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लड़कियों को हॉस्टल भेजने से पहले माता पिता को इन बातों का जरूर पता करना चाहिए?

आज के इस प्रतियोगिता के युग में लड़के और लड़कियों में कोई फर्क नही है, इसीलिए हर माँ बाप चाहते है, की उनकी बेटी भी लड़को की तरह ही कामयाब हो और जीवन में अपना नाम कमाएं, परंतु कई बार ऐसा हो जाता है की लड़की को अवसर तो मिलता है, परंतु उसे हॉस्टल में जाना पड़ता है, और इसमें कोई बड़ी बात भी नहीं है, परंतु माता पिता को लड़की के हॉस्टल में जाने से पहले किन किन बातों का ध्यान रखने चाहिए, क्या आप जानते है?

आज के समय में यदि कुछ करना चाहते है तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है की वो आपको बैठे बैठे मिल जाता है, बल्कि उसके लिए आपको संघर्ष करना पड़ता है, फिर चाहे आप अच्छी एजुकेशन की बात करें, या फिर लड़कियों के बाहर काम करने की, परंतु आज की दिल देहले देने वाली घटनाओ को सुन कर माँ बाप कभी कभी घबरा जाते है, और उन्हें डर लगता है की वो अपनी बेटी को बाहर भेजे न भेजे, आपको उन्हें बिलकुल भेजना चाहिए, और उन्हें बाहर भेजते समय कुछ बातों का ध्यान भी रखना चाहिए, जिसके कारण उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़ें।

कई बार ऐसा हो जाता है की आपको अपनी बेटी को घर से दूर हॉस्टल में रहने के लिए भेजना पड़ता है, ये बिलकुल सच होता है की घर का अहसास हॉस्टल में नहीं मिल सकता है, परंतु यदि आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते है, कुछ करना चाहते है, तो इसके लिए आपको अपनी बेटी को हॉस्टल में भेजने से पहले बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे की हॉस्टल का माहौल कैसा है, वहाँ का स्टाफ कैसा है, कमरे कैसे है, आस पास का माहौल कैसा है, क्या उस होटल में बीते दिनों में गलत बातें तो नहीं हुई है, वहाँ का खान पान कैसा है, ऐसी ही कुछ छोटी छोटी बातों का ध्यान माँ बाप को खास कर बेटियो के हॉस्टल का चुनाव करते समय करना चाहिए।

हॉस्टल का वातावरण कैसा है:-

माँ बाप को अपनी बेटी के लिए हॉस्टल का चुनाव करते समय सबसे पहली बात जिसका ध्यान देना चाहिए, वो ये की हॉस्टल का वातावरण कैसा है इसकी अच्छे से जांच परख कर लें, हॉस्टल में कहा कहा की लडकिया रहती है, कही कुछ लडकिया ऐसी तो नहीं है जो गलत संगत का शिकार है, खास कर तब जब आपकी बेटी के साथ कोई लड़की रूम शेयर करने वाली हो, क्योंकि संगती का बहुत जल्दी असर पड़ता है, इसीलिए माँ बाप को वहाँ की लड़कियों के बारे में अच्छे से पूछ ताछ करनी चाहिए।

सुरक्षा का क्या प्रबंध है:-

हॉस्टल की सुरक्षा प्रबंध के बारे में भी पूरी तरह से जान कारी लेनी चाहिए, वहाँ के गार्ड्स कैसे है, वार्डन कैसी है, क्योंकि आज के समय में हॉस्टल की जो वारदात आती है, उसमे गार्ड्स और वार्डन भी शामिल हुए दिखाएं जाते है, इसीलिए हॉस्टल वालो से गार्ड्स और उनके सुरक्षा के तरीको के बारे में अच्छे से जानकारी लेनी चाहिए, ताकि कभी गार्ड्स और वार्डन की और से कभी शिकायत का मौका न आएं, इसके साथ हॉस्टल में काम करने वाले अन्य लोगो के बारे में और हॉस्टल में कौन कौन से सुरक्षा प्रबंध है इस बारे में भी अच्छे से जानकारी लेनी चाहिए।

वहाँ की सुविधाएं कैसी है:-

हॉस्टल की सुविधाओं के बारे में भी अच्छे से पता करना चाहिए,जैसे की खान पान का क्या सिस्टम है, बाथरूम कैसा है, कमरे कैसे है, लाइट का क्या प्रबंध है, लड़कियों के लिए कौन कौन सी सुविधाएँ है, कैमरा है, क्या वहाँ मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध है, कमरे में रहने के लिए क्या प्रबंध है, पानी के लिये क्या सुविधा है, ऐसी ही कुछ बातों का ध्यान आपको रखना चाहिए, क्योंकि आपकी बेटी वहाँ किस प्रकार रहेगी, क्या उसकी जरूरते वहाँ पूरी हो सकती है, ऐसी ही कुछ बातों का ध्यान रखने के बाद आपको अपनी बेटी को हॉस्टल में भेजना चाहिए।

आस पास का माहौल कैसा है:-

हॉस्टल के आस पास के माहौल पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आस पास का वातावरण भी लड़कियों को खराब कर सकता है, या मुसीबत में दाल सकता है, क्योंकि यदि आपकी बेटी काम करती है, तो वो कभी रात को लेट भी हो सकती है, ऐसे में आस पास का माहौल ऐसा तो नहीं है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ें, और साथ ही क्या दिन के समय भी वहाँ पर से आना जाना सेफ है या नहीं इस बात का भी माँ बाप को हॉस्टल का चुनाव करते समय ध्यान रखना चाहिए।

हॉस्टल का स्टाफ कैसा है:-

हॉस्टल के स्टाफ के बारे में भी अच्छे से जानकारी लेनी चाहिए की वहाँ पर जो स्टाफ काम करता है, वो ठीक है या नहीं क्योंकि टीवी में हर दूसरे दिन ऐसी खबरे आती रहती है, जिसके कारण माँ बाप लड़कियों को हॉस्टल में भेजने से पहले डरते है,होटल के स्टाफ को वहाँ काम करते हुए कितना समय हो गया है, महिला हेल्पर्स लड़कियों के लिए है या नहीं, किसी जरुरत के समय में लड़कियों के लिए स्टाफ किस प्रकार मदद करता है, इस बारे में अच्छे से जानकारी लेनी चाहिए।

हॉस्टल का बैकग्राउंड कैसा है:-

अपनीबेटी को हॉस्टल भेजने से पहले हॉस्टल के बैकग्राउंड के बारे में भी अच्छे से जान कारी लेनी चाहिए, जैसे की उसे खुले कितने साल हो गए है, कही पुराने समय में या आस पास कोई ऐसी दुर्घटना तो नहीं हुई है, जो की नहीं होनी चाहिए, हॉस्टल किस ट्रस्ट का है या प्राइवेट है, ऐसी कुछ बातों से आप हॉस्टल के बेकग्रॉउंड के बारे में अच्छे से जानकारी ले सकते है, और अपनी बेटी के लिए एक अच्छे और सेफ हॉस्टल का चुनाव भी कर सकते है।

वहाँ के नियम और कानूनों के बारे में भी जानकारी लें:-

अपनी बेटी को हॉस्टल भेजने से पहले जहाँ आप अपनी बेटी को भेज रहे है वहाँ के क़ानून के बारे में अच्छे से जान कारी लेनी चाहिए, वहाँ के नियमो के बारे में अच्छे से पता करना चाहिए, क्योंकि यदि वहाँ के कानून और नियम ही सही नहीं होंगे तो इसके कारण आपको परेशानी का सामना करना पढ़ सकता है, और यदि वहाँ के क़ानून और नियम सहीहोंगे तोये आपकी बेटी की सुरक्षा के काम ही आएंगे, और यदि आपको कुछ समझ नहीं आता है, तो इस बारे में आपको वहाँ के स्टाफ से पता करना चाहिए, ऐसे ही आप अपनी बेटी के लिए एक सही हॉस्टल का चुनाव कर सकते है।

तो ये कुछ बातें है जिनका ध्यान आपको लड़कियों के हॉस्टल के चुनाव करते समय करना चाहिए, क्योंकि सुरक्षा करना आपके हाथ में ही होता है, क्योंकि जितना आप सतर्क रहेंगे, उतना ही गलत होने से बचें रहेंगे, अपनी बेटी को भी कैसे रहना चाहिए, किन किन सुरक्षा के तरीको का इस्तेमाल करना चाहिए, किसी भी खतरे का अंदेशा या कुछ अच्छा या बुरा होने पर आपसे जरूर कहे, ऐसी ही कुछ बातों को समझाना चाहिए, एक माँ बाप से अच्छा एक दोस्त की तरह उन्हें समझाएं, ऐसा करने से माँ बाप एक अच्छे हॉस्टल का चुनाव अपनी बेटी के लिए कर सकते है।

होंठो के फटने के कारण व् इन्हें ठीक करने के लिए उपाय

शरीर का चाहे कोई भी अंग हो यदि हम उसकी अच्छे से केयर करते है, तो उसकी कोमलता बनी रहती है, परंतु यदि हम उसकी केयर नहीं करते है, तो इसके कारण आपको समस्या हो जाती है, ऐसे ही आपके होंठ भी है, जब भी आप बात करती है, तो व्यक्ति की नज़र आपके होंठो पर जाती है, साथ ही होंठो पर लगी एक प्यारी सी लिपस्टिक लोगो को आपकी और आकर्षित करती है, परंतु कई बार जब आप अपने होंठो का ध्यान नहीं रखते है, तो इसके कारण आपके होंठ फटने लगते है।

इन्हें भी पढ़ें:- कैसे पाएं गुलाबी होंठ? जानने के लिए पढ़े

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आपकी आँखे हो या आपका चेहरा आपकी पर्सनैल्टी में चार चाँद लगाने में आपकी मदद करता है, उसी प्रकार आपके होंठ भी आपकी पर्सनैल्टी को बढ़ाते है, परंतु कई बार होंठो के रूखे सूखे हो जाने के कारण उनके फटने की समस्या हो जाती है, ज्यादातर ये समस्या सर्दी के समय होती है, इसके अलावा यदि आप अपने होंठो पर हमेशा अपनी जीभ को लगाते रहते है, या फिर उन्हें दांत से काटते है, उनके लिए लिप बाम का इस्तेमाल नहीं करते है, ये हमेशा मुँह से सांस लेते है तो इसके कारण भी आपके होंठ फट जाते है, और इनके फटने के बाद आपका आकर्षण थोड़ा तो कम हो जाता है, तो आइये आज हम आपको कुछ ऐसे कारण बताते जिनके कारण आपके होंठ फट जाते है, और उसके बाद इस समस्या से बचने के लिए कुछ उपाय बताएंगे।

होंठो के फटने के कारण:-

बार बार होंठो पर जीभ लगाने के कारण:-

कई बार जब आपके होंठ सूखे हुए लगते है, तो आप अपनी जीभ को उस पर लगा देते है, जिसके कारण जब वो पहर सूखते है तो आप फिर से ऐसा हो करते है, जबकि ये गलत आदत होती है, इसके कारण आपके होंठ कुछ समय के लिए तो नमी युक्त हो जाते है, परंतु बाद में वो जल्दी जल्दी सूखने लगते है, और धीरे धीरे आपके होंठ ज्यादा फटने लगते है।

काटने के कारण:-

कई बार आपके होंठो की ऊपरी परत हटने लगती है, जिसके कारण आप अपने दांतों की मदद से उसे काटना शुरू कर देते है, इसके कारण आपके होंठो को नुकसान होता है, जिसके कारण आपके होंठ अधिक फटने लगते है।

होंठो के लिए किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करना:-

जब भी आप कही धूप में बाहर निकलते है तो उस समय आप अपनी त्वचा के लिए किसी लोशन या सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करते है, जिसके कारण आपकी त्वचा को धूप से निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट किरणों से सुरक्षा मिल सकें, परंतु फिर ऐसा आप अपने होंठो के लिए क्यों नहीं करते है, इसके कारण भी आपके होंठ फटने लगते है।

मुँह से सांस लेने के कारण:-

जो लोग नाक की जगह मुँह से ज्यादा सांस लेते है, उनके साथ होंठ फटने की समस्या हो जाती है, खास कर ऐसा लोग तब करते है जब उन्हें जुखाम लगा होता है, इसके अलावा बच्चे ज्यादातर ऐसा करते है, इसके कारण भी होंठो के फटने की समस्या शुरू हो जाती है।

शरीर में पानी की कमी होने के कारण:-

जब शरीर में पानी की कमी होती है तो इसके कारण भी आपके होंठ सूखने लगते है, और फट जाते है, पानी की हमी होने के कारण त्वचा अपनी नमी खो देती है, जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है।

इन्हें भी पढ़ें:- परफेक्ट लिपस्टिक लगाने की टिप्स

एलर्जी के कारण:-

कई बार लिपस्टिक के कारण या बाहरी खाने में इस्तेमाल किये प्रोडक्ट्स को खाने के कारण भी आपको होंठो के फटने की समस्या हो जाती है, इसीलिए यदि आपको कभी लिपस्टिक के कारण होता है, तो आपको अच्छी और कंपनी की लिपस्टिक का इस्तेमाल करना चाहिए, कई बार गलत टूथपेस्ट के इस्तेमाल के कारण भी आपको ये समस्या हो सकती है, इसीलिए आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

बीमारी या दवाइयों के सेवन के कारण:-

आपके होंठो के फटने का एक कारण आपका दवाइओ का सेवन करना या शारीरिक रूप से अस्वस्थ होना भी हो सकता है, इसकेलिए आपको डरने की जरुरत नहीहोती है, आपके सवस्थ होने पर आपको इससमस्या से भी राहत मिल जाती है।

शरीर में विटामिन बी और आयरन की कमी के कारण:-

आपके शरीर में जब भी विटामिन बी और आयरन की कमी होती है तो इसके कारण भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है, आपके शरीर में आपको रक्त की जांच समय समय पर करवाते रहना चाहिए।

होंठो को फटने से बचाने के उपाय:-

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  • पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।
  • होंठो की मसाज बादाम के तेल से करनी चाहिए, या फिर मलाई आदि को होंठो पर लगाना चाहिए।
  • होंठो के लिए हमेशा लिप बाम का इस्तेमाल करना चाहिए, खास कर धूप में निकलते समय तो लिप बाम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।
  • रात के समय लिपस्टिक लगाकर कभी नहीं सोना चाहिए, सोने से पहले अपनी लिपस्टिक को अच्छे से हटा देना चाहिए।
  • अपनी जीभ को बार बार अपने होंठो पर नहीं लगाना चाहिए।

यदि आपके होंठ फट गए है तो उन्हें ठीक करने के लिए टिप्स:-

मलाई और हल्दी का इस्तेमाल करें:-

दूध से निकली ताज़ी मलाई में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर अच्छे से अपने होंठो की मसाज करनी चाहिए ऐसा करने से आपके फाटे हुए होंठो को ठीक करने में मदद मिलती है, और दिन में कम से कम इस उपाय को दो बार करना चाहिए।

छाछ और केसर का इस्तेमाल करें:-

छाछ से निकलने वाले मक्खन और केसर को अच्छे से मिक्स कर लें, और उसके बाद इसे अपने होंठो पर अच्छे से लगाएं, ऐसा करने से आपकप अपने फाटे होंठो की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, और साथ ही आपके होंठ गुलाबी और मुलायम हो जाते है।

गुलाब की पत्तियों का इस्तेमाल करें:-

फाटे होंठो की समस्या से राहत पाने के लिए आपको ताज़ी गुलाब की पत्तियो को अच्छे से पीस कर इसमें थोड़ा सा ग्लिसरीन मिलानी चाहिए और उसके बाद इसे अपने होंठो पर लगाएं, ऐसा करने से आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

सरसों के तेल और हल्दी का इस्तेमाल करें:-

musturd oil

सरसों के तेल में थोड़ी सी हल्दी मिलकर इसे पका लें, और उसके बाद इसे अपने होंठो पर लगाएं, ऐसा करने से आपको फाटे होंठो को ठीक करने में मदद मिलती है, और यदि आपको हमेशा ये समस्या रहती है तो आपको सरसों के तेल और हल्दी को अपनी नाभि पर भी लगाना चाहिए इससे आपको इस समस्या से राहत मिलती है, और आप चाहे तो सुबह शाम सिर्फ सरसों का तेल भी अपने होंठो पर लगा सकती है।

घी और नमक का इस्तेमाल करें:-

घी में थोड़ा सा नमक अच्छे से मिला लें, और उसके बाद इसे अच्छे से अपन होंठो और नाभि पर लगाएं ऐसा करने से आपको होंठो के फटने की समस्या से राहत मिलती है, और थोड़े दिन तक नियमित ऐसा करने से आपके होंठो की रंगत को भी वापिस लाने में मदद मिलती है।

अलसी के तेल का इस्तेमाल करें:-

अलसी के तेल से भी यदि आप अपने होंठो की मसाज दिन में दो बार करती है, तो इसके कारण भी आपको फाटे होंठो की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें मौजूद फैटी एसिड आपकी त्वचा को कोमल और मुलायम बनाने में मदद करते है।

खीरा का इस्तेमाल करें:-

खीरा का इस्तेमाल करने से भी आपको फ़टे होंठो की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है, आप खीरे की छोटी छोटी स्लाइसेस काट कर या फिर खीरे का पेस्ट बनाकर भी अपने होंठो पर इस्तेमाल करके अच्छे से मसाज करती है, ऐसा करने से भी आपको इस समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

तो ये कुछ कारण है जिनके कारण आपके होंठ फट जाते है, और ये कुछ टिप्स है जिनका इस्तेमाल डेली लाइफ में करने से आपको इस समस्या का सामना नहीं करना पडता है, और साथ ही यदि आप ऊपर दिए गए इन तरीको का इस्तेमाल करती है तो आपको फ़टे होंठो की समस्या से भी राहत पाने में मदद मिलती है, तो यदि आपको भी ये समस्या है तो आप भी इन तरीको का इस्तेमाल कर सकती है।

बार-बार यूरिन आने के कारण

हमारे शरीर में बहुत सी क्रियाएं चलती रहती है, जैसे की महिलाओं को पीरियड्स आना, शरीर से पसीना निकलना, मुँह में लार बनना, मल पास करना, सफ़ेद पानी आना, यूरिन आना आदि। और एक स्वस्थ व्यक्ति के साथ यह सब कुछ होता है। लेकिन कई बार इन क्रियाओं में यदि असंतुलन हो जाता है तो इसके कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है।

जैसे की कई बार बहुत ज्यादा यूरिन पास करने की इच्छा होती है और इतनी तेज होती है की आपसे यूरिन कण्ट्रोल भी नहीं होता है। ज्यादा यूरिन आने की परेशानी आम होने साथ कई बार किसी समस्या के कारण भी सकती है। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होने के क्या क्या कारण हो सकते हैं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

बहुत ज्यादा पानी

यदि आप बहुत ज्यादा पानी पीते हैं तो उतना ही ज्यादा आपको यूरिन पास करने की इच्छा भी होती है। खासकर ठंडा पानी पीने के कारण आपको ज्यादा दिक्कत होती है। पानी के अलावा कोल्ड ड्रिंक व् अन्य पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने के कारण भी ऐसा हो सकता है।

डाइबिटीज़

जो लोग शुगर की समस्या से ग्रसित होते हैं उन्हें यह समस्या होती है। यदि आपको भी यह परेशानी हो रही है तो आपको एक बार अपने शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

यूरिन इन्फेक्शन

यदि आपको बार बार यूरिन पास करने की इच्छा हो रही है तो इसका एक कारण यूरिन इन्फेक्शन हो सकता है। और यदि आपको यूरिन इन्फेक्शन के कारण बार बार यूरिन आ रहा है तो इस दौरान यूरिन के रंग में बदलाव, यूरिन पास करते समय दर्द, जलन आदि महसूस हो सकता है।

प्रेगनेंसी

गर्भवती महिलाओं को बार बार यूरिन आने की समस्या हो सकती है। क्योंकि गर्भवती महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण किडनी का काम बढ़ जाता है जिसकी वजह से बार बार यूरिन आने की समस्या हो जाती है। साथ ही गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण पेट के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ जाता है जिसके कारण ऐसा होता है।

किडनी में संक्रमण

यदि आपको बार बार यूरिन पास करने की इच्छा हो रही है तो इसका एक कारण किडनी में इन्फेक्शन होना होता है। क्योंकि किडनी में इन्फेक्शन होने के कारण बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है।

दवाइयों का सेवन

हाई ब्लड प्रैशर की दवाइयां, किसी बीमारी से सम्बंधित दवाइयां, आदि का सेवन करने के कारण भी आपको यूरिन पास करने की इच्छा हो जाती है।

बिमारियों के कारण

बुखार, कैंसर, या अन्य किसी भी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारी से ग्रसित होने के कारण भी बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है।

तनाव

ऐसा बिल्कुल नहीं है की केवल शारीरिक बिमारियों के कारण ही यह परेशानी होती है। बल्कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान है, चिंतित है तो इस कारण भी यह दिक्कत हो सकती है।

मौसम

ठण्ड का मौसम होने पर भी यह परेशानी होती है। और ठण्ड के मौसम में तो रात को कई बार लोगो को उठना पड़ सकता है।

नशा

यदि कोई व्यक्ति अल्कोहल या अन्य किसी भी तरह के नशे का सेवन अधिक करता है तो इस कारण भी बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है।

कैफीन

कैफीन युक्त चीजें जैसे की चाय, कॉफ़ी, चॉकलेट आदि का सेवन अधिक मात्रा में करने पर भी किडनी का काम बढ़ जाता है जिसके कारण बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है।

पेट में कीड़े

छोटे बच्चों को यदि यह समस्या है तो इसका कारण पेट में कीड़े होना हो सकता है। ऐसे में बच्चों को यह समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। और इस बात का ध्यान रखें की दिन में कितनी बार आपका बच्चा बाथरूम करता है।

यौन संक्रमण

बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होने का कारण यौन संक्रमण भी होता है। साथ ही यदि आप संक्रमित होते हुए भी सम्बन्ध बनाते हैं तो इसके कारण आपके पार्टनर को भी यह परेशानी होने का खतरा रहता है।

बार बार यूरिन आने की समस्या से बचने के उपाय

  • ठंडा पानी ज्यादा न पीएं।
  • यदि आपको रात को यह परेशानी अधिक होती है तो रात को सोने से पहले जरुरत से ज्यादा पानी न पीएं।
  • दिन में एक कटोरी दही का सेवन करें इसमें मौजूद गुड़ बैक्टेरिया आपको इस परेशानी से बचे रहने में मदद करते हैं।
  • तुलसी के पत्तों का रस निकालकर शहद के साथ लें आपको इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिलेगी।
  • कैफीन युक्त पदार्थ, नशीले पदार्थों का सेवन जरुरत से ज्यादा न करें।
  • बार बार यूरिन आने की समस्या होने पर एक बार डॉक्टर को दिखाएं ताकि इसके सही कारण का पता चल सके।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से आपको बहुत ज्यादा यूरिन पास करने की इच्छा हो सकती है व् इससे बचने के उपाय यदि इसके कारण सामान्य है तो परेशानी की बात नहीं होती है। लेकिन यदि आपको दिक्कत हो रही है या आपको लग रहा है यूरिन के रंग में बदलाव है, यूरिन करने समय दिक्कत भी हो रही है तो एक बार डॉक्टर से जरूर बात करें। ताकि आपको इसके कारण कोई भी परेशानी न हो।

Problem of Frequent Urination

प्रेगनेंसी में गुड़ की पट्टी खानी चाहिए या नहीं

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला केवल उन्ही चीजों का सेवन करना चाहिए। जो पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ गर्भवती महिला व् भ्रूण के लिए फायदेमंद हो। आज हम इस आर्टिकल में गुड़ की पट्टी यानी गजक के सेवन के बारे में बताने जा रहे हैं। की प्रेग्नेंट महिला को को गुड़ से बनी पट्टी का सेवन करना चाहिए या नहीं। प्रेगनेंसी में गुड़ का सेवन गर्भवती महिला सिमित मात्रा में कर सकती है। क्योंकि इससे गर्भवती महिला व् शिशु को बहुत से फायदे मिलते हैं। जैसे की गुड़ आयरन की कमी को पूरा करता है, हड्डियों को मजबूत करता है, ब्लड प्रैशर को कम करने में मदद मिलती है, आदि। लेकिन गजक का सेवन करना चाहिए या नहीं आइये जानते है।

गर्भावस्था में गुड़ की पट्टी खानी चाहिए या नहीं

  • प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी चीज का सेवन करने से पहले उसके बारे में अच्छे से जानना बहुत जरुरी होता है।
  • तो आज हम प्रेगनेंसी में गुड़ की पट्टी का सेवन करें या नहीं करें।
  • इस बारे में इस आर्टिकल में हम जानते हैं।
  • गजक को बनाने के लिए गुड़ को पिघलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
  • साथ ही इसमें मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है।
  • गुड़ को पिघलाकर इस्तेमाल करने से गुड़ की तासीर में गर्माहट ज्यादा बढ़ जाती है।
  • साथ ही मूंगफली का सेवन भी गर्भवती महिला को अधिक न करने की सलाह दी जाती है।
  • और अधिक गर्म तासीर की चीजों का सेवन प्रेग्नेंट महिला को न करने की सलाह दी जाती है।
  • क्योंकि इसके कारण गर्भपात व् समय पूर्व प्रसव जैसी परेशानियां प्रेग्नेंट महिला को हो सकती है।
  • इसीलिए जितना हो सके प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को गुड़ की पट्टी का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • साथ ही अन्य चीजें जिनकी तासीर गर्म होती है।
  • उनके सेवन से परहेज रखना चाहिए।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान गजक के सेवन से जुड़े कुछ टिप्स। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और गुड़ की पट्टी का सेवन करने की सोच रही है। तो उससे पहले आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होने बहुत जरुरी है। की गजक का सेवन प्रेग्नेंट महिला के लिए कितना हानिकारक हो सकता है।

गर्भावस्था में यह खाने से शिशु को रहता है बीमारियों का खतरा

प्रेगनेंसी में नहीं खाएं यह आहार, प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपने खान पान का बेहतर तरीके से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। क्योंकि महिला द्वारा लिया गया आहार महिला के साथ शिशु तक भी पहुँचता है। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला कुछ ऐसा खा लें जो की उसे नहीं खाना चाहिए। तो इसके कारण केवल महिला को ही नहीं बल्कि शिशु को भी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी होने का खतरा रहता है। जिसके कारण माँ के पेट में पल रहे बच्चे के शारीरिक के साथ दिमागी विकास में भी कमी आ सकती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे आहार के बारे में बताने जा रहे हैं जो प्रेग्नेंट महिला को नहीं खाने चाहिए क्योंकि उनसे शिशु को बीमारी या विकास में कमी होने का खतरा रहता है।

प्रेगनेंसी में नहीं खाएं डिब्बाबंद आहार

  • प्रेग्नेंट महिला को डिब्बाबंद आहार का सेवन गलती से भी नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि इन आहार को पैक करने के लिए प्लास्टिक या अन्य जिस भी मैटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है।
  • उसमे बिस्फेनॉल ए नामक रसायन मौजूद होता है जो यदि शिशु तक पहुँच जाता है।
  • तो इसके कारण शिशु के शारीरिक व् मानसिक विकास में कमी आने के साथ शिशु को जन्म दोष होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • यहां तक की यदि प्रेग्नेंट महिला प्लास्टिक की बोतल में पानी पीती है।
  • तो प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने के कारण भी शिशु को बिमारी होने का खतरा रहता है।

सी फ़ूड

  • वैसे प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला चाहे तो मछली का सेवन कर सकती है।
  • लेकिन गर्भवती महिला को उन मछलियों का सेवन करने से बचना चाहिए जिनमे मर्करी की मात्रा की अधिकता होती है।
  • क्योंकि मर्करी वाली मछली का सेवन यदि प्रेग्नेंट महिला करती है तो इसके कारण शिशु के विकास में कमी, वजन में कमी, समय पूर्व प्रसव, गर्भपात जैसी परेशानियां होने का खतरा रहता है।

कच्चा मास

  • कच्चा मास भी गर्भवती महिला को नहीं खाना चाहिए।
  • क्योंकि कच्चे मास में बहुत से बैक्टेरिया मौजूद होते हैं।
  • और ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला कच्चे मास का सेवन करती है तो यह बैक्टेरिया शिशु तक पहुँच सकता है।
  • और इसके कारण शिशु के शारीरिक विकास में कमी आने के साथ दिमाग से सम्बंधित बिमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

प्रेगनेंसी में नहीं खाएं कच्चे अंडे

  • कच्चे अंडे में लिस्टेरिया व् साल्मोनेला जैसे बैक्टेरिया मौजूद होते हैं।
  • ऐसे में गर्भवती महिला यदि इसका सेवन करती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला को डायरिया जैसी दिक्कत हो सकती है।
  • साथ ही यह बैक्टेरिया शिशु तक पहुंचकर पेट में पल रहे बच्चे के शारीरिक व् दिमागी विकास को प्रभावित कर सकता है।
  • इसके अलावा जन्म के समय शिशु के वजन में कमी, समय पूर्व प्रसव जैसी परेशानियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

कटे पड़े फल व् सब्जियां

  • यदि आपने फल या सब्जियों को काटकर बिना ढके हुए थोड़ी देर तक रख दिया है तो उनका सेवन भी प्रेग्नेंट महिला को नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि इन फलों व् सब्जियों पर भी बैक्टेरिया का जमाव हो सकता है।
  • जो गर्भवती महिला के शरीर में जाकर शिशु तक पहुँच सकते हैं।
  • और यदि ऐसा होता है तो इसके कारण बच्चे के विकास पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
  • साथ ही महिला के साथ शिशु को भी संक्रमण का खतरा रहता है।

नशीले पदार्थ

  • गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान नशीले पदार्थ जैसे की अल्कोहल, तम्बाकू, धूम्रपान आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि यदि आप इनका सेवन करती हैं तो इनका असर गर्भनाल के रास्ते शिशु तक पहुँच सकता है।
  • जिसके कारण न केवल शिशु के शारीरिक विकास में कमी आ सकती है जैसे की शिशु का जन्म के समय वजन कम हो सकता है।
  • बल्कि इसके कारण शिशु का मानसिक विकास भी कम हो सकता है।

प्रेगनेंसी में नहीं खाएं दवाइयां

  • प्रेगनेंसी के समय यदि डॉक्टर से बिना सलाह किये बिना आप एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करती है।
  • तो इसका असर गर्भनाल के रास्ते शिशु तक पहुँच सकता है।
  • जिसके कारण शिशु के विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ आहार जो प्रेग्नेंट महिला को नहीं खाने चाहिए। क्योंकि इनसे बच्चे के विकास और उसके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिला को पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करना चाहिए। जिससे प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने व् गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बेहतर तरीके से होने में मदद मिल सके।

कौन-कौन सी चीजों का सेवन प्रेगनेंसी के नौवें महीने में नहीं करना चाहिए

प्रेगनेंसी का नौवां महीना लगते ही महिला अपने बच्चे की आने की तैयारियां करने लगती है और उस पल का बेसब्री से इंतज़ार करती है की कब उसकी डिलीवरी होगी। साथ ही इस दौरान महिला की शारीरिक परेशानियां भी बढ़ सकती है। ऐसे में बच्चे के आने की ख़ुशी के उत्साह में महिला को अपनी सेहत का ध्यान रखने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए जिसके कारण डिलीवरी में दिक्कत हो जाये। साथ ही इस दौरान महिला को अपने खान पान का भी ध्यान रखना चाहिए। जैसे की कुछ चीजें हैं जिनका सेवन प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि उनका सेवन करने से माँ व् बच्चे दोनों को दिक्कत हो सकती है। जैसे की:

गैस बनाने वाले आहार

वजन बढ़ने के कारण प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को वैसे भी कब्ज़ व् पाचन क्रिया से सम्बंधित परेशानियां अधिक हो सकती है। ऐसे में ऐसी चीजों का सेवन करना जिसे कहने से महिला को गैस बनती है महिला की पेट सम्बन्धी परेशानियों को बढ़ा सकती है। तो महिला को ऐसी कोई दिक्कत न हो इसके लिए महिला को ऐसी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।

कच्चा दूध

प्रेग्नेंट महिला को नौवें महीने में कच्चे दूध का सेवन करने से भी बचना चाहिए। क्योंकि कच्चे दूध में बेड बैक्टेरिया मौजूद होता है। जिसकी वजह से माँ व् बच्चे दोनों को संक्रमण होने का खतरा होता है।

कैफीन

नौवें महीने में महिला को ज्यादा चाय, कॉफ़ी, चॉकलेट आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियां अधिक होने के साथ शिशु के वजन में कमी जैसी समस्या होने का खतरा भी रहता है।

कच्चे अंडे, कच्चा मास, मर्करी युक्त मछली

गर्भावस्था के नौवें महीने में महिला को कच्चे अंडे, कच्चे मास व् मर्करी युक्त मछली का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें लिस्टेरिया, साल्मोनेला, इ कोलाई जैसे बैक्टेरिया मौजूद होते हैं जो माँ व् बच्चे दोनों की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। साथ ही इसके कारण डिलीवरी में भी कॉम्प्लीकेशन्स आने का खतरा होता है।

नशीली चीजें

प्रेगनेंसी के आखिरी महीने में महिला को शराब, तम्बाकू, धूम्रपान आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनके कारण डिलीवरी में कम्प्लीकेशन आने के साथ जन्म के समय शिशु के वजन में कमी, दिमागी विकास में कमी व् और भी दिक्कतें होने का खतरा बढ़ जाता है।

जंक फ़ूड

गर्भावस्था के नौवें महीने में प्रेग्नेंट महिला को जंक फ़ूड भी नहीं खाना चाहिए। क्योंकि जंक फ़ूड खाने से महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियां अधिक होने का खतरा रहता है।

तो यह हैं कुछ चीजें जिनका सेवन प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को नहीं करना चाहिए। इसके अलावा किसी भी सब्ज़ी या फल का प्रयोग करने से पहले उसे अच्छे से धो लेना चाहिए ताकि उस पर मौजूद बेड बैक्टेरिया के कारण आपकी सेहत को कोई नुकसान न हो। और जितना हो सके आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन्स से भरपूर आहार लेना चाहिए। जिससे माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके, प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को अधिक परेशानियां न हो और डिलीवरी में किसी भी तरह की दिक्कत न आये।

प्रेगनेंसी में म्यूजिक सुनने के फायदे

अघिकतर लोग जब खुश होते या उदास होते दोनों ही सिचुवेशन में वो गाना सुनना पसंद करते हैं बस कौन सा गाना सुनना है इसमें उनकी पसंद बदल जाती है। जैसे की खुश है तो ख़ुशी वाला गाने सुनने का मन करता है और यदि उदास हैं और सैड गाने सुनने का मन करता है क्योंकि ऐसा करने से उन्हें ख़ुशी मिलती है। ठीक ऐसा ही गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान भी कर सकती है। अब आप सोच रहे होंगे की प्रेगनेंसी और म्यूजिक दोनों का आपस में क्या सम्बन्ध है। तो परेशान मत होइए क्योंकि अब इसी सवाल का जवाब हम आपको देने जा रहे हैं।

क्यों है प्रेगनेंसी में संगीत सुनना फायदेमंद?

प्रेगनेंसी में गाना सुनना महिला के लिए थेरेपी का काम करता है। क्योंकि जब महिला गाने सुनती है तो इससे महिला खुश होती है, महिला को रिलैक्स महसूस होता है महिला का दिमाग रिलैक्स होता है, मूड रिफ्रेश होता है। और जब महिला खुश होती है तो इसका फायदा बच्चे को मिलता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की महिला बहुत तेज आवाज़ में गाने सुने या सारा दिन गाने सुनती रहे। क्योंकि जरुरत से ज्यादा कोई भी चीज नुकसानदायक होती है।

और ऐसा करने से बच्चे को परेशानी हो सकती है वो गर्भ में चौंक जाता और तेजी से हलचल करने लगता है, साथ ही इसका असर शिशु के सुनने की क्षमता पर भी पड़ सकता है और महिला भी खुश होने की जगह चिड़चिड़ाहट महसूस करती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान म्यूजिक के फायदे के लिए प्रेग्नेंट महिला को धीमी आवाज़ में मधुर संगीत सुनना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में म्यूजिक सुनने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं।

तनाव कम होता है

प्रेगनेंसी के दौरान संगीत सुनने से महिला मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस करती है। क्योंकि गाने सुनने से महिला के दिमाग में चल रहे नकारात्मक विचारों को थोड़ी देर आराम मिलता है। जिससे यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान किसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान होती है। तो उससे निजात मिलता है जिससे तनाव जैसी परेशानी से महिला को बचे रहने में मदद मिलती है।

महिला का मूड ठीक रहता है

म्यूजिक किसी दवाई से कम नहीं होता है और यह एक ऐसी दवाई होती है जो आपके मूड को तुरंत ठीक कर देती है। यदि किसी कारण प्रेग्नेंट महिला का मूड खराब होता है। तो म्यूजिक सुनने से महिला का मूड बिल्कुल ठीक हो जाता है और महिला खुश हो जाती है।

महिला रिलैक्स महसूस करती है

प्रेग्नेंट महिला के लिए म्यूजिक एक ऐसी थेरेपी होती है जो महिला को रिलैक्स महसूस करने में मदद करती है फिर चाहे महिला मानसिक रूप से थकी हुई हो या शारीरिक रूप से, ऐसे में यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आप भी घबराहट, थकान आदि का अनुभव कर रही है। तो आपको मधुर संगीत सुनना चाहिए क्योंकि इससे महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस होता है।

बच्चे का विकास बेहतर होता है

म्यूजिक सुनने से प्रेग्नेंट महिला को बहुत से फायदे मिलते हैं जिससे प्रेग्नेंट महिला खुश रहती है स्वस्थ रहती है। और जब प्रेग्नेंट महिला खुश और स्वस्थ रहती है तो गर्भ में पल रहे शिशु को भी खुश और स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। और म्यूजिक सुनने से शिशु का शारीरिक विकास बेहतर होने के साथ दिमागी विकास बेहतर होने में भी मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ बेहतरीन फायदे जो म्यूजिक सुनने से प्रेग्नेंट महिला व् बच्चे मिलते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें की तेज आवाज़ में और पूरा दिन गाने न सुने। बल्कि प्रेगनेंसी में म्यूजिक के इन फायदों को लेने के लिए थोड़ी देर गाने सुनना ही फायदेमंद होता है।

सर्दियों में प्रेग्नेंट महिला को कौन से फल खाने चाहिए

सर्दियों में गर्भवती महिला को कौन से फलों का सेवन करना चाहिए, मौसम के अनुसार प्रेग्नेंट महिला को अपने खान पान में भी बदलाव करना चाहिए। ताकि मौसम में आई सब्जियों व फलों का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिल सकें। जिससे प्रेग्नेंट महिला व गर्भ में पल रहे शिशु को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। तो आज हम इस आर्टिकल में प्रेग्नेंट महिला को सर्दियों में कौन से फलों का सेवन करना चाहिए इस बारे में बताने जा रहे हैं। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आप भी इन फलों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेग्नेंट महिला को सर्दियों में किन फलों को खाना चाहिए।

सर्दियों में गर्भवती महिला करें अनार का सेवन

  • खट्टे-मीठे स्वाद और भरपूर गुणों से भरपूर अनार का सेवन प्रेग्नेंट महिला सर्दियों के दौरान कर सकती है।
  • अनार में फाइटोकैमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, आयरन, विटामिन भरपूर मात्रा में मौजूद होते है।
  • जिससे यह प्रेगनेंसी के दौरान कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने, ब्लड प्रैशर को सामान्य रखने, हृदय को स्वस्थ रखने, इम्युनिटी को मजबूत रखने, खून की कमी को पूरा करने, पाचन सम्बन्धी समस्या से निजात पाने में मदद करता है।
  • लेकिन अनार का सेवन करते हुए एक बात का ध्यान रखना चाहिए की सुबह खाली पेट अनार का सेवन न करें।
  • क्योंकि अनार की तासीर ठंडी होती है जिससे सर्दी में होने वाली परेशानी का खतरा रहता है।

सेब

  • सेब एक ऐसा फल है जो हर सीज़न में मिल जाता है और गर्भवती महिला के लिए यह बहुत फायदेमंद भी होता है।
  • फाइबर, विटामिन, मिनरल्स, फाइटोन्यूट्रिएंट्स, आयरन, एंटी ऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व सेब में भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • जो प्रेग्नेंट महिला के शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने, इम्युनिटी को मजबूत करने, पाचन क्षमता को बेहतर रखने में मदद करते हैं।
  • जिससे प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने व गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

सर्दियों में गर्भवती महिला करें अमरुद का सेवन

  • सर्दियों के मौसम में अमरूद को फलों का राजा कहा जाता है।
  • खाने में स्वादिष्ट होने के साथ यह पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है।
  • अमरुद में फाइबर, विटामिन्स, व अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जो प्रेग्नेंट महिला के शरीर को फिट और स्वस्थ रखने के साथ इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
  • साथ ही इससे ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, पाचन तंत्र में सुधार करने, और भूख में सुधार करने आदि में मदद करता है।

कीवी

  • सर्दियों के मौसम में प्रेग्नेंट महिला को कीवी का सेवन भी जरूर करना चाहिए।
  • क्योंकि इसमें फाइबर, फाइटो कैमिकल्स, विटामिन्स, ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जिससे यह प्रेग्नेंट महिला की इम्यूनिटी पावर बढ़ाने, फ्री रेडिकल्स से बचाव करके हृदय को स्वस्थ रखने, पाचन क्रिया को बेहतर रखने, प्रतिरोधक क्षमता बढाकर वायरल संक्रमण से होने वाले जुकाम-खांसी, फ्लू आदि से बचाव करता है।
  • साथ ही यह कोलेजन सेल्स का निर्माण कर स्किन की ख़ूबसूरती को बरकरार रखने में मदद करता है।

सर्दियों में गर्भवती महिला करें अंगूर का सेवन

  • अंगूर विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल, गुणों से भरपूर होता है।
  • और सर्दी के मौसम में प्रेग्नेंट महिला इसका सेवन सिमित मात्रा कर भी सकती है
  • अंगूर का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को थकान दूर करके ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है
  • साथ ही गर्भवती महिला के हदय को स्वस्थ रखने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद मिलती है।

सिट्रस फल

  • सर्दियों के मौसम में संतरा, कीनू जैसे खट्टे जूसी सिट्रस फल मार्किट में भरपूर मिलते हैं।
  • प्रेगनेंसी के दौरान यह फल बहुत फायदेमंद होते हैं।
  • क्योंकि इसमें विटामिन सी, फाइबर, फाइटोकैमिकल्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • साथ ही सर्दियो में इनका सेवन करने से प्रेगनेंसी महिला की इम्युनिटी को बढ़ाने, पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद मिलती है।
  • इसके अलावा और भी स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदे इन फलों को खाने से मिलते हैं।
  • साथ ही यह शिशु के विकास के लिए भी फायदेमंद होते हैं।

सर्दियों में फलों का सेवन करते हुए इन बातों का ध्यान रखें

  • फ्रिज में रखे ठन्डे फलों का सेवन करने से बचें।
  • फलों का रस भी यदि निकाल रहे हैं तो ज्यादा ठंडा जूस नहीं पीना चाहिए।
  • अच्छे से धोने के बाद ही फलों को खाने में प्रयोग में लाना चाहिए।
  • दागी, कटे हुए या ढीले फलों से बचें, क्योंकि ऐसे फलों में विषैले पदार्थों के होने का खतरा होता है।
  • बहुत देर तक कटे पड़े रखें फल न खाएं।

तो यह हैं सर्दियों के मौसम में प्रेग्नेंट महिला को कौन से फल खाने चाहिए उससे जुडी सम्पूर्ण जानकारी। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और सर्दियों का मौसम है। तो इन फलों का सेवन गर्भवती महिला को जरूर करना चाहिए।

मुँह में छाले का इलाज घर पर ही ऐसे करें

मुँह में छाले होना वैसे तो एक आम समस्या है लेकिन इसके होने पर व्यक्ति बहुत परेशान हो जाता है। क्योंकि इसके कारण न कुछ अच्छे से खाया जाता है और बोलने में भी परेशानी होती है। कई बार तो इनमे दर्द भी होने लगता है। मुँह में छाले होने का कारण आपका मसालेदार खाना खाना, मुँह में किसी चीज का लगना जैसे की ब्रश आदि, पेट से सम्बन्धी समस्या या और भी बहुत कारण हो सकते हैं जिसके कारण आपको मुँह में छाले की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है। और यह जीभ, होंठ या मुँह में कई भी हो सकते है, तो आज हम आपको इस समस्या से बचने के लिए कुछ ऐसे आसान नुस्खे बताने जा रहें है जिनका इस्तेमाल करने के बाद आपको इस समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।

मुँह में छाले होने के कारण:-

  • कब्ज़ होने, पेट में गर्मी होने के कारण आपको यह समस्या हो सकती है।
  • मुँह व् दांतों की अच्छे से साफ़ सफाई न करने के कारण भी मुँह में छाले हो सकते है।
  • ब्रश करते समय ब्रश के मुँह में लगने के कारण भी ऐसा हो सकता है।
  • अचानक बोलते बोलते कभी जीभ कट जाती है तो भी मुँह में छाले हो सकते है।
  • अधिक गर्म खाना खाने, ज्यादा तीखा खाने, मसाले वाला खाना खाने के कारण भी आपको मुँह में होने वाले छाले की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • शरीर में आयरन व् विटामिन की कमी होने के कारण भी आपको बार बार मुँह में छाले होने की समस्या हो सकती है।
  • मुँह में छाले होने का कारण आपका तनाव भी हो सकता है।

मुँह के छाले का इलाज:- मुँह के छाले का इलाज आसानी से आप घर पर ही कर सकते है। और इसके लिए आपको किसी दवाई की भी जरुरत नहीं होती है। तो आइये अब जानते हैं की मुँह के छालों का इलाज आप घर पर ही कैसे कर सकते है।

तुलसी है मुँह के छालों के लिए फायदेमंद:- इस उपाय को करने के लिए आप पांच या छह तुलसी के पत्तों को अच्छे से पीस लें, और उसके बाद उनका रस निकाल लें। अब इसे अच्छे से अपने मुँह के छालों पर लगाएं और छोड़ दें। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें इससे आपको फायदा मिलेगा।

बर्फ के टुकड़ो का इस्तेमाल:- आइस क्यूब लेकर अपने छालों पर रख दें, इससे आपको ठंडक का अहसास होगा। ऐसा दिन में तीन से चार बार करें आपको बहुत जल्दी इस समस्या से बचाव करने में मदद मिलेगी।

हल्दी है मुँह के छालों के लिए जादुई उपचार:- एक गिलास पानी में आधा चम्मच हल्दी डालकर अच्छे से उबाल लें। उसके बाद इस पानी के गुनगुना रहने पर दस से पंद्रह बार इससे अच्छे से कुल्ला करें इससे आपके मुँह के छालों को खत्म करने में बहुत तेजी से मदद मिलती है।

अरहर की दाल भी है फायदेमंद:- मुँह के छाले की समस्या को दूर करने के लिए आप एक चम्मच अरहर दाल को पीस कर एक पेस्ट तैयार करें। उसके बाद इस पेस्ट को अपने छालों पर लगाएं। और छोड़ दें, ऐसा दिन में दो से तीन बार करें इससे आपको मुँह के छालों को खत्म करने में फायदा मिलता है।

नारियल पानी का इस्तेमाल करें:- नारियल पानी का सेवन करने से आपके पेट की गर्मी दूर होती है जिससे मुँह में होने वाले छाले की समस्या से भी आराम मिलता है। इसके साथ आप यदि आधे चम्मच शहद में आधा चम्मच नारियल का दूध मिलाकर एक पेस्ट तैयार करती है। और इस पेस्ट को अपने मुँह के छालों पर लगाती है। तो ऐसा करने से भी आपको मुँह के छालों की समस्या से निजात पाने में आपको मदद मिलती है। और नारियल पानी का सेवन भी दिन में दो बार जरूर करें।

कत्थे का इस्तेमाल करें:- पान में लगाने वाले कत्थे का इस्तेमाल करने से भी आपको मुँह के छाले से आराम मिलता है। इसके लिए पान का थोड़ा सा कत्था लें उसके बाद उसमे थोड़ा सा शहद और थोड़ी सी मुलहठी मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। उसके बाद इस पेस्ट को अच्छे से अपने मुँह के छालों पर लगाए ऐसा दिन में दो बार जरूर करें इस उपाय से आपको बहुत जल्दी मुँह के छाले को ठीक करने में मदद मिलती है।

घी का करें प्रयोग:- रात को सोने से पहले अपने मुँह के छालों पर ऊँगली की मदद से घी लगाएं। और सो जाएँ आपको सुबह उठकर खुद ही आराम महसूस होगा। ऐसा नियमित रात को करें जब तक आपके छाले अच्छे से ठीक नहीं हो जाते हैं।

हरे धनिये का करें प्रयोग:- मुँह के छालों की समस्या को दूर करने के लिए हरा धनिया भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप थोड़ा सा ताजा हरा धनिया लें, और उसके बाद उसे पीस कर उसमे से रस निकाल लें। अब इस रस को अपने छालों पर लगाएं, ऐसा दिन में दो से तीन बार करें आपको मुँह के छालों की समस्या से आराम पाने में मदद मिलती है।

कच्चे दूध का इस्तेमाल करें:- आधी कटोरी कच्चे दूध से रात को सोने से पहले आठ दस बार करुली करें। इससे आपको ठंडक मिलती है और आपके छाले की समस्या को तेजी से खत्म होने में मदद मिलती है।

अमरुद के पत्तों का इस्तेमाल करें:- अमरुद के पांच छह ताजे पत्ते तोड़कर उनका रस निकाल लें, अब इस रस को अच्छे से अपने छालों पर दिन में दो से तीन बार लगाएं। आपको आराम मिलेगा इसके अलावा यदि आप अमरुद के पत्ते में कत्था लगाकर उसे पान की तरह चबाते हैं तो भी आपको अपने मुँह के छालों से आराम मिलता है।

नमक दे जलन के साथ आराम:- गुनगुने पानी में नमक डालकर अच्छे से कुल्ला करें इससे आपको थोड़ा जलन और दर्द का अनुभव हो सकता है। लेकिन बहुत जल्दी आपको इस समस्या से बचाव करने में भी मदद मिलती है।

मुँह के छालों से बचने के अन्य उपाय:

  • लहसुन की कलियों को पीस कर पेस्ट तैयार करें और उसके बाद इसे छालों पर लगाएं और थोड़ी देर बाद कुल्ला कर लें इससे आपको फायदा मिलेगा।
  • मुँह के छाले की समस्या को दूर करने के लिए शहद भी फायदेमंद होता है।
  • एलोवेरा जैल का इस्तेमाल मुँह के छालों के लिए करने से आपको फायदा मिलता है।
  • फिटकरी के पानी से कुल्ला करने या फिटकरी को पीस कर छाले पर लगाने से आराम मिलता है।
  • टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल भी छालों पर करने से आपको आराम मिलता है।
  • ग्लिसरीन लगाने से भी आपको फायदा मिलता है।
  • छाले होने पर आपको अपने आहार में ठंडी चीजों को शामिल करना चाहिए।
  • ज्यादा मसालेदार चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिनका इस्तेमाल करके आप आसानी से घर पर ही मुँह के छालों की समस्या का इलाज घर पर ही बैठ कर कर सकते हैं। इसके अलावा आपको ज्यादा मसालों का सेवन नहीं करना चाहिए, मुँह की साफ सफाई करते हुए ध्यान रखना चाहिए, पेट की सफाई का ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको इस समस्या का सामना ही न करना पड़े। और यदि आपको मुँह में छाले हो जाते है तो आप ऊपर दिए गए टिप्स का इस्तेमाल करके आसानी से अपनी इस समस्या का समाधान कर सकते है।

सुबह गर्म पानी पीने के फायदे

Benefits of Drinking Lukewarm Water : वर्तमान की भागदौड़ भरी जिन्दगी में अधिकतर लोग अपने खान पान का ध्यान नहीं रख पाते जिसका प्रभाव उनकी सेहत पर दिखता है। सही खान पान नहीं लेने की वजह से किसी को डिहाइड्रेशन, तो किसी को सर्दी जुखाम आदि समस्या बनी रहती है। इसके अलावा बे-टाइम भोजन करने से लोगों का वजन भी घटता-बढ़ता रहता है। जिसकी वजह से कुछ तो बहुत मोटे हो जाते है जबकि कुछ का खाया पिया उनके शरीर को लगता ही नहीं। ऐसे में करें तो क्या?

पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी होता है ये बात तो हम सभी भली भांति जानते है। और अच्छे स्वास्थ्य के लिए दिन में कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी का सेवन करना चाहिए। माना गर्मी की वजह से सभी की प्यास अपने आप ही बढ़ जाती है लेकिन उसे बुझाने के लिए ठंडे पानी की बजाय यदि गर्म पानी का सेवन किया जाए तो यह शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है।

गर्म पानी शरीर में मौजूद गंदगी और सभी जहरीले तत्व (toxins) बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा कब्ज, गैस और पेट संबंधी अन्य समस्यायों को भी दूर करने में मदद करता है। गर्म पानी पीने से न केवल डाइजेस्टिव सिस्टम अपितु हेयर और स्किन भी स्वस्थ रहते है। इसके अलावा भी गर्म पानी पीने के बहुत से लाभ होते है जिनके बारे में यहाँ हम आपको बता रहे है।

गर्म पानी पीने के फायदे :-

1. ग्लोइंग स्किन :

गर्म पानी स्वास्थ्य के साथ-साथ स्किन के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। किसी भी तरह की त्वचा संबंधी समस्या में गर्म पानी का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। यह स्किन में नैचुरली ग्लो लाने में भी मदद करता है। इसके लिए रोजाना सुबह जागकर गर्म पानी का सेवन करना शुरू कर दें। कुछ ही दिनों मे आपकी स्किन चमकने लगेगी और सभी समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

2. भूख बढाने के लिए :

बहुत से बच्चे / बड़े होते है जिन्हें अपने शरीर की जरूरत के अनुसार भूख नहीं लगती। इस स्थिति मे गर्म पानी सहायक हो सकता है। जिन लोगों को भूख नहीं लगने की समस्या होती है वे रोजाना एक ग्लास गर्म पानी में काली मिर्च, नमक और नींबू का रस डालकर पानी का सेवन करें। इसे आपको सुबह खाली पेट पीना है। रोजाना इस्तेमाल से आपकी भूख बढ़ने लगेगी।

3. मुहांसों की समस्या :acne 1

लड़के हो या लड़कियां आजकल सभी के फेस पर मुहांसों की समस्या देखने को मिलती है। जिसका मुख्य कारण होता है शरीर और ब्लड में मौजूद अशुद्धियाँ। अगर आपके फेस पर भी लगातार बार-बार मुहांसे होते रहते है तो इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट गर्म पानी का सेवन करें। पिंपल की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

4. ब्लड सर्कुलेशन बढाए :

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ब्लड सर्कुलेशन का बेहतर होना बहुत जरुरी होता है और गर्म पानी इसमें मदद करता है। किसी व्यक्ति का यदि ब्लड सर्कुलेशन ठीक हो तो वह हर तरह की बिमारियों से बचा रह सकता है। इसलिए रोजाना गर्म पानी का सेवन करना चाहिए। यह पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है।

5. झुर्रियों की समस्या :

बाहर का खाना खाने और स्किन की सही देखभाल नहीं करने की वजह से शरीर के अन्दर toxins इकठ्ठा होने लगते है जो शरीर को अंदर से कमजोर कर देते है और परिणामस्वरूप इंसान बूढा दिखने लगता है। इससे बचने के लिए रोजाना 1 ग्लास गर्म पानी का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह न केवल त्वचा की झुर्रियों को दूर करता है अपितु पेट को भी साफ़ रखता है।

6. वजन कम करने में मददगार :

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते है तो गर्म पानी आपकी इसमें काफी मदद कर सकता है। ये बिना किसी व्यायाम के शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके लिए रोजाना सुबह जागकर खाली पेट गर्म पानी का सेवन करें आप चाहे तो इसमें नींबू मिलाकर भी पी सकते है। यह शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाकर वजन नियंत्रित करने में मदद करेगा।

7. पीरियड्स में आराम :

पीरियड्स के दौरान होने वाले पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए भी गर्म पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए जब भी पेट में दर्द हो या मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो तो सबसे पहले 1 ग्लास गुनगुने पानी का सेवन करें। और अगर दर्द ठीक न हो तो गर्म पानी से पेट की सिकाई करें।

8. सर्दी-जुखाम की समस्या :सर्दी-जुखाम

सर्दी-जुखाम के कारण अक्सर नाक और गले में परेशानी होने लगती और साँस लेने में व् कुछ खाने पीने में बड़ी परेशानी होती है। इसके साथ ही गले में खराश और खांसी भी बहुत परेशान करती है। इन सभी से बचने के लिए और इनसे छुटकारा पाने के लिए गर्म पानी का सेवन करें और गर्म पानी से गरारे करें। खांसी और खराश आपने आप ठीक हो जाएगी।

गर्म पानी के अन्य फायदे :

बुखार होने पर यदि प्यास लगे तो ठंडे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए, इसकी बजाय गर्म पानी पीना अधिक लाभकारी होता है। स्वास्थ्य और पेट से संबंधित अधिकतर बीमारियां गंदे पानी के कारण होती है। ऐसे में गर्म पानी को ठंडा करके पीने से पेट से संबंधित कोई बिमारी नहीं होती। इसके अलावा गर्म पानी कफ और सर्दी की समस्या को भी दूर करता है। इसके अतिरिक्त गर्म पानी में नींबू मिलाकर पीने से शरीर की प्रतिरोशक क्षमता बढती है और शरीर को विटामिन मिलते है।

तो ये थे, रोजाना गर्म पानी पीने के कुछ सामान्य फायदे। जिन्हें जानकार भी इसकी महत्वता को समझ गए होंगे।