो का ध्यान

हर किसी के जीवन में एक समय आता है जब वह अपनी आने वाली नई जिंदगी के बारे में प्लान करता है। प्लानिंग करना हर किसी के लिए अच्छा होता है चाहे वह पढ़ाई की हो, करियर की शुरुआत की हो, शादी की हो या फिर बच्चो की हो। प्लानिंग करने से आप हर चीज के लिए तैयार भी रहते है। आज हम बात करेंगे कन्सीव करने की प्लानिंग के बारे में।

अगर आप कन्सीव करने के सोच रहे है और अपना मन बना रहे है एक नन्हे बच्चे को अपने जीवन में लाने का तो कुछ बातो का जरूर ध्यान रखे। आइये जानते है वो क्या बाते है, जिन्हे हमे ध्यान रखना बहुत जरुरी है।

स्मोकिंग एंड ड्रिंकिंग 

सबसे पहले कन्सीव करने के लिए जरुरी है के हम अपनी आदतों को बदले जैसे की ड्रिंकिंग और स्मोकिंग हैबिट्स। ड्रिंकिंग और स्मोकिंग हैबिट्स माँ और पिता दोनों को ही बदलनी पड़ेगी। ऐसा नहीं सारी आदते माँ को ही बदलनी पड़ती है बल्कि पिता के की ड्रिंकिंग और स्मोकिंग की आदत भी कन्सीव करने में परेशानी हो सकती है। इसीलिए जरुरी है के पिता भी अपनी स्मोकिंग और ड्रिंकिंग हैबिट को छोड़ दे।

कैफीन 

इसके अतिरिक्त माँ को कन्सीव करने के पहले से ही लेकर डिलीवरी तक कैफीन लेने बंद करना होगा। कैफीन का मतलब चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स आदि। वैसे तो कैफीन का सेवन बिलकुल बंद करना ही सही रहता है पर फिर भी अगर बंद नहीं कर सकते तो अपने इन्टेक को कम कर दे। ज्यादा कैफीन का सेवन कन्सीव ना होने के खतरे को भी बढ़ा देता है। 

आप चाहे तो अपनी चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक्स को ग्रीन टी या मिल्क शेक्स आदि से बदल सकती है। अपनी इस आदत को बदलने से आप कन्सीव करने के लिए तो खुद को तैयार करेंगे ही साथ आने वाले शिशु को भी अच्छा स्वास्थ्य दे पायेंगे। 

नींद 

यदि आप अपनी नींद अच्छे से नहीं लेते तो जरुरी है के कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर ले। इसके अतिरिक्त हो सके तो दिन में भी एक घंटे की छोटी सी झपकी ले। अगर आप पहले से इतनी नींद लेती है तो परेशानी की बात ही नहीं लेकिन अगर आप दिए गए समय से कम की नींद लेती है तो अपना रूटीन जरूर बदले। 

अच्छी नींद आपकी इम्युनिटी पावर को बढ़ाएगा। जो गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में आपके लिए बहुत फायदेमंद होगी। 

डॉक्टर 

कन्सीव करने से पूर्व ही अपने डॉक्टर से मिलना सही रहता है आपकी हेल्थ देखते हुए आपके डॉक्टर शुरू से ही आपको कुछ जरुरी विटामिन्स और आयरन खाने के लिए लिख देते है जिनसे कन्सीव करने में परेशानी नहीं आती है। 

अगर आप पिछले कुछ समय से कन्सीव करने की कोशिश कर रही है पर सफल नहीं हो पा रही तो भी एक बार अपने डॉक्टर से जरूर मिले। डॉक्टर से मिलने का मतलब यह नहीं की कुछ कमी है बल्कि डॉक्टर आपको वो कारण बताएंगे जिन वजह से आप कन्सीव करने असफल हो रही है।  

डॉक्टर से मिलने पर आपको अपने आइडियल वेट के बारे में भी पता लगेगा। अगर कन्सीव करने के लिए आपका वेट कम होगा तो आप सही वेट गेन कर अपनी सेहत को सुधार सकते है।

स्वास्थ्य 

कन्सीव करने से पूर्व ही आपको अपने स्वास्थ्य का अच्छे से ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए। अगर आपको कोई हेल्थ इश्यूज है तो पहले ही अपने डॉक्टरों से सलाह ले लें। अच्छा पौष्टिक भोजन खाये, फल और हरी सब्जियों को अपने भोजन में जरूर शामिल करे। 

शिलाजीत खाने के फायदे

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शिलाजीत के फायदे, शिलाजीत के नाम को सुनते ही लोगो के मन में केवल एक ही बात आती है की इसका इस्तेमाल यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए किया जाता है। जबकि आयुर्वेद में शिलाजीत एक औषधि की तरह माना जाता है। क्योंकि इसमें बहुत से मिनरल्स मौजूद होते हैं। और यह मिनरल्स बॉडी को फिट रखने के साथ बहुत सी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से आपको बचाने में भी मदद करते हैं। शिलाजीत दिखने में काले भूरे रंग का पदार्थ होता है और खाने में इसकी तासीर गर्म होती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में शीलजीत के कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

ब्लड प्रैशर को रखता है सामान्य

  • बदलती जीवनशैली के साथ आज कल बहुत से लोग ब्लड प्रैशर से जुडी परेशानी का सामना कर सकते हैं।
  • जिसके कारण हदय सम्बन्धी परेशानी का खतरा भी बढ़ सकता है।
  • लेकिन शिलाजीत का सेवन करने से आपको अपनी इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिल सकती है।
  • क्योंकि शिलाजीत का सेवन करने से ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
  • जिससे हदय सम्बन्धी रोगो के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

शिलाजीत के फायदे खून की कमी को करता है पूरा

  • यदि आपके शरीर में खून की कमी है तो इसके कारण आपको थकान, कमजोरी, चक्कर व् अन्य बहुत सी समस्या हो सकती हैं।
  • लेकिन शिलाजीत का सेवन करने से आपको इस परेशानी से निजात मिल सकता है।
  • क्योंकि शिलाजीत में आयरन की मात्रा मौजूद होती है।
  • जो बॉडी में खून की कमी को पूरा करने में मदद करती है।

डाइबिटीज़ के लिए है बेहतर

  • आजकल कम उम्र में ही बहुत से लोग डाइबिटीज़ का शिकार हो जाते हैं।
  • और यह परेशानी समय के साथ कम नहीं होती है बल्कि बढ़ जाती है।
  • लेकिन शिलाजीत का सेवन करने से आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिल सकती है।
  • क्योंकि शिलाजीत का सेवन करने से ब्लड में शुगर के लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

दिमाग को करता है तेज

  • शिलाजीत में फुलविक एसिड मौजूद होता है जो एक एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।
  • और यह एंटीऑक्सीडेंट दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • जिससे यादाश्त को तेज करने में मदद मिलती है।

शिलाजीत के फायदे बॉडी की एनर्जी को बढ़ाता है

  • शिलाजीत में प्रोटीन की भरपूर मात्रा मौजूद होती है। जो बॉडी में मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करती है।
  • जिससे आपको एनर्जी से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

किडनी के लिए होता है फायदेमंद

  • कई बार यूरिन से जुडी समस्या जैसे की यूरिन इन्फेक्शन, यूरिन करते समय जलन आदि की समस्या हो सकती है।
  • ऐसे में शिलाजीत का सेवन करने से यूरिन से जुडी परेशानी को दूर करने में मदद मिलती है।
  • साथ ही यदि आपको किडनी में पथरी की समस्या है तो उस समस्या से निजात दिलाने में भी शिलाजीत का सेवन फायदेमंद होता है।

शिलाजीत के फायदे होता है कोलेस्ट्रॉल कण्ट्रोल

  • बॉडी में वसा का जमाव होने के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है जिसके कारण दिल के दौरे जैसी परेशानी भी हो सकती है।
  • लेकिन शिलाजीत का सेवन करने से बॉडी में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
  • साथ ही इससे दिल से सम्बंधित समस्याओं से निजात पाने में भी मदद मिलती है।

मजबूत हड्डियां

  • कैल्शियम की मात्रा भी शिलाजीत में मौजूद होती है।
  • जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करती है।

शिलाजीत के फायदे तनाव होता है कम

  • शिलाजीत का सेवन करने से तनाव जैसी परेशानी से भी निजात पाने में मदद मिलती है।
  • क्योंकि शिलाजीत का सेवन करने से बॉडी में कार्टिसोल नामक हॉर्मोन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • जिससे तनाव को दूर करने में फायदा होता है।

यौन समस्याओं का होता है इलाज

  • यदि कोई व्यक्ति यौन क्षमता से जुडी किसी भी परेशानी का सामना कर रहा होता है।
  • तो शिलाजीत का सेवन करने से उन सभी परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है।

किन लोगो को नहीं करना चाहिए शिलाजीत का सेवन और इसके नुकसान

  • प्रेग्नेंट महिला को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जो किसी भी तरह की एलर्जी से पीड़ित हो उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • गठिया रोगो से ग्रसित लोगो को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • गर्मियों में शिलाजीत का सेवन करते समय इसकी मात्रा का ध्यान देना बहुत जरुरी होता है। क्योंकि इसकी तासीर गर्म होने के कारण आपको परेशानी जैसे की एलर्जी आदि हो सकती है।
  • इसके अलावा जरुरत से ज्यादा भी शिलाजीत का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें आयरन की अधिकता होती है और बॉडी में आयरन का बढ़ना भी आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

तो यह हैं कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे जो शिलाजीत का सेवन करने से मिलते हैं। ऐसे में यदि आपको भी कोई स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी है और उसका उपचार शिलाजीत से हो सकता है। तो आप भी शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं।

शादी से पहले त्वचा, बाल और खुबसूरती बढ़ाने के उपाय

Skin, Hair, Nails and Health Care tips for Bride : शादी हर लड़की के जीवन का सबसे बड़ा दिन होता है, इसलिए सभी इस दिन खुद को बेहतर बनाने के प्रयासों में लगी रहती है। इससे पहले भले ही उन्होंने कभी अपने हाथ पैरों की पूर्ण देखभाल नहीं की हो, परन्तु जब बात शादी की आती है तो हाथ, पैर से लेकर बाल, नाख़ून यहाँ तक की अपने खान-पान का भी विशेष ध्यान रखने लगती है। क्योंकि वे चाहती है की अपनी शादी वाले दिन वे सबसे खुबसूरत दिखें। और हो भी क्यूँ न, आख़िरकार शादी में आने वाले लगभग हर व्यक्ति की नजर दुल्हन पर हो होती है।शादी से पहले त्वचा की देखभाल

ऐसे में उनका स्पेशल दिखना बहुत जरुरी है। लेकिन कई बार काम काज के चलते वे अपनी देखभाल में कोताही बरतने लगती जो शादी वाले दिन उनके फेस पर साफ दिखाई देती है। ऐसे में करें तो क्या? अगर आप भी जल्द ही दुल्हन बनने वाली हैं और स्किन, हेयर और नेल केयर के बारे में कुछ खास नहीं जानती है तो कोई बात नहीं हम आपकी इसमें मदद करेंगे! क्योंकि आज हम आपको शादी से पहले दुल्हन की त्वचा, बाल और स्किन को बेहतर बनाने की कुछ टिप्स बता रहे है। जिनकी मदद से आपका लुक को बेहतर होगा ही साथ साथ आपका फिगर भी बिलकुल परफेक्ट होगा।

शादी से पहले दुल्हन की त्वचा, बाल और स्किन को बेहतर बनाने की टिप्स :-

स्किन के लिए (Tips for Skin) :

स्किन को त्वचा का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। इसलिए उसकी देखभाल में भी बहुत सी सावधानियां बरतनी चाहिए और केवल चयनित प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि अगर आप एक ही समस्या के लिए अलग-अलग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करेंगी तो उनका दुष्प्रभाव आपके फेस पर ही देखने को मिलेगा।

1. त्वचा को बेहतर बनाने के लिए सबसे पहले आपको स्किन संबंधी परेशानियों जैसे – मुहांसे, ब्लैकहेड्स, डार्क सर्कल्स, डार्क पैचेज और दाग धब्बों आदि को दूर करना होगा। जिसके लिए आप ब्यूटी ट्रीटमेंट या घरेलू उपचारों की मदद ले सकती है।

2. सभी प्रॉब्लम को दूर करने के बाद आपको अपनी स्किन पर काम करना होगा, जिससे स्किन ग्लोइंग और चमकदार बन सके। इसके लिए आप उबटन का इस्तेमाल कर सकती है। वैसे तो शादी से पहले लड़कियों को उबटन लगाया ही जाता है लेकिन बेहतर होगा आप उसका इस्तेमाल 15 से 20 दिन पहले करना ही शुरू कर दें।skin

3. वैसे तो यह उबटन ही सारी अशुद्धियों को दूर कर देगा लेकिन अगर आप चाहे तो डेड स्किन को निकालने के लिए स्क्रबिंग की सहायता भी ले सकती है।

4. अगर आप शादी में फेशियल या कोई और स्किन ट्रीटमेंट करवाने वाली है तो उसे शादी से 2-3 दिन पहले ही करा लें। ऐसा करने से शादी वाले दिन तक अच्छे से निखार आ जाएगा। और हां, ध्यान रखें फेशियल आदि करवाने के बाद धुप में न निकलें ऐसा करने से स्किन काली हो सकती है।

बालों के लिए (Tips for Hair) :

बालों की तैयारियों में सबसे ज्यादा समय जाता है इसलिए इनकी तैयारी 1 या 2 हफ्ते पहले ही कर लें। क्योंकि किसी भी चीज को सेट होने में थोडा समय लगता है।

1. बालों की कटिंग ट्रिमिंग के लिए एक हफ्ते पहले का समय सही माना जाता है क्योंकि कटिंग किये गए बालों को सेट होने में थोडा समय लगता है।

2. आप अपने बालों में कौन सा ट्रीटमेंट लेना चाहती है यानी आपको स्पा कराना है या रिबोंडिंग इसका चयन भी आपको पहले ही करना होगा। अगर आप सपा चुनती है तो वो एक या दो दिन पहले कराएं जबकि रिबोंडिंग की सिटींग पहले से ही लेना शुरू कर दें। क्योंकि इस ट्रीटमेंट में काफी स्टेप्स होते है जिन्हें पूरा करने में काफी समय लग जाता है।hair

3. अगर आप कलरिंग आदि करना चाहती है तो उसे शादी से 2 दिन पहले करें जबकि हिना के लिए 10 दिन पहले का समय ठीक रहेगा।

4. शादी से पहले बालों को स्टाइल करने के लिए किसी भी तरह की स्टाइल आयरन का इस्तेमाल करने से बचें। क्योंकि ये केवल आपके बालों को ही डैमेज करेगा। इनसे निकलने वाली हीट बालों को रफ और ड्राई बना देती है। इसलिए इनके इस्तेमाल से बचें।

5. अगर आपके बाल काफी ड्राई और रूखे है तो उसके लिए एक महीने पहले से ही बालों में रेगुलर ओइलिंग करना शुरू कर दें। ऐसा करने से बालों को ही फायदा पहुंचेगा और ओइलिंग के बाद शायद आपको स्पा या किसी अन्य ट्रीटमेंट की भी आवश्यकता न पड़े।

6. इसके अलावा तनाव और वर्क लोड लेने से बचें। क्योंकि इसकी वजह से भी बाल झड़ने लगते है। यदि आपके बाल काफी रूखे, बेजान और डल है तो शादी से पहले अपने खान-पान पर ध्यान देना शुरू कर दें। और जितना हो सके पानी का सेवन करें।

हाथ-पैरों के लिए (Tips for hands and foots) :hatho or pairon

वैसे तो इसकी कोई ख़ास जरूरत नहीं है लेकिन अगर आप चाहे तो हाथ पैरों को थोडा और खुबसूरत बनाने के लिए मैनीक्योर-पेडीक्योर करवा सकती है। लेकिन इन्हें बाहर की बजाय खुद घर पर ही करें। इसके लिए गर्म पानी में अपने हाथों और पैरों को कुछ देर के लिए डाल दें। अब उस पानी में शैम्पू डालें और ब्रश से रगड़कर पैर साफ़ कर लें। सप्ताह में 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल करने। कहीं और जाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

स्वास्थ्य के लिए (Tips for Health) :

बाहरी खूबसूरती के साथ-साथ आपको अंदरूनी खूबसूरती पर भी काम करना होगा। जिसके लिए आपको संतुलित और अच्छे आहार का सेवन करना होगा। अर्थात खाने में ग्रीन वैजीस, विटामिन सी युक्त फल, स्प्राउट्स और दूध को शामिल करें। साथ ही सलाद का सेवन करें। बाहर का खाना बिलकुल बंद कर दें। क्योंकि ये आपकी सेहत और आपकी खूबसूरती दोनों को ही नुकसान पहुंचाने का काम करेंगे। दिन में 10 से 15 ग्लास पानी का सेवन करें। तली-भुनी और मसालेदार भोजन से दूर रहे। क्योंकि ये फेस पर विभिन्न समस्यायों को उत्पन्न कर सकते है।

वर्किंग गर्ल्स क्या करें?

1. शादी से एक महीने पहले या 15 दिन पहले ऑफिस से छुट्टी ले लें। और सबसे पहले अपने सभी बाहर के कम निपटाएं। ऐसा करने से शादी के समय आपके चेहरे पर थकावट नहीं दिखेगी।

2. बाहर का काम खत्म होने के बाद अपने ब्यूटी ट्रीटमेंट लेना शुरू कर दें। जिसमे – वैक्सिंग, स्क्रबिंग, फेशियल, बॉडी ब्लीच और अन्य ट्रीटमेंट सम्मिलित है।Aroma Facial

3. इसके साथ-साथ आपको अपने खान-पान और आराम का भी पूरा ध्यान रखना है। ताकि बाहर के साथ-साथ आप अन्दर से भी खुबसूरत दिखें।

4. अगर स्किन में टैनिंग या झुर्रियों की समस्या है तो उसके लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करना शुरू कर दें। लेकिन केवल फेशियल करवाने से पहले तक। उसके बाद नहीं।

तो ये थी कुछ टिप्स जिनकी मदद से आप शादी से पहले अपनी स्किन और अपने बालों को पहले से अधिक खुबसूरत बना सकती है। लेकिन ध्यान रहे सभी टिप्स फोलो करने के साथ-साथ आपको अपने खान-पान, सेहत और आराम का भी पूरा ख्याल रखना है। ताकि शादी वाले दिन आप फ्रेश और गुड लुकिंग लगे।

अपने ब्रैस्ट को सही शेप देने के लिए अपनाएं ये तरीका

परफेक्ट फिगर की बात की जाएँ तो ब्रैस्ट का शेप परफेक्ट होना बहुत जरुरी होता है, और साथ ही महिलाओ के ब्रैस्ट को आकर्षण का केंद्र भी कहा जाता है, परंतु महिलाओ की कई गलतियों, जैसे की सही साइज की ब्रा न पहनना, और गलत खान पान के कारण शरीर में चर्बी जमने के कारण भी आपके ब्रैस्ट शेप में नहीं रहते है, तो आइये आज हम आपको अपने ब्रैस्ट को शेप में लाने के लिए कुछ टिप्स भी बताने जा रहे है।

ब्रैस्ट का यदि सही शेप हो तो इसके कारण आपकी पर्सनैलिटी मे भी निखार लाने में मदद मिलती है, ब्रैस्ट का सही शेप यदि न हो, तो इसके कारण महँगी से महँगी ड्रेस भी आपके ऊपर फीकी लग सकती है, महिलाओ को सही ब्रैस्ट की शेप न होने के कई कारण हो सकते है, आपको ये जान कर हैरानी होगी की आज के इस मॉडर्न समय मे भी बहुत सी महिलाएं ऐसी है, जिन्हें अपने सही ब्रैस्ट के साइज के बारे में पता नहीं है, और यदि वो ऍबे लिए ब्रा लेने के लिए भी जाती है, तो बस जो पहनती है, उसी का नंबर बताया, और ले आती है, देखती भी नहीं है की वो उनके माप से छोटी है या बड़ी, क्योंकि उन्हें शर्म आती है।

यदि आप अपने ब्रैस्ट साइज से छोटी ब्रा पहनती है, तो भी ये आपके ब्रैस्ट के शेप को खराब करती है, और यदि आपके ब्रैस्ट ये बड़ी पहनती है, तो इसके कारण आपके ब्रैस्ट में ढीलापन आने लगता है, और कई महिलाओ के ब्रैस्ट का परफेक्ट शेप न होने का कारण उनके शरीर में जमी चर्बी भी हो सकती है, जो लोग गलत खान पान करते है, उन्हें भी ब्रैस्ट की परफेक्ट शेप के कारण परेशान होना पड़ता है, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे है, जिसके कारण आपको अपने ब्रैस्ट को परफेक्ट शेप देने में मदद मिलती है, और आप भी परफेक्ट फिगर पा सकती है।

ब्रैस्ट की शेप ख़राब होने के कारण:-

  • बढ़ती उम्र के कारण भी आपकी ब्रैस्ट की शेप ख़राब हो सकती है।
  • बच्चे को जो महिलाएं स्तनपान करवाती है, उनके ब्रैस्ट के शेप में भी फ़र्क़ आ जाता है।
  • गर्भावस्था के दौरान शरीर में आने वाले बदलाव के कारण भी ब्रैस्ट कई बार ढीले हो जाते है।
  • रजोनिवृत्ति के दौरान शरीर में होने वाले परिवर्तन के कारण भी आपकी ब्रैस्ट शेप ख़राब हो जाती है।
  • धूम्रपान करने से भी महिलाओ को ब्रैस्ट से सम्बंधित बीमारियां, हो जाती है, जिसके कारण भी आपकी ब्रैस्ट की शेप ख़राब हो जाती है।
  • जो महिलाएं अपने ब्रैस्ट साइज के अनुसार ब्रा नहीं पहनती है, छोटी या बड़ी ब्रा पहनती है, उनके साथ भी ब्रैस्ट शेप के ख़राब होने के समस्या ज्यादा हो जाती है, कई बार तो अपने साइज से बड़ी ब्रा पहनने के कारण ब्रैस्ट ढीली भी हो जाती है।

ब्रैस्ट की मसाज करें:-

ब्रैस्ट की मसाज करने से आप अपने ब्रैस्ट को सही शेप में ला सकती है, यदि आप अपने स्तनों के ढीलेपन, या ज्यादा छोटे या बड़े स्तन होने के कारण परेशान है, तो ब्रैस्ट की मसाज करने से आपको एक नहीं बल्कि इन सभी उपाय का हल मिलने के साथ ब्रैस्ट को सही शेप में लाने में मदद मिलती है, इसके लिए रोजाना आप नियमित रूप से तेल का इस्तेमाल करके अपने ब्रैस्ट पर गोलाकार रूप में कम से कम बीस मिनट तक घुमाएं, ऐसा करने से आपको अपने ब्रेस्ट को सही शेप में लाने में मदद मिलती है।

अपने लिए सही ब्रा का चुनाव करें:-

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ब्रैस्ट के खराब होने का सबसे बड़ा कारण होता है की महिलाएं अपने लिए अपनी ब्रा का सही चुनाव नहीं करती है, क्योंकि उन्हें अपने सही साइज का ही नहीं पता होता है, ऐसे में यदि आप अपने ब्रैस्ट साइज से बड़ी ब्रा पहनती है, तो भी आपके ब्रैस्ट ढीले हो जाते है, और टाइट पहनती है, तो इसके कारण भी आपके ब्रैस्ट की शेप ख़राब हो जाती है, इसीलिए यदि आप इस समस्या से बचना चाहिती है, तो घर में ही इंचीटेप की मदद से अपने ब्रैस्ट का माप लें, और अपने सीज़र की ब्रा पहने, ऐसा करने से भी आपके ब्रैस्ट को सही शेप देने में मदद मिलती है।

एक्सरसाइज करें:-

एक्सरसाइज करने से भी आपके शरीर को फिट रखने में मदद मिलती है, साथ ही इसके कारण आपके ब्रैस्ट को भी शेप में आने में मदद मिलती है, यदि आप अपने ब्रैस्ट के ढीलेपन से परेशान है, तो आपको अपने ब्रैस्ट को सही शेप देने के लिए पुश अप्स करने चाहिए इसके कारण, आपके ब्रैस्ट की एक्स्ट्रा चर्बी को कम होने में मदद मिलती है, और साथ ही आपका ब्रैस्ट सही शेप में भी आ जाता है।

स्विमिंग करें:-

स्विमिंग करने से भी आपके ब्रैस्ट को परफेक्ट शेप में भी आने में मदद मिलती है, स्विमिंग को एक बेहतर कार्डियो एक्सरसाइज माना जाता है, स्‍विमिंग के समय किये जाने वाले फ्रंट और बैक स्‍ट्रोक से आपके ब्रैस्ट को कंधे की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है, जिसके कारण आपके ब्रैस्ट को सही शेप में आने में मदद मिलती है, और साथ ही इसके कारण आपकी चर्बी को भी घटने में मदद मिलती है।

जॉगिंग करें:-

जॉगिंग करने से भी आपके ब्रैस्ट को सही शेप में आने में मदद मिलती है, और जॉगिंग को आपके मोटापे को घटाने के लिए सबसे बेहतर एक्सरसाइज माना जाता है, और ये केवल आपके मोटापे को ही कम नहीं करती है, बल्कि इसके कारण आपको अपने ब्रैस्ट को भी सही शेप में लाने में मदद मिलती है, यदि आप भी अपने ब्रैस्ट को सही शेप देना चाहते है, तो रोजाना नियम से कम से कम आपको आधा घंटे जॉगिंग जरूर करनी चाहिए।

योगा करें:-

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योगा करने से चेहरे की सुंदरता के के साथ आपके ब्रैस्ट को भी सही आकार देने में मदद मिलती है, ब्रैस्ट की सुंदरता को बढ़ाने के लिए योगा करते समय ब्रैस्ट और ऊपरी बाहों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि उसमे खिंचाव होने के कारण, आपके ब्रैस्ट को सही शेप में लाने में मदद मिलती है। योगा न केवल आपकी सुंदरता को बढ़ता है, बल्कि आपको शारीरिक रूप से फिट रहने में मदद मिलती है।

स्मोकिंग न करें:-

स्मोकिंग करने से भी आपके परफेक्ट ब्रैस्ट शेप खराब हो जाता है, क्योंकि धूम्रपान करने के कारण, आपके शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छे से नहीं होता है, जिसके कारण त्वचा में कसाव नहीं रहता है, त्वचा ढीली होने लगती है, तो यदि आप भी अपनी ब्रैस्ट को परफेक्ट शेप देना चाहती है, तो सबसे पहले आप अपनी स्मोकिंग की आदत का त्याग करें, इसके कारण भी आपके ब्रैस्ट को परफेक्ट शेप देने में मदद मिलती है।

खान पान पर ध्यान दें:-

खान पान को भी सही लेने से भी आपको अपने शरीर को फिट रखने में मदद मिलती है, यदि आप संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करने से आपको अपने आप को फिट रखने में मदद मिलती है, साथ ही आपकी त्वचा में भी कसाव लाने में आपको मदद मिलती है, इसके साथ आपको ताजे फलो, फ्रेश जूस, और हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए, ऐसा करने से भी आपको अपने शरीर के साथ अपने ब्रैस्ट को सही शेप देने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ टिप्स है जिनके कारण आपको अपने ब्रैस्ट को सही शेप देने में मदद मिल सकती है, यदि आप इनमें से किसी भी तरीके को नियमित रूप से करते है, तो इसके कारण आपके ब्रैस्ट को परफेक्ट शेप देने में मदद मिलती है, और यदि आप हमेशा फिट रहना चाहते है, तो आपको हमेशा नियमित रूप से इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए, और साथ ही जब भी आप अपनी ब्रा लेने के लिए जाते है, तो अपने ब्रैस्ट का सही माप घर में रखें इंचीटेप की मदद से लेकर जाएं ताकि आप अपने माप की ब्रा ला सकें, और साथ ही आपको यदि ब्रा फिट नहीं आती है, तो आपको बिना शर्म किये उसे बदलवाना चाहिए, न की गलत ब्रा पहननी चाहिए।

नेचुरल बर्थ होने के 10 तरीके

डिलीवरी का समय आने पर महिला अपने शरीर में बहुत से बदलाव का अनुभव कर रही होती है। क्योंकि पूरे शरीर में दर्द होने के कारण महिला शारीरिक परेशानी का अनुभव हो रहा होता है वही बच्चे का जन्म होने वाला है इसी बात को सोचकर महिला भावनात्मक रूप से बदलाव का अनुभव करती है। वहीँ मानसिक रूप से महिला के मन में यही चल रहा होता है की उसका होने वाला बच्चा स्वस्थ हो।

साथ ही डिलीवरी को लेकर अधिकतर महिलाओं की यही सोच होती है की वो सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दें। क्योंकि नेचुरल बर्थ में माँ व् बच्चे दोनों को दिक्कत होने का खतरा कम होता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे 10 तरीको के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनका ध्यान यदि प्रेग्नेंट महिला रखती है तो ऐसा करने से महिला को सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म देने के चांस बढ़ जाते हैं।

पैरेंटल क्लास लें

आज कल हॉस्पिटल में, इंटरनेट पर पैरेंटल क्लास दी जाती है। डिलीवरी से पहले महिला को क्या करना चाहिए क्या नहीं, क्या करने से महिला के नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ते हैं, प्रेगनेंसी के दौरान और डिलीवरी के समय महिला सकारात्मक कैसे रहे, फिट कैसे रहें इन सभी की जानकारी इन क्लास में दी जाती है। जिससे महिला को अपने आप को स्वस्थ व् तनावमुक्त रखने में मदद मिलती है। और जितना महिला प्रेगनेंसी के दौरान फिट व् पॉजिटिव रहती है उतना ही महिला के नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने में मदद मिलती है।

मसाज

मसाज करने से बॉडी में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है, महिला को तनाव से राहत मिलती है, शारीरिक परेशानियां कम होती है, महिला को नींद अच्छी आती है, साथ ही बॉडी में गुड़ हॉर्मोन रिलीज़ होते हैं। और यह सभी मिलकर नेचुरल बर्थ के चांस बढ़ाने में मदद करते हैं। खासकर डिलीवरी का समय पास आने पर पेट के निचले हिस्से की मसाज भी जरूर करनी चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान किसी न किसी को अपने पास रखें

गर्भावस्था के दौरान आप अपने साथ रखने के लिए एक ऐसे व्यक्ति का चुनाव करें जो आपके लिए हो। मतलब जो आपकी सभी बातें सुनें, कब आपको उनकी जरुरत है उन्हें आप बेझिझक कह सकें, आपको कैसा अनुभव हो रहा है आपकी सभी बातें सुनने के लिए तैयार रहें ऐसे व्यक्ति के साथ रहने से आप पूरी प्रेगनेंसी में खुश रहती है। और जितना आप प्रेगनेंसी के दौरान अच्छे से एन्जॉय करती है खुश रहती है उतना ही बच्चे का नेचुरल बर्थ होने के चांस बढ़ते हैं।

खून की कमी

बहुत सी गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान खून की कमी की परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स भी बढ़ जाती है। लेकिन यदि आप प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में खून की कमी नहीं होने देती है तो ऐसा करने से भी प्राकृतिक तरीके से बच्चे का जन्म होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।

व्यायाम करें, मैडिटेशन करें, योगासन करें

गर्भावस्था के दौरान यदि आपको डॉक्टर ने बिल्कुल बेड रेस्ट की सलाह नहीं दी है। तो आपको प्रेगनेंसी के दौरान थोड़ा बहुत व्यायाम करते रहना चाहिए। मैडिटेशन करनी चाहिए, बाहर नहीं जा सकते तो घर में ही थोड़ी देर योगासन करना चाहिए। ऐसा करने से प्रेगनेंसी के दौरान आपको फिट रहने, मानसिक रूप से रिलैक्स रहने, बॉडी में ब्लड फ्लो अच्छे से होने, मदद मिलती है। जो नेचुरल बर्थ को बढ़ावा देती है।

हाइड्रेटेड रहें

प्रेगनेंसी के दौरान हाइड्रेटेड रहना न केवल गर्भवती महिला की शारीरिक परेशानियों को कम करने में मदद करता है। बल्कि इससे गर्भवती महिला ऊर्जा से भरपूर रहती है, और प्रेग्नेंट महिला जितना ज्यादा एक्टिव रहती है उतना ही ज्यादा महिला का शरीर नेचुरल बर्थ के लिए तैयार होता है।

वजन

नेचुरल बर्थ के लिए प्रेग्नेंट महिला के वजन का सही होना भी बहुत जरुरी होता है। महिला का वजन जरुरत से ज्यादा हो या जरुरत से कम हो तो प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ सकती है। ऐसे में यदि आप चाहती हैं की आप सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दें तो इसके लिए आपको प्रेगनेंसी के दौरान आपको अपने वजन को संतुलित रखना चाहिए।

पॉजिटिव रहें

प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरुरी होता है की आप नकारात्मक विचारों से दूर रहें। जितना आप नकारात्मक विचारों से दूर रहती है। और सकारात्मक रहती है उतना ही ज्यादा प्रेगनेंसी व् डिलीवरी को लेकर कम्प्लीकेशन कम होती है।

उठने बैठने की पोजीशन का ध्यान रखें

गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने उठने बैठने की पोजीशन का भी ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि आपके उठने, बैठने, लेटने की स्थिति सीधा आपके गर्भ पर असर डालती है। यदि आप इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखती हैं तो ऐसा करने से आपको प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली कॉम्प्लीकेशन्स से बचे रहने में मदद मिलती है जिससे सामान्य प्रसव के चांस बढ़ते हैं।

सही डॉक्टर का चुनाव

प्रेगनेंसी की शुरुआत से लेकर डिलीवरी तक के लिए आपको एक ऐसे डॉक्टर का चुनाव करना चाहिए जो की प्रेगनेंसी केस के लिए सबसे अच्छा हो। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान आपको अपनी सभी दवाइयां समय से लेनी चाहिए। साथ ही टीकाकरण भी समय से करवाना चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान आपको किसी भी तरह की दिक्कत न हो और आपके नेचुरल बर्थ के चांस को बढ़ाने में मदद मिल सके।

तो यह हैं वो दस टिप्स जिनका ध्यान रखने से महिला की नोर्मल डिलीवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं। साथ ही माँ व् बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा नोर्मल डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।