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प्रेगनेंसी में नाख़ून बड़े रखने के नुकसान

अधिकतर महिलाओं को नाख़ून बड़े रखने का शौक होता है और लम्बे नाख़ून हाथों की सुंदरता को भी बढ़ाते हैं। लेकिन सुंदरता बढ़ाने के साथ यह सेहत पर गलत असर भी डाल सकते हैं खासकर जब महिला गर्भवती हो। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिला द्वारा की गई छोटी सी गलती बहुत बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है, ऐसे में नाखूनों का बड़ा होना माँ व् बच्चे दोनों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी की आपके नाखून उंगलियों से ज्यादा गंदे होते हैं इसलिए उनमें बैक्टीरिया की पनपने की आशंका भी ज्यादा होती है। और जब भी आप खाते हैं या किसी भी कारण अपनी उँगलियों को मुँह में लगाते हैं तो मुंह के रास्ते यह बैक्टेरिया शरीर में प्रवेश करते हैं जिससे प्रेग्नेंट महिला को इन्फेक्शन होने के साथ शिशु पर भी इसका गलत प्रभाव पड़ता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं प्रेगनेंसी में लम्बे नाख़ून रखने से क्या नुकसान होते हैं।

इन्फेक्शन व् बिमारी का रहता है खतरा

नाख़ून के बड़े होने के कारण उनमे गंदगी रहने का खतरा होता है जिससे नाखूनों में बैड बैक्टेरिया पनपने लगता है। और प्रेग्नेंट महिला यदि कुछ भी हाथों से खाती है तो यह बैड बैक्टेरिया बॉडी में प्रवेश कर जाता है। जिससे यह शरीर में फ़ैल जाता है और प्रेग्नेंट महिला को इन्फेक्शन व् बिमारी होने का खतरा रहता है ऐसे में यदि महिला इन्फेक्शन व् बिमारी से ग्रसित हो जाती है । तो इसका बुरा प्रभाव शिशु पर भी पड़ता है।

उल्टी दस्त की समस्या

नाख़ून में जमी गंदगी यदि शरीर में प्रवेश कर जाती है खासकर जब पेट तक पहुँच जाती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला को उल्टी व् दस्त जैसी समस्या हो सकती है। और उल्टी दस्त की समस्या की वजह से शरीर में पानी की कमी, थकान, कमजोरी जैसी परेशानी का सामना महिला को करना पड़ सकता है।

नाख़ून होते हैं नाजुक

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से, मल्टीविटामिन लेने के कारण नाख़ून बहुत तेजी से बढ़ते हैं और नाख़ून बहुत कमजोर भी होते हैं। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला कुछ खा रही होती है, कुछ खाने का बना रही होती है तो नाख़ून के टूटने का डर रहता है। और यदि आपके खाने के साथ नाख़ून टूटकर गिर जाता है तो आपको पता भी नहीं चलता है और उसके बाद खाने के साथ यह आपके मुँह में चले जाते हैं तो यह महिला की सेहत सम्बन्धी परेशानी बढ़ाने के साथ बच्चे के विकास में कमी का कारण भी बन सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान नाखूनों को जितना हो सके काटकर रखना चाहिए इसके अलावा प्रेग्नेंट महिला को केवल कोरोना वायरस के चलते ही नहीं बल्कि वैसे भी प्रेगनेंसी में बार बार हाथ धोते रहना चाहिए। इससे हाथों की साफ़ सफाई रहने में मदद मिलती है जिससे महिला के पेट में कीटाणु नहीं जाते हैं और प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। और समय समय पर प्रेग्नेंट महिला को अपने नाखूनों को काटते रहना चाहिए।

आयुर्वेद में खिचड़ी खाने के फायदे

खिचड़ी एक आयुर्वेदिक नुस्खा है जो पुराने समय से ही हमारे आहार का मुख्य हिस्सा है। आज कल जब घर में कोई बीमार होता है तब घर में खिचड़ी बनाने की बात होती है। और आपने देखा हो तो खिचड़ी का नाम सुनते ही लोग मुँह भी बना लेते हैं। जबकि पुराने समय में खिचड़ी को सबसे उत्तम आहार माना जाता था। लेकिन शायद आप यह नहीं जानते हैं की असल में खिचड़ी एक ऐसा आहार होता है जो न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है।

बल्कि इसका सेवन करने से बहुत से स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे भी मिलते हैं। और यदि आप खिचड़ी का सेवन नहीं करते हैं तो आज इस आर्टिकल में हम आपको पोषक तत्व जैसे की कार्बोहाइड्रेट्स, विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर्स आदि से भरपूर खिचड़ी का सेवन करने के कुछ बेहतरीन फायदे बताने जा रहे हैं जिनका सेवन करने के बाद आप खिचड़ी का सेवन जरूर करना चाहेंगे। तो आइये अब जानते हैं की खिचड़ी का सेवन करने से कौन से फायदे मिलते हैं।

पाचन शक्ति को बढ़ाता है

खिचड़ी एक ऐसा भोजन होता है जो न केवल खाने और बनाने में आसान होता है बल्कि पचाने में भी आसान होता है। ऐसे में यदि आपकी पाचन क्रिया कमजोर है तो आपको खिचड़ी का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि खिचड़ी का सेवन करने से आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है।

पेट सम्बन्धी परेशानियां दूर होती है

पेट सम्बन्धी परेशानियां जैसे की कब्ज़, एसिडिटी, पेट में जलन, पेट फूलना, दस्त, उल्टी आदि की परेशानी से निजात पाने के लिए खिचड़ी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।

त्रिदोष से मिलती है राहत

खिचड़ी एक ऐसा भोजन है जो सुबह, रात, शाम किसी भी समय खाया जा सकता है। और यह भोजन न केवल पकाने में आसान होता है बल्कि इसके सेवन से शरीर को स्वस्थ रखने के साथ त्रिदोष यानी की वात, पित्त, कफ के कारण शरीर हो होने वाली समस्या से बचे रहने में भी मदद मिलती है।

पोषक तत्वों से होती है भरपूर

खिचड़ी में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो आपके शरीर में भी पोषक तत्वों की मात्रा को सही रखने में मदद करते हैं। जिससे आपको स्वस्थ व् फिट रहने में मदद मिलती है।

वजन नियंत्रण

वजन कम करने के लिए लोग पता नहीं क्या क्या करते हैं लेकिन शायद आप नहीं जानते हैं की खिचड़ी एक ऐसा भोजन है जिससे वजन को नियंत्रित रहने में मदद मिलती है। क्योंकि खिचड़ी एक ऐसा भोजन है जिसे खाने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है और यदि पाचन तंत्र सही तरीके से काम करता है तो इससे वजन को नियंत्रित रहने में मदद मिलता है।

मधुमेह को कण्ट्रोल करती है

खिचड़ी का सेवन करने से ब्लड में शुगर के लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। जिससे शुगर जैसी परेशानी से आपको बचाने में मदद मिलती है।

विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं

बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थ आपको बीमार कर सकते हैं लेकिन खिचड़ी का सेवन करने से बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। जिससे आपको फिट रहने में मदद मिलती है।

स्किन के लिए भी है फायदेमंद

आयुर्वेद के अनुसार खिचड़ी का सेवन करने से स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे मिलने के साथ स्किन को भी पोषण मिलता है जिससे आपकी स्किन को भी हेल्दी और ग्लोइंग रहने में मदद मिलती है।

बेहतर नींद

रात को सोते समय ऐसा आहार खाना चाहिए जो की पचाने में आसान हो क्योंकि इससे आपकी नींद को भी बेहतर आने में मदद मिलती है। ऐसे में यदि आप खिचड़ी का सेवन करते हैं तो आपको इसे हज़म करने में कोई दिक्कत नहीं होती है और इससे आपको नींद भी बेहतर आती है।

तो यह हैं कुछ बेहतरीन फायदे जो खिचड़ी का सेवन करने से मिलते हैं। ऐसे में यदि आप भी स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको भी अपनी डाइट में खिचड़ी को जरूर शामिल करना चाहिए। रोजाना नहीं तो दो या तीन दिन में एक बार खिचड़ी जरूर खानी चाहिए। साथ ही इसका स्वाद और इसमें पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए आप इसमें अपनी पसंदीदा सब्जियां व् दाल आदि भी शामिल कर सकते हैं।

सुबह सुबह पैरों में दर्द होने के कारण और उपचार

पैरों में दर्द का होना एक आम समस्या होती है यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। लेकिन कई बार जब सुबह सुबह उठते ही अचानक पैरों में दर्द महसूस होने लगता है, इसका सबसे बड़ा कारण होता है की आपके पैरों में रक्त का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो रहा है। इसके कारन कई बार आपको पैर नीचे रखने में भी परेशानी होती है। क्या आपके साथ भी ऐसी कोई समस्या है? यदि हाँ तो इसके बहुत से कारण हो सकते है। कई बार बच्चे भी सुबह उठते समय आपको बोलते हैं की पैरों में दर्द हो रहा है।

इसका कारण उनके शरीर में पोषण की कमी और उनका अधिक खेल कूद कारण भी हो सकता है। यदि आपको यह परेशानी हमेशा रहती है तो इसके लिए आपको जरूर कुछ न कुछ करना चाहिए, जिससे आपके शरीर में हमेशा ऊर्जा बनी रहे और आपको इस परेशानी से राहत पाने में मदद मिल सके। पैरों में होने वाले दर्द के कारण यदि आपको भी चलने फिरने में परेशानी है, सुबह उठते ही बहुत अधिक दर्द होने लगता है, तो अब आपको घबराने की जरुरत नहीं है। क्योंकि आज हम आपको इस समस्या के कुछ कारण और इससे बचने के उपचार बताने जा रहे है।

पैरों में दर्द होने के कारण:-

  • पैरों में दर्द का सबसे बड़ा कारण आपका अधिक वजन हो सकता है।
  • ब्लड सर्कुलेशन सही न होने के कारण।
  • शरीर में पोषक तत्व की कमी जैसे कैल्शियम, विटामिन डी की कमी।
  • यदि आप चप्पल जूते घटिया क़्वालिटी के पहनते है तो भी आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • ज्यादा भागदौड़ करने, यात्रा करने, अधिक पैदल चलने या बच्चों के अधिक खेलने के कारण भी आपको यह परेशानी हो सकती है।
  • बॉडी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर।
  • शुगर के रोगी होने पर भी आपको यह समस्या हो सकती है।
  • अत्यधिक तनाव भी आपके शरीर के अंगो के दर्द का कारण हो सकता है।
  • मांसपेशियों में खिंचाव होने के कारण।
  • गलत तरीके से सोने के कारण।
  • ज्यादा एक्सरसाइज करने के कारण।

पैरों के दर्द से बचने के उपाय:-

स्ट्रेचिंग है इलाज:-

यदि आपको पैर में दर्द रहता है तो कई बार इसका कारण मांसपेशियों में होने वाला खिंचाव हो सकता है। ऐसे में यदि आप स्ट्रेचिंग करते है तो इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है जिससे आपको पैरों में दर्द से राहत मिलती है। और यदि रोजाना सुबह ऐसा होता है तो आपको नियमित सुबह उठकर एक्सरसाइज भी करनी चाहिए जिससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलता है।

दूध व् दूध से बनी चीजों का सेवन करें:-

कई बार हड्डियां कमजोर होने के कारण आपको नियमित सुबह उठकर इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और हड्डियों के कमजोर होने का कारण आपके शरीर में होने वाली कैल्शियम की कमी हो सकती है। इसीलिए आपको दूध व् दूध से बनी चीजों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। जिससे आपके शरीर में कैल्शियम की आपूर्ति करने में मदद मिल सकें।

व्यायाम:-

ज्यादा व्यायाम करना जहां आपके पैरों में दर्द का कारण बनता है, वहीँ यदि आप हल्का फुल्का व्यायाम करते हैं तो इससे न केवल आपकी बॉडी में ब्लड का फ्लो सही होता है। बल्कि ऐसा करने से आपकी मांसपेशियों को भी आराम मिलता है। ऐसे में आपको पैरों में दर्द होने की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

मसाज:-

मसाज भी पैरों के दर्द से राहत पाने के आसान तरीका है, नियमित रात को सोने से पहले हल्के गुनगुने किसी भी तेल का इस्तेमाल करके अच्छे से अपने पैरों की मसाज करें। उसके बाद सो जाएँ, ऐसा करने से पैरों में रक्त का प्रवाह बेहतर होने के साथ मांसपेशियों को भी आराम मिलता है। ऐसा नियमित रात को सोने से पहले करें, ऐसा करने से आपको सुबह उठने के बाद पैरों में दर्द की परेशानी का सामना करने से बचने में मदद मिलती है।

एक्यूप्रेशर वाली चप्पल पहने:-

कई बार आपके बेकार क़्वालिटी के जूते चप्पल पहनने के कारण भी आपके पैरों में दर्द हो सकता है। ऐसे में इस समस्या से बचने का आसान उपाय है की आप अपने लिए एक्यूप्रेशर वाली चप्पल पहने, इससे आपको पैरों को आराम पहुंचाने में मदद मिलती है। जिससे आपको सुबह उठकर पैरों में होने वाले इस दर्द से बचने में मदद मिलती है।

नीम भी है असरदार उपाय:-

एक बड़े बर्तन में नीम के पत्ते डालकर अच्छे से उबाल लें, और पानी को जब तक उबलने दें, जब तक नीम के पत्ते अपना रंग न छोड़ दें। उसके बाद इस पानी के गुनगुना रहने पर इसमें अपने पैरों को डालकर अच्छे से सिकाई करें। ऐसा नियमित रात को सोने से पहले करें इससे आपको पैरों में होने वाले दर्द से बचने में फायदा होता है।

पोषक तत्व भरपूर मात्रा में लें:-

शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी के कारण भी आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए आपको अपने आहार में भरपूर मिनरल्स को शामिल करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी हड्डियों को मजबूत होने में, कोशिकाओं का अच्छे से विकास होने में मदद मिलती है। जिससे आपको पैरों में होने वाले दर्द से बचने में मदद मिलती है।

अदरक का तेल:-

अदरक का तेल पैरों में दर्द व् सूजन की समस्या से बचने में बहुत ही मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप एक कटोरी में अदरक का तेल डालकर गुनगुना कर लें। उसके बाद अपने हाथों से अच्छे से अपने पैरों पर मसाज करें। ऐसा कुछ दिनों तक नियमित करने से आपको पैरों में दर्द की समस्या से बचने में मदद मिलती है।

सुबह सुबह पैरों में होने वाले दर्द से बचने के उपाय:-

  • पानी की कमी के कारण भी शरीर के कई हिस्सों में दर्द होने लगता है, ऐसे में पैरों के दर्द से बचने के लिए अआप्को भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए।
  • सुबह उठकर जॉगिंग करने, टहलने से भी आपको पैरों में दर्द से राहत मिलती है।
  • पैरों को दबाने से भी पैरों के दर्द से आराम मिलता है।
  • आयरन युक्त पदार्थो का सेवन करने से शरीर में खून की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है।
  • योगासन करें, खासकर पवनमुक्तासन योग करने से आपको पैरों के दर्द से बचने में मदद मिलती है।
  • पोटैशियम की कमी के कारण पैरों में दर्द हो सकता है, इसीलिए नाश्ते में केले का सेवन करने से आपको इस परेशानी से राहत मिलती है।
  • गुनगुने पानी में नमक डालकर पैरों की सिकाई करने से आपको पैरों में दर्द से राहत मिलती है।
  • गुनगुने पानी में निम्बू और शहद डालकर दिन में दो बार पीएं इससे भी आपको पैरों में होने वाले दर्द से बचने में मदद मिलती है।
  • हरी सब्जियों, ताजे फलों का सेवन करने से आपको शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरा किया जा सकता है जिससे आपको दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।

तो यदि आपको भी सुबह सुबह पैरों में दर्द रहता है तो इसके लिए जरुरी है की आप पैरों का व्यायाम नित्य सुबह उठकर करें। इसके अलावा आप ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल भी कर सकते है। साथ ही यदि आपको पैरों में अधिक दर्द व् सूजन की समस्या भी रहती है तो आपको डॉक्टर से भी जरूर चेक करवाना चाहिए। और उससे भी पहले इस दर्द के कारण का पता करना चाहिए ताकि आप सही ढंग से इस समस्या का उपचार कर सके।

इस वजह से गर्भ में शिशु को साँस लेने में परेशानी होती है

माँ के गर्भ में शिशु को सांस लेने में दिक्कत होती है या नहीं, इसके बारे में जानने से पहले यह जानना जरुरी होता है। की माँ के गर्भ में बच्चा सांस लेता है या नहीं? तो इसका जवाब है की जैसे जैसे प्रेगनेंसी आगे बढ़ती है वैसे वैसे गर्भ में पल रहे शिशु के फेफड़ों का विकास भी बढ़ता है। लेकिन गर्भ में जब शिशु होता है तो शिशु के फेफड़ों में फ्लूड भरा होता है। जो शिशु के जन्म लेने के बाद शिशु के पहली बार रोने पर बाहर निकलता है और उसके बाद शिशु अपनी सांस लेना शुरू करता है। लेकिन यह बात भी सच है की शिशु तक यदि ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छे से नहीं होता है तो गर्भ में शिशु को खतरा हो सकता है।

और शिशु तक यह ऑक्सीजन खून के साथ पहुंचाई जाती है। जिससे शिशु का विकास दिन प्रतिदिन आगे बढ़ता है। और इसका मतलब यह होता है की जिस तरह गर्भ में शिशु अपने विकास के लिए, पोषक तत्वों के लिए अपनी माँ पर निर्भर करता है। वैसे ही गर्भ में पल रहे शिशु की जगह सांस भी उसकी माँ ही लेती है। तो आइये अब जानते हैं की शिशु तक ऑक्सीजन का फ्लो कब अच्छे से नहीं होता है या शिशु कब गर्भ में सांस अच्छे से नहीं ले पाता है।

खून की कमी होने पर

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को ज्यादा खून की जरुरत पड़ती है। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला के शरीर में खून की कमी हो जाये तो इसके कारण बच्चे के विकास के लिए पर्याप्त खून बच्चे तक नहीं पहुँच पाता है। जिसकी वजह से बच्चे को ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती है। और इस वजह से गर्भ में बच्चा दिक्कत भी महसूस कर सकता है।

गर्भनाल के सूखने पर

गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी हो तो इसकी वजह से न केवल एमनियोटिक फ्लूड की कमी हो जाती है। बल्कि गर्भनाल पर भी इसका बुरा असर पड़ जाता है जिसकी वजह से कुछ केस में देखने को मिलता है। की गर्भनाल सूखने लगती है और गर्भनाल सूखने की वजह से शिशु तक ब्लड व् ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छे से नहीं हो पाता है। जिसकी वजह से गर्भ में बच्चा दिक्कत महसूस करता है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए गर्भवती महिला को शरीर में तरल पदार्थों की कमी नहीं होने देनी चाहिए।

बच्चे के ज्यादा टाइट गर्भनाल को गर्दन में लपेटने पर

गर्भ में बच्चे जब मूवमेंट करता है तो कई बार गर्भनाल को अपनी गर्दन या बॉडी में लपेट लेता है। ऐसा करना बहुत आम होता है और फिर शिशु इससे बाहर भी निकल जाता है। लेकिन प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में बच्चे का विकास बढ़ चूका होता है ऐसे में कुछ केस में जब बच्चा गर्भनाल को गर्दन में लपेट लेता है तो वो टाइट हो जाती है और बच्चा उसे खोल नहीं पाता है। जिसकी वजह से बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती है। ऐसे में केस में बच्चे की जान बचाने के लिए डॉक्टर्स सिजेरियन डिलीवरी करवाने की सलाह देते हैं।

बॉडी में ब्लड फ्लो सही न होने पर

गर्भावस्था के दौरान यदि प्रेग्नेंट महिला के शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से नहीं होता है तो इस कारण भी बच्चे तक खून व् ऑक्सीजन अच्छे से नहीं पहुँचती है। जिसके कारण गर्भ में बच्चा परेशानी महसूस कर सकता है।

तो यह हैं कुछ परिस्थितियां जब शिशु तक ऑक्सीजन का प्रवाह अच्छे से नहीं हो पाता है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छे से हो सके। और शिशु तक खून व् ऑक्सीजन के फ्लो में किसी भी तरह की दिक्कत न आएं।

डिलीवरी के बाद महिला का आहार कैसा होना चाहिए

डिलीवरी के बाद महिला का आहार कैसा होना चाहिए:-

गर्भावस्था का समय किसी भी महिला के लिए बहुत खास होता हैं| उस समय महिला बहुत से नए अनुभवो से गुजरती हैं, साथ ही नई चीजो के बारे में भी सीखती हैं| प्रेगनेंसी किसी भी महिला के जीवन में आने वाला सबसे प्यार लम्हा होता हैं| इसके आलावा महिला कई बार प्रेगनेंसी में बहुत सी परेशानियो से भी गुज़रती हैं जैसे की कई महिलाओ को बहुत ज्यादा उलटी, शरीर के हिस्सो में दर्द आदि की समस्या खड़ी हो जाती हैं| परंतु ये सभी परेशानी महिला भूल जाती हैं, जैसे ही वो नन्ही सी जान गोद में आती हैं|

गर्भावस्था के बाद महिला को अपने खान पान का भी बहुत ज्यादा ध्यान रखना चाहिए| क्योंकि कहा जाता हैं की डिलीवरी के बाद महिला का दूसरा जन्म होता हैं| और महिला के शरीर में भी प्रसव के बाद बहुत सी कमजोरी आ जाती हैं| और नवजात शिशु भी महिला पर पूरी तरह से निर्भर करता हैं| क्योंकि छोटा बच्चा कुछ और तो खा नहीं सकता वो पूरी तरह से, माँ के दूध पर ही निर्भर करता हैं| और माँ के दूध से उसका विकास भी पूर्ण तरीके से होता हैं, और साथ ही बच्चे की बुद्धि का विकास नहीं हो पाता हैं|

तो महिला के लिए जरुरी हैं किस्वस्थ व् पोष्टिक आहार का सेवन करें| जिसका पूरा फायदा उसके बच्चे को भी, और वो अच्छे से विकास कर पाएं तो आइये जानते हैं की गर्भवती महिला को किन पदार्थो का सेवन करना चाहिए जिससे महिला के शरीर की सारी कमी को दूर किया जाएँ और महिला स्वस्थ रह सकें| और साथ ही बच्चे के विकास भी पूरी तरह से हो सकें, तो इन टिप्स को महिला को प्रेगनेंसी के बाद आहार में जरूर शामिल करना चाहिए|

प्रेगनेंसी के बाद महिला करें इन पदार्थो का सेवन:-

संतुलित आहार लें:-

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महिला को प्रसव के बाद ऐसा भोजन करना चाहिए जिसमे सभी मिनरल्स मौजूद हो| इसके अलावा महिला को खान पान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए| महिला को भोजन में दाल का पानी, सभी तरह की सब्जिया, परंतु मसाले का ज्यादा इस्तेमाल न करें, थोड़ी थोड़ी देर बाद कुछ न कुछ खाते रहें बासी चीजो व् ठन्डे पदार्थो का सेवन न करें| इन सब बातों का आहार को खाते समय ध्यान रखना चाहिए| साथ ही महिला को हरी सब्जियों व् फलो आदि का सेवन भी करना चाहिए|

पेय पदार्थो का सेवन करें:-

महिला को प्रसव के बाद दूध की बढ़ोतरी के बारे में भी सोचना चाहिए| ताकि बच्चे को भी पूरी तरह से पोषण मिल सकें| और महिला के शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए आपको पेय पदार्थो का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए| पानी के अलावा महिला जूस जैसे की गाजर, तरबूज आदि का सेवन करना चाहिए| आप चाहे तो नारियल पानी का सेवन भी कर सकते हैं, क्योंकि इसमें भी मौजूद मिनरल्स आपको और आपके बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं| इसीलिए पेय पदार्थो का सेवन करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए|

डेरी उत्पाद का सेवन करें:-

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महिला को कैल्शियम और प्रोटीन की प्रसव के बाद बहुत जरुरत होती हैं| कैल्शियम की मात्रा डेरी उत्पाद में भरपूर मात्रा में होती हैं, साथ ही इसमेर भी मिनरल्स होते हैं जो आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं| आप दूध, दही, पनीर आदि का सेवन खाद्य पदार्थ के रूप में कर सकते हैं| महिला को जब महिला स्तनपान करवाती हैं तो तीन से चार गिलास दूध का सेवन जरूर करना चाहिए| और साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए की महिला कच्चे दूध का सेवन गलती से भी न करें|

ओट्स और दलिया का सेवन करे:-

ओट्स फाइबर की मात्रा से भरपूर होता हैं| और साथ ही आयरन की जरूरत पूरी करने में भी बहुत उपयोगी है| और ओट्स में बहुत से मिनरल्स जैसे कार्बोहाइड्रट, प्रोटीन, विटामिन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं| महिलाओ को इसका सेवन डिलीवरी के बाद जरूर करना चाहिए, ये बहुत फायदा करता हैं| और यदि आप इसका टेस्ट बदलना चाहते हैं या यदि आप इसका स्वाद बढ़ाने के लिए इसे फ्रूट्स या सब्जियां मिलाना चाहती हैं तो आप वो भी कर सकती हैं| आप सुबह के नाश्ते में भी इसका सेवन जरूर करना चाहिए|

ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें:-

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ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से महिलाओ को शारीरिक रूप से स्ट्रांग करने में बहुत मदद मिलती हैं| इसीलिए इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है| इसमें विटामिन ई मिलने के कारण इसमें मिलने वाला ओमेगा 3 मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है| ड्राई फ्रूट्स में कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, विटामिन B12 and E और बहुत से मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम, कॉपर, मैंगनीज, पोटैशियम, कैल्शियम और जिंक भी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं| इसीलिए आप चाहे तो हलवा बनाकर उसमे भी ड्राई फ्रूट्स मिलाकर उसका भी सेवन करना चाहिए|

दालों का सेवन करें:-

दालों में प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती हैं, जो माँ के साथ बच्चे के लिए भी बहुत लाभदायक होती हैं| दालों में महिलाओ को प्रेगनेंसी के बाद मुंग की दाल का सबसे ज्यादा सेवन करना चाहिए, ये महिला में बच्चों के लिए दूध में वृद्धि करता हैं| आप चाहे तो दाल का हलवा बनाकर उसका भी सेवन कर सकती हैं| रात के समय बिना मसालो की दाल बनाकर आपको उसका सेवन करना चाहिए| ये आपको बहुत फायदा करती हैं| साथ ही दालों का सेवन करने से बच्चे में भी प्रोटीन मात्रा भरपूर होती हैं|

सौंठ का सेवन करें:-

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सौंठ का सेवन करने से महिला को बहुत फायदा होता हैं, और डिलीवरी के बाद आई कमी को पूरा करने के लिए सौंठ के लड्डू का सेवन भी करना चाहिए| क्योंकि सौंठ में फाइबर, विटामिन B6 and E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सेलेनियम और मैंगनीज होता हैं| और आप इसका इस्तेमाल दालों में डालकर भी कर सकते हैं| इससे मिलने वाले फायदे महिला के साथ बच्चे के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं|

हरी सब्जियों का सेवन करें:-

प्रेगनेंसी के बाद महिला को हरी सब्जियों का सेवन करने से आपको बहुत फायदा मिलता हैं| महिलाओ को डिलीवरी के बाद आयरन की जरुरत पर्याप्त मात्रा में होती हैं, और हरी सब्जियों में आयरन भरपूर मात्रा में होता हैं| इसके लिए आप परवल, टिंडा, कमल ककड़ी, पालक, बीन्स, मैथी, आदि का सेवन कर सकते हैं| मौसम के हिसाब से आपको उनका सेवन करना चाहिए| और आपको दिन में कम से कम एक मील में तो इसका सेवन जरूर करना चाहिए| इससे महिला के साथ बच्चे में भी आयरन की मात्रा पूरी होती हैं|

इन सब भोजन के साथ आपको एक बार डॉक्टर की सलाह भी जरूर लेनी चाहिए| क्योंकि नार्मल डिलीवरी व् सिजेरियन डिलीवरी के खाने में फ़र्क़ होता हैं| महिलाओ के लिए ये भी जरुरी हैं की आप अच्छे से व् पूर्ण तरीके से आप इसका सेवन करें| ताकि आपके बच्चे और आपको इसका पूरा फायदा मिल सकें| बच्चे के विकास के लिए माँ का दूध बहुत जरुरी होता हैं| क्योंकि उसी के कारण सभी मिनरल्स बच्चे को मिलते हैं| परंतु यदि माँ ही सही ढंग से आहार नहीं लेती हैं, तो इसका असर माँ के साथ बच्चे की सेहत पर भी पड़ता हैं|

गर्भावस्था के बाद महिला को खाने के लिए अन्य टिप्स:-

  • नाश्ते में महिला चाहे इडली, ब्रेड सैंडविच या डोसा आदि का सेवन करना चाहिए|
  • साबुत अनाज, डेरी उत्पादों, हरी सब्जियों और फलो आदि का सेवन करना चाहिए|
  • पेय पदार्थो का सेवन भरपूर मात्रा मात्रा में सेवन करें| जैसे जूस, नारियल पानी आदि का सेवन कर सकते हैं|
  • ग्रीन टी का सेवन करें| या खाने के बाद एक कप चाय आदि का सेवन कर सकते हैं|
  • रात के समय कभी भी भारी भोजन का सेवन न करें| और दाल का पानी आदि का सेवन कर सकते हैं|
  • अंडो का सेवन भी कर सकते हैं|
  • यदि आप माँसाहारी हैं तो मछली के तेल का सेवन करें|
  • पनीर का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए|
  • खाने में गरम रसम या चावल आदि भी ले सकते हैं|
  • इस दौरान आप चाहे तो हल्का फुल्का व्यायाम भी कर सकते हैं|

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छाछ पीना क्यों जरुरी होता है

गर्मी का मौसम आते ही कुछ न कुछ ठंडा पीने की इच्छा होती रहती है। ऐसे में छाछ का सेवन करना आपकी इच्छा को पूरी करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प होता है। लेकिन हम दूकान पर बंद पैकेट में बनने वाली छाछ की बात नहीं कर रहे हैं। बल्कि जो गांव में छाछ यानि लस्सी मिलती है या फिर घर में दही जमाकर उसे फैट कर नमक, भुना जीरा, मिलाकर जो छाछ पी जाती है उसकी बात कर रहे हैं।

लेकिन यदि आप शहर में रहते हैं और पैकेट वाली वाली छाछ का सेवन करते हैं। तो उस पैकेट पर लिखी डेट का ध्यान रखें ताकि आप बासी और नुकसान देने वाली छाछ का सेवन करने से बच सकें। तो आइये अब हम छाछ का सेवन करने के कुछ बेमिसाल फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं जो छाछ पीने आपको मिल सकते हैं।

लस्सी पीने से मिलता है कैल्शियम

  • छाछ डेयरी प्रोडक्ट होता है जिसमे कैल्शियम भरपूर मात्रा में मौजूद होता है।
  • और कैल्शियम का आपकी बॉडी में भरपूर होना आपकी हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • जिससे थकान, कमजोरी, आलस आदि परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • साथ ही यदि आपको दूध पीने का मन नहीं करता है तो ऐसे में दूध के फायदों के लिए छाछ पीना बहुत फायदेमंद होता है।

इम्युनिटी बूस्टर

  • छाछ में विटमिन सी, हेल्दी बैक्टेरिया, कार्बोहाइड्रेट, आदि मौजूद होते हैं।
  • जो आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • जिससे आपको हर तरह के संक्रमण, बिमारियों आदि से बचे रहने में मदद मिलती है।

पाचन में करता है मदद

  • कुछ लोग भोजन के न पचने की समस्या से परेशान रहते हैं।
  • जिसके कारण उन्हें भूख में कमी, कब्ज़, पेट फूलना, पेट का टाइट महसूस होना, जैसी परेशानियां हो सकती है।
  • ऐसे में उन लोगो को छाछ का सेवन करना चाहिए।
  • क्योंकि छाछ का सेवन करने से आपको अपनी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है जिससे खाना आसानी से हज़म हो जाता है।
  • और यदि आप खाने के साथ एक गिलास छाछ में काला नमक, हल्की काली मिर्च डालकर उसका सेवन करते हैं।
  • तो आपको कभी यह दिक्कत नहीं होती है।

लस्सी पीने से होती है एसिडिटी

  • पेट में गैस की समस्या आज कल बहुत ही आम है जिससे लोग बहुत परेशान रहते हैं।
  • और इसके कारण खट्टी डकार, सीने में जलन जैसी समस्या भी आपको हो सकती है।
  • ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए छाछ का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
  • क्योंकि छाछ पीने से खाना अच्छे से पचता है जिसके कारण आपको एसिडिटी जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

ब्लड प्रैशर

  • यदि कोई व्यक्ति छाछ का नियमित सेवन करता है।
  • तो छाछ में मौजूद प्रोटीन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल में रखने में मदद करता है।
  • जिससे आपको इन परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है।

वजन

  • वजन में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है।
  • ऐसे में यदि आप नियमित छाछ का सेवन करते हैं।
  • तो इससे आपके वजन को कम करने में भी मदद मिलती है।

पानी की कमी

  • छाछ का सेवन करने से बॉडी में पानी की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है।
  • जिससे आपको डीहाइड्रेशन की समस्या से बचे रहने और ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है।

लू से बचाव

  • गर्मी के मौसम में लू लगने के कारण आप बहुत ज्यादा बीमार हो सकते हैं।
  • लेकिन गर्मियों में नियमित छाछ का सेवन करने से आपको लू से बचे रहने में मदद मिलती है।

लस्सी पीने से दूर मिलती है जॉइंट पेन से राहत

  • यदि आपको जोड़ो में दर्द की समस्या रहती है तो छाछ का सेवन करने से आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।
  • साथ ही यदि आप वैसे ही नियमित खाने के बाद छाछ का सेवन करते हैं तो आपको इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो छाछ का सेवन करने से आपको मिलते हैं। यदि आप छाछ का सेवन नहीं करती हैं तो आप भी इन फायों को जानने के बाद गर्मियों में एक दिन में एक गिलास का जरूर सेवन करें।

तिल के तेल के चमत्कारिक फायदे

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अन्य तेलों की तरह तिल का तेल भी दुनिया में बड़े स्तर पर प्रयोग किया जाता है। क्योंकि इसमें न केवल त्वचा के लिए लाभकारी गुण पाए जाते है अपितु बालों को पोषित करने की भी खूबी होती है। साथ ही यह स्किन संबंधी बहुत सी परेशानियों और समस्यायों को दूर करने की क्षमता भी रखता है।

सिर्फ सामान्य लोग ही नहीं अपितु वैज्ञानिक भी इस बात की पुष्टि कर चुके है की तिल का तेल स्किन और बालों के लिए बहुत लाभकारी होता है। दरअसल में कई तरह के मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते है जैसे – विटामिन ई, बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शि‍यम, मैग्नीशि‍यम, फॉस्फोरस और प्रोटीन। जो स्किन के साथ साथ बालों के लिए भी बहुत लाभकारी होता है।

तिल का सेवन करने से सेहत और सौंदर्य दोनों की प्राप्ति होती है वहीं दूसरी तरफ इसके तेल का प्रयोग करने से आपके बालों को एक नया जीवन मिलता है। साथ ही उन्हें नमी और पोषण भी मिलता है जो बालों को सुन्दर बनाए रखने के लिए बेहद जरुरी है। इसके अलावा भी तिल के तेल के काफी फायदे है जिनके बारे में सभी को नहीं पता होता।

इसीलिए आज हम आपको तिल के तेल के पूर्ण फायदों के बारे में बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप भी अपने बालों में नयी चमक और जान ला सकते है। तो आइये जानते है तिल के तेल के फायदे।

बालों के लिए तिल के तेल के फायदे :-

1. प्री-मेच्युर हेयर ग्रेइंग :

बालों का असमय सफ़ेद होना आज के समय में आम समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में तिल के तेल से अपने बालों और स्कैल्प की मसाज करें। ये असमय सफ़ेद हुए बालों की समस्या को दूर करने में मदद करता है। और साथ ही आपके बालों के प्राकृतिक रंग को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है। नियमित रूप से इस तेल का प्रयोग करने से अपने बालो को डार्क करने के साथ साथ स्वस्थ भी रखा जा सकता है।

2. बालों की ग्रोथ :

तिल का तेल स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है जिससे बालो की ग्रोथ पर असर पड़ता है। इसमें बहुत अच्छे गुण पाए जाते है जो केमिकल के प्रयोग से हुए डैमेज को ठीक करके बालों की जड़ों को मजबूत करता है।

3. UV rays से बचाये :

तिल का तेल बालों को सूर्य को हानिकारक UV rays से बचाने में भी मदद करता है। इसके लिए जब धुप में बाहर जाना हो तो अपनी स्कैल्प पर तिल का तेल लगाएं। तिल का तेल आपके बालों पर एक सुरक्षित लेयर का निर्माण करता है। जो बालों को सूरज की किरणों से बचाती है। साथ ही प्रदुषण के कारण होने वाले डैमेज से भी बचाती है।

4. जुओं की समस्या :

Scalp massage

तिल के तेल के इस फायदे के बारे में बहुत कम लोग जानते है। जी हां, यह तेल आपके बालों से जूं निकालने का भी काम करता है। प्रयोग के लिए हर बार बालों में शैम्पू करने से पूर्व अपने बालों में तिल का तेल लगाएं। इसकी एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टी स्कैल्प को बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन्स से बचाने में भी मदद करती है।

5. स्मूथ करें :

तिल के तेल में बालों को स्मूथ और मुलायम करने के गुण भी पाए जाते है। हीट उपकरणों के प्रयोग और अन्य कारणों की वजह से बेजान हुए बाल इसकी मदद से ठीक किये जा सकते है। यह स्कैल्प को अंदर और बाहर दोनों ओर से नौरीश करना के काम करता है। साथ ही बालों को नमी भी पहुंचाता है।

6. डैंड्रफ :

रोजाना रात को सोने से पहले अपने बालों में तिल के तेल की मसाज करने से डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। यह डैंड्रफ दूर करके अन्य समस्यायों को बढ़ने से भी रोकता है।

7. रूखे बाल :wet hair

रुट जूस, तिल का तेल और नींबू के रस को एक साथ मिक्स करके प्रयोग करने से बालों के रूखेपन की समस्या का इलाज किया जा सकता है। इसे आप अपनी उँगलियों से स्कैल्प पर लगाकर मसाज करें और पुरे एरिया को कवर करें। रातभर लगे रहने दे और अगली सुबह बाल धो लें। बेहतर परिणामों के लिए एक टॉवल को गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और इसे 30 मिनट के लिए अपने बालों पर लपेट लें। 30 मिनट बाद शैम्पू करें।

8. चमक :

अपनी हथेलियों के बीच तिल के तेल की 2 से 3 बूंद लेकर रगड़ें और उसे अपने बालों पर लगाएं। ये न केवल आपके बालों में शाइन लाएगा अपितु एक बेहतर कंडीशनर के रूप में भी कार्य करेगा।

9. डीप कंडीशनिंग :

प्रयोग के लिए तिल के तेल को थोड़ा गर्म कर लें और उसे किसी भी डीप कंडीशनर के साथ मिक्स करें। अब इस मिश्रण को अपने बालों को लगाएं और 1 घंटे तक लगाएं रखें। बेहतर परिणामों के लिए रातभर इसे लगे रहने दे।

10. डैमेज हेयर :

इस तेल में बहुत लाभकारी गुण पाए जाते है जो डैमेज हेयर को रिकवर करके उन्हें बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही स्कैल्प और बालों को डीप नौरीश करके नमी पहुंचाता है।

11. तनाव के कारण बालों का झड़ना :

तनाव, बालों के झड़ने के पीछे का सबसे मुख्य कारण है। और तिल के तेल की कूलिंग प्रकृति स्ट्रेस को दूर करने में मदद करती है। और इस तरह से यह आपके बालों के झड़ने की समस्या को ठीक करने में अहम भूमिका निभाता है।

गर्भधारण के बाद इन्फेक्शन्स से ऐसे बचें

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गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए बहुत ही खूबसूरत पल और एक अहसास होता है। ऐसे में महिला को प्रेगनेंसी के दौरान हर कदम पर अपना अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। क्योंकि आपकी थोड़ी सी लापरवाही का असर गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर भी पड़ सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिला की बॉडी में बहुत से हार्मोनल बदलाव होते हैं, और इस दौरान महिला को अपना और अच्छे से ध्यान भी रखना पड़ता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के समय महिला को कई तरह के इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है, जो महिला की सेहत के साथ शिशु तक भी पहुँच सकती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इन्फेक्शन से बचने के लिए क्या क्या करना चाहिए आइये जानते हैं।

पानी का करें भरपूर सेवन

पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करने से बॉडी में मौजूद विषैले पदार्थ यूरिन या पसीने के रास्ते बाहर निकल जाते हैं। जिससे की गर्भवती महिला और शिशु दोनों को प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। और दिन में आठ से दस गिलास पानी का सेवन प्रेगनेंसी के समय आपको यूरिन इन्फेक्शन व् अन्य परेशानियों से बचाव करने में मदद करता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी में बॉडी में पानी की कमी होने के कारण भी इन्फेक्शन होने चांस बढ़ जाते हैं ऐसे में गर्भवती महिला को पानी की कमी को बॉडी में नहीं होने देना चाहिए, और पानी के साथ, ताजा जूस, नारियल पानी आदि का सेवन भी भरपूर करना चाहिए। ताकि पानी की कमी पूरी होने के साथ पोषक तत्व भी भरपूर मिलें।

प्रदूषण वाली जगह पर न जाएँ

गर्भवती महिला यदि प्रदूषण वाली जगह पर जाती है तो तो हवा में मौजूद विषैले कण सांस के साथ शरीर में चले जाते हैं, और गर्भनाल के रास्ते शिशु तक भी पहुँच जाते हैं। ऐसे में गर्भवती महिला के साथ शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ने के साथ महिला को तरह तरह के इन्फेक्शन की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में इन्फेक्शन से बचाव के लिए महिला को प्रदूषण वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए।

भीड़भाड़ वाली जगह पर न जाएँ

गर्भवती महिला को ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगह में जाने के कारण भी इन्फेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही इससे शिशु भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, ऐसे में इन्फेक्शन से बचाव के लिए गर्भवती महिला को भीड़भाड़ वाली जगह पर भी नहीं जाना चाहिए।

खान पान में न करें लापरवाही

प्रेगनेंसी के दौरान यदि आप खान पान का अच्छे से ध्यान नहीं रखती है, तो इसके कारण शरीर में कमजोरी के साथ शिशु के विकास की गति भी कम हो जाती है। साथ ही आपके बीमार होने के चांस भी बढ़ जाते हैं, ऐसे में आपको इस बात का ध्यान रखना की आप अपने खान पान में किसी भी तरह की लापरवाही न करें और स्वस्थ रह सकें।

साफ सफाई का रखें ध्यान

साफ़ सफाई न होने के कारण बहुत जल्दी इन्फेक्शन फैलता है, ऐसे में महिला को अपने खान पान का सामान जैसे की सब्जियों फलों आदि को अच्छे से धोने के बाद ही प्रयोग में लाना चाहिए। साथ ही अपने हाथों की साफ़ सफाई, बर्तन की साफ़ सफाई आदि का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यदि आप इनकी साफ़ सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं तो आपके हाथों या आपके खाने के जरिये आपके शरीर में हानिकारक बैक्टेरिया चला जाता है। जो की प्रेगनेंसी के दौरान आपको इन्फेक्शन की समस्या से परेशान कर सकता है।

इम्यून सिस्टम को रखें मजबूत

यदि गर्भवती महिला का इम्यून सिस्टम मजबूत नहीं होता है तो इसके कारण प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इन्फेक्शन की चपेट में आने में बिल्कुल भी समय नहीं लगता है। ऐसे में आपको इस परेशानी से बचने के लिए पोषक तत्वों का भरपूर सेवन करना चाहिए। ताकि आपके शरीर को ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिल सकें। और गर्भवती महिला का इम्यून सिस्टम मजबूत हो, जिससे प्रेगनेंसी के दौरान इन्फेक्शन से बचाव करने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल करके आपको प्रेगनेंसी के दौरान इन्फेक्शन की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है। तो आपको भी इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए, यदि आप गर्भवती हैं तो। इसके अलावा यदि आपको प्रेगनेंसी के दौरान कोई भी समस्या हो या असहज महसूस हो तो आपको एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

दांत सफ़ेद करने के 10 उपाय!

सफ़ेद दांत व्यक्ति के चेहरे की सुंदरता और उसका व्यवहार अन्य लोगो को आकर्षित करता है. जो जितना सुन्दर होता है और जिसकी वाणी जितनी मीठी होती है लोग उसी का मित्र बनना अधिक पसंद करते है. हमारे चेहरे की सुंदरता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हमारी हँसी होती है जो किसी को भी रिझाने के लिए पर्याप्त होती है. इसी प्रकार हँसी को सुन्दर बनाते है हमारे दांत जिनके सफ़ेद होने पर हँसी और भी अच्छी लगती है. हम अक्सर देखते है की कुछ लोगो के दांत बहुत पीले होते है और कई बार उनमे से बदबू भी आती है जो किसी के लिए ही असहनीय होती है. ऐसे में इस तरह के लोगो के साथ उठाना बैठाना कोई भी पसंद नहीं करता. और लोग उनसे दुरी बनाने लगते है.

लेकिन आज के समय में दांतो का पीलापन एक आम समस्या बनता जा रहा है जिससे निजात पाने के लोग महंगे से महंगे tooth प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते है. लेकिन कई बार अलग-अलग ब्रांड की वस्तुओं के इस्तेमाल से ये समस्या और भी बढ़ जाती है. ऐसे में इससे छुटकारा महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आवश्यक भी हो जाता है.

ऐसे तो सभी अपनी-अपनी समझ के अनुसार इस समस्या का उपचार करने के प्रयास करते रहते है लेकिन सभी सफल नहीं हो पाते. ऐसे में वे कुछ ऐसे तरीको का प्रयोग करना पसन्द करते है जिनके प्रयोग से जल्द से जल्द समस्या से छुटकारा पाया जा सके. इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलु उपाय बताने जा रहे है जिनकी मदद से आप अपनी समस्या से राहत पा सकेंगे, और वो भी बिना अधिक पैसे खर्च किये. तो आईये जानते है दांत सफ़ेद करने के घरेलु उपाय!!

दांतो के पीलेपन का कारण :

ऐसे तो ठीक देखभाल न करने और साफ़-सफाई का ध्यान न रखने के कारण ये समस्या उत्पन्न होती है. लेकिन कई बार अनियमित दिनचर्या और खान-पान में बदलाव के कारण भी ये समस्या होना आम है. इसके अलावा और भी कई कारण है दांतो पर पीलापन होने के जिन्हें हम आपको बताने जा रहे है.

  • मीठे का अधिक सेवन करने से.
  • ठीक प्रकार से साफ़-सफाई न करने से.
  • ब्रश न करने से.
  • शराब और धूम्रपान आदि का सेवन करने से.
  • चाय और कैफीन के अधिक सेवन से.
  • सोडा आदि पीने से.

दांत सफ़ेद करने के घरेलु उपाय 

1. बेकिंग सोडा :

  • इसके लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा और थोड़े से टूथ पेस्ट की आवश्यकता होगी.
  • सबसे पहले एक चम्मच बेकिंग सोडा और पेस्ट को अच्छे से मिला लें
  • इसके बाद इस मिश्रण से अपने दांतो को साफ़ करे.
  • बाद में हलके गर्म पानी से कुल्ला करके लें.
  • हफ्ते में दो बार इस उपाय का प्रयोग करें. दांतो की समस्या दूर हो जाएगी.

2. संतरे का छिलका :

  • एक संतरे को छील कर उसका छिलका उतार लें.
  • अब उस छिलके की सफ़ेद तरफ से अपने दांतो को रगड़े.
  • इसके बाद उस रस को कम से कम 3 से 5 मिनट तक अपने दांतो पर लगे रहने दें.
  • अब अपने दांतो में अच्छे से ब्रश कर लें जिससे दांत के किसी भी हिस्से में जूस या उसका गुदा न रहे.
  • इसका प्रयोग रोजाना रात सोने से पहले करे. आपके दांतो का पीलापन धीरे-धीरे समाप्त हो जायेगा.

3. स्ट्रॉबेरी :safed-dant

  • इसके लिए आपको 3 से 4 स्ट्रॉबेरीज़ की आवश्यकता होगी.
  • अब उन स्ट्रॉबेरी को पीस कर एक पेस्ट बना लें.
  • इसके बाद इस पेस्ट से अपने दांतो को रंगकर हलके हाथो से मसाज करें.
  • 3 से 5 मिनट तक रखने के बाद ब्रश करके दांतो को साफ़ कर लें.
  • इसका प्रयोग 10 दिन तक रोजाना रात को सोने से पहले करे. फ़ायदा मिलेगा.

4. Hydrogen Peroxide :

  • इसके लिए 1 चम्मच hydrogen peroxide और एक गिलास गर्म पानी की जरुरत होगी.
  • अब उन दोनों को एक साथ मिला लें.
  • उस पानी को कुछ मिनट के लिए अपने मुह में रखे रहे. और बाद में कुल्ला कर लें.
  • कुछ देर बाद आपके दांत सफ़ेद होने लगेंगे.
  • कम से कम 10 दिन तक इसका उपाय का प्रयोग करने से आपके दांत साफ़ होने लगेंगे.

5. नींबू :

  • एक नींबू और 2 चम्मच नमक लें.
  • सबसे पहले एक नींबू लें और उसे निचोड़कर उसका रस निकाल लें.
  • अब इस जूस में दो चम्मच नमक मिलाकर पेस्ट बना लें.
  • इसके बाद इस मिश्रण से अपने दांतो को रगड़े.
  • अब कुछ मिनट के लिए ऐसे ही रहने दें.
  • उसके बाद गर्म पानी से दांतो को साफ़ कर लें.
  • हफ्ते में दो बार इस उपाय का प्रयोग करे आपके दांतो का पीलापन धीरे-धीरे कम होने लगेगा.

6. नमक :

  • 1 चम्मच नमक और थोड़ा सा टूथ पेस्ट लें.
  • अब थोड़े से टूथपेस्ट में एक चम्मच नमक अच्छे से मिलाकर उस मिश्रण से दांतो में ब्रश करें. जैसे की आप सामान्य तरह से करते है.
  • अपने रोजाना ब्रश करने के रूटीन को नमक और टूथपेस्ट के मिश्रण से रिप्लेस कर दें.
  • आपके दांत धीरे धीरे साफ़ होने लगेंगे.

7. तुलसी :

  • इसके लिए आपको थोड़ी सी तुलसी की पत्तियों की आवश्यकता होगी.
  • सबसे पहले २ घंटे के लिए तुलसी की पत्तियों को धुप में सूखा लें.
  • उसके बाद उन्हें पीसकर एक पाउडर बना लें.
  • अब उस पाउडर को अपने टूथपेस्ट में मिलककर उससे ब्रश करें.
  • रोजाना इसका प्रयोग करने से आपके दांतो की अन्य समस्याएं भी समाप्त हो जाएँगी.

8. चारकोल :

  • इसके लिए 1 चम्मच चारकोल और थोड़ा सा टूथपेस्ट लें.
  • उसके बाद इन दोनों को एक साथ मिलाकर उससे अपने दांतो में ब्रश करे.
  • रोजाना दिन में दो बार इसका प्रयोग करे.
  • दांतो के रंग में आया बदलाव आप खुद महसूस करेंगे.

9. केले का छिलका :Danto ka Pilapan dur karne ke upay

  • इस उपाय को करने के लिए एक केले के छिलके की जरुरत होगी.
  • सबसे पहले बनाना के सफ़ेद वाले हिस्से से अपने दांतो को 2 से 3 मिनट तक रगड़े.
  • अच्छे से रगडने के बाद कुछ मिनट ऐसे हो रहने दे.
  • बाद में अपने रेगुलर टूथपेस्ट से ब्रश कर लें.
  • रोजाना दिन में दो बार इसका इस्तेमाल करे आपके दांतो के रंगों में फर्क आने लगेगा.

10. गाजर :

  • एक गाजर और 1/4 कप नींबू के रस को लें.
  • सबसे पहले गाजर को छील कर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें.
  • अब एक टुकड़े को नींबू के रस में भिगोकर उससे अपने दांतो को रगड़े.
  • इस जूस को कम से कम 3 से 5 मिनट तक दांतो पर लगे रहने दें और बाद में कुल्ला कर लें.
  • दिन में एक बार इसके इस्तेमाल से अआप्के दांत पहले की तरह सफ़ेद हो जायेंगे.

दांत सफ़ेद करने के 10 उपाय, दांतो का पीलापन दूर करने के उपाय, सफ़ेद दांत करने के उपाय, दांतो सफ़ेद करने के लिये क्या करें, जानें 10 घरेलु उपाय

किडनी स्टोन को खत्म करने के घरेलू इलाज

किडनी और मूत्राशय में कैल्शियम, ऑक्जेलिक एसिड, फॉस्फोरस, यूरिक एसिड का आपस में मिलना किडनी स्टोन की समस्या के होने का सबसे प्रमुख कारण है, इसके साथ शरीर में लवणों के असंतुलन से, डीहाइड्रेशन, विटामिन डी का अधिक सेवन करना, और अनियमित खान पान के कारण आपको ये समस्या हो सकती है, और आज कल किडनी स्टोन होना आम बात हो गई है, क्योंकि जीवन शैली में होने वाले परिवर्तन के कारण भी ये परेशानी हो सकती है, इसके होने के कारण आपको पेट के साइड वाले हिस्से में अधिक दर्द होता है,और यह दर्द आपको किसी भी समय उठ सकता है, और कई बार इसका दर्द असहनीय होता है, साथ ही आपको कई बार पेट में हल्का फुल्का दर्द बना रहता है, इसके लिए आपको बाजार में कई तरह की दवाइयां या फिर ऑपरेशन इस समस्या का समाधान होता है, लेकिन कुछ घरेलू उपचार भी हैं जिनका इस्तेमाल नियमित करने से पथरी अपने आप ही निकल जाती है और आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है।

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पथरी होने के लक्षण क्या होते हैं:-

  • अधिकतर आपके पेट में हल्का फुल्का दर्द बना रहता है।
  • बार बार यूरिन डिस्चार्ज करने का मन करता है।
  • और जब भी आप यूरिन पास करते हैं तो आपको दर्द का अनुभव होता है।
  • उलटी आना या अत्यधिक पसीने का आना भी इसका एक लक्षण होता है।
  • कई बार जी मचलने लगता है, और घबराहट भी महसूस होने लगती है।
  • पेशाब के रंग में परिवर्तन आना, बदबू का आना आम बात होती है।

अनार के जूस का प्रयोग करें:-

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एस्ट्रीजेंट गुण होने के कारण किडनी स्टोन से राहत दिलाने में अनार का जूस बहुत फायदेमंद होता है, इसके लिए आप नियमित अनार का जूस पीने के साथ अनार फल को भी फ्रूट चाट बनाकर या सलाद माँ डाल कर खाएं इसके बीजो का सेवन करने से भी आपको फायदा मिलता है, लेकिन नियमित एक अनार का किसी भी रूप में सेवन जरूर करें।

सेब के सिरके का इस्तेमाल करें:-

सेब के सिरके का इस्तेमाल दिन में दो से तीन बार कुछ दिनों तक नियमित करने से आपकी पथरी धीरे धीरे घुलने लगती है, और यूरिन के रास्ते बाहर आ जाती है, इसके लिए एक कप गरम पानी में दो चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद डालकर नियमित दिन में दो बार इसका सेवन करें।

ओलिव ऑयल और निम्बू के रस का सेवन करें:-

नींबू के रस में मौजूद सिट्रिक एसिड आपकी किडनी में कैल्शियम के कारण बनी पथरी को तोड़ने का काम करता है, इसके लिए चार चम्मच जैतून का तेल और चार चम्मच निम्बू का रस अच्छे से मिक्स कर लें, और उसके बाद दिन में दो से तीन बार ऐसे ही इसका सेवन करें, लेकिन इसके बाद पानी एक सेवन भरपूर मात्रा में करें, दो से तीन इस उपचार को करने से आपको फायदा होगा लेकिन यदि कोई असर न लगे तो एक बार आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

राजमा का सेवन करें:-

राजमा में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है, इसकी शेप भी किडनी की तरह होती है इसीलिए इसे किडनी बीन्स के नाम से जाना जाता है, और साथ ही यह आपके ब्लैडर और किडनी से जुडी हर परेशानी का समाधान करने में आपकी मदद करते है, इसके लिए आप राजमा का सेवन भरपूर मात्रा में करें, साथ ही इसे बनाने से पहले साफ़ पानी में भिगो लें, और इस पानी का सेवन भी करें आपको फायदा मिलेगा।

इन्हें भी पढ़ें:- हड्डियों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए इनका सेवन करें

तुलसी का सेवन करें:-

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तुलसी में मौजूद औषधीय गुण आपके शरीर से जुडी हर परेशानी का समाधान करने में आपकी मदद करता है, और इसके इस्तेमाल से थोड़े ही दिनों में आपकी पथरी यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाती है, इसके इस्तेमाल के लिए आप नियमित सुबह तुलसी की तीन या चार पत्तियों को अच्छे से चबाएं, या फिर तुलसी का रस निकालकर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर इसका सेवन करें, ऐसा करने से पथरी अपने आप निकल जायेगी या आप तुलसी की चाय का सेवन भी कर सकते है, इसके लिए आप पहले पानी में तुलसी के पत्तो को अच्छे से उबाल लें, और शुगर की जगह शहद का इस्तेमाल करें।

अनाज के पौधे की पत्तियों का इस्तेमाल करें:-

विटामिन बी, क्लोरोफिल, मैग्नीशियम, आयरन, एमिनो एसिड के गुणों से भरपूर अनाज के पौधे की पत्तियां आपके शरीर में होने वाली किडनी की समस्या से भी निजात दिलाने में आपकी मदद करती है, इसके लिए आप आनाज के पौधे की पत्तियों के एक चम्मच रस में एक चम्मच तुलसी या निम्बू का रस मिलाकर दिन में तीन से तीन बार कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से आपको किडनी स्टोन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

तरबूज का सेवन करें:-

पानी की मात्रा भरपूर होने के साथ मैग्न‍िशियम, फॉस्फेट्स, कार्बोनेट और कैल्शियम से बने किडनी स्टोन के इलाज के लिए तरबूज एक अच्छा और आसान उपाय होता है, साथ ही तरबूज में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम भी मौजूद होता है जो कि स्वस्थ किडनी के लिए बहुत जरुरी होता है,साथ ही पोटैशियम यूरीन में एसिड लेवल को मेंटेन रखने में मदद करता है, और इसके कारण नेचुरल तरीके से शरीर से किडनी स्टोन को बाहर निकालने में यह आपकी मदद करता है।

डॉक्टर से राय लें:-

कई बार एक से अधिक पथरी या पथरी का साइज बड़ा होने के कारण आपको इन उपाय का इस्तेमाल करके आराम नहीं आता है, तो इसके लिए आपको एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए ताकि इस समस्या से राहत पाने में आपको मदद मिल सकें।

किडनी स्टोन से बचने के अन्य उपाय:-

  • अजवाइन के पाउडर का, जूस का या नियमित इसकी चाय का सेवन करने से भी आपको किडनी स्टोन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • साबुत अनाज का भरपूर सेवन करने से इसमें मौजूद फाइबर किडनी में मौजूद कैल्शियम के कारण बनी पथरी के साथ मिलकर उसे धीरे धीरे यूरिन से के रास्ते बाहर निकालने में मदद करता है।
  • पेय पदार्थो का भरपूर सेवन करने के साथ दिन में कम से कम आठ से दस गिलास पानी का सेवन करने से आपको पथरी की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • रोजाना केले का सेवन करने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • करेले का सेवन भरपूर मात्रा में करने, और साथ ही और करेले का जूस पीने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।
  • किडनी स्टोन की समस्या से बचने के लिए जितना हो प्याज का सेवन भी जरूर करना चाहिए।
  • आलू में भी भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है आलू का सेवन भरपूर करने के बाद अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें, इससे भी आपको इस समस्या से आराम मिलता है।
  • आंवले का चूर्ण सुबह नियमित मूली के साथ खाएं इससे भी आपको फायदा मिलेगा।
  • पके हुए जामुन का सेवन करने से भी पथरी की समस्या से राहत मिलती है।

तो ये हैं कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करने से आपको किडनी स्टोन की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, इसके अलावा आपको अपनी जीवनशैली और दिनचर्या को भी बेहतर बनाकर रखना चाहिए ताकि इस समस्या से आसानी से निजात पाने में आपको मदद मिल सकें।

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